LATEST NEWS

मैच से पहले राजनीति: PAK की 3 शर्तों पर भारत से भिड़ंत, ICC का क्या होगा फैसला?

 इस्लामाबाद आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में मुकाबला खेला जान है. पाकिस्तान सरकार ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम को मैदान पर उतरने की परमिशन नहीं दी, जिसके चलते विवाद गहरा गया. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को वॉर्निंग देते हुए कहा था कि यदि वो इस मैच का बायकॉट करता है, तो उसे अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए. आईसीसी ने साफ कर दिया था कि टूर्नामेंट में चयनात्मक भागीदारी स्वीकार नहीं की जाएगी और किसी भी टीम को समझौते के तहत सभी मैच खेलने होंगे. आईसीसी ने चेताया था कि अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से पीछे हटता है, तो उसे भारी आर्थिक नुकसान और संभावित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. आईसीसी की सख्ती के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बैकफुट पर आया. पूरे मुद्दे को सुलझाने के लिए लाहौर में रविवार देर शाम आईससी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई. पाकिस्तान ने बांग्लादेश को भी इस बैठक में आमंत्रित किया था. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ‘बुलबुल’ ने इस बैठक में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया. अब जल्द ही कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए  तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं… 1. पीसीबी की पहली और सबसे बड़ी मांग आईसीसी के रेवेन्यू मॉडल से जुड़ी है. पाकिस्तान चाहता है कि उसे आईसीसी की कमाई में ज्यादा हिस्सा मिले. हालांकि आईसीसी का रेवेन्यू वितरण पहले से तय नियमों के तहत होता है, इसलिए इस मांग पर तुरंत फैसला आसान नहीं माना जा रहा. 2. पाकिस्तान की दूसरी शर्त भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट को फिर से शुरू करने की है. लेकिन यह मामला आईसीसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता क्योंकि दोनों देशों के बीच सीरीज का फैसला संबंधित क्रिकेट बोर्ड और सरकारों के स्तर पर होता है. ऐसे में इस मांग को मानना बेहद मुश्किल माना जा रहा है. 3. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैचों के दौरान खिलाड़ियों के बीच अनिवार्य हैंडशेक प्रोटोकॉल लागू करने की भी बात कही है. हालांकि मौजूदा नियमों के मुताबिक हैंडशेक अनिवार्य नहीं है और यह पूरी तरह टीमों की आपसी सहमति पर निर्भर करता है. इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम के मैचों के वेन्यू बदलने की मांग की थी. हालांकि आईसीसी ने इस मांग को खारिज कर दिया और बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया. इसके बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ कोलंबो में होने वाला ग्रुप मैच नहीं खेलने की बात कही थी. इस विवाद पर श्रीलंका ने भी नाराजगी जताई थी. श्रीलंका क्रिकेट का कहना है कि अगर पाकिस्तान मैच का बहिष्कार करता है तो इससे पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भारी नुकसान होगा. साथ ही श्रीलंका ने पाकिस्तान को उस दौर की याद भी दिलाई कि जब उसे अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार का सामना करना पड़ा और कैसे श्रीलंकाई टीम ने पाकिस्तान में इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी में मदद की. आईसीसी ने साफ कर दिया था कि वर्ल्ड कप की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है. हालांकि आईसीसी ने बातचीत के दरवाजे खुले रखे थे. अब सबकी नजर इस अहम बैठक के नतीजे पर टिकी हुई हैं.

नकली नोटों की गड्डी थमाकर महिला के जेवरात ले उड़े जालसाज

भोपाल राजधानी के जहांगीराबाद इलाके में नकली नोटों की गड्डी थमाकर एक महिला के जेवरात लेकर गायब होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो जालसाजों के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया है। आरोपियों ने महिला का रास्ता रोककर उन्हें बातों में उलझाया और लूटपाट तथा चोरी का डर दिखाकर जेवरात उतरवाकर एक पोटली में बंधवा दिए।बाद में महिला ने देखा तो पोलटी के अंदर पत्थर बंधा मिला और नोटों की गड्डी में कागज की कतरन लगी हुई थी।पुलिस बताए गए हुलिए के आधार पर जालसाजों की तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार बरखेड़ी जहांगीराबाद में रहने वाली केशरबाई यादव (55) आंगनबाड़ी में काम करती हैं। बीते शुक्रवार को वह अपने पासबुक की एंट्री कराने के लिए न्यू मार्केट स्थित बैंक गई थी। वहां से लौटते समय वह लिली टॉकीज तिराहे पर बस से उतरी और घर जाने लगी। रशीदिया स्कूल रोड पर रास्ते में उन्हें दो युवक मिले। युवकों ने कहा कि अम्मा आप थक गई होगी थोड़ी देर बैठ जाओ हम आपको पानी पिलाते हैं। युवकों की बातों में आकर केशरबाई एक मकान के सामने चबूतरे पर बैठ गई। इस दौरान युवकों ने नोटों की गड्डी देते हुए कहा कि यह एक लाख रुपए हैं, आप इसे अपने थैले में संभाल कर रख लो, हम आपके लिए नाश्ता लेकर आते हैं। इसके साथ ही युवकों ने यह भी कहा कि इलाके में लूटपाट और चोरी का डर है, इसलिए आप अपने गहने भी उतारकर थैले में रख लीजिए। उसके बाद केशरबाई ने मंगलूसत्र, कान के टॉप्स और चांदी की चेन उतारकर युवकों को दे दी। उन्होंने जेवरात एक पोटली में बांधे और केशरबाई के थैले में रखकर नाश्ता लेने का कहकर चले गए। काफी देर बाद भी जब दोनों युवक वापस नहीं लौटे तो केशरबाई ने अपना थैला चेक किया। उन्होंने देखा तो पोटली के अंदर पत्थर बंधा हुआ था, जबकि नोटों की गड्डी में कागज लगे हुए थे। उसके बाद वह तुरंत ही घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजनों ने पहले दोनों युवकों की तलाश की, लेकिन जब उनका कुछ पता नहीं चला तो रविवार को थाने जाकर केशरबाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। बताए गए हुलिए और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की मदद से आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।

तेज रफ्तार कार ने मारी 8 लोगों को टक्कर, रायबरेली में चार की मौत, हादसा गंभीर

  रायबरेली रायबरेली जिले में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार कार ने आठ लोगों को टक्कर मार दी. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि यह हादसा जगतपुर पुलिस थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर जनौली गांव के पास तब हुआ, जब कोडर गांव के निवासी चुली गांव में आयोजित सामुदायिक भोज से लौट रहे थे. दो महिलाओं की मौके पर ही मौत पुलिस के मुताबिक ये लोग एक्सप्रेसवे से होकर गुजर रहे थे तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी. पुलिस ने बताया कि हिमांशी (23) और शालिनी (22) नाम की दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में रश्मी (14) और आसमा (22) ने बाद में दम तोड़ दिया. घायल जिला अस्पताल में भर्ती पुलिस के मुताबिक हादसे में रिया पटेल (14), प्रिया पटेल (12), साधना (नौ), मीना (22) और रेशमा (14) घायल हुई हैं. उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया है. पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया. उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है. ड्राइवर को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी घटना की जानकारी होने पर जिलाधिकारी हर्षिता माथुर तथा पुलिस अधीक्षक रवि कुमार जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह दुर्घटना निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार के कारण हुई. गाड़ी को को जब्त कर लिया गया है और ड्राइवर को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं.

कर्नाटक: बीदर और कोलार में सड़क हादसे, 6 की मौत, हादसे में गंभीर जख्मी कई लोग

 बीदर  कर्नाटक के बीदर और कोलार जिलों में दो अलग-अलग सड़क हादसों में छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, बीदर जिले के हमनाबाद तालुक में हल्लीखेड़ा के पास नागन्ना चौराहे के निकट रविवार को एक मोटरसाइकिल के पुल से टकरा जाने के कारण एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान राजेश्वर गांव के निवासी वेंकट करतमाल (40), उनकी पत्नी शिल्पा (35) और उनकी बेटी रक्षिता (12) के रूप में हुई है। उनके बेटे दिगंबर (15) को गंभीर चोटें आई हैं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कहा, “हादसा उस समय हुआ जब ये चारों एक ही मोटरसाइकिल पर सवार थे और चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे मोटरसाइकिल पुल से टकरा गई।” एक अन्य हादसे में, कोलार जिले के श्रीनिवासपुर में रविवार को एक कार के पलट जाने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में से दो की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी मुनियम्मा और वेंकटप्पा के रूप में हुई है। इस दुर्घटना में 10 से अधिक अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया, “यह हादसा उस समय हुआ जब श्रमिक काम खत्म करके लौट रहे थे। श्रीनिवासपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।”

2 साल बाद रिश्ते में उतार-चढ़ाव: दिव्या अग्रवाल और उनके पति के बीच बढ़ी दूरी?

मुंबई  शो ‘द 50’ में जमकर बवाल हो रहा है. शो के बीते एपिसोड में दिव्या अग्रवाल और इंफ्लुएंसर भव्या सिंह के बीच तगड़ी लड़ाई देखने को मिली. झगड़े के दौरान भव्या पर्सनल गईं. उन्होंने दिव्या पर जमकर कमेंट किए. भव्या ने एक्ट्रेस की शादी पर बड़ा खुलासा किया. उन्होंने दावा किया कि एक्ट्रेस अपने पति अपूर्व पडगांवकर से अलग रहती हैं. दिव्या-भव्या में हुई कैटफाइट दोनों के बीच झगड़ा बैल और बुद्धि टास्क के दौरान हुआ. यहां पर दिव्या ने कहा कि अर्चना गौतम के पास दिमाग नहीं है. ये कमेंट सुनकर भव्या नाराज हो जाती हैं. उन्होंने दिव्या को सबक सिखाने का फैसला किया. वॉशरूम एरिया में दिव्या लड़ाई के बाद रो रही थीं. उन्होंने भव्या से टिश्यू पास करने को कहा. मगर भव्या ने तुरंत मना कर दिया. भव्या का रिएक्शन देखकर दिव्या रोने लगीं और शो छोड़ने की बात कही. रिद्धि डोगरा संग अपनी फीलिंग्स बयां करते हुए दिव्या ने कहा- मैंने लोगों के साथ दोस्ती बनाने में सालों खर्च किए हैं. हर शो में सबसे ज्यादा मुझसे नफरत की जाती है. मैंने शो में अकेले खेला है. मैंने इसे अपनी ईगो पर लिया और शो जीतकर खुद को साबित किया. अर्चना मेरी दोस्त है. लेकिन यहां पर वो मेरे से दुश्मनों की तरह लड़ रही है. मैं अपने पति को मिस कर रही हूं. उसने मुझे अच्छा और शांत इंसान बनाया. उसके जिंदगी में आने के बाद मैंने दोस्त बनाने शुरू किए. उसने मुझे दोस्ती का असली मतलब समझाया.  तभी भव्या वहां पर आईं और दिव्या को चेतावनी देते हुए कहा कि वो उनसे अच्छे से बात करें. बाद में सपना चौधरी, आर्या संग बात करते हुए भव्या ने दिव्या पर निजी कमेंट किए. वो कहती हैं- ये इतनी फेक लड़की है. इसमें कोई हैरानी नहीं कि लोग इसे गोल्ड डिगर कहते हैं. मैंने इसे पॉडकास्ट पर पूछा है कि कभी रियलिटी शो करोगे? तब दिव्या ने कहा था- नहीं, मैंने बिग बॉस नहीं जीता था. मैं पूछती हूं- क्या उखाड़ लिया तुमने, सारी पीआर कराके और स्पॉटिंग कराके, थोड़ा दिख जाती हो. कुछ नहीं किया जिंदगी में, फेक औरत है. सबके साथ फेक कर रही है.. अब सबके साथ बैठकर गॉसिप करेगी. पति से अलग रहती हैं दिव्या? भव्या ने दावा किया कि दिव्या अपने पति संग नहीं रहती. उन्होंने कहा- दिवाली पर असली पटाखे तो इसके घर पर फूटे थे. वो मैंने फोड़े थे और आज तक मैंने कभी बोली नहीं ये बात, ना कभी पॉडकास्ट पर कहा, ना मैं कभी बोलूंगी. क्योंकि इनका खुद का आपसी पारिवारिक मामला था. उसमें मुझे इंवॉल्व कर दिया इन लोगों ने. भीख मांगती है लोगों से मुंबई में कि मेरे घर आ जाओ, आप मेरे पास आ जाओ, प्लीज मिलो मुझसे, अलग रहती है अपने पति से. भव्या ने कहा कि वो दिव्या को तबाह करके इस शो से जाएंगी. दिव्या ने बिजनेसमैन अपूर्व से 2024 में शादी की थी. पिछले साल जुलाई में दोनों के सेपरेशन की खबरें भी आई थीं. तब दिव्या ने मस्ती भरा पोस्ट शेयर कर शादी में खटपट की न्यूज को खारिज किया था. 

नरगिस मोहम्मदी पर ईरान का तगड़ा हमला: नोबेल विजेता को 7.5 साल की नई सजा, कुल जेल 44 साल

तेहरान  ईरान में महिलाओं के हक के लिए आवाज उठाने वाली नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. ईरानी कोर्ट ने उन्हें एक बार फिर दो अलग-अलग मामलों में कुल साढ़े सात साल की नई जेल की सजा सुनाई है. वकील ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी  नरगिस के वकील मुस्तफा नीली ने सोशल मीडिया पर बताया कि मशहद शहर की एक अदालत ने उन्हें दो बड़े आरोपों में सजा दी है. पहली सजा 6 साल की है, जो ‘गुटबाजी और साजिश’ के लिए दी गई है. दूसरी सजा डेढ़ साल की है, जो ‘सरकार के खिलाफ प्रचार’ करने के लिए मिली है. इसके अलावा, उन पर 2 साल का ट्रैवल बैन (विदेश जाने पर रोक) लगाया गया है और उन्हें देश के ही एक दूरदराज इलाके ‘खुस्फ’ में 2 साल के निर्वासन (Exile) की सजा भी दी गई है. क्यों हुई ताजा गिरफ्तारी? नरगिस (53 साल) को दिसंबर में तब गिरफ्तार किया गया था, जब वे वकील खुसरो अलीकोर्दी की शोक सभा में शामिल होने गई थीं. अलीकोर्दी अपने दफ्तर में मृत पाए गए थे. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, नरगिस ने वहां ‘भड़काऊ बातें’ की थीं. नरगिस के परिवार ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के दौरान उनके साथ मारपीट की गई, जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. कोर्ट को बताया ‘दिखावा’, शुरू की भूख हड़ताल नरगिस का समर्थन करने वाले ‘नरगिस फाउंडेशन’ ने शनिवार को हुई कोर्ट की इस सुनवाई को ‘दिखावा’ करार दिया है. फाउंडेशन के मुताबिक, अपनी अवैध गिरफ्तारी और जेल की खराब स्थिति के विरोध में नरगिस ने 2 फरवरी से भूख हड़ताल शुरू कर दी थी. उनकी सेहत इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें जेल से अस्पताल ले जाना पड़ा, लेकिन फिर वापस जेल भेज दिया गया. परिवार का दर्द- यह फैसला क्रूर है नरगिस के पति तघी रहमानी ने बीबीसी को बताया कि यह सजा बेहद नाइंसाफी भरी और क्रूर है. उन्होंने कहा कि नरगिस ने कोर्ट में अपना बचाव करने से भी इनकार कर दिया क्योंकि वे इस न्याय व्यवस्था को सही नहीं मानतीं. उन्होंने न तो कोर्ट में एक शब्द बोला और न ही किसी कागज पर साइन किए. वहीं, पेरिस में रह रही उनकी बेटी कियाना भी अपनी मां की गिरती सेहत को लेकर काफी डरी हुई हैं. 10 साल से जेल में, बच्चों से भी नहीं मिल पाईं नरगिस मोहम्मदी पिछले एक दशक का ज्यादातर समय जेल की सलाखों के पीछे ही गुजार चुकी हैं. कुल सजा: फाउंडेशन के अनुसार, ताजा फैसले के बाद उनकी कुल सजा अब 44 साल की हो गई है. दूरी का गम: नरगिस साल 2015 से अपने जुड़वां बच्चों से नहीं मिल पाई हैं, जो पेरिस में रहते हैं. बीमारी में भी राहत नहीं: दिसंबर 2024 में उन्हें ट्यूमर के ऑपरेशन के लिए 3 हफ्ते की पैरोल मिली थी, लेकिन ठीक होते ही उन्हें फिर जेल भेज दिया गया. कौन हैं नरगिस मोहम्मदी और क्यों मिला नोबेल? नरगिस को साल 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजा गया था. उन्हें यह सम्मान ईरान में महिलाओं के दमन के खिलाफ लड़ने, मानवाधिकारों की रक्षा और फांसी की सजा (Capital Punishment) के खिलाफ आवाज उठाने के लिए मिला था. जब उन्हें यह अवॉर्ड मिला, तब भी वे जेल में ही थीं और उनकी तरफ से उनके बच्चों ने यह पुरस्कार लिया था. एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट  एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, ईरान दुनिया में चीन के बाद सबसे ज्यादा फांसी देने वाला देश है. नरगिस इसी सिस्टम के खिलाफ लड़ रही हैं, जिसके कारण उन पर बार-बार ‘देश की सुरक्षा को खतरा’ पहुंचाने के आरोप लगते रहे हैं. हालांकि, उनके वकील को अब भी उम्मीद है कि उनकी सेहत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए जमानत मिल सकती है और इस फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी.

Gold-Silver Rate में बदलाव: चांदी के दाम में छलांग, सोने की कीमत में भी हुआ इज़ाफा, जानिए ताजा रेट

इंदौर  सोना-चांदी की कीमतों में हालिया भारी गिरावट के बाद अब एक बार फिर बाजार में तेज रिकवरी देखने को मिल रही है। सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड और सिल्वर दोनों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। कारोबार शुरू होते ही चांदी करीब ₹15,000 प्रति किलो महंगी हो गई, जबकि सोने के दामों में एक झटके में ₹3,000 की तेजी आ गई। हालांकि, तेजी के बावजूद दोनों कीमती धातुएं अपने ऑल टाइम हाई से अब भी काफी सस्ती बनी हुई हैं। चांदी ने खुलते ही मचाया गदर MCX पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी का भाव पिछले बंद ₹2,49,892 प्रति किलो से उछलकर ₹2,64,885 प्रति किलो पहुंच गया। इस तरह 1 किलो चांदी की कीमत में ₹14,993 का उछाल देखने को मिला। हालांकि, अगर इसके लाइफ टाइम हाई से तुलना करें तो चांदी अब भी काफी नीचे है। 29 जनवरी को चांदी पहली बार ₹4 लाख के पार गई थी और ₹4,20,048 प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंची थी। इसके बाद तेज गिरावट के चलते भाव ₹2.25 लाख तक लुढ़क गए थे। मौजूदा तेजी के बावजूद चांदी अब भी अपने हाई से ₹1,55,163 सस्ती चल रही है। सोने ने भी पकड़ी रफ्तार चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी सोमवार को मजबूती देखने को मिली। MCX पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाले 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव शुक्रवार के बंद ₹1,55,451 से उछलकर ₹1,58,500 पहुंच गया। यानी सोना ₹3,049 प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया। इसके बावजूद सोना अपने ऑल टाइम हाई से अभी भी ₹34,596 सस्ता मिल रहा है। देश ही नहीं, विदेशों में भी टूटी थी चांदी चांदी में गिरावट सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रही थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट सिल्वर में बड़ी टूट देखने को मिली। पिछले सप्ताह एक दिन में ही करीब 20% की गिरावट आई थी और अपने हाई से चांदी लगभग 40% तक फिसल चुकी थी। स्पॉट सिल्वर बीते महीने $120 प्रति औंस के स्तर से गिरकर $64 प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) तक आ गई थी। अब वैश्विक संकेतों के बीच इसमें फिर से मजबूती के संकेत मिल रहे हैं। क्रैश के बाद सोना-चांदी में आई यह तेजी निवेशकों के लिए राहत की खबर है, लेकिन कीमतें अभी भी रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे हैं। आने वाले दिनों में बाजार की चाल पूरी तरह ग्लोबल ट्रेंड और डॉलर मूवमेंट पर निर्भर करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी की परीक्षा पे चर्चा में प्रेरणा: छात्रों को सपनों को हकीकत में बदलने की क्षमता पर जोर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ के छात्रों से बात कर रहे हैं. इस दौरान पीएम मोदी छात्रों को स्टार्टअप से लेकर परीक्षा की तैयारी को लेकर संवाद कर रहे हैं. इस बार पीएम मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बच्चों से बात कर रहे हैं और उनके करियर से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे हैं.  परीक्षा पे चर्चा में ना सिर्फ पढ़ाई की तैयारी की बात हुई, बल्कि पीएम मोदी ने इस दौरान कल्चर, चाय आदि कई चीजों पर चर्चा की. इस दौरान हर चर्चा का उद्देश्य हर बच्चे को सुनना था. इस दौरान अंत में पीएम मोदी ने सभी बच्चों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के 9वें संस्करण का दूसरा एपिसोड सोमवार को जारी किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ का उद्देश्य भी यही है कि कैसे वे अपनी प्रतिभा और कौशल का सार्थक इस्तेमाल कर सकते हैं।” इस अवसर पर पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित भी शेयर किया। उन्होंने प्राचीन संस्कृत श्लोक का हवाला देते हुए लिखा, “विद्या वितर्को विज्ञानं स्मृतिस्तत्परता क्रिया। यस्यैते षड्गुणास्तस्य नासाध्यमतिवर्तते॥” इसका अर्थ है, ‘विद्या, तर्कशक्ति, विज्ञान, स्मृति-शक्ति, तत्परता और कार्यशीलता, ये छह जिसके पास हैं, उसके लिए कुछ भी असाध्य नहीं।’ हम क्या डाइट फॉलो करें? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि मेरा कोई डाइट का सिस्टम नहीं है. हमेशा डाइट अपने मन का करना चाहिए और इसे दवाई की तरह नहीं खाना चाहिए. खाना हमेशा मन भर कर खाना चाहिए. अपने शरीर को सबसे पहले प्राथमिकता देनी चाहिए. आपकी लाइफ में टीचर का क्या रोल था? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारे टीचर का काफी रोल था और हमे लाइब्रेरी जाने के लिए कहते थे. इसके अलावा हमारे टीचर हमें फिजिकल फिटनेस के लिए आग्रह करते थे और योग के लिए कहते थे. हर एक टीचर का कुछ ना कुछ योगदान होता है.  पीएम मोदी ने गुजरात में पालतरिया समाज को लेकर किए गए काम का जिक्र भी परीक्षा पे चर्चा में किया है. इसके अलावा पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि बच्चों को तनाव से बचने के लिए अच्छी नींद लेना चाहिए.  साथ ही उन्होंने कहा कि सपना के अनूकुल मेहनत करनी चाहिए.  इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पहले लीडर बनिए. पहले ये तय कीजिए कि मुझे ये करना है और वो करना शुरू कर दीजिए. जैसे आप सड़क से कोई कचरा हटा देंगे तो लोग आपको फॉलो करेंगे. लीडर का मतलब ये नहीं है कि चुनाव लड़ना है. लीडर का मतलब है कि आप कुछ लोगों को अपनी बात समझा सकें. ऐसे में आपको पहले उसके बारे में समझना होगा. पढ़ाई और खेल का संतुलन कैसे रखें? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा सबकुछ नहीं कर सकती है, लेकिन सिर्फ खेल से भी काम नहीं चलेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि जिंदगी में खेल होने से बचना है तो खेलना चाहिए.  इस सेशन में तमिलनाडु के साथ पीएम मोदी ने रायपुर में छत्तीसगढ़ के बच्चों से भी बात की. इस दौरान पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि उन्हें अपने शहर की अलग अलग जगहों पर जाना चाहिए. इस बार पीएम मोदी देश ने अलग अलग शहरों में जाकर बच्चों से बात की है.  क्या एआई से डरना चाहिए? हर युग में टेक्नोलॉजी आती है तो ऐसी चर्चा होती है. हमें इससे डरना नहीं चाहिए. हमारी कोशिश रहनी चाहिए कि वो उसका गुलाम नहीं बनेंगे. उसे अपना मालिक नहीं बनने देंगे. मैं गुलाम नहीं बनूंगा, ये आपको पक्का करना होगा. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि जॉब नेचर बदलता रहता है, ऐसे में टेक्नोलॉजी को समझना होगा. हमें डरने की जरुरत नहीं है.  इंस्पिरेशन और मोटिवेशन में क्या चुनें? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि इंस्पिरेशन के साथ अनुशासन भी जरूरी है.  अगर अनुशासन है ही नहीं तो कितना ही इंस्पिरेशन होगा तो एक्सप्रेशन क्या काम करेगा. मान लीजिए एक किसान है उसकी प्रेरणा मिल रही है, बगल वाला किसान बहुत कमाई कर रहा है, ऐसे में इंस्पिरेशन तो मिलती है कि उतनी कमाई करनी चाहिए. लेकिन, डिसिप्लिन नहीं होगा तो इंस्पिरेशन काम नहीं करेगा. फिर वह बोझ बन जाता है निराशा पैदा करता है. स्टार्टअप शुरू करना है कैसे करुं? एक स्टूडेंट के इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि आप छोटे-छोटे स्टार्टअप से काम शुरू कर सकते हैं. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि अगर आप पढ़ाई और पेशन दोनों को फॉलो करना चाहते हैं तो आप सप्ताह में दिन में कुछ वक्त पेशन के लिए निकालना शुरू कीजिए. इससे आप आसानी दोनों कामों को संतुलित तरीके से कर सकेंगे.    ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के दूसरे एपिसोड में देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली में पीएम मोदी की छात्रों के साथ बातचीत को दिखाया जाएगा। इस एपिसोड में पीएम मोदी एग्जाम की तैयारी करते समय कॉन्फिडेंट रहने, रूटीन फॉलो करने और खुद पर भरोसा रखने के बारे में प्रैक्टिकल टिप्स शेयर करेंगे। ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का पहला एपिसोड 6 फरवरी को जारी किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले एपिसोड में कहा कि बहुत सारे छात्रों ने यह सुझाव दिया था कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भी परीक्षा पे चर्चा होनी चाहिए। इस स्पेशल एपिसोड में आप यही देखने जा रहे हैं। गौरतलब है कि साल 2018 के बाद प्रधानमंत्री मोदी हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ (पीपीसी) करते हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों के बीच परीक्षा के तनाव को कम करना और समग्र शिक्षा को बढ़ावा देना है। शिक्षा मंत्रालय इस कार्यक्रम को संचालित करता है। साल 2025 के कार्यक्रम में 5 करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी देखी गई। 2026 के संस्करण में 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए। अतिरिक्त 2.26 करोड़ प्रतिभागी … Read more

मोहन भागवत बोले: बीजेपी की सफलता में RSS की अहम भूमिका, राम मंदिर आंदोलन ने भी दिया लाभ

 मुंबई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भाजपा को लेकर बड़ी लकीर खींच दी है। 2024 के आम चुनाव के दौरान तत्कालीन अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि हम आरएसएस के बिना भी चुनाव में जीत हासिल कर सकते हैं। इसे लेकर संघ कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष देखा गया था। अब सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि भाजपा के ये ‘अच्छे दिन’ आरएसएस के चलते ही आए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के लिए आरएसएस ने प्रतिबद्धता दिखाई थी और जिसने इसका साथ दिया, उसे फायदा मिला। इस तरह उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि संघ के नेतृत्व में चले राम मंदिर आंदोलन का फायदा भाजपा को चुनावी राजनीति में भी मिला। इस तरह उन्होंने साफ कर दिया कि भाजपा के लिए आरएसएस का कितना महत्व है और वह भी उसका मातृ संगठन है। माना जा रहा है कि आरएसएस के कार्यकर्ताओं का उत्साह बनाए रखने के मकसद से उन्होंने ऐसी बात कही है। इसके अलावा भाजपा नेतृत्व के लिए भी यह एक संदेश है कि भले ही दल का विस्तार हो गया है, लेकिन उसका वैचारिक आधार अब भी आरएसएस ही है। बता दें कि आरएसएस और भाजपा के संबंधों को लेकर अकसर सवाल उठते रहे हैं। आरएसएस की ओर से भाजपा में किसी भी फैसले लेने के दावों को खारिज किया जाता रहा है। उसका कहना है कि हम संघ के कार्यकर्ता देते हैं, लेकिन उसके फैसलों में हमारा कोई दखल नहीं रहता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अलग राजनीतिक पार्टी है भाजपा। उसमें बहुत से स्वयंसेवक हैं, लेकिन वह संघ की पार्टी नहीं है। उसमें स्वयंसेवक हैं और वे अपना काम करते हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोगों के पास कोई और काम करने के लिए समय नहीं होता। उन्होंने कहा कि हमारे यहां माताओं-बहनों से आप बात करेंगे तो वे कहेंगे कि इन्हें घर पर भी ध्यान देने का समय नहीं है। आरएसएस का एक ही काम कि संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट किया जाए। इसके अतिरिक्त हमें कोई और काम नहीं करना है। हमारे विचार की बात करने से कुछ लोगों को मिलता है फायदा मोहन भागवत ने कहा कि फिर सवाल उठता है कि देश में और भी समस्याएं हैं। उनका क्या होगा। इस पर संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने कहा था कि संघ कुछ नहीं करेगा और स्वयंसेवक कुछ नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी अहम कामों में संघ के कार्यकर्ता शामिल हैं, लेकिन वे स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि हमारा काम मनमर्जी से चलता है। इसमें नियंत्रण नहीं चलता है। स्वयंसेवकों के बीच एक सहयोग की भावना है। हमारे पास एक शक्ति है तो राष्ट्र के लिए भी एक विचार है और उसके अनुसार जो लोग बात करते हैं। उन्हें लाभ होता है। लेकिन हमारा काम किसी को लाभ पहुंचाना नहीं है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दी विवेक ओबेरॉय को पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा, बिना अनुमति फोटो इस्तेमाल पर रोक

नई दिल्ली बॉलीवुड सेलेब्स इन दिनों पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का रुख कर रहे हैं। सलमान खान, अमिताभ बच्चन, अजय देवगन, रजनीकांत, अनिल कपूर, ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन, ऋतिक रोशन और जैकी श्रॉफ समेत कई स्टार्स को कोर्ट से पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा मिल चुकी है। अब इस कड़ी में अभिनेता विवेक ओबरॉय का नाम भी शामिल हो चुका है। कोर्ट ने अपने नए आदेश में साफ कर दिया है कि अभिनेता की बिना परमिशन के उनसे जुड़ी किसी भी सामग्री का इस्तेमाल अपराध होगा। अभिनेता का कोर्ट में पक्ष रख रही अधिवक्ता सना रईस खान ने बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने विवेक आनंद ओबेरॉय के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए एक निर्णायक आदेश जारी किया है, जिससे उनके नाम, छवि और आवाज की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। न्यायालय ने उल्लंघनकारी सामग्री को तत्काल हटाने का आदेश दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में उल्लंघन करने वाले लोग कानून से बच नहीं पाएंगे। अधिवक्ता सना रईस खान के मुताबिक सिनेमा और उद्यम जगत के एक अग्रणी व्यक्ति और दो दशकों से समाज के लिए काम कर रहे ओबेरॉय को जान-बूझकर निशाना बनाया गया है। यह सिर्फ कानूनी उल्लंघन नहीं है, बल्कि उनके निजी जीवन और परिवार पर हमला है। इससे उनके परिवार और छोटे बच्चों पर गलत असर भी पड़ेगा। अभिनेता की कानूनी जीत एक सशक्त मिसाल कायम करती है कि किसी व्यक्ति का वंश सार्वजनिक संपत्ति नहीं है। क्लिकबेट या लाभ पाने के लिए उनके व्यक्तित्व के साथ किया गया खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों को कानूनी तौर पर कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। अभिनेता की तरफ से दायर शिकायत में जिक्र किया गया कि कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां और डिजिटल टेक्नोलॉजी मिलकर बिना इजाजत के उनके फोटो, वीडियो, आवाज और ब्रॉडिंग के लिए उनके नाम का इस्तेमाल कर रही हैं। अभिनेता की तरफ से यह भी पक्ष रखा गया कि कई बार ऑनलाइन साइट्स से सामग्री को हटाने के लिए कहा गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, जिसके बाद कोर्ट का रुख किया गया। बता दें कि हिंदी सिनेमा से लेकर दक्षिण भारतीय सिनेमा के सेलेब्स को पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है क्योंकि अपने लाभ के लिए कई ऑनलाइन साइट्स सेलेब्स के नामों और फोटोज का इस्तेमाल धड़ल्ले से करती हैं। 

भविष्यवाणी का बदला तरीका, लखनऊ विश्वविद्यालय बताएगा करियर और शादी का सही रास्ता

लखनऊ  लखनऊ विश्वविद्यालय के कैंपस में स्थित ज्योतिष परामर्श केंद्र अब सिर्फ छात्रों और कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी कर ली है। करियर की दिशा, शादी ब्याह, सेहत, पैसा, प्रॉपर्टी और भविष्य से जुड़े सवालों के जवाब अब एक तय प्रक्रिया और निर्धारित फीस के साथ विश्वविद्यालय परिसर में मिलेंगे। विश्वविद्यालय अधिकारियों के मुताबिक, इस पहल का मकसद ज्योतिष को एक संरचित और नियंत्रित मंच पर लाना है, ताकि बाहर चलने वाली अनौपचारिक और बिना रिकॉर्ड वाली प्रथाओं से अलग, यहां हर परामर्श का दस्तावेज़ीकरण हो और समय भी तय रहे। कितनी लगेगी फीस इस केंद्र में हर परामर्श आमतौर पर जन्म कुंडली के आधार पर किया जाएगा और एक सत्र की न्यूनतम अवधि 15 मिनट रखी गई है। सामान्य ज्योतिषीय परामर्श की फीस 1,500 रुपये से शुरू होगी। वहीं विदेश यात्रा की संभावना, सामाजिक प्रतिष्ठा, मान सम्मान और राजनीतिक करियर से जुड़े छोटे सवालों के लिए 15 मिनट का परामर्श 500 रुपये में मिलेगा। ज्योतिष केंद्र में केवल कुंडली देखने तक ही सेवाएं सीमित नहीं होंगी। यहां होरा ज्योतिष और हस्तरेखा शास्त्र से जुड़े सत्र भी रखे जाएंगे, जिनकी अवधि 30 मिनट होगी और शुल्क 700 रुपये तय किया गया है। अंक ज्योतिष यानी न्यूमरोलॉजी आधारित परामर्श के लिए 1,700 रुपये देने होंगे। कुछ सेवाओं के अलग अलग शुल्क कुछ खास सेवाओं के लिए अलग शुल्क तय किया गया है। तंत्र मंत्र के प्रभाव से जुड़ा आकलन, शकुन अपशकुन और सपनों की व्याख्या जैसे विषयों पर 30 मिनट के सत्र के लिए 1,900 रुपये लिए जाएंगे। शादी से पहले कुंडली मिलान, जिसमें मांगलिक दोष का विश्लेषण भी शामिल होगा, उसके लिए 1,500 रुपये शुल्क रखा गया है। लखनऊ विश्वविद्यालय में ज्योतिर विज्ञान की पढ़ाई कोई नई बात नहीं है। यहां 18 अक्टूबर 2001 से इस विषय में शैक्षणिक पाठ्यक्रम चल रहे हैं। स्नातक और परास्नातक स्तर की पढ़ाई हिंदी, अंग्रेज़ी और संस्कृत तीनों भाषाओं में कराई जाती है। अब इसी अकादमिक पृष्ठभूमि के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ज्योतिषीय सेवाओं को एक सार्वजनिक ढांचे में लाने जा रहा है। कब से शुरुआत ज्योतिष परामर्श केंद्र की शुरुआत अगस्त महीने में हो चुकी थी, लेकिन अभी तक इसकी सेवाएं केवल विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों तक सीमित थीं। अब इसे आम जनता के लिए खोलने की मंजूरी मिल गई है। ज्योतिर विज्ञान विभाग के समन्वयक श्यामलेश कुमार तिवारी के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेवाओं की रूपरेखा और शुल्क संरचना को स्वीकृति दे दी है। उनका कहना है कि औपचारिक रूप से आम लोगों के लिए परामर्श शुरू करने से पहले केंद्र का आवश्यक उन्नयन किया जाएगा, ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके। अपॉइंटमेंट सिस्टम, रिकॉर्ड मेंटेनेंस और भुगतान प्रक्रिया को विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार व्यवस्थित किया जाएगा। इस केंद्र में करियर और आय की संभावनाओं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, शिक्षा, विवाह, संतान, मकान, आर्थिक स्थिति, निवेश और संपत्ति से जुड़े मामलों पर परामर्श दिया जाएगा। इसके अलावा, मांग पर कुंडली निर्माण की सुविधा भी उपलब्ध होगी। छोटी कुंडली यानी तेवा तीन दिन में 500 रुपये में दी जाएगी। लग्न और चंद्र कुंडली के साथ मध्यम स्तर की कुंडली सात दिन में 1,100 रुपये में तैयार होगी। विस्तृत कुंडली विश्लेषण के लिए 15 दिन का समय लगेगा और इसकी फीस 3,100 रुपये तय की गई है। वहीं कंप्यूटराइज्ड कुंडली, जिसमें षडवर्ग विश्लेषण शामिल होगा, एक दिन में 1,100 रुपये में उपलब्ध होगी। मिलेगी वास्तु शास्त्र से जुड़ी सलाह वास्तु शास्त्र से जुड़ी सलाह भी इस केंद्र का अहम हिस्सा होगी। आवासीय भवनों के लिए वास्तु परामर्श का शुल्क 5 रुपये प्रति वर्ग फुट और व्यावसायिक भवनों के लिए 15 रुपये प्रति वर्ग फुट तय किया गया है। इसके लिए दिशा स्पष्ट दर्शाने वाले साइट मैप जमा करना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय परिसर के भीतर सेवाओं को ज्यादा सुलभ बनाने के लिए छात्रों, कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को परामर्श शुल्क में 15 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, सभी परामर्श विश्वविद्यालय के वित्तीय नियमों के तहत ही होंगे और बिना आधिकारिक रसीद के कोई सेवा नहीं दी जाएगी। अपॉइंटमेंट, भुगतान और दस्तावेज़ीकरण से जुड़े विस्तृत दिशा निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे।

बांग्लादेश चुनाव से पहले तनाव, BNP और जमात के बीच संघर्ष, 40 लोग घायल

ढाका  बांग्लादेश में आम चुनाव से ठीक 72 घंटे पहले राजनीति एक बार फिर सड़क पर उतर आई. शनिवार देर रात बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प में महिलाओं समेत 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए. यह घटना ऐसे वक्त पर हुई है, जब 12 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले चुनाव प्रचार सोमवार सुबह 7:30 बजे खत्म होने वाला है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक देर रात के कार्यक्रम में जमात पर पैसे बांटने का आरोप लगाते हुए BNP कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराने पहुंचे. इसके बाद दोनों पक्षों ने समर्थक जुटाए और बात हाथापाई से लेकर पत्थरबाजी तक पहुंच गई. रातभर चले टकराव को मौजूदा चुनाव अभियान की सबसे गंभीर हिंसा बताया जा रहा है. बांग्लादेश का चुनावी माहौल तनावपूर्ण पिछले छह हफ्तों में अलग-अलग इलाकों में चुनावी हिंसा में कई लोग घायल हो चुके हैं. अगस्त 2024 में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है. शेख हसीना की पार्टी को चुनाव से बाहर कर दिया गया है. इसी वजह से इसे 2009 के बाद का सबसे निर्णायक चुनाव माना जा रहा है. चुनाव में किसके-किसके बीच है टक्कर? 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में 12.7 करोड़ से अधिक मतदाता वोट डालने के पात्र हैं. मुकाबला मुख्य रूप से BNP और जमात-नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच माना जा रहा है. BNP प्रमुख तारिक रहमान ने दावा किया है कि उनकी पार्टी 300 में से 292 सीटों पर चुनाव लड़कर सरकार बनाने लायक बहुमत हासिल करेगी. अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने चुनाव को ‘न्यू बांग्लादेश का उत्सव’ बताते हुए इसे स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने का वादा किया है. हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि लगातार हिंसा से प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है, खासतौर पर तब, जब सत्ता समीकरण उलट चुके हैं और सड़क पर दबदबा शेख हसीना के विपक्षी दलों का दिख रहा है. बवाल का अर्थव्यवस्था पर असर चुनाव का नतीजा देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम है. हालिया अशांति से गारमेंट जैसे प्रमुख उद्योग प्रभावित हुए हैं और बांग्लादेश को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से मदद की जरूरत पड़ी है. विदेश नीति के मोर्चे पर भी दिशा बदलने के संकेत हैं. विश्लेषकों के मुताबिक, BNP को भारत के प्रति अपेक्षाकृत संतुलित माना जाता है, जबकि जमात की भूमिका पाकिस्तान की ओर झुकाव की अटकलें बढ़ाती है.

विजय शाह के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, कर्नल कुरैशी पर टिप्पणी और माफी पर होगी चर्चा

भोपाल  मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में आज, 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार पहले ही अपनी रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। अब अदालत के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए या नहीं। सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के रुख और संभावित निर्देशों को देखते हुए कानूनी, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है। दिल्ली में मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक सुनवाई से ठीक पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मंत्री विजय शाह को लेकर बने राजनीतिक और कानूनी हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री शाह को लेकर बने हालात पर चर्चा की। सीनियर वकीलों से भी इस मामले में सलाह ली गई है, ताकि कोर्ट में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सके। सरकार कुछ मामलों में जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग कोर्ट से कर सकती है। इस मुद्दे पर भी पार्टी और सरकार स्तर पर मंथन हुआ है। दो दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया था। इसके बाद 7 फरवरी को मंत्री शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। पूरे मामले में यह उनकी चौथी माफी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सुनवाई को देखते हुए सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोर्ट के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए है। बता दें, मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ वकीलों से भी सलाह ली है, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा जा सके। सरकार यह भी विचार कर रही है कि कुछ बिंदुओं पर जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग अदालत से की जाए। इस पहलू पर पार्टी और सरकार, दोनों स्तरों पर मंथन हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष की मुलाकात और माफी का दबाव इस पूरे घटनाक्रम से पहले, दो दिन पूर्व बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह से एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया। इसी क्रम में 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। यह इस पूरे विवाद में उनकी चौथी माफी थी। क्या है पूरा विवाद? मामले की जड़ 11 मई 2025 की है, जब मंत्री विजय शाह ने महू के रायकुंडा क्षेत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इस बयान को सेना, महिलाओं और एक समुदाय के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए विरोध दर्ज कराया गया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। पहली और दूसरी माफी: विवाद बढ़ने पर मंत्री विजय शाह ने 13 मई 2025 को पहली बार माफी मांगी। उन्होंने कहा, “सोफिया बहन ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। दुखी मन से और इतनी विपरीत परिस्थितियों में अगर मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया है, तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं।” अगले दिन, 14 मई 2025 को लगभग इसी शब्दों में उन्होंने दोबारा माफी दोहराई। हालांकि, इन दोनों माफियों को लेकर यह सवाल उठता रहा कि क्या वे पर्याप्त और बिना शर्त थीं। तीसरी माफी: 23 मई 2025 का विस्तृत बयान 23 मई 2025 को मंत्री विजय शाह ने एक लंबा बयान जारी करते हुए तीसरी बार माफी मांगी। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से उनका मन विचलित था और उसी मानसिक स्थिति में उनसे भाषाई भूल हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था और वे भारतीय सेना, कर्नल सोफिया कुरैशी तथा देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हैं। चौथी माफी: 7 फरवरी 2026, कोर्ट की सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से ठीक पहले, 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने चौथी बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके शब्द देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकल गए थे, जो उनकी वास्तविक भावना के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है, इस घटना से उन्होंने आत्ममंथन किया है और भविष्य में ऐसी गलती दोहराई नहीं जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजर अब पूरे मामले की दिशा सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई से तय होगी। अदालत यह निर्णय कर सकती है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी या राज्य सरकार की दलीलों और माफियों को देखते हुए कोई अन्य रास्ता अपनाया जाएगा।  

सस्ते बिजली के सपने सच होंगे! अमित शाह देंगे मध्यप्रदेश को 550 करोड़ की मदद

भोपाल भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) में जल्द ही ऐसा रिसर्च पार्क तैयार किया जाएगा जहां भविष्य की बिजली तैयार करने के फॉर्मूले खोजे जाएंगे। 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सोलर रिसर्च पार्क एवं सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ सोलर प्लांट नहीं, बल्कि क्लीन एनर्जी की नई तकनीकों की प्रयोगशाला होगा जहां सूरज, हवा, पानी और और हाइड्रोजन से सस्ती और ज्यादा बिजली बनाने पर काम होगा। यह रिसर्च सेंटर आइसर के केमिस्ट्री, फिजिक्स, अर्थ एंड एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागों द्वारा मिलकर स्थापित किया जा रहा है।   क्या होगा यहां खास यहां वैज्ञानिक सिर्फ सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, बल्कि यह समझेंगे कि पैनल ज्यादा बिजली कैसे बनाएं, बादलों और रात में ऊर्जा कैसे स्टोर हो और बिजली बिना नुकसान घरों तक कैसे पहुंचे। सेंटर में एआइ आधारित ऊर्जा प्रबंधन, क्वांटम सेमीकंडक्टर, स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की तकनीकों पर भी काम होगा।   छात्रों के लिए नई राह आइसर और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्रों को यहां किताबों से हटकर जानकारी मिलेगी। वे लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपेरिमेंट और हाईटेक लैब में रिसर्च कर सकेंगे। इससे स्टार्टअप, पेटेंट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। इसके साथ ही आइसर में एमटेक रिन्यूएबल एनर्जी कोर्स भी शुरू किया जाएगा।   सोलर रिसर्च पार्क का भूमिपूजन गृह मंत्री 13 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। भूमिपूजन के साथ ही परियोजना का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। शहर को क्या मिलेगा     ग्रीन एनर्जी उपयोग बढ़ेगा     प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी     लोकल जॉब्स बढ़ेंगी     नई इंडस्ट्री निवेश आएगा     स्मार्ट बिजली सप्लाई मॉडल विकसित होंगे। इन 5 कामों पर फोकस     ज्यादा बिजली बनाने वाले सोलर सेल     सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन     बिजली सप्लाई में कम नुकसान     कार्बन उत्सर्जन में कमी     विंड एनर्जी को सस्ता बनाना 52 करोड़ की भूमि होगी चिन्हित- आइसर निदेशक हमें ऊर्जा अनुसंधान के लिए 52 एकड़ भूमि मिली है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल्स और ग्रीन हाइड्रोजन पर शोध होगा। हमारा लक्ष्य है सौर पैनलों से अधिकतम ऊर्जा कैप्चर और हाइड्रोजन परिवहन को अधिक कुशल बनाना।- प्रो. गोवर्धन वास, निदेशक, आइसर

टीम इंडिया का दिल छू लेने वाला पल: गंभीर के घर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का मिलन

नई दिल्ली आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम अपना दूसरा ग्रुप मुकाबला 12 फरवरी को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में नामीबिया से खेलेगी. इस मुकाबले से पहले टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने रविवार को दिल्ली स्थित अपने आवास पर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए खास डिनर पार्टी रखी. डिफेंडिंग चैम्पियन टीम इंडिया नामीबिया के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मैच से पहले यहां टीम बॉन्डिंग, रणनीति और मानसिक मजबूती पर फोकस करती दिखी. समाचार एजेंसी ANI की ओर से शेयर किए गए वीडियो में गंभीर अपने घर पहुंचते नजर आए, जहां बैटिंग कोच सितांशु कोटक समेत कई सपोर्ट स्टाफ सदस्य मौजूद थे. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी इस खास आयोजन में शामिल हुए. खिलाड़ियों ने यहां हल्के-फुल्के माहौल में समय बिताया और अगले मैच की तैयारियों पर अनौपचारिक चर्चा भी की.     अमेरिका के खिलाफ सूर्या का धमाका     भारत ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपने पहले मुकाबले में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) को 29 रनों से हराया था, लेकिन मैच आसान नहीं रहा. भारतीय टॉप ऑर्डर पूरी तरह बिखर गया था और टीम 77 रनों पर 6 विकेट गंवा चुकी थी. ऐसे मुश्किल वक्त में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जिम्मेदारी संभालते हुए 49 गेंदों पर नाबाद 84 रनों की शानदार पारी खेली. गौतम गंभीर पहले भी टीम इंडिया के लिए ऐसे आयोजन करते रहे हैं. इससे पहले दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दौरान भी उन्होंने टीम को अपने घर आमंत्रित किया था. माना जाता है कि गंभीर टीम में पारिवारिक माहौल बनाने और खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए ऐसे कदम उठाते हैं, खासकर जब टीम किसी बड़े टूर्नामेंट के लिए उतरती है. सूर्यकुमार यादव की इस पारी में 10 चौके और 4 छक्के शामिल थे. उन्होंने लगभग अकेले दम पर टीम को 9 विकेट पर 161 रनों तक पहुंचाया, जबकि 18 ओवर में भारत का स्कोर 7 विकेट पर 128 रन ही था. मुश्किल पिच पर जहां बाकी बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए, वहीं सूर्यकुमार ने शानदार संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाया. जसप्रीत बुमराह की जगह प्लेइंग-11 में शामिल हुए मोहम्मद सिराज ने भी अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा. उन्होंने चार ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट झटके और मैच भारत के पक्ष में मोड़ दिया. इससे पहले साउथ अफ्रीका में जन्मे शैडली वैन शल्कविक ने भारतीय बल्लेबाजी को एक ही ओवर में तीन विकेट झटक लिए थे, जिससे भारत एक समय मुश्किल स्थिति में था. यूएसए पर जीत के बाद अब टीम इंडिया की नजर नामीबिया के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले पर है. इस मैच में जीत भारत की सुपर 8 में जगह लगभग पक्की कर सकती है. गंभीर के घर आयोजित यह खास डिनर खिलाड़ियों के लिए मानसिक रूप से तरोताजा होने, पिछले मैच की कमियों पर चर्चा करने और अगले मुकाबले से पहले नई ऊर्जा के साथ मैदान में उतरने का बेहतरीन मौका माना जा रहा है.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live