LATEST NEWS

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं है, मध्यप्रदेश में बिजली सरप्लस

बिजली उपभोक्ताओं के घर पहुंचकर ऊर्जा मंत्री ने सुनी समस्याएं  ऊर्जा मंत्री ने विद्युत वितरण केन्द्र पहुंचकर निरीक्षण किया, उपभोक्ताओं से सीधे फोन पर बात कर निराकरण किया ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं है, मध्यप्रदेश में बिजली सरप्लस  ग्वालियर  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गुरुवार सुबह 4 बजे भोपाल एक्सप्रेस से ग्वालियर पहुंचते ही एक्शन में नजर आए। उन्होंने रेलवे स्टेशन से महाराजपुरा विद्युत वितरण केन्द्र पहुंचकर निरीक्षण किया तथा एफओसी के तहत दर्ज विद्युत शिकायतों का, उपभोक्ताओं से सीधे फोन पर बात कर निराकरण किया। तोमर ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी परिस्थिति में बेवजह का विद्युत अवरोध नहीं होना चाहिए। यथासंभव उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ऊर्जा मंत्री तोमर के साथ मुख्य अभियंता अमित श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता नितिन मांगलिक, कार्यपालन अभियंता श्रीनिवास यादव के अलावा अन्य अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने महाराजपुरा विद्युत वितरण केन्द्र का निरीक्षण करने के उपरांत ग्वालियर के गोवर्धन कॉलोनी, सैनिक कॉलोनी, दीनदयाल नगर, शताब्दीपुरम सहित कई इलाकों में जाकर नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और सुधार के लिये तत्काल निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी तकनीकी खामियां समयबद्ध रूप से दुरुस्त की जाएँ, ताकि नागरिकों को निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवा उपलब्ध हो सके। ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस दौरान उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर विद्युत समस्याओं को सुना और उनका त्वरित निराकरण किया।  उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में पंखे कूलर और एसी का उपयोग आवश्यक है, लेकिन ऐसा कोई कार्य ना करेंजिससे बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान आए। ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं से कहा कि वह ऊर्जा विभाग का सहयोग करें। सामने आ रही बिजली की समस्या के निदान के लिए यह सेवक और पूरा ऊर्जा विभाग मैदान में है। बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मर पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार से बचने का तरीका यह है कि उपभोक्ता अपनी घरेलू बिजली का लोड बढ़वाएं तथा वैध विद्युत कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं है, मध्यप्रदेश में बिजली सरप्लस है, लेकिन तकनीकी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने अपील की कि अगर हम बिजली कंपनी का सहयोग करें, तो तकनीकी समस्याओं को दूर करने में काफी हद तक निजात पाई जा सकती है। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण करने के उपरांत ऊर्जा मंत्री तोमर सीधे न्यू कॉलोनी कांच मील स्थित नवीन पार्क पहुंचे तथा यहां सफाई दूतों के साथ स्वर्गीय देवेन्द्र सिंह तोमर मार्ग  पर झाड़ू लगाकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया।  

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विभागीय समीक्षा के दौरान लापरवाह अधिकारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा ग्वालियर वृत्त अंतर्गत संचारण संधारण डबरा संभाग में विद्युत आपूर्ति सेवाओं के दौरान अनधिकृत रूप से अनुपस्थित होने एवं कार्य में लापरवाही बरतने के कारण डबरा विद्युत संभाग में पदस्थ उप महाप्रबंधक शुभम कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। गौरतलब है कि गत दिवस ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विभागीय समीक्षा के दौरान लापरवाह अधिकारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये थे। निलंबन अवधि में शुभम कुमार का मुख्यालय वृत्त कार्यालय श्योपुर नियत किया गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने सभी अमले को समझाइश दी है कि कार्य में पारदर्शिता, लगन, निष्ठा और उपभोक्ता सेवाओं को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बरदाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कंपनी में जीरो टोलरेंस की नीति लागू है और सभी मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे उपभोक्ता सेवाओं और कंपनी की उत्तरोत्तर तरक्की के लिए निरन्तर प्रयास करते रहें। प्रबंध संचालक ने कहा है कि निर्बाध विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ता सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कंपनी द्वारा सख्त कार्यवाही की जाएगी।  

प्रदेश में 4197 पीवीटीजी गांव के अंतर्गत 11 लाख 67 हजार 373 परिवार इस योजना के तहत लाभांवित हुए

पीवीटीजी के 7.84 लाख परिवारों के हर घर में नल और हर नल से जल हर घर में नल हर नल में जल योजना के तहत 6019.95 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई प्रदेश में 4197 पीवीटीजी गांव के अंतर्गत 11 लाख 67 हजार 373 परिवार इस योजना के तहत लाभांवित हुए  भोपाल पीएम जनमन योजना के अंतर्गत (पीवीटीजी) विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के परिवारों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दृष्टि से अन्य योजनाओं के साथ पेयजल आपूर्ति के लिये 360 पीवीटीजी गांवों के 7 लाख 84 हजार 327 घरों में नल कनेक्शन जारी किये गये है। प्रधानमंत्री जनमन आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा जनजाति संवर्ग के उत्थान के लिये इस योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंशा के अनुरूप नल-जल योजना भी विभिन्न क्षेत्रों दी जा रही सुविधाओं में से एक है। मध्यप्रदेश में 4197 पीवीटीजी गांव है। इसके अंतर्गत 11 लाख 67 हजार 373 परिवार इस योजना के तहत लाभांवित हुए है। वर्ष 2027 तक अधिकांश गांवों को सतही जल योजना के माध्यम से कवर कर लिया जाएगा। हर घर में नल हर नल में जल योजना के तहत 6019.95 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। 432 बसाहटों में से 192 बसाहटों कार्यपूर्ण किया जा चुका है। शेष 240 बसाहटों को कार्य 30 जून 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। 60 गांव हुए नल – जल युक्त लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से प्रदेश के 400 स्वीकृत पीवीटीजी गांवों में से 60 गांवों में के हर घर में नल जल संचालित है। अभी 340 गांवों में कार्य प्रगति पर है। कार्य पूर्ण हो चुके गांव में 61 प्रतिशत के साथ दतिया प्रथम स्थान पर है इसके पश्चात 58 प्रतिशत सैचुरेरडे गांव के साथ ग्वालियर के 134 गांव में से 78 गांव में नल जल योजना का कार्य पूरा हो चुका है। शिवपुरी में सर्वाधिक स्वीकृत 592 गांव में से 97 गांव में नल जल योजना का काम पूरा हो चुका है। 495 गांवों कार्य प्रगति पर है। दूसरे नबंर पर शहडोल के 431 स्वीकृत गांवों में से 208 गांव में नल जल का कार्य पूर्ण हो चुका है शेष 223 गांव में कार्य प्रगति पर है। पीएम जनमन योजन के अंतर्गत जनजाति बसाहट वाले गांवों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के माध्यम से सामुदायिक जल आपूर्ति का काम प्रचलन में है। आगामी दो वर्षो में इस योजना के अंतरित लक्ष्य प्राप्ति प्रस्तावित है।      

हरित क्षेत्र से जुड़े विषय-विशेषज्ञों के होंगे व्याख्यान

प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिये 13 जून को कार्यशाला अमृत हरित कार्यशाला भोपाल के रवीन्द्र भवन में हरित क्षेत्र से जुड़े विषय-विशेषज्ञों के होंगे व्याख्यान भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा शुक्रवार 13 जून को प्रात: 8:30 बजे राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में अमृत हरित अभियान पर केन्द्रित एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में हरित क्षेत्र के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों और पहलों का प्रसार करना है। कार्यशाला में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, महापौर, निकायों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यशाला में प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। प्रत्येक नगर निगम से 6, नगरपालिका परिषद से 4 और नगर परिषद से 2 प्रतिभागियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गयी है। कार्यशाला के दौरान कृषि और उद्यानिकी से संबंधित उत्पादों एवं यंत्रों की प्रदर्शनी के साथ ही नर्सरी प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जायेगा। कार्यशाला में विभिन्न संस्थानों जैसे इफ्को एवं भारतीय प्रबंध संस्थान के विषय-विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की जायेगी। कार्यशाला में स्थानीय वृक्ष प्रजातियों की विशेषताएँ एवं संरक्षण, जैव-विविधता एवं जलवायु परिवर्तन, बागीचों के लिये तकनीक एवं उपकरण की आवश्यकताएँ, वृक्षारोपण और पौध-रोपण से संबंधित अधिनियमों का विश्लेषण तथा वृक्षारोपण उपरांत समुचित प्रबंधन विषय पर चर्चा की जायेगी। हरित क्षेत्र बढ़ाने की रणनीतियाँ कार्यशाला में दिव्यांग पार्क, नर्मदापुरम एवं उज्जैन की सफलता की कहानियों को भी साझा किया जायेगा। इन कहानियों पर आधारित फिल्म का विशेष प्रस्तुतिकरण किया जायेगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण समस्त नगरीय निकायों में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया जायेगा। सीधे प्रसारण से राज्य के सभी निकाय इस अभियान से जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही पौध-रोपण कार्य से जुड़े शासकीय और अशासकीय संगठनों के प्रतिनिधि भी कार्यशाला में भाग लेंगे। कार्यशाला में होंगे 3 सत्र उद्घाटन सत्र में कार्यशाला में उपस्थित अतिथियों का उद्बोधन होगा। प्रथम सत्र में इंडियन इन्स्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट (आईआईएफएम) के प्रतिनिधि स्थानीय वृक्षों की प्रजातियों की विशेषताओं एवं संरक्षण पर जानकारी देंगे। एप्को के श्री राम रतन जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन पर, आईआईएफएम के पूर्व प्रो. डी.के. वर्मा बागीचे के लिये तकनीक एवं उपकरण आवश्यकता से संबंधी जानकारी देंगे। द्वितीय सत्र में ‘वूमेन फॉर ट्री’ विषय पर प्रमुख अभियंता श्री प्रदीप एस. मिश्रा का उद्बोधन होगा। समापन सत्र में राम वाटिका सिवनी-मालवा, दोहेला पार्क खुरई की सफलता की कहानी के साथ प्रदेश में हरित विकास संवर्धन के कार्यों की जानकारी दी जाएगी। सत्र का समापन शाम 5 बजे होगा।  

मध्यप्रदेश में कोरोना से एक और मौत, अब तक तीन लोगों ने गंवाई जान, 86 एक्टिव केस

भोपाल  मध्य प्रदेश में कोरोना से एक और मौत हुई है। कोविड 19 डैशबोर्ड से इसकी पुष्टि हुई है। प्रदेश में अब तक कुल तीन लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में कोविड के अब तक 123 मामले सामने आ चुके हैं। वर्तमान में 86 एक्टिव केस है। 11 जून को 21 नए मामले आए सामने भारत में कोरोना की नई लहर में एक्टिव केसों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। रोजोना सैकड़ों नए केस सामने आ रहे हैं। प्रदेश में बुधवार, 11 जून को कोरोना के 21 नए केस दर्ज किए गए। जो इस साल एक दिन में दर्ज सबसे अधिक मामले हैं। इसके साथ ही 2025 में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 123 हो गई है। इनमें 34 मरीज रिकवर हो चुके हैं। वर्तमान में 86 एक्टिव केस हैं। इन जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी। जानकारी के मुताबिक, महिला रतलाम की रहने वाली थीं और इंदौर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उन्हें 8 जून को सांस लेने में तकलीफ होने पर भर्ती किया गया था। 10 जून को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई और इसके बाद उन्हें एमआरटीबी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रेफर किया गया, जहां 11 जून को उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने नहीं जारी किए जिलेवार आंकड़े प्रदेश में कोरोना की स्थिति को लेकर इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलेंस प्रोग्राम (IDSP) द्वारा अब जिलेवार आंकड़े जारी नहीं किए जा रहे हैं, जबकि अन्य राज्य अभी भी रोजाना हेल्थ बुलेटिन जारी कर रहे हैं। IDSP के प्रभारी डॉ. अश्विनी भागवत से संपर्क करने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन न तो फोन का जवाब मिला और न ही मैसेज का। साल 2020 में महामारी शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब अधिकारी कोरोना से जुड़ी जानकारी साझा करने से बच रहे हैं। एक दिन में 21 नए केस, अब तक 123 संक्रमित प्रदेश में बुधवार, 11 जून को कोरोना के 21 नए केस दर्ज किए गए। यह इस साल एक दिन में दर्ज सबसे ज्यादा मामले हैं। इसके साथ ही 2025 में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 123 हो गई है। इनमें से 86 एक्टिव केस हैं और 34 मरीज रिकवर हो चुके हैं। अब तक 3 मौतें हुई हैं। इन 3 जिलों की महिलाओं की हुई मौत     रतलाम: 52 वर्षीय महिला, जिन्हें टीबी, ब्रोंकाइटिस और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां थीं। मौत 11 जून को इंदौर में इलाज के दौरान हुई।     खरगोन: 44 वर्षीय महिला, जिन्होंने हाल ही में एमटीएच अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। 6 जून को एमआरटीबी अस्पताल में मृत्यु हुई।     इंदौर: 74 वर्षीय महिला, जिन्हें किडनी की बीमारी थी। 27 अप्रैल को अरबिंदो अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हुई थी। 3 की हो चुकी हैं मौत वहीं प्रदेश में अब तक 3 मौतें हुई हैं। 11 जून को रतलाम जिले की रहने वाली 52 वर्षीय महिला की इंदौर में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला को ब्रोंकियल अस्थमा था। कोविड 19 डैशबोर्ड से इसकी पुष्टि हुई है। इससे पहले खरगोन जिले की 44 वर्षीय महिला, जिन्होंने हाल ही में एमटीएच अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। 6 जून को एमआरटीबी अस्पताल में मृत्यु हुई थी। वहीं इंदौर की 74 वर्षीय महिला, जिन्हें किडनी की बीमारी थी। 27 अप्रैल को अरबिंदो अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हुई थी। कमजोर इम्यूनिटी वाले, गर्भवती महिलाएं रहें अलर्ट भारत में फिलहाल कोरोना का JN.1 वैरिएंट सबसे अधिक देखा जा रहा है। जांच में आधे से ज्यादा सैंपल में यही वैरिएंट पाया गया है। इसके बाद BA.2 (26%) और ओमिक्रॉन सबलाइनज (20%) के मामले मिल रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 को ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ माना है, यानी इस पर निगरानी बनाए रखने की जरूरत है। भोपाल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव के अनुसार, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है, उन्हें सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा, पुराने रोगियों और गर्भवती महिलाओं को भी कोरोना से संबंधित सभी सावधानियां बरतनी चाहिए। भोपाल और इंदौर में नए केस     भोपाल: अब तक कुल 13 केस सामने आए हैं, जिनमें से 2 नए केस बुधवार को मिले।     इंदौर: अब तक कुल 81 केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 12 नए मामले बुधवार को सामने आए।

विमान हादसे के बाद DNA टेस्ट से होगी शवों की पहचान, कैसे होती है शवों की पहचान, जानिए पूरी प्रक्रिया

अहमदाबाद  अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास गुरुवार को एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ये हादसा इतना बड़ा था कि विमान में सवार क्रू मेंबर्स समेत सभी 242 लोगों की मौत । इस विमान में 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश नागरिक हैं, 1 कनाडाई नागरिक है और 7 पुर्तगाली नागरिक थे। विमान टेकऑफ करते ही डॉक्टरों के हॉस्टल पर जा गिरा अहमदाबाद से उड़ान भरने के थोड़ी ही देर बाद ही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 एक बड़े हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में विमान में सवार सभी 242 लोगों की मौत हो गई है। लंदन जा रहा यह विमान जब शहर के मेघानीनगर इलाके के पास पहुंचा, तो तुरंत ही हादसे का शिकार हो गया। इलाके में अचानक हुए धमाके और आसमान में उठते धुएं के गुबार ने लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान क्रैश होने के बाद दुर्घटना स्थल पर बचाव और राहत कार्यों में कई एजेंसियां ​​लगी हुई हैंAir India Plane Crash: अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान क्रैश होने के बाद दुर्घटना स्थल पर बचाव और राहत कार्यों में कई एजेंसियां ​​लगी हुई हैं DNA टेस्ट से होगी शवों की पहचान एयर इंडिया विमान हादसे में सभी 242 लोगों के मारे जाने की आशंका है। ये हादसा इतना भीषण था कि मरने वाले लोगों के शवों की पहचान तक करना मुश्किल हो रहा है। अब खबर आ रही है कि अहमदाबाद के सिविल अस्पताल ने उन लोगों से DNA सैंपल मांगे, जिनके अपने इस हादसे का शिकार हुए हैं, ताकि शवों की सही तरीके से पहचान की जा सके। तो सही क्या ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया था विमान? अहमदबाद में एयर इंडिया का विमान क्रैश हो गया, जिसमें सभी 242 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। इस हादसे के कई वीडियो भी सामने आए हैं। एक वीडियो विमान के क्रैश होने से ठीक पहले का है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारा, वीडियो के विश्लेषण के आधार पर कई एक्सपर्ट ने कहा कि बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, एक ऐसा मॉडल है, जिसका सुरक्षा रिकॉर्ड बेदाग रहा है। ऐसे में वो अहमदाबाद में रनवे से उड़ान भरता है और इसके तुरंत बाद उसे मामूली थ्रस्ट का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों ने कहा कि पायलट इस समय लिफ्ट और ऊंचाई हासिल करने के कोशिश में योक को खींच रहे होंगे और वीडियो से पता चलता है कि उन्होंने विमान का लैंडिंग गियर भी नीचे छोड़ दिया था। वीडियो को देख कर लगता है कि विमान ऊंचाई हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा था, इससे पहले कि वह अपने सही ऊंचाई पर पहुंचता, उससे पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग के गोले में बदल गया। कैसे होती है शवों की पहचान, जानिए पूरी प्रक्रिया अचानक ये हादसे का शिकार हो गया. जब किसी विमान हादसे में जान-माल का नुकसान होता है, तो सबसे बड़ी चुनौती होती है मृतकों की पहचान करना. हादसे की भयावहता इतनी होती है कि कई बार शव बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और पहचानना बेहद मुश्किल हो जाता है. ऐसे में प्रशासन और विशेषज्ञों की एक टीम बेहद सावधानी और साइंटिफिक तरीकों से यह काम करती है. आइए जानते हैं कि किसी विमान हादसे के बाद शवों की पहचान कैसे की जाती है. मौके पर सबसे पहले पहुंचती है रेस्क्यू टीम हादसे के तुरंत बाद पुलिस, एनडीआरएफ, मेडिकल और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचती हैं. सबसे पहले जिन्दा बचे लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया जाता है. फिर घटनास्थल पर मौजूद शवों को इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाता है. डीएनए जांच से होती है पुष्टि अगर शव की हालत इतनी खराब होती है कि चेहरा या शरीर से पहचान संभव नहीं होती, तो वैज्ञानिक तरीका अपनाया जाता है – डीएनए टेस्ट. इसके लिए शव के ऊतक, बाल या हड्डियों से डीएनए सैंपल लिया जाता है और उसकी तुलना परिवार के किसी सदस्य से लिए गए सैंपल से की जाती है. फिंगरप्रिंट और मेडिकल रिकॉर्ड की मदद अगर शव का कोई हिस्सा सुरक्षित होता है, जैसे उंगलियां, तो फिंगरप्रिंट लेकर उसकी पहचान की जाती है. इसके अलावा, शवों के पुराने मेडिकल रिकॉर्ड, जैसे एक्स-रे, दांतों के इलाज की फाइल या सर्जरी के निशान भी पहचान में मदद करते हैं. कपड़े, गहने और सामान भी मददगार कई बार शवों के साथ मिले कपड़े, गहने, घड़ी, मोबाइल, चश्मा या कोई और निजी सामान से भी परिजन पहचान कर लेते हैं. लेकिन यह तरीका केवल प्रारंभिक पहचान के लिए होता है, अंतिम पुष्टि डीएनए या फिंगरप्रिंट से ही की जाती है. परिवार से होता है संपर्क हादसे में मारे गए लोगों की लिस्ट बनाकर उनके परिवार वालों से संपर्क किया जाता है. उन्हें शव की हालत और पहचान प्रक्रिया के बारे में बताया जाता है. परिवार की मौजूदगी में ही पहचान की पुष्टि होती है.

जल गंगा संवर्धन अभियान से घोड़ा पछाड़ नदी पुनर्जीवित, अन्य सहायक नदियाँ भी प्रवहमान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल संरक्षण की दिशा में जल गंगा संवर्धन अभियान मध्यप्रदेश सरकार की महत्त्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में यह अभियान 30 मार्च से 30 जून तक संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नदियों, जल स्त्रोतों और वेटलैण्ड्स का संरक्षण व पुनर्जीवन है। शासन और समाज के समन्वित प्रयासों से इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। घोड़ा पछाड़ नदी पुनर्जीवित, अन्य सहायक नदियाँ भी प्रवहमान खण्डवा जिले में आम नागरिकों और प्रशासन के सहयोग से नर्मदा की सहायक घोड़ा पछाड़ नदी को पुनर्जीवित किया गया है। अंधाधुंध भू-जल दोहन के कारण यह नदी और आसपास की कई छोटी नदियाँ सूख चुकी थीं, जिससे खेती-किसानी प्रभावित हो रही थी। रिज टू वैली सिद्धांत पर आधारित जल संरचनाओं के निर्माण से लगभग 33 किलोमीटर क्षेत्र में जल संचय किया गया। परिणामस्वरूप घोड़ा पछाड़ नदी में फिर से जल प्रवाह शुरू हो गया है, जिससे वर्ष भर इन नदियों के प्रवहमान रहने की संभावनाएं बनी हैं। राज्य की नदियों का सर्वेक्षण और जल शोधन संयंत्रों की स्थापना मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नर्मदा, चंबल, क्षिप्रा, बेतवा, सोन, टोंस, ताप्ती, कान्ह, माही, सिंध, और बेनगंगा सहित प्रमुख नदियों का सर्वेक्षण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि 158 नालों से प्रतिदिन लगभग 450 मिलियन लीटर घरेलू अपशिष्ट जल सीधे इन नदियों में बहाया जा रहा है। इस स्थिति में सुधार के लिए नगरीय विकास विभाग द्वारा 869 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) की स्थापना की जा रही है। वेटलैण्ड संरक्षण में मध्यप्रदेश की अग्रणी भूमिका वर्ष 2002 में जहां मध्यप्रदेश में केवल एक रामसर साइट थी, वहीं आज यह संख्या बढ़कर पाँच हो चुकी है। साथ ही इंदौर को देश का पहला वेटलैण्ड सिटी घोषित किया जाना राज्य के लिए गौरव की बात है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण ने 2.25 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले 13,565 वेटलैण्ड्स का भौतिक सत्यापन और सीमांकन समय-सीमा में पूर्ण किया है। इंदौर नगर निगम एवं एप्को ने मिलकर शहर के 330 पारंपरिक कुएं और बावड़ियों का संरक्षण कार्य किया है। यह पहल शहर की जल-परंपरा को पुनर्जीवित करने में सहायक सिद्ध हो रही है। प्रकृति के संरक्षण के लिये साझा जिम्मेदारी प्रकृति में पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए समाज की सहभागिता आवश्यक है। नदियाँ, पेड़, पहाड़ और मानव – सब एक-दूसरे पर आश्रित हैं। जल गंगा अभियान इसी पारस्परिक जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा है, जिससे जल, जीवन और प्रकृति की यह अमूल्य विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रहे।  

फडणवीस और राज ठाकरेके बीच मुंबई के एक पांच सितारा होटल में बंद कमरे में हुई बैठक, उद्धव को लगा झटका?

मुंबई महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच मुंबई के एक पांच सितारा होटल में बंद कमरे में बैठक हुई। यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चली और इसे लेकर किसी भी पक्ष ने पहले से कोई जानकारी नहीं दी थी। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) लगातार एमएनएस के साथ गठबंधन की संभावनाओं को हवा दे रही थी और ‘मराठी मानूस’ की एकजुटता की अपील कर रही थी। वहीं, एमएनएस की चुप्पी और अब भाजपा नेताओं से मुलाकात इस बात का संकेत देती है कि राज ठाकरे उद्धव ठाकरे की बजाय भाजपा और शिंदे गुट के साथ जुड़ने का मन बना रहे हैं। आपको बता दें कि 14 जून को राज ठाकरे और 13 जून को आदित्य ठाकरे का जन्मदिन है। शिवसेना (UBT) कार्यकर्ता इन तारीखों को प्रतीकात्मक एकता दिवस के रूप में पेश कर रहे थे, लेकिन यह अचानक बैठक उनके मंसूबों पर पानी फेर सकती है। उद्धव गुट के तमाम प्रयास बेअसर पिछले कुछ महीनों से उद्धव ठाकरे, उनके बेटे आदित्य ठाकरे और संजय राऊत समेत शिवसेना (UBT) के नेता लगातार राज ठाकरे से सार्वजनिक अपील कर रहे थे। पुराने पारिवारिक फोटो, सोशल मीडिया पोस्ट और ‘सामना’ में प्रकाशित भावनात्मक लेखों के माध्यम से ‘मराठी अस्मिता’ की एकता का संदेश दिया जा रहा था। लेकिन एमएनएस की ओर से इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। हाल ही में राज के बेटे अमित ठाकरे ने भी स्पष्ट किया था कि गठबंधन मीडिया बाइट्स से नहीं बनते। शिंदे गुट ने भी खोला दरवाजा राज ठाकरे को भाजपा के अलावा शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से भी गठबंधन का प्रस्ताव मिला है। संजय शिरसाट, मंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता ने गुरुवार को कहा, “हमने पहले भी विधानसभा चुनाव के समय गठबंधन की पेशकश की थी। आज भी हम राज साहेब को साथ आने का निमंत्रण देते हैं।” आपको बता दें कि निकट भविष्य में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव होने हैं। भाजपा और एमएनएस के साथ आने से मराठी और हिंदुत्व वोटों को साझा किया जा सकता है। पूर्व महापौर और शिवसेना (UBT) नेता किशोरी पेडनेकर ने कहा, “अभी इसपर टिप्पणी करना जल्दबाज़ी होगी। दोनों भाइयों ने पहले मतभेदों को गौण बताया है। देखते हैं आगे क्या होता है।”  

दुनिया में एक चौथाई लोगों का नहीं है कोई धर्म, 10 सालों में तेजी से बढ़े आंकड़े

नई दिल्ली  दुनिया की आबादी 8 अरब के पर पहुंच गई है और एक अनुमान के मुताबिक धरती पर फिलहाल 300 से ज्यादा धर्म हैं। हालांकि इन 8 अरब में से एक चौथाई यानी लगभग 2 अरब लोग किसी भी धर्म में यकीन नहीं रखते हैं। यह आंकड़े हाल ही में प्यू रिसर्च द्वारा जारी एक रिपोर्ट में सामने आए हैं। इस रिपोर्ट को प्यू रिसर्च सेंटर ने जारी किया है और इसे 2,700 से ज्यादा सर्वे और कई तरह के शोध के बाद तैयार किया गया है। रिपोर्ट में 2010 से 2020 तक दुनिया की आबादी और लोगों के धर्म से जुड़े आंकड़ों में बदलावों पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी धर्म को ना मानने वाले लोगों की संख्या 27 करोड़ से बढ़कर 1.9 बिलियन यानी लगभग 2 अरब हो गई है। यह धरती की कुल आबादी का एक चौथाई हिस्सा है। ईसाई और मुस्लिम धर्म के लोगों के बाद दुनिया में ऐसे लोगों की संख्या सबसे अधिक है जिन लोगों का कोई धार्मिक जुड़ाव नहीं है। प्यू रिसर्च ने बताया है कि ऐसे लोग मुसलमानों के अलावा एकमात्र ऐसी श्रेणी के लोग हैं जिनकी आबादी तेजी से बढ़ी है। क्यों धर्म छोड़ते हैं लोग? किसी भी धर्म को ना मानने वालों को “नोनेस” भी कहा जाता है। इन लोगों ने सर्वेक्षण के दौरान यह कहा है कि उनका कोई धर्म नहीं है या वे नास्तिक हैं। 2010 और 2020 के बीच इनकी संख्या तेजी से बढ़ी है। इसके कई कारण हो सकते हैं। धर्म से संबंध ना रखने वाले लोगों का जन्म और पालन-पोषण अक्सर किसी धर्म के साथ ही होता है। हालांकि वयस्क होने पर लोग उससे अपनी पहचान से नहीं जोड़ना चाहते। यूरोपीय और उत्तरी अमेरिकी देशों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में इस तरह की विचारधारा आम है। यह जरूरी नहीं कि किसी धर्म से खुद को ना जोड़ने लोग धार्मिक मान्यताओं और प्रथाओं को भी ना मानते हों। रिसर्च से पता चलता है कि कई लोग जो किसी धार्मिक समूह से संबंधित नहीं हैं, वे अब भी कई धार्मिक या आध्यात्मिक मान्यताओं को मानते हैं और धार्मिक आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग भी लेते हैं। हिंदुओं, मुसलमानों की आबादी में भी इजाफा दस सालों में दुनियाभर में हिंदुओं की संख्या 126 मिलियन बढ़कर 1.2 बिलियन हो गई। हिन्दू वैश्विक आबादी का लगभग 14.9% हिस्सा है। वहीं ईसाई दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समूह है। बीते दशक में इस्लाम सबसे तेजी से बढ़ने वाला धार्मिक समूह रहा। मुसलमानों की संख्या में 347 मिलियन यानी 34 करोड़ से ज्यादा का इजाफा हुआ है, जो अन्य सभी धर्मों को मिला देने पर भी अधिक है। दुनिया की आबादी में मुस्लिमों की हिस्सेदारी 1.8 फीसदी से बढ़कर 25.6% तक पहुंच गई है। वहीं बौद्ध एकमात्र ऐसा प्रमुख धर्म रहा, जिसकी आबादी 2020 में एक दशक पहले की तुलना में कम हो गई।  

गौतम गंभीर ने करुण नायर की वापसी को बताया प्रेरणादायक, टीम में किया वेलकम, कभी हार ना मानने का जज्बा है

नई दिल्ली  भारत 2007 के बाद इंग्लैंड में अपनी पहली सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगा। दोनों टीम के बीच पांच मैच की टेस्ट सीज 20 जून को लीड्स में पहले टेस्ट के साथ शुरू होगी। मुख्य कोच गौतम गंभीर ने करुण नायर की भी तारीफ की, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में वापसी की।   भारतीय कोच ने कहा, ‘‘वापसी कभी आसान नहीं होती, जिसने सात साल बाद वापसी की हो, उसका पिछला साल शानदार रहा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपने जितने रन बनाए हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात कभी हार ना मानने का जज्बा है जिसने आपको टीम में वापस ला दिया है और यह इस समूह में सभी के लिए प्रेरणादायक है। करुण नायर का स्वागत है।’’ नायर ने कहा कि वह भारत के लिए खेलने का दूसरा मौका मिलने पर ‘आभारी’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस अवसर फिर से मिलने के लिए आभारी हूं। मैं इस अवसर का पूरा फायदा उठाने के लिए उत्सुक हूं। मुझे यकीन है कि एक बार जब मैं मैदान पर उतरूंगा तो मेरे अंदर बहुत सारी भावनाएं होंगी लेकिन अभी मैं उन्हें व्यक्त नहीं कर सकता।’’ गंभीर ने ‘बीसीसीआई.टीवी’ से अश्विन, रोहित और कोहली के हाल ही में संन्यास का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘इस दौरे को देखने के दो तरीके हैं। एक तो यह कि हम अपने तीन सबसे अनुभवी खिलाड़ियों के बिना हैं या हमें देश के लिए कुछ खास करने का यह अभूतपूर्व अवसर मिला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं इस समूह को देखता हूं तो मुझे कुछ खास करने की भूख, जुनून और प्रतिबद्धता दिखती है। अगर हम त्याग करते हैं, अगर हम अपनी सहज स्थिति से बाहर आते हैं, अगर हम हर दिन नहीं बल्कि हर सत्र, हर घंटे और हर गेंद पर चुनौती पेश करना शुरू करते हैं तो मुझे लगता है कि हम इसे एक यादगार दौरा बना सकते हैं।’’  

हृदय विदारक आपदा में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली  गुरुवार दोपहर को भारत ने एक गंभीर और हृदय विदारक विमान दुर्घटना का सामना किया, जब एअर इंडिया की लंदन जा रही उड़ान (AI-171), अहमदाबाद हवाई अड्डे से टेक-ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य शामिल थे। विमान के मेघाणी नगर क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। विमान के मलबे से निकाले जा रहे घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की संवेदनाएं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस हादसे को “हृदय विदारक आपदा” करार देते हुए, सभी प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पूर्व में ट्विटर पर पोस्ट करते हुए राष्ट्रपति ने लिखा: “यह एक अत्यंत दुखद विमान दुर्घटना है। इस हृदय विदारक आपदा में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। राष्ट्र इस अवर्णनीय दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।” हादसे की जांच और राहत कार्य इस दुर्घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। वहीं एअर इंडिया ने यात्रियों के परिजनों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर – 1800 5691 444 जारी किया है। टाटा समूह और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने भी कहा कि एयरलाइन सभी प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। अंतरराष्ट्रीय यात्री भी थे सवार एयर इंडिया की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस विमान में सवार 230 यात्रियों में: 169 भारतीय नागरिक 53 ब्रिटिश नागरिक 7 पुर्तगाली नागरिक 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे। यह अंतरराष्ट्रीय उड़ान लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए निर्धारित थी। क्या है आगे की स्थिति? मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, स्थानीय प्रशासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीमें तैनात हैं। विमान के ब्लैक बॉक्स की बरामदगी के बाद तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे दुर्घटना के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सके। इस भयावह हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, और अन्य शीर्ष नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। राहत कार्य जारी हैं, और उम्मीद की जा रही है कि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता मिलेगी।  

बरमपुर मुख्य मार्ग पर 20 फीट नीचे नहर में गिरी तेज रफ्तार कार

कोरबा कोरबा में एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर 20 फीट नीचे नहर में गिर गई। कार में सवार लोग लापता हैं। यह घटना सर्वमंगला चौकी अंतर्गत बरमपुर मुख्य मार्ग पर आज सुबह हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह जब वह इस मार्ग से गुजर रहे थे तब उनकी नजर इस वाहन पर पड़ी। उन्होंने देखा कि नहर में वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है। देखते ही देखते राहगीरों की भीड़ एकत्रित हो गई और इसकी सूचना सर्वमंगला चौकी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कार में कितने लोग सवार थे और कहां से कहां जा रहे थे, यह जानकारी अब तक सामने नहीं आई। कार सवार लोग लापता बताये जा रहे हैं। सर्वमंगला चौकी प्रभारी विभव तिवारी ने बताया कि कार के नंबर के आधार पर वाहन मालिक का पता किया जा रहा है।  

37 साल पहले भी अहमदाबाद में हुआ था प्लेन क्रैश, हादसे में बोइंग 737-200 खराब दृश्यता के कारण हुआ था दुर्घटनाग्रस्त

अहमदाबाद  अहमदाबाद में गुरुवार दोपहर बड़ा विमान हादसा हुआ। इस हादसे ने 37 साल पहले हुए विमान हादसे की यादें ताजा कर दी। तब हुए हादसे में कुल 137 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में बोइंग 737-200 खराब दृश्यता के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में विमान नोबल नगर के एक खेत में गिर गया। इस हादसे को भारतीय इतिहास के सबसे घातक विमान दुर्घटना के रूप में देखा जाता है। बात साल 1988 की है। 19 नवंबर को बोइंग 737-200 विमान अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतरने का प्रयास कर रहा था। इस दौरान दृश्यता कम होने के कारण विमान को नीचे उतरने में समस्या हो रही थी। इस दौरान उतरने के प्रयास में प्लेन एयरपोर्ट के पास नोबल नगर के पास एक धान के खेत में गिर गया था। यहां जमीन से टकराने के बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में प्लेन में सवार 135 लोगों में से 133 की मौत हो गई थी। 2 लोग बच गए थे।  

पैट कमिंस ने तेम्बा बावुमा को आउट करके इस लिस्ट में बनाई जगह, 50 साल बाद लॉर्ड्स में हुआ ऐसा

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 212 रन बनाए। इसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका की पारी भी लड़खड़ाई है। पहले दिन का खेल समाप्त होने के समय दक्षिण अफ्रीका ने 22 ओवर में 43 रन के स्कोर पर अपने चार विकेट गवां दिये थे। वहीं दूसरे पहले सेशन में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने अफ्रीका के कप्तान तेम्बा बावुमा को पवेलियन का रास्ता दिखाते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की।   ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 212 रनों के स्कोर पर रोकने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी भी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में बुधवार को लडखड़ाई और उसके बल्लेबाज संघर्ष करते देखे गए। ऑस्ट्रेलिया की टीम को फाइनल के दूसरे दिन पहले सेशन में सिर्फ एक विकेट मिला। कप्तान तेम्बा बावुमा पैट कमिंस का शिकार बने। लॉर्ड्स में 50 साल बाद ऐसा हुआ है, जब ऑस्ट्रेलिया के कप्तान ने विपक्षी टीम के कप्तान को पवेलियन का रास्ता दिखाया हो। सबसे पहले 1909 में मोटी नोबल ने एर्ची मैक्लारेन को दोनों पारियों में आउट किया था। इसके बाद इयान चैपल ने 1975 में टोनी ग्रेग को पवेलियन भेजा था। 25 साल बाद पैट कमिंस ने तेब्बा बावुमा को आउट करके इस लिस्ट में अपनी जगह बनाई। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में तेम्बा बावुमा पहली पारी में 84 गेंद में 36 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। इससे पहले कगिसो रबाडा (पांच विकेट) और मार्को यानसन (तीन विकेट) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने बल्लेबाजी कर रही ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 212 रन के स्कोर पर ढ़ेर कर दिया था ऑस्ट्रेलिया के कप्तान ने लॉर्ड्स में टेस्ट में विपक्षी कप्तान को आउट किया मोंटी नोबल – आर्ची मैकलेरन (1909, दोनों पारी) इयान चैपल – टोनी ग्रेग (1975) पैट कमिंस – टेम्बा बावुमा (2025)  

मोहम्मद यूनुस की 20 दिन में दूसरी इंटरनेशनल बेइज्जती, लंदन में रहते हुए भी ब्रिटिश पीएम ने कर दिया मिलने से इनकार

 ब्रिटेन   बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के हेड मोहम्मद यूनुस को ब्रिटेन में शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। ब्रिटिश पीएम कीर स्टारमर ने यूनुस से मिलने से इनकार कर दिया है। ये तब हुआ है, जब यूनुस लंदन में ही हैं। शेख हसीना के समय कथित तौर पर विदेश भेजे अरबों डॉलर की वसूली के प्रयासों के लिए समर्थन जुटाने के लिए यूनुस लंदन की यात्रा पर हैं। उन्होंने स्टार्मर से मिलने का वक्त मांगा था लेकिन उनको इसके लिए समय नहीं मिल पाया। करीब तीन हफ्ते में ये दूसरी बार है, जब किसी बड़े नेता ने यूनुस से मिलने से इनकार किया है। बीते महीने ही फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मोहम्मद यूनुस के साथ द्विपक्षीय बैठक करने से इनकार किया था। फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, यूनुस ने बताया है वह कि ब्रिटेन को बांग्लादेश की नई सरकार को पिछली सरकार के चुराए धन को ट्रैक करने में नैतिक मदद करनी चाहिए। यूनुस का कहना है कि शेख हसीना के समय बांग्लादेश को ‘लूटने’ वाले ज्यादातर लोग अब यूके में है। वह इन लोगों को पकड़ने में ब्रिटिश सरकार की मदद चाहते है। यूनुस ने कहा कि कीर स्टार्मर ने फिलहाल उनसे मिलने के लिए सहमति नहीं दी है लेकिन उनको उम्मीद है कि स्टार्मर उनकी सरकार के प्रयासों का समर्थन करेंगे।   बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस का लंदन दौरा सुर्खियों में है. यूनुस चाहते थे कि ब्रिटेन की नई लेबर सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलें और शेख हसीना सरकार के कार्यकाल में कथित रूप से विदेश भेजी गई अरबों की रकम को वापस लाने में मदद करें. लेकिन फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने यूनुस से मिलने का अनुरोध ठुकरा दिया है. यूनुस ने कहा कि उनसे मेरी कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है लेकिन उन्हें अब भी भरोसा है कि ब्रिटेन उनकी सरकार के साथ खड़ा होगा. क्या है वो मुद्दा जिस पर बातचीत होनी थी? यूनुस का दावा है कि हसीना सरकार के 16 साल के शासन में करीब 234 अरब डॉलर की राशि गलत तरीके से विदेश भेजी गई, जिसमें ब्रिटेन, कनाडा, सिंगापुर, कैरिबियन और मिडल ईस्ट प्रमुख ठिकाने रहे. उन्होंने ब्रिटेन से अपील की कि इस धन को वापस लाने में ब्रिटेन को नैतिक और कानूनी रूप से मदद करनी चाहिए. यूनुस का कहना है कि ये कोई राजनीतिक मामला नहीं, बल्कि एक सीधा-सीधा लूट का मामला है. ब्रिटेन की एजेंसियों ने क्या एक्शन लिया है? ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी ने हसीना सरकार के सहयोगी सलमान एफ रहमान के बेटे की लंदन स्थित दो प्रॉपर्टी पर फ्रीजिंग ऑर्डर लगाए हैं. वहीं, एक और मंत्री सैफुज़्जमान चौधरी की संपत्तियां भी एजेंसी ने जब्त की हैं. हालांकि यूनुस का कहना है कि उन्हें और ज्यादा उत्साही समर्थन की दरकार है. उनका कहना है कि ये दौरा सिर्फ एक शुरुआत है और वे ब्रिटिश बैंकों, कंपनियों और खुफिया एजेंसियों से सहयोग की उम्मीद रखते हैं. तुलिप सिद्दीक ने मांगी यूनुस से मुलाकात हसीना की भांजी और लेबर पार्टी की सांसद तुलिप सिद्दीक़, जो एक समय ब्रिटेन में भ्रष्टाचार निरोधक मंत्री भी थीं, ने यूनुस से मुलाकात की इच्छा जताई थी. लेकिन यूनुस ने इंकार करते हुए कहा कि ये कोई व्यक्तिगत मसला नहीं, बल्कि पूरी तरह कानूनी मुद्दा है. गौरतलब है कि जनवरी 2025 में तुलिप को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था, जब उन पर आरोप लगे कि उन्हें हसीना सरकार के करीबियों से प्रॉपर्टी और अन्य मदद मिली थी. हालांकि उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया.  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live