LATEST NEWS

नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही स्कूलों के संचालन समय में किया बदलाव

रायपुर  छत्तीसगढ़ में 16 जून यानी आज से नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। इस बीच शाला प्रवेशोत्सव के पहले ही दिन राज्य सरकार ने बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किया गया है। अब क्या होगी स्कूलों की नई टाइमिंग? बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि 17 जून से 21 जून 2025 तक प्रदेश की सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त और निजी स्कूलों में कक्षाएं सुबह 7 बजे से 11 बजे तक ही लगेंगी। हालांकि मानसून के आगमन के बाद या परिस्थितियों में बदलाव के अनुसार, समय में पुनः संशोधन किया जा सकता है। आमतौर पर सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे या 3 बजे तक ज्यादा संभावना है। गौरतलब है कि नया शिक्षा सत्र 16 जून 2025 से शुरू हो चुका है, लेकिन गर्मी की तीव्रता को देखते हुए विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर न पड़े, इसलिए अस्थायी रूप से स्कूलों के समय में यह बदलाव किया गया है। 23 जून 2025 से सभी स्कूलों की कक्षाएं पहले की तरह सामान्य समय पर संचालित की जाएंगी। छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे इस अस्थायी व्यवस्था के अनुसार स्कूल पहुंचने की तैयारी करें।

सेवा भाव के साथ जनसेवा ही लोक सेवक की पहचान : राज्यपाल पटेल

भोपाल. राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोक सेवक बनकर राष्ट्र के विकास और मानव कल्याण का अवसर बिरले लोगों को ही मिलता है। सेवाभाव के साथ जनसेवा ही सच्चे लोक सेवक की पहचान है। राज्यपाल पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के नवनियुक्त जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और विकासखंड अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन के स्वर्ण जयंती सभागार में सौजन्य भेंट कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रशिक्षण में मिलने वाली सीख और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्य अनुभवों का उपयोग प्रशासनिक जीवन की चुनौतियों के समाधान में करें। उन्होंने कहा कि आप जब भी मैदानी भ्रमण पर जाए, जनता से आत्मीय व्यवहार करें उनकी समस्याओं को विनम्रता से सुनें और प्राथमिकता के साथ निराकरण करें। आमजनों की बुनियादी जरूरतों जैसे- रोटी, कपड़ा, मकान के साथ पानी और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विगत वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों से मध्यप्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। अब दूरस्थ इलाकों तक विकास दिखाई देता है। गरीब, वंचित और जरूरतमंदों के जीवन को बेहतर बनाने के सरकार के लक्ष्य को सफल बनाने की मूल जिम्मेदारी आप अधिकारियों की है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को दूरस्थ अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना आपके पद का परम दायित्व है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल का जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान भोपाल की संचालक श्रीमती सरिता बाला ने पौधा भेंटकर स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। श्रीमती बाला ने स्वागत उद्बोधन दिया। प्रशिक्षु अधिकारी सुआस्था जैन और रवि ने प्रशिक्षण अनुभवों को साझा किया। आभार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव दिनेश जैन ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त आयुक्त अनिल कोचर ने किया।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई , 10 लाख से अधिक कैश के साथ 18 जुआरियों और 20 मोबाइल जब्त

दुर्ग  पुलगांव थाना अंतर्गत अंजोरा चौकी क्षेत्र में पुलिस ने आज जुआ खेलने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. महमरा गांव में पृथ्वी पैलेस के पीछे जुआ खेल रहे 18 लोगों को पुलिस ने धर दबोचा है और जुआरियों से 10.82 लाख रु नकदी रकम समेत ताश के पत्ते और 20 मोबाईल जब्त कर लिए हैं. जानकारी के मुताबिक, आज (16 जून 2025) को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जुआरियों का समूह पृथ्वी पैलेस बाउण्ड्रीवाल के पीछे 52 पत्ती ताश से बड़ी राशियों का जुआ खेल रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम रवाना हुई और मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर जुआ खेलते 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने जुआ की रकम, ताश के पत्ते और आरोपियों के मोबाईल जब्त कर जुआरियों के खिलाफ जुआं प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3 (2).5 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. गिरफ्तार आरोपियों के नाम: 1. दिनेश जोशी उम्र 29 साल,  नंदनी रोड भिलाई थाना छावनी 2. हर्षित जैन उम्र 26 साल साकिन महावीर नगर थाना दुर्ग 3. साहिल हरनखेडे  25 साल साकिन  राजीव नगर थाना दुर्ग 4. गोपी सोनकर  28 साल साकिन शिव पारा  थाना दुर्ग 5. संदीप सिह 29 वर्ष साकिन  ऋषभ ग्रीन सिटी थाना पुलगॉव 6. भवीन जैन उम्र 33 साल साकिन  ब्राम्हण पारा थाना दुर्ग 7. पप्पू साहू 38 साल साकिन  राजीव नगर दुर्ग 8. नीलम कुमार 26 साल सदर बाजार दुर्ग . 9. चंदन सोनवानी 29 साल मठपारा थाना दुर्ग 10. टेकेश्वर देवांगन  उम्र 27 साल उरला थाना मोहनगर 11. नरेश जैन  40 साल  ऋषभ ग्रीन सिटी थाना पुलगांव 12. हर्ष देवांगन  उम्र 28 साल साकिन नया पारा रोड दुर्ग 13. भुनेश्वर चंद्राकर उम्र 31 साल साकिन कर्मचारी नगर थाना मोहननगर 14. हेमलाल ढीमर  उम्र 26 साल रुआबांधा थाना भिलाईनगर 15. खुशाल सरवैया उम्र 31 साल तकियापारा दुर्ग 16. मनय जैन उम्र 31 साल साकिन गांधी चौक दुर्ग 17. विनोद गोवानी  उम्र 40 साल साकिन सिंधी कालोनी दुर्ग 18. भूपेन्द्र गुप्ता  30 साल साकिनशंकर नगर दुर्ग.

विश्व सिकल सेल दिवस पर सिकल सेल रोगियों के लिए 33 जिलों में लगाये जाएँगे विशेष शिविर

भोपाल. राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को बड़वानी में ग्राम पंचायत तलून के खेल स्टेडियम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि रहेंगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल सहित अन्य मंत्रीगण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अवसर पर कई नवाचारों का शुभारंभ किया जाएगा जिनमें जेनेटिक काउंसलिंग जागरूकता वीडियो और प्रभावित गर्भवती महिलाओं के लिए व्यापक दिशानिर्देश/मॉड्यूल शामिल हैं। लक्षित आयु वर्ग की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग पूर्ण करने वाली पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के एनसीसी निदेशॉलय के सहयोग से “सिकल सेल मित्र” पहल की शुरुआत भी की जायेगी। सिकल सेल मित्र युवा आबादी में जागरूकता के लिए सेवा प्रदाताओं के बीच लिंक के रूप में कार्य करेंगे। इस अवसर पर संपूर्ण प्रदेश में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता लाने की गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। सिकल सेल प्रभावित 33 जिलों में विशेष परामर्श शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ उन्हें आनुवंशिक परामर्श, रोग प्रबंधन, भावी पीढ़ी के लिए संभावनाओं और आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। उप-केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष शिविर लगाकर रोगियों की पहचान, स्क्रीनिंग तथा परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच की जायेगी। सिकल सेल रोगियों और उनके देखभाल कर्ताओं को पेन क्राइसिस जैसी तीव्र स्थितियों में प्रबंधन के तरीकों से अवगत कराया जाएगा। प्रभावित जिले की विशेष रूप से प्रभावित जनजातीय एवं ग्रामीण पंचायतों में स्क्रीनिंग और परामर्श के लिए अभियान चलाया जाएगा। राज्य स्तर पर विकसित जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड का वितरण किया जाएगा, जिससे लोगों को आनुवंशिक जानकारी समझने में सुविधा होगी। दिव्यांगता योजनाओं और वित्तीय सहायता से सिकल-सेल रोगियों को जोड़ने की प्रक्रिया सरल करने के लिए यूडीआईडी कार्ड निर्माण के लिए मेगा शिविर भी लगाए जाएगे। प्रदेश में राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन के अंतर्गत अब तक 1 करोड़ 6 लाख से अधिक नागरिकों की सिकल सेल स्क्रीनिंग की जा चुकी है और इनमें से 2 लाख से अधिक वाहक चिन्हित हुए और 29 हज़ार 277 लोग सिकल सेल रोग से ग्रसित पाए गए। इन मरीजों का उपचार जारी है। अब तक 80 लाख 9 हज़ार से अधिक सिकल सेल कार्ड वितरित किए जा चुके हैं जिनसे प्रभावित नागरिक अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझ कर उचित उपचार प्राप्त कर रहे हैं। नेशनल सिकल सेल पोर्टल के माध्यम से स्क्रीनिंग व उपचार की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। रोगियों को नि:शुल्क उपचार, जेनेटिक काउंसलिंग, औषधियां, वैक्सीनेशन एवं ब्लड ट्रांस्फ्यूजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक 26,115 रोगियों को हाइड्रॉक्सीयूरिया दवा से उपचार मिला है। विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर जनजातीय स्कूलों, कॉलेजों व छात्रावासों में स्क्रीनिंग शिविर भी सतत आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश में मिशन की शुरुआत 15 नवंबर 2021 को राज्य हिमोग्लोबिनोपैथी मिशन के रूप में अलीराजपुर और झाबुआ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मिशन को 1 जुलाई 2023 को राष्ट्रीय स्तर पर शहडोल से लॉन्च किया था। वर्तमान में प्रदेश के 33 जिलों में स्क्रीनिंग जारी है, जिसमें 20 जिलों के 89 विकासखंड एवं 13 अतिरिक्त जिले (पीएम जनमन योजना) शामिल हैं। सिकल सेल उन्मूलन के लिए एम्स भोपाल में नवजात शिशुओं की 72 घंटे में जाँच के लिए विशेष लैब स्थापित है। सभी चिन्हित मरीजों को हाइड्रॉक्सीयूरिया, फॉलिक एसिड और निःशुल्क रक्ताधान की सुविधा प्रदान की जा रही है। गंभीर मरीजों के लिए इंदौर मेडिकल कॉलेज में बोनमेरो ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित की गई है, जहाँ 100 से अधिक ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। रीवा में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। मध्यप्रदेश में मिशन के तहत 2047 तक सिकल सेल को पूरी तरह समाप्त करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सतत और सशक्त प्रयास किये जा रहे है।

कई बार शिकायत के बाद भी प्रशासन नहीं ली सुध, स्कूल के किचन शेड पर गिरा पीपल का पेड़, टला बड़ा हादसा

बलौदाबाजार  बलौदाबाजार के गणेशशंकर बाजपेई विद्यालय में एक बड़ा हादसा टल गया। बीती रात तेज बारिश और आंधी के कारण स्कूल परिसर में स्थित एक पुराना पीपल का पेड़ अचानक किचन शेड पर गिर गया, जिससे शेड पूरी तरह धराशायी हो गया। गनीमत रही कि यह घटना रात में हुई, वरना यदि यह हादसा स्कूल समय के दौरान होता, तो किचन में काम करने वाली रसोइयों और भोजन लेने आए बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती थी। जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने वर्ष 2023 से ही पीपल के झुकते हिस्से को हटाने के लिए शिक्षा विभाग, वन विभाग और नगरपालिका को कई बार लिखित शिकायतें भेजी थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल की प्राचार्य अरविंदर कौर ने बताया कि बार-बार आवेदन देने के बावजूद किसी अधिकारी ने गंभीरता नहीं दिखाई। अब जब पेड़ गिर गया है, तब भी मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा है। बच्चों की भोजन व्यवस्था प्रभावित स्कूल में भोजन बनाने वाली रसोइया ने बताया कि अब किचन शेड पूरी तरह टूट चुका है, जिससे मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों के लिए खाना बनाना मुश्किल हो गया है। शिक्षा विभाग की तरफ से कहा गया है कि “कहीं भी बनाओ, लेकिन बच्चों को खाना मिलना चाहिए”, जो कि व्यवहारिक रूप से न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि असुरक्षित भी है। जनप्रतिनिधियों के बीच पौधरोपण, लेकिन समस्या जस की तस गौरतलब है कि नए सत्र की शुरुआत के अवसर पर स्कूलों में बच्चों का तिलक कर स्वागत किया गया, खीर-पूड़ी बांटी गई और जनप्रतिनिधियों के साथ पौधरोपण भी हुआ। लेकिन इन्हीं आयोजनों के बीच सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे प्रशासन की अनदेखी का शिकार होते नजर आए। स्कूल प्रबंधन और रसोइयों की मांग है कि पेड़ के बाकी हिस्से को तुरंत हटाया जाए और किचन शेड का पुनर्निर्माण जल्द कराया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई और भोजन व्यवस्था बाधित न हो और कोई अप्रिय घटना भविष्य में न हो। यह घटना एक बार फिर से सरकारी तंत्र की लापरवाही और सिस्टम की सुस्ती को उजागर करती है, जिसमें समस्या की जानकारी समय रहते होने के बावजूद कार्रवाई तब होती है जब हादसा टल जाता है या घटित हो जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी को साइप्रस में मिला सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय साइप्रस के दौरे पर हैं, जहां साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने सोमवार को पीएम मोदी को साइप्रस ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है. पीएम ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर खुशी जताई है. इस मौके पर बोलते हुए पीएम ने कहा, ‘ये अवॉर्ड 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है. ये हमारे देश के भाईचारे और वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा का सम्मान है.’ साइप्रस का सर्वोच्च सम्मान मिलने के बाद पीएम मोदी ने खुशी जताई है. पीएम ने एक्स पर लिखा, साइप्रस के ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III’ का सम्मान पाकर मैं बहुत खुश हूं. मैं इसे हमारे देशों के बीच मित्रता को समर्पित करता हूं. इस मौके पर बोलते हुए पीएम ने कहा, ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III से सम्मान के लिए आपका, साइप्रस सरकार और लोगों का आभार व्यक्त करता हूं. ये सम्मान मेरा अकेले नहीं है, बल्कि ये 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है. ये हमारे देश के भाईचारे और वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा का सम्मान है.’ PM ने आगे कहा,  ‘मैं ये अवॉर्ड भारत और साइप्रस के मैत्रीपूर्ण संबंधों, हमारे साझा मूल्यों और हमारी पारंपरिक समझ को समर्पित करता हूं. मैं सभी भारतीयों की ओर से इस सम्मान को कृज्ञता से स्वीकार करता हूं. ये अवॉर्ड शांति, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता, और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है.’  इससे पहले पीएम मोदी ने भारत-साइप्रस व्यापार गोलमेज बैठक को संबोधित किया और साइप्रस के राष्ट्रपति का आभार जताया. पीआईबी के अनुसार पीएम ने अपने संबोधन में कहा, ‘सबसे पहले मैं राष्ट्रपति जी का आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि आज वो स्वयं एयरपोर्ट पर मुझे रिसीव करने के लिए आए थे. बिजनेस लीडर के साथ इतना बड़ा राउंड टेबल उन्होंने ऑर्गेनाइज किया, मैं इसके लिए बहुत आभारी हूं. उन्होंने मेरे लिए और हमारी पार्टनरशिप के लिए जो सकारात्मक विचार रखे हैं, मैं इसके लिए भी आपका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं.’ 23 सालों बाद भारत के PM का साइप्रस दौरा PM ने कहा कि 23 वर्षों के बाद भारत के प्रधानमंत्री का साइप्रस में आना हुआ है और सबसे पहला कार्यक्रम बिज़नेस राउंड टेबल का हो रहा है. ये एक संकेत है कि भारत और साइप्रस के संबंधों में आर्थिक जगत से जुड़े लोगों का कितना महत्व है. आपके विचारों को मैंने बहुत गौर से सुना है. भारत साइप्रस आर्थिक संबंधों के लिए आपके प्रतिबद्धता को मैंने महसूस किया है. आपके विचारों में सिर्फ संभावना ही नहीं, संकल्प को भी मैं महसूस कर रहा हूं. यह स्पष्ट है कि हमारे संबंधों में आगे बढ़ने की अपार-अपार संभावनाएं हैं.  

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा ठंड लगी तो जैकेट पहनी, लोगों के पेट में दर्द क्यों

छतरपुर   बागेश्वर धाम के पं.धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों कथा सुनाने के लिए ऑस्ट्रेलिया, फिजी, न्यूजीलैंड की यात्रा पर. वहां वह भक्तों को कथा का रसपान करवा रहे हैं. इसके साथ ही सनातन की अलख जगा रहे हैं. यात्रा के दौरान बाबा बागेश्वर पानी वाले जहाज पर बैठे और इसे चलाया भी. इस दौरान वह महंगा चश्मा, जैकेट पहने दिखे. इस प्रकार की तस्वीरें वायरल होते ही भारत में लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए तो गुस्साए ट्रोल करने वालों ने सोशल मीडिया पर लिखा “बाबा Gucci का चश्मा लगाकर और The North Face की जैकेट पहन कर स्वदेशी अपनाने का लुत्फ़ लेते हुए.” कुछ लोगो ने लिखा “मजे तो बाबा के हैं.” जब बाबा बागेश्वर ने इन पोस्ट को देखा तो भड़क गए. बााबा बागेश्वर ने विदेश की धरती से ही कथा के दौरान ट्रोल करने वालों की भी ठठरी बारना शुरू कर दिया. चेतवानी दे डाली “अब डालना हमारे वीडियो फ़ोटो अब हम और भी महंगा पहनेंगे.” ठंड लगी तो जैकेट पहनी, लोगों के पेट में दर्द क्यों धीरेंद्र शास्त्री ने कहा “भारत के एक बड़े ही फेमस व्यक्ति ने हमारे ऊपर एक वीडियो बनाया. ऑस्ट्रेलिया में हमको बहुत ठंड लगी तो एक बच्ची ने महंगी सी जैकेट दी. पता चला कि वह जैकेट 60 से 65 हजार की. इस पर लोगों ने सोशल मीडिया पर कमेंट कर कहा बाबा के जलवा देखो. 60 हजार की जैकेट. जब हम जहाज में गए तो चश्मा लगा लिया. चश्मा भी बड़ा महंगा था. भारत मे हमारी बहुत पोस्ट वायरल हो रही हैं. अगर महात्मा 60 हजार की पहन लें तो लोगों के पेट में दर्द होने लगता है.” झील की सैर के दौरान बाबा बागेश्वर का नया अंदाज  बता दें कि बाबा बागेश्वर 3 जून से 26 जून तक ऑस्ट्रेलिया, फिजी, न्यूजीलैंड की यात्रा पर हैं. इस दौरान वह कथा सुना रहे हैं. धीरेन्द्र शास्त्री अगले माह जुलाई में भी विदेश यात्रा करेंगे. वह जुलाई में यूके, ओमान, UAE की यात्रा पर रहेंगे. इस दौरान भी वह सनातन धर्म का प्रचार करेंगे. 

डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के खाते से 64 लाख की ऑनलाइन ठगी, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी

इंदौर  साइबर ठगों ने इंदौर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के खाते से लाखों रुपये निकाल लिए। यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब एडीजे का एक वाउचर बाउंस हो गया। न्यायालय के प्रबंधक ने साइबर हेल्पलाइन और अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। दो आरोपियों की पहचान कर ली है दोनों की भूमिका पूरे मामले में संदिग्ध बनी हुई है। अब पुलिस आरोपियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है। इंदौर जिला न्यायालय के खाते में साइबर ठगों की ऐसी सेंध से हड़कंप मच गया। उन्होंने थोड़े बहुत नहीं 64 लाख रुपये निकाले हैं। यह मामला तब खुला जब एक एडीजे (एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज) का वाउचर बाउंस हो गया। वाउचर बाउंस होने पर पता चला कि खाते में पर्याप्त पैसे नहीं हैं। इसके बाद धोखाधड़ी का पता चला। मैनेजर पुनीत तिवारी ने साइबर हेल्पलाइन और क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं जिसके आधार पर गुजरात में भी छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने दो आरोपियों की पहचान कर ली है। ये वे लोग हैं जिनके नाम पर सिम कार्ड जारी हुआ था। वाउचर रुकने पर ठगी का खुलासा एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मैनेजर पुनीत तिवारी ने 64 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने साहिल रंगरेज और उसके पिता साजिद अब्दुल सत्तार रंगरेज के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये दोनों गुजरात के बलसाड़ के रहने वाले हैं। एडीसीपी के अनुसार, 17वें एडीजे जिला न्यायालय के नाम से एक खाता है। इस खाते में लाखों रुपये का लेनदेन होता रहता है। 11 जून को एडीजे ने 6 लाख 50 हजार रुपये का वाउचर जारी किया था। यह वाउचर एक अन्य शाखा के लिए था। लेकिन खाते में पर्याप्त पैसे नहीं होने के कारण वाउचर रोक दिया गया। टीम जांच के लिए रवाना एडीजे, जिला न्यायालय के कर्मचारी और बैंक अधिकारी यह देखकर हैरान रह गए। जांच करने पर पता चला कि 5 मार्च से 11 जून के बीच साइबर अपराधियों ने यूपीआई के माध्यम से पैसे निकाले हैं। प्रबंधक पुनीत तिवारी ने साइबर हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। निरीक्षक माधवसिंह भदौरिया ने खाते की जानकारी मांगी। पता चला कि पैसे पेटीएम से निकाले गए हैं। पैसे एक अन्य एसबीआई के खाते में भेजे गए हैं। यह खाता साहिल और साजिद का है। पुलिस ने  आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर टीम को गुजरात रवाना कर दिया।

दिल्ली में 14 करोड़ के GST रिफंड घोटाले का पर्दाफाश, एक आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली सरकार के ट्रेड और टैक्स डिपार्टमेंट ने एक बड़े GST रिफंड घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसकी कुल राशि लगभग ₹14 करोड़ है. इस मामले में अब तक ₹1.16 करोड़ की वसूली की जा चुकी है, और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. जांच में यह पता चला है कि कुछ व्यक्तियों ने 4 फर्जी फर्में स्थापित कीं और उन्हें वैध व्यवसाय के रूप में प्रस्तुत कर अवैध रूप से GST रिफंड का दावा किया. यह बताया जा रहा है कि यह मामला विभाग द्वारा किया गया एक अनूठा ऑपरेशन है, जिसमें अत्याधुनिक बिग डेटा एनालिटिक्स, बैंकिंग लेनदेन की श्रृंखला विश्लेषण और अन्य डिजिटल तकनीकों का उपयोग करके फंड के लेनदेन का पता लगाया गया है. विभाग ने यह पाया कि फर्जी कंपनियों के लिए इस्तेमाल किए गए PAN, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अन्य संस्थाओं में भी सक्रिय थे. इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली में सभी संदिग्ध इकाइयों का पंजीकरण तुरंत निलंबित कर दिया गया है. साथ ही, अन्य राज्यों के संबंधित प्राधिकरणों को भी इस मामले की जानकारी दी गई है ताकि वे आवश्यक कार्रवाई कर सकें. 27 फर्जी संस्थाओं से जुड़े 45 बैंक खाते फ्रीज इसके अतिरिक्त, फर्जी पैन कार्डों को ब्लॉक करने के लिए इनकम टैक्स विभाग के साथ सहयोग करने की सिफारिश की गई है. चूंकि कुछ धनराशि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, जैसे हांगकांग और सिंगापुर, में भेजी गई थी, इसलिए इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट भारत सरकार के राजस्व विभाग को भी प्रेषित की जा रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में 27 फर्जी संस्थाओं से संबंधित 45 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है, ताकि अवैध धन के और अधिक ट्रांसफर को रोका जा सके. इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा FIR दर्ज की गई है. एक आरोपी, बंटी (पुत्र हरीश चंदर), जो एक लाभार्थी फर्म का मालिक है, को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है. उसे मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे दिल्ली पुलिस की हिरासत में भेजने का आदेश दिया. इस मामले में और भी गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है. दिल्ली GST विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई हमारे जीएसटी धोखाधड़ी के प्रति शून्य सहिष्णुता के दृष्टिकोण को स्पष्ट करती है. ऐसे अपराध न केवल सरकारी राजस्व को हानि पहुँचाते हैं, बल्कि ईमानदार करदाताओं पर भी अतिरिक्त बोझ डालते हैं. विभाग जीएसटी प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाता रहेगा.

शिक्षकों की राशन वितरण कार्य में लगाई गई ड्यूटी, शिक्षक संघ ने विरोध में खोला मोर्चा

बलरामपुर  शिक्षा विभाग और प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है. जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को राशन वितरण के कार्य में नियुक्त कर दिया गया है, जिससे शिक्षण व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. शिक्षण सत्र शुरू हो चुका है, इसके बावजूद बच्चों की पढ़ाई छोड़कर अब शिक्षक सरकारी योजनाओं के वितरण में व्यस्त रहेंगे. सूत्रों के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) वाड्रफनगर द्वारा जारी आदेश के तहत शिक्षकों की ड्यूटी राशन वितरण केंद्रों में लगाई गई है, जिसके विरोध में अब शिक्षक संघ ने भी मोर्चा खोल दिया है. शिक्षक नेताओं का कहना है कि प्रशासन का यह कदम पूरी तरह से अनुचित और शिक्षण कार्य के प्रति घोर लापरवाही दर्शाता है. शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर विरोध दर्ज कराया है. उनका कहना है कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा. इस मुद्दे पर जब एसडीएम नीर निधि नांदेहा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि, “यह आदेश पहले जारी किया गया था लेकिन अब उसे संशोधित कर लिया गया है. शिक्षकों को राशन वितरण कार्य से मुक्त कर दिया गया है.” हालांकि, जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगी थी, उन्हें अभी तक संशोधित आदेश की प्रतिलिपि नहीं मिली है, जिसके कारण वे अब भी असमंजस की स्थिति में हैं. राशन वितरण में शिक्षकों की ड्यूटी लगने से न केवल कक्षाएं प्रभावित होंगी, बल्कि मध्याह्न भोजन, परीक्षा मूल्यांकन, नामांकन अभियान जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों पर भी असर पड़ेगा.

अगले 5 दिन इन बातों की रखें सावधानी, शुरू हुआ राज पंचक

ज्योतिष शास्त्र में ग्रह नक्षत्र का बहुत महत्व बताया गया है. नक्षत्रों के मेल से बनने वाले विशेष योग को पंचक कहा जाता है. पंचक का अर्थ है पांच, यह चंद्रमा की स्थिति पर आधारित एक खगोलीय घटना है. जब चंद्रमा पांच नक्षत्रों से होकर गुजरता है, तो उसे पंचक कहा जाता है. पंचक के दौरान चन्द्रमा कुंभ और मीन राशि में रहते हैं, उस समय को पंचक कहते हैं. ज्योतिष शास्त्र में पंचक को शुभ नहीं माना जाता है. इसीलिए पंचक को अशुभ नक्षत्रों में से एक माना जाता है. पंचक पांच नक्षत्रों के संयोग से बनता है. इन पांच नक्षत्रों में घनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती हैं. पंचक हर माह में पांच दिन के लिए पड़ता है. जानते हैं इस माह जून में पंचक कब से लगने वाले हैं. जून 2025 में पंचक कब?     16 जून 2025, सोमवार को पंचक की शुरूआत होगी दोपहर 1.10 मिनट से पंचक लगेंगे.     20 जून 2025 को पंचक समाप्त होंगे शुक्रवार को रात 9.45 पर यह समाप्त होंगे. क्या होता है राज पंचक? जून माह में पंचक की शुरूआत सोमवार के दिन हो रही है, इसीलिए इसे राज पंचक कहते हैं. ज्योतिष में राज पंचक को शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इन पांच दिनों में किए गए कार्यों में सफलता मिलती है. राज पंचक में सरकारी और संपत्ति से जुड़े कार्यों में सफलता मिलती है, इसीलिए राज पंचक के दौरान आप इन कार्यों से जुड़ सकते हैं और शुरूआत कर सकते हैं. अन्यथा पंचक के दौरान शुभ कार्य करने वर्जित होते हैं. इस दौरान शुभ और मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण नहीं किए जाते हैं. पंचक में दक्षिण की ओर यात्रा करना, पंचक में शव जलाना, पंचक के दौरान मकान बनवाना या छत डलवाने को शुभ नहीं माना जाता है. पंचक के दौरान मृत्यु होने पर क्या करें? पंचक में मृत्यु को अशुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि पंचक के दौरान अगर किसी घर में मृत्यु होती है तो परिवार को संकटों का सामना करना पड़ सकता है. इसीलिए पंचक के दौरान परिवार वालों को उपाय करने की सलाह की जाती है. परिवार में किसी की भी मृत्यु होने पर शव के साथ पांच पुतले बनाकर दाह संस्कार किया जाता है.

सेल्फ कॉन्फिडेंस के लिए लाइफ से निकाल दें ये आदतें

हर इंसान में सेल्फ कॉन्फिडेंस का होना जरूरी है। ये एक ऐसी जरूरी चीज है जिसके बल पर वो दुनिया में कुछ भी हासिल कर सकता है। जिस इंसान में सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी होती है वो ज्यादातर सक्सेज नहीं पाते। अगर आपके अंदर भी सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी रहती है तो जरा इन 5 आदतों पर गौर करें। अगर ये आदते आपकी लाइफ का हिस्सा हैं तो फौरन इन्हें दूर कर दें। तभी आत्मविश्वास बढ़ पाएगा। खुद के बारे में निगेटिव सोचना अगर आप खुद के बारे में हमेशा निगेटिव बातें बोलते और सोचते हैं। खुद की कमियां निकालते हैं तो इससे आपकी सेल्फ एस्टीम प्रभावित होती है। और आपके अंदर का आत्मविश्वास कमजोर होने लगता है। आपको खुद पर विश्वास नहीं रहता कि कोई काम आप अकेले कर सकते हैं। इसलिए सेल्फ वैल्यूएशन करने और खुद को क्रिटिसाइज करने के बीच का फर्क समझकर निगेटिव सोचना बंद करें। हमेशा परफेक्ट बनने की चाह किसी भी काम में परफेक्शन अच्छी बात है लेकिन यहीं परफेक्शन की चाह कई बार आत्मविश्वास को कमजोर कर देती है। क्योंकि जरा सी कमी भी बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं और कई बार सेल्फ कॉन्फिडेंस पर निगेटिव असर पड़ता है। दूसरों से तुलना दूसरों से तुलना करना अगर आदत बन जाती है तो खुद में केवल कमियां ही कमियां नजर आती हैं। जिसकी वजह से आत्मविश्वास कमजोर होता है। नए चैलेंज एक्सेप्ट ना करना अगर आप लाइफ में आने वाले नए चैलेंज को एक्सेप्ट नहीं करते हैं तो ये आपकी ग्रोथ को रोक सकती है। क्योंकि मन में बात आती है कि मुझसे ये काम नहीं होगा, जो कि पूरी तरह से कमजोर आत्मविश्वास की निशानी है। खुद को जिम्मेदार ठहराना लाइफ में और अपने आसपास आपसे जुड़े लोगों के जीवन में हो रही किसी भी समस्या के लिए अगर आप खुद को जिम्मेदार ठहराते हैं, तो ये सेल्फ कॉन्फिडेंस को कमजोर बना देती है।  

ईरान और इजरायल की जंग तेज,11 बजते ही जान बचाने के लिए बंकर में छिपे खामेनेई!

तेहरान  इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुआ युद्ध अभी तक थम नहीं सका है. इजरायल के हमले के बाद ईरान ने भी उस पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया है. इस बीच एक और अहम खबर सामने आयी है. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई इजरायल के खौफ से बंकर में जाकर छिप गए हैं. खामेनेई के साथ उनका पूरा परिवार भी है. इजरायल ने ईरान पर अटैक करके उसके कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था. इसके जवाब में ईरान ने भी भयंकर नुकसान पहुंचाया है. ‘ईरान इंटरनेशनल’ की एक खबर के मुताबिक खामेनेई के बेटे मोजतबा सहित उनके परिवार के सभी सदस्य उनके साथ हैं. वे सभी बंकर में छिपे हैं. इजरायल के खिलाफ पिछले ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 1 और ट्रू प्रॉमिस 2 के दौरान खामेनेई के परिवार को भी बंकर में ले जाया गया था. उस समय मोजतबा उनके साथ थे, लेकिन उनके दो बेटे मसूद और मुस्तफा उनके साथ नहीं थे.  खामेनेई को मारने की योजना इससे पहले रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को मारने के संबंध में इजरायल की योजना को वीटो कर दिया। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इजरायल हाल ही में अमेरिका के पास यह प्रस्ताव लेकर गया था कि उन्होंने खामेनेई को मारने की एक विश्वसनीय योजना बनाई है। हालांकि ट्रंप ने इस योजना की अनुमति नहीं दी। जानकारी के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ने कहा कि यह कदम संघर्ष को और भड़का सकता है। ईरान के 224 नागरिकों की मौत इससे पहले ईरान ने सोमवार को बताया है कि बीते शुक्रवार इजरायल द्वारा शुरू किए गए ताजा हमलों में अब तक 224 ईरानियों की मौत हो चुकी है। इनमें ईरान के सैन्य प्रमुख और कई परमाणु अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ इजरायल ने कहा है कि ईरान की ओर से किए गए हमलों में उसके यहां 14 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 300 से अधिक लोग घायल हैं। गौरतलब है कि इजरायल ने शुकवार सुबह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन राइजिंग लॉयन शुरू किया था। इस दौरान इजरायल ने ईरान के कई परमाणु, मिसाइल और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया। वहीं ईरान ने भी इजरायल पर कई जवाबी हमले किए हैं। खामनेई को क्यों नहीं निशाना बनाया? रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने ऑपरेशन की पहली रात को खामनेई को निशाना नहीं बनाया, ताकि उन्हें अपनी यूरेनियम संवर्धन योजना को पूरी तरह छोड़ने का आखिरी मौका दिया जा सके। यह जानकारी टाइम्स ऑफ इजरायल ने अपने सूत्रों के हवाले से दी है। इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बताया कि उसने ईरान में हथियार बनाने की ताकत को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इन हमलों में IRGC, उसकी कुद्स फोर्स और ईरानी फौज के ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया। IDF ने कहा, “ईरान में हथियार बनाने वाली कई फैक्ट्रियां निशाना बनीं।” ईरान ने सीजफायर पर बातचीत से किया इनकार इस बीच यह खबरें भी सामने आई हैं कि ईरान ने सीजफायर पर बातचीत से साफ इनकार कर दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने मध्यस्थ देश कतर और ओमान के जरिए यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह इजरायल के हमलों का जवाब देने के बाद ही सीजफायर पर विचार करेगा। ईरान ने साफ कह दिया है कि ईरान इजरायली हमले के बीच समझौता नहीं करेगा। क्या खामेनेई पर अटैक का प्लान बना रहा है इजरायल इजरायल ने अभी तक ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वह अब खामेनेई को भी निशाने पर ले सकता है. अमेरिका इस मामले में इजरायल का साथ दे सकता है. एक अमेरिकी अधिकारी ने हाल ही में यह कहा कि इजरायल ने खामेनेई को मारने का प्लान बनाया है और वह इसको लेकर डोनाल्ड ट्रंप के पास भी गया था, लेकिन ट्रंप ने इसकी इजाजत नहीं दी. ईरान-इजरायल के युद्ध को शांत करवाएंगे ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक बार फिर अपने कार्यकाल की विदेश नीति से जुड़ी उपलब्धियों को गिनाते हुए दावा किया कि उनके प्रयासों से इजरायल और ईरान के बीच भी जल्द शांति स्थापित हो सकती है. सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में ट्रंप ने कहा कि जिस तरह उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार के जरिए तनाव कम किया था, उसी तरह वह इजरायल और ईरान को भी बातचीत की मेज पर ला सकते हैं.

प्रियंका चोपड़ा ने फादर्स डे पर पति निक जोनस और बेटी मालती मैरी की अनदेखी फोटोज की शेयर

मुंबई ग्लोबल आइकॉन प्रियंका चोपड़ा ने हॉलीवुड सिंगर निक जोनस से शादी की थी। इनकी सरोगेसी से एक बेटी हुई, जिसका नाम मालती मैरी है। वो लगभग साढ़े तीन साल की हैं। प्रियंका अक्सर मालती की प्यारी-प्यारी फोटोज सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं, लेकिन इस बार उन्होंने दिखाया है कि फादर्स डे पर मालती ने ना सिर्फ अपने पापा निक के लिए कार्ड बनाया, बल्कि उन्हें एक ‘निक नेम’ भी दिया है। प्रियंका चोपड़ा ने पति निक जोनस और बेटी मालती मैरी की फोटोज शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, ‘वो हर दिन हमारे सपनों को साकार करता है… हमारी जिंदगी की रोशनी है। हम तुमसे बहुत प्यार करते हैं गागा। हैप्पी फादर्स डे टू द बेस्ट ऑफ द बेस्ट।’ पापा को प्यार से ‘गागा’ बुलाती हैं मालती इन तस्वीरों में प्रियंका, निक और मालती हैं। कभी निक अपनी बीवी की गोद में बैठी बेटी को हेडफोन पहना रहे हैं तो कभी स्टेज पर ड्रम बजवा रहे हैं। एक फोटो में तो वो अपनी लाडली को टोकरी में बैठाकर खिला रहे हैं। मालती की एक और फोटो है, जिसमें वो रंगीन कागज पर ‘टू माय गागा’ लिख रही हैं। यानी वो प्यार से अपने पापा को गागा कहती हैं। 2018 में हुई थी शादी निक और प्रियंका ने साल 2018 में शादी की थी। उन्होंने ईसाई और हिंदू रीति-रिवाज से दो बार शादी की थी। जनवरी 2022 में मालती का जन्म हुआ था। प्रियंका ने सोशल मीडिया पर फोटो शेयर कर ऐलान किया था।

पीथमपुर में बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों की होगी पहचान, पुलिस ने ठेकेदारों से मांगे आधार कार्ड और बायोडाटा

पीथमपुर पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में विदेशी मजदूरों की पहचान के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके चलते रविवार शाम पीथमपुर थाना सेक्टर-1 में एसडीओपी धामनोद मोनिका और थाना प्रभारी ओमप्रकाश अहीर ने लेबर ठेकेदारों के साथ बैठक की। थाना प्रभारी ने सभी ठेकेदारों को निर्देश दिए कि वे अपने यहां काम करने वाले सभी कर्मचारियों का आधार कार्ड और पूरा बायोडाटा थाने में जमा करें। उन्होंने कहा कि पुलिस हर कर्मचारी का वेरिफिकेशन करेगी। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए। बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों की होगी पहचान विशेष रूप से बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान पर ध्यान दिया जाएगा। ठेकेदारों को यह प्रमाण पत्र भी देना होगा कि उनके यहां कोई बाहरी व्यक्ति काम नहीं कर रहा है। क्षेत्र में 1000 से ज्यादा उद्योग पीथमपुर में 1000 से अधिक उद्योग हैं। यहां करीब 2000 से ज्यादा लेबर कांट्रेक्टर काम करते हैं। इन उद्योगों में लगभग 2 लाख मजदूर कार्यरत हैं। प्रशासन का यह कदम क्षेत्र में अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।    

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live