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प्रॉपर्टी के विवाद में भाजपा नेता संतोष पांडे ने निजी कार्यालय में जहर खा लिया

खंडवा  प्रॉपर्टी के विवाद में भाजपा नेता संतोष पांडे निवासी सिंगाड़ तलाई ने अपने सिंगाड़ तलाई स्थित निजी कार्यालय में जहर खा लिया। जिससे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत से पहले उनके भाई प्रवीण पांडे ने उनका एक वीडियो बनाया है जिसमें वह प्रॉपर्टी के विवाद में कुछ लोगों का नाम लेकर उन पर रुपए नहीं लौटने और ना जमीन देने के आरोप लगा रहे हैं। मामले की जांच फिलहाल इंदौर में विजयनगर पुलिस कर रही है। घटना बुधवार दोपहर करीब 3 बजे की है। भाजपा नेता संतोष पांडे अपने सिंगाड़ सिंगर तलाई स्थित निजी कार्यालय पर थे। इस दौरान उनकी बालिका उन्हें चाय देने के लिए ऑफिस में गई। बालिका ने देखा कि बेहोशी की हालत में पड़े हुए थे। उसने तुरंत सूचना स्वजन को दी। घर के पास ही कार्यालय होने से तुरंत मौके पर स्वजन पहुंचे। पांडे को लेकर खंडवा के निजी अस्पताल में गए। हालत गंभीर होने से डॉक्टर ने उन्हें इंदौर ले जाने की सलाह दी। इस पर सूजन उन्हें तत्काल एंबुलेंस से इंदौर के प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। यहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद बताया की हालत काफी ज्यादा नाजुक है और उनके पास ज्यादा समय नहीं है। इस पर भाई प्रवीण पांडे ने डॉक्टर उसे अनुमति ली की क्या वह उनका वीडियो बना सकते हैं। प्रॉपर्टी विवाद में प्रताड़‍ित होकर जहर खाने की बात कही इस पर डॉक्टरों ने प्रवीण को वीडियो बनाने की अनुमति दी। भाई प्रवीण के अनुसार संतोष पांडे ने मौत से पहले वीडियो में प्रॉपर्टी के विवाद के चलते प्रताड़ित होकर जहर खाने की बात बताई। वीडियो में संतोष पांडे उपेंद्र मंडलोई, राजू मंडलोई और उमंग मंडलोई का नाम लेकर उनपर आरोप लगा रहे हैं। वीडियो में वो कह रहे हैं कि ये लोग न तो रुपये दे रहे है और न जमीन दे रहे हैं। इसलिए मैंने जहर खा लिया है। रुपए का हिसाब-किताब भी बताया वीडियो में संतोष पांडे कह रहे हैं की उपेंद्र मंडलोई से उन्होंने 3:30 करोड रुपए में जमीन खरीदी थी। एक अन्य वीडियो में उन्होंने विजय बिरला सहित एक अन्य का नाम लेते हुए कहा कि यह दोनों उक्त जमीन में पार्टनर थे और पार्टनर पर पार्टनर बढ़ाते जा रहे थे। संतोष पांडे के इस तरह के बयानों के तीन अलग-अलग वीडियो जारी हुए हैं। जिसमें वह स्पष्ट रूप से इस प्रॉपर्टी का विवाद होकर कुछ लोगों के कारण आत्महत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच इंदौर में विजयनगर पुलिस कर रही है। कार्यालय में छोड़ा सुसाइड नोट भाजपा मैं जिला महामंत्री रह चुके संतोष पांडे के भाई प्रवीण पांडे ने बताया कि संतोष ने एक सुसाइड नोट भी अपने कार्यालय में छोड़ा है। जिसमें उन्होंने पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी है। हालांकि यह नोट अब तक परिवार को नहीं मिला है। प्रवीण पांडे ने बताया की संतोष ने सुसाइड नोट की जानकारी उन्हें इंदौर में जब उन्हें कुछ देर के लिए होश आया था उस समय दी थी। पत्नी, बच्चों को उठा ले जाने की धमकी का आरोप प्रवीण पांडे ने आरोप लगाते हुए कहा की संतोष का जिन लोगों से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। वह लोग संतोष की पत्नी को भी आए दिन धमकियां दे रहे थे। संतोष की पत्नी आरोप लगाया कि उक्त लोग उन्हें और उनके बच्चों को भी उठा ले जाने की धमकियां तक देते थे। पूरा विवाद करीब 2 महीने से चल रहा था जिसके कारण संतोष पांडे परेशान थे और प्रताड़ित होकर उन्होंने यह कदम उठा लिया।

ओवरब्रिज पर 90 डिग्री का अंधा मोड़, भविष्य में एक बड़ा एक्सीडेंट जोन हो सकता है साबित

भोपाल  भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (ROB) की इंजीनियरिंग डिजाइन अब सवालों के घेरे में है। दरअसल, इस ओवरब्रिज पर 90 डिग्री का अंधा मोड़ बनाया गया है, जो भविष्य में एक बड़ा एक्सीडेंट जोन या ब्लैक स्पॉट साबित हो सकता है। यातायात विशेषज्ञ और आम नागरिक इस निर्माण को लेकर चिंता जता रहे हैं, वहीं लोक निर्माण विभाग (PWD) रेलवे को जिम्मेदार ठहरा रहा है। फ्लैट स्लैब डालने से डिजाइन में बदलाव ओवरब्रिज की जिस भुजा से बोगदा की तरफ उतरना है, वहां बना यह तीखा मोड़ आने-जाने वाले वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा है। पीडब्ल्यूडी का कहना है कि मूल डिजाइन में यह मोड़ घुमावदार था, लेकिन रेलवे द्वारा फ्लैट स्लैब डालने की वजह से डिजाइन में बदलाव करना पड़ा। 90 डिग्री का अंधा मोड़: पुल की डिजाइन में खामी, दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ी। रेलवे बनाम पीडब्ल्यूडी: विभागों में जिम्मेदारी को लेकर टकराव। एक्सपर्ट की चेतावनी: गलत मोड़ से सड़क सुरक्षा को गंभीर खतरा। चौड़ाई बढ़ाने का तर्क: पीडब्ल्यूडी ने 8 की जगह 11 मीटर चौड़ाई दी, लेकिन खतरा बरकरार। एक्सपर्ट की राय ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के तीखे मोड़ सड़क नियमों और सुरक्षा मापदंडों के खिलाफ हैं। खासकर भारी वाहनों और तेज गति से चलने वाली गाड़ियों के लिए यह मोड़ बड़ा खतरा बन सकता है।

राज कुशवाह बस एक प्यादा , सोनम का प्यार कोई और… राजा रघुवंशी केस में अब नए किरदार की एंट्री

इंदौर  मेघालय में पति राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार की गई इंदौर की सोनम रघुवंशी के राज बहुत गहरे हैं। हनीमून कपल के मेघायल में लापता होने की कहानी हर दिन नए मोड़ लेते हुए मर्डर मिस्ट्री तक पहुंच गई। अब तक यह तो साफ हो चुका है कि राजा का कत्ल हुआ और इसे अंजाम दिया सोनम, राज और उसके तीन दोस्तों ने। लेकिन अब भी कई अनसुलझे सवाल जिनकी तलाश पुलिस आरोपियों से पूछताछ के जरिए कर रही है। अभी यह साफ होना बाकी है कि इस हत्याकांड का असली मास्टरमाइंड कौन है, राज कुशवाहा या सोनम रघुवंशी?  रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों से बातचीत के आधार पर बताया गया है कि सोनम ही इस पूरे मामले की असली मास्टरमाइंड है और संभव है कि राजा का इस्तेमाल एक मोहरे के रूप में ही किया गया। सभी आरोपियों से पूछताछ की निगरानी कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सोनम ने सभी को झांसे में लेकर इस्तेमाल किया। राज को प्यार का वादा दिया तो अन्य को पैसों का लालच। अब तक यह माना जा रहा था कि राज इस पूरे मामले का असली साजिशकर्ता है। उसे सोनम का प्रेमी बताया जा रहा था। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस मामले में और भी बड़े खेल का खुलासा हो सकता है। ऐसा प्रतीत होता है कि राज का इस्तेमाल मोहरे के रूप में हुआ। उन्हें शक है कि सोनम किसी तीसरे के साथ भागने की फिराक में थी और राज इस बड़े खेल से अनभिज्ञ था और इसलिए वह सोनम रघुवंशी की मदद करता रहा। वहीं, सोनम का परिवार और प्लाईवुड कंपनी में काम करने वाले लोग यह बार-बार दोहरा रहे हैं कि सोनम और राज के बीच प्रेम संबंध नहीं था. सोनम के भाई गोविंद ने भी कहा- राज सोनम को दीदी बोलता था और तीन साल से सोनम उसे राखी बांध रही थी. ऐसे में सवाल अब ये उठ रहा है कि अगर सोनम और राज के बीच सच में कोई ऐसा रिश्ता नहीं था तो उसने किसके लिए अपने पति की जान ली? क्राइम सीन रीक्रिएट करवाया जाएगा शिलॉन्ग पुलिस अब घटनास्थल पर सोनम और अन्य आरोपियों को ले जाएगी. फिर वहां क्राइम सीन रीक्रिएट करके सबूत जुटाएगी. इसके बाद आरोपियों को इंदौर भी लाने की योजना है। राजा की हत्या के बाद सोनम इंदौर में कहां रुकी और किस-किस से मिली, इसकी तहकीकात के बाद नए पहलू सामने आ सकते हैं. फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है. बताया जा रहा है कि सोनम की जब जेल में राज के साथ वीडियो कॉल करवाई पर बात करवाई गई तो वो रोने लगी. एक टक राज को देखती रही. फिर उसने गुनाह कबूल कर लिया. अब यह तीसरा शख्स कौन था यह खुलासा होना बाकी है। लेकिन ध्यान देने लायक बात यह है कि सोनम का परिवार और प्लाईवुड कंपनी में काम करने वाले लोग यह बार-बार दोहरा रहे हैं कि सोनम और राज के बीच प्रेम संबंध नहीं था। राज सोनम को दीदी बोलता था और सोनम उसे कई बार राखी बांध चुकी थी। यदि सोनम और राज के बीच सच में कोई ऐसा रिश्ता नहीं था तो उसने किसके लिए अपने पति की जान ली, यह सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शिलॉन्ग पुलिस जहां घटनास्थल पर सोनम और अन्य आरोपियों को ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट करके सबूत जुटाएगी तो दूसरी तरफ आरोपियों को इंदौर भी लाने की योजना है। राजा की हत्या के बाद सोनम इंदौर में कहां रुकी और किस-किस से मिली, इसकी तहकीकात के बाद नए पहलू सामने आ सकते हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। बुधवार को सूत्रों के हवाले से खबर आई कि सोनम ने सबूतों को देखकर अपना गुनाह कबूल कर लिया है। सोनम रघुवंशी ने सूटकेस में क्यों छोड़ा मंगलसूत्र मेघालय पुलिस ने रहस्यमय हनीमून हत्याकांड को सुलझा लिया है। इस केस को सुलझाने में मंगलसूत्र ने अहम भूमिका निभाई है। यह मंगलसूत्र एक सूटकेस में मिला था। मेघालय डीजीपी आई नोंगरंग ने यह जानकारी दी है। 22 मई को होमस्टे में पहुंचा था जोड़ा राजा रघुवंशी (29) और उनकी पत्नी सोनम (25) की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी। वे 20 मई को हनीमून के लिए निकले थे। 22 मई को यह जोड़ा पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा पहुंचा और एक होमस्टे में कमरा लेने की कोशिश की। लेकिन, पहले से बुकिंग न होने के कारण उन्हें कमरा नहीं मिल पाया। दो जून को मिला शव 2 जून को राजा का शव वेइसवडोंग वाटरफॉल के पास एक खाई में मिला। सोनम की तलाश जारी थी। आखिरकार, 9 जून की सुबह सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में, जो कि लगभग 1,200 किलोमीटर दूर है, आत्मसमर्पण कर दिया। उसी दिन उसके कथित प्रेमी, राज कुशवाहा और तीन भाड़े के हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया। सोनम ने मंगलसूत्र क्यों छोड़ा? सोनम रघुवंशी ने अपना मंगलसूत्र क्यों छोड़ा? इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पुलिस ने एक अंगूठी और सोनम का मंगलसूत्र बरामद किया। मंगलसूत्र एक पवित्र हार होता है जिसे विवाहित हिंदू महिलाएं पहनती हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह जोड़ा 22 मई को सोहरा में एक होमस्टे पर बिना बुकिंग के पहुंचा था। कमरा उपलब्ध नहीं होने के कारण, उन्होंने अपना सूटकेस होमस्टे में छोड़ दिया। उन्होंने सोचा कि 3,000 से अधिक सीढ़ियों वाली नोंग्रियाट गांव की ट्रेकिंग पर इसे ले जाना मुश्किल होगा। वे वहां डबल-डेकर रूट ब्रिज देखने जा रहे थे। सूटकेस में मिला मंगलसूत्र और अंगूठी मेघालय डीजीपी ने बताया कि हमने सोहरा में एक होमस्टे में जोड़े द्वारा छोड़े गए सूटकेस से सोनम का ‘मंगलसूत्र’ और एक अंगूठी बरामद की। डीजीपी ने आगे कहा कि एक विवाहित महिला का गहने छोड़कर जाना, हमें इस मामले में उसे संदिग्ध के रूप में देखने का एक सुराग दे गया। दूसरे होमस्टे में बिताई रात उनका सूटकेस सोहरा होमस्टे में ही रहा, जबकि उन्होंने नोंग्रियाट में एक होमस्टे में रात बिताई और 23 मई को सुबह जल्दी ही वहां से निकल … Read more

महाराष्ट्र में शादी के 15 दिन बाद पत्नी ने की पति की कुल्हाड़ी से हत्या; वजह कर देगी हैरान

सांगली इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि महाराष्ट्र के सांगली जिले से एक और दिल दहला देने वाली घटना हुई है। यहां एक 27 साल की महिला ने कथित तौर पर अपने 53 साल के पति अनिल लोखंडे की हत्या कर दी। यह वारदात शादी के महज 15 दिन बाद ही हुई है। कुपवाड़ एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के सहायक निरीक्षक दीपक भंडवलकर ने कहा, “मंगलवार रात को दंपति में झगड़ा हुआ था। बुधवार को रात करीब 12.30 बजे जब अनिल सो रहा था, राधिका ने उसके सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसने अपनी चचेरी बहन को इसके बारे में बताया। हमने महिला को गिरफ्तार कर लिया और उसे अदालत में पेश किया। अदालत ने हमें दो दिन की रिमांड दी है।” पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे सांगली जिले के कुपवाड़ तहसील स्थित उसके घर से उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारी ने कहा, “मामला काफी संवेदनशील है और हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।” पुलिस का कहना है कि अनिल लोखंडे ने 15 दिन पहले ही राधिका से दूसरी शादी की थी। लोखंडे की पहली पत्नी की कैंसर से मौत हो गई थी। वह इस शादी को पूर्ण करने के लिए अपनी नई पत्नी के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाने की जिद कर रहा था। इससे राधिका गुस्से में आ गई। उसने पति पर कुल्हाड़ी से वार करते हुए उसकी हत्या कर दी। अधिकारियों ने राधिका के खिलाफ बीएनएस की धारा 103 (1) के तहत मामला दर्ज किया है। 

रबाडा अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे अच्छा स्ट्राइक रेट रखने वाले गेंदबाज बने, बुमराह के वर्ल्ड रिकॉर्ड का किया कबाड़ा

नई दिल्ली साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल मुकाबले की पहली पारी में कहर बरपाया। बुधवार 11 जून को लंदन के लॉर्ड्स स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया जैसी धाकड़ टीम के खिलाफ उन्होंने 5 विकेट निकाले। इसी दौरान कगिसो रबाडा ने भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के एक वर्ल्ड रिकॉर्ड का कबाड़ा कर दिया। रबाडा अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे अच्छा स्ट्राइक रेट रखने वाले गेंदबाज बन गए हैं, जिन्होंने रेड बॉल क्रिकेट में 200 या इससे ज्यादा विकेट चटकाए हैं। अभी तक जसप्रीत बुमराह टेस्ट क्रिकेट में कम से कम 200 विकेट निकालकर सबसे अच्छा स्ट्राइक रेट रखने वाले गेंदबाज थे, लेकिन इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को बुमराह से रबाडा ने छीन लिया है। हालांकि, जब बुमराह को टेस्ट में गेंदबाजी करने का मौका मिलेगा तो वे फिर से इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर सकते हैं। टेस्ट क्रिकेट में इस समय बेस्ट स्ट्राइक रेट अगर किसी बॉलर का है तो वे कगिसो रबाडा हैं। उनका स्ट्राइक रेट 39.1 का है, जबकि जसप्रीत बुमराह का स्ट्राइक रेट 42 का है। डेल स्टेन 42.3 के साथ तीसरे, 43.4 के साथ वकार यूनिस चौथे, 46.3 के साथ पैट कमिंस पांचवें और मैलकम मार्शल 46.7 के साथ छठे नंबर पर हैं। टेस्ट क्रिकेट में बेस्ट बॉलिंग स्ट्राइक रेट (न्यूनतम 200 विकेट) 39.1 – कगिसो रबाडा* 42.0 – जसप्रीत बुमराह 42.3 – डेल स्टेन 43.4 – वकार यूनुस 46.3 – पैट कमिंस 46.7 – मैल्कम मार्शल क्या है बॉलिंग में स्ट्राइक रेट? ज्यादातर क्रिकेट फैंस यही जानते हैं कि सिर्फ बैटिंग में स्ट्राइक रेट होता है, जिसका कैलकुलेशन होता है कि आपने कितनी गेंदों में कितने रन बनाए, लेकिन गेंदबाजी में भी स्ट्राइक रेट होता है। गेंदबाजी में स्ट्राइक रेट का कैलकुलेशन ऐसे होता है कि आपने कितनी गेंदें फेंकने के बाद विकेट लिया। इस केस में देखा जाए तो कगिसो रबाडा ने बुमराह से कम गेंद फेंककर विकेट लिए हैं। ये टेस्ट का उनका स्ट्राइक रेट का औसत है। बुमराह 7 ओवर में एक विकेट निकालते हैं, जबकि रबाडा उनसे कुछ गेंद कम फेंककर विकेट निकालते हैं।  

अवैध खनन में मामले में कर्नाटक के पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी को राहत, बने रहेंगे विधायक

हैदराबाद  तेलंगाना हाईकोर्ट ने बुधवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने ओबुलापुरम माइनिंग कंपनी (ओएमसी) मामले में कर्नाटक के पूर्व मंत्री जी जनार्दन रेड्डी की सजा को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें जमानत भी दे दी है। रेड्डी पर अवैध लौह अयस्क खनन का आरोप था। हाईकोर्ट ने रेड्डी के साथ दोषी ठहराए गए तीन अन्य लोगों को भी जमानत दे दी है। सीबीआई की विशेष अदालत ने पहले रेड्डी और अन्य को दोषी ठहराया था। सीबीआई की एक विशेष अदालत ने 6 मई को जनार्दन रेड्डी और तीन अन्य लोगों को दोषी माना था। इनमें बी वी श्रीनिवास रेड्डी, वी डी राजगोपाल और महफूज अली खान शामिल हैं। बी वी श्रीनिवास रेड्डी जनार्दन रेड्डी के रिश्तेदार हैं और ओएमसी के प्रबंध निदेशक हैं। वी डी राजगोपाल आंध्र प्रदेश सरकार में खान एवं भूविज्ञान निदेशक थे। महफूज अली खान जनार्दन रेड्डी के सहायक रहे। अदालत ने इन सभी को सात साल की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद जनार्दन रेड्डी और अन्य ने हाईकोर्ट में अपील की। उन्होंने सजा को निलंबित करने और जमानत देने की मांग की। अदालत ने उनकी सजा को निलंबित कर दिया है। अदालत ने उन्हें 10-10 लाख रुपये की जमानत राशि और इतनी ही राशि के निजी मुचलके पर जमानत दी है। अदालत ने यह भी कहा है कि वे अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकते। सीबीआई ने इस मामले में 8 दिसंबर 2009 को एफआईआर दर्ज की थी। जनार्दन रेड्डी और अन्य के खिलाफ अपने चार्जशीट में केंद्रीय एजेंसी ने उन पर खनन पट्टे की सीमा चिह्नों के साथ छेड़छाड़ करने और कर्नाटक-आंध्र प्रदेश सीमा पर बेल्लारी रिजर्व वन क्षेत्र में अवैध रूप से खनन करने का आरोप लगाया। सीबीआई ने पहले कहा था कि आरोप है कि आरोपियों ने एक-दूसरे के साथ आपराधिक साजिश रची और सरकारी जमीनों और अन्य निजी व्यक्तियों की जमीनों में आपराधिक रूप से घुसपैठ करके लौह अयस्क के अवैध खनन के अपराध किए और इस तरह सरकार को 800 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया।

कनाड़िया में मुकेश बनकर युवती को प्रेम जाल में फंसाया …किया रेप,धर्म परिवर्तन के लिए धमकाया

कनाड़िया शहर के कनाड़िया क्षेत्र में एक युवती के साथ नकली पहचान से दोस्ती कर दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन के दबाव का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को मुकेश बताकर पहले युवती से नजदीकियां बढ़ाईं, फिर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए।  कनाड़िया थाना पुलिस ने 25 वर्षीय युवती की शिकायत पर मुकेश उर्फ यूसुफ पुत्र अय्यूब खान निवासी खजराना के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 376 (दुष्कर्म), 323 (मारपीट), 506 (धमकी) और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। ऐसे बढ़ीं नजदीकियां युवती ने पुलिस को बताया कि वह मूलतः उज्जैन की रहने वाली है और वर्तमान में इंदौर की स्कीम नंबर 78 में एक डॉक्टर के यहां काम करती है। डेढ़ साल पहले वह एक सहेली की बर्थडे पार्टी में राउ स्थित एक ढाबे पर गई थी, जहां उसकी मुलाकात यूसुफ से हुई। उसने अपना नाम मुकेश बताया और फोन नंबर देकर किसी भी मदद के लिए संपर्क करने को कहा। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। आरोपी युवती को अलग-अलग कारों से इंदौर में घुमाने लगा और मिलने उसके फ्लैट आने-जाने लगा। उसने उसे शादी का प्रस्ताव भी दिया और कहा कि वह नौकरी छोड़ दे, उसका सारा खर्च वही उठाएगा। कुछ समय बाद दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन गए। जब सामने आई सच्चाई कुछ दिन पहले फ्लैट में शराब पार्टी के दौरान युवती को यूसुफ पर तब शक हुआ, जब उसका एक दोस्त उसे साहिल कहकर बुला रहा था। संदेह होने पर युवती ने उसका पर्स चुपके से देखा, जिसमें यूसुफ खान नाम की आईडी मिली। जब युवती ने उससे जवाब मांगा, तो आरोपी ने खुलासा किया कि वह मुस्लिम है और शादी के लिए युवती को धर्म परिवर्तन करना होगा। इंकार करने पर आरोपी ने मारपीट की और उसके फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी दी। हिंदूवादियों की मदद से आरोपी पकड़ा गया घबराई युवती ने इस बात की जानकारी हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मानसिंह राजावत और अंकित विश्वकर्मा को दी। इसके बाद दोनों ने युवती के साथ मिलकर आरोपी को फ्लैट से पकड़ा और कनाड़िया पुलिस को सौंप दिया।  

इंग्लैंड में पहली बार हुआ ऐसा अनोखा कारनामा, ख्वाजा और मारक्रम डक पर लौटे पवेलियन

लंदन  साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC 2025 का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। मैच के पहले दिन गेंदबाजों का कहर रहा, दोनों टीमों ने मिलकर कुल 255 रन बनाए और 14 विकेट गिरे। कगिसो रबाडा, मार्को येनसन और मिचेल स्टार्क पूरे मैच में छाए रहे। इस दौरान कई रिकॉर्ड्स बने, लेकिन इस बीच एक बड़ी ही विचित्र घटना घटी जिसे देखने के बाद हर कोई हैरान था। इंग्लैंड की सरजमीं पर 145 साल और 561 टेस्ट मैचों में ऐसा पहली बार देखने को मिला है। दरअसल, WTC फाइनल में दोनों टीमों के नंबर-1 बल्लेबाज यानी ऑस्ट्रेलिया के उस्मान ख्वाजा और साउथ अफ्रीका के एडन मारक्रम बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। इंग्लैंड की सरजमीं पर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब दोनों टीमों के पहले बल्लेबाज खाता ही नहीं खोल पाए हो। उस्मान ख्वाजा 20 गेंदों में बिना कोई रन बनाए कगिसो रबाडा का शिकार बने। वहीं एडन मारक्रम को पारी के पहले ही ओवर में मिचेल स्टार्क ने बोल्ड किया। बात मुकाबले की करें तो, टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतीर ऑस्ट्रेलियाई टीम 212 रन ही बोर्ड पर लगाने में कामयाब रही। कगिसो रबाडा की घातक गेंदबाजी के आगे कंगारुओं ने घुटने टेक दिए। रबाडा ने 15.4 ओवर में 51 रन देकर 5 विकेट लिए। रबाडा ने इस 5 विकेट हॉल के साथ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में एलन डोनाल्ड को पीछे छोड़ दिया। डोनाल्ड ने अपने करियर में 330 विकेट लिए थे, वहीं रबाडा के नाम अब 71 मैचों में 332 विकेट हो गए हैं। वह अब इस फॉर्मेट में साउथ अफ्रीका के चौथे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। रबाडा इसी के साथ डब्ल्यूटीसी फाइनल में पांच विकेट लेने वाले काइल जैमीसन (भारत के खिलाफ 2021 फाइनल) के बाद सिर्फ दूसरे गेंदबाज बने। वह जैक्स कैलिस (1998 आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी फाइनल) के बाद आईसीसी टूर्नामेंट फाइनल में ऐसा करने वाले एकमात्र दक्षिण अफ्रीकी भी हैं। रबाडा की इस घातक गेंदबाजी के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए मिचेल स्टार्क चमके। दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ्रीका के 43 रन पर 4 विकेट गिराए। स्टार्क को दो तो कमिंस और हेजलवुड को 1-1 सफलता मिली। साउथ अफ्रीका अभी भी 169 रन पीछे है।

JK में वंदे भारत हुई ‘ब्लॉकबस्टर’, 10 दिनों तक की सीटें हुई फुल, टिकट के लिए हो रही भयंकर मारामारी

जम्मू  श्रीनगर-कटड़ा के बीच छह जून को शुरू हुई वंदे भारत में सफर करने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। आलम यह है कि श्रीनगर से कटड़ा के लिए चलने वाली दो वंदे भारत में 26 जून तक कोई सीट उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं जून के महीने में केवल 27 व 28 जून को सीटें उपलब्ध है और उसके बाद दो व तीन जुलाई को छोड़ 23 जुलाई तक कोई भी सीट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में साफ है कि तीन जुलाई से आरंभ होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु भी इस बार वंदे भारत रेल का सफर कर इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनना चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ कटड़ा से श्रीनगर जाने के इच्छुक लोगों को भी वंदे भारत का इंतजार करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। कटड़ा से श्रीनगर जाने के लिए 18 जून तक दोनों वंदे भारत में प्रतिक्षा सूची में टिकट उपलब्ध है। ऐसा अनुमान है कि वार्षिक अमरनाथ यात्रा अवधि तक वंदे भारत में दोनों तरफ से इसी तरह की भीड़ देखने को मिलेगी। बता दें कि कटड़ा और श्रीनगर के बीच चलने वाली दो वंदे भारत को पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई थी। रेलवे से संबंधित अधिकारियों का कहना है कि श्रीनगर जाने वाली वंदे भारत का जबरदस्त क्रेज है। कटरा से श्रीनगर को जोड़ती है वंदे भारत पीएम मोदी ने 6 जून को कटरा से श्रीनगर को जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat express) का उद्घाटन किया था. जो अब जम्मू कश्मीर के पर्यटन उद्योग के लिए नई उम्मीद जगाई है. कटरा से कश्मीर तक का सफर लोगों के लिए रोमांच और उत्साह का केंद्र बन चुका है. यह ट्रेन दुनिया के सबसे ऊंचे पुल ‘चिनाब ब्रिज’ (Chenab Rail Bridge) से होकर गुजरती है. जो यात्रियों को सपने जैसा अनुभव देता है. 43 हजार करोड़ का है ये रेल प्रोजेक्ट कटरा को कश्मीर से जोड़ने वाले इस रेल प्रोजेक्ट को बनाने में 43 हजार करोड़ रुपये का खर्च आया है. यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग के किसी चमत्कार से कम नहीं है. ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के बीच से निकलती वंदे भारत ट्रेन यात्रियों को स्वर्ग का अनुभव दे रही है. हर दिन लंबी होती जा रही है वेटिंग लिस्ट कटरा-श्रीनगर रेलवे रुट के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने दो वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई थी. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कटरा से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन की यात्रियों में जबरदस्त डिमांड है. भीड़ के हिसाब से दो ट्रेनें कम पड़ जा रही है. हर मौसम में कश्मीर जा सकेंगे पर्यटक कटरा से श्रीनगर के बीच की दूरी करीब 190 किलोमीटर है. जिसे वंदे भारत तीन घंटे से भी कम समय में तय करती है. जिससे यात्रा का समय आधा रह जाता है. कठोर सर्दियों में जहां रोड कनेक्टिविटी ठप हो जाती है. वहीं वंदे भारत सालों भर चलेगी. जिससे कश्मीर और शेष भारत के बीच कनेक्टिविटी लगातार बनी रहेगी.  

हाइवे पर जितनी चलेगी गाड़ी उतना ही कटेगा टोल, आ रही नई पॉलिसी पर बड़ा अपडेट

नई दिल्ली आपको भी लॉन्‍ग रूट पर अपनी कार से जाना पसंद है तो यह खबर आपको खुश कर देगी. लंबे इंतजार के बाद सरकार की तरफ से जल्‍द नई टोल पॉल‍िसी (New Toll Policy) लाने की तैयारी की जा रही है. सरकार की नई टोल पॉल‍िसी (New Toll Policy) से देशभर के एक्सप्रेसवे और नेशनल हाइवे पर सफर करने वालों को बड़ी राहत मिलेगी. सूत्रों की तरफ से दावा क‍िया गया क‍ि नई पॉल‍िसी के तहत हर टोल प्‍लाजा पर FASTag और कैमरे लगाए जाएंगे. टोल के चार्ज का पैसा कार माल‍िक के सीधे अकाउंट से काटा जाएगा. जितने किमी की यात्रा, उतना ही टोल टैक्‍स सूत्रों की तरफ से दावा क‍िया गया क‍ि नई पॉल‍िसी लाने के बाद जितने किलोमीटर की यात्रा की जाएगी, उतना ही टोल टैक्‍स देना होगा. नए सिस्टम में टोल बूथ पर लगे कैमरे हर गाड़ी की नंबर प्लेट को रिकॉर्ड करेंगे और FASTag के जर‍िये टोल का चार्ज काट ल‍िया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि यह नई टोल पॉल‍िसी मौजूदा सिस्टम से क‍िफायती और सुविधाजनक रहेगी. इससे लोगों को टोल प्‍लाजा पर रोजाना होने वाली परेशानियों और लंबी कतार से छुटकारा मिलेगा. टोल में सबसे ज्यादा राजस्व उत्तर प्रदेश ने जुटाया बता दें कि यूपी उन राज्यों की सूची में सबसे ऊपर है, जिन्होंने वित्त वर्ष 2024-25 की अप्रैल-फरवरी अवधि में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल के माध्यम से उच्च राजस्व जुटाया है. यह जानकारी संसद में दी गई थी. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया था कि सरकार ने फरवरी 2025 तक उत्तर प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर सबसे अधिक 7,060 करोड़ रुपये का ‘टोल’ एकत्र किए, इसके बाद राजस्थान ने 5,967.13 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र ने 5,115.38 करोड़ रुपये टोल एकत्र किए. जानकारी के लिए बता दें कि गडकरी ने उस समय ये बताया था कि सरकार (टोल) ‘पास’ प्रणाली के विवरण पर काम कर रही है। ‘पास’ प्रणाली के विवरण को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इनके कार्यान्वयन के वित्तीय प्रभाव का पता लगाया जा सकता है. एक अलग प्रश्न का उत्तर देते हुए गडकरी ने कहा था कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में सरकार मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के विकास और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है. हाइवे पर आपने क‍ितने क‍िमी का सफर क‍िया? फास्टैग बेस्‍ड क‍िमी टोल पॉलिसी एक नया स‍िस्‍टम है, जिसमें टोल चार्ज को इस बेस पर लिया जाएगा कि आपने हाइवे पर कितने किमी का सफर क‍िया. अभी, टोल प्लाजा पर एक न‍िश्‍च‍ित शुल्क देना पड़ता है चाहे आप पूरा रास्ता यूज करें या नहीं. लेकिन नई पॉलिसी में आप केवल उतने ही किमी के ल‍िये पेमेंट करेंगे, जितना आपने हाइवे पर सफर क‍िया. यह चार्ज आपके फास्टैग अकाउंट से खुद-ब-खुद कट जाएगा. कैसे काम करेगी यह पॉलिसी? जीपीएस का यूज इस सिस्टम में जीपीएस (सैटेलाइट नेविगेशन) टेक्‍न‍िक का प्रयोग होगा. यह आपकी कार के रास्ते को ट्रैक करेगा और उसी के बेस पर टोल चार्ज की कैलकुलेशन की जाएगी. पॉलिसी के तहत टोल प्लाजा को हटाने का लक्ष्‍य है, ताकि आपको ज्‍यादा देर तक रुकना नहीं पड़े और यात्रा तेज व आसान हो. मीडि‍या रिपोर्ट में दावा क‍िया जा रहा है क‍ि एक कार को हर 100 किमी के लिए करीब 50 रुपये देने होंगे. फायदे क्या हैं?   आप केवल उस दूरी के लिए पेमेंट करेंगे, ज‍ितना आपने हाइवे का इस्तेमाल किया है. इसके अलावा समय और ईंधन की बचत होगी और टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जीपीएस, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) और कैमरों के जरिये टोल अपने आप कटेगा.  

कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला ने पाकिस्तान को ‘आतंक रोधी अभियानों में एक अभूतपूर्व साझेदार’ बताया

वाशिंगटन  संयुक्त राज्य अमेरिका के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला ने पाकिस्तान को ‘आतंक रोधी अभियानों में एक अभूतपूर्व साझेदार’ बताया है. उन्होंने आईएसआईएस-खुरासान के खिलाफ अभियानों में इस्लामाबाद की भूमिका पर भी प्रकाश डाला. अमेरिकी संसद में हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमिटी की एक सुनवाई के दौरान जनरल माइकल कुरिल्ला ने पाकिस्तान को लेकर यह टिप्पणियां कीं. ऐसे समय में जब भारत ने अप्रैल में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने के लिए वैश्विक स्तर पर पैरवी तेज कर दी है, शीर्ष अमेरिकी सैन्य अधिकारी के इस बयान से हलचल मचने की संभावना है.  जनरल कुरिल्ला ने पाकिस्तान के बारे में कहा, ‘वह इस समय आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, तथा काउंटर टेररिज्म में एक अभूतपूर्व साझेदार रहा है.’ अमेरिकी संसद की सशस्त्र सेवा समिति के समक्ष गवाही देते हुए जनरल कुरिल्ला ने भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ रणनीतिक संबंध बनाए रखने की पुरजोर वकालत की तथा इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका को अपनी साउथ एशिया को जीरो-सम लेंस (एक पक्ष का फायदा, दूसरे पक्ष का नुकसान) के माध्यम से नहीं देखना चाहिए.’  भारत और PAK दोनों से अमेरिका रखे अच्छे संबंध: कुरिल्ला उन्होंने कहा, ‘हमें पाकिस्तान और भारत के साथ संबंध बनाने की जरूरत है. मैं नहीं मानता कि अगर हम भारत के साथ संबंध रखते हैं तो हम पाकिस्तान के साथ संबंध नहीं रख सकते. हमें संबंधों के मेरिट को सकारात्मकता के लिए देखना चाहिए.’ कुरिल्ला की यह टिप्पणी भारत द्वारा पाकिस्तान को सीमापार आतंकवाद के समर्थन के लिए जवाबदेह ठहराने के लिए बढ़ते कूटनीतिक प्रयास की पृष्ठभूमि में आई है. 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद, भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर सटीक हमले किए. दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच सहमति बनने के बाद 10 मई को सैन्य तनाव समाप्त हुआ. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि आतंकवाद के पीड़ितों और अपराधियों की बराबरी नहीं की जा सकती. कुरिल्ला ने आईएसआईएस-खुरासान के खिलाफ पाकिस्तान के सैन्य प्रयासों की प्रशंसा की. उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर का नाम लेते हुए कहा कि इस्लामाबाद ने आईएसआईएस के लड़ाकों को निशाना बनाने के लिए अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर दर्जनों ऑपरेशन किए हैं. कुरिल्ला ने कहा कि अफगानिस्तान से संचालित आईएसआईएस-खुरासान, अमेरिका की धरती सहित दुनिया भर में हमले करने वाले सबसे सक्रिय आतंकवादी समूहों में से एक है. अमेरिकी जनरल ने आतंकवाद परस्त PAK से दिखाई हमदर्दी उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के साथ अभूतपूर्व साझेदारी के माध्यम से, अमेरिकी सैनिकों ने आईएसआईएस-खुरासान पर हमला किया और दर्जनों आतंकियों को मार गिराया. पाकिस्तान द्वारा खुफिया जानकारी उपलब्ध कराने की वजह से हमने आईएसआईएस-खुरासान के कम से कम पांच बड़े कमांडर्स को पकड़ने में सफलता पाई.’ आईएसआईएस-खुरासान के पकड़े गए कमांडर्स में, कुरिल्ला ने मोहम्मद शरीफुल्लाह उर्फ ​​जफर का उल्लेख किया, जो कथित तौर पर 2021 काबुल हवाई अड्डे पर आत्मघाती बम विस्फोट में शामिल था, जिसमें 13 अमेरिकी सैन्यकर्मी और 160 से अधिक नागरिक मारे गए थे. जनरल कुरिल्ला ने कहा कि मोहम्मद शरीफुल्लाह उर्फ ​​जफर की गिरफ्तारी के बाद मुनीर [पाकिस्तानी सेना प्रमुख] मुझे फोन करने वाले पहले व्यक्ति थे. उन्होंने मुझसे कहा कि मैंने उसे पकड़ लिया है, मैं उसे वापस अमेरिका प्रत्यर्पित करने को तैयार हूं. कृपया अपने रक्षा सचिव और राष्ट्रपति को इसके बारे में बता दें.’ जनरल कुरिल्ला ने आतंकवाद के कारण पाकिस्तान को हुई मानवीय क्षति के बारे में भी बताया और खुलासा किया कि 2024 की शुरुआत से अब तक देश में 1,000 से अधिक आतंकवादी हमले हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 700 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं और 2,500 नागरिक हताहत हुए हैं. कुरिल्ला की यह टिप्पणी पिछले महीने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के बाद युद्ध विराम को सुगम बनाने में अमेरिका की अहम भूमिका के दावों के बाद आई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई मौकों पर भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम कराने का श्रेय लिया है, हालांकि उनकी टिप्पणियों से नई दिल्ली में नाराजगी है. भारत ने कई अवसरों पर अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के साथ युद्ध विराम कराने के दावों का खंडन किया है.  अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी द्वारा पाकिस्तान की तारीफ के बावजूद, भारत वैश्विक मंचों पर इस्लामाबाद के खिलाफ अपनी बात रखना जारी रखे हुए है. पहलगाम हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के बाद, भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी एजेंडे को उजागर करने के लिए दुनिया भर की 33 राजधानियों में सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे. विदेश मंत्री जयशंकर ने ब्रुसेल्स की यात्रा के दौरान आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी की पुष्टि की और कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि भारत ने आतंकवाद के प्रति अपनी प्रतिक्रिया में नए स्टैंडर्ड स्थापित किए हैं और अगर पाकिस्तान अपनी हरकतें जारी रखता है तो देश जवाबी कार्रवाई करने से पहले दो बार नहीं सोचेगा.  आतंकी PAK में चाहे कहीं हों, भारत जवाब देगा: जयशंकर जयशंकर ने न्यूज आउटलेट ‘पोलिटिको’ (Politico) को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. इसलिए हमारा संदेश उन्हें यह है कि यदि आप अप्रैल में किए गए बर्बर कृत्यों को जारी रखते हैं, तो आपको कीमत चुकानी होगी और हमारा जवाब आतंकवादी संगठनों और आतंकवादी नेतृत्व के खिलाफ होगा. हमें फर्क नहीं पड़ता कि वे (आतंकी और उनके संगठन) कहां हैं. यदि वे पाकिस्तान में बहुत अंदर भी बैठे हुए हैं, तो हम वहां जाकर जवाब देंगे.’ मीडिया से बातचीत में एस. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद पश्चिम को परेशान करने के लिए वापस आएगा. उन्होंने कहा, ‘मैं आपको एक बात याद दिलाना चाहता हूं- ओसामा बिन लादेन नाम का एक आदमी था. वह सभी लोगों में से, वेस्ट प्वाइंट के ठीक बगल में एक पाकिस्तानी सैन्य शहर में वर्षों तक सुरक्षित क्यों महसूस करता था? मैं चाहता हूं कि दुनिया समझे- यह केवल भारत-पाकिस्तान का मुद्दा नहीं है. यह आतंकवाद के बारे में है. और वही आतंकवाद अंततः आपको परेशान करने के लिए वापस आएगा.’  

त्वचा को कालेपन से बचाने के लिए अपनाए ये आसान तरीके

गर्मियों में त्वचा का कालापन बेहद आम समस्या है, लेकिन इससे छुटकारा पाना आसान नहीं है। त्वचा विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ घरेलू उपाय अपनाकर आप त्वचा को कोई नुकसान पहुंचाए बिना ही कालेपन की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। खीरा, नींबू का रस और गुलाब जलः खीरा और नीम्बू त्वचा के कालेपन को दूर करने के लिए बेहतरीन है। नींबू त्वचा की रंगत को हल्का करता है, जबकि खीरा और गुलाब जल त्वचा को ठंडक प्रदान करते हैं। इन्हें मिलाकर त्वचा पर लगाएं। 10 मिनट के बाद ठंडे पानी से धो लें। रोज यह पैक लगाएं और देखें चेहरे की रंगत। पपीता और शहद का फेसपैक: पपीते में मौजूद एंजाइम्स के कारण यह पैक चेहरे के कालेपन को दूर करने में मदद करता है। पपीते में मौजूद एंजाइम्स त्वचा की रंगत को हल्का करते हैं और दाग-धब्बे दूर करते हैं। शहद त्वचा में नमी प्रदान करता है और उसे मुलायम बनाता है। आधा कप पके पपीते को मसलकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाएं। इस पैक को लगाएं और पानी से धो लें। टमाटर, दही और नींबू का रस: इस पैक में नींबू, दही और टमाटर के रंगत निखारने वाले गुण हैं। नींबू त्वचा के गहरे धब्बों को दूर करता है, टमाटर का रस खुले रोमछिद्रों को बंद करता है और त्वचा के तैलीयपन को कम करता है, जबकि दही त्वचा को नमी देती है और त्वचा को पोषण देती है। यह पैक बनाने के लिए तीन बड़े चम्मच टमाटर का गूदा, एक बड़ा चम्मच नींबू का रस और एक बड़ा चम्मच दही लें। इन्हें अच्छी तरह मिलाकर त्वचा पर लगाएं। इसे आधा घंटा सूखने दें और फिर धो लें। चंदन का पाउडर और नारियल पानी: चंदन का पाउडर त्वचा की सफाई करता है और त्वचा से मृत कोशिकाओं को दूर करता है और गंदगी मिटाता है। एक बड़ा चम्मच चंदन पाउडर को नारियल पानी में मिलाएं और उसमें बादाम के तेल की कुछ बूंदें डालें। 20 मिनट के लिए लगाएं और फिर धो लें।    

बांग्लादेश में कैसा उत्पात! भीड़ ने रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर को बनाया निशाना

ढाका  बांग्लादेश के सिराजगंज जिले में नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर पर एक भीड़ ने हमला करके उसे नुकसान पहुंचाया है। इसके बाद पुरातत्व विभाग ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है जिसे पांच कार्यदिवसों में रिपोर्ट देने को कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आठ जून को एक विजिटर अपने परिवार के साथ सिराजगंज जिले में स्थित कचहरीबाड़ी गया था। इसे रवींद्र कचहरीबाड़ी या रवींद्र स्मारक संग्रहालय के नाम से भी जाना जाता है। कार्यालय में बंद हुआ विजिटर  विजिटर की प्रवेश द्वार पर मोटरसाइकिल पार्किंग शुल्क को लेकर एक कर्मचारी के साथ बहस हो गई थी। बाद में विजिटर को कथित तौर पर एक कार्यालय में बंद कर दिया गया था और उस पर हमला किया गया था। इस घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने मंगलवार को मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद भीड़ ने कचहरीबाड़ी के ऑडिटोरियम पर हमला किया और संस्थान के एक निदेशक की पिटाई कर दी। गौरतलब है कि इस घर में रहते हुए रवींद्रनाथ टैगोर ने कई साहित्यिक रचनाएं की थीं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भीड़ ने हंगामा उस वक्त शुरू किया जब  एक विजिटर अपने परिवार के साथ रवींद्र कचहरीबाड़ी पहुंचा, जिसे रवींद्र स्मारक संग्रहालय के नाम से भी जाना जाता है. कथित तौर पर मोटरसाइकिल पार्किंग शुल्क को लेकर प्रवेश द्वार पर विजिटर और कर्मचारियों के बीच विवाद हुआ. तनाव बढ़ गया और विजिटर को कथित तौर पर एक रूम में बंद कर दिया गया और कर्मचारियों द्वारा शारीरिक रूप से हमला किया गया. इस घटना से स्थानीय आक्रोश भड़क उठा. मंगलवार को, निवासियों ने विरोध में एक मानव श्रृंखला बनाई, जिसके बाद भीड़ ने परिसर में धावा बोल दिया. कचहरीबाड़ी के सभागार में तोड़फोड़ की गई और संस्थान के एक निदेशक पर शारीरिक रूप से हमला किया गया.  

स्टांप चोरी में फंसा अब्दुल्ला को 4.64 करोड़ की आरसी, 10% अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा

रामपुर  समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और उनके परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. करोड़ों की स्टाप चोरी मामले में फंसे आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्लाह आजम के खिलाफ अब आरसी जारी हो गई है. ऐसे में अब उनसे 4.64 करोड़ रुपये के जुर्माने की वसूली की जाएगी. उन्हें जुर्माने के साथ दस फीसद अतिरिक्त वसूली यानी प्रशासनिक कर भी जमा करना होगा.  अब्दुल्लाह आजम पर साल 2019 और 2022 में खरीदी गई जमीन की रजिस्ट्री में स्टांप की चोरी पकड़ी गई थी. इस मामले में एडीएम कोर्ट ने अप्रैल महीने में उन्हें 4.64 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया था. कोर्ट ने 30 दिनों के भीतर ये राशि जमा करने के निर्देश दिए थे. लेकिन, अब्दुल्लाह आजम ने इस जुर्माने को जमा नहीं किया था, जिसके बाद अब एडीएम वित्त एवं राजस्व ने वसूली के लिए नोटिस भेजा है.  डीएम कोर्ट ने लगाया था अर्थदंड प्रशासन के मुताबिक अब्दुल्लाह आजम ने 2022 घाटमपुर-बेनजीर क्षेत्र में जमीनें खरीदी थीं, जिसमें करीब डेढ़ हेक्टेयर जमीन की खरीद पर स्टांप चोरी करने का मामला सामने आया था. इस मामले में 2023 तत्कालीन एसडीएम ने डीएम को रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें स्टांप चोरी के बारे में जानकारी दी गई थी. इसके बाद इस मामले में शिकायत दर्ज की गई और फिर डीएम कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई.  अप्रैल महीने में कोर्ट ने अब्दुल्लाह आजम को स्टांप चोरी मामले में दोषी पाया और उन पर 4.64 करोड़ का जुर्माना लगाया था. डीएम ने स्टांप चोरी के तीन केस में ये अर्थदंड लगाया था. इस जुर्माने को उन्हें तीस दिनों के अंदर जमा करना था, लेकिन ये जुर्माना अब तक जमा नहीं किया गया है. एडीएम वित्त एवं राजस्व ने अब इस जुर्माने की वसूली के लिए आरसी भेजी है और वसूली सुनिश्चित करने कि लिए कहा है.    बता दें कि अब्दुल्लाह आजम कुछ समय पहले ही हरदोई की जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर आए हैं. हालांकि, अभी भी उनके पर कई मुकदमें चल रहा हैं और फिलहाल उनकी मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं. 

Delhi में 13 00 से ज़्यादा झुग्गियों पर कार्रवाई…कालकाजी में चला बुलडोजर

 नई दिल्ली  कालकाजी में भूमिहीन कैंप में बुधवार की सुबह पूरी तरह उजाला भी नहीं हुआ था कि तभी DDA के बुलडोजर यहां पर बने करीब 1300 से अधिक झुग्गियों को तोड़ने के लिए निकल पड़े। कई लोगों की अभी नींद भी नहीं खुली थी। लेकिन बुलडोजर की आवाज से सब अपने-अपने घर से बाहर निकल गए। कई ऐसे लोग भी थे जो अपना सारा सामान भी नहीं निकाल पाए थे और चंद ही घंटों में 1300 से अधिक झुग्गियां मिट्टी में मिला दी गईं। लोग विरोध करें, इसके लिए पहले से ही भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। दिल्ली पुलिस के अलावा अर्ध सैनिक बल के जवान भी तैनात थे। हालांकि यहां पर कई ऐसे परिवार भी थे जो 80 के दशक से यहां रह रहे थे। बताया जा रहा है कि इन 1300 झुग्गियों में करीब 2300 से अधिक परिवार रहता था। हर झुग्गी कम से कम दो मंजिल की बनी थी। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि करीब 10 हजार से अधिक लोग इन झुग्गियों में रहते थे। हालांकि 1862 परिवार ऐसे भी है जिन्हें दो साल पहले ही कालकाजी एक्सटेंशन, पौकेट A में सरकार की तरफ से बने मकान दे दिए गए थे। लेकिन अभी भी 2300 से अधिक परिवार इन झुग्गियों में रह रहा था। जहां झुग्गियां तोड़ी गई हैं वह लगभग दो एकड़ में बनी थीं। अभी आसपास की कई झुग्गियां ऐसी हैं जो भूमिहीन कैंप के अंदर आती हैं। उसे भी तोड़े जाने का डर है। यहां रहने वाले लोगों ने बताया कि 6 जून को नोटिस आया था कि यहां पर रहने वाले लोग 10 जून तक अपनी-अपनी झुग्गियां खाली कर दें। इसके बावजूद 2300 परिवार यहां से नहीं हटे थे। मकान में बदल चुकी थी झुग्गी भूमिहीन कैंप में हर झुग्गी पक्की थी और कम से कम दो मंजिल की थी। इन मकानों में मकान मालिक के अलावा किराएदार भी रहते थे। यहां रहने वाले ज्यादातर लोग पूर्वी यूपी और बिहार के रहने वाले थे। कोई रेहड़ी-पटरी लगाता था तो कोई ई रिक्शा, ऑटो रिक्शा चलाता था। हालांकि सभी को पता था कि झुग्गी टूटने वाली है। लेकिन इतने सालों से रहने के चलते यहां से जाना नहीं चाहते थे। अभी भी करीब 1300 झुग्गी वालों को दूसरे जगह मकान नहीं मिला था। यही कारण था कि वह यहां से जाना नहीं चाहते थे। सुबह 4:00 बजे ही पहुंच गया था बुलडोजर यहां रहने वालों ने बताया कि भारी सुरक्षा के बीच सुबह 4:00 बजे ही 8 बुलडोजर पहुंच गया था। एक दिन पहले भी भारी संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात थे। बुधवार सुबह उनकी संख्या और बढ़ा दी गई। सुबह 5:00 बजे से बुलडोजर ने तोड़फोड़ शुरू कर दी और 10:00 बजे तक सभी झुग्गियों को तोड़ दिया गया। बटला हाउस में तोड़फोड़ पर HC का राहत देने से इनकार बटला हाउस इलाके में प्रस्तावित तोड़फोड़ को लेकर आप विधायक अमानतुल्लाह खान द्वारा दायर जनहित याचिका पर कोई राहत देने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया। इलाके में बुधवार को ही तोड़फोड़ होनी थी। जस्टिस गिरीश कठपालिया और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि इस तरह की जनहित याचिका में संरक्षण का सामान्य आदेश पारित करने से व्यक्तिगत वादियों के मामले को जोखिम में डालने की संभावना है। बेंच के रुख को भांपते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने जनहित याचिका वापस लेने की इजाजत मांगी। बेंच ने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के वकील याचिका वापस लेने की अनुमति चाहते हैं ताकि याचिकाकर्ता जो एक जनहितैषी व्यक्ति हैं, बटला हाउस इलाके के स्थानीय निवासियों को तीन कामकाजी दिनों के भीतर उचित मंच पर उचित कार्यवाही शुरू करने के उनके अधिकार के बारे में सूचित करेंगे। इसी के साथ कोर्ट ने याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया। बेंच का मानना था कि कुछ पीड़ित लोगों ने कानूनी उपायों का फायदा उठाया है और कुछ को राहत भी मिली है। खान का प्रतिनिधित्व करने वाले सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने कहा कि विचाराधीन जमीन का डीमार्केशन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप नहीं किया गया था। वहीं डीडीए का प्रतिनिधित्व करने वाली एडवोकेट शोभना टकियार ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट के खास निर्देश के कारण जनहित याचिका विचारणीय नहीं है, जिसमें केवल पीड़ितों को उचित कानूनी उपाय अपनाने के लिए कहा गया है।

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