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छह सौ वर्षों से अधिक समय से निरंतर मनाया जा रहा यह पर्व बस्तर में सामाजिक समरसता और प्रेम का प्रतीक

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को बस्तर के ऐतिहासिक ‘गोंचा महापर्व’ का आमंत्रण : ‘तुपकी’ भेंट कर किया गया सम्मान  गोंचा महापर्व में तुपकी चलाने की सदियों पुरानी परंपरा है: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय छह सौ वर्षों से अधिक समय से निरंतर मनाया जा रहा यह पर्व बस्तर में सामाजिक समरसता और प्रेम का प्रतीक  रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज रात्रि उनके निवास परिसर में जगदलपुर विधायक श्री किरण देव के नेतृत्व में गोंचा महापर्व आयोजन समिति के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित गोंचा महापर्व में सम्मिलित होने का न्यौता दिया। उन्होंने बताया कि छह सौ वर्षों से अधिक समय से निरंतर मनाया जा रहा यह पर्व बस्तर में सामाजिक समरसता और प्रेम का प्रतीक है। बस्तर दशहरा के बाद सबसे ज्यादा लंबे समय तक चलने वाले इस पर्व की शुरुआत चंदन यात्रा के साथ 11 जून से हो चुकी है। प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि पर्व के अंतर्गत 26 जून को नेत्रोत्सव पूजा तथा 27 जून को श्री गोंचा रथयात्रा का आयोजन होगा। 5 जुलाई को बाहुड़ा गोंचा रथयात्रा के साथ महापर्व का समापन होगा। इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को बस्तर की परंपरा अनुसार ‘तुपकी’ भेंट कर सम्मानित किया।   उल्लेखनीय है कि गोंचा महापर्व में तुपकी चलाने की सदियों पुरानी परंपरा है। बस्तर के आदिवासी पोली बांस की नली से तुपकी तैयार करते हैं, जिसमें एक विशेष पौधे का फल डालकर बलपूर्वक दबाया जाता है, जिससे पटाखे जैसी आवाज उत्पन्न होती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त करते हुए गोंचा महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रतिनिधि मंडल में 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष श्री वेदप्रकाश पाण्डे, गोंचा समिति अध्यक्ष श्री चिंतामणि पाण्डे सहित श्री हेमंत पाण्डे, रजनीश पाणिग्राही, नरेंद्र पाणिग्राही, सुदर्शन पाणिग्राही, पुरुषोत्तम जोशी, मुक्तेश्वर पांडे, बनमाली पाणिग्राही, दिनेश पाणिग्राही, दिलेश्वर पाण्डे, प्रशांत पाणिग्राही, देवशंकर पंडा, विजय पांडे, आत्माराम जोशी, देवकृष्ण पाणिग्राही, जयप्रकाश पाढ़ी, वैभव पाण्डे, चुम्मन पांडे, सोमप्रकाश जोशी, वेणुधर पाणिग्राही, प्रदीप पाढ़ी, सोमेश जोशी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

मंत्री प्रहलाद पटेल : जल के संरक्षण के साथ जल देने वाले कॅुओं, तालाब और नदी को साफ सुथरा रखें

जब तक नदियां बारहमासी नहीं होगी तब तक बड़ी नदियों का अस्तित्व बचा पाना चुनौती : पंचायत मंत्री पटेल गंगा जल संर्वधन अभियान के तहत तेंदूखेड़ा के ग्राम इमलीडोल में हुआ कार्यक्रम भोपाल मध्यप्रदेश को नदियों को मायका कहा जाता है, 247 से अधिक नदियों का उद्गम स्थल मध्यप्रदेश में है, भारत के किसी भी राज्य में इतनी नदियों का उद्गम नहीं है, हमारी नदियों का पानी मॉ नर्मदा, गंगा, गोदावरी के बेसिन में जाता है। हम सभी सौभाग्यशाली है कि यहॉ गौरेया नदी का उद्गम है। इस स्थल पर फैंसिंग कर पौधे लगाये-जायेंगे और वहॉ कुंडी भी बनाई जायेगी जिससे लगे कि यह गौरेया नदी का उद्गम स्थल है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने तेंदूखेड़ा के ग्राम इमलीडोल में गंगा जल संवर्धन अभियान के तहत गुरूवार को समारोह को संबोधित किया। मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जल ही जीवन है, जल है तो कल है, इसे संरक्षित और सहेज कर रखें क्योंकि जल के बिना प्राणियों का जीवन असंभव है इसलिए जल के संरक्षण के साथ जल देने वाले कॅुओं, तालाब और नदी को साफ सुथरा रखें और उन्हें संरक्षित करें। उन्होंने कहा कि जब तक नदियां बारहमासी नहीं होगी तब तक बड़ी नदियों का अस्तित्व बचा पाना चुनौती है। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि “एक पेड़ मां के नाम” अवश्य लगाये। उन्होंने सभी से पेड़ लगाने का आहवान करते हुए कहा कि ग्राम के लोग यहां पर पेड़ जरूर लगाएं। मॉ नर्मदा के परम भक्त दादा गुरू जी ने भी समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में जनसामान्य के अलावा जन-प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।  

जलसंरचनाओं के संरक्षण के लिये देश में पहली बार एकजुट हो रही 200 से अधिक हस्तियां

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शाम 6 बजे भारत भवन में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सदानीरा समागम का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी करेंगे। समागम का आरंभ ऋषिकेश पांडे द्वारा निर्देशित लघु फिल्म ‘सदानीरा’ के लोकार्पण से होगा। मुख्य्मंत्री डॉ. यादव वीर भारत न्यास, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् तथा मध्यप्रदेश जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तकों सदानीरा, पृथ्वी  पानी का देश है…, अमृत जलधारा (चार खंड) व ‘जल धरा’ का विमोचन भी करेंगे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन, संस्कृति और पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।  मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं वीर भारत न्यास के न्या‍सी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि ‘सदानीरा समागम’ देश में ऐसा अकेला समारोह है जो नदियों, जलस्रोतों, जल संरचनाओं को संवर्धित एवं संरक्षित करने के लिए विविध गतिविधियों से भरा है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब साहित्य, कला व विज्ञान सहित अनेक माध्यमों के लगभग 200 से अधिक वैज्ञानिक, पुरातत्वविद, साहित्‍यकार, लेखक, पत्रकार, सिने अभिनेता व नाट्य कलाकार सहभागी बनेंगे। न्यासी सचिव ने बताया कि सदानीरा समागम केवल एक उत्सव नहीं, अपितु हमारी नदियों, जलसंस्कृति और जीवनदायिनी जलधाराओं के प्रति कृतज्ञता और जागरूकता का एक समवेत प्रयास है। आयोजन नदियों को मात्र भौतिक जलस्रोत नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक आधार और लोकचेतना के रूप में प्रस्तुत करने का सशक्त संदेश देगा। आयोजन में प्रदर्शनी, संगीत, नृत्य, संवाद और साहित्य के माध्यम से नदी और जल जीवन का भाव जागृत किया गया है। समागम में सात पुस्तकों के लोकार्पण के साथ ही मध्यप्रदेश माध्यम द्वारा निर्मित एवं राजेन्द्र जांगले द्वारा निर्देशित फिल्म ‘रागा ऑफ रिवर नर्मदा’ का प्रदर्शन भी होगा। समागम के पहले दिन की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में स्मिता नागदेव एवं राहुल शर्मा द्वारा संगीत और कविता पर केन्द्रित ‘साउंड ऑफ रिवर’ की सांगीतिक प्रस्तुति तथा विदुषी शर्मा भाटे, पुणे द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका ‘हम नवा’ का मंचन होगा।  प्राचीन जलस्रोतों पर एकाग्र प्रदर्शनी मध्यप्रदेश जनसंपर्क द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान पर प्रदर्शनी आयोजित होगी। मध्यप्रदेश के प्राचीन जलस्रोतों पर एकाग्र पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय द्वारा समय-समय पर किये गये जलस्रोत संवर्धन कार्यों पर केन्द्रित छायाचित्रों की प्रदर्शनी और बावडि़याँ  इस समागम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। सदानीरा समागम में जलीय जीवन पर आधारित प्रदर्शनी जलचर भी आयोजित की गयी  है। यह प्रदर्शनी मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय एवं क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, भोपाल के सहयोग से निर्मित किया गया है। वरिष्ठ छायाकार राजेन्द्र जांगले की नर्मदा परिक्रमा पर आधारित छायाचित्रों की प्रदर्शनी अमृतस्य नर्मदा भी आयोजित है। 

UPPCS मेंस Exam का एडमिट कार्ड जारी, 29 जून से 2 जुलाई 2025 के बीच होगी परीक्षा

नई दिल्ली  यूपी लोकसेवा आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आयी है. आयोग ने यूपीपीसीएस मेंस परीक्षा 2024 का प्रवेश पत्र किया जारी कर दिया है. आयोग के अनुसार, 29 जून से 2 जुलाई 2025 के बीच परीक्षा आयोजित की जाएगी.  इसके लिए दो जिलों प्रयागराज और लखनऊ में बनाए गए है.  परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा होगी.  नीचे दिए गए लिंक से चेक करें एडमिट कार्ड  सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे और दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे परीक्षा होगी. प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट https://uppsc.up.nic.in से अभ्यर्थी डाउनलोड कर सकते हैं. 27 मई को परीक्षा का शेड्यूल जारी किया गया था. यह परीक्षा 29 जून से 2 जुलाई के बीच आयोजित की जाएगी. इस बार पीसीएस के 947 पदों पर भर्ती की जाएगी.  यहां चेक करें एग्जाम पैटर्न आपको बता दें कि पीसीएस की मुख्य परीक्षा 1500 अंकों की होगी. जिसमें सामान्य अध्ययन और यूपी से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. सामान्य अध्ययन के 6 क्वेश्चन पेपर होंगे, जिसमें प्रत्येक क्वेश्चन पेपर 200 अंकों का होगा. हिन्दी में सामान्य हिंदी और निबंध की परीक्षा 150-150 अंकों की होगी. ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाएं. होमपेज पर आपको “UPPSC PCS Mains Admit Card 2025” लिंक दिखेगा, उस पर क्लिक करें. वहां मांगी गई सभी डिटेल जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ भरें. मांगी गई डिटेल भरने के बाद ‘Submit बटन पर पर क्लिक करें. आपको होम स्क्रीन पर आपका एडमिट कार्ड दिख जाएगा.   

रायपुर के कामाख्या मंदिर में 5 दिवसीय अंबुवाची महोत्सव

 रायपुर हिंदू पंचांग के अनुसार जब सूर्य, आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करता है तब अंबुवाची योग का संयोग बनता है। अंबुवाची योग में असम स्थित प्रसिद्ध मां कामाख्या देवी के मंदिर में माता का रजस्वला दिवस मनाया जाता है। कामाख्या मंदिर की तर्ज पर राजधानी के देवेंद्र नगर के समीप फोकटपारा में मां कामाख्या मंदिर में भी पांच दिवसीय अंबूवाची योग महोत्सव मनाया जाता है। इस साल पांच दिवसीय योग महोत्सव 22 जून से 26 जून तक मनाया जाएगा। चार दिनों तक मंदिर के पट बंद रहेंगे। मंदिर के बाहर ही भजन, सत्संग और विशेष पूजन किया जाएगा। देवेंद्र नगर, फाफाडीह मार्ग पर नारायणा अस्पताल के पहले फोकटपारा में मां कामाख्या मंदिर स्थित है। मंदिर की स्थापना 58 साल पहले की गई थी। मंदिर के पुजारी पं. हीरेंद्र विश्वकर्मा के अनुसार, ग्रीष्मकाल समाप्त होने और मानसून प्रारंभ होने के पहले के संधिकाल में सूर्य के आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ ही अंबूवाची योग महोत्सव मनाया जाता है। अंबूवाची योग में धरती माता और मां कामाख्या का रजस्वला दिवस मनाए जाने की मान्यता है। असम स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में देशभर से तांत्रिकगण और श्रद्धालु दर्शन, पूजन करने जाते हैं। पुजारी पं. हीरेंद्र विश्वकर्मा के अनुसार, जब सूर्य आद्रा के नक्षत्र में प्रवेश करता है, अंबूवाची योग का संयोग बनता है। अंबूवाची योग में असम स्थित मां कामाख्या के मंदिर में माता का रजस्वला महोत्सव मनाया जाता है। 22 जून को गौरी गणेश कलश, कच्छप, नौ कलश चक्र, नवग्रह, चर्तुदिक शिवलिंग, चौसठ योगिनी, षोडशमातृका, सप्तघृत मातृका, क्षेत्रपाल चक्र, वास्तु चक्र, पंच लोकपाल, दस दिगपाल का पूजन किया जाएगा। रात्रि में मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। 22 से 24 जून तक मंदिर के बाहर जसगीत, दुर्गा सप्तशती पाठ, सुंदर कांड का पाठ होगा। 25 जून की रात्रि में मंदिर का पट खोला जाएगा। षोडषोपचार स्नान के बाद शृंगार किया जाएगा। 26 को दोपहर एक बजे हवन के बाद कलशयात्रा निकाली जाएगी। माता की पालकी फोकटपारा से होते हुए देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र से वापस मंदिर पहुंचेगी। छोटी कन्याओं का पूजन किया जाएगा। माता को भोग अर्पित कर महाभंडारे में प्रसादी वितरण होगा।

म.प्र. लोकसेवा पदोन्नति नियम-2025 के संबंध में कैवियट दायर

भोपाल  सामान्य प्रशासन विभाग, भोपाल द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 म.प्र. राजपत्र में 19 जून 2025 को अधिसूचित किया गया है। इस संभावना के दृष्टिगत राज्य के किसी संघ या शासकीय सेवक द्वारा म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 नियम अथवा नियम के किसी भी प्रावधान पर स्थगन लेने के लिए उच्च न्यायालय, मुख्य खंडपीठ जबलपुर / खंडपीठ इंदौर / खंडपीठ ग्वालियर में रिट याचिका दायर की जा सकती है। सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि यदि मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 या उसके किसी भी प्रावधान को चुनौती दी जाती है तो उसकी अग्रिम प्रति महाधिवक्ता कार्यालय जबलपुर / इंदौर / ग्वालियर को उपलब्ध कराई जाये। उक्त आशय की जानकारी देते हुए उप सचिव अजय कटेसरिया ने बताया कि उच्च न्यायालय मुख्य खंडपीठ जबलपुर / खंडपीठ इंदौर / खंडपीठ ग्वालियर में मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, भोपाल द्वारा कैवियट दायर की जा रही है।  

पुरी जाने वाले भक्तों के लिए बड़ी सौगात, रथयात्रा के लिए छत्तीसगढ़ से चलेगी स्पेशल ट्रेन

रायपुर रथयात्रा महापर्व 2025 के अवसर पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने विशेष पहल की है. श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से रेलवे द्वारा गोंदिया से कटक और वापसी के लिए TOD (Train on Demand) स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है. यह विशेष ट्रेन 08893/08894 नंबर से चलेगी और कुल 10 ट्रिप्स में यात्रियों को रथयात्रा दर्शन के लिए सुविधा देगी. ट्रेन संचालन का शेड्यूल 08893 (गोंदिया से कटक) 26 जून, 28 जून, 30 जून, 2 जुलाई और 5 जुलाई 2025 08894 (कटक से गोंदिया) 28 जून, 29 जून, 1 जुलाई, 3 जुलाई और 7 जुलाई 2025 गोंदिया से कटक के लिए ट्रेन दोपहर 1.30 बजे रवाना होगी. ये ट्रेन डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, लखौली, महासमुंद होते हुए कटक पहुंचेगी. वापसी में ये ट्रेन 08894 नंबर के साथ चलेगी. ये ट्रेन कटक, भुवनेश्वर, संबलपुर, टिटलागढ़ होते हुए अपने गंतव्य स्थान गोंदिया पहुंचेगी.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शतरंज खिलाड़ी सुश्री दिव्या देशमुख को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंदन में आयोजित वर्ल्ड टीम ब्लिट्ज चैम्पियनशिप-2025 के सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करने पर सुश्री दिव्या देशमुख को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। नागपुर निवासी शतरंज खिलाड़ी सुश्री देशमुख ने सेमीफाइनल के दूसरे चरण में विश्व की नंबर-1 खिलाड़ी होउ यिफान के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से प्रार्थना की है कि भारत की बेटी दिव्या देशमुख भविष्य में सफलता के नित-नए कीर्तिमान गढ़े और देशवासियों को गौरव की अनुभूति करवाएं।  

केंद्रीय गृह मंत्री शाह 22 और 23 जून को छत्तीसगढ़ प्रवास पर, नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी करेंगे भूमिपूजन

रायपुर छत्तीसगढ़ में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NSFU) खुल रहा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने 22 और 23 जून को छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान नवा रायपुर में यूनिवर्सिटी कैंपस का भूमिपूजन करेंगे. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की जानकारी देते हुए बताया कि नवा रायपुर में 40 एकड़ जमीन आवंटित की गई है. लगभग साढ़े 3 सौ करोड़ रुपए की लागत से विश्वविद्यालय बनेगा. भवन बनने के पहले यूनिवर्सिटी में इसी शैक्षणिक सत्र में पढ़ाई शुरू हो जाएगी, जिसके लिए ट्रांजिट कैंपस का भी गृह मंत्री शुभारंभ करेंगे. उप मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने प्रवास के दौरान प्रशासनिक बैठकों की अध्यक्षता करेंगे. हालांकि, बैठक के लिए स्थान अभी तय नहीं किया गया है. इसके साथ शाह शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरिपंजे के परिजनों के अलावा बस्तर में जवानों से मुलाकात करेंगे.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी त्रियंबिका गौड़ को जन्मदिन की शुभकामनाएं

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को इंदौर स्थित ग्रैंड सेरेटन होटल पहुंचे, जहाँ उन्होंने विधायक श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ की पौत्री त्रियंबिका एकलव्य सिंह गौड़ के जन्मदिन समारोह में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालिका त्रियंबिका को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।  

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर राज्यपाल डेका रायपुर में तो सीएम साय जशपुर के कार्यक्रम में होंगे शामिल

रायपुर  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर छत्तीसगढ़ में प्रत्येक जिले में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. इस अवसर पर रायपुर में होने वाले कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका तो वहीं जशपुर में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि होंगे. सामान्य प्रशासन विभाग ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर होने वाले जिलेवार कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी की है. इसमें डिप्टी सीएम अरुण साव मुंगेली के होने वाले कार्यक्रम में, तो वहीं डिप्टी सीएम विजय शर्मा कवर्धा में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे.

घर में लगाए सोलर संयंत्र, केंद्र के साथ राज्य सरकार भी देगी सब्सिडी

रायपुर घर की छत में सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने पर उपभोक्ताओं की केंद्र सरकार के अनुदान के अलावा अब राज्य सरकार भी अपनी तरफ से सब्सिडी देगी. 1 किलोवॉट क्षमता वाले प्लांट के लिए कुल 45,000 रुपए दिए जाएंगे, जिसमें 30,000 रुपए केंद्र और 15,000 रुपए राज्य सरकार देगी. इसी तरह सोलर प्लांट की क्षमता 2 किलोवॉट, 3 किलोवॉट और अधिक के आधार पर सब्सिडी राशि तय की गई है. हाउसिंग सोसाइटी/रेसिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे. इस निर्णय से राज्य सरकार पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 180 करोड़ और 2026-27 में 210 विष्णुदेव साय कैबिनेट के अन्य निर्णय जशपुर जिले में महिला स्व-राज्य के डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव तथा पबिया, पविया, पवीया समाज के विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति के समतुल्य एवं डोमरा जाति के विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति के समतुल्य राज्य मद से मात्र राज्य छात्रवृत्ति तथा शिष्यवृत्ति प्रदान किये जाने एवं छात्रावास- आश्रमों में स्वीकृत सीट के अधीन प्रवेश दिए जाने की सुविधा प्रदान करने की सहमति दी है. अशासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था विवेकानंद इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एंड सर्विसेज, छत्तीसगढ़ (विश्वास) को रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर में मर्ज करने का अनुमोदन किया गया. उद्यानिकी महाविद्यालय (उद्यानिकी विश्वविद्यालय) की स्थापना के लिए बेमेतरा जिले के साजा तहसील अंतर्गत बेलगांव में राजगामी संपदा की 94,290 हेक्टेयर भूमि में से 100 एकड़ भूमि उद्यानिकी विभाग को निःशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया गया. सहायता समूहों द्वारा हर्बल व महुआ चाय जैसे पारंपरिक उत्पाद ‘जशप्योर’ ब्रांड के तहत तैयार किए जा रहे हैं. इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और विपणन को बढ़ावा देने हेतु इस ब्रांड को राज्य शासन अथवा सीएसआईडीसी को हस्तांतरित करने का अनुमोदन किया गया. राज्य में गौण खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण, पूर्वेक्षण एवं अधोसंरचना के विकास के लिए ‘स्टेट मिनरल ‘एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट’ (एसएमईटी) के गठन की अधिसूचना के प्रारूप का अनुमोदन किया गया. अनुकंपा नियुक्त कैबिनेट ने अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. खासकर नक्सली हिंसा में शहीद पुलिस सेवकों के प्रकरण में संवेदनशीलता बरतते हुए पात्र सदस्य को पुलिस विभाग के अलावा किसी भी अन्य विभाग में, राज्य के किसी भी जिला, संभाग में अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी. इसके पहले अनुकंपा नियुक्ति उसी विभाग या कार्यालय में देने की व्यवस्था थी, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक का निधन हुआ है. एकजाई पुनरीक्षित निर्देश-2013 की कंडिका 13 (3) में संशोधन करते हुए नया प्रावधान किया गया है.

8th Pay Commission: इस दिन से बढ़ जाएगी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी! सैलरी-पेंशन का स्ट्रक्चर, NPS और CGHS योगदान पर क्या होगा असर

नई दिल्ली सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. इस साल की शुरुआत में ही केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को हरी झंडी दे दी , जो 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है. इससे देश के 1 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) और पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.  8वें वेतन आयोग से सैलरी और पेंशन में कितनी होगी बढ़ोतरी? 8वें वेतन आयोग से सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है. ऐसे में सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स जानना चाहते हैं कि उनकी सैलरी और पेंशन में कितना इजाफा होगा.आइए जानते हैं कि नए वेतन आयोग में सरकारी कर्मचारियों के लिए क्या-क्या बदलाव होने जा रहे हैं. इसके साथ ही ये भी जानेंगे कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को लिए ये बदलाव क्यों खास माना जा रहा है. बेसिक सैलरी और पेंशन में भारी इजाफा इस आयोग में सबसे अहम बात फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर है, जिसकी मदद से नई बेसिक सैलरी  और पेंशन  (Salary and Pension Hike)  तय होती है. 7वें वेतन आयोग में ये फैक्टर 2.57 था, लेकिन अब इसे 2.86 तक बढ़ाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है, तो 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 51,480 रुपये हो सकती है. वहीं, पेंशन 9,000 से बढ़कर करीब 25,740 रुपये हो सकती है.इस तरह सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बंपर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. 8वें वेतन आयोग में क्या होगा बदलाव? 8वां वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर में कई बड़े बदलाव ला सकता है। बेसिक सैलरी के अलावा, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) जैसे भत्तों में भी बदलाव की उम्मीद है। यह इस पर निर्भर करेगा कि कर्मचारी की पोस्टिंग किस शहर में है और उसका काम किस तरह का है। मतलब कि उन्हें दफ्तर में काम करना रहता है, या काम के सिलसिले में भागदौड़ करनी रहती है। इस वजह से, एक ही वेतन ग्रेड के दो कर्मचारी भी अलग-अलग कुल वेतन (Total Salary) पा सकते हैं, क्योंकि उनके भत्ते अलग-अलग होंगे। NPS और CGHS योगदान पर असर नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS): अभी केंद्र सरकार के कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 10 प्रतिशत योगदान करते हैं, जबकि सरकार 14 प्रतिशत योगदान देती है। 8वें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ने के बाद, ये दोनों योगदान राशि भी बढ़ेंगी। केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS): CGHS की सदस्यता शुल्क सैलरी स्लैब पर आधारित होती है। जैसे ही बेसिक सैलरी बढ़ेगी, CGHS के शुल्क भी नए सैलरी स्ट्रक्चरके अनुसार रिवाइज होंगे। किस ग्रेड में कितनी बढ़ेगी सैलरी? प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर 2.86 के आधार पर ग्रेड के हिसाब से सैलरी में इजाफा भी अलग-अलग हो सकता है। आइए समझते हैं कि रिवाइज्ड सैलरी स्ट्रक्चर कैसा दिख सकता है: ग्रेड 2000 (लेवल 3): इस ग्रेड में बेसिक सैलरी ₹57,456 तक बढ़ सकती है। HRA और ट्रैवल अलाउंस (TA) जैसे भत्तों को मिलाकर, कुल मासिक वेतन (ग्रॉस सैलरी) करीब ₹74,845 हो सकता है। स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद अनुमानित इन-हैंड सैलरी लगभग ₹68,849 रहने की संभावना है। ग्रेड 4200 (लेवल 6): इस ग्रेड में संशोधित बेसिक वेतन ₹93,708 तक हो सकता है। कुल ग्रॉस सैलरी, भत्तों सहित, ₹1,19,798 के आसपास हो सकती है। डिडक्शन के बाद अनुमानित नेट मासिक सैलरी करीब ₹1,09,977 हो सकती है। ग्रेड 5400 (लेवल 9): इस वेतन ग्रेड में बेसिक वेतन ₹1,40,220 तक बढ़ सकता है। भत्तों को जोड़ने पर कुल वेतन ₹1,81,073 तक जा सकता है। कटौतियों के बाद इन-हैंड वेतन करीब ₹1,66,401 होने की संभावना है। ग्रेड 6600 (लेवल 11): इस ग्रेड में संशोधित बेसिक वेतन ₹1,84,452 हो सकता है। सभी भत्तों को मिलाकर, मासिक कुल आय ₹2,35,920 तक हो सकती है। स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद इन-हैंड सैलरी करीब ₹2,16,825 हो सकती है। अलग-अलग लेवल पर कितनी बढ़ेगी सैलरी? 8वें वेतन आयोग में अलग-अलग पे लेवल पर कितनी सैलरी मिल सकती है. आइए आसान भाषा में समझते हैं:     लेवल 3 (ग्रेड पे 2000): बेसिक सैलरी लगभग 57,456 रुपये, कुल सैलरी 74,845 रुपये, डिडक्शन के बाद इनहैंड सैलरी करीब 68,849 रुपये     लेवल 6 (ग्रेड पे 4200): बेसिक सैलरी करीब 93,708 रुपये, कुल सैलरी 1,19,798 रुपये, इनहैंड सैलरी लगभग 1,09,977 रुपये     लेवल 9 (ग्रेड पे 5400): बेसिक सैलरी 1,40,220 रुपये, कुल सैलरी 1,81,073 रुपये, इनहैंड करीब 1,66,401 रुपये     लेवल 11 (ग्रेड पे 6600): बेसिक 1,84,452 रुपये, कुल सैलरी 2,35,920 रुपये, इनहैंड सैलरी करीब 2,16,825 रुपये अलाउंस में भी होगा बदलाव बेसिक सैलरी बढ़ने के साथ-साथ हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) जैसे भत्तों में भी इजाफा होगा. ये इस पर निर्भर करेगा कि कर्मचारी किस लोकेशन में पोस्टेड हैं और उनका ट्रैवल कितना होता है. इसी वजह से एक ही ग्रेड के दो कर्मचारियों की कुल सैलरी अलग-अलग हो सकती है. NPS और CGHS में कितना बढ़ेगा कॉन्ट्रीब्यूशन? नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में अभी कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और डीए का 10% योगदान करते हैं, जबकि सरकार 14% देती है. बेसिक सैलरी बढ़ने से ये योगदान भी बढ़ेगा. सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) की फीस भी सैलरी के स्लैब से जुड़ी होती है. ऐसे में बेसिक सैलरी में इजाफा होने से CGHS की मासिक कटौती भी बढ़ सकती है. क्यों खास है ये बदलाव? 8वां वेतन आयोग सिर्फ सैलरी बढ़ाने का काम नहीं करेगा, बल्कि इससे जुड़े सभी खर्चों, सुविधाओं और कर्मचारियों की आर्थिक प्लानिंग पर भी असर पड़ेगा. खासकर रिटायरमेंट प्लानिंग, होम लोन EMI, टैक्स सेविंग और इंश्योरेंस जैसे मामलों में ये बढ़ी हुई सैलरी लोगों को नई राहत दे सकती है.

Vi ने कंपनी ने AST SpaceMobile से हाथ मिलाया, जाने क्यों खास है ये पार्टनरशिप

मुंबई  भारतीय सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर में एक और प्लेयर की एंट्री हो रही है. Vi और AST SpaceMobile ने स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का ऐलान किया है. दोनों मोबाइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में काम करेंगे. खासकर उस जगहों पर जो अभी भी कनेक्टेड नहीं हैं. AST SpaceMobile ने हाल में स्पेस ब्रॉडबैंड नेटवर्क टेक्नोलॉजी का डेमो दिखाया है.  कंपनी ने स्पेस से एक स्टैंडर्ड मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पहली वीडियो और वॉयस कॉल की है. इस सफलता ने असल जीवन में कंपनी के स्पेस बेस्ड सेल्युलर ब्रॉडबैंड नेटवर्क की क्षमता को दिखाया है. इस नेटवर्क को ऐसे डिजाइन किया गया है कि आप अपने स्मार्टफोन से सीधे इसे इस्तेमाल कर सकते हैं.  क्यों खास है ये पार्टनरशिप? AST SpaceMobile की एक प्रमुख खासियत नेटवर्क को सीधे स्मार्टफोन से कनेक्ट करना है. इसके लिए आपको किसी स्पेशल सॉफ्टवेयर, डिवाइस सपोर्ट या अपडेट की जरूरत नहीं पड़ेगी. इस स्पेस बेस्ड सेल्युलर ब्रांडबैंड इकोसिस्टम से Vi की मौजूदा कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का ऑप्शन मिलेगा.  दोनों कंपनियों के बीच हुए इस समझौते के तहत AST SpaceMobile का काम डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग और सैटेलाइट नेटवर्क को मैनेज करना होगा. वहीं दूसरी तरफ Vi टेरेस्ट्रियल नेटवर्क इंटीग्रेशन, ऑपरेशन स्पेक्ट्रम और भारत में मार्केट एक्सेस का काम संभालेगी.  इस कोलैबोरेशन से भारत दुनिया के स्पेस टेक्नोलॉजी इनोवेशन में पहली लाइन में पहुंच जाएगा. इसके अलावा Vi और AST SpaceMobile साथ मिलकर अलग-अलग सेक्टर के लिए कमर्शियल ऑफरिंग (कस्टमर्स, एंटरप्राइसेस और IoT एप्लिकेशन) प्लान करेंगे.  सैटेलाइट कनेक्टिविटी है अगला पड़ाव  बता दें कि भारत में Starlink लंबे समय से एंट्री की कोशिश में है. कंपनी को हाल में भारत में अपनी सर्विस शुरू करने के लिए जरूरी लाइसेंस मिल गया है. स्टारलिंग के अलावा जियो और एयरटेल भी भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन लाने के लिए काम कर रहे हैं. जल्द ही हमें स्पेशल के जरिए कनेक्टिविटी मिलने लगेगी, जिससे दूर-दराज के इलाकों में नेटवर्क बेहतर होगा. Jio-Airtel के साथ Starlink का धमाका, बदलेगा भारत का डिजिटल नक्शा अब भारत में भी घर बैठे आसमान से इंटरनेट की सुविधा मिलने वाली है. एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink को भारत सरकार से लाइसेंस मिल गया है. इस कदम को भारत के डिजिटल डेवलपमेंट में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है. देश के संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद इस बात की जानकारी दी और कहा कि ये भारत के लिए कनेक्टिविटी का अगला फ्रंटियर होगा. अब पहाड़ों, जंगलों और गांवों में भी फास्ट इंटरनेट कनेक्शन मिलना पॉसिबल हो जाएगा. सिंधिया और SpaceX की मीटिंग सिंधिया ने Starlink की कंपनी SpaceX की प्रेसिडेंट और COO ग्विन शॉटवेल से मुलाकात की और दोनों के बीच काफी पॉजिटिव बातचीत हुई. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भारत की डिजिटल उड़ान को और ऊंचा ले जाने के लिए सैटेलाइट कम्युनिकेशन में सहयोग के कई अवसर हैं. Starlink क्या है? Starlink एक सैटेलाइट-बेस्ड इंटरनेट सर्विस है, जिसे एलन मस्क की कंपनी SpaceX ने शुरू किया है. ये टेक्नोलॉजी लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में घूमने वाले हजारों छोटे सैटेलाइट्स के जरिए फास्ट और कम लेटेंसी वाला इंटरनेट देती है. Starlink धरती से करीब 550 किलोमीटर ऊपर सैटेलाइट्स से इंटरनेट भेजता है. ये पारंपरिक सैटेलाइट सिस्टम से ज्यादा तेज और भरोसेमंद माना जाता है. इसका खास फायदा दूर-दराज के इलाकों को मिलेगा, जहां फाइबर या मोबाइल नेटवर्क पहुंचना मुश्किल होता है. Airtel और Jio भी Starlink के साथ मार्च 2025 में Jio और Airtel ने Starlink के साथ साझेदारी का ऐलान किया था. अब भारत में Starlink को इन्हीं दोनों कंपनियों के जरिए बढ़ाया जाएगा. Jio Starlink का इंस्टॉलेशन, कस्टमर सपोर्ट और एक्टिवेशन भी देखेगा. Starlink का डिवाइस अब Jio और Airtel के स्टोर्स पर मिलने लगेगा. ये सर्विस खासकर स्कूलों, हॉस्पिटल्स, गांवों और बिजनेस के लिए फायदेमंद साबित होगी.  

मप्र-महाराष्ट्र सीमा पर डेढ़ किमी का जमीनी विवाद सुलझा, जानें कैसे…

भोपाल  मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर एक रास्ता काफी लंबे समय से बंद था। जिसके 40 सालों बाद मामला अब जाकर सुलझ गया है। यह रास्ता कहीं और से नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के लोनी गांव और महाराष्ट्र के जलगांव जिले की रावेर तहसील के चोरवड़ गांव को आपस में जोड़ता है। क्या है पूरा मामला दोनों राज्यों के किसानों ने 4-4 फीट जमीन पर फसल लगाकर रास्ता रोक लिया था। जिसके चलते डेढ़-दो किलोमीटर के करीब का रास्ता बंद हो गया था। इसी को लेकर मंगलवार को जनसुनवाई में एक किसान की शिकायत के बाद बुरहानपुर कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लिया। ऐसे ही जलगांव कलेक्टर के द्वारा भी मामला संज्ञान में लिया गया। बुरहानपुर तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने बताया कि महाराष्ट्र से ग्राम लोनी की सीमा लगी है। जबकि महाराष्ट्र के रावेर तहसील के ग्राम चोरवड़ की सीमा शुरू होती है।दोनों राज्यों के किसानों के आवागमन के लिए शासकीय रिकॉर्ड में दो किमी का रास्ता था, लेकिन अतिक्रमण होने के कारण किसानों को कृषि उपकरण एवं वाहन ले जाने में परेशानियां हो रही थी। जिसके बाद बुरहानपुर कलेक्टर और जलगांव कलेक्टर के निर्देश पर बुरहानपुर तहसीलदार प्रवीण ओहरिया और रावेर तहसीलदार बंडु कापसे लोनी गांव पहुंचे और किसानों से मामले पर चर्चा की। दोनों राज्यों की राजस्व टीम ने पहुंचकर सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर खेतों की नपती करते हुए रास्ते पर पाए गए अतिक्रमण को चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई की। जिससे दोनों राज्यों के करीब 50 किसानों को खेतों में ट्रैक्टर ट्रॉली, ट्रक सहित कृषि उपकरण ले जाने में आसानी होगी। विवाद की स्थिति न हो इसलिए दोनों राज्यों की पुलिस बल भी शामिल किया गया। जिसके बाद आपसी सहमति के बाद एक किसान के द्वारा स्वयं से ही केले की फसल को जेसीबी से हटवा दिया। किसान सुनील महाजन ने कहा कि शासकीय रास्ते पर अतिक्रमण होने से फसल तक लगाई जा रही थी। जिसको लेकर कही बाद शिकायतें होने के बाद भी निराकरण नहीं हो रहा था। खेतों तक वाहन नहीं जाने से मजबूरी में अधिक मजदूरों के माध्यम से उपज बाहर लाने से चार गुना अधिक मजदूरी चुकानी पड़ रही थी। रास्ता साफ होने से खेतों तक ट्रक ,ट्रेक्टर ट्रॉली वाहन आसानी से पहुंचेंगे जिससे किसानों को फायदा होगा।

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