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‘आपातकाल और युवा’ विषय पर मथेंगे देश के प्रबुद्ध विचार

 ‘आपातकाल और युवा’ विषय पर मथेंगे देश के प्रबुद्ध विचार  इमरजेंसी के 50 वर्ष पूर्ण होने पर: भोपाल में जुटेगा दिग्गजों का जमावड़ा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि भोपाल वर्ष 1948 में स्थापित देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी द्वारा आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। “इमरजेंसी के 50 साल: आपातकाल और युवा” विषय पर केंद्रित यह विचार संगोष्ठी 19 फरवरी 2026, गुरुवार को दोपहर 02:00 बजे से रायसेन रोड स्थित “सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी” परिसर भोपाल में आयोजित होगी। सत्ता और संगठन के प्रमुख चेहरों की होगी मौजूदगी***  इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। वहीं, मुख्य वक्ता के तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश जोशी (उपाख्य भैयाजी जोशी) अपने विचार साझा करेंगे। उनके संबोधन में आपातकाल के संघर्ष और वर्तमान युवा पीढ़ी के लिए इसके सबक पर विशेष ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है। कार्यक्रम की रूपरेखा को साझा करते हुए हिन्दुस्थान समाचार के क्षेत्रीय संपादक डॉ. मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि आयोजन में अतिथियों का विशिष्ट पैनल शामिल है, जिसमे विशिष्ट अतिथि: राजेंद्र शुक्ला (उपमुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन) एवं कैलाश सोनी (पूर्व राज्यसभा सदस्य), अध्यक्षता: अरविन्द भालचंद्र मार्डीकर (अध्यक्ष, हिन्दुस्थान समाचार समूह) एवं स्वागताध्यक्ष: डॉ. हरप्रीत सलूजा *(चेयरमैन, सैम ग्रुप, भोपाल) रहेगे।  क्यों खास है यह आयोजन* ? आपातकाल (1975-77) भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है, जिसने देश की राजनीति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की दिशा बदल दी थी। 50 साल बाद, आज की युवा पीढ़ी को उस समय के संघर्ष, प्रेस की आजादी पर लगे अंकुश और लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की कहानी बताना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। हिन्दुस्थान समाचार, जो स्वयं भारतीय पत्रकारिता के मूल्यों का संवाहक रहा है, इस चर्चा के माध्यम से इतिहास और भविष्य के बीच एक सेतु बनाने का प्रयास कर रहा है। उक्त जानकारी बड़वानी प्रतिनिधि राजेश राठौड़ ने बताया कि  इमरजेंसी के 50 साल: आपातकाल और युवा विषय पर दिनांक  19 फरवरी 2026 (गुरुवार) दोपहर 02:00 बजे से सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी, रायसेन रोड, भोपाल मे आयोजन संपन्न होगा।

CM साय ने कहा- ‘ऑल द बेस्ट प्यारे बच्चों’, बोर्ड परीक्षा के लिए विद्यार्थियों का बढ़ाया आत्मविश्वास

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को परीक्षाओं के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए उन्हें आत्मविश्वास और हौसले के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है. उन्होंने विद्यार्थियों के नाम अपने आत्मीय संदेश में कहा कि परीक्षाओं का समय जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जिसमें उत्साह के साथ थोड़ा तनाव भी स्वाभाविक है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है. मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि परीक्षाओं का समय आ गया है. मैं जानता हूं कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी. लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए — आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं. उन्होंने कहा कि परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है. यह स्वाभाविक है. यदि आपको डर लग रहा है तो इसका अर्थ है कि आप अपनी पढ़ाई और अपने भविष्य को गंभीरता से लेते हैं.     मेरे प्यारे बच्चों,     परीक्षाओं का समय आ गया है। मैं जानता हूँ कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी। लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए-आप अकेले नहीं हैं। हम सब आपके साथ हैं।     परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है। यह स्वाभाविक है। यदि आपको डर लग रहा…     — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) February 17, 2026 उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह समझ लीजिए — डर कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का संकेत है. लेकिन इस डर को अपने आत्मविश्वास पर हावी न होने दें. आपने पूरे वर्ष मेहनत की है. हर दिन का प्रयास, हर अभ्यास, हर दोहराव — सब आपकी ताकत बनकर आपके साथ खड़े हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी नियमित पढ़ाई करें, कठिन विषयों को दोहराएं, समय का संतुलन बनाए रखें. पर्याप्त नींद लें, पौष्टिक भोजन करें और कुछ समय के लिए मोबाइल से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करें. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के सभी विद्यार्थी इस बार भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करेंगे.

पोड़ी में विकास को मिली नई रफ्तार, मुख्यमंत्री विष्णु देव ने ₹126 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के पोड़ी में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात देते हुए ₹88 करोड़ से अधिक की लागत के 59 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹38 करोड़ से अधिक की लागत के 82 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विकास परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में अधोसंरचना सुदृढ़ होगी और जनसुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि सड़क, भवन, सामुदायिक सुविधाओं और अन्य आवश्यक अधोसंरचना से जुड़े ये कार्य क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उन्हें तेज गति, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारना है। हमारी सरकार  परिणामोन्मुखी कार्य संस्कृति के साथ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक विकास की पहुँच सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और जनसुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिकों को सीधे लाभ मिल सके।

शहीद निरीक्षक आशीष शर्मा के भाई अंकित को मिली एसआई पद पर नियुक्ति

शहीद निरीक्षक आशीष शर्मा के भाई अंकित को मिली एसआई पद पर नियुक्ति  भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस ने शहादत का सम्मान करते हुए बालाघाट में नक्कल आपरेशन के दौरान पिछले दिनों शहीद हुए है हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर स्वर्गीय आशीष शर्मा के भाई अंकित शर्मा को उपनिरीक्षक पद पर नियुक्ति प्रदान की है। अंकित शर्मा ने जिला नरसिंहपुर में उपनिरीक्षक पद का पदभार ग्रहण कर लिया है। अमर शहीद स्वर्गीय आशीष शर्मा पुलिस-नक्सल मुठभेड़ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए थे। मध्यप्रदेश शासन के आदेशानुसार अमर शहीद के भाई अंकित को उपनिरीक्षक पद पर विशेष अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है।

कांग्रेस को झटका? हुमायूं कबीर ने अधीर रंजन का थामा हाथ, AIMIM क्या देगी जवाब?

कलकत्ता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए JUP यानी जनता उन्नयन पार्टी नेता हुमायूं कबीर साथी तलाश रहे हैं। खबर है कि उन्होंने कांग्रेस समेत कई दलों के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया है। बंगाल में बाबरी मस्जिद निर्माण के ऐलान के बाद कबीर चर्चा में आ गए थे। इसके बाद उन्हें तृणमूल कांग्रेस ने निलंबित कर दिया था। उन्होंने राज्य में टीएमसी को हराने की बात कही है। कांग्रेस नहीं अधीर रंजन का साथ देंगे मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कबीर ने इंडियन सेक्युलर फ्रंट और सीपीएम के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया है। साथ ही भरोसा जताया है कि वह सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन से गठबंधन कर सकते हैं। वहीं, उन्होंने कांग्रेस से दूरी बनाने की बात भी कही है। जबकि, दावा किया है कि चुनाव में उनकी पार्टी अधीर रंजन चौधरी को समर्थन दे सकती है। कबीर ने कहा, ‘ISF सीट शेयरिंग पर फैसला लेने में देरी कर रही है। वो मुझे कम आंकने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में हम आईएसएफ और इसी वजह से सीपीआई (एम) के साथ सीटें साझा नहीं कर सकते।’ उन्होंने कांग्रेस से भी गठबंधन नहीं करने की बात कही है। उन्होंने कहा, ‘अगर अधीर रंजन चौधरी बेहरमपुर से चुनाव लड़ते हैं, तो हम उनका समर्थन करेंगे। वह अच्छे व्यक्ति हैं। समर्थन सिर्फ उनके लिए होगा और कांग्रेस पार्टी के लिए नहीं।’ AIMIM से कर सकते हैं गठबंधन उन्होंने कहा, ‘मुझे भरोसा है कि AIMIM मेरे साथ होगी। कुछ और पार्टीयां भी मेरे साथ आएंगी। यह तय है। आने वाले दिनों में हम उनके साथ बैठकें करने वाले हैं।’ बीते साल AIMIM ने पश्चिम बंगाल की सभी सीटों पर लड़ने की बात कही थी। बाबरी मस्जिद का निर्माण शुरू कबीर ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बहुचर्चित मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू किया। कबीर ने घोषणा की कि बेलडांगा के रेजिनगर में इस मस्जिद का निर्माण दो साल के भीतर पूरा हो जाएगा और इसकी लागत लगभग 50-55 करोड़ रुपये आएगी। यह मस्जिद 11 एकड़ जमीन पर बनाई जा रही है और इसमें लगभग 12,000 लोग एकसाथ नमाज अदा कर सकेंगे। सभी सीटों पर लड़ने का प्लान कबीर ने यह भी घोषणा की कि उनकी पार्टी राज्य के 294 निर्वाचन क्षेत्रों में से 135 पर प्रत्याशी खड़ा कर आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों को टक्कर देगी। इस बीच, कबीर एक नए विवाद में फंस गए हैं, क्योंकि पश्चिम बंगाल पुलिस ने मंगलवार को मादक पदार्थों की तस्करी के एक मामले में उनके कुछ रिश्तेदारों से संबंधित लगभग 11 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क कर लिया है।

धार की भोजशाला मामले में नई तारीख तय, 18 फरवरी को होगी सुनवाई

 इंदौर मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर आज मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में होने वाली सुनवाई आगे बढ़ गई है।कल  अधिवक्ता संघ द्वारा की गई हड़ताल की वजह से इसे आगे बढ़ा दिया गया है। इसके लिए न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला एवं न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच में यह प्रकरण क्रम संख्या- 62 पर सूचीबद्ध किया गया था। यह सुनवाई गत 22 जनवरी को दिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रारंभ की जानी है। सुनवाई में भोजशाला को लेकर किए गए 98 दिनों के एएसआई सर्वे की रिपोर्ट खुली अदालत में खोली जाएगी और उसकी कॉपी दोनों पक्षों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था। बता दें कि हाई कोर्ट की डिविजन बेंच के समक्ष सुनवाई में याचिकाकर्ता हिंदू फ्रंट फार जस्टिस एएसआई सर्वे को आधार बनाकर भोजशाला के वाग्देवी (देवी सरस्वती) मंदिर होने के पक्ष में अपने तर्क रखने हैं। इसके लिए हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की ओर से याचिकाकर्ता आशीष गोयल उपस्थित रहेंगे, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन (नई दिल्ली) तथा अधिवक्ता विनय जोशी (इंदौर) पैरवी करेंगे। निर्णय होने तक 2003 का आदेश प्रभावशील सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय तक भोजशाला की संरचना एवं स्वरूप में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा। इसका सात अप्रैल 2003 को एएसआई महानिदेशक द्वारा जारी आदेश यथावत प्रभावी रहेगा। एएसआई सर्वे के प्रमुख निष्कर्ष 17000 अवशेष मिले थे। 96 मूर्तियां प्राप्त हुईं। 25 फीट से अधिक खुदाई में दीवार का ढांचा मिला। पीछे के खेत क्षेत्र से भी मूर्तियां बरामद की गईं। चारों दिशाओं में 106 स्तंभ पाए गए। 82 भित्ति चित्रयुक्त स्तंभ मिले। 33 प्राचीन सिक्के मिले। ये सिक्के 10वीं–11वीं शताब्दी एवं परमार युग के बताए गए हैं।  

प्लेइंग 11 में बड़ा फेरबदल संभव! नीदरलैंड्स के खिलाफ बिना बुमराह-हार्दिक उतरेगी टीम?

 नई दिल्ली टीम इंडिया पहले ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 चरण के लिए क्वालीफाई कर चुका है. अब उसका अगला मैच 18 फरवरी को नीदरलैंड्स के साथ है. टीम इंडिया ने अब तक सभी 3 मुकाबले जीते हैं. पहले भारत ने अमेरिका को पटखनी दी और फिर नामीबिया को टीम इंडिया ने हराया. इसके बाद रविवार को पाकिस्तान को भी सूर्या ब्रिगेड ने 61 रनों से हरा दिया. प्रयोग करने का सही समय भारत के लिए अगला मैच कोई बड़ी चुनौती नहीं है. क्योंकि टीम इंडिया पहले ही सुपर-8 के लिए क्वालिफाई कर चुकी है. लेकिन असली चुनौती सुपर-8 में ही होगी. क्योंकि वहां भारत को वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया या जिम्बाब्वे जैसी मजबूत टीमों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में नीदरलैंड्स के खिलाफ आखिरी ग्रुप मैच भारत के लिए प्रयोग करने का बेहतरीन मौका हो सकता है. यह मुकाबला भारत के लिए अंकतालिका के लिहाज से ज्यादा मायने नहीं रखता, इसलिए टीम संयोजन में बदलाव की गुंजाइश है. किन खिलाड़ियों को आराम मिले? जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या को आराम दिया जा सकता है. बुमराह बुखार के कारण अमेरिका के खिलाफ नहीं खेले थे, जबकि पांड्या तीनों मैचों में खेल चुके हैं. दोनों खिलाड़ी भारत के लिए बेहद अहम हैं, खासकर बड़े मुकाबलों में. बुमराह की जगह मोहम्मद सिराज को मौका देकर उनकी परीक्षा ली जा सकती है. अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम इस टूर्नामेंट में बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रहा है, ऐसे में सिराज और बाकी गेंदबाजों को असली चुनौती मिलेगी. हार्दिक की गैरमौजूदगी में शिवम दुबे को नई गेंद से आजमाया जा सकता है, जैसा उन्होंने 2025 एशिया कप फाइनल में किया था. दुबे को पूरे चार ओवर दिए जा सकते हैं ताकि यह देखा जा सके कि क्या उन्हें बड़े मुकाबलों में भरोसे के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है. पंड्या के नहीं खेलने पर रिंकू सिंह और अक्षर पटेल को अतिरिक्त बल्लेबाजी समय मिल सकता है. इसके अलावा वॉशिंगटन सुंदर को भी मौका दिया जा सकता है, जो चोट के कारण लंबे समय से बाहर थे. उनकी जगह वरुण चक्रवर्ती को आराम दिया जा सकता है, जिन्होंने अब तक हर मैच खेला है. भारत की टी20 वर्ल्ड कप 2026 टीम ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल (उपकप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह.

CBSE ने बदला एग्जाम पैटर्न: पहले बोर्ड एग्जाम में शामिल होना जरूरी, फिर ही री-एग्जाम का विकल्प

 नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 के छात्रों के लिए बड़ा और अहम फैसला लिया है. बोर्ड ने साफ कर दिया है कि 2026 से लागू होने वाली नई दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली में पहली परीक्षा देना सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगा. जो छात्र पहली परीक्षा में शामिल नहीं होंगे या तीन से ज्यादा विषय छोड़ देंगे, उन्हें दूसरी परीक्षा देने का मौका नहीं मिलेगा और उन्हें अगली साल फिर से बोर्ड परीक्षा देनी पड़ेगी. पहली बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने साफ कर दिया है कि 2026 से शुरू हो रही नई दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली में कक्षा 10 के सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य होगा. अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो उसे दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी. CBSE के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि बोर्ड को कुछ अनुरोध मिले थे, जिनमें कहा गया था कि कुछ छात्र किसी कारण से पहली परीक्षा नहीं दे पाएंगे और उन्हें सीधे दूसरी परीक्षा देने की अनुमति दी जाए। लेकिन बोर्ड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा नहीं होगा. तीन विषयों में अंक सुधारने का मौका नए नियम के अनुसार, सभी छात्रों को पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना जरूरी है. जो छात्र पहली परीक्षा में पास हो जाएंगे, उन्हें दूसरी परीक्षा में अपने अंकों में सुधार (इम्प्रूवमेंट) करने का मौका मिलेगा. छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी तीन विषयों में अपने अंक सुधार सकते हैं. लेकिन अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे ज्यादा विषयों की परीक्षा नहीं देता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ऐसे छात्रों को ‘Essential Repeat’ श्रेणी में रखा जाएगा. इसका मतलब है कि उन्हें अगली साल होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा (फरवरी) में फिर से परीक्षा देनी होगी.

क्या खत्म हुआ चांदी का जलवा? ऑल टाइम हाई से ₹1.80 लाख नीचे, सोना भी कमजोर

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों क्रैश (Gold-Silver Price Crash) जारी है और हर रोज ये कीमती धातुएं सस्ती हो रही हैं. सोमवार को बड़ी गिरावट के बाद मंगलवार को चांदी का भाव फिसला है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर खुलने के साथ ही Silver Price 4600 रुपये से ज्यादा कम हो गया. वहीं दूसरी कीमती धातु सोना भी फिसल गया. अपने हाई लेवल से अब चांदी 1.80 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती (Silver Crash From High) मिल रही है, जबकि सोना 38,000 रुपये से अधिक सस्ता (Gold Cheaper) हो गया है.  क्या फूट गया है चांदी का बुलबुला?  सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में लगातार जारी गिरावट के बारे में, तो महज कुछ ही दिनों में चांदी का बुलबुला फूटा (Silver Bubble Burst) हुआ नजर आ रहा है. इसके इस हिसाब से भी समझ सकते हैं कि बीते 29 जनवरी को सिल्वर प्राइस पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकला था और 4,20,048 रुपये के लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया था. इस हाई लेवल से अब तक चांदी 1,80,157 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो चुकी है.   मंगलवार को खुलते ही धड़ाम Silver सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी चांदी का भाव एमसीएक्स पर खुलने के साथ ही धड़ाम नजर आया. सोमवार को 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी 2,39,891 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ थी और इसके मुकाबले ये ओपन होते ही गिरकर 2,35,206 रुपये पर आ गई. इस हिसाब से देखें, तो झटके में 1 Kg Silver Price 4,685 रुपये तक कम हो गया है.  Gold का भी सिल्वर जैसा हाल  चांदी की कीमत के बाद बात करें, सोने के भाव के बारे में, तो ये कीमती धातु भी लगातार गिरावट देख रही है. हालांकि, बीच-बीच में इसकी कीमत में उछाल भी देखने को मिला है. बहरहाल, मंगलवार को 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले गोल्ड का वायदा भाव अपने पिछले बंद 1,54,760 रुपये से गिरकर 1,53,550 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर आ गया. यानी MCX Gold Rate 1,210 रुपये कम हो गया.  अपने हाई से कितना सस्ता सोना?  Gold Rate ने भी बीते 29 जनवरी को ही चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अपना लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था. रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,93,096 रुपये के हाई पर पहुंच गया था. इस स्तर पर पहुंचने के बाद क्रैश का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसका असर अब तक देखने को मिल रहा है. सोना अपने हाई से अब तक 38,336 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है. 

रायपुर एयरपोर्ट पर बार की शुरुआत संभव, साय सरकार की नई नीति से होटल-रेस्टोरेंट संचालक खुश

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नई आबकारी नीति 2026-27 को हरी झंडी दे दी गई है। इस नीति का मुख्य केंद्र बिंदु राजस्व में वृद्धि और व्यापार करने की सुगमता (Ease of Doing Business) है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में नई शराब दुकानें नहीं खोली जाएंगी, लेकिन मौजूदा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और लाभप्रद बनाया जाएगा। नए नियमों के अनुसार, अब शराब की आपूर्ति से पहले ही टैक्स का भुगतान अनिवार्य होगा, जिससे सरकारी खजाने में समय पर राजस्व सुनिश्चित हो सकेगा। रायपुर एयरपोर्ट पर बार और लाइसेंस फीस में राहत पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए सरकार ने रायपुर एयरपोर्ट पर ‘विमानपत्तन रेस्टोरेंट बार’ (FL-3 घ) शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया है। इसके साथ ही, होटल, क्लब और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए लाइसेंस फीस में उल्लेखनीय कटौती की गई है। इस रियायत का उद्देश्य (CG New Excise Policy) राज्य में निवेश आकर्षित करना और आतिथ्य सत्कार क्षेत्र को मजबूती देना है। हालांकि, बार संचालन के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है; यह पहले की तरह सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक ही संचालित होंगे। प्लास्टिक बोतलों में मिलेगी शराब पर्यावरण और सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक बड़ा बदलाव पैकेजिंग में किया गया है। अब छत्तीसगढ़ में देसी और विदेशी शराब कांच की बोतलों के बजाय प्लास्टिक की बोतलों में बेची जाएगी। विभाग का तर्क है कि कांच की बोतलों के टूटने से हर साल करोड़ों का नुकसान होता है और इससे कर्मचारियों के घायल होने का खतरा भी बना रहता है। प्लास्टिक पैकेजिंग से परिवहन आसान होगा और स्टोरेज की लागत में कमी आएगी। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में अनिवार्य रूप से लागू हो जाएगा। महंगी होगी शराब: नया टैक्स स्लैब लागू शराब प्रेमियों के लिए खबर थोड़ी कड़वी हो सकती है क्योंकि नई नीति में आबकारी ड्यूटी बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से विदेशी और प्रीमियम ब्रांड्स (CG New Excise Policy) पर अब ‘रिटेल सेल प्राइस’ (RSP) के आधार पर टैक्स लगेगा। जितनी महंगी बोतल होगी, उस पर उतना ही अधिक ड्यूटी टैक्स देना होगा। बीयर और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) पेय पदार्थों पर भी नई दरें लागू की गई हैं। सरकार का मानना है कि उच्च श्रेणी के ब्रांड्स पर टैक्स बढ़ाने से राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी होगी, जबकि सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए ड्यूटी की न्यूनतम दरें बरकरार रखी गई हैं। प्रशासनिक सुधार और निगरानी नई नीति के तहत प्रशासनिक शक्तियों में भी बदलाव किया गया है। अब कंपोजिट लाइसेंस जारी करने का अधिकार सीधे आबकारी आयुक्त के पास होगा, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी। साथ ही, अवैध शराब की तस्करी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।

भारत-UK समझौते से बड़ा फायदा, 99% भारतीय सामान पर जीरो-ड्यूटी संभव

नई दिल्ली  भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) इस साल अप्रैल 2026 से लागू होने के लिए पूरी तरह तैयार है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस समझौते के लागू होने से न केवल द्विपक्षीय व्यापार में ऐतिहासिक वृद्धि होगी, बल्कि भारतीय श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए ब्रिटेन के दरवाजे पूरी तरह खुल जाएंगे. 99% भारतीय उत्पादों पर जीरो-ड्यूटी इस ऐतिहासिक समझौते की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि ब्रिटेन को निर्यात किए जाने वाले 99 प्रतिशत भारतीय उत्पादों पर अब कोई सीमा शुल्क (Customs Duty) नहीं लगेगा. इससे भारत के उन क्षेत्रों को जबरदस्त फायदा होगा जहां बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं. विशेष रूप से टेक्सटाइल (कपड़ा), रत्न एवं आभूषण, चमड़ा, फुटवियर, खिलौने, और समुद्री उत्पादों के निर्यातकों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है. अब ये उत्पाद ब्रिटिश बाजार में वियतनाम और बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले ज्यादा सस्ते और प्रतिस्पर्धी होंगे. IT सेक्टर और पेशेवरों को बड़ी राहत व्यापार के साथ-साथ, सेवाओं के क्षेत्र में भी बड़ी जीत हासिल हुई है. दोनों देशों ने ‘डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन’ (DCC) पर हस्ताक्षर किए हैं. इसका मतलब यह है कि जो भारतीय आईटी पेशेवर या अन्य कर्मचारी अस्थायी रूप से (3 साल तक) ब्रिटेन में काम करने जाएंगे, उन्हें और उनके नियोक्ताओं को वहां ‘सोशल सिक्योरिटी’ टैक्स नहीं देना होगा. इससे भारतीय कंपनियों की लागत कम होगी और उनके कर्मचारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे. व्हिस्की और कारों पर घटेगा आयात शुल्क भारत ने भी ब्रिटिश उत्पादों के लिए अपने बाजार खोले हैं. भारत में बेहद लोकप्रिय स्कॉच व्हिस्की पर आयात शुल्क 150% से घटाकर तत्काल 75% कर दिया जाएगा, जिसे 2035 तक धीरे-धीरे 40% तक लाया जाएगा. इसी तरह, ब्रिटिश कारों पर लगने वाले भारी-भरकम शुल्क को अगले 5 वर्षों में घटाकर 10% तक लाया जाएगा. बदले में, भारतीय इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को ब्रिटेन के बाजार में विशेष कोटा मिलेगा. आर्थिक लक्ष्य और भविष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मई 2025 में इस डील को अंतिम रूप दिया था. वर्तमान में यह समझौता ब्रिटिश संसद में अनुसमर्थन की प्रक्रिया में है. दोनों देशों का लक्ष्य है कि वर्तमान के $60 बिलियन के द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक $100 बिलियन के पार पहुँचाया जाए. विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत को एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के सपने को गति प्रदान करेगा.

सरकारी स्कूल ने प्राइवेट को दी चुनौती, रतलाम के बच्चे बिना बैग आए और 40 तक के पहाड़े याद किए

रतलाम  सरकारी स्कूलों का जब जिक्र आता है, तब ज्यादातर समय दिमाग में पहली तस्वीर बदहाल व्यवस्था की बनती है लेकिन मध्य प्रदेश के रतलाम में एक ऐसा अनूठा स्कूल है, जो इसके विपरीत एक नजीर पेश कर रहा है. यह स्कूल अपने आप में एक मिसाल है. इसके बारे में यह कहना हरगिज गलत नहीं होगा कि यह सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों को मात दे रहा है. स्कूल की अपनी कार्यशैली के चलते इसे ‘समस्या मुक्त विद्यालय’ नाम दिया गया है. यहां के प्रधानाध्यापक ने अपने खर्च पर स्कूल को सजाया-संवारा है. वहीं उनका शिक्षा की गुणवत्ता पर भी खासा फोकस रहता है. हम बात कर रहे हैं रतलाम के जावरा स्थित रूपनगर के सरकारी प्राथमिक स्कूल की. प्राथमिक स्कूल को बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया है. स्कूल में बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ वह तमाम जानकारी मुहैया करवाई जा रही है, जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक है. स्कूल में इस तरह हरियाली छाई हुई है कि एक बार के लिए लगता है कि आप किसी गार्डन में आ गए हों. स्कूल की साफ-सफाई पर बहुत ध्यान दिया जाता है ताकि बच्चे अभी से स्वच्छता के महत्व को समझ सकें और इसे अपने जीवन में अपना सकें. खाली हाथ स्कूल आते हैं बच्चे पहली से पांचवीं क्लास तक यह स्कूल पूरी तरह से एक बैगलेस स्कूल है. बच्चे घर से बैग लेकर स्कूल नहीं आते हैं ताकि उनके नाजुक कंधों पर वजनी बोझ न पड़े. स्कूल में पढाई के साथ-साथ होमवर्क भी करवाया जाता है. बच्चों की यूनिफॉर्म पूरी तरह से व्यवस्थित है. इन नन्हे-मुन्ने स्टूडेंट्स की छोटी-छोटी बातों पर पूरा ध्यान दिया जाता है ताकि वे भी अच्छी बातें सीख सकें. बच्चों को 40 तक के पहाड़े मुंहजबानी याद स्कूल से प्रधानाध्यापक की मेहनत का ही यह नतीजा है कि उन्होंने इस सरकारी स्कूल की तस्वीर बदल दी. यहां बच्चों को 40 तक के पहाड़े मुंहजबानी याद हैं. जावरा के रूपनगर का यह सरकारी स्कूल रतलाम ही नहीं बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में मिसाल पेश करता नजर आ रहा है.

T20 वर्ल्ड कप 2026 अपडेट: India-Pakistan मैच हो सकता है फिर से, जानें कब और कैसे होगा

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 के लीग फेज में टीम इंडिया और पाकिस्तान की भिड़ंत रविवार 15 फरवरी को हुई, जिसमें भारतीय टीम ने बुरी तरह से पाकिस्तान को धोया। पाकिस्तान की टीम को इस मैच में 61 रनों से हार मिली। इस हार की वजह से टीम का सुपर 8 में पहुंचने का गणित भी गड़बड़ा गया है। हालांकि, एक और मैच जीतकर पाकिस्तान की टीम सुपर 8 में पहुंच जाएगी, लेकिन फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान का मैच फिर से इस टी20 विश्व कप में खेला जाए? अब क्या संभव है कि इंडिया और पाकिस्तान फिर से टूर्नामेंट में भिड़ेंगे? इसका जवाब है- हां, ऐसा हो सकता है। ये कैसे संभव है? ये आप इस स्टोरी में जान लीजिए। दरअसल, इंडिया और पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप ए में थे। ऐसे में दोनों के बीच टी20 विश्व कप में कम से कम एक मुकाबला संभव था, जो कि 15 फरवरी को खेला जा चुका है, लेकिन जिस तरह का मुकाबला हुआ है, उसे देखकर फैंस चाह रहे हैं कि एक बार फिर से दोनों देशों के बीच मुकाबला खेला जाएगा, जो कि कांटे का हो। हालांकि, सुपर 8 में ये संभव नहीं होने वाला है। इसके पीछे का कारण ये है कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी करते हुए टॉप टीमों को सीडिंग दी थी, जिसके तहत सुपर 8 के मुकाबले लगभग तय हैं कि कौन सा मैच किस टीम के बीच खेला जाएगा। सुपर 8 में दो ग्रुप बनाए जाएंगे। ग्रुप 1 की चार टीमों को आपस में मुकाबले खेलने होंगे, जबकि दूसरे ग्रुप में भी ऐसा ही करना होगा। भारतीय टीम (X1) ग्रुप 1 में होगी, जिसमें ऑस्ट्रेलिया (X2), वेस्टइंडीज (X3) और साउथ अफ्रीका (X4) होगी। वहीं, ग्रुप 2 में इंग्लैंड (Y1), न्यूजीलैंड (Y2), पाकिस्तान (Y3) और श्रीलंका (Y4) को रखा जाएगा। बर्शते ये टीमें क्वालीफाई करें। अगर कोई टीम सुपर 8 में नहीं पहुंचती है तो उस टीम को उस ग्रुप की दूसरी टीम से रिप्लेस कर दिया जाएगा। इस तरह सुपर 8 में इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मुकाबला संभव नहीं है, लेकिन अगर भारत और पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करती हैं तो फिर दोनों के बीच भिड़ंत हो सकती है। टी20 विश्व कप 2026 में इंडिया वर्सेस पाकिस्तान सेमीफाइनल मैच तभी होगा, जब ग्रुप 1 में भारत टॉप पर रहे और ग्रुप 2 में पाकिस्तान दूसरे स्थान पर रहे या फिर पाकिस्तान ग्रुप 2 में पहले स्थान पर रहे और ग्रुप 1 में भारत दूसरे स्थान पर सुपर 8 फेज को फिनिश करे। अगर ऐसा नहीं होता तो फिर इंडिया वर्सेस पाकिस्तान सेमीफाइनल मैच संभव नहीं होगा। इसके लिए फैंस को उम्मीद करनी होगी कि दोनों टीमें फाइनल में भिड़ें। अगर पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल में पहुंचती है तो उसका सेमीफाइनल कोलंबो में होगा। अगर इंडिया वर्सेस पाकिस्तान सेमीफाइनल होता है तो यह भी कोलंबो में होगा। अन्यथा इंडिया किसी अन्य टीम से सेमीफाइनल में भिड़ेगी तो वह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। अगर पाकिस्तान की टीम ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं किया तो दूसरा सेमीफाइनल कोलकाता के ईडन गार्डेंस में खेला जाएगा। फाइनल में अगर पाकिस्तान की टीम पहुंची तो फिर फाइनल कोलंबो में होगा। अगर फाइनल में पाकिस्तान नहीं पहुंचा तो फिर टी20 विश्व कप 2026 फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा।

महाकाल नगरी में महाभारत का युद्ध विज्ञान दिखा जीवंत, उज्जैन में पहली बार प्रदर्शित 100+ अस्त्र-शस्त्र

उज्जैन  महाभारत, जिसे विश्व का सबसे बड़ा महाकाव्य और भारतीय युद्ध विज्ञान का मूल स्रोत माना जाता है, अब उज्जैन में शोध आधारित अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शनी के रूप में जीवंत हो उठा है। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर में सजी इस प्रदर्शनी का शुभारंभ महाशिवरात्रि पर हुआ, जो 19 मार्च तक देशभर के दर्शकों के लिए खुली रहेगी। उद्देश्य, महाभारत को धार्मिक आख्यान से आगे बढ़ाकर भारतीय सैन्य परंपरा, व्यूह रचना और रणनीतिक चिंतन के वैज्ञानिक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करना है। प्रदर्शनी में महाभारत युद्ध में वर्णित 100 से अधिक अस्त्र-शस्त्रों के बड़े माडल प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें गदा, धनुष-बाण, तलवार, भाला, ढाल, सुदर्शन चक्र और वज्र की प्रतिकृतियां शामिल हैं। 18 दिन चले युद्ध की 14 प्रमुख व्यूह रचनाओं के त्रि-आयामी माडल तैयार किए गए हैं, जिनसे सेना की संरचना, घेराबंदी और आक्रमण-रक्षा की रणनीति को समझाया जा रहा है। युद्ध आचरण-नियमों की भी जानकारी दी जा रही 45 पताकाएं और 11 शंख प्रतिरूप प्राचीन युद्ध संकेत प्रणाली को दर्शाते हैं, जो उस काल की संचार व्यवस्था और सैन्य अनुशासन का प्रमाण हैं। इस प्रदर्शनी की विशेषता यह है कि यहां केवल हथियारों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनके प्रयोग की तकनीक, संबंधित योद्धाओं, रथ व्यवस्था, सेना संरचना और युद्ध आचरण-नियमों की भी जानकारी दी जा रही है। आयोजक विक्रमादित्य शोधपीठ से जुड़े राहुल रस्तोगी के अनुसार महाभारत को इतिहास, नीति, कूटनीति और युद्धशास्त्र के समन्वित ग्रंथ के रूप में समझाना ही इसका उद्देश्य है, ताकि नई पीढ़ी भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े। राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रदर्शनी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले ऐसी पहल भोपाल के भारत भवन में हुई थी और अब उज्जैन में इसे स्थायी शैक्षणिक स्वरूप देने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इतिहासकारों और शिक्षाविदों का मानना है कि यह पहल भारतीय युद्ध विज्ञान, रणनीतिक सोच और सांस्कृतिक विरासत को अकादमिक विमर्श से जोड़ने का माध्यम बन सकती है। 14 माह का शोध, 12 लाख की लागत सभी प्रतिकृतियां गहन शोध पर आधारित हैं। इंदौर के शोधकर्ता राज बेन्द्र ने आठ माह तक ग्रंथों और ऐतिहासिक स्रोतों का अध्ययन कर रूपरेखा तैयार की, जिसके बाद छह माह में माडल निर्मित कराए गए। निर्माण पर लगभग 12 लाख रुपये खर्च हुए। आकार, अनुपात और उपयोग विधि को प्रमाणिक बनाने के लिए पारंपरिक विवरणों का विशेष ध्यान रखा गया है। युद्ध पद्धति को समझने का दुर्लभ अवसर महाभारत केवल धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि सैन्य संगठन, व्यूह रचना, संचार प्रणाली, मनोवैज्ञानिक युद्ध और आचरण नियमों का विस्तृत दस्तावेज माना जाता है। इसमें सेना संरचना, रथ युद्ध, गदा युद्ध, धनुर्विद्या और संकेत पद्धति का वैज्ञानिक वर्णन मिलता है, जो भारतीय रणनीतिक परंपरा की प्राचीन जड़ों को दर्शाता है। विद्यार्थियों, शोधार्थियों और सैन्य इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए यह प्रदर्शनी प्राचीन भारत की तकनीकी क्षमता, संगठन कौशल और नीति-आधारित युद्ध पद्धति को समझने का दुर्लभ अवसर प्रदान कर रही है।

आज की ताजपोशी में चर्चा का केंद्र—तारिक रहमान की दौलत और पत्नी जुबैदा की अधिक संपत्ति

ढाका  तारिक रहमान की ताजपोशी होने वाली है. दुनियाभर से करीब 1200 मेहमान शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचने वाले हैं. दरअसल, तारिक रहमान बांग्लादेशी के अगले प्रधानमंत्री बनने वाले हैं. ये पूर्व राष्ट्रपति जिया उर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बड़े बेटे हैं, और 17 साल के निर्वासन के बाद 2025 में लंदन से बांग्लादेश लौटकर आए हैं.  बंपर जीत के बाद तारिक रहमान की खूब चर्चा हो रही है. लोग जानना चाहते हैं कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी प्रमुख तारिक रहमान की कुल संपत्ति कितनी है, उनकी कमाई का जरिया क्या है?  पति से ज्यादा पत्नी अमीर चुनावी हलफनामे के मुताबिक तारिक रहमान की कुल नेटवर्थ करीब 1.97 करोड़ बांग्लादेशी टका है, जो भारतीय करेंसी में करीब 1.48 करोड़ रुपये के बराबर है. उनकी यह नेटवर्थ मुख्य रूप से बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर और अचल संपत्ति मिलाकर है. चुनाव आयोग के सामने जमा किए गए हलफनामे में यह विवरण साफ दर्ज किया गया है.  बता दें, तारिक रहमान ने ढाका-17 और बोगुरा-6 दोनों सीटों से भारी मतों से जीत हासिल की है. Election Affidavit के अनुसार तारिक रहमान की सालाना आय करीब 6.76 लाख टका (लगभग 5 लाख रुपये) है, जो उन्होंने शेयर, बॉन्ड और बैंक जमा पर अर्जित किया है.  उनके बैंक खातों में कुल जमा लगभग 1.23 करोड़ टका (यानी करीब 92.25 लाख रुपये) हैं, जिनमें से लगभग 31.6 लाख टका नकद या चालू बचत में रखे हुए हैं. Fixed Deposits में कुछ उनके बेटी के नाम पर भी हैं, तारिक रहमान द्वारा घोषित चल संपत्ति (movable assets) में फर्नीचर लगभग 2 लाख टका का है. इसके अलावा उनके पास बोगुरा में 2 एकड़ से अधिक जमीन है.  तारिक रहमान की पत्नी डॉक्टर तारिक की पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान ने अपने हलफनामे में काफी अधिक आय और संपत्ति घोषित की है. वे एक डॉक्टर हैं और उनकी वर्षीय आय लगभग 35.6 लाख टका (लगभग 26.7 लाख रुपये) है, यह उनकी पति की आय से लगभग 5 गुना अधिक है. उनके बैंक जमा लगभग 1 करोड़ बांग्लादेशी टका हैं, जिसमें से 66.5 लाख टका बचत खाते में हैं, वे 111.25 डिसिटल भूमि और 800-स्क्वायर-फुट के डुप्लेक्स घर की भी मालकिन हैं. टैक्स रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि तारिक ने पिछले साल करीब 1 लाख टका टैक्स दिया, हलफनामे के अनुसार, उनके पास कोई भी कर्ज या सरकारी बकाया नहीं है. जबकि उनकी पत्नी ने लगभग 5.6 लाख टका टैक्स दिया. शेयरों में भी दोनों का मिलकर कुछ निवेश है, जिसमें लगभग 5 लाख रुपये से अधिक का शेयर और अन्य कंपनियों में 18.5 लाख रुपये का निवेश शामिल है. हलफनामे में यह भी उल्लेख है कि 2004 से अब तक दर्ज 77 कानूनी मामलों में उन्हें पूरी तरह से बरी कर दिया गया है.

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