LATEST NEWS

2 फरवरी आज का राशिफल : करियर, धन और प्रेम जीवन पर ग्रहों का क्या असर पड़ेगा?

मेष – आज मेष राशि वालों के लिए दिन थोड़ा अस्थिर रह सकता है। काम की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिससे मन और शरीर दोनों थके हुए महसूस कर सकते हैं। किसी भी बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें, वरना मामला उलझ सकता है। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी, लेकिन फालतू खर्च जेब पर असर डाल सकता है। घर-परिवार का साथ मिलेगा और किसी अपने से खुलकर बात करने से राहत मिलेगी। सेहत ठीक रहेगी, बस आराम को नजरअंदाज न करें। वृषभ – वृषभ राशि वालों के लिए आज संयम और समझदारी से आगे बढ़ने का दिन है। दफ्तर में आपकी मेहनत रंग ला सकती है और अधिकारियों का भरोसा मजबूत होगा। रिश्तों में खुलकर बातचीत करने से नजदीकियां बढ़ेंगी। पैसों से जुड़ा कोई सही फैसला ले सकते हैं, खासकर भविष्य की योजना को लेकर। पारिवारिक माहौल सुकून भरा रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन खाने-पीने में लापरवाही न करें। मिथुन – मिथुन राशि वालों को आज हर कदम सोच-समझकर रखने की जरूरत है। काम को लेकर दबाव बना रह सकता है और किसी निर्णय को लेकर उलझन रहेगी। रिश्तों में छोटी बातों पर तनाव हो सकता है, लेकिन बातचीत से सब संभल जाएगा। खर्च बढ़ने के संकेत हैं, इसलिए बजट पर नजर रखें। सेहत ठीक रहेगी, पर मानसिक थकान महसूस हो सकती है। कर्क – कर्क राशि वालों का दिन भावनाओं से भरा रह सकता है। परिवार या निजी रिश्तों से जुड़ी बातें मन को प्रभावित करेंगी। कार्यस्थल पर जिम्मेदारी बढ़ेगी, लेकिन आप अपनी समझदारी से स्थिति संभाल लेंगे। पैसों को लेकर स्थिरता बनी रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी, हालांकि नींद पूरी न होने से थकावट महसूस हो सकती है। सिंह – सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है। कामकाज में आपकी राय को महत्व मिलेगा और सराहना भी हो सकती है। प्रेम संबंधों में मिठास बनी रहेगी और पार्टनर का साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और कोई अटका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। सेहत अच्छी रहेगी, बस खानपान पर ध्यान रखें। कन्या – कन्या राशि वालों के लिए आज दिन भागदौड़ भरा हो सकता है। काम में छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी होगा, वरना गलती की संभावना है। रिश्तों में जरूरत से ज्यादा सोचने से बचें और बातों को सरल रखें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए गैर-जरूरी खरीदारी टालें। सेहत को लेकर सतर्क रहें, खासतौर पर पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। तुला – तुला राशि वालों के लिए आज संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी रहेगा। काम और निजी जीवन दोनों में समझदारी से फैसले लेने होंगे। दफ्तर में किसी अहम निर्णय को कुछ समय के लिए टालना सही रहेगा। पैसों से जुड़ा बड़ा कदम उठाने से पहले सोच-विचार करें। मानसिक दबाव महसूस हो सकता है, इसलिए खुद को थोड़ा समय दें। सेहत सामान्य रहेगी। वृश्चिक – वृश्चिक राशि वालों का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। काम में धैर्य रखें और किसी से बहस में पड़ने से बचें। रिश्तों में साफगोई और भरोसा जरूरी रहेगा। खर्च करते समय सावधानी बरतें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन तनाव से दूरी बनाना आपके लिए फायदेमंद होगा। धनु – धनु राशि वालों के लिए दिन उम्मीदों से भरा रहेगा। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं या कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। प्रेम जीवन में खुशी और अपनापन महसूस होगा। आर्थिक रूप से दिन मजबूत है और पुराने प्रयासों का सकारात्मक नतीजा मिल सकता है। सेहत अच्छी रहेगी और मन उत्साह से भरा रहेगा। मकर – मकर राशि वालों को मेहनत कुछ ज्यादा करनी पड़ सकती है। काम का दबाव रहेगा, लेकिन उसका परिणाम संतोषजनक मिलेगा। रिश्तों में दूरी न आए, इसके लिए समय निकालकर बात करें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए पैसों पर नियंत्रण जरूरी होगा। सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी बरतें। कुंभ – कुंभ राशि वालों के लिए नए आइडिया और योजनाओं का दिन है। काम में कुछ अलग करने का मौका मिल सकता है। रिश्तों में सहयोग और आपसी समझ बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। सेहत सामान्य रहेगी और मन हल्का महसूस होगा। मीन – मीन राशि वालों को अपनी भावनाओं पर काबू रखने की जरूरत है। कामकाज में खुद को साबित करने का अवसर मिलेगा। पैसों के मामले में लाभ के योग हैं, लेकिन खर्च पर नजर रखना जरूरी होगा। रिश्तों में संवेदनशीलता बनाए रखें। सेहत ठीक रहेगी, बस लापरवाही से बचें।  

इन्फ्रास्ट्रक्चर से रोजगार तक लाभ ही लाभ: बजट 2026-27 पर LG मनोज सिन्हा का बड़ा बयान

जम्मू डेस्क जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे व्यावहारिक और विकासोन्मुख बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट आर्थिक विकास की रफ्तार को बनाए रखते हुए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। इससे युवाओं, महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाया जाएगा तथा पर्यटन उद्योग में नई जान आएगी। उप-राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 में आर्थिक विस्तार को प्रोत्साहित करने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सात प्रमुख सेक्टरों में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। इससे उभरते उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। एल.जी. सिन्हा ने कहा कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 से सेमीकंडक्टर सेक्टर को नई गति मिलेगी। साथ ही, विशेष रेयर अर्थ ज़ोन के माध्यम से भारत की दूसरे देशों पर निर्भरता कम होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोजगार सृजन और सेवा क्षेत्र पर ध्यान देने से देश की प्रतिस्पर्धी ताकत और मजबूत होगी। उन्होंने आगे कहा कि बजट 2026-27 भारत को कुछ ही वर्षों में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ाता है और आने वाले दो दशकों से भी कम समय में विकसित देश बनने के विजन को दर्शाता है। मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई, स्वास्थ्य, शहरी विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्र देश की आर्थिक मजबूती का आधार बनेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

वोटर लिस्ट में हेराफेरी का दावा: सपा बोली—भाजपा ने फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर मुस्लिम वोटरों को प्रभावित किया

चंदौली जिले में मतदाता सूची से नाम कटवाने की कथित साजिश को लेकर सियासत गरमा गई है. समाजवादी पार्टी ने भाजपा नेताओं पर फॉर्म-7 के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है. सपा का दावा है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में वैध मतदाताओं के सैकड़ों नाम हटाने की कोशिश की जा रही है, जिसमें खासतौर पर मुस्लिम मतदाताओं को निशाना बनाया गया है. सपा नेताओं का आरोप है कि कई बूथों पर अन्य स्थानों पर भरे गए फॉर्म-7 को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) पर दबाव बनाकर स्वीकार कराया गया. वहीं, भाजपा के कुछ बूथ लेवल एजेंट (BLA) द्वारा फॉर्म-7 देने से इनकार किए जाने का भी दावा किया गया है, जिसके ऑडियो साक्ष्य होने की बात कही जा रही है. इतना ही नहीं, सपा का यह भी आरोप है कि कुछ लोग गांव-गांव घूमकर मतदाताओं को नाम कटवाने की धमकी दे रहे हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल है. निष्पक्ष जांच की मांग इन सभी आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि मतदाता सूची से एक भी वैध नाम नहीं कटेगा. पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी. सत्यनारायण राजभर, जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी ने कहा, यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है. भाजपा सुनियोजित तरीके से मतदाता सूची में हेरफेर कर चुनाव प्रभावित करना चाहती है. समाजवादी पार्टी इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी.

‘जनविरोधी बजट’ का आरोप: अखिलेश यादव बोले- सिर्फ चुनिंदा लोगों को फायदा

लखनऊ केंद्रीय बजट पेश होने के बाद शेयर माकेर्ट में आई गिरावट को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ‘हमने पहले ही कहा था, सवाल यह नहीं है कि बाज़ार कब खुलेगा, सवाल यह है कि और कितना गिरेगा।’ ‘भाजपाई भ्रष्टाचार की अद्दश्य खाता-बहीः अखिलेश अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने बयान जारी कर कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से जनता को कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से भी क्या अपेक्षा की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का हर बजट ‘1/20 का बजट’ होता है, क्योंकि यह केवल 5 प्रतिशत लोगों के हित में तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट अपने कमीशन और अपने लोगों को सेट करने का दस्तावेज़ है तथा इसे ‘भाजपाई भ्रष्टाचार की अद्दश्य खाता-बही’ बताया। ‘बजट में न आम जनता का जिक्र है और न ही उनकी फिक्र’ सपा अध्यक्ष का कहना है कि इस बजट में न आम जनता का जिक्र है और न ही उनकी फिक्र। महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बेतहाशा बढ़ती कीमतों के बावजूद आम लोगों को टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई, जो सीधे तौर पर ‘टैक्स-शोषण’ है। वहीं दूसरी ओर अमीरों के कारोबार और घूमने-फिरने पर कई तरह की छूटें दी गईं, जबकि बेकारी और बेरोज़गारी से जूझ रहे युवाओं व आम नागरिकों की उम्मीदों की थाली खाली रह गई। उन्होंने बजट को ‘निराशाजनक और निंदनीय’ बताते हुए कहा कि यह आम आदमी की ज़रूरतों से पूरी तरह कटा हुआ है।

तनाव चरम पर: खामेनेई बोले– अमेरिकी कार्रवाई बनी तो पश्चिम एशिया बनेगा युद्ध का मैदान

ईरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वाशिंगटन ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की, तो यह संघर्ष सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया को अपनी चपेट में लेने वाला क्षेत्रीय युद्ध बन जाएगा। ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, खामेनेई ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अमेरिकियों को यह जान लेना चाहिए कि अगर वे युद्ध शुरू करते हैं, तो इस बार यह एक क्षेत्रीय युद्ध होगा।” खामेनेई की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दे चुके हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका वास्तव में हमला करेगा या नहीं, लेकिन खामेनेई के बयान को सीधी और गंभीर चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। खामेनेई ने कहा कि ईरान किसी भी देश पर हमला करने की पहल नहीं करता और न ही वह युद्ध चाहता है। उन्होंने जोड़ा, “हम उकसाने वाले लोग नहीं हैं, लेकिन ईरानी राष्ट्र किसी भी हमले या उत्पीड़न का करारा जवाब देगा।” इस बयान से संकेत मिलता है कि ईरान अमेरिका या उसके सहयोगियों की किसी भी कार्रवाई का जवाब केवल सीधे तौर पर नहीं, बल्कि अपने क्षेत्रीय प्रभाव और सहयोगी गुटों के जरिए भी दे सकता है।  विश्लेषकों के अनुसार, ईरान की चेतावनी का मतलब है कि संघर्ष केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। इराक, सीरिया, लेबनान, यमन और खाड़ी क्षेत्र, ईरान समर्थित सशस्त्र गुट, इजराइल और अमेरिकी सैन्य ठिकाने, इन सभी के युद्ध में घसीटे जाने की आशंका है। यही वजह है कि खामेनेई “क्षेत्रीय युद्ध” शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। ईरान-अमेरिका टकराव की आशंका ने पहले से अस्थिर पश्चिम एशिया में चिंता बढ़ा दी है। कूटनीतिक हल की संभावनाओं के बीच यह बयान संकेत देता है कि अगर हालात बिगड़े, तो इसका असर तेल बाजार, वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति तक पड़ेगा।  

सीमा सुरक्षा को बूस्ट! बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को रिकॉर्ड 7.8 लाख करोड़, 15% इजाफा

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में देश के रक्षा क्षेत्र के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया है। यह राशि पिछले वित्त वर्ष के 6.81 लाख करोड़ रुपए की तुलना में करीब 15 प्रतिशत ज्यादा है। बजट में रक्षा बलों के लिए सैन्य उपकरणों की खरीद के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपए रखे गए हैं। यह रकम पूंजीगत खर्च का हिस्सा है और यह वित्त वर्ष 2025-26 में दिए गए 1.80 लाख करोड़ रुपए से लगभग 21.8 प्रतिशत अधिक है। रक्षा बजट में ये बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है, जब हाल ही में भारत ने कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर चलाया और दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं। यह कदम सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ नीति के अनुरूप है, जिसमें देश में ही रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। वित्त मंत्री ने यह भी प्रस्ताव रखा कि विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल के लिए इस्तेमाल होने वाले पुर्जों को बनाने में लगने वाले कच्चे माल के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी माफ की जाएगी। इससे रक्षा क्षेत्र की कंपनियों को फायदा मिलेगा। बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद यह बजट देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के बीच संतुलन बनाता है। इस बजट का रुख पहले से चल रही उस रणनीति को आगे बढ़ाता है, जिसमें सेना के आधुनिकीकरण, एयर डिफेंस सिस्टम और नई पीढ़ी के प्लेटफॉर्म पर ज्यादा खर्च किया जा रहा है। कैपेक्स में बढ़ोतरी का कारण फाइटर जेट, युद्धपोत, मिसाइल, तोप और अन्य आधुनिक रक्षा उपकरणों के लिए ज्यादा बजट दिया जाना है। रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए ज्यादा बजट मिलने से सरकारी रक्षा कंपनियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की सप्लायर कंपनियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि पूरे सेक्टर में ऑर्डर तेजी से बढ़े हैं। सरकारी क्षेत्र की जिन कंपनियों को फायदा होने की संभावना है, उनमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) शामिल हैं, जो सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए उपकरण बनाती हैं। इसके अलावा मिधानी, बीईएमएल, भारत डायनामिक्स जैसी छोटी निजी कंपनियों और ड्रोन सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। यह सब भारत में ही रक्षा उपकरणों की खरीद को बढ़ावा देने की सरकार की नीति का हिस्सा है।

रील से रियल करियर तक: बजट का ऐतिहासिक ऐलान, स्टूडेंट्स के लिए स्कूल-कॉलेज में शुरू होंगी Creator Labs

नई दिल्ली Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज य़ानि 1 फरवरी को बजट पेश कर रही हैं। इस बजट में वित्त मंत्री ने अपना रिकॉर्ड बजट पेश करते हुए टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को ‘विकसित भारत’ का सबसे शक्तिशाली इंजन बताया। उन्होंने साफ किया कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया को लीड करेगा। इस विजन को साकार करने के लिए सरकार ने देश की तेजी से बढ़ती ‘क्रिएटर इकोनॉमी’ और गेमिंग सेक्टर के लिए खजाना खोल दिया है। स्कूलों और कॉलेजों में होगा ‘क्रिएटर’ बनने का कोर्स सरकार ने एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (ABGC) सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं:     कंटेंट क्रिएटर लैब्स: देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में अत्याधुनिक ‘कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ स्थापित की जाएंगी। यहाँ छात्रों को रील मेकिंग, वीडियो एडिटिंग और डिजिटल कंटेंट बनाना सिखाया जाएगा।     गेमिंग में 10 लाख नौकरियां: गेमिंग सेक्टर में 10 लाख से ज्यादा पेशेवरों की भर्ती का लक्ष्य रखा गया है।     स्टार्टअप फंड: गेमिंग और क्रिएटिव स्टार्टअप्स की मदद के लिए ₹10,000 करोड़ का विशेष फंड तैयार किया गया है। डिजिटल बुनियादी ढांचे और AI पर बड़ा दांव     AI और स्किलिंग: AI को भारतीय अर्थव्यवस्था की नई ताकत बताते हुए वित्त मंत्री ने युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम पर जोर दिया।     सस्ता होगा हार्डवेयर: सेमीकंडक्टर निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का निवेश होगा, जिससे कैमरा, मोबाइल और गेमिंग गियर जैसे उपकरण सस्ते होंगे।     डिजिटल टाउनशिप: क्रिएटिव स्किल्स और डिजिटल पढ़ाई के लिए 5 नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जहां पढ़ाई के साथ-साथ सीधे कंपनियों में काम करने (Apprenticeship) का मौका मिलेगा। डिजाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर का नया दौर डिजाइनिंग के क्षेत्र में भारत को विश्व स्तरीय बनाने के लिए नए नेशनल डिजाइन स्कूल खोले जाएंगे। साथ ही बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बजट में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे ग्रामीण इलाकों के क्रिएटर्स को भी सुपरफास्ट इंटरनेट मिल सकेगा।

माघी पूर्णिमा पर आस्था का महासंगम: संगम तट पर 2 करोड़ श्रद्धालु, सीएम योगी का संदेश

प्रयागराज माघी पूर्णिमा के पावन मौके पर आज प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। माघ मेला के छठे प्रमुख स्नान पर्व पर करीब 2 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान किया। यह संख्या अनुमान से कहीं ज्यादा है, जिसके चलते प्रशासन ने सभी घाटों पर मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए हैं। सुबह से ही श्रद्धालु संगम नोज, रामघाट और अन्य घाटों पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। कल्पवास पूरा करने वाले कल्पवासी भी आज संगम से विदा होकर घर लौट रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के पक्के इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस के जवान तैनात हैं। मोटरबोट से गश्त चल रही है। प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई है और नो-व्हीकल जोन घोषित है। शहर में कई रूट डायवर्ट किए गए हैं। अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि कल्पवासियों की सुरक्षित वापसी के लिए अलग रूट बनाए गए हैं, ताकि भीड़ व्यवस्थित रहे। मेलाधिकारी ऋषिराज ने कहा कि अनुमान से ज्यादा भीड़ को देखते हुए हर घाट पर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। डीएम ने संगम क्षेत्र का पैदल दौरा किया और कंट्रोल रूम से स्थिति मॉनिटर की। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर श्रद्धालुओं को माघी पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आस्था, भक्ति और संगम की महिमा का जिक्र करते हुए कहा कि माघ मेला आस्था का महापर्व है और सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। माघी पूर्णिमा माघ मेला का एक महत्वपूर्ण स्नान पर्व है, जहां आस्था, तप और अध्यात्म का अनोखा संगम होता है। मेला 15 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान के साथ समाप्त होगा।

कानून बेबस या भीड़ बेलगाम? बांग्लादेश में लिंचिंग से 21 की जान गई, 257 मासूमों पर जुल्म

ढाका बांग्लादेश में जनवरी महीने के दौरान भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या और जेल हिरासत में मौतों की घटनाओं में खतरनाक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मानवाधिकार संगठन मानबाधिकार शोंग्स्कृति फाउंडेशन (MSF) की मासिक रिपोर्ट ने देश की कानून-व्यवस्था और मानवाधिकार हालात को “खतरनाक और जटिल” करार दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में भीड़ हिंसा में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई, जबकि दिसंबर 2025 में यह संख्या 10 थी। एमएसएफ ने कहा कि भीड़ हिंसा पर राज्य की ओर से ठोस और सख्त कार्रवाई न होने से दंडहीनता की संस्कृति को बढ़ावा मिला है, जिससे आम जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अज्ञात शवों की बरामदगी में इजाफा हुआ है। जनवरी में 57 अज्ञात शव मिले, जबकि दिसंबर में यह संख्या 48 थी।जेल हिरासत में मौतें भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। जनवरी में 15 कैदियों की जेल में मौत हुई, जबकि दिसंबर में यह आंकड़ा 9 था। इसके अलावा, कानून प्रवर्तन एजेंसियों की हिरासत में दो लोगों की मौत की भी रिपोर्ट सामने आई। एमएसएफ ने इन मौतों के लिए चिकित्सकीय लापरवाही, अमानवीय हालात और जेल प्रशासन की खामियों को जिम्मेदार ठहराया। आगामी 13वें राष्ट्रीय चुनाव से पहले राजनीतिक हिंसा में भी तेजी देखी गई। जनवरी में चुनावी झड़पों में चार लोगों की मौत और 509 लोग घायल हुए, जबकि दिसंबर में सिर्फ एक मौत दर्ज की गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि राजनीतिक मामलों में अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाए जाने की प्रवृत्ति खतरनाक रूप से बढ़ी है। दिसंबर में जहां 110 अज्ञात आरोपी दर्ज किए गए थे, वहीं जनवरी में यह संख्या बढ़कर 320 हो गई। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा की स्थिति भी बेहद चिंताजनक रही। जनवरी में 257 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 34 बलात्कार और 11 सामूहिक बलात्कार के मामले शामिल हैं। अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले भी बढ़े हैं। मंदिरों और मूर्तियों में चोरी, तोड़फोड़ और नुकसान की 21 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि दिसंबर में यह संख्या सिर्फ छह थी। एमएसएफ ने सरकार से सभी मानवाधिकार उल्लंघनों की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि न्याय व्यवस्था पर भरोसा बहाल हो सके।

मिलिंद सोमन संग दौड़ा जयपुर, एयू मैराथन को CM ने दिखाई हरी झंडी

जयपुर. गुलाबी नगरी में रविवार सुबह आयोजित एयू जयपुर मैराथन 2026 में फिटनेस, उत्साह और ऊर्जा का अनोखा संगम देखने को मिला। शहर की सड़कों पर हजारों धावकों की कदमताल ने जयपुर को एक बार फिर देश की प्रमुख रनिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित कर दिया। आयोजन स्थल पर युवाओं और फिटनेस समूहों की सक्रिय भागीदारी से उत्सव जैसा माहौल रहा। रामनिवास बाग से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मैराथन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। बॉलीवुड अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने भी रन में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रातः जल्दी उठकर दौड़ने और व्यायाम से शरीर स्वस्थ रहता है तथा पूरे दिन शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार रहता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को धरातल पर उतारने के लिए स्वस्थ जीवनशैली एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं से व्यायाम को अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाकर देश-प्रदेश के विकास में योगदान देने की अपील की। इस दौरान अभिनेता मिलिंद सोमन ने मुख्य दौड़ में भाग लेते हुए न केवल तेज गति से रन किया, बल्कि रास्ते में रुककर पुश-अप्स कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस दौरान उनके चारों ओर मौजूद युवा और बच्चे भी उन्हीं की तरह फिटनेस एक्टिविटी करने के लिए प्रेरित दिखे। संस्कृति युवा संस्था और वर्ल्ड ट्रेड पार्क के संयोजन में आयोजित इस मैराथन को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का सहयोग मिला। संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने इस मैराथन को केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ते हुए मैराथन को जनआंदोलन बनाने की पहल बताया। उन्होंने कहा कि जयपुर ने एक बार फिर साबित किया है कि यहां खेल और सामाजिक सरोकार साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। दौड़ के विभिन्न वर्गों में प्रोफेशनल धावकों से लेकर स्कूली बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने भ्ज्ञी हिस्सा लिया। रास्ते में जगह-जगह पानी, ऊर्जा पेय और मेडिकल सहायता की व्यवस्था रही। जबकि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और लाइव म्यूजिक ने प्रतिभागियों का उत्साह बनाए रखा।

आम बजट से उद्यमियों में खुशी की लहर, भीलवाड़ा की टेक्सटाइल सिटी को लगेंगे पंख

जयपुर/भीलवाड़ा. सहमे बाजार और महंगाई की मार झेल रही जनता के बीच आज पेश हुए केंद्रीय बजट में चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क, टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम की घोषणा से राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के कपड़ा उद्यमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। राजस्थान का भीलवाड़ा जिला कपड़ा उद्योग में सिरमौर है और बजट घोषणा में प्रस्तावित मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना होने से वस्त्रनगरी के कपड़ा उद्योग को पंख लगने तय हैं। सालाना 40 हजार करोड़ का टर्नओवर, 8 हजार करोड़ का एक्सपोर्ट वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में सालाना 40 हजार करोड़ का टर्नओवर और 8 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात होता है। इस वित्त मंत्री की बजट घोषणा से इस औद्योगिक हब को मानों ‘बूस्टर डोज’ मिल गई है। उद्यमियों ने कहा कि बजट में ‘मेगा टेक्सटाइल पार्क’ की घोषणा हुई है जिससे अब यह शहर वैश्विक पटल पर चीन और वियतनाम जैसे देशों को सीधी टक्कर देने वाला है। वित्तमंत्री ने बजट में ये की घोषणाएं बजट 2026 में वित्त मंत्री ने कहा कि पुराने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मॉर्डन किया जाएगा और टेक्सटाइल स्किलिंग सिस्टम पर नया प्लान लॉन्च किया जाएगा। SME सेक्टर को मजबूत करने के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। बजट में टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम की घोषणा की गई है, इसके साथ ही चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल (Mahatma Gandhi Gram Swaraj Initiative) को भी लॉन्च किया जाएगा। बजट 2026 में वित्त मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर के लिए 5 प्वाइंट प्लान लॉन्च किया जाएगा और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹10,000 करोड़ का आवंटन किया गया है. खादी और हैंडीक्राफ्ट टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव रखा गया है। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जाएगा- वित्त मंत्री वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में ‘चैलेंज मोड’ में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ पहल शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है। कपड़ा उद्योग के लिए बजट में क्या? रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे। प्रमुख घोषणाएं… वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधाओं को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको पहल। वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 का एलान। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा। रेशम, ऊन और जूट के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना बुनकरों और कारीगरों के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम टैक्स-इको पहल से वैश्विक प्रतिस्पर्धी परिधानों को बढ़ावा वस्त्र कौशल उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 मेगा टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव

राजस्थान में ₹2,585 प्रति क्विंटल है समर्थन मूल्य, शुरू हुई गेहूं की सरकारी खरीद

जयपुर. राजस्थान के लाखों किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रबी विपणन सीजन 2026-27 के तहत गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया आज 1 फरवरी से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। भारत सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) ₹2,585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर और सुनिश्चित मूल्य मिल सकेगा। राज्य सरकार ने खरीद व्यवस्था को पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाते हुए ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली लागू की है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार किसान 1 फरवरी से 25 जून 2026 तक गेहूं बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे। इसके लिए “गेहूं खरीद के लिए किसान रजिस्ट्रेशन पोर्टल” शुरू किया गया है। किसान घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं या फिर नजदीकी ई-मित्र केंद्र की सहायता ले सकते हैं। पंजीकरण के लिए अद्यतन जन आधार कार्ड अनिवार्य रखा गया है। सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। किसानों द्वारा बेचे गए गेहूं का पैसा सीधे जन आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और भुगतान में देरी की समस्या भी नहीं आएगी। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे समय रहते अपने बैंक खाते को जन आधार से लिंक करा लें। राज्य में गेहूं की खरीद 10 मार्च से 30 जून 2026 तक की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में 383 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर भारतीय खाद्य निगम (FCI), राजफेड, तिलम संघ, नाफेड, एनसीसीएफ तथा इस वर्ष से राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से खरीद की जाएगी। सभी केंद्रों पर सुचारु व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को पंजीकरण, खरीद तिथि और अन्य सूचनाएं एसएमएस के माध्यम से भी भेजी जाएंगी। किसी भी समस्या या जानकारी के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14435 जारी किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को उसकी उपज का सही मूल्य समय पर मिले और खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।

नौजवानों का भविष्य और बेहतर इलाज पर जोर, बजट को नड्डा ने बताया ऐतिहासिक

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद भवन में बजट पेश किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आम बजट 2026-27 को एक लोक-कल्याणकारी और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को नई दिशा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह बजट सर्वसमावेशी एवं सर्वस्पर्शी है, जो भारत को दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करेगा। यह देश की युवा शक्ति का बजट है। इस ऐतिहासिक आत्मनिर्भर भारत के बजट के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता इसी बात से जाहिर होती है कि पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में 176 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस वर्ष आवंटित 1 लाख 5 हजार करोड़ से अधिक का बजट पिछले वर्ष के बजट से लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि इस बजट में मेंटल हेल्थ पर भी फोकस किया गया है, जो एक स्वागत योग्य कदम है। इसके तहत रांची और तेजपुर स्थित केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थानों के अपग्रेडेशन और उत्तर भारत में निमहंस की स्थापना की घोषणा सराहनीय है। जामनगर में डब्लूएचओ ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर की स्थापना सभी भारतवासी के लिए गौरव की बात है। स्वास्थ्य बजट में वृद्धि के साथ-साथ देश के हेल्थ सेक्टर को मजबूती देने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट पर फोकस किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में निर्मित दवाओं को विश्व स्तरीय गुणवत्ता के मानकों पर खरा रखने के लिए सीडीएससीओ को अधिक मजबूत किए जाने का प्रस्ताव सराहनीय है। बायोफार्मा शक्ति इनिशिएटिव के तहत सरकार ने अगले 5 वर्षों में बायोफार्मा क्षेत्र में 10,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है, जिससे आधुनिक जैविक दवाओं और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। फार्मा सेक्टर के विकास के लिए तीन नए निपेर संस्थानों की स्थापना और मौजूदा सात संस्थानों के उन्नयन की घोषणा ऐतिहासिक कदम है। इसके अतिरिक्त रासायनिक उद्योग को सुदृढ़ करने के लिए राज्यों में तीन विशेष केमिकल पार्क विकसित किए जाने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण बढ़ते गैर-संचारी रोगों से निपटने के लिए एलाइड हेल्थकेयर संस्थानों को सशक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे अगले पांच वर्षों में एक लाख से अधिक प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स तैयार होंगे। इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके साथ ही देश के प्रत्येक जिला अस्पताल में ट्रॉमा एवं इमरजेंसी सेंटर स्थापित किए जाने के प्रस्ताव से आम जनता को त्वरित और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। मेडिकल रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए आईसीएमआर और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के बजट में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट का मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास को सतत बनाए रखना, सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करना और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ देश को आगे बढ़ाना है। यह बजट गांव, गरीब, किसान, युवा और नारी शक्ति के साथ-साथ औद्योगिक विकास की मजबूत रूपरेखा प्रस्तुत करता है।

केंद्रीय बजट में मानवीय फैसला: मोटर दुर्घटना मुआवजे के ब्याज को किया जाएगा टैक्स-फ्री

नई दिल्ली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट 2026-27 पेश करते समय ऐलान किया कि मोटर एक्सीडेंट मुआवजे पर मिलने वाला ब्याज अब पूरी तरह इनकम टैक्स से मुक्त होगा। इस प्रस्ताव का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ितों को मुआवजे की पूरी राशि मिले और उसमें से कोई कटौती न हो। इसके तहत अब ऐसे ब्याज पर टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (टीडीएस) भी नहीं काटा जाएगा। यह घोषणा संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार पेश किए गए केंद्रीय बजट में की गई। इस आम बजट में टैक्स से जुड़े कई ऐलान किए गए। मौजूदा नियमों के तहत मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) द्वारा दिए गए ब्याज को टैक्स योग्य आय माना जाता था। अक्सर मुआवजा मिलने में देरी हो जाती है, जिससे ब्याज की रकम काफी बढ़ जाती है और पीड़ितों या उनके परिजनों को उस पर टैक्स देना पड़ता है। इस वजह से कई बार पीड़ितों को मुआवजे की पूरी रकम नहीं मिल पाती थी। उन्हें इलाज, पुनर्वास और रोज़ी-रोटी के लिए मिलने वाले पैसों में भी कमी झेलनी पड़ती थी। कई मामलों में टैक्स रिफंड की जटिल प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ता था। वित्त मंत्री ने साफ किया कि यह टैक्स छूट सिर्फ ‘नेचुरल पर्सन’, यानी आम व्यक्ति को मिलने वाले ब्याज पर ही लागू होगी। सरकार ने इसे मुआवजे की मानवीय भावना से जुड़ा फैसला बताया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, “मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा किसी व्यक्ति को दिया गया ब्याज इनकम टैक्स से मुक्त होगा और इस पर कोई टीडीएस नहीं काटा जाएगा।” यह नया नियम वित्त वर्ष 2026-27 से लागू होने की उम्मीद है, जिससे चल रहे और आने वाले मामलों में पीड़ितों को तुरंत राहत मिलेगी। भारत में सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी समस्या बनी हुई हैं। हर साल हजारों लोगों की मौत होती है और कई लोग घायल होते हैं। मुआवजे के लिए लंबी कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ती है। अक्सर मामलों में फैसले में देरी होने से ब्याज की रकम बढ़ जाती है, जो पीड़ितों को हुए नुकसान और परेशानी की भरपाई के लिए दी जाती है। अब टैक्स हटने से मुआवजा ज्यादा फायदेमंद होगा। कानूनी विशेषज्ञों, पीड़ित अधिकार समूहों और बीमा कंपनियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी समस्या का समाधान होगा। इस फैसले से मुआवजे की रकम में कटौती नहीं होगी और मामलों के जल्दी निपटारे को भी बढ़ावा मिल सकता है। यह प्रस्ताव वित्त मंत्री की उस सोच का हिस्सा है, जिसमें टैक्स नियमों को आसान बनाना और ज़रूरतमंद लोगों को सीधी राहत देना शामिल है। साथ ही बजट में मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक स्थिरता पर भी खास ध्यान दिया गया है। इस टैक्स छूट से लाखों प्रभावित परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे सड़क हादसों के मामलों में मिलने वाला न्याय टैक्स कटौती के कारण कम नहीं होगा।

खुलने वाला है राज! साध्वी प्रेम बाईसा मौत केस में आश्रम पहुंची SIT-FSL टीम

जोधपुर साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से जुड़े मामले में जांच तेज हो गई है। इस मामले की तह तक जाने के लिए गठित SIT की टीम पूरी सक्रियता के साथ जांच में जुटी हुई है। इसी कड़ी में एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम भी आज एक बार फिर साध्वी के आश्रम पहुंची, जहां घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आश्रम परिसर से अहम साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि मौत की असल वजह का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कारण का नहीं हुआ खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साध्वी की मौत का साफ कारण नहीं निकल पाया है। मगर मेडिकल सूत्रों के मुताबिक उनकी छोटी और बड़ी आंत में लाल निशान मिले हैं, जो अक्सर जहर के असर से होते हैं। अगर सच में जहर का शक सही है, तो आगे की जांच में यह साफ होगा। अब उनके आंतरिक अंगों (जैसे फेफड़े, यकृत, गुर्दा, आंत) की रासायनिक जांच हो रही है। FSL की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि शरीर में कोई जहरीला पदार्थ था या नहीं और अगर था, तो वह कैसे पहुंचा। पुलिस ने आश्रम के बाहर दो अस्थालाइन की बोतलें भी बरामद की हैं। इसके चलते सवाल उठ रहे हैं कि क्या साध्वी को अस्थमा की दिक्कत थी। अस्थमा के मरीजों को अक्सर डेक्सोना इंजेक्शन दिया जाता है, जो स्टेरॉयड है और फेफड़ों की सूजन कम करता है। लेकिन ज्यादा मात्रा में यह खतरनाक भी हो सकता है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet