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छात्रावास अधीक्षकों की पदस्थापना में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए : मंत्री नेताम

25 जून तक आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग से जारी होगा पदस्थापना आदेश वर्ष 2022, 2023 एवं 2025 में पदोन्नत हुए छात्रावास अधीक्षकों की काउंसिलिंग के माध्यम से पदस्थापना के लिए दिशा-निर्देश जारी रायपुर, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा है कि वर्ष 2022, 2023 एवं 2025 में पदोन्नत हुए छात्रावास अधीक्षकों की पदस्थापना में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया को काउंसलिग के माध्यम से संपन्न कराया जाए। मंत्री श्री नेताम ने यह निर्देश मंगलवार को आदिम जाति तथा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, नवा रायपुर में 19 जिलों के सहायक आयुक्त एवं परियोजना प्रशासकों के साथ विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित 3357 छात्रावास-आश्रमों में छात्रावास अधीक्षक रीढ़ के समान है। इस पर संबंधित संस्था के सुचारू रूप से संचालन की सबसे प्रमुख जिम्मेदारी होती है। अतः इनकी नियुक्ति, सेवा शर्तें, पदोन्नति एवं पदस्थापना संबंधी कार्यों पर प्रमुखता से ध्यान देने की जरूरत है। आदिम जाति विकास मंत्री श्री नेताम ने कहा कि वर्ष 2022 में आयुक्त कार्यालय के आदेश द्वारा कुल 491 छात्रावास अधीक्षकों को श्रेणी “द ” से श्रेणी “स” के पद पर पदोन्नत किया गया है, परन्तु इनकी पदस्थापना अभी तक नहीं हो पाई, क्योंकि कुछ जिलों में स्वीकृत पद से अधिक अधीक्षक नियुक्त थे कई जगह पो.मैट्रिक संस्थाओं में रिक्त पदों की संख्या पर्याप्त नहीं थी। इसके साथ ही पदस्थापना के संबंध में कई प्रकार की अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। पदस्थापना नहीं होने से अधीक्षकों की सेवा शर्तों संबंधी समस्याएं आ रही थी। इसी प्रकार अप्रैल 2025 में कुल 486 छात्रावास अधीक्षकों को श्रेणी “द” से श्रेणी “स” के पद पर पदोन्नत किया गया है। अब इन सभी पदोन्नत अधीक्षकों की पदस्थापना पारदर्शी तरीके से एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत् काउंसिलिंग के माध्यम से किये जाने हेतु मंत्री श्री नेताम के निर्देश पर विभाग द्वारा निर्णय लिया गया है। इसके लिए जिला स्तरीय, संभाग स्तरीय एवं राज्य स्तरीय समिति का गठन किए जाने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष जिला कलेक्टर, संभाग स्तरीय समिति के अध्यक्ष संभागायुक्त एवं राज्य स्तरीय समिति के अध्यक्ष आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित विकास विभाग होंगे। जिला स्तरीय समिति को 12-13 जून से प्रक्रिया प्रारंभ कर 16 जून तक संपन्न करने के निर्देश दिए गए हैं इसी प्रकार संभाग स्तरीय समिति 17-18 जून से 19-20 जून तक एवं राज्य स्तरीय समिति को 20-21 जून से लेकर 22-23 जून तक प्रक्रिया संपन्न करने हेतु निर्देशित किया गया है। जिला स्तरीय समिति एवं संभाग स्तरीय समिति द्वारा जारी पदस्थापना प्रस्ताव को जिला मुख्यालय में कलेक्टर एवं सहायक आयुक्त कार्यालय एवं संभाग मुख्यालय में संभागीय आयुक्त एवं सहायक आयुक्त संभाग मुख्यालय के कार्यालय के सूचना पटल पर प्रदर्शित करेंगे। उक्त प्रस्तावों पर किसी भी प्रकार की दावा-आपत्ति होने पर आवेदक राज्य स्तरीय समिति के समक्ष सूची प्रकाशन के 02 दिवस के भीतर अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकता है। राज्य स्तरीय समिति प्राप्त अभ्यावेदन का निराकरण 02 दिवस के भीतर कर आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, नवा रायपुर को पदस्थापना सूची जारी करने हेतु प्रतिवेदन देगी। राज्य स्तरीय समिति के द्वारा जारी अनुशंसित सूची में कोई त्रुटि या आपत्ति होने पर आवेदक विभाग के भारसाधक सचिव के समक्ष सूची जारी होने के 02 दिवस के भीतर अभ्यावेदन प्रस्तुत करेंगे, जिस पर भारसाधक सचिव द्वारा नियमानुसार अभ्यावेदन का निराकरण किया जाएगा। इस प्रकार प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न होगी। प्रत्येक समिति के दायित्व एवं अन्य नियम-शर्तों का विस्तार से उल्लेख शासन द्वारा जारी आदेश में किया गया है। आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा 25 जून तक पदस्थापना आदेश भी जारी कर दिया जाएगा। काउंसलिग प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो, इसके लिए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा स्वयं पूरी प्रकिया की सतत मानीटरिंग कर रहे हैं।

दी ग्रेट इंडियन कपिल शो – सीजन 3 में सबसे मोटी फीस ले रहे नवजोत सिंह सिद्धू!

मुंबई कॉमेडी के बादशाह कपिल शर्मा एक बार फिर अपनी मजेदार टीम के साथ तैयार हैं लोगों को गुदगुदाने के लिए। इस बार हंसी का ये कारवां ओटीटी की दुनिया में नेटफ्लिक्स पर चलेगा, जहां 21 जून से ‘The Great Indian Kapil Show – Season 3’ धमाल मचाने आ रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस सीजन में न सिर्फ कॉमेडियन पुराने तेवर में लौट रहे हैं, बल्कि कुछ चौंकाने वाली फीस डिटेल्स और सेलेब्रिटी वापसी भी चर्चा में हैं। क्रिकेटरों की एंट्री से बढ़ेगा मज़ा इस बार शो में सिर्फ कॉमेडी ही नहीं बल्कि क्रिकेट का तड़का भी लगेगा। हाल ही में शो के सेट पर भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर, ऋषभ पंत, युजवेंद्र चहल और अभिषेक शर्मा दिखाई दिए। इन तस्वीरों को नवजोत सिंह सिद्धू ने खुद शेयर किया, जो इस बार फिर शो में नजर आएंगे — और वो भी अर्चना पूरण सिंह के साथ! शो में कपिल शर्मा के साथ होंगे:     सुनील ग्रोवर     कृष्णा अभिषेक     कीकू शारदा     राजीव ठाकुर     अर्चना पूरण सिंह     और अब नवजोत सिंह सिद्धू की भी वापसी हो चुकी है।  फीस का खेल: कौन कितना कमा रहा है?  कपिल शर्मा – प्रति एपिसोड वसूल रहे हैं ₹5 करोड़, जो उन्हें इस शो का बेताज बादशाह साबित करता है।  नवजोत सिंह सिद्धू – वापसी के साथ ही ₹30–40 लाख प्रति एपिसोड की मोटी रकम चार्ज कर रहे हैं, जो उन्हें सुनील ग्रोवर से ज्यादा पेड कलाकार बनाता है।  सुनील ग्रोवर – मिल रहे हैं ₹25 लाख प्रति एपिसोड  अर्चना पूरण सिंह – ले रही हैं ₹10 लाख प्रति एपिसोड  कृष्णा अभिषेक – ₹10 लाख  कीकू शारदा – ₹7 लाख  राजीव ठाकुर – ₹6 लाख

मुख्यमंत्री साय ने अपेक्स बैंक की नई शाखा का किया वर्चुअल शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया और क्षेत्रवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से प्रदेश के घर-घर को सहकारिता से जोड़ने का कार्य हमारी सरकार कर रही है। साय ने कहा कि नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के नेतृत्व में प्रदेश में सहकारिता को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में हमने दुधारू पशु वितरण का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश के 6 जिलों का चयन कर हितग्राहियों को दो-दो दुधारू गाय वितरित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के किसानों और ग्रामीण जनों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की एक बड़ी पहल हमने इस वर्ष पंचायती राज दिवस से प्रारंभ की है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए हैं, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत भवन में ही बैंकिंग सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि अगले पंचायती राज दिवस तक यह सुविधा प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध हो जाएगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान सहकारिता के क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने किसानों को अल्पकालिक ऋण के लिए भारी-भरकम ब्याज दर से मुक्ति दिलाई और ब्याज दरों को लगातार कम कर किसानों को राहत दी। अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए बिना किसी ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा खुलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अब किसानों को बैंकिंग सुविधा के लिए 50-60 किलोमीटर दूर पत्थलगांव नहीं जाना पड़ेगा। इस पुनीत पहल के लिए उन्होंने सहकारिता विभाग को साधुवाद दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता का बीजारोपण करने वाले महान विभूतियों को पुण्य स्मरण करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामनराव लाखे और ठाकुर प्यारेलाल जैसे पुरोधाओं ने सहकारिता की नींव रखी, जिसका विकसित स्वरूप आज हम सभी देख रहे हैं। यह वर्ष सहकारिता का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष है, और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रयासों से निश्चित रूप से इस क्षेत्र में चमत्कारिक परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के अथक प्रयासों से प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। पूरे देश में वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय ने सहकारिता को राज्य के अंतिम गांव तक पहुंचाने का कार्य किया है। अपेक्स बैंक प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपए के टर्नओवर के साथ सबसे शक्तिशाली संगठन है और इसके माध्यम से अब तक 7 हजार 5 सौ करोड़ रुपए का ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश के हर एक नागरिक को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया और इसी का परिणाम है कि आज बिना किसी बिचौलिए के शत-प्रतिशत राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में अभी भी अपार संभावनाएं हैं और शत-प्रतिशत किसानों को सहकारिता और अपेक्स बैंक से जोड़ने का काम शीघ्र पूरा करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सत्य साईं हॉस्पिटल को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि सौंपी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कार्यक्रम में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सीएसआर गतिविधियों के तहत राजधानी रायपुर के सत्य साईं हृदय चिकित्सालय को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। पदभार ग्रहण समारोह में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, विधायक राजेश मूणत, विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव सहकारिता सुब्रत साहू और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

अगर खो जाए आपका ऐंड्रॉयड फोन तो फौरन करें ये काम

ऐंड्रॉयड फोन खो कब खो जाए या चोरी हो जाए, कोई नहीं जानता। ऐसे में बहुत जरूरी है कि कि आपकी फोन में मौजूद जानकारी और डेटा की प्रिवेसी बरकरार रहे और वह किन्हीं गलत हाथों में न जाए। एक बार फोन खो जाने के बाद उसे ढूंढ पाना शायद मुश्किल स्टेप हो, लेकिन ऐसे में बिना घबराए फौरन कुछ कदम उठाना जरूरी हो जाता है। अच्छी बात यह है कि ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन्स आपके गूगल अकाउंट से सीधे लिंक होते हैं इसलिए गूगल की मदद ली जा सकती है। सभी ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में इसके लिए खास फीचर भी दिए जाते हैं। स्मार्टफोन खोने पर आपको फौरन ये स्टेप्स लेने चाहिए, -किसी दूसरे स्मार्टफोन या पीसी पर गूगल में फाइंड माई फोन टाइप करें। -यहां आपको अपने गूगल अकाउंट में लॉगिन करना होगा। ध्यान रहे कि आपके फोन में भी उसी अकाउंट से लॉगिन होना चाहिए। -गूगल इसके बाद आपके स्मार्टफोन की लास्ट सीन लोकेशन दिखा देगा। एक बार ‘फाइंड माई फोन’ पर फोन की लोकेशन मिलने के बाद आप स्मार्टफोन की रिंग प्ले कर सकते हैं। जरूरी नहीं है कि इसके लिए आपका सिम फोन में हो और आप उस नंबर पर कॉल करें। इसके लिए आपको मौजूदा गूगल पेज पर दिख रहे ‘प्ले साउंड’ ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद डिवाइस साइलेंट या वाइब्रेशन पर होने पर भी फुल वॉल्यूम में बजने लगेगा और अगले पांच मिनट तक उससे आवाज आती रहेगी। ऐसे में फोन आसपास होने पर आपको मिल जाएगा। हालांकि, हमेशा खोए हुए फोन पर रिंग करने अच्छा आइडिया नहीं है। इसके जगह आप अपने डिवाइस को गूगल फाइंड माई फोन से ही लॉक कर सकते हैं। इसके लिए आपको पहले बताए तरीके से फोन को खोजने और सेलेक्ट करने के बाद ये स्टेप्स फॉलो करने होंगे, -आपको ‘इनेबल लॉक एंड इरेस’ पर क्लिक करना होगा। -इससे आप डिवाइस को पिन, पैटर्न या पासवर्ड से लॉक कर सकेंगे। अगर आपके फोन में कोई लॉक नहीं है तो यहीं से आप उसे सेट भी कर सकते हैं। -इतना ही नहीं, कोई आपका फोन वापस कर सके इसलिए लॉक स्क्रीन पर आप कोई मेसेज या अपना नंबर भी सेट कर सकते हैं। -अगर आप ‘इरेस’ चुनते हैं तो आपके डिवाइस के इंटरनल स्टोरेज का पूरा डेटा डिलीट हो जाएगा। हालांकि, एसडी कार्ड का डेटा डिलीट नहीं होगा और ऐसा करने के बाद फाइंड माई फोन इस डिवाइस पर काम नहीं करेगा। -ध्यान रखें कि इरेस को आखिरी विकल्प के तौर पर ही इस्तेमाल करें।  

अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर पंचायत की कार्रवाई , हटाए गए 500 से अधिक ठेले और 30 दुकानों के शेड

धमतरी कुरुद में लंबे समय से फैले अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर पंचायत की कार्रवाई एक हफ्ते से जारी है. नगर पंचायत की टीम लगातार अवैध रूप से सड़क किनारे लगाए गए ठेले, होर्डिंग्स, फ्लेक्स, शेड और नेम प्लेट हटाने की कार्यवाही कर रही है. कार्रवाई के दौरान बुलडोजर चलाकर करीब 500 से अधिक अवैध ठेले, 300 फ्लेक्स, 30 शेड और अन्य अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं. दअरसल, कई दुकानदारों को पहले नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद वे सड़क पर दुकान लगाकर व्यापार कर रहे थे. इससे यातायात बाधित हो रहा था और आम नागरिकों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. नगर पंचायत के सीएमओ महेंद्र राज गुप्ता ने बताया कि यह कार्रवाई आगामी 12 जून तक लगातार जारी रहेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर आगे भी कोई दुकानदार सड़क पर अवैध रूप से दुकान सजाकर यातायात में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगा. साथ ही, जिन लोगों के अतिक्रमण हटाए गए हैं, उन्हें वैकल्पिक और व्यवस्थित स्थान भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इस कार्रवाई के चलते पूरे कुरूद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, लेकिन आम नागरिकों ने इसे नगर की यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक जरूरी कदम बताया है.

सुशासन की रोशनी से जगमगाया मुदवेंडी गांव

नियद नेल्लानार योजना बनी क्रांतिकारी बदलाव की वाहक रायपुर,  वर्षों तक माओवाद की पीड़ा में सिसकते रहे बीजापुर जिले का छोटा सा गांव मुदवेंडी अब बदलाव की मिसाल बन गया है। जिला मुख्यालय से करीब 35-40 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव अब न केवल शुद्ध पेयजल और पक्की सड़क से जुड़ चुका है, बल्कि अब यहां बिजली की रोशनी ने भी दस्तक दे दी है। यह सब संभव हुआ है मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और नियद नेल्लानार योजना की बदौलत। इस गांव में केवल 45 परिवार रहते हैं, पर इनके जीवन में हाल के दिनों में जो परिवर्तन आया है, वह अभूतपूर्व है। पहले जहां शाम होते ही अंधेरा छा जाता था और रात में एक कदम चलना भी जोखिम भरा होता था, वहीं अब बिजली आने से न केवल घरों में उजाला हुआ है, बल्कि ग्रामीणों के दिलों में भी उम्मीद की लौ जल उठी है। माओवाद से सुशासन तक की यात्रा लंबे समय तक माओवादी हिंसा की वजह से विकास की मुख्यधारा से कटे रहे इस गांव में अब सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी हैं। यह बदलाव केवल सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सामाजिक और शैक्षणिक जीवन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। गांव के निवासी हुंरा कुंजाम बताते हैं, हमारे गांव में वर्षों बाद बिजली पहुंची है। पहले जहां अंधेरे में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाती थी, अब रात को भी बच्चे आराम से पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही सांप-बिच्छू और जंगली जानवरों के खतरे से भी अब राहत मिली है। हुंरा कुंजाम बताते हैं कि नियद नेल्लानार योजना के तहत वर्षों से बंद पड़ा स्कूल अब पुनः प्रारंभ हो चुका है। एक पीढ़ी के अंतराल के बाद गांव के बच्चों को अब अपने गांव में ही शिक्षा का अवसर मिल रहा है। ग्रामीणों के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। खुशी का माहौल, उम्मीदों की नई सुबह गांव के ही लखमा कुंजाम का कहना है, बिजली आने से गांव में उत्सव का माहौल है। अब रात्रि में भी घर के काम आसानी से हो जाते हैं, बच्चे पढ़ते हैं और गांव पहले से कहीं अधिक सुरक्षित महसूस करता है। नियद नेल्लानार योजना: उम्मीद की किरण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा माओवाद से प्रभावित क्षेत्रों के लिए शुरू की गई नियद नेल्लानार योजना वास्तव में अब एक क्रांतिकारी बदलाव की वाहक बन चुकी है। इस योजना के तहत न केवल विकास के कार्य हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों को सुरक्षा, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई राह भी मिल रही है। मुदवेंडी गांव की यह कहानी बताती है कि जब शासन की नीयत साफ हो और योजनाएं ज़मीन पर उतरें, तो दूरस्थ अंचलों में भी बदलाव की किरण पहुंच सकती है। अब अंधेरे की जगह उजाले की पहचान है मुदवेंडी। यह है सुशासन का सच और नई छत्तीसगढ़ की दिशा।

रामनगरी अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था अब एआई सॉल्यूशंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिये होगी हाईटेक

अयोध्या  अयोध्या में हर रोज आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए नगर की सुरक्षा और हाईटेक की जाएगी। सुरक्षा के लिए अब एआई सॉल्यूशंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाएगा। रामनगरी अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था अब एआई सॉल्यूशंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिये हाईटेक की जाएगी। इसके तहत अयोध्या में विभिन्न माध्यमों में लगे 10 हजार सीसीटीवी कैमरे एक सॉफ्टवेयर से जोड़े जाएंगे। इसकी मदद से पल भर में ही किसी भी संदिग्ध की गर्दन तक पुलिस पहुंच सकेगी। राम मंदिर/ बाबरी मस्जिद विवाद की शुरुआत होने के समय से ही अयोध्या अति संवेदनशील रही है। राम की नगरी समय-समय पर आतंकी संगठनों के निशाने पर भी रही है। 500 वर्ष के विवाद के पटाक्षेप के बावजूद बीच-बीच में आतंकी हमले व अन्य गतिविधियों को लेकर धमकियां मिलती रहती हैं। पांच जुलाई 2005 को राम मंदिर पर फिदाईन हमला भी हो चुका है। इसके अलावा जिले में हर समय रामलला के दर्शन पूजन के लिए वीआईपी दौरे भी होते रहते हैं। इस लिहाज से भी सुरक्षा तंत्र मजबूत किया गया है। अब इसमें तकनीक का अधिक उपयोग करने की योजना है। इसके लिए पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग करेगी। अयोध्या के आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि इस तकनीक से फेस रिकॉग्नाइज आसानी से हो सकेगा। किसी भी संदिग्ध का स्केच सॉफ्टवेयर में डालते ही उसकी सटीक लोकेशन पता चल जाएगी। संदिग्ध व्यक्ति की कपड़े से पहचान हो सकेगी। किसी विशेष रंग के कपड़े वाले व्यक्ति को खोजने के लिए सॉफ्टवेयर की मदद से संबंधित इलाके में विशेष रंग के कपड़े पहनने वाले व्यक्ति चिन्हित हो जाएंगे। उनकी जांच के बाद अपराधी तक पहुंचा जा सकेगा। सीसीटीवी कैमरे में अपराधियों का चेहरा कैद होते ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कंट्रोल रूम भी अलर्ट हो जाएगा। आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि इन सब आधुनिक तकनीक के बावजूद जो मैन्युअल मुखबिर हैं, उनको भी नकारा नहीं जा सकता है। स्थानीय लोग, मल्लाह, नाविक, गोताखोर भी सूचना देते हैं। ये भी सूचना तंत्र का एक अहम हिस्सा माने जाते हैं। 

लीची का भरपूर मजा लें, करेगी रोगमुक्त

देश में इस बार एन्टीआक्सीडेंट और रोग प्रतिरोधक क्षमता से भरपूर लीची की फसल न केवल अच्छी हुई है बल्कि बेहतर गुणवत्ता और मिठास से भरपूर है। पेड़ से तोड़ने के बाद जल्दी खराब होने वाली लीची इस बार अधिक तापमान के कारण रोगमुक्त और मिठास से भरपूर है। कैंसर और मधुमेह की रोकथाम में कारगर लीची का फल इस बार न केवल सुर्ख लाल है बल्कि कीड़े से अछूती भी है। लीची के बाग की नियमित अंतराल पर सिंचाई करने वाले किसानों ने 20 टन प्रति हेक्टेयर तक इसकी फसल ली है। लीची में सुक्रोज, फ्रूक्टोज और ग्लूकोज तीनों ही तत्व पाए जाते हैं। पाचनतंत्र और रक्त संचार को बेहतर बनाने वाली लीची के 100 ग्राम गूदे में 70 मिलीग्राम विटामिन सी होता है। इसमें वसा और सोडियम नाम मात्र के लिए होता है। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र मुजफ्फरपुर के निदेशक विशाल नाथ ने बताया कि देश में सालाना लगभग छह लाख टन लीची की पैदावार होती है जिसमें बिहार की हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है। तेज धूप तथा वर्षा नहीं होने की वजह से इस बार लीची के फल में कीड़ा नहीं लगा है। लीची का रंग भी काफी आकर्षक है और मिठास से भरपूर है। डा. विशाल नाथ ने मुजफफरपुर, समस्तीपुर, वैशाली और कई अन्य जिले के लीची के बागों का जायजा लेने के बाद बताया कि जिन जागरुक किसानों ने समय समय पर लीची के पौधों की सिंचाई की है उनकी फसल बहुत अच्छी है और लीची मिठास से भरपूर है। ऐसे किसानों ने प्रति हेक्टेयर 16 से 18 टन की पैदावार ली है। कुछ किसानों ने वैज्ञानिकों की सलाह और उनकी देखरेख में प्रति हेक्टेयर 20 टन तक लीची की पैदावार ली है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में 25 मई के बाद पेड़ से लीची तोड़ने वाले किसानों को प्रतिकिलो 70 रुपए का मूल्य मिला है। इससे पहले जिन किसानों ने लीची को बाजार में उतार दिया था उसमें मिठास कम था। आम तौर पर किसान प्रति हेक्टेयर आठ टन लीची की पैदावार लेते हैं। देश में 84000 हेक्टेयर में लीची के बाग हैं। बिहार लीची उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है, अभी बिहार में 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल से लगभग 300 हजार मीट्रिक टन लीची का उत्पादन हो रहा है। बिहार का देश के लीची के क्षेत्रफल एवं उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत का योगदान है। लीची के महत्व को देखते हुए वर्ष 2001 को राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र की स्थापना की गई। इसको अधिक से अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सके इसके लिए भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र एवं राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने लीची फल को उपचारित करके और कम तापमान पर 60 दिनों तक भंडारित करके रखने में सफलता पाई हैं। इसका एक प्रसंस्करण संयंत्र भी विकसित किया गया है। अब 10 राज्यों में इसका दायरा बढ़ा है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़, झारखंड में लीची की पैदावार होने लगी है। देश में लीची की खेती बढ़ सके इसके लिए राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र प्रत्येक साल लगभग 35-40 हजार पौधे देश के विभिन्न संस्थानों और राज्यों को उपलब्ध करा रहा है। इसके अलावा यह केन्द्र आईसीएआर के अन्य संस्थानों, राज्यों के कृषि विष्वविद्यालयों एवं केन्द्र, राज्य सरकारों के विकास प्रतिष्ठानों जैसे राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, एपीडा और राष्ट्रीय बागवानी मिशन के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। दुनियाभर में मशहूर लीची की देश के अन्य हिस्सों में भी पहचान स्थापित करने के लिए इसे को-आर्डिनेटेड हॉर्टिकल्चर असेसमेंट एंड मैनेजमेंट (चमन) परियोजना से जोड़ा गया है । इसे लीची की पैदावार में नई क्रांति के रूप में देखा जा रहा। उपग्रह के माध्यम से वैज्ञानिक पद्धति से इसपर काम शुरू हो गया है। दूर संवेदी प्रौद्योगिकी का उपयोग कर लीची में होने वाली बीमारी, इसके रोकथाम के उपाय, फसल की स्थिति आदि की समय से पहले जानकारी हासिल की जा सकेगी। इसके साथ ही लीची की फसल के लिए कौन कौन से क्षेत्र अनुकूल हैं इसकी भी जानकारी मिल सकेगी। देश से कनाडा, फ्रांस, कतर, कुवैत, नार्वे, बहरीन, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, सउदी अरब तथा कुछ अन्य देशों को लीची का निर्यात भी किया जाता है। चीन, थाईलैंड, वियतनाम, बांग्लादेश, नेपाल, फिलीपींस, इंडोनेशिया, आस्ट्रेलिया, अमरीका और इजराइल में लीची के बाग हैं।  

एंड्रॉयड 16 के साथ आया नया फीचर

नई दिल्ली एंड्रॉयड स्‍मार्टफोन चलाने वाले करोड़ों-अरबों यूजर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। गूगल ने Android 16 के स्‍टेबल अपडेट का रोलआउट शुरू कर दिया है। कुछ महीनों पहले इसे बीटा टेस्टिंग के लिए पेश किया था। नए एंड्रॉयड में कई फीचर्स ऑफर किए गए हैं। अब नोटिफ‍िकेशन में ही लाइव अपडेट्स मिलेंगे। उदाहरण के लिए आपका फूड डिलिवरी, ग्रॉसरी डिलिवरी वाला यानी ब्‍ल‍िंकिट, जेप्‍टो वाला कितनी देर में आएगा, नोटिफ‍िकेशन में पता चल जाएगा। ऐप खोलकर उसमें ट्रैक करने की जरूरत नहीं रहेगी। नए एंड्रॉयड में सिक्‍योरिटी के लिए एडवांस्‍ड प्रोटेक्‍शन मिलेगा। दावा है कि एंड्रॉयड ओएस पर चलने वाले टैबलेट की प्रोडक्‍ट‍िविटी पहले से ज्‍यादा बढ़ जाएगी। किन फोन्‍स को सबसे पहले एंड्रॉयड 16 मिलने जा रहा है, आइए जानते हैं। एंड्रॉयड 16 के सबसे खास फीचर रिपोर्टों के अनुसार एंड्रॉयड 16 के सबसे खास फीचर्स में शामिल है- राइड शेयरिंग ऐप्‍स और फूड डिलिवरी ऐप्‍स के लिए रियल टाइम नोटिफ‍िकेशन। आसान भाषा में समझाएं तो अगर आप ब्‍लिंकिट, जेप्‍टो, जोमैटो, स्विगी आद‍ि से कुछ ऑर्डर करते हैं या उबर, ओला से कैब बुक करवाते हैं। आपको बार-बार ऐप में जाकर नहीं देखना होगा कि कैब वाला या ब्‍ल‍िंकिट वाला कहां पहुंचा है। नोटिफ‍िकेशन में जाकर ही पता चल जाएगा कि वह आपके घर, ऑफ‍िस पहुंचने से कितनी दूर है। कहा जा रहा है कि दूसरे ऐप्‍स में भी इस फीचर को लाए जाने पर काम किया जा रहा है। ओपो, वनप्‍लस के लाइव अलर्ट्स में यह फीचर मिलने की उम्‍मीद है। स्‍कैम कॉल से बचाएगा नया एंड्रॉयड 16 अन्‍य फीचर्स की बात करें तो अब स्‍क्रीन पर ज्‍यादा नोटिफ‍िकेशन भी नहीं दिखेंगे। एक ही ऐप से जुड़े नोटिफ‍िकेशन अपने आप एक ग्रुप में आ जाएंगे। नए एंड्रॉयड में एडवांस्ड प्रोटेक्शन नाम से फीचर दिया गया है। दावा है कि यह किसी भी मोबाइल डिवाइस के लिए सबसे पावरफुल सिक्‍योरिटी है। यह फीचर लोगों को ऑनलाइन अटैक्‍स, खतरनाक ऐप्‍स, स्‍कैम कॉल से बचाव में मदद करेगा। फोन में डेस्‍कटॉप वाला एक्‍सपीरियंस कंपनी “डेस्कटॉप विंडोइंग” फीचर भी लाई है। इसे सैमसंग के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इस फीचर की मदद से लोग एक स्‍क्रीन पर कई ऐप विंडो खोल पाएंगे। यूजर को एकदम डेस्‍कटॉप जैसा फीचर मिलेगा। हालांकि यह फीचर कुछ समय बाद दिया जाएगा। कंपनी टैबलेट्स और फोन को एक्‍सटर्नल डिस्‍प्‍ले से कनेक्‍ट करने पर भी काम कर रही है यानी आने वाले वक्‍त में आप अपने टैब, फोन को सीधे डेस्‍कटॉप से कनेक्‍ट करके वहां काम कर पाएंगे। इसके अलावा एंड्रॉयड 16 में एचडीआर स्‍क्रीनशॉट लिए जा सकेंगे। सबसे पहले किन फोन्‍स में चलेगा एंड्रॉयड 16 रिपोर्टों के अनुसार, एंड्रॉयड 16 फ‍िलहाल पिक्‍सल स्‍मार्टफोन्‍स, पिक्‍सल फोल्‍ड और पिक्‍सल टैबलेट के लिए उपलब्‍ध है। फोन्‍स में Pixel 6, 6 Pro, 6a, Pixel 7, 7 Pro, 7a, Pixel 8, 8 Pro, 8a, Pixel 9, 9 Pro, Pixel 9 Pro Fold, 9a शामिल हैं। यूजर्स ओटीए अपडेट के जरिए नए एंड्रॉयड को चला पाएंगे। कंपनी ने यह भी बताया है कि कुछ और अपडेट्स को इस साल के आखिर तक लाया जाएगा। गूगल की अपकमिंग पिक्‍सल फोन सीरीज में एंड्रॉयड 16 को आउट ऑफ द बॉक्‍स लाया जा सकता है यानी उसमें एंड्रॉयड 16 पहले से इंस्‍टॉल मिलेगा। उसके बाद सैमसंग की अपकमिंग गैलेक्‍सी सीरीज में यह आ सकता है। आने वाले दिनों में शाओमी, वीवो, ओपो, वनप्‍लस जैसे ब्रैंड इसे अपने फोन्‍स के लिए रोलआउट कर सकते हैं।

संतु चक्रेस को मिला सपनों का आशियाना, मुख्यमंत्री से पक्के मकान की चाबी पाकर भावुक हुए बुजुर्ग

  रायपुर, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण न सिर्फ जरूरतमंदों को पक्का मकान दे रही है, बल्कि उनके सपनों को भी नया ठौर और आत्म-सम्मान दे रही है। ऐसी ही एक कहानी है जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम दोकड़ा निवासी 70 वर्षीय संतु चक्रेस की। वर्षों तक कच्चे घर में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले बुजुर्ग संतु चक्रेस आज बेहद प्रसन्न हैं क्योंकि उन्हें उनका पहला पक्का घर मिल गया है। खास बात यह रही कि इस घर की चाबी उन्हें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों से मिली, जब वे हाल ही में जशपुर प्रवास पर थे। भावुक संतु चक्रेस ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि “उम्र के इस पड़ाव में जब चिंता से मुक्त होकर जीना चाहता है, तब यह पक्का मकान मेरे लिए भगवान का आशीर्वाद है। अब मुझे और मेरे परिवार को न तो बारिश से डर है और न ही जहरीले जीव-जंतुओं से। अब हमारा भी एक सुरक्षित और मजबूत आशियाना है।” संतु चक्रेस ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान स्वीकृत हुआ था, जो अब पूर्ण रूप से बनकर तैयार है। यह महज एक मकान नहीं, बल्कि उनके लिए आत्म-सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व का प्रतीक है। वर्षों तक झोपड़ी जैसे घर में जीवन बिताने के बाद जब उन्हें अपना खुद का ठोस छत मिला, तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक थी।

भारत 2025 तक अनुमानित 1.46 अरब लोगों के साथ दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश बना रहेगा: UNFPA

संयुक्त राष्ट्र  संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत 2025 तक अनुमानित 1.46 अरब लोगों के साथ दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश बना रहेगा. हालांकि इस दौरान एक महत्वपूर्ण बदलाव भी सामने आया है: देश की कुल फर्टिलिटी रेट (TFR) 2.1 से घटकर 1.9 रह गई है. जनसंख्या का आकार नहीं, बल्कि लोगों की स्वतंत्रता है असली मुद्दा 2025 विश्व जनसंख्या आंकड़ा (SOWP) रिपोर्ट इस बात पर ज़ोर देती है कि असली संकट जनसंख्या के आकार में नहीं है बल्कि लोगों के स्वतंत्र और ज़िम्मेदारी से यह तय करने में आने वाली व्यापक चुनौतियों में है कि वे बच्चे चाहते हैं या नहीं, कब चाहते हैं और कितने बच्चे चाहते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की वर्तमान जनसंख्या 1,463.9 मिलियन (लगभग 1.46 अरब) है. रिपोर्ट के अनुसार भारत अब दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश है जिसकी आबादी लगभग 1.5 बिलियन है. यह संख्या गिरने से पहले लगभग 1.7 बिलियन तक बढ़ने की उम्मीद है. फर्टिलिटी रेट में दर्ज की गई गिरावट: क्या हैं इसके मायने? संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट बताती है कि भारत में कुल फर्टिलिटी रेट (TFR) वर्तमान में प्रति महिला 2.0 बच्चे हैं. सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह दर 2020 से स्थिर बनी हुई थी. हालांकि नई UNFPA रिपोर्ट में दिखाया गया है कि फर्टिलिटी रेट घटकर 1.9 बच्चे प्रति महिला हो गई है. इसका सीधा सा मतलब है कि औसतन भारतीय महिलाएं इतने कम बच्चे पैदा कर रही हैं कि यह बिना माइग्रेशन (प्रवास) के अगली पीढ़ी में जनसंख्या के आकार को बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं है.   युवा आबादी का महत्व और जीवन प्रत्याशा धीमी जन्म दर के बावजूद भारत की युवा आबादी महत्वपूर्ण बनी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार:     0-14 आयु वर्ग में 24%     10-19 आयु वर्ग में 17%     10-24 आयु वर्ग में 26%     68% आबादी 15-64 आयु वर्ग की है.     बुज़ुर्ग आबादी (65 और उससे ज़्यादा) 7% है. 2025 के हिसाब से जन्म के समय जीवन प्रत्याशा पुरुषों के लिए 71 साल और महिलाओं के लिए 74 साल होने का अनुमान है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में भारत को मध्यम आय वाले देशों के समूह में रखा गया है जो तेज़ी से डेमोग्राफिक बदलाव से गुज़र रहा है. यहाँ जनसंख्या दोगुनी होने का अनुमान अब 79 साल है. शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से मिली मदद यूएनएफपीए भारत प्रतिनिधि एंड्रिया एम. वोजनार ने कहा, भारत ने फर्टिलिटी रेट को कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है जो 1970 में प्रति महिला लगभग पांच बच्चों से आज लगभग दो बच्चों तक हो गई है. उन्होंने इस प्रगति का श्रेय बेहतर शिक्षा और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को दिया. वोजनार ने यह भी बताया कि इससे मातृ मृत्यु दर में भी बड़ी कमी आई है.  

टिकटॉक स्टार खाबी लेम को अमेरिका ने हिरासत में लिया, बेइज्जत करके देश से निकाला !

वाशिंगटन  अमेरिका ने मशहूर ‘टिकटॉक’ स्टार खाबी लेम को बेइज्जत करके देश से निकाल दिया। खाबी लेम को वीजा अवधि खत्म होने के बावजूद अमेरिका में रहने के आरोप में आव्रजन अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद अमेरिका छोड़ना पड़ा। सेनेगल मूल के इतालवी इन्फ्लुएंसर लेम का वास्तविक नाम सेरिंगे खबाने लेम है। उनके सोशल मीडिया पर लाखों ‘फॉलोअर’ हैं। अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) ने एक बयान में लेम के अमेरिका से जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि लेम को शुक्रवार को हैरी रीड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया था लेकिन उन्हें निर्वासन आदेश के बिना देश छोड़ने की अनुमति दी गई।  ICE प्रवक्ता ने कहा कि लेम 30 अप्रैल को अमेरिका पहुंचे और ‘‘अपने वीजा की अवधि से ज्यादा समय तक रुके रहे।” ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) ने मंगलवार को लेम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर सूचीबद्ध ईमेल पते पर टिप्पणी के लिए एक संदेश भेजा था। उन्होंने अपनी हिरासत पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। उनकी हिरासत और स्वेच्छा से अमेरिका छोड़कर जाना ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आव्रजन पर कार्रवाई तेज कर दी है, जिसमें लॉस एंजिलिस में छापेमारी की कार्रवाई भी शामिल हैं। पिछले महीने लेम न्यूयॉर्क सिटी में ‘मेट गाला’ में शामिल हुए थे।  

इंडो-पैसिफिक कमांड का खुलासा: चीनी सिस्टम हुए बेअसर, भारत की मिसाइलों ने तोड़े बचाव, चीनी हथियार निकले बेकार

वाशिंगटन  भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए चार दिवसीय संघर्ष को लेकर अब अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड की वेबसाइट और अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंकों की रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं। इन रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान के पास मौजूद चीनी हथियार और एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह नाकाम  साबित हुए हैं। भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने PAF (पाकिस्तान वायुसेना)  के 20% बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया और कई एयरबेस को निष्क्रिय कर दिया गया। चीनी सिस्टम हुए बेअसर, भारत की मिसाइलों ने तोड़े बचाव टोरंटो स्थित कुवा डिफेंस न्यूज एंड एनालिसिस ग्रुप के संस्थापक  बिलाल खान ने कहा कि पाकिस्तान को चीन से मिले एयर डिफेंस सिस्टम “उतनी प्रभावी नहीं रहे जितनी उम्मीद की गई थी।” भारतीय वायुसेना की मिसाइलें  HQ-9 और HQ-16 जैसे चीनी डिफेंस सिस्टम को पार करती हुई टारगेट्स तक पहुंचीं। लंदन के एशिया-पैसिफिक फाउंडेशन के सज्जन गोहेल ने CNN  को बताया कि यदि रडार और मिसाइल सिस्टम भारतीय हमलों का पता नहीं लगा सके, तो इससे बीजिंग की हथियार डिप्लोमेसी को भारी झटका लगा है।   अमेरिकी सैटेलाइट्स से हुआ भारत के दावे का सत्यापन अमेरिकी रक्षा एजेंसियों द्वारा जारी सैटेलाइट इमेजेस से पुष्टि हुई है कि भारत ने पाकिस्तान के नूर खान, भोलारी, मियांवाली, मस्रूर जैसे प्रमुख एयरबेस पर हमले किए और उन्हें नुकसान पहुंचाया। मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने बताया कि भारत की सटीक और प्लान्ड स्ट्राइक से पाकिस्तान की हाई वैल्यू सैन्य संपत्तियां भी खतरे में आईं।  ब्रह्मा चेलानी ने लिखा कि भारत ने एक  SAAB-2000 AEW&C सिस्टम  को 314 किमी दूर से मिसाइल से गिराया, जो ऐतिहासिक है। पाकिस्तान के पास भरोसे के लायक कुछ नहीं बचा भारत के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान ने चीनी हथियारों पर बहुत भरोसा जताया था PL-15E एयर-टू-एयर मिसाइल, HQ-9 SAM सिस्टम, और CM-401 हाइपरसोनिक मिसाइल लेकिन सबका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने एक ही रात में  400 से ज्यादा ड्रोन भारतीय क्षेत्र की ओर दागे, लेकिन कोई खास नुकसान नहीं कर पाया। भारतीय रक्षा प्रणालियों ने ज्यादातर को इंटरसेप्ट कर लिया। पाकिस्तान को मिला सबक, चीन की साख पर बड़ा सवाल भारतीय डिफेंस एक्सपर्ट मेजर जनरल जीडी बख्शी ने कहा कि भारत का इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम अमेरिका, इज़राइल और रूस के बराबरी का है और चीनी तकनीक से कहीं आगे है। उन्होंने कहा, “हमने पाकिस्तान के एयर डिफेंस को ध्वस्त कर दिया।”यह संघर्ष सिर्फ भारत की सैन्य ताकत का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि चीन के हथियारों की विश्वसनीयता पर भी अंतरराष्ट्रीय सवाल खड़े करता है। पाकिस्तान की सेना अब स्पष्ट रूप से चीनी डिपेंडेंसी पर पुनर्विचार करने को मजबूर हो सकती है।

एलन मस्क राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ गई अपनी कुछ सोशल मीडिया पोस्ट पर खेद व्यक्त किया

वाशिंगटन   दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ पिछले सप्ताह की गई अपनी कुछ सोशल मीडिया पोस्ट पर खेद व्यक्त किया और कहा कि उनकी पोस्ट ” बात बहुत आगे बढ़ गई”।एलन मस्क ने लिखा, “मुझे पिछले सप्ताह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बारे में लिखी गई अपनी कुछ पोस्टों पर खेद है। बात बहुत आगे निकल गईं।” क्या थी विवाद की वजह?  एलॉन मस्क और ट्रंप के बीच विवाद तब गहरा गया जब मस्क ने डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) के चीफ के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद मस्क ने ट्रंप के खर्च और टैक्स कटौती वाले विधेयक जिसे ट्रंप ‘One Big Beautiful Bill’ कह रहे हैं, उसकी कड़ी आलोचना की. इस पर ट्रंप ने मस्क को जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने एलॉन को इस बिल के बारे में बताया था, खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सब्सिडी में कटौती की बात, लेकिन एलॉन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पलटवार करते हुए कहा कि यह बिल उन्हें कभी दिखाया ही नहीं गया. इतना ही नहीं, मस्क ने X पर ट्रंप के इंपीचमेंट (महाभियोग) का समर्थन करते हुए एक पोस्ट किया था, हालांकि उसे बाद में डिलीट कर दिया. बात इतनी बढ़ गई थी कि एलॉन ने ट्रंप के जेफरी एपस्टीन से पुराने संबंधों का भी ज़िक्र किया, जिसे ट्रंप ने पुराना और झूठा मुद्दा बताया. सरकारी ठेकों और सब्सिडी खत्म करने की धमकी  Elon Musk से विवाद बढ़ा तो ट्रंप ने खुली धमकी दी कि वे मस्क की कंपनियों विशेष रूप से SpaceX के साथ सरकारी ठेकों और सब्सिडी खत्म करने पर विचार कर सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है एलॉन बहुत दुखी और निराश महसूस कर रहे हैं. NBC न्यूज को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में तो ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि मुझे लगता है अब हमारा रिश्ता खत्म हो गया है.  ‘डेमोक्रेट्स को फंड न दें मस्क’  ट्रंप ने मस्क को ये भी धमकी दी कि अगर एलॉन मस्क डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को फंडिंग करते हैं, खासकर उन उम्मीदवारों को जो रिपब्लिकन पार्टी के टैक्स बिल का विरोध कर रहे हैं, तो उसके गंभीर परिणाम होंगे. हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे परिणाम क्या होंगे. मस्क को ट्रंप से दिक्कत क्या है?  डोनाल्ड ट्रंप सरकार के खर्च और टैक्स कटौती वाले बिल में इलेक्ट्रिक व्हीकल की खरीद पर मिलने वाली टैक्स छूट को खत्म करने का प्रस्ताव है. अमेरिका की पिछली बाइडेन सरकार नई EV खरीदने पर 7500 डॉलर की टैक्स छूट देती थी. ट्रंप इसे खत्म करने जा रहे हैं. इस बिल में प्रावधान है कि जो कंपनियां 2009 से 2025 के बीच दो लाख EV बेच चुकी हैं, उन्हें छूट नहीं मिलेगी. यह सीधेतौर पर एलॉन मस्क की टेस्ला के लिए झटका है.  एक दूसरी वजह ये भी है कि अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA में एलॉन मस्क अपने भरोसेमंद जेरेड इसाकमैन को एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में नियुक्त करवाना चाहते थे, लेकिन ट्रंप ने उनकी सिफारिश को नजरअंदाज कर दिया. मस्क का मानना था कि अगर इसाकमैन NASA में एडमिनिस्ट्रेटर बनते हैं, तो इससे उनकी कंपनी SpaceX को भी फायदा होगा.

विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय के सर्वेक्षण पर कार्यशाला हुई

सर्वेक्षण गुणात्मक एवं प्रमाणिकता के साथ करें : उप मुख्यमंत्री देवड़ा सर्वेक्षण 3 माह की तय समय में पूरा करें : राज्यमंत्री श्रीमती गौर विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय के सर्वेक्षण पर कार्यशाला हुई भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार विमुक्‍त, घुमन्‍तु एवं अर्द्धघुमन्‍तु जातियों के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इन जातियों के कल्याण की गतिविधियों को पावन कार्य बताते हुए कहा कि यह गर्व करने योग्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिये इन समुदायों का सर्वेक्षण के माध्यम से डाटा इक्कठा किया जायेगा। इस डाटा के आधार पर कार्यक्रम बनाये जायेगें और राज्य एवं केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से इन समुदायों को लाभांवित किया जायेगा। राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान में उप मुख्यमंत्री देवड़ा विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय के सर्वेक्षण-2025 पर बुधवार को हुई राज्य स्तरीय कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि जन अभियान परिषद और विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण विभाग के बीच सर्वेक्षण के लिये एमओयू हुआ है। सर्वेक्षण प्रमाणिकता के साथ होगा। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य में लगे कार्य समन्वयक पूरी ईमानदारी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करेंगे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि घुमन्तु समाज के उत्थान का यह पुण्य एवं पवित्र कार्य है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण विभाग के कार्य की सराहना भी की। पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदायों के परिवारों के समेकित विकास के दृष्टिगत सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में प्रदेश के 12 जिलों में सर्वेक्षण का कार्य होगा और यह कार्य तय समय सीमा 3 माह में पूरा किया जायेगा। सितम्बर में सर्वेक्षण का प्रथम चरण पूरा होने के बाद दूसरे चरण में प्रदेश के शेष जिले में सर्वेक्षण होगा। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण से इन समुदायों की जानकारी एकत्र की जायेगी और जानकारी के आधार पर इन समुदायों के विकास के लिये कार्यक्रम बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण दल यह सुनिश्चित करें कि सर्वेक्षण से एक भी परिवार नहीं छूटे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सर्वेक्षण के लिये दिये गये प्रस्ताव पर तुरंत सहमति दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। कार्यशाला में क्षेत्रीय प्रमुख घुमन्तु कार्य गौरेलाल ने सर्वेक्षण कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि वह विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदायों के बीच में पिछले कई वर्षों से कार्य कर रहे है। उन्होंने कार्य के दौरान हुए अनुभवों पर आधारित इन समुदायों की समास्याओं से जुड़े अनेक संस्मरण सुनाये और कहा कि इन समुदायों के विकास के लिये व्यवस्थित कार्य योजना जरूरी है और सर्वेक्षण का डाटा महत्वपूर्ण होगा। कार्यशाला को मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, अध्यक्ष विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विकास अभिकरण बाबूलाल बंजारा ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में प्रमुख सचिव विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विकास विभाग ई. रमेश कुमार और कार्य पालक निदेशक जन अभियान परिषद डॉ. बकुल लाड ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर जानकारी दी। कार्यशाला में जनअभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड और संचालक विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तुसमुदाय विकास विभाग नीरज वशिष्ठ ने एमओयू का दस्तावेज एक दूसरे को सौंपा। इस अवसर पर विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विभाग द्वारा तैयार किये गये पोस्टर का विमोचन भी किया गया।  

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