LATEST NEWS

रायपुर : सपनों का घर : पहाड़ी कोरवा महिला फूलोबाई को मिला पक्का आवास

रायपुर जशपुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिला श्रीमती फूलोबाई को प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत पक्का मकान मिला है। यह मकान उनके वर्षों पुराने संघर्षों का सुखद अंत और आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत है। फूलोबाई जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंड्रापाठ की निवासी हैं। लंबे समय तक उन्होंने कच्चे घर में कठिनाइयों से भरा जीवन बिताया — बरसात में टपकती छत, जहरीले जीवों का डर और असुरक्षित माहौल उनका रोजमर्रा का हिस्सा था। लेकिन अब, जब उनका पक्का घर बनकर तैयार हो चुका है, तो वह भावुक होकर कहती हैं कि “बरसात में जब छत टपकती थी तो सारी रात जागते कटती थी। अब मैं पहली बार चैन से सो पाती हूँ। यह सिर्फ घर नहीं, मेरे सपनों का महल है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से पहाड़ी कोरवा जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की ओर अग्रसर किया जा रहा है। फूलोबाई ने इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा, “यह घर मेरे लिए सिर्फ छत नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

सूटकेस में इस हालत में मिली महिला की लाश, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया

गाजियाबाद  लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के शिवपुरी वाटिका के पास मंगलवार सुबह लगभग 7 बजे एक सूटकेस में एक महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञ तुरंत मौके पर पहुंच गए और जांच शुरू कर दी। मौत की रहस्यपूर्ण कहानी महिला की उम्र लगभग 26 साल बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के सही कारण और समय का पता चल सके। महिला की मांग में सिंदूर और पैरों में बिछिया देखकर पुलिस ने अंदाजा लगाया है कि वह शादीशुदा और हिंदू समुदाय की है। जांच में आ रही चुनौतियां घटना वाली जगह सुनसान है और वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, जिससे जांच में दिक्कत हो रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संभव है कि हत्या कहीं और हुई हो और शव को यहां छोड़ दिया गया हो। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने आसपास के इलाके में गुमशुदगी के मामलों की छानबीन शुरू कर दी है। पास-पड़ोस के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। एसीपी अंकुर विहार अजय कुमार सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि नहर रोड के पास एक सूटकेस पड़ा है। मौके पर पहुंचकर सूटकेस खोला गया तो अंदर महिला का शव मिला। महिला की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की पूरी कोशिश की जाएगी। पुलिस ने की स्थानीय लोगों से अपील पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि किसी को महिला के बारे में कोई जानकारी हो तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें ताकि जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा हो सके।  

अब राज से भी सोनम की बेवफाई! अपनी गर्दन बचाकर कबूल की आधी बात

प्रेग्नेंट है सोनम रघुवंशी? मेडिकल रिपोर्ट ने और उलझाई राजा मर्डर केस की गुत्थी सोनम नेपाल भागने वाली थी ? फिर क्यों किया सरेंडर, सिर्फ रात में करती थी सफर अब राज से भी सोनम की बेवफाई! अपनी गर्दन बचाकर कबूल की आधी बात इंदौर इंदौर कपल केस में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने यूपी के गाजीपुर से सोमवार को सोनम रघुवंशी को गिरफ्तार किया। इसके बाद पूरे मामले ने यू-टर्न ले लिया। जिसे अब तक विक्टिम माना जा रहा था वो ही सोनम अब मुख्य आरोपी बताई जा रही है। वहीं राजा रघुवंशी के मर्डर में सोनम के बॉयफ्रेंड राज कुशवाह समेत अन्य तीन लोगों का नाम सामने आया है। अब इस केस में एक नया मोड़ सामने आया है- सोनम की प्रेग्नेंसी की खबर। मेडिकल जांच ने इस केस को और रहस्यमयी बना दिया है। प्रेग्नेंसी टेस्ट: सच या सस्पेंस? 9 जून 2025 को सोनम की मेडिकल जांच तीन महिला डॉक्टरों की टीम ने की। सोनम की शारीरिक और मानसिक स्थिति कमजोर पाई गई। वह डरी हुई थीं, लेकिन उनके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले। प्रेग्नेंसी टेस्ट के नतीजे असंतोषजनक रहे, जिसका मतलब है कि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सोनम गर्भवती हैं या नहीं। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों ने सुझाव दिया है कि सात दिन बाद अल्ट्रासाउंड किया जाए ताकि स्थिति साफ हो सके। यह असमंजस जांच को और जटिल बना रहा है। अगर सोनम प्रेग्नेंट हैं, तो यह बच्चा राजा का है या किसी और का? यह सवाल नई उलझन बन गया है। नेपाल भागने वाली थी सोनम ? फिर क्यों किया सरेंडर, सिर्फ रात में करती थी सफर इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पत्नी सोनम रघुवंशी को भी रिमांड पर भेजा गया है। इसी बीच खबरें हैं कि मेघालय के शिलॉन्ग में पति राजा को मौत के घाट उतारने के बाद सोनम ने देश छोड़ने का ही प्लान बना लिया था। हालांकि, इसे लेकर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हत्यारों ने सोनम के सामने ही राजा को मौत के घाट उतारा था। यह वारदात सोहरा में की गई थी। हत्यारों ने शव को खाई में फेंका और अलग-अलग हो गए। फिलहाल, पुलिस ने सोनम की प्लानिंग और शिलॉन्ग से गाजीपुर आने को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन खबरें हैं कि वह नेपाल भागने की तैयारी कर रही थी। इतना ही नहीं वारदात के बाद वह सिर्फ रात में ही सफर करती थी। कैसे चलाया खर्च एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शादी में मिले गहने और करीब 9 लाख रुपये लेकर सोनम शिलॉन्ग गई थी। हत्या के बाद वह इनकी मदद से ही सफर तय कर रही थी और नेपाल भागने की तैयारी में थी। कहा जा रहा है कि दो युवकों ने सोनम के छिपने और रहने में मदद की थी। पूरी प्लानिंग थी तो क्यों कर दिया सरेंडर खबरें हैं कि हनीमून ट्रिप के दौरान सोनम लगातार हत्यारों के संपर्क में बनी हुई थी। जब मीडिया में तीनों के पकड़े जाने की खबरें आईं तो सोनम ने भी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सरेंडर कर दिया। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि सोनम ने शिलॉन्ग से गाजीपुर तक का सफर कैसे तय किया। 2 जून को खाई में राजा की लाश मिली थी और इसके बाद से ही सोनम की तलाश जारी थी। एक दिन पहले ही आईएएनएस से बातचीत में IG पुलिस पी मारक ने कहा, ‘सोनम ने बीती रात दबाव में आकर सरेंडर किया है, जिसके बाद गिरफ्तारियों की संख्या 4 पर पहुंच गई है। एक आरोपी अब भी फरार है। कोर्ट कार्यवाही के लिए सोनम को वापस मेघालय लाया जाएगा।’ राजा के बाद राज से भी सोनम की बेवफाई अपनी दुल्हन को लेकर हनीमून मनाने इंदौर से मेघालय गए राजा रघुवंशी की हत्या के बाद उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी को गिरफ्तार किया गया है। मेघालय पुलिस का कहना है कि सोनम ने अपने आशिक राज के साथ मिलकर हत्याकांड की साजिश रची और सुपारी देकर राजा की हत्या कराई। गिरफ्तारी के बाद यूपी पुलिस ने सोनम रघुवंशी से शुरुआती पूछताछ की जिसमें उसने खुद को बेकसूर बताया। हालांकि, सोनम ने राज और उसके दोस्तों को कातिल माना पर वजह कुछ और बताई। टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक रिपोर्ट में बताया है कि गाजीपुर पुलिस ने सोनम को हिरासत में लेने के बाद कुछ देर पूछताछ की जिसमें उसने दावा किया कि लूटपाट के लिए राजा की हत्या की गई है। उसने राज और उसके दोस्तों पर लगे हत्या के इल्जाम को सही माना। सोनम ने राज और उसके दोस्तों की ओर इशारा करते हुए गाजीपुर पुलिस से कहा, ‘मैंने अपने पति की हत्या नहीं की। उन्होंने (राज और उसके दोस्त) गहनों के लिए उसे मार डाला।’ कई सवालों के जवाब नहीं दे पाई सोनम सोनम ने जोर देकर बार-बार दोहराया कि राजा रघुवंशी की हत्या में उसकी कोई भूमिका नहीं है। हालांकि, वह कई अहम सवालो के जवाब नहीं दे सकी है। मसलन, वह पिछले 16 दिनों से कहां थी, वह कैसे वारदात वाली जगह से निकली, वाराणसी-गाजीपुर हाईवे पर काशी ढाबे तक कैसे पहुंची, जोकि घटनास्थल से 1200 किलोमीटर से अधिक दूर है। सोनम को अब शिलॉन्ग पुलिस अपने साथ ले गई है जहां उसका आरोपियों से आमना-सामना कराया जाएगा। सोनम, राज और अन्य तीन आरोपियों से पूछताछ के बाद मेघालय पुलिस पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठा सकती है। क्या-क्या हुआ है अभी तक 11 मई को शादी के बाद 20 को सोनम और राजा हनीमून के लिए मेघालय गए थे। यहां अचानक दोनों लापता हो गए। 2 जून को राजा की लाश शिलॉन्ग में एक गहरी खाई में बरामद की गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि धारदार हथियार से राजा की हत्या की गई है। करीब 16 दिनों तक लापता रहने के बाद सोनम अचानक यूपी के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली। मेघालय और इंदौर की पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर सोनम उसके कथित प्रेमी राज को मुख्य साजिशकर्ता बताया है। वहीं, राज … Read more

प्रदेश की पहली महिला एवरेस्ट विजेता मेघा परमार को भी दिया जाए विक्रम अवार्ड, हाईकोर्ट में याचिका दायर

जबलपुर माउंट एवरेस्ट सहित विश्व की चार पर्वत चोटी फतह करने के बावजूद विक्रम अवार्ड नहीं दिये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जस्टिस अमित सेठ की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद सरकार को दो सप्ताह में जवाब पेश करने निर्देश जारी किए हैं। एकलपीठ ने इस दौरान याचिकाकर्ता को सरकार के समक्ष अभ्यावेदन पेश करने निर्देश जारी किए हैं।   याचिकाकर्ता मेघा परमार की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि वह माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली प्रदेश की पहली महिला है। उसके दल में भावना डेहरिया भी शामिल थीं, जो उनके बाद चोटी पर पहुंची थीं। इसके अलावा माउंट कोस्कियस,माउंट किलिमन तथा माउंट एल्ब्रस की चोटी भी उसने भावना से पहले फतह की थी। याचिका के साथ दोनों का टाइमिंग डाटा भी पेश किया गया था। याचिका में राहत चाही गई थी कि योग्यता के अनुसार भावना के साथ उसे भी विक्रम अवॉर्ड प्रदान किया जाना चाहिए था। याचिका पर पहले चरण में हाईकोर्ट जस्टिस एके सिंह तथा जस्टिस अमित सेठ ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि साल 2019 में विक्रम अवार्ड रूल्स में संशोधन करते हुए एडवेंचर गेम को भी शामिल किया गया था। नियम के अनुसार एडवेंजर गेम में लिए एक खिलाड़ी को विक्रम अवार्ड दिया जाए। साल 2016 में एवरेस्ट फतह करने वाले प्रदेश के दो पुरुष को साल 2022 में विक्रम अवार्ड प्रदान किया गया था। सरकार पूर्व में एडवेंचर गेम में सिर्फ एक खिलाड़ी को विक्रम अवार्ड देने का नियम शिथिल कर चुकी है। दोनों खिलाड़ी योग्य हैं तो दोनों को विक्रम अवार्ड प्रदान किया जाना चाहिए। युगलपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते एकलपीठ ने निर्देश जारी किये थे। दूसरे चरण में जस्टिस अमित सेठ की एकलपीठ के द्वारा याचिका की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया कि विक्रम अवार्ड प्रदान करने के लिए खिलाड़ियों के नाम की घोषणा हो चुकी है। उसमें परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा याचिका में भावना को अनावेदक नहीं बनाने जाने का मुद्दा भी उठाया गया। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि वह भावना को विक्रम अवार्ड दिए जाने के खिलाफ नहीं है। इसलिए उसे अनावेदक नहीं बनाया गया था। कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक होने पर वह याचिका में संशोधन करना चाहते हैं। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किये। एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता दी है कि वह इस संबंध में सरकार के समक्ष अभ्यावेदन पेश कर सकती है। याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने पैरवी की।  

नगरीय क्षेत्र में जर्जर भवन मालिकों के विरूद्ध करें कार्रवाई, आयुक्त नगरीय प्रशासन ने दिये निर्देश

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों की सूची तैयार करें और मानसून आने के पहले जिला प्रशासन के सहयोग से जर्जर भवनों को गिराने की कार्रवाई करें। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों के उचित विस्थापन किये जाने के भी निर्देश दिये हैं। आयुक्त ने यह कार्यवाही नगर निगम अधिनियम और नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने नगरीय निकायों के अधिकारियों को आगाह किया है कि सतर्कता के साथ की गई कार्यवाही से जनधन हानि से बचा जा सकता है। आयुक्त ने जर्जर भवनों की सूची तत्काल संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को उपलब्ध कराने के लिये कहा है। नाले-नालियों की सफाई पर ध्यान देने के निर्देश आयुक्त नगरीय प्रशासन ने नगरीय निकायों के अधिकारियों को अपने शहरी क्षेत्र के नाले-नालियों की साफ-सफाई प्राथमिकता से करवाने के लिये कहा है। उन्होंने कहा कि नाले-नालियों की उचित साफ-सफाई न होने की वजह से जल भराव की स्थिति निर्मित होती है। इस वजह से नागरिकों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है। आयुक्त श्री भोंडवे ने नगरीय निकायों को सफाई कार्य की अपने स्तर पर सतत समीक्षा करने के लिये भी कहा है।  

राज कुशवाह की बहन ने कहा- विक्की और राज दोनों मेरे भाई हैं, वे कभी ऐसा कुछ नहीं कर सकते, विधवा मां ने दी धमकी

मेघालया  मेघालया में राजा रघुवंशी को दर्दनाक मौत देने के चार आरोपी चार आरोपी सोनम रघुवंशी, आकाश राजपूत, विशाल सिंह चौहान और राज सिंह कुशवाहा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सभी चार को आज ट्रांजिट रिमांड औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद शिलांग ले जाया जाएगा। वहीं इसी बीच सोनम के कथित प्रेमी राजा रघुवंशी की बहन और मां ने उसके लिए गुहार लगाई है।  राज कुशवाह की बहन ने रोते हुए कहा-  “विक्की और राज दोनों मेरे भाई हैं। वे कभी ऐसा कुछ नहीं कर सकते। मेरा भाई राज कहीं नहीं गया। आप अपने कार्यालय में लोगों से पूछ सकते हैं। मेरी एकमात्र मांग यह है कि मेरे भाई को रिहा कर दिया जाना चाहिए। वह हत्या में शामिल नहीं है। मेरा भाई निर्दोष है …”। राज की बहन ने यह भी बताया कि राज मंदिर जाने की तैयारी कर रहा था इससे पहले ही पुलिस उठाकर उसे ले गई। राज कुशवाह की बहन बार- बार यही कह रही है कि उसें भाई ने कुछ नहीं किया है उसे फंसाया जा रहा है। राज के पिता का कोरोना काल में निधन हो गया था।  अब बेटे की गिरफ्तारी के बाद मां पूरी तरह टूट चुकी है। उनका कहना है कि राज का सोनम के साथ कोई अफेयर नहीं था। यदि अफेयर होता तो वह बताता। वो किसी से फोन पर बात तक नहीं करता था। उसे फंसाया गया है। मां के मुताबिक, मेरा बेटा बहुत सीधा है वह सोनम के भाई की कंपनी में काम करता था। वहां सोनम भी आती थी और इस दौरान कभी को बात हुई हो तो इसका मतलब यह नहीं कि उसका अफेयर था। राज की मां ने कहा कि अगर उनके बेटे को जेल हुई तो वो आत्महत्या कर लेंगी। पुलिस के अनुसार, सोनम राहुवंशी और राज कुशवाहो प्रमुख अभियुक्त हैं। मेघालय पुलिस ने तीन दिवसीय पारगमन रिमांड प्राप्त करने के बाद बिहार के पटना में सोनम रघुवंशी को फुल्वरी सरिफ पुलिस स्टेशन में लाई। सोमवार को, मेघालय पुलिस को इंदौर के राजा रघुवंशी हत्या के मामले में तीनों आरोपियों का पारगमन रिमांड मिला। राजा रघुवंशी, कथित तौर पर मेघालय में एक हनीमून यात्रा के दौरान मारा गया था, जो कि अनुबंध हत्यारों द्वारा कथित तौर पर उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी द्वारा काम पर रखा गया था।  

महासमुंद : साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक सम्पन्न

महासमुंद : साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक सम्पन्न सीइओ श्री एस. आलोक ने की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा महासमुंद जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक ने आज समय सीमा की बैठक लेकर विकसित कृषि संकल्प यात्रा एवं एकमुश्त चावल वितरण, एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान, मोर गांव मोर पानी अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री रवि साहू एवं श्री रविराज ठाकुर अनुविभागीय अधिकारीगण एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सीईओ श्री एस. आलोक ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत शिविरों के सफल संचालन हेतु सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे ’’आपसी समन्वय’’ के साथ ’अपने-अपने विकासखण्डों के चयनित ग्रामों में शिविर आयोजन की विस्तृत कार्ययोजना’ तैयार करें। इसके साथ ही शिविरों की तिथि वार सूची, लाभार्थी प्रगति विवरण व पालन प्रतिवेदन को भी समय पर उच्च कार्यालय को प्रेषित करना सुनिश्चित करें। जिले में 15 जून से 30 तक शिविरों के माध्यम से विशेष जनजाति परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा। इसके लिए जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए गए। पीएम जनमन योजना के तहत पात्र हितग्राहियों का आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड, जॉब कार्ड एवं केसीसी कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए। 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर तैयारी के लिए विशेष निर्देश समाज कल्याण विभाग को दिए गए हैं। इस वर्ष योग संगम एवं हरित योग थीम पर योग दिवस मनाया जाएगा। साथ ही इसे योग सप्ताह के रूप में इसे मनाया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जारी स्थानांतरण नीति अंतर्गत जिले के तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए निर्धारित तिथि 09 से 12 जून तक आवेदन लेने सभी प्रभारी अधिकारी को निर्देश दिए हैं।   “विकसित कृषि संकल्प अभियान की समीक्षा की गई। कृषि उप संचालक ने बताया कि 12 जून को अभियान का अंतिम दिवस है। अभी तक 66 ग्राम पंचायतों में 66 शिविर लगाए गए। सीईओ श्री एस. आलोक ने जून माह में चावल का एकमुश्त वितरण प्रक्रिया पर खाद्य, राजस्व और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि 30 जून तक 3 माह (जून, जुलाई एवं अगस्त) का चावल वितरण की कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि भंडारण के लिए अनुविभागीय अधिकारी विशेष ध्यान दें एवं सुरक्षित स्थानों का चयन करके समुचित भण्डारण करें। साथ ही राशन कार्ड नवीनीकरण के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए।   ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन विभागों ने अभी तक मांग पत्र नहीं भेजा है वे आज ही मांग पत्र भेजकर वन विभाग से पेड़ मंगवाए और उसका रोपण सुनिश्चित करें। यह अभियान 5 जून से 30 सितंबर तक चलेगा, जिसके अंतर्गत स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, अमृत सरोवर, तालाबों, प्रधानमंत्री आवासों के आसपास एवं माइनिंग क्षेत्रों में फलदार पौधे लगाया जाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “मोर गांव मोर पानी“ अभियान के अंतर्गत सभी जनपदों के तकनीकी सहायकों को कम से कम 25 जल संरचनाओं के निर्माण का प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए एवं सोख्ता गड्ढा निर्माण की समीक्षा की गई। जनभागीदारी की सहायता से सभी प्रधानमंत्री आवास, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्रां, पंचायतों, छात्रावासों और स्कूलों में सोख्ता गड्ढा अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन्होंने राजस्व विभाग, स्वामित्व योजना, लोक सेवा गारंटी अधिनियम की समीक्षा की। साथ ही बैठक में पीएम आवास, नशामुक्ति अभियान, टीबी मुक्त अभियान, उल्लास कार्यक्रम आदि की समीक्षा की गई।

महासमुंद : राज्य खेल अलंकरण हेतु आवेदन 26 जून तक आमंत्रित

शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान, मुख्यमंत्री ट्रॉफी, नगद राशि, प्रेरणा निधि, डाईट मनी वर्ष 2023-24 एवं 2024-2025 हेतु आवेदन आमंत्रित महासमुंद छत्तीसगढ़ शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों को खेल पुरस्कार प्रदान कर राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया जाता है। यह पुरस्कार राज्य के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों को प्रदान किए जाते हैं। राज्य खेल अलंकरण के अंतर्गत सीनियर वर्ग के ऐसे खिलाड़ियों को शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है, जिनके द्वारा राष्ट्रीय चैंपियनशिप में या राष्ट्रीय खेलों में कोई पदक प्राप्त किया गया हो या अधिकृत अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व किया गया हो। इसी प्रकार जूनियर वर्ग के उन खिलाड़ियों को शहीद कौशल यादव पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है, जिनके द्वारा जूनियर वर्ग के राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कोई पदक प्राप्त किया गया हो। ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने विगत 5 वर्षों में चार बार सीनियर वर्ग में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की ओर से प्रतिनिधित्व करने वाले महिला-पुरुष खिलाड़ियों को शहीद पंकज विक्रम सम्मान से सम्मानित किया जाता है। प्रशिक्षकों, निर्णायकों को वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है। खेल से जुड़े 55 वर्ष या अधिक उम्र के अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग लिया हो या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो या संबंधित ने ऐसी कोई उल्लेखनीय सेवा खेल के क्षेत्र में की हो जिनके आधार पर उन्हें सम्मानित किए जाने हेतु विचार किया जाए उन्हें शहीद विनोद चौबे सम्मान से अलंकृत किया जाता है। इसी प्रकार सीनियर व जूनियर वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त दल को मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की जाती है।  पुरस्कार के नियम छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित किए गए हैं, नियमों के अंतर्गत पात्रता रखने वाले आवेदकों को पुरस्कार के लिए प्रावीण्यता के आधार पर चयन किया जाएगा। शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार हेतु रुपए 3 लाख, शहीद कौशल यादव पुरस्कार हेतु रुपए 1 लाख 50 हज़ार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार हेतु रुपए 1 लाख 50 हज़ार, शहीद विनोद चौबे सम्मान एवं शहीद पंकज विक्रम सम्मान हेतु रुपए 25-25 हज़ार नगद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसी प्रकार सीनियर एवं जूनियर वर्ग में दलिय खेलों के लिए मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की जाएगी, जिसमें ऐसे दलीय खेल जिसके सदस्यों की संख्या चार है उन्हें सीनियर वर्ग में रुपए दो लाख एवं जूनियर वर्ग में रुपए एक लाख का पुरस्कार दिया जाएगा तथा ऐसे दलिय खेल जिसमें सदस्यों की संख्या चार से अधिक है उन्हें सीनियर वर्ग में रुपए 5 लाख तथा जूनियर वर्ग में रुपए 3 लाख का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के अतिरिक्त मान पत्र, अलंकरण फलक, ब्लेजर प्रदान की जावेगी। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त विजेताओं को प्रोत्साहन नियम के तहत नगद राशि पुरस्कार अलंकरण प्रदान किया जाता है। वर्ष 2023-24 में (1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक) एवं वर्ष 2024-2025 में (1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक) जिन खिलाड़ियों ने सब जूनियर, जूनियर एवं सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया है वे खिलाड़ी जिला कार्यालय एवं अपने खेल संघों से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर निर्धारित तिथि तक अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। इसी प्रकार खेलवृत्ति (डाइट मनी) के लिए जिन खिलाड़ियों ने अधिकृत राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किए हो या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व किया हो खेलवृत्ति हेतु आवेदन कर सकेंगे। खेलवृत्ति हेतु अधिकतम आयु 19 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए। खेल संघों से प्रोत्साहन के लिए उनके द्वारा वर्ष 2023- 2024 में (1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक) एवं वर्ष 2024-2025 में (1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक) अर्जित की गई उपलब्धि के लिए प्रेरणा निधि के आवेदन जिला कार्यालय में निर्धारित तिथि तक जमा कर सकेंगे। पुरस्कार, नगद राशि, खेलवृत्ति एवं प्रेरणा निधि हेतु आवेदन फार्म संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण या विभाग के सभी जिला कार्यालय एवं राज्य खेल संघो से प्राप्त किया जा सकते हैं। शहीद पंकज विक्रम सम्मान के आवेदन संघों के माध्यम से नियमानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत राज्य खेल संघो की अनुशंसा सहित प्राप्त किए जाएंगे। खेल संघ पृथक पृथक दो पुरस्कारों एक महिला एक पुरुष खिलाड़ी के लिए वरीयता के आधार पर दो-दो खिलाड़ियों के नाम की अनुशंसा कर सकेंगे। पंकज विक्रम सम्मान के आवेदन संचालनालय एवं जिला कार्यालय में खिलाड़ियों को सीधे स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जिला कार्यालय व संचालनालय में राज्य खेल संघो से अनुशंसा सहित आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 जून 2025 कार्यालयीन समय तक निर्धारित की गई है। खिलाड़ी को एक से अधिक अलंकरण सम्मान हेतु पृथक-पृथक आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन पत्र का प्रारूप मय सूचना विभाग की वेबसाइट https://sportsyw.cg.gov.in पर उपलब्ध है। निश्चित संख्या से कम संख्या में भी पुरस्कार चयन सूची जारी किए जाने हेतु समिति सक्षम होगी। किसी भी प्रमाण-पत्र का सत्यापन के लिए समिति द्वारा परीक्षण कराया जा सकेगा तथा किसी भी आवेदन में अस्पष्टता के कारण पुरस्कार को स्थगित या घोषित नहीं किए जाने का निर्णय समिति सक्षम होगी। आवेदन में दस्तावेज पूर्ण न होने पर आवेदन निरस्त माना जाएगा। पुरस्कार नियम में प्रावधानों के अनुरूप जिन खिलाड़ियों की मान्यता प्राप्त संघ द्वारा पुरस्कार के लिए अनुशंसा नहीं की गई है और तुलनात्मक रूप से उनकी उपलब्धि अधिक है तो ऐसे खिलाड़ी तत्संबंधी विवरण प्रस्तुत कर निर्धारित प्रारूप में अपना व्यक्तिगत विवरण लेख करते हुए दिनांक 26 जून 2025 तक कार्यालयीन समय में संचालनालय खेल एवं कल्याण सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम जी ई रोड रायपुर या खेल विभाग के जिला कार्यालय में अपना आवेदन सीधे जमा कर सकते हैं।

भारतीय मौसम विभाग ने बताया- आज से अगले तीन दिनों के लिए राजधानी में हीटवेव को लेकर रेड अलर्ट जारी

नई दिल्ली दिल्लीवासियों को गर्मी से राहत मिलने के फिलहाल कोई आसार नहीं हैं। ऑरेंज अलर्ट के बाद, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को अगले तीन दिनों के लिए राजधानी में हीटवेव को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया है। राजधानी के कई हिस्सों में सोमवार को लगातार दूसरे बार पारा 45 डिग्री के करीब पहुंचा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग में तापमान 43.4 डिग्री, पालम में 44.3 डिग्री, लोधी रोड पर 43.3 डिग्री, रिज इलाके में 44.9 डिग्री और सबसे अधिक तापमान अया नगर में 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये तापमान रविवार की तुलना में 1 से 2 डिग्री ज्यादा हैं। मौसम विभाग ने पहले ही अनुमान जताया था कि गुरुवार तक तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। साथ ही, शाम के समय भी गर्मी से ज्यादा राहत नहीं मिलने की चेतावनी दी गई है। वीकेंड में दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में आंधी और हल्की बारिश हालांकि, राहत की खबर यह है कि सप्ताहांत (वीकेंड) में दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। सावधानी बरतें: दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें पर्याप्त पानी पीते रहें और हाइड्रेटेड रहें बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें हीटवेव के इस दौर में मौसम विभाग की सलाह को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है, ताकि आप और आपके परिवार की सेहत सुरक्षित रह सके।

महासमुंद : प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना : खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

महासमुंद खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित ’प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना 2025-26 के अंतर्गत इच्छुक उद्यमियों से ’ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित’ किए जा रहे हैं। इस योजना में राईस मिल, दाल मिल, आटा, बेसन, मैदा निर्माण, मसाला निर्माण, बेकरी प्रोडक्ट्स, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, पापड़, बड़ी, नमकीन, अचार, सॉस, जैम, जेली, शहद, गुड़, चॉकलेट, मिठाई एवं कन्फेक्शनरी जैसी सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ पात्र हैं। इस योजना के तहत नवीन इकाई की स्थापना एवं पूर्व स्थापित इकाई के विस्तार/उन्नयन को पात्रता दी जाएगी। इसके लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना अनिवार्य है। व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को परियोजना लागत का अधिकतम 35 प्रतिशत की दर से ’क्रेडिट लिंक्ड पूंजीगत अनुदान अधिकतम 10 लाख तक की पात्रता होगी। लाभार्थी का अंशदान परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत अनिवार्य है, शेष राशि बैंक ऋण के माध्यम से आपूर्ति की जाएगी। इच्छुक आवेदक योजना की अधिक जानकारी एवं ऑनलाइन आवेदन हेतु विभागीय पोर्टल https://pmfme.mofpi.gov.in/pmfme/#/login पर अवलोकन कर सकते हैं। योजना से संबंधित सहायता एवं मार्गदर्शन के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बीटीआई रोड, इंदिरा गांधी महिला जिम के सामने, जे.के. सीमेंट के बाजू गली, पंचवटी विहार, महासमुंद या मोबाइल नंबर +91-7587724731, +91-7987379574 तथा  डीआरपी मोबाइल नम्बर +91-9111124220 व +91-7509447771 पर संपर्क किया जा सकता है

रिपोर्ट में दावा- संकट में भारत का यह कारोबार! 577000 नौकरियां खत्म होने का है अनुमान, रोजगार में 31% की गिरावट

नई दिल्ली  एक समय था जब हर घर केबल लगा होता था। केबल के बिना टेलीविजन इंडस्ट्री अधूरा था, लेकिन वर्तमान में नई टेक्नोलॉजी ने इसकी जगह ले लीं और अब भारत में केबल का कारोबार संकट से जुझ रहा है। यह अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहा है। ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और डीडी फ्री डिश जैसी मुफ्त, अनलिमिटेड सर्विसेज की बढ़ती लोकप्रियता के चलते केबल टेलीविजन उद्योग में भारी गिरावट देखी गई है। पे-टीवी ग्राहकों में गिरावट के चलते साल 2018 और 2025 के बीच अनुमानतः 577,000 कम्युलेटिव नौकरियां खत्म होने का अनुमान है। इसका खुलासा एक स्टडी रिपोर्ट में किया गया है। क्या है रिपोर्ट ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (एआईडीसीएफ) और ईवाई इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई रिपोर्ट ‘स्टेट ऑफ केबल टीवी डिस्ट्रीब्यूशन इन इंडिया’ में कहा गया है कि पे-टीवी सब्सक्राइबर बेस 2018 में 151 मिलियन से घटकर 2024 में 111 मिलियन हो गया है और 2030 तक इसके और घटकर 71-81 मिलियन के बीच रहने की उम्मीद है। इसमें चैनलों की बढ़ती लागत, बढ़ते ओटीटी प्लेटफॉर्म और डीडी फ्री डिश जैसी मुफ्त, अनियमित सेवाओं की बढ़ती लोकप्रियता को इस गिरावट का कारण बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चार डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) प्लेयर्स और दस प्रमुख केबल टीवी प्रोवाइडर्स या मल्टी-सिस्टम ऑपरेटरों (एमएसओ) के कम्युलेटिव रेवेन्यू में 2018 से 16% से अधिक की गिरावट आई है, जबकि उनके मार्जिन में 29% की कमी आई है। वित्त वर्ष 19 में, उनका संयुक्त राजस्व ₹25,700 करोड़ था, जो वित्त वर्ष 24 में घटकर ₹21,500 करोड़ रह गया। वित्त वर्ष 24 में संयुक्त एबिटा घटकर ₹3,100 करोड़ रह गया, जो वित्त वर्ष 19 में ₹4,400 करोड़ था। बता दें कि स्टडी में 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 28,181 स्थानीय केबल ऑपरेटरों (एलसीओ) से इनपुट लिए गए थे। इस असर एलसीओ वर्कफोर्स पर पड़ा है। नौकरियों पर खतरा सर्वेक्षण किए गए ऑपरेटरों ने रोजगार में 31% की गिरावट की रिपोर्ट की है, जो 37,835 नौकरियों का नुकसान दर्शाता है। जब राष्ट्रीय स्तर पर इसका अनुमान लगाया जाता है, तो यह विभिन्न परिचालन स्तरों पर 114,000 से 195,000 तक की नौकरियों के नुकसान में तब्दील हो जाता है। इसके अलावा, 2018 से अब तक लगभग 900 एमएसओ और 72,000 एलसीओ के बंद होने से ओवरएज में योगदान मिला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 से लगभग 900 एमएसओ और 72,000 एलसीओ के बंद होने से कुल 577,000 लोगों की नौकरी चली गई है। हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद उद्योग के लीडर सतर्क रूप से आशावादी बने हुए हैं।  

विदिशा पुलिस का बड़ा कारनामा, 527 गुम मोबाइल बरामद, लौटाई लोगो के चेहरे पर मुस्कान

विदिशा  विदिशा पुलिस को मिशन मोबाइल रिकवरी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 40 दिनों के इस अभियान के तहत 527 खोए या चोरी गए लोगों के मोबाइल बरामद किए हैं। रिकवर किए गए मोबाइलों की कुल कीमत करीब 1.05 करोड़ रुपए बताई जा रही है।  विदिशा एसपी रोहित काशवानी के निर्देशन में सायबर सेल ने EMEI नंबर और CEIR पोर्टल की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की। बरामद मोबाइल मध्य प्रदेश के भोपाल, रायसेन, सागर, गुना, अशोकनगर के अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड से तक मिले हैं। फरवरी में भी 310 मोबाइल लौटा चुकी पुलिस इससे पहले फरवरी 2025 में भी पुलिस द्वारा 310 मोबाइल फोन लौटाए थे। इस बार बरामद मोबाइलों में से 82 मोबाइल आपराधिक मामलों में जब्त किए गए हैं। फरवरी में भी लौटा चुके 310 मोबाइल इससे पहले फरवरी 2025 में पुलिस ने 310 मोबाइल फोन लौटाए थे। इस बार बरामद मोबाइलों में से 82 मोबाइल आपराधिक मामलों में जब्त किए गए हैं। इन टीमों का रहा योगदान अभियान में सायबर प्रभारी गौरव रघुवंशी, प्रधान आरक्षक पवन जैन और रोहित रैकवार समेत कई आरक्षकों की अहम भूमिका रही। कोतवाली, सिविल लाइन, बासौदा, सिरोंज, कुरवाई और लटेरी थानों की टीमों ने भी मोबाइल बरामदगी में योगदान दिया। एसपी बोले- गुम मोबाइल की तुरंत शिकायत करें एसपी रोहित काशवानी ने बताया कि, अभियान में उत्कृष्ट काम करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत थाना जाकर शिकायत करें या फिर सायबर हेल्पलाइन 7587637635 पर संपर्क करें। इसके अलावा www.ceir.gov.in पोर्टल पर IMEI नंबर के साथ रिपोर्ट दर्ज करें इन टीमों का रहा योगदान अभियान में सायबर प्रभारी गौरव रघुवंशी, प्रधान आरक्षक पवन जैन और रोहित रैकवार समेत कई आरक्षकों की अहम भूमिका रही। कोतवाली, सिविल लाइन, बासौदा, सिरोंज, कुरवाई और लटेरी थानों की टीमों ने भी मोबाइल बरामदगी में योगदान दिया। मोबाइल गुम होते ही दर्ज करें शिकायत एसपी रोहित काशवानी के अनुसार, अभियान में उत्कृष्ट काम करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि, मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत थाने पहुंचकर शिकायत करें या सायबर हेल्पलाइन नंबर 7587637635 पर संपर्क करें। साथ ही, ceir.gov.in पोर्टल पर EMEI नंबर के साथ रिपोर्ट दर्ज करें। मोबाइल गुम हुआ तो ये करें     मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें।     पास के थाने में शिकायत दर्ज करें।     CEIR पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें।     सायबर हेल्पलाइन से मदद लें।

हिंदू देवी-देवताओं को न मानने, ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राम, कृष्ण और अन्य हिंदू देवी-देवताओं को ईश्वर न मानने की शपथ दिलाई गई

ग्वालियर  ग्वालियर में एक बौद्ध धर्म सम्मेलन में विवाद हो गया। सम्मेलन में लोगों को हिंदू देवी-देवताओं को न मानने की शपथ दिलाई गई। यह सम्मेलन भितरवार के धाखड़ खिरिया में हुआ। इसमें ‘मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश को ईश्वर नहीं मानूंगा’ जैसी शपथ दिलाई गई। तीन दिवसीय सम्मेलन का हुआ था आयोजन 96 गांव जाटव समाज सुधार समिति ने 6 से 8 जून तक इस तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया था। इस घटना के बाद विवाद शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। वहीं, आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी धर्म का अनादर करना नहीं था। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कही गई बात दरअसल, सम्मेलन में लोगों को शपथ दिलाई गई कि वे हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानेंगे और उनकी पूजा नहीं करेंगे। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में बौद्ध धर्म के उपदेशक भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो ने लोगों को शपथ दिलाई। सागर महाथेरो द बुद्ध भूमि धम्मदूत संघ भोपाल के अध्यक्ष हैं। इन बातों की दिलाई शपथ शपथ में लोगों से कहा गया कि मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश को कभी ईश्वर नहीं मानूंगा, न मैं इनकी पूजा करूंगा। मैं राम और कृष्ण को ईश्वर नहीं मानूंगा और उनकी पूजा कभी नहीं करूंगा। मैं गौरी, गणपति आदि हिंदू धर्म के किसी भी देवी-देवताओं को नहीं मानूंगा और पूजा नहीं करूंगा। भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार नहीं शपथ में यह भी कहा गया कि मैं ईश्वर ने अवतार लिया है, इस पर विश्वास नहीं करूंगा। मैं ऐसा कभी नहीं मानूंगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार हैं। ऐसे प्रचार को मैं पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूं। मैं कभी श्राद्ध नहीं करूंगा और ना ही पिंडदान करूंगा। मैं बौद्ध धर्म के विरुद्ध कोई भी कार्य नहीं करूंगा। मैं कोई भी क्रिया कर्म ब्राह्मणों के हाथ से नहीं कराऊंगा। सम्मेलन में शामिल होने निमंत्रण दिया गया  भितरवार की 96 गांव जाटव सुधार समिति का समाज में काफी वर्चस्व है, जिसमें हजारों लोग विश्वास रखते हैं। समिति समाज के कई अहम मुद्दों और फैसलों में अपना दखल रखती है। समिति ने तीन दिवसीय विशाल बौद्ध धम्म महासम्मेलन का आयोजन करना तय किया। अध्यक्ष रूपेंद्र वर्मा, उपाध्यक्ष रूपेश बौद्ध, सचिव कुलदीप मौर्य सहित पदाधिकारियों ने 4 महीने तक इसकी तैयारी की। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी समाज के लोगों को यहां आने का निमंत्रण दिया गया। बताया जा रहा है कि डबरा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भोपाल, झांसी के अलावा राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से लोग आए थे। 6 जून को जब कार्यक्रम की शुरुआत हुई तो 5 से 7000 लोग थे। दूसरे दिन 12000 लोग शामिल हुए। तीसरे और आखिरी दिन 25000 लोग महासम्मेलन में शामिल हुए। सैकड़ों लोगों ने ली शपथ इस बौद्ध धम्म महासम्मेलन में सैकड़ों लोगों ने शपथ ली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। सम्मेलन के आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म का अनादर करना नहीं था। 96 गांव जाटव सुधार समिति के अध्यक्ष रूपेंद्र वर्मा ने कहा कि इस आयोजन का मकसद समाज में फैली बुराइयों को दूर करना था। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर यह खबर गलत है कि डेढ़ लाख लोगों ने धर्म परिवर्तन किया है। इस मामले पर एसडीओपी जितेंद्र नगाइच ने मीडिया से कहा कि उन्हें अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। पुराने धर्म को त्यागकर बौद्ध धर्म अपनाने को कहा  भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो (अध्यक्ष द बुद्ध भूमि धम्मदूत संघ भोपाल) ने लोगों को शपथ दिलाई। इसमें कहा गया कि वे ब्रह्मा-विष्णु-महेश को ईश्वर नहीं मानेंगे। न ही उनकी पूजा करेंगे। यह भी कहा गया कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार नहीं हैं। शपथ में ब्राह्मणों से कोई काम नहीं कराने और पुराने धर्म को त्यागकर बौद्ध धर्म अपनाने की बात कही गई। इस मामले में भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो से उनकी प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। फेसबुक पोस्ट से हुई विवाद की शुरुआत विवाद की शुरुआत फेसबुक के उस पोस्ट से हुई, जब दीपक बौद्ध नामक युवक ने अपने पेज पर लिखा कि 25000 दलित परिवारों ने छोड़ा हिंदू धर्म। हिंदुओं के देवी-देवताओं को ना पूजने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि ग्वालियर हाईकोर्ट में हिंदू धर्म के वकील लोग बाबा साहब की मूर्ति का विरोध कर रहे हैं तो हम इनके देवताओं को क्यों पूजेंगे। इसके साथ ही युवक ने भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो के शपथ दिलाए जाने का वीडियो शेयर किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों के कमेंट्स आने लगे। बाबा साहब की 22 प्रतिज्ञाओं को दोहराया गया आयोजन समिति के रूपेंद्र वर्मा का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वास को दूर करना था। यहां बाबा साहब की 22 प्रतिज्ञाओं को दोहराया गया था। किसी भी धर्म का अनादर करना उद्देश्य नहीं था। सोशल मीडिया पर इस बात को धर्मांतरण के रूप में पेश करना पूरी तरह गलत है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया संदर्भ पुस्तक का विमोचन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में “विश्व गुरु की ओर बढ़ते कदम.. मोदीज भारत @2047” संदर्भ पुस्तक का विमोचन किया। विमोचन के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट सहित पुस्तक के संकलन कर्ता श्री ऊनमीत सिंह नारंग उपस्थित थे।  

मुंह से जय श्री राम निकला वह बस कांग्रेस की शंका के दायरे में आया: रामेश्वर शर्मा

भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान चल रहा है, कांग्रेस ने नेता जिला स्तर पर जाकर जमीनी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए राहुल गांधी द्वारा बनाये गए नए फार्मूले की जानकारी दे रहे हैं, इस अभियान में पार्टी अंदरूनी स्तर पर भी आमूलचूल परिवर्तन करने वाली है लेकिन भाजपा ने इसे लेकर तंज कसा है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान पर तंज कसते हुए कहा है कि कांग्रेस का सृजन हो रहा है या नेताओं का विसर्जन हो रहा है यह तो वही जानें हमको उससे क्या लेना देना ? उन्होंने कहा जैसी कांग्रेस चल रही है हम तो शुभकामनाएँ देंगे। एक ही पेड़ है उसके नीचे बैठकर जो चाहे निर्णय ले लो विधायक शर्मा ने कहा कि  बेचारे अच्छे खासे आराम कर रहे हैं, कितनी तेज धूप हो रही है ऐसी धूप में जाकर करेंगे क्या ? ढूंढेंगे किसको? आदमी बचा हो तो ढूढेंगे न, जब लोग ही नहीं बचे तो ढूंढेंगे क्या? एक ही पेड़ है उसके नीचे बैठकर जो चाहे निर्णय ले लो, आदमी हो तो आदमी ढूंढोगे, जब आदमी बचे ही नहीं तो ढूंढोगे क्या? जो फूल छाप बन गए उनके बारे में कैसे निर्णय लेंगे? पिछले दिनों राहुल गांधी द्वारा भोपाल में पार्टी के नेताओं को फूल छाप कांग्रेसी बताने के बयान का जिक्र करते हुए रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जो बचे हैं उनको आपने शंका के दायरे में डाल दिया, उनको सबको फूल छाप बना दिया और जो फूल छाप बन गए उनके बारे में कैसे निर्णय लेंगे? हर कांग्रेसी एक दूसरे पर शंका कर रहा है भाजपा विधायक ने कहा कि अब तो ऐसी स्थिति है कि जो कांग्रेस का टिकट लेता है वह भी फूल छाप निकल जाता है, जो कांग्रेस का अध्यक्ष बनता है वह भी फूल छाप निकल जाता है। अब कुल मिलाकर भाजपा का ऐसा फोबिया सवार हो गया है कि हर कांग्रेसी एक दूसरे पर शंका कर रहा है कि ऐसा तो नहीं कि यह भाजपा का आदमी हो, यह मोदी का आदमी हो? मुंह से जय श्री राम निकला वह बस कांग्रेस की शंका के दायरे में आया रामेश्वर शर्मा ने कहा कि आज जिसके भी मुंह से जय श्री राम निकला वह बस कांग्रेस की शंका के दायरे में आया, इसलिए उनका सृजन और विसर्जन दोनों एक साथ चल रहा है। गौरतलब है कि संगठन सृजन अभियान के जरिये कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत कर रही है, जिला अध्यक्षों को अधिकार सम्पन्न बना रही है जिससे वो स्थानीय स्तर पर पार्टी को ताकतवर बनायें और ये सब केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में हो रहा है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live