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मौसम विभाग ने आज आंधी तूफान की और बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट किया जारी

नई दिल्ली  दिल्ली में मौसम बदल गया है। आसमान में बादल नजर आ रहे हैं और आंधी के साथ तेज बारिश शुरू हो गई है। ऐसे में लोगों को गर्मी से राहत मिली है। इस बीच मौसम विभाग ने आज आंधी तूफान की और बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने आज दोपहर के समय – बिजली के साथ तूफान, हल्की से मध्यम वर्षा, 50-60 किमी प्रति घंटे की गति से हवा के साथ तूफान की भविष्यवाणी की है। वहीं शाम के समय भी आंधी तूफान के साथ बारिश हो सकती है। ऐसे में मौसम विभाग ने आज दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट और एनसीआर के अन्य इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक आंधी तूफान के चलते अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। कल कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने कल भी आंधी तूफान के साथ बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान अधिकतम तापमान में भी 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है और यह 34 डिग्री दर्ज किया जा सकता है जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री के आसपास रह सकता है। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि कल यानी बुधवार शाम के समय बिजली के साथ तूफान, हल्की से मध्यम बारिश, 50-60 किमी प्रति घंटे की गति से हवा के साथ तूफान और रात के समय तूफान और बारिश के आसार हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क करते हुए मौसम विभाग ने कल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।  

मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता को त्वरित एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना

रायपुर : राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों पर होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही: मंत्री वर्मा राजस्व विभाग राज्य शासन की रीढ़, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्धता से करें आम जनता का काम: मंत्री वर्मा मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता को त्वरित एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना  राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न रायपुर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने आज महानदी भवन नवा रायपुर में राजस्व विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति, क्रियान्वयन तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। डिजिटल भू-अभिलेख, ई-गिरदावरी, ड्रोन सर्वे आधारित स्वामित्व योजना, नक्शा परियोजना तथा त्रिवर्षीय भू-सर्वेक्षण कार्यक्रम जैसे प्रमुख बिंदुओं पर प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और विभाग को निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता को त्वरित एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिसमें राजस्व विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर राजस्व विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, उप सचिव द्वय श्री लोकेश चंद्राकर, श्री सुनील चंद्रवंशी, सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  मंत्री श्री वर्मा ने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध निराकरण हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि में प्रकरणों का निस्तारण न करने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के स्थानांतरण प्रस्तावों पर भी नीतिगत चर्चाएं की गईं, जिनमें रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी एवं पहले से स्थानांतरित अधिकारियों के प्रभार की स्थिति की समीक्षा सम्मिलित रही। राजस्व विभाग के पदोन्नत अधिकारियों को एकतरफा भारमुक्त करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग राज्य शासन की रीढ़ है, इसकी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्धता से ही आम जनता का विश्वास सुदृढ़ होता है। उन्होंने सभी उपस्थित अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने और जनता की समस्याओं का तत्पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विभागीय कार्यों की गुणवत्ता में निरंतर सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों और डिजिटल प्रक्रियाओं को अपनाकर आमजन को अधिक पारदर्शी एवं दक्ष सेवाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने एनडीआरएफ के आधुनिकीकरण, पर्यावरणीय अवसंरचना, स्वीकृत कार्यों की प्रगति एवं व्यय की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।  बैठक में विभागीय दस्तावेजों जैसे मिसल, निस्तार पत्रक एवं न्यायालयीन प्रकरणों के डिजिटलीकरण की समीक्षा हुई। इसके अंतर्गत राज्य न्यायालय के दस्तावेजों को ऑनलाइन एवं कियोस्क के माध्यम से उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का मूल्यांकन किया गया। भूमि अभिलेखों की त्रिवर्षीय कार्ययोजना, ई-गिरदावरी, नक्शा परियोजनाओं, स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्रोन सर्वे, किसान पंजीयन तथा लैंड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर तेजी लाने के निर्देश दिए।      बैठक में आकाशीय बिजली, बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा हेतु की गई तैयारियों की भी गहन समीक्षा की गई। साथ ही, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण, भू-अर्जन, लैंड रिकॉर्ड्स आधुनिकीकरण, नवीन तहसीलों में रिकॉर्ड रूम स्थापना तथा स्वीकृत बजट व्यय की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया गया।

प्रदेश में वर्ष 2024 में आए 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक, पर्यटन में हुई 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

19 जून से 6 जुलाई तक होगा मूंग और उड़द उपार्जन के लिए पंजीयन 27 जून को एमएसएमई-डे पर रतलाम में होगी क्षेत्रीय उद्योगों और रोजगार पर केंद्रित समिट लुधियाना में 7 जुलाई को होगा एमएसएमई पर राष्ट्रीय इंटरएक्टिव सेशन भोपाल मेट्रो के प्रथम चरण का लोकार्पण शीघ्र होगा लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर 250 रुपए का अतिरिक्त भुगतान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश में रिकार्ड स्थापित करे मध्यप्रदेश प्रदेश में वर्ष 2024 में आए 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक, पर्यटन में हुई 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी जन कल्याणकारी योजनाओं की होगी समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द के उपार्जन का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के 36 मूंग उत्पादक जिलों में 8682 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मूंग और 13 उड़द उत्पादक जिलों में 7400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से उड़द उपार्जित की जाएगी। कृषक 19 जून से 6 जुलाई तक पंजीयन करा सकेंगे, इसके बाद 7 जुलाई से 6 अगस्त तक उपार्जन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित हैं। इस क्रम में गंगा दशमी के अवसर पर उज्जैन में वैलनेस पर केंद्रित वृहद आयोजन संपन्न हुआ। इसी क्रम में 27 जून को “एमएसएमई-डे” पर रतलाम में क्षेत्रीय उद्योगों और रोजगार पर समिट आयोजित की जा रही है। लुधियाना में 7 जुलाई को एमएसएमई पर राष्ट्रीय इंटरएक्टिव सेशन भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल मेट्रो के प्रथम चरण का लोकार्पण माह सितम्बर में करने की समय-सीमा तय है। भोपाल मेट्रो के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 250 रुपए राशि का अतिरिक्त रूप से भुगतान किया जाएगा। इस वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का एक दशक पूरा हो रहा है। इस उपलक्ष्य में “योग संगम” के अंतर्गत 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक नगरीय निकायों, वार्डों, पंचायतों में योग पर कार्यक्रम आयोजित कर देश में रिकार्ड स्थापित करने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन में एक वर्ष में 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक मध्यप्रदेश आए। यह संख्या वर्ष 2023 की तुलना में 19.6 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2024 में 1 लाख 67 हजार विदेशी पर्यटक मध्यप्रदेश आए। पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश तेजी से बढ़ता राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को उनके विभागों में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने तथा उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव साझा करने के निर्देश भी दिए।  

इंदौर होलकर स्टेडियम में पहली बार वर्ल्ड कप मुकाबला, 5 मैचों की मिली मेजबानी

इंदौर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 का शेड्यूल जारी कर दिया है. टूर्नामेंट का आगाज 30 सितंबर 2025 को होगा. जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार मध्यप्रदेश के इंदौर के होलकर स्टेडियम में पांच मुकाबले खेले जाएंगे. इससे पहले साल 1997 में इंदौर को विमेंस वनडे वर्ल्ड कप का एक मैच मिला था, यानी यह दूसरा मौका है जब इंदौर में विमेंस वर्ल्ड कप के मैच खेले जाएंगे. खास बात ये है कि यह पहला मौका होगा जब होलकर स्टेडियम में वर्ल्ड कप के मैच खेले जाएंगे.  पांच मैचों की मिली मेजबानी इंदौर को महिला वर्ल्ड कप के पांच मुबाकलों की मेजबानी मिली है. पांचों मुकाबले होलकर स्टेडियम में दोपहर 3 बजे से खेले जाएंगे. भारत 12 साल बाद पहली बार विमेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी करेगा. 2013 में भारत में विमेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी मिली थी. इस टूर्नामेंट में 28 लीग मैच और तीन नॉकआउट मुकाबले में इंदौर, विशाखापट्टनम, बेंगलुरु, और कोलंबो में खेले जाएंगे.  भारत करेगा 12 साल बाद वर्ल्ड कप की मेजबानी भारत को 12 साल बाद फिर से विमेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी मिली है। इससे पहले 2013 में भारत ने यह टूर्नामेंट होस्ट किया था। इस बार वर्ल्ड कप 30 सितंबर 2025 से शुरू होगा और 2 नवंबर को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इन शहरों में होंगे वर्ल्ड कप के मैच इस बार कुल 28 लीग मुकाबले और 3 नॉकआउट मैच खेले जाएंगे। मैच इन पांच स्थानों पर होंगे-     इंदौर     बेंगलुरु     गुवाहाटी     विशाखापट्टनम     कोलंबो इंदौर में होने वाले 5 मुकाबले     1 अक्टूबर – ऑस्ट्रेलिया बनाम न्यूजीलैंड     6 अक्टूबर – न्यूजीलैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका     19 अक्टूबर – भारत बनाम इंग्लैंड     22 अक्टूबर – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड     25 अक्टूबर – ऑस्ट्रेलिया बनाम श्रीलंका इंदौर में डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया खेलेगी पहला मुकाबला मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया अपना पहला मैच 1 अक्टूबर को इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद टीम 8 अक्टूबर को कोलंबो में पाकिस्तान से भिड़ेगी। इंदौर में ऑस्ट्रेलिया को तीन मुकाबले खेलने हैं। IPL में नहीं मिला मुकाबला बता दें कि इस साल हुए आईपीएल के सीजन में इंदौर को फिर एक भी मैच नहीं मिला था. इसके लिए प्रयास भी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद भी इंदौर में एक भी मुकाबला नहीं खेला गया. क्रिकेट फैंस लंबे समय से इंदौर में आईपीएल के मुकाबले का इंतजार कर रहे हैं. अगले सीजन में फैंस को उम्मीद है कि इंदौर को मेजबानी करने का मौका मिल जाए.   सेमीफाइनल और फाइनल का शेड्यूल     पहला सेमीफाइनल – 29 अक्टूबर को गुवाहाटी या कोलंबो में (पाकिस्तान के प्रदर्शन पर निर्भर)     दूसरा सेमीफाइनल – 30 अक्टूबर को बेंगलुरु में     फाइनल मुकाबला – 2 नवंबर को बेंगलुरु या कोलंबो में 1997 में भी इंदौर को मिला था वर्ल्ड कप मैच इंदौर को दूसरी बार महिला वर्ल्ड कप की मेजबानी का मौका मिला है। इससे पहले 1997 में नेहरू स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच वर्ल्ड कप मैच खेला गया था, जो टाई हुआ था।  

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा, मौसमी बीमारियों से बचने स्वास्थ्य विभाग अलर्ट रहें-कलेक्टर

समय सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश, विकास कार्यों में गति लाने पर जोर किसानों को समय पर खाद-बीज मिलना सुनिश्चित हो-कलेक्टर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा, मौसमी बीमारियों से बचने स्वास्थ्य विभाग अलर्ट रहें-कलेक्टर जनसहभागिता से जल संचयन के  कार्यों  में गति लाएं महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज समय सीमा की बैठक लेकर एकमुश्त चावल वितरण, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान, मोर गांव मोर पानी अभियान की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही बैठक में शासन की प्राथमिकताओं, जनघोषणाओं, योजनाओं और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वनमंडलाधिकारी मयंक पांडेय, जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि साहू एवं रविराज ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारीगण एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर लंगेह ने शाला प्रवेशोत्सव के सफल आयोजन के निर्देश दिए और कहा कि  “जिले के किसी भी स्कूल में तालाबंदी की नौबत न आएं। युक्तियुक्तकरण अंतर्गत सभी शालाओं में शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। जिससे कोई भी विद्यालय एकल शिक्षकीय नहीं है। उन्होंने सभी एसडीएम और डीईओ को निर्देशित किया कि प्रत्येक विद्यालय नियत समय पर खुले और विद्यार्थियों को गणवेश, पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री के महासमुंद प्रवास के दौरान की गई घोषणाओं पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि घोषणाओं का वर्क ऑर्डर शीघ्र निर्गत कर कार्य प्रारंभ करें। जनपद सीईओ और निर्माण एजेंसियां इस कार्य को गंभीरता से लें और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने सरकार की स्थानांतरण नीति के तहत प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि 25 जून तक सभी आवदनों को जिला स्तर पर अनुमोदन कर प्रभारी मंत्री को भेजा जाएगा। सभी संबंधित प्रभारी अधिकारियों को इस कार्य को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने कहा गया। कलेक्टर लंगेह ने कहा कि धरती आबा अभियान के तहत जनजातीय बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों में जनजातीय समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना और उन्हें केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनका लाभ दिलवाना है। उन्होंने धरती अभियान अंतर्गत शिविरों के सफल संचालन हेतु सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे आपसी समन्वय के साथ ’अपने-अपने विकासखण्डों के चयनित ग्रामों में शिविर आयोजन कर विशेष जनजाति परिवारों को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। जिले में आज 17 जून से 30 जून तक शिविर का आयोजन कर 306 ग्रामों के जनजातीय समुदाय को लाभान्वित किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर लंगेह ने कहा कि जिले में 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। जिला स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम ऐतिहासिक नगरी सिरपुर में आयोजित किया जा रहा है। सभी अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है। कलेक्टर ने जिले के समस्त ग्राम पंचायतों, नगर एवं जनपद मुख्यालयों, शासकीय कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया है कि वे योग संगम पंजीकरण पोर्टल पर नागरिकों का अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करें और उन्हें कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने हेतु प्रेरित करें।   किसानों को समय पर खाद एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा गया। साथ ही खाद वितरण पॉस मशीन के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी निजी दुकान में खाद का अवैध भंडारण पाए जाने पर तत्काल जब्ती की कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने कहा कि “अवैध रेत उत्खनन, भंडारण और परिवहन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” खनिज विभाग और राजस्व अमले को सतर्क रहकर लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि ‘एक पेड़ के नाम 2.0’ कार्यक्रम के अंतर्गत सभी जनप्रतिनिधियों को पौधरोपण में शामिल करने आमंत्रित किया जाए। वनमंडलाधिकारी मयंक पांडेय ने कहा कि वृहद रूप से पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल की जाएगी। यह अभियान  30 सितंबर तक चलेगा, जिसके अंतर्गत स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, अमृत सरोवर, तालाबों, प्रधानमंत्री आवासों के आसपास एवं माइनिंग क्षेत्रों में फलदार पौधे लगाया जाना है। कलेक्टर ने जून माह में चावल का एकमुश्त वितरण 30 जून तक पूर्ण करने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही राशन कार्ड नवीनीकरण के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए। राशन कार्ड के ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। शेष सदस्यों से निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी कराने का आग्रह किया गया। बैठक में कृषि संकल्प यात्रा की समीक्षा करते हुए नवाचारी किसानों की सफलता की कहानियाँ साझा करने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “मोर गांव मोर पानी“ अभियान के अंतर्गत जनभागीदारी से जल संचयन हेतु अब तक 2800 सोखता गड्ढों का निर्माण किया गया है। इस कार्य की सराहना करते हुए कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की सतत निगरानी के निर्देश दिए एवं जनसहभागिता को बढ़ाते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु शहरों में नालियों और पानी की टंकियों की सफाई एवं क्लोरिनेशन के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को डायरिया और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को सघन स्वच्छता अभियान चलाने कहा। बैठक में राजस्व प्रकरणों, सुशासन तिहार, चावल वितरण, पीएम जनमन योजना आदि की भी समीक्षा की गई। सभी विभागों को अपने कार्यों की प्रगति प्रस्तुत करने और समय सीमा में कार्य पूर्ण करने कहा गया।  

अम्बिकापुर : जेम पोर्टल पर खरीदी प्रक्रिया हेतु एक दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रय सम्पन्न

अम्बिकापुर  शासन के विभिन्न विभागों के लिए आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की शासकीय खरीदी जेम (GeM- Government e-Marketplace) पोर्टल से किये जाने के संबंध में पोर्टल की प्रक्रिया से क्रेता विभागों एवं विक्रेताओं को अवगत कराने हेतु एक दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को जिला सरगुज़ा कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जेम पोर्टल पर क्रेता-विक्रेताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी, प्रोफाईल की पूर्णता की जानकारी, क्रेता-विक्रेता मूल्यांकन छूट की जानकारी, ऑनबोर्डिंग सेवा प्रदाता की जानकारी व बोली में लिये जाने वाले भागीदारी के संबंध में वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से आवश्यक जानकारी जेम पोर्टल के विशेषज्ञ द्वारा प्रदान की गयी।  संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र सरगुजा के महाप्रबंधक अंकुर गुप्ता, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र जशपुर के महाप्रबंधक एम.एस. पैंकरा, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बलरामपुर के महाप्रबंधक लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र सूरजपुर व मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इसके साथ ही जिले के विभिन्न क्रेता विभाग के अधिकारी एवं संभाग के विभिन्न जिलों के विक्रेता इकाइयां उपस्थित रहे।

अम्बिकापुर : जिले में अब तक 21.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

अम्बिकापुर भू अभिलेख शाखा के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि जिले के सभी तहसीलों में 24 घण्टे के दौरान 4.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान सर्वाधिक 8.4 मि.मी. वर्षा तहसील लखनपुर में दर्ज की गई है। इसे मिलाकर पूरे जिले में 1 जून से अब तक 21.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज़ की गई है। उन्होंने बताया कि 01 जून 2025 से 17 जून 2025 तक अम्बिकापुर में 9.4, दरिमा में 9.7, लुण्ड्रा में 8.0,  सीतापुर में 45.2, लखनपुर में 26.0, उदयपुर में 17.9, बतौली में 10.9 एवं मैनपाट में 40.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

ऑपरेशन ‘उपलब्ध’ के तहत रेलवे ई-टिकट रैकेट का भंडाफोड़, ₹1.62 लाख के टिकट जब्त

ऑपरेशन ‘उपलब्ध’ के तहत रेलवे ई-टिकट रैकेट का भंडाफोड़, ₹1.62 लाख के टिकट जब्त 22 फर्जी यूजर आईडी से बनाई गई थीं 75 ई-टिकटें, 1 मोबाइल फोन भी जप्त भोपाल मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल, भोपाल के निर्देशन में भोपाल मंडल पर “ऑपरेशन उपलब्ध” के अंतर्गत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। यह कार्रवाई साइबर अपराधों की रोकथाम एवं रेलवे टिकट प्रणाली की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि साइबर सेल भोपाल से प्राप्त इनपुट के सत्यापन के उपरांत दिनांक 17 जून 2025 को उपनिरीक्षक श्री प्रकाश रघुवंशी व उनकी टीम द्वारा भोपाल निवासी शाहबाज़ ख़ान (उम्र 19 वर्ष) को नेहरू नगर, सिकंदरी सराय, भोपाल से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से 22 विभिन्न व्यक्तिगत यूजर आईडी का उपयोग कर तैयार किए गए कुल 75 आरक्षित ई-टिकट (कुल कीमत ₹1,62,501/-) जब्त किए गए। इसके साथ ही टिकट निर्माण में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। संपूर्ण कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई तथा संबंधित प्रकरण में अपराध के अंतर्गत रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज कर विधिवत जांच प्रारंभ की गई है। आरोपी का पता प्रमाणित है एवं आरोप सिद्ध होने पर दंड सात वर्ष से कम का है, अतः माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आरोपी को सूचना पत्र के माध्यम से आगामी न्यायालय तिथि पर उपस्थित होने के निर्देश देकर पाबंद किया गया। रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और टिकट प्रणाली की शुद्धता बनाए रखने हेतु प्रतिबद्ध है एवं इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कड़ी निगरानी और कार्यवाही निरंतर जारी रखेगा।

MP बना पर्यटन हब! पिछले एक वर्ष में 13.41 करोड़ टूरिस्ट पहुंचे, उज्जैन, खजुराहो ने बनाया रिकॉर्ड

भोपाल  मध्यप्रदेश ने साल 2024 में पर्यटन के मामले में नया कीर्तिमान बनाया है. इस साल करीब 13.41 करोड़ लोग प्रदेश घूमने आए, जो कि 2023 के मुकाबले 20% ज्यादा हैं. इसमें उज्जैन, खजुराहो, ग्वालियर जैसे बड़े नाम शामिल हैं. उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. महाकाल लोक जैसी नई परियोजनाओं ने भी लोगों को खूब आकर्षित किया. अकेले उज्जैन में ही इस साल 7.32 करोड़ लोग पहुंचे, जो पिछले साल से 39% ज्यादा है. खजुराहो की बात करें, तो यह विदेशी सैलानियों की पहली पसंद बनकर उभरा है. यहां की प्राचीन मूर्तिकला और विश्व धरोहर में शामिल मंदिरों ने देश-विदेश के लोगों को खींचा है. साल 2024 में यहां 33,131 विदेशी पर्यटक पहुंचे, जो ग्वालियर और ओरछा जैसे स्थलों से ज्यादा है. इससे साफ है कि मध्यप्रदेश अब सिर्फ देशी नहीं, विदेशी पर्यटकों के लिए भी खास बनता जा रहा है. जानें कहां कितने पहुंचे पर्यटक 1. धार्मिक पर्यटन में जबरदस्त उछाल 2024 में मध्यप्रदेश के धार्मिक स्थलों ने देशभर से 10.7 करोड़ पर्यटकों को अपनी ओर खींचा. यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 21.9% ज्यादा है, जो बताता है कि आस्था से जुड़ा पर्यटन अब प्रदेश की बड़ी ताकत बन गया है. 2. उज्जैन बना सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र महाकाल लोक के उद्घाटन और महाकाल मंदिर के महत्व के चलते उज्जैन इस साल का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र बनकर उभरा. श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जिससे स्थानीय व्यापार और होटल उद्योग को भी फायदा हुआ. 3. चित्रकूट, मैहर की बढ़ती लोकप्रियता चित्रकूट, मैहर और ओंकारेश्वर जैसे धार्मिक स्थल भी इस साल पर्यटकों की पसंदीदा लिस्ट में शामिल रहे. आस्था, पौराणिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता के मेल ने इन स्थानों को खास बना दिया. 4. सांस्कृतिक विरासतों की ओर रुझान मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों जैसे खजुराहो, ग्वालियर और भोजपुर ने 2024 में करीब 80 लाख पर्यटकों को आकर्षित किया. ये स्थल इतिहास, स्थापत्य कला और विरासत को महसूस करने का एक बेहतरीन जरिया बने. 5. ग्वालियर में तीन गुना पर्यटक वृद्धि ग्वालियर ने इस साल पर्यटन में नया मुकाम हासिल किया. ग्वालियर किले, महलों और संगीत से जुड़ी विरासत ने लोगों का ध्यान खींचा और यहां 9 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो पिछले साल से तीन गुना ज्यादा है. 6. वन्यजीव प्रेमियों की पहली पसंद  मध्यप्रदेश को टाइगर, चीता और घड़ियाल स्टेट कहा जाता है और 2024 में यह बात सच भी साबित हुई. 12 नेशनल पार्क, 25 अभयारण्य और 9 टाइगर रिजर्व ने पर्यावरण प्रेमियों को खूब लुभाया. 7. कुनो में चीतों की वापसी आकर्षण कुनो पालपुर नेशनल पार्क में अफ्रीकी चीतों की वापसी ने न केवल देश बल्कि दुनिया का ध्यान खींचा. यह प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश को इंटरनेशनल वाइल्डलाइफ टूरिज्म मैप पर लाने में सफल रहा. 8. कान्हा  जंगल सफारी का रोमांच कान्हा और बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटकों की भारी भीड़ रही. लोग बाघों को करीब से देखने, जंगल सफारी और प्रकृति के बीच सुकून पाने के लिए यहां पहुंचे. 9. पचमढ़ी की वादियों का जादू पचमढ़ी में इस साल 2.87 लाख पर्यटक पहुंचे. हरी-भरी पहाड़ियां, ट्रैकिंग ट्रेल्स, झरने और गुफाएं इस जगह को मध्यप्रदेश का मिनी हिल स्टेशन बनाते हैं. 10. शहरी पर्यटन में भी दिखा उत्साह भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों में भी पर्यटन ने गति पकड़ी. खासकर इंदौर में, जो स्वच्छता और खानपान के लिए प्रसिद्ध है, वहां 1.02 करोड़ पर्यटक पहुंचे. 11. फिल्मी दुनिया की पसंद बनीं चंदेरी  चंदेरी और महेश्वर जैसे ऐतिहासिक कस्बों में फिल्म शूटिंग का ट्रेंड बढ़ा है. यहां ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों की शूटिंग हुई, जिससे इन जगहों का फिल्म टूरिज्म भी तेजी से बढ़ रहा है.  प्रमुख पर्यटन सचिव क्या बोले प्रमुख सचिव पर्यटन शिव शेखर शुक्ला ने कहा, ‘पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश भारत का एक समृद्ध और विविधतापूर्ण राज्य है। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा, ऐतिहासिक धरोहरें और वन्यजीव विविधता, पर्यटकों को एक संपूर्ण अनुभव प्रदान करती हैं। यही वजह है कि साल 2024 में पर्यटकों की संख्या ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।’ उज्जैन पहुंचे सबसे ज्यादा पर्यटक साल 2024 में उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के साथ महाकाल लोक में भी पर्यटकों की संख्या सबसे ज्यादा रही है। वर्ष 2024 में 1.67 लाख विदेशी पर्यटकों ने भी मध्यप्रदेश की सैर की। खजुराहो में सबसे ज्यादा 33 हजार 131 विदेशी पहुंचे। वहीं, ग्वालियर में 10 हजार 823 और ओरछा में 13 हजार 960 विदेशी पर्यटक पहुंचे। शहरी पर्यटन में भी विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई। जिसमें इंदौर में 9964 और भोपाल में 1,522 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। वन्य क्षेत्रों में हुआ भ्रमण बाधवगढ़ में 29 हजार 192, कान्हा में 19 हजार 148, पन्ना में 12 हजार 762 और पेंच में 11 हजार 272 विदेशी पर्यटक आए। छतरपुर जिले के खजुराहो में सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं। देश की आस्था का नया केंद्र प्रदेश के धार्मिक स्थलों ने 2024 में 10.7 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित किया, जो वर्ष 2023 की तुलना में 21.9% अधिक है। धार्मिक स्थलों पर आए ज्यादा पर्यटक प्रदेश के शीर्ष 10 पर्यटन स्थलों में से 6 धार्मिक स्थल शामिल हैं। उज्जैन 7.32 करोड़ पर्यटकों के साथ इस सूची में सबसे आगे रहा, जो वर्ष 2023 के 5.28 करोड़ की तुलना में 39% अधिक है। चित्रकूट में भी 1 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जो वर्ष 2023 के 90 लाख की तुलना में 33% अधिक है। मैहर में 1.33 करोड़, अमरकंटक में 40 लाख, सलकनपुर में 26 लाख और ओंकारेश्वर में 24 लाख पर्यटक पहुंचे। महाकाल लोक, ओंकारेश्वर महालोक, श्रीराम वनगमन पथ, देवी लोक, राजा राम लोक, हनुमान जैसी परियोजनाओं ने धार्मिक पर्यटन को आध्यात्मिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। इन शहरों में भी बढ़ रहा टूरिज्म ग्वालियर में पर्यटकों की संख्या में 3 गुना वृद्धि देखी गई। जहां 9 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो 2023 के 3.69 लाख से कई गुना अधिक है। खजुराहो में 4.89 लाख, भोजपुर में 35.91 लाख और महेश्वर में 13.53 लाख पर्यटक पहुंचे। यूनेस्को ने हाल ही में भोजपुर को अपनी टेंटेटिव सूची में शामिल किया है और ग्वालियर को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ म्यूजिक’ के रूप में मान्यता दी है। प्रदेश में अब 3 स्थायी और 15 टेंटेटिव सूची … Read more

शिक्षकों की पदस्थापना से शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय रहे स्कूलों में भी दिखी रौनक

रायपुर : जून से खुले स्कूलों के पट, पहले दिन पहुंचे बच्चों का हुआ स्वागत युक्तियुक्तकरण के पश्चात नव पदस्थ शिक्षकों का भी तिलक लगाकर स्कूलों में किया गया स्वागत शिक्षकों की पदस्थापना से शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय रहे स्कूलों में भी दिखी रौनक पहले दिन पहुंचे बच्चों को मिला जाति-आय-निवास प्रमाण पत्र का उपहार रायपुर 16 जून से फिर स्कूल खुल गए हैं। नए सत्र से साथ कक्षाएं फिर से गुलजार हो गई हैं। विद्यार्थियों में नई क्लास में पहुंचने का उत्साह है। पहले दिन शाला पहुंचे बच्चों का तिलक लगा और मुंह मीठा कर स्वागत किया गया। इन सबके बीच जो खास नजारा इस बार देखने को मिलेगा वो है कि कई ऐसे स्कूल जो शिक्षकों की कमी से जूझ रहे थे उनमें अब फिर से रौनक है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अतिशेष शिक्षकों की काउंसिलिंग से जिले के शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय शालाओं में पदस्थापना कर दी गई है। कई ऐसे स्कूल जहां पहले एक भी शिक्षक नहीं थे वहां अब छात्रों के दर्जमान से 3 से 4 शिक्षकों की पदस्थापना हो चुकी है। यह शैक्षणिक वातावरण को बेहतर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पालकों में भी इस बात को लेकर खुशी है कि उनके बच्चों को अब विषयवार शिक्षक मिल गयें हैं, वे स्कूलों में सारे विषयों की पढ़ाई कर सकेंगे।         शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर जिले के स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन किया गया। साथ ही निःशुल्क पाठ्य-पुस्तक एवं गणवेश प्रदान किया गया। इसी तरह जिले के कई स्कूलों में स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा एक पेड़ मां के नाम 2.0 अंतर्गत पौधा रोपण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। युक्तियुक्तकरण के पश्चात नव पदस्थ शिक्षकों का भी तिलक लगाकर स्कूलों में स्वागत किया गया। युक्तियुक्तकरण के पश्चात विकासखण्ड पुसौर के शासकीय प्राथमिक विद्यालय-सेमरा में शिक्षिका की पदस्थापना हुई है। जिससे वहां के विद्यार्थियों में खुशी का माहौल है। शाला प्रवेशोत्सव के दौरान नई शिक्षिका का सम्मान तिलक लगाकर किया गया। इसी तरह विकासखण्ड रायगढ़ के प्राथमिक शाला साल्हेओना में भी बच्चों ने गुलदस्ता भेंटकर शिक्षिका का सम्मान किया। युक्तियुक्तकरण पश्चात धरमजयगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत प्राथमिक शाला कुम्हीचुंआ जो कभी शिक्षक विहीन था, आज इसमें 4 शिक्षकों की पदस्थापना हुई है। ऐसे में यहां खुशी का माहौल है एवं सभी बच्चे उत्साहित है। पहले दिन पहुंचे बच्चों को मिला जाति-आय-निवास प्रमाण पत्र का उपहार पहले दिन पहुंचे नव प्रवेशी बच्चों को शाला पहुंचने पर न सिर्फ  तिलक और मिठाई से स्वागत किया गया, बल्कि उन्हें उनके जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनाकर दिए गए। जिले के सभी तहसीलों में राजस्व अधिकारियों ने स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को ये प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने सभी राजस्व और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे रखा है कि आगामी 16 जुलाई अर्थात शाला खुलने से 1 माह के अंदर सभी नव प्रवेशित स्कूली बच्चे जिनके जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र नहीं है उन्हें यह बनाकर दिए जाएं। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करते हुए जल्द सारी प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किए गया है।

प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे का ऐतिहासिक कायाकल्प हुआ है – केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

भोपाल केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे ने पिछले 11 वर्षों में एक अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले दशकों तक रेलवे उपेक्षा का शिकार रहा, जहां मात्र ₹25-30 हजार करोड़ का वार्षिक निवेश होता था। लेकिन अब यह निवेश बढ़कर ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो रेलवे के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के विकास को रफ्तार दे रहा है। श्री वैष्णव ने कहा, “रेलवे में वर्षों से जमा हुई लेगेसी समस्याएं अब एक-एक कर समाप्त हो रही हैं। स्टेशन, ट्रेन, शौचालय, ट्रैक, सफाई, तकनीक—हर क्षेत्र में व्यापक सुधार किया गया है। यात्रियों को नई सुविधाएं दी जा रही हैं और इंडस्ट्री के साथ मिलकर एकीकृत विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।” श्री वैष्णव ने हरियाणा के मानेसर में मारुति प्लांट में रेलवे साइडिंग सुविधा के उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए *प्रमुख घोषणाएं और उपलब्धियां गिनायी 100 नई मेन लाइन ईएमयू (MEMU) गाड़ियां पैसेंजर गाड़ियों को अपग्रेड करने के लिए अब 16 और 20 कोच की मेन लाइन ईएमयू गाड़ियां बनाई जाएंगी। अब तक 8 या 12 कोच की MEMU बनती थीं। यह परियोजना तेलंगाना के काजीपेट में शुरू हो रही एक नई फैक्ट्री में क्रियान्वित की जाएगी। इससे शॉर्ट डिस्टेंस ट्रैवल को बड़ी राहत मिलेगी। 50 नई ‘नमो भारत’ एसी पैसेंजर गाड़ियां ‘नमो भारत’ गाड़ियों को यात्रियों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। अब 50 नई AC पैसेंजर ट्रेनें जोड़ी जाएंगी। इससे पहले अहमदाबाद-भुज और पटना-जयनगर के बीच दो गाड़ियां शुरू की गई थीं। कुल मिलाकर 150 नई पैसेंजर गाड़ियां सेवा में आएंगी। 1200 से अधिक नए जनरल कोच बीते वर्ष में रेलवे ने यात्रियों की मांग को ध्यान में रखते हुए 1200 से अधिक जनरल कोच जोड़े हैं। यह अभियान पिछले 2.5 वर्षों से लगातार चलाया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना अब तक 1300 अमृत भारत स्टेशन का काम स्वीकृत किया गया है। इनमें से 103 स्टेशन हाल ही में बनकर तैयार हुए हैं और प्रधानमंत्री ने बीकानेर से इसका लोकार्पण किया। दिसंबर 2025 तक 100 और स्टेशन तथा वर्ष 2026 तक 500 और स्टेशन पूरे किए जाएंगे। टिकटिंग प्रणाली में सुधार तत्काल टिकट बुकिंग में बॉट्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए 1 जुलाई से केवल KYC सत्यापित यात्रियों को ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा मिलेगी। विंडो बुकिंग पर भी ID अनिवार्य होगी। चार्ट पब्लिशिंग में नवाचार बीकानेर डिवीजन ने एक अभिनव पहल के तहत चार्ट को 24 घंटे पहले प्रकाशित करना शुरू किया है (पहले 4 घंटे पूर्व होता था)। इससे यात्रियों में अनिश्चितता कम हुई है और उन्हें बेहतर योजना बनाने में सुविधा हो रही है। वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों का विस्तार अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या जल्द ही 6 और बढ़ेगी। 50 और ट्रेनों का निर्माण जारी है। वंदे भारत ट्रेनों को भी लगातार नए रूट्स पर बढ़ाया जा रहा है। फ्रेट कॉरिडोर और मालवाहक सेवाएं भारत अब विश्व में माल ढुलाई और यात्री परिवहन—दोनों में दूसरे स्थान पर है। पिछले साल 720 करोड़ यात्रियों ने रेलवे से सफर किया और 1617 मिलियन टन माल ढोया गया। फ्रेट कॉरिडोर अब पूरी तरह क्रियाशील है और प्रतिदिन लगभग 400 मालगाड़ियां इस पर चल रही हैं। हरियाणा में रेलवे का बुनियादी कायाकल्प श्री वैष्णव ने बताया कि वर्ष 2014 से पहले हरियाणा को मात्र ₹315 करोड़ का आवंटन मिलता था, जो अब बढ़कर ₹3416 करोड़ हो गया है। हरियाणा में: •    823 किलोमीटर नई पटरियां बिछाई गईं—यह यूएई की कुल रेल नेटवर्क से अधिक है। •    100% रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण* •    34 स्टेशन: अमृत भारत योजना के तहत पुनर्विकसित किए जा रहे हैं। •    540 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जा चुके हैं। •    सोनीपत के रेलवे कारखाने का “आधुनिकीकरण” किया जा रहा है। •    11,800 करोड़ रुपए का निवेश रेलवे की ओर से हरियाणा में किया जा रहा है। गति शक्ति मल्टी-मॉडल टर्मिनल्स प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स को सशक्त करने के लिए 2021 में रेलवे ने बड़े रिफॉर्म्स किए, जिसके परिणामस्वरूप 108 मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल्स अल्प समय में बनकर तैयार हो गए हैं। हरियाणा में स्थित टर्मिनल, जहां यह घोषणा की गई, वह 45 एकड़ में फैला है और इसकी माल वहन क्षमता 4.5 लाख कारों तक की है। श्री वैष्णव ने अंत में कहा, “भारतीय रेलवे की परिवर्तन यात्रा, प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में, नए युग की रेलवे बना रही है—तेज, स्वच्छ, आधुनिक और जन-हितैषी। आने वाले वर्षों में हम इसे और ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

रायपुर : क्लोज सीजन में मत्स्याखेट 15 अगस्त तक पूर्णतः प्रतिबंध

रायपुर  मत्स्य विभाग द्वारा वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि (प्रजनन) के लिए संरक्षण देने के लिए जिले की तालाबों, जल स्त्रोतों, नदी-नालों तथा छोटी नदियों, सहायक नदीयों और जलाशयों में 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को ”बंद ऋतु (क्लोज सीजन)“ के रूप में घोषित किया है। इनमें सभी प्रकार का मत्स्याखेट 15 अगस्त 2025 तक पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।      इन नियमों का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र (संशोधित) अधिनियम के नियम-3 (5) के अन्तर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा 10 हजार रूपये का जुर्माना अथवा दोनों सजा एक साथ होने का प्रावधान है। उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी नाले से नहीं है, अतिरिक्त जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर में लागू नहीं होगा। अन्य प्रांतों से मछली आयात कर विक्रय करने में शासन द्वारा कोई प्रतिबंध नहीं है, तथापि ऐसी मछली के परिवहन-विक्रय दौरान मछली आयात संबंधी पर्याप्त साक्ष्य अवश्य रखें। जिस राज्य से मछली आयात की गई है, उस राज्य के मछली पालन विभाग द्वारा लागू नियमों का पालन भी सुनिश्चित किया जाए।

समाज के हर उस व्यक्ति को नमन किया जो निस्वार्थ भाव से अपने आस-पास के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे -राज्यपाल

रायपुर समाज के प्रतिभाओ के सम्मानित करना उनके भीतर सकारात्मक प्रेरणा जगाने का उत्कृष्ट प्रयास सेन समाज कर रहा है। जब हम किसी व्यक्ति की मेहनत और उपलब्धियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करते हैं तो हम सिर्फ उसका मनोबल नही बढ़ाते, बल्कि समाज के अन्य लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। राज्यपाल रमेन डेका ने आज सेन समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में यह विचार व्यक्त किए।  सेन समाज के महिला विंग द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रम में राज्यपाल द्वारा समाज के सभी जिलों के महिला अध्यक्षों, प्रतिभावान विद्यार्थियों, खिलाड़ियों एवं विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वालों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि सेन समाज का इतिहास गौरवशाली और प्रेरणादायक है। यह समाज न केवल पारंपरिक बाल केश कला में निपुण रहा है बल्कि समय के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यवसाय के अनेक क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रहा है। यह प्रतिभा सम्मान समारोह समाज की उन्नति और समाज के लोगों की मेहनत का प्रतीक है। राज्यपाल ने सेन समाज की महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए महिलाओं ने यह सिद्ध किया है कि सशक्त नारी ही सशक्त समाज की नींव है। महिला विंग ने इस आयोजन के माध्यम से संगठन को मजबूत किया है और आने वाली पीढ़ियों को दिशा देेने का कार्य कर रही है। आज की महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों को भी अच्छी तरह निभा रही हैं। यह परिवर्तन समाज को नई ऊर्जा दे रहा है।  डेका ने कहा कि हमे यह भी याद रखना जरूरी है कि सम्मान केवल पद, डिग्री या पैसे से नहीं मिलता बल्कि हमारे आचरण, सेवा एवं समर्पण से प्राप्त होता है। उन्होंने समाज के हर उस व्यक्ति को नमन किया जो निस्वार्थ भाव से अपने आस-पास के लोगांे के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।  डेका ने भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का जिक्र किया जो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं एक जन नायक थे। डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां जनजातीय, ग्रामीण और शहरी सभी प्रकार की सामाजिक संरचनाएं एक साथ जुड़ी हुई है वहां सामाजिक संगठनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सेन समाज आने वाले वर्षों में प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा की पहुंच बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्हांेेने समाज के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण, उद्यमिता और डिजिटल शिक्षा की ओर प्रेरित करने की आवश्यकता बताई जिससे वे आत्म निर्भर बन सके, साथ ही अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपरा को भी बनाए रख सके। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन प्रदेशाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज (महिला विंग), एवं छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्प कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुमोना सेन ने दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज के पदाधिकारी सहित सेन समाज के सदस्य उपस्थित थे।

प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कानपुर के सीएमओ के तबादले को लेकर योगी सरकार पर कसा तंज

लखनऊ समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपना रूख साफ कर दिया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि इंडिया गठबंधन बरकरार है। उसी में विधानसभा चुनाव 2027 लड़ेंगे। सपा प्रमुख के इस बयान से से न सिर्फ गठबंधन की एकजुटता का संकेत मिला है, बल्कि आने वाले चुनावी समीकरणों को लेकर भी बड़ा संदेश गया है। प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कानपुर के सीएमओ के तबादले को लेकर योगी सरकार पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, “पहले डिप्टी सीएम और आउटगोइंग सीएम के बीच टकराव था, अब तो सब एक-दूसरे से टकरा रहे हैं। कोई कूटा जा रहा है और जो मौजूदा सीएम हैं, वो खुद जा रहे हैं। भाजपा वाले पीडीए को न्याय नही देने दे रहे है।” उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी चौंकाने वाले आरोप लगाए। कहा कि दवा के नाम पर कोयले का घोल पिलाया जा रहा है और गलत इंजेक्शन से मौतें हो रही हैं। सपा मुखिया ने बुनकरों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बुनकरों को अत्याधुनिक सुविधाएं दी जानी चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री को उनकी समस्याओं की समझ नहीं है। सपा बुनकरों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। अखिलेश यादव ने योगी सरकार के नीतियों पर सभी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक 20% भी गेहूं की खरीद नहीं की है। मुख्यमंत्री हवाई यात्रा के जरिये मक्के की फसल देखने जा रहे हैं, जबकि किसानों का सामना करने से बच रहे हैं। वहीं, एक दिन पहले अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला करते हुए सवाल उठाया था कि सरकार बताए कि सिपाहियों की भर्ती में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की संख्या कितनी है और उनकी हकमारी कौन कर रहा है।  

एयर इंडिया के वरिष्ठ पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल की दी नम आँखों से अंतिम विदाई, पिता का टूटा दिल

अहमदाबाद अहमदाबाद में 12 जून को हुए भीषण विमान हादसे में अपनी जान गंवाने वाले एयर इंडिया के वरिष्ठ पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल का पार्थिव शरीर आज मुंबई लाया गया और उन्हें नम आँखों से अंतिम विदाई दी गई। पवई के निवासी कैप्टन सभरवाल का पार्थिव शरीर डीएनए पहचान प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके आवास जलवायु विहार पहुँचा जहाँ परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उन्हें अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कैप्टन सुमित सभरवाल, जिन्होंने कथित तौर पर मेघानी नगर की कई जिंदगियां बचाने का प्रयास किया था उनका अंतिम संस्कार आज सुबह 10 बजे चकला श्मशान घाट पर हुआ।। प्रेरणादायक व्यक्तित्व को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि इस दुखद घड़ी में कैप्टन सभरवाल को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके परिवारजन, मित्र, सहकर्मी, एयर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में शुभचिंतक मौजूद थे। सोसायटी के निवासियों ने भी इस मुश्किल समय में परिवार के साथ खड़े होकर अपनी संवेदनाएं और सहयोग व्यक्त किया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कैप्टन सभरवाल को एक बेहद जिम्मेदार, अनुभवी और समर्पित पायलट के रूप में याद किया गया। उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में अनुशासन, साहस और उत्कृष्ट सेवा की एक मिसाल कायम की थी। सहकर्मियों ने उन्हें एक प्रेरणादायक और मददगार व्यक्ति बताया वहीं परिजनों ने कहा कि वह न केवल पेशेवर रूप से सफल थे बल्कि निजी जीवन में भी अत्यंत संवेदनशील और सहयोगी स्वभाव के इंसान थे।   पिता का टूटा दिल, सहकर्मियों की भावुक यादें पायलट सभरवाल की गुरुवार को अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हुए प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी। रविवार को डीएनए मैच होने के बाद उनका शव परिवार को सौंपा गया था। 88 वर्षीय बुजुर्ग पिता द्वारा अपने 60 वर्षीय बेटे को हाथ जोड़कर दी गई अंतिम विदाई ने हर किसी की आँखों को नम कर दिया। यह दृश्य हर देखने वाले के दिल को छू गया। कैप्टन सुमित सभरवाल को एयर इंडिया के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद पायलटों में से एक माना जाता था। वह अपने को-पायलट क्लाइव कुंदर के साथ उस फ्लाइट को उड़ा रहे थे जिसमें 230 यात्री और 10 केबिन क्रू के सदस्य सवार थे। हादसे में कुल 242 में से 241 लोगों की जान चली गई जबकि केवल एक यात्री ही जीवित बच सका। कैप्टन सभरवाल के घर के पास रहने वाली और खुद एयर इंडिया में 37 साल तक केबिन क्रू रहीं ऊषा तड़वलेकर ने भावुक मन से बताया कि सुमित के चेहरे पर हमेशा एक मुस्कान रहती थी। वह जीवन भर एक लो-प्रोफाइल रहकर हमेशा अपने काम पर ध्यान देते थे। उनके निधन से एक ऐसे बेटे का अधूरा सपना भी टूट गया जो रिटायरमेंट लेकर अपने बूढ़े पिता की सेवा करना चाहते थे। डीएनए पहचान प्रक्रिया युद्ध स्तर पर जारी अहमदाबाद विमान हादसे की जांच में एविएशन एक्सपर्ट्स की कई टीमें जुटी हुई हैं। वहीं अहमदाबाद प्रशासन और गुजरात सरकार का मुख्य ध्यान दुर्घटना के शिकार लोगों की पहचान कर उनके शव परिवार वालों को सौंपने पर है। डीएनए प्रोफाइलिंग के आधार पर अब तक 125 शवों की पहचान हो चुकी है और 124 मृतकों के रिश्तेदारों से संपर्क साधा जा चुका है। अब तक 83 शव परिवार वालों को सौंपे जा चुके हैं। डीएनए सैंपलिंग के लिए फॉरेंसिक लैब में एक्सपर्ट्स दिन-रात काम कर रहे हैं। हालांकि डीएनए सैंपल मैच करने में आमतौर पर कम से कम 72 घंटे लगते हैं लेकिन इस प्लेन क्रैश के शिकार लोगों के शव इतनी बुरी तरह जल गए हैं कि उनमें से डीएनए निकालना बहुत मुश्किल हो रहा है जिससे पूरी प्रक्रिया में समय लग रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि जितनी जल्दी हो सके डीएनए की जाँच पूरी की जा सके। इसके लिए गांधीनगर की फॉरेंसिक लैब में आसपास के जिलों के फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को भी बुलाया गया है। इस वक्त फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की 36 टीमें डीएनए प्रोफाइलिंग में लगातार जुटी हुई हैं।  

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