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होली स्पेशल सख्ती: रेलवे ने बिना टिकट यात्रियों के खिलाफ बढ़ाई कार्रवाई, दोगुना किराया तय

 भोपाल कुछ ही दिनों में होली का सीजन शुरू होने वाला है और ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ना तय है। हर साल त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग बिना टिकट या अनियमित तरीके से यात्रा करते पकड़े जाते हैं। भोपाल मंडल के पिछले दो वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल-मई, अक्टूबर-नवंबर और जनवरी में सबसे ज्यादा मामले सामने आए। पिछले वर्ष त्योहारों में रिकॉर्ड वसूली हुई थी। इसी को देखते हुए रेलवे ने होली से पहले सख्त जांच अभियान चलाने की तैयारी की है। बिना टिकट यात्रा करने वालों से दोगुना किराया व जुर्माना वसूला जाएगा और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। जनवरी महीने में हुई सबसे ज्यादा कार्यवाही रेलवे के अनुसार वर्ष 2025-26 (जनवरी तक) में 5,19,949 मामलों में कार्रवाई की गई और 33.19 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 4.56 प्रतिशत अधिक है। इनमें करीब 2.56 लाख मामले बिना टिकट यात्रा के और 2.61 लाख मामले अनियमित यात्रा (गलत श्रेणी या दूरी से अधिक सफर) के शामिल हैं। इसके अलावा 2,414 बिना बुकिंग सामान (यूबीएल) के मामले भी दर्ज किए गए। जनवरी महीने में सबसे अधिक कार्रवाई दर्ज की गई, जो यह दर्शाता है कि सीजनल भीड़ के समय नियम उल्लंघन बढ़ जाता है। होली के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने गृह नगर लौटते हैं। कई बार सीट कंफर्म न होने या भीड़ के कारण यात्री बिना टिकट या सामान्य टिकट लेकर स्लीपर-एसी कोच में चढ़ जाते हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं। भीड़ बढ़ने पर टीटीई और फ्लाइंग स्क्वाड की तैनाती बढ़ा दी जाती है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। भोपाल मंडल के अधिकारियों के अनुसार बिना टिकट और अनियमित यात्रा के अधिकतर मामले लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों में सामने आते हैं, जहां त्योहारों के दौरान भीड़ अधिक रहती है। स्पेशल ट्रेनों पर निगरानी और रेलवे के सख्त दिशा-निर्देश होली और अन्य पर्वों पर चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेनों में भी विशेष निगरानी रखी जाती है। इन ट्रेनों में टीटीई और फ्लाइंग स्क्वाड की अतिरिक्त तैनाती कर सघन जांच अभियान चलाया जाता है। रेलवे ने कहा है कि बिना टिकट या गलत श्रेणी में यात्रा दंडनीय अपराध है। पकड़े जाने पर तय दूरी का किराया, अतिरिक्त जुर्माना या दोगुना किराया वसूला जाएगा। भुगतान न करने पर कानूनी कार्रवाई होगी। बिना बुकिंग सामान पर अलग पेनल्टी लगेगी। यात्रियों से वैध टिकट लेकर नियमों का पालन करने की अपील की गई है। होली के सीजन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भोपाल मंडल में बिना टिकट और अनियमित यात्रा के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल

FASTag धोखाधड़ी का खतरा: नकली वेबसाइट व QR कोड से बचने के लिए NHAI की सलाह

 नई दिल्ली देशभर में FASTag (फास्टैग) इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों को इन दिनों फर्जी वेबसाइटों और नकली QR (क्यूआर) कोड के जरिये साइबर ठगी का सामना करना पड़ रहा है। डिजिटल टोल भुगतान के बढ़ते चलन का फायदा उठाकर ठग फास्टैग यूजर्स से बैंक और पर्सनल डिटेल्स चुरा रहे हैं। इसे देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) ने वाहन चालकों को सतर्क रहने और केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। असली घटना ने खतरे की गंभीरता कैसे दिखाई? कल्पना कीजिए, आप हाईवे पर ड्राइव कर रहे हैं और अचानक आपके मोबाइल पर एक मैसेज आता है कि आपका फास्टैग बैलेंस कम है या जल्द ब्लॉक होने वाला है। मैसेज में तुरंत रिचार्ज करने के लिए QR कोड स्कैन करने या लिंक खोलने को कहा जाता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में दिल्ली के एक सेल्स प्रोफेशनल के साथ ऐसा ही हुआ। टोल प्लाजा के पास लगे QR कोड को उन्होंने आधिकारिक समझकर स्कैन किया। कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खाते से 5,000 रुपये निकल गए। ऐसे मामले अब देश के कई हिस्सों से सामने आ रहे हैं। FASTag स्कैम काम कैसे करता है? साइबर अपराधी कई तरीकों से लोगों को फंसाते हैं। वे फर्जी एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज भेजते हैं, जो फास्टैग नोटिफिकेशन जैसे दिखते हैं। इनमें कम बैलेंस, KYC (केवाईसी) अपडेट या सस्ते वार्षिक फास्टैग पास जैसे लालच दिए जाते हैं। लिंक पर क्लिक करने या QR कोड स्कैन करने पर यूज़र को नकली वेबसाइट पर ले जाया जाता है, जो दिखने में बिल्कुल असली पोर्टल जैसी होती है। वहां FASTag ID, वाहन नंबर, मोबाइल नंबर और OTP जैसी जानकारियां मांगी जाती हैं। जैसे ही यूज़र ये डिटेल्स डालता है, ठग उसके खाते से पैसे निकाल लेते हैं। टोल प्लाजा पर भी कैसे हो रही है ठगी? कुछ मामलों में अपराधी टोल प्लाजा के साइनबोर्ड पर फर्जी QR कोड के स्टिकर चिपका देते हैं। ड्राइवर इन्हें असली समझकर स्कैन कर लेते हैं और अनजाने में अपनी निजी और वित्तीय जानकारी खतरे में डाल देते हैं। FASTag फ्रॉड के मामले क्यों बढ़ रहे हैं? 2025 के आखिर से फास्टैग से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में तेजी देखी गई है। डिजिटल टोल सिस्टम ने जहां सुविधा बढ़ाई है, वहीं ठगों के लिए नए मौके भी पैदा किए हैं। ऐसे मामलों में न सिर्फ पैसे का नुकसान होता है, बल्कि पहचान की चोरी और फास्टैग अकाउंट के दुरुपयोग का खतरा भी रहता है। फर्जी FASTag वेबसाइट की पहचान कैसे करें? धोखाधड़ी से बचने का सबसे आसान तरीका है वेबसाइट का पता (URL) ध्यान से जांचना। फास्टैग से जुड़ी सेवाएं सिर्फ अधिकृत सरकारी पोर्टल या रजिस्टर्ड बैंक ऐप्स पर ही उपलब्ध होती हैं। नकली वेबसाइट अक्सर नाम में थोड़ा बदलाव, अजीब डोमेन या अतिरिक्त शब्दों का इस्तेमाल करती हैं। याद रखें, कोई भी आधिकारिक एजेंसी ओटीपी, पिन या पासवर्ड कभी मैसेज या कॉल पर नहीं मांगती। FASTag फ्रॉड से बचने के लिए जरूरी सावधानियां क्या हैं?     फास्टैग रिचार्ज हमेशा आधिकारिक बैंक ऐप, सरकारी पोर्टल या भरोसेमंद ऐप से ही करें।     OTP, PIN या बैंक डिटेल्स किसी से साझा न करें।     सार्वजनिक जगहों या अनजान मैसेज से मिले QR कोड स्कैन करने से बचें।     किसी भी मैसेज या लिंक पर कार्रवाई से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचें।     बैंक और फास्टैग ट्रांजैक्शन के लिए SMS/ईमेल अलर्ट चालू रखें। ठगी का शक हो तो तुरंत क्या करें? अगर आपको लगता है कि आप ठगी का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क कर फास्टैग वॉलेट या अकाउंट ब्लॉक करवाएं। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और स्थानीय पुलिस को सूचना दें। मदद के लिए फास्टैग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर भी संपर्क किया जा सकता है।  

भारत के 12 ज्योतिर्लिंग: स्थान, पौराणिक कथा और शिव की महिमा का विस्तार

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग भारत के सबसे पवित्र तीर्थ माने जाते हैं। शिव पुराण के अनुसार, ये वे स्थान हैं जहां. भगवान शिव ने स्वयं को तेजस्वी प्रकाश‑स्तंभ के रूप में प्रकट किया था. हर ज्योतिर्लिंग शिव के अलग‑अलग रूप और शक्ति का प्रतीक है. 1. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग — गुजरात (सौराष्ट्र) भारत का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है. यह समुद्र किनारे स्थित है और कई बार पुनर्निर्मित हुआ. 2. मल्लिकार्जुन — श्रीशैलम (आंध्र प्रदेश) यह शिव और शक्ति, दोनों का संयुक्त पवित्र धाम माना जाता है. महाशिवरात्रि यहां बेहद भव्य होती है. 3. महाकालेश्वर — उज्जैन (मध्य प्रदेश) इसे समय (काल) के स्वामी का रूप माना जाता है. यहां की भस्म आरती विश्वप्रसिद्ध है. 4. ओंकारेश्वर — खंडवा (मध्य प्रदेश) नर्मदा नदी के बीच ॐ आकार वाले द्वीप पर स्थित, इसलिए इसका नाम “ओंकारेश्वर” पड़ा. 5. वैद्यनाथ (बैद्यनाथ) — देवघर (झारखंड) शिव के वैद्य रूप की पूजा होती है, माना जाता है कि यहां रोगों से मुक्ति मिलती है. 6. भीमाशंकर — पुणे (महाराष्ट्र) कहते हैं यहां शिव ने राक्षस भीम का वध किया था. यह पश्चिमी घाट के घने जंगलों में स्थित है. 7. रामेश्वरम — तमिलनाडु यहां भगवान राम ने स्वयं शिवलिंग की स्थापना की थी, इसलिए रामेश्वरम बहुत पवित्र माना जाता है. 8. नागेश्वर — द्वारका (गुजरात) यह नागों के स्वामी शिव का स्वरूप है. पुराणों में इसे “दारुकावन” कहा गया है. 9. काशी विश्वनाथ — काशी/वाराणसी (उत्तर प्रदेश) “मोक्ष की नगरी” काशी में स्थित, जहां शिव स्वयं अपने भक्तों को मुक्तिदान देते हैं. 10. त्र्यंबकेश्वर — नाशिक (महाराष्ट्र) यहां गोदावरी नदी का उद्गम है. शिव के त्रिनेत्र स्वरूप की पूजा होती है. 11. केदारनाथ — रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड) हिमालय की गोद में स्थित, अत्यंत दिव्य स्थान. यह चार धाम में भी शामिल है. 12. घृ‍ष्णेश्वर (गृह्णेश्वर) — औरंगाबाद/एलोरा (महाराष्ट्र) यह सबसे अंतिम (12वां) ज्योतिर्लिंग माना जाता है और एलोरा गुफाओं के पास स्थित है. ज्योतिर्लिंगों की खासियत क्या है? ये शिव के स्वयं‑प्रकट स्वरूप माने जाते हैं, अर्थात स्वयम्भू. यहां की यात्रा मोक्ष, पाप‑नाश, मानसिक शांति और आत्मिक शक्ति देती है. हर ज्योतिर्लिंग एक अलग रूप, जैसे काल, प्रकाश, शक्ति, करुणा, रक्षक का प्रतीक है.

सही सनस्क्रीन कैसे चुनें? त्वचा को पूरी सुरक्षा देने वाली ये 3 बातें ज़रूर जानें

आप कितना भी महंगा स्किन केयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करें, लेकिन अगर आपका सनस्क्रीन अच्छा नहीं है, तो आपके पैसे बर्बाद हो रहे हैं। सूरज से निकलने वाली अल्ट्रावॉयलेट किरणें त्वचा के लिए हानिकारक होती हैं। इनके कारण समय से पहले झुर्रियां, सनबर्न और स्किन कैंसर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन खतरों से बचने के लिए सनस्क्रीन बेहद जरूरी है, लेकिन बाजार में मौजूद ढेरों ऑप्शन्स में से अपने लिए सही सनस्क्रीन चुनना अक्सर कन्फ्यूजिंग हो जाता है। हालांकि, अगर सनस्क्रीन खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो आपको यूवी किरणों से पूरा बचाव मिल सकता है। सनस्क्रीन खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान? जब भी आप सनस्क्रीन खरीदें, उसके लेबल पर इन तीन चीजों को जरूर देखें- SPF (सन प्रोटेक्शन फैक्टर) SPF यह बताता है कि सनस्क्रीन आपको यूवी-बी किरणों से कितनी सुरक्षा देगी। हमेशा सनस्क्रीन 30 या उससे ज्यादा SPF का खरीदें। इससे आपकी त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से 97-98% सुरक्षा मिल सकती है। ब्रॉड स्पेक्ट्रम केवल SPF काफी नहीं है। आपकी सनस्क्रीन पर ब्रॉड स्पेक्ट्रम लिखा होना जरूरी है। इसका मतलब है कि यह यूवी-ए और यूवी-बी दोनों से रक्षा करेगी। PA रेटिंग अक्सर आप लेबल पर PA+, PA++ या PA+++ देखते होंगे। यह UVA किरणों से सुरक्षा के स्तर के बारे में बताता है। जितने ज्यादा ‘+’ के निशान होंगे, सुरक्षा उतनी ही बेहतर होगी। कोशिश करें कि कम से कम PA+++ वाली सनस्क्रीन चुनें। अपनी स्किन टाइप के अनुसार कैसे चुनें सनस्क्रीन? हर किसी की त्वचा अलग होती है, इसलिए सनस्क्रीन भी अलग होनी चाहिए-     ऑयली या एक्ने-प्रोन स्किन- इनके लिए जेल-बेस्ड या मैट फिनिश सनस्क्रीन सबसे अच्छी होती है। लेबल पर Non-comedogenic जरूर देखें, जिसका मतलब है कि यह पोर्स को बंद नहीं करेगी।     ड्राई स्किन- आपको क्रीम-बेस्ड सनस्क्रीन चुननी चाहिए जिसमें हयालूरोनिक एसिड या सेरामाइड्स जैसे मॉइस्चराइजिंग तत्व हों।     सेंसिटिव स्किन- ऐसी त्वचा के लिए फिजिकल या मिनरल सनस्क्रीन, जिसमें जिंक ऑक्साइड या टाइटेनियम डाइऑक्साइड हो बेहतर होती है, क्योंकि यह त्वचा में समाने के बजाय ऊपर एक सुरक्षा परत बनाती है। सनस्क्रीन लगाने का सही तरीका सही सनस्क्रीन खरीदना केवल आधा काम है, उसे सही से लगाना भी उतना ही जरूरी है-     दो उंगलियों का नियम- चेहरे और गर्दन के लिए अपनी पहली और दूसरी उंगली की लंबाई के बराबर सनस्क्रीन लें। इससे कम सनस्क्रीन आपको पूरी सुरक्षा नहीं देगा।     20 मिनट पहले लगाएं- घर से निकलने से कम से कम 15-20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाएं, ताकि वह त्वचा में सेट हो सके।     दोबारा लगाएं- अगर आप लंबे समय तक बाहर हैं या पसीना आ रहा है, तो हर 2-3 घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगाएं।  

घर बैठे पुराने चालान का निपटारा कैसे करें? डिजिटल लोक अदालत की पूरी स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

नई दिल्ली अगर आपके पुराने चालान बकाया हैं, तो अब डिजिटल ट्रैफिक लोक अदालत पोर्टल के जरिए आप घर बैठे उनका निपटारा कर सकेंगे। यह पोर्टल लोगों को अपनी गाड़ी का नंबर और ओटीपी दर्ज करके चालान देखने की सुविधा देता है। इस पोर्टल के जरिए लोग लोक अदालत के लिए तारीख और कोर्ट चुन सकेंगे। इसके बाद चुनी हुई तारीख को कोर्ट में जाकर पोर्टल पर मिलने वाले बारकोड को स्कैन करवाना होगा। इसके बाद जुर्माने की राशि को भरते ही रियल टाइम में चालान का निपटारा अपडेट हो जाएगा। डिजिटल ट्रैफिक लोक अदालत पोर्टल से क्या फायदा डिजिटल ट्रैफिक लोक अदालत पोर्टल का फायदा लोगों को प्रशासन दोनों को मिलेगा। इसके जरिए ट्रैफिक चालानों के निपटारे की रफ्तार तेज हो जाएगी। इसके अलावा पहले चालान का स्टेटस अपडेट होने में लंबा समय लग जाता था, जो कि अब रियल टाइम में तुरंत हो जाएगा। इसके अलावा इस पोर्टल की वजह से लोगों को बार-बार कोर्ट का चक्कर नहीं मारना पड़ेगा और वह अपने अनुसार घर या दफ्तर के पास की कोर्ट और टाइम स्लॉट चुनकर सभी चालान का निपटारा करा पाएंगे। समझें इस्तेमाल का पूरा प्रोसेस डिजिटल ट्रैफिक लोक अदालत पोर्टल का इस्तेमाल करना काफी आसान हैं। इसके लिए आपको:     सबसे पहले ऑफिशियल पोर्टल यानी कि     traffic.delhipolice.gov.in/lokadalat/ पर जाना होगा।     यहां होम पेज पर अपनी गाड़ी का नंबर और वेरिफिकेशन कोड डालकर सर्च बटन पर क्लिक करें।     इसके बाद आपको रजिस्टर्ड नंबर पर एक OTP मिलेगा। OTP को दर्ज करके वेरिफाई करें।     वेरिफिकेशन होने के बाद आपको स्क्रीन पर गाड़ी के सभी पेंडिंग नोटिस और चालान दिखने लगेंगे। आपको जिस किसी भी चालान का निपटारा करना है, उसे चुन लें।     अब अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी कोर्ट को चुनें और टाइप स्लॉट चुनें।     इसके बाद अंडरटेकिंग पर क्लिक करके सबमिट कर दें और चालान की रसीद का फ्रिंट लेकर उसे सेव कर लें। इसके बाद क्या करें?     इसके बाद तय तारीख और समय पर संबंधित कोर्ट में पहुंचें।     कोर्ट में मौजूद लोक अदालत की बेंच के सामने अपनी चालान की रसीद दिखाएं।     कोर्ट का स्टाफ रसीद का बारकोड स्कैन करेगा और आपको जुर्माने की रकम भरनी होगी।     इसके साथ ही मौके पर चालान का निपटारा कर दिया जाएगा।

IMD अलर्ट: MP के कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश मचाएगी तबाही

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के प्रभाव से 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल ने उत्तरी मध्य प्रदेश के 8 जिलों में वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में हो सकती है बारिश मौसम विभाग (IMD) के अनुसार ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में बारिश हो सकती है। इन जिलों और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने की संभावना है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो फरवरी महीने में यह तीसरी बार बारिश का दौर होगा। इससे पहले माह की शुरुआत में प्रदेश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि, बारिश और आंधी से फसलों को भारी नुकसान हुआ था। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे भी कराया था। पश्चिम विक्षोभ के कारण MP में बदलेगा मौसम… मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि फिलहाल एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है, लेकिन उसका असर मुख्य रूप से पहाड़ी राज्यों में दिखाई दे रहा है, जहां बर्फबारी हो रही है। 16 फरवरी से एक नया सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है। रात और सुबह के समय ठंड महसूस हो रही है, जबकि दिन में तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अधिकांश शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है। न्यूनतम तापमान पचमढ़ी का.. ताजा आंकड़ों के अनुसार पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 14.2 डिग्री, इंदौर में 13.6 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 15.7 डिग्री और जबलपुर में 14.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। कटनी, सतना, शहडोल, छतरपुर और रीवा के कुछ इलाकों में पारा 10 से 11 डिग्री के बीच रहा। अगले दो दिन का पूर्वानुमान 16 फरवरी को कुछ जिलों में हल्का कोहरा रहेगा। बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन दिन में बादल छा सकते हैं। 17 फरवरी को हल्का कोहरा रहेगा। बारिश की संभावना नहीं, हालांकि बादल छाए रहेंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट: भोपाल-इंदौर मेट्रो और मेट्रोपॉलिटन प्रोजेक्ट्स के लिए खुला खजाना

भोपाल मध्य प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 18 फरवरी को प्रस्तुत होगा। यह चार लाख, 70 हजार करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है। इसमें कृषि के साथ नगरीय और ग्रामीण विकास पर फोकस रहेगा। अधोसंरचना के कामों की गति बढ़ाई जाएगी। भोपाल और इंदौर मेट्रोपालिटन, मेट्रो ट्रेन, प्रधानमंत्री आवास शहरी सहित अन्य योजनाओं के लिए प्रविधान रखे जाएंगे। वहीं, ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर भी फोकस रहेगा। विकसित भारत-जी राम जी, प्रधानमंत्री आवास, पंचायत एवं सामुदायिक भवन, जल संरचना आदि कार्यों के लिए राशि आवंटित की जाएगी।   शहरी क्षेत्र में 10 लाख आवास बनाने का लक्ष्य मिला है प्रदेश को अगले पांच साल में शहरी क्षेत्र में 10 लाख आवास बनाने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से राशि का प्रविधान होगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र और राज्यांश मिलाकर पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि रखी जा सकती है। भोपाल और इंदौर मेट्रोपालिटन क्षेत्र घोषित हो चुके हैं। इसका काम आगे बढ़ाने के साथ मेट्रो ट्रेन के संचालन और आगे का काम पूरा करने के लिए प्रविधान किया जाएगा। अमृत मिशन में नगरीय निकायों को राशि दी जाएगी इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से लोगों की मौत की घटना सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार की कवायद प्रारंभ हो गई है। इसके लिए अमृत मिशन में नगरीय निकायों को राशि दी जाएगी ताकि काम तेजी से पूरा हो सके। अधोसंरचना विकास के कामों के लिए भारत सरकार से मिलने वाली राशि को मिलाकर प्रविधान किया जाएगा। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में भी अधोसंरचना विकास पर जोर रहेगा। इन योजनाओं पर भी सरकार खर्च करेगी राशि प्रधानमंत्री आवास, ग्रामीण सड़क, पंचायत एवं सामुदायिक भवन के साथ जल संरचनाओं के विकास, मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम, प्रधानमंत्री जनमन योजना, मध्याह्न भोजन, मुख्यमंत्री आवास मिशन के लिए राशि दी जाएगी। विकसित भारत जी राम जी योजना के लिए अब 40 प्रतिशत अंशदान के साथ प्रविधान करना होगा। योजना में चार हजार करोड़ रुपये से अधिक रखे जा सकते हैं।

आर्मी जॉब अलर्ट: अग्निवीर और पक्की भर्ती के लिए आवेदन शुरू, अभ्यर्थियों को 1 साल की उम्र छूट

महू भारतीय सेना में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए सुनहरा अवसर आया है। महू स्थित सेना भर्ती कार्यालय ने अग्निवीर भर्ती 2026-27 के लिए बिगुल फूंक दिया है। इस बार भर्ती की खास बात यह है कि सेना ने आयु सीमा में 1 वर्ष की छूट प्रदान की है, जिससे हजारों अतिरिक्त युवाओं को आवेदन का मौका मिलेगा। भारतीय सेना ने अग्निवीर भर्ती के तहत विभिन्न श्रेणियों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। सेना भर्ती कार्यालय महू के निदेशक के अनुसार, इच्छुक उम्मीदवार 13 फरवरी से 1 अप्रैल तक ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। किन पदों पर होगी भर्ती? इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से न केवल अस्थायी (अग्निवीर) बल्कि कुछ स्थायी पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी:     अग्निवीर (पुरुष): जनरल ड्यूटी (GD), क्लर्क, स्टोर कीपर टेक्निकल (SKT), टेक्निकल और ट्रेड्समैन (8वीं व 10वीं पास)।     महिला सेना पुलिस: अग्निवीर योजना के तहत महिला अभ्यर्थियों के लिए अवसर।     स्थायी पद: नर्सिंग असिस्टेंट (NA), नर्सिंग असिस्टेंट (वेट) और सिपाही फार्मा। महत्वपूर्ण तिथियां और आयु सीमा सेना ने इस वर्ष आयु सीमा में 1 वर्ष की वृद्धि कर युवाओं को बड़ी सौगात दी है। पात्रता की शर्तें इस प्रकार हैं:     अग्निवीर पदों के लिए: उम्मीदवार का जन्म 1 जुलाई 2005 से 1 जुलाई 2009 के बीच होना चाहिए।     स्थायी पदों के लिए: उम्मीदवार का जन्म 1 जुलाई 2004 से 1 जुलाई 2009 के बीच होना चाहिए। कैसे करें आवेदन? भर्ती से संबंधित विस्तृत अधिसूचना और ऑनलाइन आवेदन के लिए अभ्यर्थी भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं:     वेबसाइट: www.joinindianarmy.nic.in     सहायता केंद्र: यदि अभ्यर्थियों को पंजीकरण या पात्रता को लेकर कोई संशय है, तो वे सेना भर्ती कार्यालय महू के हेल्पलाइन नंबर 7648815570 पर संपर्क कर अपनी शंकाओं का समाधान कर सकते हैं।

शिवपुरी कांड से गूंजा प्रदेश: वकीलों का ब्लैक आउट, 7 दिन में कार्रवाई नहीं तो बड़ा आंदोलन

जबलपुर शिवपुरी में शनिवार को एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या से समूचे राज्य के वकील आक्रोशित हो गए हैं। सोमवार को पूरे प्रदेश के वकील न्यायिक कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाएंगे। यह निर्णय रविवार को एमपी स्टेट बार काउंसिल ने सर्वसम्मति से लिया है। इससे पहले रविवार को ही मप्र हाई कोर्ट बार, जिला बार और हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार ने संयुक्त रूप से सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय लिया था। दरअसल, करेरा तहसील के वकील संजय सक्सेना की शनिवार, 14 फरवरी की दोपहर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के वक्त संजय सक्सेना काले कोट में अपने घर से कोर्ट जा रहे थे। घटना के बाद शिवपुरी पुलिस ने हत्याकांड में शामिल तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था।   सात दिनों का अल्टीमेटम, वरना सीएम हाउस का होगा घेराव स्टेट बार कौंसिल के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता और वाइस चेयरमैन आरके सिंह सैनी ने कहा है कि एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। गुप्ता के अनुसार रविवार को दोपहर को सभी सदस्यों की आनलाइन मीटिंग बुलाकर सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में सभी सदस्यों की सहमति से तय किया गया कि पूरे राज्य में वकीलों की सुरक्षा से जुड़े एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने राज्य सरकार को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया जाएगा। इसके बाद भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो फिर काउंसिल के नेतृत्व में प्रदेश के सवा लाख वकील भोपाल जाकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। काउंसिल के वाईस चैयरमेन आरके सिंह सैनी ने बताया कि ऑनलाइन मीटिंग के अंत में सभी सदस्यों ने मृत अधिवक्ता संजय सक्सेना को शोक श्रद्धांजलि भी दी। वकीलों ने की ये मांगें स्टेट बार काउंसिल की बैठक से पहले रविवार को ही हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन, सचिव परितोष त्रिवेदी, जिला बार के अध्यक्ष मनीष मिश्रा, सचिव ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार के सचिव निखिल तिवारी की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया है कि अधिवक्ता स्व. संजय सक्सेना के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा, उनके आश्रित को सरकारी नौकरी, हत्या के आरोपितों पर कठोर कार्रवाई के साथ एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट जल्द से जल्द लागूकिया जाए। चीफ जस्टिस को भेजी गई सूचना तीनों बार एसोसिएशनों ने सोमवार को मनाए जाने वाले प्रतिवाद दिवस की जानकारी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजी है। एसोसिएशनों ने चीफ जस्टिस से आग्रह किया है कि उनकी ये मांगें जायज हैं। ऐसे में सोमवार को सुनवाई पर लगे मुकदमों को वकीलों की गैरहाजिरी में खारिज न किया जाए। वकील सोमवार को दोपहर साढ़े 12 बजे मुख्यमंत्री के नाम पर एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपेंगे।   वर्षों से की जा रही मांग, मिला सिर्फ आश्वासन इस सम्बन्ध में हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष डीके जैन ने कहा है कि वकीलों की सुरक्षा के लिए पिछले कई वर्षों से एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग वकीलों द्वारा की जा रही है। एक बार तो भोपाल में वकीलों की महा-पंचायत बुलाकर एडवोकेट्स प्रोटेक्शन को जल्द से जल्द लागू करने का भरोसा भी दिलाया गया, लेकिन अभी तक नतीजा शून्य ही रहा है।

सरकार की बड़ी घोषणा: 2025 से पहले रिटायर कर्मचारियों को भी मिलेगा अतिरिक्त लाभ

नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद लाखों केंद्रीय पेंशनभोगियों के मन में उपजी चिंताओं पर सरकार ने विराम लगा दिया है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर, 2025 तक रिटायर होने वाले कर्मचारियों को भी नए वेतन आयोग के लाभों के दायरे में रखा जाएगा। वित्त मंत्रालय ने संसद में किया साफ केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th CPC) के लाभार्थियों को लेकर चल रहे संशय को दूर कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने संसद में साफ किया है कि वेतन आयोग की सिफारिशें केवल मौजूदा कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि उन लाखों पेंशनभोगियों के लिए भी होंगी जो 31 दिसंबर, 2025 या उससे पहले सेवानिवृत्त (Retire) हो चुके हैं। लोकसभा में सरकार का स्पष्टीकरण पेंशन नियमों में बदलाव और पुराने बनाम नए पेंशनभोगियों के बीच संभावित भेदभाव की खबरों के बीच वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में स्थिति साफ की। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि 8वें वेतन आयोग को विशेष रूप से केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन (Pay), भत्ते (Allowances) और पेंशन (Pension) पर अपनी सिफारिशें देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।   पेंशनर्स के लिए क्यों था संशय? दरअसल, ‘फाइनेंस एक्ट 2025’ द्वारा मौजूदा पेंशन नियमों के वैधीकरण के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या नए रिवीजन का लाभ केवल उन लोगों को मिलेगा जो 1 जनवरी 2026 के बाद रिटायर होंगे। हालांकि, सरकार के ताजा बयान ने यह साफ कर दिया है कि…     पेंशन में बदलाव केंद्र सरकार द्वारा जारी ‘जनरल ऑर्डर्स’ के माध्यम से किया जाता है।     8th CPC की सिफारिशें स्वीकार होने के बाद, ये आदेश सभी पात्र पेंशनभोगियों पर लागू होंगे।     यह प्रक्रिया सेंट्रल सिविल सर्विसेज़ (पेंशन) रूल्स, 2021 के तहत संचालित होती है।

बांग्लादेश समारोह में पीएम मोदी की जगह लोकसभा स्पीकर शामिल, भारत की ओर से करेंगे प्रतिनिधित्व

नई दिल्ली बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी नहीं जाएंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भारत बांग्लादेश भेज रहा है। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी होंगे। यह समारोह 17 फरवरी को ढाका के राष्ट्रीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित होगा। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल भारत-बांग्लादेश के गहरे और स्थायी दोस्ती को रेखांकित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रण मिला था, लेकिन वे मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय वार्ता और दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट की तैयारी के कारण नहीं जा पा रहे।  

घर जाने की राह मुश्किल: होली पर भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों में सीट के लिए मारामारी

भोपाल होली का त्योहार नजदीक आते ही घर लौटने की चाह हर दिल में जाग उठती है। लोग अपनों के साथ रंगों की खुशियां बांटना चाहते हैं, लेकिन इस बार सफर आसान नहीं है। भोपाल से दिल्ली, मुंबई, बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। इंदौर–पटना, कर्नाटका और हमसफर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है। सीट न मिलने से यात्रियों को वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ रही है, जिससे खर्च और परेशानी दोनों बढ़ गए हैं।   हर बार त्योहारों पर वही समस्या, कंफर्म सीट का संकट होली हो या दिवाली, बड़े त्योहारों के दौरान ट्रेनों में कंफर्म सीट न मिलना अब आम समस्या बन गई है। यात्रा की तारीख से करीब एक महीने पहले ही अधिकांश ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति दिखाई देने लगती है। वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है और कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। यात्रियों का कहना है कि हर साल त्योहारों के समय यही स्थिति बनती है। मजबूरी में लोगों को तत्काल टिकट का सहारा लेना पड़ता है, जहां भीड़ और अधिक रहती है। कई यात्रियों को घर पहुंचने के लिए बस, फ्लाइट या निजी वाहन जैसे महंगे विकल्प चुनने पड़ते हैं। यात्रियों की मांग है कि त्योहारों से पहले रेलवे को अतिरिक्त या स्पेशल ट्रेनों की घोषणा करनी चाहिए, ताकि भीड़ का दबाव कम हो सके और लोगों को समय पर कंफर्म सीट मिल सके। होली स्पेशल : भोपाल मंडल से चलेंगी 4 जोड़ी विशेष ट्रेनें होली पर्व पर यात्रियों की सुविधा हेतु भारतीय रेलवे ने देशभर में 1410 विशेष ट्रेनों का संचालन किया है, जिनमें पश्चिम मध्य रेल से 43 ट्रेनें शामिल हैं। भोपाल मंडल से रीवा-रानी कमलापति (02192/02191, 02186/02185), भोपाल–रीवा (01704/01703) तथा रानी कमलापति–दानापुर (01667/01668) स्पेशल ट्रेनें निर्धारित तिथियों पर चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों के संचालन से त्योहार के दौरान अतिरिक्त भीड़ कम होगी और यात्रियों को सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी। इन ट्रेनों में ‘रिग्रेट व नो रूम’ की स्थिति     श्रीनगर-शिरड़ी-कालका सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22455) 28 फरवरी से 5 मार्च तक इस ट्रेन में कंफर्म टिकट उपलब्ध नहीं है। यात्रियों को ‘नो रूम’ की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।     कर्नाटका एक्सप्रेस (12627) 28 फरवरी से 5 मार्च तक सभी प्रमुख श्रेणियों में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं।     अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस (19483) 25 फरवरी से 2 मार्च तक स्लीपर, 2एसी और 3एसी श्रेणियों में ‘रिग्रेट’ की स्थिति है।     इंदौर-पटना एक्सप्रेस (19321) 25 फरवरी से 1 मार्च तक स्लीपर, 2एसी और 3एसी में सीटें फुल हैं और रिग्रेट दिखा रहा है।     अहमदाबाद-आसनसोल एक्सप्रेस (19435) 25 फरवरी से 5 मार्च तक सभी प्रमुख श्रेणियों में टिकट उपलब्ध नहीं है।     मंगला लक्षद्वीप सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12618) 26 फरवरी से 2 मार्च तक रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है।     हमसफर एक्सप्रेस (19092) 25 फरवरी से 5 मार्च तक टिकट बुकिंग में ‘रिग्रेट’ स्थिति दर्शाई जा रही है।

पुलिस अफसरों की दौलत का चौंकाने वाला आंकड़ा, करोड़ों के फ्लैट और भारी रेंटल इनकम चर्चा में

भोपाल मध्य प्रदेश कैडर के एडीजी स्तर के कई अधिकारियों ने भोपाल में कृषि भूमि खरीदी है। कुछ अधिकारियों के पास दिल्ली में फ्लैट भी हैं, जिनसे उन्हें हर साल लाखों रुपये की आय हो रही है। यह जानकारी अधिकारियों द्वारा केंद्र सरकार को दिए गए अचल संपत्ति के ब्योरे में सामने आई है। किसके पास कितनी संपत्ति एडीजी एसएएफ चंचल शेखर के पास भोपाल में 11 हजार 325 वर्गफीट कृषि भूमि है। यह जमीन उन्होंने वर्ष 2009 में 10 लाख रुपये में अपने और पत्नी के नाम से खरीदी थी, जिसकी वर्तमान कीमत एक करोड़ 80 लाख रुपये है। दिल्ली के साउथ वेस्ट क्षेत्र में उनका एक फ्लैट है, जिसे वर्ष 2011 में 17 लाख रुपये में खरीदा गया था और जिसकी वर्तमान कीमत 65 लाख रुपये है। इस फ्लैट से उन्हें प्रतिवर्ष छह लाख 60 हजार रुपये की आय हो रही है।   इसके अलावा वर्ष 2017 में उन्होंने दिल्ली में ही एक करोड़ 70 लाख रुपये का एक और फ्लैट खरीदा, जिसकी वर्तमान कीमत भी उतनी ही है। यह फ्लैट उनके और पत्नी के नाम पर है और इससे उन्हें सालाना एक लाख 80 हजार रुपये की आय होती है। ए साई मनोहर के पास केवल एक संपत्ति एडीजी इंटेलिजेंस ए साई मनोहर के पास केवल एक संपत्ति है, जो दिल्ली में फ्लैट के रूप में है। उन्होंने वर्ष 2024 में यह फ्लैट तीन करोड़ 60 लाख रुपये में खरीदा था और इसकी वर्तमान कीमत भी उतनी ही है। इस संपत्ति से उन्हें प्रतिवर्ष 17 लाख 13 हजार रुपये की आय हो रही है। स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव के पास तीन अचल संपत्तियां हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक फ्लैट शामिल है, जिसे वर्ष 2012 में 40 लाख रुपये में अपने और पत्नी के नाम पर खरीदा गया था। इसकी वर्तमान कीमत सवा करोड़ रुपये है और इससे उन्हें प्रतिवर्ष एक लाख 75 हजार रुपये की आय होती है। संपत्ति का ब्योरा जमा कर दिया भारतीय प्रशासनिक सेवा के मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारियों ने भी 31 जनवरी की स्थिति में अपनी संपत्ति का ब्योरा जमा कर दिया है, लेकिन इसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इनकी संख्या लगभग 365 बताई गई है। संभावना है कि एक सप्ताह के भीतर इनकी अचल संपत्ति की जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी।

1 मई से शुरू होगी डिजिटल जनगणना, खुद दर्ज करनी होगी पूरी जानकारी, 33 सवालों के लिए रहें तैयार

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन की एक मांग को जनगणना निदेशालय मान लेता है तो मजरे-टोलों में रहने वालों लोगों की अलग से जानकारी सामने आ जाएगी। इसका लाभ जल जीवन मिशन जैसी कई योजनाओं को लेकर नीति बनाने में होगा। उन्होंने शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जनगणना-2027 को लेकर आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर प्रशिक्षण कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल व जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के समक्ष यह बात कही। अनुराग जैन ने कहा कि जनगणना में मजरे-टोलों का कालम अलग से जोड़ दिया जाए तो मध्य प्रदेश ही नहीं आदिवासी बहुल जनसंख्या वाले दूसरे राज्यों को भी उतना ही लाभ होगा। बता दें, प्रदेश में एक लाख 27 हजार मजरे-टोले हैं। ये अधिकतर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ही होते हैं। प्रशिक्षण कार्यशाला को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मृत्युंजय कुमार ने संबोधित किया।   अनुराग जैन ने कहा कि जीआईएस सिस्टम से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। आंकड़े सही तरीके से फीड किए जाएंगे तभी जनगणना का परिणाम बेहतर मिलेगा। आमजन भी सही जानकारी दें। कई बार लोगों को लगता है कि संपत्ति संबंधी जानकारी नहीं बताने पर वह लाभ में रहेंगे। सरकारी योजनाओं से सहायता मिल सकती है, पर ऐसा नहीं है। इनबिल्ड एप गलतियां भी बताएंगे मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि देश में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना होगी, इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया गया है। जनगणना में स्व-गणना का विकल्प भी पहली बार उपलब्ध कराया जा रहा है। नागरिक मोबाइल, लैपटाप और डेस्कटाप से जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इस बार जातिगत जनगणना भी होगी। जानकारी बहुत सावधानी से अंकित की जाए जिससे किसी तरह की गलती की आशंका नहीं रहे। उन्होंने बताया जनगणना के सॉफ्टवेयर में कुछ इनबिल्ड एप्लीकेशन भी हैं, जो कुछ हद तक फीडिंग की गलतियों से सतर्क करेंगे। दो चरणों में जानकारियां एकत्र की जाएंगी निदेशक जनगणना कार्तिकेय गोयल ने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रथम चरण में मकानों की सूची तैयार करने का कार्य एक से 30 मई के बीच होगा। इसमें मकानों की स्थिति, सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों का विवरण प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर एकत्रित किया जाएगा।द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना का कार्य फरवरी, 2027 में कराया जाना तय किया गया है। जनसंख्या की गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। साथ ही, व्यक्तियों के संबंध में अन्य बिंदु जैसे आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक क्रियाकलाप, प्रवास और संतानों की जानकारी एकत्र की जाएगी। यह 33 सवाल पूछे जाएंगे भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण या जनगणना संख्या), घर संख्या, फर्श की प्रमुख सामग्री, भवन की दीवार की प्रमुख सामग्री, भवन की छत, घर का उपयोग, घर की स्थिति, परिवार संख्या, घर में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, मुखिया का नाम व लिंग, क्या परिवार का मुखिया एससी/एसटी/अन्य से संबंधित है, स्वामित्व की स्थिति, परिवार के स्वामित्व वाले आवासीय कमरों की संख्या, घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय है या नही, शौचालय का प्रकार, अपशिष्ट जल निकास, स्नान सुविधा, रसोई और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना बनाने में मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट तक पहुंच किस तरह है।

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