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तेजस्वी यादव ने कहा-चुनाव आयोग जब चुनाव की तिथि घोषित करता है, उससे पहले भाजपा के आईटी सेल को पता होता है

पटना कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के फिर से नवंबर 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर सवाल उठाने पर सियासत गर्म हो गई है। उन्होंने एक लेख के जरिए भाजपा पर आरोप लगाया कि महाराष्ट्र चुनावों में ‘मैच फिक्सिंग’ की गई और अब कुछ ऐसा ही बिहार में दोहराया जाएगा। राहुल गांधी के इस लेख के प्रकाशित होने के बाद चुनाव आयोग ने इसे निराधार बताया। हालांकि राजद राहुल गांधी के साथ खड़ी नजर आ रही है। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने बिल्कुल सही आशंका जताई है। शंका तो लोगों को होती ही है। 2014 से जितनी भी संवैधानिक संस्थाएं हैं, उन्हें हाईजैक कर रखा है। चुनाव आयोग जब चुनाव की तिथि घोषित करता है, उससे पहले भाजपा के आईटी सेल को पता होता है। उन्होंने यह भी कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को ईमानदारी से चुनाव कराना चाहिए और अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। जब ये संस्थाएं बर्बाद हो जाएंगी, तो लोगों को न्याय कहां मिलेगा। उन्होंने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव की चर्चा करते हुए कहा कि उस समय तो हमलोग सरकार बना चुके थे। शाम में उन्होंने काउंटिंग को रुकवा दिया और रात के अंधेरे में काउंटिंग को शुरू किया और तीन-तीन बार प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी सफाई दी। चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी की सरकार के प्रकोष्ठ की तरह काम कर रहा है, तो सवाल उठाने जायज हैं। इधर, बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू के तेजस्वी यादव को महागठबंधन के सीएम फेस नहीं होने, बल्कि उन्हें सिर्फ को-ऑर्डिनेशन कमेटी का चेयरमैन बनाने के बयान पर खुद तेजस्वी यादव ने कहा कि किसी को इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है और न ही किसी को चिंता करने की कोई जरूरत है। हम सब लोग सरकार बनाने के लिए नया बिहार बनाएंगे। 

भारत के एयरबेस पर हमले का दावा कर रहे पाक की खुल गई पोल, मुंह दिखाने लायक नहीं रहे शरीफ

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस को निशाना बनाते हुए बड़ा नुकसान पहुंचाया। इससे झल्लाया पाकिस्तान अपनी जनता को खुश करने के लिए झूठे दावे करने लगा। उसने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के आदमपुर एयरबेस पर हमला किया और वहां खड़े सुखोई विमान को भी नुकसान पहुंचाया। हालांकि, भारत ने पहले दिन से ही स्पष्ट रूप से इससे इनकार किया और खुद पीएम मोदी भारतीय सेना के जवानों से मिलने के लिए आदमपुर एयरबेस पहुंचे, जिससे पता चला कि एयरबेस को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। अब एक बार फिर से पाकिस्तान की पोल खुल गई है और इस बार तो वह और उसके प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। दरअसल, जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट डेमियन साइमन ने एक्स पर तस्वीरों के साथ पाक के दावे का ‘फैक्ट चेक’ किया है। उन्होंने लिखा, ‘’रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान ने पंजाब के आदमपुर एयरबेस पर हमला किया और सुखोई Su-30 MKI विमान को नुकसान पहुंचाया, लेकिन पाकिस्तान ने संघर्ष से दो महीने पहले मार्च 2025 में ली गई एक सैटेलाइट तस्वीर शेयर की है, जिसमें मिग-29 का रखरखाव चल रहा था और इंजन टेस्ट पैड के पास दिखाई देने वाली काली कालिख आम बात है। यह कोई संघर्ष में हुआ नुकसान नहीं है।” इस तरह डेमियन ने भी साफ कर दिया है कि भारत के आदमपुर एयरबेस बिल्कुल सही सलामत है और पाकिस्तान का दावा गलत है। भारत से तनाव के दौरान, पाकिस्तान ने दावा किया था कि चीन निर्मित जेएफ-17 लड़ाकू विमान से दागी गई उसकी मिसाइलों ने आदमपुर में रूस निर्मित एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया। हालांकि, सच्चाई इससे बिल्कुल उलट थी। पाकिस्तान ने जम्मू से गुजरात तक अपने खास दोस्त तुर्की के ड्रोन के जरिए हमला किया था, लेकिन सबको हवा में ही विफल कर दिया गया था। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के कई अहम एयरबेस को निशाना बनाया और वहां खड़े जासूसी विमान AWACS समेत अन्य महत्वपूर्ण चीजों को तबाह कर दिया। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर होने के बाद 13 मई को पीएम मोदी आदमपुर एयरबेस गए थे और जवानों से मुलाकात की थी। इस दौरान, सोशल मीडिया पर पोस्ट की गईं तस्वीरों में फाइटर जेट और रूस से खरीदा गया एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 पूरी तरह से सही दिखाई दे रहे थे। देखा जा सकता था कि आदमपुर एयरबेस और भारत के लड़ाकू विमान व एयर डिफेंस सिस्टम को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इस तरह पाक का यह दावा भी गलत निकला।  

संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा, पत्र में दिल्ली में बुलडोजर ऐक्शन पर रोक लगाने की मांग की

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने इस पत्र में दिल्ली में बुलडोजर ऐक्शन पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में दिल्ली की बीजेपी सरकार पर झुग्गी बस्तियों को तोड़ने का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी से इन्हें बचाने की गुहार लगाई है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है, बीते कुछ महीनों से दिल्ली की अनेक बस्तियों में, जिनमें मद्रासी कैंप, बस्ती निज़ामुद्दीन, बटला हाउस, आजादपुर मंडी और ओखला क्षेत्र की बस्तियाँ शामिल हैं, लगातार तोड़फोड़ की जा रही है, जिससे हजारों परिवारों का जीवन संकट में पड़ गया है। उन्होंने कहा, आपकी सरकार ने लोगों के पैरों से 2 गज ज़मीन और सिर से छत भी छीन ली। आज वही जमीन उन लोगों के पांवों तले खिसकती जा रही है। ‘बिना नोटिस हटाई जा रही झुग्गियां’ संजय सिंह ने अपने पत्र में कहा, दिल्ली वह शहर है जहां देश का हर कोना अपने भविष्य की तलाश में आता है। खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से आए श्रमिकों ने इस शहर को अपने खून-पसीने से सींचा है। उन्होंने इसकी सड़कें बनाई,भवन खड़े किए, इसकी अर्थव्यवस्था को गति दी। और अब जब वही श्रमिक झुग्गीमें रहते हैं, तो उन्हें “अवैध” कहकर हटा दिया जाता है- बिना नोटिस, बिना पुनर्वास, बिना मानवीय सहानुभूति के। उन्होंने आगे कहा, निदा फ़ाज़ली की चंद पंक्तियाँ है कि “ज़िंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें, ये ज़र्मी चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें, लेकिन, आपकी सरकार ने लोगों के पैरों से 2 गज ज़मीन और सिर से छत भी छीन ली। आज वही ज़मीन उन लोगों के पांवों तले खिसकती जा रही है। याद दिलाए भाजपा के वादे संजय सिंह ने आगे कहा, आपकी सरकार और भारतीय जनता पार्टी ने पिछले सालों में अनेक घोषणाएं की थीं जो इन बस्तीवासियों को आश्वस्त करती थीं। साल 2022 में दिल्ली नगर निगम चुनावों के दौरान भाजपा ने ‘जहां झुग्गी वहां मकान योजना के अंतर्गत 17,000 फ्लैट्स उपलब्ध कराने का वादा किया था। साल 2025 के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने 3.5 लाख पक्के घर बनाने का वादा दोहराया, साथ ही 15 में भोजन (अटल कैंटीन), मुफ्त बिजली, सामुदायिक शौचालय, जल एटीएम,और महिला सहायता योजनाएं जारी रखने का आश्वासन भी दिया। ‘खुद अमित शाह ने किया था मकान का वादा’ आप सांसद ने कहा, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने स्वयं “झुग्गी बस्ती प्रधान सम्मेलन” में यह वादा किया था किहर बस्तीवासी को मकान मिलेगा और कोई भी योजना रोकी नहीं जाएगी। लेकिन वर्तमान स्थिति इन वादों के विपरीत है। तथ्य यह है कि आज भी लाखों झुग्गीवासियों को मकान नहीं मिला है और 2025 तक केवल 4700 घर ही वितरित किए जा सके हैं। इससे साफ संजय सिंह ने कहा, ऐसा लगता हैं कि घोषित योजनाएं ज़मीन पर लागू नहीं हो पा रहीं, और उलटे बुलडोज़र की नीति अपनाई जा रही है। क्या यूपी-बिहार से आए वे श्रमिक इस देश के नागरिक नहीं हैं? क्या संविधान द्वारा प्रदत्त अनुच्छेद 21 – जीवन और गरिमा का अधिकार केवल नगरों के धनी नागरिकों के लिए है? महोदय, गरीबों की बस्तियों को तोड़ते समय यह ध्यान रहना चाहिए कि सपनों की दिल्ली में, अगर गरीब का ही सपना टूट जाए, तो दिल्ली शहर नहीं, सिर्फ इमारतों का जंगल रह जाता है। उन्होंने पीएम मोदी से कहा, दुनिया सबसे बड़ा धर्म है और देश की जनता की ओर से आपसे उम्मीद करते है कि आप इसी मानवता के धर्म को सबसे आगे रखेंगे। इन गरीबों की जिंदगियों को उजड़ने से रोकिए। इन झुग्गियों को बचाइए और जहां झुग्गियाँ हैं,वहीं लोगों को मकान बनाकर दिलाने की कृपा करें।  

बदरीनाथ यात्रा पर आई दो महिला श्रद्धालुओं की ह्रदय गति रुकने से मौत, अब तक 24 की गई जान

गोपेश्वर  बदरीनाथ यात्रा पर आई दो महिला श्रद्धालुओं की ह्रदय गति रुकने से मौत हो गई। महिला श्रद्धालुओं में से एक राजस्थान और एक मध्य प्रदेश की रहने वाली थी। कपाट खुलने से अब तक 24 श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य कारणों से मौत हो चुकी है। इनमें हेमकुंड साहिब के यात्रा मार्ग पर एक श्रद्धालु की मौत भी शामिल है। बीते रोज निर्मला देवी (70 वर्ष) पत्नी चिरंजी लाल निवासी सुरक्षित नगर, लालसैट दौसा, राजस्थान को तबीयत बिगड़ने पर जिला चिकित्सालय लाया गया, लेकिन यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। श्रद्धालु स्वजन के साथ बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आई थी। वहीं रविवार को भगवती देवी (55 वर्ष) निवासी हरिदुवा, राजजा, मध्य प्रदेश को तबीयत बिगड़ने पर जिला चिकित्सालय लाया गया। यहां उपचार के दौरान भगवती देवी की मौत हो गई। अब तक बदरीनाथ धाम व हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आए 24 श्रद्धालुओं में से अधिकांश की ह्रदय गति रुकने से मौत हुई है।

चीन-पाक की साजिशों के बावजूद भारत-फ्रांस ने किया बड़ा रक्षा सौदा, अफवाहों का दिया मुंहतोड़ जवाब: J-10C बनाम राफेल

नई दिल्ली  भारत और फ्रांस के बीच राफेल फाइटर जेट को लेकर चल रहे कथित विवाद पर चीन और पाकिस्तान ने एक नया नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की है। मगर अब भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की फ्रांस यात्रा इस गलत प्रचार की हवा निकालने का काम करेगी। अगले हफ्ते पेरिस में होने वाली यह यात्रा सिर्फ एक कूटनीतिक मुलाकात नहीं, बल्कि भारत की सैन्य प्रतिष्ठा और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने की दिशा में अहम कदम होगी। फ्रांस सांसद के सवालों से विवाद की शुरुआत फ्रांस के सांसद मार्क चावेंट ने अपने विदेश मंत्री से पूछा कि क्या भारत का राफेल फाइटर जेट हालिया झड़पों में पाकिस्तान के J-10C द्वारा गिराया गया था। उन्होंने PL-15E मिसाइल और KLJ-10A AESA रडार का उल्लेख करते हुए पूछा कि अगर ये सच है तो इससे फ्रांस की एयरोस्पेस तकनीक और रणनीतिक नेतृत्व पर सवाल उठ सकते हैं। उन्होंने राफेल के स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम की कार्यक्षमता पर भी सवाल उठाए। पाकिस्तान-चीन का प्रोपेगेंडा युद्ध चीन और पाकिस्तान की मीडिया ने दावा किया कि भारत और फ्रांस के बीच राफेल को लेकर विवाद हो गया है। उनके अनुसार फ्रांसीसी निरीक्षण टीम को भारत आने से रोक दिया गया। साथ ही प्रचारित किया गया कि पाकिस्तान के J-10C फाइटर ने राफेल को गिराया। भारत सरकार ने अब तक इस दावे की कोई पुष्टि नहीं की है। लेकिन चीन और पाकिस्तान का ये प्रोपेगेंडा सिर्फ भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी को तोड़ने की कोशिश नहीं है, बल्कि राफेल की छवि को धूमिल कर दक्षिण-पूर्व एशिया और मिडिल ईस्ट जैसे हथियार बाजारों में चीनी J-10 को प्रमोट करने का प्रयास है। राफेल-टाटा की नई डील  इन तमाम अफवाहों के बीच भारत की टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और फ्रांस की दसॉल्ट एविएशन ने एक नई डील पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत हैदराबाद में एक अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जाएगा जहाँ राफेल के मुख्य ढांचे का निर्माण होगा। यह साझेदारी भारतीय मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसकी लागत $25 बिलियन से अधिक आंकी जा रही है। इसमें राफेल, F-21, F/A-18, ग्रिपेन-ई और SU-35 जैसे विकल्पों की प्रतिस्पर्धा है। फ्रांस की प्रतिक्रिया: सच्चाई की तलाश फ्रांस के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वे भी राफेल को लेकर फैलाई जा रही बातों की सच्चाई जानने में रुचि रखते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि अगर वास्तव में राफेल युद्ध में गिरा है, तो यह पहला मौका होगा और इसकी पुष्टि आवश्यक है। फ्रांस ने भारत के साथ मिलकर तथ्यों की जांच करने की बात कही है। राफेल  को निशाना क्यों बना रहा चीन? चीन का मकसद स्पष्ट है साउथ ईस्ट एशिया में J-10 जैसे अपने विमान बेचने के लिए राफेल को कमजोर दिखाना। मलेशिया ने हाल ही में 42 राफेल खरीदने की डील की है और इंडोनेशिया ने $8 अरब की डील साइन की है। ऐसे में चीन नहीं चाहता कि फ्रांस इन क्षेत्रों में अपनी पकड़ मज़बूत करे। भारत और फ्रांस की साझेदारी अटूट राफेल को लेकर जो भी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उनका कोई ठोस आधार नहीं है। भारत और फ्रांस की साझेदारी पहले से अधिक मजबूत हो रही है। जयशंकर की यात्रा इस साझेदारी को और प्रगाढ़ करेगी और साथ ही चीन-पाकिस्तान के झूठे प्रचार को बेनकाब करेगी। भारत की सैन्य प्रतिष्ठा को लेकर कोई संदेह की गुंजाइश नहीं है, और यह दौरा इस विश्वास को वैश्विक मंच पर और भी सुदृढ़ करेगा।

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रदेश में 5 जून तक 2139 बावड़ियों और 4254 तालाबों की सफाई की गई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में 30 मार्च को उज्जैन से शुरू हुए जल गंगा संवर्धन अभियान को दो माह से अधिक हो गए है। अभियान का समापन 30 जून को होगा। जन सहभागिता से आगे बढ़ रहे इस अभियान से जल संरक्षण के क्षेत्र में खंडवा जिले को देश में पहला स्थान मिला है, जबकि केन्द्रीय जल संसाधन विभाग की एजेंसी के आकलन में प्रदेश को राज्यों की श्रेणी में चौथा स्थान मिला है। अभियान के अंतर्गत रिकार्ड खेत तालाब और अमृत सरोवर बनाये गए हैं। प्रदेश में 5 जून तक 2139 बावड़ियों और 4254 तालाबों की सफाई की गई है। अभियान में 3468 नदी घाटों की सफाई की गई है, 15 913 जल संगोष्ठी, 1677 नुक्कड़ नाटक और 12878 दीवार लेखन के कार्य किये गए हैं। इस अवधि में अभियान में 36 लाख नागरिकों ने सहभागिता की है, इस तरह अभियान जनांदोलन बन गया है। आने वाली वर्षा ऋतु में अभियान के अंतर्गत बने खेत तालाबों, पुनरुद्धरित बावड़ियों और तालाबों में करोड़ों लीटर वर्षा जल सहेजा जा सकेगा। इससे भूजल स्तर में भी सुधार आयेगा और किसानों को फसल के लिए वर्ष भर पानी उपलब्ध रहेगा। जन सहभागिता से हुई कुओं, बावड़ियों की सफाई और सौंदर्यीकरण देवास में जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। नदी, नालों, कुएं, बावड़ियों और कुंड की साफ-सफाई की जा रही है तथा उनमें से गदंगी और गाद बाहर निकाली जा रही है। इसके साथ ही खेत तालाबों का भी निर्माण किया जा रहा है। अभियान के तहत कुएं, बावड़ियों की साफ-सफाई कर उनका सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है। मप्र जन अभियान परिषद ने जिले के बागली विकासखंड के कमलापुर गांव की 450 वर्ष प्राचीन हाथी बावड़ी साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण किया गया। इस प्राचीन बावड़ी में हाथी पानी पीते थे। सहभागिता करने वाले नागरिकों ने जल संरक्षण की शपथ भी ली। दीवारों पर पेंटिंग बना कर जल संरक्षण का संदेश ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत बुरहानपुर जिले की नगर परिषद शाहपुर में अमरावती नदी किनारे स्थित अधो-संरचनाओं के आस-पास जल ही ‘जीवन की आस, इसे बचाने करो प्रयास’, ‘बोलेगी चिड़िया डाली-डाली, फैलाओ तो तुम हरियाली’, ‘दूषित नहीं करना जल, बर्बाद हो जायेगा कल’, ‘सांसें हो रही हैं कम, आओ पेड़ लगाएं हम’, ‘सबका हो एक ही नारा, वर्षा जल बचाओ सारा’, और ‘साफ सुथरा पानी, अच्छे स्वास्थ्य की निशानी, जैसे जल संरक्षण के संदेश लिखे गए। कलात्मकता का परिचय देते हुए पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का संदेश देती आकर्षक पेंटिंग्स भी बनाई गईं। जिले में ये प्रेरणादायक स्लोगन और आकर्षक पेंटिंग्स नागरिकों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। 300 वर्ष पुरानी बावड़ी की साफ-सफाई औऱ सौंदर्यीकरण जल संरक्षण के उद्देश्य से सीहोर जिले में चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जन अभियान परिषद के सदस्यों ने गांव लीलाखड़ी और आममाय में स्थित लगभग 300 वर्ष पुरानी बावड़ी पर श्रमदान कर साफ सफाई की गई और ‘बावड़ी उत्सव’ मनाया गया। प्राचीन जल स्त्रोंतों के संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से बावड़ी पर 51 फिट लम्बी चुनरी ओढ़ाई गई और दीप प्रज्ज्वलन कर आकर्षक रंगोली से बावड़ी की साज सज्जा की गई। जन अभियान परिषद के सदस्यों औऱ ग्रामवासियों ने आरती की और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधारोपण भी किया। 

मिशन कर्मयोगी में नगरीय प्रशासन एवं विकास के 43 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी पंजीकृत

भोपाल  प्रदेश में राष्ट्रीय मिशन कर्मयोगी की अवधारणा और कार्य-प्रणाली को ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने क्षमता निर्माण नीति तैयार की है। इस नीति में प्रत्येक विभाग के बजट में मिशन कर्मयोगी के लिये बजट का एक प्रतिशत आरक्षित किया गया है। इस व्यवस्था से कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास के लिये आवश्यक संसाधन सुनिश्चित हो रहे हैं। यह व्यवस्था संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास में भी लागू की गयी है। मिशन कर्मयोगी डिजिटल पोर्टल पर अब तक 43 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को पंजीकृत किया जा चुका है। ये कुल कर्मचारियों का लगभग 70 प्रतिशत है। संचालनालय के 8816 प्रतिभागी पाठ्यक्रमों में पंजीकृत हैं, जिनमें से 6843 अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्राप्त किया जा चुका है। विभाग द्वारा विशेषज्ञों के माध्यम से 4 ई-लर्निंग मॉड्यूल निर्मित किये गये हैं। इनमें आश्रय-स्थल प्रबंधन, स्व-सहायता समूह गठन एवं प्रबंधन, राजस्व प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 शामिल हैं। प्रदेश की क्षमता निर्माण नीति मिशन कर्मयोगी के आदर्शों पर आधारित एक ठोस एवं दायित्वपूर्ण रणनीति है। इससे राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों की कौशल और नेतृत्व क्षमता लगातार बढ़ेगी। राज्य सरकार की यह पहल केन्द्र सरकार की नीति से मेल खाती है। प्रशिक्षित प्रशासन तंत्र से सक्षम उत्तरदायी सुशासन व्यवस्था को साकार किया जा रहा है।  

अब एक बार फिर नया संकट मंडरा रहा, इस बार कोरोना से भी बदतर, एक्सपर्ट की क्या चेतावनी

वाशिंगटन  साल 2020 के आखिर में दुनिया ने पहली बार कोरोना वायरस का प्रकोप झेला। चीन से शुरू हुआ यह वायरस कुछ ही दिनों में पूरी दुनिया में फैल चुका था। सबसे ज्यादा मौतें अमेरिका में हुईं। तब भी अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार थी। ट्रंप ने चीन के वुहान शहर स्थित खुफिया लैब को इसके पीछे जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप कई मौकों पर कोरोना वायरस को चीनी वायरस की संज्ञा दे चुके हैं। अब एक बार फिर नया संकट मंडरा रहा है। चीन मामलों के शीर्ष अमेरिकी विशेषज्ञ गॉर्डन चांग ने चीन को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने सावधानी नहीं बरती तो वह “कोविड से भी बड़े खतरे” का सामना कर सकता है। यह बयान उस घटना के बाद आया है जिसमें दो चीनी वैज्ञानिकों पर अमेरिका में जहरीले फंगस तस्करी के आरोप लगे हैं। एग्रो-आतंकवाद से जुड़ा मामला 33 वर्षीय यूनकिंग जियान और 34 वर्षीय उनके बॉयफ्रेंड जुनयोंग लियू पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिका में ‘Fusarium graminearum’ नामक फंगस की तस्करी की साजिश रची। यह फंगस गेहूं, जौ, मक्का और चावल में “हेड ब्लाइट” नामक बीमारी फैलाता है और एग्रो-आतंकवाद का संभावित हथियार माना जाता है। यह इंसानों और पशुओं में उल्टी, लिवर डैमेज और प्रजनन क्षमता पर गंभीर असर डाल सकता है। एक्सपर्ट की क्या चेतावनी गॉर्डन चांग ने Fox News से बातचीत में कहा, यह फंगस तस्करी “अमेरिका के खिलाफ युद्ध” जैसा है। अगर अमेरिका ने चीन से रिश्ते नहीं तोड़े , तो उसे कोविड, फेंटानिल से भी भयानक हमला झेलना पड़ सकता है। उन्होंने 2020 की उस घटना की भी याद दिलाई, जब चीन से अनचाही बीजों की खेप अमेरिका के सभी 50 राज्यों में भेजी गई थी — जिसे उन्होंने जैविक हमले की कोशिश बताया। चांग ने आगे कहा, “हम चीन से हार सकते हैं, भले ही हम उनसे ताकतवर हों, क्योंकि हम अपनी रक्षा पूरी ताकत और संकल्प से नहीं कर रहे।” चांग का कहना है कि चीन का कम्युनिस्ट शासन अमेरिका को दुश्मन मानकर ‘जनयुद्ध’ की मानसिकता से काम कर रहा है और अमेरिका को अब कड़े कदम उठाने की जरूरत है। गौरतलब है कि गॉर्डन चांग ‘China Is Going to War’ जैसी चर्चित किताबों के लेखक हैं। वे करीब दो दशकों तक चीन और हांगकांग में रहे हैं और अमेरिकी कानूनी फर्मों में वरिष्ठ पदों पर कार्य कर चुके हैं।  

बिलावल भुट्टो के नेतृत्व में अमेरिका पहुंचे इस दल को तीखे सवालों का सामना करना पड़ा, US सांसद ने उठाया डॉ. अफरीदी का मुद्दा

नई दिल्ली  ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को विदेश भेजकर अपना पक्ष रखा था। इसकी नकल करते हुए पाकिस्तान ने भी अपने दल को विदेश में भेजा है, लेकिन अब विदेश में इस दल की फजीहत हो रही है। बिलावल भुट्टो के नेतृत्व में अमेरिका पहुंचे इस दल को तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। एक अमेरिका सांसद ने पाकिस्तानी डेलीगेशन से लादेन को मारने में अमेरिका की मदद करने वाले डॉक्टर शकील अफरीदी को जेल से रिहा करने के लिए सरकार पर दवाब बनाने के लिए कहा है। वहीं वाशिंगटन में मौजूद शशि थरूर ने भी अमेरिकी सांसद के इस प्रस्ताव का समर्थन किया। सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए अमेरिकी सांसद शेरमैन ने कहा, “मैंने पाकिस्तानी डेलीगेशन से आग्रह किया है कि वह अपनी सरकार पर डॉक्टर शकील अफरीदी को रिहा करने का दबाव बनाए। क्योंकि पाकिस्तानी सरकार ने शकील को इस आरोप में जेल में बंद करके रखा है कि उसने संयुक्त राज्य अमेरिका को लादेन का ठिकाना बताया था। डॉक्टर अफरीदी को रिहा करना 9/11 के पीड़ितों को एक बड़ी श्रृद्धांजलि होगी।” अमेरिका सांसद के इस पोस्ट को रिट्वीट करते हुए भारतीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले शशि थरूर ने भी पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने लिखा, “सांसद शैरमैन ने एक स्वागत योग्य जानकारी याद दिलाई है। पाकिस्तान वह देश है, जिसने न केवल आतंकवादी मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को छिपा रखा था, बल्कि इस मुद्दे पर अमेरिकियों की मदद करने वाले एक बहादुर डॉक्टर को भी गिरफ्तार किया और उसे अभी तक जेल में डाल रखा है। पाकिस्तान में आपको आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए तो इनाम दिया जाता है लेकिन अगर आप उसके खिलाफ हैं तो आपको सजा दी जाती है।” आपको बता दें कि डॉक्टर शकील अफरीदी एक पाकिस्तानी डॉक्टर हैं, जिन्होंने अलकायदा चीफ कुख्यात ओसामा बिन लादेन की जानकारी अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए को दी थी। इसके बाद अमेरिकी सेना ने खुफिया मिशन चलाकर लादेन को मौत के घाट उतार दिया था।  

क्रिकेट की बातें करने वाले स्टीव स्मिथ 3 महीने रहे बैट से दूर, अब खेलने के लिए हो रहे उतावले

ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेलने के लिए काफी उतावले हैं। उसकी वजह ये है कि ऑस्ट्रेलिया के ये दिग्गज बल्लेबाज लंबे समय से क्रिकेट से दूर रहा है। स्टीव स्मिथ ने बताया है कि उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी के बाद और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की तैयारी शुरू करने के बीच में एक बार भी बल्ला नहीं उठाया। उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली थी और आराम कर रहे थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए उन्होंने तैयारी पूरी कर ली है और खेलने के लिए उत्साहित हैं। चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के सेमीफाइनल से बाहर होने के बाद स्मिथ ने वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया। इसके बाद उन्होंने रेड बॉल क्रिकेट पर ध्यान देने के बजाए उससे दूरी बना ली और न्यूयॉर्क में बिना बल्ले लिए दो महीने बिताए। स्टीव स्मिथ ने कहा, ””आमतौर पर मैं घर में एक बल्ला रखता हूं, जिससे मैं बिना सोचे-समझे थोड़ी-बहुत शैडो बल्लेबाजी कर लेता हूं। लेकिन मैंने इसे दूर रखने का निर्णय लिया। मैंने यहां पहुंचने से पहले एक बार भी बल्ला नहीं छुआ।” उन्होंने आगे कहा, ”पहली बार बैट पकड़ने पर काफी अच्छा लगा। आमतौर पर यह अच्छा, अजीब होता है फिर फिर मैं लय हासिल कर लेता हूं। लेकिन दोनों सत्र वास्तव में बेहतरीन थे। सब कुछ बस अपनी जगह पर क्लिक हो गया।” स्मिथ ने कहा, ”मैं 2014 से जितना मजबूत महसूस कर रहा हूं, मेरे कूल्हे बहुत अच्छे आकार में हैं, मैं नीचे जा रहा हूं, इससे स्लिप में भी मदद मिलेगी। यह शायद वर्षों में शारीरिक रूप से मेरी सबसे अच्छी स्थिति है।”  

जस्टिस वर्मा के सामने महाभियोग से बचने का केवल एक ही विकल्प, मॉनसून सत्र से पहले उठा सकते हैं बड़ा कदम

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने संसद में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाकर उन्हें हटाने के लिए राजनीतिक दलों से चर्चा शुरू कर दी है। अब जस्टिस वर्मा के सामने महाभियोग से बचने का केवल एक ही विकल्प है। अगर वह प्रस्ताव आने से पहले ही इस्तीफा दे देते हैं तो महाभियोग से बच सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति और हटाने के मामलों के जानकार लोगों का कहना है कि संसद में खुद का बचाव करने से बचने के लिए वह मौखिक रूप से ही इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं। अगर वह खुद से ही इस्तीफा दे देते हैं तो रिटायर्ड हाई कोर्ट के जज की तरह ही उन्हें पेंशन और बाकी सुविधाएं मिलती रहेंगी। हालांकि अगर संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाकर उन्हें हटाना पड़ता है तो उन्हें पेंशन तक नहीं मिलेगी। संविधान के अनुच्छेद 217 के मुताबिक हाई कोर्ट के जज राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसमें किसी की मंजूरी की भी जरूरत नहीं होती है। इस्तीफा देने के लिए जज का पत्र ही काफी होता है। अगर जज अपने पत्र में इस्तीफा देने की कोई तारीख बताता है तो उसतारीख से पहले उसके पास इस्तीफा वापस लेने का भी अधिकार होता है। सीजेआई रहते हुए जस्टिस संजीव खन्ना ने जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखा था। जज इन्क्वायरी ऐक्ट 1968 के मुताबिक सदन में अगर किसी जज को हटाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है तो स्पीकर या फिर सदन का अध्यक्ष तीन सदस्यों की कमेटी बनाकर इस बात की भी जांच करा सकता है कि उसे किस बुनियाद पर हटाया गया है। इस कमेटी में सीजेआई, 25 हाई कोर्ट में से किसी एक हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस शामिल होता है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने बुधवार को न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने में सभी राजनीतिक दलों को साथ लेने के सरकार के संकल्प को रेखांकित करते हुए कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को ‘राजनीतिक चश्मे’ से नहीं देखा जा सकता। केंद्रीय मंत्री रीजीजू ने कहा कि प्राथमिक उद्देश्य महाभियोग प्रस्ताव लाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 21 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र में दोनों सदनों में निष्कासन की कार्यवाही पारित हो जाएगी। मार्च में राष्ट्रीय राजधानी में न्यायमूर्ति वर्मा के आवास पर आग लगने की घटना हुई थी, जब वह दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायाधीश थे, जिसके कारण उनके घर के एक हिस्से में नकदी की जली हुई बोरियां मिलीं थीं। न्यायाधीश ने नकदी के बारे में अनभिज्ञता का दावा किया, लेकिन उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति ने कई गवाहों से बात करने और उनके बयान दर्ज करने के बाद उन्हें दोषी ठहराया। माना जाता है कि तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश खन्ना ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए संकेत दिया था, लेकिन न्यायमूर्ति वर्मा अपनी जिद पर अड़े रहे। न्यायालय ने तब से उन्हें उनके मूल कैडर, इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया, जहां उन्हें कोई न्यायिक कार्य नहीं सौंपा गया है। न्यायमूर्ति खन्ना ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महाभियोग प्रस्ताव की सिफारिश की थी, जो उच्च न्यायपालिका के सदस्यों को सेवा से हटाने की प्रक्रिया है।  

‘चिंतन शिविर 2.0’ को मुख्यमंत्री साय ने बताया नीति-निर्माण का सशक्त मंच

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि ‘चिंतन शिविर 2.0’ जैसे प्रशिक्षण सत्र शासन को नया दृष्टिकोण और नीतिनिर्माण प्रक्रिया को सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से मंत्रीगणों को सुशासन और परिवर्तनकारी नेतृत्व के महत्वपूर्ण गुर सीखने का अवसर मिलता है. आईआईएम रायपुर में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर के प्रथम सत्र में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य के सभी मंत्रीगण शामिल हुए. इस सत्र में ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व’, ‘दूरदर्शी शासन’, ‘संस्कृति’, ‘सुशासन’ और ‘राष्ट्र निर्माण’ जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई. आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व और दूरदर्शी शासन’ विषय पर अपने व्याख्यान में भगवद्गीता के श्लोकों के माध्यम से निष्काम कर्म और नैतिक प्रशासन पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि कार्य केवल फल की आशा से नहीं, बल्कि उसके सही होने के कारण किया जाना चाहिए. भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने ‘संस्कृति, सुशासन और राष्ट्र निर्माण’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा, “भारत की एकता केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भी है. राष्ट्र निर्माण केवल नीतियों या संसाधनों से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों से संभव है.” उन्होंने अंत्योदय के महत्व पर बल देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण को सुशासन की प्राथमिकता बताया. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चिंतन शिविर जैसे आयोजन शासन को नई दिशा और ऊर्जा देते हैं. उन्होंने दोनों विशेषज्ञ वक्ताओं के विचारों को अत्यंत प्रेरणादायक और नीति-निर्माण के लिए उपयोगी बताया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सुशासन और अभिसरण विभाग के विशेष सचिव रजत बंसल, भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक राम काकाणी और सभी मंत्रीगण उपस्थित थे.

कनाडा में खालिस्तानियों पर कनाडा के पत्रकार ने लगाया धमकी देने का आरोप

ओटावा कनाडा में खालिस्तान समर्थक आतंकी समय-समय पर रैलियां करते रहते हैं। भारत और कनाडा के बीच इसी वजह से संबंधों में थोड़ी खटास भी आई है। अब खालिस्तानियों पर कनाडा के एक स्वतंत्र पत्रकार पर हमला करने और उन्हें धमकाने का आरोप लगा है। पत्रकार ने बताया कि खालिस्तानियों ने उन्हें घेर लिया और धमकी देने लगे। यह उस समय हुआ, जब पत्रकार रविवार को वैंकूवर में आयोजित एक रैली को कवर कर रहे थे। पत्रकार मोचा बेजिरगन ने कहा कि उन्हें उनकी संपादकीय स्वतंत्रता और खालिस्तान से संबंधित विरोध प्रदर्शनों की पिछली कवरेज के कारण निशाना बनाया गया। पत्रकार मोचा बेजिरगन ने घटना का वीडियो एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने अपनी आपबीती शेयर करते हुए कहा, ”यह सिर्फ 2 घंटे पहले हुआ था और मैं अब भी कांप रहा हूं। मुझे कई खालिस्तानियों ने घेर लिया था जो गुंडों की तरह व्यवहार कर रहे थे। उन्होंने मुझे घेर लिया, मुझे धमकाया, मेरे साथ मारपीट की और उन्होंने मेरे हाथ से मेरा फोन छीन लिया।” पत्रकार ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने गुंडों की तरह व्यवहार किया और जानबूझकर उन्हें निशाना बनाया। पत्रकार ने दावा किया कि उस पर एक व्यक्ति ने हमला किया था जो लंबे समय से ऑनलाइन अमानवीय भाषा का इस्तेमाल करके उसे परेशान कर रहा था। बेजिरगन ने कहा, “मैं कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका, न्यूजीलैंड में खालिस्तान विरोध प्रदर्शनों को कवर करता रहा हूं। मेरा एकमात्र लक्ष्य स्वतंत्र पत्रकारिता करना और जो कुछ हो रहा है उसे रिकॉर्ड करना और रिपोर्ट करना है और क्योंकि मैं संपादकीय रूप से स्वतंत्र हूं, इसलिए यह कुछ लोगों को निराश करता है।” पत्रकार ने आगे कहा कि खालिस्तान समर्थक उन्हें खरीदना चाहते हैं और उन्हें प्रभावित करना चाहते हैं, ताकि वह खुलकर न बोलें। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि खालिस्तानियों का ये डराने व धमकाने का तरीका काम नहीं करेगा और उनकी संपादकीय स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होगी। शेयर किए गए वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक व्यक्ति उनसे भिड़ रहा है। दोनों में काफी तू-तू, मैं-मैं हो रही है। वह पत्रकार को परेशान करते हुए धमकी भी देता हुआ सुना जा सकता है।  

‘मैच फिक्सिंग’ के आरोप पर फडणवीस का जवाब, ताउम्र यही गलती करते रहे, धूल चेहरे पर थी आईना साफ करते रहे

मुंबई राहुल गांधी के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में ‘मैच फिक्सिंग’ के आरोप पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का जवाब आया है। देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहाकि ताउम्र आप यही गलती करते रहे, धूल चेहरे पर थी और आप आईना साफ करते रहे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहाकि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 2024 के राज्य विधानसभा चुनावों में हार पर आत्मावलोकन करने के बजाय जनादेश को अस्वीकार कर रहे हैं क्योंकि जनता ने उन्हें खारिज कर दिया है। फडणवीस ने इंडियन एक्सप्रेस और मराठी दैनिक समाचार पत्र लोकसत्ता में प्रकाशित अपने लेखों में कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता बिहार सहित आगामी विधानसभा चुनावों में उन्हें मिलने वाली हार के लिए बहाने तैयार कर रहे हैं। राहुल गांधी ने शनिवार को कई अखबारों में प्रकाशित एक लेख और एक्स पर पोस्ट साझा कर आरोप लगाया था। इसमें उन्होंने कहाकि 2024 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लोकतंत्र में धांधली का ब्लूप्रिंट था और यह मैच फिक्सिंग अब बिहार में भी दोहराई जाएगी। राहुल गांधी ने कही थी ऐसी बात सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा कर गांधी ने चुनाव में कथित अनियमितताओं के बारे में चरणबद्ध तरीके से बताया कि कैसे मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं को जोड़ा गया। मतदान प्रतिशत बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया गया। फर्जी मतदान कराया गया और बाद में सबूतों को छिपा दिया गया। निर्वाचन आयोग ने आरोप को खारिज करते हुए कहाकि अनुकूल परिणाम नहीं मिलने के बाद चुनाव निकाय को बदनाम करना पूरी तरह बेतुका काम है। गांधी के दावों के जवाब में फडणवीस ने अपने लेख में कहा कि कांग्रेस नेता लोकतांत्रिक प्रक्रिया और लोगों के जनादेश का लगातार अपमान कर रहे हैं। बहाने बना रहे हैं राहुल भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि लोगों ने राहुल गांधी को खारिज कर दिया है और इसके बदले में वह लोगों और उनके जनादेश को अस्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि एक बार हार स्वीकार कर लेना अधिक विवेकपूर्ण होगा। इस बात पर आत्मचिंतन करने की जरूरत है कि आप कहां गलत हैं, लोगों के साथ आपका जुड़ाव क्यों कम है और आपको इसके बारे में क्या करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता बिहार सहित आगामी विधानसभा चुनावों में उन्हें मिलने वाली हार के लिए अपने बहाने तैयार कर रहे हैं। देश के खिलाफ है यह बात भाजपा, शिवसेना और राकांपा से मिलकर बने महायुति ने 2024 के महाराष्ट्र चुनावों में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राकांपा (शरदचंद्र पवार) वाले गठबंधन महाविकास आघाडी को हराकर भारी बहुमत से जीत हासिल की थी। फडणवीस ने कहाकि जहां तक ​​महाराष्ट्र चुनाव का सवाल है, यह मूल रूप से महायुति और महा विकास आघाडी के बीच मुकाबला नहीं था। एक और कारक था: भारत जोड़ो अभियान। ‘जोड़ो’ नाम वाले इस अभियान में ‘तोड़ो’ अभियान क्या कर रहा था? उन्होंने दावा किया कि यह न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग समेत देश की सभी संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ जनता में गलत धारणाएं पैदा कर रहा था और इस तरह उन्हें देश के खिलाफ लड़ने के लिए उकसा रहा था। राहुल ने वोटरों की बढ़ोत्तरी को बताया था फर्जी फडणवीस ने कहाकि 1950 से लेकर एक नया कानून बनने तक (पूर्ववर्ती) कांग्रेस सरकारों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सीधे नियुक्ति की। उन्होंने कहा कि अब तक 26 आयुक्तों में से 25 को सीधे केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक समिति का गठन किया जिसमें विपक्ष के नेता या (विपक्ष में) सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के नेता शामिल हैं। पिछले साल हुए महाराष्ट्र चुनावों में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि पर गांधी की आपत्ति का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा कि युवा मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। राहुल गांधी ने मतदाताओं की संख्या में वृद्धि को फर्जी मतदाता बताया था। फडणवीस ने ऐसे दिया जवाब मुख्यमंत्री ने कहाकि 2004 में विधानसभा चुनावों में लोकसभा चुनावों की तुलना में पांच प्रतिशत अधिक मतदान हुआ था, जबकि 2009 में चार प्रतिशत अधिक, 2014 में तीन प्रतिशत अधिक, 2019 में एक प्रतिशत और 2024 में चार प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। उन्होंने कहा कि 2024 में कुछ भी नया नहीं हुआ। फडणवीस ने कहाकि मतदान प्रतिशत में अचानक वृद्धि का दावा एक बड़ा मजाक है। क्या राहुल गांधी को यह नहीं पता कि शाम पांच से छह बजे तक भी मतदान का समय है और शाम छह बजे तक बूथ पर कतार में मौजूद सभी लोगों को अपना वोट डालने की अनुमति है? फिर यह बात छिपा क्यों रहे फडणवीस ने कहाकि 2024 के लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में शाम पांच बजे मतदान का आंकड़ा 60.96 प्रतिशत बताया गया था, जिसे अगले दिन अंतिम तौर पर 66.71 प्रतिशत बताया गया यानी वृद्धि 5.75 प्रतिशत थी। उन्होंने कहाकि लेकिन क्या आप इस तथ्य को छिपा रहे हैं क्योंकि आपने वह चुनाव जीता था? मुख्यमंत्री ने कहाकि पहले अंतिम मतदान के आंकड़े देर रात आते थे। अब शाम पांच बजे का आंकड़ा जारी किया जाता है और अंतिम आंकड़ा अगले दिन आता है।  

हरिद्वार में वीकेंड पर हाइवे पर रेंगती हुई नजर आई गाड़िया

हरिद्वार गर्मी की छुट्टियां और वीकेंड के चलते टूरिस्ट प्लेस पर आवाजाही काफी बढ़ गई है। उत्तराखंड के हरिद्वार में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां वीकेंड पर घूमने आए टूरिस्ट का हुजूम दिखाई दिया। अधिक मात्रा में पहुंचे यात्रियों के चलते सड़कों का हाल-बेहाल हो गया। हरिद्वार-ऋषिकेश और देहरादून नेशनल हाईवे दोनों तरफ से खचाखच भरा दिखाई दिया। काफी मात्रा में पहुंचे यात्रियों के चलते सड़कें गाड़ियों से बुरी तरह भरी दिखाई दीं। इसके चलते लंबे समय तक जाम लगा रहा और गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं, इससे शहर की रफ्तार मानों थम सी गई। ट्रैफिक के चलते रोडवेज बसें समय से बस स्टैंड नहीं पहुंच पाईं। इस कारण उन यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जो सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करके यात्रा करने आए थे। सड़कों पर उमड़ी गाड़ियों की भीड़ से अंदाजा लगाया जा सकता है कि टूरिस्ट प्लेस जैसे मंदिर और गंगा तट का क्या हाल होगा। हर की पौड़ी, मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर पर भी खचाखच भीड़ दिखाई दी। मंदिर प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखते हुए दर्शन करने का आह्वान किया। हालांकि अचानक बढ़ी इस भीड़ को पुलिस प्रशासन संभाल नहीं पाया, क्योंकि जो भी ट्रैफिक प्लान बनाया गया था, वो नाकाफी साबित हुआ।  

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