LATEST NEWS

मुख्यमंत्री फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर : हम सभी की साझी भागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण का संकल्प होगा पूरा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय CM साय ने कहा कि शिक्षा, विकास का मूलमंत्र है और यह राष्ट्र के समग्र विकास की प्रारंभिक तथा अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी मुख्यमंत्री फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में शामिल हुए।मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा, विकास का मूलमंत्र है और यह राष्ट्र के समग्र विकास की प्रारंभिक तथा अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों ने भी शिक्षा के विस्तार में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे प्राप्त करने में हम सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। राज्य सरकार ने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इस दिशा में निरंतर प्रयासों को गति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 25 वर्ष का छत्तीसगढ़ आज अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस यात्रा में राज्य ने चहुंमुखी विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय संस्थान कार्यरत हैं, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की गंभीर चुनौती से जूझ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है, जिसकी दिशा में देश ने तीव्र गति से कदम बढ़ाए हैं। छत्तीसगढ़  ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रसर है। राज्य की आकर्षक नई औद्योगिक नीति के तहत केवल ऊर्जा क्षेत्र में ही तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृक्षारोपण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है और विगत वर्ष चार करोड़ पौधे रोपे गए थे। राज्य सरकार “एक पेड़ माँ के नाम” और “पीपल फॉर पीपुल” जैसे नवाचार कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें नौनिहालों में पर्यावरण चेतना का विकास करना चाहिए, जिससे वे स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकें। उन्होंने इस अभियान में भाग ले रहे सभी शिक्षकों और आयोजकों की सराहना की और कहा कि सामाजिक भागीदारी से ही हम शुद्ध हवा, निर्मल जल और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने संघ द्वारा आने वाले वर्षों में 11 लाख पीपल के वृक्षारोपण के संकल्प की सराहना की। कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुबोध राठी, सचिव मनोज पाण्डेय तथा अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ एवं छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

मुख्यमंत्री ने हाऊसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित कन्वेन्शन सेंटर की प्रशंसा की

रायपुर : कोरबावासियों को मिलेगा कन्वेन्शन सेंटर का लाभ: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कन्वेन्शन सेंटर को अब पुण्य श्लोक अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर जाना जायेगा मुख्यमंत्री ने हाऊसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित कन्वेन्शन सेंटर की प्रशंसा की  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा शहर के रिसदी में नवनिर्मित कन्वेन्शन सेंटर के नामकरण, प्रतिमा अनावरण और 223 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कन्वेन्शन सेंटर का नाम माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर करने के साथ ही प्रवेश द्वार पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज कोरबा जिले को करोड़ो रूपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमे 145 करोड़ रुपए के सड़क से सम्बंधित कार्य शामिल भी है। इससे जिले में आवागमन बेहतर होगा और कोरबावासियों को भी इसका समुचित लाभ मिलेगा। उन्होंने कन्वेन्शन सेंटर को वातानुकूलित बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि कन्वेन्शन सेंटर बहुत बड़ा है और इसमे अनेक बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। कोरबावासियों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने हाऊसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित कन्वेन्शन सेंटर की प्रशंसा भी की।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वे छः माह पहले भी कोरबा आये थे, इस दौरान भी 600 करोड़ से अधिक की राशि के विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें दी गई। आज सवा दो सौ करोड़ के विकास कार्यों की सौगात से कोरबा के लोगो को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रतिमा का अनावरण भी किया है। वे इंदौर की महारानी थी और निष्पक्ष और न्यायप्रिय थी। उन्होंने देश के महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों, धार्मिक स्थलों को संवारा और पहचान दिलाई। मुख्यमंत्री साय ने कोरबा में एल्युमिनियम पार्क की स्थापना की आई मांग पर भी आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। कोरबावासियों को विकास कार्यों की सौगात मिलने के साथ ही कन्वेन्शन सेंटर का नामकरण माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर किया गया। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर की जीवन को रेखांकित करते हुए कहा कि माता अहिल्याबाई ने महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने, नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ ही देश के तीर्थ स्थानों, धार्मिक स्थलों को संवारने का काम किया। अपने राज्य की जनता के सुख-दुख में सहभागी बनने के साथ ही देश को आगे बढ़ाने का काम किया। उप मुख्यमंत्री साव ने प्रतिमा अनावरण एवं नामकरण होने पर सभी बधाई एवं शुभकामनाएं दी।  उद्योग, वाणिज्य एवं श्रममंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विगत 16 माह के कार्यकाल में प्रदेश में विकास की गंगा बहाई है। उन्होंने मोदी की गारंटी को पूरा कर गरीबों का कल्याण किया है। मुख्यमंत्री साय ने कुछ दिन पहले ही कोरबावासियों को 650 करोड़ रूपये से अधिक राशि के विकास कार्यों की सौगात दी थी। बजट में भी उन्होंने कोरबा जिले के विकास के लिए राशि का प्रावधान किया है। इसके साथ ही वे जनता के प्रति संकल्पित होकर राज्य को विकास की दिशा में आगे ले जा रहे हैं। मंत्री देवांगन ने कोरबा जिले में एल्युमिनियम पार्क की स्थापना के लिये मुख्यमंत्री से आवश्यक सहयोग की भी मांग रखी।  कलेक्टर बसंत ने राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के शासन, शिक्षा आदि के योगदान को भी रेखांकित किया। इस अवसर पर कटघोरा विधायक प्रेम चंद पटेल, अध्यक्ष गृह निर्माण मंडल अनुराग सिंहदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपुत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर, सहित जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्लेन क्रैश में मृत लोगो के प्रति जताई संवेदना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुजरात से लंदन जा रही प्लेन के क्रैश होने की घटना और इसमे मृत लोगो के प्रति श्रदांजलि व्यक्त करते हुए उनके प्रति संवेदना प्रकट की।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया अहमदाबाद प्लेन क्रैश साइट का निरीक्षण, घायलों से मिलने पहुंचे अस्पताल

अहमदाबाद  गुजरात के अहमदाबाद में हुए भीषण प्लेन क्रैश में 265 लोगों की मौत की बात सामने आ रही है। इसमें यात्री और क्रू मेंबर्स के अलावा उस हॉस्टल के ट्रेनी डॉक्टर भी शामिल हैं, जिस पर एयर इंडिया का विमान गिरा था। हादसे के अगले दिन यानी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद पहुंच चुके हैं। उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू भी हैं। अहमदाबाद पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने सीधे घटनास्थल का दौरा किया। इसके बाद वह अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री हादसे में बचने वाले इकलौते शख्स रमेश विश्वास कुमार से भी मुलाकात कर सकते हैं। फिलहाल रमेश का इलाज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री आज ही इस हादसे को लेकर समीक्षा बैठक भी करेंगे। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस कमिश्नर विधि चौधरी ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 265 पहुंच गई है। रेस्क्यू टीम को मौके से प्लेन का एक ब्लैक बॉक्स भी मिला है। 4 बार गुजरात के सीएम रहे हैं मोदी प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा कई मायनों में अहम है। गुजरात पीएम मोदी का गृह राज्य है। वह 2001 से लेकर 2014 तक लगातार 4 बार गुजरात के मुख्यमंत्री चुने गए। गुजरात में लगातार मिली राजनीति सफलता के कारण ही नरेंद्र मोदी को 2014 में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुना गया था। प्रधानमंत्री के गृह राज्य में हुए इस हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। पूर्व सीएम की भी हादसे में मौत बता दें कि गुरुवार को अहमदाबाद में हुई इस विमान दुर्घटना में गुजरात के पूर्व सीएम और राज्य में बीजेपी के दिग्गज नेता विजय रूपाणी की भी मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि एयर इंडिया की फ्लाइट A171 दुर्घटना में सर्वाधिक गुजरात के आणंद में रहने वाले 33 लोगों की जान गई है। आणंद के कलक्टर प्रवीण चौधरी ने बताया कि लिस्ट की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद प्लेन क्रैश में मरने वालों में 12 राजस्थान के हैं। इस हादसे में बांसवाड़ा के रहने वाले डॉ दीपक, उनकी पत्नी, बेटी और दो जुड़वां बेटे भी मारे गए।  पीएम न राहत और बचाव कार्य को लेकर अहम बैठक की अस्पताल में दौरे के बाद पीएम मोदी ने स्थानीय अधिकारियों के साथ राहत और बचाव कार्य को लेकर अहम बैठक की. पीएम ने एयरपोर्ट ही ये अहम बैठक की. इससे पहले उन्होंने अस्पतालों का दौरा किया जहां घायलों का इलाज चल रहा है.  डीजीसीए ने एयर इंडिया के सीईओ को जांच के लिए समन किया  अहमदाबाद विमान हादसे की जांच के लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयर इंडिया के सीईओ को जांच के लिए समन किया है.  अहमदाबाद के सिविल अस्पताल पहुंचे पीएम मोदी, घायलों से की मुलाकात एयर इंडिया विमान हादसे के बाद पीएम मोदी शुक्रवार सुबह में अहमदाबाद के सिविल अस्पताल पहुंचे. उन्होंने इस हादसे में मेडिकल कॉलेज के घायल छात्रों और अन्य लोगों से मुलाकात की. विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी. हादसे में एक यात्री की जान बच गई. उससे भी पीएम मोदी मुलाकात करेंगे. परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता देगा टाटा समूह अहमदाबाद विमान हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को टाटा समूह एक-एक करोड़ की आर्थिक सहायता देगा. एयर इंडिया टाटा समूह की कंपनी है. कुछ साल पहले ही टाटा समूह ने इस एयरलाइंस को भारत सरकार से खरीदा था. टाटा समूह के लिए यह हादसा एक बहुत बड़ा झटका है. एयर इंडिया की मुंबई-लंदन फ्लाइट में भी गड़बड़ी, विमान को सुरक्षित उतारा गया  एक दिन पहले गुरुवार को अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग विमान हादसे के बाद अगले दिन शुक्रवार को मुंबई से लंदन की एक दूसरी फ्लाइट में गड़बड़ी की सूचना है. यह फ्लाइट भी एयर इंडिया थी. आज सुबह में मुंबई से विमान ने टेकऑफ किया था. फिर बीच रास्ते में गड़बड़ी के संकेत मिले. उसके बाद विमान को वापस मुंबई की ओर मोड़ दिया गया. उसे मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षित तरीके से लैंड करवा लिया गया है.   

हवाई यात्रा के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते ये 4 गैजेट्स

नई दिल्ली अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के लंदन जाने वाले विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर आई है। इसमें बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की जानकारी मिल रही है। हवाई जहाज में अक्सर कुछ गैजेट्स को लेकर जाने की मनाही होती है। इसका मुख्य कारण यही होता है कि यह हवाई यात्रा के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते। हम आपको 4 ऐसे गैजेट्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको एयर प्लेन में लेकर यात्रा नहीं करनी चाहिए। इनमें अधिक्तर गैजेट्स ऐसे होते हैं, जो कि बैटरी की मदद से काम करते हैं। ऐसे गैजेट्स के बारे में जान लेते हैं। 27000 mah से बड़ा पावर बैंक अगर आप प्लेन में सफर करने वाले हैं, तो कभी भी अपने साथ 27000mah से बड़ा पावर बैंक लेकर सफर न करें। इसे हवाई यात्रा के लिहाज से सुरक्षित नहीं माना जाता है। इससे प्लेम में आग लगने का खतरा बना रहता है। वहीं नॉर्मल पावरबैंक जो कि आमतौर पर 10,000mah से 20,000mah तक आते हैं, उन्हें आप प्लेम में लेकर जा सकते हैं। ई-सिगरेट या वेप एयर प्लेन में ई-सिगरेट या वेप नहीं लेकर जाना चाहिए। दरअसल ई-सिगरेट और वेप्स में लिक्विड निकोटिन और लिथियम बैटरी होती है इसकी वजह से इसमें आग लगने का खतरा लगातार बना रहता है। कुछ कंपनियां इन्हें कैबिन बैग में रख कर सफर करने की अनुमति देती हैं। हालांकि कोई भी इनका इस्तेमाल प्लेन में करने की अनुमति नहीं देता। बेहतर होगा कि आप हवाई यात्रा में इसे लेकर सफर न करें। नॉन डिटैचेबल बैटरी वाले स्मार्ट बैग स्मार्ट बैग, यानी ऐसे ट्रॉली या बैग जिनमें GPS ट्रैकिंग, चार्जिंग पोर्ट, वजन नापने जैसे फीचर होते हैं, उनमें आमतौर पर लिथियम बैटरी लगी होती है। अगर ये बैटरी बैग से अलग नहीं की जा सकती तो एयरपोर्ट सुरक्षा के नियमों के अनुसार ऐसे बैग को प्लेन में ले जाना मना होता है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि बैग को चेक-इन लगेज में रखने पर बैटरी से आग लगने का खतरा होता है। अगर बैग की बैटरी को बैग से अलग किया जा सकता है, तो उसे निकालकर केबिन में साथ ले जाया जा सकता है। इस संबंध मे यात्रा से पहले एयरलाइन की पॉलिसी जरूर पढ़ लेनी चाहिए।

27 जून को कॉन्क्लेव में लगभग 2 हजार 500 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे

भोपाल  “सफल उद्यमी, समृद्ध उद्योग, समावेशी विकास” की थीम पर राइज (रीजनल इण्डस्ट्री स्किल एंड इम्प्लोयमेंट) कॉन्क्लेव का आयोजन 27 जून को रतलाम में किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में हो रहे इस वृहद आयोजन का उद्देश्य राज्य में उद्योग, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में समन्वित विकास को प्रोत्साहन देना है। कॉन्क्लेव में लगभग 2 हजार 500 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। संबंधित विभागों के मंत्री सहित एमएसएमई उद्यमी, बैंक प्रतिनिधि, प्रशिक्षित युवा, विभागीय अधिकारी और निवेशक इस कॉन्क्लेव में प्रतिभागी होंगे। मुख्यमंत्री राइज के दौरान प्रदेश के चयनित 4 से 5 जिलों के लाभार्थियों से वी.सी. के माध्यम से संवाद भी करेंगे। ‘राइज़’ कॉन्क्लेव में 1 लाख से अधिक हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिये एक हजार करोड़ रुपए से अधिक के ऋण वितरित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 500 से अधिक युवा लाभार्थियों को जॉब ऑफर लेटर सौंपेंगे। कॉन्क्लेव में 50 से अधिक औद्योगिक इकाइयों और क्लस्टर्स का भूमि-पूजन/लोकार्पण किया जाएगा। यहां ओएनडीसी, एनपीसीआई और वॉलमार्ट जैसे संस्थानों से एमओयू प्रस्तावित हैं। कॉन्क्लेव में 100 से अधिक स्टालों पर प्रदर्शनी लगाई जायेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्यमियों की सफलता की प्रेरणादायक कहानियों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन करेंगे। कॉन्क्लेव में थीम आधारित संवाद सत्र और वर्चुअल संवाद भी आयोजित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 10 राज्य क्लस्टर का भूमि-पूजन और 6 राज्य क्लस्टर का लोकार्पण करेंगे। वे प्रदेश के 8 जिलों में स्थापित होने वाले औद्योगिक क्षेत्रों का भूमि-पूजन तथा 8 औद्योगिक क्षेत्रों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर 28 एमएसएमई इकाईयों का लोकार्पण भी करेंगे। यह समागम प्रदेश के औद्योगिक और रोजगार पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री श्री रूपाणी के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अहमदाबाद में घटित विमान दुर्घटना में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा किस्व. श्री विजय रूपाणी का संपूर्ण जीवन गुजरात के विकास, जनसेवा और लोकल्याण के लिए प्रतिपल समर्पित रहा। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने परमपिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों को यह अपार कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। 

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान आधुनिक भारत की जीवन रेखा बन चुका है: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान आधुनिक भारत की जीवन रेखा बन चुका है: मुख्यमंत्री डॉ.यादव प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भारत को प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी और नवाचार की क्रांति का वैश्विक केंद्र-बिंदु बनाने के लिए संपूर्ण प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी नेतृत्व में ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान आधुनिक भारत की जीवन-रेखा बन चुका है। आज गांव हो या शहर, देश का हर कोना डिजिटल युग से कदमताल कर रहा है। बीते 11 वर्षों में, देश में डिजिटल इंडिया के माध्यम से ई-गवर्नेन्स, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई परिभाषा लिखी गई है। इसके परिणाम स्वरूप योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अब सीधे आमजन तक पहुंच रहा है, बिचौलियों और भ्रष्टाचार को मात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सभी नागरिकों को गर्व है कि वैश्विक स्तर पर रियल टाइम डिजिटल लेन-देन में आज भारत की भागीदारी 49 प्रतिशत तक पहुंच गई है।  

अब 30 दिन में पोस्‍टपेड से प्रीपेड और प्रीपेड से पोस्‍टपेड में कर सकेंगे स्विच, बदला नियम

नई दिल्ली देश के करोड़ों मोबाइल सब्‍सक्राइबर्स के सिम कार्ड से जुड़ा अहम नियम बदल गया है। लोगों के लिए अब पोस्‍टपेड से प्रीपेड और प्रीपेड से पोस्‍टपेड में स्विच करना आसान हो गया है। दूरसंचार विभाग ने प्रक्र‍िया में बदलाव करते हुए 30 दिन में दोबारा कन्‍वर्जन की मंजूरी दी है। इसका मतलब है कि आप चंद दिनों में ही अपना मोबाइल कनेक्‍शन प्रीपेड से पोस्‍टपेड या पोस्‍टपेड से प्रीपेड में करा सकेंगे। पहले यह लिमिट 90 दिनों की थी। नियम के अनुसार, पहली बार कनेक्‍शन में स्विच करने के बाद दोबारा 30 दिन के अंदर प्रीपेड से पोस्‍टपेड या पोस्‍टपेड से प्रीपेड में चेंज किया जा सकेगा। हालांकि उसके बाद फ‍िर 90 दिन वाली लिमिट लागू हो जाएगी यानी बार-बार ऐसा नहीं किया जा सकेगा। ओटीपी की प्रक्र‍िया का करना होगा पालन सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, जो ग्राहक 30 या 90 दिन की लिमिट से पहले अपना कनेक्‍शन बदलवाना चाहेंगे, उन्‍हें ओटीपी की प्रक्र‍िया का पालन करना होगा। अममून देखने में आता है कि कई लोग प्रीपेड से पोस्‍टपेड में स्विच करवा लेते हैं, लेकिन उन्‍हें प्‍लान महंगा लगने लगता है। सर्विस से संतुष्‍ट नहीं होते। वह पोस्‍टपेड से प्रीपेड दोबारा से कराने में झंझट महसूस करते हैं, क्‍योंकि 90 दिनों का लॉक-इन पीरियड होता है। दूरसंचार विभाग ने इस मुश्किल को आसान बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार अब 30 दिनों में कनेक्‍शन स्विच किया जा सकेगा या पोस्‍टपेड से प्रीपेड या प्रीपेड से पोस्‍टपेड में बदला जा सकेगा। आसान भाषा में समझ‍िए नए नियम को मान लीजिए आपने अपना सिम प्रीपेड से पोस्‍टपेड कराया लेकिन सर्विस में मजा नहीं आया या आपको प्‍लान महंगा लगा कि खर्चा ज्‍यादा होगा तो आप 30 दिन के अंदर ही दोबारा प्रीपेड कनेक्‍शन करवा सकेंगे। पहले यह लिमिट 90 दिनों की थी। लेकिन इसके बाद फ‍िर आपका मूड बदला कि नहीं यार पोस्‍टपेड ही करवा लेते हैं तो यह काम 30 दिन में नहीं होगा। बार-बार बदलाव करने पर 90 दिनों का गैप होना जरूरी है। तो जरूरत होगी फ्रेश केवाईसी की रिपोर्ट के अनुसार, एक बार 30 दिन के अंदर कनेक्‍शन स्विच करने बाद फ‍िर 90 दिन से पहले कनेक्‍शन स्विच नहीं किया जा सकेगा, लेकिन कोई मजबूरी आ जाती है जैसे प्‍लान पसंद नहीं आ रहा या कुछ और। तो कस्‍टमर को फ्रेश केवाईसी कराना होगा और इसके लिए सीएसई सेंटर या पीओएस केंद्र में जाना पड़ेगा। जब भी आप प्रीपेड से पोस्‍टपेड में या पोस्‍टपेड से प्रीपेड में बदलेंगे तो कंपनी की तरफ से बता दिय जाएगा कि अगली बार कितने दिनों में कनेक्‍शन स्विच कर पाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को होने वाले सभी कार्यक्रम निरस्त किये

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को गुजरात के अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमान दुर्घटना में दिवंगतों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शुक्रवार 13 जून को होने वाले अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात के अहमदाबाद में हुए विमान हादसे पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुर्घटना से मैं हताश हूँ और पूरा देश भी दुखी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान देने और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दु:ख इस घड़ी में परमात्मा से सभी नागरिकों को संबल प्रदान करने की कामना भी की है।  

इसी माह जारी हो सकती है पीएम किसान योजना की 20वीं किस्त

नई दिल्ली योजनाएं राज्य सरकारों की हों या फिर भारत सरकार की, लेकिन जिस योजना के तहत जो लाभ देने का प्रावधान होता है वो दिया जाता है। अलग-अलग योजनाओं के तहत अलग-अलग तरह के लाभ दिए जाते हैं। जैसे, बात प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की करें तो इस योजना का लाभ सिर्फ किसानों को दिया जाता है। इस योजना के तहत किसानों को खेती के लिए आर्थिक मदद करने का प्रावधान है जिसमें किसानों को साल में तीन बार 2-2 हजार रुपये दिए जाते हैं। ये पैसे सीधे किसानों के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं। इस बार इस योजना के अंतर्गत 20वीं किस्त जारी होनी है यानी किसानों के 20वीं बार 2-2 हजार रुपये मिलेंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं ये किस्त कब जारी हो सकती है और कौन से वे किसान हैं जो इस किस्त के लाभ से वंचित रह सकते हैं।   पीएम किसान योजना के तहत अब तक कुल 19 किस्त जारी हो चुकी हैं और अब बारी 20वीं किस्त की है। योजना के तहत हर किस्त लगभग चार महीने के अंतराल पर जारी होती है। जैसे, 17वीं किस्त जून 2024 में तो 18वीं किस्त अक्तूबर 2024 में यानी चार महीने के अंतराल पर। ठीक ऐसे ही चार महीने के अंतराल पर ही 19वीं किस्त फरवरी 2025 में जारी हुई।     इस हिसाब से अगर 20वीं किस्त के चार महीने का समय देखा जाए तो ये इसी महीने जून में पूरा हो रहा है। इसलिए माना जा रहा है कि जून में ही 20वीं किस्त जारी हो सकती है। हालांकि, अभी इसको लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। योजना की वेबसाइट पर भी अभी किस्त जारी होने की तारीख नहीं दी गई है। नंबर 1     अगर आप ई-केवाईसी नहीं करवाते हैं तो आपकी किस्त अटकना तय माना जाता है। ये योजना के अंतर्गत आने वाला सबसे जरूरी काम है। आप अपने नजदीकी सीएससी सेंटर से या फिर योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in से इस काम को करवा सकते हैं     इसी तरह किसानों को भू-सत्यापन करवाना भी अनिवार्य है, लेकिन जो किसान ये काम नहीं करवाते हैं उनकी किस्त अटक सकती है नंबर 2     पीछे बताए गए दोनों कामों के अलावा अगर कोई किसान आधार लिंकिंग नहीं करवाता है तो भी उसकी किस्त अटक सकती है। इसमें आपको अपने बैंक की शाखा में जाकर अपने आधार कार्ड को अपने बैंक खाते से लिंक करवाना होता है     लाभार्थियों को अपने बैंक खाते में डीबीटी का ऑप्शन भी ऑन करवाना होता है, लेकिन अगर आप ये काम नहीं करवाते हैं तो भी आपकी किस्त अटक सकती है क्योंकि सरकार डीबीटी के माध्यम से ही किस्त के पैसे भेजती है।    

पीएफ खाताधारकों को ATM और UPI से सीधे पीएफ का फंड निकालने की मिलेगी सुविधा

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organization) के कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार PAN 2.0 की तर्ज पर EPFO 3.0 लॉन्च करने की तैयारी में है। यह प्लेटफॉर्म आपको अपने पीएफ अकाउंट से मोबाइल के जरिए पैसे निकालने की सुविधा देगा। इससे यूजर्स ATM और UPI से सीधे पीएफ का फंड निकाल सकेंगे।यह नया सिस्टम पूरी तरह डिजिटल होगा । संभावना है कि जून महीने में इसे लॉन्च किया जा सकता है।इससे पीएफ से अकाउंट में सुधार, शिकायतों के निपटारे पैसा निकालना, डाटा अपडेट करना और क्लेम सेटलमेंट और आसान हो जाएगा। ATM से कैसे होगी PF फंड की निकासी ?     खबर है कि EPFO 3.0 प्रोग्राम के तहत ईपीएफओ जल्द अपने सदस्यों के लिए ATM से विड्रॉल की सुविधा देगा। इसमें ATM कार्ड बिल्कुल डेबिट कार्ड की तरह काम करेगा। पैसे निकालने के लिए आपको पहले अपना UAN लिंक करना होगा, OTP वेरीफाई करना होगा और फिर कैश निकालना होगा।     पैसे की क्लेमिंग ऑनलाइन होगी और 3 दिनों के अंदर कार्ड में अमाउंट क्रेडिट हो जाएगा, जिसे फिर ATM से निकाला जा सकेगा। PF अकाउंट को आपके UPI ID या लिंक्ड बैंक अकाउंट से जोड़ा जाएगा।एक बार क्लेम करने पर पैसा सीधे आपके UPI वॉलेट में आ जाएगा।इसके बाद आप QR कोड स्कैन करके कहीं भी भुगतान कर सकेंगे।     यूजर्स अपने अकाउंट की डिटेल्स, नॉमिनी या अन्य बदलाव मोबाइल से ही OTP के ज़रिए कर सकेंगे। इस कार्ड के जरिए वे डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड की तरह ही बैलेंस चेक, कैश विड्रॉल जैसी सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगे।हालांकि, एटीएम और यूपीआई के जरिए केवल 1 लाख रुपये तक की ही निकासी की जा सकेगी। अकाउंट डिटेल में भी कर सकेंगे करेक्शन     खास बात ये है कि ईपीएफओ 3.0 के साथ सदस्य अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के जरिए नाम, जन्मतिथि, लिंग, राष्ट्रीयता, माता-पिता का नाम, वैवाहिक स्थिति, और नौकरी शुरू करने की तारीख जैसे विवरण ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे। यानी सदस्यों को किसी भी अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होगी।     ईपीएफओ 3.0 सिस्टम के तहत सदस्य अपने अकाउंट हुई गड़बड़ी जैसे कर्मचारी का नाम, डेट ऑफ बर्थ, मोबाइल नंबर, स्थायी पता को भी ऑनलाइन माध्यम से सुधार सकेंगे। इसके लिए OTP वेरिफिकेशन की सुविधा होगी, जिससे पुराने फॉर्म को भरने की जरूरत खत्म हो जाएगी।

कार डीलरों के पास 53 दिनों का स्टॉक, इनकी कीमत 52,000 करोड़ रुपये

नई दिल्ली भारत में कार डीलरों के सामने एक बड़ी समस्या आ रही है। उनके पास बहुत सारी गाड़ियां बिना बिके पड़ी हैं। इनकी कीमत 52,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यानी अरबों रुपये की रकम फंसी हुई है। यह अब तक की सबसे बड़ी रकम है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि कंपनियां लगातार गाड़ियां बना रही हैं और उन्हें बाजार में भेज रही हैं। जबकि लोग अभी गाड़ियां खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। यह समस्या पिछले एक साल से चल रही है।  अनुसार आमतौर पर डीलरों के पास 34 से 38 दिनों का स्टॉक रहता है। अगर गाड़ियों की संख्या में देखें तो यह लगभग 440,000 यूनिट है। मई तक का यह आंकड़ा पिछले साल दिवाली से पहले के स्टॉक से थोड़ा कम है। दिवाली से पहले डीलरों के पास 40 से 45 दिनों का स्टॉक जमा हो गया था। लेकिन इस बार गाड़ियों की कीमत बढ़ने और स्टॉक जमा होने की वजह से कुल वैल्यू बहुत ज्यादा हो गई है। यह जानकारी इंडस्ट्री के कुछ अधिकारियों ने दी है। 50 दिन से ज्यादा का स्टॉक जमा फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) का कहना है कि डीलरों के पास 52 से 53 दिनों का स्टॉक पड़ा हुआ है। FADA इस बात को लेकर चिंतित है कि डीलरों पर काम करने के लिए पैसे का दबाव बढ़ रहा है। क्योंकि कंपनियां तो गाड़ियां भेज रही हैं, लेकिन डीलर उन्हें बेच नहीं पा रहे हैं। डीलरों के पास गाड़ियां 50 दिनों से ज्यादा समय से खड़ी हैं। जबकि पहले यह समय 21 दिन होता था। सच्चाई कुछ और है… कार बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि उनके पास स्टॉक सही मात्रा में है। लेकिन सच्चाई यह है कि गाड़ियों की बिक्री की रफ्तार धीमी हो गई है। यह पिछले आठ महीनों में सबसे धीमी रफ्तार है। इस साल में यह पहली बार है जब इतनी कम गाड़ियां बिकी हैं। जितनी गाड़ियां डीलरों को भेजी गईं, उससे कम गाड़ियां लोगों ने खरीदीं। मई के महीने में कुल 302,214 गाड़ियां बिकीं। यह पिछले साल के मुकाबले 3.14% कम है। इन डीलर के पास ज्यादा स्टॉक नहीं कई डीलरों के पास बहुत ज्यादा स्टॉक जमा हो गया है, जो कि चिंता का विषय है। हालांकि Hyundai और Maruti के अधिकारियों का कहना है कि उनके डीलरों के पास स्टॉक सही मात्रा में है। हुंडई मोटर इंडिया के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर तरुण गर्ग का कहना है कि उनके डीलरों के पास लगभग चार हफ्तों का स्टॉक है। यह इंडस्ट्री के नियमों के हिसाब से सही है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल भी उनके पास इतना ही स्टॉक था। वहीं, मारुति सुजुकी इंडिया के हेड ऑफ सेल्स एंड मार्केटिंग पार्थो बनर्जी ने कहा कि उनके स्टॉक का स्तर पिछले साल से बेहतर है। यह स्टॉक करीब 35 दिनों का है। कब सुधरेंगे हालात? तरुण गर्ग ने माना कि बाजार में अभी भी मांग कम है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार द्वारा ब्याज दरों में कटौती और इनकम टैक्स में छूट देने से लोगों को गाड़ियां खरीदने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि CRR में कटौती से डीलरों को स्टॉक रखने में कम खर्चा आएगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का असर साल के दूसरे भाग में दिखाई देगा।

शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए छात्रवृत्ति आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ

बीड़ी एवं खदान श्रमिकों के बच्चों को एक हजार से पच्चीस हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को एक हजार रुपये से पच्चीस हजार रुपये तक छात्रवृत्ति, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ  शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए छात्रवृत्ति आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ भोपाल केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा संचालित “शिक्षा के लिये वित्तीय सहायता योजना” के अंतर्गत प्रदेश राज्य के बीड़ी, चूना पत्थर एवं डोलोमाईट, लौह-मैग्नीज-क्रोम अयस्क खदान श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन प्रदान करने के लिये छात्रवृत्ति दी जाएगी। इस योजना के तहत मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में कक्षा पहली से लेकर उच्च शिक्षा तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को एक हजार रुपये से पच्चीस हजार रुपये तक छात्रवृत्ति की स्वीकृत दी गई है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ उप कल्याण आयुक्त श्रम कल्याण संगठन जबलपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 2 जून से प्रारंभ हो गई है। इच्छुक छात्र-छात्राएं नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (https://scholarships.gov.in) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2025 तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 नियत की गई है। आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यकताएं छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करते समय आवेदकों को ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) करना अनिवार्य है। इसके साथ ही फेस ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया को भी पूरा करना आवश्यक होगा। आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन प्रतियां पोर्टल पर अपलोड करें, जो कि स्पष्ट और पठनीय हो। आवेदन की पात्रता एवं अन्य संबंधित जानकारी/ शर्ते नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर उपलब्ध है। आवेदन जमा करने के बाद छात्रों को अपने शिक्षण संस्थान से संपर्क कर आवेदन का सत्यापन भी स्कॉलरशिप पोर्टल के माध्यम से करवाना अनिवार्य है। शिक्षण संस्थान द्वारा सत्यापित नहीं किए गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जायेगा। अन्य छात्रवृत्तियों के लिए पात्रता उप कल्याण आयुक्त ने यह जानकारी दी कि यदि पोर्टल पर उपलब्ध अन्य किसी विभाग की ऐसी छात्रवृत्ति योजना प्रदर्शित होती है, जिसमें अधिक राशि प्रदान की जाती है और आवेदक उसकी पात्रता रखते हैं, तो ऐसे आवेदक संबंधित विभाग की छात्रवृत्ति योजना के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। संपर्क एवं सहायता ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अथवा योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए छात्र-छात्राएं श्रम कल्याण संगठन, जबलपुर मुख्यालय के दूरभाष क्रमांक 0761-4039511, 4039510 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही ईमेल के माध्यम से wc.jabalpur@rediffmail.com तथा wcjab@mp.gov.in पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा इंदौर स्थित कल्याण प्रशासक कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 0731-2703530 या ईमेल waind@mp.gov.in पर भी संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश परिक्षेत्र में संचालित निकटतम औषधालयों एवं सागर स्थित केंद्रीय चिकित्सालय में जाकर व्यक्तिगत रूप से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड पहली बार विदेशी निवेशकों से इक्विटी जुटाने की योजना बना रही

नई दिल्ली अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) करीब 1 अरब डॉलर की इक्विटी जुटाने की सोच रही है। यह पैसा विदेशी निवेशकों से आएगा। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल अपने विकास योजनाओं और नए एयरपोर्ट खरीदने के लिए कर सकती है। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार यह जानकारी अडानी ग्रुप के सीएफओ जुगेशिंदर सिंह ने दी है। यह पहली बार होगा जब अडानी का एयरपोर्ट कारोबार बाहर के निवेशकों से पैसा लेगा। अभी तक यह काम अडानी ग्रुप ही करता आया है। अडानी ग्रीन एनर्जी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अडानी ने कहा, ‘हर कोई हमारे साथ एयरपोर्ट कारोबार करना चाहता है। अमेरिका, मध्य पूर्व और ऑस्ट्रेलिया के निवेशकों ने इस कारोबार में पैसा लगाने की इच्छा जताई है।’ सागर अडानी, ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी के भतीजे भी हैं। क्या है कंपनी की स्थिति? सूत्रों के अनुसार, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के पास एयरपोर्ट यूनिट का पूरा मालिकाना हक है। इसकी वैल्यू लगभग 20 अरब डॉलर आंकी गई है। यह GMR एयरपोर्ट्स से भी ज्यादा है, जिसका मार्केट कैप 10.4 अरब डॉलर है। GMR दिल्ली, हैदराबाद, गोवा और नागपुर जैसे शहरों में एयरपोर्ट चलाती है। और बढ़ेगी यात्रियों की संख्या डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के अनुसार, भारत में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में FY25 में 10.35% की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल ज्यादा लोगों ने हवाई यात्रा की है। हवाई यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ रही है। एयरलाइंस ने कुल 14.54 मिलियन यात्रियों को यात्रा कराई। केयरएज रेटिंग्स का अनुमान है कि भारत में हवाई यात्रियों की संख्या FY25 से FY27 के बीच 9% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ेगी। इसका मतलब है कि अगले कुछ सालों में हवाई यात्रा करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ेगी और यह 485 मिलियन तक पहुंच सकती है। CAGR का मतलब है कि हर साल औसतन 9% की वृद्धि होगी। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में 10.35% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। कुल 14.54 करोड़ यात्रियों ने उड़ान भरी। CareEdge Ratings के अनुसार, FY25 से FY27 के बीच भारत में हवाई यात्री यातायात में 9% की CAGR से वृद्धि की उम्मीद है, जिससे यह संख्या 485 मिलियन तक पहुंच सकती है। अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स, जो इस समय भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट एयरपोर्ट ऑपरेटर है, वर्तमान में मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, मंगलुरु, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम जैसे 7 एयरपोर्ट्स का संचालन कर रहा है। कंपनी नवी मुंबई एयरपोर्ट को अगस्त तक शुरू करने की तैयारी में भी है। कंपनी अगले डेढ़ दशक में अपनी कैपेसिटी को तीन गुना करने की योजना बना रही है। जुगेशिंदर सिंह ने आगे बताया कि AAHL को अगले 2–3 वर्षों में एक स्वतंत्र सब्सिडियरी के रूप में हाइव ऑफ किया जाएगा और इसके बाद इसका आईपीओ लाने की योजना है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी भारत और विदेशों में अधिग्रहण के अवसरों के लिए तैयार है। विशेष रूप से ऐसे अंतरराष्ट्रीय शहरों में, जहां भारतीय प्रवासी बड़ी संख्या में जाते हैं। यदि ऐसे किसी एयरपोर्ट पर निवेश का मौका आता है, तो कंपनी उस दिशा में कदम बढ़ाएगी। जनवरी में GMR ग्रुप ने अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) से 6,300 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त किया था जिससे उनके प्रमोटर एंटिटी GMR इंटरप्राइजेज का कर्ज कम किया जा सके। अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने FY25 में कुल 94 मिलियन यात्रियों को सेवा दी, जो FY24 की तुलना में 7% अधिक है। अडानी के पास कितने एयरपोर्ट? AAHL के पास मुंबई-नवी मुंबई और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर एयरपोर्ट हैं। कंपनी अगले 15 सालों में अपनी क्षमता को तीन गुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसका मतलब है कि कंपनी ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को संभालने के लिए तैयार रहना चाहती है। AAHL भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट एयरपोर्ट ऑपरेटर है। यह वर्तमान में सात एयरपोर्ट मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, मंगलुरु, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम चलाती है। इसके अलावा, नवी मुंबई में एक और एयरपोर्ट बन रहा है, जो अगस्त में खुलने वाला है। कंपनी के पास अभी पर्याप्त पैसा है, लेकिन बाजार की स्थिति और जरूरत के हिसाब से वह और भी पैसा जुटा सकती है। शेयर मार्केट में आ सकती है कंपनी जुगेशिंदर सिंह, ‘हम भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिग्रहण के लिए खुले हैं। अंतरराष्ट्रीय सौदों के लिए यह एक अंतरराष्ट्रीय शहर जोड़ी होनी चाहिए जो भारतीय प्रवासियों को पूरा करती हो। यदि किसी विशेष शहर में किसी अन्य शहर में किसी विशिष्ट हवाई अड्डे पर बहुत सारे भारतीय यात्री जा रहे हैं और यदि वह अवसर आता है, तो हम उस पर विचार करेंगे।’ एयरपोर्ट कारोबार को अगले दो-तीन वर्षों में एक अलग सहायक कंपनी के रूप में अलग कर दिया जाएगा, जिसके बाद लिस्टिंग होगी। इसका मतलब है कि भविष्य में AAHL शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है। AAHL ने FY25 में 94 मिलियन यात्रियों को सेवा दी, जो FY24 से 7% अधिक है। इससे पता चलता है कि कंपनी का कारोबार लगातार बढ़ रहा है।

राजधानी भोपाल की सरकारी छतें ही रोजाना बना दें 35 हजार यूनिट बिजली

 भोपाल  एमपी के भोपाल जिले में एक सोलर गांव विकसित किया जाएगा। पूरे गांव की बिजली जरूरत सौर ऊर्जा से ही पूरी की जाएगी। कलेक्टर ने इसके लिए जिला पंचायत समेत संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। इसके लिए लीड बैंक को फायनेंस करने का कहा है। अगले पंद्रह दिन में गांव का चयन कर यहां के लिए काम शुरू किया जाएगा। भोपाल में भी इस समय 32 हजार से अधिक सोलर पैनल स्थापित है। ये 1.92 लाख किलोवॉट के प्लांट है। रोजाना इनसे 7.68 लाख यूनिट बिजली बन रही है।  शहर की जरूरत का ये 13 फीसदी है। माह में ये 2.30 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल निगम को 25 हजार प्लांट स्थापित करने व करीब 900 मेगावाट सोलर से उत्पादित करने का लक्ष्य दिया था। सरकारी छतें ही रोजाना बना दें 35 हजार यूनिट बिजली ● भवन नगर निगम के 93 भवन शहर में है। 20 किलोवॉट प्रति छत प्लांट लगाएं तो 1800 किलोवॉट के प्लांट से रोजाना 7200 यूनिट बिजली रोजाना बन सकती है। माह में 2.16 लाख यूनिट बिजली उत्पादित होगी जो निगम की एक माह के बिजली खर्च के बराबर है। ● जिला प्रशासन के 40 विभागों के 75 भवन है। 20 किलोवॉट प्रति छत प्लांट लगाएं तो 1500 किलोवॉट के प्लांट से 6000 यूनिट बिजली रोजाना उत्पादित हो सकती है। माह में ये 1.80 लाख यूनिट रहेगी। इन भवनों की बिजली खपत को पूरा करने के साथ अतिरिक्त 20 फीसदी अन्य को देने की स्थिति बनेगी। ● बिजली कंपनी के शहर में 35 कार्यालय है। 20 किलोवॉट प्रति छत के अनुसार 700 किलोवॉट के प्लांट से रोजाना 2800 यूनिट बिजली उत्पादित की जा सकेगी। माह में ये 8400 यूनिट बनेगी। इन कार्यालयों का मासिक खर्च 9000 यूनिट है। सोलर ग्राम के लिए निर्देश दिए हैं। भोपाल सोलर सिटी को लेकर निगम समेत संबंधित विभागों से प्लान तय कराया जाएगा। कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet