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बुरहानपुर में बनेगा मिनी एयरपोर्ट, शाहपुर को बनाएंगे नगर पालिका,

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का चहुंमुखी विकास ही सरकार का एकमात्र लक्ष्य है। आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में हर नागरिक की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सबको साथ और विश्वास में लेकर हम ऐसे नये मध्यप्रदेश का निर्माण करेंगे, जहां विकास केवल अवसर नहीं, यहां के हरेक नागरिक का अधिकार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को बुरहानपुर में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से 696 करोड़ 37 लाख रुपये लागत के 80 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण कर बुरहानपुर जिले के समग्र विकास को नई गति दी। उन्होंने कहा कि आज जिन कार्यों की सौगातें मिली हैं, ये जिले को आधुनिक, विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुरहानपुर में नर्मदेश्वर अखंड शिवलिंग की पूजा-अर्चना की। हमारा प्रण, विकास का प्रकाश पहुंचे प्रदेश के हर कोने तक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। विकास का प्रकाश प्रदेश के हर कोने, हर गली-मोहल्ले तक पहुंचे, इसी मूल संकल्प के साथ हमारी सरकार सबको साथ और विश्वास में लेकर आगे बढ़ रही है। सरकार अधोसंरचनात्मक और जनकल्याणकारी कार्यों को प्राथमिकता देकर प्रदेश के विकास की गति में निरंतर तेज़ी ला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुरहानपुर का विकास हमारी प्राथमिकता में है। हमने इस जिले को विकसित और समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है, जिले की जनता की भागीदारी से हम इसे सिद्ध करेंगे, आने वाला समय इसका साक्षी बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुरहानपुर के नेहरू स्टेडियम में दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्यानिकी एवं अन्य विभागों की 2 वर्ष की उपलब्धियों और भावी विकास योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी का शुभारंभ कर विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुरहानपुर में मिनी एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की। उन्होंने बुरहानपुर में केला उत्पादक किसानों के हित में वैल्यू एडिशन, भण्डारण एवं प्रसंस्करण के लिए इकाई स्थापित करने, बुरहानपुर में कृषि आधारित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में नगर परिषद शाहपुर को परीक्षण उपरांत नगर पालिका का दर्जा दिया जाएगा। बुरहानपुर में वारकरी समुदाय का कीर्तन केंद्र बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हॉर्टीकल्चर सब्जेक्ट अब प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में पढ़ाया जाएगा। उन्होंने खामनी से दही हांडी तक खामनी से रायगांव एवं शाहपुर से सुखपुरी तक सड़क बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुरहानपुर में युवाओं के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रारंभ किए जाएंगे। राज्य सरकार बुरहानपुर सहकारी सूत मिल श्रमिकों के बकाया भुगतान कराएगी और यहां नए उद्योग-धंधे भी स्थापित करेगी। ‘बुनकरों का शहर’ है बुरहानपुर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम आज ही लाड़ली बहना योजना की 33वीं किश्त प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक बहनों के खाते में अंतरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि से लेकर कपड़ा निर्माण तक, दवा से लेकर फर्नीचर उद्योग तक, पाइप निर्माण से लेकर कृषि उपकरण निर्माण तक बुरहानपुर का जवाब नहीं। यह जिला पावरलूम उद्योग का प्रमुख केन्द्र है और कपड़ा उत्पादन के कारण ‘बुनकरों के शहर’ के रूप में बुरहानपुर के नाम से विख्यात है। उन्होंने कहा कि कपड़ा उद्योग की बढ़ती मांग के कारण यहां कपास की खेती भी बड़े पैमाने पर की जाती है। यह खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ उद्योगों को भी मजबूती देती है। यहां का केला उत्पादन, फसल विविधता और परिश्रमी किसान, यही हमारे कृषक कल्याण वर्ष की असली ताकत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केला और कपास जैसे प्रमुख उत्पादों के लिए प्रोसेसिंग, भंडारण और निर्यात सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। ताप्ती ग्राउंड वॉटर मेगा रिचार्ज परियोजना से लहलहाएगी बुरहानपुर की धरती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां ताप्ती और नर्मदा मैया के आशीर्वाद से मालवा-निमाड़ का पूरा क्षेत्र आनंदित है। प्रदेश में सरदार सरोवर जैसे बांध बनाने की श्रृंखला शुरू हुई है। हमारे किसान ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। मध्यप्रदेश के किसान नदी जोड़ो अभियान से लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का निरन्तर विस्तार हो रहा है। ताप्ती ग्राउंड वॉटर मेगा रिचार्ज परियोजना पूरी होने के बाद बुरहानपुर की धरती और भी लहलहाएगी। उन्होंने कहा कि धार में देश का पहला “पीएम मित्र पार्क” निर्मित हो रहा है, इससे कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। बुरहानपुर में कपास और केला फसल आधारित प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के बेटे-बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से सामूहिक विवाह को प्रोत्साहन देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने स्वयं अपने पुत्र का विवाह सामूहिक विवाह समारोह में किया। जल संसाधन एवं बुरहानपुर जिले के प्रभारी मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास और विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। इसकी सौगातों की शुरुआत बुरहानपुर से हो रही है। यहां 922.51 करोड़ रुपए की बड़ी सिंचाई परियोजना से 17700 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिलेगी। नावथा सिंचाई परियोजना में 1673 करोड़ रुपए से अधिक लागत से निर्मित सिंचाई सुविधाओं का लाभ 22 हजार किसान परिवारों को मिलेगा। पिछले 2 वर्षों के प्रयासों से बुरहानपुर में कुल 85133 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी। खण्डवा सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऐसे मुख्यमंत्री है, जो धरातल पर कार्य करने में विश्वास करते हैं। विकास कार्यों की सिर्फ घोषणा नहीं करते, उन्हें जमीन पर उतारते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुरहानपुर के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। बुरहानपुर में 15 हजार हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास मिले हैं। जिले के सभी पात्र हितग्राहियों को नल से जल, नि:शुल्क राशन और आवास की सुविधा मिल रही है। विधायक बुरहानपुर एवं पूर्व मंत्री  अर्चना चिटनीस ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बुरहानपुर हर क्षेत्र में विकास के पथ पर अग्रसर है। बुरहानपुर … Read more

दक्षिण अफ्रीका ने जीता टॉस, न्यूजीलैंड को दिया बल्लेबाजी का न्योता

 नई दिल्ली ICC पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के एक और मुकाबले में आपका स्वागत है। आज अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच एक हाई-वोल्टेज जंग होने वाली है। मैच 7 बजे से शुरू होगा। इस महत्वपूर्ण मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीत लिया है और पहले गेंदबाजी (फील्डिंग) करने का फैसला किया है। पिच रिपोर्ट के अनुसार, सतह काफी सख्त है और यहां बल्लेबाजों को गति पसंद आएगी, हालांकि धीमी गति की गेंदें भी ग्रिप कर सकती हैं। अहमदाबाद में रात के समय ओस (Dew) एक बड़ा फैक्टर रहने की उम्मीद है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रोटियाज टीम ने पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया है। दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर फील्डिंग चुनी। न्यूजीलैंड की प्लेइंग XI- फिन एलन, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, डेरिल मिचेल, मिचेल सेंटनर (कप्तान), जेम्स नीशम, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन और जैकब डफी दक्षिण अफ्रीका की प्लेइंग XI – एडेन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, मार्को जानसन, कॉर्बिन बॉश, कागिसो रबाडा, केशव महाराज और लुंगी एनगिडी।

यूएसए ने रचा इतिहास, टी20 वर्ल्ड कप में किसी एसोसिएट टीम ने नहीं किया था ऐसा

चेन्नई एमए चिदंबरम स्टेडियम में नीदरलैंड को 93 रन से रौंदकर यूएसए ने इतिहास रच दिया है। यूएसए टी20 वर्ल्ड कप में रनों के अंतर से सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वाली एसोसिएट टीम बन गई है। निर्धारित 20 ओवरों में यूएसए ने 6 विकेट खोकर 196 रन बनाए। इसके जवाब में नीदरलैंड की टीम 15.5 ओवरों में महज 103 रन पर सिमट गई। यूएसए से पहले टी20 वर्ल्ड कप में एसोसिएट टीमों के लिए सबसे बड़ी जीत का अंतर नेपाल के नाम था, जिसने साल 2024 में हांगकांग के विरुद्ध 80 रन से जीत दर्ज की थी। वहीं, टी20 वर्ल्ड कप 2026 में स्कॉटलैंड की टीम इटली के खिलाफ 73 रन से जीत हासिल कर चुकी है। साल 2016 में अफगानिस्तान ने जिम्बाब्वे को 59 रन से हराया था। साल 2022 में नामीबियाई टीम श्रीलंका के विरुद्ध 55 रन से जीत दर्ज कर चुकी है। यह इंटरनेशनल क्रिकेट में नीदरलैंड्स पर यूएसए की पहली जीत है। इससे पहले उसे पिछले 6 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था। इनमें 3 वनडे और इतने ही टी20 मैच शामिल हैं। शुक्रवार को खेले गए मुकाबले में यूएसए की सलामी जोड़ी के रूप में कप्तान मोनांक पटेल ने शायन जहांगीर के साथ 2.5 ओवरों में 27 रन की साझेदारी की। जहांगीर 20 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसके बाद मोनांक पटेल ने सैतेजा मुक्कमल्ला के साथ दूसरे विकेट के लिए 37 गेंदों में 55 रन की साझेदारी की। मोनांक 22 गेंदों में 36 रन बनाकर आउट हुए, जबकि सैतेजा ने 51 गेंदों में 4 छक्कों और 5 चौकों के साथ 79 रन की पारी खेली। शुभम रंजने ने 24 गेंदों में नाबाद 48 रन बनाए। विपक्षी खेमे से बास डी लीडे ने सर्वाधिक 3 विकेट हासिल किए। इसके जवाब में नीदरलैंड की टीम 15.5 ओवरों में 103 रन पर सिमट गई। इस टीम के लिए बास डी लीडे ने सर्वाधिक 23 रन बनाए, जबकि कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने 20 रन टीम के खाते में जोड़े। यूएसए की तरफ से हरमीत सिंह ने 4 विकेट और शैडली वैन शाल्कविक ने 3 विकेट हासिल किए।  

महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा संबल, आधुनिक डेयरियों के भ्रमण पर पहुंचे डिप्टी सीएम

रायपुर. गुजरात के बनासकांठा की डेयरी क्रांति से सीख लेने पहुँचा छत्तीसगढ़ का दल छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा एवं वन एवं पर्यावरण मंत्री  केदार कश्यप ने गुजरात के मेहसाणा जिले के बनासकांठा स्थित प्रसिद्ध दूधसागर डेयरी, बनास डेयरी एवं अमूल डेयरी का पशुपालकों एवं बिहान दीदियों के साथ शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने डेयरी की आधुनिक कार्यप्रणाली, तकनीकी नवाचारों और सहकारी मॉडल का विस्तृत अवलोकन किया।        इस दौरान प्रतिनिधिमंडल को डेयरी के अधिकारियों द्वारा संपूर्ण उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उपमुख्यमंत्री एवं वन मंत्री ने डेयरी प्लांट, बायो-सीएनजी प्लांट, खाद्य तेल इकाई, आटा प्लांट तथा शेरपुरा डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटी का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं को करीब से समझा।     इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि यह भ्रमण केवल अवलोकन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे सीखकर छत्तीसगढ़ में लागू करने का अवसर है। उन्होंने प्रतिभागियों से सफल डेयरी मॉडल, दुग्ध संकलन प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रसंस्करण तकनीक और विपणन व्यवस्था का गहन अध्ययन करने को कहा।         उन्होंने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण से प्रतिभागियों को संतुलित चारा विकास, उन्नत पशुपालन तकनीक, दुग्ध प्रसंस्करण, डेयरी उत्पाद निर्माण तथा विपणन की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सतत प्रयासरत है। बिहान समूहों के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, वहीं पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और आय संवर्धन के लिए विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।        वन, पर्यावरण एवं सहकारिता मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि डेयरी सहकारी मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम है। यदि इस मॉडल को छत्तीसगढ़ में प्रभावी ढंग से अपनाया जाए तो पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।    उल्लेखनीय है कि इस शैक्षणिक भ्रमण में 50 सदस्यीय दल ने उन्नत पशुपालन एवं डेयरी प्रबंधन सीखने के लिए भाग लिया है। जिसमें 25 पशुपालक एवं 25 बिहान (एनआरएलएम) समूह की दीदियाँ शामिल है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा एवं वन एवं पर्यावरण मंत्री  केदार कश्यप भी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करने के साथ पूरे शैक्षणिक भ्रमण में उनके साथ शामिल हो रहे हैं।

चुनी हुई सरकार की कार्यप्रणाली पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, हाईकोर्ट को दी चेतावनी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और सर्दियों के मौसम में दुर्गम क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स की समस्याओं पर विचार करते हुए चुनावों को 31 मई तक पूरा करने का निर्देश दिया है। चुनी हुई सरकार को काम नहीं करने दे रहा है हाईकोर्ट; सुप्रीम कोर्ट नाराज, चेतावनी भी दी हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकायों के चुनावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने राज्य सरकार को राहत देते हुए चुनावों के लिए समय सीमा को एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब यह चुनाव 31 मई, 2026 तक आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही हाईकोर्ट की दखलअंदाजी पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी भी जताई। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार के फैसलों में बार-बार किए जा रहे हस्तक्षेप पर नाराजगी जताई। मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हाईकोर्ट निर्वाचित सरकार को काम नहीं करने दे रहा है। सर्वोच्च अदालत ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह के हस्तक्षेप को गंभीरता से लिया जाएगा। क्या कहा कोर्ट ने? सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की, लेकिन उसने हाईकोर्ट के उस फैसले का समर्थन किया जिसमें उसने सीमांकन प्रक्रिया का हवाला देकर चुनावों को टालने के हिमाचल सरकार के अनुरोध को खारिज कर दिया था। पीठ ने स्पष्ट करते हुए कहा, ”सीमांकन अभ्यास का लंबित होना चुनावों को स्थगित करने का आधार नहीं हो सकता।” इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि संवैधानिक रूप से शहरी स्थानीय निकायों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के लिए समय पर चुनाव कराना अनिवार्य है। चुनाव का नया कार्यक्रम और समय सीमा हिमाचल प्रदेश में लगभग 3,500 ग्राम पंचायतें, 90 पंचायत समितियां, 11 जिला परिषद और 71 शहरी स्थानीय निकाय हैं, जिनमें से अधिकांश के चुनाव इस वर्ष होने हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की 30 अप्रैल की समय सीमा को बढ़ाकर 31 मई कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने नई समय सीमा निर्धारित की है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सभी प्रारंभिक कार्य जैसे कि सीमांकन, आरक्षण आदि 31 मार्च तक पूरे किए जाने चाहिए। पहले यह समय सीमा 28 फरवरी थी। चुनाव इसके बाद आठ सप्ताह के भीतर, यानी निश्चित रूप से 31 मई तक आयोजित किए जाने चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समय विस्तार के लिए कोई और आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। सर्दियों की चुनौतियां याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट ने 28 फरवरी की समय सीमा निर्धारित करते समय इस बात का ध्यान रखा था कि देशव्यापी जनगणना का काम 1 मई से शुरू हो जाएगा। दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वी. गिरि ने कहा कि हाईकोर्ट को चुनाव की समय सीमा निर्धारित करते समय सर्दियों में दूरदराज के क्षेत्रों में पहुंचने की तार्किक कठिनाइयों को ध्यान में रखना चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और सर्दियों के मौसम में दुर्गम क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स की समस्याओं पर विचार करते हुए चुनावों को 31 मई तक पूरा करने का निर्देश दिया है।

पंचायतों में चलाया विशेष क्रियान्वयन महाअभियान, PM आवास में बिलासपुर जिला बना नंबर वन

बिलासपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन में जिले ने राज्य स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है. कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले ने 40 हजार से अधिक आवास पूर्ण कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है. 12,337 तथा तखतपुर में 7,930 आवास पूर्ण हुए हैं. वतर्मान में 30,983 आवास निर्माणाधीन हैं, जिन्हें समय-सीमा में पूर्ण कराने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के उद्देश्य से 12 फरवरी 2026 को जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष महाअभियान चलाया गया. बिहान केडर की दीदियों सहित एफएलसीआरपी /आरसी, सक्रिय महिला, पशु सखी, कृषि सखी, स्व-सहायता समूह की महिलाओं, आवास मित्र एवं पंचायत सचिवों द्वारा घर-घर संपर्क कर हितग्राहियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने हेतु प्रेरित किया गया. इस अभियान में नारी शक्ति की सक्रिय भागीदारी ने निर्माण कार्य को नई गति प्रदान की है. जिला प्रशासन द्वारा सभी अपूर्ण आवासों को 30 जून 2026 तक पूर्ण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

बांग्लादेश की सत्ता बदलते ही एक्टिव तारिक रहमान, PAK मुद्दे पर क्या है रणनीति?

बांग्लादेश बांग्लादेश में नई सरकार बनने वाली है। प्रधानमंत्री के रूप में बीएनपी के तारिक रहमान शपथ लेंगे। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान को लेकर तारिक रहमान का रुख क्या रहता है। गौरतलब है कि केयरटेकर प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस के सत्ता में रहने के दौरान दोनों देशों के बीच संबंध काफी बेहतर हुए थे। यूनुस पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान को बहुत कुछ दिया। उन्होंने पाकिस्तान के लिए वीजा शर्तों में ढील दी। इसके अलावा बांग्लादेश के समुद्र में पाकिस्तान को एक्सेस दी। जबकि सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह आतंकवादियों के लिए रास्ता हो सकता है। गौरतलब है कि साल 2001 से 2007 के बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी सत्ता संभाल चुकी है। इस दौरान पाकिस्तान से उसके रिश्ते कभी नरम तो कभी गरम रहे। हालांकि भारत ने कई बार आरोप लगाया कि तत्कालीन बांग्लादेश सरकार ने पाकिस्तानी आतंकियों को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने दिया। बदल सकती हैं चीजें हालांकि इस बार चीजें बदल सकती हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि इस बार जमात-ए-इस्लामी सरकार में बीएनपी की समर्थक नहीं है। एनडीटीवी के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि बीएनपी पाकिस्तान से पूरी तरह दूरी तो नहीं बनाएगा। लेकिन उम्मीद है कि तारिक रहमान भारत के साथ अच्छे संबंधों की अहमियत को दिमाग में जरूर रखेंगे। एक्सपर्ट्स का दावा है कि वह पाकिस्तान के साथ संबंध सामान्य रखेंगे, लेकिन इस बात की उम्मीद बहुत कम है कि वह आईएसआई को अपने देश पर हावी होने देंगे। जबकि यूनुस सरकार के दौरान ऐसा हो रहा था। ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में पाकिस्तान एक अन्य अधिकारी ने दावा पाकिस्तान कुछ दिन तक वेट एंड वॉच की स्थिति में रहेगा। वह बहुत दबाव नहीं बनाएगा और तारिक रहमान के सेटल होने का इंतजार करेगा। अधिकारी ने कहा कि वैसे भी फिलहाल तारिक रहमान की सबसे बड़ी चुनौती हिंसाग्रस्त बांग्लादेश को स्थिर करना होगा। दूसरी तरफ भारत को बांग्लादेश और पाकिस्तान के अच्छे संबंधों पर आपत्ति नहीं होगी। हालांकि भारत को चौंकन्ना रहना होगा कि कहीं तारिक रहमान, मोहम्मद यूनुस के कदमों पर न चल पड़ें। पिछले कुछ अरसे में पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के लोग बांग्लादेश पहुंचे। इस दौरान पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ मजबूत सैन्य संबंध स्थापित करने की कोशिश की। वहीं, इंटेलीजेंस ब्यूरो के अधिकारियों के मुताबिक इनके जरिए पाकिस्तान बांग्लादेश में बेस बनाकर भारत को निशाना बनाने की फिराक में था।  

कम उम्र, बड़ा सपना: 13 साल के जयवर्धन ने Shark Tank में कर डाली ₹60 लाख की ऐतिहासिक डील

मुंबई ‘ शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 ‘ जब से शुरू हुआ है, तभी से इसकी कहानियां और कंटेस्टेंट्स हर तरफ चर्चा का विषय हैं। लेकिन बड़ों के साथ-साथ एक 13 साल के बच्चे ने साबित कर दिया है कि टैलेंट की कोई उम्र नहीं होती। गाजियाबाद के इस बच्चे ने जजों को इंप्रेस तो किया ही, साथ ही चौंका भी दिया। स्नैपडील के संस्थापक कुणाल बहल 13 साल के बच्चे जयवर्धन त्यागी को देखकर दंग रह गए। गाजियाबाद के बच्चे जयवर्धन त्यागी के एआई स्टार्टअप, न्यूरापेक्साई को देखने के बाद सारे जज देखते ही रह गए। इस स्कूली बच्चे ने शार्क – कुणाल बहल, नमिता थापर, विनीता सिंह, रितेश अग्रवाल और अमन गुप्ता को शुरुआत से ही प्रभावित किया। आइए उनकी कंपनी के बारे में और जानें और देखें कि क्या उन्हें शो में कोई डील मिली। न्यूरापेक्साई क्या है? जयवर्धन का न्यूरापेक्साई एक एआई-सहायक मेडटेक प्लेटफॉर्म है जो एमआरआई स्कैन, लैब रिपोर्ट, इमेज और मेडिकल हिस्ट्री का विश्लेषण करके स्पष्ट और उपयोगी रिपोर्ट तैयार कर सकता है। यह टूल फिलहाल यूजर्स के लिए मुफ्त उपलब्ध है। जयवर्धन ने प्रोडक्ट लॉन्च करने के लिए 5% इक्विटी के लिए 60 लाख रुपये की मांग की थी, जिससे कंपनी का मूल्यांकन 12 करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक साल पहले कंपनी शुरू की थी। जयवर्धन त्यागी की पूरी जर्नी जयवर्धन ने अपनी जर्नी के बारे में बताया और शेयर किया कि बचपन से ही उन्हें शतरंज में इंट्रेस्ट था और एक समय वे ग्रैंडमास्टर बनने का सपना देखते थे। हालांकि, बाद में उन्हें ब्लॉक कोडिंग में दिलचस्पी पैदा हुई, जिसने उन्हें कोडिंग और वेब डेवलपमेंट की ओर प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि जब वे महज 10 साल के थे, तब उन्होंने एक ऑल-इन-वन सोशल मीडिया वेबसाइट बनाने की कोशिश भी की थी। उन्होंने यह भी बताया कि एक बार उन्होंने रॉकेट बनाने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण वह उड़ नहीं सका। जयवर्धन ने नेपोलियन और स्टीव जॉब्स को अपना प्रेरणा बताया। जयवर्धन के पिता क्या करते हैं? उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता गणित के प्रोफेसर हैं और उन्होंने मैथ्स के जरिए अपने काम को करने की कोशिश की है। जयवर्धन ने कहा कि एक दोस्त के सुझाव पर उन्होंने न्यूरापेक्साई बनाया, जिसने उन्हें अपने रिज्यूमे में जोड़ने लायक किसी प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए प्रेरित किया। बच्चे के जवाब ने जीत लिया दिल जब शार्क्स ने उनसे उनकी भविष्य की प्लानिंग के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘यह कोई स्कूल प्रोजेक्ट नहीं है। मैंने इसके लिए अपनी जेईई कोचिंग छोड़ दी। मैं पढ़ाई को बहुत महत्व देता हूं, लेकिन इस मौके को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि मेरी उम्र 13 है या 21।’ बच्चे को मिला 60 लाख का निवेश सभी शार्क जयवर्धन के काम और उनकी बातों से इंप्रेस हुए। हालांकि, चूंकि एआई मॉडल अभी शुरुआती फेज में है, इसलिए उन्होंने फिलहाल इसमें निवेश करना उचित नहीं समझा। कुणाल बहल ने सबसे पहले मना कर दिया। विनीता सिंह ने भी इसे फिलहाल निवेश के योग्य न बताते हुए मना कर दिया। रितेश अग्रवाल ने जयवर्धन के साथ एक-दो दिन बिताने के बारे में बात की, लेकिन कंपनी में निवेश न करने का ऑप्शन चुना। अमन गुप्ता ने पिता से किया मजाक हालांकि, अमन गुप्ता ने बिना किसी बातचीत के बिजनेस में निवेश करने का फैसला किया। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि यह एआई मॉडल कितना अच्छा है। लेकिन मुझे पता है कि आप भविष्य में कुछ बड़ा करेंगे। मैं आपका सपोर्ट करना चाहता हूं और आपको वह सब कुछ देना चाहता हूं जो आपने मांगा है।’ उन्होंने जयवर्धन के पिता के साथ मजाक भी किया और कहा, ‘क्या खाके पैदा किया है? मुझे दो और करने हैं ऐसे।’

दिन में गर्मी, रात में ठंड: इंदौर के लोगों की तबीयत बिगड़ी, एमवाय अस्पताल में पहुंच रहे सैकड़ों मरीज

इंदौर  मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। दिन में तेज धूप और गर्मी बढ़ी जबकि रात में ठंडक के कारण शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है। इसका सीधा असर वायरल फीवर के रूप में सामने आ रहा है। एमवाय अस्पताल में ही एक दिन में करीब एक हजार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के शासकीय और निजी अस्पतालों में बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश और बदन दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय मौसम का उतार-चढ़ाव संक्रमण के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। दिन में पसीना और रात में ठंडी हवा चलने से लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। खासतौर पर वे लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जो देर रात तक बाहर रहते हैं या ठंड-गर्मी के बीच लापरवाही बरतते हैं। शादियों का सीजन भी बढ़ा रहा खतरा इन दिनों शादी समारोह का सीजन चल रहा है। देर रात तक कार्यक्रमों में शामिल होना, ठंडी चीजें खाना, नींद पूरी न होना और भीड़भाड़ में समय बिताने से भी वायरल संक्रमण फैलने की बड़ी वजह सामने आई है। डाक्टरों के अनुसार कई लोग हल्का बुखार या सर्दी होने के बाद भी इसे नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो रही है। संक्रमण परिवार के अन्य लोगों तक भी फैल रहा है। गंभीर बीमारियों वाले मरीजों के लिए ज्यादा जोखिम शुगर, बीपी, कैंसर, ह्दय रोग, लिवर, अस्थमा, गर्भवती महिलाओं और किडनी से संबंधित बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह मौसम ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। वायरल फीवर होने पर इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों की रिकवरी धीमी हो जाती है। कई बार उनकी स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ रहा है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण संक्रमण का असर ज्यादा समय तक बना रहता है। बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर डॉक्टरों के अनुसार छोटे बच्चों और बुजुर्गों में भी वायरल फीवर के मामले बढ़ रहे हैं। तापमान में अचानक बदलाव से उनकी इम्युनिटी जल्दी प्रभावित होती है, जिससे बुखार और खांसी लंबे समय तक बनी रहती है। ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बचाव ही सबसे बड़ा इलाज इस मौसम में हल्के गर्म कपड़े साथ रखना, ठंडी चीजों से परहेज करना और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतना जरूरी है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, फल-सब्जियां और भरपूर नींद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। रोजाना वायरल के एक हजार मरीज     वायरल फीवर, शरीर एवं जोड़ों का दर्द, भूख कम होना। इसमें सामान्य मरीज जो जल्दी ठीक हो जाते हैं, लेकिन बीपी, किडनी, कैंसर, ह्दय रोग, शुगर, गर्भवती महिलाओं, अस्थमा मरीजों को इंफेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। ये हाई रिस्क मरीज हैं। शादी समारोह के कारण इन दिनों वायरल फीवर ज्यादा बढ़ रहा है। एमवाय के मेडिसिन विभाग में रोजाना 400, चाचा नेहरू अस्पताल में 400 बच्चे और एमटीएच में 200 गर्भवती महिलाएं वायरल फीवर के इलाज के लिए आ रही हैं। इस तरह करीब एक हजार मरीज रोजाना आ रहे हैं।- डॉ. धर्मेंद्र झंवर, प्रो. मेडिसिन विभाग, एमजीएम मेडिकल कॉलेज  

आईएसएल 2025-26: जमशेदपुर एफसी की 28 सदस्यीय टीम घोषित

जमशेदपुर करीब एक साल बाद इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के जमशेदपुर लौटने पर, जमशेदपुर एफसी ने आगामी सीजन के लिए अपनी 28 सदस्यीय टीम घोषित की है। शील्ड जीतने वाले कोच ओवेन कॉयल एक बार फिर टीम का मार्गदर्शन कर रहे हैं, जो जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 9 अहम घरेलू मैच होस्ट करेगी। मेन ऑफ स्टील 15 फरवरी को जेआरडी स्टेडियम में मोहम्मडन एससी के खिलाफ अपने आईएसएल सीजन की शुरुआत करेगी। यह टीम काफी संतुलित नजर आ रही है, जिसमें 6 इंटरनेशनल खिलाड़ी टैलेंटेड भारतीय कोर में अनुभव और गुणवत्ता ला रहे हैं। यह अनुभवी दिग्गजों और होनहार युवा टैलेंट के संयोजन से और बेहतर होता है, जिससे विशेषज्ञता और युवा एनर्जी का मेल है। जमशेदपुर एफसी का मिडफील्ड खासतौर पर मजबूत है, जिसमें खास विदेशी खिलाड़ी निकोला स्टोजानोविक और मादिह तलाल के साथ-साथ प्रणय हलदर भी हैं। रेई ताचिकावा भारतीय मिडफील्डर्स को मजबूती दे रहे हैं। डिफेंसिव तौर पर प्रतीक चौधरी, स्टीफन एजे और लजार सिरकोविक जैसे पुराने खिलाड़ी टीम को मजबूती देते हैं, जबकि अटैकिंग लाइनअप में मेस्सी बाउली, सनन और ऋत्विक शामिल हैं। क्लब में वापसी के बाद से ओवेन कॉयल ने खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता की तारीफ करते हुए कहा, “हम इस बात से बहुत खुश हैं कि जब से हम आए हैं, स्क्वॉड कितनी मेहनत कर रहा है। हमें सुपर कप से पहले बनी टीम विरासत में मिली थी, लेकिन खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा रवैया, बहुत प्रतिबद्धता दिखाई है और ट्रेनिंग में बहुत मेहनत की है। अब हम ट्रेनिंग ग्राउंड से उस काम को मैदान पर लाना चाहते हैं, जिसकी शुरुआत रविवार को आईएसएल मैच से होगी।” जमशेदपुर एफसी की टीम: गोलकीपर- अल्बिनो जियोवानी गोम्स, रवि कुमार, अमृत गोप और आयुष जेना। डिफेंडर- स्टीफन एजे, लजार सिरकोविक, प्रतीक चौधरी, सार्थक गोलुई, मार्क जोथनपुइया, प्रफुल्ल कुमार, कार्तिक चौधरी और निखिल बारला। मिडफील्डर- प्रणय हलदर, जर्मनप्रीत सिंह, मोबाशिर रहमान, मदीह तलाल, निकोला स्टोजानोविक, रेई ताचिकावा, ऋत्विक दास, सौरव दास, लालहरियातपुइया चावंगथु, विंसी बैरेटो, श्रीकुट्टन वीएस और समीर मुर्मू। फॉरवर्ड- मेसी बाउली, सनन मोहम्मद के, मनवीर सिंह और रोसेनबर्ग गेब्रियल।  

शिक्षा क्षेत्र में नई पहल: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 4 वर्षीय BA-BEd कोर्स, प्रवेश परीक्षा फॉर्म उपलब्ध

इलाहाबाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (बीए-बीएड) शुरू करने की घोषणा की है। यह आइटीईपी (सेकेंडरी स्टेज) कोर्स है। आइटीईपी कार्यक्रम शिक्षा नीति को ध्यान में रखकर समग्र शिक्षक तैयार करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत छात्र प्रमुख विषयों जैसे भूगोल, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, इतिहास, हिंदी और अर्थशास्त्र में से कोई एक विषय चुन सकते हैं, इसके साथ ही वे शिक्षा में भी मेजर कर सकते हैं। कार्यक्रम में प्रवेश राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा (एनसीईटी)-2026 से होंगे। यह परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) आयोजित करेगी। परीक्षा 17 अप्रैल 2026 को होगी। अहम तिथियां आवेदन पत्र ऑनलाइन जमा करने की तिथि 12 फरवरी से 10 मार्च 2026 क्रेडिट/डेबिट कार्ड/नेट-बैंकिंग/यूपीआई के माध्यम से शुल्क कीअंतिम तिथि 11 मार्च 2026 फॉर्म में करेक्शन की तिथि – 12 मार्च से 14 मार्च 2026 परीक्षा शहर की घोषणा – बाद में तिथि घोषित होगी एडमिट कार्ड – बाद में तिथि घोषित होगी परीक्षा की तिथि – 17 अप्रैल 2026 आवेदन फीस जनरल कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए एप्लीकेशन फीस 1200 रुपये है। OBC-NCL और EWS कैंडिडेट्स के लिए फीस 1000 रुपये है। SC, ST, PwD और थर्ड जेंडर कैंडिडेट्स को 650 रुपये देने होंगे। एलएलबी के छात्रों ने मांगा पंचम सेमेस्टर का परिणाम इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि विभाग में एलएलबी (ऑनर्स) तृतीय वर्ष (षष्ठम सेमेस्टर) के छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। छात्रों ने कुलपति व इविवि प्रशासन को शुक्रवार को ज्ञापन सौंपकर दिसंबर में आयोजित पंचम सेमेस्टर की परीक्षा का परिणाम घोषित करने की मांग की। कहा कि परिणाम घोषित न होने के कारण वे अखिल भारतीय बार परीक्षा के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण 11 फरवरी से शुरू है और अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। इस परीक्षा के पंजीकरण के लिए प्रथम से पंचम सेमेस्टर तक की अंकतालिकाएं अपलोड करना अनिवार्य है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि 30 अप्रैल से पहले परिणाम घोषित नहीं किए गए तो पूरा बैच इस महत्वपूर्ण परीक्षा से वंचित रह जाएगा। इससे छात्रों का आठ महीने का समय बर्बाद होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में छात्रनेता गोलू पासवान, प्रियांशु यादव, शिवम सिंह, राहुल चौधरी, विश्वजीत प्रजापति, सक्षम आदि शामिल रहे।

बांग्लादेश में बदलेगा सिस्टम? 70% लोगों ने भारत जैसी संसद के पक्ष में दिया समर्थन

ढाका   बांग्लादेश के इतिहास में 12 फरवरी, 2026 की तारीख एक नए युग की शुरुआत के रूप में दर्ज हो गई है। देश में संपन्न हुए आम चुनावों में तारिक रहमान के नेतृत्व वाले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) गठबंधन ने 297 में से 210 सीटों पर धमाकेदार जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही, लगभग 35 वर्षों में तारिक रहमान बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। यह चुनाव केवल सत्ता हस्तांतरण के लिए नहीं था, बल्कि देश की शासन प्रणाली को पूरी तरह से बदलने के लिए एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह भी था। चुनाव आयोग द्वारा शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनमत संग्रह में 60.26 प्रतिशत मतदान हुआ। इनमें से 70 प्रतिशत लोगों ने भारत की तरह संसदीय व्यवस्था के पक्ष में मतदान किया है। मतदाताओं ने व्यापक सुधार पैकेज, जिसे “जुलाई चार्टर 2025” के रूप में जाना जाता है, के कार्यान्वयन के पक्ष में भारी जनादेश दिया है। हां के पक्ष में 4,80,74,429 मत मिले हैं। यह स्पष्ट बहुमत है। वहीं, ना के पक्ष में 2,25,65,627 पड़े हैं। आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने मीडिया को बताया कि जनता ने देश के पुनर्गठन के पक्ष में अपनी मुहर लगा दी है। क्या है जुलाई चार्टर? यह चार्टर अगस्त 2024 में प्रधान मंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाने वाले छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद तैयार किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य सत्ता के केंद्रीकरण को रोकना और राज्य की प्रमुख संस्थाओं को पुनर्गठित करना है ताकि भविष्य में तानाशाही और फासीवादी शासन की पुनरावृत्ति न हो। इस चार्टर में 84 सुधार बिंदु शामिल हैं, जिन्हें लागू करने के लिए एक संवैधानिक सुधार परिषद (Constitutional Reform Council) 270 कार्य दिवसों के भीतर काम करेगी। जुलाई चार्टर के प्रमुख प्रस्ताव 1. प्रधानमंत्री कार्यकाल की सीमा: सत्ता के दीर्घकालिक केंद्रीकरण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री के लिए सख्त कार्यकाल सीमा निर्धारित करना। 2. द्विसदनीय संसद: विधायी शक्ति को संतुलित करने के लिए 100 सीटों वाले एक नए उच्च सदन का निर्माण, जिसमें सीटें पार्टी के राष्ट्रीय वोट शेयर के आधार पर आवंटित की जाएंगी। आपको बता दें कि भारत में भी लोकसभा और राज्यसभा जैसी दो सदन वाली संसदीय व्यवस्था है। 3. कार्यकारी शक्तियों में कमी: प्रधानमंत्री कार्यालय की शक्तियों को कम करने के लिए राष्ट्रपति की भूमिका को मजबूत करना। 4. न्यायिक और संस्थागत स्वतंत्रता: न्यायपालिका और अन्य प्रमुख राज्य संस्थाओं को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखने के उपाय। 5. विपक्ष की भागीदारी: प्रमुख संसदीय समितियों का नेतृत्व करने और डिप्टी स्पीकर के रूप में सेवा करने के लिए विपक्षी नेताओं के प्रावधान शामिल करना। 6. जुलाई सेनानियों को सुरक्षा: विद्रोह में भाग लेने वाले प्रतिभागियों जिन्हें “जुलाई सेनानी” कहा जाता है, को सुरक्षा प्रदान करना। 7. महिलाओं का प्रतिनिधित्व: संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाना। यह तीसरी बार है जब बांग्लादेश में सुधारों का चार्टर पेश किया गया है। अब BNP की नई सरकार के सामने चुनौती यह है कि वह इन सुधारों को कैसे लागू करती है और पिछले शासन की अस्थिरता के बाद देश को स्थिरता की ओर कैसे ले जाती है।  

आप किस ज्योतिर्लिंग से जुड़े हैं? – 12 राशियों और जन्म के गुप्त शिव सूत्र का खुलासा

शिवलिंग केवल पत्थर नहीं है. यह सृष्टि की मूल ऊर्जा का प्रतीक है. इसका गोलाकार ऊपरी भाग आकाश का प्रतीक माना जाता है और उसका आधार, जिसे योनिपीठ कहते हैं, पृथ्वी का प्रतीक है. यह शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है चेतना और ऊर्जा का एकत्व. महाशिवरात्रि की रात को भक्त शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाते हैं. यह केवल पूजा की विधि नहीं है, बल्कि उस अनंत चेतना के प्रति समर्पण है. बारह ज्योतिर्लिंग: शिव तत्व के बारह प्रकाश-स्थल भारत में स्थित 12 ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के सबसे पवित्र और स्वयंभू (खुद से प्रकट) धाम माने जाते हैं. इन्हें अनंत प्रकाश स्तंभ (स्तंभ रूप ज्योति) का प्रतीक माना जाता है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ये 12 ज्योतिर्लिंग 12 राशियों (राशि चक्र) से जुड़े हुए हैं और हर किसी के लिए एक तरीके से व्यक्तिगत तीर्थ के रूप में काम करते हैं, जिससे ग्रहों के प्रभाव संतुलित होते हैं, बाधाएं दूर होती हैं और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है. 12 ज्योतिर्लिंग और राशियों का संबंध वैदिक ज्योतिष में व्यक्ति की राशि (चंद्र राशि या लग्न) के अनुसार संबंधित ज्योतिर्लिंग की उपासना खास फलदायी मानी जाती है. मेष  – रामेश्वरम (तमिलनाडु) यह अग्नि तत्व का प्रतीक है. इससे आवेग और अधीरता पर नियंत्रण मिलता है तथा स्पष्टता आती है. वृषभ  – सोमनाथ (गुजरात) यह चंद्रमा के रक्षक रूप में माना जाता है. इससे भावनात्मक स्थिरता और सहनशीलता बढ़ती है. मिथुन – नागेश्वर (गुजरात) यह विष और राहु/सर्प दोष से रक्षा का प्रतीक है. इससे बौद्धिक स्पष्टता और चंचलता पर नियंत्रण मिलता है. कर्क – ओंकारेश्वर (मध्य प्रदेश) यह जल तत्व और गुरु के ज्ञान का प्रतीक है. इससे मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन प्राप्त होता है. सिंह – वैद्यनाथ (झारखंड) यह पंचम भाव (बुद्धि/मन) का प्रतीक माना जाता है. इससे अहंकार कम होता है, स्वास्थ्य लाभ और ऊर्जा की पुनर्स्थापना होती है. कन्या – मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश) यह पृथ्वी तत्व और बुध की उच्च अवस्था से जुड़ा है. इससे सेवा, कर्तव्य और आध्यात्मिक उन्नति में संतुलन आता है. तुला – महाकालेश्वर (मध्य प्रदेश) यह काल (समय/शनि) और न्याय का प्रतिनिधित्व करता है. इससे जीवन में सामंजस्य और संतुलन स्थापित होता है. वृश्चिक – घृष्णेश्वर (महाराष्ट्र) यह परिवर्तन और तीव्रता (केतु/मंगल) से जुड़ा है. इससे आध्यात्मिक जागरण और आत्म-नवीनीकरण होता है. धनु – काशी विश्वनाथ (उत्तर प्रदेश) यह मोक्ष और ज्ञान के मार्ग का प्रतीक है. इससे वैराग्य और उच्च ज्ञान की प्राप्ति होती है. मकर – भीमाशंकर (महाराष्ट्र) यह कर्तव्य और धैर्य का प्रतीक है. इससे अनुशासन के माध्यम से सफलता प्राप्त करने की शक्ति मिलती है. कुंभ  – केदारनाथ (उत्तराखंड) यह उच्च दर्शन और वैराग्य (राहु/शनि) से जुड़ा है. इससे गहन ध्यान और जीवन के उच्च उद्देश्य की अनुभूति होती है. मीन – त्र्यंबकेश्वर (महाराष्ट्र) यह शुक्र की उपचारात्मक शक्ति और पवित्र जल से जुड़ा है. इससे भावनाओं की शुद्धि और आध्यात्मिक विकास होता है. व्यक्तिगत आध्यात्मिक उन्नति: अपनी राशि से जुड़े ज्योतिर्लिंग की उपासना आत्मा (आत्म तत्व) से जुड़ने का माध्यम मानी जाती है. इससे पूर्व जन्म के पापों का क्षय होता है. ग्रह दोषों का शमन: यदि जन्म कुंडली में कोई ग्रह नीच, अशुभ या पीड़ित अवस्था में हो, तो संबंधित ज्योतिर्लिंग की पूजा से उसके नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं. आध्यात्मिक ऊर्जा और शुद्धि: ये 12 तीर्थ अत्यंत शक्तिशाली ऊर्जा केंद्र माने जाते हैं. श्रद्धा है कि इनकी उपासना व्यक्ति की चेतना को उच्च स्तर पर ले जाती है. ब्रह्मांडीय सामंजस्य: कहा जाता है कि 12 ज्योतिर्लिंगों के स्थान शंख या फिबोनाची पैटर्न जैसी सर्पिल संरचना बनाते हैं, जो दिव्य ब्रह्मांडीय ऊर्जा के प्रवाह का प्रतीक है. जीवन की बाधाओं से मुक्ति: प्रत्येक ज्योतिर्लिंग की अपनी विशिष्ट ऊर्जा है, जैसे महाकालेश्वर काल और स्वास्थ्य से जुड़े कष्टों के निवारण के लिए, जबकि काशी विश्वनाथ मोक्ष और ज्ञान के लिए विशेष माने जाते हैं. इस प्रकार 12 ज्योतिर्लिंग केवल तीर्थ स्थल ही नहीं, बल्कि वैदिक ज्योतिष और आध्यात्मिक साधना के महत्वपूर्ण केंद्र भी माने जाते हैं.

शिक्षा में उत्कृष्टता की ओर कदम — एमबी पावर स्कूल अब DAV प्रबंधन के साथ।

अनुपपुर. एमबी पावर (मध्य प्रदेश) लिमिटेड, प्रबंधन के द्वारा, परियोजना टाउनशिप स्थित 10+2 सीबीएसई संबद्ध विद्यालय का संचालन एवं प्रबंधन, DAV कॉलेज ट्रस्ट एवं मैनेजमेंट सोसायटी को सौंपने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय विद्यालय के शैक्षणिक मानकों, आधारभूत संरचना और समग्र प्रशासन को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विद्यालय की स्थापना, कर्मचारियों के बच्चों, परियोजना प्रभावित परिवारों तथा आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। बता दें कि यह संस्थान वर्षो से सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास के क्षेत्र में जाना जाने बाला एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। देश की अग्रणी शैक्षणिक श्रृंखला DAV वर्तमान में भारतभर में 1000 से अधिक शिक्षण संस्थानों का संचालन कर रही है। मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में 136 से अधिक विद्यालयों का सफल संचालन DAV द्वारा किया जा रहा है। उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणाम, अनुशासित वातावरण, संस्कारयुक्त शिक्षा एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए DAV विद्यालयों की व्यापक पहचान है। ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकास : “कंपनी परिसर में स्थित इस स्कूल को पेशेवर प्रबंधन द्वारा शिक्षा के एक ‘उत्कृष्टता केंद्र’ (Center of Excellence) के रूप में निखारा जाएगा।” उत्कृष्टता (Excellence) की दिशा में विशेष प्रयास इन बिंदुओं पर आधारित होंगे : * शैक्षणिक गुणवत्ता एवं परिणामों में निरंतर सुधार * शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण एवं आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का अनुपालन * सह-पाठयक्रम एवं खेल गतिविधियों का विस्तार * डिजिटल लर्निंग एवं स्मार्ट शिक्षण साधनों का समावेश * मूल्य-आधारित शिक्षा, अनुशासन एवं चरित्र निर्माण “नया प्रबंधन विद्यालय की आत्मनिर्भरता और सामुदायिक सेवा के बीच एक आदर्श संतुलन स्थापित करने के प्रति संकल्पित है, ताकि सेवा का मूल उद्देश्य निरंतर बना रहे।” “कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह परिवर्तन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए किया गया है। संस्थान इस परिवर्तन की अवधि (Transition Period) को पूर्णतः पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।” बेहतर शिक्षा की ओर एक मजबूत कदम — उज्ज्वल भविष्य की नई नींव।

सिहोर महोत्सव: स्पेशल ट्रेनें और ट्रैफिक डायवर्ट, प्रशासन और रेलवे ने संभाली व्यवस्था

सिहोर सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव के मद्देनजर देवास, सीहोर प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके अलावा रेलवे ने भी शुक्रवार से स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है। बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए इंदौर से भोपाल जाने वाले यात्रियों ने भी सड़क मार्ग के बजाए रेलमार्ग को ज्यादा सुविधाजनक समझा है। इस कारण इंदौर से भोपाल जाने वाली ट्रेनों में भी आम दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ नजर आ रही है।   पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने 14 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस आयोजन को ध्यान में रखते हुए 21 जोड़ी ट्रेनों का सिहोर में अस्थायी ठहराव शुरू किया है। इसके अलावा उज्जैन से सीहोर व भोपाल के बीच तीन जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यदि भीड़ बढ़ती है तो अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जा सकता है। इसके अलावा भोपाल की ओर जाने वाली सभी ट्रेनें इंदौर के प्लेटफार्म नंबर दो से संचालित होंगी। उज्जैन की ओर जाने वाली सभी ट्रेनें प्लेटफार्म संख्या एक से संचालित होंगी। भीड़ नियंत्रण के लिए ‘क्राउड होल्डिंग एरिया’ और नए प्रवेश नियम लागू सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले भव्य रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने अभूतपूर्व तैयारियां की हैं। संभावित भारी भीड़ को देखते हुए सीहोर रेलवे स्टेशन पर पैदल ऊपरी पुल (FOB) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यात्रियों को ट्रेन आने तक स्टेशन परिसर में बनाए गए विशेष ‘क्राउड होल्डिंग एरिया’ में रोका जाएगा। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म व्यवस्था में बदलाव करते हुए भोपाल की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 2 और उज्जैन की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 1 निर्धारित किया गया है, ताकि यात्रियों का आवागमन सुव्यवस्थित रहे। 21 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव और स्पेशल रेल सेवाओं का संचालन श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने 13 से 22 फरवरी तक सीहोर स्टेशन पर 21 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव दिया है। साथ ही उज्जैन और सीहोर/भोपाल के बीच 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अश्वनी कुमार ने स्वयं स्टेशन का निरीक्षण कर सुरक्षा और सुविधाओं का जायजा लिया है। यात्रियों की सहायता के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले गए हैं और वाणिज्य विभाग का विशेष दस्ता तैनात किया गया है, ताकि टिकट खिड़कियों पर लंबी कतारों से बचा जा सके। सुरक्षा और यात्री सुविधाओं पर रेलवे का विशेष ध्यान अभेद सुरक्षा घेरा: RPF, GRP और सीसीटीवी से पैनी नजर महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए RPF और GRP के अतिरिक्त जवानों के साथ-साथ सिविल डिफेंस टीम को भी तैनात किया गया है। पूरे स्टेशन परिसर की सीसीटीवी कैमरों के जरिए मंडल कार्यालय से सीधी मॉनिटरिंग की जा रही है। चिकित्सा आपात स्थिति के लिए डॉक्टरों की टीम और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, यात्रियों के लिए स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और पर्याप्त शौचालयों का प्रबंध किया गया है। मेला क्षेत्र से लेकर स्टेशन तक दिशा-सूचक बैनर लगाए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को रास्ते खोजने में कोई असुविधा न हो। स्टेशन परिसर में विशेष ‘क्राउड होल्डिंग एरिया’ बनाया गया है, जहां यात्रियों को ट्रेन आगमन से पूर्व रोका जाएगा तथा ट्रेन आने पर ही प्लेटफार्म पर प्रवेश दिया जाएगा, जिससे प्लेटफार्म पर अनावश्यक भीड़ एकत्रित न हो। प्लेटफार्म एवं स्टेशन परिसर में व्यापक बैरिकेडिंग की गई है। आने और जाने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। स्टेशन के गेटों पर सुरक्षा कर्मी नियुक्त किए गए हैं। स्टेशन परिसर में सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी निगरानी की जा रही है। आपको बता दें कि तीन साल पहले सीहोर में शिवरात्रि के दौरान हुए महोत्सव में लाखों की संख्या में लोग जुटे थे। इस कारण इंदौर-भोपाल रोड पर लंबा जाम लगा था। हालांकि इस बार रुद्राक्ष नहीं बांटे जा रहे हैं।  भारी वाहनों के लिए रूट     भोपाल से आने वाले भारी वाहन: थाना परवलिया के मुबारकपुर जोड़ एवं थाना खजूरी के तुमड़ा जोड़ से होते हुए श्यामपुर-कुरावर-ब्यावरा-शाजापुर-मक्सी मार्ग से देवास और इंदौर जा सकेंगे.     देवास-इंदौर से भोपाल जाने वाले भारी वाहन: देवास से मक्सी-शाजापुर-ब्यावरा-कुरावर-श्यामपुर मार्ग से होकर भोपाल पहुंचेंगे. छोटे और सवारी वाहनों के लिए रूट     भोपाल से आष्टा-देवास-उज्जैन-इंदौर जाने वाले छोटे वाहन: सीहोर न्यू क्रिसेंट चौराहा से भाऊखेड़ी जोड़-अमलाहा होते हुए आष्टा, देवास, उज्जैन और इंदौर जा सकेंगे.     इंदौर-उज्जैन-देवास से भोपाल जाने वाले छोटे वाहन: आष्टा-अमलाहा-भाऊखेड़ी जोड़-न्यू क्रिसेंट चौराहा मार्ग से भोपाल पहुंचेंगे. कुबेरेश्वर धाम आने वाले वाहनों को नहीं रहेगा डायवर्जन भोपाल, इंदौर, देवास और उज्जैन से सीधे कुबेरेश्वर धाम कथा स्थल पर आने वाले वाहनों को किसी डायवर्जन का सामना नहीं करना पड़ेगा. वे नियमित हाईवे मार्ग से सीधे धाम तक पहुंच सकेंगे. धाम परिसर में बनाई गई विभिन्न पार्किंग में वाहन व्यवस्थित रूप से पार्क किए जाएंगे. आईजी और डीआईजी ने की समन्वय बैठक रूद्राक्ष महोत्सव के सुरक्षित और सफल आयोजन को लेकर पुलिस कंट्रोल रूम सीहोर में अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में आईजी देहात जोन भोपाल संजय तिवारी, डीआईजी देहात रेंज भोपाल राजेश सिंह चंदेल और एसपी सीहोर दीपक कुमार शुक्ला सहित सीहोर, भोपाल देहात, भोपाल शहर, रेलवे और देवास जिले के अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश     सभी डायवर्जन पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग, टेंट, टेबल-कुर्सी, पीए सिस्टम, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.     डायवर्जन मार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग की जाए.     आपात स्थिति के लिए बड़ी क्रेन, गैस कटर/वेल्डिंग कटर और मैकेनिक उपलब्ध रहें.     सभी प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं.     सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान किया जाए.     रेलवे स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं.     ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय पर विशेष निगरानी रखी जाए.     श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाए जाएं, जहां पानी, प्रकाश और शौचालय की व्यवस्था हो.     रेलवे बल और आरपीएफ आपसी समन्वय से पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार कार्य करें.

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