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बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को धमकी भरा मैसेज, करोड़ों की फिरौती मांगी गई

मुंबई मुंबई से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग के बाद अब बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह से रंगदारी की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि रणवीर सिंह के व्हाट्सएप पर एक वॉइस नोट मिला है, जिसमें उनसे करोड़ों रुपये की फिरौती की मांग की गई है। वहीं, धमकी भरा मैसेज आते ही रणवीर सिंह से ने मुंबई पुलिस को जानकारी दी। धमकी वाले मैसेज की जानकारी मिलते ही पुलिस मामले की जांच तेज कर दी है और अभिनेता के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस यह पता करने में जुटी है कि धमकी भरा मैसेज किसने भेजा है। गौरतलब है कि फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के आवास के बाहर हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना बॉलीवुड की किसी हस्ती के लिए सुरक्षा खतरे का सामना करने का पहला मामला नहीं है। रविवार की तड़के मुंबई के जुहू इलाके में स्थित रोहित शेट्टी के घर के बाहर गोलीबारी हुई, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने ली है। पुणे पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने पुष्टि की है कि हिरासत में लिए गए लोग कथित रूप से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने मुंबई के जुहू क्षेत्र में स्थित नौ मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर रात करीब 12:45 बजे गोलीबारी की। कम से कम पांच गोलियां चलाई गईं, जिनमें से एक गोली इमारत के अंदर स्थित जिम के कांच के सामने वाले हिस्से पर लगी। घटना के बादगिरोह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से हमले की जिम्मेदारी ली। इसके बाद, कथित तौर पर अर्जू बिश्नोई नाम के एक गैंगस्टर ने एक ऑडियो संदेश जारी किया, जिसमें उसने गोलीबारी की जिम्मेदारी ली।  

13 देशों के 200 मेहमान, संस्कृत मंत्र और भारतीय रस्में: इटली के युवक ने मुंबई की बाला से की शादी

झुंझुनूं  जिले के मंडावा स्थित एक हेरिटेज होटल में 8 फरवरी को इटली के नागरिक माकार्े और मुंबई की जुई वैदिक रीति से विवाह बंधन मेंं बंध गए। शादी में नौ ब्राह्मणों ने संस्कृत मंत्रों के साथ फेरे कराए, जिनका अंग्रेजी में भी अनुवाद किया गया। इटली सहित 13 देशों से आए लगभग 200 मेहमान शादी समारोह के साक्षी बने। शादी दोपहर करीब 3 बजे तक अग्नि के सात फेरे पूरे होने के साथ सम्पन्न हुई। शादी के बाद  रिसेप्शन नहीं रखा गया। रात को ब्रज परंपरा अनुसार फू लों की होली का आयोजन किया गया, जिसमें गुलाल या रंगों के बजाय ताजे फू लों की पंखुड़ियों से होली खेली गई। इस अवसर पर राधा-कृष्ण के जीवन और ब्रज संस्कृति से जुड़े नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिनमें प्रेम और भक्ति का भाव दर्शाया गया। विदेशी मेहमानों को पहले इस परंपरा की जानकारी दी गई, जिससे  वे इसके सांस्कृतिक महत्व को समझ सकें। इसके बाद मेहमानों ने फ ूलों की होली में भाग लिया। समारोह में भारतीय और यूरोपीय संस्कृति का अद्भुत मिश्रण देखा गया। आयोजन को लेकर उपस्थित मेहमान और परिवारजन बेहद खुश और उत्साहित दिखाई दिए। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से ब्रज की परंपरा और प्रेमभाव को दर्शाया, जिससे विदेशी मेहमान भारतीय संस्कृति की झलक नजदीक से देख और समझ सके। 

पशुपालन योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे केंद्रीय दल

रायपुर. छत्तीसगढ़ में संचालित केन्द्रीय पशुपालन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग, नई दिल्ली द्वारा तीन राष्ट्रीय स्तर के पर्यवेक्षक (नेशनल लेवल मॉनिटर) नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी 9 से 14 फरवरी 2026 तक दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिलों का दौरा कर योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, राष्ट्रीय दुग्ध विकास कार्यक्रम और पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्थिति को मौके पर जाकर परीक्षण करेंगे। भ्रमण दल में भारत सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। भ्रमण कार्यक्रम के पहले दिन संचालनालय स्तर पर ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव, पशुधन विकास विभाग तथा भारत सरकार के नोडल अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं द्वारा केन्द्र से आए अधिकारियों और नेशनल लेवल मॉनिटर  दल को योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा योजनाओं का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके बाद भारत सरकार से आए अधिकारी  मुकेश शर्मा,  ने योजनाओं की समीक्षा ।  बैठक में राष्ट्रीय गोकुल मिशन और राष्ट्रीय दुग्ध विकास कार्यक्रम के तहत प्रदेश स्तरीय नोडल अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण दिया। वहीं पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम और राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य पशुपालकों को समय पर लाभ दिलाना और पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करना है। 1962 कॉल सेंटर का किया निरीक्षण नेशनल लेवल मॉनिटर और भारत सरकार के प्रतिनिधियों ने संचालनालय परिसर में स्थित मोबाइल वेटेनरी यूनिट के कॉल सेंटर 1962 का भी निरीक्षण किया और वहां संचालित सेवाओं की जानकारी ली।

सजा की जगह इनाम! ICC ने बांग्लादेश मामले में लिया विवादित निर्णय

 नई दिल्ली जब किसी बड़े टूर्नामेंट से कोई देश आखिरी वक्त पर खुद हटता है तो आमतौर पर उम्मीद यही होती है कि उस देश को इसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे. लेकिन ICC पुरुष टी20 वर्ल्ड कप  के मामले में ऐसा नहीं हुआ. बांग्लादेश को इस टूर्नामेंट से हटने पर सज़ा नहीं, बल्कि फायदा मिला. ऐसा क्यों हुआ आज इसी के बारे में हम आपको बताएंगे… पहले एक नजर पूरे विवाद पर वर्ल्ड कप के पूरे विवाद के केंद्र में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) था. बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के मैचों के लिए अपनी राष्ट्रीय टीम भेजने से इनकार कर दिया था. जब आईसीसी ने उसकी ये बात नहीं मानी तो बीसीबी ने वर्ल्ड कप के बहिष्कार का ऐलान कर दिया. बांग्लादेश के इस एक्शन के बाद पाकिस्तान ने ड्रामेबाजी शुरू की और भारत के साथ होने वाले मैच का बहिष्कार करने की बात कही.  इस पूरे नाटक के बाद माना जा रहा था की आईसीसी बांग्लादेश पर तगड़ा एक्शन लेगा.  लेकिन जुर्माना या किसी तरह की कार्रवाई झेलने के बजाय, BCB को भविष्य की मेज़बानी का आश्वासन मिला और उसके खिलाफ कोई एक्शन भी नहीं लिया गया. ICC का ये नरम रुख क्यों? अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) का यह रुख, जो दंडात्मक होने के बजाय सहयोगी दिखता है, कई लोगों को विरोधाभासी और चिंता पैदा करने वाला लगा. यहां समझते हैं कि आखिर बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप से हटने पर सज़ा क्यों नहीं दी गई. ICC ने पुष्टि की कि टी20 वर्ल्ड कप से हटने के बावजूद बांग्लादेश पर किसी तरह का वित्तीय, खेल या प्रशासनिक प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा. यह फैसला पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और BCB के साथ हुई गहन बातचीत के बाद लिया गया. इतना ही नहीं, बांग्लादेश को 2031 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप से पहले एक और ICC टूर्नामेंट की मेज़बानी का भरोसा भी दिया गया है. ICC ने कहा कि बांग्लादेश वैश्विक क्रिकेट के विकास में एक अहम और प्राथमिक देश बना हुआ है. BCB अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम बुलबुल ने इस फैसले का स्वागत किया और ICC व अन्य क्रिकेट बोर्डों के साथ सहयोग जारी रहने की बात कही.  बांग्लादेश को सज़ा क्यों नहीं मिली? लाहौर की बैठक को सिर्फ मध्यस्थता नहीं, बल्कि कड़ी सौदेबाज़ी के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें पाकिस्तान की भूमिका और ICC की मजबूरियां साफ दिखीं. पाकिस्तान का शुरुआती बहिष्कार बांग्लादेश के लिए दबाव बनाने का ज़रिया था. लेकिन जैसा कि पहले ही अनुमान लगाया गया था, पाकिस्तान का रुख बदला जा सकता था. ICC के लिए भारत-पाकिस्तान मैच का होना बेहद ज़रूरी था. यह मुकाबला कई अन्य मैचों से ज़्यादा कमाई करता है. इसके अलावा, ICC को उन छोटे बोर्डों की भी चिंता थी जो उसकी केंद्रीय फंडिंग पर निर्भर हैं. बांग्लादेश ने इस स्थिति को समझते हुए, पाकिस्तान के समर्थन के साथ हालात को अपने पक्ष में मोड़ लिया. नतीजा यह हुआ कि ICC ने अपना सबसे बड़ा मैच बचा लिया, पाकिस्तान ने यू-टर्न ले लिया और बांग्लादेश को बिना किसी सज़ा के भविष्य की गारंटी मिल गई. अगर बांग्लादेश को सज़ा मिलती तो? अगर ICC ने बांग्लादेश को दंडित किया होता, तो इसके गंभीर असर होते. आर्थिक जुर्माना BCB की हालत और खराब कर देता, फैंस में नाराज़गी बढ़ती और क्रिकेट ढांचे पर असर पड़ता. बांग्लादेश दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बाज़ारों में से एक है, जहां 20 करोड़ से ज़्यादा क्रिकेट प्रेमी हैं. ICC इस बाज़ार को नाराज़ करने का जोखिम नहीं उठा सकता. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, टी20 वर्ल्ड कप से हटने के कारण BCB को लगभग 325 करोड़ टका (करीब 27 मिलियन डॉलर) का नुकसान हो सकता है. कुल मिलाकर 2025-26 में उसकी आय 60 प्रतिशत तक गिर सकती थी. पूर्व कप्तान तमीम इक़बाल ने भी चेताया था कि भावनाओं में लिया गया फैसला आने वाले 10 साल तक असर डाल सकता है. बांग्लादेश को दी गई राहत सिर्फ निष्पक्षता का मामला नहीं थी, बल्कि आर्थिक नुकसान को सीमित करने की कोशिश भी थी. इसी वजह से टी20 वर्ल्ड कप से हटने के बावजूद बांग्लादेश को सज़ा नहीं, बल्कि फायदे मिले.

यूपी विधानसभा: शोक प्रस्ताव के दौरान विधायक का मोबाइल बजा, स्पीकर ने कर लिया जब्त

लखनऊ  यूपी विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में शोक प्रस्ताव पास हुआ। विधायक का मोबाइल एक-दो बार बजा जिसे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन की कार्यवाही में व्यवधान माना। स्पीकर महाना ने सदन में मार्शल टीम के सदस्य को इशारा किया। महाना ने कहने पर विधायक चौधरी बाबू लाल का फोन जब्त कर लिया गया। दरअसल, विधान सभा और विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने की मनाही है। अगर मोबाइल सदन के भीतर लाया जाए तो उसे साइलेंट मोड में हो लाना होता है। इसके अतिरिक्त तब भी सदन की कार्यवाही के दौरान लगातार मोबाइल इस्तेमाल करने की भी मनाही है। मंगलवार को दूसरे दिन भाजपा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल और सपा विधायक विजय सिंह गौड़ के निधन पर शोक प्रस्ताव पास हुआ। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही कल 11 बजे तक स्थगित कर दी है। मुख्यमंत्री योगी समेत सभी दल के नेताओं ने अपने विचार रखे। प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का निधन 2 जनवरी को हुआ था। बरेली की फरीदपुर सीट से दूसरी बार निर्वाचित हुए थे। वह मिलनसार, शिक्षित और जमीन से जुड़े नेता थे। समाज के सभी तबके के विकास के लिए समर्पित रहे। अपने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं बढ़ावाएं। इतिहास संकलन समिति बरेली और जेएनयू की कार्यसमिति के भी सदस्य थे। उनके निधन से कुशल नेता खो दिया है। 8 जनवरी को हुआ था विजय सिंह गौड़ का निधन वहीं विजय सिंह गौड़ का निधन 8 जनवरी को हुआ था। वे वरिष्ठ सदस्य थे।आठवीं बार निर्वाचित हुए थे। विधानसभा की अनेक समितियों के सदस्य थे। जनजातीय समाज की सशक्त आवाज थे। जनता के और समाज के जन जंगल और जमीन के अधिकार को सदैव प्राथमिकता दी। आदिवासी विकास परिषद के भी सदस्य थे। उनके निधन से समाज की अपूरणीय क्षति हुई है। वहीं नेता प्रतिपक्ष् माता प्रसाद पांडेय ने भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल जी चले गए। जब मनुष्य आता है तब ही तय हो जाता है की जाना है। सामयिक मृत्य तब होती है जब व्यक्ति अपना पूरा काम करके जाता है जबकि असामयिक मृत्य तब होती है जब वह अधूरा काम छोड़ जाता है। इनके जाने से विधासभा उनकी जानकारी और ज्ञान से वंचित रह गई है। विजय सिंह गौड़ हमारे साथ 1980 में चुनकर आए थे। राजनीतिक चमक दमक से दूर रहते थे। जब पांच बार के विधायकों को सम्मानित किया जा रहा था तब उन्होंने इसे गैरजरूरी बताते हुए उसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। राम निवास वर्मा ने कहा कि इतिहास के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान रहा। लगातार दो बार वह फरीदपुर से निर्वाचित हुए। उनके निधन से हुई रिक्ति की भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है। विजय सिंह गौड़ के निधन पर अपनी संवेदनाएं भारी मन से व्यक्त करता हूं। उन्होंने जनसेवा के लिए स्वयं को समर्पित किया।वह विशेष रूप से आदिवासी समाज के विकास के लिए प्रयत्नशील रहे। राजनीति को उन्होंने सेवा का माध्यम बनाया। शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना। श्याम बिहारी लाल को दी श्रद्धांजलि राजपाल सिंह बालियान ने कहा कि श्याम बिहारी लाल का असामयिक निधन बेहद दुखद है। उनके निधन से प्रदेश ने कुशल राजनीतिक और समाजसेवी खो दिया है। आत्म की शांति की कामना और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना है। विजय सिंह गौड़ का असामयिक निधन दुखद है। इनका राजनीति में काफी अनुभव था। 18वीं विधानसभा के उपचुनाव में सदस्य निर्वाचित हुए थे। निधन से कुशल राजनीतिक और समाजसेवी खो दिया है। दिवंगत आत्मा की शांति की कामना है। ओपी राजभर ने भी प्रोफेसर लाल और विजय सिंह को श्रद्धांजलि दी। आराधना मिश्रा मोना ने भी विनम्र श्रद्धांजलि दी। उनका निधन अपूरणीय क्षति है। दो बार सदन के सदस्य रहे। उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से उठाया है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि आत्मा को शांति और शोकाकुल परिवार को धैर्य दे। विजय सिंह गौड़ मुलायम सिंह मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री थे सतीश महाना ने कहा कि समाज सेवा, अध्ययन और अध्यापन में प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल की विशेष रुचि थी। विजय सिंह गौड़ मुलायम सिंह मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री थे। वह विभिन्न आंदोलनों में जेल भी गए। उनके निधन से कुशल राजनीतिक और समाजसेवी खो दिया है। पूरा सदन शोकाकुल है। दोनों की आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिवारों को संवेदनाएं। दोनों परिवारों को सदन की ओर से संवेदनाएं प्रेषित की जाएंगी।

मंगल दोष के कारण रुक रहे हैं काम? आज अपनाएं ये उपाय और पाएं राहत

मंगल दोष कई तरह से लोगों को परेशान कर सकता है जिसे मंगल दोष है उसे इससे जुड़े उपाय कर इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है.ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ग्रहों का सेनापति कहा गया है. इसे उग्र ग्रह माना गया है. कुंडली में मंगल की दशा यदि खराब हो तो इससे मंगल दोष होता है और व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल दोष होने से विवाह होने में कई तरह की परेशानी होती है या विवाह में देरी भी होती है. यदि विवाह हो भी जाए तो विवाह के बाद भी वैवाहिक जीवन सुखी नहीं रहता और कई तरह की परेशानियां जीवन में लगी रहती है. इसलिए विवाह से पहले यह जान लेना चाहिए कि क्या कुंडली में मंगल दोष है या नहीं. यदि मंगल दोष है तो ज्योतिष उपायों की मदद से इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है. क्या है मंगल दोष ज्योतिष के अनुसार किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में मंगल ग्रह के कुछ निश्चित भाव में होने से मंगल दोष बनता है. मंगल जब किसी व्यक्ति की कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में बैठा हो तो, इससे मांगलिक या मंगल दोष बनता है. मंगल ग्रह की ऐसी स्थिति वैवाहिक जीवन के लिए अच्छी नहीं मानी जाती है. इसके अलावा कुछ ज्योतिष तो मंगल दोष को तीन लग्न (चंद्र, सूर्य और शुक्र) से भी देखते है. विवाह और वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियों से बचने के लिए लड़का या लड़की को मंगल दोष दूर करने के उपायों को जरूर कर लेना चाहिए. मंगल दोष के लक्षण     जिसकी कुंडली में मंगल दोष होता है, उसके विवाह में कई तरह की परेशानियां आती है. विवाह में देरी होना, किसी कारण रिश्ता टूट जाना या विवाह के बाद जीवनसाथी के अच्छा तालमेल न बैठना. ये सभी मंगल दोष के प्रभाव से होते हैं.     यदि किसी की कुंडली के सातवें भाव में मंगल दोष हो तो ऐसे में पति-पत्नी के बीच हमेशा मनमुटाव होता रहता है. कभी-कभी लड़ाई-झगड़े इतने बढ़ जाते हैं कि यह तनाव, टकराव और तलाक का कारण भी बन जाती है.     विवाह के अलावा मंगल दोष होने से व्यक्ति कर्ज के बोझ में भी डूबा रहता है या फिर जमीन-जायदाद से जुड़ी समस्याएं लगी रहती है.     कुंडली के द्वादश भाव में मंगल दोष होने से वैवाहिक जीवन के साथ ही शारीरिक क्षमताओं में कमी, क्षीण आयु, रोग द्वेष और कलह-क्लेश को जन्म देता है.     मंगल दोष होने से व्यक्ति का स्वभाव गुस्सैल, क्रोधिक और अहंकारी हो जाता है.     ससुराल पक्ष से रिश्ते खराब होने या बिगड़ने की वजह भी मंगल दोष होता है. मंगल दोष के लिए उपाय     मंगल दोष के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए मंगल ग्रह की शांति पूजा करें करें.     मंगलवार के दिन व्रत रखें और हनुमान मंदिर जाकर बूंदी का प्रसाद बांटे.     मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें.     मंगलवार के दिन लाल रंग के कपड़े पहनकर पूजा करें और हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं.     मंगल ग्रह की शांति के लिए तीन मुखी रुद्राक्ष या फिर मूंगा रत्न ज्योतिषी की सलाह से धारण करें तो शुभ रहेगा.     घर आए मेहमानों को मिठाई खिलाने से कुंडली में मंगल दोष का प्रभाव कम होता है. कुंडली में मंगल दोष है तो विवाह से पहले नीम का पेड़ लगाएं और 43 दिनों तक कम से कम पेड़ की देखरेख करें. इससे भी मंगल दोष दूर हो जाता है.     राजधानी में हरियाली को लगी बुरी नजरः पेड़ काटकर नहीं स्लो प्वाइजन देकर ग्रीनरी को किया जा रहा खत्म     युवक का शव मिलने से सनसनी: शरीर पर मिले चोट के निशान, जांच में जुटी पुलिस     ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में विशेष पहचान बनाएगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय     छत्तीसगढ़ में SIR की प्रक्रिया में आई तेजी : 98 % नोटिसों की सुनवाई पूरी, इस दिन होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन     ​बिहार सदन में संग्राम, उंगली दिखाने पर भड़के अशोक चौधरी, सुनील सिंह से हुई जुबानी जंग, मार्शल ने विपक्षी सदस्यों को सदन से निकाला  

नृत्य के साथ रोमांच का संगम: पर्यटकों के लिए विलेज कैंपिंग और वॉटर स्पोर्ट्स जैसे ढेरों आकर्षण

भोपाल. अपर मुख्य सचिव संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व  शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश की पावन धरा कला और संस्कृति की सुगंध एक बार फिर विश्व पटल पर बिखरने को तैयार है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक ‘खजुराहो नृत्य समारोह’ के 52वें संस्करण का भव्य आयोजन 20 से 26 फरवरी, 2026 तक किया जा रहा है। विश्व धरोहर स्थल खजुराहो के सुप्रसिद्ध पश्चिमी मंदिर समूह परिसर की गौरवशाली पृष्ठभूमि में आयोजित होने वाला यह समारोह इस वर्ष भी अपनी उत्कृष्ट नृत्य प्रस्तुतियों, नवाचारों और नवीन आयामों के साथ कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग द्वारा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक-परंपराओं और शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण और प्रसार के लिए निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य इस जीवंत परंपरा को जन-जन तक पहुँचाकर मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊचाइयां प्रदान करना है। खजुराहो नृत्य समारोह वास्तव में भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा की वह जीवंत साधना है, जहाँ इतिहास, अध्यात्म और सौंदर्य के अद्भुत संगम का शाहकार होता है। भव्य मंदिरों के प्रांगण में आयोजित यह समारोह नृत्य को केवल एक मंचीय प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक पवित्र सांस्कृतिक अनुष्ठान के रूप में प्रतिष्ठित करता है। इस वर्ष समारोह की केंद्रीय थीम ‘नटराज’ रखी गई है, जो भारतीय नृत्य की आध्यात्मिक चेतना, लयबद्धता और सृजनात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। मंच पर भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम जैसे शास्त्रीय नृत्य रूप अपनी परंपरागत गरिमा और शास्त्रबद्धता के साथ प्रस्तुत होंगे। समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष देश के 7 पद्म और 6 संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त दिग्गज कलाकारों के साथ उभरते हुए युवा कलाकार भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। विभाग का यह विशेष प्रयास है कि नई पीढ़ी के कलाकारों को अधिक अवसर प्रदान किए जाएं। इस वर्ष समारोह में कई नवाचार देखने को मिलेंगे। पहली बार खजुराहो की सड़कों पर एक ‘सांस्कृतिक रैली’ का आयोजन किया जाएगा, जो 20 फरवरी को समारोह के शुभारंभ के साथ निकलेगी। इस रैली में विभिन्न विधाओं के कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में नगर भ्रमण करते हुए मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेंगे। ‘राष्ट्रीय खजुराहो बाल नृत्य महोत्सव’ को भी अब राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया गया है। 10 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बाल कलाकारों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव हेतु देश के 23 राज्यों से 310 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें कथक के 136 और भरतनाट्यम के 106 आवेदन शामिल हैं। इन नन्हें कलाकारों का चयन वरिष्ठ कला गुरुओं द्वारा किया जाएगा और उनका प्रदर्शन मेला परिसर के विशेष मंच पर होगा। समारोह को और अधिक समावेशी बनाने के लिए इस वर्ष ‘खजुराहो कार्निवाल’ का पहली बार शुभारंभ किया जा रहा है। शिल्प ग्राम में आयोजित होने वाले इस कार्निवाल में 10 राज्यों के कलाकार अपनी लोक कलाओं, लोक नृत्यों और पारंपरिक शिल्पों का प्रदर्शन करेंगे। साथ ही, कार्निवाल के दौरान शास्त्रीय एवं उप-शास्त्रीय नृत्यों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। बौद्धिक संवाद के लिए ‘कलावार्ता’ का आयोजन होगा, जहाँ कलाविद् खजुराहो के मंदिर स्थापत्य और कला परंपराओं पर चर्चा करेंगे। ‘लयशाला’ के माध्यम से विद्यार्थी प्रतिष्ठित गुरुओं से नृत्य के तकनीकी पक्षों की बारीकियां सीखेंगे। वहीं, ‘आर्ट-मार्ट’ में समकालीन भारतीय चित्रकला और ‘सृजन एवं हुनर’ में पारंपरिक शिल्प तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन और विक्रय किया जाएगा। भोजन के शौकीनों के लिए ‘स्वाद’ प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश के जनजातीय और क्षेत्रीय व्यंजनों का आनंद उपलब्ध होगा। पर्यटन विभाग ने इस बार पर्यटकों के रोमांच को दोगुना करने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। ई-बाइक टूर, सेगवे टूर और विलेज टूर जैसी गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। साहसिक पर्यटन के शौकीन पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के पास झिन्ना एवं मड़ला में कैंपिंग कर सकते हैं और ‘वॉक विद पारधी’ के तहत प्रकृति भ्रमण का आनंद ले सकते हैं। कुटनी आईलैंड में वॉटर स्पोर्ट्स जैसे स्पीड बोट और शिकारा नाव की सवारी का भी प्रबंध किया गया है। स्थानीय कला को प्रोत्साहन देने के लिए टेराकोटा, बुंदेली पेंटिंग और बीड ज्वेलरी के प्रत्यक्ष प्रदर्शन स्टॉल लगाए जाएंगे। कुल मिलाकर, यह समारोह नृत्य, शिल्प, संवाद और पर्यटन का एक ऐसा अनूठा मंच बनेगा जो मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त करेगा। खजुराहो महोत्सव संस्कृति विभाग द्वारा उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन छतरपुर के साझा सहयोग से आयोजित किया जा रहा हैं।  

अब नहीं होगी EV चार्जिंग की चिंता: दिल्ली सरकार के 2026 प्लान से मोहल्ला-मोहल्ला लगेगा चार्जिंग स्टेशन

नई दिल्ली अगर आप दिल्ली में रहते हैं और इलेक्ट्रिक गाड़ी (EV) खरीदने से सिर्फ इसलिए हिचक रहे हैं कि चार्जिंग कहां करेंगे, तो अब आपकी यह चिंता जल्द दूर होने वाली है। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 2026 तक का विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया है, जिसमें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है। सरकारी योजना के मुताबिक, शहर के हर प्रमुख रिहायशी, व्यावसायिक और सार्वजनिक इलाके में चार्जिंग की सुविधा बढ़ाई जाएगी। इसके तहत मॉल, मार्केट, ऑफिस कॉम्प्लेक्स, पार्किंग एरिया, मेट्रो स्टेशन और हाउसिंग सोसाइटीज़ में चार्जिंग पॉइंट्स लगाने पर जोर रहेगा। एक साल में लगेंगे 7,000 नए चार्जिंग प्वाइंट कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार ने 2026 के अंत तक करीब 7,000 नए पब्लिक EV चार्जिंग प्वाइंट लगाने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल राजधानी में 8,998 पब्लिक चार्जिंग प्वाइंट मौजूद हैं, लेकिन सरकार की योजना के तहत इनकी संख्या बढ़ाकर 16,070 तक पहुंचाई जाएगी, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में आ रही चार्जिंग से जुड़ी बाधा को दूर किया जा सके। अभी भी है 75% की भारी कमी भले ही दिल्ली सरकार EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की तैयारी में जुटी हो, लेकिन मौजूदा हालात में मांग और सप्लाई के बीच बड़ा गैप बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुल 36,177 चार्जिंग प्वाइंट्स की आवश्यकता है, जबकि मौजूदा व्यवस्था इस लक्ष्य से काफी पीछे है। आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में अभी करीब 75.2 फीसदी यानी लगभग 27,179 चार्जिंग प्वाइंट्स की कमी है। हालांकि राहत की बात यह है कि सरकार और एजेंसियां इस दिशा में तेजी से कदम उठा रही हैं। दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर 66 नए चार्जिंग प्वाइंट्स लगाने का प्रस्ताव है, जबकि आनंद विहार और न्यू अशोक नगर जैसे RRTS स्टेशनों पर 6-6 चार्जिंग प्वाइंट्स स्थापित करने की योजना बनाई गई है। माना जा रहा है कि इन कदमों से सार्वजनिक स्थानों पर EV चार्जिंग की सुविधा बेहतर होगी और लोगों का इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर भरोसा बढ़ेगा। पड़ोसी फेल, दिल्ली पास NCR में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की बात तो हो रही है, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में दिल्ली ने बाकी शहरों को काफी पीछे छोड़ दिया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा, गुड़गांव और फरीदाबाद की हालत बेहद खराब है, जबकि दिल्ली EV चार्जिंग के मामले में ‘किंग’ बनकर उभरी है। रिपोर्ट बताती है कि गुड़गांव और फरीदाबाद में सरकारी जमीन पर एक भी पब्लिक चार्जिंग प्वाइंट मौजूद नहीं है। वहीं नोएडा में सिर्फ 69 पब्लिक चार्जिंग प्वाइंट्स हैं, जबकि यहां कम से कम 150 प्वाइंट्स की जरूरत बताई गई है। स्थिति गाजियाबाद में भी कुछ खास बेहतर नहीं है, जहां 126 चार्जिंग प्वाइंट्स मौजूद हैं, लेकिन वास्तविक जरूरत करीब 450 प्वाइंट्स की है। ‘बैटरी स्वैपिंग‘ पर भी बड़ा जोर अगर आपके पास बैटरी स्वैपेबल इलेक्ट्रिक गाड़ी है, तो यह खबर आपके लिए भी राहत लेकर आई है। दिल्ली में फिलहाल 948 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन काम कर रहे हैं, जिन्हें 2026 के अंत तक बढ़ाकर 1,268 करने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे खासतौर पर ई-रिक्शा, डिलीवरी व्हीकल और टू-व्हीलर यूज़र्स को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि बैटरी चार्ज करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और कुछ ही मिनटों में बैटरी बदली जा सकेगी। एक्सपर्ट की चेतावनी इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) के अमित भट्ट का कहना है कि EV चार्जिंग को लेकर एक अहम सच्चाई अक्सर नजरअंदाज हो जाती है। उनके मुताबिक 80 से 90 फीसदी चार्जिंग घर या ऑफिस में ही होती है, न कि पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों पर। असली समस्या यह है कि कई हाउसिंग सोसाइटियां और RWA लोगों को निजी चार्जर लगाने की अनुमति नहीं देतीं, जिससे EV अपनाने में बड़ी रुकावट पैदा होती है। अमित भट्ट का सुझाव है कि भारत को नॉर्वे की तर्ज पर ‘चार्ज करने का कानूनी अधिकार’ (Right to Charge) लाना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति अपनी तय पार्किंग में बिना प्रशासनिक अड़चनों के चार्जर लगा सके। उनका मानना है कि इससे EV अपनाने की रफ्तार पब्लिक चार्जिंग बढ़ाने से भी ज्यादा तेज हो सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे 13 फरवरी को मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ

रायपुर. छत्तीसगढ़ के शिमला और छोटा तिब्बत के नाम से प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। यह महोत्सव रोपाखार जलाशय के समीप 13 से 15 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव का आयोजन राज्य शासन के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल करेंगे।  मैनपाट महोत्सव में लोक गीत और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। 13 फरवरी को भोजपुरी सुपरस्टार मनोज तिवारी प्रस्तुति देंगे। साथ ही, छत्तीसगढ़ी गायक सुनील सोनी और ओडिशा का प्रसिद्ध छऊ नृत्य की प्रस्तुति होगी। 14 फरवरी को छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक गायिका अलका चंद्राकर और इंडियन आइडल फेम वैशाली रायकवार अपनी सुरीली आवाज से शाम को यादगार बनाएंगी। 15 फरवरी को महोत्सव का मुख्य आकर्षण बॉलीवुड की मशहूर सिंगर कनिका कपूर होंगी। इसके साथ ही रायगढ़ घराने की कत्थक नृत्यांगना ज्योति वैष्णव और गायक आयुष नामदेव भी अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही स्थानीय कलाकार और स्कूली बच्चों के द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।  जिला प्रशासन द्वारा मैनपाट महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस मौके पर  विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई जा रही है, जहां शासन की योजनाओं और स्थानीय उत्पादों जैसे टाऊ और तिब्बती हस्तशिल्प का प्रदर्शन होगा। महोत्सव स्थल पर एडवेंचर एक्टिविटी में पर्यटकों के लिए बोटिंग, साहसिक खेल और पारंपरिक दंगल का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव स्थल पर सुरक्षा, पार्किंग और पर्यटकों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। फूड ज़ोन में सरगुजा के पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया जा सकेगा।  मैनपाट के प्रमुख आकर्षण अंबिकापुर मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर स्थित मैनपाट एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है, जोकि समुद्र तल से 3,781 फीट की ऊंचाई पर है। मैनपाट में बड़ा तिब्बती समुदाय बसा है, जहां का थाकपो शेडुप्लिंग मठ मुख्य आकर्षण है। जलजली- यह एक भूगर्भीय आश्चर्य है जहाँ जमीन दलदली है और कूदने पर स्पंज की तरह हिलती है, इसे म्यूजिकल लैंड भी कहते हैं। उल्टा पानी- यहाँ का पानी ढलान के विपरीत दिशा में बहता है, जो एक अनसुलझा रहस्य है। इसके अलावा टाइगर पॉइंट, मछली पॉइंट, मेहता पॉइंट, सरभंजा जलप्रपात जैसे अनेक दर्शनीय स्थान हैं।

रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम: मैक्रों के भारत दौरे से पहले 114 राफेल खरीद प्रस्ताव मंजूर

नई दिल्ली  भारतीय रक्षा खरीद बोर्ड (Defence Procurement Board) ने भारतीय वायु सेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) के सामने रखा जाएगा। अंतिम मुहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से लगने की उम्मीद है। मेक इन इंडिया पर ज़ोर सूत्रों के मुताबिक, इस डील की सबसे अहम बात यह है कि राफेल विमानों का अधिकतर निर्माण भारत में किया जाएगा। ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत करीब 30 फीसदी स्वदेशी कंटेंट शामिल होगा। शुरुआती चरण में 12 से 18 राफेल जेट सीधे फ्रांस से ‘फ्लाई-अवे कंडीशन’ में भारत लाए जाएंगे, जबकि बाकी विमानों का निर्माण भारत में निजी कंपनियों की साझेदारी से होगा। 3.25 लाख करोड़ रुपये की डील भारत और फ्रांस के बीच इस राफेल सौदे की कुल लागत करीब ₹3.25 लाख करोड़ बताई जा रही है। डील पूरी होने के बाद भारतीय वायुसेना के पास राफेल विमानों की कुल संख्या 176 हो जाएगी, जिससे वायुसेना की ताकत और रणनीतिक क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। हथियारों के इंटीग्रेशन की अनुमति हालांकि इस डील में राफेल का सोर्स कोड भारत को नहीं मिलेगा, लेकिन भारत को अपने स्वदेशी और अन्य हथियारों को राफेल में इंटीग्रेट करने की पूरी छूट होगी। इससे भारतीय वायुसेना अपनी जरूरत के हिसाब से विमानों को और ज्यादा सक्षम बना सकेगी। ऑपरेशन सिंदूर में राफेल की सफलता का प्रदर्शन भारतीय वायुसेना के मौजूदा 36 राफेल जेट पहले ही अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल विमानों ने SCALP मिसाइल, Meteor एयर-टू-एयर मिसाइल और HAMMER बमों के साथ आतंकी ठिकानों और दुश्मन के सैन्य ठिकानों को सटीक निशाना बनाया था। मैक्रों की प्रस्तावित भारत यात्रा से पहले अहम कदम यह पूरा मामला ऐसे समय आगे बढ़ा है, जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 15 से 17 फरवरी 2026 के बीच भारत दौरे पर आने वाले हैं। इससे भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी को और मजबूती मिलने के संकेत मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री बस सेवा योजना में शामिल करने सहित कई घोषणाएं

रायपुर. जीपीएम के समन्वित विकास को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अरपा महोत्सव एवं गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के छठवें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर जिले को लगभग 100 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कहा कि जिले के समन्वित विकास के लिए हर संभव पहल की जाएगी। उन्होंने इस मौके पर मुख्यमंत्री बस सेवा योजना में जिले को शामिल करने के साथ ही कई घोषणाएं की। उन्होंने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 300 नव विवाहित जोड़ों को सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए आशीर्वाद दिया।  जीपीएम के समन्वित विकास को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अरपा महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 100 करोड़ से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन जिले के समन्वित विकास को गति देगा। उन्होंने कहा कि पेंड्रारोड से अमरकंटक तक 19 किलोमीटर सड़क निर्माण से आवागमन में सुविधा होगी तथा केवची मार्ग के निर्माण से पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में 6 हजार 414 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ है, जो ऐतिहासिक क्षण है तथा इसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बेटियों के सम्मान और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योजना है। नव विवाहित 300 जोड़ों को दिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री  साय ने इस मौके पर नगर पंचायत मरवाही में उच्च विश्राम गृह की स्वीकृति, मुख्यमंत्री बस सेवा योजना में जीपीएम जिले को शामिल करने, जिला मुख्यालय में भव्य ऑडिटोरियम निर्माण तथा समदलई पर्यटन स्थल में स्टॉप डैम निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को चेक एवं सामग्री का वितरण के साथ ही  स्वामित्व योजना अंतर्गत 435 किसानों को पट्टा प्रदान किया गया। कार्यक्रम स्थल पर जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित लगाए गए सभी स्टालों का मुख्यमंत्री  साय ने अवलोकन किया।   कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने जिले के विकास कार्यों पर आधारित बुकलेट का विमोचन भी किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में जिले की पर्यटन संभावनाओं और जिले की दो वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित वीडियो फिल्म का भी प्रदर्शन हुआ। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक सर्व प्रणव कुमार मरपच्ची, अटल वास्तव, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष मती समीरा पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।

उत्तराखंड में अधिकारियों के तबादले, नई जिम्मेदारियाँ तय

देहरादून उत्तराखंड के देहरादून में से अहम खबर सामने आ रही है। जहां पुलिस विभाग में फेरबदल किया गया है। राजधानी में छह पुलिस उपाधीक्षकों (सीओ/डीएसपी) का तबादला हुआ है। इन अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया हैं। साथ ही उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। एसएसपी अजय सिंह की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। इन अधिकारियों का हुआ तबादला पुलिस उपाधीक्षक विवेक सिंह कुटियाल को क्षेत्राधिकारी प्रेमनगर बनाया गया है। उनके अधीन थाना प्रेमनगर, थाना सेलाकुई, गोपनीय शाखा, एलआईयू व पीएसी रहेंगे। रीना राठौर को क्षेत्राधिकारी डोईवाला की जिम्मेदारी दी गई है। उनके अंतर्गत कोतवाली डोईवाला, थाना रायपुर, शिकायत जांच प्रकोष्ठ, विशेष जांच प्रकोष्ठ, सीसीएम हेल्पलाइन, होमिसाइड सेल, महिला हेल्पलाइन, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 समेत अन्य शामिल किए गए हैं। स्वप्निल मुयाल को क्षेत्राधिकारी नगर नियुक्त किया गया है। उन पर कोतवाली नगर, थाना वसंत विहार, पुलिस लाइन के साथ कुछ अन्य जिम्मेदारियां भी रहेंगी। नीरज सेमवाल को क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश बनाया गया है। उन्हें कोतवाली ऋषिकेश, थाना रायवाला, थाना रानीपोखरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जगदीश चंद्र पंत को क्षेत्राधिकारी यातायात की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके अधीन यातायात, प्रधान लिपिक, भवन, ऑडिट, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट, ऑपरेशन स्माइल, ट्रैक मिसिंग चाइल्ड, हाईकोर्ट/सम्मन सेल, लोक सूचना व सीसीओआर/डीसीआरओ रहेंगे।  

मेले में सुरक्षा चूक: शिवरीनारायण में आकाश झूले की कुर्सी टूटी, दो घायल

जांजगीर चांपा शिवरीनारायण में चल रहे माघी मेले में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। नगर पंचायत कार्यालय के सामने संचालित आकाश झूले की कुर्सी टूटकर नीचे खड़ी दो युवतियों पर गिर गई, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। एक युवती को बिलासपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद मेला परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब चार बजे उमेश गुप्ता द्वारा संचालित आकाश झूले में यह हादसा हुआ। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम मल्दा से मेला देखने आई दो युवतियां मेला ग्राउंड में झूले के नीचे खड़ी थीं। इसी दौरान अचानक आकाश झूले की एक कुर्सी टूटकर नीचे गिर गई, जो सीधे दोनों युवतियों पर आ गिरी। हादसे में चंद्रकांती कश्यप (15 वर्ष) एवं भूमिका कश्यप (21 वर्ष), निवासी ग्राम मल्दा, गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से शिवरीनारायण स्थित शबरी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार चंद्रकांती कश्यप की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि भूमिका कश्यप की स्थिति गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। इस घटना के बाद मेले में लगे झूलों एवं अन्य मनोरंजन साधनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में झूलों और मौत के कुएं जैसे खेलों की फिटनेस जांच को लेकर लापरवाही बरती जाती है। वहीं नगर पंचायत और संबंधित विभागों द्वारा नियमित निरीक्षण एवं सख्त कार्रवाई न होने को भी हादसे का कारण बताया जा रहा है। फिलहाल घटना के बाद पुलिस और मेला प्रशासन हरकत में आया है और मामले की जांच की बात कही जा रही है। हादसे ने मेला में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। एसडीओपी यदुमणि सिदार ने बताया कि झूला संचालक को नोटिस जारी कर तकनीकी जांच प्रमाणपत्र की मांग की गई है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी झूला को एहतियात के तौर पर बंद करा दिया गया है।  

EPF को लेकर योगी सरकार का बड़ा कदम, विधान परिषद में छाया आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का मामला

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधान परिषद में मंगलवार को भारतीय जनता पाटर्ी (भाजपा) के एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने नियम 115 के अंतर्गत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन से की जा रही ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) कटौती की राशि कर्मचारियों के खातों में अनिवार्य रूप से जमा कराए जाने की मांग उठाई। उन्होंने इस विषय को लोक महत्व का बताते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट किया। आउटसोर्सिंग सेवा निगम बनाए जाने का निर्णय एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि राज्य में आउटसोर्सिंग के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आउटसोर्सिंग सेवा निगम बनाए जाने का निर्णय लिया गया है, जिसकी पूरे प्रदेश में सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का शोषण आम बात थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस दिशा में सकारात्मक पहल की है। कर्मचारियों के खातों में जमा नहीं हो रही थी ईपीएफ की राशि उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के कई हिस्सों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ की कटौती तो नियमित रूप से की जा रही है, लेकिन संबंधित धनराशि कर्मचारियों के खातों में जमा नहीं हो रही है। इस स्थिति से कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है और वे लगातार संबंधित विभागाध्यक्षों से शिकायत कर रहे हैं। कर्मचारियों की मूल समस्या का अब होगा समाधान विजय बहादुर पाठक ने सदन को अवगत कराया कि विभागीय अधिकारी अक्सर ठेकेदारों और सेवा प्रदाता कंपनियों पर जिम्मेदारी डालकर मामले से पल्ला झाड़ लेते हैं। कई स्थानों पर यह विषय आंदोलन का रूप ले चुका है और कहीं-कहीं ठेकेदार या एजेंसी बदल दी जाती है, लेकिन कर्मचारियों की मूल समस्या जस की तस बनी रहती है।  कर्मचारियों के खाते में अब पूरी राशि समय से जमा होगी उन्होंने बताया कि बरेली, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, वाराणसी सहित कई नगर निगमों से इस तरह की शिकायतें सामने आई हैं। लखनऊ नगर निगम में तो कर्मचारियों ने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उनकी ईपीएफ राशि एजेंसी, ठेकेदार और नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से हड़पी जा रही है। एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने सरकार से मांग की कि इस गंभीर और तात्कालिक लोक महत्व के विषय पर ठोस कारर्वाई करते हुए ऐसी सुनिश्चित व्यवस्था की जाए, जिससे आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन से की जाने वाली ईपीएफ कटौती की पूरी राशि समय से उनके खातों में जमा हो सके।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चों को मिला शैक्षणिक भ्रमण का अवस

रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप वनांचल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुकमा जिला प्रशासन की पहल पर ‘नियद नेल्लानार’ योजना के अंतर्गत माध्यमिक शाला मिसमा और बालक आश्रम सामसट्टी के 40 विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को साइंस पार्क ले जाया गया, जहाँ उन्होंने विज्ञान से जुड़े विभिन्न प्रयोगों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा। न्यूटन के नियम, ऊर्जा के रूपांतरण, ध्वनि के सिद्धांत, धूप घड़ी से समय मापन, पेंडुलम की गति तथा दर्पणों से जुड़े प्रयोगों ने बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाई। इससे विद्यार्थियों को किताबों में पढ़े विषयों को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला। भ्रमण के दौरान विद्यार्थी कलेक्टर कार्यालय भी पहुंचे, जहाँ उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें शिक्षा, अनुशासन और मेहनत के महत्व के बारे में बताया तथा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को तुंगल बांध भी ले जाया गया, जहाँ उन्होंने प्राकृतिक वातावरण, जैव विविधता और जल संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से शासन द्वारा वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सार्थक पहल की जा रही है।

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