वॉशिंगटन/ तेहरान/ तेल अवीव इजरायल के हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ‘कुछ भी न बचे’ उससे पहले ईरान जल्द से जल्द परमाणु समझौते के लिए तैयार हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पर बाद में होने वाले इजरायली हमले “और भी क्रूर” होंगे। हाल के हफ्तों में ईरान के साथ एक नए परमाणु समझौते पर बातचीत तेज हो गई है, लेकिन तेहरान का यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार पर जोर देना एक बड़ा मुद्दा साबित हुआ है। शुक्रवार को इजरायल ने ईरान के परमाणु सुविधाओं, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री और एयर डिफेंस सिस्टम पर भीषण हमला किया। इन हमलों में कम छह ईरानी परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। इसके बाद ईरान ने इजरायल से बदला लेने का कसम खाई है। ट्रंप बोले- नरसंहार को खत्म करने को अब भी समय शुक्रवार की सुबह ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि ईरानी नेताओं को “पता नहीं था कि क्या होने वाला है। वे सभी अब मर चुके हैं, और यह और भी बदतर हो जाएगा!” ट्रंप ने लिखा, “पहले से ही बहुत सारी मौतें और विनाश हो चुके हैं, लेकिन इस नरसंहार को समाप्त करने के लिए अभी भी समय है, अगले पहले से ही योजनाबद्ध हमले और भी क्रूर हैं।” उन्होंने कहा, “ईरान को एक समझौता करना चाहिए, इससे पहले कि कुछ भी न बचे, और जिसे कभी ईरानी साम्राज्य के रूप में जाना जाता था उसे बचाना चाहिए।” ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर क्या लिखा ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “मैंने ईरान को सौदा करने के लिए कई मौके दिए। मैंने उन्हें सबसे कड़े शब्दों में कहा, “बस करो”, लेकिन चाहे उन्होंने कितनी भी कोशिश की हो, चाहे वे कितने भी करीब क्यों न पहुंचे हों, वे इसे पूरा नहीं कर पाए। मैंने उनसे कहा कि यह उनके द्वारा ज्ञात, प्रत्याशित या बताई गई किसी भी चीज से कहीं ज़्यादा बुरा होगा, कि संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया में कहीं भी सबसे अच्छा और सबसे घातक सैन्य उपकरण बनाता है, अब तक, और इजरायल के पास इसका बहुत ज़्यादा हिस्सा है, और आने वाले समय में और भी बहुत कुछ होगा – और वे इसका इस्तेमाल करना जानते हैं।” महायुद्ध की आहट; खामेनेई का करीबी भी इजरायली हमले में घायल इजरायल के हमले में ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचा है। ईरान के आर्मी चीफ मोहम्मद घावेरी मारे गए हैं तो वही एलीट फोर्स कही जाने वाली इस्लामिक रिवॉलूशनरी गार्ड के लीडर हुसैन सलामी की भी मौत हो गई है। यही नहीं इस हमले में ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी सलाहकार भी जख्मी हो गए हैं। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने ही अपनी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की है। रिपोर्ट में कहा गया कि शीर्ष नेता के सलाहकार अली शमखानी भी आज के यहूदी अटैक में घायल हुए हैं। इस बीच इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग के महायुद्ध में तब्दील होने की भी आशंका है। एक तरफ इजरायल के जवाब में ईरान ने 100 ड्रोन्स से जवाब देने की कोशिश की है तो वहीं इजरायल का कहना है कि अभी तो यह शुरुआत है। इस बीच मिडल ईस्ट के कई देशों ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है। आशंका यह है कि कहीं यात्री विमान ना ईरान और इजरायल के हमले की चपेट में आ जाएं। ईरान और इजरायल के पड़ोसी देशों इराक, लेबनान, सीरिया और जॉर्डन ने अपने एयरस्पेस फिलहाल बंद कर लिए हैं। इसके चलते कई देशों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ईरान का एयरस्पेस बंद होने से भारत की ही तमाम उड़ानों को वापस दिल्ली या मुंबई लौटना पड़ा है। इसके अलावा विदेशों से आ रही फ्लाइट्स को डायवर्ट करके लाया जा रहा है। इजरायल ने तो अपने यहां विमानों का संचालन अगली सूचना तक रोक दिया है। ईरान ने तेहरान के अपने मुख्य हवाई अड्डे तक को बंद कर दिया है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच जंग में तेजी आ सकती है। इजरायल का कहना है कि वह अब भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले करेगा। इजरायल ने कहा कि यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो। यही बात डोनाल्ड ट्रंप ने भी कही है और उन्होंने इजरायल की सुरक्षा के लिए तत्पर रहने की बात कही है। इस तरह नेतन्याहू से लेकर ट्रंप तक के रुख ने महायुद्ध की आशंकाओं को बल प्रदान किया है। गौरतलब है कि इजरायल ने करीब 100 ठिकानों पर ईरान के अंदर अटैक किया है। इस हमले के बाद से ही दुनिया भर में आशंकाओं का दौर तेज है। बाजारों पर भी इस जंग का असर दिख रहा है। कच्चे तेल के दामों में इजाफा हुआ है तो वहीं एयरलाइन कंपनियों के शेयर गिरे हैं। ऐसे में अगले कुछ दिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से अहम रहने वाले हैं। ईरान को दी सीधी चेतावनी ट्रंप ने आगे कहा, “कुछ ईरानी कट्टरपंथियों ने बहादुरी से बात की, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि क्या होने वाला था। वे सभी अब मर चुके हैं, और यह और भी बदतर हो जाएगा! पहले से ही बहुत ज़्यादा मौतें और विनाश हो चुका है, लेकिन इस नरसंहार को समाप्त करने के लिए अभी भी समय है, अगले पहले से ही योजनाबद्ध हमलों के साथ और भी ज़्यादा क्रूर। ईरान को सौदा करना चाहिए, इससे पहले कि कुछ भी न बचे, और जो कभी ईरानी साम्राज्य के रूप में जाना जाता था उसे बचाएं। अब और मौत नहीं, और विनाश नहीं, बस करो, इससे पहले कि यह हो जाए बहुत देर हो चुकी है। भगवान आप सबका भला करे!” ईरान के न्यूक्लियर साइट पर इजरायल ने फिर शुरू किए हमले इजरायल ने एक बार फिर से ईरान पर हमले शुरू कर दिए है. ईरानी मीडिया के अनुसार इजरायल ने अब शिराज और तबरीज शहरों के साथ-साथ नतान्ज न्यूक्लियर साइट पर फिर से हमला शुरू कर दिया है. हिजबुल्लाह इजरायल पर हमला नहीं करेगा इजरायल पर हमले के लिए हिजबुल्लाह ईरान का साथ नहीं देगा. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक हिजबुल्लाह के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा … Read more