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09 जून 2025 सोमवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि के जातकों आज के दिन ऐसा कुछ भी नहीं, जिसे आप संभाल नहीं सकते। लव लाइफ में मतभेदों को सुलझाएं। कठिन परिस्थितियों से निपटने में आप काबिल हैं। करियर के मामले में अपनी डिप्लोमेटिक सूझ-बूझ पर फोकर करें। खर्च कम करें। वृषभ राशि के जातकों अगर कुछ ज्यादा रिस्की लगता है तो आज दूसरों को काम सौंपने या हेल्प लेने में संकोच न करें। खुद को चुनौतियों का सामना करते हुए पा सकते हैं। याद रखें कि आपके पास किसी भी प्रॉब्लम को दूर करने के लिए स्किल्स हैं। मिथुन राशि वालों कुछ बदलाव आपको परेशान कर सकते हैं, लेकिन सावधानी से आगे बढ़ना और अपने टास्क में समझदारी बरतना महत्वपूर्ण है। अपने इंट्यूशन पर भरोसा करें। ऐसे रिस्क के बारे में क्लियर रहें, जिन्हें आप लेना चाहते हैं। कर्क राशि के जातकों आप वास्तव में जो चाहते हैं उस पर ध्यान देकर आप जीवन के नए अवसरों से गुजरने के लिए बेहतर ढंग से तैयार होंगे। आज चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सिंह राशि वालों अपने गोल्स पर फोकस करने के लिए समय निकालें और उस पर ध्यान केंद्रित करें, जो वास्तव में आपके लिए मायने रखता है। याद रखें कि संतुष्टि ऐसे विकल्प चुनने से आती है, जो आपके लक्ष्य के अनुरूप हों। कन्या राशि वालों चेंज की भावना भीतर से आनी चाहिए। यह ऐसी चीज नहीं है, जिसे हम दूसरों पर थोप सकते हैं। इस बात को स्वीकार करने से शांति की फीलिंग और समझ के साथ आगे बढ़ने की क्षमता पैदा हो सकती है। तुला राशि के जातकों कभी-कभी हम जो सोचते हैं वह पूरा नहीं कर पाते हैं। इसमें उदास होने वाली कोई बात नहीं है। अपनी प्राथमिकताओं पर फोकस करने और ऐसे विकल्प चुनने के लिए समय निकालें, जो आपके लॉन्ग टर्म गोल्स से मेल खाते हों। वृश्चिक राशि के जातक अपने आस-पास की सकारात्मकता को अपनाएं। आज का दिन बदलाव को लेकर होने वाले स्ट्रेस को दर्शाता है। कभी-कभी हमारी इच्छा के बावजूद, लोग उस तरह नहीं काम कर पाते जैसा हम उम्मीद करते हैं। धनु राशि के लोग आज सफलता के अर्थ पर विचार कर सकते हैं। अपनी इच्छाओं को प्राप्त करना संतुष्टि देता है। आज इस बात पर गौर करें की आपके लक्ष्य आपकी वास्तविक जरूरतों और इच्छाओं के साथ संरेखित हो रहे या नहीं। मकर राशि के जातक आगे क्या होने वाला है उस पर ध्यान केंद्रित करें और उन संभावनाओं को अपनाएं जो आपका इंतजार कर रही हैं। अपने रास्ते में आने वाली अच्छी चीजों के लिए तैयार रहें। तनाव से दूरी बनाएं। कुंभ राशि वालों को आज छोटा-मोटा झटका लग सकता है। याद रखें कि हर बंद दरवाजा नए अवसरों की ओर ले जाता है। जीवन में विकास की प्रक्रिया पर भरोसा रखें और जान लें कि जल्द ही एक और मौका आपके सामने आने वाला है। मीन राशि वालों आज का दिन सकारात्मक ऊर्जा लाता है, विशेष रूप से प्रेम, परिवार और पार्टनरशिप के मामलों में। सावधानी बरतना सुरक्षित है। अगर आप सोच रहे हैं कि क्या आपका पार्टनर वास्तव में आपकी परवाह करता है, तो यह आज का राशिफल अनुकूल परिणामों की ओर इशारा कर रहा है।

पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल को 9 जून को एक साल पूरे हो रहे, ‘कश्मीर घाटी तक ट्रेन का सपना हुआ साकार’: श्री श्री रविशंकर

बेंगलुरु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल को 9 जून को एक साल पूरे हो रहे हैं। केंद्र में पिछले 11 साल से सत्तासीन एनडीए सरकार की कई उपलब्धियां रही हैं। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि कश्मीर घाटी तक ट्रेन का सपना अब साकार हुआ है। घाटी के लोग अब कश्मीर से कन्याकुमारी तक जा सकते हैं। यह कार्य बहुत सराहनीय है। श्री श्री रविशंकर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि 1980 के दशक से वह कश्मीर जाते रहे हैं। घाटी के लोगों ने कभी ट्रेन नहीं देखी थी। उन्हें ट्रेन में बैठने का बहुत शौक होता था। उन्हें ट्रेन देखने के लिए पहले जम्मू आना पड़ता था। अब यह बहुत हर्ष की बात है कि इतने साल के बाद कश्मीर घाटी का रेल से संपर्क हुआ है। इसके जरिए अब वहां के लोग कश्मीर से कन्याकुमारी तक जा सकते हैं। यह काम बहुत सराहनीय है। जब अलग-अलग भाषा और अन्य संस्कृतियों के लोग एक-दूसरे से मिलते हैं, यह असली भारत की एकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कश्मीर को नया स्वरूप दिया है। पहले और अब के कश्मीर में जमीन-आसमान का अंतर आया है। पिछले कई साल में आतंकी घटनाओं में कमी आई है। आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने कहा कि पिछले 11 साल में भारत ने बहुत तरक्की की है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। जल्द ही हमारा देश तीसरी बड़ी अर्थशक्ति बन जाएगा। देश में पिछले 70 साल में इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में जो काम नहीं हुआ था, वह पिछले 11 साल में हुआ है। गरीबों के बैंक खातों में सीधे पैसे पहुंच रहे हैं। इससे भ्रष्टाचार और बिचौलिए खत्म हुए हैं। नारी शक्ति को 11 साल में बल मिला है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं काफी सशक्त हुई हैं। पहले महिलाएं घूंघट ओढ़कर घर में रहती थीं और सिर्फ घर का काम देखती थीं। अब महिलाएं सामाजिक क्षेत्रों में जिम्मेदारियां निभाने में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने तीर्थ स्थलों के जीर्णोद्धार का जिक्र कर मोदी सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र उन सभी तीर्थ स्थलों को नया रूप दिया गया है जो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में थे। यह अपने-आप में आस्था को छूने वाली बात है। फिर चाहे महाकाल, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ या अयोध्या हो – आज देशभर में तीर्थस्थलों का पुनरोद्धार किया गया है। खास तौर पर यह आस्थावान लोगों के लिए हृदयस्पर्शी है।

हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं के घर संपत्ति से जुड़े दस्तावेजो जांच रही नगर निगम

रायपुर हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं के घर बीते दिनों पुलिस की रेड के बाद अब नगर निगम ने भी उनपर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रविवार को टीम ने करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र तोमर और उनके भाई रोहित सिंह तोमर के राजधानी रायपुर के भाठागांव स्थित साई विला में दबिश दी। नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर तोमर बंधुओं के आलीशान मकान का नाप-जोख किया और मकान के निर्माण व नक्शे की जांच प्रक्रिया शुरू की। दोनों आरोपी भाई करीब 7 दिनों से फरार हैं। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान रायपुर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने मकान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और परिजनों से निर्माण से संबंधित जानकारी भी मांगी। जोन 8 के कमिश्नर हितेंद्र यादव ने पुष्टि की कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर नगर निगम की टीम वीरेंद्र तोमर के घर पहुंची थी। परिजनों से मकान संबंधी स्वीकृति व निर्माण लागत से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं। दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद मकान की कानूनी स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने 37 लाख से ज्यादा नकद समेत जेवरात और गाड़ियां की थी जब्त हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर के घर से पुलिस ने 37 लाख से ज्यादा नकद, 734 ग्राम सोने के जेवरात, 125 ग्राम चांदी, 4 गाड़ियां, आईपैड, लैपटॉप, चेक, एटीएम कार्ड, डीवीआर, ई-स्टाम्प जब्त किया था। इसके अलावा पैसों के लेन-देन के हिसाब का रजिस्टर, जमीनों के दस्तावेज, नोट गिनने की मशीन, 5 तलवारें, 1 रिवॉल्वर, 1 पिस्टल, जिंदा राउंड और आवाज़ी कारतूस भी बरामद किए गए थे। पुलिस ने सामान जब्त करने के साथ ही वीरेंद्र और रोहित के भतीजे दिव्यांश प्रताप तोमर को भी रिमांड में लिया था। पुलिस फरार तोमर बंधुओं की तलाश में जुटी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कौन-कौन लोग सहायता पहुंचा रहे हैं।

पुलिस ने फर्जी दस्तावेज़ बनाने वाले उत्तर प्रदेश के 2 युवकों को किया गिरफ्तार

मुंगेली जिला पुलिस ने फर्जी दस्तावेज़ बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो छत्तीसगढ़ के SRE (सिक्योरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर) जिलों के लिए बाहरी राज्यों के युवकों को अतिरिक्त अंक दिलाने के लिए फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र बनाता था। यह गिरोह विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के युवाओं को निशाना बना रहा था। पुलिस की जांच के अनुसार, गिरोह ने उत्तर प्रदेश के एक युवक को भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) में नौकरी दिलाने के लिए मुंगेली जिले के ग्राम कंतेली का जाली प्रमाण पत्र तैयार किया था। कैसे हुआ खुलासा? 6 जून को पुलिस कार्यालय मुंगेली में चरित्र सत्यापन के लिए आए दो युवक, योगेंद्र कुमार (अलीगढ़, उत्तर प्रदेश) और प्रशांत राजपूत (आगरा, उत्तर प्रदेश), की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। जांच में यह तथ्य सामने आया कि जिस विशाल नामक युवक का सत्यापन कराया जाना था, वह वास्तव में उस गांव का निवासी नहीं था। बिलासपुर के होटल से किया गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने मामले की गहन जांच की और आरोपियों को बिलासपुर के होटल अंबे पैलेस से दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज़, कोरे नोटरी प्रमाण पत्र, सील और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए। दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने फतेहाबाद (उत्तर प्रदेश) के विशाल नामक युवक से पैसे लेकर BSF में नौकरी दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए थे। मुंगेली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना लालपुर में अपराध क्रमांक 103/2025 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस को पहले भी ऐसी सूचनाएं मिल चुकी थीं कि अन्य राज्यों से आकर अभ्यर्थी SRE जिलों से लाभ लेने के लिए छत्तीसगढ़ के निवासी बन रहे हैं। इस कार्रवाई से इस प्रकार के फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है। गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश अभी भी जारी है।

अगले साल तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में बनागी एनडीए की सरकार : गृह मंत्री शाह

मदुरै केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मदुरै में कहा कि अगले साल तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में जनता द्रमुक को हराएगी। उन्होंने कहा कि साल 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और अन्नाद्रमुक मिलकर एनडीए सरकार बनाएंगे। शाह ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में एनडीए की सरकार बनेगी।   उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मेलन द्रमुक सरकार को सत्ता से हटाने और बदलाव की शुरुआत का संकेत है। अमित शाह ने कहा कि तमिलनाडु की जनता अब बदलाव चाहती है और भाजपा कार्यकर्ता इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। अमित शाह ने कहा, यहां 2026 में बीजेपी-एआईएडीएमके गठबंधन की एनडीए सरकार बनेगी। एम.के. स्टालिन कहते हैं कि अमित शाह द्रमुक को हरा नहीं सकते। वह सही कह रहे हैं, मैं नहीं, बल्कि तमिलनाडु की जनता आपको हराएगी। शाह ने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारी की समीक्षा भी की और राज्य के नेताओं के साथ रणनीति पर चर्चा की। शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, तमिलनाडु की जनता द्रमुक सरकार के भ्रष्टाचार से तंग आ चुकी है। भाजपा के कार्यकर्ता हर गली, मोहल्ले और घर तक पहुंचेंगे और (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए का विकसित और समृद्ध तमिलनाडु का दृष्टिकोण लोगों तक पहुंचाएंगे। शाह ने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 10 साल में तमिलनाडु को 6.80 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। फिर भी मुख्यमंत्री स्टालिन पूछते हैं कि केंद्र ने राज्य के लिए क्या किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री स्टालिन को चुनौती दी कि वह बताएं क्या उन्होंने 2021 के चुनाव में द्रमुक की ओर से किए गए सभी वादों को पूरा किया है। अमित शाह ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में शराब बिक्री घोटाले के बराबर पैसे से हर स्कूल में कम से कम दो कक्षाएं बनाई जा सकती थीं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, मैं तमिलनाडु सरकार से एक बार फिर अपील करता हूं कि मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई जल्द ही तमिल भाषा में शुरू की जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में सेंगोल स्थापित कर तमिलनाडु का सम्मान किया है, और मैं उम्मीद करता हूं कि मुख्यमंत्री स्टालिन उन्हें इसके लिए धन्यवाद देने के लिए पत्र लिखेंगे। गृह मंत्री शाह ने दिन की शुरुआत प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर के दर्शन से की, जहां उन्होंने पूजा की और मंदिर के पुजारियों ने उन्हें पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने तमिल भाषा में न बोल पाने पर खेद जताया। उन्होंने कहा, मैं तमिलनाडु के पार्टी कार्यकर्ताओं से माफी चाहता हूं क्योंकि मैं भारत की सबसे महान भाषाओं में से एक तमिल में बात नहीं कर सकता। अप्रैल में तमिलनाडु दौरे के दौरान शाह ने अन्नाद्रमुक के साथ फिर से गठबंधन की घोषणा की थी। अपने संबोधन में भाजपा के राज्य अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने द्रमुक सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा। उन्होंने पश्चिमी कोगु क्षेत्र के गांवों में बुजुर्गों की लक्षित हत्या को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी लगन के साथ काम करने की अपील की। नागेंद्रन ने कहा कि उनका लक्ष्य होगा कि विधानसभा में ज्यादा से ज्यादा विधायक पहुंचें। उन्होंने अमित शाह की तुलना भारत के ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल से की और उन्हें ‘भारत का नया लौह पुरुष’ करार दिया। भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने कहा कि पार्टी का एकमात्र लक्ष्य तमिलनाडु से द्रमुक को सत्ता से हटाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस ‘संकल्प’ के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

वित्त मंत्री ने ‘सशक्त नारी के 11 वर्ष’ पर प्रकाश डालते हुए कहा- देश के आर्थिक विकास में अहम योगदान दे रहीं महिलाएं

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि पिछले 11 वर्षों में महिलाएं देश में प्रगति की प्रमुख चालक के रूप में उभरी हैं और नरेंद्र मोदी सरकार ने नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। वित्त मंत्री ने ‘सशक्त नारी के 11 वर्ष’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजना प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत खोले गए 55.7 प्रतिशत खाते महिलाओं के पास हैं, जो जमीनी स्तर पर उनके सशक्तिकरण को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि देश भर में मुद्रा लोन लाभार्थियों में 68 प्रतिशत महिलाएं हैं। इन लोन ने लाखों महिलाओं को उद्यमी बनने और स्वतंत्र रूप से अपने सपनों को साकार करने में सक्षम बनाया है। वहीं, स्टार्ट-अप इंडिया उद्यमी योजना के तहत लाभ पाने वालों में से 74 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसके अलावा, गरीबों के लिए पीएमएवाई (ग्रामीण) योजना के तहत 73 प्रतिशत घरों का स्वामित्व महिलाओं के पास है। वित्त मंत्री ने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को 10 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं। ये उनके लिए एक बड़ा वरदान साबित हुए हैं, क्योंकि इससे उनका जीवन आसान हुआ है और स्वास्थ्य लाभ भी मिला है। साथ ही, उन्हें लकड़ी और अन्य ईंधन जैसे कि गोबर के हानिकारक धुएं से मुक्ति मिली है, जिसका उपयोग पहले खाना पकाने के लिए किया जाता था। जन धन योजना वित्तीय समावेशन में एक बड़ी सफलता रही है। इस योजना के तहत खोले गए खातों में मार्च 2015 में प्रति खाते औसत बैंक बैलेंस 1,065 रुपए था, जो अब बढ़कर 4,352 रुपए हो गया है। मौजूदा समय में करीब 80 प्रतिशत जन धन खाते सक्रिय हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में 66.6 फीसदी जनधन खाते खोले गए हैं, जिनमें से 29.56 करोड़ (55.7 प्रतिशत) खाते महिलाओं के पास हैं। करीब 10 साल पहले जब मोदी सरकार पहली बार सत्ता में आई थी, तो उसने हर नागरिक को वित्तीय और बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए 28 अगस्त 2014 को शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री जनधन योजना’ के तहत सबसे गरीब लोगों के लिए बैंकों में जीरो बैलेंस बैंक खाते खोले गए थे। मौजूदा समय में केवल 8.4 प्रतिशत जन धन खातों में ही जीरो बैलेंस है।

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने चुनाव आयोग को सरकारी पिट्ठू कहकर संबोधित किया

बहादुरगढ़ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान से राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने चुनाव आयोग को सरकारी पिट्ठू कहकर संबोधित किया। उनका कहना है कि देश में निष्पक्ष चुनाव करवाने वाला चुनाव आयोग सरकारी पिठ्ठू बन जाए तो इस देश में प्रजातंत्र अपने आप खतरे में आ जाएगा। रणदीप सुरजेवाला बहादुरगढ़ में एक निजी अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरएसएस और भाजपा पर भी जमकर निशाना साधा। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान से राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला का कहना है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट का महज डाटा मांगा है क्योंकि महाराष्ट्र में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के 60 से 70 दिन के अंतराल में करीब 50 लाख वोटर बढ़ गए। रोजाना 1 लाख लोगों का वाटर बनना वोटर लिस्ट पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं दिल्ली में इसके खिलाफ केस दर्ज करवाया है और कोर्ट के आदेशों के बावजूद भी महाराष्ट्र सीईओ ने उन्हें वोटर लिस्ट अब तक उपलब्ध नहीं करवाई है। इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग को सरकारी पिठ्ठू कहकर संबोधित किया। उनका कहना है कि चुनाव आयोग को सरकारी पिठ्ठू नहीं बनना चाहिए। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरएसएस पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आरएसएस ने आजादी की जंग में हिस्सा नहीं लिया। जंग ए आजादी में आरएसएस अंग्रेजों के साथ थी। देश के लाखों लोगों का आजादी की जंग में महात्मा गांधी ने नेतृत्व किया था। रणदीप सिंह सुरजेवाला का कहना है कि आरएसएस देश में महात्मा गांधी बनाम गोडसे की विचारधारा फैला रही है। यह विचारधारा देश को बांटने का काम कर रही है रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल द्वारा पाकिस्तान को एंटी टेररिज्म कमेटी का वाइस चेयरमैन बनाए जाने पर भी निंदा की है। सुरजेवाला का कहना है कि पाकिस्तान आतंकवाद का प्रमुख पोशाक देश है। पाकिस्तान में आतंकियों को मुआवजा तक दिया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आंख और कान खोलने की भी नसीहत दी है। रणदीप सिंह सुरजेवाला ने देश की विदेश नीति को भी निकम्मी करार दिया है।

ऐसे क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर सृजित होते हैं और बेरोज़गारी तथा गरीबी वहाँ ढूँढ़ने से भी नहीं मिलती: राजेन्द्र शुक्ल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि किसी क्षेत्र में यदि औद्योगिक क्रांति, हरित क्रांति और पर्यटन क्रांति आ जाये तो उस क्षेत्र का विकास तीव्र गति से होता है। ऐसे क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर सृजित होते हैं और बेरोज़गारी तथा गरीबी वहाँ ढूँढ़ने से भी नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में अधोसंरचना विकास, पारंपरिक संस्कृति का संरक्षण एवं प्रोत्साहन और पर्यटन क्षेत्र में निजी सहभागिता को बढ़ावा देकर सुनियोजित एवं एकीकृत प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से आज मध्यप्रदेश पर्यटन क्षेत्र में असीम क्षमता और निवेश का आकर्षक क्षेत्र बन गया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ट्रेवल एवं टूरिज्म के क्षेत्र में पिछले दो दशकों से सक्रिय ट्रेवल इंडिया टूरिज्म प्राइवेट लिमिटेड के भोपाल स्थित नवीन कार्यालय का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अधोसंरचना विकास और अन्य आवश्यक प्रोत्साहनों के साथ ब्रांडिंग के लिए भी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश की समृद्ध पर्यटन धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने के लिये सतत जागरूकता गतिविधियाँ की जा रही हैं। प्रदेश में पर्यटन के सांस्कृतिक, एडवेंचर, लेजर, धार्मिक, आध्यात्मिक, हेल्थ एंड वेलनेस, सेंटर, फ़िल्म आदि क्षेत्रों में आकर्षक वातावरण का निर्माण किया जा रहा है। पर्यटक मध्यप्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, धरोहर स्थल, संस्कृति और सुविधाओं के प्रति जागरूक होंगे तब पर्यटन क्षेत्र में विकास को तेजी मिलेगी। पर्यटन क्षेत्र की उपलब्ध संभावनाओं पर सशक्त प्रयास से देश ही नहीं, विदेशों से भी अधिकाधिक सैलानियों को आकर्षित करने में हम सफल होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने नवीन संस्थान के शुभारंभ पर ट्रेवल इंडिया टूरिज्म प्रा. लि. के प्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ दीं। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में भी शासन विभिन्न मॉडल्स पर कार्य कर रही है। अधोसंरचना विकास के लिए सब्सिडी एवं निवेश प्रोत्साहन की नीतियाँ लागू की गई हैं। ट्रेवल इंडिया टूरिज्म प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक श्री महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कंपनी की 20वीं वर्षगांठ में पल्लवी नगर में नवीन कार्यालय की स्थापना की गई है। कार्यक्रम में पर्यटन, ट्रेवल एवं आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े विशिष्टजन, गणमान्य नागरिक एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

अक्सर चुनाव आने से पहले कांग्रेस पार्टी और कुछ विपक्षी नेता चुनाव आयोग, इलेक्ट्रिक मशीन पर सवाल उठाने लगते हैं

नई दिल्‍ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘मैच फिक्सिंग’ वाले बयान का भाजपा नेता नलिन कोहली ने जवाब दिया है। उन्‍होंने कहा कि अक्सर चुनाव आने से पहले कांग्रेस पार्टी और कुछ विपक्षी नेता चुनाव प्रक्रिया, चुनाव आयोग, इलेक्ट्रिक मशीन पर सवाल उठाने लगते हैं। यही नेता चुनाव जीतने के बाद कभी भी इस तरह के प्रश्‍न नहीं करते। तेलंगाना में कांग्रेस जीत गई, तो इनको कही कोई कोई दिक्कत नहीं हुई। उन्‍होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि शायद वह इसलिए सवाल उठा रहे हैं। उनको लगता है कि जनता उनके साथ नहीं है। वह अभी से जनता को एक संदेश देना चाहते हैं कि चुनाव में हार मिली तो हमने पहले ही इसके बारे में बता दिया था। यह उनकी ओर से हार स्वीकार करने की बात है। नलिन कोहली ने कांग्रेस पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव से पहले यदि वह जनता के बीच में समय लगाते और अपनी मेहनत और काम को दिखाते तो शायद चुनाव में जनता उनको वोट देती। भाजपा जनता के बीच लगातार जाती है और विकास कार्यों को गिनाती है, जिससे जनता का लगाव भाजपा से बना हुआ है। बता दें कि हाल ही में राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर अपने लेख का लिंक शेयर किया, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों को मैच फिक्सिंग करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के आने वाले चुनाव में भी ऐसा ही हो सकता है। वहीं, सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे को कांग्रेस पार्टी की ओर से समय और पैसे की बर्बादी बताने पर उन्‍होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पक्ष में रहने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ वह इस पर सवाल भी उठाती है। ऐसे प्रश्न उठाएंगे जो पाकिस्तान में गूंजेगे और कांग्रेस की प्रतिक्रिया को भारत के खिलाफ अपनी बात रखने के लिए उसका इस्तेमाल करें। यह तब हाल है जब विदेश में अलग-अलग देश में हमारे सांसद गए जिसमें कांग्रेस के भी सांसद थे। अब कांग्रेस अपने सांसदों की भी आलोचना कर रही है, उन पर प्रश्न उठा रही है। नलिन कोहली ने आगे कहा, “एक सांसद ने कहा, ‘क्या देश के हित में काम करना इतना कठिन है।’ अब सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे को कहते हैं कि पैसे फिजूल में खर्च हुए हैं। भारत बात को दुनिया के सामने रखने के लिए देशहित में अगर सर्वदलीय सांसद विदेशों में जाते हैं, लोगों को आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख के बारे में बताते हैं, तो यह देश के पैसे को व्यर्थ करना कैसे हुआ है, इस बात को कांग्रेस पार्टी ही समझा सकती है।”

उप-राज्यपाल ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए समय पर पहचाने गए कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए

श्रीनगर/जम्मू उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजभवन में अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एस.ए.एस.बी.) की 49वीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की। उप-राज्यपाल ने विभिन्न चल रही परियोजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए समय पर पहचाने गए कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। सिन्हा ने बोर्ड की बैठक में सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न उपायों और हस्तक्षेपों का प्रस्ताव रखा गया। बैठक में आपदा तैयारी और न्यूनीकरण उपायों, यात्रा से संबंधित सूचनाओं का प्रसार, यात्रियों और सेवा प्रदाताओं को बीमा कवर, यात्रा ट्रैक का उन्नयन, स्वच्छता जल, बिजली, परिवहन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं, दूरसंचार कनैक्टिविटी, मौसम पूर्वानुमान, सेवाओं को किराए पर लेने के लिए डिजिटल प्रीपेड प्रणाली, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं और नागरिक आपूर्ति सहित यात्रा के मार्ग में आधार शिविरों और विभिन्न स्थानों पर व्यवस्थाओं और आवश्यक सुविधाओं पर चर्चा की गई।   उप-राज्यपाल ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम सभी तीर्थयात्रियों के लिए परेशानी मुक्त और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव सुनिश्चित करने के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बैठक में यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर यात्री निवास और पारगमन शिविरों की स्थापना, ठहरने की क्षमता में वृद्धि, प्रसाद बिक्री काउंटरों का विस्तार, यात्री सुविधा केंद्रों का संचालन, बोर्ड द्वारा ऑनलाइन सेवाएं, आर.एफ.आई.डी. कार्ड जारी करना, तीर्थयात्रियों और सेवा प्रदाताओं का पंजीकरण और सत्यापन, लंगर और एन.जी.ओ. सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण मामलों पर भी चर्चा की गई।   बैठक में श्राइन बोर्ड के सदस्य स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, प्रो. कैलाश मेहरा साधु, के.के शर्मा, के.एन राय, मुकेश गर्ग, डॉ शैलेश रैना, डॉ. स्मृद्धि बिंदरू, सुरेश हवारे और प्रो. विश्वमूर्ति शास्त्री शामिल हुए। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मंदीप के भंडारी ने यात्रा की व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत प्रस्तुति दी। बताया गया कि इस वर्ष अब तक लगभग 3,31,000 श्रद्धालुओं ने पवित्र यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है। इस वर्ष श्री अमरनाथ जी यात्रा 3 जुलाई को दोनों मार्गों- अनंतनाग जिले के पहलगाम ट्रैक और गांदरबल जिले के बालटाल से एक साथ शुरू होगी और इसका समापन 9 अगस्त, 2025 को रक्षा बंधन के दिन होगा। बैठक में अटल डुल्लू मुख्य सचिव, शालीन काबरा अतिरिक्त मुख्य सचिव जल शक्ति विभाग, नलिन प्रभात डी.जी.पी., चंद्राकर भारती प्रमुख सचिव गृह, आई.जी.पी., प्रशासनिक सचिव, डिवीजनल कमिश्नर जम्मू, डिवीजनल कमिश्नर कश्मीर, डिप्टी कमिश्नर (गांदरबल और अनंतनाग), अतिरिक्त सी.ई.ओ. एस.ए.एस.बी. और यूटी प्रशासन, पुलिस, श्राइन बोर्ड और बी.आर.ओ. के वरिष्ठ अधिकारी भी व्यक्तिगत रूप से और वर्चुअल मोड के माध्यम से शामिल हुए।

प्रदेश के 41 सीएमएचओ और सिविल सर्जन के पदों पर बदलाव किए, भोपाल और इंदौर में नए CMHO मिले

भोपाल  भोपाल सहित प्रदेश के 41 सीएमएचओ और सिविल सर्जन के पदों पर बदलाव किए हैं। डॉ. प्रभाकर तिवारी, जो 5 वर्षों से भोपाल के सीएमएचओ थे, को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में भेजा गया है। उनकी जगह डॉ. मनीष शर्मा को भोपाल का नया सीएमएचओ नियुक्त किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल सहित प्रदेश के 41 सीएमएचओ और सिविल सर्जन के पदों पर बदलाव किए हैं। डॉ. प्रभाकर तिवारी, जो 5 वर्षों से भोपाल के सीएमएचओ थे, को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में भेजा गया है। उनकी जगह डॉ. मनीष शर्मा को भोपाल का नया सीएमएचओ नियुक्त किया गया है, जो ग्वालियर में उप संचालक के रूप में पदस्थ थे। डॉ. मनोज हुरमाडे को भोपाल से बैतूल भेजा गया है, और डॉ. दिनेश खत्री को रायसेन से राजगढ़ भेजा गया है। अन्य जिलों में भी कई सीएमओ और सिविल सर्जन के तबादले हुए हैं, जिनमें इंदौर, सिवनी, धार, छतरपुर, शाजापुर, नरसिंहपुर और राजगढ़ शामिल हैं। भोपाल और इंदौर में नए CMHO मिले मध्य प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। पांच साल से जमे भोपाल CMHO डॉ. प्रभाकर तिवारी को हटाकर उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में भेजा गया है। उनकी जगह डॉ. मनीष शर्मा को भोपाल का नया CMHO नियुक्त किया गया है। डॉ. शर्मा वर्तमान में ग्वालियर में उप संचालक के रूप में कार्यरत थे और क्षयरोग विशेषज्ञ हैं। इसी तरह इंदौर सहित अन्य जिलों में भी नए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन अधिकारियों के हुए तबादले डॉ. राजेश कुमार अठ्या – CMHO दमोह डॉ. राज सिंह ठाकुर – CMHO कटनी डॉ. भरत कुमार खटीक – जिला स्वास्थ्य अधिकारी, कटनी डॉ. राजेश प्रसाद तिवारी – प्रभारी, CMHO पन्ना डॉ. मनोज कुमार हुरमाडे – प्रभारी, CMHO बैतूल डॉ. दिनेश खत्री – शल्यक्रिया विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय राजगढ़ डॉ. हरिनारायण मांड्रे – प्रभारी, CMHO रायसेन डॉ. बी. के. वर्मा – प्रभारी, CMHO दतिया डॉ. दर्पण टोके – प्रभारी, सिविल सर्जन, बुरहानपुर डॉ. प्रदीप मोजेश – मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी, बुरहानपुर डॉ. वी. एस. चंदेल – प्रभारी, CMHO उमरिया डॉ. शोभाराम रोशन – संयुक्त संचालक, कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, सागर डॉ. धरित्री जे. मोहंती – CMHO मंडला डॉ. पवन जैन – प्रभारी संचालक, राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर डॉ. एम. के. जोशी – संयुक्त संचालक, कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, उज्जैन डॉ. जितेन्द्र राजपूत – जिला स्वास्थ्य अधिकारी, उज्जैन डॉ. राजेश सिसोदिया – जिला चिकित्सालय, हरदा डॉ. किरण वाडिवा – वरिष्ठ संयुक्त संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल डॉ. भूरे सिंह सैत्या – वरिष्ठ संयुक्त संचालक, कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, ग्वालियर डॉ. पवन शर्मा – शिशु रोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय ग्वालियर डॉ. नीरज कुमार – शल्यक्रिया विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय भिंड डॉ. अलका त्रिवेदी – प्रभारी, CMHO अशोकनगर डॉ. के. सी. सरोत – वरिष्ठ संयुक्त संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल डॉ. माधव हसानी – प्रभारी, CMHO इंदौर डॉ. राष्ट्रेन्द्र कुमार खाड्योत – प्रभारी, CMHO नीमच डॉ. रामहित कुमार – जिला स्वास्थ्य अधिकारी, विदिशा डॉ. मनीष शर्मा – CMHO भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी – वरिष्ठ संयुक्त संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल डॉ. दिनेश देहलवार – प्रभारी, CMHO मालवा डॉ. राजेश गुप्ता – जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी, बड़वानी डॉ. मनोज कौरव – DHO, ग्वालियर डॉ. नरसिंह गेहलोत – CMHO नर्मदापुरम डॉ. सनेराम परस्ते – प्रभारी, सिविल सर्जन, अनूपपुर डॉ. अनिल झामनानी – प्रभारी, CMHO निवाड़ी डॉ. रामकुमार गुप्ता – CMHO ग्वालियर डॉ. प्रदीप कुमार जैन – शिशु रोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय ग्वालियर डॉ. यशपाल सिंह – प्रभारी, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, रायसेन डॉ. मुकेश जैन – शल्यक्रिया विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय दमोह डॉ. एस. के. त्रिपाठी – प्रभारी, CMHO पन्ना डॉ. राजेश परिहार – जिला परिवार कल्याण अधिकारी, बैतूल डॉ. सुशीला यादव – चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय सागर  

बच्चों में बौद्धिक क्षमताओं-भावनात्मक विकास और सामाजिक कौशल को विकसित करता स्कूल शिक्षा विभाग

भोपाल  स्कूली शिक्षा बच्चे के विकास में एक महत्वपूर्ण चरण है, जो उनके भविष्य को आकार देने वाली आधारभूत ज्ञान और कौशल प्रदान करती है। आमतौर पर गणित, विज्ञान, भाषा, कला और सामाजिक अध्ययन जैसे विभिन्न विषयों में औपचारिक निर्देश शामिल होते हैं। सिखाने के इस चरण का उद्देश्य बौद्धिक क्षमताओं, भावनात्मक विकास और सामाजिक कौशल को विकसित करना है। प्रदेश में इन्हीं उद्देश्यों को लेकर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। स्कूली शिक्षा अनुशासन, टीमवर्क और समस्या समाधान जैसे मूल्यों को भी बढ़ावा देती है, जिससे बच्चों को अकादमिक और वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से निपटने में मदद मिलती है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति वर्ष 2020 का क्रियान्वयन भी प्रभावी तरीके से किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों की श्रेणी में आता है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह के कुशल मार्गदर्शन में नवाचारों के साथ कई प्रभावी कदम उठाये गये हैं। इसका प्रभाव यह हुआ है कि प्रदेश के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं सर्वांगीण शिक्षा प्रदान की जा रही है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में स्कूल शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के 2023-24 में कुल बजट का 92.12 प्रतिशत उपयोग किया गया था, जबकि वर्ष 2024-25 में प्रावधान किये गये बजट का 95.12 प्रतिशत व्यय किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.48 प्रतिशत अधिक है। बजट में प्रावधान की गई राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिये किया गया। प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड की कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षाओं में 76 प्रतिशत बच्चे उत्तीर्ण हुए, जो पिछले वर्ष के 58 प्रतिशत से 18 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि बच्चों में बढ़ी शैक्षणिक योग्यता को दर्शाती है। इसी तरह 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम पिछले वर्ष में 64 प्रतिशत की तुलना में इस वर्ष 74 प्रतिशत आया है, जो 10 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। प्रदेश के 53 प्रतिशत बच्चों ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। प्रदेश में बोर्ड परीक्षाएं शून्य प्रतिशत पेपर लीक के साथ संपन्न हुई। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। नई शिक्षा नीति में विभिन्न समितियों का गठन भी किया गया है। इन समितियों की अनुशंसा के अनुसार मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। भारतीय मूल्यों, संस्कृति आधारित शिक्षा के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने कई उल्लेखनीय कदम उठाये हैं। प्रदेश की शालाओं में गुरूओं को सम्मान प्रदान करने के लिये गुरू पूर्णिमा उत्सव का आयोजन, जन्माष्टमी पर्व, गीता महोत्सव और मकर संक्रांति पर्व विद्यालयों में आयोजित किये गये। कक्षा 11 और 12 में कला और संस्कृति पर आधारित प्रोजेक्ट जोड़े जा चुके हैं। स्थानीय भाषाओं गोंडी, सहरिया, बारेली, निमाड़ी, बुंदेली, बघेली में तैयार की गई त्रिभाषा पुस्तकें 21 जिलों में 89 जनजातीय विकासखंडों में उपलब्ध कराई गई हैं। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिये अनेक योजनाओं का फायदा दिलाया जा रहा है। नि:शुल्क पाठ्यक्रम योजना में शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत करीब 82 लाख बच्चों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के करीब 60 लाख बच्चों को डीबीटी के माध्यम से राशि प्रदान की गई। कक्षा 1 से 12वीं में अध्ययनरत एससी, एसटी, ओबीसी और बीपीएल के 66 लाख बच्चों को विगत वर्ष छात्रवृत्ति के रूप में 332 करोड़ रूपये की राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना में कक्षा 6 और 9 के करीब 4 लाख 75 हजार बच्चों को घर से स्कूल तक आने जाने के लिये साइकिल वितरित की गई हैं। प्रदेश में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले 89 हजार 801 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को करीब 224 करोड़ 25 लाख रूपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप टेबलेट क्रय करने के लिये उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है। सरकारी स्कूलों में बच्चों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा से जोड़ने के लिये 4 हजार 473 सरकारी स्कूलों में पूर्व प्राथमिक कक्षाएं शुरू की गई हैं। इन कक्षाओं में 3 वर्ष 6 वर्ष तक के आयुवर्ग के 96 हजार बच्चों को पिछले वर्ष दाखिला कराया गया था। इन कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने के लिये 117 मास्टर ट्रेनर्स और 4473 शासकीय शिक्षकों को प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 एवं 2 के छात्रों को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान प्रभावी तरीके से देने के लिये मिशन अंकुर संचालित किया जा रहा है। इस मिशन के अंतर्गत बच्चों को अभ्‍यास के लिये नि:शुल्क वर्कबुक का वितरण किया गया। अंकुर मिशन में अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने और बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भाषा विकास की क्षमताओं का आकलन करने के लिये सभी स्कूलों में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) मेलों का आयोजन किया गया। शिक्षकों को अपनी कक्षा अनुभवों, ज्ञान, कौशल एवं नवाचारों को अपने शिक्षक समुदाय से साझा करने के लिये कक्षा एक से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिये जन शिक्षा केन्द्र स्तर पर शैक्षिक संवादों का आयोजन किया गया।  

मद्रासी कैंप को हटाने का निर्णय न्यायालय का है, न कि राज्य सरकार का, ‘इसमें मैं कुछ नहीं कर सकती…’: CM रेखा गुप्ता

नई दिल्ली हाल ही में मद्रासी कैंप झुग्गी बस्ती को हटाए जाने को लेकर चल रही बहस के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जिन झुग्गियों को हटाने के लिए अदालत ने आदेश दिया है, उसमें सरकार या प्रशासन कुछ नहीं कर सकता। बारापुला नाले के किनारे बनी इन झुग्गियों को हटाने की बात कोर्ट ने चार बार दोहराई है, ताकि नाले की सफाई के लिए मशीनें लगाई जा सकें। साथ ही उन्होंने चेताया कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो दिल्ली 2023 जैसी बाढ़ की स्थिति का दोबारा सामना कर सकती है। रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार दिल्लीवासियों की चिंता करती है और किसी भी हालात में लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि नाले के किनारे बसे मद्रासी कैंप को हटाने का निर्णय न्यायालय का है, न कि राज्य सरकार का। अदालत के आदेश की अवहेलना करना किसी के लिए भी संभव नहीं है। बारापुला नाले पर अतिक्रमण के कारण इसकी चौड़ाई कम हो गई है, जिससे आस-पास के इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। कोर्ट ने झुग्गी बस्तियों के लिए कुछ आदेश दिया है: रेखा गुप्ता उन्होंने कहा कि गाद निकालने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। अगर कोर्ट ने झुग्गी बस्तियों के लिए कुछ आदेश दिया है, तो न तो सरकार और न ही प्रशासन कुछ कर सकता है। मद्रासी कैंप बारापुला नाले के किनारे बनाया गया था। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस झुग्गी बस्ती के निवासियों को अन्य स्थानों पर शिफ्ट किया गया है और उन्हें घर भी आवंटित किए गए हैं। रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर साधा निशाना रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में आज 700 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य हो रहे हैं, जो ना तो पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार ने किए और ना ही कांग्रेस की सरकार ने कभी इसकी पहल की। उन्होंने कहा कि जब तक किसी झुग्गीवासी को पक्का मकान नहीं मिलता, तब तक उसे वहां से हटाया नहीं जाएगा और सरकार उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन कोर्ट के आदेशों की अनदेखी संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के राजनीतिकरण पर भी सवाल उठाए मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई के राजनीतिकरण पर भी सवाल उठाए और कहा कि कोर्ट जानता है कि उसे क्या करना है, और इसी कारण उसने नाले की सफाई और बाढ़ की आशंका को लेकर यह सख्त आदेश जारी किए हैं। दिल्ली सरकार अदालत के आदेशों का पालन करते हुए लोगों को सर्वोत्तम सुविधा देने के प्रयास में जुटी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 56 करोड़ के 67 कार्यों का लोकार्पण और 23 करोड़ 88 लाख रुपये के 68 कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कल नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एक भव्य आयोजन में 80 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत के 135 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 56 करोड़ 58 लाख रुपये के 67 कार्यों का लोकार्पण और 23 करोड़ 88 लाख रुपये के 68 कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल जीवन मिशन के अंतर्गत 396 लाख रुपये की लागत से देवरी से बनवारी पिपरिया तक 8.27 किमी सड़क, साईंखेड़ा में सीवरेज मलजल योजना तथा पुस्तकालय एवं प्रतीक्षालय जैसे शहरी विकास से जुड़े कार्यों का लोकार्पण और 23 करोड़ 88 लाख रुपये के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। जिले में सामुदायिक भवन, अमृत सरोवर 2.0, आंगनबाड़ी भवनों और अन्य बुनियादी संरचनात्मक सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है। समाजसेवियों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों, शिक्षकों और विद्याथियों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहपुर जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, शिक्षकों और विकास कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभागीय कर्मचारियों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान करेंगे।  

यूपी में स्थायी नियुक्ति की मांग पर डटे हजारों अभ्यर्थी, टीईटी पास शिक्षामित्रों का बड़ा आंदोलन

लखनऊ शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) उत्तीर्ण शिक्षामित्र 27 मई से राजधानी के ईको गार्डन में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। ‘शिक्षक, शिक्षामित्र उत्थान समिति उत्तर प्रदेश’ के बैनर तले प्रदेशभर से जुटे शिक्षामित्रों की मांग है कि उन्हें स्थायी शिक्षक नियुक्त किया जाए क्योंकि वे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के तय सभी शैक्षिक मानकों को पूरा करते हैं। प्रदेश में करीब 50 हजार ऐसे शिक्षामित्र हैं जिन्होंने टीईटी या सीटीईटी उत्तीर्ण कर रखा है। वे वर्षों से प्राथमिक स्कूलों में पढ़ा रहे हैं और बच्चों की आधारशिला मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है। इसके बावजूद उन्हें अब तक स्थायी नियुक्ति नहीं मिली है। उनका कहना है कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को स्थायी शिक्षक बनाया गया है, तो उत्तर प्रदेश में भी इसी नीति को लागू किया जाना चाहिए। उनकी मांग है कि जो शिक्षामित्र टेट उत्तीर्ण नहीं हैं, उन्हें भी उनकी शैक्षिक योग्यता और अनुभव के आधार पर स्थायीकरण का अवसर दिया जाए। अन्य प्रमुख मांगों में गरिमापूर्ण और उचित मानदेय के साथ 12 माह का वेतन शामिल है। इसके साथ ही महिला अभ्यर्थियों की विशेष मांग है कि उन्हें अंतरजनपदीय स्थानांतरण में प्राथमिकता दी जाए और उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया को पारदर्शी और संवेदनशील बनाया जाए। प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू सिंह का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक यह क्रम जारी रहेगा।

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