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11 जून 2025 बुधवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि आज मेष राशि के जातकों आपको सेल्फ केयर पर फोकस करना चाहिए। करियर तौर पर मोटिवेटेड और प्रोडक्टिव फील करेंगे। माता पिता के साथ समय बिताना अच्छा रहेगा। आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। आपके अंदर हर परिस्थिति को पार करने की क्षमता है। वृषभ राशि के लोगों आर्थिक स्थिति आज गड़बड़ा सकती है। आपको काम करते दौरान समय-समय पर ब्रेक लेना चाहिए। अपने बॉस के साथ आज आपको डिप्लोमेटिक तरीके से चीजों को आगे बढ़ाना चाहिए। मिथुन राशि के जातकों आज वर्क लाइफ बैलेंस मेन्टेन करें। करियर में स्ट्रैटिजी के साथ आगे बढ़ें। आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहने वाली है। तनाव से बचने के लिए स्किन केयर करें। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। कर्क राशि के जातकों आज का दिन थोड़ा बिजी फील होगा। आज आप काफी मोटिवेटेड फील करेंगे। लव लाइफ में नोक-झोक से बचना बेहतर रहेगा। हेल्दी महसूस करेंगे। जीवन की चुनौतियों को हंस कर पार करें। लेकिन खुद को हाइड्रेटेड रखना न भूलें। सिंह राशि के लोगों आज का दिन आपके लिए काफी लकी रहने वाला है। धन वृद्धि के योग बन रहे हैं। बिजनेस करने वालों की किस्मत साथ देगी। अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डिनर पर जाने का प्लान करें। आज आपको जंक फूड्स से दूरी बनानी चाहिए। कन्या राशि के जातकों आज लव के मामले में दिन अच्छा माना जा रहा है। वहीं, हेल्थ पर भी फोकस करने की जरूरत है। आज आप प्रोडक्टिव महसूस कर सकते हैं। आज काम पर फोकस करने की सलाह दी जाती है। आज की एनर्जी को फील करें। तुला राशि के जातकों आज सिंगल लोगों की मुलाकात किसी स्पेशल से हो सकती है। काम का प्रेशर ज्यादा फील हो तो कुछ देर के लिए ब्रेक लें। जल्दबाजी में आकर खर्च करने से बचें। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे। दिन रोमांटिक रहने वाला है। वृश्चिक राशि वाले आज थोड़ा इमोशनल फील कर सकते हैं। हेल्थ पर नजर रखें। अपनी हॉबी को समय दें। आज का दिन ठीक-ठाक रहने वाला है। आज आपकी करियर लाइफ थोड़ी गड़बड़ा सकती है। साथ ही आज आपको निवेश करते दौरान बेहद सावधान रहना चाहिए। धनु राशि के जातकों आज तनाव दूर करने के लिए पसंदीदा म्यूजिक सुन सकते हैं। ऑफिस का प्रेशर घर लेकर न आना ही बेहतर है। वहीं, इन्वेस्टमेंट करना आज लाभदायक नहीं रहेगा। आज पॉजिटिव रहने की सलाह दी जाती है। मकर राशि वालों आज के दिन फाइनेंशियल तौर पर आपको कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आज किसी भी तरह का लेन-देन करते समय सतर्क रहें। अपनी डाइट को हेल्दी रखें। अपनी फीलिंग्स को पार्टनर के साथ शेयर करना अच्छा रहता है, जिससे गलतफहमी पैदा नहीं होती। कुंभ राशि के लोगों आज अपने सपनों की ओर कदम बढ़ाने के लिए तैयार हो जाएं। फिट और हेल्दी बॉडी के लिए रेगुलर एक्सरसाइज करना जरूरी है। अपनी सेहत पर ध्यान दें। लव लाइफ में उतार-चढ़ाव रहेगा। मीन राशि के जातकों आज जीवन में थोड़ी-बहुत हलचल रहेगी। कोई गुड न्यूज आपको मिल सकती है। आर्थिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। आज खर्च करते वक्त आपको सावधानी बरतनी जरूरी है। तनाव ज्यादा लेने से बचें।  

अब बहराइच में गाजी का नहीं महाराजा सुहेलदेव और मां पाटेश्वरी का मेला लगेगा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बहराइच  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में 1243 करोड़ से 384 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया और कहा कि अब बहराइच में गाजी का नहीं महाराजा सुहेलदेव व मंडल में मां पाटेश्वरी का मेला लगेगा। बहराइच के चित्तौरा झील के तट पर आयोजित महाराजा सुहेलदेव विजयोत्सव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराजा सुहेलदेव के पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि अब कहीं भी किसी विदेशी आक्रांता का महिमा मंडन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बहराइच में गाजी का नहीं महाराजा सुहेलदेव का और मंडल में मां पाटेश्वरी का मेला लगेगा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अपने हेलीकॉप्टर से चित्तौरा झील के तट पर पहुंचे और 1243 करोड़ की 384 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के साथ ही पांच बच्चों का अन्नप्राशन कराकर तथा महाराजा सुहेलदेव के नाम पर उनका नामकरण कराकर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत के मठ मंदिरों को लूटकर भारतीय संस्कृति को नष्ट करने का मंसूबा लेकर आया सैयद सालार मसूद गाजी को महाराजा सुहेलदेव ने अपनी कूटनीति तथा युद्धनीति से जहन्नुम में पहुंचा दिया। उन्होंने सपा, बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन राजनीतिक दलों ने सत्ता में रहते हुए धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा करने वाले महाराजा सुहेलदेव के पराक्रम को भुलाकर विदेशी आक्रांता को महिमा मंडित कर हर वर्ष उनका विवाह कराते थे। यह सब तुष्टीकरण की नीति के तहत किया जा रहा था। इसके बाद जब से देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई तभी से गुजरात में भारतीय गणराज्य में देशी रियासतों को मिलाने वाले महापुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की विश्व की लंबी प्रतिमा स्थापित कर उनके योगदान का सम्मान किया। उसके बाद राम मंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या में राम दरबार सज गया। अयोध्या, मथुरा, काशी तथा नैमिषारण्य का सुंदरीकरण कराया गया और अब आज ही के दिन 10 जून 1034 को विदेशी आक्रांता को धूल चटाने वाले महापराक्रमी चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव के विजयोत्सव पर उनकी 17 फुट ऊंची और चालीस फिट लंबी प्रतिमा की स्थापना करने के साथ आजमगढ़ में निर्मित विश्वविद्यालय का नाम महाराजा सुहेलदेव के नाम पर रखा गया। महाराजा सुहेलदेव पर शोध करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करने की योजना शुरू की गई है।  मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव विजयोत्सव में दशकों से अपनी भूमिका निभाने वाले दिवंगत पंडित हनुमान शर्मा, पंडित गुलाब चंद शुक्ल,विहिप के पूर्व अध्यक्ष संतराम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अन्य सहयोगी मुकुट बिहारी वर्मा, सुरेश्वर सिंह, अक्षयवर लाल गोंड, अर्जुन कुमार दिलीप तथा श्यामकरन टेकड़ीवाल आदि के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, पर्यटन मंत्री तथा कार्यक्रम के आयोजक जयवीर सिंह, सांसद डा. आनंद कुमार गोंड, सदर विधायक अनुपमा जायसवाल, पयागपुर के विधायक सुभाष त्रिपाठी, महसी के सुरेश्वर सिंह, नानपारा के राम निवास वर्मा बलहा की सरोज सोनकर, एमएलसी पद्मसेन चौधरी व डा. प्रज्ञा त्रिपाठी पूर्व मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा तथा जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह आदि ने संबोधित किया। 

पहलगाम के लोग अमरनाथ यात्रियों का स्वागत करते आए हैं और यह परंपरा ईमानदारी के साथ जारी रहेगी: महबूबा मुफ्ती

श्रीनगर अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा कश्मीर के लोगों की जिम्मेदारी है। महबूबा मुफ्ती ने अगले महीने शुरू होने वाली यात्रा से पहले दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम पर्यटन स्थल पर विभिन्न हितधारकों और पीडीपी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक को संबोधित करते हुए मुफ्ती ने कहा, “यात्रियों की सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है। यात्रा और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हर नागरिक की है। पुलिस और सुरक्षा बलों से ज्यादा आपको उनकी सुरक्षा करनी है।” ‘पहलगाम के लोगों को यात्रा सुरक्षित करना होगा’ पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के उन कार्यकर्ताओं को बुलाया है जो यात्रा के मार्ग पर रहते हैं और उनसे तीर्थयात्रा की सुरक्षा करने को कहा है। महबूबा मुफ्ती ने कहा, “मैंने उनसे कहा कि पहलगाम के लोगों को यात्रा को सुरक्षित करना होगा ताकि यह अच्छी तरह से संपन्न हो और पर्यटकों में विश्वास बहाल हो, जिससे पर्यटन फिर से शुरू हो जाएगा।” अमरनाथ आने वाले यात्रियों से की ये अपील महबूबा ने कहा कि कश्मीर और खासकर पहलगाम के लोग सदियों से अमरनाथ यात्रियों का स्वागत करते आए हैं और यह परंपरा उसी भावना और ईमानदारी के साथ जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि अमरनाथ यात्री आएं। जिस तरह से कश्मीर के लोग सदियों से उनका स्वागत करते आए हैं, ईश्वर की इच्छा से इस साल भी उनका स्वागत किया जाएगा। उनकी अच्छी तरह से सेवा की जाएगी और वे सुरक्षित और स्वस्थ अपने घरों को लौटेंगे। घाटी में पर्यटन ठप- महबूबा मुफ्ती मुफ्ती ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद स्थिति बदल गई और घाटी में पर्यटन ठप हो गया। हजारों टट्टूवाले, होटल व्यवसायी, दुकानदार और टैक्सी और ऑटो चालक परेशान हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने बैंकों से कर्ज लिया है और वे संकट में हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और चुनी हुई सरकार से पहलगाम में चंदनवारी, अरु और बीताब घाटी जैसे पार्कों को फिर से खोलने की अपील की, ताकि पर्यटक इन जगहों पर जा सकें और होटल व्यवसायियों और टट्टूवालों को अपनी आजीविका कमाने में मदद मिल सके। पीडीपी प्रमुख ने सरकार से आम लोगों को परेशान न करने की अपील की। ​​उन्होंने कहा, “मैं सरकार से अपील करती हूं कि टट्टूवालों को सुनवाई के लिए श्रीनगर या पहलगाम बुलाना बंद करें। उनके साथ ऐसा न करें। अगर आपको आतंकवादियों से लड़ना है, तो वैसा करें, लेकिन आम लोगों को परेशान न करें। अगर आप आम लोगों को परेशान करेंगे या उन्हें अपना दुश्मन बना लेंगे, तो इसके अच्छे परिणाम नहीं होंगे।”

दिल्ली सरकार अब प्राइवेट स्कूलों में फीस वृद्धि पर लगाई गी रोक, अध्यादेश के जरिए पास किया नया बिल

नई दिल्ली  फिलहाल इस बिल को अध्यादेश के तौर पर मंजूरी दे दी गई है। बता दें कि सरकार अब अध्यादेश के जरिये प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ाने पर रोक लगाएगी।  मंगलवार को दिल्ली सरकार की आठवीं बैठक हुई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025 को कैबिनेट ने पास कर दिया है। अब बिल को उपराज्यपाल और फिर राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। इनके हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन जाएगा।  फिलहाल इस बिल को अध्यादेश के तौर पर मंजूरी दे दी गई है। बता दें कि सरकार अब अध्यादेश के जरिये प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ाने पर रोक लगाएगी। यह नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा। इस फैसले से दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता के लिए राहत मिलेगी।  

एसीबी ने केसलीकला के पटवारी उत्तम कुर्रे को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार

मुंगेली 10 जून 2025 को छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने केसलीकला के पटवारी उत्तम कुर्रे को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई पटवारी के सुरीघाट स्थित कार्यालय में की गई। उत्तम कुर्रे पर रिकॉर्ड सुधार और दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है। यह मुंगेली जिले में छह महीने में एसीबी की चौथी बड़ी कार्रवाई है।   रिश्वत की मांग करने पर की शिकायत 30 मई 2025 को बिलासपुर जिले के बोदरी नगर पंचायत निवासी टोप सिंह अनुरागी ने एसीबी इकाई बिलासपुर में शिकायत दर्ज की। उन्होंने बताया कि उनके और उनके भाई-बहनों के नाम पर ग्राम केसलीकला, मुंगेली में 1.43 एकड़ जमीन है। रिकॉर्ड में उनका नाम टोप सिंह के बजाय तोप सिंह दर्ज है। उनकी बहन के नाम के आगे पिता के स्थान पर पति का नाम गलत लिखा है। इस सुधार और जमीन का नक्शा, खसरा, बी-वन प्राप्त करने के लिए टोप सिंह ने पटवारी उत्तम कुर्रे से संपर्क किया। उत्तम कुर्रे ने काम कराने के लिए 25,000 रुपये रिश्वत की मांग की। टोप सिंह रिश्वत नहीं देना चाहते थे। उन्होंने एसीबी से शिकायत की। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने पाया कि आरोप सही हैं। इसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। 10 जून को टोप सिंह को 25,000 रुपये की रिश्वत राशि लेकर पटवारी उत्तम कुर्रे के पास भेजा गया। जैसे ही पटवारी ने अपने सुरीघाट, मुंगेली स्थित कार्यालय में रिश्वत ली, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की रकम जब्त की गई। उत्तम कुर्रे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई शुरू की गई। उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। मुंगेली में भ्रष्टाचार पर नकेल मुंगेली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की यह चौथी कार्रवाई है। इससे पहले प्राचार्य मालिक राम मेहर, बाबू हनी शर्मा, राजस्व निरीक्षक नरेश साहू, पटवारी सुशील जायसवाल और सहायक उपनिरीक्षक राजाराम साहू के खिलाफ भी रिश्वत के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। एसीबी ने संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

जनसुनवाई में 126 आवेदन प्राप्त हुए, कलेक्टर ने सुनी आवेदकों की समस्याएं

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को जिले से जनसुनवाई में आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान अनेक समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया गया। जनसुनवाई में आए नागरिकों से 126 आवेदन प्राप्त हुए एवं कुछ प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया। इस मौके पर एडीएम श्री भूपेन्द्र गोयल, श्री अंकुर मेश्राम, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती इला तिवारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।   कलेक्टर श्री सिंह ने जनसुनवाई में आए हर एक आवेदक से धैर्यपूर्वक उनकी समस्याओं पर चर्चा की और उन्हें उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन भी दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को नागरिकों से प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशील रूख अपनाते हुए निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवेदकों की समस्याओं पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

मुठभेड़ में 76 लाख के पांच माओवादी सहित 7 माओवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया

बीजापुर पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर सुंदरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप, पुलिस उप महानिरीक्षक ऑप्स केरिपु- देवेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर- डा. जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक एसटीएफ- त्रिलोक बसंल, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय द्वारा नेशनल पार्क एरिया में संचालित अभियान के सबंध में जानकारी देते हुए बताया कि – छत्तीसगढ़ के नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा एक संयुक्त माओवादी विरोधी अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं: संवेदनशील क्षेत्रों में नए सुरक्षा शिविर स्थापित करना, स्थानीय आबादी के लिए समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए माओवादी प्रभावित जिलों में राज्य विकास योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन और माओवादियों के सशस्त्र दस्तों और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई शुरू करना। परिणामस्वरूप, सुरक्षा बलों ने माओवादी संरचनाओं को भारी नुकसान पहुँचाया है, जिससे उनके प्रभाव वाले क्षेत्र काफी कमज़ोर हो गए हैं। विश्वसनीय सूचना में केंद्रीय समिति सदस्य गौतम उर्फ सुधाकर, तेलंगाना राज्य समिति सदस्य बंडी प्रकाश, भास्कर राव, दंडकारण्य स्पेशल जोनल समिति सदस्य पापा राव और कुछ अन्य सशस्त्र माओवादी कैडरों की क्षेत्र में उपस्थिति की पुष्टि की गई थी। सूचना के आधार पर माओवादियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही के लिए संयुक्त टीम 5 जून 25 को रवाना हुईं। तलाशी अभियान के दौरान 5 म़़ई 25 की सुबह, माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई में, सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन को बहादुरी और कुशलता से जवाब दिया। परिणामस्वरूप मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने CCM गौतम ऊर्फ सुधाकर का शव और एक AK-47 रायफल बरामद की। गौतम एक कुख्यात माओवादी नेता था, जो कई हिंसक घटनाओं के लिए जिम्मेदार था, जिनमें कई निर्दोष आदिवासी नागरिकों की मृत्यु और सुरक्षा बलों के जवानों की शहादत हुई। इसके अतिरिक्त, माओवादी वैचारिक प्रशिक्षण समिति (RePOS) का प्रभारी होने के नाते, गौतम युवाओं को हिंसक और राष्ट्रविरोधी विचारधारा के ज़रिए गुमराह करने में भी सक्रिय था। 6 जून 25 को माओवादियों के साथ हुए मुठभेड़ में तेलंगाना स्टेट कमेटी सदस्य SZC भास्कर राव सहित 4 माओवादी एवं 7 जून 25 को 2 माओवादियों को मार गिराया गया । घटनास्थल के सर्च पर 1 एके-47 रायफल, 1-.303 रायफल, 1-315 बोर रायफल,2 – बीजीएल लांचर, 1-12 बोर देशी कटटा, भारी मात्रा में विस्फोटक, गोला बारूद एवं नक्सल सामग्री बरामद किया गया।मारे गये माओवादियों में 5 माओवादियों की शिनाख्त पूर्ण हुई है। शेष माओवादियों की शिनाख्तगी कार्यवाही जारी है ।

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ के माध्यम से ‘जन मन सर्वेक्षण’ की घोषणा की, राष्ट्रीय मुद्दों पर जनता की राय जानने के लिए भागीदारी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की सेवा में 11 साल पूरे होने के अवसर पर, ‘नरेंद्र मोदी ऐप’ (नमो ऐप) ने एक खास सर्वे शुरू किया गया है जिसका नाम है – जन मन सर्वेक्षण। यह सर्वे शुरू होते ही पूरे देश से लोगों की जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली है। सिर्फ एक दिन में ही 5 लाख से ज्यादा लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। यह अनूठा सर्वेक्षण लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करने के लिए बनाया गया है, जिससे उन्हें प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों और सरकारी पहलों पर अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ के माध्यम से ‘जन मन सर्वेक्षण’ की घोषणा की है। यह लोगों को सरकार के साथ सीधे अपनी प्रतिक्रिया और राय साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह ऑनलाइन सर्वे यह सुनिश्चित करता है कि देश के हर कोने से लोगों की आवाज सुनी जाए और आने वाली नीतियों में उनकी राय को महत्व मिले। ‘जन मन सर्वेक्षण’ में भाग लेना बहुत आसान है। यह नमो ऐप पर पोस्ट किया गया है। यह सर्वे भारतीय नागरिकों को राष्ट्रीय सुरक्षा और शासन से लेकर सांस्कृतिक गौरव और युवा विकास तक कई विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने की आजादी देता है। लॉन्च के बाद से 26 घंटों में 500,000 से अधिक प्रतिक्रियाओं के साथ, यह सर्वेक्षण जनता के साथ सीधे और सार्थक तरीके से जुड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में उभरा है। इसके अलावा, ऐप में एक दूसरा बैनर भी है जो पिछले 11 सालों में सरकार की उपलब्धियों को दिखाता है। वहां से भी सर्वे तक पहुंचा जा सकता है। इस सर्वे में पूरे देश से बड़ी संख्या में लोग हिस्सा ले रहे हैं। अब तक सबसे ज़्यादा जवाब उत्तर प्रदेश से आए हैं। खास बात यह है कि 77 प्रतिशत से अधिक लोगों ने पूरा सर्वे पूरा किया है, जो यह दिखाता है कि लोग इसमें कितनी रुचि ले रहे हैं और देश के भविष्य में अपना योगदान देना चाहते हैं। प्रतिक्रिया संख्या के अनुसार टॉप प्रदर्शन करने वाले राज्य और निर्वाचन क्षेत्र इस प्रकार रहे- 1. उत्तर प्रदेश – 1,41,150 प्रतिक्रियाएं 2. महाराष्ट्र – 65,775 प्रतिक्रियाएं 3. तमिलनाडु – 62,580 प्रतिक्रियाएं 4. गुजरात – 43,590 प्रतिक्रियाएं 5. हरियाणा – 29,985 प्रतिक्रियाएं सर्वेक्षण में भाग लेने के लिए, नागरिक दो अलग-अलग तरीकों से नमो ऐप के माध्यम से आसानी से इसका उपयोग कर सकते हैं: 1. नमो ऐप के होम पेज : जैसे ही ऐप खोलेंगे, होमपेज पर एक बैनर दिखेगा, जिस पर क्लिक करके आप सीधे सर्वे में जा सकते हैं। 2. सीधा लिंक: अगर आप चाहें तो डायरेक्ट लिंक पर जाकर भी सर्वे भर सकते हैं। सर्वेक्षण में पूछे गए प्रश्नों में आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंध, विकास, डिजिटल इंडिया, नारी सशक्तीकरण, विकसित भारत, सरकारी योजनाओं आदि से जुड़े बहुआयामी विषय शामिल रहे। सर्वेक्षण में पूछे गए प्रश्नों की डिटेल्स इस प्रकार है- प्रश्न 1: “पिछले दशक में आतंकवाद से निपटने के लिए भारत का दृष्टिकोण किस तरह विकसित हुआ है?” प्रश्न 2: “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरों के विरुद्ध सरकार की कार्रवाइयों को देखते हुए, एक नागरिक के रूप में आप खुद को कितना सुरक्षित महसूस करते हैं?” प्रश्न 3: “क्या आपको लगता है कि भारत की आवाज पहले की तुलना में आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा सुनी और सम्मानित की जा रही है?” प्रश्न 4: “2014 के बाद से निम्नलिखित में से कौन-सा विकास आपको भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण लगता है?” प्रश्न 5: “पिछले 12 महीनों में आपने डिजिटल इंडिया के किन उत्पादों या सेवाओं का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया है?” प्रश्न 6: “महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के दृष्टिकोण के साथ, आपने कौन-से सबसे महत्वपूर्ण सुधार देखे हैं?” प्रश्न 7: “कौशल भारत, स्टार्टअप इंडिया और शिक्षा में सुधार जैसी सरकारी पहलों ने युवाओं के लिए अवसरों के दायरे को किस तरह बढ़ाया है?” प्रश्न 8: “आपकी राय में, ‘मेक इन इंडिया’ पहल ने विनिर्माण क्षेत्र को किस तरह प्रभावित किया है?” प्रश्न 9: “निम्नलिखित में से किस बात ने आपको गर्व महसूस कराया है और हमारी संस्कृति और विरासत से और अधिक जुड़ाव महसूस कराया है?” प्रश्न 10: “भारत के विकास के लिए निम्नलिखित में से कौन से दृष्टिकोण आपको सबसे अधिक सुसंगत लगते हैं?” प्रश्न 11: “इनमें से कौन-सी सरकारी योजना या पहल आपको शासन और देश के विकास के लिए सबसे परिवर्तनकारी लगी?” प्रश्न 12: “पिछले कुछ वर्षों में निम्नलिखित में से किस बुनियादी ढांचे के विकास से आपको या आपके परिवार को व्यक्तिगत रूप से लाभ हुआ है?” प्रश्न 13: “आपके क्षेत्र में जनता की समस्याओं को हल करने में स्थानीय या राष्ट्रीय जनप्रतिनिधि कितने सक्रिय और जवाबदेह हैं?” प्रश्न 14: “आप ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में हो रहे काम को कैसे देखते हैं? क्या यह आपकी उम्मीदों के अनुसार है?” प्रश्न 15: “भारत के विकास में भाग लेने और योगदान देने को लेकर आप कितना प्रेरित और जुड़ा हुआ महसूस करते हैं?”

सोनम रघुवंशी ने ही पति राजा की हत्या की साजिश रची थी और सुपारी किलर्स हायर किए थे: पुलिस

इंदौर  इंदौर से हनीमून मानने मेघायल गए राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी मामले में दिनों दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सोनम रघुवंशी ने ही पति राजा की हत्या की साजिश रची थी और सुपारी किलर्स हायर किए थे। इसके बाद उसका प्लान छुपते-छिपाते नेपाल भागने का था। हालांकि उससे पहले ही गाजीपुर में एक ढाबे से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची थी। उसका प्लान था कि लूटपाट के बहाने राजा की हत्या करवाने के बाद वह अपनी ही कंपनी में काम करने वाला राज कुशावाहा से शादी कर लेगी। कैसे तय हुई थी राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी रघुवंशी परिवार में एक परंपरा चली आ रही है। इस परंपरा के तहत राम नवमी के मौके पर परिवार आपस में मिलते हैं और एक कागज के टुकड़े पर अपने शादी योग्य बेटे-बेटियों का बायोडेटा शेयर करते हैं। इसके बाद जिसे भी लगता है कि मैच शादी लायक है वह आपस में संपर्क करता है। इसी तरह सोनम और राजा की भी शादी फिक्स हुई थी। यह भी दावा किया गया है कि उनका परिवार ऐप के जरिए मिला था। हालांकि यह तो साफ है कि यह अरेंज मैरेज थी। 11 मई को राजा और सोनम की धूमधाम से शादी हुई थी। राजा के परिवार का ट्रांसपोर्ट का बिजनस है जिसका सालाना टर्नओवर करीब 8 से 10 करोड़ है। कहां मिले थे सोनम और राज कुशवाहा सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी प्लाइवुड का बिजनस करते हैं। उनका सालाना टर्नओवर करीब 12 से 15 करोड़ का है। उनके लकवाग्रस्त होने के बाद यह बिजनस सोनम के भाई गोविंद देखते हैं। इसी कंपनी में राज कुशवाहा बिलिंग डिपार्टमेंट में सुपरवाइजर के तौर पर 20 हजार के वेतन पर काम करता था। वहीं 2023 में सोनम ने कंपनी में एचआर के तौर पर जॉइन किया। यहीं से दोनों की जान पहचान हुई और दोनों करीब आने लगे। कुशवाहा सोनम से पांच साल छोटा था और वह लोगों के सामने सोनम को दीदी कहता था। वे दोनों चाहते थे कि उनके अफेयर के बारे में किसी को शक ना हो। कुशवाहा सोनम के परिवार के पास ही रहता था। हालांकि कुछ समय पहले वह नंदबाग इलाके में शिफ्ट हो गया था। इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपी इसी इलाके में रहते थे। शादी के बाद ही राजा ने कहा था कि सोनम का उसमें इंटरेस्ट नहीं है। इसके बाद ही दोनों ने हनीमून का प्लान बनाया था। वहीं इंडिया टुडे की रिपोर्ट की मानें तो शादी के तीन दिन बाद ही सोनम ने राजा को मारने का प्लान बना लिया था। उसने चैट में राज से कहा था कि वह अपने पति को पसंद नहीं करती है। उसने राज को बताया था कि शादी से पहले ही दोनों ने दूरी बनाकर रखी थी। 16 मई को यानी शादी के चार दिन बाद ही सोनम ने छह घंटे तक राज कुशवाहा से फोन पर बात की। 17 मई को राज कुशवाहा नंदबाग में ही एक कैफे में अपने बचपन के दोस्त आकाश राजपूत, विशाल सिंह चौहान और आनंद कुर्मी से मिला। पुलिस को शक है कि यहीं हत्या का प्लान तैयार किया गया। शादी के बाद यह कपल कश्मीर जाना चाहता था। हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते प्लान बदल गया। सोनम ने ही मेघालय का सुझाव दिया। राजा और उसके परिवार ने इनकार किया लेकिन सोनम ने कहा कि उसने 20 मई का टिकट करवा लिया है। 23 मई के बाद ही राजा रघुवंशी और सोनम दोनों लापता हुए। 2 जून को राजा का शव एक खाई में पाया गया। पुलिस को पास से एक धारदार हथइयार , महिला की सफेद शर्ट, टेबलेट्स, फोन की स्क्रीन और स्मार्टवॉच मिली। 9 जून को सोनम को गाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। बाद में राज कुशवाहा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।  

विदेश दौरे से लौटे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मिले पीएम मोदी, दुनियाभर में पाकिस्तान की खोल दी पोल

नई दिल्ली  पाकिस्तान को दुनियाभर में बेनकाब कर वापस लौटे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुलाकात की। इस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में कई दलों के नेता शामिल थे। पीएम मोदी ने 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर नेताओं से मुलाकात की है। सदस्यों ने प्रधानमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए। केंद्र सरकार पहले ही 50 से अधिक व्यक्तियों वाले सात प्रतिनिधिमंडलों के कार्य की प्रशंसा कर चुकी है, जिनमें अधिकतर वर्तमान सांसद हैं। पूर्व सांसद और पूर्व राजनयिक भी इन प्रतिनिधिमंडलों का हिस्सा थे, जिन्होंने 33 विदेशी राजधानियों और यूरोपीय संघ का दौरा किया। विदेश मंत्री एस जयशंकर पहले ही प्रतिनिधिमंडलों से मिल चुके हैं और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख को व्यक्त करने में उनके प्रयासों की सराहना कर चुके हैं। चार प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों ने किया, जिनमें भाजपा के दो, जद (यू) के एक और शिवसेना के एक सांसद शामिल थे, जबकि तीन का नेतृत्व विपक्षी सांसदों ने किया जिनमें कांग्रेस, डीएमके और एनसीपी (एसपी) के एक-एक सांसद शामिल थे। भाजपा के रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, कांग्रेस के शशि थरूर, जद (यू) के संजय झा, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, द्रमुक की कनिमोई और राकांपा (एसपी) की सुप्रिया सुले ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अपने-अपने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रीय एकता का संदेश देने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे थे, जिनमें कांग्रेस सांसद शशि थरूर और एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी जैसे लोग विदेशों में भारत के हितों की पैरवी करने के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों के साथ थे। प्रतिनिधिमंडलों में प्रमुख पूर्व सांसदों में पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद और सलमान खुर्शीद शामिल थे।  

स्मृति ईरानी ने कहा- सेना के पराक्रम को हम वंदनीय बनाते हैं, विपक्ष को इससे दुर्भाव है तो यह खेदजनक

रांची  रांची पहुंची पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 11 वर्ष के कार्यकाल के पूरे होने पर कई उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने मंगलवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार की कई ऐसी उपलब्धियां हैं, जिन्होंने इतिहास रचा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने हर क्षेत्र और हर वर्ग के लिए सेवाभाव से काम किया है। उन्होंने विपक्ष के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर राजनीति करने वाले बयान पर भी जवाब दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि मेरा मानना है कि भारत के हर नागरिक का यह अधिकार है कि वह न सिर्फ अपनी सेना पर गर्व करे, बल्कि उनके शौर्य और पराक्रम को नमन करे। अगर भारतीय सेना के पराक्रम को हम वंदनीय बनाते हैं और विपक्ष को उससे कोई दुर्भाव है, तो यह खेदजनक है। मेरा मानना है कि हिंदुस्तान का नागरिक या राजनीतिक दल हो, जिसे हमारी भारतीय सेना पर नाज हो। विपक्ष के पीओके गंवाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि कुछ विषयों का जवाब सरकार संसद में देगी। पीएम मोदी न सिर्फ एक प्रभावी प्रशासक हैं, बल्कि प्रभावी वक्ता भी हैं। विपक्ष के जितने भी सवाल हैं, सरकार निश्चित रूप से पूर्ण क्षमता के साथ जवाब देगी। भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने मोदी सरकार के 11 साल के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र की कई उपलब्धियां ऐसी हैं, जिन्होंने इतिहास रचा है। 50 करोड़ लोगों को जनधन योजना के माध्यम से देश की तिजोरी तक जोड़ना, यह मोदी सरकार की एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। इसके साथ ही लगभग 45 लाख करोड़ रुपए डीबीटी के माध्यम से देश की तिजोरी से लोगों के सीधे बैंक के खाते में गए हैं। हमारे देश में शायद ही कभी किसी ने सोचा हो कि 11 करोड़ किसानों को सीधे देश की तिजोरी से जोड़कर किसान सम्मान निधि की कोई योजना संभव हो पाएगी। लेकिन, पीएम मोदी ने इसे न सिर्फ संभव किया, बल्कि सफल करके भी दिखाया। उन्होंने आगे कहा कि आयुष्मान योजना के चलते 10 करोड़ परिवार और 40 करोड़ लोगों तक मुफ्त स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना हो, महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का बिल पारित करना हो, महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की बात हो या फिर महिलाओं को परमानेंट कमीशन मुहैया करना हो, बेटियों को सैनिक स्कूलों में भर्ती करवाने की व्यवस्था हो, देश के आदिवासी समाज को समर्पित करने की बात, अनुच्छेद-370 समाप्त करने की बात हो, मोदी सरकार ने हर क्षेत्र और हर वर्ग के लिए सेवाभाव से काम किया है। मैं इन उपलब्धियों के लिए केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल और भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देती हूं।

सिब्बल ने जज यशवंत वर्मा के खिलाफ लाए जा रहे महाभियोग प्रस्ताव का विरोध करने का ऐलान किया

नई दिल्ली पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति और उच्च सदन के सभापति जगदीप धनखड़ पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सिब्बल ने सवाल पूछा कि जगदीप धनखड़ ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज शेखर कुमार यादव के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के नोटिस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जज को बचाने की कोशिश कर रही है, क्योंकि उन्होंने पिछले साल सांप्रदायिक बयान दिया था. न्यायपालिका को कंट्रोल करने की कोशिश इसके साथ ही सिब्बल ने दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के खिलाफ लाए जा रहे महाभियोग प्रस्ताव का विरोध करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से राज्यसभा सभापति ने शेखर यादव के खिलाफ इन-हाउस जांच को सुप्रीम कोर्ट में चिट्ठी लिखकर रुकवा दिया, उस तरह की चिट्ठी यशवंत वर्मा के मामले में क्यों नहीं लिखी गई. सिब्बल ने कहा कि इन-हाउस रिपोर्ट के आधार पर मंत्री किरेन रिजिजू जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग लाकर उन्हें पद से हटाना चाहते हैं और इसके लिए वह वकीलों से सलाह भी ले रहे हैं. कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर सरकार जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लेकर आती है तो हम इसका विरोध करेंगे क्योंकि यह पूरी तरह से असंवैधानिक है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो इससे न्यायपालिका की आजादी को बहुत बड़ा खतरा है. सिर्फ इन-हाउस रिपोर्ट के आधार पर किसी जज को पद से नहीं हटाया जा सकता. सरकार न्यायाधीश जांच अधिनियम की अनदेखी करना चाहती है और यह न्यायपालिका को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है. जस्टिस वर्मा के लिए क्यों नहीं लिखी चिट्ठी सिब्बल ने जस्टिस शेखर यादव के मामले को लेकर कहा कि पूरी घटना में भेदभाव की बू आती है, क्योंकि एक ओर तो राज्यसभा के महासचिव ने भारत के चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखकर कहा कि वे शेखर यादव के खिलाफ इन-हाउस जांच न करें, क्योंकि उनके खिलाफ राज्यसभा में एक याचिका लंबित है, जबकि जस्टिस यशवंत वर्मा के मामले में ऐसा नहीं किया गया. कपिल सिब्बल ने जगदीप धनखड़ पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और जब संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति, छह महीने में संवैधानिक दायित्वों को पूरा नहीं करता है तो सवाल उठना स्वाभाविक है. सिब्बल ने कहा कि 13 दिसंबर 2024 को हमने शेखर यादव के खिलाफ राज्यसभा के सभापति को महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस दिया था, इस पर 55 सांसदों के साइन थे, छह महीने बीत गए हैं, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया है. साइन वैरिफाई करने में 6 महीने लगते हैं? उन्होंने ने कहा, ‘मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं जो संवैधानिक पदों पर बैठे हैं, उनकी जिम्मेदारी सिर्फ यह वैरिफाई करना है कि साइन हैं या नहीं, क्या इसमें छह महीने लगने चाहिए? एक और सवाल यह उठता है कि क्या यह सरकार शेखर यादव को बचाने की कोशिश कर रही है.’ उन्होंने कहा कि VHP के निर्देश पर शेखर यादव ने हाई कोर्ट परिसर में भड़काऊ भाषण दिया था और फिर मामला सुप्रीम कोर्ट में आया जिसने कार्रवाई की. सिब्बल ने कहा, ‘शेखर यादव से दिल्ली में पूछताछ की गई. इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से भी रिपोर्ट मांगी गई. मैंने सुना कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने नेगेटिव रिपोर्ट दी है और इस बीच 13 फरवरी 2025 को राज्यसभा सभापति ने कहा कि इस मामले को संवैधानिक तरीके से देखा जाना चाहिए और संसद इसे आगे बढ़ा सकती है.’ क्या धनखड़ को लेटर लिखना चाहिए? कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्यसभा सचिवालय ने चीफ जस्टिस को लेटर भेजकर कोई कार्रवाई न करने को कहा है क्योंकि महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस है और सुप्रीम कोर्ट को शेखर यादव के खिलाफ अपनी आंतरिक प्रक्रिया रोकनी चाहिए. सिब्बल ने कहा, ‘मुझे समझ में नहीं आ रहा कि ऐसा किस आधार पर हुआ? क्या चेयरमैन को सीजेआई को ऐसा पत्र लिखना चाहिए? इन-हाउस प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की अपनी है, इसका महाभियोग प्रस्ताव से कोई संबंध नहीं है. अभी तक महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार भी नहीं किया गया है, छह महीने हो गए हैं और सिर्फ साइन वैरिफाई किए जा रहे हैं.’ सिब्बल ने कहा, ‘जस्टिस यादव ने जो कहा, वह सबके सामने है, इसमें कोई शक नहीं है. उन्होंने इस पर कोई विवाद नहीं किया है. सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना था कि क्या उन्हें ऐसा कहना चाहिए था, क्योंकि हमारे मुताबिक यह पूरी तरह सांप्रदायिक बयान है और यह भी तय करना था कि क्या उन्हें यह बयान देने के बाद जज की कुर्सी पर बैठना चाहिए.’ शेखर यादव को बचा रही है सरकार उन्होंने कहा, ‘आपने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ इन-हाउस जांच पर लेटर क्यों नहीं लिखा? तो क्या यह सरकार शेखर यादव को बचाना चाहती है, हमें लगता है कि वे उसे बचाना चाहते हैं. सिब्बल ने कहा कि या तो शेखर यादव पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी या फिर वे महाभियोग नोटिस में कुछ हस्ताक्षरों को खारिज कर देंगे और प्रस्ताव को खारिज कर देंगे ताकि हम सुप्रीम कोर्ट जाएं और इसमें समय लगे जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि शेखर यादव 2026 में रिटायर हो जाएं.’ 13 दिसंबर को कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम में इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज शेखर यादव के विवादित बयान को लेकर उनके खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए राज्यसभा में नोटिस पेश किया था. महाभियोग प्रस्ताव लाने के नोटिस पर सिब्बल, जयराम रमेश, विवेक तन्खा, दिग्विजय सिंह, जॉन ब्रिटास, मनोज कुमार झा और साकेत गोखले सहित 55 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए. नोटिस में कहा गया है कि VHP की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जस्टिस यादव ने भारत के संविधान का उल्लंघन करते हुए नफरत फैलाना वाला भाषण दिया, जो पूरी तरह से भड़काऊ था. नोटिस में यह भी जिक्र किया गया है कि जज ने अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया और उनके लिए पक्षपात और पूर्वाग्रह का नजरिया दिखाया.  

नगरीय क्षेत्र में जर्जर भवन मालिकों के विरूद्ध करें कार्रवाई, आयुक्त नगरीय प्रशासन ने दिये निर्देश

भोपाल  नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों की सूची तैयार करें और मानसून आने के पहले जिला प्रशासन के सहयोग से जर्जर भवनों को गिराने की कार्रवाई करें। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों के उचित विस्थापन किये जाने के भी निर्देश दिये हैं। आयुक्त ने यह कार्यवाही नगर निगम अधिनियम और नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने नगरीय निकायों के अधिकारियों को आगाह किया है कि सतर्कता के साथ की गई कार्यवाही से जनधन हानि से बचा जा सकता है। आयुक्त ने जर्जर भवनों की सूची तत्काल संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को उपलब्ध कराने के लिये कहा है। नाले-नालियों की सफाई पर ध्यान देने के निर्देश आयुक्त नगरीय प्रशासन ने नगरीय निकायों के अधिकारियों को अपने शहरी क्षेत्र के नाले-नालियों की साफ-सफाई प्राथमिकता से करवाने के लिये कहा है। उन्होंने कहा कि नाले-नालियों की उचित साफ-सफाई न होने की वजह से जल भराव की स्थिति निर्मित होती है। इस वजह से नागरिकों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है। आयुक्त श्री भोंडवे ने नगरीय निकायों को सफाई कार्य की अपने स्तर पर सतत समीक्षा करने के लिये भी कहा है।

प्रदेश में 145 मॉडल स्कूलों का सफलता-पूर्वक संचालन

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग वर्तमान में 145 शासकीय मॉडल स्कूल का संचालन कर रहा है। इनमें से 143 मॉडल स्कूल के स्वयं के भवन निर्मित हो चुके हैं। इन मॉडल स्कूल में करीब 50 हजार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। मॉडल स्कूल शैक्षणिक रूप से प्रदेश के पिछड़े विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में शिक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिला मुख्यालय पर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय स्कूल शिक्षा विभाग माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के 43 जिला मुख्यालय एवं 96 विकासखंड मुख्यालय पर उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में बच्चों के कॅरियर काउंसलिंग की भी व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था से बच्चों को भविष्य में किस क्षेत्र में अध्ययन करना है, उसकी समझाइश विशेषज्ञों के माध्यम से मिलती है।

मध्यप्रदेश के 20 उत्पादों के जीआई टैगिंग प्रक्रिया के लिये एमओयू हुआ

भोपाल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत राज्य नोडल एजेंसी, मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा विश्व बैंक समर्थित आरएएमपी योजना के अंतर्गत जीआई टैगिंग के लिए राज्य स्तरीय परामर्श बैठक मंगलवार को लघु उद्योग निगम के कान्फ्रेंस हॉल में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम और ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन वाराणसी के बीच जीआई टैगिंग प्रक्रिया संबंधी एमओयू किया गया। कार्यशाला में राज्य के पारंपरिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें जीआई टैग दिलवाने हेतु आवश्यक विभागीय समन्वय स्थापित करने पर चर्चा हुई। इन उत्पादों को कानूनी संरक्षण, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुंच और ब्रांडिंग के ज़रिये व्यापक पहचान दिलवाने पर भी विमर्श हुआ। आयुक्त एमएसएमई श्री दिलीप कुमार ने विभागों से योजना के तहत बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया तथा देश को होने वाले फायदों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में कृषि, हस्तशिल्प, वनोपज, वस्त्र एवं खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में पारंपरिक उत्पादों की जीआई टैगिंग के लिए पहचान करना, जीआई पंजीकरण प्रक्रिया संबंधी आवश्यक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दस्तावेजों का संकलन और विभागीय समन्वय के माध्यम से एक साझा कार्य योजना बनाने के साथ आगामी वर्ष में 20 उत्पादों की जीआई फाइलिंग करने पर चर्चा हुई। जीआई उत्पादों को एक जिला-एक उत्पाद नीति से जोड़ते हुए बाज़ार और ब्रांडिंग के अवसरों को बढ़ावा देने पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में जीआई टैगिंग विशेषज्ञ एवं ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन, वाराणसी के कार्यकारी निदेशक डॉ. रजनीकांत ने जीआई टैगिंग की प्रक्रिया, कानूनी ढांचा, और देशभर में हुए सफल जीआई पंजीकरणों की जानकारी साझा की। बनारसी साड़ी, चंदेरी वस्त्र और मधुबनी पेंटिंग जैसे उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने बताया कि जीआई टैगिंग से कैसे न केवल उत्पादों को सुरक्षा मिलती है बल्कि कारीगरों और किसानों की आजीविका भी सशक्त होती है। कार्यशाला में राज्य के विभिन्न विभागों और संस्थानों से वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें वन विभाग, सिडबी, मत्स्य विभाग, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, हस्तशिल्प एवं हथकरघा संचालनालय, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर, अनुसूचित जाति विकास, मध्यप्रदेश लघु वनोपज संघ, पशुपालन, रेशम संचालनालय आदि ने सहभागिता की। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के विशिष्ट उत्पादों की सूची साझा की, जो जीआई पंजीकरण के योग्य है। एमओयू राज्य के लगभग 20 पारंपरिक उत्पादों के जीआई टैगिंग के लिये तकनीकी सहयोग, दस्तावेज़ीकरण, आवेदन प्रक्रिया, प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। रैंप नोडल अधिकारी श्री अनिल थागले ने सभी विभागों से अनुरोध किया कि वे ऐसे विशिष्ट उत्पादों के नाम बताये जिन्हें जीआई टैगिंग प्रक्रिया में आगे बढाया जा सकता हो।  

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