LATEST NEWS

हनुमान जी की अनोखी जुगत से चैन से सोते है भगवान जगन्नाथ, जाने कैसे

हमारा देश विविधताओं का देश है. धर्म और आस्था इसकी धुरी हैं. भक्तों की ऐसी ही आस्था का केंद्र है पुरी का जगन्नाथ मंदिर, जिसमें ना जाने कितने सुलझे अनसुलझे किस्से जुड़े हुए हैं. इसके पीछे की पौराणिक कथाएं लोगों को आज भी हैरानी में डाल देती है. इतना ही नहीं मंदिर के रहस्य भी आपको आस्था की तरफ झुकने पर मजबूर कर देंगे. ऐसी ही इस मंदिर से जुड़ी एक पौराणिक कथा है जिसे आप मंदिर का रहस्य भी कह सकते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि मंदिर के समुद्र से घिरा होने के बावजूद भी मंदिर परिसर में समुद्र की लहरों की आवाज नहीं पहुंचती, जबकि मंदिर से बाहर निकलते ही आपको उसके लहरों की आवाज सुनाई दे जायेगी. जगन्नाथ मंदिर और हनुमान जी की कथा इसके पीछे एक पौराणिक कथा है. जगन्नाथ भगवान के इस मंदिर की यह कथा बजरंगबली हनुमान से जुड़ी हुई है. इस कथा के अनुसार भगवान जगन्नाथ समुद्र की आवाज से परेशान हो गए थे और वह चैन से सो नहीं पा रहे थे. भगवान जगन्नाथ ने हनुमान जी को समुद्र को नियंत्रित करने का काम सौंपा था. ऐसे में यह काम भी हनुमान जी के जिम्मे में ही था. हनुमान जी ने समुद्र से शांत हो जाने कि प्रार्थना की लेकिन समुद्र ने कहा कि मैं ऐसा नहीं कर सकता यह मेरे बस में नहीं, पवन के वेग के साथ मेरी आवाज भी मंदिर तक पहुंचेगी. आप चाहे तो अपने पिता से अनुरोध कर सकते हैं कि वह विपरीत दिशा में बहें, तो यह आवाज मंदिर तक नहीं पहुंचेगी. हनुमान जी की जुगत हनुमान जी ने वैसा ही किया उन्होंने पवन देव का आह्वान किया और कहा, क्या आप उल्टी दिशा में बह सकते हैं, पवन देव ने कहा कि मेरे लिए यह संभव नहीं है लेकिन तुम चाहो तो ऐसा कर सकते हो, तुम अपनी तेजी से एक वायु चक्र बना सकते हो. हनुमान जी ने वैसा ही किया हनुमान जी मंदिर के चारों तरफ इतनी तेजी और वेग के साथ चक्कर लगाने लगे कि वहां एक वायु चक्र बन गया जिससे पवन देव को उसी वेग में बहना पड़ा. इसी वेग की वजह से समुद्र की आवाज भी मंदिर तक नहीं पहुंच पायी. वायु के वेग ने समुद्र की आवाज को वही रोक लिया. फिर चैन से सो सके भगवान जगन्नाथ इसके बाद, समुद्र की आवाज मंदिर में प्रवेश कर पाने के कारण भगवान जगन्नाथ चैन से सो सके, और हनुमान जी की इस जुगत ने काम कर दिया. भगवान हनुमान की यह जुगत, आज भी इस मंदिर में रहस्य की तरह काम कर रही है. क्योंकि मंदिर के अंदर समुद्र की तेज लहरों की आवाज बिल्कुल सुनाई नहीं देती.

इम्तियाज अली एक बार फिर करेंगे दिलजीत दोसांझ के साथ काम, अगले साल बैसाखी पर होगी फिल्म रिलीज

मुंबई,  फिल्म निर्माता इम्तियाज अली “अमर सिंह चमकीला” के बाद एक बार फिर दिलजीत दोसांझ के साथ एक और फिल्म बनाने को तैयार हैं। फिल्म प्यार और लालसा की कहानी होगी और साल 2026 में रिलीज होगी। इस फिल्म में दिलजीत के साथ नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना और शरवरी जैसे सितारे स्क्रीन स्पेस साझा करेंगे। फिल्म की शूटिंग अगस्त 2025 से शुरू होगी और 2026 में बैसाखी पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। लेखक-निर्देशक इम्तियाज अली ने एक बयान में कहा: “तुम मेरे पास होते हो गोया, जब कोई दूसरा नहीं होता” – मोमिन। क्या वाकई प्यार खो सकता है? क्या किसी के दिल से घर छीना जा सकता है?” अली ने बताया कि फिल्म “बहुत बड़ा दिल रखती है।” डायरेक्टर ने आगे कहा, “इसका कैनवास बड़ा है, फिर भी यह बहुत निजी है। यह एक लड़के और लड़की की कहानी है, हमें उम्मीद है कि अगले साल आपके नजदीकी थिएटर में यह कहानी आपको काफी पसंद आएगी।” फिल्म के बारे में अभी सारी बातों को गुप्त रखा गया है। यह पहली बार होगा जब दिलजीत, वेदांग और शरवरी के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे। वहीं, इम्तियाज, ए.आर. रहमान और इरशाद कामिल की जादुई तिकड़ी एक बार फिर साथ में काम करेगी। इससे पहले भी तीनों ने रॉकस्टार, हाईवे, तमाशा, अमर सिंह चमकीला में साथ काम किया है। फिल्म निर्माता और दिलजीत के साथ काम करने के बारे में बात करें तो, दोनों ने 2024 की ब्लॉकबस्टर फिल्म “अमर सिंह चमकीला” में साथ काम किया था, यह एक बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म थी, जो कि संगीतकार अमर सिंह चमकीला के जीवन पर आधारित थी। इसका निर्देशन, निर्माण और सह-लेखन इम्तियाज अली ने किया। फिल्म में दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिका में थे, जबकि परिणीति चोपड़ा उनकी दूसरी पत्नी अमरजोत की भूमिका में थीं। फिल्म का संगीत ए.आर. रहमान ने तैयार किया, जबकि गीत इरशाद कामिल ने लिखे थे।  

अमेरिका और इजरायल के दृष्टिकोण में अब दरार, क्षेत्रीय संतुलन खतरे में

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में वैश्विक मंच पर ‘शांति पुरुष’ बनने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा था। लेकिन उनके इस मिशन को उनके करीबी सहयोगी इजरायल और उससे पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने तगड़ा झटका दिया है। इजरायल ने ट्रंप की सलाह को नजरअंदाज कर ईरान पर सैन्य हमला किया, जबकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकराकर ट्रंप की कूटनीतिक कोशिशों को चुनौती दी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से इजरायल से ईरान पर हमला न करने की अपील की थी। ट्रंप ने कहा था कि उनका लक्ष्य “शांति स्थापित करना” है। लेकिन इसी अपील के कुछ घंटों बाद, ट्रंप के करीबी दोस्त इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भीषण हमले की घोषणा कर दी। यह हमला ट्रंप के उस उद्देश्य को एक और झटका है, जिसमें वह खुद को “शांति पुरुष” बता रहे थे। इससे पहले, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ट्रंप की यूक्रेन में युद्धविराम की अपील को खारिज कर दिया था। इसके साथ ही, इजरायल ने गाजा पट्टी में भी एक और बड़ा सैन्य अभियान जारी रखा है। यहां भी ट्रंप प्रशासन की देखरेख में हुआ संघर्षविराम अब टूट चुका है। ओमान में बातचीत से पहले हमला ट्रंप के मित्र और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ यूक्रेन-रूस, इजरायल-गाजा और इजरायल-ईरान इन तीनों संकटों में मध्यस्थता कर रहे हैं। वह रविवार को ओमान में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करने वाले थे। ऐसे में इजरायल का हमला न केवल चौंकाने वाला प्रतीत हो रहा है, बल्कि अमेरिकी कूटनीति को भी कमजोर करता है। हालांकि ट्रंप ने बाद में खुद को इजरायल से पूरी तरह अलग नहीं किया। कुछ सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के सार्वजनिक बयानों का उद्देश्य ईरान को चौंकाना था। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान ने उनकी शर्तें मानने से इनकार कर दिया और हमला 60-दिवसीय अल्टीमेटम के एक दिन बाद हुआ, हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इसके बावजूद विटकॉफ की बातचीत क्यों तय थी। ट्रंप बोले: “मैं नहीं चाहता कि वो हमला करें” इजरायली हमले से पहले ट्रंप ने कहा था, “मैं नहीं चाहता कि वो अंदर जाएं, क्योंकि इससे सब कुछ बिगड़ जाएगा।” लेकिन नेतन्याहू ईरान की सरकार को इजरायल के लिए अस्तित्वगत खतरा बताते हैं और पहले भी ईरान के हवाई रक्षा तंत्र पर हमले कर चुके हैं। अमेरिका-इजरायल के रुख में दरार पूर्व पेंटागन अधिकारी और वॉशिंगटन इंस्टीट्यूट की वरिष्ठ फेलो डैना स्ट्रौल ने कहा, “हम स्पष्ट रूप से देख रहे हैं कि अमेरिका और इजरायल के दृष्टिकोण में अब एक मोड़ आ गया है।” उन्होंने कहा कि ये हमले ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कुछ समय के लिए बाधित करेंगे, लेकिन सवाल यह है कि अमेरिका और इजरायल अब एक साथ मिलकर आगे क्या करेंगे। स्ट्रौल ने यह भी कहा कि ट्रंप और इजरायल के बीच पहले से ही मतभेद उभर रहे थे, खासकर जब ट्रंप ने सीरिया पर लगे प्रतिबंध हटा दिए थे और पूर्व इस्लामी लड़ाका अहमद अल-शराआ को सत्ता में आने के बाद स्वीकार कर लिया। क्षेत्रीय संतुलन खतरे में पिछले महीने कतर में ट्रंप ने कहा था कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ समझौता जल्द होगा और “परमाणु धूल” का खतरा नहीं रहेगा। लेकिन अब इजरायल की सैन्य कार्रवाई ने हालात पलट दिए हैं। सीटो संस्थान के रक्षा नीति निदेशक जस्टिन लोगन ने कहा कि इजरायली हमला अमेरिका की कूटनीतिक कोशिशों को “नष्ट कर देगा” और ट्रंप को अमेरिका की सैन्य भागीदारी से अलग रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “इजरायल को अपनी विदेश नीति चुनने का अधिकार है, लेकिन उसे उसकी कीमत भी खुद चुकानी चाहिए।” पुतिन का यूक्रेन युद्धविराम पर इनकार दूसरी ओर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ट्रंप की शांति पहल को करारा जवाब दिया था। ट्रंप ने यूक्रेन-रूस युद्ध को खत्म करने के लिए 30 दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था। इसके लिए उन्होंने पुतिन के साथ कई दौर की बातचीत की, जिसमें घिरे हुए यूक्रेनी सैनिकों की सुरक्षा का मुद्दा भी शामिल था। हालांकि, पुतिन ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, पुतिन ने कहा कि वह यूक्रेन के साथ सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी शर्तें वही रहेंगी, जिनमें यूक्रेन को रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों को छोड़ना होगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने साफ कहा कि रूस किसी दबाव में नहीं आएगा। भारत ने भी किया था खारिज डोनाल्ड ट्रंप की ‘शांति पुरुष’ बनने की कोशिशों को भारत-पाकिस्तान तनाव को लेकर उनके हालिया विवादित दावों ने भी झटका दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश की थी और दोनों देशों ने इसे स्वीकार किया था। हालांकि, भारत ने तुरंत इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है और इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है। ट्रंप ने यहां तक दावा किया कि उन्होंने व्यापार का हवाला देकर भारत-पाकिस्तान की लड़ाई रुकवा दी। भारत ने इस दावे को भी खारिज किया है। ट्रंप की कूटनीति पर सवाल ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान में बार-बार दावा किया था कि वह वैश्विक युद्धों को खत्म कर शांति स्थापित करेंगे। लेकिन इजरायल और रूस के ताजा कदमों ने उनकी इस छवि को धक्का पहुंचाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की ‘शांति पुरुष’ की छवि तब तक अधूरी रहेगी, जब तक उनके सहयोगी उनकी सलाह को गंभीरता से नहीं लेंगे। ट्रंप और पुतिन की शख्सियत में समानता है, लेकिन पुतिन अपनी रणनीति पर अडिग हैं। इजरायल भी अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है, जिससे ट्रंप की कूटनीति कमजोर पड़ रही है। अमेरिकी राजनीति में विभाजन ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सांसद इजरायल के साथ खुलकर खड़े हैं। सीनेटर टॉम कॉटन ने कहा, “अमेरिका को इजरायल का पूरा समर्थन करना चाहिए और अगर ईरान अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाता है तो उसकी सरकार को गिरा देना चाहिए।” वहीं ट्रंप के डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वियों ने इजरायली हमले की आलोचना की है। सीनेट सशस्त्र बल समिति के शीर्ष डेमोक्रेट जैक रीड ने कहा, “ईरान पर इजरायल का … Read more

पत्नी किरण को अनुपम खेर ने दी जन्मदिन की बधाई, कहा– ‘तुम अनोखी’

मुंबई,  बॉलीवुड एक्ट्रेस और राजनेता किरण खेर शनिवार को अपना 73वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रही हैं। इस मौके पर उनके पति अनुपम खेर ने उनके लिए प्यार भरा पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी की खूबियों का जिक्र किया और कहा कि वह खूबसूरत, थोड़ी अधीर और अनोखी शख्सियत हैं। अनुपम ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें वह किरण खेर के साथ नजर आ रहे हैं। इनमें एक तस्वीर में दोनों अपने बेटे सिकंदर खेर के साथ दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए अनुपम ने कैप्शन में लिखा, “जन्मदिन मुबारक हो मेरी प्यारी किरण! हर साल तुम्हारे जन्मदिन पर नई-नई तस्वीरें ढूंढना मुश्किल होता है। लेकिन फिर भी मैं लगभग हर साल वही तस्वीरें पोस्ट कर देता हूं, क्योंकि ये तस्वीरें सबसे अच्छी तरह बताती हैं कि तुम कौन हो।” उन्होंने आगे लिखा, “मजेदार, खूबसूरत, जल्दी-जल्दी फैसले लेने वाली, प्यार करने वाली, दयालु, सहानुभूति रखने वाली, थोड़ी अधीर, मस्ती-भरी और जिंदगी की एक अनोखी शख्सियत हो आप।” उन्होंने किरण के लिए लंबी और स्वस्थ जिंदगी की कामना की। अनुपम ने आगे लिखा, “भगवान आपको लंबी और सेहतमंद जिंदगी दें। आप हमेशा खुश और शांत रहें, हमेशा प्यार और दुआएं.. जन्मदिन मुबारक हो किरण।” दोनों की लव स्टोरी की बात करें तो 1980 के दशक में किरण की जिंदगी का स्ट्रगल टाइम चल रहा था। वह फिल्मों में काम पाने के लिए प्रोड्यूसर्स से मिलने जाती थीं। उस समय उनकी मुलाकात अनुपम से हुई। उस दौरान वह भी खुद एक स्ट्रगलिंग एक्टर थे। दोनों पहले चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में साथ थे, लेकिन एक-दूसरे को थोड़ा बहुत ही जानते थे। दोनों के बीच पहचान बढ़ी तो दोस्ती का रिश्ता बना। इस दौरान दोनों ही शादीशुदा थे, लेकिन अपनी शादी से खुश नहीं थे। दोनों एक-दूसरे से अपना दर्द बांटते थे, इस दौरान धीरे-धीरे दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया। जिसके बाद किरण और अनुपम ने जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला लिया। दोनों ने अपने-अपने पहले जीवनसाथी को तलाक देकर अलविदा कह दिया और नए सफर पर चल पड़े। साल 1985 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए।  

‘द ट्रेटर्स’ में अंशुला कपूर की एंट्री से खुश अर्जुन कपूर, कहा- ‘तुम अपनी राह खुद बना रही हो’

मुंबई,  प्राइम वीडियो के रियलिटी शो ‘द ट्रेटर्स’, जिसे करण जौहर होस्ट कर रहे हैं, में एक्टर अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर भी नजर आ रही हैं। इस पर अर्जुन ने कहा कि उन्हें अपनी बहन पर गर्व है। शो से वह खुद को और बेहतर तरीके से जान और समझ पा रही हैं। अर्जुन कपूर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर की। इस पोस्ट में उनकी बहन अंशुला टीवी के सामने बैठी नजर आ रही हैं और टीवी पर उनका शो ‘द ट्रेटर्स’ चल रहा है। अंशुला की इस तस्वीर को शेयर करते हुए अर्जुन ने कैप्शन में लिखा, “वह अपनी खुद की राह बना रही है… यह शो उसकी इस यात्रा का एक पड़ाव है, जिसमें वह खुद को जान रही है कि वह कौन है और क्या बनना चाहती है। बहुत बढ़िया। मुझे तुम पर गर्व है और मैं तुम्हारे लिए बहुत खुश हूं।” ‘द ट्रेटर्स’ में कई जाने-माने लोग हिस्सा ले रहे हैं। इनमें अंशुला कपूर, अपूर्वा मखीजा, आशीष विद्यार्थी, एलनाज नौरोजी, हर्ष गुजराल, जन्नत जुबैर, जान्हवी गौर, जैस्मिन भसीन, करण कुंद्रा, लक्ष्मी मांचू, महीप कपूर, मुकेश छाबड़ा, पूरब झा, रफ्तार, साहिल सलाथिया, सुधांशु पांडे, सूफी मोतीवाला और उर्फी जावेद शामिल हैं। इस शो में कई कंटेस्टेंट ‘इनोसेंट’ हैं, जिन्हें ‘ट्रेटर्स’ की पहचान करनी होती है। यह शो प्राइम वीडियो पर 12 जून को रिलीज हो चुका है, जिसका निर्माण बीबीसी स्टूडियोज इंडिया प्रोडक्शंस और ऑल 3 मीडिया इंटरनेशनल ने संयुक्त रूप से मिलकर किया है। यह शो आईडीटीवी के बाफ्टा और एमी पुरस्कार विजेता फॉर्मेट का भारतीय रूपांतरण है। वर्कफ्रंट की बात करें तो, अर्जुन कपूर को पिछली बार रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ में देखा गया था। इसमें उनके साथ भूमि पेडनेकर और रकुल प्रीत सिंह नजर आई थीं। फिल्म को मुदस्सर अजीज ने डायरेक्ट किया। वहीं, वाशु भगनानी, जैकी भगनानी और दीपशिखा देशमुख ने मिलकर पूजा एंटरटेनमेंट के बैनर तले इसका निर्माण किया।  

अब निवेशकों को इस स्कीम के तहत डिपॉजिट पर पहले के मुकाबले कम ब्याज मिलेगा, SBI ने निवेशकों को दिया झटका

मुंबई  देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एफडी वाले निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। एसबीआई ने अपनी स्पेशल एफडी “अमृत वृष्टि” योजना पर ब्याज दर घटा दी है। नई ब्याज दर 15 जून, 2025 से प्रभावी है। इसका मतलब है कि अब निवेशकों को इस स्कीम के तहत डिपॉजिट पर पहले के मुकाबले कम ब्याज मिलेगा। हालांकि, एसबीआई ने अन्य नियमित एफडी ब्याज दरों में किसी तरह के बदलाव नहीं किए हैं। कितनी हुई है कटौती अमृत वृष्टि योजना के तहत ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (बीपीएस) की कटौती की गई है। सामान्य नागरिकों के लिए ब्याज दर अब 444 दिनों की अवधि पर 6.6% प्रति वर्ष है, जबकि पहले यह दर 6.85% प्रति वर्ष थी। सीनियर सिटीजन और सुपर सीनियर सिटीजन ब्याज दर में अपने अतिरिक्त लाभ के लिए पात्र हैं। सीनियर सिटीजन को अब एसबीआई की विशेष एफडी योजना पर 7.10% प्रति वर्ष की ब्याज दर की पेशकश की जाती है। वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष और उससे अधिक) के लिए लागू ब्याज दर के अलावा 10 बीपीएस का अतिरिक्त लाभ लागू है। संशोधन के बाद सुपर सीनियर सिटीजंस (80 वर्ष और उससे अधिक आयु) को अब प्रति वर्ष 7.20% की ब्याज दर की पेशकश की जाती है। समय से पहले निकासी पर जुर्माना 5 लाख रुपये तक की रिटेल एफडी के लिए समय से पहले निकासी (सभी अवधियों में) के लिए 0.50% का जुर्माना लागू होगा। 5 लाख रुपये से अधिक लेकिन 3 करोड़ रुपये से कम की रिटेल एफडी के लिए समय से पहले निकासी को लागू जुर्माना 1% (सभी अवधियों में) होगा। बता दें कि पिछले सप्ताह आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और केनरा बैंक सहित अधिकांश बैंकों ने अपनी सावधि जमा ब्याज दरों में कटौती की, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी जून की मौद्रिक नीति बैठक में रेपो दर में 50 आधार अंकों की कटौती की थी।  

एशियन आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप : भारतीय जिम्नास्ट प्रणति नायक ने वॉल्ट में जीता कांस्य

नई दिल्ली दक्षिण कोरिया के जेचियोन जिमनैजियम में चल रही एशियन आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप 2025 में भारत की प्रणति नायक ने वॉल्ट स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। शनिवार को हुए फाइनल में 30 वर्षीय प्रणति ने 13.466 स्कोर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में चीन की यिहान झांग ने स्वर्ण और वियतनाम की गुयेन थी क्विन्ह न्हु ने रजत पदक जीता। वहीं भारत की ही एक और प्रतिभागी प्रतिष्ठा सामंता 13.016 स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रहीं और पदक से चूक गईं। यह कांस्य पदक प्रणति नायक के एशियाई चैंपियनशिप करियर का तीसरा पदक है। उन्होंने इससे पहले 2019 (उलानबातार) और 2022 (दोहा) में भी वॉल्ट स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। इसके साथ ही उन्होंने दीपा करमाकर के दो पदकों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारत की ओर से इस प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा पदक जीतने वाली जिम्नास्ट बन गई हैं। इस साल मार्च में भी प्रणति ने तुर्की के अंताल्या में हुए एफआईजी आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक अप्परैटस वर्ल्ड कप में वॉल्ट स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। उनका यह निरंतर प्रदर्शन भारतीय जिम्नास्टिक के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।  

दक्षिण अफ्रीका सबसे लंबे अंतराल के बाद ट्रॉफी जीतने वाली टीम बनी, वेस्टइंडीज का 21 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट चैपियनशिप फाइनल के चौथे दिन शनिवार को ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया। दक्षिण अफ्रीका ने इस तरह तक ‘चोकर्स’ के तमगे को पीछे छोड़ते हुए 27 साल के लंबे अंतराल के बाद आईसीसी के किसी टूर्नामेंट का खिताब जीता। इस टीम ने अपना पिछला आईसीसी खिताब 1998 में चैंपियंस ट्रॉफी के रूप में जीता था। इसी के साथ दक्षिण अफ्रीका सबसे लंबे अंतराल के बाद ट्रॉफी जीतने वाली टीम बन गई है। अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को इस मामले में पीछे छोड़ा।   2 टाइटल के बीच सबसे लंबा अंतराल दक्षिण अफ्रीका की टीम ने 1998 में वेस्टइंडीज को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। इसके बाद से अफ्रीका की तलाश अब जाकर खत्म हुई है। दक्षिण अफ्रीका ने तेम्बा बावुमा के नेतृत्व में 27 साल बाद खिताब पर कब्जा जमाया। जोकि किसी भी टीम का दो टाइटल के बीच सबसे लंबा अंतराल भी हो गया है। 25 साल बाद वेस्टइंडीज की चमकी किस्मत वेस्टइंडीज की टीम ने 2004 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर 25 साल बाद आईसीसी ट्रॉफी जीतने का रिकॉर्ड कायम किया था। वेस्टइंडीज ने 1979 में वनडे विश्व कप जीता था, जिसके बाद टीम को अगली ट्रॉफी के लिए 25 साल का इंतजार करना पड़ा। न्यूजीलैंड को 21 साल बाद मिली ट्रॉफी न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने 2000 में चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की थी, इसके बाद टीम लगातार कई बार आईसीसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल- फाइनल में पहुंची लेकिन खिताब नहीं जीत सकी। 2021 में भारत के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीतकर न्यूजीलैंड ने 21 साल का ट्रॉफी का सूखा खत्म किया था। भारत का 19 साल का इंतजार भारतीय टीम ने भी 1983 में ऐतिहासिक वनडे विश्व कप जीतने के बाद ट्रॉफी जीतने के लिए लंबा इंतजार किया था। भारतीय टीम ने 2002 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। 19 साल बाद भारत के हाथ आईसीसी ट्रॉफी लगी थी। पाकिस्तान का भी लिस्ट में नाम पाकिस्तान ने 1992 में पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब जीता था, जिसके बाद टीम को अगली आईसीसी ट्रॉफी के लिए 17 साल का इंतजार करना पड़ा था। पाकिस्तान ने 2009 में टी20 विश्व कप जीतकर ट्रॉफी का सूखा खत्म किया था। श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया को करना पड़ा इंतजार श्रीलंका की टीम को भी ट्रॉफी जीतने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था। श्रीलंका ने 2002 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था, जिसके बाद श्रीलंका की टीम 12 साल बाद 2014 में टी20 विश्व कप जीतने में सफल रही। सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम भी एक समय ट्रॉफी जीतने के लिए संघर्ष करती हुई नजर आई थी। ऑस्ट्रेलिया ने 1987 में वनडे विश्व कप जीता था, जिसके बाद टीम को 12 साल बाद आईसीसी ट्रॉफी वनडे विश्व कप 1999 में नसीब हुई थी।  

डामर फैक्टरी में लगी भीषण आग, दूर तक फैल काला धुंआ

रायपुर राजधानी के उरला इलाके में शनिवार को डामर फैक्टरी में भीषण आग लग गई. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया. बालाजी कार्बन एंड रिफैक्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के फैक्ट्री में आग की सूचना के बाद दमकल की वाहन बुझाने की कोशिश जारी है. आग की लपटें इतनी तेज हैं कि काला धुंआ दूर तक फैल गया है. घटना उरला थाना इलाके की है. जानकारी के मुताबिक, बोरझरा स्थित बालाज कार्बन एंड राइफेक्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की डामर फैक्ट्री में अचानक आग लग गई. फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं है. मौके पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस मौजूद है. फिलहाल आग बुझाने के लिए दमकल की कई वाहनें जुटी हुई है. फैक्ट्री में आग लगने से करोड़ों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है. हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

पुलकित सम्राट की फिल्म फुकरे के प्रदर्शन के 12 साल पूरे

मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेता पुलकित सम्राट ने अपनी फिल्म फुकरे के प्रदर्शन के 12 साल पूरे होने पर सोशल मीडिया पर एक खास पोस्ट शेयर की है। वर्ष 2013 में रिलीज़ हुई फिल्म फुकरे के प्रदर्शन के 12 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर पुलकित ने इंस्टाग्राम पर एक खास पोस्ट शेयर की और अपने इस आइकॉनिक किरदार को याद किया। उन्होंने लिखा,सावधान: ये हनी 12 साल की मीठी यादों के साथ आता है। फुकरापंती जारी रहे ।अपने फुकरे परिवार ,पूरी कास्ट, क्रू और उन सब जुगाड़ू दिमागों को ढेर सारा प्यार… और सबसे बड़ा धन्यवाद हमारे दर्शकों को, जिन्होंने हमारी इस पागलपंती को इतना यादगार बना दिया। ढेर सारा प्यार और शुक्रिया। #12इयर्स ऑफ फुकरे फिल्म में पुलकित का किरदार ‘हनी’ ,जो स्मार्ट भी है, जुगाड़ू भी और दिल का अच्छा भी ,लोगों के दिलों में बस गया। उसकी दोस्ती, मस्ती और दिल से की गई जुगाड़बाज़ी ने पूरे एक जनरेशन को हंसी-खुशी से जोड़ दिया। फिल्म में हनी की जोड़ी चुचा, जफर, लाली और भोली पंजाबन के साथ मिलकर कहानी की जान बन गई और हिंदी फिल्मों में दोस्ती की कहानियों को नए सिरे से पेश किया।एक छोटी-सी मजेदार फिल्म से शुरू हुआ ये सफर अब एक पॉप-कल्चर बन चुका है, जिसके दो सुपरहिट सीक्वल आ चुके हैं। और इस पूरी जर्नी में ‘हनी’ पुलकित का सबसे पसंदीदा और दिल से जुड़ा किरदार बना रहा फनी, बिंदास और दिल से प्यारा। पुलकित अपने नए प्रोजेक्ट्स के साथ तैयार हैं। ग्लोरी, जो एक बॉक्सिंग ड्रामा है, सुस्वागतम खुशामदीद, एक क्रॉस-कल्चर रोमांस, और राहु केतु, जिसकी शूटिंग वह इस वक्त कसोल में कर रहे हैं।  

विमान ने पेरिस-दिल्ली-अहमदाबाद तक बिना किसी दिक्कत के भरी थी उड़ान, हादसे पर सरकार

अहमदाबाद अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे पर सरकार ने शनिवार को बताया कि प्लेन ने पेरिस-दिल्ली और फिर दिल्ली से अहमदाबाद के बीच बिना किसी दिक्कत के उड़ान भरी थी। 12 जून को करीब दो बजे से पहले सरकार को हादसे की सूचना मिली। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि क्रैश होने से पहले विमान के पायलट ने दोपहर 1.39 पर मेडे की कॉल दी, यानी कि पूरी तरह से इमरजेंसी है। मेडे का सिग्नल किसी भी विमान के लिए सबसे गंभीर इमरजेंसी सिग्नल होता है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा, “पिछले दो दिन बहुत मुश्किल भरे रहे हैं। अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास हुई दुर्घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है… मैं व्यक्तिगत रूप से घटनास्थल पर गया था, ताकि देख सकूं कि क्या किया जाना चाहिए, क्या सहायता प्रदान की जानी चाहिए और यही गुजरात सरकार का रवैया था। भारत सरकार और मंत्रालय के अन्य लोगों का भी यही रवैया था। जब हम घटनास्थल पर पहुंचे, तो हमने देखा कि सभी संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया टीमें जमीन पर काम कर रही थीं, जो भी संभव हो, बचाव करने की कोशिश कर रही थीं, आग को कम करने और मलबे को हटाने की कोशिश कर रही थीं, ताकि शवों को जल्द से जल्द अस्पताल भेजा जा सके।” उन्होंने आगे कहा कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो, जिसे विशेष रूप से विमानों के आसपास होने वाली घटनाओं, दुर्घटनाओं की जांच करने के लिए बनाया गया था, को तुरंत सक्रिय किया गया। AAIB के माध्यम से हो रही तकनीकी जांच से एक महत्वपूर्ण अपडेट कल शाम 5 बजे के आसपास घटनास्थल से ब्लैक बॉक्स की बरामदगी है, AAIB टीम का मानना ​​है कि ब्लैक बॉक्स की यह डिकोडिंग गहराई से जानकारी देने वाली है। दुर्घटना की प्रक्रिया के दौरान या दुर्घटना से पहले के क्षणों में वास्तव में क्या हुआ होगा, इसकी जानकारी मिल सकेगी। हम इस बात का भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि AAIB द्वारा पूरी जांच के बाद क्या परिणाम या रिपोर्ट सामने आएगी।” वहीं, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा, “12 जून को दोपहर करीब 2 बजे हमें सूचना मिली कि अहमदाबाद से गैटविक लंदन जा रहा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। हमें तुरंत एटीसी अहमदाबाद के जरिए इस बारे में विस्तृत जानकारी मिली। यह एआईसी 171 था और इसमें कुल 242 लोग सवार थे, जिसमें 230 यात्री, 2 पायलट और 10 क्रू मेंबर शामिल थे। इस विमान ने दोपहर 1:39 बजे उड़ान भरी और कुछ ही सेकंड में करीब 650 फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर यह गिरने लगा, यानी इसकी ऊंचाई कम होने लगी।” उन्होंने बताया, ‘’दोपहर 1:39 बजे पायलट ने अहमदाबाद एटीसी को सूचना दी कि यह MayDay है, यानी पूरी तरह से इमरजेंसी है। एटीसी के मुताबिक, जब उसने विमान से संपर्क करने की कोशिश की तो उसे कोई जवाब नहीं मिला। ठीक एक मिनट बाद यह विमान मेधानीनगर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जो एयरपोर्ट से करीब 2 किमी की दूरी पर स्थित है। विमान के कैप्टन सुमित सभरवाल थे और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव सुंदर थे। जहां तक ​​विमान के पूरे इतिहास की बात है, इस दुर्घटना से पहले विमान ने पेरिस-दिल्ली-अहमदाबाद सेक्टर को बिना किसी दुर्घटना के पूरा कर लिया था। दुर्घटना के कारण दोपहर 2:30 बजे रनवे को बंद कर दिया गया और सभी प्रोटोकॉल पूरे करने के बाद शाम 5 बजे से अहमदाबाद के रनवे को सीमित उड़ानों के लिए खोल दिया गया।”  

शासन की योजनाओं से सशक्त बनी जशपुर की उद्यमी महिला लालमती

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण की योजनाएं अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगी हैं। इसकी एक प्रेरणादायी मिसाल हैं जशपुर जिले के गम्हरिया ग्राम की लालमती, जिन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से न सिर्फ स्वयं की पहचान बनाई, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है। लालमती का जीवन एक साधारण मजदूर से सफल उद्यमी बनने की कहानी है। जब वे प्रजापति गौरी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, तब उन्हें बिहान योजना के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ मिला। उन्होंने उद्योग विभाग से लोन प्राप्त कर शटरिंग प्लेट का व्यवसाय प्रारंभ किया और बाद में जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर अपने व्यवसाय को विस्तार दिया। आज लालमती के पास 200 से अधिक शटरिंग प्लेट हैं, जो वे निजी भवनों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की छत ढलाई हेतु किराये पर उपलब्ध कराती हैं। फरवरी 2025 से अब तक इस व्यवसाय से उन्हें लगभग 35,000 से 40,000 रुपये की आय हुई है। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव में कई मकानों का निर्माण कार्य चल रहा है। लालमती ने  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि, यदि शासन की योजनाओं का साथ न होता, तो मैं आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाती। शासन ने हमें हौसला दिया, साधन उपलब्ध कराए और नई राह दिखाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि ग्रामीण अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और आर्थिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाएं। बिहान, मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से हम महिलाओं को न केवल वित्तीय सहयोग दे रहे हैं, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बाज़ार तक पहुँच भी प्रदान कर रहे हैं। श्रीमती लालमती जैसी महिलाएं छत्तीसगढ़ की नई सामाजिक-आर्थिक चेतना की प्रतीक हैं।छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता है कि हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, सम्मान के साथ जीवन जिए और दूसरों के लिए प्रेरणा बने।

पूर्व सांसद के बेटे ने की आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस

उदयपुर उदयपुर के मल्लातलाई इलाके में शनिवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब पूर्व सांसद महावीर भगोरा के बेटे आशीष भगोरा ने आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही अंबामाता थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आशीष ने घर में फंदा लगाकर जान दी। वह उच्च शिक्षित थे और पीएचडी होल्डर बताए जा रहे हैं। घटना उदयपुर के एकलव्य कॉलोनी स्थित भगोरा परिवार के निजी आवास पर हुई। सुबह जब परिजनों ने आशीष को नहीं देखा तो तलाश शुरू की गई। इसके बाद उन्हें एक कमरे में फांसी पर लटका पाया गया इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों के मुताबिक आशीष पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान थे, हालांकि इसकी पुष्टि अब तक पुलिस या परिजनों द्वारा नहीं की गई है। आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। अंबामाता थाना अधिकारी के अनुसार कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, हालांकि मोबाइल और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पूर्व सांसद महावीर भगोरा का नाम राजनीति में बड़ा रहा है। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे और विधायक, मंत्री से लेकर सांसद तक का सफर तय किया था। हालांकि उनका जीवन भी विवादों से अछूता नहीं रहा। 22 जुलाई 2008 को लोकसभा में हुए वोट के बदले नोट कांड में उनका नाम सामने आया था। संसद में एक करोड़ रुपये लहराने की घटना ने देशभर में सनसनी मचा दी थी, जिसमें महावीर भगोरा समेत कई नेताओं पर कार्रवाई हुई थी, इस मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। महावीर भगोरा की राजनीतिक यात्रा भी खास रही। राजनीति में आने से पहले वे समाज कल्याण विभाग में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर 1991 में सलूंबर से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 1993 में गोगुंदा से विधायक बने और तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत की सरकार में राज्य मंत्री बनाए गए। चार साल पहले महावीर भगोरा का निधन कोरोना संक्रमण के चलते हो गया था। उनके निधन के बाद से परिवार में आशीष ही प्रमुख सदस्य के रूप में देखे जा रहे थे। अब उनके निधन की खबर से इलाके में शोक की लहर है। उनके निवास एकलव्य कॉलोनी में बड़ी संख्या में लोग शोक जताने पहुंच रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

अवनि हुलेनकोर्ट ओपन में दूसरे स्थान पर बरकरार

हुलेनकोर्ट (बेल्जियम) भारत की अवनि प्रशांत लेडीज यूरोपीय टूर के हुलेनकोर्ट महिला ओपन गोल्फ में दूसरे स्थान पर बरकरार हैं। उन्होंने शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए दूसरे दौर में तीन अंडर 69 का कार्ड खेला। बेंगलुरु की 18 वर्षीय इस खिलाड़ी का कुल स्कोर अब सात अंडर पर है और वह शीर्ष पर चल रही जर्मनी की हेलेन ब्रीम (68-68) से सिर्फ एक स्ट्रोक पीछे है। कट में जगह बनाने वाली अन्य भारतीयों में दीक्षा डागर (72-73) संयुक्त 38वें स्थान पर और त्वेसा मलिक (76-70) संयुक्त 50वें स्थान पर हैं। हालांकि अन्य भारतीय खिलाड़ी वाणी कपूर (76-73), स्नेहा सिंह (74-75), अमनदीप द्राल (74-76) और हिताशी बक्शी (79-74) कट में जगह बनाने से चूक गईं।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था को मिली नई दिशा

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक नया आयाम स्थापित किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी नीति के चलते आज प्रदेश का प्राथमिक से लेकर हायर सेकण्डरी तक कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं रह गया है। राज्य की एकल शिक्षकीय शालाओं की संख्या में 80 प्रतिशत की कमी आई है।  यह परिवर्तन युक्तियुक्तकरण के माध्यम से संभव हो सका है, जिसका उद्देश्य राज्य के शैक्षणिक संसाधनों का न्यायसंगत उपयोग, शिक्षकों की तर्कसंगत पदस्थापना और शिक्षा के अधिकार अधिनियम व नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप शालाओं में आवश्यकता के अनुरुप शिक्षकों की पदस्थापना रहा है ।  गौरतलब है कि युक्ति -युक्त करण से पर्व प्रदेश में 453 विद्यालय शिक्षक विहीन  और 5936 विद्यालयों में मात्र एक ही शिक्षक पदस्थ था। विशेषकर सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर जैसे दूरस्थ और संवेदनशील जिलों में यह समस्या अधिक थी। इस विसंगति को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने जिला, संभाग और राज्य स्तर पर तीन चरणों में शिक्षकों की  काउंसलिंग की प्रक्रिया चलाई। इसके परिणामस्वरूप, आज प्रदेश का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है और सभी हाई स्कूलों में न्यूनतम आवश्यक शिक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युक्ति- युक्तकरण के जरिये स्कूलों में शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास की सराहना करते हुए  कहा कि हमने यह ठान लिया था कि छत्तीसगढ़ में अब कोई बच्चा शिक्षक के बिना नहीं पढ़ेगा। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से हम न केवल शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन कर रहे हैं, बल्कि एक मजबूत और समान शिक्षा प्रणाली की नींव भी रख रहे हैं। यह सिर्फ स्थानांतरण नहीं, यह शिक्षा में न्याय की पुनर्स्थापना है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि एकल शिक्षकीय शालाओं की स्थिति में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में है और आगामी महीनों में पदोन्नति और नई नियुक्तियों के माध्यम से इन विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक भेजे जाएंगे। राज्य सरकार अब उन 1207 प्राथमिक विद्यालयों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां अभी भी एक शिक्षक है। इसके समाधान हेतु प्राथमिक शाला प्रधान पाठकों की पदोन्नति, शिक्षकों की पदस्थापना तथा भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की रणनीति बनाई गई है। राज्य में एकल शिक्षक वाले प्राथमिक विद्यालयों में बस्तर जिले में  283, बीजापुर 250,सुकमा 186,मोहला -मानपुर – चौकी 124,कोरबा 89, बलरामपुर 94,नारायणपुर 64,धमतरी 37,सूरजपुर 47,दंतेवाड़ा 11,अन्य जिले में मात्र 22 शालाएं है। इन शालाओं में जल्द ही आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास शिक्षा को समावेशी बनाने और हर बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर उपलब्ध कराना है। इस पूरी प्रक्रिया ने यह साबित किया है कि युक्तियुक्तकरण केवल प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक न्याय आधारित शिक्षा सुधार है, जिसके केंद्र में हर बच्चा, हर गांव, हर स्कूल है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live