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यूपी पुलिस की नई भर्ती जल्द ! दरोगा, कांस्टेबल के लिए आने वाला है नोटिफिकेशन, देखें ताजा अपडेट

लखनऊ यूपी पुलिस भर्ती का इंतजार कर लाखों अभ्यर्थियों के लिए गुडन्यूज है। उत्तर प्रदेश पुलिस में अगले हफ्ते 23763 पदों पर नई भर्तियां निकलने वाली हैं। इन भर्तियों में सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल दोनों के पद शामिल होंगे। ऐसे में जो अभ्यर्थी यूपी पुलिस में भर्ती होना चाहते हैं, वो अब इन भर्तियों के फॉर्म जल्द ही भर सकेंगे। नई भर्ती में सब इंस्पेक्टर पदों पर उम्मीदवारों को एज लिमिट में 3 साल की छूट दी जाएगी। आयुसीमा की यह रियायत केवल इस बार ही मिलेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर कांस्टेबल समेत विभिन्न पदों पर भर्तियों के लिए नोटिफिकेशन जून के दूसरे हफ्ते में जारी हो सकते हैं। इससे पहले भर्ती बोर्ड द्वारा कांस्टेबल के 19000+, सब इंस्पेक्टर के 4543 पदों पर भर्ती के लिए पुलिस मुख्यालय को अधियाचन भेजा जा चुका है। इनमें पीएससी सिपाही, पीएससी महिला वाहिनी, सिपाही नागरिक पुलिस, सिपाही पीएससी/सशस्त्र पुलिस, विशेष सुरक्षा बल में सिपाही, घुड़सवार, जेल वार्डर समेत अन्य पद शामिल हैं। UPPRPB ने ‘एक्स’ पर इसे लेकर जानकारी भी शेयर की थी। योग्यता पिछली भर्तियों के आधार पर योग्यता बताएं तो उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा बनने के लिए उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन होना चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवारों की एज लिमिट न्यूनतम 21 वर्ष होनी जरूरी है। वहीं कांस्टेबल के लिए 12वीं पास अभ्यर्थी फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा पुरुष अभ्यर्थियों की हाइट 168 सेमी होनी चाहिए और महिला अभ्यर्थियों की हाइट 152 सेमी होनी चाहिए। एज लिमिट, हाइट में आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट भी मिलेगी। यूपी पुलिस चयन प्रक्रिया की बात करें तो उम्मीदवारों को सबसे पहले लिखित परीक्षा देनी होगी। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को DV/PST और फिजिकल के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद फाइनल मेरिट तैयार होगी। यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2025 कांस्टेबल के 19000 से अधिक पदों पर नई भर्तियां आएंगी। इससे पहले 60244 पदों पर कांस्टेबल की भर्ती निकली थी, जिसके लिए 2023 में पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। जो अभ्यर्थी पिछली भर्ती में सेलेक्ट होने से चूक गए थे, वो इस भर्ती में पुलिस में सरकारी नौकरी का अपना सपना पूरा कर सकते हैं। लिखित परीक्षा के लिए आप अभी से तैयारी में जुट सकते हैं। लेटेस्ट अपडेट के लिए नवभारतटाइम्स.कॉम के एजुकेशन पेज से जुड़े रहें।  

रोनाल्डो ने विराट कोहली की नकल की? चैंपियन बनने के बाद घुटने टेके

म्यूनिख  स्पेन को नेशंस लीग के फाइनल में हराकर पुर्तगाल ने खिताब अपने नाम किया। दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो उस समय भावनाओं पर काबू नहीं रख पाये। जब स्पेन के खिलाफ नेशंस लीग फुटबॉल के फाइनल में पुर्तगाल के गोलकीपर डिएगो कोस्टा ने अल्वारो मोराटा की चौथी पेनल्टी बचाई और फिर रुबेन नेवेस ने अपनी टीम की पांचवीं पेनल्टी को गोल में बदलकर जीत सुनिश्चित कर दी। टीम की जीत तय होते ही रोनाल्डो की आंखों में खुशी के आंसू छलक आये। उन्होंने कहा कि देश के लिए ट्रॉफी जीतने से बड़ा कुछ भी नहीं। रोनाल्डो ने नेशंस लीग जीतने के बाद क्या कहा? पुर्तगाल के इस 40 साल के कप्तान ने कहा, ‘मैंने अपने क्लबों के साथ कई खिताब जीते हैं, लेकिन पुर्तगाल के लिए जीतने से बड़ा कुछ नहीं है।’ रोनाल्डो ने इस प्रतियोगिता में टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई। रविवार को खेले गये फाइनल में उन्होंने मैच के 61वें मिनट में गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर किया जिससे यह मुकाबला पेनल्टी शूटआउट में खिंचा। पुर्तगाल ने पेनल्टी शूटआउट में 5-3 से जीत दर्ज की। वह मैच से पहले वार्म अप के लिए मैदान में पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी थे। पुर्तगाल के समर्थकों ने जोर से शोर मचाकर उनका स्वागत किया। स्टेडियम में ज्यादातर समर्थकों ने उनके नाम की जर्सी पहन रखी थी। उन्होंने इससे पहले सेमीफाइनल में निर्णायक गोल कर जर्मनी के खिलाफ पुर्तगाल को 25 साल में पहली जीत दिलाई थी। उन्होंने इसके बाद फाइनल में भी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का रिकॉर्ड 138वां गोल कर प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दिया। देश के लिए 221 वां मैच खेल रहे रोनाल्डो के 61वें मिनट में किये गये गोल से पहले स्पेन की टीम 2-1 से आगे थी। वह हालांकि थकान के हावी होने के बाद मैच के 88वें मिनट में मैदान से बाहर चले गये। चोट के साथ नेशंस लीग का फाइनल खेल रहे थे रोनाल्डो रोनाल्डो ने कहा कि वह इस मुकाबले में चोट के साथ पहुंचे थे। उन्होंने कहा, ‘मैंने वार्मअप के दौरान ही चोट को महसूस कर लिया था। मैं इस चोट को पिछले समय से यह महसूस कर रहा था। राष्ट्रीय टीम के लिए अगर मुझे अपना पैर तोड़ना पड़ता तो भी मैं संकोच नहीं करता।’’ रोनाल्डो ने कहा, ‘यह इस ट्रॉफी के लिए था, मुझे खेलना था और मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया।’ उन्होंने कहा, ‘मैं कई देशों में रहा हूं, मैंने कई क्लबों के लिए खेला है, लेकिन जब बात पुर्तगाल की आती है, तो यह हमेशा एक खास एहसास होता है।’ सऊदी अरब के अल-नासर के साथ उनका अनुबंध जून के अंत तक ही है और क्लब फुटबॉल को लेकर उनका भविष्य अनिश्चित है। उन्होंने सऊदी प्रो लीग में टीम के आखिरी मैच के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि ‘यह अध्याय समाप्त हुआ।’ रोनाल्डो को क्लब विश्व कप में खेलने के लिए कई टीमों से लुभावने प्रस्ताव मिल रहे है लेकिन उन्होंने इसमें खेलने की अटकलों को शनिवार को ही खारिज कर दिया था। वह हालांकि पुर्तगाल के लिए खेलते रहेंगे।

SBI ने सरकार को 8077 करोड़ रुपये का लाभांश सौंपा, जानिए डिटेल्स

मुंबई देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सोमवार को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सरकार को 8,076.84 करोड़ रुपये का लाभांश दिया। एसबीआई के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू और वित्त सचिव अजय सेठ की मौजूदगी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लाभांश का चेक सौंपा। वित्त मंत्री के कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष सीएस शेट्टी की ओर से वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 8076.84 करोड़ रुपये का लाभांश चेक सौंपा गया।” एसबीआई ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 15.90 रुपये प्रति शेयर का लाभांश घोषित किया। यह पिछले वर्ष वितरित 13.70 रुपये प्रति इक्विटी शेयर से अधिक है। एसबीआई ने पिछले साल सरकार को 6,959.29 करोड़ रुपये का लाभांश दिया था। 2024-25 के दौरान, बैंक ने 70,901 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ अर्जित किया। पिछले वर्ष यह राशि 61,077 करोड़ रुपये थी, यानी इसमें 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बैंक में किसकी हिस्सेदारी एसबीआई में सरकार सबसे बड़ी हिस्सेदार है। उसके पास बैंक के करीब 57.42 फीसदी इक्विटी शेयर हैं। सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी के पास बैंक के 9.02% शेयर हैं और वह बैंक में सबसे बड़ी नॉन-प्रमोटर शेयरहोल्डर है। बैंक के शेयर एनएसई और बीएसई दोनों पर लिस्टेड हैं। बीएसई पर बैंक का शेयर सोमवार को 820.05 रुपये पर बंद हुआ था। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 898.80 रुपये और न्यूनतम स्तर 679.65 रुपये है।

कृषि विश्वविद्यालय में चार दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का समापन

रायपुर   कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम ने आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव के समापन समारोह मे शामिल हुए। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज यहा समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम थे। वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अध्यक्ष श्री राम प्रताप सिंह तथा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री आर.एस. विश्वकर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय आम महोत्सव में लगाई गई आम प्रदर्शनी के अंतर्गत विभिन्न आम प्रजातियों में पुरस्कार प्राप्त करने वाले आम उत्पादक किसानों तथा संस्थाओं को पुरस्कृत किया गया। छत्तीसगढ़ में आम उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रगतिशील कृषकों को भी सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय आम महोत्सव का समापन करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित इस वृहद एवं भव्य राष्ट्रीय आम महोत्सव में छत्तीसगढ़ के किसानों एवं आम नागरिकों को 1600 से अधिक आमों को देखने का अवसर प्राप्त हुआ। इसके लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा राज्य शासन का संचालनालय उद्यानिकी धन्यवाद का पात्र है। उन्होंने कहा कि यहां आकर अनेक नई-नई किस्मों को देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिससे छत्तीसगढ़ के किसानों को भी आम की नई-नई उन्नत एवं विभिन्न गुणों से परिपूर्ण प्रजातियों के बारे में जानने का मौका मिला। इसके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ के किसान आम की नई प्रजातियों के उत्पादन के लिए प्रेरित होंगे। श्री नेताम ने आम की नवीन उन्नत किस्मों के विकास के लिए देश के कृषि वैज्ञानिकों को बधाई दी। श्री नेताम ने कहा कि इस तरह के आयोजन राजधानी रायपुर के अलावा बस्तर एवं सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल संभागों में भी आयोजित किये जाने चाहिए जिससे इन आदिवासी अंचलों के किसानों को भी लाभ मिल सके। श्री नेताम ने कहा कि आम महोत्सव में भारत के विभिन्न राज्यों की लोकप्रिय आम प्रजातियों के साथ ही बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से 120 आम प्रजातियां शामिल की गई हैं जो छत्तीसगढ़ में आम की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय तथा उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को छत्तीसगढ़ में आम उत्पादन को और अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिये। समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने राष्ट्रीय आम महोत्सव के बारे में मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों को जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 427 से अधिक किस्मों के 1200 से अधिक प्रादर्श एवं आम से बने 56 तरह के व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। विगत तीन दिनों में राष्ट्रीय आम महोत्सव में 10 हजार से अधिक लोगों ने मेले एवं प्रदर्शनी का अवलोकन किया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए आम उत्पादकों द्वारा आम के विभिन्न किस्मों के फलों तथा पौधों का विक्रय भी किया गया जहां किसानों एवं आम नागरिकों द्वारा लगभग 50 हजार पौधे क्रय किये गये। मेले में बड़ी संख्या मात्रा में विभिन्न आम प्रजातियों के फलों का विक्रय भी किया गया। डॉ. चंदेल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय परिसर में लगातार दूसरी बार आयोजित यह राष्ट्रीय आम महोत्सव सभी मायनों में काफी सफल रहा। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा छत्तीसगढ़ में आम के उत्पादन हेतु विशिष्ट योगदान देने वाले प्रगतिशील कृषकों – श्री सुरेश गुप्ता ग्राम सिलफिली, जिला अम्बिकापुर, श्री तोरन लाल धु्रव ग्राम बारूका जिला गरियाबंद और श्री सुरेश ठाकुर ग्राम चंदनीडीह जिला रायपुर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विभाग तथा उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कृषि वैज्ञानिक तथा बड़ी संख्या में आम उत्पादक किसान उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कवियों का किया सम्मान

रवींद्र भवन में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सिंदूर अक्षर में कवियों ने राष्ट्रभक्ति और भारत के शौर्य एवं सक्षम नेतृत्व पर सुनाई काव्य रचनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कवियों का किया सम्मान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को रवींद्र सभागम, भोपाल में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन “सिंदूरी अक्षर” में कवियों की रचनाएं सुनीं। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह कवि सम्मेलन भारतीय सेनाओं और जननायकों के शौर्य और पराक्रम पर केंद्रित रहा। कवियों ने भारत के सक्षम नेतृत्व और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को कविताओं का आधार बनाया।प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कवि सम्मेलन में आए कवियों का शाल और श्रीफल से सम्मान किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ सांसद वीडी शर्मा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक भगवान दास सबनानी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कवि सम्मेलन में आए वरिष्ठ कवि हरि ओम पवार ने कहा कि किसी राज्य के मुख्यमंत्री कवि सम्मेलन में श्रोताओं के साथ उपस्थित रहकर तल्लीनता से काव्य रचनाएं सुनते हैं, यह उनकी संवेदनशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ,प्रमुख सचिव उद्योग राघवेंद्र कुमार सिंह विक्रमादित्य पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी,साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे एवं अनेक सुधिजन काव्य प्रेमी नागरिक आदि उपस्थित थे। कवि सम्मेलन देर रात्रि तक चला। कवि सम्मेलन में जानी बैरागी, सुरेंद्र दुबे, अनु सपन, शैलेंद्र माथुर, सुमित मिश्रा, अमन अक्षर,दिनेश दिग्गज आदि ने काव्य रचनाएं पढ़ी।

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट छोटे निवेशक होंगे समिट से लाभान्वित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट में होंगे शामिल सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट आज  कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट छोटे निवेशक होंगे समिट से लाभान्वित भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सिरमौर बनाने के लिये “सबका साथ-सबका विकास और सबके विश्वास’’ के साथ लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य प्राप्ति में मध्यप्रदेश भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रतिबद्धतापूर्वक निरंतर कार्य कर रहा है। मंगलवार 10 जून को कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में छोटे निवेशकों और किसानों की सौर ऊर्जा उत्पादन में सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिये सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समिट का शुभारंभ करेंगे। समिट में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित रहेंगे। इसमें विभिन्न सत्र आयोजित किये जायेंगे। सत्रों में विषय-विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जानकारी दी जायेगी। एमडी ऊर्जा विकास निगम अमनबीर सिंह बैंस प्रात: 11 बजे प्रोजेक्ट और निविदा की विशेषताओं पर प्रकाश डालेंगे। दोपहर में निविदा प्रक्रिया का प्रेजेंटेशन होगा। रिसोर्स मॉनीटरिंग सिस्टम पर विचार-विमर्श होगा। इसके अतिरिक्त मेनिट की डॉ. प्रियंका पालीवाल ‘रियेक्टिव पॉवर-ग्रिड स्टेबिलाइजेशन एण्ड इम्पेक्ट ऑन फीडर’ पर व्याख्यान देंगी। समिट में फीडर सोलराइजेशन में वित्तीय सहायता के लिये बैंकर्स का सेशन भी आयोजित किया गया है। समिट में प्रोसेस फ्लो और डिमांस्ट्रेशन पर भी प्रेजेंटेशन होंगे। समिट में इनवर्टर मैन्युफेक्चरर्स का सेशन भी होगा। समिट का शुभारंभ प्रात: 10:30 बजे सहभागियों के रजिस्ट्रेशन से होगा। “सूर्य-मित्र कृषि फीडर”- क्रियान्वयन के मुख्य बिंदु     योजना के अंतर्गत विद्युत् सबस्टेशंस की 100 प्रतिशत क्षमता तक की सौर परियोजनाओं की स्थापना की जा सकेगी।     वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। शासन के साथ 25 वर्षों तक विद्युत् क्रय अनुबंध किया जाएगा।     प्रदेश में 1900 से अधिक सबस्टेशंस पर 14500 मेगावाट क्षमता परियोजनाओं के चयन हेतु उपलब्ध हैं। परियोजनाओं को एग्रीकल्चर इन्फ्रा फंड से 7 वर्षों तक 3 प्रतिशत ब्याज में छूट का प्रावधान है।  

सैमसंग जल्द ही ला रहा तीन बार मुड़ने वाला फोन

नई दिल्ली सैमसंग जल्द अपना तीन बार मुड़ने वाला फोल्डिंग फोन लेकर आने वाला है। इस फोन को ट्राई फोल्ड कहा जाता है। इस तरह का फोन पहले Huawei ने Mate XT Ultimate के नाम से पेश किया था। अब सैमसंग इस कड़ी में अगला नाम होगा। सैमसंग अपने इस फोन में ड्युअल हिंज डिजाइन देगा, जिसकी मदद से यह फोन दो बार फोल्ड हो सकेगा। दो बार फोल्ड होकर खुलने के बाद यह फोन से सीधे टैबलेट के साइज में बदल जाएगा। जल्द आने वाले इस खास फोन के बारे में डिटेल में जानते हैं। कब हो सकता है लॉन्च? सैमसंग के ट्राई फोल्ड फोन के बारे में ज्यादा जानने से पहले जान लेते हैं कि यह फोन लॉन्च कब होगा। इस बारे में सैमसंग की ओर से कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं की गई है लेकिन टिप्स्टर योगेश बरार ने X पर बताया है कि यह फोन 2025 की तीसरी तिमाही में लॉन्च हो सकता है। इस लिहाज से इस फोन के सितंबर के आखिर तक लॉन्च होने की उम्मीद की जा सकती है। इससे पहले खबरें आई थीं कि सैमसंग अपना ट्राईफोल्ड फोन Z सीरीज की सातवीं जेनरेशन के लॉन्च के बाद लाएगा। क्या हो सकती है कीमत टिप्स्टर के अनुसार इस फोन की कीमत करीब 2.5 से 3 लाख रुपये तक हो सकती है। वहीं उन्होंने यह भी बताया है कि इस फोन का प्रोडक्शन बहुत ही सीमित संख्या में होगा और इसे पहले दक्षिण कोरिया के बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं खबरें ऐसी भी हैं कि इसके लॉन्च के समय यह भारत में भी साथ में लॉन्च किया जाएगा। इस कीमत पर आने वाले इस फोन को जाहिर तौर पर आम पब्लिक के लिए नहीं बल्कि टेक लवर्स के लिए बनाया जाएगा। कीमत के मामले में यह फोन सैमसंग या ऐपल के प्रीमियम फोन्स के दाम से भी ऊपर है। नॉर्मल फोल्ड फोन से कैसे अलग सैमसंग का नया ट्राई फोल्ड फोन अभी तक के नॉर्मल फोल्ड फोन से कई मायनों में अलग होगा। इस फोन में सैमसंग पहली बार ड्युअल हिंज डिजाइन का इस्तेमाल करेगा। इस ड्युअल हिंज डिजाइन की वजह से फोन Z के आकार में खुलेगा। अभी तक के फोल्ड फोन का कॉन्सेप्ट कुछ ऐसा है कि यह फोन के साइज को उसके दुगने आकार का बना देता है। वहीं ट्राई फोल्ड फोन एक फोन को दुगने आकार के साथ-साथ टैबलेट के साइज में भी बदल पाएगा। यह जेब में टैबलेट लेकर चलने जैसा होगा।

बस्तर के युवाओं को मिलेगा प्रतिभा निखारने का मौका, सचिन तेंदुलकर 50 गांवों में बनवा रहे मैदान

दंतेवाड़ा भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर अब खेल के जरिए सामाजिक बदलाव की बुनियाद रख रहे हैं। छत्तीसगढ़ का दंतेवाड़ा जिला लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता रहा है, अब खेल के क्षेत्र में नई पहचान बनाने जा रहा है। मानदेशी फाउंडेशन के सहयोग से सचिन तेंदुलकर यहां 50 खेल मैदानों का निर्माण करवा रहे हैं। यह पहल ना सिर्फ युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करेगी, बल्कि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम भी बनेगी। दंतेवाड़ा का नाम सुनते ही जहन में एक तस्वीर उभरती है – घने जंगल, आदिवासी जीवन और नक्सली गतिविधियों की छाया, लेकिन अब इस तस्वीर में बदलाव होने जा रहा है। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर की प्रेरणा और मानदेशी फाउंडेशन की साझेदारी से बस्तर के गांवों में 50 खेल मैदानों का निर्माण हो रहा है, जो वहां के बच्चों और युवाओं के लिए एक नई दिशा तय करेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल खेल प्रतिभाओं को निखारना है, बल्कि ग्रामीण अंचल में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समावेश को भी बढ़ावा देना है। सचिन तेंदुलकर का मानना है कि खेल जीवन को अनुशासित बनाते हैं और युवाओं में नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क और आत्मविश्वास जैसे गुणों को विकसित करते हैं। खेल मैदानों में मिलेगी ये सुविधाएं इन खेल मैदानों में क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो और एथलेटिक्स जैसी विभिन्न खेल सुविधाएं दी जाएगी। स्थानीय बच्चों और युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए कोच की नियुक्ति की जाएगी और समय-समय पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। मैदान कप जैसे आयोजन इन युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करेंगे। इस योजना से विशेष रूप से आदिवासी समुदाय के बच्चों को लाभ होगा, जो अब तक संसाधनों की कमी के कारण अपनी प्रतिभा को सही दिशा नहीं दे पाए थे। यह खेल मैदान उन्हें न केवल अपने सपनों को उड़ान देने का मौका देंगे, बल्कि समाज में एक नई पहचान भी दिलाएंगे। युवा बोले – हम भी मैदान में खेलेंगे और कुछ बनकर दिखाएंगे दंतेवाड़ा के स्थानीय लोगों में इस योजना को लेकर उत्साह है। गांव के बुज़ुर्गों से लेकर युवाओं तक, सभी इस बदलाव को एक नई शुरुआत मान रहे हैं। एक स्थानीय युवक ने कहा, अब हमें भी लगेगा कि हम किसी से पीछे नहीं हैं। हम भी मैदान में खेलेंगे और कुछ बनकर दिखाएंगे। दंतेवाड़ा में बन रहे ये 50 खेल मैदान महज जमीन के टुकड़े नहीं, बल्कि सपनों की पगडंडी है। सचिन तेंदुलकर की इस पहल से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में बस्तर से भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी उभरेंगे। यह बदलाव न केवल खेल के क्षेत्र में होगा, बल्कि समाज की मानसिकता और सोच में भी नई रोशनी लाएगा।

स्‍टारलिंक को भारत में कुछ नियमों का करना होगा पालन, नहीं तो कैंसल हो सकता है लाइसेंस

नई दिल्ली एलन मस्‍क की कंपनी स्‍टारलिंक को भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए जरूरी लाइसेंस मिल गया है। इसके साथ ही कंपनी को कुछ नियमों का पालन भी करना होगा। अब अगर उसने किसी मामले में ढीला रवैया अपनाया तो लाइसेंस कैंसल हो सकता है। अबतक एलन मस्‍क की कंपनी भारत सरकार के साथ कुछ मामलों में सहयोग नहीं कर रही थी। अब ऐसा किया तो उसे महंगा पड़ सकता है। एयरटेल की वनवेब और रिलायंस जियो के बाद स्‍टारलिंक भारत में तीसरी कंपनी बनी है, जिसे सर्विस शुरू करने का मौका मिला है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि वह भारत सरकार से अब तक कौन सी बात छुपा रही थी। ईटी टेलिकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, बीते कुछ महीनों में नॉर्थ-ईस्‍ट के इलाकों में स्‍टारलिंक की सैटेलाइट किट पकड़ने की जानकारी सामने आया था। सुरक्षा एजेंसियों ने इशारा किया था कि दूरदराज के इलाकों में स्‍टारलिंक उपकरणों का गलत इस्‍तेमाल किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, मस्‍क की कंपनी इससे जुड़ी डिटेल नहीं दे रही थी। लाइसेंस मिलने के बाद अब स्‍टारलिंक को देश में जब्‍त की गईं सैटेलाइट किट और यूजर्स की डिटेल शेयर करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर कंपनी से सवाल किया जा सकता है और लाइसेंस तक रद्द हो सकता है। क्‍या-क्‍या होता है स्‍टारलिंक किट में स्‍टारलिंक की किट में 4 मेन चीजें होती हैं। स्‍टारलिंक डिश, वाई-फाई राउटर, पावर सप्‍लाई करने वाली केबल और माउंटिंग ट्रायपॉड। इन्‍हें जोड़ने के बाद ही सैटेलाइट इंटरनेट चलता है। मेन डिश को छत पर या पोल पर लगाया जाता है। यह वैसी ही होती है, जैसे डीटीएच की छतरी। डिश पर अंतरिक्ष से सिग्‍नल बीम होते हैं। वो सिग्‍नल राउटर पर पहुंचते हैं और फ‍िर राउटर के कवरेज एरिया में वाई-फाई की मदद से इंटरनेट चलता है। भारत में कहां मिली थी स्‍टार‍लिंक किट ईटी टेलिकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में मणिपुर में स्‍टारलिंक के उपकरण बरामद किए गए थे। अंडमान निकोबार से भी एक अवैध किट बरामद हुई थी। ऐसे मामलों में सरकार के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि उपकरणों की मदद से इंटरनेट कौन चला रहा था। कंपनी जानकारी शेयर ना करे तो परेशानी आती है। लेकिन अब स्‍टारलिंक ऐसा नहीं कर पाएगी। साथ ही उसे भारत में कंट्रोल और मॉनिटरिंग सेंटर भी स्‍थापित करना होगा। स्‍टारलिंक की सेवाएं भारत में कबतक शुरू होंगी, अभी जानकारी नहीं है। कहा जाता है कि पहले ट्रायल स्‍टार्ट किए जाएंगे।

विधानसभा की याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की बैठक में हुए विधायक शामिल

आष्टा  मप्र विधानसभा की याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की आज विधानसभा भवन में कक्ष क्र 7 में बैठक सम्पन्न हुई । समिति के सदस्य के रूप में आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर उक्त बैठक में शामिल हुए । विधानसभा भवन में याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की बैठक में प्राप्त याचिकाओं पर सुनवाई की गई एवं सम्बंधित विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गये ।

राजस्थान पीटीईटी 2025 परीक्षा 15 जून को, एडमिट कार्ड जारी

 कोटा राजस्थान में शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी, कोटा ने पीटीईटी 2025 के एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट ptetvmoukota2025.in पर जारी कर दिए हैं। जिन उम्मीदवारों ने 2 वर्षीय बी.एड. कोर्स या 4 वर्षीय बी.ए.बी.एड./ बी.एससी.बी.एड. कोर्स के लिए आवेदन किया था, वे अब अपना हॉल टिकट ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। 15 जून को है परीक्षा राजस्थान पीटीईटी 2025 परीक्षा 15 जून को प्रदेश के 41 जिलों में एक साथ आयोजित की जाएगी। परीक्षा केवल एक पाली में सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक होगी। इस परीक्षा के जरिए राज्य के विभिन्न बीएड कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा। परीक्षा का एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले ptetvmoukota2025.in वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद होम पेज पर अपने कोर्स (2-वर्षीय बी.एड. या 4-वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स) के अनुसार लिंक पर क्लिक करें। PTET Admit Card 2025 लिंक पर क्लिक करें। लॉगिन पेज पर जाकर अपनी डिटेल्स भरें और सबमिट बटन पर क्लिक करें। आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर खुल जाएगा। सभी जानकारियों को ध्यान से चेक करें और एडमिट कार्ड का प्रिंट निकाल लें और उसे सुरक्षित रखें। कुछ बातों का रखें विशेष ध्यान एडमिट कार्ड पर अभ्यर्थी का नाम, फोटो, रोल नंबर, परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग टाइम जैसी जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए। परीक्षा के दिन एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी साथ लाना अनिवार्य है, बिना एडमिट कार्ड के परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। किसी भी तरह की गड़बड़ी या त्रुटि पाए जाने पर तुरंत यूनिवर्सिटी की हेल्पलाइन से संपर्क करें। वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी ने सभी परीक्षार्थियों से अनुरोध किया है कि वे परीक्षा से जुड़ी ताजा जानकारियों और निर्देशों के लिए नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें। परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है। राजस्थान पीटीईटी 2025 की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है। अब जब एडमिट कार्ड जारी हो चुका है, तो परीक्षा की अंतिम तैयारियों में कोई कमी न छोड़ें। समय पर एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और परीक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखें।  

महाराष्ट्र सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का 9 सदस्यीय दल दो दिवसीय दौरे पर मध्यप्रदेश आएगा

भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में मनरेगा परिषद द्वारा किए गए नवाचार को देखने महाराष्ट्र सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का 9 सदस्यीय दल दो दिवसीय दौरे पर मध्यप्रदेश आएगा। इस दल में महाराष्ट्र शासन के मंत्रालय, जिला और विकास खंड स्तर के अधिकारी शामिल है। वाटर शेड विभाग के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कमलाकर रानादेवी के नेतृत्व में दल के सदस्य 12 जून को भोपाल एवं 13 जून को रायसेन जिले के सांची विकासखंड का भ्रमण करेंगे। दल के सदस्य फील्ड में जाकर सिपरी साफ्टवेयर खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थल चयन में किस तरह से काम करता है, इसका अध्ययन करेंगे। साथ ही मनरेगा परिषद द्वारा कार्ययोजना को लेकर तैयार किए गए प्लानर ऐप के बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत बारिश के पानी को बचाने के लिए बनाए जा रहे खेत तालाब, अमृत सरोवर और कूप रिचार्ज पिट का कार्य भी देखेंगे। केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय भूमि संसाधन विभाग द्वारा बीते दिनों राष्ट्रीय समीक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। समीक्षा कार्यक्रम में मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन श्री अवि प्रसाद ने मध्यप्रदेश में जल संरक्षण व संवर्धन और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के कार्यों के चयन तथा मॉनिटरिंग के लिए किए गए नवाचार सिपरी सॉफ्टवेयर का प्रस्तुतीकरण किया, जिसकी केन्द्र सरकार के अधिकारियों द्वारा प्रशंसा की गई है। केन्द्र सरकार ने राज्य के इस नवाचार को समीक्षा कार्यवाही विवरण में रेखांकित किया है। राष्ट्रीय समीक्षा में अन्य राज्यों के प्रमुख सचिवों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने भी सिपरी की उपयोगिता की सराहना की और अपने राज्यों में भी इसके उपयोग की रुचि दिखाई। अब अन्य राज्यों से भी सिपरी के अध्ययन के संबंध में प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद से खेत तालाब, अमृत सरोवर का किया गया है स्थल चयन प्रदेश में पहली बार खेत-तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण के लिए स्थल का चयन वैज्ञानिक पद्धति से किया गया है। इसके लिए मनरेगा परिषद द्वारा सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद ली गई है। जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की मनरेगा योजना में सभी जिलों में 78 हजार 950 खेत तालाब, 99 हजार 320 कूप रिचार्ज पिट और 1 हजार 254 अमृत सरोवरों का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही 2 लाख 30 हजार 749 जलदूतों ने पंजीयन कराया है। क्या है सिपरी सॉफ्टवेयर एवं प्लानर ऐप सिपरी (सॉफ्टवेयर फॉर आइडेंटीफिकेशन एंड प्लानिंग ऑफ रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर) सॉफ्टवेयर एक उन्न्त तकनीक का सॉफ्टवेयर है, जिसे महात्मा गांधी नरेगा, मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल द्वारा एमपीएसईडीसी और इसरो के सहयोग से तैयार कराया गया है। इस साफ्टवेयर का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थलों की सटीक पहचान कर गुणवत्तापूर्ण संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित करना है। साथ ही यह भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित वैज्ञानिक पद्धतियों से जल सरंचना स्थलों के चयन को अधिक सटीक बनाता है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मनरेगा परिषद द्वारा एक प्लानर ऐप बनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य है मनरेगा के उद्देश्यों एवं प्रावधानों का पालन कराते हुए कार्ययोजना को आसान तरीके से बनाया जाना। ऐप के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर लिए जाने वाले कार्यों की वार्षिक कार्ययोजना तैयार की जाती है। मध्यप्रदेश इस तरह का नवाचार करने वाला देश का पहला राज्य है। 6 एवं 7 जून को बिहार सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 4 सदस्यीय दल ने भोपाल आकर सिपरी सॉफ्टवेयर और प्लानर ऐप के बारे में जानकारी भी प्राप्त कर चुका है। 30 जून तक चलेगा जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बारिश के पानी की प्रत्येक बूंद का संचयन व पुराने जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार करने के लिए प्रदेश में तीन माह तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। 30 जून तक वाले इस अभियान की शुरुआत 30 मार्च को हुई थी।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा- पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी की नई पहल, लॉंच किया V मित्र ऐप

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने एक अभिनव मोबाइल एप्लीकेशन ‘विद्युत मित्र (V-Mitra)’ विकसित किया है। यह ऐप कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। V मित्र ऐप क्या है V मित्र ऐप के माध्‍यम से आमजन अब स्‍वयं बिजली चोरी, मीटर में छेड़छाड़, अवैध विद्युत कनेक्‍शन, अवैध पॉवर एक्सटेंशन, एक ही स्‍थान पर एक से अधिक बिजली कनेक्शन, बिजली कनेक्‍शन का अवैध रूप से विस्‍तार एवं अधिक लोड का इस्‍तेमाल करने वालों की शिकायत कर सकेंगे  और की गई शिकायतों की लाइव मॉनिटरिंग भी कर सकेंगे। V मित्र ऐप “जनता का ऑडिट, जनता के द्वारा, जनता के लिए” के सिद्धांत पर काम करता है । V मित्र ऐप कैसे डाउनलोड करें  V मित्र ऐप को गूगल प्‍ले स्‍टोर में जाकर आसानी से डाउनलोड क‍िया जा सकता है। उपयोगकर्ता को शिकायत करने के लिए पंजीकरण कराना आवश्‍यक है, इसके लिए क‍िसी भी दस्‍तावेज की आवश्‍यकता नहीं होगी, अब क‍िसी भी स्‍थान से शिकायत दर्ज करायी जा सकती है। जानकारी देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जायेगी। ऐप मोबाइल के जीपीएस द्वारा स्‍वयं लोकेशन कैप्‍चर करता है। शिकायतकर्ता अवैध कनेक्शन या मीटर छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की तस्वीरें आसानी से अपलोड कर सकते हैं।  ऐप की मुख्य विशेषता यह है कि यह उपयोगकर्ता को गूगल को-ऑर्डिनेट्स के माध्यम से अपने स्थान के 750 मीटर के दायरे में आने वाले सभी उपभोक्ताओं का विवरण देखने की सुविधा देता है। शिकायत कैसे करें जिस बिजली उपभोक्ता की शिकायत की जाना है, उस उपभोक्ता का IVRS नंबर दर्ज करना होगा और फिर की जा रही अनियमितता चुनाव करते हुए फोटो अपलोड कर रिपोर्ट सबमिट करना होगा। यदि IVRS नंबर उपलब्ध नहीं है, तो ऐप स्वचलित रूप से उपयोगकर्ता के वर्तमान स्थान की GPS लोकेशन कैप्चर करेगा। यहां भी फोटो अपलोड करनी होगी । पुरस्कार शिकायतकर्ता की शिकायत पर कंपनी की सतर्कता जाँच टीम संबंधित स्थल पर पहुँचकर जाँच करेगी। शिकायत सही पाये जाने पर इनाम की राशि सीधे शिकायतकर्ता द्वारा लिंक क‍िये गये बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जायेगी, जो अधिकतम 50 हजार रुपये तक हो सकती है। शिकायत का लगातार अपडेट मिलता रहेगा। शिकायत के विरूद्ध क‍िसी भी प्रकार की अपील नहीं होने पर इनाम की राशि 7 दिन में बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जायेगी। आम नागरिक ऐप पर की गई शिकायतों के लंबित, प्रक्रियाधीन एवं पूर्ण होने की जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं। अनियमितता की श्रेणी के अनुसार, कंपनी ने इनाम राशि अलग-अलग स्लैब में तय की है। गलत जानकारी पर इनाम नहीं मिलेगा। क्या V मित्र ऐप उपभोक्ता शिकायत प्लेटफॉर्म है V मित्र ऐप केवल निगरानी के लिए है, यह उपभोक्ता की व्यक्तिगत शिकायतें (जैसे बिलिंग त्रुटियाँ, मीटर विवाद, मीटर कनेक्‍शन, बिजली कटौती) हल करने के लिए नहीं है। उसके लिए कंपनी के हेल्पलाइन नंबर 1912 या Nidaan पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।  उपयोगकर्ताओं की सहायता के लिए कंपनी ने ऐप उपयोग की स्पष्ट दिशा-निर्देशों वाली एक पुस्तिका (यूज़र गाइड) भी प्रकाशित की है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने उपभोक्ता संबंधित जानकारी जैसे कि IVRS नंबर, लोड, श्रेणी, पता आदि सभी 24 जिलों के लिए अपनी वेबसाइट http://www.mpez.co.in पर सार्वजनिक कर दी है। कोई भी आम नागरिक इस जानकारी को देख सकता है।  

दिल्ली-NCR में आसमान से बरस रही आग, पारा 45 डिग्री के पार, IMD ने बताया- कब होगी बारिश

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में आसमान से आग बरस रही है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। आया नगर में अधिकतम तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार यह अभी और बढ़ सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में दिल्ली का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो सकता है। सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सुबह का तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता का स्तर लगभग 48 प्रतिशत दर्ज किया गया। यदि दोनों स्थितियों को मिला दें यह गर्मी से असहज करने के लिए पर्याप्त है। रविवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में अगले चार दिनों तक के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान लू चलने की भी संभावना है। आईएमडी के वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव ने एएनआई को बताया कि अगर हम उत्तर-पश्चिम भारत की बात करें तो अगले चार दिनों तक मैदानी इलाकों में लू की स्थिति रहने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में सोमवार और मंगलवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की उम्मीद है, जिससे अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति पैदा होगी। इस क्षेत्र के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। किन-किन इलाकों में बरस रही आग सफदरजंग- 43.4 डिग्री सेल्सियस पालम- 44.3 डिग्री सेल्सियस लोधी रोड- 43.3 डिग्री सेल्सियस रिज- 44.9 डिग्री सेल्सियस आया नगर- 45.3 डिग्री सेल्सियस वायु गुणवत्ता भी खराब श्रेणी में पहुंचा दिल्ली में वायु गुणवत्ता भी खराब हो गई है। सोमवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 219 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस स्तर को खराब श्रेणी में ऱखता है। गर्मी और उमस के अलावा AQI एक और समस्या है जिसका दिल्ली के लोग सामना कर रहे हैं। क्या बारिश से राहत मिलेगी? दिल्ली-एनसीआर में सप्ताह के मध्य तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसस भीषण गर्मी से राहत मिलने का अनुमान है। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की उम्मीद है। आईएमडी के मौसम बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी यूपी में 13 और 14 जून को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।  

अब अयोध्या में जमीन खरीदना पहले से कहीं ज़्यादा महंगा हो गया है, 8 साल बाद सर्किल रेट में दिखी जबरदस्त बढ़ोतरी

अयोध्या  राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है। इसी कारण अब लोग अयोध्या में बसने और जमीन खरीदने की इच्छा ज़्यादा दिखा रहे हैं। इसी बीच अब अयोध्या में जमीन खरीदना पहले से कहीं ज़्यादा महंगा हो गया है, क्योंकि करीब 8 साल बाद जिले में जमीनों के सर्किल रेट में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। कई इलाकों में यह बढ़ोतरी 200 प्रतिशत तक की गई है। क्या होता है सर्किल रेट? सर्किल रेट वह न्यूनतम मूल्य होता है जो सरकार किसी इलाके में जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए तय करती है। इसी रेट के आधार पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस तय होती है। सर्किल रेट ज़्यादा होने का मतलब है कि जमीन खरीदने पर खर्च भी बढ़ जाएगा। कब से लागू हैं नए रेट? रिपोर्ट्स के अनुसार यह आदेश शनिवार से लागू हो गया है। चूंकि शनिवार को अवकाश था, इसलिए सोमवार से नए सर्किल रेट पर जमीनों की रजिस्ट्री शुरू होगी। अयोध्या के डीएम निखिल टी. फुंडे ने बताया कि अगस्त 2023 में सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव जारी किया गया था। उस पर आई आपत्तियों के बाद समीक्षा की गई और अब नए रेट लागू कर दिए गए हैं। जमीनों की कीमत क्यों बढ़ी? 2019 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम मंदिर निर्माण के पक्ष में फैसला आने के बाद से अयोध्या में जमीनों की मांग काफी बढ़ गई थी। इसके चलते जमीन की बाजार दरें लगातार ऊपर जा रही थीं, लेकिन सरकारी सर्किल रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ था। अब करीब 8 साल बाद सर्किल रेट संशोधित किए गए हैं।   किन इलाकों में कितनी बढ़ोतरी हुई? राम जन्मभूमि के आसपास के गांवों में सर्किल रेट में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है। इनमें शामिल हैं: तिहुरा माझा     पहले: 11 से 23 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर     अब: 33 से 69 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तिहुरा उपरहार     पहले: 32 से 71 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर     अब: 42 से 95 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर शाहनवाजपुर माझा     पहले: 75 से 169 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर     अब: 98 से 221 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर बरहटा माझा     पहले: 75 से 169 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर     अब: 98 से 221 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर गंजा गांव (जहां एयरपोर्ट बन रहा है)     पहले: 28 से 64 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर     अब: 35 से 80 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कौन खरीद रहा है यहां ज़मीन? अभिनेता अमिताभ बच्चन ने यहां दो प्लॉट खरीदने के लिए एग्रीमेंट किया है। अभिनंदन लोढ़ा ग्रुप ने तिहुरा माझा गांव में ज़मीन खरीदी है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने शाहनवाजपुर माझा, बरहटा माझा और तिहुरा माझा गांवों में करीब 600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है। यहां करीब 1,800 एकड़ में टाउनशिप बसाने की योजना है। क्या है जनता की प्रतिक्रिया? डीएम के अनुसार कुछ लोगों ने यह भी कहा था कि कुछ इलाकों में प्रस्तावित सर्किल रेट से भी अधिक बढ़ोतरी की जाए, लेकिन प्रशासन ने बाजार दरों और सर्वेक्षण के आधार पर फैसला लिया है।

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