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मेघालय में कोयला खदान में बड़ा धमाका, 10 मजदूरों की मौत, हादसा हुआ दर्दनाक

 शिलॉन्ग मेघालय के ताशखाई इलाके में स्थित एक कोयला खदान में भीषण धमाका होने से बड़ा हादसा हो गया. इस दुर्घटना में कम से कम 10 मजदूरों की मौत होने की जानकारी सामने आई है. हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. जानकारी के मुताबिक, ताशखाई की कोयला खदान में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके कारण खदान के अंदर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए. धमाका इतना तेज था कि खदान के अंदर मौजूद मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया. आशंका जताई जा रही है कि मृतकों में सभी मजदूर असम के रहने वाले थे, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है.   स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मृत मजदूरों में से एक असम के कटिगारा क्षेत्र के बिहारा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है. हादसे की सूचना मिलते ही मेघालय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. खदान के अंदर फंसे अन्य मजदूरों की तलाश के लिए सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. प्रशासन ने आसपास के इलाके को घेरकर सुरक्षा बढ़ा दी है, ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए. अधिकारियों का कहना है कि धमाके के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. शुरुआती तौर पर खदान में गैस रिसाव या तकनीकी खामी को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. इस हादसे के बाद मजदूरों की सुरक्षा और अवैध खनन गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं, मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने की बात भी कही गई है.

जिला प्रबंधक की सेवा समाप्त, 2.80 लाख के गबन और फर्जी बिल पर कलेक्टर ने की सख्त कार्रवाई

उमरिया जिले में ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े बहुचर्चित गबन मामले में आखिरकार प्रशासन ने सख्त कदम उठा लिया है। फर्जी भुगतान और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सामने आई खबरों के बाद कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने बड़ा फैसला लेते हुए जिला प्रबंधक (कृषि) महेन्द्र कुमार बारसकर की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। यह आदेश मध्य प्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिला स्तर पर प्रदत्त प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों के आधार पर जारी किया गया है।  कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि महेन्द्र कुमार बारसकर पर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के साथ-साथ कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही के गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं। इन्हीं कारणों से उनकी संविदा नियुक्ति को तत्काल समाप्त किया गया है। आदेश जारी होते ही प्रभावशील हो गया है, जिससे यह साफ संदेश गया है कि शासकीय योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दरअसल, यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब अमर उजाला ने ग्रामीण आजीविका मिशन में हुए फर्जी भुगतान और गबन की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर में बताया गया था कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण व्यय और मानदेय की स्वीकृत राशि का एक बार भुगतान होने के बावजूद उसी दावे का दोबारा भुगतान किया गया। इस दोहरे भुगतान से 1,43,440 रुपये का गबन सामने आया। इसके अलावा बिना सक्षम स्वीकृति के 1,36,683 रुपये का भुगतान कर दिया गया। कुल मिलाकर 2,80,123 रुपये की शासकीय राशि के दुरुपयोग का मामला उजागर हुआ। मामले की शिकायत जिला परियोजना प्रबंधक चंद्रभान सिंह द्वारा की गई थी। इसके बाद जिला मिशन प्रबंधन इकाई में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अंतरिक निरीक्षण के दौरान बिल-वाउचर, कैश बुक, लेजर, व्यय पंजी और बैंक स्टेटमेंट का मिलान किया गया। जांच में पाया गया कि कुछ भुगतान एक ही स्वीकृति आदेश के आधार पर दो बार किए गए, जबकि कुछ भुगतान बिना किसी वैध स्वीकृति के कर दिए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत उमरिया के निर्देश पर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। थाना प्रभारी मदनलाल मरावी के अनुसार फर्जी बिल और वाउचर के आधार पर राशि निकाले जाने की पुष्टि हुई है। धारा 316(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है, हालांकि अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है।  प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हुई और आखिरकार कलेक्टर ने कड़ा निर्णय लेते हुए सेवा समाप्ति की कार्रवाई की। यह फैसला न केवल इस मामले में अहम माना जा रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि मीडिया की सक्रियता और पारदर्शिता कैसे सरकारी तंत्र को जवाबदेह बनाने में भूमिका निभाती है। अब सबकी निगाहें आगे की पुलिस जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।  

हर दिन करें ये 5 आसान चीज़ें, और देखें कैसे ज़िंदगी की मुश्किलें 90% कम हो जाती हैं

क्या आप अपनी लाइफ से खुश हैं? ज्यादातर लोगों से अगर ये सवाल पूछा जाए तो अपनी लाइफ से जुड़ी सैकड़ों कमियां वो आपको गिना देंगे। कुल मिलाकर कहें तो अधिकतर लोगों की जिंदगी में शिकायतें ज्यादा भरी हुई हैं और खुशियां कम। खैर, सुख और दुख दोनों ही जिंदगी का हिस्सा हैं, आप चाहें या ना दुख तो जरूर आएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लाइफ में ज्यादातर प्रॉब्लम्स हमारी ही बनाई हुई होती हैं। कई बार हम छोटी-छोटी चीजों को इतना इग्नोर करते हैं कि आगे चलकर वो एक बड़ी समस्या बनकर हमारे आगे खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में अगर आप अपने लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव कर लें तो आपकी ज्यादातर प्रॉब्लम्स अपने आप सॉल्व हो सकती हैं। यकीन मानें ये कोई जादू-टोने का मामला नहीं है, बल्कि प्रैक्टिकल लाइफस्टाइल हैक्स हैं जो लाइफ की प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने में मदद करेंगे। सुबह जल्दी उठने की आदत डालें बचपन से ही आप घर के बड़ों से सुनते आए होंगे कि सुबह जल्दी उठने से सब ठीक हो जाता है। कुछ हद तक ये बात बिल्कुल सही है। ज्यादातर सफल लोगों की दिनचर्या उठाकर देखेंगे तो उसमें सुबह जल्दी उठने की आदत कॉमन पाएंगे। दरअसल जब आप जल्दी उठते हैं, तो आपके पास दिन का पूरा कंट्रोल होता है। आप हड़बड़ी में नहीं होते बल्कि आराम से पूरे दिन की प्लानिंग कर पाते हैं, जिससे पूरा दिन प्रोडक्टिव होता है। आप फ्रेश भी फील करते हैं और बेहतर फैसले ले पाते हैं। अपने स्क्रीन टाइम को कम कर दें आजकल हमारे दिन का आधा से ज्यादा समय फोन, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन के आगे ही गुजर जाता है। इसमें काम के घंटे कम होते हैं बल्कि फालतू का टाइम पास ज्यादा होता है। जितना समय आप स्क्रीन के आगे गुजारते हैं उतने ही नाखुश और डिप्रेस महसूस करते हैं। घंटों मोबाइल के आगे बैठकर परिवार के साथ भी आपकी बॉन्डिंग खराब होती है, स्लीप साइकिल डिस्टर्ब होती है, मूड पर नेगेटिव इंपैक्ट पड़ता है और समय भी बर्बाद होता है। इसकी जगह एक अच्छी किताब पढ़ें, दोस्तों और फैमिली से बातचीत करें और लाइफ की प्लानिंग करें; आप खुश भी रहेंगे और बहुत चीजें आसान भी हो जाएंगी। रोज किसी तरह की फिजिकल एक्टिविटी करें अपने बिजी लाइफस्टाइल के चलते लोग जरा सा भी समय अपनी हेल्थ को नहीं देते, फिर बिगड़ती तबियत और बढ़ता मोटापा उन्हें परेशान करता है। इसलिए जरूरी है कि रोजाना कम से कम आधा घंटा अपने शरीर को दिया जाए। आप हल्के फुल्की वॉक या स्ट्रेचिंग से भी शुरुआत कर सकते हैं। फिजिकल एक्टिविटी ना सिर्फ आपके हेल्दी और फिट रखने में मदद करती है, बल्कि आपके मूड, हार्मोन और स्ट्रेस लेवल को भी बैलेंस रखती है। हर रोज थोड़ा वक्त खुद को दें काम के लिए समय निकाल लिया, परिवार के लिए भी समय निकाल लिया, लेकिन क्या खुद के लिए समय निकाला? अगर आपको याद नहीं कि लास्ट टाइम आप कब अकेले खुद के साथ बैठे थे तो यकीन मानिए आप अपने साथ बड़ी ज्यादती कर रहे हैं। क्योंकि आप जबतक खुद के साथ कनेक्ट नहीं करेंगे, तब तक किसी और के साथ भी खुश नहीं रह सकेंगे। इसलिए जरूरी है कि रोजाना कुछ देर अपने साथ बिताएं, एक कप चाय पीएं और अपना मनपसंद काम करें। वो कोई हॉबी हो सकती हैं या फिर आप खुद से बात कर सकते हैं। कुल मिलाकर कुछ भी ऐसा करें जो आप इंजॉय कर सकें। दूसरे से कंपेयर करना बंद करें खुद को या अपनी लाइफ को दूसरों से कंपेयर करना जबतक बंद नहीं करेंगे, तब तक ना खुश रह पाएंगे और ना ही आगे बढ़ पाएंगे। आपको समझना होगा कि हर किसी की लाइफ जर्नी अलग-अलग होती है। आप सिर्फ वही देख पाते हैं, जो आपको दिखाया जाता है। उसके पीछे की असलियत आपकी समझ से बहुत अलग भी हो सकती है। इसलिए दूसरे को देखकर सिर्फ खुश हों लेकिन खुद से कंपेयर करने ना बैठ जाएं। आपका फोकस सिर्फ खुद को आज से बेहतर बनाने पर होना चाहिए, फिर देखना कैसे आप खुश भी रहते हैं और सक्सेस की सीढ़ियां चढ़ते जाते हैं।

वैभव सूर्यवंशी ‘बाउंसर टेस्ट’ में रहे असफल, U-19 वर्ल्ड कप में एक ही पैटर्न में 4 बार आउट

मुंबई  14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अंडर 19 वर्ल्ड कप में अपने बल्ले से चमक बिखेरी है. उन्होंने 6 मैचों  की 6 पार‍ियों में 264 रन 44 के एवरेज से बनाए. इस दौरान  वैभव का स्ट्राइक रेट 147.48 का रहा. वैभव ने पूरे वर्ल्ड कप में 26 चौके और 15 छक्के लगाए.  वैभव ने बुधवार (4 जनवरी) को अफगानिस्तान की अंडर 19 टीम के ख‍िलाफ हुए सेमीफाइनल  मुकाबले में भी शानदार 68 रनों की पारी  महज 33 गेंदों पर खेली. इसमे 9 चौके और 4 छक्के शामिल रहे. एक समय तो ऐसा लग रहा था कि वैभव इस सेमीफाइनल मैच में शतक जड़ेंगे, लेकिन वो एक बार फ‍िर बाउंसर गेंद के सामने असहाय दिखे और आउट हो गए. उनको नूर‍िस्तानी उमरजई ने ओस्मान सादात के हाथों कैच आउट करवाया.  कुल म‍िलाकर वैभव ने इस पारी से यह तो दिखाया कि वह ताबडतोड़ अंदाज में ही खेलने में व‍िश्वास करते हैं, लेकिन उनकी कमजोर कड़ी भी सामने आ गई है. दरसअल, वैभव बाउसंर गेंदों को ठीक से नहीं खेल पा रहे हैं. आइए आपको बताते हैं कि इस अंडर 19 वर्ल्ड कप में वैभव कैसे कैसे आउट हुए हैं.  1– अमेरिका के खलाफ वैभव बोल्ड 2 रन बनाकर ऋत्विक अप्पिडी की गेंद पर बोल्ड हो गए थे.  2- बांग्लादेश के ख‍िलाफ वैभव ने 72 रन बनाए. गेंद बहुत ज्यादा छोटी (बाउंसर) नहीं थी, लेकिन सूर्यवंशी पीछे हटे, नीचे झुके और डीप मिडविकेट के ऊपर से बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की. गेंद हवा में तो गई, लेकिन दूरी नहीं मिली. लेकिन वह कैच आउट हो गए. हालांकि गेंद नो-बॉल की लाइन के बहुत करीब थी, लेकिन अंपायर ने उसे सही गेंद माना.  3-न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ वैभव ने 40 रन बनाए, लेकिन उनको जसकरन संधू ने ऑफ स्टंप के बाहर छोटी गेंद (बाउसंर) डाली. सूर्यवंशी ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद ऊंची हवा में मिड-ऑफ की तरफ चली गई. मेसन क्लार्क ने पीछे की ओर काफी दौड़ लगाई, गेंद पर नजर बनाए रखी और दौड़ते हुए डाइव लगाकर शानदार कैच लपक लिया.  4-ज‍िम्बाव्बे के ख‍िलाफ 2 रन बनाकर वैभव सीधे मिड-ऑफ फील्डर को कैच थमा बैठे.  5- पाक‍िस्तान के ख‍िलाफ मुकाबले में वैभव की कमजोरी एक बार फ‍िर नजर आई, यहां भी वो बाउंसर गेंद पर 30 रन बनाकर आउट हुए. यह साफ इशारा था है कि आगे के करियर में सूर्यवंशी को छोटी गेंदों का खूब सामना करना पड़ेगा. पाकिस्तान के ख‍िलाफ सूर्यवंशी ने स्क्वायर के सामने पुल शॉट खेलने की कोशिश की. लेकिन बल्ले का निचला किनारा लगा और गेंद कीपर के पास चली गई. वैभव सूर्यवंशी बांग्लादेश, न्यूजीलैंड, पाक‍िस्तान और  अफगान‍िस्तान के ख‍िलाफ सेमीफाइनल में बाउंसर गेंदों पर आउट हुए. कुल म‍िलाकर 6 में 4 बार. यानी साफ है कि वैभव को अब बाउंसर पर खेलने के लिए कुछ सुधार करने हेांगे, क्योंकि व‍िपक्षी टीमों ने उनकी कमजोर कड़ी को भांप लिया है. 

मऊगंज से पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने कांग्रेस को छोड़ दिया, दिया इस्तीफा

रीवा  रीवा में कांग्रेस पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। मऊगंज से पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। अपने त्यागपत्र में लक्ष्मण तिवारी ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि कांग्रेस में गुटबाज़ी हावी हो चुकी है, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है। 

2155.97 लाख रुपए किए मंजूर, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के प्रयास से बनेंगी सड़कें

रायपुर. आरंग विधानसभा क्षेत्र में विकास अब घोषणा नहीं, जमीनी सच्चाई बनता जा रहा है। क्षेत्र की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने सड़क विकास की बड़ी योजना को हरी झंडी दे दी है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की सतत पहल और प्रभावी समन्वय का परिणाम है। लोक निर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत जिला रायपुर के गोढ़ी–तोड़गांव–बड़गांव मार्ग के 9.00 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य के लिए ₹2155.97 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना में सड़क निर्माण के साथ-साथ पुल–पुलिया का निर्माण भी शामिल है, जिससे क्षेत्रीय यातायात को स्थायी समाधान मिलेगा। इस सड़क के उन्नयन से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी सुविधाओं से जोड़ने में भी मदद मिलेगी। किसानों को मंडियों तक पहुंच, विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों तक सुविधा और व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह योजना आरंग विधानसभा के आर्थिक और सामाजिक विकास की धुरी साबित होगी। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार विकास को प्राथमिकता नहीं, प्रतिबद्धता मानकर कार्य कर रही है। आरंग विधानसभा क्षेत्र में लगातार मिल रही स्वीकृतियां इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार विकास को काग़ज़ों से निकालकर ज़मीन पर उतार रही है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए जन प्रिय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में भी आरंग विधानसभा को अधोसंरचना, सड़क, सिंचाई एवं जनसुविधाओं से जुड़ी अनेक नई सौगातें मिलती रहेंगी।

भोपाल में बनेगी AI और नॉलेज सिटी, 3700 एकड़ में होगा विकास, देश का सबसे उन्नत शहर बनेगा

 भोपाल  भोपाल अब देश के भविष्य के टेक–एजुकेशन मैप पर एक नई पहचान बनाने जा रहा है। राजधानी के भौंरी क्षेत्र में 3700 एकड़ (1500 हेक्टेयर) भूमि पर देश की सबसे उन्नत नॉलेज एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी विकसित की जाएगी। यह प्रोजेक्ट केवल एक एजुकेशन टाउनशिप नहीं होगा, बल्कि रिसर्च, स्टार्टअप्स, इंडस्ट्री और ग्लोबल यूनिवर्सिटीज का एकीकृत इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश को देश का बड़ा AI हब बनाने की दिशा में काम होगा। इस परियोजना के लिए 20 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने अर्बन प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन और डेवलपमेंट के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) दाखिल किए हैं। एजेंसी चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और फरवरी के अंत तक डेवलपमेंट एजेंसी तय होने की संभावना है। भौंरी में 3700 एकड़ जमीन पर भारत की सबसे उन्नत नॉलेज एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिटी विकसित होने जा रही है। यह प्रोजेक्ट केवल एजुकेशन टाउनशिप नहीं होगा, बल्कि यह रिसर्च, स्टार्टअप्स, इंडस्ट्री और ग्लोबल यूनिवर्सिटीज का एक इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम बनेगा। बीडीए इसकी नोडल एजेंसी है, जबकि आइसर (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, एजुकेशन एंड रिसर्च) इसका पूरा रोडमैप तैयार करेगा। प्रोजेक्ट के लिए अर्बन प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन और डेवलपमेंट को लेकर 20 से ज्यादा ग्लोबल एजेंसियों ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट दाखिल किया है। चयन प्र्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस माह के अंत तक डेवलपमेंट एजेंसी तय होने की संभावना है। नॉलेज एवं एआई सिटी के रोडमैप पर गुरुवार को राष्ट्रीय स्तर की बैठक भी रखी गई है। इसमें नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित केंद्रीय संस्थानों के निदेशक, कुलपति और प्राचार्य भाग लेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग ने आइसर को एक्शन प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए 8 सदस्यीय कोर कमेटी बनी है, जिसके कन्वीनर प्रो. सौरभ दत्ता हैं। सुपरविजन आइसर डायरेक्टर गोवर्धन दास कर रहे हैं। बीडीए ने जमीन की पहचान के बाद ईओआई प्रक्रिया पूरी कर ली है। बीडीए सीईओ श्यामवीर सिंह ने बताया कि देश-विदेश की 20 से ज्यादा एजेंसियों ने रुचि दिखाई है। डेवलपमेंट एजेंसी क्या करेगी     पूरे प्रोजेक्ट का मास्टर प्लान तैयार करेगी     ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट पर कैंपस डिजाइन     बड़े पैमाने पर ग्रीन जोन और ओपन स्पेस     ईवी, सीएनजी और हाइड्रोजन आधारित स्मार्ट ट्रांसपोर्ट     पीपीपी मॉडल, जॉइंट वेंचर और इंटीग्रेटेड पार्टनरशिप के विकल्प भौंरी क्षेत्र में पहले से मौजूद है एजुकेशन इको-सिस्टम देश के कई राज्य जैसे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र एजुकेशन सिटी की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन भोपाल की नॉलेज–AI सिटी का कॉन्सेप्ट अलग होगा। भौंरी क्षेत्र में पहले से आईसर भोपाल, निफ्ट, राष्ट्रीय फॉरेंसिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, अटल बिहारी वाजपेयी पॉलिसी रिसर्च सेंटर, एमपी पुलिस अकादमी और शंकर दयाल शर्मा आयुर्वेदिक इंस्टिट्यूट मौजूद हैं। इसी क्लस्टर में ट्रिपल आईटी (IIIT) कैंपस के निर्माण का प्रस्ताव भी है। इन संस्थानों की मौजूदगी से यहां पहले से एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार है, जहां AI, स्पेस टेक, फॉरेंसिक, पब्लिक पॉलिसी, हेल्थ और डिजाइन जैसे क्षेत्रों में साझा रिसर्च की जा सकेगी। IISER तैयार कर रहा है रोडमैप नगरीय प्रशासन विभाग, मप्र शासन ने नॉलेज–AI सिटी के लिए एक्शन प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी IISER भोपाल को सौंपी है। IISER ने पिछले वर्ष फरवरी में एक ब्रेन स्टॉर्मिंग सेशन किया था, जिसके बाद इस परियोजना को सभी संस्थानों को साथ लेकर आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी IISER के डायरेक्टर गोवर्धन दास कर रहे हैं। फरवरी के आखिर तक एजेंसी नियुक्त होगी भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) ने जमीन की पहचान के बाद EOI प्रक्रिया पूरी कर ली है। पहले यह परियोजना 2000 एकड़ में प्रस्तावित थी, जिसे बढ़ाकर अब 3700 एकड़ कर दिया गया है। लक्ष्य है कि वर्ष 2026 में नॉलेज–AI सिटी को धरातल पर उतारने का काम शुरू हो जाए। प्रोजेक्ट के कन्वीनर प्रोफेसर सौरभ दत्ता ने बताया कि इस परियोजना पर पिछले एक वर्ष से योजना बनाई जा रही है। नॉलेज और AI सिटी के माध्यम से ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने का लक्ष्य है, जहां शिक्षा के साथ रिसर्च और इंडस्ट्री मिलकर काम करें। यह एक पूरी सिटी होगी, जिसे हायर एजुकेशन के साथ अर्बन डेवलपमेंट, हॉस्पिटल और मेट्रो से भी जोड़ा जाएगा।

रूस और अमेरिका की परमाणु संधि समाप्त, 50 साल में पहली बार बिना नियम; क्या विनाश की ओर बढ़ रही है दुनिया?

मॉस्को  दुनिया को हिला देने वाली एक खबर सामने आई है. अमेरिका और रूस के बीच दशकों से चले आ रहे परमाणु हथियार नियंत्रण का सबसे अहम समझौता अब खत्म हो गया है. यह वही संधि थी जिसने दुनिया के दो सबसे बड़े परमाणु ताकतवर देशों के हथियारों की सीमा तय कर रखी थी. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. समझौता खत्म होने के बाद दुनिया में टेंशन बढ़ गई है. रूस के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा सुरक्षा अधिकारी दिमित्री मेदवेदेव ने इसे लेकर गंभीर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि इस संधि का खत्म होना दुनिया को तबाही की ओर धकेल सकता है और ‘डूम्सडे क्लॉक’ यानी मानव विनाश का खतरा तेज हो सकता है. CNN की रिपोर्ट के अनुसार शीत युद्ध के दौर के बाद से ही रूस अपनी सुपरपावर छवि को बनाए रखने की कोशिश करता रहा है. सोवियत संघ के टूटने के बाद रूस का वैश्विक प्रभाव कमजोर जरूर हुआ लेकिन परमाणु ताकत के कारण उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम भूमिका बनी रही. साल 2010 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूस के तत्कालीन राष्ट्रपति मेदवेदेव ने न्यू START संधि पर हस्ताक्षर किए थे. इस संधि के तहत दोनों देशों को अधिकतम 1550 तैनात परमाणु हथियार रखने की अनुमति थी. यह समझौता वैश्विक शांति के लिए बेहद अहम माना गया था. लेकिन अब इसके खत्म होने के साथ ही दुनिया एक नए और खतरनाक दौर में प्रवेश करती नजर आ रही है. सबसे पहले- New START संधि क्या है? न्यू स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी (New START) परमाणु हथियारों की होड़ को रोकने के लिए 2010 में किया गया एक ऐतिहासिक समझौता था। 2010 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने इस पर साइन किए थे। यह संधि 2011 में लागू हुई थी। इसका उद्देश्य उन रणनीतिक परमाणु हथियारों की तैनाती को सीमित करना था, जो किसी देश के प्रमुख राजनीतिक, सैन्य और औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम होते हैं। तैनात हथियार वे माने जाते हैं जो सक्रिय सेवा में हों और तुरंत इस्तेमाल किए जा सकें। संधि कैसे बनी? पूरी कहानी परमाणु हथियारों पर रोक लगाने की कोशिश शीत युद्ध के समय से चली आ रही है। 1969 से अमेरिका और सोवियत संघ (बाद में रूस) ने कई दौर की बातें कीं।     1970 के दशक में SALT समझौते: हथियारों की संख्या पर सीमा लगाई, लेकिन कम नहीं किए।     1991 में START I: पहली बड़ी कटौती, जॉर्ज बुश और गोर्बाचेव के समय। हजारों हथियार कम हुए।     1993 में START II: और कटौती, लेकिन पूरी तरह लागू नहीं हुई।     2002 में SORT (मॉस्को संधि): बुश और पुतिन ने वारहेड्स 1,700-2200 तक कम करने पर सहमति, लेकिन जांच-पड़ताल कम थी। फिर आई न्यू स्टार्ट। 2009 में बराक ओबामा (अमेरिका) और दिमित्री मेदवेदेव (रूस) ने बात शुरू की। 8 अप्रैल 2010 को प्राग (चेक गणराज्य) में हस्ताक्षर हुए। अमेरिकी सीनेट ने 2010 में मंजूरी दे दी थी। रूसी संसद ने 2011 में दी। आखिरकार संधि 5 फरवरी 2011 से लागू हुई। इसका मूल समय 10 साल तक ही था। हालांकि इसे एक बार 5 साल बढ़ाने का प्रावधान भी था, जो 2021 में जो बाइडेन ने इस्तेमाल किया और 2026 तक बढ़ा दिया। 2021 के बाद क्या हुआ? 2023 में रूस ने संधि में हिस्सा रोक दिया जैसे निरीक्षण बंद कर दिए, लेकिन सीमाओं का पालन करने का दावा जारी रखा। वजह बताई कि यूक्रेन युद्ध में अमेरिका मदद कर रहा है। आखिरकार आज (5 फरवरी 2026) संधि खत्म हो गई। अब दोनों देश स्वतंत्र हैं – जितने चाहें हथियार बढ़ा सकते हैं। रूस बोला- अब परमाणु हथियारों की सीमा से मुक्त रूस ने कहा है कि वह अब अमेरिका के साथ रणनीतिक परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित करने वाली न्यू स्टार्ट संधि से अब बंधा नहीं है, क्योंकि यह संधि गुरुवार को समाप्त हो रही है। इस बयान से वैश्विक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए “गंभीर क्षण” करार दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि अमेरिका ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस प्रस्ताव पर कोई जवाब नहीं दिया, जिसमें दोनों देशों से 12 महीने तक संधि के तहत मिसाइलों और तैनात परमाणु वारहेड्स की सीमाओं का पालन जारी रखने की बात कही गई थी। मंत्रालय ने कहा- हम मानते हैं कि न्यू स्टार्ट संधि के पक्षकार अब इसके तहत किसी भी दायित्व या पारस्परिक घोषणाओं से बंधे नहीं हैं। हमारी बातों को जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है, जो गलत और अफसोसजनक है। संधि खत्म होने के संभावित असर संधि की अवधि समाप्त होने के साथ ही रूस और अमेरिका दोनों के लिए मिसाइलों की संख्या बढ़ाने और सैकड़ों अतिरिक्त रणनीतिक वारहेड्स तैनात करने का रास्ता खुल जाएगा। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा करना तकनीकी और लॉजिस्टिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा और इसमें समय लगेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले संकेत दिए थे कि वे संधि के विस्तार पर विचार कर सकते हैं, लेकिन जनवरी में उन्होंने कहा था कि अगर यह खत्म होती है तो कोई बेहतर समझौता किया जाएगा। ट्रंप ने भविष्य की किसी भी परमाणु वार्ता में चीन को शामिल करने की भी बात कही है। परमाणु हथियारों का मौजूदा संतुलन रूस और अमेरिका मिलकर दुनिया के 90 प्रतिशत से अधिक परमाणु हथियारों का भंडार रखते हैं। जनवरी 2025 तक रूस के पास 4,309 और अमेरिका के पास 3,700 परमाणु वारहेड्स थे। फ्रांस और ब्रिटेन के पास क्रमशः 290 और 225 वारहेड्स हैं, जबकि चीन के पास लगभग 600 परमाणु हथियार माने जाते हैं। विशेषज्ञों की चेतावनी सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि न्यू स्टार्ट के खत्म होने से एक नई हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है, जिसमें चीन के परमाणु विस्तार का भी असर पड़ेगा। फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स के मैट कोर्डा के अनुसार सबसे अधिकतम स्थिति में दोनों देश अपनी तैनात परमाणु क्षमताओं को लगभग दोगुना कर सकते हैं। पोप लियो ने भी चेताया संधि की समाप्ति से पहले, पोप लियो ने दोनों देशों से अपील की कि वे हथियारों पर लगी सीमाओं को न … Read more

राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन

राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन लखनऊ  गन्ना किसानों की प्रदेश के अंदर क्या स्थिति थी..वर्ष 2000 से 2017 के बीच में गन्ना किसानों को कुल ₹2,14,000 करोड़ का भुगतान हुआ है, यानी 17 वर्षों में ₹2,14,000 करोड़ का. और 2017 से लेकर 2025 के बीच में, इन 8-9 वर्षों में हम लोगों ने ₹3,00,000 करोड़ अन्नदाता किसानों के खाते में गन्ना किसानों के खाते में सीधे पैसा दिया है,17 वर्ष में जितना नहीं हुआ, उसके आधे वर्षों में उससे भी हम लोगों ने ₹86,000 करोड़ अधिक किसान के खाते में भेजे हैं.. आज एक क्विंटल का हम ₹400 अन्नदाता किसान को दे रहे हैं, गन्ना किसान को दे रहे हैं,  ये सरकार के द्वारा उठाए गए कदम हैं और इसके माध्यम से लाभान्वित होने वाले किसानों का परिणाम है.. आज यूपी इथेनॉल उत्पादन में देश के अंदर नंबर एक पर है। गन्ना उत्पादन में देश का कुल गन्ना उत्पादन का 55 फीसदी केवल यूपी कर रहा है, चीनी उत्पादन में भी देश के अंदर यूपी नंबर एक पर है..

बेल्जियम में दोस्ती, सिंगरौली में भारतीय रिवाज से संदीप और शेरला करेंगे विवाह, मनाई हल्दी की रस्म

सिंगरौली जिला मुख्यालय सिंगरौली बैढ़न स्थित होटल हेरिटेज पैलेस में विदेशी सैलानियों के लिए बनी पहली पसंद, जहां शाही मेहनवाजी और विश्वस्तरीय सुविधाओं को लेकर सर्वश्रेष्ठ होटलों में गिना जा रहा हैं। आए दिन सिंगरौली भ्रमण के लिए आने वाले विदेशी सैलानी इस हेरिटेज होटल में निवास करते हैं। इतना ही नहीं बल्कि अब इस होटल हेरिटेज पैलेस में विदेशियों द्वारा हिन्दू रीति रिवाजों के साथ विवाह भी किया जाने लगा है। बता दें कि हेरिटेज पैलेस में सिंगरौली निवासी संदीप कुमार सिंह पुत्र स्व.रमेश प्रसाद सिंह का विवाह फ्रांस लियाना कि शेरला पुलानीया के साथ दिनांक पांच फरवरी दिन गुरुवार को सम्पन्न होगा।  विवाह रस्म के पूर्व 4 फरवरी हेरिटेज पैलेस में संदीप और शेरला पुलानीया का हल्दी रस्म हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पवित्र अवसर पर लगभग आधा सैकड़ा फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले वस्त्र धारण कर हेरिटेज पैलेस होटल में परिवार के सदस्यों के साथ दूल्हा-दुल्हन को हल्दी का लेप लगाया, जो सौंदर्य, पवित्रता, सुरक्षा और वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद का प्रतीक है। इस दौरान फ्रांसीसियों ने भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता का विशेष सम्मान करते हुए सारी रस्म हिन्दी रस्म मंत्रोचारण के साथ सम्पन्न कराया। जानकारी के लिए बता दें कि संदीप कुमार सिंह बैढ़न सिंगरौली के निवासी है जो सरस्वती शिशु मंदिर बैढ़न से 12वीं पास करने के पश्चात इंदौर से बीसीए तथा पुणे से एमसीए की उपाधि प्राप्त कर बेल्जियम में सेटल हो गए जहां उन्होंने आईटी कंसल्टेंसी में अपना व्यवसाय प्रारंभ किया। इसी दौरान फ्रांसीसी शेरला पुलानीया के साथ उनकी मुलाकात हुई, फिर दोस्ती हुई, इसके बाद यह मुलाकात धीरे धीरे प्यार में तब्दील हो गया। शेरला पुलानीया सनाफ्री फार्मास्यूटिकल कंपनी में ब्रांड मैनेजर के रूप में कार्य कर रही है। जो आज वे दोनों शादी के दाम्पत्य सूत्र में बधने जा रहे हैं। हल्दी रस्म में दिखा हल्दी कलर का पहनावा हल्दी समारोह भारतीय शादी की सबसे रंगीन और खुशियों से भरी रस्मों में से एक है, जहां आज हेरिटेज पैलेस में आयोजित इस हल्दी रस्म में भारतीय परंपरा के अनुसार वैदिक रस्मों एवं मंत्रोचारण के साथ हल्दी रस्म की प्रक्रिया पूरी की गई। फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले रंग की चमकदार कपड़े पहनकर पूरे माहौल को रोशन कर दिया। बताते हैं कि इस खास मौके पर पीले रंग की ड्रेस पहनना न सिर्फ शुभ माना जाता है, बल्कि यह दुल्हन की खूबसूरती और ब्राइडल ग्लो को और भी निखार देता है। विदेशियों ने भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की हेरिटेज पैलेस होटल में आयोजित उक्त कार्यक्रम में आए फ्रांसीसियों ने बातचीत के दरम्यान बताया कि वह हेरिटेज पैलेस होटल में भारतीय संस्कृति की विविधता, आध्यात्मिकता, मेहमाननवाज़ी (अतिथि देवो भव) की परंपरा से काफी प्रसन्न हैं। वे हेरिटेज होटल के खान-पान, पारंपरिक पहनावे से गहराई से प्रभावित हैं, जो भारत की अनूठी सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने उजागर करता है। हेरिटेज होटल में पधारे फ्रांसीसी नागरिकों ने कहा कि भारत की यह एक अच्छी संस्कृति है, जहां हर जात धर्म के लोग एकजुट होकर सामाजिक समरसता का उदाहरण पेश करते है, जिसकी उन्होंने काफी प्रशंसा की। विदेशियों ने भारतीय व्यंजनों एवं होटल प्रबंधन की काफी तारीफ की फ्रांसीसियों ने हेरिटेज होटल प्रबंधन की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली, स्मार्ट तकनीकों, स्वच्छता, कुशल परिचालन व मजबूत टीम को देख काफी सराहा। कहा होटल प्रबंधन की अपनत्वता और व्यवस्था को देख हमें खुशी हुई। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब भी हमें भारत आने का सौभाग्य हुआ तो वह यहां निश्चित रूप से प्रवास करेंगे। 

Pixel 10a लॉन्च डेट हुई कंफर्म, सस्ता स्मार्टफोन होगा ये फीचर्स के साथ

नई दिल्ली  Pixel 10 सीरीज का सबसे सस्ता हैंडसेट Pixel 10a होगा. अब गूगल ने ऑफिशियली इस स्मार्टफोन के लुक को अनवील कर दिया है. साथ ही लॉन्चिंग डेट भी कंफर्म कर दी है.   Youtube पर गूगल ने एक शॉर्ट टीजर वीडियो पोस्ट किया है, जो 16 सेकेंड का है. इस शॉर्ट वीडियो में कंपनी ने स्मार्टफोन का लुक और लॉन्चिंग डेट की जानकारी शेयर की है. यह हैंडसेट ग्लोबल मार्केट में 18 फरवरी 2018 को लॉन्च होगा. Pixel 10a एंट्री लेवल फोन होगा  Pixel 10a, अपनी सीरीज का एंट्री लेवल का स्मार्टफोन होगा. कंपनी ने बीते साल Pixel 9a को अनवील किया था, जो पिक्सल 9 सीरीज का एंट्री लेवल स्मार्टफोन था. कंपनी हर साल सभी सीरीज के एंट्री लेवल स्मार्टफोन को A नाम के साथ लॉन्च करती है.  Pixel 10a के स्पेसिफिकेशन्स  Pixel 10a के स्पेशिफिकेशन्स का ऑफिशियल ऐलान नहीं किया है, लेकिन इसमें भी Pixel 9a के जैसा 6.3-inch 120Hz Actua डिस्प्ले दिया जाएगा. इसमें 120Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा. वीडियो देखकर पता चलता है कि बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया जाएगा, हालांकि अभी सेंसर की जानकारी नहीं है.  Pixel 9a की इतनी थी कीमत  बीते साल Pixel 9a की शुरुआती कीमत 499 अमेरिकी डॉलर और भारत में 49,999 रुपये रखी गई थी. अब 18 फरवरी को लॉन्च होने वाले Pixel 10a की कीमत क्या होगी, वो तो ऑफिशियल लॉन्चिंग के  बाद ही पता चलेगी.  Pixel 10a इन चार कलर में होगा लॉन्च  टिप्स्टर Evan Blass ने बताया है कि Pixel 10a को ग्लोबल मार्केट में चार कलर वेरिएंट में पेश किया जाएगा. यह चार कलर के नाम ऑब्सिडियन, लेवेंडर, बेरी और फॉग है.  नए AI फीचर्स भी मिलेंगे  Pixel 10a की मदद से यूजर्स को सस्ते में गूगल का ईकोसिस्टम यूज करने को मिल जाता है.  इसमें ढेरों न्यू AI फीचर्स का भी एक्सेस मिलेगा. कंपनी लंबे समय से 7 साल तक Android OS वर्जन का अपडेट दे रही है और इस बार भी उम्मीद है कि कंपनी 7 साल तक OS अपडेट देने का ऐलान करेगी. 

क्या आपके ठंडे पैर बिगाड़ रहे हैं आपकी नींद? एक्सपर्ट्स बताते हैं इसके पीछे की साइंस

अक्सर कहा जाता है कि एक अच्छी और गहरी नींद सेहत के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसोम्निया या नींद न आने की समस्या आम हो गई है। हम अक्सर अच्छी नींद के लिए गैजेट्स से दूरी बनाने या अंधेरे कमरे की बात करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पैरों का तापमान आपकी नींद की क्वालिटी तय करता है? जी हां, कई रिसर्च में पाया गया है कि जिन लोगों के हाथ और पैर गर्म होते हैं, उन्हें ठंडे हाथ-पैर वाले लोगों की तुलना में जल्दी और गहरी नींद आती है। आइए जानते हैं इसके पीछे का विज्ञान और कैसे आप अपने पैरों को जल्दी गर्म कर सकते हैं। इसके पीछे का साइंस क्या है? दरअसल हमारे शरीर का तापमान हमारी स्लीप साइकिल को कंट्रोल करता है। सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन हमारे शरीर को ठंडा करने के लिए पैरों को गर्म करना जरूरी है।     गर्मी रिलीज- जब हम सोने की तैयारी करते हैं, तो हमारे शरीर का आंतरिक तापमान गिरना शुरू हो जाता है। यह दिमाग को संकेत देता है कि अब आराम करने का समय है। हमारे हाथ और पैर शरीर के हीट रिलीज जोन होते हैं।     वैसोडिलेशन- जब आप अपने पैरों को गर्म करते हैं, तो वहां की ब्लड वेसल्स फैल जाती हैं, जिसे वैसोडिलेशन कहा जाता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और शरीर की आंतरिक गर्मी त्वचा के जरिए बाहर निकलने लगती है। अगर आपके पैर ठंडे रहते हैं, तो ब्लड वेसल्स सिकुड़ी रहती हैं और अंदर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती, जिससे शरीर को ठंडा होने में ज्यादा समय लगता है और नींद आने में देरी होती है। पैरों को गर्म करने के असरदार तरीके     गर्म पानी से नहाना- सोने से लगभग 1-2 घंटे पहले गर्म पानी से नहाना बहुत फायदेमंद होता है। ध्यान रखें कि पानी बहुत ज्यादा गर्म न हो। यह आपके पूरे शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है।     ऊनी या मोटे मोजे पहनें- यह सबसे आसान तरीका है। बिस्तर पर जाने से पहले अपने आरामदायक मोजे पहन लें। यह पैरों की गर्मी को बरकरार रखता है और वैसोडिलेशन की प्रक्रिया को तेज करता है।     हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल- आप अपने पैरों के पास हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल रख सकते हैं। यह न केवल गर्मी देता है बल्कि मांसपेशियों को आराम भी पहुंचाता है।     पैरों की मालिश- सोने से पहले हल्के गुनगुने तेल से पैरों की मालिश करने से भी गर्मी पैदा होती है और थकान मिटती है।  

दिशा पटानी से जुड़ी डेटिंग चर्चाओं पर तलविंदर सिंह सिद्धू ने तोड़ी चुप्पी, कहा– प्यार जिंदगी का हिस्सा है

मुंबई बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी इस समय सिंगर तलविंदर सिंह सिद्धू के साथ डेटिंग के रूमर्स को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं. हाल ही में दोनों को एक्ट्रेस नूपुर सेनन की शादी में साथ देखा गया था, जिसके बाद से लोग उनके रिलेशनशिप में होने के कयास लगा रहे हैं. इसी बीच अब तलविंदर ने अपने अफेयर के रूमर्स पर चुप्पी तोड़ दिया है. दिशा के साथ डेटिंग रूमर्स पर तलविंदर ने तोड़ी चुप्पी बता दें कि तलविंदर सिंह सिद्धू ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू के दौरान दिशा के साथ रिलेशनशिप को लेकर बात करते हुए कहा- “हम शादी से ठीक पहले एक-दूसरे को जानने लगे थे, और यह सारा अटेंशन हमारे लिए अनएक्सपेक्टेड था. हम दबाव या अफवाहों के आगे झुकना नहीं चाहते. हम अभी भी खुद को जान रहे हैं, खुद को समझने की कोशिश कर रहे हैं. मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा क्योंकि अगर वे रूमर्स फैलाने की कोशिश करेंगे, तो मैं अफवाहों को अफवाहें ही रहने दूंगा. मुझे हर दिन प्यार होता है, मुझे अभी भी प्यार हो रहा है.” तलविंदर और दिशा पटानी के डेटिंग की अफवाहें दरअसल, एक्ट्रेस नूपुर सेनन और सिंगर स्टेबिन बेन की शादी की रस्मों में दिशा पटानी और तलविंदर सिंह सिद्धू को एक साथ समय बिताते देखा गया था. इसके बाद दोनों को लोलापालूजा इंडिया 2026 में लाइव दर्शकों के सामने हाथ में हाथ डालकर चलते नजर आए थे. इसके बाद से ही दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चा होने लगी.

तार्किक विसंगति वाले 13 फरवरी तक कराएं सत्यापन, मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण जारी

दुर्ग. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार और सर्वोच्च न्यायालय के 29 जनवरी के आदेश के परिपालन में दुर्ग जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. उप जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार जिन मतदाताओं के नाम ‘तार्किक विसंगतियों’ की श्रेणी में आए हैं, वे 13 फरवरी 2026 तक अपना सत्यापन अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें. 10 दिनों के भीतर दर्ज करें आपत्ति: प्रभावित मतदाता सूची प्रदर्शित होने की तिथि से 10 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां या दस्तावेज जमा कर सकते हैं. यह प्रक्रिया व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि (बीएलए सहित) के माध्यम से पूर्ण की जा सकती है. इसके लिए निर्वाचक / सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ/ एईआरओ) के कार्यालय में संपर्क करना होगा. सुनवाई का अंतिम अवसर : उप जिला निर्वाचन अधिकारी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रभावित मतदाताओं को न केवल दस्तावेज जमा करने, बल्कि व्यक्तिगत सुनवाई का भी अवसर दिया जा रहा है. अर्हता तिथि 01.01.2026 के आधार पर किए जा रहे इस पुनरीक्षण का उद्देश्य एक शुद्ध और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है . अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी को : कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील की है कि वे समय सीमा का ध्यान रखें. यदि 13 फरवरी 2026 तक सत्यापन कार्य पूर्ण नहीं कराया जाता है, तो मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन (21 फरवरी 2026 ) में संबंधित नाम शामिल नहीं हो सकेंगे.

एक लाख ग्रामीण महिलाएं बनेंगी शहद उद्यमी, आय में एक लाख रुपये की सालाना वृद्धि का लक्ष्य

यूपी में एक लाख ग्रामीण महिलाओं के जीवन में मिठास घोलेगा शहद सीएम योगी का मिशन विलेज: अब ग्लोबल होगा यूपी का शहद, महिलाएं लॉन्च करेंगी अपना ब्रांड, देश-दुनिया में मिलेगी पहचान एक लाख ग्रामीण महिलाएं बनेंगी शहद उद्यमी, आय में एक लाख रुपये की सालाना वृद्धि का लक्ष्य ‘डबल’ मुनाफा : मधुमक्खियां बढ़ाएंगी फसल की पैदावार, बदलेगी खेती किसानी की तस्वीर लखनऊ  उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और खेती-किसानी को नई ताकत देने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मधुमक्खी पालन कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों की उत्पादकता भी बढ़ाएंगी। योजना के अंतर्गत आगामी तीन वर्षों में एक लाख महिला मधुमक्खी पालक तैयार की जाएंगी। इसके तहत प्रत्येक महिला उद्यमी की आय में प्रति वर्ष एक लाख रुपये तक की वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। मधुमक्खियों द्वारा परागण से गेहूं, सरसों, दलहन-तिलहन और बागवानी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यूपी का शहद वैश्विक पहचान बनाएगा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन विलेज के तहत अब यूपी का शहद वैश्विक पहचान बनाएगा। महिलाएं शहद का अपना ब्रांड विकसित करेंगी और शहद व अन्य उत्पादों के विपणन से प्रदेश के आर्थिक विकास में साझीदार बनेंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिलाओं का आत्मनिर्भरता का सपना साकार होगा। इस योजना के जरिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और उद्यमियों को बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि यूपी का शहद देश-दुनिया में गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बने।

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