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यूपी सरकार एक बड़े कदम की तैयारी में 14 साल बाद होमगार्ड जवानों की होगी भर्ती, 44 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द

लखनऊ   उत्तर प्रदेश सरकार एक बड़े कदम की तैयारी में है, जो प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए रोजगार का नया द्वार खोलेगा. 14 साल बाद होमगार्ड जवानों की भर्ती फिर से शुरू होने जा रही है. कुल 44 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है. यह भर्ती न केवल युवाओं में उत्साह जगा रही है, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगी. क्या है भर्ती प्रकिया? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल जून में इस भर्ती की घोषणा की थी. अब इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और जुलाई के अंत तक आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे. इस बार होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा की तरह होगी. मतलब, पहले लिखित परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार होगा. भर्ती प्रक्रिया मुख्यालय स्तर पर आयोजित की जाएगी ताकि पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके. महिलाओं को 20 प्रतिशत आरक्षण इस भर्ती में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कम से कम 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे, जिससे महिलाओं को भी सुरक्षा सेवा में अवसर मिलेगा. भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल पास होना आवश्यक है और आयु सीमा 18 से 45 वर्ष तक निर्धारित की गई है. विभाग का अनुमान है कि इस भर्ती के लिए आवेदन संख्या 15 लाख से भी अधिक हो सकती है, जो युवाओं में इस भर्ती की लोकप्रियता को दर्शाता है. 1946 में स्थापित हुई थी ये फोर्स होमगार्ड की भूमिका उत्तर प्रदेश में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है. जरूरत के समय ये जवान पुलिस के साथ मिलकर कानून व्यवस्था बनाए रखते हैं. ट्रैफिक कंट्रोल, चुनाव ड्यूटी, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं में होमगार्ड जवानों की अहम भूमिका होती है. 1946 में स्थापित इस फोर्स का मकसद समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखना है, जो समय-समय पर साबित भी हो चुका है. इस बार भर्ती प्रक्रिया में सरकार पूरी पारदर्शिता बरतने का वादा कर रही है. पिछली बार की पुलिस भर्ती की तरह इस भर्ती में भी बिना किसी विवाद के परीक्षा संपन्न कराने पर जोर दिया जाएगा. इससे युवाओं का भरोसा और उम्मीद दोनों बढ़ेगी. विभाग ने कैबिनेट से मंजूरी लेने के बाद भर्ती विज्ञापन जारी करने का प्लान बना रखा है.

जल गंगा संवर्धन अभियान :जलदूत पंजीयन का लक्ष्य 1,62,400 और बने 2,30,749

जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश को बड़ी सफलता, खंडवा बना देश-प्रदेश का टॉप जिला, राज्यों में मध्यप्रदेश देश में चौथे नंबर पर जल गंगा संवर्धन अभियान में बनी लक्ष्य से काफी अधिक जल संरचनाएं जल गंगा संवर्धन अभियान :जलदूत पंजीयन का लक्ष्य 1,62,400 और बने 2,30,749 भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान मध्यप्रदेश में जल संरक्षण के संकल्प के लिये जन-सहभागिता जुटाने में एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध हुआ है। यह अभियान 30 मार्च से 30 जून, 2025 तक संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नदियों, जल स्रोतों और वेटलैंड्स का संरक्षण तथा पुनर्जीवन सुनिश्चित करना है। मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा जारी नवीनतम राज्य स्तरीय प्रदर्शन डैशबोर्ड के आकलन के अनुसार खंडवा मध्यप्रदेश में पहले स्थान पर है। इससे पूर्व केन्द्रीय एजेंसी ने जल संरक्षण कार्यों के लिए खंडवा को देश का शीर्ष जिला घोषित किया है। इस सूची में मध्यप्रदेश को चौथे स्थान मिला है। खेत-तालाब निर्माण का लक्ष्य 77,940 तय किया गया था, लेकिन प्रदेश में 79,815 खेत-तालाबों का निर्माण हो रहा है, जो शत प्रतिशत से भी अधिक है। अभियान की अवधि में प्रतिदिन औसतन 1,078 खेत-तालाबों के निर्माण का प्रारंभ किया जा रहा है। डगवेल रिचार्ज संरचनाओं के लिये 1,03,900 के लक्ष्य में से 1,00,321 संरचनाओं का निर्माण जारी है, जो लक्ष्य का 96.56% है। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,355 डगवेल निर्माण शुरू किया जा रहा है। अमृत सरोवर लक्ष्य 992 के मुकाबले 1,254 निर्मित किये जा रहे हैं। मायभारत पोर्टल पर जलदूत पंजीयन का लक्ष्य 1,62,400 तय किया गया था, जबकि 2,30,749 स्वयंसेवकों का पंजीकरण किया जा चुका है जो लक्ष्य काफी अधिक है। राज्य सरकार ने पाँच प्रमुख क्षेत्रों — पुराने एनआरएम कार्य, खेत-तालाब, डगवेल, अमृत सरोवर और मायभारत पंजीयन — पर आधारित 100 अंकों की रैंकिंग प्रणाली लागू की है। इस आधार पर खंडवा जिला 71.09 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा। खेत-तालाब निर्माण, डगवेल रिचार्ज और अमृत सरोवर की शुरुआत में खंडवा का प्रदर्शन सर्वोत्तम रहा। रायसेन (60.85 अंक), बालाघाट (59.52 अंक) और बुरहानपुर (55.85 अंक) क्रमशः दूसरे, तीसरे व चौथे स्थान पर रहे। प्रदेश के अधिकांश जिलों ने अमृत सरोवर और मायभारत श्रेणियों में पूर्ण अंक प्राप्त किए, हैं।  

MP में बड़े फेरबदल की तैयारी,एएसपी और डीएसपी तक पुलिस महकमे में होगा तबादला

भोपाल   मध्यप्रदेश के पुलिस महकमे में बड़ी सर्जरी की तैयारी है। बदलाव आरक्षक से लेकर एसपी स्तर तक किया जाएगा। पीएचक्यू के उच्च अधिकारियों के बीच काम जारी है। सूत्रों के मुताबिक 115 एएसपी और डीएसपी रैंक के अधिकारियों की सूची तैयार हो चुकी है, जिसे अंतिम सहमति बनाने के बाद जारी कर दिया जाएगा। इस सूची में करीब 100 डिप्टी एसपी शामिल बताए जा रहे हैं। बनाए गए दो क्राइटेरिया तीन साल से ज्यादा समय से जिलों में टिके एसपी बदले जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से सतना एसपी आशुतोष गुप्ता, नर्मदापुरम एसपी गुरकरण सिंह शामिल हैं। दोनों तीन साल से जमे हैं। दो साल से ज्यादा से जमे एसपी के कार्यकाल का आकलन किया जाएगा। एसपी को बदलने प्रमुख रूप से दो क्राइटेरिया बनाए गए हैं। पहला है ढाई या इससे ज्यादा अवधि से जमे एसपी के काम का रिव्यू। दूसरा है सरकार की ओर से करवाया जा रहा फीडबैक सर्वे। इसी के आधार पर सर्जरी की जाएगी। PM मोदी के दौरे से पहले हुई थी प्रशासनिक सर्जरी जानकारी के लिए बता दें कि बीती 31 मई को प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से पहले भी बड़ी प्रशानिक सर्जरी की गई थी। गृह विभाग ने डीएसपी रैंक के 53 पुलिस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की थी। इसमें भोपाल, इंदौर कमिश्नरेट के पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। पीएचक्यू में पदस्थ डीएसपी सतीश कुमार को मंडला और मैहर में पदस्थ एसडीओपी राजीव कुमार पाठक को पीएचक्यू में नई पदस्थापना दी गई थी। एसडीओपी अभिनव मिश्रा को शहडोल से भोपाल सहित अन्य के तबादले किए गए थे।

प्रदेश में 5 करोड़ हितग्राहियों को प्रति माह 2 लाख 90 हजार मीट्रिक टन नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण किया जा रहा- मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश में 5 करोड़ से अधिक पात्र हितग्राहियों को प्रति माह लगभग 2 लाख 90 हजार मीट्रिक टन नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी 27 हजार 944 उचित मूल्य दुकानों में पीओएस मशीन स्थापित की जा चुकी हैं। मंत्री राजपूत ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उचित मूल्य दुकानों में परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा बायोमेट्रिक सत्यापन/ओटीपी के माध्यम से राशन प्राप्त किया जा सकता है। अशक्त एवं दिव्यांगजनों के लिये नॉमिनेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके तहत यह लोग जिस व्यक्ति को नामांकित कर देते हैं, उन्हें खाद्यान्न प्रदान किया जाता है। राशन वितरण की सूचना हितग्राही को एसएमएस के माध्यम से भी देने का प्रावधान है। प्रदेश में लगभग 653 उचित मूल्य दुकानें शेडो एरिया में हैं, यहां पर समग्र परिवार आईडी के माध्यम से खाद्यान्न का वितरण किया जाता है।  

BJP का बड़ा प्रशिक्षण वर्ग आज से पचमढ़ी में, केंद्रीय गृह मंत्री शाह आज दोपहर 3 बजे करेंगे, जबकि समापन 16 जून को रक्षा मंत्री सिंह करेंगे

पचमढ़ी  भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने कार्यकर्ताओं को समय समय पर पार्टी की रीती नीति और सरकार के कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करती रहती है इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश (BJP Madhya Pradesh) तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करने जा रही है ये वर्ग पचमढ़ी में आयोजित किया जायेगा। भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश के अध्यक्ष वीडी शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिविसीय प्रशिक्षण वर्ग पचमढ़ी में 14, 15 और 16 जून को आयोजित किया जायेगा, इसका उद्घाटन गृह मंत्री मित शाह करेंगे जबकि 16 जून को प्रशक्षण वर्ग का समापन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पूरे समय मौजूद रहेंगे वीडी शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग में भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के कई वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के सभी सांसद, राज्यसभा सदस्य और विधायक शामिल होंगे, उन्होंने कहा इस प्रशिक्षण वर्ग में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पूरे समय मौजूद रहेंगे यानि वे तीनों दिन हर सत्र में शामिल होंगे। प्रदर्शनी में दिखेगी जनसंघ से अब तक की यात्रा  उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग स्थल पर एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जायेगा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण के 11 वर्ष की प्रदर्शनी लगेगी, इसके  भाजपा की यात्रा जो जनसंघ से लेकर आज तक जारी है उसमें डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर आज तक कार्यों की जानकरी होगी। सभी सांसद विधायक लगायेंगे पौधे  वीडी शर्मा ने बताया कि सभी सांसद विधायक एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधा लगायेंगे साथ ही वर्ग में सैद्धांतिक, व्यावहारिक सहित कई विषयों पर चर्चा सत्र होंगे जिनपर आपस में चर्चा होगी पार्टी कैसे दुनिया के सबसे बड़ी राजनैतिक दल बनी इसपर प्रकाश डाला जायेगा। लक्ष्मण सिंह के निष्कासन पर कही ये बात  लक्ष्मण सिंह निष्कासन मामले पर पूछे गए सवाल पर वीडी शर्मा ने कहा कि ये कांग्रेस का उनका आंतरिक मामला है, इस पर मेरा बोलना उचित नहीं है क्योंकि मैं प्रदेश अध्यक्ष हूँ,  अनुशासन बहुत जरूरी है कई बार हमें भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी पड़ती है। कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार  कांग्रेस द्वारा विधायकों की छाती पर मूंग दलने की किसानों से अपील करने वाले बयान पर वीडी शर्मा ने कहा ये अनुचित है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव किसान के बेटे हैं पूर्व मुख्यमंत्री और और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी किसान के बेटे हैं, भाजपा की सरकार किसानों को ताकत देने का काम करती है, कांग्रेस केवल भड़काती है। अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर जताया दुःख  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने अहमदाबाद प्लेन क्रैश दुर्घटना पर दुःख जताते हुए कहा कि घटना असहनीय है पूरा देश स्तब्ध है, मैं भाजपा मध्य प्रदेश की तरफ से जान गंवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, पूरा देश उनके परिवार के साथ खड़ा है। विधायक सांसद लगाएंगे एक-एक पौधा वीडी शर्मा ने बताया- इस वर्ग में सभी सांसद विधायक एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण करेंगे। वर्ग में सैद्धांतिक, व्यावहारिक, कई विषयों पर सत्र होंगे। भाजपा किस तरह से देश में काम कर रही है। संगठन तंत्र की मजबूती के साथ हम कहते हैं कि भाजपा संगठन तंत्र के आधार पर काम करने वाला विशिष्ट दल है। शिविर स्थल पर एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 11 वर्षों की सेवा और सुशासन की उपलब्धियां दिखाई जाएंगी। इसके साथ ही जनसंघ से लेकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर वर्तमान तक पार्टी की यात्रा को भी दिखाया जाएगा। सत्र के दौरान मोबाइल के उपयोग की मनाही प्रशिक्षण शिविर में विधायकों, सांसदों को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। प्रशिक्षण स्थल पर सभी विधायक, सांसद 13 जून की रात तक पहुंच गए । ट्रेनिंग कैम्प में प्रतिभागियों के मोबाइल उनके नाम के स्टिकर लगाकर साइलेंट मोड पर एक जगह रख दिए जाएंगे। सत्रों के बाद ब्रेक के दौरान प्रशिक्षणार्थी विधायक, सांसद अपने मोबाइल पर बात कर सकेंगे। प्रशिक्षण वर्ग में मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को अलग-अलग सत्रों में पब्लिक डीलिंग, मोबाइल मैनेजमेंट, टाइम मैनेजमेंट से लेकर पार्टी की रीति-नीति और सफरनामे की जानकारी दी जाएगी। विधायक-सांसदों को सुबह 6:00 बजे जागना होगा। प्रशिक्षण स्थल पर सुबह 7:00 से 8:00 के बीच योग और प्रार्थना कराई ।      

Ladli Behna Yojana: लाड़ली बहनों के लिए बड़ा अपडेट, इस दिन आएगी 25वीं किस्त; CM मोहन यादव करेंगे ट्रांसफर

भोपाल  मध्य प्रदेश की 1.27 करोड़ महिलाओं को लाडली बहना योजना की 25वीं किस्त के लिए इंतजार करना होगा। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने एक दिन पहले ही सोशल मीडिया के जरिए कहा था कि 13 जून लाडली बहना योजना की अगली किस्त के रूप में 1250 रुपये खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। लेकिन गुजरात के अहमदाबाद में हुए दर्दनाक विमान हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। अब लाडली बहना योजना की 25वीं किस्त कब आएगी, इसकी जानकारी हम आपको दे रहे हैं। राज्य सरकार के अधिकारियों के मुताबिक अब 16 जून को लाडली बहना योजना का पैसा ट्रांसफर करने का कार्यक्रम आयोजित होगा। सीएम जबलपुर के बेलखेड़ा से 16 जून यानी सोमवार को लाभार्थी महिलाओं के खाते में 1250 रुपये की अगली किस्त को ट्रांसफर करेंगे। ऐसे में राज्य की करोड़ों महिलाओं को थोड़े समय और इंतजार करना होगा। 13 को  ट्रांसफर होना था पैसा वित्त वर्ष 2025-26 में लाडली बहना योजना की किस्त की तारीख में बदलाव किया जा चुका है। पहले किस्त 10 तारीख से पहले आ जाती थी, लेकिन अब 10 से 15 तारीख के बीच में पैसा आता है। पिछले महीने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की ओर से 15 मई को 1.27 करोड़ पात्र महिलाओं के खाते में 1250 रुपये की किस्त ट्रांसफर की थी। कल ही उन्होंने खुद जानकारी दी थी कि इस बार 13 जून को पैसा ट्रांसफर दिया जाएगा। इससे महिलाएं खुश थीं कि दो दिन पहले ही उनके खाते में पैसा आ जाएगा।  बहन के चेहरे पर मुस्कान, अब 16 जून का इंतजार प्रदेश की 1.27 करोड़ से ज्यादा महिलाएं इस योजना से हर महीने ₹1250 की सहायता पा रही हैं। यह सिर्फ पैसों का ट्रांसफर नहीं, बल्कि सरकार की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प है। 24 किस्तें पहले ही आ चुकी हैं और अब 25वीं किस्त का इंतजार खत्म होने वाला है। बेलखेड़ा गांव बनेगा महिला सशक्तिकरण की मिसाल बरगी विधानसभा क्षेत्र का बेलखेड़ा गांव अब एक ऐतिहासिक दिन का गवाह बनने जा रहा है। इस राज्य स्तरीय आयोजन में डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी इसे सामाजिक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टियों से खास बना रही है। सम्मेलन में सिर्फ पैसे नहीं बांटे जाएंगे, बल्कि महिलाओं के सपनों को नई उड़ान देने का संदेश भी दिया जाएगा। मगर गुजरात के अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। दुख की इस घड़ी में सीएम ने भी अपने आज के सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अहमदाबाद विमान हादसे में हुई यात्रियों की मौत से पूरा देश शोक में डूबा हुआ है। इस वजह से जबलपुर और इंदौर में आयोजित सभी कार्यक्रम रद्द किए जा रहे हैं। उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की। बदल चुकी है तारीख राज्य सरकार ने बजट के प्रबंधंन के लिए इस वित्त वर्ष से लाडली बहना योजना की तारीख में बदलाव किया है। दरअसल केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड की तारीख की वजह से इसमें बदलाव किया गया है। लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से मई 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 24 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 28 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। जानिए लाड़ली बहना योजना के लिए आयु/पात्रता/नियम     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं। जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। लाड़ली बहना योजना के ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं     जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।     जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन … Read more

जबलपुर देश का पहला खेल मास्टर प्लान बनाने वाला शहर बन गया

जबलपुर  जबलपुर शहर ने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। भारत का पहला “खेल मास्टर प्लान” जबलपुर में लॉन्च किया गया है, जो खासतौर पर 0 से 5 साल की उम्र के बच्चों और उनके देखभाल करने वालों के लिए बनाया गया है। इस योजना का मकसद शहर के पार्कों और सार्वजनिक स्थलों को बच्चों के अनुकूल बनाना और उन्हें खेलने, सीखने व सुरक्षित रहने का अवसर देना है। इस योजना को जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम ने मिलकर तैयार किया है। बच्चों में कम हो रही फिजिकल एक्टिविटी को लेकर शहर में नवाचार किया जा रहा है। जबलपुर देश का पहला खेल मास्टर प्लान बनाने वाला शहर बन गया है। यह मास्टर प्लान न केवल छोटे बच्चों को खेलने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि शहर में प्लेस्पेस अपॉर्चुनिटीज को विकसित भी करेंगे। अगले दस सालों के लिए यह प्लान तैयार किया गया है। दरअसल, नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज 2.0 में चयनित होने के बाद शहर को यह उपलब्धि हासिल हुई है। टॉप 10 में शामिल होने पर मिला दोबारा मौका जानकारी के अनुसार नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज 2.0 (एनएनसी 2.0) के अंतर्गत 0-5 वर्ष के बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए शहर के उद्यानों एवं सार्वजनिक स्थलों में अनुकूल वातावरण एवं सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। एनएनसी 1.0 के अंतर्गत आयोजित चैलेंज में जबलपुर भी शामिल हुआ था। सभी गाइडलाइन का पालन करते हुए शहर ने देश के शीर्ष 10 शहरों में अपनी जगह बनाई थी। इन्हीं को 2.0 में शामिल किया गया है। खेल मास्टर प्लान को महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, कलेक्टर दीपक सक्सेना, नगर निगम कमिश्नरप्रीति यादव, स्मार्ट सिटी सीईओ अनुराग सिंह के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। बनाया खेल सेल एनएनसी 2.0 में जबलपुर द्वारा वल्र्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (डब्ल्यूआरआई) के सहयोग से नर्चरिंग नेबरहुड सेल, खेल सेल एवं खेल मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसमें उन सभी विभागों को सम्मिलित किया गया है जो शहर में विकास कार्यों तथा बच्चों और महिलाओं के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। इनमें नगर निगम जबलपुर, स्मार्ट सिटी जबलपुर, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग, जबलपुर विकास प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यातायात पुलिस तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठन शामिल हैं। कलेक्टर दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में तैयार की गई खेल सेल पूरे प्लान की निगरानी करने के साथ ही विकास कार्यों की समीक्षा भी करेगी।  ये करेगी सेल – छोटे-बड़े सभी खाली पड़े स्थानों को प्ले स्पेस अपॉचुनिटीज में विकसित करेंगे। – छोटे बच्चों के लिए शहर में कितनी खेलने की जगह होनी चाहिए इस पर काम करेगी। – शहर में वर्तमान में जितने भी खेल के स्थान है उन्हें चिह्नित कर लिया है। – कहां क्या कमी है, उस कमी के अनुसार मास्टर प्लान बनाया है। – अगले दस साल 2035 तक कहां कब कितना काम किया जाएगा ये भी रूपरेखा तैयार की जा चुकी है। खेल शब्द को किया विस्तारित खेल मास्टर प्लान में ‘खेल’ शब्द को केवल पारंपरिक खेल-कूद तक सीमित न रखते हुए, इसे एक विस्तृत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। जिसके तहत के- किड्स, एच- हेल्थ, ई- एम्पावरिंग कम्युनिटीज, एल- लेवल प्ले अपॉर्चुनिटीज विस्तार करने की योजना है। जबलपुर शहर ‘खेल मास्टर प्लान’ बनाने वाला देश का पहला शहर बन गया है। यह बड़े ही गौरव की बात है। 0 से 5 साल तक के बच्चों को ध्यान में रखकर इसे बनाया गया है। इस मास्टर प्लान के अंतर्गत अगले दस वर्षों में (2035) तक हर स्तर पर खेल के स्थानों को विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है। जिस पर काम शुरू हो चुका है। – संभव अयाची, एनएनसी 2.0 नोडल अधिकारी एवं उपायुक्त नगर निगम

इंदौर के बाद अब भोपाल मेट्रो पर लक्ष्य , एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस में एंट्री, एग्जिट समेत अधूरे काम तेजी से होंगे पूरे

भोपाल  इंदौर में मेट्रो के कॉमर्शियल रन को 12 दिन बीत चुके हैं। 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल लोकार्पण किया था। इंदौर के बाद अब भोपाल मेट्रो पर फोकस है। खासकर 3 स्टेशन- एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस में एंट्री, एग्जिट समेत अधूरे काम तेजी से होंगे पूरे।  इंदौर मेट्रो के लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री ने भोपाल मेट्रो के काम को भी तेजी से चलने की बात कही थी। ऐसे में उम्मीद है कि जब भी भोपाल में मेट्रो का कॉमर्शियल रन होगा, पीएम ही हरी झंडी दिखाने आएंगे। इसलिए मेट्रो के अधूरे कामों को तेजी से निपटाया जा रहा है। वहीं, मेट्रो एमडी एस. कृष्ण चैतन्य भी लगातार दो दिन से मैराथन मीटिंग और निरीक्षण कर रहे हैं। इन कामों को जल्दी पूरा करने का टारगेट तीनों मेट्रो स्टेशन के एंट्री-एक्जिट, सिविल, सिस्टम, रोलिंग स्टॉक, ट्रैफिक, सिग्नल्लिंग, आंतरिक एवं बाहरी निर्माण कार्य पर फोकस है। इन्हें अगस्त तक हर हाल में पूरा करने का टारगेट रखा गया है। पहले आरडीएसओ टीम आएगी भोपाल मेट्रो के लिए रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम पहले आएगी। इसके लिए सभी डॉक्युमेंट्स सब्मिट किए जा चुके हैं। इसके बाद कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी टीम इंस्पेक्शन करेगी। टीम की ‘ओके’ रिपोर्ट मिलने के बाद लोग मेट्रो में सफर कर सकेंगे। इस पूरी प्रोसेस में 4 से 5 महीने लग सकते हैं। इसी बीच मेट्रो के बाकी बचे 3 स्टेशन- एम्स, डीआरएम तिराहा और अलकापुरी के काम भी पूरे कर लिए जाएंगे। साल 2018 में शुरू हुआ था काम भोपाल में मेट्रो का पहला रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से 6.22 किमी एम्स से सुभाष नगर के बीच का काम प्रायोरिटी कॉरिडोर के रूप में 2018 में शुरू हुआ था। सुभाषनगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो गया है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन तक ट्रैक का काम हो चुका है और मेट्रो यहां तक पहुंच चुकी है। वहीं, दोनों स्टील ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी की जा चुकी है। भोपाल में पूर्व सीएम शिवराज ने किया था ट्रायल 3 अक्टूबर 2023 को भोपाल में पहली बार मेट्रो ट्रैक पर दौड़ी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था। इसके बाद से ही लगातार टेस्टिंग की जा रही है। मेट्रो सबसे ज्यादा स्पीड 80Km प्रति घंटे से भी दौड़ चुकी है। इतनी ही स्पीड में कॉमर्शियल रन भी होगा। हालांकि, इससे पहले सुरक्षा के तमाम पैमाने जांचें जाएंगे। इसे सीएमआरएस टीम ही जांचेंगी। भोपाल में यह टीम अगले कुछ महीने में आ जाएगी। भोपाल में इसलिए देरी से कॉमर्शियल रन पिछले साल रेलवे ट्रैक और डीआरएम तिराहे पर दो स्टील ब्रिज भी लॉन्च कर दिए गए थे। वहीं, मार्च में दोनों ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी कर ली गई। पहले सुभाषनगर से आरकेएमपी स्टेशनों के बीच ही मेट्रो को चलाने का प्लान था, लेकिन अब यह पूरे 6.22 किमी में दौड़ेगी। चूंकि, अभी स्टेशन में काम बाकी है। इसलिए इसे प्रायोरिटी में न लेते हुए इंदौर में पहले मेट्रो दौड़ाने का प्लान तैयार किया गया। पिछले 6-8 महीने से पूरा फोकस इंदौर पर रहा। छोटे-बड़े काम जल्दी निपटाए गए। इसलिए इंदौर में पहले मेट्रो चली। ये देखेगी सीएमआरएस टीम आरडीएसओ की टीम मेट्रो के संचालन से जुड़े काम देखेगी। इसके बाद मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम दो बार पहुंचेंगी। मेट्रो कॉरपोरेशन के अफसरों का कहना है कि कॉमर्शियल रन से पहले सुरक्षा के लिहाज से कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम जांच करती है। जिसमें वह ट्रैक के नट-बोल्ट तक देखती है, क्योंकि यह मामला आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा होता है। इसलिए हर पैमाने पर जांच होती है।  सितंबर से शुरू होगी कमर्शियल सेवा, जानें क्या है खास? मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन 90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा। इस ट्रायल की निगरानी आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन) द्वारा की जाएगी। यह संस्था हर स्पीड पर ट्रेन की ब्रेकिंग, स्थिरता और तकनीकी सुरक्षा का आकलन करेगी। आरडीएसओ की टीम के इसी माह के अंत तक आने की संभावना है। इसके बाद रेलवे सेफ्टी कमिश्नर मेट्रो के ट्रैक, सिविल वर्क, ट्रेन, सिग्नलिंग सिस्टम और सार्वजनिक सुविधाओं की व्यापक जांच करेगा। एक माह की प्रक्रिया के बाद ट्रेन का कमर्शियल रन शुरू किया जाएगा।  तीन कोच 900 यात्रियों को ले जाने में सक्षम  अब तक सात मेट्रो ट्रेनें भोपाल पहुंच चुकी हैं। कुल 27 ट्रेनों का संचालन प्रस्तावित है। प्रत्येक ट्रेन तीन कोच की होगी, जो लगभग 900 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी। इनमें 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था भी होगी। ट्रेनों में दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सितंबर तक चल सकती है मेट्रो यदि सभी परीक्षण समय पर सफलतापूर्वक पूरे होते हैं, तो अगस्त-सितंबर तक भोपाल मेट्रो का संचालन शुरू हो सकता है। ट्रायल और सुरक्षा अनुमोदन के बाद राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी। इंदौर मेट्रो का परीक्षण कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है, जिसका कमर्शियल रन जल्द शुरू होगा।  क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम भोपाल मेट्रो में क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिसमें पेयजल, स्वच्छता और दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं शामिल हैं। सुरक्षा के लिए  रिटायर्ड फौजियों और निजी सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी। सभी स्टेशनों पर एएफसी (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट लगाए जा रहे हैं, जहां बारकोड टिकट से प्रवेश मिलेगा।  सबकुछ ठीक मिला तो ‘ओके’ रिपोर्ट देगी टीम निरीक्षण में यदि सबकुछ पैमाने और सुरक्षा के लिहाज से परफेक्ट मिलता है तो सीएमआरएस की टीम ‘ओके’ रिपोर्ट देगी। इसके बाद कॉमर्शियल रन की तारीख तय कर दी जाएगी। 6.22 Km लंबा है प्रायोरिटी कॉरिडोर भोपाल में मेट्रो का 6.22 किमी लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर है। अगले कुछ महीनों में कॉमर्शियल रन शुरू करने का प्लान है। इसके बाद जब आप मेट्रो ट्रेन में सफर करने के लिए स्टेशन में एंट्री करेंगे तो आपको ठीक वैसी तस्वीर नजर आएगी, जो किसी एयरपोर्ट के अंदर की होती है। अंदर फूड प्लाजा और कुछ शॉप भी रहेंगी। जहां से आप खाने-पीने और जरूरत का सामान भी खरीद सकेंगे। इसके लिए मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने तैयारी भी शुरू कर दी … Read more

भोपाल की सेंट्रल जेल में बन रही हैं 12 हाई सिक्योरिटी सेल, यहां बंद हैं 69 बडे़ आतंकी, क्षमता सिर्फ इतनी

भोपाल   भोपाल सेंट्रल जेल के हाई सिक्योरिटी सेल में खूंखार आतंकियों को संभालने की क्षमता अब पार हो चुकी है। सेंट्रल जेल में 58 खतरनाक आतंकियों के रखे जाने की व्यवस्था है, लेकिन फिलहाल यहां रहने वाले आतंकियों की संख्या 69 हो गई है। इस स्थिति को देखते हुए, जेल प्रशासन ने 12 नई हाई सिक्योरिटी सेल के निर्माण के लिए 1.20 करोड़ रुपये का बजट पारित किया है। इन संगठनों के आतंकी हैं कैद सेंट्रल जेल में कैद आतंकी विभिन्न संगठनों से जुड़े हुए हैं, जिनमें स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) के 23, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के 21, हिज्ब उत तहरीर (HUT) के 17, JMB के 4 और इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के 4 आतंकवादी शामिल हैं। भोपाल जेल में 69 आतंकी बंद  भोपाल सेंट्रल जेल में इस वक्त 69 बड़े आतंकी बंद हैं, ये अलग-अलग संगठनों के आतंकी हैं, हालांकि भोपाल सेंट्रल जेल में कुल 58 आतंकवादियों को ही रखने की क्षमता है, लेकिन संख्या बढ़ने के बाद सेल बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसके बाद यहां 12 नई हाई सिक्योरिटी का निर्माण जेल विभाग की तरफ से करवाया गया है. वहीं यह सेल तैयार होने के बाद यहां सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी जाएगी.  आम कैदियों से अलग व्यवस्था जेल में बंद आतंकियों को हर दिन साढ़े तीन घंटे के लिए बाहर निकाला जाता है, जिसमें वे अपने व्यक्तिगत काम जैसे कपड़े सुखाना, धूप लेना और टहलना कर सकते हैं। इनकी निगरानी के लिए प्रत्येक आतंकी पर 2 प्रहरियों की जिम्मेदारी होती है। आतंकियों को सुबह ढाई घंटे और शाम में एक घंटे के लिए बाहर निकाला जाता है, लेकिन उन्हें किसी से बातचीत की अनुमति नहीं होती। सभी आतंकियों को अलग-अलग रखा जाता है। जेल मैन्युअल के अनुसार, केवल चार आतंकियों को ही अपने परिजनों से मिलने की अनुमति है, जबकि बाकी 65 आतंकियों को मिलने और कैंटीन की सुविधाएं मिलती हैं। सभी आतंकियों को जेल की ड्रेस और टोपी पहनने की आवश्यकता होती है और उन्हें जेल के नियमों का पालन करना होता है। इन संगठनों के आतंकी बंद      स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के 23 आतंकी      पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 21 आतंकी      हिज्ब उत तहरीर (हट) के 17 आतंकी      जेएमबी के 4 आतंकी      इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसएस) के 4 आतंकी  ऐसा रहता है रूटीन  भोपाल सेंट्रल जेल में बंद आतंकियों को केवल साढ़े 3 घंटे के लिए ही सेल से बाहर निकाला जाता है, जिसमें वह अपने पर्सनल काम पूरे करते हैं, जिनमें धूप लेना, टहलना, कपड़े सुखाना, इस दौरान भी इन पर कड़ी निगरानी रखी जाती है. सभी पर नजर रखने के लिए 2-2 प्रहरियों को रखा जाता है. सुबह के वक्त ढाई घंटे के लिए यह बाहर निकलते हैं, जबकि शाम के वक्त 1 घंटे के लिए बाहर निकाले जाते हैं, इस दौरान उन्हें किसी से बातचीत करने की इजाजत नहीं होती है.  हर रोज 3.30 घंटे निकाला जाता है बाहर सेंट्रल जेल में बंद आतंकियों को हर रोज साढ़े तीन घंटे के लिए हाई सिक्योरिटी सेल से बाहर निकाला जाता है। जिससे वह अपने पर्सनल काम जैसे कपड़े सुखाना, धूप लेना, टहलना आदि कर सकें। इन आतंकियों को बाहर निकलने के बाद निगरानी में रखा जाता है। हर एक आतंकी पर नजरें रखने की जिम्मेदारी 2 प्रहरियों की होती है। आतंकियों को सुबह ढाई घंटा, जबकि शाम में एक घंटा बाहर निकाला जाता है। उन्हें किसी से बातचीत की इजाजत नहीं होती। सभी आतंकियों को बाहर निकालने पर भी अलग-अलग रखा जाता है। जेल मैन्युअल के हिसाब से मुलाकात की इजाजत आतंकी कामरान, अबु फैजल, शिबली और कमरुद्दीन को छोड़कर सभी 65 आतंकियों को जेल मैन्युअल के हिसाब से परिजनों से मिलने और कैंटीन सुविधा मिलती है। इनमें शामिल सजायाफ्ता आतंकी जेल ड्रेस में रहते हैं और जेल की टोपी लगाते हुए जेल नियमों का पालन करते हैं।      

देवशयनी एकादशी से गुरु पूर्णिमा तक, आषाढ़ माह 2025 में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार

 हिन्दू पंचांग का चौथा महीना आषाढ़ का महीना है. यह संधिकाल का महीना है. इसी महीने से वर्षा ऋतु की शुरुआत होती है. इसी महीने भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा भी निकाली जाती है. आषाढ़ से वातावरण में थोड़ी सी नमी आनी शुरू हो जाती है. कामना पूर्ति के लिए भी यह महीना उत्तम माना जाता है. आषाढ़ मास के पहले दिन खड़ाऊं, छाता, नमक और आंवले का दान बहुत उत्तम माना जाता है. इस बार आषाढ़ मास 12 जून से 10 जुलाई तक रहने वाला है. आषाढ़ में किसकी पूजा करें? आषाढ़ के महीने में सबसे ज्यादा फलदायी उपासना गुरु की होती है. इसके अलावा, इस महीने देवी की उपासना भी शुभ फल देती है. श्री हरि विष्णु की उपासना से संतान प्राप्ति का वरदान मिलता है. इस महीने में जल देव की उपासना से धन की प्राप्ति सरल हो जाती है. आषाढ़ में मंगल और सूर्य की उपासना अवश्य करें. आषाढ़ में आने वाले व्रत-त्योहार गुरुवार, 12 जून: आषाढ़ मास प्रारंभ, प्रतिपदा तिथि शनिवार, 14 जून: कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी रविवार, 15 जून: मिथुन संक्रांति बुधवार, 18 जून: मासिक जन्माष्टमी, कालाष्टमी शनिवार, 21 जून: योगिनी एकादशी, साल का सबसे बड़ा दिन रविवार, 22 जून: योगिनी एकादशी पारण, मासिक कार्तिगाई सोमवार, 23 जून: सोम प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि मंगलवार,24 जून: रोहिणी व्रत बुधवार, 25 जून: दर्श अमावस्या, आषाढ़ अमावस्या गुरुवार, 26 जून: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, कलश स्थापना, चंद्र दर्शन शुक्रवार, 27 जून: जगन्नाथ रथयात्रा शनिवार, 28 जून: विनायक चतुर्थी सोमवार, 30 जून: स्कंद षष्ठी गुरुवार, 3 जुलाई: मासिक दुर्गाष्टमी रविवार, 6 जुलाई: देवशयनी एकादशी, गौरी व्रत आरंभ सोमवार, 7 जुलाई: देवशयनी एकादशी पारण, वासुदेव द्वादशी मंगलवार, 8 जुलाई: भौम प्रदोष व्रत, जयापार्वती व्रत बुधवार, 9 जुलाई: आषाढ़ चौमासी चौदस गुरुवार, 10 जुलाई: गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा व्रत, व्यास पूजा, कोकिला व्रत, गौरी व्रत समाप्त आषाढ़ माह में क्या न करें? आषाढ़ माह में लहसुन और प्याज का अधिक सेवन करना वर्जित है. इस महीने बारिश होने से संक्रमण बढ़ जाता है और रोग घेर लेते हैं. ऐसे में बासी भोजन खाने से परहेज करें. इस महीने आने वाली देवशयनी एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ हो जाता है. चातुर्मास में शादी-विवाह जैसे शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं.

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