LATEST NEWS

विधवा बहू ने दोबारा शादी करने से किया इनकार तो पूर्व सैनिक ससुर ने मार दी गोली

मुरैना  मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक पूर्व सैनिक ने अपनी विधवा बहू को गोली मार दी है। उसने इस बात को लेकर गोली मारकर हत्या कर दी कि उसने दोबारा शादी करने से इनकार कर दिया। महिला के परिजनों और पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पूर्व सैनिक फरार सिविल लाइंस थाना प्रभारी दर्शन लाल शुक्ला ने बताया कि आरोपी ज्ञान सिंह गुर्जर (65) रात करीब 10 बजे देसी कट्टे से अपनी बहू प्रियंका (38) की गोली मारकर हत्या करने के बाद फरार हो गए। महिला ने एक साल पहले अपने पति को खो दिया था। उन्होंने बताया कि यह घटना मुरैना जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में सिकरौदा नहर के पास हुई और महिला की मौके पर ही मौत हो गई। चार दिन पहले आई थी ससुराल शुक्ला ने कहा कि ज्ञान सिंह के खिलाफ हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। पति की मौत के बाद महिला अपने तीन बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। हालांकि, वह चार दिन पहले अपने ससुराल लौट आई थी। बड़े भाई के बेटे से शादी का दबाव पीड़िता के भाई मुकेश के अनुसार प्रियंका के ससुर गुर्जर उस पर अपने बड़े भाई के बेटे ध्रुव से शादी करने का दबाव बना रहे थे, जो उनकी बहन को मंजूर नहीं था। मुकेश ने आरोप लगाया कि मेरी बहन ने इनकार कर दिया क्योंकि उसके पहले से ही तीन बच्चे हैं। इस वजह से उनके बीच अक्सर झगड़े होते थे। पुलिस अधिकारी शुक्ला ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है। 18 महीने में दो बेटों की मौत आरोपी पूर्व सैनिक ने पिछले 18 माह में अपने दोनों बेटों को खो दिया। पुलिस के अनुसार, प्रियंका के पति अजय गुर्जर की पिछले साल नौ जून को मौत हो गई थी और उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें एक सात साल की बेटी और पांच और तीन साल के दो बेटे हैं।

हाई कोर्ट ने खारिज की मासूम की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास करने वाले आरोपी की याचिका

बिलासपुर  2 साल दस माह की मासूम बच्ची की गरीमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास करने के आरोपी की अपील हाईकोर्ट ने खारिज दी है. कोर्ट ने सत्र न्यायालय से सुनाई गई सजा को यथावत रखा है. विचारण न्यायालय ने आरोपी को 363 में 5 वर्ष एवं पाक्सो में 5 वर्ष कैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने मासूम, उसकी मां एवं प्रत्यक्षदर्शी गवाह के बयान को विश्वसनीय मानते हुए अपने आदेश में कहा उत्कृष्ट गवाह’ बहुत उच्च गुणवत्ता और क्षमता वाला होना चाहिए, अप्रतिद्बंद्बी होना चाहिए. ऐसे गवाह के बयान पर विचार करते हुए न्यायालय को बिना किसी हिचकिचाहट के इसे स्वीकार करने की स्थिति में होना चाहिए. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की एकलपीठ में मामले की सुनवाई हुई. दरअसल, 28 नवंबर 2021 की शाम को शिकायतकर्ता की 2 साल 10 माह की बेटी अपनी मौसी के घर के सामने खेल रही थी. शाम करीब 5 बजे आरोपी आया और बच्ची को चॉकलेट और बिस्किट खरीदने के लिए 2 रुपये दिए. इसके करीब 30-45 मिनट बाद फिर आरोपी वापस आया और पीड़िता को उठाकर अपने घर की ओर ले जाने लगा. पीड़िता की मौसी ने आरोपी को बच्ची को ले जाने से मना किया, जिसे उसने अनसुना कर दिया. चूंकि, आरोपी और उसकी बहन अक्सर पीड़िता को खाना खिलाने के लिए अपने घर ले जाते थे, इसलिए उसने ज्यादा कुछ नहीं कहा. शाम करीब 6 बजे उनके पड़ोसी पीड़िता को गोद में उठाकर घर ले आए और बताया कि जब वह गायों को बांधने जा रहे थे, तो उन्होंने देखा कि आरोपी अपना और पीड़िता का कपड़ा उतार रहा है. आरोपी द्बारा पीड़िता के कपड़े उतारकर उसके साथ कुछ अनुचित करने का प्रयास किया गया. मामले की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई. जांच के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 354(ए)(बी) तथा यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 7/8, 9(डी)(पी)/10, 11 के तहत चालान पेश किया गया. विचारण न्यायालय ने आरोपी को 5 वर्ष कैद एवं अर्थदंड की सजा सुनाई. सजा के खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील की थी. जिसमें अपीलकर्ता को झूठा फंसाने की बात कही गई. इसे लेकर दलील दी गई, कि अपीलकर्ता को आईपीसी की धारा 363 तथा पोक्सो अधिनियम की धारा 9 (एम) (यू) के तहत न्यूनतम 5 वर्ष की सजा दी गई है. अपीलकर्ता 1 दिसंबर 2021 से जेल में बंद है, वह लगभग 3 वर्ष 6 माह 9 दिन की जेल की सजा काट चुका है. पीड़िता नाबालिग बताई गई है, लेकिन पीड़िता की कोई मेडिकल रिपोर्ट नहीं है, जिससे पता चले कि अपीलकर्ता ने पीड़िता की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया था. कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पीड़िता की बयान का प्रतिपरीक्षण कराने का निर्देश दिया था. कोर्ट के आदेश पर 3 अप्रैल 2025 को पीड़िता अपनी मां के साथ विधिक सेवा प्राधिकरण में उपस्थित हुई एवं अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा वर्तमान अपील में विचारणीय मुद्दा यह है कि क्या पीड़िता की गवाही स्वीकार करने योग्य है और क्या अभियोजन पक्ष ने अपीलकर्ता के मामले को उचित संदेह से परे स्थापित किया है. पीड़िता की मां के बयान, निरीक्षक के बयान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपस्थित हुई पीड़िता की मां द्बारा उठाई गई आपत्ति, अभिलेख पर उपलब्ध सामग्री और उपरोक्त निर्णयों में सर्वोच्च न्यायालय द्बारा निर्धारित विधि के सिद्धांत पर विचार करने के बाद कोर्ट ने आरोपी की अपील को खारिज किया है.

विमान में 1.25 लाख लीटर ईंधन था, वह पूरी तरह से आग जल गया और ऐसे में किसी को बचा पाना नामुमकिन था

अहमदाबाद  गुरुवार दोपहर अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान दुर्घटना स्थल पर तापमान इतना अधिक था कि बचाव कार्य लगभग असंभव हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि विमान में 1.25 लाख लीटर ईंधन भरा हुआ था, जो दुर्घटना के बाद भीषण आग में तब्दील हो गया और तापमान 1000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। विमान लंदन जा रहा था और इसमें कुल 242 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। टेकऑफ के कुछ मिनट बाद ही यह विमान अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल व रिहायशी इलाकों पर आकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “विमान में 1.25 लाख लीटर ईंधन था। वह पूरी तरह से आग जल गया और ऐसे में किसी को बचा पाना नामुमकिन था।” उन्होंने कहा कि हादसे के मंजर बेहद भयावह थे। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम दोपहर 2 से 2:30 बजे के बीच घटनास्थल पर पहुंची। उससे पहले कुछ स्थानीय लोगों ने कुछ लोगों को बाहर निकाला था, लेकिन बचाव दल को कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं मिला। एक वरिष्ठ फायर अधिकारी ने बताया, “विमान के टैंक में विस्फोट होने से वहां ऐसी आग भड़की कि तापमान तुरंत 1000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। ऐसे तापमान में कोई बच नहीं सकता था।” ऐसी तबाही पहले नहीं देखी एक SDRF कर्मी ने बताया कि वह 2017 से आपदा प्रबंधन में हैं, लेकिन इतनी भयानक स्थिति उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा, “हमने PPE किट पहन रखी थी, लेकिन गर्मी इतनी जबरदस्त थी कि संचालन बेहद मुश्किल हो गया। हर तरफ जलता हुआ मलबा था।” अधिकारी ने बताया कि उन्होंने 25-30 शव निकाले, जिनमें बच्चों के शव भी शामिल थे। शवों की पहचान डीएनए परीक्षण से ही संभव हो पाएगी। जानवर और पक्षी भी नहीं बच सके एक अन्य SDRF अधिकारी ने कहा, “जानवरों और पक्षियों को भी भागने का समय नहीं मिला।” उन्होंने घटनास्थल पर मृत कुत्तों और पक्षियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि तबाही इतनी भयानक थी कि किसी को प्रतिक्रिया देने का समय नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि 265 शव सिविल अस्पताल लाए गए हैं, लेकिन अब तक आधिकारिक मृत्यु संख्या की घोषणा नहीं की गई है। हादसे में न सिर्फ विमान के यात्री बल्कि मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में रह रहे छात्र, स्टाफ और परिसर में मौजूद अन्य लोग भी मारे गए हैं।  

भूलकर भी शनिवार को घर में न लाएं ये चीजें

शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित है. ऐसी कई चीजें हैं जिनकी खरीदारी शनिवार के दिन करना शुभ नहीं होता है. इन चीजों की खारीदारी से जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. जानते हैं कि वो कौन-सी चीजें हैं, जिन्हें शनिवार के दिन घर नहीं लाना चाहिए. शनिवार का दिन शनि देव की पूजा के लिए उत्तम माना गया है. शनिवार के दिन शनि से जुड़ी चीजों को खरीदने से जीवन में मुश्किलें आ सकती हैं और दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. जानते हैं वो कौन-सी चीजें हैं जिनकी खरीदारी नहीं करनी चाहिए. मान्यता है कि शनिवार के दिन चीजों की खरीदारी करने से शनि देव की टेढ़ी नजर का सामना करना पड़ सकता है. शनिवार का दिन शनि देव की पूजा के लिए उत्तम माना गया है. शनिवार के दिन शनि से जुड़ी चीजों को खरीदने से जीवन में मुश्किलें आ सकती हैं और दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. जानते हैं वो कौन-सी चीजें हैं जिनकी खरीदारी नहीं करनी चाहिए. मान्यता है कि शनिवार के दिन चीजों की खरीदारी करने से शनि देव की टेढ़ी नजर का सामना करना पड़ सकता है. शनिवार के दिन भूलकर भी सरसों का तेल नहीं खरीदना चाहिए. शनिवार के दिन सरसों का तेल खरीदने से फैमली की हेल्थ पर असर पड़ता है. साथ ही शनिवार के लिए झाड़ू की खरीदारी नहीं करनी चाहिए. अगर आप झाड़ू खरीदना चाहते हैं तो इसके लिए शुभ दिन है शुक्रवार. शनिवार के दिन झाड़ू खरीदने से आर्थिक स्थिति खराब होती है. शनिवार के दिन भूलकर भी सरसों का तेल नहीं खरीदना चाहिए. शनिवार के दिन सरसों का तेल खरीदने से फैमली की हेल्थ पर असर पड़ता है. साथ ही शनिवार के लिए झाड़ू की खरीदारी नहीं करनी चाहिए. अगर आप झाड़ू खरीदना चाहते हैं तो इसके लिए शुभ दिन है शुक्रवार. शनिवार के दिन झाड़ू खरीदने से आर्थिक स्थिति खराब होती है. शनिवार के दिन नमक नहीं खरीदना चाहिए और ना ही घर लाना चाहिए. शनिवार को नमक खरीदने से कर्ज बढ़ता है, और शनि देव की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है. अगर आप नमक खरीदना चाहते हैं तो शुक्रवार के दिन खरीदें. शनिवार के दिन नमक नहीं खरीदना चाहिए और ना ही घर लाना चाहिए. शनिवार को नमक खरीदने से कर्ज बढ़ता है, और शनि देव की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है. अगर आप नमक खरीदना चाहते हैं तो शुक्रवार के दिन खरीदें. शनिवार के दिन काले तिल और काली उड़द दाल नहीं खरीदनी चाहिए और ना ही घर लाने चाहिए. ऐसा करने से आपके जरूरी काम में देरी होती है, जिसकी वजह से आप परेशान हो सकते हैं. काले तिल और काली उड़द शनिवार के दिन शनिदेव को चढ़ाते हैं. शनिवार के दिन काले तिल और काली उड़द दाल नहीं खरीदनी चाहिए और ना ही घर लाने चाहिए. ऐसा करने से आपके जरूरी काम में देरी होती है, जिसकी वजह से आप परेशान हो सकते हैं. काले तिल और काली उड़द शनिवार के दिन शनिदेव को चढ़ाते हैं. शनिवार के दिन लोहा की खरीदारी नहीं करनी चाहिए, लोहा या लोहे से बना सामान शनिवार के दिन खरीदने से दुर्भाग्य का साथ मिलता है. इस दिन लोहा खरीदने से शनि देव कुपित होते हैं. शनिवार के दिन लोहा की खरीदारी नहीं करनी चाहिए, लोहा या लोहे से बना सामान शनिवार के दिन खरीदने से दुर्भाग्य का साथ मिलता है. इस दिन लोहा खरीदने से शनि देव कुपित होते हैं. साथ ही कैंची भी शनिवार के दिन नहीं खरीदनी चाहिए. ऐसा करने से रिलेशनशिप में दिक्कतें आने लग जाती हैं. संबंधों में तनाव और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही कैंची भी शनिवार के दिन नहीं खरीदनी चाहिए. ऐसा करने से रिलेशनशिप में दिक्कतें आने लग जाती हैं. संबंधों में तनाव और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

सरकार यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बोइंग के ड्रीमलाइनर विमान को उड़ानों से दूर रखने पर कर रही विचार

नई दिल्ली अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान बोइंग 787-8 के क्रैश होने की दर्दनाक घटना ने हवाई सफर को लेकर चिंताओं को बढ़ा दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह खुद अहमदाबाद पहुंचे हैं और पीड़ितों से मुलाकात की है। एकमात्र जिंदा बचे शख्स से भी पीएम नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में बात की। इस बीच सरकार यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बोइंग के ड्रीमलाइनर 787-8 विमान को उड़ानों से दूर रखने पर विचार कर रही है। इस विमान को अमेरिकी प्लेन निर्माता कंपनी बोइंग ने तैयार किया है। हादसे की जांच के बाद यह फैसला लिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि विमान का सेफ्टी रिव्यू होगा और उसके बाद ही फैसला होगा कि ये उड़ान के लिए सुरक्षित हैं या फिर नहीं। यही नहीं एयर इंडिया की भी जांच हो सकती है कि आखिर वह विमानों का रखरखाव कैसे करता है। गुरुवार को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट क्रैश हो गई थी और विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे ने हवाई सफर में सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। विमान ने करीब 1:30 पर उड़ान भरी थी और एक मिनट से भी कम के अंतराल पर वह नीचे आ गिरी। एविएशन एक्सपर्ट्स का इस हादसे को लेकर कहना है कि ऐसी भी संभावना है कि दोनों इंजन सही से न चल रहे हों। इसके अलावा किसी पक्षी के टकराने की भी आशंका है। आमतौर पर पक्षियों के टकराने से विमान हादसे का शिकार होते रहे हैं। फिलहाल बोइंग का भी बयान इस मामले में आया है और उसका कहना है कि हम एयर इंडिया के साथ संपर्क में हैं। बोइंग का बयान- हम एयर इंडिया के संपर्क में हैं आमतौर पर भारत समेत दुनिया भर के देशों में उड़ने वाले यात्री विमानों का निर्माण बोइंग कंपनी ही करती रही है। ऐसे में यदि उसका विमान क्रैश हुआ है तो कंपनी की प्रतिष्ठा के लिहाज से भी चिंता की बात है। बोइंग की वेबसाइट के अनुसार उसके ड्रीमलाइनर विमानों मेंबीते 14 सालों में 1 अरब से ज्यादा यात्री सफऱ कर चुके हैं।  

उर्दू पाण्डुलिपियाँ 9 जुलाई तक आमंत्रित

भोपाल  मध्यप्रदेश उर्दू साहित्यकारों एवं शायरों से वर्ष 2025-26 के लिए उनकी पाण्डुलिपियों के प्रकाशन के लिये आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए पाण्डुलिपियां सहित आवेदन 9 जुलाई तक आमंत्रित किये गये है। पाण्डुलिपियां म.प्र. उर्दू अकादमी, मुल्ला समूजी भवन भोपाल में कार्यालीन समय में प्राप्त की जा सकेंगी। आवेदकों के पाण्डुलिपि के साथ मध्यप्रदेश का मूल निवासी प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य है। ऐसे आवेदनों पर नहीं विचार किया जाएगा जिन्होंने विगत दस वर्षों में आर्थिक सहायता प्राप्त न की हो। पुस्तक प्रकाशन के लिये आर्थिक सहायता देने हेतु बनाई गई कमेटी का निर्णय ही अंतिम होगा।  

ट्रंप की धमकी के बाद बोले ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन, ‘ऐसा हमला करेंगे कि इजरायल को होगा अफसोस’

वॉशिंगटन/ तेहरान/ तेल अवीव इजरायल के हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ‘कुछ भी न बचे’ उससे पहले ईरान जल्द से जल्द परमाणु समझौते के लिए तैयार हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पर बाद में होने वाले इजरायली हमले “और भी क्रूर” होंगे। हाल के हफ्तों में ईरान के साथ एक नए परमाणु समझौते पर बातचीत तेज हो गई है, लेकिन तेहरान का यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार पर जोर देना एक बड़ा मुद्दा साबित हुआ है। शुक्रवार को इजरायल ने ईरान के परमाणु सुविधाओं, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री और एयर डिफेंस सिस्टम पर भीषण हमला किया। इन हमलों में कम छह ईरानी परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। इसके बाद ईरान ने इजरायल से बदला लेने का कसम खाई है। ट्रंप बोले- नरसंहार को खत्म करने को अब भी समय शुक्रवार की सुबह ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि ईरानी नेताओं को “पता नहीं था कि क्या होने वाला है। वे सभी अब मर चुके हैं, और यह और भी बदतर हो जाएगा!” ट्रंप ने लिखा, “पहले से ही बहुत सारी मौतें और विनाश हो चुके हैं, लेकिन इस नरसंहार को समाप्त करने के लिए अभी भी समय है, अगले पहले से ही योजनाबद्ध हमले और भी क्रूर हैं।” उन्होंने कहा, “ईरान को एक समझौता करना चाहिए, इससे पहले कि कुछ भी न बचे, और जिसे कभी ईरानी साम्राज्य के रूप में जाना जाता था उसे बचाना चाहिए।” ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर क्या लिखा ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “मैंने ईरान को सौदा करने के लिए कई मौके दिए। मैंने उन्हें सबसे कड़े शब्दों में कहा, “बस करो”, लेकिन चाहे उन्होंने कितनी भी कोशिश की हो, चाहे वे कितने भी करीब क्यों न पहुंचे हों, वे इसे पूरा नहीं कर पाए। मैंने उनसे कहा कि यह उनके द्वारा ज्ञात, प्रत्याशित या बताई गई किसी भी चीज से कहीं ज़्यादा बुरा होगा, कि संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया में कहीं भी सबसे अच्छा और सबसे घातक सैन्य उपकरण बनाता है, अब तक, और इजरायल के पास इसका बहुत ज़्यादा हिस्सा है, और आने वाले समय में और भी बहुत कुछ होगा – और वे इसका इस्तेमाल करना जानते हैं।” महायुद्ध की आहट; खामेनेई का करीबी भी इजरायली हमले में घायल इजरायल के हमले में ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचा है। ईरान के आर्मी चीफ मोहम्मद घावेरी मारे गए हैं तो वही एलीट फोर्स कही जाने वाली इस्लामिक रिवॉलूशनरी गार्ड के लीडर हुसैन सलामी की भी मौत हो गई है। यही नहीं इस हमले में ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी सलाहकार भी जख्मी हो गए हैं। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने ही अपनी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की है। रिपोर्ट में कहा गया कि शीर्ष नेता के सलाहकार अली शमखानी भी आज के यहूदी अटैक में घायल हुए हैं। इस बीच इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग के महायुद्ध में तब्दील होने की भी आशंका है। एक तरफ इजरायल के जवाब में ईरान ने 100 ड्रोन्स से जवाब देने की कोशिश की है तो वहीं इजरायल का कहना है कि अभी तो यह शुरुआत है। इस बीच मिडल ईस्ट के कई देशों ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है। आशंका यह है कि कहीं यात्री विमान ना ईरान और इजरायल के हमले की चपेट में आ जाएं। ईरान और इजरायल के पड़ोसी देशों इराक, लेबनान, सीरिया और जॉर्डन ने अपने एयरस्पेस फिलहाल बंद कर लिए हैं। इसके चलते कई देशों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ईरान का एयरस्पेस बंद होने से भारत की ही तमाम उड़ानों को वापस दिल्ली या मुंबई लौटना पड़ा है। इसके अलावा विदेशों से आ रही फ्लाइट्स को डायवर्ट करके लाया जा रहा है। इजरायल ने तो अपने यहां विमानों का संचालन अगली सूचना तक रोक दिया है। ईरान ने तेहरान के अपने मुख्य हवाई अड्डे तक को बंद कर दिया है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच जंग में तेजी आ सकती है। इजरायल का कहना है कि वह अब भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले करेगा। इजरायल ने कहा कि यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो। यही बात डोनाल्ड ट्रंप ने भी कही है और उन्होंने इजरायल की सुरक्षा के लिए तत्पर रहने की बात कही है। इस तरह नेतन्याहू से लेकर ट्रंप तक के रुख ने महायुद्ध की आशंकाओं को बल प्रदान किया है। गौरतलब है कि इजरायल ने करीब 100 ठिकानों पर ईरान के अंदर अटैक किया है। इस हमले के बाद से ही दुनिया भर में आशंकाओं का दौर तेज है। बाजारों पर भी इस जंग का असर दिख रहा है। कच्चे तेल के दामों में इजाफा हुआ है तो वहीं एयरलाइन कंपनियों के शेयर गिरे हैं। ऐसे में अगले कुछ दिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से अहम रहने वाले हैं। ईरान को दी सीधी चेतावनी ट्रंप ने आगे कहा, “कुछ ईरानी कट्टरपंथियों ने बहादुरी से बात की, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि क्या होने वाला था। वे सभी अब मर चुके हैं, और यह और भी बदतर हो जाएगा! पहले से ही बहुत ज़्यादा मौतें और विनाश हो चुका है, लेकिन इस नरसंहार को समाप्त करने के लिए अभी भी समय है, अगले पहले से ही योजनाबद्ध हमलों के साथ और भी ज़्यादा क्रूर। ईरान को सौदा करना चाहिए, इससे पहले कि कुछ भी न बचे, और जो कभी ईरानी साम्राज्य के रूप में जाना जाता था उसे बचाएं। अब और मौत नहीं, और विनाश नहीं, बस करो, इससे पहले कि यह हो जाए बहुत देर हो चुकी है। भगवान आप सबका भला करे!” ईरान के न्यूक्लियर साइट पर इजरायल ने फिर शुरू किए हमले इजरायल ने एक बार फिर से ईरान पर हमले शुरू कर दिए है. ईरानी मीडिया के अनुसार इजरायल ने अब शिराज और तबरीज शहरों के साथ-साथ नतान्ज न्यूक्लियर साइट पर फिर से हमला शुरू कर दिया है.  हिजबुल्लाह इजरायल पर हमला नहीं करेगा इजरायल पर हमले के लिए हिजबुल्लाह ईरान का साथ नहीं देगा. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक हिजबुल्लाह के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा … Read more

जंग की ‘तपीश ‘ में तपकर चमका कुंदन ! 10 ग्राम का भाव ₹1 लाख के पार, आया सबसे तेज उछाल, तोड़े सारे रिकॉर्ड- आगे क्या?

मुंबई  इजरायल का ईरान की राजधानी तेहरान पर अटैक के बाद Gold की कीमत में भारी उछाल दिखाई दे रहा है. MCX पर सोना 1 लाख रुपये के पार पहुंच चुका है. इस उछाल के साथ ही Gold ने इतिहास बना दिया है. MCX पर सोने की कीमत पहली बार ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम के पार पहुंची है. इस लेवल पर पहुंचने में गोल्‍ड को सिर्फ 74 दिन का वक्‍त लगा है.  यह अब‍तक की सबसे तेज उछाल है. गोल्‍ड ने इस साल निवेशकों को मार्केट से भी ज्‍यादा रिटर्न बनाकर दिया है, जिसने यह साबित किया है कि Gold आज भी मुसीबत में काम वाला असेट है. इसके अलावा, चांदी का भाव भी रिकॉर्ड बना रहा है. MCX पर चांदी का भाव 1 लाख 6 हजार प्रति किलो के पार है, जो कुछ दिन पहले 96 हजार के करीब था.  22 अप्रैल का रिकॉर्ड फिर टूटा इससे पहले 22 अप्रैल को भी गोल्ड फ्यूचर्स 2,048 रुपये की तेजी के साथ 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा था. अब एक बार फिर सोने की कीमत ने इस लेवल को पार करते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया है. मिडिल ईस्ट में तनाव और कमजोर रुपया बना वजह एक्सपर्ट्स का कहना है कि इजराइल और ईरान के बीच तनाव (Israel-Iran conflict) की वजह से मिडिल ईस्ट में हालात गंभीर(Middle East Tensions) हो गए हैं. इसके चलते ग्लोबल इन्वेस्टर्स ने सेफ इनवेस्टमेंट ऑप्शन यानी सोने की तरफ रुख किया है. साथ ही, भारतीय रुपये में कमजोरी भी सोने की कीमतों (Gold Rate In India) में तेजी का बड़ा कारण बना. इस वक्त रुपया 56 पैसे टूटकर 86.08 पर पहुंच गया है, जो डॉलर के मुकाबले भारी गिरावट है. ग्लोबल लेवल पर भी सोना चमका न सिर्फ भारत, बल्कि ग्लोबल मार्केट में भी सोना चमक रहा है. इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड फ्यूचर्स 41.62 डॉलर प्रति औंस यानी 1.22% चढ़कर 3,444.02 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया. यूएस डेटा और फेड की पॉलिसी भी फैक्टर एक्सपर्ट के अनुसार, अमेरिका के प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और कोर PPI के डेटा से ये साफ हुआ है कि अमेरिका में महंगाई थोड़ी कम हो रही है. इससे इन्वेस्टर्स को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे चलकर अपनी मौद्रिक नीति थोड़ी आसान कर सकता है. इसका असर भी सोने की कीमतों (Gold Prices) पर पड़ा है. अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना भी रिकॉर्ड हाई पर MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना भी 1,970 रुपये चढ़कर 1,01,295 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो अभी तक का सबसे ऊंचा स्तर है. सोना-चांदी के भाव में क्‍यों आई इतनी तेजी?      ईरान पर इजरायल के हमले से जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ चुका है. जिस कारण निवेशक अब गोल्‍ड में निवेश की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसे में सोने के दाम में जबरदस्‍त उछाल देखी जा रही है.      वहीं क्रूड ऑयल के दाम में 13 फीसदी तक की उछाल आई है. जिससे दुनियाभर में आर्थिक संकट गहरा गया है. इसके अलावा, डॉलर इंडेक्‍स में भी लगातार कमजोरी देखी जा रही है.      दुनिया के ज्‍यादातर देश फिर से गोल्‍ड को स्‍टोर करने लगे हैं. चीन और भारत में सोने की खरीदारी खूब हो रही है, जिस कारण गोल्‍ड प्राइस के दाम में तेजी आई है.      ETF जैसे निवेश विकल्‍प में खरीदारी तेज हुई है, जिस कारण Gold-Silver प्राइस प्रभावित हुआ है.  MCX पर गोल्‍ड प्राइस  आज एमसीएक्‍स पर रिकॉर्ड तोड़ते हुए 5 अगस्‍त वायदा के लिए सोना 1742 महंगा होकर 100154 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. जबकि चांदी के दाम में 533 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई, जिससे यह 1 लाख 6 हजार रुपये के पार पहुंच गया.  सर्राफा बाजार में सोना  सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत में बढ़ोतरी देखी जा रही है. 24 कैरेट गोल्‍ड सर्राफा बाजार में 97460 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है. 23 कैरेट का भाव 97070 रुपये और 22 कैरेट का भाव 89270 रुपये प्रति 10 ग्राम था. इसके अलावा, 18 कैरेट गोल्‍ड प्राइस 73090 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था. चांदी का भाव आज सर्राफा बाजार में 1 लाख 6 हजार रुपये प्रति किलो पर है.   

राज्य में पहली बार वैज्ञानिक पद्धति से हुआ जल संरचनाओं के निर्माण स्थलों का चयन

मंत्री पटेल से महाराष्ट्र के अधिकारियों ने की भेंट सिपरी सॉफ्टवेयर से प्रभावित हुआ महाराष्ट्र का दल, फील्ड विज़िट में देखा ग्राउंड इम्पैक्ट राज्य में पहली बार वैज्ञानिक पद्धति से हुआ जल संरचनाओं के निर्माण स्थलों का चयन मनरेगा परिषद का अभिनव नवाचार बना अन्य राज्यों के लिए उदाहरण भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल से महाराष्ट्र सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के छह सदस्यीय दल ने शुक्रवार को उनके शासकीय निवास पर मुलाकात की। इस अवसर पर वर्षा जल के संचयन और भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए किए जा सकने वाले प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई। महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों ने इस दौरान मध्यप्रदेश में वर्षा जल और भूजल प्रबंधन को लेकर किए जा रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। खासतौर पर दल ने जल गंगा संवर्धन अभियान और सिपरी सॉफ्टवेयर की प्रशंसा की। इस अवसर पर मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन अवि प्रसाद, महाराष्ट्र सरकार के वाटरशेड विभाग के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलाकर रणदिवे, अवर सचिव मृदा एवं संरक्षण विभाग देवेन्द्र भामरे, प्रकाश पाटिल, क्षेत्रीय जल संरक्षण अधिकारी दिलीप निपाने, जीआईएस विशेषज्ञ अमोल विधाते और असिस्टेंट इंजीनियर अविनाश देवपारे शामिल रहे। महाराष्ट्र के दल ने को सिपरी सॉफ्टवेयर की सराहना जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मध्यप्रदेश मनरेगा परिषद द्वारा किए गए नवाचारों का अध्ययन करने के लिए महाराष्ट्र सरकार का यह छह सदस्यीय दल 12 जून को दो दिवसीय दौरे पर भोपाल आया। दल के सदस्यों ने फील्ड में जाकर सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से चिन्हित किए गए खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने सिपरी सॉफ्टवेयर के कार्य को गहराई से देखा और उसकी तकनीकी कार्यप्रणाली की सराहना की। यह पहला अवसर है जब मध्यप्रदेश में सॉफ्टवेयर की मदद से वैज्ञानिक पद्धति से खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थलों का चयन किया गया। दल ने किया फील्ड भ्रमण भोपाल आगमन के पश्चात दल ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी और मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन अवि प्रसाद से पृथक से भेंट कर विस्तृत चर्चा की। पहले दिन 12 जून को अधिकारियों ने भोपाल जिले की जनपद पंचायत बैरसिया की ग्राम पंचायत गुनगा एवं जैतपुर का भ्रमण किया, जहां उन्होंने सिपरी सॉफ्टवेयर से चिन्हित खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थल देखे। इस दौरान उन्होंने हितग्रहियों से चर्चा भी की। शुक्रवार को दल ने रायसेन जिले के सांची विकासखंड का भ्रमण किया और वहां भी सिपरी सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली को देखा व आवश्यक जानकारियां प्राप्त कीं। एमपीएसईडीसी ने दी सॉफ्टवेयर की तकनीकी जानकारी विकास भवन में एमपीएसईडीसी और इसके नॉलेज पार्टनर संस्थाओं के विषय विशेषज्ञों ने प्रजेंटेशन के माध्यम से महाराष्ट्र से आए अधिकारियों को सिपरी सॉफ्टवेयर की तकनीकी जानकारी दी।साथ ही मनरेगा परिषद के अधिकारियों ने प्लानर सॉफ्टवेयर और एरिया ऑफिसर ऐप के बारे में भी दल को अवगत कराया। यह जानकारी इस बात पर केंद्रित थी कि ये तकनीकी उपकरण किस प्रकार कार्य को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाते हैं। क्या है सिपरी सॉफ्टवेयर और प्लानर ऐप सिपरी (Software for Identification and Planning of Rural Infrastructure) एक उन्नत तकनीकी सॉफ्टवेयर है, जिसे महात्मा गांधी नरेगा, मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल द्वारा एमपीएसईडीसी और इसरो के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण हेतु उपयुक्त स्थलों की सटीक पहचान कर गुणवत्तापूर्ण संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित करना है। यह भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) आधारित वैज्ञानिक पद्धतियों से कार्य करता है। वहीं प्लानर ऐप मनरेगा परिषद द्वारा विकसित एक डिजिटल उपकरण है जिसका उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर मनरेगा कार्यों की वार्षिक कार्ययोजना को सरलता से तैयार करना है। यह ऐप मनरेगा के उद्देश्यों और प्रावधानों के अनुपालन को भी सुनिश्चित करता है। इस तरह की पहल करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राज्य में हो रहे हैं कार्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बारिश की हर बूंद का संचयन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका समापन 30 जून को होगा। अभियान के अंतर्गत सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद से प्रदेशभर में 79,815 खेत तालाब, 1,254 अमृत सरोवर और 1,03,900 कूप रिचार्ज पिट चिन्हित किए गए हैं, जिन पर निर्माण कार्य प्रगति पर है।अब तक 2 लाख 30 हजार से अधिक जलदूतों ने स्वयं को पंजीकृत किया है, जो इस अभियान को धरातल पर सफल बनाने में जुटे हुए हैं।   

भोपाल में अमृत हरित महा अभियान पर हुई कार्यशाला, समस्त नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया

नगरीय क्षेत्रों को नगर वन से पर्यावरण के अनुकूल बनायें : एसीएस शुक्ला हरित क्षेत्र के मामले में मध्यप्रदेश बने देश का मॉडल स्टेट: एसीएस शुक्ला भोपाल में अमृत हरित महा अभियान पर हुई कार्यशाला, समस्त नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने कहा है कि बढ़ती आबादी के दबाव के कारण शहरों का पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। जरूरत इस बात की है कि जन भागीदारी से हम शहरों में हरित क्षेत्र को बढ़ायें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पौधरोपण के साथ-साथ हम पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव शुक्ला शुक्रवार को भोपाल के रवीन्द्र भवन में अमृत हरित महा अभियान पर केन्द्रित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में हरित क्षेत्र के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण जुड़ी गतिविधियों और पहल का प्रसार करना है। कार्यशाला में समस्त नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव शुक्ला ने कहा कि आगामी बारिश के मौसम के दौरान जिन चिन्हित स्थानों पर पौधरोपण होना है, वहां व्यापक स्तर पर तैयारी की जाये। शुक्ला ने कहा कि शासकीय भवन परिसर, कॉलेज एवं स्कूल परिसर के आस-पास पौधरोपण किया जाये। उन्होंने कहा कि नगरों के कुल क्षेत्रफल का लगभग 20 से 25 प्रतिशत भाग समृद्ध हरित क्षेत्र होना चाहिए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि हमारे देश में प्राचीन काल से जिन पेड़ों को आस्था के साथ लगाया जाता रहा है, हम उनको स्थानीय परिस्थिति के अनुसार ज्यादा संख्या में लगा सकते हैं। इनमें आम, जामुन, पीपल, नीम इत्यादि हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे काम करने वाले नगरीय निकायों को पुरस्कृत किये जाने की भी पहल की जाना चाहिए। एक करोड़ पौधरोपण का कार्यक्रम कार्यशाला में नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि वर्षा काल के दौरान प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में एक करोड़ पौधरोपण का कार्यक्रम तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि व्यापक पौधरोपण और वृक्षों की सुरक्षा की जिम्मेदारी शत-प्रतिशत जनभागीदारी से सफल हो सकती है। आयुक्त ने कहा कि पौधरोपण के साथ उनकी सुरक्षा से जुड़ी 3 वर्ष की कार्य योजना बनाये जाना भी जरूरी है। आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक नगर परिषद में एक लाख, नगर पालिका में 5 लाख और नगर निगम में 15 से 20 लाख पौधरोपण की योजना तैयार की जाये। औद्योगिक क्षेत्र की चर्चा करते हुए आयुक्त ने कहा कि पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में वर्षा काल के इस सीजन में 11 लाख पौधरोपण की योजना तैयार की गई है। इसी तरह की योजना मंडीदीप सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी बनाई जा रही है। आयुक्त ने कहा कि हमें अमृत मित्र तैयार करना होंगे, जो इस कार्य में सहयोग करेंगे। विषय विशेषज्ञों ने दी जानकारी कार्यशाला में अपर आयुक्त कैलाश वानखेड़े, आईआईएफएम के डॉ. योगेश दुबे ने शहरी अधोसंरचना में नीली-हरी अवसंरचना का प्रबंधन, एप्को के रामरतन ने जलवायु परिवर्तन, एसपीए भोपाल के सौरभ पोपली ने शहरी स्थल पर हरित प्रणाली, अपर आयुक्त सुटीना यादव ने पर्यावरण संरक्षण संबंधित कानून और प्रमुख अभियंता प्रदीप मिश्रा ने नगर वनों के विकास की जानकारी दी। कार्यशाला में दिव्यांग पार्क और छिंदवाड़ा में आधुनिक पार्क पर केन्द्रित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। रवीन्द्र भवन परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी का बड़ी संख्या में नागरिकों ने अवलोकन किया। प्रदर्शनी में खाद, बीज, उन्नत किस्म के पौधे, कृषि और उद्यानिकी के लिये उपयोगी यंत्रों का विक्रय एवं प्रदर्शन किया गया।  

कार की ठोकर से घायल होने के बाद सात साल की बच्ची को इलाज के बहाने उठाकर ले गए सवार युवक

जांजगीर-चांपा जिले में सात साल की बच्ची के अपहरण का अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. कार की ठोकर से घायल बच्ची को सवार युवक इलाज के बहाने उठाकर ले गए. परिजनों ने आसपास के अस्पतालों में बच्ची की तलाश की, नहीं मिलने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पूरा मामला बलौदा थाना क्षेत्र के बलौदा-बिलासपुर रोड स्थित बछौद गांव का है. अपने नाना गांव आई सात वर्षीय शिवांगी पटेल गुरुवार शाम सहेलियों के साथ खेल रही थी. इस दौरान अज्ञात कार की ठोकर से बच्ची घायल हो गई. कार सवार युवक बिना परिजनों को साथ लिए घायल बच्ची को इलाज के साथ लिए उठाकर ले गए. जानकारी मिलने पर परिजनों ने आसपास के अस्पतालों में तलाश की. कहीं भी बच्ची की जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस में मामला दर्ज कराया.

गांव में डायरिया फैलने से 20 से अधिक पीड़ित, हफ्तेभर में तीन पीड़ितों की मौत

जांजगीर चांपा अकलतरा विकासखंड के अकलतरी गांव में डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है. यहां 20 से अधिक लोग पीड़ित हैं. वहीं हफ्तेभर में तीन पीड़ितों की मौत हुई है. गांव में डायरिया फैलने की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाकर मरीजों का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया है. गांव में डायरिया फैलने का कारण अज्ञात है. स्वास्थ्य विभाग की टीम और पीएचईके अधिकारी डायरिया फैलने की वजह जानने में जुटे हैं. गांव के पानी की जांच करने सैंपल भेजा गया है. स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीणों के इलाज में जुटी है. वहीं गंभीर मरीजों को अकलतरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा रहा है. दूषित पानी से डायरिया फैलने की आशंका, जांच के लिए भेजा सैंपल इस मामले में प्रशासन ने दूषित पानी से डायरिया फैलने की आशंका जताई है. पानी की जांच के लिए सैंपल भेजा गया है. घरों में ओआरएस घोल के पैकेट और दवाइयां बांटी गई है. पीड़ितों का इलाज गांव में ही कैंप लगाकर किया जा रहा है. एक गंभीर मरीज को अकलतरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है.

रेत माफियाओं पर एफआईआर के बाद भी अवैध खनन, खनिज और राजस्व विभाग ने जब्त की 2 चेन माउंटेन

गरियाबंद पत्रकारों पर रेत माफियाओं के हमले मामले में FIR दर्ज होने के बाद भी राजिम क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन जारी है. बकली में हो रहे अवैध रेत खनन की जानकारी पर आज खनिज विभाग और राजस्व विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 2 चैन माउंटेन जब्त किया है. बता दें, गरियाबंद जिले के पितईबंद घाट (पैरी नदी) में 9 जून 2025 (सोमवार) को अवैध रेत उत्खनन की रिपोर्टिंग करने गए पत्रकारों पर खदान संचालक के गुर्गों ने जानलेवा हमला किया था. गुर्गों ने न सिर्फ पत्रकारों के कैमरे और पहचान पत्र छीन लिए, बल्कि उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. जान बचाने के लिए पत्रकारों को खेतों और खलिहानों में जाकर छिपना पड़ा था. रिपोर्टिंग करने गए पत्रकारों में शेख इमरान, थानेश्वर साहू, जितेंद्र सिन्हा और अन्य मीडियाकर्मी शामिल थे. सूचना के बाद भी नहीं पहुंची थी खनिज विभाग की टीम कवरेज के दौरान जब पत्रकारों ने जारी अवैध रेत परिवहन की सूचना जिला खनिज अधिकारी को दी, तो खनिज विभाग की टीम नहीं पहुंची बल्कि कुछ ही देर में खदान संचालक के 7–8 गुर्गे वहां आ धमके. पहले उन्होंने पत्रकारों से बहस की, फिर कैमरा और ID छीन लिए और मारपीट शुरू कर दी. जब पत्रकारों ने भागकर जान बचाई, तो गुर्गे बाइक और स्कूटी से उनका पीछा करते रहे. वीडियो संदेश के बाद ASP ने दिए कार्रवाई के निर्देश घटना के तुरंत बाद पत्रकार इमरान मेमन ने मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों के ग्रुप में एक वीडियो संदेश भेजा था. इस घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर भगवान सिंह ने एसडीएम को मौके के लिए रवाना किया और एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर ने राजिम पुलिस को तत्काल भेजने के निर्देश दिए थे. जिसके बाद राजिम पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की. वहीं बीते दिन (12 जून) शाम 6 बजे पत्रकारों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और राजिम इलाके में चल रहे सभी अवैध खदानों को बंद कराने की मांग को लेकर राजिम के सुंदर लाल शर्मा चौक में धरना प्रदर्शन किया. पत्रकारों की मांग है कि जानलेवा हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारीके साथ ही गुर्गों को इशारे में चलाने वाले माफियाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए. हमले से आहत पत्रकारों ने माइनिंग अधिकारी पर भी साठगांठ का आरोप लगाया है.

आखिरी उड़ान भरने से कुछ दिन पहले सुमीत ने अपने पिता से वादा किया था अब रह गया अधूरा

अहमदाबाद गुरुवार दोपहर अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास विमान हादसा हुआ। इस हादसे में ना सिर्फ 265 लोगों की मौत हुई बल्कि कई मांओं, कई पिताओं और कई भाई-बहनों की उम्मीदों और सपनों ने भी आखिरी सांस ली। इस हादसे में जान गंवाने वाले पायलट सुमीत सभरवाल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। 8,300 घंटों का एक्सपीरियंस लेकर गुरुवार को अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने वाले पायलट सुमीत सभरवाल ने अपने 90 साल के पिता से एक वादा किया था, जो उनकी मौत के बाद अब अधूरा ही रह गया। वादा जो अधूरा रह गया सुमीत पिछले कई सालों से पायलट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इस दौरान वो सिंगल ही रहे। सुमीत अपने 90 साल के बुजर्ग पिता के साथ रहते थे। लंदन के लिए आखिरी उड़ान भरने से कुछ दिन पहले सुमीत ने अपने पिता से वादा किया था कि वो जल्दी ही नौकरी छोड़ देंगे और पूरा समय उनका ख्याल रखा करेंगे। लेकिन नीयति को कुछ और ही मंजूर था। पिता से किया सुमीत का वादा उनके साथ ही चला गया। अब ना वो वादा रहा और ना ही उसको पूरा करने वाले सुमीत, अब कोई चीज बची है तो 90 साल के बुजुर्ग पिता की आंखों में आंसू और ढेर सारी यादें। अब इन्हीं यादों और उस अधूरे वादे के साथ बुजुर्ग पिता का बाकी का जीवन बीतेगा। अपने जवान बेटे की मौत का मातम मनाते पिता को देखकर हर कोई भावुक हो जा रहा है। कौन थे सुमीत सबरवाल कैप्टन सुमीत सरवाल पवई के रहने वाले थे। उनके बुजुर्ग पिता नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से रिटायर्ड हुए हैं। सुमीत पिछले कई सालों से पायलट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। सुमीत एक अनुभवी पायलट थे। उनके अनुभव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें 8300 घंटों की उड़ान का एक्सपीरियंस हो गया था। सुमीत के दो भतीजे भी पायलट हैं। सुमीत के एक पड़ोसी ने हिन्दुस्तान टाइम्स से बात करते हुए बताया कि उड़ान भरने से पहले सुमीत हमसे अपने पिता का ख्याल रखने के लिए कहते थे। पड़ोसियों ने बताया कि बुजुर्ग पिता अब पूरी तरह से टूट चुके हैं।  

अहमदाबाद विमान हादसा : बालोतरा से डॉक्टर पति के पास पहली बार लंदन जा रही खुशबू की मौत

बालोतरा गुजरात के अहमदाबाद में हुए विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में कई परिवार खत्म हो गए तो घरों के चिराग बुझ। जिन सुनहरे सपनों को बुनकर लोग विमान में सवार हुए थे, वे चंद मिनट बाद जलकर खास हो गए। ऐसे ही सुनहरे भविष्य के सपने थे राजस्थान के बालोतरा जिले की रहने वाले खुशबू के। वह शादी के बाद पहली बार अपने डॉक्टर पति के पास लंदन जा रही थी। परिवार के लोगों ने उसे खुशी के आंसुओं के साथ विदा किया था। लेकिन, कुछ देर बार खुशबू दुनिया से हमेशा के लिए विदा हो गई। जानकारी के अनुसार, बालोतरा जिले अराबा गांव में रहने वोल मदनसिंह राजपुरोहित की बेटी खुशबू कंवर की 18 जनवरी 2025 को खुशबू की शादी विपुल सिंह राजपुरोहित निवासी खाराबेरा लूणी जोधपुर के साथ हुई थी। खुशबू के पति विपुल लंदन में डॉक्टर हैं। शादी के कुछ दिन बाद विपुल लंदन वापस लौट गए थे, लेकिन खुशबू वीजा के कारण नहीं जा पाई थी। इसके बाद वह अपनी ससुराल में रही और फिर अपने मायके आ गई। पिता के साथ खिंचाई फोटो, बनी आखिरी हाल ही में वीजा मिलने के बाद उसने पति के पास लंदन जाने की तैयारी की थी। बुधवार को पिता मदनसिंह राजपुरोहित और उसका चचेरा भाई खुशबू को गांव से लेकर अहमदाबाद के लिए निकले थे। गुरुवार को उन्होंने बेटी को अहमदाबाद एयरपोर्ट छोड़ा। इस दौरान एयरपोर्ट के बाहर पिता ने बेटी के साथ फोटो भी खिंचाई थी। लेकिन, तब यह किसी को नहीं पता था कि यह उसकी आखिरी तस्वीर बनकर रह जाएगी। बेटी को विदा करने के बाद परिवार को विमान हादसे की जानकारी लगी तो सभी बिलख पड़े। वायरल हो रहे खुशबू के विदाई के वीडियो   इधर, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में खुशबू लंदन के लिए रवाना होने से पहले अपने परिवार से भावुक विदाई लेती हुई दिखाई दे रही हैं। यह वीडियो उस समय का है जब वह शादी के बाद पहली बार अपने पति से मिलने जा रही थीं। घर की महिलाओं ने उन्हें पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विदा किया। खुशबू अपने पिता और भाई के साथ कार में बैठकर अहमदाबाद एयरपोर्ट के लिए रवाना हुईं। वीडियो में वह परिवार के सदस्यों से गले मिलते हुए भावुक नजर आ रही हैं। इसी तरह दूसरे वीडियो में खुशबू एयरपोर्ट में जाती हुई नजर आ रही है। खुशबू के पिता मदनसिंह ने अपने व्हाट्सएप स्टेट्स पर खुशबू के साथ ली गई आखिरी तस्वीर लगाई थी। जिस पर उन्होंने अपनी बेटी को आशीर्वाद देते खुशबू बेटा Going To Landan लिखा है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet