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असम में सियासी हलचल: रिपुन बोरा का इस्तीफा, हिमंता का बयान बना चर्चा का विषय

असम असम में कांग्रेस इकाई के चीफ रहे रिपुन बोरा के इस्तीफे के बाद सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के आखिरी हिंदू नेता ने भी पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे व्यक्ति थे जो कि बिना परिवारवाद के राजनीति में आए थे। असम के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कांग्रेस पर करारा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि भूपेन बोरा कांग्रेस के ऐसे आखिरी हिंदू नेता थे जो कि किसी के दम पर राजनीति में नहीं आए थे। उन्होंने कहा कि बोरा के इस्तीफे का संदेश यही है कि कांग्रेस किसी सामान्य व्यक्ति को फलते-फूलते नहीं देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल तुष्टीकरण कि राजनीति करना जानती है। सरमा ने कहा कि भूपेन ने बीजेपी जॉइन करने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। सरमा ने कहा कि मंगलवार की शाम को वह बोरा के घर जाएंगे। अगर वह चाहेंगे तो बीजेपी उन्हें स्वीकार करेगी और सुरक्षित सीट भी देगी। सरमा ने कहा, असम में कांग्रेस की स्थिति खराब है। कांग्रेस के कई कार्यालयों में मीटिंग भी एक खास समुदाय की प्रार्थना के साथ शुरू होती है। असम में कांग्रेस बहुत तेजी से बदल रही है। लोग इसे देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई बीजेपी में आना चाहता है तो उसके लिए पार्टी के अंदर चर्चा करनी पड़ेगी क्योंकि यहां कोई वैकेंसी नहीं है। बता दें कि बोरा जुलाई 2021 से प्रदेश में पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे, उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस के बड़े नेताओं जिनमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल हैं, को भेज दिया है। उन्होंने 2006 से 2016 तक असम विधानसभा में बिहपुरिया सीट का प्रतिनिधित्व किया था। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद बोरा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से अपना नाम भी हटा दिया। बोरा का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब असम में कांग्रेस ने राज्य भर के लोगों की ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए ‘बदलाव की यात्रा’ शुरू की थी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रोंगानोडी सीट से कांग्रेस टिकट के एक बड़े दावेदार भी थे, वह प्रदेश पार्टी अध्यक्ष गौरव गोगोई के साथ परिवर्तन यात्रा में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे थे। बोरा ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, ” मैंने अपना इस्तीफ़ा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया है, और मैंने अपने कारण विस्तृत में बताये हैं। मैंने अपनी ज़िंदगी के 32 साल पार्टी को दिये हैं, और ज़ाहिर है, मैंने राजनीति से रिटायरमेंट लेने के लिए इस्तीफ़ा नहीं दिया है। ” उन्होंने कहा कि इस पुरानी पार्टी के भविष्य को लेकर कुछ कारण हैं और उन्होंने पार्टी हाईकमान को अपने इस्तीफ़े के कारण बता दिए हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या वह भाजपा में शामिल होंगे, श्री बोरा ने कहा कि उन्होंने अभी अपने भविष्य के कदम के बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया है। उन्होंने कहा, ” मैंने आपको वह सब कुछ बता दिया है, जो मैं बता सकता था। हालांकि, अभी तक किसी भी पार्टी ने मुझे कुछ भी ऑफ़र नहीं किया है। मैं जो भी फ़ैसला लूंगा, मैं असम के लोगों को सही समय पर बता दूंगा। ” पार्टी के अदंरूनी लोगों ने इशारा किया कि पार्टी के आम कार्यकर्ता के बीच राय में मतभेद हैं। हाल ही में पार्टी हाईकमान ने हालांकि श्री बोरा को दूसरी क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों के साथ गठबंधन से जुड़े मामलों को देखने के लिए कहा था, लेकिन श्री गौरव गोगोई के करीबी कुछ दूसरे पार्टी नेताओं के दखल से उन्हें नुकसान हुआ है।  

एक जिला एक माफिया जैसी स्थिति से अब यूपी वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में प्रगति कर रहा है : मुख्यमंत्री

लखनऊ, राज्यपाल के अभिभाषण पर विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में एमएसएमई, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी, जहां एमएसएमई क्षेत्र मृतप्राय सा हो चुका था और निराशा का माहौल था। लेकिन हमारी सरकार ने ओडीओपी और ओडीओसी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के परंपरागत उत्पादों को नई पहचान दी है। वर्तमान में एमएसएमई सेक्टर में प्रदेश के 3 करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। स्वास्थ्य और फार्मा क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आज उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता और विकास के नए अध्याय लिख रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ओडीओपी योजना के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जनपद के विशिष्ट उत्पादों की ब्रांडिंग, डिजाइन, टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग में सुधार किया गया है। प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सकारात्मक परिणाम यह है कि प्रदेश का निर्यात, जो वर्ष 2017 में मात्र 84 हजार करोड़ रुपये के आसपास था, लगभग दोगुना बढ़कर आज 1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसमें ओडीओपी योजना के हस्तशिल्प और परंपरागत उत्पादों का हिस्सा करीब 50 प्रतिशत है। योजना से 3.16 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। वर्तमान में प्रदेश के 77 से अधिक उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है, जो वैश्विक बाजार में उनकी गुणवत्ता की गारंटी देते हैं। प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स कार्यरत हैं, जो 3 करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान कर रही हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना और अन्य कार्यक्रमों से हस्तशिल्पियों और कारीगरों को सम्मान और सहायता मिल रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हाल ही में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर हमारी सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन कार्यक्रम शुरू किया है, जिससे प्रत्येक जनपद के एक विशेष व्यंजन को ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाएगा। यह प्रधानमंत्री के लोकल टू ग्लोबल मॉडल का जीवंत उदाहरण है, जो यूपी को नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जहां प्रदेश के युवा हताश थे, आज वे आत्मनिर्भरता और प्रगति की कहानी लिख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2017 से पहले कई जनपदों में स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं और एक जिला एक माफिया जैसी स्थिति थी। अब यूपी में वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में तेज प्रगति हुई है। रायबरेली और गोरखपुर में एम्स संचालित हो रहे हैं। हर जनपद में अब आईसीयू, डिजिटल एक्स-रे, ब्लड बैंक, डायलिसिस, ऑक्सीजन प्लांट और वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। 2017 से पहले 40 से अधिक जनपदों में आईसीयू नहीं था। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के रिस्पांस टाइम में सुधार किया गया है। टेलीमेडिसिन से दूरदराज के गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीनोमिक्स, टेलीमेडिसिन और मेडटेक को बढ़ावा देकर भविष्योन्मुखी स्वास्थ्य इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी, जो 2017 से पहले हर साल 1200-1500 बच्चों की मौत का कारण बनती थी, अब लगभग समाप्त हो चुकी है। 2024 में शून्य मौतें दर्ज हुईं और मामले बहुत कम हो गए। डबल इंजन सरकार ने माफिया के साथ-साथ इन बीमारियों और उनके कारकों को भी नियंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में भी यूपी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। ललितपुर में फार्मा पार्क का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिसमें बल्क ड्रग यूनिट्स शामिल हैं। वहीं ग्रेटर नोएडा में 350 एकड़ का मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। लखनऊ में हाल ही में फार्मा कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, जहां देश के दिग्गज फार्मा निवेशकों ने यूपी की बदलती तस्वीर की सराहना की। उन्होंने कॉन्क्लेव में एक बड़े फार्मा उद्यमी के अनुभव के बारे में कहा कि कैसे उन्हें अपने भतीजे के अपहरण के कारण रातों-रात अपनी जन्मभूमि मेरठ छोड़कर जाना पड़ा था। लेकिन 2017 के बाद प्रदेश में जिस तरह से निवेश का माहौल बदला है, देश के बड़े निवेशक यूपी में निवेश करने को उत्सुक हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में केवल शहरों और उद्योगों का ही विकास नहीं हुआ है, बल्कि प्रदेश की घुमंतू जातियों और जनजातीय समुदायों जैसे वनटांगिया, मुसहर, थारू, कोल, बुक्सा आदि को जमीन के पट्टे, आवास और बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, कौशल, स्वरोजगार, स्वास्थ्य और नेतृत्व में भागीदारी बढ़ी है। प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा से समृद्धि और सशक्तिकरण से उत्कृष्टता तक की यात्रा जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 2017 के बाद से सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के नए अध्याय लिखे हैं। जहां पहले अंधकार था, आज प्रगति और उम्मीद की रोशनी है। यह बदलाव लोकल उत्पादों की वैश्विक बाजार तक पहुंच से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार सृजन तक हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।

10 महीने की बेटी नहीं रही, पर उसके अंगों ने दी कई लोगों को नई जिंदगी

तिरुवनंतपुरम केरल से एक बेहद भावुक करने वाली कहानी सामने आई है। यहां पर हादसे में 10 महीने की एक बच्ची बुरी तरह से घायल हो गई। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद उसके पैरेंट्स ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसके मुरीद प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत तमाम सेलेब्स भी हो गए हैं।   केरल से एक बेहद भावुक करने वाली कहानी सामने आई है। यहां पर हादसे में 10 महीने की एक बच्ची बुरी तरह से घायल हो गई। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद उसके पैरेंट्स ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसके मुरीद प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत तमाम सेलेब्स भी हो गए हैं। बच्ची के माता-पिता ने उसका अंगदान करने का फैसला किया। उनके इस फैसले की बदौलत पांच लोगों को नई जिंदगी मिली है। इस बच्ची का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी भी मौजूद रहे। कौन थी आलिन शेरिन जिस बच्ची का अंगदान किया गया, उसका नाम आलिन शेरिन है। उसके माता-पिता का नाम अरुण अब्राहम और शेरिन एन जॉन है। यह लोग केरल के पाथनमथिट्टा जिले के रहने वाले हैं। पांच फरवरी को आलिन अपनी मां और दादा-दादी के साथ यात्रा कर रही थी। इसी दौरान गलत दिशा से आ रही कार ने उनके वाहन में टक्कर मार दी। इस हादसे में आलिन को बेहद गंभीर चोटें आईं। वहीं, उसकी मां और दादा-दादी भी गंभीर रूप से घायल हैं। शुरुआत में आलिन को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए कोच्चि ले जाया गया। बहुत कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और डॉक्टरों ने 12 फरवरी को उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। बताया गया ग्रीन कॉरिडोर महज दस महीने की बेटी को खोकर आलिन के माता-पिता गहरे दुख में थे। लेकिन इसी दौरान उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जो नजीर बन गया। दोनों ने तय किया कि वह अपनी बच्ची का अंगदान करेंगे। इसके बाद हेल्थकेयर सिस्टम, पुलिस और आम लोगों ने गजब का तालमेल दिखाया। चूंकि सिविल एविएशन रूल्स के चलते रात में हेलिकॉप्टर ट्रांसफर संभव नहीं था। इसलिए केरल सरकार ने एंबुलेंस के जरिए अंगों को भेजने का फैसला किया। आनन-फानन में कोच्चि से तिरुवनंतपुरम के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। किसे दिए गए अंग इसके लिए कड़े ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए गए। पूरे रास्ते में मैनुअल सिग्नलिंग की व्यवस्था की गई। इसके जरिए 230 किलोमीटर की दूरी मात्र 3 घंटे और 20 मिनट में तय हुई। इसके बाद सुरक्षित तरीके सभी अंग गंतव्य तक पहुंचे। यहां पर एक निजी अस्पताल में छह साल की बच्ची को लिवर ट्रांसप्लांट किया गया। वहीं, किडनी सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक 10 साल के बच्चे को लगाया गया। हार्ट वॉल्व तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज कैंपस को ट्रांसफर किया गया, जबकि कॉर्निया एक निजी अस्पताल के आई बैंक को डोनेट कर दिया गया। सबने की तारीफ महज 10 महीने की उम्र में बच्ची की दु:खद मौत और उसके माता-पिता द्वारा अंगदान के फैसले की केरल समेत तमाम जगहों पर तारीफ हुई। केरल के राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर ने कहाकि वह बच्ची के माता-पिता के इस फैसले बहुत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जिससे दूसरों को जीवन मिला है। अभिनेता कमल हासन ने भी पैरेंट्स को संबोधित एक भावुक संदेश लिखा। इस संदेश में उन्होंने लिखा कि बेबी आलिन पांच बच्चों को जिंदगी देकर गई है। अभिनेता मोहनलाल ने भी आलिन को लिटिल एंजेल कहा।  

वर्ष 2017 के बाद यूपी ने पॉलिसी पैरालिसिस से पॉलिसी स्टेबिलिटी की ओर ऐतिहासिक यात्रा तय की है : मुख्यमंत्री

ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी के ट्रिपल-टी मॉडल से यूपी आज देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है : मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में हिस्सा लेते हुए उत्तर प्रदेश के निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में पिछले साढ़े आठ वर्षों में हुए बदलावों को ऐतिहासिक करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश जो वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया के लिए जाना जाता था, आज उसकी पहचान वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में होती है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में न स्पष्ट औद्योगिक नीति थी और न सही नियत थी। प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल न होने के कारण अपार संभावनाओं के बावजूद निवेशक उत्तर प्रदेश आने से हिचकते थे। वही उत्तर प्रदेश आज अपने ट्रिपल-टी यानी ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्म और टाइमली डिलीवरी के मॉडल को अपनाते हुए देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की यात्रा के बारे में कहा कि औद्योगिक निवेश की पहली शर्त होती है सुरक्षा, दूसरी सुविधा और तीसरी स्पष्ट नीति। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में इन तीनों का अभाव था, जिसके चलते उद्योगों का विकास अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया। अब प्रदेश ने फियरलेस बिजनेस, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ट्रस्ट इन डूइंग बिजनेस को अपनी नई पहचान बनाया है। प्रदेश सरकार इसे ट्रिपल-एस मॉडल यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड के रूप में प्रस्तुत कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार होने के कारण प्रदेश के विकास कार्यों में गति स्वाभाविक रूप से बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पॉलिसी पैरालिसिस से पॉलिसी स्टेबिलिटी की ओर ऐतिहासिक यात्रा तय की है। उत्तर प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू की गई हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। “निवेश मित्र”, “निवेश सारथी” और “उद्यमी मित्र” जैसी डिजिटल एवं संस्थागत व्यवस्थाओं ने उद्योगों के लिए पारदर्शी और सुगम वातावरण तैयार किया है। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश, 2017 के पहले 14वें स्थान पर था, जबकि अब टॉप अचीवर स्टेट के रूप में स्थापित है। सरकार का दावा है कि व्यापक सुधारों के सभी मानकों को पूर्ण रूप से क्रियान्वित करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना है। डीरेगुलेशन रैंकिंग में यूपी पहले स्थान पर है तो डीक्रिमिनलाइजेशन की दिशा में भी बड़े कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 13 राज्य अधिनियमों के 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर उद्योगों के लिए भयमुक्त वातावरण बनाया है। इससे प्रदेश में कारोबारी प्रक्रियाएं सरल हुई हैं और अनावश्यक कानूनी बाधाएं समाप्त हुई हैं। औद्योगिक वृद्धि के आंकड़े इस परिवर्तन की कहानी कहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी से लेकर वर्ष 2017 तक 70 वर्षों में उत्तर प्रदेश में लगभग 14,000 कारखाने ही स्थापित हुए थे। वहीं 2017 के बाद से अब तक इनकी संख्या 31,000 से अधिक हो चुकी है। यह वृद्धि प्रदेश में उद्योगों के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ से साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश ने 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू प्रस्ताव किए हैं। इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू जमीन पर उतारे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि यूपी में अब एमओयू और निवेश कागजों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि ग्राउंडब्रेकिंग, उत्पादन और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के रूप में परिणाम दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश आज मेक इन इंडिया अभियान को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी का बड़ा हब बनकर उभरा है। देश में होने वाले मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का लगभग 55 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण में भी प्रदेश की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के रूप में स्थापित कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ रक्षा उत्पादन और खेल उद्योग में भी यूपी में तेजी से निवेश बढ़ा है। रक्षा कॉरिडोर और खेल उपकरण निर्माण जैसे क्षेत्रों में नए अवसर सृजित हुए हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडस्ट्री फर्स्ट, इन्वेस्टर फर्स्ट के दृष्टिकोण के कारण उत्तर प्रदेश आज वैश्विक निवेशकों के लिए सुरक्षित, स्थिर और विश्वसनीय गंतव्य बन चुका है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार, आधारभूत संरचना का विस्तार, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विकास ने औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया है। इन पहलों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज निवेश, रोजगार और औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड के ट्रिपल-एस मॉडल के आधार पर उत्तर प्रदेश की गणना आज देश की सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में हो रही है।

सोमनाथ मंदिर से जुड़ी खास बातें: 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम होने का महत्व

गुजरात का सोमनाथ मदिर देवों के देव भगवान शिव शंकर को समर्पित है। यह गुजरात के वेरावल बंदरगाह से कुछ ही दूरी पर प्रभास पाटन में स्थित है। शिव महापुराण में सभी ज्योतिर्लिंगों के बारे में बताया गया है। इस ज्योतिर्लिंग के संबंध में मान्यता है कि सोमनाथ के शिवलिंग की स्थापना खुद चंद्र देव ने की थी। चंद्र देव के द्वारा स्थापित करने की वजह से इस शिवलिंग का नाम सोमनाथ पड़ा है। आइए जानते हैं इस प्रचीन मंदिर से जुड़ी कुछ खास बातें… ऐसा है मंदिर का स्वरूप सोमनाथ मंदिर की ऊंचाई लगभग 155 फीट है। मंदिर के शिखर पर रखे हुए कलश का वजन करीब 10 टन है और इसकी ध्वजा 27 फीट ऊंची और 1 फीट परिधि की है। मंदिर के चारों ओर विशाल आंगन है। मंदिर का प्रवेश द्वार कलात्मक है। मंदिर तीन भागों में विभाजित है। नाट्यमंडप, जगमोहन और गर्भगृह, मंदिर के बाहर वल्लभभाई पटेल, रानी अहिल्याबाई आदि की मूर्तियां भी लगी हैं। समुद्र किनारे स्थित ये मंदर बहुत ही सुंदर दिखाई देता है। ऐसे पड़ा मंदिर का नाम शिवपुराण के अनुसार चंद्र देव ने यहां राजा दक्ष प्रजापति के श्राप से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव की तपस्या की थी और उन्हें यहीं ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान रहने की प्रार्थना की थी। बता दें कि सोम, चंद्रमा का ही एक नाम है और शिव को चंद्रमा ने अपना नाथ स्वामी मानकर यहां तपस्या की थी। इसी के चलते ही इस ज्योतिर्लिंग को सोमनाथ कहा जाता है। बाण स्तंभ का अनसुलझा रहस्य मंदिर के दक्षिण में समुद्र के किनारे बाण स्तंभ है, जो बहुत प्राचीन है, लगभग 6वीं शताब्दी से बाण स्तंभ का उल्लेख इतिहास में मिलता है, लेकिन ये कोई नहीं जानता कि इसका निर्माण कब हुआ था, किसने कराया था और क्यों कराया था। जानकार बताते हैं कि बाण स्तंभ एक दिशादर्शक स्तंभ है, जिसके ऊपरी सिरे पर एक तीर (बाण) बनाया गया है। जिसका मुंह समुद्र की ओर है। इस बाण स्तंभ पर लिखा है, आसमुद्रांत दक्षिण ध्रुव, पर्यंत अबाधित ज्योतिमार्ग, इसका मतलब ये है कि समुद्र के इस बिंदु से दक्षिण ध्रुव तक सीधी रेखा में एक भी अवरोध या बाधा नहीं है। इस पंक्ति का सरल अर्थ यह है कि सोमनाथ मंदिर के उस बिंदु से लेकर दक्षिण ध्रुव तक अर्थात अंटार्टिका तक एक सीधी रेखा खिंची जाए तो बीच में एक भी पहाड़ या भूखंड का टुकड़ा नहीं आता है। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या उस काल में भी लोगों को ये जानकारी थी कि दक्षिणी ध्रुव कहां है और धरती गोल है? कैसे उन लोगों ने इस बात का पता लगाया होगा कि बाण स्तंभ के सीध में कोई बाधा नहीं है? ये अब तक एक रहस्य ही बना हुआ है। 17 बार हुए थे मंदिर पर आक्रमण सोमनाथ मंदिर का इतिहास बताता है कि समय-समय पर मंदिर पर कई आक्रमण हुए और तोड़-फोड़ की गई। मंदिर पर कुल 17 बार आक्रमण हुए और हर बार मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया। लेकिन मंदिर पर किसी भी कालखंड का कोई प्रभाव देखने को नहीं मिलता। मान्यता है कि सृष्टि की रचना के समय भी यह शिवलिंग मौजूद था ऋग्वेद में भी इसके महत्व का बखान किया गया है।

अय्यर के बोल से सियासी हलचल: नेहरू-राजीव का समर्थन, राहुल पर सवाल

नई दिल्ली कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने खुलकर कहा है कि वह राहुलवादी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी हैं, लेकिन राहुलवादी नहीं हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसा कि वह तो भूल गए कि अय्यर पार्टी के सदस्य हैं। अय्यर ने केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा पर भी निशाना साधा।   कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर अपने विवादित बयानों के लिए चर्चित रहे हैं, लेकिन सोमवार को उनकी बातों ने पार्टी को ही असहज कर दिया। एक तरफ उन्होंने केरल में पिनराई विजयन के फिर से मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी कर दी तो वहीं राहुल गांधी को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी हैं, लेकिन राहुलवादी नहीं हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसा कि वह तो भूल गए कि अय्यर पार्टी के सदस्य हैं। अय्यर ने डॉ. अंबेडकर की जीवनी का हवाला भी दिया। आज केसी वेणुगोपाल को इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली हुई है। पवन खेड़ा जैसे आदमी को पार्टी का आधिकारिक प्रवक्ता बना रखा है। आखिर पार्टी इतनी बड़ी मूर्खता कैसे कर सकती है, वह तो एक कठपुतली हैं। अय्यर ने कहा, ‘मिस्टर राहुल गांधी भूल गए हैं कि मैं कांग्रेस में हूं। इसलिए मैं नेहरू वादी, राजीववादी हूं, लेकिन राहुलवादी नहीं हूं। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कांग्रेस की हालत क्या है। केसी वेणुगोपाल जैसे शख्स को वह जिम्मेदारी दी गई है, जो कभी सरदार पटेल के पास थी।’ केरल विधानसभा चुनाव से पहले कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के फिर से सत्ता में लौटने की भविष्य़वाणी कर दी। उन्होंने कहा कि मैं एक कांग्रेसी नेता के तौर पर चाहूंगा कि यूडीएफ की जीत हो और सत्ता मिले। लेकिन एक गांधीवादी के तौर पर कहूंगा कि पिनराई विजयन फिर से सत्ता में लौट सकते हैं। उनके काम को केरल के लोग पसंद कर रहे हैं। मैं झूठ नहीं बोलना चाहता। उन्होंने कहा कि आखिर ऐसे दल को कौन वोट देना चाहेगा, जिसमें नेता आपस में लड़ रहे हैं। एक-दूसरे के गले काटने को तैयार हैं। क्या ये चीजें जनता को नहीं पता हैं। मणिशंकर अय्यर ने कहा कि एक समय पर वह कांग्रेस भी थी, जब किसी फैसले को माना जाता था। नेहरू पीएम बने तो सबने स्वीकार किया। यदि सुभाष चंद्र बोस की विमान हादसे में मौत नहीं होती तो वह शायद राष्ट्रपति बनते। ‘पवन खेड़ा प्रवक्ता हैं, इससे समझिए कांग्रेस की हालत क्या है’ उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा जैसे नेता आज कांग्रेस के आधिकारिक प्रवक्ता हैं। इससे समझा जा सकता है कि इन दिनों कांग्रेस की हालत क्या है। उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा से पूछना चाहिए कि आखिर पिनराई विजयन से यहां केरल में दुश्मनी है और दिल्ली में दोस्ती है। पूर्व सांसद ने कहा कि पवन खेड़ा तो सिर्फ एक कठपुतली हैं। वह वही बात कहते हैं, जो उन्हें जयराम रमेश बता देते हैं। वह कोई प्रवक्ता नहीं हैं बल्कि तोता हैं। पवन खेड़ा पर बोले- निकल जाऊंगा बाहर और पीछे से लगाऊंगा मार इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के नेता एमके स्टालिन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्टालिन ने सूट-बूट की सरकार या फिर वोट चोर गद्दी छोड़ जैसे नारे नहीं दिए। उन्होंने जरूरी मुद्दे उठाए और सरकार बनाई। यही नहीं अय्यर ने कहा कि INDIA ब्लॉक का अध्यक्ष यदि किसी नेता को बनना चाहिए तो वह एमके स्टालिन ही हो सकते हैं। तंज कसते हुए अय्यर ने कहा कि यदि पवन खेड़ा ही मुझे कांग्रेस से बाहर करेंगे तो मैं खुद ही बाहर निकल जाऊंगा और उसे पीछे से लात मारूंगा।  

स्टीफन करी 2027 ऑल-स्टार तीन अंक प्रतियोगिता में लेंगे हिस्सा

फीनिक्स/इंगलवुड (कैलिफोर्निया) एनबीए की टीम गोल्डन स्टेट वॉरियर्स के स्टार बास्केटबॉल खिलाड़ी स्टीफन करी ने घोषणा की है कि वह 2027 के ऑल-स्टार वीकेंड के दौरान आयोजित होने वाली तीन अंक (3-पॉइंट) शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। यह आयोजन फीनिक्स में होगा। Also Read – डॉ. बिंदल ने नाहन रानीताल और पौड़ीवाला में पूजा अर्चना कर भोले नाथ का अभिषेक किया करी ने यह ऐलान रविवार को एनबीसी के टेलीविजन सेट से किया, ठीक ऑल-स्टार गेम से पहले, जो इंगलवुड, कैलिफोर्निया में खेला गया। 37 वर्षीय करी इस प्रतियोगिता के दो बार के चैंपियन रह चुके हैं। उन्होंने 2015 और 2021 में खिताब जीता था। उन्होंने कहा, “सौ प्रतिशत। मैंने इसे पहले ही अपने कार्यक्रम में शामिल कर लिया है।” करी ने यह भी कहा कि वह अपने पूर्व साथी खिलाड़ी क्ले थॉम्पसन को भी प्रतियोगिता में उतरने के लिए मनाने की कोशिश करेंगे। थॉम्पसन फिलहाल डैलस मावेरिक्स के लिए खेल रहे हैं। करी एनबीए इतिहास में नियमित सत्र में 4,233 तीन अंक शॉट और प्लेऑफ में 650 तीन अंक शॉट के साथ रिकॉर्ड धारक हैं। हालांकि, घुटने की चोट के कारण वह रविवार के ऑल-स्टार गेम में नहीं खेल सके। इस बीच, डेमियन लिलार्ड ने शनिवार को आयोजित तीन अंक प्रतियोगिता जीतकर तीसरी बार यह खिताब अपने नाम किया। वह अब लैरी बर्ड (1986-88) और क्रेग होजेस (1990-92) की बराबरी पर आ गए हैं, जिन्होंने तीन-तीन बार यह प्रतियोगिता जीती थी। लिलार्ड ने 2023 और 2024 में भी यह खिताब जीता था। हालांकि 27 अप्रैल को अकिलीज़ टेंडन फटने के बाद वह नियमित मैचों में नहीं खेले हैं, लेकिन शनिवार की प्रतियोगिता में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई।  

400 लोगों को दी धमकी, ऑनलाइन FIR से नंबर निकाल कर सैकड़ों को ठगा

भीलवाड़ा. राजस्थान की भीलवाड़ा पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी का पर्दाफाश किया है, जो खाकी का खौफ दिखाकर लोगों की जेब खाली कर रहा था। यह ठग कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल कर सीधे ‘भीलवाड़ा एसपी’ बनकर फोन करता था। पुलिस की साइबर सेल और रायला थाना पुलिस ने एक फिल्मी ऑपरेशन के तहत आरोपी को मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश बॉर्डर के बीहड़ों से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सत्येंद्र सिंह उर्फ देशपत यादव (26) निवासी टीकमगढ़ (मप्र) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह इलाका साइबर अपराधियों का नया ‘हॉटस्पॉट’ बन चुका है। आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। आरोपी RajCop Citizen App और अन्य राज्यों के ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी नंबरों से लॉगिन करता था। वह पोर्टल से ताजा एफआईआर डाउनलोड करता और उसमें दर्ज मोबाइल नंबरों पर कॉल करता था। वह खुद को जिले का एसपी या एसएचओ बताकर फरियादी या आरोपी को डराता था। कभी केस में ‘न्याय’ दिलाने का झांसा देता तो कभी ‘कार्रवाई रोकने’ के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर हजारों रुपए ऐंठ लेता था। जब पीड़ित ने पूछा नाम, तो मिला यह जवाब ठगी का यह खेल तब खुला, जब रायला निवासी जगदीश प्रसाद चौधरी को एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को एसपी बताते हुए मांडल थाने के एक मामले में सहयोग का झांसा देकर पैसे मांगे। पीड़ित को जब शक हुआ और उसने नाम पूछा, तो आरोपी ने झिड़कते हुए कहा, अपने काम से काम रखिए। जब पीड़ित ने एसपी ऑफिस आने की बात कही, तो ठग ने समय की कमी का बहाना बनाकर कॉल काट दिया। दो दिन जंगल में डेरा, तब चढ़ा हत्थे एसपी धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में साइबर टीम ने जब डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा किया, तो लोकेशन मप्र-यूपी बॉर्डर के जंगलों में मिली। आरोपी पुलिस से बचने के लिए खेतों और बीहड़ों में छिपा हुआ था। राजस्थान पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर दो दिन तक जंगल में कैंपिंग की और घेराबंदी कर आरोपी सत्येंद्र को दबोच लिया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी ने भीलवाड़ा के 40 और राजस्थान के सैकड़ों लोगों को अपना निशाना बनाने का प्रयास किया था। पुलिस की अपील पुलिस अधिकारी कभी भी फोन पर पैसों की मांग नहीं करते। डिजिटल सुविधाओं का उपयोग सावधानी से करें। किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने को दें।

ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि की धूम, तमन्ना भाटिया और सारा अर्जुन ने भक्ति में डूबकर किया जमकर डांस

कोयंबटूर, तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि 2026 का भव्य आयोजन किया गया, जहाँ बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री की कई दिग्गज अभिनेत्रियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। तमन्ना भाटिया, सारा अर्जुन, श्रीनिधि शेट्टी और मौनी रॉय जैसे सितारों ने सद्गुरु के सानिध्य में ध्यान और पूजा-अर्चना की। समारोह के दौरान जब भक्ति संगीत गूंजा, तो ये अभिनेत्रियां खुद को रोक नहीं पाईं और झूमकर नाचने लगीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो में सितारों का ऐसा आध्यात्मिक अवतार देख उनके फैंस उन पर खूब प्यार लुटा रहे हैं। समारोह में अपने अनुभव साझा करते हुए तमन्ना भाटिया ने कहा कि वे इस पूरी रात जागने और ध्यान लगाने के लिए बेहद उत्साहित थीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस ऊर्जावान माहौल में जितना हो सके उतना नृत्य किया। वहीं, ‘धुरंधर’ अभिनेत्री सारा अर्जुन और ‘KGF’ फेम श्रीनिधि शेट्टी ने भी मंच के पास जमकर ठुमके लगाए। मौनी रॉय ने इस अनुभव को बेहद भावुक बताया और कहा कि महादेव की भक्ति में बिताई यह रात उनके लिए जीवन के सबसे खास पलों में से एक है। इन सितारों के साथ हजारों श्रद्धालु पूरी रात शिव की आराधना में मगन रहे। इस समारोह की भव्यता केवल फिल्मी सितारों तक सीमित नहीं थी, बल्कि कई दिग्गज राजनेताओं ने भी इसमें हिस्सा लिया। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन सहित कई नेताओं ने विशेष पूजा-अर्चना में शिरकत की। ईशा योग केंद्र की यह महाशिवरात्रि अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों, आधी रात के ध्यान और वैश्विक संगीत के मिश्रण के कारण दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी रही। प्रशासनिक और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच लाखों लोगों ने इस उत्सव का डिजिटल माध्यमों से भी सीधा आनंद लिया।  

अर्जेंटीना ने एफआईएच प्रो-लीग के मुकाबले में भारत को 4-2 से हराया

राउरकेला भारतीय हॉकी टीम का एफआईएच प्रो लीग निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा जिसे रविवार को यहां राउरकेला चरण के अंतिम मुकाबले में अर्जेंटीना ने 4-2 से हराया। इस मुकाबले में भी टीम की पुरानी कमजोरियां उभरकर सामने आईं। अर्जेंटीना की ओर से तादेओ मार्कुची (28 वां मिनट, 49 वां मिनट) ने दो गोल दागे, जबकि टोमास दोमेने (18 वां मिनट) और लूसियो मेंडेज़ (43 वां मिनट) ने भी अहम योगदान दिया। भारत के लिए बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम में आदित्य लालेज (50 वां मिनट) और संजय (59 वां मिनट) ने गोल किए। टीम को कुछ दिन पहले अर्जेंटीना के हाथों 0-8 की करारी हार कर सामना करना पड़ा था।  

मादक पदार्थ चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार, सवा 2 लाख का माल बरामद

क्राइम ब्रांच ने इंद्रानगर इलाके से आरोपी को दबोचा भोपाल। राजधानी की क्राइम ब्रांच टीम ने एक मादक पदार्थ तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास अवैध रूप से रखी चरस जब्त की है। जब्त हुए मादक पदार्थ की कीमत करीब सवा दो लाख रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पूर्व से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जानकारी के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली कि इंद्रानगर पंप हाउस के पास बैरागढ़ में एक व्यक्ति मादक पदार्थ चरस लेकर बिक्री के लिए किसी ग्राहक का इंतजार कर रहा है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की और बताए गए संदेही युवक को हिरासत में लिया।पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम रंजीत मारन उर्फ भूरा (23) निवासी ग्राम बिसनखेड़ी थाना गांधी नगर, हाल पता बैरागढ़ बताया। आरोपी की तलाशी लेने पर पुलिस को उसके पास से 210 ग्राम चरस बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब सवा दो लाख रुपये बताई गई है। आरोपी को गिरफ्तार करने में एसआई इरशाद अंसारी, एएसआई मोहम्मद सादिक, हेड कांस्टेबल विश्वजीत भार्गव, मुजफ्फर अली, आरक्षक नीरज यादव, आनंद पाण्डेय, मुकेश शर्मा, विवेक नामदेव, मनीष कौरव, रणधीर और महिला आरक्षक संध्या शर्मा की सराहनीय भूमिका रही है।

लंबी कतारों से छुटकारा: MP में साइबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ, अब रजिस्ट्रेशन आसान

भोपाल मध्य प्रदेश में सुशासन और डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देते हुए एक बड़ी सुविधा शुरू की गई है। अब देश के किसी भी कोने में बैठकर मध्य प्रदेश में दस्तावेजों का पंजीयन करवा सकेंगे। इस नई व्यवस्था से नागरिकों को पंजीयन कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और समय की भी बचत होगी। राजधानी में साइबर पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन इस महत्वपूर्ण सेवा के संचालन के लिए राजधानी भोपाल के पंजीयन भवन में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साइबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ किया। इस अत्याधुनिक कार्यालय के माध्यम से पूरे प्रदेश की पंजीयन प्रक्रियाओं को डिजिटल और फेसलेस बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।   फेसलेस प्रक्रिया का सफल डेमो उद्घाटन के इस विशेष अवसर पर ऑनलाइन फेसलेस पंजीयन की प्रक्रिया का डेमो भी दिखाया गया। इस डेमो के जरिए यह प्रदर्शित किया गया कि कैसे आधुनिक तकनीक का उपयोग कर बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के, पारदर्शिता के साथ दस्तावेजों का पंजीयन संपन्न किया जा सकता है।

पिछले नौ वर्षों में सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत और निर्णायक नेतृत्व से बदली शासन-प्रशासन की दिशा: मुख्यमंत्री योगी

  – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सोमवार को विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान रखे विचार   राज्यपाल के प्रति अभद्र व्यवहार को लेकर विपक्ष पर किया करारा प्रहार सीएम बोले, आज प्रदेश कर्फ्यू कल्चर से कानून के राज और अविश्वास से आत्मविश्वास तक पहुंचा डबल इंजन सरकार की नीति से यूपी बना निवेश, नवाचार और पारदर्शिता का मॉडल – प्रयागराज में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भागीदारी सुरक्षा और सुशासन पर बढ़े विश्वास का प्रमाण लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सोमवार को विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए सदन में राज्यपाल के प्रति अभद्र और अशिष्ट व्यवहार करने पर विपक्ष को जमकर लताड़ लगाई। साथ ही प्रभावी कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि न कर्फ्यू है, न दंगा है, बल्कि यूपी में सब चंगा है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल प्रदेश का संवैधानिक प्रमुख होता है। इसके बावजूद राज्यपाल पर प्रतिपक्ष द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। यह न केवल लोकतंत्र को कमज़ोर करता है बल्कि संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े सभी प्रमुख हस्तियों की अवमानना के भी दायरे में आता है। यह हम सबका दायित्व बनता है कि हम अपने राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करें। साथ ही संविधान की व्यवस्था के तहत संवैधानिक प्रमुखों के प्रति सम्मान और आदर का भाव रखें। उनके प्रति कोई ऐसा आचरण न करें, जो आचरण देश की भावी पीढ़ी को गलत दिशा की ओर अग्रसर करे, लेकिन प्रतिपक्ष से इसकी अपेक्षा करना व्यर्थ है। प्रदेश की जनता को पहले ही मिलना चाहिये था कानून का राज मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राज्यपाल एक अनुभवी राजनेता होने के साथ आज प्रदेश सरकार की संवैधानिक प्रमुख के रूप में अपना मार्गदर्शन और नेतृत्व सभी को प्रदान कर रही हैं। उनके प्रति अभद्र व्यवहार समाजवादी पार्टी की वास्तविक सोच और प्रतिपक्ष की नकारात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। पिछले नौ वर्ष में प्रदेश ने एक अपनी यात्रा तय की है। यह यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, उपद्रव से उत्सव की यात्रा, समस्या से समाधान और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है। इस यात्रा को देश और दुनिया स्वीकार करती है। वे कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में बदलाव आया है। यह अधिकार प्रदेश की 25 करोड़ जनता को पहले ही मिलना चाहिये था लेकिन अपने संकुचित एजेंडे को लेकर चलने वाली सरकारों ने प्रदेश के भविष्य और जनता जनार्दन के साथ खिलवाड़ किया। उनके सामने पहचान का संकट खड़ा किया। प्रदेश को अराजकता, अव्यवस्था, अपराध का एक गढ़ बना दिया। इस दौरान कर्फ्यू यहां की पहचान बन गई थी। उत्तर प्रदेश को भारत के शाश्वत मूल्यों की आधारभूमि माना जाता है, उसमें किस प्रकार की अव्यवस्था थी, यह हम सबने देखा है। वहीं डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ़ नीयत, सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता से आज उत्तर प्रदेश ने बॉटलनेक से देश की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथॉट बनाने में सफलता प्राप्त की है। दुनिया के सामने टेक्नोलॉजी, भरोसे और परिवर्तन के समन्वित मॉडल के रूप में उभरा मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यूपी रेवन्यू सरप्लस और उत्सव प्रदेश के रूप में अपनी यात्रा को लेकर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में दुनिया के सबसे बड़े एआई इंपेक्ट समिट का उद्घाटन किया है। यह पांच दिनों तक देश और दुनिया के 18 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति में चलेगा। इस समय जब दुनिया तेजी से इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रही है, तब भारत भी इस दिशा में मजबूत और दूरदर्शी रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। देश न केवल वर्तमान बल्कि भावी पीढ़ी के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक बेहतरीन योजना के साथ कार्य कर रहा है। इसी राष्ट्रीय सोच के अनुरूप उत्तर प्रदेश ने भी पिछले साढ़े आठ से पौने नौ वर्षों में खुद को परिवर्तन की आधारभूमि के रूप में स्थापित किया है। प्रदेश में आए इस व्यापक बदलाव को “टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन” की त्रिवेणी के रूप में देखा जा रहा है। आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के सामने टेक्नोलॉजी, भरोसे और परिवर्तन के समन्वित मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। यह त्रिवेणी केवल एक नारा नहीं, बल्कि शासन की कार्यशैली और विकास की दिशा का प्रतीक बन चुकी है। उत्तर प्रदेश की ही धरती पर प्रयागराज स्थित है जिसकी पहचान मां गंगा, यमुना और  सरस्वती की पावन त्रिवेणी से है। उसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीक को आधुनिक संदर्भ में नया रूप देते हुए उत्तर प्रदेश ने “टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन” की नई त्रिवेणी को विकास के केंद्र में स्थापित किया है। यह नई त्रिवेणी प्रदेश की प्रगति, पारदर्शिता और जनविश्वास की आधारशिला बन चुकी है। नीतिगत उदासीनता और विकास विरोधी सोच के माहौल को हमने बदला मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में नीतिगत उदासीनता, प्रशासनिक शिथिलता और विकास विरोधी सोच का जो माहौल था, उसे बीते वर्षों में पूरी तरह बदलने का प्रयास किया गया। अनुशासन, निर्णायक नेतृत्व, स्पष्ट नीति और शुद्ध नीयत के माध्यम से शासन-प्रशासन को एक नई दिशा देने का कार्य किया गया है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन सरकार के कार्यों का प्रभाव भी प्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से लेकर रोजगार सृजन के व्यापक अभियानों तक, हर क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से कार्य हुआ है। उत्तर प्रदेश को एक बेहतरीन इंवेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं, जिससे प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश का वातावरण सुदृढ़ हुआ है। साथ ही सामाजिक सुरक्षा के विभिन्न माध्यमों से प्रदेश को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रही है। पहले “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” जैसी स्थिति ने प्रदेश को झकझोर रखा था मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सत्ता के संरक्षण में पल रहे गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चलाते थे। गुंडा टैक्स और अवैध वसूली प्रदेश की नियति बन चुकी थी। “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” जैसी स्थिति ने उत्तर प्रदेश को … Read more

माता-पिता तय करने की बात क्यों? SIR याचिका पर CJI सूर्यकांत ने जताई नाराजगी

कोलकाता पश्चिम बंगाल SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण का मुद्दा एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इस बार याचिका दाखिल कर SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने जमकर नाराजगी जताई है। खास बात है कि SIR के मुद्दे को लेकर पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार और ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग में तकरार जारी है। बार एंड बेंच के अनुसार, मोहम्मद जिमफरहाद नोवाज ने याचिका दाखिल की थी। उन्होंने पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया में लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट के इस्तेमाल को चुनौती दी है। इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ‘आर्टिकल 32 में आप चाहते हैं कि हम यह तय करें कि आपके पिता, माता और आदि कौन हैं। यह आर्टिकल 32 याचिका का मजाक है।’ 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची होगी प्रकाशित पीटीआई भाषा के अनुसार, शनिवार को एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि नामों की वर्तनी में हुई गलती और विसंगतियों से संबंधित सुनवाई 27 दिसंबर को शुरू हुई और पूरे राज्य में विद्यालयों, क्लब कक्षों और प्रशासनिक भवनों में स्थापित शिविरों में जारी रही। उन्होंने बताया, ‘चुनाव अधिकारी अब 21 फरवरी तक दस्तावेजों की जांच करेंगे। अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जानी है।’ अधिकारी ने बताया कि सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के पास लंबित कोई भी दस्तावेज सोमवार तक अपलोड किए जाने चाहिए। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान करीब 58 लाख नाम (मृत/दोहराव /स्थानांतरित मतदाता) ऐसे पाए गए, जिन्हें सूची से हटाना उचित समझा गया और दिसंबर में प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से बाहर रखा गया। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की अंतिम तिथि 14 फरवरी थी, जिसे बाद में निर्वाचन आयोग ने बढ़ाकर 28 फरवरी कर दिया था। ECI का 7 अधिकारियों पर ऐक्शन निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में सात अधिकारियों को गंभीर कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और एसआईआर से जुड़े अधिकारी के के दुरुपयोग के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ये सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग के लिए सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। आदेशों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारी अपने-अपने विभाग के जरिए इन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करें और इसकी जानकारी आयोग को दें। मंगलवार तक का समय निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव को 17 फरवरी तक उसके निर्देशों का पालन करने को कहा है, जिसमें बीएलओ को बढ़ा हुआ मानदेय देना और जारी एसआईआर के दौरान जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना शामिल है।  

क्रिकेट जगत में नया कीर्तिमान, राशिद खान बने 700 T20 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज

अफगानिस्तान अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान टी-20 क्रिकेट में 700 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन गए हैं। राशिद ने सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ टी-20 विश्व कप मैच में मोहम्मद अरफ़ान को आउट कर यह उपलब्धि हासिल की। मैच से पहले राशिद के नाम 699 विकेट थे। उन्होंने यूएई की पारी के 16वें ओवर में अरफान को हिट विकेट कराकर अपना ऐतिहासिक 700वां विकेट लिया। अफगानिस्तान ने टी20 विश्व कप के 28वें मुकाबले में यूएई की टीम को 5 विकेट से हराया। अफगानिस्तान की टूर्नामेंट में ये पहली जीत है। टीम ने अपने शुरुआती दोनों मुकाबले गंवाए हैं। अफगानिस्तान के कप्तान को इस मील के पत्थर तक पहुंचने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ा। पिछले सप्ताह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 698वां और 699वां विकेट लिया था, लेकिन इस मैच में शुरुआती 3.2 ओवर उनके बिना सफलता के गए। उन्होंने पहले 20 गेंदों में 17 रन दिए। फिर अरफान रिवर्स स्वीप खेलने के लिए घूमे, लेकिन शॉट को मिस किया और फिर बैलेंस होने के चक्कर में स्टंप को टच कर बैठे। इस मामले में संन्यास ले चुके ड्वेन ब्रावो 631 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। सक्रिय खिलाड़ियों में सुनील नारायण 613 विकेट के साथ राशिद से पीछे और ब्रावो के बाद तीसरे स्थान पर हैं। अफगानिस्तान ने आईसीसी टी20 विश्व कप के ग्रुप डी मैच में सोमवार को यूएई को पांच विकेट से हराकर सुपर आठ में जगह बनाने की अपनी धुंधली उम्मीदों को जीवंत रखा। यूएई के 161 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ने जादरान (53 रन, 41 गेंद, छह चौके, एक छक्का), दारविश रसूली (23 गेंद में 33 रन) और अजमतुल्लाह (21 गेंद में नाबाद 40 रन, तीन छक्के, दो चौके) की पारियों से 19.2 ओवर में पांच विकेट पर 162 रन बनाकर जीत दर्ज की। पहले दो मैच में शिकस्त झेलने वाले अफगानिस्तान के ग्रुप में अब दो अंक हैं। यूएई के भी दो अंक हैं। दक्षिण अफ्रीका छह अंक के साथ सुपर आठ के लिए क्वालीफाई कर चुका है जबकि न्यूजीलैंड के चार अंक हैं। इन सभी टीम ने तीन-तीन मैच खेले हैं।  

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