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अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के रजत जयंती वर्ष का उद्घाटन एवं प्रधान कार्यालय भवन का राज्यपाल ने किया शिलान्यास

जयपुर, राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि प्रदेश में सहकारिता से लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा है, राजस्थान में सहकारिता क्षेत्र को और बढ़ाना होगा। राज्यपाल शनिवार को चित्तौड़गढ़ के इंदिरा प्रियदर्शनी ऑडिटोरियम में चित्तौड़गढ़ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित रजत जयंती वर्ष के उद्घाटन एवं बैंक के प्रधान कार्यालय भवन के शिलान्यास समारोह में संबोधित कर रहे थे।   राज्यपाल ने कहा कि आज सहकारिता के क्षेत्र से कई लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने राजस्थान में सरकारी क्षेत्र को और बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि यहां इस सहकारिता क्षेत्र में दुग्ध डेयरी की अपार संभावनाएं हैं, इसमें गरीब भी दुग्ध व्यवसाय कर सकता है। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को मार्केटिंग की जगह उपलब्ध करानी होगी, इसमें प्रशासन एवं सरकार सहयोग करें। इससे समितियां भी अच्छी चलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता को मन एवं दिल से चलाना होगा, तो इसके अच्छे परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि सभी महिला पुरुषों को रोजगार मिले ताकि उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके।   राज्यपाल ने कहा कि जिस राष्ट्र का वैभव बढ़ाना है तो वहां की बौद्धिक क्षमता और शारीरिक क्षमता को बढ़ाना होगा। इसके लिए नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों की बौद्धिक एवं शारीरिक क्षमता बढ़ानी चाहिए। उन्होंने ने कहा कि लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी करने एवं काश्तकार की फसल अच्छी हो इसके लिए आवश्यक है कि उसे काश्त करने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि गांव का पानी गांव में ही रोका जाना चाहिए। समारोह को संबोधित करते हुए सांसद सीपी जोशी ने त्याग, तपस्या एवं बलिदान की भूमि पर आगमन पर राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि चित्तौड़गढ़ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक ने नई तकनीक एवं अन्य बैंकों की तरह कार्य कर सफलता हासिल की है और यह अन्य जिलों में भी शाखाओं का विस्तार करेगी। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से आज भारत चौथी अर्थव्यवस्था बना है, यह गर्व का विषय है।   इससे पहले राज्यपाल ने समारोह में चित्तौड़गढ़ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के प्रधान कार्यालय भवन का शिला पूजन किया। प्रारंभ में बैंक के अध्यक्ष आईएम सेठिया ने राज्यपाल को मेवाड़ी पगड़ी पहनकर स्वागत किया और बैंक की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।

महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने एक नई पहल की शुरू, बिना ब्याज 5 लाख रुपये तक का लोन

नई दिल्ली देश की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। इस योजना के तहत महिलाएं बिना ब्याज के 5 लाख रुपये तक का लोन प्राप्त कर सकती हैं। खास बात ये है कि यह योजना खासकर ग्रामीण और कम आय वर्ग की महिलाओं के लिए शुरू की गई है, ताकि वे अपना खुद का उद्योग या व्यापार शुरू कर सकें और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। क्या है लखपति दीदी योजना? लखपति दीदी योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने साल 2023 में की थी। इस योजना का उद्देश्य है कि देश की करोड़ों महिलाओं को खुद का रोजगार स्थापित करने में मदद मिले। इसके लिए महिलाओं को जरूरी ट्रेनिंग दी जाती है और उसके बाद उन्हें 1 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज का लोन प्रदान किया जाता है। यह लोन सरकार स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) के माध्यम से उपलब्ध कराती है। क्यों खास है ये योजना? बिना ब्याज का लोन: महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी ब्याज के मिलता है स्वरोजगार को बढ़ावा: महिलाएं खुद का काम शुरू करके आत्मनिर्भर बन सकती हैं सरकारी सहयोग: योजना पूरी तरह सरकार द्वारा समर्थित है, इसलिए धोखाधड़ी का खतरा नहीं स्किल ट्रेनिंग: व्यापार शुरू करने से पहले महिलाओं को उचित ट्रेनिंग दी जाती है कौन-कौन ले सकता है योजना का लाभ? इस योजना के तहत आवेदन करने से पहले महिलाओं को कुछ शर्तों को पूरा करना होगा: महिला का संबंध किसी स्वयं सहायता समूह (SHG) से होना चाहिए परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए महिला की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए यदि कोई महिला इन शर्तों को पूरा करती है, तो वह योजना के तहत लोन के लिए आवेदन कर सकती है। कैसे मिलेगा लोन? क्या है प्रक्रिया? इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी होगी:     सबसे पहले महिला को स्वयं सहायता समूह से जुड़ना होगा     इसके बाद महिला को एक व्यवसाय योजना (Business Plan) तैयार करनी होगी     यह योजना SHG द्वारा संबंधित सरकारी विभाग को भेजी जाएगी     सरकारी अधिकारी उस योजना की समीक्षा करेंगे     योजना स्वीकृत होने पर महिला को बिना ब्याज का लोन मिल जाएगा किन दस्तावेजों की होगी जरूरत? लखपति दीदी योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:     आधार कार्ड     पैन कार्ड     आय प्रमाण पत्र     बैंक पासबुक     पासपोर्ट साइज फोटो     मोबाइल नंबर स्वयं सहायता समूह की सदस्यता प्रमाण कितनी महिलाओं को होगा फायदा? सरकार ने इस योजना के तहत 3 करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके माध्यम से देश के हर कोने में महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और वे परिवार के लिए आय का मुख्य स्रोत बन सकेंगी। यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद महिलाओं को समाज में सम्मान, सशक्तिकरण, और व्यावसायिक कुशलता प्रदान करना है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को जहां रोजगार के अवसर सीमित हैं, वहां यह योजना एक नई उम्मीद लेकर आई है।

भोपाल मंडल में अंतरराष्ट्रीय लेवल क्रॉसिंग अवेयरनेस डे पर समपार सुरक्षा को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान

भोपाल मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में अंतरराष्ट्रीय लेवल क्रॉसिंग अवेयरनेस डे के अवसर पर भोपाल मंडल में एक सप्ताह तक चलाया गया विशेष जनजागरूकता अभियान विविध कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री विजय शंकर गौतम के नेतृत्व में रेल संरक्षा बल, परिचालन, इंजीनियरिंग एवं सिग्नल विभागों के संयुक्त प्रयासों से भोपाल मंडल के लगभग 70 व्यस्ततम समपार फाटकों पर सप्ताहव्यापी जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान सड़क उपयोगकर्ताओं को समपार फाटकों को सुरक्षित पार करने के नियमों की जानकारी दी गई और पंपलेट वितरित किए गए | लगभग 85 समपार फाटकों में से 40 से अधिक अत्यधिक व्यस्त समपार फाटकों को इस अभियान में सम्मिलित किया गया। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत खिड़किया स्टेशन पर स्थित समपार फाटक क्रमांक 195, समपार फाटक क्रमांक 189A (तलवडिया-बीड  के मध्य), निशातपुरा – संत हिरदाराम नगर के मध्य स्थित फाटक संख्या 114, निशातपुरा – सुखी सेवनिया के मध्य फाटक संख्या 255 और 256 सहित कई अन्य गेटों पर सड़क उपयोगकर्ताओं को पंपलेट वितरित कर, ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से जागरूक किया गया। विशेष रूप से मिसरोद स्टेशन के समीप स्थित समपार फाटक क्रमांक 246 पर भोपाल मंडल की सांस्कृतिक अकादमी के कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजन को समपार फाटक पार करने की सही और सुरक्षित प्रक्रिया के बारे में बताया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री विजय शंकर गौतम, सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी श्री ममलेश यादव सहित सभी संरक्षा सलाहकार उपस्थित रहे। इस अभियान में प.म. रेल भारत स्काउट एवं गाइड संगठन तथा सांस्कृतिक अकादमी, भोपाल मंडल के सदस्यों द्वारा नुक्कड़ नाटक का  आयोजन किया गया एवं काउंसलिंग के दौरान न सिर्फ रेल कर्मचारी, बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और सड़क उपयोगकर्ता भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस जागरूकता अभियान की सराहना की। रेल प्रशासन आम जनता से अपील करता है कि समपार फाटकों पर फाटक बंद होने की स्थिति में उसे पार करने का प्रयास न करें। ट्रेन की गति अनुमान से अधिक होती है और लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। सभी से अनुरोध है कि अपने एवं अपने परिवार की सुरक्षा के लिए रेलवे के दिशा-निर्देशों का पालन करें।  

तत्काल टिकट बुक करने के लिए चाहिए होगा आधार नंबर

नई दिल्ली भारतीय रेल मंत्रालय ने तत्काल टिकट बुक कराने को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब तत्काल टिकट बुक करते हुए यूजर को अपने वेरिफिकेशन करना होगा। इसके बिना तत्काल टिकट बुक नहीं कराया जा सकेगा। इसकी जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने X पर पोस्ट करते हुए दी है। अब यात्रियों को तत्काल टिकट बुक करते हुए e-Aadhaar ऑथेंटिकेशन करना जरूरी होगा। चलिए इस बदलाव के बारे में डिटेल में समझते हैं। क्या है e-Aadhaar ऑथेंटिकेशन? रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में बताया कि जल्द ही Tatkal टिकट बुक करते समय e-Aadhaar ऑथेंटिकेशन ज़रूरी होगा। यह एक तरह का वेरिफिकेशन होगा, जो कि टिकट बुक करवा रहे शख्स के आधार कार्ड के जरिए किया जाएगा। इसे दलालों के द्वारा अवैध टिकट बुकिंग को रोकने के मकसद से लाया जा रहा है। बता दें कि अक्सर तत्काल टिकट बुक करवाते समय चंद मिनटों में IRCTC की वेबसाइट से तत्काल टिकटें बिक जाया करती थीं। ऐसा दलालों के द्वारा अवैध रूप से टिकटें बुक कराने की वजह से होता था। अब इस पर सरकार ने नकेल कसी है। क्या रहेगी तरीका इस नए तरीके का लागू हो जाने के बाद हर यात्री को डिजिटल रूप से अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। इसके लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल करना होगा। जिसके बाद यूजर को एक OTP मिलेगा और बिना इस OTP के तत्काल टिकट बुक नहीं हो सकेगी। इससे फर्जी बुकिंग और बॉट के जरिए टिकट खरीदने की घटनाएं रोकी जा सकेंगी। इस नए सिस्टम की खास बात यह रहेगी कि पहले 10 मिनट तक सिर्फ वही यात्री तत्काल टिकट बुक कर पाएंगे जिनका IRCTC अकाउंट Aadhaar से लिंक होगा। इन 10 मिनटों के दौरान IRCTC एजेंट को बुकिंग करने की अनुमति नहीं होगी। सरकार के इस कदम से आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी। आधार को IRCTC से ऐसे करें लिंक इस बदलाव के बाद IRCTC से ऑनलाइट तत्काल टिकट बुक कराते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे पहले तो अपने IRCTC अकाउंट को अपने आधार कार्ड के साथ लिंक कर लें। इसके लिए:     IRCTC की वेबसाइट www.irctc.co.in पर जाएं     अपना यूज़रनेम और पासवर्ड डालकर लॉग इन करें     ‘My Account’ पर जाएं और ऊपर दाईं ओर क्लिक करें     ‘Link Your Aadhaar’ का ऑप्शन सेलेक्ट करें     अपना आधार नंबर और नाम भरें जैसा आधार कार्ड में है.     आपके आधार से जुड़े मोबाइल पर OTP आएगा उसे वेरिफाई करें     ‘Update’ बटन पर क्लिक करें , वेरिफिकेशन पूरा हो जाएगा     इसके बाद स्क्रीन पर कन्फर्मेशन आएगी और आपका अकाउंट लिंक हो जाएगा आधार की इन सेवाओं को चालू रखें इसके अलावा अपने आधार कार्ड के साथ मेन मोबाइल नंबर को जरूर लिंक रखें ताकि आपको IRCTC की ओर से OTP आसानी से मिल सके। अगर आपका फोन नंबर आधार कार्ड के साथ लिंक नहीं है, तो आपको आधार सेंटर पर जाकर अपना नंबर अपडेट कराना होगा। यह काम आप 14 जून तक एक भी रुपया खर्चे बिना करवा सकते हैं। अगर आपको इस बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं, तो आप हमारी इस खबर को पढ़ सकते हैं।​

इनकम टैक्स विभाग को आपके डिजिटल डेटा पर नजर रखने का होगा अधिकार, जानें क्या है नया नियम

नई दिल्ली अब आपके सारे डिजिटल डेटा पर सरकार की नजर रहेगी। आपको बिना बताए ईमेल से लेकर सोशल मीडिया पर सरकार पहुंच सकेगी। इसे लेकर एक नया कानूनी नियम आने वाल है। यह 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इस नए कानून के अनुसार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपका सोशल मीडिया अकाउंट्स, ईमेल्स, बैंक अकाउंट्स और ट्रेडिंग अकाउंट्स को एक्सेस कर पाएगा। आयकर विभाग को अगर आप पर किसी भी तरह से शक होता है कि आपने टैक्स की चोरी की है या आपके पास अघोषित आय है या आप किसी गैरकानूनी सम्पत्ति और ज्वैलरी के मालिक हैं, तो वह आपकी पूरी ऑनलाइन हिस्ट्री कानूनी रूप से खंगाल पाएंगे। चलिए इस नए कानूनी नियम के बारे में डिटेल में समझते हैं। क्या है नया नियम भारत का इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 132 पहले ही अधिकारियों को तलाशी लेने और संपत्ति व अकाउंट बुक्स जब्त करने का कानूनी अधिकार देती है। ऐसा तब होता है जब इनकम टैक्स विभाग को टैक्स की चोरी का शक हो। अब यह अधिकार सिर्फ फिजिकल जगहों तक सीमित नहीं रहेगा। नए इनकम टैक्स बिल के तहत अधिकारियों को डिजिटल दुनिया की जांच का अधिकार भी मिलेगा। इसका मतलब है कि अगर किसी शख्स पर टैक्स चोरी का शक हो, तो अधिकारी उसके कंप्यूटर सिस्टम, ईमेल्स, क्लाउड स्टोरेज या सोशल मीडिया अकाउंट्स को कानूनी रूप से खंगाल पाएंगे। इसके लिए उन्हें आपसे किसी तरह की इजाजत लेने की जरूरत नहीं होगी। यह बदलाव टैक्स चोरी के डिजिटल तरीकों पर लगाम लगाने के लिए लाया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि इस कानून की वजह से इनकम टैक्स अधिकारी डिजिटल डेटा में झांक कर चोरी करने वालों को आसानी से पकड़ पाएंगे। डिजिटल डेटा में क्या कुछ आएगा? नए इनकम टैक्स बिल के मुताबिक वर्चुअल डिजिटल स्पेस की परिभाषा अब पहले से कहीं ज्यादा डिटेल में लिखी गई है। इसमें टैक्सपेयर्स के सोशल मीडिया अकाउंट्स, बैंक खाते, ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट अकाउंट्स और ईमेल्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को शामिल किया गया है। ये सभी अब सीधे डिजिटल डेटा की सीमा में आएंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार बिल में बताया गया है कि डिजिटल दुनिया वह जगह है जहां लोग कंप्यूटर सिस्टम, इंटरनेट, मोबाइल डिवाइस, नेटवर्क और उभरती हुई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर आपस में जुड़ते हैं और तरह-तरह की डिजिटल गतिविधियाँ करते हैं। इससे इनकम टैक्स विभाग के जांच करने का दायरा भी काफी बढ़ जाएगा। इन अधिकारियों के पास होगा एक्सेस इस नए नियम के अनुसार जिन अधिकारियों को डिजिटल जानकारी खंगालने का अधिकार होगा उनमें जॉइंट डायरेक्टर या एडिशनल डायरेक्टर, जॉइंट कमिश्नर या एडिशनल कमिश्नर, असिस्टेंट डायरेक्टर या डिप्टी डायरेक्टर, असिस्टेंट कमिश्नर या डिप्टी कमिश्नर, इनकम-टैक्स ऑफिसर या टैक्स रिकवरी ऑफिसर शामिल होंगे। अगले साल लागू होने वाले इस कानून के तहत अब टैक्स चोरी को छिपा पाना किसी के लिए भी आसान नहीं होगा।

OPPO K13x जल्द भारत में लॉन्‍च करेगी ओपो

नई दिल्ली ओपो भारत में एक नया स्‍मार्टफोन लॉन्‍च करने जा रही है। इसका नाम OPPO K13x होगा। कंपनी ने लॉन्‍च डेट को कन्‍फर्म नहीं किया है। यह बताया है कि अपकमिंग ओपो फोन, टिकाऊ होने के साथ-साथ अच्‍छी परफॉर्मेंस देगा। सामने आई जानकारी के अनुसार, OPPO K13x में लंबी चलने वाली बैटरी दी जाएगी। एआई-पावर्ड कैमरा फीचर्स इस फोन में होंगे। यह अल्‍ट्रा फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगा। कंपनी का कहना है कि नया ओपो फोन उन यूजर्स की जरूरत पूरी करेगी, जिन्‍हें परफॉर्मेंस के साथ एक ऐसी डिवाइस चाहिए जो ड्यूरेबल हो यानी गिरने पर टूटने के चांस कम रहें। हर मौसम में साथ निभाए। फीचर्स, स्‍पेसिफ‍िकेशंस ओपो ने इस फोन के किसी फीचर से पर्दा नहीं हटाया है। लेकिन कंपनी जिन चीजों पर फोकस करने जा रही है, उससे अनुमान है कि इसमें 6500 एमएएच या उससे बड़ी बैटरी ऑफर की जाएगी। यह फोन 67 वॉट तक चार्जिंग को सपोर्ट कर सकता है। मिलिट्री ग्रेड ड्यूरेबिलिटी के साथ आ सकता है, ताकि कठिन मौसमी हालात में भी फोन की परफॉर्मेंस में कमी ना आए। ओपो K13 स्‍मार्टफोन में स्‍नैपड्रैगन 6 जेन 4 च‍िपसेट दिया गया है। ऐसे में K13x से भी हम स्‍नैपड्रैगन चिपसेट की उम्‍मीद कर रहे हैं। फोन में 8 जीबी तक रैम दी जा सकती है, ताकि डेली परफॉर्मेंस में लैग की दिक्‍कत ना आए। प्राइस इन इंडिया OPPO K सीरीज 20 हजार रुपये की प्राइस रेंज में अधिक फोकस्‍ड है। ऐसे में यह माना जा सकता है कि फोन को 20 हजार रुपये वाली प्राइस कैटिगरी में लाया जाएगा। हालांकि यह सभी सिर्फ कयास हैं। कंपनी ने कुछ भी कन्‍फर्म नहीं किया है और हमें आधिकारिक प्रतिक्र‍िया का इंतजार करना चाहिए। क्‍योंकि ओपो का कोई लॉन्‍च जून में अबतक सामने नहीं आया है, इसलिए यह डिवाइस इसी महीने दस्‍तक दे सकती है। वैसे भी अगले महीने रेनो सीरीज भारत में लॉन्‍च होने जा रही है, तो कंपनी उससे पहले मिड रेंज में नया फोन ला सकती है।  5G फीचर्स ओपो ने अप्रैल में Oppo K13 5G को लॉन्‍च किया था। इसे 17999 रुपये की शुरुआती कीमत में लाया गया था। फोन में 6.7 इंच का एमोलेड फुल एचडी प्‍लस डिस्‍प्‍ले दिया गया है। यह 120 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट और 1200 निट्स की पीक ब्राइटनैस ऑफर करता है। फोन में क्‍वॉलकॉम का स्‍नैपड्रैगन 6 जेन 4 प्रोसेसर दिया गया है। 8GB LPDDR4X रैम इसमें मिलती है और 256 जीबी तक स्‍टोरेज है। फोन में 7 हजार एमएएच बैटरी दी गई है। 50 मेगापिक्‍सल का मेन कैमरा है। यह एंड्रॉयड 15 ऑपरेटिंग सिस्‍टम पर रन करता है। फोन में स्‍टीरियो स्‍पीकर्स, आईआर ब्‍लास्‍टर की सुविधा है।

रामभक्तों के लिए अयोध्या से अच्छी खबर, 10 दिन के अंदर श्रीराम दरबार के दर्शन हो सकते हैं शुरू, ट्रस्ट कर रहा विचार

अयोध्या रामभक्तों के लिए अयोध्या से अच्छी खबर है। 10 दिन के अंदर राम मंदिर के पहले तल पर हाल ही में प्रतिष्ठित राम दरबार के दर्शन शुरू हो जाएंगे। इसके लिए राम मंदिर ट्रस्ट विचार कर रहा है। भगवान राम की नगरी में राम मंदिर निर्माण के बाद अब राम दरबार की स्थापना हो चुकी है। राम मंदिर में राम दरबार की स्थापना के साथ राम मंदिर निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने शनिवार को मंदिर परिसर में चल रहे काम और उन पर होने वाली चर्चाओं के विषय में विस्तार से जानकारी दी। जहां टेंट में विराजमान थे रामलला, वहां सर्वे कर रहा पुरातत्व विभाग नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर के परिसर में राम जन्म स्थान यानी कि जहां पर रामलला टेंट में विराजमान थे, उस स्थल पर एएसआई पुरातत्व विभाग की टीम सर्वे कर रही है। इसके साथ ही मंदिर निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि राम दरबार में 10 दिन के अंदर दर्शन शुरू हो सकता है। राम मंदिर ट्रस्ट इस पर विचार कर रहा है। सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि इस पर चर्चा कर रहे हैं। भगवान के दरबार में जाने और आने को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट व्यापक इंतजाम में जुटा हुआ है। पुष्करणी कुंड का निर्माण अंतिम चरण में, पंचवटी निर्माण का तैयार हो रहा मास्टर प्लान वहीं, राम मंदिर परिसर में सप्तऋषि मंदिरों के बीच में पुष्करणी कुंड का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है।  निर्माण समिति के अध्यक्ष ने कहा कि पंचवटी निर्माण में प्रकृति से कोई भी छेड़छाड़ नहीं किया जाएगा। यथास्थिति रखते हुए वहां पर पौधे लगाए जा रहे हैं ताकि पशु पक्षियों को पानी पीने और उसका लाभ लेने में कोई असुविधा न हो। इसका निर्माण कार्य कंपनी की ओर से किया जा रहा है। एक महीने में इसका मास्टर प्लान भी लगभग तैयार हो जाएगा। राम मंदिर के दूसरे तल पर संरक्षित किए जाएंगे दुर्लभ ग्रंथ नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि भूतल में रामलला विराजमान हो चुके हैं तो प्रथम तल पर उनका पूरा परिवार, इसके साथ मंदिर के दूसरे तल पर ऐसे ग्रंथ जो अपनी परिभाषा में दुर्लभ कहलाए और भगवान राम से संबंधित होंगे, उनको संरक्षित किए जाने का काम किया जाएगा। सभी तलों पर क्या-क्या होगा, इसको निश्चित कर लिया गया है। राम मंदिर के उत्तर दिशा में एक माह के अंदर मंदिर के द्वार का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसे 15 अगस्त तक निश्चित तौर पर पूरा कर लिया जाएगा। रक्षा मंत्रालय समेत भारत सरकार की कई संस्थाओं ने किया निर्माण में सहयोग नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर में भारत सरकार की अनेक संस्थाओं ने सहयोग किया है। इसमें सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट के अलावा रेल मंत्रालय का सहयोग रहा है। जहां रामलला टेंट में विराजमान थे, वहां एएसआई की टीम सर्वे कर रही है। 500 वर्षों के लंबे संघर्ष पर वहां पुरातत्व विभाग की टीम रिसर्च करेगी। इसके साथ ही रक्षा मंत्रालय की तरफ से राम मंदिर में टाइटेनियम की जाली लगाई जा रही है। सभी संस्थाओं को राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से भुगतान किया गया है।

सीबीएसई छात्र राज्य खेलों में नहीं लेंगे भाग, सत्र 2025-26 से यह नियम लागू होगा: SGFI का बड़ा फैसला

बिलासपुर छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश के सीबीएसई स्कूलों के छात्र खिलाड़ियों को एक बड़ा झटका लगा है। अब वे राज्य सरकार द्वारा आयोजित विकासखंड, जिला, संभाग और राज्य स्तर की शालेय खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) ने सीबीएसई को एक स्वतंत्र खेल इकाई के रूप में मान्यता दी है। इसके चलते यह फैसला लिया गया है।   सीबीएसई छात्र राज्य खेलों में नहीं लेंगे भाग सत्र 2025-26 से यह नियम लागू होगा। इसका मतलब यह है कि अब सीबीएसई स्कूलों के खिलाड़ी राज्य स्तर पर अपने हुनर का प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे। वे सीधे SGFI द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में ही भाग ले सकेंगे। लेकिन यह मंच बेहद सीमित अवसर देता है, जिससे कई खिलाड़ियों के भविष्य पर असर पड़ेगा। बिलासपुर के कई होनहार खिलाड़ी, जो पिछले वर्षों में जिला और संभाग स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं, अब इस बदलाव से प्रभावित होंगे। वे अब अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए केवल SGFI की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर निर्भर रहेंगे। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया का फैसला दरअसल, 2024-25 में SGFI ने सीबीएसई को अपनी 68वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वतंत्र इकाई के रूप में शामिल किया था। उस समय सीबीएसई का खुद का खेल ढांचा पूरी तरह तैयार नहीं था, इसलिए राज्य सरकार ने छात्रों के हित में उन्हें अस्थायी छूट दी थी। लेकिन अब सीबीएसई ने अपना स्वतंत्र खेल ढांचा तैयार कर लिया है और उसी के आधार पर छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने सीबीएसई छात्रों को राज्य स्तरीय खेलों से बाहर कर दिया है।   छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में ले सकेंगे भाग SGFI की आधिकारिक वेबसाइट पर भी साफ तौर पर लिखा है कि सीबीएसई बोर्ड के छात्रों ने 2024-25 की प्रतियोगिता में स्वतंत्र रूप से भाग लिया और मेडल भी जीते। इसका मतलब है कि सीबीएसई अब SGFI की निगरानी में अपनी प्रतियोगिताएं आयोजित करने में सक्षम है। अब सीबीएसई बोर्ड के छात्र राज्य स्तरीय स्कूल खेलों में भाग नहीं ले पाएंगे। SGFI ने उन्हें स्वतंत्र इकाई माना है, जिससे अब वे सिर्फ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में ही खेल सकेंगे। यह फैसला कई होनहार खिलाड़ियों को प्रभावित कर सकता है।

छत्तीसगढ़ सरकार बोधघाट बांध और इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना पर कर रही काम, होगा चहुंमुखी विकास

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना के राष्ट्रीय परियोजना के रूप में निर्माण के संबंध में विस्तार से चर्चा की है. दोनों परियोजनाओं से बस्तर की तस्वीर बदल जाएगी. क्षेत्र चहुंमुखी विकास की ओर अग्रसर होगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर संभाग लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहा है, इसी वजह से संभाग सिंचाई साधनों के विकास में पिछड़ गया है, संभाग में सिंचाई साधनों की समस्या को दूर करने और चहुमुखी विकास को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र के चहुमुखी विकास के लिए बोधघाट बहुउद्देशीय बांध परियोजना निर्णायक परियोजना साबित होगी. यह परियोजना, लंबे समय से इन्द्रावती नदी पर प्रस्तावित है. इंद्रावती, गोदावरी नदी की बड़ी सहायक नदी है. गोदावरी जल विवाद अभिकरण के वर्ष 1980 के अवॉर्ड में भी अन्य योजनाओं के साथ इस परियोजना का उल्लेख है. इस अवॉर्ड में उल्लेखित अन्य परियोजनाओं का क्रियान्वयन दूसरे राज्यों द्वारा किया जा चुका है परंतु दूरस्थ अंचल में होने एवं नक्सल समस्या के कारण इस परियोजना को प्रारंभ नहीं किया जा सका. बस्तर के विकास की रफ्तार होगी डबल बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना से संभाग में सिंचाई साधनों का दायरा बढ़ने के साथ ही बस्तर के विकास को डबल रफ्तार मिलेगी. इस परियोजना से 125 मेगावाट का विद्युत् उत्पादन, 4824 टन वार्षिक मत्स्य उत्पादन जैसे अतिरिक्त रोजगार, खरीफ एवं रबी मिलाकर 3,78,475 हेक्टेयर में सिंचाई विस्तार एवं 49 मि.घ.मी पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगा. वहीं इंद्रावती- महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले की भी 50,000 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सहित कुल 3,00,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी. क्या है बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना? बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना, गोदावरी नदी की बड़ी सहायक इन्द्रावती नदी पर प्रस्तावित है. राज्य में इन्द्रावती नदी कुल 264 किमी में प्रवाहित होती है. यह परियोजना दंतेवाड़ा जिले के विकासखंड एवं तहसील गीदम के ग्राम बारसूर से लगभग 8 किमी एवं जगदलपुर शहर से लगभग 100 किमी दूरी पर प्रस्तावित है. परियोजना की विशेषताएं दोनों परियोजनाओं की अनुमानित लागत 49000 करोड़ रुपए है. जिसमें इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना की लागत लगभग 20 हजार करोड़ रूपए एवं बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना में लगभग 29 हजार करोड़ रुपए की लागत संभावित है. जिसमें हाइड्रोपावर इलेक्ट्रोमैकेनिकल कार्य, सिविल कार्य (सिंचाई) भी शामिल हैं. इस परियोजना में उपयोगी जल भराव क्षमता 2009 मि.घ.मी, कुल जल भराव क्षमता 2727 मि.घ.मी, पूर्ण जल भराव स्तर पर सतह का क्षेत्रफल 10440 हेक्टेयर सम्भावित है. इन जिलों का होगा लाभ बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना से दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा जिले के 269 गांवों को बड़ा लाभ होगा. जबकि, इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले के अनेकों गांवों में सिंचाई सुविधा का विस्तार हो सकेगा. बस्तर संभाग को विकसित, आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में दोनों परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम होगा.

भारत में इस जगह खुलेगा ऐपल का चौथा स्‍टोर

मुंबई ऐपल अपने कामकाज को भारत में लगातार बढ़ा रही है। भारतीयों ने जो प्‍यार आईफोन्‍स और दूसरे ऐपल गैजेट्स को दिया है, उसने कंपनी को देश में अपने नए स्‍टोर्स खोलने के लिए प्रेरित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल का चौथा स्‍टोर मुंबई के बोरीवली उपनगर में खुलने जा रहा है। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। कंपनी ने 12,616 स्‍क्‍वॉयर फुट की एक जगह वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे के पास बने एक मॉल में लीज पर ली है। रिपोर्ट के अनुसार, यह जगह 10 साल 10 महीने के लिए ली गई है। हर ऐपल स्‍टोर की तरह यहां भी कंपनी अपने लेटेस्‍ट प्रोडक्‍ट्स को सेल करेगी। हर नया आईफोन जो ऐपल स्‍टोर्स में पहुंचता है, उसे यहां भी लाया जाएगा। देश में कहां-कहां हैं ऐपल स्‍टोर्स ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल ने अपना पहला स्‍टोर मुंबई में खोला था। उसके बाद दिल्‍ली में दूसरा स्‍टोर शुरू किया। हाल ही में खबर आई थी कि कंपनी ने अपना तीसरा स्‍टोर खोलने के लिए बंगलूरू में जगह ले ली है। अब चौथा स्‍टोर भी मुंबई के बोरीवली में खुलने जा रहा है। ऐपल स्‍टोर्स में क्‍या मिलता है जिस तरह से कंपनियां अपने ऑनलाइन स्‍टोर में प्रोडक्‍ट्स बेचती हैं, उसी तरह ऑफलाइन स्‍टोर्स में भी गैजेट बेचे जाते हैं। ऐपल स्‍टोर्स में कंपनी अपने लेटेस्‍ट आईफोन, आईपैड, मैकबुक आदि की सेल करती है। जब भी कोई नया ऐपल गैजेट आता है तो उसका रियल फील, ऐपल स्‍टोर में जाकर लिया जा सकता है। ऐपल के ऑफलाइन स्‍टोर से प्रोडक्‍ट खरीदने पर भी कार्ड डिस्‍काउंट वगैरह मान्‍य होता है। लेकिन क्‍या आपको वो बात पता है कि बोरीवली वाले स्‍टोर का किराया कितना होगा। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी 17.35 लाख रुपये प्रतिमाह चुकाएगी। ईटी की रिपोर्ट कहती है कि कंपनी ने 1.04 करोड़ रुपये सिक्‍योरिटी मनी भी जमा करा दी है। हालांकि कंपनी ने इस बारे में आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है। आईफोन 17 सीरीज पर अपडेट इस बीच आईफोन 17 सीरीज पर भी बड़ा अपडेट आया है। रिपोर्ट के अनुसार, अपकमिंग आईफोन को पहले से ज्‍यादा प्राइस में लॉन्‍च किया जा सकता है। कहा ज रहा है कि अमेरिकी टैरिफ की वजह से कंपनी दाम बढ़ाने पर फैसला ले सकती है। फीचर्स की बात करें तो आईफोन 17 सीरीज के डिजाइन में बदलाव देखने को मिल सकता है। चिपसेट के लेवल पर कंपनी शायद कोई अपग्रेड ना दे। सैममोबाइल की एक रिपोर्ट में बताया जा चुका है कि आईफोन 17सीरीज में 50 वॉट की वायरलैस चार्जिंग ऑफर की जा सकती है।

बांदा का कालिंजर किला- जहां विष पीकर भी महादेव ने दी थी काल को मात, अब रिसॉर्ट-कैफेटेरिया संग नये रंग में नजर आएगा किला

बांदा  उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में स्थित ऐतिहासिक कालिंजर किला अब केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि एक विकसित पर्यटन गंतव्य के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध यह किला अब पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पूरी तरह तैयार हो रहा है, जहां अब ठहरने, खाने और घूमने की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ऐसी मान्यता है कि सतयुग से लेकर कलियुग तक हर दौर में यह किला मौजूद रहा है। पहाड़ी पर बसा अद्वितीय किला विंध्य पर्वतमाला की ऊँचाई पर लगभग चार वर्ग किलोमीटर में फैला कालिंजर किला अपनी मजबूत बनावट और रहस्यमय स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है। यहां स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर को भगवान शिव का निवास स्थल माना जाता है, जहां प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव ने विष का पान करने के बाद यहीं पर आराम किया था। किले में मौजूद अन्य दर्शनीय स्थलों में पातालगंगा, अमान सिंह महल, कोटितीर्थ, मंडूक भैरव और स्वर्गारोहण कुंड शामिल हैं। साथ ही यह स्थल चंदेल और बुंदेल राजवंशों की गौरवगाथा को समेटे हुए है। यह किला वीरांगना रानी दुर्गावती की जन्मस्थली के रूप में भी ऐतिहासिक महत्व रखता है। पर्यटन को मिलेगा नया आयाम अब तक पर्यटकों के लिए कालिंजर में ठहरने की उचित व्यवस्था नहीं थी, लेकिन पर्यटन विभाग द्वारा की जा रही नई पहल से यह कमी जल्द ही दूर हो जाएगी। चित्रकूट धाम मंडल के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि किले के पास ही एक टूरिज्म फैसिलिटी सेंटर, हाई क्लास कैफेटेरिया, रिसॉर्ट, और डॉरमेट्री सहित 20 कमरों वाला तीन मंजिला भवन बनाया जा रहा है। इसमें गार्ड व ड्राइवर रूम की सुविधा भी होगी। इससे न केवल पर्यटक अधिक समय यहां बिता सकेंगे, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। इसके साथ ही हाल ही में रानी दुर्गावती की विशाल प्रतिमा की स्थापना ने भी किले को नया आकर्षण प्रदान किया है। ईको टूरिज्म व्यू प्वाइंट से जुड़ेगा प्राकृतिक सौंदर्य कालिंजर भ्रमण के बाद पर्यटक अब पास के काकुन माता स्थल पर भी जा सकेंगे, जहां एक खूबसूरत ईको टूरिज्म व्यू प्वाइंट का निर्माण किया जा रहा है। उदई पुरवा (नहरी) में स्थित इस स्थल तक पहुंचने के लिए पहाड़ी मार्ग विकसित किया जा रहा है। नरैनी विधायक ओममणि वर्मा ने हाल ही में इन परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। जानकारी के अनुसार कालिंजर में पर्यटन सुविधा केंद्र पर 4.99 करोड़ और काकुन माता ईको टूरिज्म स्थल पर 1.80 रुपए करोड़ खर्च किए जाएंगे। बुंदेलखंड की संस्कृति से होगा साक्षात्कारकालिंजर के समीप खुले गुलमोहर नेचुरल रिसॉर्ट में पर्यटक बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय शिल्प और पारंपरिक खान-पान का अनुभव भी ले सकेंगे। इन सुविधाओं के चलते महोबा और खजुराहो जैसे लोकप्रिय स्थलों की यात्रा करने वाले सैलानियों के लिए कालिंजर भी एक अनिवार्य पड़ाव बनता जा रहा है। पहाड़ी पर बसा चमत्कारी किला, भगवान शिव से है नाता विंध्य पर्वतमाला की ऊंचाई पर लगभग चार वर्ग किलोमीटर में फैला यह किला अपनी भव्यता और मजबूती के लिए जाना जाता है. नीलकंठ महादेव मंदिर इस किले की सबसे बड़ी पहचान है, जहां भगवान शिव को निवास करते हुए माना जाता है. यहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. इसके अलावा किले में कई दर्शनीय स्थल हैं जैसे पातालगंगा, अमान सिंह महल, कोटितीर्थ, मंडूक भैरव, और स्वर्गारोहण कुण्ड, जो इसकी ऐतिहासिकता को और भी मजबूत करते हैं. यह किला चंदेल और बुंदेल वंश की विरासत समेटे हुए है और इसे रानी दुर्गावती की जन्मस्थली के रूप में भी जाना जाता है. अब पर्यटकों को मिलेगा ठहरने का इंतजाम अब तक पर्यटकों को कालिंजर में रुकने की सुविधा नहीं थी, लेकिन अब यह समस्या खत्म होने वाली है. चित्रकूट धाम मंडल के पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि पर्यटन विभाग यहां टूरिज्म फैसिलिटी सेंटर, कैफेटेरिया, रिसॉर्ट, और आवासीय सुविधाएं विकसित कर रहा है. इससे न सिर्फ पर्यटकों को यहां ज्यादा समय बिताने का मौका मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे. रानी दुर्गावती की प्रतिमा बनी नया आकर्षण हाल ही में कालिंजर किले के अंदर रानी दुर्गावती की एक भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जो पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बन चुकी है. इसके साथ ही किले के आसपास का क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है. पास ही में गुलमोहर नेचुरल रिसॉर्ट भी खोला गया है, जहां पर्यटक बुंदेलखंड की संस्कृति और विरासत से जुड़ी चीजें भी देख सकते हैं. कालिंजर कैसे पहुंचे? कालिंजर किला, बांदा से 55 किमी, चित्रकूट से 78 किमी, खजुराहो से 105 किमी और प्रयागराज से करीब 205 किमी दूर है. यहां तक आप बस, ट्रेन या निजी वाहन के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं. नजदीकी रेलवे स्टेशन बांदा है और सबसे नजदीकी हवाई अड्डा खजुराहो एयरपोर्ट है.

सूर्य-मित्र कृषि फीडर योजना के प्रमुख उद्देश्य म.प्र. पॉवर मैनेज़मेंट कंपनी लिमिटेड को कम दर पर विद्युत उपलब्ध कराना : मंत्री शुक्ला

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना से किसानों की ऊर्जा आवश्यकताएं होगी पूरी: मंत्री  शुक्ला सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट10 जून को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित होगी  सूर्य-मित्र कृषि फीडर योजना के प्रमुख उद्देश्य म.प्र. पॉवर मैनेज़मेंट कंपनी लिमिटेड को कम दर पर विद्युत उपलब्ध कराना : मंत्री  शुक्ला भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश अभूतपूर्व कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि इस दिशा में कुसुम “सी” योजना से अधिक से अधिक जोड़ने और उन्हें लाभान्वित करने के लिये “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट” 10 जून को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित होगी। उन्होंने बताया है कि ‘’सूर्य-मित्र कृषि फीडर योजना” के प्रमुख उद्देश्य म.प्र. पॉवर मैनेज़मेंट कंपनी लिमिटेड को कम दर पर विद्युत उपलब्ध कराना है। कृषकों की ऊर्जा आवश्यकताओं, मुख्य रूप से सिंचाई आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए, उनके करीब सौर ऊर्जा का उत्पादन कर, आय के अवसर उपलब्ध करवाते हुए, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना लागू की गयी है। समिट के मुख्य आकर्षण समिट में योजनांतर्गत सौर संयंत्रों की स्थापना के लिये जारी की जाने वाली निविदा की जानकारी दी जाएगी। समिट में शासकीय संस्थाओं द्वारा अपनायी जाने वाली स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया की जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी जाएंगी। इसमें बैंकों एवं इनवर्टर निर्माताओं से परियोजनाओं की वित्तीय एवं तकनीकी व्यवस्थाओं पर भी चर्चा होगी। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना की मुख्य विशेषताएं सूर्य मित्र कृषि फीडर योजनातर्गत कुसुम “सी” में सब-स्टेशन की 100 प्रतिशत क्षमता तक की परियोजनाओं की स्थापना में केन्द्रीय अनुदान का लाभ लेने का विकल्प भी प्रदान किया जा रहा है। योजना में 1900 से अधिक विद्युत सब-स्टेशन एवं 14500 मेगावॉट क्षमता, सौर परियोजनाओं के चयन हेतु उपलब्ध कराये गये है। इस योजना में रिएक्टिव पॉवर प्रबंधन से अतिरिक्त आय होगी। इसमें स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोज़गार सृजन के उचित अवसर मिलेंगे। योजना में वित्त पोषण की सुगमता के लिए बैंकों से समन्वय किया जायेगा। साथ ही परियाजनाओं में एआईएफ के तहत 7 वर्षों तक 3 प्रतिशत ब्याज में छूट मिलेगी।  

UGC के नए नियम से छात्रों को फायदा, मान्य होंगी पहले से हासिल एक साथ दो डिग्रियां

नई दिल्ली  यूजीसी ने लाखों छात्रों को बड़ी राहत देते हुए एक समय में दो डिग्रियां प्राप्त करने की बाध्यता खत्म कर दी है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियम में संशोधन करने के बाद एक ही शैक्षणिक सत्र में प्राप्त दोनों डिग्रियां मान्य होंगी, चाहे वे रेगुलर या डिस्टेंस मोड में हों. यह नियम 2022 से पहले प्राप्त एक साथ डिग्रियों पर भी लागू होगा. यूजीसी का नया दिशानिर्देश यूजीसी ने 2025 में अपने दिशानिर्देशों में संशोधन करते हुए घोषणा की कि एक ही शैक्षणिक सत्र में ली गई दो डिग्रियां अब पूरी तरह मान्य होंगी. पहले, एक रेगुलर और एक डिस्टेंस डिग्री को एक साथ लेने की वैधता पर कन्फ्यूजन था और कई मामलों में इसे मान्यता नहीं दी जाती थी. इस फैसले से उन छात्रों को विशेष लाभ होगा, जो एक साथ दो शैक्षणिक कार्यक्रमों को पूरा करना चाहते हैं. केवल इन छात्रों को मिलेगा डुअल डिग्री का फायदा नए नियम के अनुसार, छात्र दोनों डिग्रियां रेगुलर मोड में, बशर्ते कक्षाओं का समय न टकराए या एक डिग्री रेगुलर मोड में और दूसरी ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) या ऑनलाइन मोड में या दोनों डिग्रियां डिस्टेंस या ऑनलाइन मोड में हासिल कर सकते हैं. हालांकि यह नियम डिप्लोमा, ग्रेजुएशन (UG) और पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) पर लागू है, लेकिन पीएचडी और एमफिल कार्यक्रमों पर लागू नहीं है. पहले के यूजीसी नियम पहले यूजीसी के नियम सख्त थे और एक साथ दो डिग्रियों को लेकर स्पष्टता की कमी थी. यूजीसी ने 2012 में एक समिति गठित की थी, जिसने सुझाव दिया कि एक रेगुलर डिग्री के साथ केवल एक अतिरिक्त डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स को डिस्टेंस मोड में लिया जा सकता है. दो रेगुलर डिग्रियों को एक साथ लेने की अनुमति नहीं थी, क्योंकि इससे प्रशासनिक और शैक्षणिक समस्याएं हो सकती थीं.   2020 में यूजीसी ने पहली बार अनुमति दी कि एक रेगुलर डिग्री के साथ एक डिग्री डिस्टेंस या ऑनलाइन मोड में ली जा सकती है. हालांकि, दोनों डिग्रियों को रेगुलर मोड में लेने की अनुमति नहीं थी.   फिर 2022 में यूजीसी ने NEP 2020 के तहत नियमों में ढील दी और छात्रों को दो रेगुलर डिग्रियां एक साथ लेने की अनुमति दी, बशर्ते कक्षाओं का समय न टकराए. लेकिन उस समय तक यह स्पष्ट नहीं था कि 2022 से पहले ली गई दो डिग्रियां मान्य होंगी या नहीं.   पहले की डिग्रियों को मान्यता नए दिशानिर्देशों ने पहले की एक साथ प्राप्त की दो डिग्रियों को मान्यता देने का महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. अब 2022 से पहले एक रेगुलर और एक डिस्टेंस डिग्री लेने वाले छात्रों की डिग्रियां अब वैध मानी जाएंगी. यह उन लोगों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें नौकरी या आगे की पढ़ाई में मान्यता को लेकर परेशानी हो रही थी.   यूजीसी का यह नया दिशानिर्देश भारतीय उच्च शिक्षा में एक क्रांतिकारी कदम है, जो छात्रों को अपनी शैक्षणिक और करियर को हासिल करने में मदद करेगा. 2022 से पहले की डिग्रियों को मान्यता देने का फैसला बहुत बड़ी राहत है. अधिक जानकारी के लिए, छात्र यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट ugc.ac.in पर जा सकते हैं.  

इंग्लैंड में विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल का शानदार फॉर्म जारी, कटेगा पंत का पत्ता!

नई दिल्ली  भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 20 जून से इंग्लैंड के हेडिंग्ले कार्नेगी में खेला जाएगा। इस सीरीज के लिए टीम इंडिया इंग्लैंड पहुंच गई है। यह सीरीज भारतीय टीम के लिए बेहद खास होने वाली दरअसल टीम इंडिया के सीनियर खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा ने इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, ऐसे में युवा खिलाड़ियों को इस सीरीज में मौका मिला है। शुभमन गिला टीम इंडिया ने कप्तान बनाए गए हैं। वहीं ऋषभ पंत टीम इंडिया ने उपकप्तान हैं। इसी बीच एक खिलाड़ी ऋषभ पंत के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि इंग्लैंड दौरे पर गए ध्रुव जुरेल हैं। इंग्लैंड में कटेगा पंत का पत्ता! टीम इंडिया के नए उपकप्तान ऋषभ पंत पिछले कुछ समय से खास फॉर्म में नहीं हैं। पंत ने आईपीएल के दौरान भी बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया था। हालांकि अपने आखिरी लीग मुकाबले में पंत ने शतक जरूर जड़ा था, लेकिन यह शतक कोई खास मायने नहीं रखता। इंग्लैंड का दौरा ऋषभ पंत के लिए कड़ी चुनौतियां लेकर आएगा। यह तो जाहिर सी बात है कि पंत टीम इंडिया के उपकप्तान ऐसे में शुरुआती टेस्ट मुकाबलों में उन्हें प्लेइंग 11 से बाहर रखना टीम सेलेक्शन में सवाल खड़े कर देगा, लेकिन पंत अगर शुरुआती टेस्ट मुकाबलों में कुछ खास कमाल नहीं कर पाते हैं तो उन्हें प्लेइंग 11 से बाहर किया जा सकता है और ध्रुव जुरेल उन्हें रिप्लेस कर सकते हैं। शानदार फॉर्म में जुरेल जुरेल टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल हैं और वह अभी इंग्लैंड में अनऑफिशियल टेस्ट मैच खेल रहे हैं। जहां उन्होंने तीन पारियों में तीन 50+ का स्कोर बनाया है। उनके नाम 199 रन हो गए हैं। इससे यह तो साफ है कि जुरेल शानदार फॉर्म में हैं और टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर को काफी अच्छे से संभाल सकते हैं। पंत अगर पहले दो टेस्ट मैचों में अच्छे रन नहीं बनाते हैं को टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर, ऋषभ पंत को प्लेइंग 11 से बाहर कर सकते हैं। जुरेल के बल्ले से बरस रहे हैं रन इंग्लैंड लायंस के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में इंडिया ए के विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल का शानदार फॉर्म जारी रहा और उन्होंने अर्धशतकीय पारी खेली। ये दो मैचों की अनाधिकारिक टेस्ट मैच में ये ध्रुव जुरेल का लगातार तीसरा अर्धशतक रहा। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच की दोनों पारियों में भी अर्धशतक लगाया था और अब दूसरे टेस्ट की पहली पारी में भी यही कमाल किया। ध्रुव जुरेल ने लगाया अर्धशतक इंग्लैंड लायंस के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में ध्रुव जुरेल ने काफी अच्छी बल्लेबाजी की और 87 गेंदों पर 7 चौकों की मदद से 52 रन की पारी खेली और चौथे विकेट के लिए केएल राहुल के साथ मिलकर 121 रन की बेहतरीन शतकीय साझेदारी की। ध्रुव जुरेल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम में दूसरे विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं। उन्होंने जिस तरह से इंग्लैंड लायंस के खिलाफ अब तक बैटिंग की है उसके दम पर उन्होंने प्लेइंग इलेवन में अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। ध्रुव जुरेल ने दो अनाधिकारिक टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच की पहली पारी में 94 रन की शानदार पारी खेली थी और अपने शतक से सिर्फ 6 रन से चूक गए थे। इसके बाद पहले मैच की दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 53 रन की पारी खेली थी। पहला मैच दोनों टीमों के बीच ड्रॉ पर खत्म हुआ था। ध्रुव जुरेल का ये फॉर्म इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले टेस्ट मैच सीरीज के दौरान काफी काम आएगा। अगर उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है तो वो इसका लाभ उठा सकते हैं क्योंकि वो इंग्लैंड के कंडीशन में काफी हद तक खुल को ढाल चुके हैं। केएल राहुल ने बनाए 116 रन वहीं दूसरे मैच की पहली पारी की बात करें तो इसमें केएल राहुल ने भारत के लिए शानदार 116 रन की पारी खेली जबकि यशस्वी जायसवाल ने 17 तो वहीं अभिमन्यु ईश्वरन ने 11 रन की पारी खेली। इसके अलावा भारत के लिए करुण नायर ने 40 रन बनाए। करुण नायर ने पहले टेस्ट मैच में भारत के लिए दोहरा शतक लगाया था। Dhruv Jurel ने लगाई स्पेशल हैट्रिक आपको बता दें कि ध्रुव जुरेल (Dhruv Jurel) ने 30 मई को इंग्लैंड लायंस के खिलाफ मैच में भी यह कमाल किया था। तब उन्होंने दोनों पारियों में रन बनाए थे। पहली पारी में उनके बल्ले से 94 रन निकले थे। इसके बाद दूसरी पारी में भी उन्होंने अर्धशतक (53 गेंदों में 53 रन) लगाया था। इसके बाद दूसरे मैच में भी उनका यही प्रदर्शन जारी है। दूसरे मैच की पहली पारी में उन्होंने इंग्लिश गेंदबाजों को परेशान किया और 87 गेंदों का सामना करते हुए 52 रन बनाए। इसके साथ ही उन्होंने 7 चौके भी लगाए।

चंदन नगर से कालानी नगर लिंक रोड पर मार्किंग के लिए बिछेगी सेंटर लाइन, 60 फीट चौड़ी सडक़ बनाने की तैयारी

 इंदौर चंदन नगर से कालानी नगर तक बनने वाली लिंक रोड की चौड़ाई को लेकर नया विवाद उत्पन्न हो गया है। नगर निगम इस सड़क की चौड़ाई 60 फीट रखना चाहता है, जबकि रहवासी इसे 40 फीट करने पर अड़े हुए हैं। निगम का तर्क है कि यह सड़क चंदन नगर और एयरपोर्ट रोड के ट्रैफिक को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, इसलिए इसकी चौड़ाई 60 फीट रखना आवश्यक है। दूसरी ओर, रहवासियों का कहना है कि वर्तमान में यह सड़क कहीं 20 तो कहीं 25 फीट चौड़ी है। यदि इसे 60 फीट करने के बजाय 40 फीट किया जाए, तो कई मकान टूटने से बचाए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना की टीम ने शुक्रवार को क्षेत्र का दौरा किया। टीम तैयार कर रही प्रभावित मकानों की लिस्ट टीम उन लोगों की सूची तैयार कर रही है, जिनके मकान सड़क की चौड़ाई 60 फीट रखने की स्थिति में प्रभावित हो रहे हैं। निगम ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए फ्लैट आवंटित करने के लिए तैयार है, लेकिन रहवासी सड़क की चौड़ाई कम करने की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि उन्हें विस्थापित किया गया, तो उनके सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो जाएगा। रहवासी ईद के बाद कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मिलकर सड़क की चौड़ाई कम करने की मांग करेंगे। महापौर परिषद की मिल चुकी है स्वीकृति निगम चंदन नगर से एयरपोर्ट के लिए सीधी कनेक्टिविटी के लिए 60 फीट चौड़ी लिंक रोड बनाने की योजना बना रहा है। महापौर परिषद सम्मेलन में इस पर स्वीकृति भी मिल चुकी है। यह सड़क चंदन नगर चौराहा से नगीन नगर, नंदन नगर और कालानी नगर होते हुए एयरपोर्ट रोड तक बनाई जाएगी। कालानी नगर का हिस्सा पहले से बना हुआ है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि नंदन नगर तक कुछ मकान चौड़ीकरण में प्रभावित हो रहे हैं। जिन लोगों के मकान पूरी तरह से जा रहे हैं, उन्हें पीएम योजना में आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। हवासी माने और टीम ने दोबारा पहुंचकर मार्किंग शुरू की। प्रस्तावित सड़क का रूट अब नंदन नगर और मोहता बाग होते हुए कालानी नगर तक तय किया गया है। पहले यह लिंक रोड एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए बनाई जानी थी, लेकिन 1600 से अधिक बाधक सामने आने के कारण रूट में बदलाव किया गया। नगर निगम के मुताबिक, इस निर्माण कार्य के तहत चंदन नगर क्षेत्र में लगभग 150 से 200 मकान प्रभावित होंगे। महापौर परिषद की हालिया बैठक में इस सड़क के निर्माण को मंजूरी दी गई थी। इसके लिए 25 करोड़ रुपए के टेंडर स्वीकृत किए गए हैं। सोमवार को जहां विरोध के चलते सर्वे और सेंट्रल लाइन का काम रोकना पड़ा था, वहीं निगमायुक्त के हस्तक्षेप और पुनर्वास के आश्वासन के बाद मंगलवार को यह कार्य दोबारा शुरू किया गया। आसान नहीं होगी शिफ्टिंग पार्षद पति रफीक खान का कहना है कि यह शिफ्टिंग आसान नहीं होगी। कोई घर के बाहर पंचर की दुकान चला रहा है, तो कोई चाय की। ऐसे में यदि इन्हें शिफ्ट किया गया, तो उनके व्यवसाय का क्या होगा? चौड़ाई 60 के बजाय 40 फीट कर दी जाए, तो अधिकांश मकान टूटने से बच जाएंगे। निश्शुल्क देने होंगे आवास नगर निगम को प्रधानमंत्री आवास निश्शुल्क प्रदान करने होंगे। कुछ सप्ताह पहले ही मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इस संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश दिए थे। कोर्ट ने आरई-2 की जद में आ रहे लीजधारकों को निश्शुल्क आवास उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। आयुक्त ने की सुलझाने की कोशिश इस घटनाक्रम के बाद नगर निगम के आयुक्त शिवम वर्मा द्वारा इस मामले को सुलझाने की कोशिश की गई। उन्होंने कांग्रेस पार्षद रफीक खान से चर्चा की और फिर उन्हें नगर निगम में बुलवाकर अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर के साथ उनकी मीटिंग कराई गई। इस मीटिंग में फैसला लिया गया कि पहले सर्वे करके यह देख लिया जाए कि कितने मकान का कितना हिस्सा सडक़ के कारण तोडऩा पड़ेगा। जब यह आंकड़े सामने आ जाएंगे, तब व्यवस्थापन के बारे में फैसला लिया जाएगा। इस पर कांग्रेस पार्षद भी सहमत थे। अब आज से नगर निगम की टीम द्वारा चंदन नगर क्षेत्र में सर्वे की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। जिनके मकान पूरे टूटेंगे उन्हें कितने फ्लैट देने होंगे     सेंट्रल लाइन डालने के बाद मकानों पर निशान भी लगा दिए गए हैं। सड़क की चौड़ाई 60 फीट रखने की स्थिति में जिन लोगों के मकान पूरी तरह टूट रहे हैं, उनके परिवार का सर्वे चल रहा है। पता लगाया जा रहा है कि कितने फ्लैट देने होंगे और कहां दिए जा सकते हैं। रहवासी चौड़ाई कम करने की मांग कर रहे हैं, हालांकि इस संबंध में अब तक कोई निर्देश नहीं मिले हैं। – डीआर लोधी, अधीक्षण यंत्री नगर निगम इंदौर  

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