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दाग मिटाने की कोशिश में तारिक रहमान, कैबिनेट में हिंदू नेताओं की एंट्री से दिया बड़ा संदेश

ढाका बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल करने वाले तारिक रहमान की कैबिनेट में दो अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को जगह दी गई है. 25 सांसदों ने मंत्री पद की शपथ ली. इनमें निताई रॉय चौधरी का नाम भी शामिल है. हालांकि पहले चर्चा थी कि चौधरी के समधी और अहम महकमों के मंत्री रह चुके गोयेश्वर चंद्र रॉय को जगह मिलेगी. वहीं दूसरे अल्पसंख्यक नेता का नाम दीपेन दीवान है. कौन हैं निताई रॉय चौधरी? तृतीयोमात्रा डॉट कॉम के मुताबिक, 1949 में पैदा हुए निताई रॉय चौधरी एक बांग्लादेशी वकील और राजनीतिज्ञ हैं. निताई रॉय चौधरी, जो मगुरा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए हैं, पार्टी के शीर्ष रणनीतिकारों में से एक हैं और शीर्ष नेतृत्व के वरिष्ठ रणनीतिक सलाहकार माने जाते हैं. उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के प्रत्याशी को सीधी टक्कर में मात दी है. 12 फरवरी 2026 को हुए 13वें संसदीय चुनाव में उन्होंने मगुरा-2 संसदीय क्षेत्र से जीत हासिल की. निताई रॉय चौधरी को 147896 वोट मिले हैं. उन्होंने जमात उम्मीदवार मुस्तर्शीद बिल्लाह को 30,838 वोटों के अंतर से हराया है.   कौन हैं दीपेन दीवान? दूसरे अल्पसंख्यक नेता दीपेन दीवान, बौद्ध मेजोरिटी वाले चकमा एथनिक माइनॉरिटी ग्रुप से हैं. इन्होंने दक्षिण-पूर्व रंगमती जिले की एक सीट से जीत हासिल की. हालांकि उनकी धार्मिक पहचान साफ नहीं है और कई लोग उन्हें हिंदू बताते हैं. दीवान ने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी के तौर पर एक निर्दलीय चकमा उम्मीदवार को हराया. हिंदू मंत्रियों की नियुक्ति और मां से नाता तारिक रहमान की कैबिनेट में मंत्री पद को लेकर गोयेश्वर रॉय को लेकर थी, जो बांग्लादेश की राजनीति में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं. खालिदा जिया सरकार में लगभग 30 साल पहले (1991-1996) वो राज्य मंत्री थे. इस बार उन्हें जगह न देकर उनके समधी निताई रॉय चौधरी को मंत्री बनाया गया है. खालिदा जिया की पार्टी भले ही अल्पसंख्यकों को ज्यादा महत्वपूर्ण पद न देती हो लेकिन खालिदा जिया के दो कार्यकाल में हिंदू मंत्री शामिल रहे – 1991-1996 में गयेश्वर चंद्र रॉय राज्य मंत्री (स्टेट मिनिस्टर) के रूप में शामिल थे. वे पर्यावरण एवं वन मंत्रालय तथा मत्स्य एवं पशुपालन मंत्रालय के प्रभारी थे. अब वे बड़ा अल्पसंख्यक चेहरा बन चुके हैं. 2001-2006 में गौतम चक्रबर्ती राज्य मंत्री के रूप में जल संसाधन मंत्रालय के प्रभारी थे. वे बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई कल्याण फ्रंट के कन्वेनर भी थे. तारिक रहमान ने भी मां की राह पर चलते हुए अपनी कैबिनेट में हिंदू चेहरों को शामिल किया है. उनकी मां की कैबिनेट में एक हिंदू मंत्री रहे लेकिन रहमान कैबिनेट में 2 अल्पसंख्यक चेहरे हैं, वो भी ऐसे वक्त में जब बांग्लादेश अल्पसंख्यकों के लिए नर्क बना हुआ है. बांग्लादेश के दामन से खून का दाग धोएंगे तारिक रहमान? तारिक रहमान ऐसे वक्त में बांग्लादेश की सत्ता संभाल रहे हैं, जब वहां अस्थिरता के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के लिए बेहद बुरे हालात हैं. अंतरिम सरकार के राज में हिंदुओं का खूब कत्लेआम हुआ. मॉब लिंचिंग की ऐसी-ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं. खासतौर पर चुनावों की घोषणा होने के बाद से अलग-अलग इलाकों से लगभग हर रोज हिंदुओं की हत्या की खबरें आती रहीं. खासतौर पर नवंबर के अंत से फरवरी के पहले हफ्ते तक अल्पसंख्यकों के खून से बांग्लादेश का दामन रंग गया. क्या तारिक रहमान बदलाव के छोटे से कदम से अपने देश की इमेज सुधार पाएंगे? BNP कैबिनेट में किसे कौन सी जिम्मेदारी दी जाएगी?   BNP के सूत्रों के हवाले से एक लिस्ट हासिल की है, जिसमें बताया गया है कि किन मंत्रियों और राज्य मंत्रियों को कौन से मंत्रालय दिए जाएंगे.     मिर्ज़ा फ़ख़रुल इस्लाम आलमगीर – स्थानीय सरकार, ग्रामीण विकास और सहकारिता मंत्रालय     सलाहुद्दीन अहमद – गृह मंत्रालय     अमीर खसरू महमूद चौधरी – वित्त और योजना मंत्रालय     मेजर (रिटायर्ड) हाफिज उद्दीन अहमद – मुक्ति युद्ध मामलों का मंत्रालय     इकबाल हसन महमूद तुकू – बिजली, ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्रालय     AZM ज़ाहिद हुसैन – महिला और बाल मंत्रालय, सामाजिक कल्याण     खलीलुर रहमान – विदेश मंत्रालय     अब्दुल अवल मिंटू – पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय     मिजानुर रहमान मीनू – भूमि मंत्रालय     निताई रॉय चौधरी – सांस्कृतिक मामलों का मंत्रालय     मोहम्मद असदुज्जमां – कानून, न्याय और संसदीय मामलों का मंत्रालय     काज़ी शाह मोफ़ज्जल हुसैन कैकोबाद – धार्मिक मामलों का मंत्रालय     अरिफुल हक चौधरी – श्रम और रोज़गार मंत्रालय, प्रवासी कल्याण और विदेशी रोज़गार     खानदेकर अब्दुल मुक्तदिर – वाणिज्य, उद्योग, कपड़ा और जूट मंत्रालय     ज़ाहिर उद्दीन स्वपन – सूचना और प्रसारण मंत्रालय शाहिद     उद्दीन चौधरी एनी – जल संसाधन मंत्रालय     एहसानुल हक मिलन – शिक्षा, प्राइमरी और मास एजुकेशन मंत्रालय     अमीन उर ​​राशिद – कृषि, मत्स्य पालन और पशुधन मंत्रालय, खाद्य मंत्रालय     अफरोजा खानम – नागरिक उड्डयन और पर्यटन मंत्रालय     असदुल हबीब दुलु – आपदा प्रबंधन और राहत मंत्रालय     ज़कारिया ताहिर – आवास और सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय     दीपेन दीवान – चटगाँव पहाड़ी इलाकों के मामले मंत्रालय     सरदार एमडी सखावत हुसैन बकुल – स्वास्थ्य और परिवार नियोजन मंत्रालय     फकीर महबूब अनम – डाक और दूरसंचार विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय     शेख रबीउल आलम, सड़क परिवहन और पुल, रेलवे और शिपिंग मंत्रालय.

बंपर RBI भर्ती: 17 शहरों में होगी पोस्टिंग, ग्रेजुएट उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन

 नई दिल्ली देश के बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Assistant के 650 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए शानदार अवसर है, जो प्रतिष्ठित सरकारी संस्थान में शानदार नौकरी, अच्छी सैलरी और बेहतरीन सुविधाओं के साथ अपना भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. सैलरी के साथ मिलेंगे कई भत्ते RBI Assistant की नौकरी बैंकिंग क्षेत्र की सबसे प्रतिष्ठित एंट्री-लेवल नौकरियों में से एक मानी जाती है. इस पद पर चयनित उम्मीदवारों को न केवल आकर्षक सैलरी मिलती है, बल्कि मेडिकल सुविधा, यात्रा भत्ता, आवास भत्ता और अन्य कई सुविधाएं भी दी जाती हैं. इस भर्ती के माध्यम से देश के विभिन्न शहरों में स्थित RBI के क्षेत्रीय कार्यालयों में नियुक्तियां की जाएंगी. शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 50% अंक जरूरी हैं, जबकि SC, ST और PwBD वर्ग के उम्मीदवारों के लिए केवल पास होना पर्याप्त है. इसके अलावा, उम्मीदवार को उस राज्य की स्थानीय भाषा का ज्ञान होना चाहिए, जहां से वह आवेदन कर रहा है. उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष निर्धारित की गई है. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी. कैसे होगा सेलेक्शन RBI Assistant पद के लिए चयन तीन चरणों में होगा. पहले चरण में प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें अंग्रेजी, रीजनिंग और गणित से प्रश्न पूछे जाएंगे. इसके बाद मुख्य परीक्षा होगी, जिसमें जनरल अवेयरनेस, कंप्यूटर नॉलेज सहित अन्य विषय शामिल होंगे. अंतिम चरण में भाषा परीक्षा (LPT) होगी, जिसमें उम्मीदवार की स्थानीय भाषा की समझ को परखा जाएगा. सैलरी और सुविधाएं RBI Assistant पद पर चयनित उम्मीदवारों को लगभग ₹29,000 बेसिक पे के साथ कुल ग्रॉस सैलरी करीब ₹58,000 प्रति माह मिलती है. कटौतियों के बाद इन-हैंड सैलरी लगभग ₹50,000 से ₹54,000 तक होती है. इसके अलावा, कर्मचारियों को आवास भत्ता, महंगाई भत्ता, मेडिकल सुविधा, यात्रा भत्ता और अन्य कई अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जाती हैं. मेट्रो शहरों में यह सैलरी और अधिक हो सकती है. आवेदन प्रक्रिया इच्छुक उम्मीदवार RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Opportunities@RBI सेक्शन में Current Vacancies के तहत Assistant Recruitment 2026 लिंक पर क्लिक करके आवेदन कर सकते हैं. 

इलेक्ट्रिक सेगमेंट में मारुति का धमाका, e Vitara की कीमत और फीचर्स आए सामने

मुंबई  भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के लिए आज बड़ा दिन है. कंपनी ने आज अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार e-Vitara की कीमत का औपचारिक ऐलान कर दिया है. यह पल कंपनी के लिए बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इसी के साथ मारुति सुजुकी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेगमेंट में आधिकारिक तौर पर एंट्री कर ली है. कीमत है इतनी Maruti e-Vitara को पहली बार भारत मोबिलिटी ऑटो एक्सपो 2025 में दिखाया गया था और तब से इसकी कीमत को लेकर बाजार में काफी इंतजार था, जो आज खत्म हो गया है. नई मारुति ई विटारा को बैटरी एज सर्विस (BaaS) रेंटल सब्सक्रिप्शन प्लान के तहत पेश किया गया है. इसके लिए बिना बैटरी के कार की शुरुआती कीमत 10.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है. बैटरी के लिए ग्राहकों को अलग से 3.99 रुपये प्रतिकिमी किराया देना होगा.  कैसी है Maruti e Vitara मारुति सुजुकी ने अपनी पहली ईवी को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. कंपनी ने e-Vitara को बेहद ही क्लीन और मॉडर्न डिज़ाइन दिया है. इसकी लंबाई 4,275 मिमी, चौड़ाई 1,800 मिमी और ऊंचाई 1,640 मिमी है, जबकि व्हीलबेस 2,700 मिमी का है. यह साइज इसे कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में न केवल बेहतर प्रजेंस देता बल्कि अंदर बैठने वालों को अच्छा खासा स्पेस देता है. प्रीमियम केबिन और नई टेक्नोलॉजी केबिन के मामले में e-Vitara अब तक की सबसे प्रीमियम मारुति कार मानी जा रही है. इसमें 10.25-इंच का फुली डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 10.1-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है, जो फ्लोटिंग सेंटर कंसोल पर लगाया गया है. सॉफ्ट-टच मटीरियल, ड्यूल-टोन इंटीरियर और मल्टी-कलर एंबिएंट लाइटिंग के कारण अंदर का माहौल काफी शानदार लगता है. इस SUV में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, 10-वे पावर एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और 40:20:40 स्प्लिट रियर सीट दी गई है, जिसे स्लाइड, रिक्लाइन और फोल्ड किया जा सकता है. फिक्स्ड ग्लास सनरूफ और हार्मन ट्यून साउंड सिस्टम इसकी प्रीमियम पहचान को और मजबूत करते हैं. बैटरी पैक और ड्राइविंग रेंज Maruti e-Vitara में हल्का 3-इन-1 इलेक्ट्रिक ड्राइव सिस्टम दिया गया है, जिसमें मोटर, इन्वर्टर और ट्रांसमिशन एक ही यूनिट में शामिल हैं. इससे वजन कम होता है और परफॉर्मेंस के साथ-साथ रेंज भी बेहतर मिलती है. Maruti e-Vitara दो बैटरी ऑप्शन में आ रही है. इसमें 49kWh और 61kWh बैटरी पैक का विकल्प मिलेगा. दोनों ही वेरिएंट फ्रंट व्हील ड्राइव सेटअप के साथ आएंगे. बड़ा बैटरी पैक सिंगल चार्ज में 543 किलोमीटर (ARAI प्रमाणित रेंज) तक की ड्राइविंग रेंज देगा.  e-Vitara को तीन ट्रिम में पेश किया गया है. बेस वेरिएंट Delta में 49kWh बैटरी मिलेगी. वहीं Zeta और Alpha ट्रिम में 61kWh की बड़ी बैटरी दी जाएगी. ग्लोबल मार्केट में इसका ऑल-व्हील-ड्राइव वर्जन भी उपलब्ध है, जिसमें पीछे एक एकस्ट्रा मोटर लगाई गई है. भारत में AWD वर्जन आएगा या नहीं, इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है.  सेफ्टी के मामले में भी e-Vitara को खास तौर पर तैयार किया गया है. इसके बॉडी स्ट्रक्चर में 50 प्रतिशत से ज्यादा हाई-टेंसाइल स्टील का इस्तेमाल किया गया है और बैटरी की सेफ्टी के लिए अलग से प्रोटेक्शन सिस्टम दिया गया है. इसमें 7 एयरबैग, ऑल-डिस्क ब्रेक, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और e-Call इमरजेंसी फीचर स्टैंडर्ड मिलते हैं. इसके अलावा लेवल-2 ADAS फीचर्स जैसे अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन-कीप असिस्ट और ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग भी दी गई है. कुल मिलाकर e-Vitara को कंपनी की अब तक की सबसे सुरक्षित और तकनीक से भरपूर कारों में गिना जा रहा है.

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक जनदर्शन में आज दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों की फरियाद सुनी। उन्होंने एक-एक कर प्रत्येक व्यक्ति से मुलाकात कर उनका आवेदन लिया और आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। लोगों ने जनदर्शन में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक हित से जुड़े विषयों को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए आवेदन दिया। नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे और सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल ने लोगों की समस्याओं को सुना। लोगों ने कलेक्टर से मिलकर व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन दिए।         जनदर्शन में आज बोदरी तहसील के ग्राम बोडसरा के छात्र दीपेश कुमार ने राजस्व रिकॉर्ड में हुई त्रुटि को लेकर कलेक्टर से सुधार की मांग की है। आवेदक का कहना है कि पुराने मिसल रिकॉर्ड में नाम की गलती के कारण उसका जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है, जिससे उसकी आगे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। त्रुटि के कारण राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं बन पा रहे हैं, जिससे उसे शैक्षणिक और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में परेशानी हो रही है। कलेक्टर ने मामले को एसडीओ बिल्हा को सौंपा। कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने शासकीय तालाब के आने जाने के निस्तारी रास्ते पर सुखराम यादव द्वारा किये गये अवैध निर्माण कार्य को हटाने के लिए ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम तेंदुवा के सुखराम यादव द्वारा निस्तारी रास्ते पर अवैध कब्जा कर मकान निर्माण कर लिया गया है। जिससे ग्रामीणों को तालाब आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने एसडीएम को उक्त प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है। नहरपारा लिटिया के कैलाश प्रसाद साहू ने कलेक्टर से मुलाकात कर किसान सम्मान निधि की राशि प्रदान करने गुहार लगाई। मामले को उप संचालक कृषि देखेंगे।         शहर के वार्ड क्रमांक 36 बसंत भाई पटेल नगर के वासियों ने वार्ड में सीसी रोड, नाली, बिजली पोल एवं पानी पाईप लाईन लगाने की मांग की है। वार्ड वासियों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि कच्चे सड़क की वजह से पानी भराव एवं गदंगी की स्थिति निर्मित हो जाती है। जिससे स्कूली बच्चों सहित आमजनों को भी काफी परेशानियां होती है। कलेक्टर ने आयुक्त नगर निगम को इस पर आवश्यक कार्यवाही करने कहा। सकरी तहसील के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत कोपरा में तालाब निर्माण के लिए प्रस्तावित जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार ग्राम पंचायत क्षेत्र में तालाब निर्माण के लिए खसरा नंबर 81 और 82 की जमीन ग्राम सभा से स्वीकृत है। कुछ लोगों ने इस प्रस्तावित जमीन पर खेत बनाना शुरू कर दिया है और ट्रैक्टर से लगातार जुताई का काम जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले सरपंच द्वारा इस कार्य को रुकवाया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से उसी जमीन पर खेती शुरू कर दी गई। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि संबंधित लोगों द्वारा किए जा रहे कब्जे और खेती के कार्य को तुरंत रोका जाए तथा प्रस्तावित तालाब की जमीन को सुरक्षित रखा जाए। कलेक्टर ने एसडीओ तखतपुर को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।         जनदर्शन में राजस्व अभिलेखों में नाम सुधार, पुराने मिसल अभिलेख में त्रुटि संशोधन तथा जाति प्रमाण पत्र जारी करने से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए। कुछ आवेदकों ने आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने, किसान सम्मान निधि नहीं मिलने तथा बैंक एवं वित्तीय संस्था से संबंधित बकाया भुगतान की समस्याएं भी रखीं। इसके अलावा दुकान का जप्त सामान या राशि वापस दिलाने एवं आवास ऋण से जुड़ी शिकायतें भी प्राप्त हुई। कलेक्टर ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच कर नियमानुसार शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। जनदर्शन में प्राप्त सभी आवेदनों को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा गया। रचना/110/324 –00–

पंचक शुरू होते ही सावधानी जरूरी: भूलकर भी न करें ये कार्य

 हिंदू धर्म में पंचक काल को विशेष सावधानी बरतने वाला समय माना जाता है. पंचांग के अनुसार 17 फरवरी 2026 से पंचक की शुरुआत हो गई है, जो 21 फरवरी 2026 तक रहेगा. इस बार पंचक मंगलवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे अग्नि पंचक कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कुछ विशेष कार्य करने से बचना चाहिए, वर्ना जीवन में परेशानियां और नुकसान बढ़ सकता है. कब से कब तक रहेगा पंचक? पंचांग के अनुसार पंचक की शुरुआत 17 फरवरी 2026, मंगलवार सुबह 09:05 बजे से हो गई है और इसका समापन 21 फरवरी 2026, शनिवार शाम 07:07 बजे होगा. इस बार पंचक का समय इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसी दिन फाल्गुन अमावस्या और सूर्य ग्रहण भी पड़ रहे हैं, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है. क्या होता है पंचक? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में रहता है, तब पंचक काल बनता है. यह कुल पांच दिनों का समय होता है. मान्यता है कि इन दिनों में किए गए कुछ कार्य अशुभ फल दे सकते हैं. मंगलवार से शुरू होने के कारण इसे अग्नि पंचक के नाम से जाना जाता है. इस दौरान आग लगने का भय, दुर्घटनाओं की आशंका और विवादों का खतरा अधिक रहता है. भूलकर भी न करें ये काम शास्त्रों के अनुसार, पंचक के इन दिनों में कुछ विशेष कार्यों को करने की सख्त मनाही है. दक्षिण दिशा की यात्रा: पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करना वर्जित है. इसे यम की दिशा माना जाता है, जिससे दुर्घटना या भारी हानि का भय रहता है. घर की छत डलवाना: यदि आप घर बनवा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि पंचक के दौरान लेंटर या छत नहीं डलवानी चाहिए. इससे घर में क्लेश और धन की हानि हो सकती है. लकड़ी का काम और चारपाई: पंचक के दौरान लकड़ी इकट्ठा करना, फर्नीचर खरीदना या चारपाई/पलंग बनवाना अशुभ माना जाता है. मशीनरी का कार्य: अग्नि पंचक होने के कारण औजारों और मशीनों से जुड़े काम सावधानी से करें या टाल दें. आग से जुड़ी दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है. नए निवेश या व्यापार: किसी भी नए बड़े निवेश या व्यापार की शुरुआत से इन 5 दिनों तक बचना चाहिए. क्यों खास है इस बार का अग्नि पंचक? इस बार का पंचक ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है. 17 फरवरी को ही साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है और साथ ही फाल्गुन अमावस्या भी है. ग्रहों की यह स्थिति मानसिक तनाव और विवाद पैदा कर सकती है. विद्वानों का मानना है कि ग्रहण और पंचक का एक साथ होना प्रकृति और जनजीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है. पंचक में अनहोनी से बचने के उपाय     यदि कोई कार्य करना बहुत अनिवार्य हो, तो ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं:     यदि दक्षिण दिशा में जाना जरूरी हो, तो हनुमान जी के मंदिर में गुड़-चना चढ़ाकर यात्रा शुरू करें.     लकड़ी का काम शुरू करने से पहले गायत्री मंत्र का जाप करें या गायत्री हवन करें.  

राजस्थान में ACB की कार्रवाई, JJM घोटाले में शामिल 15 लोगों पर सख्ती

जयपुर  राजस्थान में बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार सुबह बड़ा एक्शन लिया। एसीबी की टीमों ने राजस्थान सहित कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर 15 आरोपियों के ठिकानों पर सर्च अभियान शुरू किया। कार्रवाई की जद में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल भी शामिल हैं। एसीबी सूत्रों के अनुसार, जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर के अलावा बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित कुल 15 स्थानों पर तड़के दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। टीमों ने दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। बाड़मेर रेलवे स्टेशन से एक्सईएन हिरासत में कार्रवाई के तहत पीएचईडी जोधपुर में तैनात एक्सईएन विशाल सक्सेना को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे बाड़मेर रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया गया। जानकारी के मुताबिक, सक्सेना विरात्रा माता मंदिर में दर्शन के लिए ट्रेन से बाड़मेर पहुंचे थे। एसीबी की टीम पहले से स्टेशन पर मौजूद थी। जैसे ही वे ट्रेन से उतरे, टीम ने उन्हें हिरासत में लेकर जयपुर रवाना कर दिया। सूत्रों का कहना है कि विशाल सक्सेना की भूमिका टेंडर प्रक्रिया और फर्जी सर्टिफिकेट मामले में संदिग्ध पाई गई है। उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। SIT चार अहम मामलों की जांच में जुटी जल जीवन मिशन से जुड़े इस कथित घोटाले में एसीबी द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) चार प्रमुख मामलों की जांच कर रहा है। करीब 20 हजार करोड़ रुपए के स्पेशल प्रोजेक्ट से जुड़े टेंडर्स में अनियमितताओं की आशंका जताई गई है। आरोप है कि टेंडर शर्तों में बदलाव कर बड़ी फर्मों को अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। जांच में सामने आया है कि टेंडर प्रक्रिया में साइट इंस्पेक्शन की विशेष शर्त जोड़ी गई थी, जिससे यह पहले से पता चल सके कि कौन-कौन सी फर्म भाग ले रही हैं। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए। हालांकि बाद में वित्त विभाग ने इन टेंडर्स को निरस्त कर दिया था। अब एसीबी उन इंजीनियर्स की भूमिका की पड़ताल कर रही है, जिन्होंने यह शर्तें जोड़ी थीं। 55 करोड़ का फर्जी भुगतान जांच में यह भी सामने आया है कि श्रीश्याम और गणपति ट्यूबवेल फर्म को बिना कार्य किए 55 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया। इस मामले में कुल 139 इंजीनियर जांच के दायरे में हैं। इनमें 15 एक्सईएन, 40 एईएन और 50 जेईएन शामिल बताए जा रहे हैं। एसीबी इस बात की भी जांच कर रही है कि भुगतान किस स्तर पर और किन अधिकारियों की अनुमति से किया गया। प्रारंभिक जांच में कई स्तरों पर लापरवाही और मिलीभगत की आशंका जताई गई है। इरकॉन के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट मामले का एक बड़ा पहलू इरकॉन कंपनी के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर करीब 900 करोड़ रुपए के टेंडर जारी करने से जुड़ा है। ये टेंडर कथित तौर पर श्रीश्याम और गणपति ट्यूबवेल फर्म को दिए गए। जांच में यह भी आरोप है कि जब मामला उजागर हुआ तो एक्सईएन स्तर पर जांच के नाम पर केरल जाकर एक रिपोर्ट पेश की गई, जिसे अब झूठा बताया जा रहा है। एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि इरकॉन के नाम का दुरुपयोग कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने में किन-किन इंजीनियरों और अधिकारियों की भूमिका रही। कई राज्यों में समन्वित कार्रवाई एसीबी की इस कार्रवाई को समन्वित ऑपरेशन माना जा रहा है, जिसमें राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी टीमों ने एक साथ दबिश दी। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही गुप्त जांच के बाद की गई है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं। जांच एजेंसी पूरे प्रकरण में वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है, ताकि घोटाले की पूरी साजिश और नेटवर्क का खुलासा हो सके। जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं ने प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसीबी की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासों का आधार बन सकती है।

ग्रहण काल में तुलसी दल व गंगाजल का प्रयोग क्यों किया जाता है? आस्था और विज्ञान का रहस्य

पंचांग के अनुसार, साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने जा रहा है. सूर्य ग्रहण के दौरान तुलसी के पत्तों और गंगाजल का इस्तेमाल बहुत जरूरी माना गया है. शास्त्रों की मानें तो ग्रहण के समय जब सूर्य की रोशनी कम होती है, तो पूरी दुनिया में एक तरह की नकारात्मक ऊर्जा फैलने लगती है. ऐसे में तुलसी और गंगाजल दो ऐसी पवित्र चीजें हैं, जो इस बुराई को सोख लेती हैं और आसपास के माहौल को शुद्ध रखती हैं. माना जाता है कि इनके इस्तेमाल से घर और रसोई की पवित्रता बनी रहती है और हम पर ग्रहण का बुरा असर पड़ने की आशंका बहुत कम हो जाती है. यह हमारी प्राचीन परंपरा का एक अटूट हिस्सा है. खाने-पीने की चीजों में तुलसी का महत्व शास्त्रों और युर्वेद के अनुसार, तुलसी एक ऐसा पौधा है जिसमें कुदरती तौर पर हानिकारक किरणों को खत्म करने की अद्भुत शक्ति होती है. ग्रहण के समय हवा में कुछ ऐसे बारीक कीटाणु और अशुद्ध तरंगें बढ़ जाती हैं, जो खाने और पानी को खराब कर सकती हैं. अगर हम पके हुए खाने, दूध और पीने के पानी में तुलसी का पत्ता डाल दें, तो वह खाना पूरी तरह सुरक्षित रहता है. माना जाता है कि तुलसी की उपस्थिति से भोजन शुद्ध बना रहता है और ग्रहण खत्म होने के बाद भी हम उसे बिना किसी डर के इस्तेमाल कर सकते हैं. यह विधि हमारे आहार की सात्विकता का संचालन करती है. गंगाजल के छिड़काव से वातावरण की शुद्धि गंगाजल को हमारे धर्म में सबसे पवित्र जल माना गया है, जो कभी अशुद्ध नहीं होता. शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के समय घर के हर कोने और मंदिर में गंगाजल छिड़कने से वहां मौजूद नकारात्मक ऊर्जा तुरंत खत्म हो जाती है. गंगाजल में वातावरण को साफ-सुथरा रखने और मन में अच्छे विचार लाने की अद्भुत शक्ति होती है. ग्रहण के समय जब हम थोड़े डरे या परेशान होते हैं, तब गंगाजल का स्पर्श हमारे मन को शांत और पवित्र रखने में बड़ी मदद करता है. इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और तनाव कम होने की संभावना बढ़ जाती है. गंगाजल का प्रयोग घर के वातावरण में सकारात्मकता भर देता है. ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धि का विधान जैसे ही ग्रहण खत्म हो, खुद को और घर को शुद्ध करने के लिए भी इनका बहुत बड़ा महत्व है. नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें डालकर स्नान करने से शरीर की सारी सुस्ती और दोष दूर हो जाते हैं. इसके बाद पूरे घर और भगवान की मूर्तियों पर भी गंगाजल छिड़कना चाहिए. ग्रहण के दौरान जिन चीजों में आपने तुलसी के पत्ते डाले थे, उन्हें इस्तेमाल करने से पहले पत्ते निकालकर किसी पौधे या साफ जगह पर रख दें. यह छोटी सी विधि आपके जीवन में फिर से सकारात्मकता लाने में मदद करती है.

पहला सूर्य ग्रहण और 12 राशियाँ: किसे मिलेगा लाभ, किसे रहना होगा सावधान

कुंभ राशि में लगने वाला साल का पहला ग्रहण सामूहिक चेतना, नवाचार और भविष्य की योजनाओं में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है. भले ही यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का गोचर और उनकी स्थिति प्रत्येक जातक के लिए महत्वपूर्ण होती है. आइए विस्तार से समझते हैं कि इस ग्रहण का विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने की संभावना है. राशियों पर ग्रहण का प्रभाव मेष राशि यह ग्रहण आपके सामाजिक जीवन और बड़े सपनों को प्रभावित कर सकता है. देखा जाए तो आप अपनी दोस्ती और काम-काज के रिश्तों को नए नजरिए से देख सकते हैं. पैसों को लेकर थोड़ी अस्थिरता महसूस हो सकती है, इसलिए निवेश या खर्च का कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें. वृषभ राशि करियर को लेकर यह समय थोड़ा संभलकर चलने का है. हो सकता है ऑफिस में काम का दबाव बढ़े या मेहनत का फल मिलने में थोड़ी देरी हो. अधिकारियों से उलझने के बजाय धैर्य रखें. ध्यान रहे, धीरे-धीरे ही सही लेकिन आपकी निरंतरता आपको बड़ी सफलता दिलाएगी. मिथुन राशि आपकी पढ़ाई, लंबी यात्राओं और भविष्य की सोच में कुछ बदलाव आ सकते हैं. मुमकिन है कि बनी-बनाई योजनाओं में फेरबदल करना पड़े. विशेष रूप से, इस दौरान आपकी आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी, जो आपको खुद को बेहतर तरीके से समझने में मदद करेगी. कर्क राशि ग्रहण के प्रभाव से आपकी भावनाएं काफी गहरी हो सकती हैं. पैसों के लेन-देन, लोन या पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें. बेमतलब की चिंताओं में न उलझें और मुश्किल समय में परिवार के साथ पर भरोसा रखें. सिंह राशि आपके रिश्तों और पार्टनरशिप के लिए यह समय धैर्य की परीक्षा जैसा है. अगर बातचीत में अहंकार आया, तो गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. दूसरों की बातों को ध्यान से सुनें और शांति से जवाब दें; यही आपकी समझदारी होगी. कन्या राशि अपनी सेहत और रोजमर्रा के काम पर ध्यान दें. काम के बोझ को खुद पर हावी न होने दें, नहीं तो तनाव बढ़ सकता है. अनुशासन बनाए रखें और काम के साथ-साथ आराम के लिए भी वक्त निकालें. सेहत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. तुला राशि आपका मन रचनात्मक कामों में लगेगा, लेकिन भावनात्मक रूप से ध्यान भटक सकता है. प्रेम संबंधों में एक-दूसरे से बहुत ज्यादा उम्मीदें न पालें. अपनी बात को साफ और स्पष्ट रखें ताकि किसी भी तरह के भ्रम की गुंजाइश न रहे. वृश्चिक राशि यह समय आपके घर और परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. घर की चर्चाओं में धैर्य बनाए रखें, क्योंकि पुरानी बातें फिर से उभर सकती हैं. कड़वी भाषा का प्रयोग करने से बचें और घर के माहौल को शांत रखने की कोशिश करें. धनु राशि बातचीत करने और नई चीजें सीखने के मामले में सावधानी जरूरी है. किसी को कुछ भी बोलने से पहले सोच लें ताकि गलतफहमी न हो. छोटे भाई-बहनों या पड़ोसियों के साथ व्यवहार में नरमी बरतें और सकारात्मक रहें. मकर राशि पैसों के मामले में अनुशासन बनाए रखना ही आपके लिए सबसे बड़ा मंत्र है. फिजूलखर्ची या रिस्की निवेश से फिलहाल दूर रहें. यह ग्रहण आपको अपनी बचत और खर्च करने के तरीकों को सुधारने का एक अच्छा मौका दे रहा है. कुंभ राशि यह ग्रहण आपकी ही राशि में है इसलिए यह समय ‘खुद को पहचानने’ का है. आप अपने स्वास्थ्य, करियर और रिश्तों को लेकर दोबारा सोच सकते हैं. मन थोड़ा अशांत रह सकता है, इसलिए फिलहाल कोई बड़ा बदलाव न करें और खुद को समय दें. मीन राशि आपका झुकाव अध्यात्म की ओर ज्यादा रहेगा. आप अकेलापन महसूस कर सकते हैं, लेकिन इसे नकारात्मक न होने दें. यह पुराने जख्मों को भरने और प्रार्थना व ध्यान के जरिए खुद को शांत करने का बहुत अच्छा समय है. ग्रहण के दौरान नकारात्मक प्रभाव कम करने के उपाय शास्त्रों में ग्रहण के प्रभाव को संतुलित करने के लिए कुछ विशेष मार्गदर्शन दिए गए हैं, जो सभी जातकों के लिए लाभकारी हैं:     मंत्रों का आलंबन: स्पष्टता और सुरक्षा के लिए गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जप करें.     दान और सेवा: चावल, दूध, तिल, पीले वस्त्र या अन्य वस्तुओं का दान करना सकारात्मकता लाता है.     आध्यात्मिक साधना: ध्यान, मौन और प्रार्थना को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.     संयम: अनावश्यक विवादों से बचें और मानसिक शांति बनाए रखने का प्रयास करें.  

बाघ और तेंदुए की सुरक्षा के लिए नए ओवरपास, रातापानी मिडघाट सेक्शन में वन्यजीवों की हताहत संख्या चिंताजनक

नर्मदापुरम वन्य प्राणियों के जीवन की सुरक्षा के लिए पश्चिम मध्य रेलवे रातापानी के जंगल में पहाड़ियों के बीच से निकली रेल लाइन के ऊपर 4 एनीमल ओवरपास बना रहा है। बुदनी से बरखेड़ा के बीच 26 किमी के रेलवे ट्रैक पर 4 ऐसे  स्थान हैं जहां से वन्य प्राणियों की टेरेटरी है।  जंगली जानवर शिकार और पहाड़ी नाले में पानी की तलाश के लिए रेलवे ट्रैक पार करते हैं। लेकिन इसी बीच ट्रेन आ जाने पर तेज आवाज के कारण दो पहाडों के बीच में फंस जाते हैं। घबराहट में वे ट्रैक पर दौड़ने लगते हैं और ट्रेन की चपेट में आकर मर जाते हैं। जिन स्थानों पर एनीमल ओवरपास बना रहे हैं वे स्थान वन विभाग ने रेलवे को चिन्हित करके दिए हैं, क्योंकि जंगली जानवर उन्हीं रास्ते अक्सर निकलते हैं। अभी चौका रेलवे स्टेशन (केविन) के पास 2 एनीमल ओवरपास बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं 2 पर काम चल रहा है। जानकारी के अनुसार पिछले 10 वर्षों में पहाडों के बीच फंसकर 10 तेंदुआ और 9 बाघों की मौत ट्रेन की चपेट आकर हो चुकी है। आवीएनएल के सीपीएम राघवेंद्र सारस्वत ने बताया कि 2 लगभग कंप्लीट हो चुके हैं, 2 पर काम चल रहा है। हमारा लक्ष्य मानसून आने से पूर्व कम्पलीट करने का है। ईको फ्रेंडली ओवरपास बन रहे एक ओवरपास का निर्माण लगभग 2 करोड़ रुपए से हो रहा है। 4 एनीमल ओवरपास बुदनी से मिडघाट के बीच 1, चौका- मिडघाट के बीच 2, चौका बरखेड़ा के बीच 1 एनीमल ओवरपास का निर्माण हो रहा है। इसकी चौड़ाई 32 मीटर है जबकि पहाड़ी के बीच गेप 18 मीटर का है। एनीमल ओवरपास जिन स्थानों पर बनाए गए हैं वहां रेलवे ट्रैक के दोनों और 100-100 मीटर की 3.5 मीटर ऊंची चैनलिंग फेंसिंग लगाई जाएगी ताकि वे एनीमल ओवरपास से होकर रेल लाइन का क्रॉस करें। यह ईको फ्रेंडली रहेंगे ताकि जंगली जानवर आसानी से इस पार से उस पास आ जा सकें। ट्रैक और पहाड़ के बीच 3-5 फीट की दूरी मिडघाट सेक्शन में चौका के पास रेलवे ट्रैक और पहाड़ी के बीच में 3-5 फीट का गेप बचता है। जब ट्रेन गुजरती है तो दोनो ओर ड्रेन बनी होने के कारण वन्य प्राणी दोनों पहाड़ के बीच स्थित ट्रैक भागने लगते हैं और निकल नहीं पाता।

पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में कदम, CM साय ने झुमका में ओपन थिएटर का किया शुभारंभ

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राजस्थान में बारिश के साथ गिरेंगे ओले, पश्चिमी विक्षोभ का 48 घंटे रहेगा असर

जयपुर. राजस्थान में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम बड़ा बदलाव दिखा सकता है। 17 और 18 फरवरी को राज्य में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान कई जिलों में मेघगर्जन, बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। आज इन संभागों में बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने बताया है कि आज जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद मौसम करवट ले सकता है। आसमान में बादल छाने और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। सुबह और दोपहर तक मौसम सामान्य रह सकता है, लेकिन बाद में अचानक बदलाव से लोगों को राहत भी मिल सकती है। कल का मौसम: ओलावृष्टि की चेतावनी विक्षोभ का सबसे ज्यादा प्रभाव 18 फरवरी को रहने की संभावना है। इस दिन बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कहीं-कहीं ओले गिरने की भी संभावना है। ओलावृष्टि होने पर खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। तापमान में गिरावट के संकेत फिलहाल राज्य के अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। लेकिन मावठ के असर से अगले 2 से 3 दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है। इसके बाद फिर से तापमान बढ़ने की संभावना जताई गई है।

रेलवे ग्रुप डी आंसर-की आज जारी, अभ्यर्थी यहां करें अपने उत्तरों की जांच

 नई दिल्ली रेलवे भर्ती बोर्ड आज 17 फरवरी को शाम 5 बजे आरआरबी ग्रुप डी भर्ती परीक्षा 2024 ( विज्ञापन संख्या 08/2024) की आंसर-की जारी करेगा। परीक्षार्थी अपने अपने रीजनल आरआरबी की वेबसाइट पर जाकर या नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक कर आंसर-की चेक व डाउनलोड कर सकेंगे। आंसर-की के साथ साथ क्वेश्चन पेपर और रिस्पॉन्स शीट भी आई है ताकि परीक्षार्थी अपने उत्तरों का मिलान कर सकें। अगर किसी प्रश्न के उत्तर पर कोई आपत्ति है तो 23 फरवरी 2026 तक इसे ऑनलाइन मोड से दर्ज करा सकते हैं। प्रति आपत्ति के लिए 50 रुपये (प्लेस बैंक चार्ज) का भुगतान करना होगा। अगर आपत्ति सही पाई जाती है तो 50 रुपये रिफंड कर दिए जाएंगे। इस भर्ती परीक्षा का आयोजन 27 नवंबर 2025 से 10 फरवरी 2026 के बीच देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। सीबीटी में सभी वर्गों का न्यूनतम पासिंग प्रतिशत यूआर-40 फीसदी, ईडब्ल्यूएस-40 फीसदी, ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर)-30 फीसदी, एससी-30 फीसदी, एसटी-30 फीसदी। रेलवे में ग्रुप डी के 32438 पदों पर भर्ती ग्रुप डी भर्ती के जरिए रेलवे में असिस्टेंट (एस एंड टी), सहायक (वर्कशॉप), असिस्टेंट ब्रिज, असिस्टेंट कैरिज और वैगन, असिस्टेंट लोको शेड (डीजल), असिस्टेंट लोको शेड (इलेक्ट्रिकल), असिस्टेंट ऑपरेशन (इलेक्ट्रिकल), असिस्टेंट पी.वे, असिस्टेंट टीएल और एसी (वर्कशॉप), असिस्टेंट टीएल और एसी, असिस्टेंट ट्रैक मशीन, असिस्टेंट टीआरडी, पॉइंट्समैन बी ट्रैकमेंटेनर-IV के 32438 पद भरे जाएंगे। ग्रुप डी चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) और शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) के आधार पर किया जाएगा। सीबीटी में सफल उम्मीदवारों को पीईटी में बुलाया जाएगा। सीबीटी सिर्फ एक चरण में होगा। पीईटी के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल होगा। रेलवे ग्रुप डी भर्ती में परसेंटाइल से निकाली जाएगी मेरिट रेलवे भर्ती बोर्ड ग्रुप डी भर्ती परीक्षा की मेरिट निकालने के लिए परसेंटाइल स्कोर का इस्तेमाल करेगा। परसेंटाइल स्कोर उन सभी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर बेस्ड होता है जो उस शिफ्ट के एग्जाम में शामिल हुए होते हैं। इसमें परीक्षार्थियों की प्रत्येक शिफ्ट के लिए प्राप्त अंकों को 100 से 0 के पैमाने में बदल दिया जाता है। रेलवे ग्रुप डी भर्ती 2025 में 21997 वैकेंसी, आवेदन प्रक्रिया जारी रेलवे में ग्रुप डी के 21997 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 31 जनवरी से जारी है। 10वीं पास युवा www.rrbapply.gov.in पर जाकर 2 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।जमा किए गए आवेदन के लिए फीस भरने की आखिरी तारीख 04 मार्च 2026 है। आवेदन पत्र में करेक्शन करने की विंडो 05 मार्च से 14 मार्च 2026 के बीच खुलेगी। ध्यान रहे रेलवे जोन सेलेक्ट करने के बाद उसमें बदलाव नहीं कर सकेंगे। ग्रुप डी भर्ती 2025 किस जोन में कितनी वैकेंसी, देखें ब्योरा नॉर्दर्न रेलवे (नई दिल्ली) में कुल 3537 पद हैं। इनमें 1437 अनारक्षित (UR), 530 अनुसूचित जाति (SC), 266 अनुसूचित जनजाति (ST), 956 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और 348 ईडब्ल्यूएस (EWS) के लिए हैं। वेस्टर्न रेलवे (मुंबई) में कुल 3148 पद घोषित किए गए हैं। इनमें 1160 UR, 407 SC, 178 ST, 698 OBC और 288 EWS शामिल हैं। सेंट्रल रेलवे (मुंबई) में 2012 पद हैं। इसमें 914 UR, 318 SC, 171 ST, 407 OBC और 202 EWS के लिए हैं। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (गुवाहाटी) को कुल 1776 पद मिले हैं। इनमें 718 UR, 266 SC, 133 ST, 480 OBC और 179 EWS पद शामिल हैं। साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (बिलासपुर) में कुल 1199 पद हैं। इसमें 516 UR, 184 SC, 76 ST, 281 OBC और 142 EWS के लिए पद निर्धारित हैं। नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे (गोरखपुर) में 1196 पद रखे गए हैं। इनमें 537 UR, 178 SC, 109 ST, 271 OBC और 101 EWS शामिल हैं। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे (प्रयागराज/इलाहाबाद) में कुल 1183 पद हैं। इसमें 570 UR, 156 SC, 89 ST, 271 OBC और 97 EWS पद शामिल हैं। ईस्टर्न रेलवे/मेट्रो कोलकाता में 1180 पद घोषित किए गए हैं। इनमें 468 UR, 157 SC, 129 ST, 297 OBC और 129 EWS शामिल हैं। वेस्ट सेंट्रल रेलवे (जबलपुर) में कुल 1147 पद हैं। इसमें 581 UR, 174 SC, 89 ST, 157 OBC और 145 EWS पद शामिल हैं। सदर्न रेलवे (चेन्नई) में 1036 पद हैं। इनमें 430 UR, 155 SC, 96 ST, 247 OBC और 108 EWS के लिए पद रखे गए हैं। साउथ सेंट्रल रेलवे (सिकंदराबाद) को 1016 पद मिले हैं। इनमें 376 UR, 151 SC, 130 ST, 258 OBC और 101 EWS शामिल हैं। ईस्ट सेंट्रल रेलवे (हाजीपुर) में कुल 976 पद हैं। इसमें 405 UR, 148 SC, 59 ST, 266 OBC और 98 EWS पद शामिल हैं। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे (जयपुर) में 974 पद घोषित हुए हैं। इनमें 483 UR, 152 SC, 48 ST, 188 OBC और 104 EWS शामिल हैं। साउथ ईस्टर्न रेलवे (कोलकाता) में 955 पद हैं। इसमें 364 UR, 158 SC, 84 ST, 245 OBC और 104 EWS शामिल हैं। ईस्ट कोस्ट रेलवे (भुवनेश्वर) में कुल 803 पद हैं। इनमें 329 UR, 120 SC, 57 ST, 206 OBC और 91 EWS पद रखे गए हैं। साउथ वेस्टर्न रेलवे (हुबली) में सबसे कम 90 पद हैं। इसमें 51 UR, 14 SC, 8 ST, 14 OBC और 6 EWS के लिए हैं।  

धार नसबंदी कैंप में हड़कंप, हर 2 मिनट में हुआ ऑपरेशन और महिलाओं को जमीन पर लिटाया गया

धार मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र धार जिले में महिला नसबंदी कैंप की शर्मनाक तस्वीर आई सामने आई है। यहां करीब 180 महिलाओं का बुनियादी सुविधाओं के बिना नसबंदी ऑपरेशन कर दिया गया। ऐसा बताया जा रहा है कि यहां डॉक्टर द्वारा हर 2 मिनट में एक महिला की नसबंदी कर दी गई। लापरवाही सामने आने के बाद 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर जांच शुरू कर दी गई है। ऑपरेशन के बाद कैंप में जमीन पर लेटी महिलाओं के वीडियो भी सामने आए हैं। धार जिले के आदिवासी क्षेत्र बाग में नसबंदी कैंप में महिलाओं के साथ हुई लापरवाही ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां 180 आदिवासी महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों और परिजनों के साथ बाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नसबंदी कैंप में पहुंची थीं। महिलाओं को उम्मीद थी कि सरकारी शिविर में उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक चिकित्सा सुविधा मिलेगी, लेकिन यहां का नजारा बेहद शर्मनाक और चिंताजनक नजर आया। कैंप में न पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था थी और ना ही बैठने की उचित इंतजाम। कैंप में जिन महिलाओं की नसबंदी की गई, उन्हें भी ऑपरेशन के बाद खुले आसमान के नीचे धूप में जमीन पर ही लिटा दिया गया। इस दौरान ऑपरेशन कराने वाली महिलाएं गर्मी और दर्द से बेचैन और परेशान नजर आईं, जबकि उनके परिजन कपड़ों से हवा कर उन्हें राहत देने की कोशिश करते दिखाई दिए। वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि नसबंदी केंद्र के बाहर कुछ महिलाएं और पुरुष छोटे-छोटे बच्चों को कपड़े की झोली लगाकर झूला झूल रहे थे, जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी तक नसबंदी नहीं हो पाई। लिहाजा भूखे-प्यासे परेशान होकर बाहर बैठे रहे। उन्होंने सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं में सुधार किए जाने की मांग की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी डॉ. वीर बहादुर सिंह मुवेल कैंप के दौरान मौके पर मौजूद नहीं थे। स्टाफ द्वारा जानकारी देने के बाद वह मौके पर पहुंचे और बैठक में होने की बात कही, जबकि उनके ही क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 180 से अधिक महिलाओं की नसबंदी की जा रही थी। अब इस मामले में 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है और जांच जा जारी है। जानकारी के अनुसार, पता चला है कि स्वास्थ्य केंद्र पर एक ही प्राइवेट डॉक्टर है, जिसके जिम्मे करीब 180 ऑपरेशन सौंप दिए गए थे। प्राइवेट डॉक्टर डॉ. राकेश डावर द्वारा तेजी से ऑपरेशन किए जा रहे थे। वहीं अस्पताल के मैनेजर बसंत अजनार ने दावा किया कि वे मात्र 2 मिनट में एक नसबंदी कर देते हैं। सभी ऑपरेशन इतनी तेजी से किए गए कि अब सुरक्षा और मेडिकल प्रोटोकॉल पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल में सिर्फ एक परमानेंट डॉक्टर बता दें कि, बाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक ही परमानेंट डॉक्टर डॉ. हरिसिंह के भरोसे संचालित हो रहा है। यहां दो डॉक्टर कॉन्ट्रैक्ट बॉन्ड पर हैं और दो डॉक्टर संविदा पर नियुक्त किए गए। एक ही डॉक्टर के भरोसे इतना बड़ा स्वास्थ्य केंद्र संचालित होने से अब इस पर सवाल उठना लाजिमी है। सीएमओ डॉ. वीरभद्र सिंह मुवेल का कहना है डॉक्टर्स की कमी की बात जिला मुख्यालय के अधिकारियों को बता दी गई है। स्वास्थ्य केंद्र के स्टोर-कीपर बसंत अजनार ने बताया कि कैंप 180 से अधिक मरीज पहुंचे हैं और बेड्स की कमी के कारण ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर ही लिटाना पड़ा। उनका कहना था कि डॉक्टर विशेषज्ञ हैं और समय की कोई समस्या नहीं है, लेकिन व्यवस्थाओं की यह कमी खुद स्वास्थ्य तंत्र की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

महेश भूपति संग लारा दत्ता का रिश्ता, अभिनेत्री ने दिया दिलचस्प बयान

मुंबई   अभिनेत्री लारा दत्ता पूर्व टेनिस प्लेयर महेश भूपति के साथ खुशहाल वैवाहिक जीवन जी रही हैं।  कपल ने शादी के 15 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर लारा ने इंस्टाग्राम के जरिए पति महेश को शुभकामनाएं दीं। लारा ने महेश के साथ कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। इन तस्वीरों में दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश और रोमांटिक नजर आ रहे हैं। लारा ने लिखा, “15 साल, मैं आग और वो हवा। मैं चिंगारी लगाती हूं, तो वे उसे और भड़का देते हैं, और हैरानी की बात ये है कि अब तक हमने घर नहीं जलाया।” अभिनेत्री ने आगे लिखा कि इतने सालों में दोनों ने एक-दूसरे को प्रोफेशनल तरीके से परेशान करना, ऐसे लड़ना जैसे कोई खेल हो, यह दिखाना कि हम बिल्कुल भी प्रतिस्पर्धी नहीं हैं, और फिर भी हर दिन एक-दूसरे को ही चुनना सीखा है। अभिनेत्री की पोस्ट फैंस और उनके दोस्तों को काफी पसंद आ रही है। कई यूजर्स उनके मजाकिया अंदाज को काफी पसंद कर रहे हैं। अभिनेता गजराव ने हार्ट इमोजी के साथ शानदार प्रतिक्रिया दी। अभिनेत्री लारा दत्ता और महेश भूपति की पहली मुलाकात एंटरटेन्मेंट और स्पोर्ट्स को लेकर एक बिजनेस मीटिंग के दौरान हुई थी। काम के सिलसिले में दोनों के बीच दोस्ती हुई थी और धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। 9 साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद दोनों ने पहले 16 फरवरी 2011 को सिविल मैरिज की और उसके बाद गोवा में क्रिश्चियन रस्मों के साथ शादी की। इस जोड़े की एक बेटी सायरा भूपति है। अभिनेत्री लारा जल्द ही फिल्म ‘वेलकम’ के तीसरे पार्ट ‘वेलकम टू द जंगल’ में नजर आएंगी। फिल्म में उनके साथ अक्षय कुमार, दिशा पटानी, रवीना टंडन, फरदीन खान समेत अन्य स्टार्स प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे।

शादी की खबरें हुईं लीक, रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा के वेडिंग कार्ड ने सबका ध्यान खींचा

मुंबई   रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा एक बार फिर अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं. यह जोड़ी जल्द ही शादी करने वाले हैं. हालांकि, उनके फैंस यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि कपल कब शादी कर रहा है. अब, सोशल मीडिया पर एक वेडिंग कार्ड वायरल हो गया है जिसमें विजय और रश्मिका की शादी का इनविटेशन होने का दावा किया गया है. रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी की तारीख की अफवाह ने एक बार फिर इंटरनेट पर धूम मचा दी है. इस महीने की शुरुआत में सोशल मीडिया पर शादी की चर्चा चरम पर थी, जब उदयपुर के सिटी पैलेस के वीडियो वायरल हुए, जिसमें शानदार सजावट दिख रही थी. एक सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि पैलेस एक स्टार वेडिंग के लिए तैयार हो रहा है. उस यूजर ने बताया था कि विजय और रश्मिका 2 फरवरी को शादी करने वाले हैं. हालांकि, यह खबर झूठी निकली. लेकिन एक बार फिर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना अपनी शादी के कयासों को लेकर चर्चा में आए है. उनका शादी का कार्ड सोशल मीडिया पर सामने आया. इंटरनेट पर चल रहे वेडिंग कार्ड के मुताबिक, कपल 26 फरवरी को एक छोटे से वेडिंग सेरेमनी में शादी करेंगे, और वेडिंग रिसेप्शन 4 मार्च को हैदराबाद में होगा. रश्मिका और विजय के इस अटकल वाले वेडिंग कार्ड पर लिखा है, ‘मैं कुछ खास खबरें शेयर करने और आपको हमारी ज़िंदगी के एक बड़े पल का हिस्सा बनने के लिए इनवाइट करने के लिए लिख रहा हूं. हमारे परिवारों के प्यार और आशीर्वाद से, रश्मिका और मैं 26.02.26 को एक छोटी और छोटी सी सेरेमनी में शादी करेंगे.’ इसमें आगे लिखा है, ‘जैसा कि हम इस नए चैप्टर की शुरुआत कर रहे हैं और अपने इस मिलन का जश्न मना रहे हैं. साथ ही खूबसूरत यादें बना रहे हैं. हमारे लिए उन लोगों के साथ जश्न मनाना सच में बहुत मायने रखेगा जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं. आपकी मौजूदगी और आशीर्वाद इस मौके को हमारे लिए और भी खास बना देंगे.’ कुछ समय से अफवाहें चल रही हैं कि विजय और रश्मिका उदयपुर में एक शानदार सेरेमनी में शादी करेंगे. माना जा रहा है कि यह जोड़ी पिछले कई सालों से रिलेशनशिप में हैं, लेकिन दोनों में से किसी ने भी अपने रिलेशनशिप स्टेटस के बारे में खुलकर बात नहीं की है. शादी की उड़ती अफवाहों के बीच, रश्मिका और विजय को रविवार रात मुंबई आते हुए देखा गया. हालांकि एक्टर्स की अलग-अलग तस्वीरें ली गईं, लेकिन बाद में उन्हें एक ही कार में बैठते हुए देखा गया था.

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