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देश की वित्तीय कमान फिर संभाली निर्मला ने: 9वीं बार बजट पेश कर बनाया कीर्तिमान

नई दिल्ली केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इतिहास रच दिया है। वह ऐसी पहली वित्त मंत्री हैं जिन्होंने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया है। वहीं इस मामले में कांग्रेस नेता पी चिदंबर दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने तीन दशकों में 9 बार केंद्रीय बजट पेश किया था। अगर सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने की बात करें तो यह रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के पास है। अगर अगले साल भी निर्मला सीतारण बजट पेश करती हैं तो वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का भी रिकॉर्ड तोड़ देंगी।   बजट ने रचा एक और इतिहास इस बार के बजट ने एक और इतिहास बनाया है। भारत में पहली बार रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया गया है। आम तौर पर इस दिन स्टॉक मार्केट और सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं। बजट की वजह से बीएसई और एनएसई में आज भी ट्रेडिंग चल रही है। हालांकि बजट पेश होते ही शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 1999 में भी पड़ा था रविवार आम तौर पर अगर बजट वाले दिन रविवार पड़ जाता था तो इसे अगले दिन के लिए शिफ्ट कर दिया जाता था। 1999 में जब यशवंत सिन्हा वित्त मंत्री थे तब ऐसा ही हुआ था। हालांकि इस बार ऐसा नहीं किया गया। 1 फरवरी को रविवार होने के बाद भी बजट लोकसभा में पेश किया गया। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि आईटी सेवाओं के लिए सुरक्षित स्थल का लाभ उठाने की सीमा 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये की जा रही है वित्त मंत्री ने कहा कि शराब, स्क्रैप (कबाड़) और खनिज पर स्रोत पर कर संग्रह की दर को तर्कसंगत बनाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है। सीतारमण ने स्वदेशी लेखा कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित आश्रय नियमों के तहत लेखाकारों की परिभाषा को युक्तिसंगत बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार नई कर व्यवस्था के तहत अंतर-सहकारी समितियों के लाभांश आय को कटौती के रूप में स्वीकार करेगी।  

यूपी आरटीई प्रवेश नियमों में बड़ा फेरबदल, कल से आवेदन लेकिन किराए पर रहने वाले बाहर

लखनऊ शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में होने वाले प्रवेश के नियमों में बदलाव किया गया है। किराए के मकान में रहने वाले अभिभावकों के बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके लिए रजिस्ट्रार कार्यालय में घर का पंजीकरण जरूरी है। बच्चों के यूनिफार्म का पैसा सीधे अभिभावकों के खाते में अब निदेशालय स्तर से ही भेजा जाएगा। इसमें बैंक से आधार कार्ड का सत्यापन जरूरी है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत राजधानी में संचालित 1576 प्राइवेट स्कूलों में करीब 21000 सीटों पर प्रवेश के लिए 2 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों के दस्तावेज की ऑनलाइन कॉपी विभाग के वेबसाइट पर भी अपलोड होगी। संबंधित निजी स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य यूजर आईडी के माध्यम से संबंधित बच्चों के दस्तावेज को चेक भी कर सकते हैं। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के प्रवेश में पादर्शिता बनी रहेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार के अनुसार, बीते साल 1398 निजी स्कूलों में कुल 18000 सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन लिए गए थे। इस बार स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ- साथ सीटों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। निजी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस विभाग की ओर से आपूर्ति की जा रही है इसके लिए संबंधित स्कूलों से डाटा मांगा गया है। निजी स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए पहले चरण की 2 से 16 फरवरी तक आवेदन होंगे। 21 फरवरी से 7 मार्च तक द्वितीय चरण और 12 से 25 मार्च तक तृतीय चरण के लिए आवेदन होंगे। आवेदन और दस्तावेज जांच के बाद 18 फरवरी को पहली लॉटरी, 9 मार्च को द्वितीय लॉटरी और 27 मार्च को तृतीय चरण की लॉटरी जारी होगी। आईटीई प्रवेश के लिए इन दस्तावेज की होगी जरूरत शहर निवासी और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को ही आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश मिलेंगे। जिला शिक्षा परियोजना समिति की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रवेश के दौरान तहसीलदार द्वारा निर्गत जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ग्रामीण क्षेत्र में जॉब कार्ड,चिकित्सा प्रमाणपत्र और आधार कार्ड की जरूरत होगी। मानक के अनुसार, इनमें से जरूरी दस्तावेज होने पर ही प्रवेश आवेदन होंगे।  

बजट पर पीएम मोदी: रिफॉर्म्स को नई दिशा, नागरिकों में निवेश से बनेगा आत्मनिर्भर भारत

नई दिल्ली पीएम मोदी ने रविवार को बजट पर कहा, ‘देश में रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी है। जो बदलाव किए गए हैं वो एक्सप्रेशन से भरे हुए भारत के साहसिक प्रतिभाशाली युवाओं को खुला आसमान देते हैं।’ उन्होंने कहा कि बजट से रिफॉर्म्स को नई गति मिलेगी। ये स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी को मजबूत करने का प्रयास है। सबसे बड़ी पूंजी नागरिक, इसी में निवेश किया। पीएम ने कहा कि यह एक ऐसा यूनिक बजट है, जिसमें फिसकल डेफिसिट कम करने पर फोकस है। इसके साथ बजट में हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का समन्वय है। यह देश की ग्लोबल भूमिका को नए सिरे सशक्त करता है।

दवा निर्माण में आत्मनिर्भरता की ओर कदम: बजट में बायोफार्मा हब के लिए ₹10,000 करोड़ का पैकेज

नई दिल्ली Union Budget 2026 बजट 2026-27 में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने बायोफार्मा सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बायोफार्मा शक्ति प्रोग्राम के तहत अगले पांच साल में इस क्षेत्र में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बता दें कि बायोफार्मा शक्ति योजना का लक्ष्य बायोफार्मा इकोसिस्टम को विकिसित करना है। बायोफार्मा के तहत सूक्ष्मजीवों, प्रोटीनों के जरिए दवाओं का निर्माण किया जाता है जिसके साइड इफेक्ट्स कम होते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि इस सेक्टर में बड़ा निवेश करने से देश में फार्मा सेक्टर को बड़ी मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य ज्ञान, तकनीक और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य योजना को उन्नत करना है। यह निवेश भारत को वैश्विक बायो फार्मा विनिर्माण केंद्र बनाने और गैर संक्रामक बीमारियों से निपटने में मदद करेगा। युवाओं पर केंद्रित बजट सीतारमण ने लोकसभा में अपने बजट भाषण में बताया कि कर्तव्य भवन में तैयार पहला बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज और अनवरत बनाए रखना होगा ताकि वैश्विक उथल-पुथल का मजबूती से समाना किया जा सके। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके क्षमता निर्माण की है ताकि देश को समृद्धि के मार्ग पर ले जाया जा सके। सबका साथ सबका विकास के अनुरूप तीसरा कर्तव्य संसाधन, सुविधा और अवसर तक हर परिवार, समाज, इलाके और सेक्टर की पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार इन कर्तव्यों को पूरा करने के लिए समर्थन का वातावरण तैयार करेगी। उन्होंने सात रणनीतिक सेक्टरों में विनिर्माण को बढ़ावा देने का प्रस्ताव किया। देश के बायो फार्मा विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए अगले पांच साल 10 हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ बायो फार्मा शक्ति का प्रस्ताव किया। इसके तहत देश में बायोलॉजिक्स और बायो सिमिलर बनाने के लिए पारितंत्र तैयार किये जायेंगे। फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान के लिए तीन राष्ट्रीय संस्थान बनाए जाएंगे और मौजूदा सात संस्थानों को अपग्रेड किया जायेगा। केंद्रीय औषधि नियंत्रण संस्थान को मजबूत कर वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जायेगा। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गयी है जिसके तहत उपकरण आदि तैयार किये जायेंगे, फुल स्टैक स्वदेशी आईपी तैयार किया जायेगा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जायेगा। उद्योग के नतृत्व में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जायेगा और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अप्रैल 2025 में शुरू की गयी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण योजना के लिए आवंटन 22,919 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है।  

युवा तूफान ईशान किशन—36 पारियों में रचा इतिहास, रोहित शर्मा का रिकॉर्ड टूटा

नई दिल्ली ईशान किशन का कमबैक क्या धाकड़ रहा। न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैच की टी20 सीरीज में वह दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। पांचवें टी20 में शतक जड़ने से पहले किशन ने एक तूफानी अर्धशतकीय पारी भी खेली थी। उनके बल्ले से पूरी सीरीज में 215 रन निकले। किशन ने आखिरी टी20 में शतक जड़ने के साथ अपने T20I करियर में 1000 रन का आंकड़ा भी पार किया। मात्र 36 पारियों में यह कारनामा कर ईशान किशन ने रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हालांकि वह भारत के लिए सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले टॉप-5 खिलाड़ियों की लिस्ट में अभी भी अपनी जगह नहीं बना पाए। विराट कोहली इस लिस्ट के टॉप पर हैं।   ईशान किशन ने 1000 T20I रन का आंकड़ा 36 पारियों में छुआ, वहीं रोहित शर्मा ने अपने करियर में यह कारनामा करने के लिए 40 पारियां ली थी। ईशान किशन के ऊपर इस लिस्ट में तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, केएल राहुल, अभिषेक शर्मा और विराट कोहली हैं। भारत के लिए सबसे कम पारियों में 1000 T20I रन बनाने वाले खिलाड़ी 27-विराट कोहली 28-अभिषेक शर्मा 29- केएल राहुल 31- सूर्यकुमार यादव 34-तिलक वर्मा 36 – ईशान किशन* 40 – रोहित शर्मा 41 – युवराज/सुरेश रैना 42 – शिखर धवन/श्रेयस अय्यर 44- संजू सैमसन 55- हार्दिक पांड्या 57-ऋषभ पंत 58 – एमएस धोनी ईशान किशन ने 42 गेंदों में सेंचुरी बनाकर T20I में न्यूजीलैंड के खिलाफ गेंदों के हिसाब से सबसे तेज़ सेंचुरी का रिकॉर्ड बनाया। पिछला सबसे तेज रिकॉर्ड 44 गेंदों का था, जो कुसल परेरा ने नेल्सन में और हसन नवाज ने ऑकलैंड में बनाया था, दोनों 2025 में। यह T20I में भारत के लिए पांचवीं सबसे तेज सेंचुरी थी। भारत ने न्यूजीलैंड के सामने 272 रनों का टारगेट रखा था, जिसका पीछा करते हुए कीवी टीम ने 225 रनों पर दम तोड़ दिया था। भारत ने 46 रनों से मैच जीतकर सीरीज 4-1 से अपने नाम की।  

टॉप ऑर्डर ध्वस्त—सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे आउट, मुश्किल हालात में भारत

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 का 12वां मैच क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में खेला जा रहा है। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला किया है। वैभव सूर्यवंसी और आरोन जॉर्ज ने पहले विकेट के लिए 47 रन जोड़े। टीम इंडिया को पहला झटका वैभव सूर्यवंशी के रूप में लगा जो 30 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान आयुष म्हात्रे खाता भी नहीं खोल पाए। अब आरोन जॉर्ज का साथ देने वेदांत त्रिवेदी आए हैं। बता दें, दोनों टीमों में एक-एक बदलाव हुआ है। सेमीफाइनल में जगह बनाने का यह दोनों टीमों के पास आखिरी मौका है। भारत के पास पाकिस्तान से एशिया कप फाइनल में मिली हार का हिसाब चुकता करने का सुनहरा मौका है। भारतीय टीम ने जारी टूर्नामेंट में अपने सभी मुकाबले जीते हैं। वहीं पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना मुकाबला गंवाया था। विश्व कप में भारत का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। टीम ने अमेरिका पर 6 विकेट से जीत दर्ज कर अपने अभियान की शुरुआत की थी और फिर बांग्लादेश, न्यूजीलैंड की टीमों को शिकस्त दी। अपने पहले सुपर सिक्स मैच में मेजबान जिम्बाब्वे को 204 रनों से हराया था। भारत के 50 रन पूरे लगातार तीन विकेट खोने के बाद टीम इंडिया के 50 रन पूरे हो गए हैं। विहान मल्होत्रा के साथ वेदांत त्रिवेदी क्रीज पर मौजूद हैं। 47 रन पर भारत ने खोए बैक टू बैक तीन विकेट टीम इंडिया को ये क्या हुआ! वैभव सूर्यवंशी के आउट होने के बाद 8वें ओवर की आखिरी गेंद पर आयुष म्हात्रे आउट हुए। वहीं 9वें ओवर की पहली गेंद पर आरोन जॉर्ज भी पवेलियन लौटे।

दिल्ली की मुंबई पर बढ़त, जुरैल की यूपी को मिली हार, ओडिशा मजबूत स्थिति में

नई दिल्ली रणजी ट्रॉफी 2025-26 के ग्रुप-स्टेज का आज अंतिम दिन है, जहां कई टीमों की किस्मत का फैसला होना है। बंगाल और मुंबई जैसी टीमें पहले ही नॉकआउट के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं, जबकि सौराष्ट्र ने चंडीगढ़ को पारी से हराकर अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है। आज की मुख्य नजरें विदर्भ और पुडुचेरी जैसे नजदीकी मुकाबलों पर रहेंगी, जहां रोमांचक जीत की उम्मीद है। ध्रुव जुरैल, लोकेश राहुल, मोहम्मद शमी, देवदत्त पडिकल जैसे बड़े खिलाड़ी आज के मैच में आकर्षण का केंद्र हो सकते हैं। बने रहिए हमारे साथ लाइव अपडेट के लिए। दिल्ली ने मुंबई के खिलाफ बनाई बड़ी बढ़त, ये टीमें भी आगे दिल्ली की टीम मुंबई के खिलाफ 242 रनों की बढ़त के साथ काफी मजबूत स्थिति में है। झारखंड को ओडिशा के खिलाफ जीत के लिए अभी 171 रनों की दरकार है, जबकि रेलवे की टीम सर्विसेज के विरुद्ध 140 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही है। पंजाब कर्नाटक के खिलाफ 209 रनों की बढ़त के साथ खेल रहा है और गुजरात ने त्रिपुरा पर 87 रनों की बढ़त बना ली है। इसी बीच, हनुमा विहारी ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 10,000 रन पूरे करने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जबकि उनकी टीम आंध्र प्रदेश के खिलाफ नागालैंड अभी 36 रनों से आगे है।

बजट 2026 में नारी कल्याण: लखपति दीदी, शी मार्ट्स और गर्ल्स हॉस्टल से बदलेगी महिलाओं की तस्वीर

नई दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में 2026-27 का बजट पेश किया। हर बार की तरह इस बार भी वित्त मंत्री के पिटारे में महिलाओं के लिए कुछ खास सौगात देखने को मिली। तो आइए जानते हैं इस बार बजट में महिलाओं के लिए क्या-कुछ खास था? लखपति दीदी योजना केंद्र सरकार ने लखपति दीदी योजना को जारी रखने की भी घोषणा की है। इस योजना के तहत महिलाओं से जुड़े स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज रहित लोन दिया जाता है, जिससे वो आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकें। इस लोन पर महिलाओं को सरकारी सब्सिडी भी मिलती है। ‘शी मार्ट्स’ की घोषणा केंद्र सरकार की लखपति दीदी योजना की सफलता के बाद वित्त मंत्री ने ‘शी मार्ट्स’ (She MARTS) की घोषणा की है। ये मार्ट्स स्वयं सहायता उद्यमियों की ओर से संचालित किया जाएगा और रीटेल आउटलेट के रूप में ऑपरेट करेगा। केंद्र सरकार की इस नई स्कीम का उद्देश्य महिला उद्यमियों की पहुंच बड़ी बाजार तक सुनिश्चित करना है। इसके तहत महिलाएं न सिर्फ अपना खुद का ब्रांड बना सकेंगी, बल्कि अच्छा मुनाफा भी कमा सकेंगी। इससे स्थानीय स्वयं सहायता समूह भी मजबूत होंगे। गर्ल्स हॉस्टल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने छात्राओं को भी बजट में शानदार सौगात दी है। उन्होंने हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोलने की घोषणा की है। देश के लगभग 700 से ज्यादा जिलों में छात्राओं के रहने के लिए गर्ल्स हॉस्टल की नींव रखी जाएगी।  

बजट 2026: बायबैक पर टैक्स & STT के फैसले – निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sithraman) ने अपना 9वां लगातार बजट भाषण (Budget Speech) पूरा किया। इनकम टैक्स स्लैब में वित्त मंत्री ने कोई भी बदलाव नहीं किया है। इसके अलावा इनकम टैक्स एक्ट (IT Act 2025) एक अप्रैल 2025 से लागू होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका ऐलान बजट स्पीच में किया है। बजट 2026 में टैक्स को लेकर क्या-क्या हुआ ऐलान? 1- आईटीआर टाइमलाइन – TR-1 और ITR-2 को फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई तक रहेगी। 2- रिवाइज्ड रिटर्न – अब 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल किया जा सकेगा। इसके लिए थोड़ा सा शुल्क देना होगा। 3- गलत जानकारी देने पर पेनाल्टी इनकम की गलत जानकारी देने पर पेनाल्टी को बढ़ाकर टैक्स की रकम का 100 प्रतिशत कर दिया गया है। 4- विदेशी संपत्तियों खुलासा योजना – छोटे टैक्स पेयर्स 6 महीने तक विदेशी संपत्तियों का खुलासा कर सकते हैं। 5- अचल संपत्तियों का भी खुलाजा जरूरी – अब अचल संपत्तियों का खुलासा ना करने पर जुर्माना लगेगा। 6- ओवरसीज टूर टीसीएस में कटौती – ओवरसीज टूर पैकेज पर लगने वाले टीसीएस को घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। पहले यह 5 प्रतिशत से 20 प्रतिशत था। 7- NRI के द्वारा प्रॉपर्टी बेचने पर – अब एनआरआई को अचल संपत्तियों की बिक्री पर टीडीएस लागू होगा। 8- शेयर बायबैक पर देना होगा टैक्स – अब शेयरों के बायबैक पर कैपिटल गेन्स पर टैक्स देना होगा। यह नियम सभी शेयरहोल्डर्स पर लागू होगा। 9- फ्यूचर एंड ऑप्शंस पर STT में इजाफा – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर एंड ऑप्शंस पर STT पर बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। फ्यूचर्स पर STT 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, ऑप्शंस पर STT को बढ़ाकर 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया है। बजट 2025 में हुए थे बड़े ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025 में 12.75 लाख रुपये की आय वाले लोगों को टैक्स फ्री कर दिया था। वित्त मंत्री ने तब ऐलान किया था जिनकी आय 12 लाख रुपये तक है उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा। 75000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को जोड़ लें तो यह छूट 12.75 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। बायबैक पर लगेगा कैपिटल गेन्स टैक्स केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि बायबैक अब कैपिटल गेन्स के दायरे में आएगा। यह सभी कैटगरी के शेयरहोल्डर्स पर लागू होगा। 31 मार्च तक फाइल किया जा सकेगा रिवाइज्ड आईटीआर कोई भी कर दाता अब 31 मार्च तक थोड़े से शुल्क के साथ रिवाइज्ड आईटीआर फाइल किया जा सकेगा – वित्त मंत्री इन विदेशी कंपनियों को बड़ा तोहफा  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंडियन कंपनियों को क्लाउड सर्विसेज प्रदान करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए वित्त वर्ष 2047 तक टैक्स हॉलीडे का ऐलान किया गया है। आ गया है नया आयकर कानून केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट स्पीच में कहा कि नया आयकर कानून इस वर्ष एक अप्रैल से लागू होगा। क्या होम लोन की छूट होगी न्यू टैक्स रिजीम में शामिल?  मौजूदा समय में न्यू टैक्स रिजीम में किसी भी निवेश से पर कोई छूट नहीं मिलती है। मिडिल क्लास ओल्ड टैक्स रिजीम की तरह न्यू टैक्स रिजीम में भी होम लोन के ब्याज दरों पर टैक्स में छूट की डिमांड कर रहा है। ओल्ड टैक्स रिजीम या न्यू टैक्स रिजीम  पुरानी कर व्यवस्था में जहां कुछ ही टैक्स स्लैब हैं। तो वहीं नई कर व्यवस्था में अधिक स्लैब बनाए गए हैं। न्यू टैक्स रिजीम के जरिए कोई भी टैक्सपेयर्स 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई भी टैक्स नहीं देगा। इस कर प्रणाली में डायरेक्ट छूट मिलती है। वहीं, ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत टैक्सपेयर्स को अलग-अलग इंवेस्टमेंट के जरिए छूट प्राप्त कर सकते हैं। कम होगा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स? मौजूदा समय में जब अब इक्विटी शेयर्स या म्यूचुल फंड्स को 12 महीने से पहले बेचते हैं तो 20 प्रतिशत का टैक्स देना पड़ता है। इसे ही शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स कहा जाता है। देखना है कि क्या बजट 2026 में इसको लेकर कोई बदलाव देखने को मिलता है या नहीं? क्या है इनकम टैक्स एक्स का सेक्शन 54 अगर कोई टैक्सपेयर्स पुराना घर बेचकर नया घर अगले दो साल में बनाता है या फिर खरीदता है तो उसे इनकम टैक्स एक्ट 54 के तहत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में छूट मिलती है। मौजूदा समय में यह छूट 10 करोड़ रुपये के रिइंवेस्टमेंट तक मिलता है।  

जनता के काम का बजट? हेल्थ और एजुकेशन में निवेश को लेकर सरकार की बड़ी तैयारी

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का बजट पेश करते हुए कई बड़ी घोषणाएं की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने नौवें बजट में देश के परिवहन और रक्षा क्षेत्र पर सबसे अधिक पैसा लगाया है। दोनों ही क्षेत्रों पर करीब 6-6 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी बड़ी राशि रखी गई है।   वित्त मंत्री ने ट्रांसपोर्ट पर सबसे अधिक 5,98,520 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव किया है। वहीं, रक्षा क्षेत्र पर 5,94,585 रुपये खर्च किए जाएंगे। होम अफेयर्स पर 2,55,234 करोड़ खर्च होने का प्रस्ताव है। कृषि कार्यों और इससे जुड़ी गतिविधियों पर 1,62,671 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। शिक्षा पर 1,39,289 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं ऊर्जा पर 1,09,029 करोड़ रुपये और हेल्थ पर 1,04,599 करोड़ रुपये का निवेश होगा। बजट 2026 में किस सेक्टर को कितना पैसा शहरी विकास पर 85,522 करोड़, आईटी और टेलिकॉम सेक्टर पर 74560 करोड़, कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पर 70296 करोड़, सोशल वेलफेयर पर 62362 करोड़, साइंटिफिक डिपार्टमेंट्स पर 55,756 करोड़, टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन पर 45500 करोड़, एक्सटर्नल अफेयर्स पर 22,119 करोड़, फाइनेंस पर 20,649 करोड़ और नॉर्थ ईस्ट डिवलेपमेंट के लिए 6812 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। रुपया कहां से आएगा और कहां जाएगा बजट डॉक्युमेंट्स में सरकार ने यह बताया है कि पैसा कहां से कितना आएगा और कहां कितना खर्च होगा। इसके मुताबिक बजट का 24 पर्संट हिस्सा सरकार उधार लेगी। 21 फीसदी हिस्सा इनकम टैक्स से और 18 पर्सेंट कॉर्पोरेशन टैक्स से आता दिख रहा है। 4 पर्सेंट कस्टम से और 6 फीसदी यूनियन एक्साइज ड्यूटीज से आएगा। नॉन-डेब्ट कैपिटल से 2 फीसदी की प्राप्ति होगी। नॉन टैक्स रेवेन्यू से 10 फीसदी और जीएसटी और अन्य टैक्सों से 15 फीसदी हिस्सा मिलने की उम्मीद है। रुपया कहां कितना जाएगा, इसके ब्योरे में बताया गया है कि सर्वाधिक 22 फीसदी हिस्सा राज्यों को टैक्स का हिस्सा देने में जाएगा। ब्याज देनदारी पर 20 फीसदी खर्च होगा। केंद्रीय योजनाओं पर 17 फीसदी हिस्सा खर्च होगा। बड़ी सब्सिडी पर 6 फीसदी, डिफेंस पर 11 फीसदी, केंद्र प्रयोजित योजनाओं पर 8 फीसदी पैसा खर्च होगा। सिविल पेंशन पर 2 फीसदी और अन्य मदों में 7 फीसदी पैसा लगेगा।  

अब गैजेट खरीदना होगा आसान? सरकार के फैसले से मोबाइल से लेकर AC तक हो सकते हैं सस्ते

नई दिल्ली बजट 2026 में अनाउंट किए गए Semiconductor Mission 2.0 का असली फायदा यही है कि भारत की टेक्नोलॉजी विदेशी सप्लाई पर निर्भरता कम होगी। इसका सीधा मतलब है कि देश में गैजेट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स सस्ते हो सकते हैं। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से ये सब होगा सस्ता वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट 2026 पेश किया और इसमें स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देते हुए India Semiconductor Mission 2.0 को 40,000 करोड़ रुपये का समर्थन मिला है। इसका सीधा मतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक्स में लगने वाले सेमीकंडक्टर चिप अब भारत में बनाए जाएंगे। सीधा मतलब है कि फोन से लेकर होम अप्लायंसेज तक अगले कुछ साल में सस्ते होने वाले हैं और इनकी कीमतें गिरेंगी। आप नीचे देख सकते हैं कि किन चीजों की कीमत में गिरावट देखने को मिल सकती है।   इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और कारें आज की कारों और खासकर EV में दर्जनों नहीं, बल्कि सैकड़ों चिप्स इस्तेमाल होती हैं। पिछले कुछ सालों में चिप की कमी के कारण गाड़ियां महंगी हुईं और वेटिंग बढ़ी है। देश में ऑटोमोटिव-ग्रेड चिप्स बनने से सप्लाई स्टेबल होगी और लागत घटेगी। लंबे समय में इससे EV की कीमत और मेंटिनेंस कॉस्ट कम हो सकती है।   इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज टीवी, फ्रिज, AC, वॉशिंग मशीन, आज हर अप्लायंस ‘स्मार्ट’ हो चुका है और इन स्मार्ट फीचर्स के लिए माइक्रोचिप्स जरूरी हैं। लोकल सेमीकंडक्टर सप्लाई मिलने पर कंपनियों का खर्च घटेगा, जिसका असर स्मार्ट टीवी, इन्वर्टर AC और एनर्जी-एफिशिएंट अप्लायंसेज की कीमतों पर दिख सकता है।   स्मार्टफोन और टैबलेट स्मार्टफोन में प्रोसेसर, कैमरा, नेटवर्क और बैटरी मैनेजमेंट, सब कुछ चिप्स पर निर्भर करता है। अभी ये चिप्स ज्यादातर बाहर से मंगाई जाती हैं, जिससे लागत बढ़ जाती है। ये चिप्स भारत में बनने लगती हैं, तो मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट घटेगी। इसका फायदा सबसे पहले बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन में दिख सकता है। लैपटॉप, राउटर और स्मार्ट गैजेट्स लैपटॉप, Wi-Fi राउटर, स्मार्टवॉच और IoT डिवाइस कई तरह की चिप्स के साथ काम करते हैं। अभी इन्हें इंपोर्ट करना पड़ता है, जिससे कीमतें बढ़ती हैं। Semiconductor Mission 2.0 में चिप पैकेजिंग और टेस्टिंग पर भी जोर है, जिससे इन गैजेट्स की लागत कम हो सकती है। ऐसे में पहले एंट्री-लेवल लैपटॉप और नेटवर्किंग डिवाइसेज को फायदा मिलेगा। मेडिकल और हेल्थकेयर डिवाइसेज BP मशीन, ECG, ऑक्सीमीटर और कई डायग्नोस्टिक टूल्स भी चिप्स पर चलते हैं। देश में चिप्स बनने से मेडिकल डिवाइस का प्रोडक्शन सस्ता होगा और इलाज से जुड़े टूल्स अफऑर्डेबल बन सकते हैं। पावर, सोलर और चार्जिंग सिस्टम स्मार्ट मीटर, सोलर इन्वर्टर, EV चार्जर और पावर कंट्रोल सिस्टम में सेमीकंडक्टर बड़ी भूमिका निभाते हैं। Mission 2.0 के साथ पावर-चिप्स को बढ़ावा मिलने से ऊर्जा और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत कम हो सकती है, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा।

सामने आए अमेरिकी यौन अपराधी के वीडियो, कहीं डांस तो कहीं महिलाओं के पीछे दौड़ रहा जेफ्री एपस्टीन

न्यूयार्क. नाबालिगों के यौन उत्पीड़न के दोषी अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों ने दुनियाभर में तहलका मचा दिया है। उसका कनेक्शन ऐसे लोगों से निकलकर आ रहा है जिसके बारे में कभी सोचा नहीं जा सकता था। अमेरिकी राष्ट्र्पति डोनाल्ड ट्रंप के अलावा दुनियाभर के कई नेताओं और अन्य हस्तियों के नाम उससे जुड़े दस्तावेजों में शामिल हैं। इनमें कई नाम भारत के भी हैं। एपस्टीन की डायरी, उसके लेटर्स, ईमेल और अन्य डॉक्युमेंट समेत करीब 30 लाख दस्तावेजों को सार्वजनिक किया गया है। इसी बीच एपस्टीन के कुछ नए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिनमें वह महिलाओं के साथ मौज-मस्ती करता हुआ नजर आता है। एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता है कि जेफ्री एपस्टीन महिला के साथ नाच रहा है। हालांकि इन वीडियो की सच्चाई का दावा लाइव हिंदुस्तान नहीं करता है। शुक्रवार को ही अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने जेफ्री एपस्टीन से जुड़े करीब 30 लाख दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इनमें हजारों वीडियो और तस्वीरें भी हैं। बता दें कि जेफ्री एपस्टीन की अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में मौत हो गई थी। उसे सेक्स ट्रैफिकिंग का दोषी पाया गया था। कौन था जेफ्री एपस्टीन उससे जुड़े दस्तावेजों में हजारों वीडियो और लाखों तस्वीरों के अलावा एफबीआई इंटरव्यू समरी और ईमेल भी शामिल हैं। 1970 में जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क के डाल्टन स्कूल में अध्यापक था। इसी दौरान उसकी मुलाकात बीयर स्टियर्न्स के एक पार्टनर से हुई। इसके बाद वह बैंक में पार्टनर बन गया। 1982 में उसने खुद की एक कंपनी खोल दी। वह बड़े बड़े क्लाइंट्स की संपत्तियों को संभावता था। इसके बाद उसके संपर्क बढ़ते चले गए। उसने फ्लोरिडा में मैंशन बनाया, न्यू मैक्सिको में रैंच और न्यूयॉर्क में आलीशान बंगला खरीद लिया। इसके बाद उसकी पार्टियों का सिलसिला शुरू हुआ। बताया जाता है कि उसकी पार्टी में डोनाल्ड ट्रंप और कई जानी-मानी हस्तीयां पहुंचती थीं। 2005 में 14 साल की एक बच्ची के मां-बाप ने उसके खइलाफ शइकायत की कि उसका पाम बीच के एक घर में यौन उत्पीड़न किया गया। इसके बाद छापेमारी में उसके यौन उत्पीड़न का खुलासा होने लगा। इसी के बाद एपस्टीन के बुरे दिन शुरू हो गए। कई पीड़ितों ने हैरान कर देने वालीआपबीती सुनाई। 6 जुलाई 2019 को उसे न्यूयॉर्क के हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ नाबालिगों के यौन उत्पीड़न और यौन तस्करी के आरोप थे। 10 अगस्त 2019 को उसे जेल की शेल में ही मृत पाया गया था।

इलाज भी सस्ता, रोजगार भी: दवाइयों पर राहत के साथ टेक्सटाइल पार्क और हैंडलूम योजना का ऐलान

नई दिल्ली.  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट 2026-27 पेश कर रही है। उनके भाषण पर पूरे भारत की नजर टिकी है। बजट से आम नागरिक, व्यवसायी, हेल्थ सेक्टर, शेयर मार्केट को उम्मीदें है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाषण की शुरुआत में कहा, इस बजट में ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत बजट पर फोकस है। इसके अलावा इस साल के बजट में युवा शक्ति पर फोकस है। वित्त मंत्री ने कहा, “सरकार के कदमों से 7 प्रतिशत का विकास और गरीबी कम करने में मदद मिली है। भारत को वैश्विक बाजारों से एकीकृत होना होगा।” वित्त मंत्री ने कहा, “आर्थिक विकास को सतत और तेज बनाए रखना सरकार का पहला कर्तव्य है।” बजट में किन बातों को विशेष महत्व? मैन्युफैक्चरिंग में तेजी चैंपियन एमएसएमई का निर्माण इन्फ्रास्ट्रक्चर दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा स्वास्थ्य सेवा के लिए रणनीति क्या है मुख्य घोषणाएं? 2025 में रेअर परमानेंट मैग्नेट स्कीम शुरू की गई थी। इसमें आगे बढ़ते हुए खनिज संपन्न राज्यों की मदद की जाएगी। पांच राज्यों में रेयर अर्थ मिनरल के डेडिकेटेड कॉरिडोर बनेगा। इसके अलावा EMS PLI स्कीम का आवंटन 20 हजार से बढ़ाकर 40 हजार करोड़ किया जाएगा इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन – उपकरण और सामग्री उत्पादन, सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए आईएसएम 2.0 शुरू किया जाएगा। 5 साल में बायोफार्मा में 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा दुर्लभ खनिज के लिए कॉरिडोर बनेगा     आंध्र, केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में कॉरिडोर बनेगा     कैंसर, डायबिटीज की दवाइयां सस्ती होगी     टेक्सटाइल पार्क की स्थापना का एलान     महात्मा गांधी हैंडलूम योजना शुरू करेंगे     वस्त्र उद्योग सेक्टर में भी रिफॉर्म करेंगे     इससे बुनकरों को फायदा होगा डिफेंस के लिए क्या घोषणा?  रक्षा सामग्री (जैसे हथियार) खरीद के लिए 219306.47 करोड़ रुपये। पिछले बजट (2025-26) में 180000 करोड़ का प्रावधान किया गया था, जिसे संशोधित कर 186454.20 करोड़ किया गया है। सर्विस सेक्टर के लिए हाई‑पावर्ड स्थायी समिति की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘मैं ‘Education to Employment and Enterprise’ नाम की एक हाई‑पावर्ड स्टैंडिंग कमेटी बनाने का प्रस्ताव रखती हूं, जो सर्विस सेक्टर को ‘विकसित भारत’ का मुख्य ड्राइवर बनाने के लिए जरूरी उपायों की सिफारिश करेगी। सरकार का टारगेट है कि 2047 तक भारत का सर्विस सेक्टर में वैश्विक हिस्सा 10% तक पहुंचे। इनकम टैक्स कानूनों, टैक्स कलेक्शन को लिए कई घोषणाएं नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। FY27 के लिए अनुमानित Non‑debt receipts 36.5 लाख करोड़ रुपये होगा। वहीं Net tax receipts 28.7 लाख करोड़ रुपये होगा। वित्त मंत्री ने कहा है कि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए TCS रेट घटाया गया. यह 5% से घटाकर 2% किया जाएगा। रिटर्न संशोधन (Revised Returns) का समय बढ़ाया गया. नाममात्र फीस देकर रिवाइज रिटर्न फाइल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।  

अमेरिका और इजरायल बोले- हमारा हाथ नहीं, ईरान में धमाकों में 5 की मौत और कई घायल

तेहरान. कई महीनों से प्रदर्शन से परेशान ईरान को एक बार फिर झटका लगा है। दक्षिणी ईरान के समुद्र किनारे वाले शहर बंदर अब्बास में शनिवार को जोरदार धमाका हुआ है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक यह धमाका गैस के रिसाव की वजह से हुआ। इसके अलावा इराक सीमा के पास स्थित अहवाज शहर में भी गैस के रिसाव से एक धमाका हुआ। दोनों धमाकों में कुल मिलाकर पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि 14 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में सात धमाकों की जानकारी सामने आई है। इनके मुताबिक राजधानी तेहरान, बंदर अब्बास, तबरीज, कोम, अहवाज, नंताज और परंद में धमाके हुए हैं। ईरान सरकार की तरफ से इनकी पुष्टि नहीं की गई है। ईरान के अग्निशमन विभाग के प्रमुख मोहम्मद अमीन लियाकत ने बंदर अब्बास में हुए धमाके पर ईरान की मीडिया एजेंसी मेहर को दिए अपने बयान में कहा, “शुरुआती जांच के हिसाब से पता चला है कि यह धमाका गैस की वजह से हुआ है। अगले कुछ घंटों में मेरे सहयोगी और अधिक जानकारी देंगे।” इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं। इनमें मलबे में तब्दील इमारतों के सामने टूटी हुई गाड़ियां खड़ी हुई नजर आ रही हैं, जो कि इमारत के मलबे की वजह से क्षतिग्रस्त हुई हैं। रॉयटर्स ने इमारतों, पेड़ों और सड़क के लेआउट का विश्लेषण कर स्थान की पुष्टि की, जो सैटेलाइट और फाइल इमेजरी से मेल खाता है। हालांकि, स्वतंत्र रूप से यह सत्यापित नहीं की जा सकती कि वीडियो किस तारीख का है। ईरान में धमाकों की खबर सामने आने के बाद सबसे बड़ा शक अमेरिका और इजरायल की तरफ ही गया। हालांकि सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी और इजरायली अधिकाियों ने यह साफ किया है कि इन धमाकों के पीछे उनका कोई हाथ नहीं है।

इन्फ्रा बूम 2026: सड़क-रेल-मेट्रो को रिकॉर्ड फंडिंग, ₹12.20 लाख करोड़ कैपेक्स से तेज होगा छोटे शहरों का विकास

नई दिल्ली. यूनियन बजट 2026 (Union Budget 2026) में सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि देश की ग्रोथ की रफ्तार इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर ही तेज की जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ कर दिया गया है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। कैपेक्स (Capex) यानी सरकार द्वारा किया जाने वाला वह खर्च, जो सड़क, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, हाउसिंग और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी लंबे समय की विकास परियोजनाओं पर होता है। इसका मतलब है कि जितना ज्यादा कैपेक्स (Capex) होगा, उतना ज्यादा रोजगार, निवेश और आर्थिक गतिविधियां भी बढेंगी। वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। 2014-15 में यह 2 लाख करोड़ था, जो 2025-26 (BE): में बढ़कर 11.2 लाख करोड़ हुआ और 2026-27 (प्रस्तावित) में इसको बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ तक कर दिया गया है, यानी 10 साल में सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च कई गुना बढ़ चुका है। सरकार का खास जोर उन शहरों पर रहेगा जिनकी आबादी 5 लाख से ज्यादा है। ये शहर अब सिर्फ छोटे कस्बे नहीं, बल्कि नए ग्रोथ सेंटर्स बन चुके हैं। सरकार का लक्ष्य है कि Tier-2 और Tier-3 शहरों में बेहतर सड़कें हों। इसके साथ ही मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट हो। वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ट्रस्ट (इन्विट) (Infrastructure Investment Trust -InvIT), रियल एस्टेट इंवेस्टमेंट ट्रस्ट (Real Estate Investment Trust -REIT) जैसे नए फाइनेंसिंग टूल्स को भी बढ़ावा दिया है, जिससे प्राइवेट निवेश को आकर्षित किया जा सके। इस बढ़े हुए Capex का सीधा असर रोजगार के नए अवसर, रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर पर पड़ेगा। छोटे शहरों में बेहतर सुविधाएं होंगी। इसके साथ ही बिजनेस और इंडस्ट्री के लिए आसान कनेक्टिविटी होगी। 

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