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उत्तर कोरिया में किम जोंग उन की बेटी को सत्ता सौंपने की योजना, बहन-बेटी की लड़ाई ने बढ़ाया राजनैतिक तनाव

सोल दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाहों में से एक किम जोंग उन के परिवार में ही फिलहाल झगड़ा होता दिख रहा है। साउथ कोरिया की खुफिया एजेंसी का कहना है कि किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ का नाम अगले नेता के तौर पर घोषित किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में किम जोंग उन की बेटी का मुकाबला पावरफुल बुआ किम यो जोंग से हो सकता है। भविष्य में देश पर कंट्रोल करने की लड़ाई दोनों के बीच तेज हो सकती है। किम जू ऐ की उम्र महज 13 साल है और चर्चा है कि उसे 14 साल का होते ही किम जोंग उन की ओर से अपना उत्तराधिकारी घोषित किया जा सकता है। उन की बहन भी खुद को एक पावर सेंटर मानती रही हैं। ऐसे में संभव है कि यह संघर्ष बढ़ सकता है। साउथ कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने बीते सप्ताह बताया कि किम जू ऐ की उम्र 13 साल की हो गई हैं। अब उन्हें औपचारिक तौर पर उत्तराधिकारी घोषित किया जा सकता है। यह समय अहम है क्योंकि उत्तर कोरिया में इसी महीने एक बड़ा राजनीतिक आयोजन होने वाला है। इसमें किम जोंग उन बताएंगे कि देश के लिए भविष्य में क्या लक्ष्य तय किए गए हैं। इसके अलावा वह देश की सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भी कुछ कदमों का ऐलान कर सकते हैं। इस दौरान किम जोंग उन की बेटी भी मंच पर हो सकती हैं। हाल ही में एक मीटिंग में वह अपने पिता का हाथ थामे हुए पहुंची थीं। किम जू ऐ को किसी सार्वजनिक आयोजन में पहली बार नवंबर 2022 में देखा गया था। तब वह एक लॉन्ग रेंज मिसाइल के परीक्षण में पहुंची थीं। इसके बाद वह लगातार कई आयोजनों में पिता के साथ नजर आई हैं। उन्होंने हथियार फैक्ट्रियों के दौरे किए हैं तो वहीं सैन्य परेडों में भी हिस्सा लिया है। यही नहीं बीते साल सितंबर में वह चीन की राजधानी बीजिंग भी पहुंची थीं। आमतौर पर उत्तर कोरिया की राजनीति में पुरुषों का ही वर्चस्व रहा है, लेकिन पहली बार किम जोंग उन बेटी को कमान दे सकते हैं। इसी उद्देश्य से उन्हें चीन ले जाया गया था ताकि उन्हें स्थापित किया जा सके और दुनिया भर में एक संदेश जाए। क्यों इतनी पावरफुल मानी जाती हैं किम जोंग उन की बहन किम जोंग उन की बेटी के लिए देश में कोई चुनौती नहीं है, लेकिन बुआ से ही चैलेंज मिल सकता है। दरअसल 38 वर्षीय किम यो जोंग को उन के बाद देश की दूसरी सबसे पावरफुल शख्सियत माना जाता है। उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत है तो वहीं सैन्य हलकों में भी उनकी ताकत कम नहीं है। फिलहाल वह कोरिया की वर्कर्स पार्टी की सेंट्रल कमेटी में सीनियर पद पर हैं। इसके अलावा भाई की राय को भी वह काफी हद तक प्रभावित करती रही हैं। ऐसे में अब यदि किम जोंग उन की बेटी मजबूत हुई तो फिर चीजें बदल सकती हैं। किम जोंग के परिवार में बर्बर रहा है सत्ता का संघर्ष उत्तर कोरिया पूरी दुनिया के उनके मुल्कों में शुमार किया जाता है, जो सूचना से कटे हुए हैं। यहां के आम नागरिकों को दुनिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। इसके अलावा दुनिया के मीडिया या लोगों की एंट्री पर भी काफी पाबंदियां हैं। मीडिया पर इस सेंसरशिप के चलते ही उत्तर कोरिया के लोग पूरी दुनिया से एक तरह से कटे हुए हैं। बता दें कि देश में सत्ता संघर्ष भी बहुत क्रूर रहा है। किम जोंग उन ने 2011 में सत्ता संभालने के बाद अपने अंकल और मेंटर रहे जांग सॉन्ग थाएक को गोलियां मरवाकर जान ले ली थी। इसके अलावा किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग नाम की भी 2017 में हत्या करा दी गई थी।

फ्लाइट के बाद नहीं टूटेगा शरीर, रिसर्च में सामने आया थकान मिटाने का नया वैज्ञानिक मंत्र

लंबी हवाई यात्रा के बाद होने वाली थकान या अलग-अलग शिफ्ट में काम करने की वजह से बिगड़ी हुई नींद अब बीते दिनों की बात हो सकती है। जापान के वैज्ञानिकों ने एक क्रांतिकारी दवा ‘मिक 628’ की खोज की है, जो शरीर की ‘इंटरनल क्लॉक’ को तेजी से आगे खिसकाने में मदद करती है। इस दवा की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह अनिद्रा और थकान से राहत दिलाने में बेहद असरदार साबित हो रही है। चूहों पर सफल रहा प्रयोग वैज्ञानिकों ने इस दवा का परीक्षण चूहों पर किया, जिसके नतीजे चौंकाने वाले रहे। शोध के दौरान चूहों के लिए दिन और रात के समय को 6 घंटे आगे बढ़ाकर ‘जेट लैग’ जैसी स्थिति पैदा की गई। जिन चूहों को ‘मिक 628’ की एक खुराक दी गई, वे सामान्य चूहों की तुलना में 3 दिन पहले ही नए समय के अनुसार ढल गए। इस प्रयोग से यह साफ हुआ कि यह दवा जेट लैग से उबरने के समय को लगभग आधा कर देती है। कैसे काम करती है यह दवा? यह महत्वपूर्ण शोध अमेरिका की राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी की पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। वैज्ञानिकों ने सबसे पहले शरीर की अंदरूनी घड़ी को नियंत्रित करने वाले एक खास जीन की पहचान की। ‘मिक 628’ दवा इसी जीन को सक्रिय करती है, जिससे शरीर का चक्र तेजी से बदल जाता है। इस दवा की एक और खास बात यह है कि इसे लेने के समय का इसके असर पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, जो इसे अन्य दवाओं से अलग बनाता है। भारतीयों के लिए क्यों है खास? आज के दौर में भारतीयों का विदेश दौरा काफी बढ़ गया है। आंकड़ों के अनुसार, साल 2024-25 में करीब 3.17 करोड़ भारतीयों ने लंबी हवाई यात्राएं कीं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को अक्सर समय के अंतर के कारण नींद न आने और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर यह दवा बाजार में आती है, तो इन करोड़ों यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। अब इंसानों पर होगा परीक्षण चूहों पर मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब वैज्ञानिक इस दवा को इंसानों पर परखने की तैयारी कर रहे हैं। आने वाले समय में इसके सुरक्षा मानकों और प्रभाव का गहराई से अध्ययन किया जाएगा। अगर इंसानों पर होने वाले परीक्षण सकारात्मक रहते हैं, तो यह दवा न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी एक बड़ी राहत लेकर आएगी।  

फाल्गुन अमावस्या की रात सावधान! इन कामों को करने से हो सकता है भारी नुकसान

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. खासतौर पर फाल्गुन अमावस्या को पितरों की शांति, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति और आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या की रात कुछ ऐसे काम होते हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इन गलतियों से जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं और नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. आइए जानते हैं फाल्गुन अमावस्या की रात किन कामों से बचना चाहिए. सुनसान जगहों पर जाने से बचें अमावस्या की रात को सबसे अधिक भारी माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस रात नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. इसलिए कोशिश करें कि रात के समय किसी सुनसान रास्ते, श्मशान घाट या खंडहरों के पास न जाएं. तामसिक भोजन का त्याग करें फाल्गुन अमावस्या पर शुद्धता का पालन करना अनिवार्य है. इस दिन और रात में मांस, मदिरा या लहसुन-प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से पितृ दोष लग सकता है और घर की बरकत रुक सकती है. देर रात तक न जागें अमावस्या की रात को जल्दी सोना बेहतर माना जाता है. बिना वजह देर रात तक बाहर घूमना या जागना आपकी सेहत और मानसिक स्थिति पर बुरा असर डाल सकता है. इस रात मन को शांत रखें और ईश्वर का ध्यान करें. लड़ाई-झगड़े से रहें दूर जिस घर में अमावस्या के दिन क्लेश या वाद-विवाद होता है, वहां दरिद्रता का वास होने लगता है. इस रात विशेष रूप से बड़े-बुजुर्गों का अपमान न करें, क्योंकि अमावस्या पितरों को समर्पित होती है और उनकी नाराजगी परिवार पर भारी पड़ सकती है. ब्रह्मचर्य का पालन शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या की तिथि पर संयम और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. इस दिन शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए, ताकि मन की एकाग्रता और आध्यात्मिक शक्ति बनी रहे. शुभ फल के लिए क्या करें?     पीपल के नीचे दीया: शाम के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इससे पितृ प्रसन्न होते हैं.     दान पुण्य: अगले दिन सुबह किसी जरूरतमंद को अन्न या काले तिल का दान करें.     हनुमान चालीसा का पाठ: चूंकि इस बार अमावस्या मंगलवार को है, इसलिए हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी होगा और सभी नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करेगा.  

साल का पहला सूर्य ग्रहण: रिंग ऑफ फायर क्या है और क्यों माना जाता है खास?

सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर लगता है. कल यानी 17 फरवरी को फाल्गुन माह की अमावस्या मानाई जाएगी. साथ ही कल साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. सूर्य को ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगेगा. ये वलयाकार सूर्य ग्रहण रहने वाला है. इसे विज्ञान अपनी भाषा में रिंग ऑफ फायर कहता है. ये सूर्य ग्रहण बहुत ही विशेष है. ये सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आने वाला है और न ही इसका सूतक काल भारत में माना जाएगा, लेकिन लोगों के मन में सवाल है कि ये रिंग ऑफ फायर क्या है और ये सूर्य ग्रहण विशेष क्यों हैं? क्या है रिंग ऑफ फायर? NASA के अनुसार, जब धरती से चंद्रमा की दूरी सबसे अधिक होती है और उस दौरान सूर्य ग्रहण लगता है, तो चंद्रमा दूर होने की वजह से सूर्य को पूरी तरह से ढक पाने में असफल रहता है. इसलिए आकार में छोटा नजर आता है. ऐसे में सूर्य का बीच वाला भाग काला दिखता है और उसके चारों ओर रौशनी की पतली चमकदार घेरा बन जाता है. ये चमकदार घेरा आग की अंगूठी जैसा नजर आता है. इसे ही रिंग ऑफ फायर कहते हैं. दूसरा, वलयाकार या कुंडलाकार सूर्य ग्रहण के समय सूर्य, चंद्रमा और धरती एक सीध में होते हैं और चंद्रमा सूर्य के मध्य भाग को ढक लेता है. इस स्थिति में सूर्य एक रिंग जैसा दिखने लगता है. सूर्य ग्रहण क्यों है विशेष? साल 2026 का ये सूर्य ग्रहण इसलिए विशेष माना जा रहा है क्योंकि ये शनि देव की राशि कुंभ में और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने वाला है. सूर्य के साथ-साथ इस राशि में राहु, बुध, शुक्र और चंद्रमा भी मौजूद रहने वाले हैं. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि सूर्य और राहु के एक साथ किसी राशि में रहने पर ग्रहण योग निर्मित होता है. कुंभ राशि में राहु और सूर्य की युति को परंपरागत तौर पर अशुभ माना जाता है. कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार, सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर लगेगा और शाम 7 बजकर 57 मिनट पर ये खत्म होगा. ये सूर्य ग्रहण कुल 04 घंटे 32 मिनट तक रहेगा.

तैयारी के लिए 20 तक युवा करें आवेदन, प्रतियोगी परीक्षाओ का निशुल्क प्रशिक्षण

जशपुर. नवसंकल्प जशपुर में प्रतियोगी परीक्षाओ जैसे CGPSC 2027, छग सहायक शिक्षक भर्ती , छग व्यापम एवम द्वारा आयोजित एवम अन्य भर्ती परीक्षाओ (जैसे सब इंस्पेक्टर , मंडी उपनिरीक्षक ,फायरमैन , परिवहन आरक्षक , वन रक्षक ) की तैयारी के लिए निःशुल्क (आवासीय + डे-स्कॉलर ) प्रशिक्षण दिया जाना है. 3 नए बैच प्रारंभ किया जाना है. 3 नए बैच के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 10 फरवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 तक है, जिसके लिए प्रवेश परीक्षा 23 फ़रवरी 2026 को लिया जायेगा , प्रवेश परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 25 फ़रवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक लिया. प्रवेश परीक्षा एवम इंटरव्यू के आधार पर 50 ( 24 छात्र + 26 छात्राओ) को हॉस्टल में प्रवेश दिया जायेगा व अन्य छात्र डे स्कॉलर निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. नीचे लिंक पर क्लिक करके फॉर्म भरें https://forms.gle/sBuLT2UVyqGPa1LG9

सोने-चांदी की बाजार गिरावट जारी, चांदी हुई ₹1.84 लाख सस्ती, आज 8,000 रुपये फिसली

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों के क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने का सिलसिला जारी है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर ओपनिंग के साथ ही दोनों कीमती धातुएं धड़ाम नजर आईं. बीते सप्ताह मामूली उछाल के बाद कारोबार की शुरुआत में ही 1 Kg Silver Price 8,000 रुपये से ज्यादा फिसल गया और अपने हाई से अब तक चांदी के भाव में गिरावट को देखें, तो ये 1.84 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा सस्ती हो चुकी है. वहीं Gold Rate भी चांदी की तरह ही गिर गया है. एक झटके में सोना 1700 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया.  अब कितना रह गया 1Kg चांदी का भाव?  सोमवार को एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही 5 मार्च की एक्सपायरी वाली वायदा चांदी पिछले बंद के मुकाबले अचानक 8,857 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई. बता दें कि बीते शुक्रवार को MCX Silver Price 2,44,360 रुपये पर क्लोज हुआ था और इसकी तुलना में ये गिरकर 2,35,503 रुपये के लेवल पर आ गया.  अपने हाई से कितनी सस्ती मिल रही Silver? बात अगर चांदी के हाई लेवल से करें, तो अब चांदी काफी सस्ती हो चुकी है. बता दें कि बीते 29 जनवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमत रॉकेट सी रफ्तार से भागते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आंकड़े के पार निकली थी और कारोबार के अंत में 4,20,048 रुपये का लाइफ टाइम हाई रिकॉर्ड बना दिया था. इस स्तर पर पहुंचने के बाद Silver Price Crash होने का सिलसिला शुरू हुआ और एक-दो दिनों को छोड़कर ये तेजी से फिसली है. चांदी फिलहाल अपने हाई लेवल से 1,84,545 रुपये प्रति किलोग्राम तक टूट चुकी है. ये तगड़ी गिरावट चांदी के हाई छूने के बाद महज 17 दिन में देखने को मिली है.  Gold Rate भी अचानक फिसला  चांदी के साथ-साथ गोल्ड रेट भी सोमवार को खुलने के साथ ही बुरी तरह फिसला है. MCX पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले सोने का भाव बीते शुक्रवार को 1,55,895 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और इसकी तुलना में ये खुलते ही गिरते हुए 1,54,191 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो 10 Gram 24 Karat Gold 1,704 रुपये सस्ता हो गया है.  सोना अपने हाई लेवल से इतना सस्ता  अब सोने के हाई लेवल से अब तक आई गिरावट की बात करें, तो चांदी की तरह ही Gold Rate भी बीते 29 जनवरी को ही अपने लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंचा था. सोने का वायदा भाव तेज रफ्तार के भागते हुए 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था और यहां से इसमें तेज गिरावट देखने को मिली है. सोमवार की ओपनिंग गिरावट को देखें, तो अब तक Gold Price 38,905 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हुआ है. 

प्रयागराज का माघ मेला खत्म, महाशिवरात्रि पर 22 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने आस्था दिखाई

महाशिवरात्रि पर प्रयागराज में माघ मेले का समापन, 44 दिनों में 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी ने भगवान शिव का किया रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों के लिए की मगंलकामना काशी विश्वनाथ धाम में पुष्प वर्षा से किया गया शिवभक्तों का स्वागत लखनऊ प्रयागराज के पावन संगम तट पर लगे धर्म-कर्म, त्याग और समर्पण के माघ मेले का समापन रविवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हुआ। हर हर महादेव के जयघोष और ऊं नम: शिवाय के मंत्रोच्चार से संगम नगरी गूंज उठी। गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी ने रुद्राभिषेक-जलाभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। काशी विश्वनाथ धाम में पुष्पवर्षा से शिवभक्तों का स्वागत हुआ। देश-विदेश के 63 मंदिरों से आई भेंट को भगवान श्री विश्वेश्वर को अर्पित किया गया।  माघ मेले में 22 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी प्रयागराज में माघ मेले में महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाई। 44 दिन चले माघ मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 22 करोड़ को पार कर गई। ये अब तक किसी भी माघ मेले का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ माघ मेले के आयोजन और तैयारियों पर नजर रखे हुए थे और महाशिवरात्रि पर भी लगातार खबर ले रहे थे। गोरखपुर में मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का किया रुद्राभिषेक गोरखपुर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों के आरोग्यमय, सुखमय, समृद्धमय व शांतिमय जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री ने अंधियारी बाग स्थित प्राचीन मानसरोवर मंदिर और भरोहिया के पितेश्वरनाथ शिव मंदिर में भी दर्शन, पूजन व दुग्धाभिषेक-जलाभिषेक किया और चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की।   काशी में गूंजा “हर-हर महादेव” और “बोल बम” का जयघोष महाशिवरात्रि पर काशी आस्था, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रही। श्रद्धा की डोर से बंधे लाखों शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के विवाहोत्सव के साक्षी बनने उमड़े। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक बेलपत्र, गंगाजल और दूध बाबा पर अर्पित किया। काशी “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गुंजायमान रही। श्री विश्वेश्वर के लिए देश-विदेश के कुल 63 मंदिरों से भेंट आई। यह भेंट भगवान श्री विश्वेश्वर की मध्याह्न भोग आरती में अर्पित कर श्रद्धालुओं के मध्य वितरित की गई। शाम छह बजे तक 5,20,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाज़िरी लगाई।  रामनगरी में शिवभक्तों का लगा तांता   महाशिवरात्रि के अवसर पर अयोध्या में लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर और क्षीरेश्वर नाथ मंदिर सहित अन्य प्रमुख शिवालयों पर शिवभक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पूरे अयोध्या धाम को पांच जोन और 12 सेक्टर में बांटा गया। प्रत्येक जोन और सेक्टर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

कैब ड्राइवर से मोबाइल लूटने वाले स्कॉर्पियो सवार आरोपी गिरफ्तार,लूट के मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद

कैब ड्राइवर से मोबाइल लूटने वाले स्कॉर्पियो सवार आरोपी गिरफ्तार,लूट के मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद भोपाल  हबीबगंज इलाके में कैब ड्राइवर से मोबाइल फोन लूटकर फरार होने वाले स्कॉर्पियो सवार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।इलाके में लगे करीब एक सैकड़ा सीसीटीवी कैमरे देखने के बाद आरोपियों का सुराग मिला था। दोनों आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो कार भी बरामद कर ली गई है। जानकारी के अनुसार पीयूष मालवीय (23) शिवनगर फेस-2 नीलबड़ में रहते हैं और किराए पर औरा कार चलाते हैं। पिछले दिनों वह रानी कमलापति स्टेशन से सवारी लेकर ईश्वर नगर के पास ड्राप करने पहुंचे थे। देर रात सवारी छोडऩे के बाद वह कार लेकर वापस लौट रहे थे, तभी दानापानी रोड पर शालीमार काम्पलेक्स के पास स्कॉर्पियो सवार दो लड़कों ने उसे ओवरटेक कर रोक लिया और दो मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले। लूटे गए मोबाइल की कीमत डेढ़ लाख रुपये बताई गई। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात स्कॉर्पियो सवार युवकों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम बनाकर आरोपियों की तलाश में लगाया गया। टीम ने घटनास्थल समेत आसपास के इलाके के करीब सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए और मुखबिरों को सक्रिय किया गया।  रेलवे कॉलोनी में खड़ी मिली स्कॉर्पियो जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि वारदात में उपयोग की गई काले रंग की स्कॉर्पियो कार रेलवे कॉलोनी में खड़ी देखी गई है।सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने संदिग्ध स्कॉर्पियो के साथ ही दो संदेहियों को हिरासत में लिया। थाने लाकर पूछताछ करने पर उन्होंने एक कैब ड्रायवर के साथ झूमाझटकी कर मोबाइल फोन लूटने की बात स्वीकार कर ली। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना वाली रात वह दोनों तफरीह करने के लिए  निकले थे। इसी दौरान योजना बनाकर कैब ड्राइवर के मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले। गिरफ्तार आरोपियों के नाम अर्जुन कुमार शर्मा (25) निवासी शिवाय कुंज रेलवे कालोनी शाहपुरा बताया, जबकि दूसरा साथी नाबालिग है। आरोपियों को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी संजीव चौसके, एसआई अखिलेश त्रिपाठी, अजय दुबे, हेड कांस्टेबल राघवेन्द्र भास्कर, नागेन्द्र सिंह,  आरक्षक राकेश भारद्वाज, अरविन्द यादव, कंचन यादव, रामनरेश, पुष्पेन्द्र भदौरिया और शिवशंकर की सराहनीय भूमिका रही है।

हर जिले में मास्टर ट्रेनर तैनात, बीज व्यवसाइयों को देंगे प्रशिक्षण

नकली बीजों पर लगेगी नकेल, गुणवत्ता का पूरा ब्यौरा देगा साथी पोर्टल  बीज उत्पादक व विक्रेता अप्रैल से साथी पोर्टल के माध्यम से करें व्यवसाय: कृषि विभाग  हर जिले में मास्टर ट्रेनर तैनात, बीज व्यवसाइयों को देंगे प्रशिक्षण बीज उत्पादक संस्थाओं, एफपीओ और बीज कंपनियों को किया जा रहा प्रशिक्षित 70 प्रतिशत विक्रेता पोर्टल पर पंजीकृत, शेष भी 15 दिन के भीतर करा लें पंजीकरणः अपर कृषि निदेशक लखनऊ डबल इंजन सरकार किसानों तक उच्च गुणवत्ता वाले बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बीज वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने बीज व्यवसाइयों से अनुरोध किया है कि अप्रैल से साथी पोर्टल पर संपूर्ण जानकारी अपडेट करें। बीज के उत्पादन से लेकर किसान तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया साथी पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से ट्रैक की जाएगी। यह प्रक्रिया बीज की मिलावट रोकने, नकली बीजों पर अंकुश लगाने और किसानों को सही गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी। केंद्र व महाराष्ट्र सरकार की टीम ने दिया प्रशिक्षण  उत्तर प्रदेश में कृषि विभाग ने इसके लिए व्यापक प्रशिक्षण अभियान भी चलाया। कृषि निदेशालय में चले प्रशिक्षण में केंद्रीय टीम व महाराष्ट्र कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने किया। डॉ. सोनू कुमार चौधरी, वरिष्ठ तकनीकी सहायक (सीड) भारत सरकार,  अर्चना व अविनाश विजयकुमार पेडगांवकर, वरिष्ठ निदेशक (आईटी) एन.आई.सी, निलाद्रि बिहारी मोहंती संयुक्त निदेशक व उनकी टीम के सदस्य कोमित व सुदीप ने प्रशिक्षण प्रदान किया। महाराष्ट्र की उप निदेशक (कृषि) डॉ. प्रीति सवाईराम ने उनके राज्य में साथी पोर्टल की सफलता की कहानी बताई। उन्होंने इसके विभिन्न चरणों, कार्यों व किसानों को होने वाले लाभ की भी जानकारी दी। हर जनपद से आए तीन-तीन व्यवसायी, लौटकर देंगे ट्रेनिंग  अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) अनिल कुमार पाठक ने बताया कि बीज उत्पादक संस्थाओं, कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) और बीज कंपनियों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित कर मास्टर ट्रेनर बनाया जा रहा है। अब ये प्रशिक्षक जनपद स्तर पर थोक व फुटकर विक्रेताओं को प्रशिक्षित करेंगे जिससे नई प्रणाली का सही ढंग से संचालन हो सकेगा। उनकी जिम्मेदारी होगी कि वे स्थानीय स्तर पर सभी विक्रेताओं और उत्पादकों को नई प्रक्रिया में प्रशिक्षित करें ताकि अप्रैल से यह व्यवस्था पूरी तरह लागू की जा सके। लगभग 70 प्रतिशत विक्रेता पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। शेष 30 फीसदी विक्रेता भी 15 दिन के भीतर पोर्टल पर पंजीकरण करा लें। किसी भी समस्या पर स्थानीय जिला कृषि अधिकारी से भी निराकरण करा सकते हैं।  बीज से जुड़ी सारी जानकारी देगा साथी पोर्टल साथी (सीड ऑथेंटिकेशन, ट्रेसेबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंटरी) पोर्टल को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य बीज उत्पादन, प्रमाणीकरण और वितरण की गुणवत्ता में पारदर्शिता लाना और किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से बीज के उत्पादन से लेकर किसान तक पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया को ट्रैक किया जा सकता है। बीज पैकेट पर लगे टैग के क्यूआर कोड को स्कैन करके किसान बीज के स्रोत, बीज का उत्पादन करने वाली एजेंसी/फर्म, उसके प्रमाणीकरण की पूरी जानकारी एवं उसकी गुणवत्ता की जांच कर सकते हैं। दो चरणों में तैयार किए गए मास्टर ट्रेनर पहले दिन बीज उत्पादक संस्थाओं, कृषक उत्पादक संगठन एवं बीज कंपनियों और फर्मों को प्रशिक्षण दिया गया। दूसरे दिन जिलों के थोक एवं रिटेलर बीज विक्रेताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में हिस्सा लेने वाले प्रतिनिधि मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करेंगे। वे अपने-अपने जनपदों में अन्य डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर को साथी पोर्टल के संबंध में प्रशिक्षित करेंगे।

नियमों के अनुरूप डीपीसी का दायित्व सौंपा – प्रशासन का पारदर्शी निर्णय

नियमों के अनुरूप डीपीसी का दायित्व सौंपा – प्रशासन का पारदर्शी निर्णय बड़वानी जिला शिक्षा केंद्र में जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) के प्रभार को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कलेक्टर जयति सिंह द्वारा लिया गया निर्णय प्रशासनिक दृष्टि से पूरी तरह नियमसम्मत और पारदर्शी बताया जा रहा है। पूर्व डीपीसी प्रमोद शर्मा के स्थानांतरण उपरांत प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से सहायक परियोजना समन्वयक अशरफ खान को डीपीसी का अस्थायी प्रभार सौंपा गया है। श्री खान बीते 12 वर्षों से शिक्षा विभाग में निरंतर सेवाएं दे रहे हैं और जिला शिक्षा केंद्र की योजनाओं एवं व्यवस्थाओं का व्यापक अनुभव रखते हैं।  प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम कलेक्टर ने 11 फरवरी को आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था अस्थायी है और स्थायी नियुक्ति हेतु भोपाल स्तर पर पत्राचार किया गया है। ऐसे में विभागीय कार्यों में बाधा न आए, योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से चलता रहे तथा विद्यार्थियों को समय पर लाभ मिले—इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया।    अनुभव और वरिष्ठता का सम्मान सूत्रों के अनुसार, श्री खान लंबे समय से सहायक परियोजना समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं और उसके पूर्व में भी 2001 में भी डीपीसी का प्रभार संभाल चुके है प्रदेश के कई जिलों में शिक्षाकर्मी वर्ग एक को प्रभारी डीपीसी  बनाया गया है, जिले की शैक्षणिक योजनाओं, बजट प्रबंधन एवं मॉनिटरिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। वरिष्ठता क्रम और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रभार सौंपना व्यावहारिक निर्णय माना जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता – कार्य में निरंतरता कलेक्टर जयति सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखना है। स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण होने तक यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी। शिक्षा जगत से जुड़े कई लोगों का मानना है कि अनुभवी अधिकारी को प्रभार दिए जाने से विभागीय कार्यों में गति आएगी और लंबित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जा सकेगा। समग्र रूप से यह निर्णय प्रशासनिक विवेक, अनुभव और कार्य निरंतरता को ध्यान में रखते हुए लिया गया संतुलित कदम माना जा रहा है।

भोपाल के 4 कुख्यात लुटेरे चढ़े रतलाम पुलिस के हत्थे

भोपाल के 4 कुख्यात लुटेरे चढ़े रतलाम पुलिस के हत्थे   रतलाम और आसपास के जिलों में कर रहे थे लूटपाट   सोने का मंगलसूत्र और मोबाइल समेत हजारों का माल बरामद  भोपाल  राजधानी भोपाल के चार कुख्यात बदमाशों को रतलाम पुलिस ने लूटपाट के मामले में गिरफ्तार किया है।चारों ने बदमाशों ने रतलाम समेत आसपास के जिलों में महिलाओं के साथ मंगलसूत्र, चैन, मोबाइल फोन और पर्स समेत अन्य लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया था। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पूर्व से गंभीर अपराध दर्ज हैं। जानकारी के अनुसार रतलाम जिले के थाना जावरा, थाना ताल, आलोट, थाना बड़ोद जिला आगर, सुसनेर जिला आगर और जीरापुर जिला राजगढ़ में महिलाओं के गले से मंगलसूत्र, मोबाइल फोन और पर्स लूट की घटनाओं हुई थी। इन वारदातों को पल्सर बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने अंजाम दिया था, जिसको लेकर स्थानीय थानों में प्रकरण दर्ज किए गए थे। लगातार हो रही वारदातों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार ने स्वयं के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार और एसडीओपी आलोट पल्लवी गौर के मार्गदर्शन में विभिन्न थानों, सायबर सेल और सीसीटीवी की संयुक्त टीम बनाकर आरोपियों की तलाश में लगाया था। टीम ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर बदमाशों का रूटमैप तैयार किया और संदेहियों को फुटेज सोशल मीडिया पर प्रसारित किये। मुखबिर से मिली सूचना, सायबर सेल टीम की मदद और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।पकड़े गए आरोपियों से लूटे गए 2 मंगलसूत्र, सोने के 29 मोती और एक मोबाइल फोन समेत हजारों का सामान बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण पुलिस ने इस मामले में आरोपी विजय डिण्डोरिया (21) निवासी रातीबड़, राजा खान (23) निवासी कमलानगर, लक्की राजपूत (23) निवासी कोलार रोड और मयंक जैन (40) निवासी कोलार रोड बताया गया है। आरोपी लक्की के खिलाफ चोरी और लूटपाट समेत करीब 28 अपराध पहले से दर्ज हैं, जबकि राज के खिलाफ सात अपराध हैं। आरोपी विजय के खिलाफ कुल छह अपराध पूर्व से दर्ज बताए गए हैं। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम को पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।

कुशीनगर एक्सप्रेस के एसी कोच में 80 हजार का मोबाइल चोरी

कुशीनगर एक्सप्रेस के एसी कोच में 80 हजार का मोबाइल चोरी   मासूम बच्चे के गले से सोने की हाय छीनकर भागा बदमाश  भोपाल  राजधानी से गुजरने वाली यात्री ट्रेनों में मोबाइल और सामान चोरी तथा झपटमारी का सिलसिला जारी है।कुशीनगर एक्सप्रेस के एसी कोच में एक व्यक्ति का 80 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन चोरी हो गया। इसी प्रकार कई अन्य यात्रियों के मोबाइल फोन तथा अन्य सामान चोरी चला गया।इधर पिता की गोद में मौजूद एक मासूम बच्चे के गले से बदमाश सोने की हाय खींचकर भाग निकला। जीआरपी ने सभी मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार फरियादी मो. सलीम (58) हीरापुर जिला शाजापुर के रहने वाले हैं। पिछले दिनों वह कुशीनगर एक्सप्रेस के एसी कोच में बस्ती से भोपाल का सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान वह अपना मोबाइल फोन सीट पर रखाकर शौचालय चले गए थे। कुछ देर बाद वापस लौटे तो उनका सैमसंग कंपनी का मोबाइल फोन गायब था। आसपास तलाश करने के बाद भी जब मोबाइल नहीं मिला तो उन्होंने जीआरपी पहुंचकर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। चोरी गए मोबाइल की कीमत अस्सी हजार रुपये बताई गई है। इधर फरियादी रविंद्र आनंद कर्नाटका एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में रेलवे स्टेशन नई दिल्ली से बैंगलोर का सफर कर रहे थे। भोपाल स्टेशन से ट्रेन चलने के बाद देखा तो उनका एक मोबाइल फोन चोरी हो चुका था। इसी प्रकार रीवा निवासी कुलदीप मिश्रा रीवांचल एक्सप्रेस के पीछे वाले जनरल कोच में रेलवे स्टेशन दमोह से रानी कमलापति की यात्रा कर रहे थे। बीना रेलवे स्टेशन के आसपास उन्होंने अपना मोबाइल फोन चार्जिंग पाइंट पर लगाया और सो गए। रानी कमलापति स्टेशन आने पर उनकी नींद खुली तो चार्जिंग पाइंट पर लगा मोबाइल फोन चोरी हो चुका था। चोरी गए मोबाइल की कीमत 14 हजार रुपये बताई गई है। आसपास तलाश करने के बाद भी जब मोबाइल नहीं मिला तो उन्होंने जीआरपी पहुंचकर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई।  बच्चे के गले से खींची सोने की हाय  फरियादी संतोष लोधी भानपुर भोपाल के रहने वाले हैं। गत दिवस वह भोपाल आने के लिए बीना रेलवे स्टेशन पर मेमो ट्रेन में सफर कर रहे थे। वह अपने दो साल के मासूम बच्चे को गोद में लिए हुए थे। ट्रेन में सवार होते समय अज्ञात बदमाश ने उनके बच्चे के गले पर झपट्टा मारकर सोने की हाय खींच ली और भाग निकला। लूटी गई हाय की कीमत करीब 11 हजार रुपए बताई गई है। इधर छत्तीसगढ़ में एक व्यक्ति सहारनपुर से मुलताई की यात्रा कर रहा था। उसने अपने वेल्डिंग के सामान को एक बोरी में भरकर सीट के नीचे रखा था। भोपाल स्टेशन आने से करीब दस मिनट पहले देखा तो सीट के नीचे रखी बोरी गायब थी। आसपास तलाश करने के बाद भी जब बोरी और सामान को कुछ पता नहीं चला तो उन्होंने जीआरपी पहुंचकर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। चोरी गए सामान की कीमत करीब 15 हजार रुपए बताई गई है।

इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से रोजगार की श्रृंखला होगी सक्रिय, एमएसएमई और वस्त्रोद्योग में बढ़े प्रावधान से नई नौकरियों की उम्मीद

औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर बनेंगे रोजगार के बड़े इंजन यूपी बजट 2026-27 में संरचनात्मक निवेश से लाखों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष अवसरों की तैयारी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से रोजगार की श्रृंखला होगी सक्रिय, एमएसएमई और वस्त्रोद्योग में बढ़े प्रावधान से नई नौकरियों की उम्मीद एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट में बढ़ेंगे अवसर डेटा सेंटर व एआई मिशन से हाई-स्किल जॉब्स का होगा विस्तार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से युवाओं के लिए खुलेंगे नए करियर विकल्प लखनऊ  प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 में औद्योगिक क्लस्टरों के विस्तार, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और डेटा सेंटर इकोसिस्टम के विकास को जिस पैमाने पर प्राथमिकता दी गई है, वह प्रदेश में बड़े स्तर पर रोजगार सृजन की ठोस रणनीति की ओर स्पष्ट संकेत कर रहा है। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास योजनाओं के लिए ₹27,103 करोड़ का प्रावधान कियी गया है जो कि पिछले वर्ष के बजट से 13 प्रतिशत अधिक है। यह साफ दर्शाता है कि योगी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित औद्योगिक विस्तार को रोजगार वृद्धि का मुख्य आधार बना रही है। बजट में किए गए ये निवेश निर्माण से लेकर उत्पादन, लॉजिस्टिक्स संचालन और डिजिटल सेवाओं तक रोजगार की बहु-स्तरीय श्रृंखला तैयार करने की योजना का हिस्सा हैं। औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स हब और डेटा सेंटर के जरिये सरकार का लक्ष्य प्रदेश में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसरों का सृजन कर विकास और रोजगार को समानांतर गति देना है। औद्योगिक क्लस्टर: उत्पादन से लेकर रोजगार की पूरी चेन औद्योगिक क्लस्टर मॉडल की सबसे बड़ी ताकत उसकी बहु-स्तरीय रोजगार क्षमता है। एक एंकर यूनिट स्थापित होते ही उसके आसपास कच्चे माल की आपूर्ति, पैकेजिंग, मशीनरी रखरखाव, परिवहन, वेयरहाउसिंग और सर्विस सेक्टर की दर्जनों सहायक इकाइयां विकसित होती हैं। यही कारण है कि बजट 2026-27 में एमएसएमई सेक्टर के लिए ₹3,822 करोड़ (19% वृद्धि) और वस्त्रोद्योग के लिए ₹5,041 करोड़ का प्रावधान केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि रोजगार विस्तार की संरचनात्मक रणनीति का हिस्सा है। सरकार ने वस्त्रोद्योग क्षेत्र में वर्ष 2026-27 के लिए 30,000 नए रोजगार सृजन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है, जो इस सेक्टर को प्रत्यक्ष नौकरी सृजन का प्रमुख केंद्र बनाता है।  विशेषज्ञों का मानना है कि क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास में हर एक प्रत्यक्ष रोजगार के साथ कई अप्रत्यक्ष रोजगार जुड़ते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में व्यापक गतिशीलता आती है। इसके साथ ही सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन के लिए ₹575 करोड़ तथा निवेश प्रोत्साहन नीति के क्रियान्वयन हेतु ₹1,000 करोड़ का प्रावधान बड़े और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है। बड़े उद्योगों की स्थापना से दीर्घकालिक, स्थायी और कौशल आधारित रोजगार अवसरों का मजबूत आधार तैयार होगा। लॉजिस्टिक्स हब: सड़क से सप्लाई चेन तक रोजगार की नई राह इसी तरह एक्सप्रेसवे और औद्योगिक कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर बढ़ा निवेश केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स मानचित्र पर मजबूत स्थिति दिलाने की रणनीति का हिस्सा है। जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए ₹1100 करोड़, आगरा-लखनऊ से गंगा एक्सप्रेसवे लिंक हेतु ₹1250 करोड़ और विन्ध्य एक्सप्रेसवे व अन्य कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए ₹500-500 करोड़ के प्रावधान से माल परिवहन की लागत और समय दोनों में कमी आएगी। बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा असर लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर पड़ता है। जहां सड़क पहुंचती है, वहां वेयरहाउस, ट्रांसपोर्ट कंपनियां, कोल्ड स्टोरेज और वितरण केंद्र भी विकसित होते हैं। यह सेक्टर स्वभाव से श्रमप्रधान है। ड्राइवर, लोडिंग-अनलोडिंग स्टाफ, वेयरहाउस ऑपरेटर, सप्लाई चेन मैनेजर, डेटा ऑपरेटर और आईटी सपोर्ट कर्मियों तक रोजगार के विविध अवसर पैदा होते हैं। इसके साथ ही छोटे ट्रांसपोर्टर, पैकेजिंग इकाइयां, मरम्मत कार्यशालाएं और स्थानीय सेवा प्रदाता भी इस आर्थिक गतिविधि से जुड़ते हैं, जिससे अप्रत्यक्ष रोजगार की एक विस्तृत श्रृंखला बनती है।  डेटा सेंटर और एआई: तकनीक से खुलेंगे नए करियर के दरवाजे बजट में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए ₹2,059 करोड़ का प्रावधान है जो पिछले वर्ष के बजट से 76% अधिक है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तेजी से डिजिटल और तकनीक-आधारित दिशा दी जा रही है। ‘उत्तर प्रदेश एआई मिशन’ के लिए ₹225 करोड़ और साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर हेतु ₹95.16 करोड़ की व्यवस्था केवल तकनीकी ढांचा मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के लिए उच्च कौशल आधारित रोजगार के अवसर तैयार करने की पहल है। प्रदेश में पांच गीगावॉट क्षमता के पांच डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने की योजना के लिए ₹100 करोड़ का प्रारंभिक बजट प्रस्तावित है। यह राशि आने वाले वर्षों में आईटी सेक्टर को नई ऊंचाई दे सकती है। डेटा सेंटर स्थापित होने पर केवल आईटी इंजीनियर या डेटा विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि नेटवर्क मैनेजर, क्लाउड आर्किटेक्ट, साइबर सुरक्षा विश्लेषक, सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर और तकनीकी सपोर्ट स्टाफ जैसे अनेक प्रोफेशनल्स की मांग बढ़ेगी। इसके अलावा डेटा सेंटर के संचालन के लिए निरंतर बिजली आपूर्ति, कूलिंग सिस्टम, सुरक्षा, फायर सेफ्टी और मेंटेनेंस सेवाओं की जरूरत होती है। इनसे जुड़े तकनीकी और सहायक क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे। बहुस्तरीय रोजगार मॉडल को बढ़ावा इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया गया निवेश केवल सड़क, भवन या औद्योगिक परिसर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह रोजगार की एक पूरी श्रृंखला को जन्म देता है। शुरुआत निर्माण चरण से होती है, जहां इंजीनियर, तकनीकी विशेषज्ञ, मशीन ऑपरेटर और बड़ी संख्या में श्रमिकों को तत्काल काम मिलता है। इसके बाद जब औद्योगिक इकाइयां उत्पादन शुरू करती हैं, तो फैक्ट्री कर्मियों, सुपरवाइजर, तकनीकी स्टाफ और प्रबंधन पेशेवरों के लिए स्थायी रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। इसी के साथ लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, परिवहन और वितरण सेवाएं सक्रिय होती हैं, जो सप्लाई चेन के हर स्तर पर नई नौकरियां जोड़ती हैं। इतना ही नहीं, इन गतिविधियों से स्थानीय बाजार, छोटे व्यवसाय, मरम्मत सेवाएं, पैकेजिंग और सहायक उद्योग भी लाभान्वित होते हैं, जिससे अप्रत्यक्ष रोजगार का दायरा और व्यापक हो जाता है।

T20 World Cup में पकिस्तान को दी है करारी हार, CM विष्णुदेव साय ने टीम इंडिया को दी बधाई

रायपुर. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भारतीय क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज श्रीलंका के कोलंबो में खेले गए टी-20 विश्व कप मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 61 रनों से पराजित कर राष्ट्र का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जांबाज खिलाड़ियों ने संयम, रणनीति और उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय देते हुए यादगार जीत दर्ज की। यह क्षण करोड़ों देशवासियों के लिए गर्व, उत्साह और उल्लास का अवसर है।     महाशिवरात्रि पर महाविजय की हार्दिक बधाई!     आज श्रीलंका के कोलंबो में खेले गए टी-20 विश्व कप मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 61 रनों से पराजित कर राष्ट्र का मान बढ़ाया है।     हमारे जांबाज खिलाड़ियों ने पाकिस्तान पर दबदबा कायम रखते हुए एक और यादगार जीत…      — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) February 15, 2026 मुख्यमंत्री साय ने भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों को इस गौरवपूर्ण सफलता के लिए हार्दिक बधाई देते हुए आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

युवाओं के पास नौकरी पाने का मौका, सरगुजा में संभागीय रोजगार मेला आज से

जशपुर. प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में अधिकाधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरगुजा में 16 और 17 फरवरी 2026 को संभाग स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जाएगा. जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि मेला में सहभागिता के लिए ऑनलाइन पोर्टल erojgar.cg.gov.in या छत्तीसगढ़ रोजगार एप में ऑनलाईन पंजीयन कर सकते है. ऐसे आवेदक जिन्होनें ऑनलाईन पोर्टल erojgar.cg.gov.in या छत्तीसगढ़ रोजगार एप में रोजगार पंजीयन एवं रोजगार मेला हेतु पंजीयन नहीं करवाया है, वे पोर्टल पर अपना पंजीयन करवा सकतें है. एवं अपने समस्त शैक्षणिक योग्यता, पासपोर्ट साईज फोटो, पहचान पत्र, अनुभव प्रमाण पर इत्यादि दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि को उपस्थित हो सकतें है. अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय जशपुर से सम्पर्क किया जा सकता है.

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