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अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले पांच आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे

अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले पांच आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे 11 अवैध हथियार, कारतूस, मैग्जीन और बुलेट मोटर साइकिल जब्त भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के निर्माण, तस्करी एवं खरीद-फरोख्त पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु प्रदेशभर में निरंतर कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में अशोकनगर एवं ग्वालियर जिलों में पुलिस ने कार्यवाही कर कुल 11 अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, मैग्जीन तथा वाहन जप्त कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।जानकारी के अनुसार अशोक नगर पुलिस अधीक्षक अशोकनगर राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में थाना चंदेरी पुलिस ने अवैध हथियार की सूचना पर प्रभावी कार्यवाही कर एक आरोपी को पकड़ा, जिसके कब्जे से 315 बोर के 2 देशी कट्टे एवं 1 जिंदा कारतूस जप्त किए। आरोपी से पूछताछ करने पर सहआरोपी के कब्जे से 315 बोर का 1 देशी कट्टा एवं 1 जिन्दा कारतूस जप्त कर उसे गिरफ्तार किया। इसके अतिरिक्त मुखबिर सूचना पर पुलिस टीम द्वारा पिछोर रोड सिंहपुर महल मार्ग पर दबिश दी गई, जहां से आरोपी को गिरफ्तार कर उसके  कब्जे से 315 बोर के 2 देशी कट्टे एवं 1 जिन्दा कारतूस जब्त किए। इस प्रकार उक्त कार्यवाही में पुलिस ने 315 बोर के 5 देशी कट्टे एवं 3 जिंदा कारतूस सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध थाना चंदेरी में आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। इधर ग्वालियर क्राइम ब्रांच पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्वालियर-झांसी बायपास क्षेत्र से दो हथियार तस्करों को मौके से पकड़कर उनके कब्जे से 32 बोर की 6 देशी पिस्टल, 5 अतिरिक्त मैग्जीन, एक पिट्ठू बैग एवं एक मोटरसाइकिल रॉयल एनफील्ड जप्त की है। यह कार्यवाही पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देशन में की गई।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे खरगोन जिले से 12 हजार रुपये प्रति नग की दर से हथियार खरीदकर ग्वालियर एवं आसपास के जिलों में 40 से 50 हजार रुपये में बेचने की फिराक में थे। आरोपियों के विरुद्ध थाना क्राइम ब्रांच ग्वालियर में आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों एवं तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रदेशव्यापी कार्यवाही निरंतर जारी है।

काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन: आउटसोर्स स्टाफ 23-24 फरवरी को करेंगे काम बंद

ग्वालियर मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर राज्य के 30 हजार से अधिक आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन नौ सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा है। संघ ने बताया कि कर्मचारी 17 और 18 फरवरी को भी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे और 23 एवं 24 फरवरी को सामूहिक हड़ताल पर रहेंगे। इस आंदोलन में शासकीय मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, संजीवनी क्लिनिक और पोषण पुनर्वास केंद्रों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं। ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की रूपरेखा तय, काली पट्टी बांधकर जताएंगे विरोध जिला अध्यक्ष चित्रवीर पटेल के नेतृत्व में कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा से मुलाकात की। उन्होंने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए आंदोलन की रूपरेखा स्पष्ट की। तृतीय चरण (16-18 फरवरी) में प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। अंतिम चरण (23-24 फरवरी) में कर्मचारी काम बंद कर सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और भोपाल की सड़कों पर उतरकर “हल्ला बोल” प्रदर्शन करेंगे।  भोपाल में करेंगे हल्ला बोल प्रदर्शन मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर  17 और 18 फरवरी को कर्मचारी कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे। इसके बाद 23 और 24 फरवरी को प्रदेशभर के आउटसोर्स कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और राजधानी भोपाल में हल्ला बोल प्रदर्शन करेंगे।  स्थायी समाधान निकालने पर जोर संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्षों से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना किसी शर्त के विभाग में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर समायोजित कर नियमित किया जाए। वैकल्पिक रूप से, उन्हें बिना शर्त संविदा में मर्ज किया जाए। कर्मचारियों की मांग है कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार की तर्ज पर एक ठोस नीति बनाकर उनके लिए स्थायी समाधान निकाला जाए। इसके अतिरिक्त, निजी आउटसोर्स एजेंसियों द्वारा वेतन भुगतान में हो रही अनियमितताओं को रोकने के लिए सभी जिलों में इन एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर विभाग द्वारा सीधे कर्मचारियों के खातों में वेतन भुगतान की व्यवस्था लागू की जाए। चतुर्थ श्रेणी पदों पर नहीं होगी नियुक्ति जानकारी के लिए बता दें कि मध्यप्रदेश के किसी भी विभाग में अब चतुर्थ श्रेणी के पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होगी। सरकार ने इन पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्ति करने संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया है। इसके पहले ही सरकार चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया बंद कर चुकी है।  वित्त विभाग द्वारा 31 मार्च 2023 को विभागों में चतुर्थ श्रेणी पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से कर्मचारी रखने को लेकर निर्देश जारी किए थे। इसमें रिक्त पदों पर तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर पद पूर्ति जरूरी होने पर आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं लेने की छूट थी, लेकिन बजट के अभाव में नियुक्तियां नहीं की जा सकती थीं। दो साल पहले 2023 में वित्त विभाग ने नियमित भर्तियां पूरी होने तक आउटसोर्स सेवाएं लेने के निर्देश जारी किए थे। इसमें बजटीय प्रावधान के अनुसार विभाग प्रमुख आउटसोर्स एजेंसी चयनित कर सेवाएं ले सकते थे। अब इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है। नौ सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारी, वेतन बढ़ाने की मांग आउटसोर्स कर्मचारियों ने सरकार के सामने नौ सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिनमें मुख्य रूप से विभाग में समायोजन की मांग शामिल है। एनएचएम के अंतर्गत सेवाएं दे चुके कर्मियों को रिक्त पदों पर समायोजित कर नियमित किया जाए या संविदा में मर्ज किया जाए। आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम वेतन 21,000 रुपये निर्धारित हो और अप्रैल 2024 से रुकी हुई 11 माह के एरियर राशि का तत्काल भुगतान किया जाए। रेगुलर कर्मचारियों की तरह छुट्टियां, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए। नियमित भर्तियों में आउटसोर्स कर्मियों को 50 प्रतिशत आरक्षण मिले। निजी आउटसोर्स एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर विभाग सीधे कर्मचारियों के खातों में भुगतान करे। स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने की आशंका: मरीजों की बढ़ेगी परेशानी हॉस्पिटल मैनेजमेंट के लिए बड़ी चुनौती राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के जिला अस्पतालों, पीएचसी और सीएचसी में वार्ड बॉय, कंप्यूटर ऑपरेटर, सफाई कर्मी और अन्य तकनीकी पदों पर बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी तैनात हैं। इनके दो दिवसीय अवकाश पर जाने से ओपीडी रजिस्ट्रेशन, लैब टेस्टिंग और वार्डों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप होने की आशंका है। इनका कहना है कि हम लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन केवल आश्वासन मिल रहा है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर हमारे लिए भी ठोस नीति बनाई जाए, अन्यथा हमें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। – चित्रवीर पटेल, जिला अध्यक्ष, म.प्र. संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ।

अलग-अलग जिलों में 44 लाख से ज्यादा का मादक पदार्थ बरामद

अलग-अलग जिलों में 44 लाख से ज्यादा का मादक पदार्थ बरामद   गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध सघन एवं प्रभावी कार्रवाई की गई। इस दौरान जबलपुर, भोपाल, उज्जैन, मंदसौर एवं राजगढ़ जिलों में की गई पृथक-पृथक कार्यवाहियों में लगभग 44 लाख रूपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ एवं अन्य सामग्री जब्त की है। जानकारी के अनुसार जबलपुर पुलिस की क्राईम ब्रांच एवं थाना माढ़ोताल की संयुक्त टीम द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए 4800 बोतल नशीला कफ सिरप, जिसकी अनुमानित कीमत 8 लाख 64 हजार है, जप्त की गई। इस प्रकरण में आरोपी के विरुद्ध धारा एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है। इसी प्रकार भोपाल क्राईम ब्रांच ने एमपी नगर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए सीहोर निवासी 50 वर्षीय महिला को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 10 किलो 270 ग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 3 लाख रूपए है, जप्त किया। उज्जैन जिले के थाना खाचरौद पुलिस द्वारा 46 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 4 लाख 60 हजार रूपए की एमडी ड्रग्स, एक मोटरसाइकिल एवं 03 मोबाइल फोन जप्त किए हैं। इधर, मंदसौर जिले के थाना दलौदा पुलिस ने एक ट्रक में किराना सामान के नीचे छुपाकर ले जा रहे 40 किलोग्राम डोडाचूरा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।इसके अतिरिक्त 1 लाख 40 हजार नगद राशि एवं ट्रक सहित लगभग 20 लाख 60 हजार रूपए की सामग्री जप्त की है। राजगढ़ जिले की थाना बोडा पुलिस ने 60 ग्राम स्मैक सहित दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से लगभग 8 लाख रूपए मूल्य की अवैध मादक पदार्थ एवं एक मोटरसाइकिल जप्त की है। इन समस्त कार्यवाहियों के माध्यम से मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश में नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु पुलिस द्वारा सख्त एवं सतत अभियान आगे भी इसी दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहेगा।

बाइकों के बीच हुई भिड़ंत में दो युवक घायल

भोपाल  बैरसिया इलाके में बाइकों के बीच हुई आमने-सामने की भिड़ंत में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी इलाके में हुए एक अन्य सड़क हादसे में भी दो लोगों को गंभीर चोट आई है।पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार छोटेलाल पुत्र खुमान सिंह (26) सिरोंज का रहने वाला है। सोमवार को वह अपने काम से भोपाल आया था। दोपहर बाद वह मोटर सायकिल से वापस अपने घर लौट रहा था। शमशाबाद बैरसिया रोड स्थित ग्राम हिनौतिया पीरान के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक के चालक ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी, जिससे दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। दूसरी बाईक पर जोसब सिंह परमाल निवासी ग्राम कढ़ैया शाह पारदी टपरा थाना बैरसिया सवार था। उसे इस हादसे में गंभीर चोट आई है। हादसे में घायल दोनों युवकों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंट का काउंटर केस दर्ज किया है।  सड़क हादसे में बाइक सवार दंपति घायल  बैरसिया इलाके में एक तेज रफ्तार पल्सर बाइक चालक ने मोटर सायकिल को टक्कर मार दी, जिससे मोटर सायकिल सवार दंपति को सड़क पर गिरकर घायल हो गए। जानकारी के अनुसार नासिर खां (24) मूलत: गुना का रहने वाला है। सोमवार दोपहर करीब एक बजे वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ मोटर सायकिल से भोपाल से अपने घर लौट रहा था। शमशाबाद बैरसिया रोड स्थित ग्राम मेगरा जोड़ के पास एक तेज रफ्तार पल्सर बाइक चालक ने उसकी मोटर सायकिल में टक्कर मार दी, जिससे तीनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल पत्नी और बेटी को नासिर ने इलाज के लिए बैरसिया अस्पताल पहुंचाया और बाद में थाने जाकर एक्सीडेंट की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सरकारी जॉब अपडेट: DTU में AI और डेटा साइंटिस्ट की भर्ती, 19 तक आवेदन का मौका

नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा प्रायोजित एक शोध परियोजना के तहत विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह परियोजना एआई आधारित ऑडिट समाधान के विकास और साइबर सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट की गुणवत्ता निगरानी से संबंधित है। इच्छुक अभ्यर्थी 19 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल आधिकारिक वेबसाइट https://dtu.ac.in/ के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे और किसी भी प्रकार की हार्ड कॉपी मान्य नहीं होगी। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू), दिल्ली, भारत में डेटा साइंटिस्ट पद के लिए आवेदन आमंत्रित हैं। पदनाम/पद – डेटा साइंटिस्ट का पद दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू), दिल्ली, भारत, योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों से डेटा साइंटिस्ट पद के लिए आवेदन आमंत्रित करता है। परिचय-  “इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचारों में उत्कृष्टता की 75 वर्षों की परंपरा” दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (प्रारंभिक रूप से दिल्ली पॉलिटेक्निक के नाम से स्थापित) की स्थापना  वर्ष 1941  में भारतीय उद्योगों की व्यावहारिक अनुभव और ठोस सैद्धांतिक ज्ञान से युक्त प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए की गई थी। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू), दिल्ली, भारत में डेटा साइंटिस्ट पद। अनुसंधान/कार्यक्षेत्र –  कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी / सूचना प्रौद्योगिकी / सॉफ्टवेयर अभियांत्रिकी / साइबर सुरक्षा / कृत्रिम बुद्धिमत्ता / इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार / गणित एवं कंप्यूटिंग या इससे संबंधित कोई अन्य विषय स्थान-  दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू), दिल्ली, भारत पात्रता/योग्यता– आवश्यक योग्यता     कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी / सूचना प्रौद्योगिकी / सॉफ्टवेयर अभियांत्रिकी / साइबर सुरक्षा / कृत्रिम बुद्धिमत्ता / इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार / गणित एवं कंप्यूटिंग या इनसे संबंधित किसी विषय में पीएचडी (प्राप्त या शोध प्रबंध प्रस्तुत)।  या    कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी / सूचना प्रौद्योगिकी / सॉफ्टवेयर अभियांत्रिकी / साइबर सुरक्षा / कृत्रिम बुद्धिमत्ता / इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार / गणित एवं कंप्यूटिंग या इनसे संबंधित किसी विषय में न्यूनतम 60% अंकों या समकक्ष सीजीपीए के साथ एमई/एमटेक। वांछनीय योग्यता     पीएचडी उम्मीदवार के लिए: क. एससीआई/एससीआईई-अनुक्रमित पत्रिकाओं में एक (01) शोध पत्र प्रकाशन। एमई/एम.टेक उम्मीदवार के लिए: दो (02) वर्ष का प्रासंगिक योग्यता-पश्चात अनुभव, एससीआई/एससीआईई-अनुक्रमित पत्रिकाओं में दो (02) शोध पत्र प्रकाशन।         नोट: वांछनीय योग्यताएं अनिवार्य नहीं हैं और इनका उपयोग केवल चयन प्रक्रिया के दौरान वरीयता के लिए किया जाएगा।   आयु सीमा     40 वर्ष। यदि कोई आयु में छूट हो, तो वह भारत सरकार / डीटीयू / वित्तीय सहायता एजेंसी के मानदंडों के अनुसार लागू होगी। पसंदीदा कौशल      डीप लर्निंग/मशीन लर्निंग/नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग/टेक्स्ट समराइजेशन/लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (एलएलएम)/रीइन्फोर्समेंट लर्निंग/पायथन प्रोग्रामिंग/साइबर सिक्योरिटी/इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी में व्यावहारिक अनुभव। नौकरी/पद का विवरण-  नीचे दिए गए विवरण के अनुसार, “साइबर सुरक्षा ऑडिट रिपोर्टों के विश्लेषण, बेंचमार्किंग और गुणवत्ता निगरानी तथा ऑडिटिंग संगठनों के प्रदर्शन की निगरानी के लिए एआई-आधारित समाधान का विकास” नामक परियोजना के लिए डेटा साइंटिस्ट पद के लिए अत्यधिक प्रेरित और योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं: पद का नाम      डेटा वैज्ञानिक प्रायोजक एजेंसी     इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) मासिक वेतन     ₹87,100/- (समेकित, सभी घटकों सहित)। कार्यकाल     यह पद 12 महीने के लिए या परियोजना की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, के लिए है। यह नियुक्ति पूरी तरह से संविदात्मक, परियोजना-आधारित पद है और संतोषजनक प्रदर्शन, परियोजना निधि की उपलब्धता और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद नवीकरणीय है। पदों की संख्या     02 (दो) भूमिका का सारांश/कार्य विवरण     साइबर सुरक्षा ऑडिट रिपोर्टों और ऑडिटिंग संगठनों के वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन और निगरानी के लिए डेटा एनालिटिक्स पाइपलाइन, बेंचमार्किंग फ्रेमवर्क, प्रदर्शन मेट्रिक्स और डैशबोर्ड विकसित और बनाए रखना। इसके अतिरिक्त, सौंपे गए कार्यों को पूरा करना और शोध परियोजना के विभिन्न चरणों में मुख्य अन्वेषक की सहायता करना। आवेदन कैसे करें-  विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र, विस्तृत सीवी, हाल ही की पासपोर्ट आकार की फोटो, शैक्षणिक योग्यताओं के प्रमाण, अनुभव प्रमाण पत्र और शोध प्रकाशनों के साथ एक ही पीडीएफ फाइल में ईमेल द्वारा pawansingh@dtu.ac.in पर भेजें और इसकी एक प्रति (सीसी) sanjay.kumar@dtu.ac.in और anurag@dtu.ac.in को भेजें। ईमेल का विषय “MeitY द्वारा प्रायोजित परियोजना के अंतर्गत डेटा साइंटिस्ट के पद के लिए आवेदन” होना चाहिए। आवेदन करने की अंतिम तिथि        19/02/2026 साक्षात्कार की तिथि     साक्षात्कार के लिए चयनित उम्मीदवारों को केवल ईमेल के माध्यम से सूचित किया जाएगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि – 19 फरवरी 2026

पॉपुलर क्रिकेटर ने भेजा मैसेज, पूनम पांडे ने बताई हकीकत, सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग की बारिश

मुंबई  एक्ट्रेस-मॉडल पूनम पांडे अकसर किसी ना किसी विवाद की वजह से सुर्खियों में आ जाती हैं. कभी वो अपनी लव लाइफ को लेकर लाइमलाइट में रहती हैं. कभी मौत की अफवाह उड़ाकर लोगों को झटका दे देती हैं. एक बार फिर उन्होंने क्रिकेट जगत के खिलाड़ियों के लिए कंट्रोवर्शियल स्टेटमेंट दिया है. खिलाड़ियों के लिए क्या बोलीं पूनम? पूनम पांडे ने क्रिकेटर्स-एक्टर्स को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है. फिल्मविंडो संग बातचीत में उन्होंने कहा कि कई एक्टर्स और क्रिकेटर्स हैं, जो मुझे मैसेज करते थे. उनसे पूछा गया कि आपको बहुत सारे DM (डायरेक्ट मैसेज) आते होंगे. ऐसे लोगों के भी जिनके ब्लू टिक होते हैं, जो जाने-पहचाने होते हैं. पूनम ने कहा हां.  पूनम से पूछा गया कि कोई नाम बताना चाहेंगी. इस पर वो कहती हैं कि नहीं नाम नहीं बता सकती. लेकिन बहुत सारे खिलाड़ी और स्टार्स ऐसे हैं, जिन्होंने मुझे मैसेज किया. उनसे पूछा गया कि वो लोग आपको क्या DM करते थे. उन्होंने कहा कि एक क्रिकेटर ने लिखा था कि आप बहुत क्यूट लगती हो. वो मुझे बार-बार मैसेज कर रहा था. बाद में मुझे उसे ब्लॉक करना पड़ा.  पूनम से पूछा गया कि ये जो क्रिकेटर्स आपको मैसेज करते हैं. वो सीरियस होते हैं या सिर्फ टाइमपास कर रहे होते हैं. एक्ट्रेस कहती हैं कि जिस तरह के मैसेज आते हैं. ऐसा लगता नहीं है कि वो सीरियस हैं. मैं ईमानदारी से कहूं तो ऐसा लगता है कि वो सिर्फ मेरे साथ हैंगआउट करना चाहते हैं. कई बार इन्हें इग्नोर करना पड़ता है. क्योंकि लगता है कि ये लोग खुद को क्या समझते हैं. मुझे यकीन है कि मेरी तरह और भी लड़कियों को मैसेज जाते होंगे.  ट्रोल हुईं पूनम  पूनम पांडे को उनके स्टेटमेंट के लिए काफी ट्रोल किया जा रहा है. यूजर्स का कहना है कि ये सब स्क्रिप्टेड है और वो अटेंशन पाने के लिए ये सब कह रही हैं. पूनम पांडे से पहले एक्ट्रेस खुशी मुखर्जी ने भी क्रिकेटर्स को लेकर यही बात कही थी. उन्होंने कहा था कि सूर्यकुमार यादव उन्हें मैसेज करते थे. इस स्टेटमेंट के बाद हर ओर उनकी चर्चा होने लगी थी.  क्या पूनम पांडे भी खुशी मुखर्जी की राह पर चलकर हेडलाइंस में आना चाहती हैं?   

ISI का नेटवर्क उजागर! सबा फरहत पर स्लीपर सेल बनाने और जासूसी का गंभीर आरोप

 मेरठ   मेरठ के थाना दिल्ली गेट पुलिस ने जली कोठी निवासी पाकिस्तानी नागरिक सबा फरहत उर्फ नाजिया को गिरफ्तार कर लिया. सबा वर्ष 1988 में फरहत मसूद से निकाह के बाद लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत आई थी और पिछले तीन दशकों से बिना भारतीय नागरिकता के यहां रह रही थी.  आरोप है कि उसने अपनी पाकिस्तान में जन्मी बेटी एनम के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों से भारतीय पासपोर्ट बनवाया और कई देशों की यात्राएं की. स्थानीय महिला रुखसाना की शिकायत पर हुई जांच में वोटर आईडी कार्ड और अन्य दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है. फर्जी दस्तावेजों का खेल और विदेश यात्रा शिकायत के अनुसार, सबा ने 1993 में पाकिस्तान में बेटी एनम को जन्म दिया था और उसे पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत लाई थी. एनम को भारतीय नागरिकता नहीं दिलाई गई, फिर भी फर्जी कागजात के आधार पर उसका भारतीय पासपोर्ट बनवाया गया.  सबा ने खुद भी वोटर लिस्ट में सबा मसूद और नाजिया मसूद के नाम से दो अलग-अलग वोट बनवा रखे थे. इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे मां-बेटी ने पाकिस्तान सहित कई अन्य देशों की यात्राएं भी कीं, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है. जासूसी और स्लीपर सेल बनाने का आरोप दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि सबा के पिता हनीफ पाकिस्तान में आईएसआई एजेंट हैं. सबा और उसकी अधिवक्ता बेटी एनम पर आरोप है कि वे सैन्य इलाकों और दिल्ली स्थित विभिन्न मंत्रालयों में घूमकर गोपनीय सूचनाएं जुटाती थीं. शिकायतकर्ता ने उन पर आईएसआई के लिए जासूसी करने और भारत में स्लीपर सेल तैयार करने का भी गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस अब इन सभी इनपुट्स की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि साजिश की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें. पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम ने पुष्टि की है कि दिल्ली गेट थाने में मामला पंजीकृत होने के बाद जांच की गई. जांच में महिला द्वारा बिना अनुमति यात्रा करने और फर्जी तरीके से वोटर आईडी बनवाने के आरोप सही पाए गए हैं. इसी आधार पर सबा फरहत को गिरफ्तार किया गया है और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा. पुलिस अब इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है ताकि उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके.

खेत से लौट रहा था किसान, बुजुर्ग की पीटकर हत्या करने वाला SDM गिरफ्तार

बलरामपुर. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बुजुर्ग व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने हत्या के आरोप में पुलिस ने एसडीएम समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हंसपुर गांव में रामनरेश की हत्या के आरोप में पुलिस ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और कुसमी क्षेत्र के एसडीएम करुण डहरिया तथा तीन अन्य विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया है। बलरामपुर जिले के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया पुलिस को जानकारी मिली है कि रविवार देर रात डहरिया, सिंह, मंजीत और सुदीप एसडीएम के शासकीय वाहन में सवार होकर हंसपुर गांव की ओर रवाना हुए थे। जब वह गांव के करीब थे तब उन्होंने वहां ग्रामीणों पर बॉक्साइट का अवैध खनन कर परिवहन करने का आरोप लगाया और डंडे से उनकी पिटाई शुरू कर दी। इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत इस घटना में राम उर्फ रामनरेश, अजीत राम और आकाश अगरिया को चोट पहुंची। घटना के बाद तीनों को कुसमी स्थित अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने रामनरेश को मृत घोषित कर दिया। अन्य दो लोगों का इलाज किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने एसडीएम समेत चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया तथा मामले की जांच शुरू की गई। जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उत्खनन रोकने गए थे पुलिस अधीक्षक ने बताया, ”पूछताछ में आरोपियों ने जानकारी दी है कि वह क्षेत्र में बॉक्साइट का अवैध उत्खनन रोकने गए थे। लेकिन एसडीएम अपने साथ निजी व्यक्तियों को क्यों लेकर गए थे, इसकी जांच की जा रही है।” घटना की जानकारी मिलने के बाद सर्व आदिवासी समाज, स्थानीय ग्रामीण और कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने मृतक परिवार को मुआवजा और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर कुसमी में चक्का जाम कर दिया और नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्रामीण जब अपने खेत की सिंचाई कर वापस लौट रहे थे तब एसडीएम और उनके लोगों ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया, ”घटना से आक्रोशित लोगों ने चक्का जाम करने की कोशिश की। जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी उन्हें लगातार समझाने का प्रयास कर रहे हैं। स्थिति नियंत्रण में है। क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।” पूर्व सीएम ने बोला हमला राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे प्रशासनिक आतंकवाद कहा है तथा राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। बघेल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”भाजपा के सुशासन में चल रहे ‘प्रशासनिक आतंकवाद’ ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ के एक मासूम ग्रामीण को अपना शिकार बना लिया। आरोप है कि बलरामपुर में अपने खेत में सिंचाई करके लौट रहे किसानों को कुसमी के एसडीएम और नायब तहसीलदार ने पांच-छह लोगों के साथ मिलकर जमकर पिटाई कर दी। एसडीएम और उनके साथियों ने उन्हें इस कदर पीटा कि इस पिटाई से घायल एक किसान की मौत हो गई और दो किसान अस्पताल में भर्ती हैं। सारा मामला बॉक्साइट के अवैध उत्खनन से जुड़ा हुआ है, चंद दिनों पहले ग्रामीणों ने अवैध रूप से बॉक्साइट उत्खनन कार्य में लगे एक ट्रक को पकड़ा था, इसका परिणाम उन्हें अपनी जान गवां कर चुकाना पड़ा। पूरी की पूरी भाजपा सरकार और उसके अधिकारी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और भ्रष्टाचारियों को पोषण देने में लगे हुए हैं।”

3.25 लाख करोड़ की राफेल डील समझें: भारत क्यों बुला रहा है फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को

नई दिल्ली  फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत दौरे पर आ चुके हैं. इमैनुएल मैक्रों आज यानी मंगलवार को मुंबई पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आज उनकी मुलाकात और बैठक होगी. इमैनुएल मैक्रों और मोदी की मुलाकात से रक्षा और तकनीक की दुनिया में हलचल मचने वाली है. इमैनुएल मैक्रों चार दिवसीय भारत यात्रा पर हैं. इसका मुख्य मकसद भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है. मगर उनकी यात्रा सबसे बड़ा फोकस है 3.25 लाख करोड़ रुपये की महाडील. जी हां, भारत और फ्रांस के बीच 3.25 लाख करोड़ रुपए की राफेल वाली मेगा डिफेंस डील होने वाली है. यह डील भारतीय वायुसेना को 114 आधुनिक राफेल लड़ाकू विमानों से लैस करेगी. इमैनुएल मैक्रों की यह यात्रा न केवल डिप्लोमेसी का प्रतीक है, बल्कि भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ मुहिम को गति देने वाली सौगात भी है. अब सवाल है कि आखिर यह डील इतनी बड़ी क्यों है, और ‘F-5 वाला राफेल’ क्या बला है? इमैनुएल मैक्रों की यात्रा का बैकग्राउंड देखें तो भारत और फ्रांस के रिश्ते पहले से ही मजबूत हैं. 2016 में 36 राफेल जेट्स की पहली डील के बाद दोनों देशों ने कई प्रोजेक्ट्स पर हाथ मिलाया. मसलन स्कॉर्पीन पनडुब्बियां. अब 2026 में यह यात्रा इसलिए अहम है क्योंकि चीन की बढ़ती आक्रामकता और पाकिस्तान की हरकतों के बीच भारत अपनी हवाई ताकत को दोगुना करना चाहता है. इमैनुएल मैक्रों भी मानते हैं कि भारत फ्रांस का सबसे बड़ा साझेदार है. ऑपरेशन सिंदूर में भारत राफेल की ताकत का सबूत देख चुका है. यही कारण है कि इमैनुएल मैक्रों की यात्रा का मुख्य फोकस राफेल डील ही है. यह डील न सिर्फ रक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि भारत-फ्रांस साझेदारी की गारंटी भी बनेगी. भारत-फ्रांस के बीच बड़ी डील यह भारत की आजादी के बाद की सबसे बड़ी हथियार खरीद है. रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने हाल ही में राफेल डील को हरी झंडी दी. डील के तहत फ्रांस की दसॉल्ट एविएशन कंपनी से 114 राफेल मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) खरीदे जाएंगे. इनमें से 18 विमान सीधे फ्रांस से ‘ऑफ-द-शेल्फ’ खरीदे जाएंगे यानी तैयार माल की तरह. बाकी 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे. इसकी कुल लागत करीब 30 अरब यूरो (लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये) है. इसमें विमानों के अलावा रखरखाव, ट्रेनिंग, लॉजिस्टिक्स और मिसाइल सिस्टम जैसे स्कैल्प भी शामिल हैं. यह डील भारतीय वायुसेना की ताकत को 50 फीसदी तक बढ़ा देगी, क्योंकि वर्तमान में 36 राफेल ही हैं. राफेल डील में क्या अहम? इस डील में एक चीज सबसे अहम है, वह है राफेल का एफ-5 वर्जन. जी हां, राफेल एक फ्रेंच लड़ाकू विमान है. यह ‘मल्टी-रोल’ वाला विमान है. जल, थल और नभ तीनों जगह कारगर. राफेल के अलग-अलग वर्जन हैं. जैसे F3, F4. अब नई डील में F4 और F5 वेरिएंट्स आ रहे हैं. भारत-फ्रांस के बीच राफेल डील की सबसे खास बात ये है कि इनमें से 24 विमान ‘सुपर राफेल’ होंगे. इन एडवांस्ड जेट को ही F-5 वर्जन कहा जा रहा है. अभी भारत के पास जो राफेल हैं, वे F-3 वेरिएंट के हैं. ये राफेल 4.5 जेनरेशन फाइटर माने जाते हैं. अभी जो डील होने जा रही है, इनमें ज्यादातर राफेल F-4 वर्जन के होंगे. यह अधिक एडवांस सिस्टम और अपग्रेड टेक्नोलॉजी के साथ आएंगे. जबकि F-5 राफेल एक ‘सुपर अपग्रेड वर्जन’ है. यह छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों जैसा होगा. क्या है एफ-5 वाला राफेल? इसमें एडवांस्ड सेंसर, स्टील्थ फीचर्स (जो रडार से छिप जाएं), AI-बेस्ड ऑटोनॉमी (खुद फैसले लेना) और ‘किल-वेब’ तकनीक है, जो कई विमानों को एक साथ जोड़कर दुश्मन को निशाना बनाती है. F5 में नए इंजन, बेहतर मिसाइलें और ड्रोन इंटीग्रेशन होगा. भारत को 24 ‘सुपर राफेल’ भी मिलेंगे, जो F5 के प्रोटोटाइप हैं. फ्रांस इसे 2030 तक डिलीवर करेगा. यह डील सिर्फ हथियारों की नहीं, बल्कि स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है. भारत को राफेल डील के तहत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर मिलेगा, जिससे हम खुद राफेल जैसे विमान बना सकेंगे. आज क्या-क्या होगा?     भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 17 फरवरी 2026 को मुंबई जा रहे हैं. यहां वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मिलेंगे. पीएम मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17-19 फरवरी 2026 तक भारत के ऑफिशियल दौरे पर हैं. वे भारत में हो रहे एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे और मुंबई में प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे. यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा और मुंबई का पहला दौरा होगा.     17 फरवरी को दोपहर करीब 3:15 बजे दोनों नेता मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय मीटिंग करेंगे. इस मीटिंग के दौरान, वे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुए विकास की समीक्षा करेंगे. उनकी बातचीत रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और इसे नए और उभरते क्षेत्र में और डाइवर्सिफाई करने पर फोकस होगी. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों क्षेत्रीय और वैश्विक इंपॉर्टेंस के मुद्दों पर भी विचारों का लेन-देन करेंगे.     शाम करीब 5:15 बजे, दोनों नेता भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन करेंगे और दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स, स्टार्ट-अप्स, रिसर्चर्स और दूसरे इनोवेटर्स की एक मीटिंग को संबोधित करेंगे. मैक्रों के दौरे पर क्या-क्या होगा? इस दौरे के दौरान दोनों नेता हॉरिजोन 2047 रोडमैप में बताए गए कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा, आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे, जिसमें इंडो-पैसिफिक में सहयोग भी शामिल है. दोनों नेता भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन का उद्घाटन करने के लिए मुंबई में उपस्थित होंगे. इस इवेंट को दोनों देशों में पूरे साल 2026 तक मनाया जाएगा. राष्ट्रपति मैक्रों 19 फरवरी को नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे. और क्या-क्या होने की संभावना?     मोदी और मैक्रो की द्विपक्षीय बैठक के बाद करीब एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना     रक्षा, व्यापार, कौशल विकास, स्वास्थ्य और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्र में होगा समझौता     मुंबई में दोनों नेता भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष का संयुक्त उद्घाटन करेंगे, जो 2026 तक दोनों देशों में मनाया जाएगा.     भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार संबंधों को मिलेगा बढ़ावा     भारत सरकार ने हाल ही में फ्रांस से … Read more

मध्यप्रदेश विधानसभा में हंगामा, अनुपूरक बजट और इंदौर घटनाओं पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। आज सदन के हंगामेदार होने के आसार है। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। इससे पहले वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेंगे। यह प्रावधान वित्तीय वर्ष के शेष महीनों के खर्चों की पूर्ति के लिए लाया जा रहा है। 18 फरवरी को वर्ष 2026-27 का मुख्य बजट पेश किया जाएगा। सत्र के आज भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। पहले दिन राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया था।  कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौत का मुद्दा उठाया था, आज फिर विपक्ष सरकार को घेर सकता है। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं। 18 फरवरी को उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।  नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले को लेकर विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक गंदा पानी लेकर विधानसभा परिसर के बाहर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मप्र विधानसभा सत्र की कार्यवाही शुरू, इंदौर में हुई मौतों पर कांग्रेस का प्रदर्शन मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। आज सदन के हंगामेदार होने के आसार है। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। इससे पहले वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेंगे। यह प्रावधान वित्तीय वर्ष के शेष महीनों के खर्चों की पूर्ति के लिए लाया जा रहा है।  तिलहन संघ कर्मचारियों के वेतनमान का मुद्दा भी सदन में उठा विधानसभा में विधायक केशव देसाई ने न्यायालय के आदेश के बाद भी तिलहन संघ के कर्मचारियों को पांचवें वेतनमान का लाभ नहीं दिए जाने का मामला उठाया। इस सवाल का जवाब सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग की बजाय नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे कोर्ट के आदेश जारी हो रहे हैं, वैसे-वैसे सरकार कार्रवाई कर रही है। शासन के विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ तिलहन संघ के कर्मचारियों के वेतनमान निर्धारण के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। कर्मचारियों को छठा वेतनमान दिए जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। अपील और अवमानना के प्रकरण लंबित हैं, इसलिए कोर्ट का फैसला आने के बाद ही इस मामले में आगे कुछ कहा जा सकेगा। भाजपा को शर्म आनी चाहिए- कांग्रेस विधायक उज्जैन के तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि इंदौर प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पूरे विश्व में शर्मसार किया है। दूषित पानी पीने से लगभग 35 से 40 लोगों की मौत हो गई। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें पदोन्नति देकर ऊपर भेज दिया गया। इन मासूम लोगों की मौत के लिए जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए। बीजेपी को शर्म आना चाहिए। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर ध्यानाकर्षण कांग्रेस विधायक आतिफ अकील भोपाल में आवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती संख्या और नियंत्रण में कमी को लेकर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे। वहीं वरिष्ठ भाजपा विधायक जयंत मलैया दमोह जिले के अंतर्गत सीतानगर सिंचाई परियोजना की मूल डीपीआर में किए गए परिवर्तन की जांच को लेकर जल संसाधन मंत्री का ध्यानाकर्षण करेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक आज शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में मंत्रियों और विधायकों के साथ आगामी रणनीति पर चर्चा होगी। विपक्ष के सवालों का प्रभावी जवाब देने और मुख्य बजट को लेकर तैयारी पर विशेष जोर रहेगा। दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अध्यक्षता में कांग्रेस पहले ही अपनी रणनीति तय कर चुकी है। ऐसे में आज सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।   

बजट की तैयारी के बीच वित्तीय दबाव: 5,600 करोड़ और उधार लेने का निर्णय, कुल कर्ज हुआ 72,900 करोड़

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार चालू वित्त वर्ष में कर्ज का नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। मंगलवार को विधानसभा में तीसरा अनुपूरक बजट पेश किए जाने के साथ ही सरकार बाजार से 5,600 करोड़ रुपये और उधार उठाने जा रही है। इसके बाद 11 माह में लिया गया कुल कर्ज बढ़कर 72,900 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन निवेशों से राजस्व सृजन करने वाली परिसंपत्तियां विकसित हुई हैं, जिससे दीर्घकाल में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।  चार चरणों में लिया जाएगा कर्ज सरकार चार अलग-अलग अवधियों के लिए ऋण जुटाएगी। इसमें 1,200 करोड़ रुपये आठ वर्ष के लिए, 1,400 करोड़ रुपये तेरह वर्ष के लिए, 1,600 करोड़ रुपये उन्नीस वर्ष के लिए और 1,400 करोड़ रुपये तेईस वर्ष के लिए जाएगा। इन सभी ऋणों का भुगतान अर्धवार्षिक किस्तों में किया जाएगा। वित्त विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।  फरवरी माह में लगातार तीसरे सप्ताह कर्ज लिया जा रहा है। इसी महीने अब तक कई किश्तों में उधारी ली जा चुकी है। 10 फरवरी को 5,000 करोड़ और 3 फरवरी को 5,200 करोड़ रुपये बाजार से जुटाए गए थे। नए ऋण के बाद चालू वित्त वर्ष में कुल उधार की संख्या 40 तक पहुंच जाएगी। राशि जुटाने के लिए राज्य सरकार प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की नीलामी करेगी। यह प्रक्रिया 17 फरवरी 2026 को मुंबई स्थित भारतीय रिजर्व बैंक के फोर्ट कार्यालय में आयोजित होगी। बोली प्रक्रिया आरबीआई के ई-कुबर (Core Banking Solution) प्लेटफॉर्म पर सुबह 10:30 से 11:30 बजे के बीच पूरी की जाएगी। प्रतिभूतियां न्यूनतम 10,000 रुपये के अंकित मूल्य पर जारी की जाएंगी। 

सुपर 8 की रेस रोमांचक! 3 खाली स्थान के लिए पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और 3 अन्य टीमों के बीच कड़ी टक्कर

नई दिल्ली. आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 में खेलने वाली 8 में से 5 टीमों के नाम फाइनल हो चुके हैं. भारत, श्रीलंका, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड ने अगले दौर में जगह बनाई. इस वक्त सिर्फ 3 टीमें आगे जा सकती है और अपने अपने ग्रुप में सभी बेहतर करके आखिरी 8 में जगह बनाने की कोशिश में है. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, जिम्बाब्वे के अगले मुकाबले तय करेंगे कि वो सुपर 8 में जाएंगे या सफर खत्म हो जाएगा. भारत: ग्रुप ए में 6 अंक, +3.050 एनआरआर भारत ने रविवार को कोलंबो में पाकिस्तान को 61 रन से हराकर सुपर आठ में जगह पक्की की. भारत अब तक टूर्नामेंट में अजेय रहा है और तीन में से तीन मैच जीते हैं. तीसरी टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी की तलाश में भारत ने 2026 की शुरुआत अमेरिका के खिलाफ की थी. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने नाबाद 84 रन बनाकर टीम के 29 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई. हार्दिक पंड्या के ऑलराउंड प्रदर्शन से नामीबिया के खिलाफ 93 रन से जीत मिली, वहीं ईशान किशन की धमाकेदार 77 रन की पारी ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच भारत की झोली में डाल दिया. श्रीलंका: ग्रुप बी में 6 अंक, +2.462 एनआरआर को-होस्ट श्रीलंका के लिए अब तक टूर्नामेंट शानदार रहा है. आयरलैंड के खिलाफ 20 रन की जीत से अभियान की शुरुआत की और उसके बाद लगातार मजबूत प्रदर्शन किया. कंडी में ओमान को 105 रन से हराया. ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ दबदबा दिखाया. ओपनर पथुम निसांका ने 52 गेंद में नाबाद 100 रन बनाकर टीम को 182 रन के लक्ष्य को दो ओवर रहते आठ विकेट से जीत दिलाई और सुपर आठ में जगह पक्की की. वेस्टइंडीज: ग्रुप सी में 6 अंक, +1.820 एनआरआर वेस्टइंडीज की दमदार बल्लेबाजी लाइन-अप टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही चर्चा में थी और अब तक बल्लेबाजों ने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए लगातार तीन जीत दिलाई हैं. शुरुआत स्कॉटलैंड के खिलाफ 35 रन की जीत से हुई और नेपाल के खिलाफ नौ विकेट से जीत के साथ क्वालीफाई किया. इंग्लैंड के खिलाफ प्रदर्शन सबसे खास रहा, जहां शेरफेन रदरफोर्ड की अगुवाई में टीम ने 196/6 रन बनाए और इंग्लैंड को 166 रन पर समेट दिया. दक्षिण अफ्रीका: ग्रुप डी में 6 अंक, +1.477 एनआरआर शनिवार को दक्षिण अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से हराकर अपनी जीत की लय बरकरार रखी. कप्तान एडेन मार्करम ने सिर्फ 44 गेंदों में 86 रन की शानदार पारी खेली. अभियान की शुरुआत कनाडा के खिलाफ की, जहां बल्लेबाजों ने मिलकर 213 रन बनाए. कप्तान मार्करम ने अर्धशतक लगाया, डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स ने तेज रन जोड़े. लुंगी एनगिडी ने चार विकेट लेकर 57 रन से जीत दिलाई. अफगानिस्तान के खिलाफ डबल सुपर ओवर में चार रन से रोमांचक जीत दर्ज की. इंग्लैंड: ग्रुप सी में 6 अंक, +0.201 एनआरआर इंग्लैंड ने नेपाल के खिलाफ करीबी जीत के बाद इटली के खिलाफ हाई-स्कोरिंग मुकाबला जीतकर ग्रुप स्टेज खत्म किया. अब तक चार मैचों में सबसे अच्छी जीत स्कॉटलैंड के खिलाफ पांच विकेट से मिली. वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में इंग्लैंड को हार का सामना करना पड़ा. इटली के खिलाफ 202/7 का स्कोर बनाया और इटली को 24 रन से हाराया. सुपर 8 की रेस में कौन सी टीमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, जिम्बाब्वे की टीमें अब भी रेस में बनी हुई है. इनको अपने मैच जीतने के अलावा दूसरी टीमों के नतीजे पर निर्भर रहना होगा. कौन सी टीमें पूरी तरह या लगभग बाहर स्कॉटलैंड, नेपाल, ओमान, नामीबिया, इटली, कनाडा की टीमें पूरी तरह से बाहर हो चुकी हैं जबकि अफगानिस्तान, नीदरलैंड्स, आयरलैंड, यूएई ने एक-एक मैच जीता है और उनको अब भी चमत्कार की उम्मीद है.  

अरुण गोविल ने दी भावपूर्ण प्रस्तुति, आस्था, संस्कृति और रामकथा से आलोकित हुआ राजिम कुंभ

रायपुर. छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम की पावन धरा पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 में आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में  सुप्रसिद्ध कलाकार एवं भगवान श्रीराम की भूमिका से जनमानस में विशेष पहचान रखने वाले अरुण गोविल ने “सुनो श्री राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिससे संपूर्ण परिसर भक्ति और श्रद्धा के दिव्य वातावरण से ओतप्रोत हो उठा। इस अवसर पर अरुण गोविल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आत्मीय भेंट की तथा राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। श्री गोविल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनआस्था और लोगों का आत्मीय स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था, संस्कृति और पर्यटन के संरक्षण-संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा ऐसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त हो रही है। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति थी। उल्लेखनीय है कि राजिम कुंभ कल्प 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह महोत्सव आस्था, संस्कृति और पर्यटन संवर्धन का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।

महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति पर जोर, 42 स्व-सहायता समूह करेंगे रेडी-टू-ईट वितरण

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कुपोषण दूर करने और महिला सशक्तिकरण के लिए रेडी-टू-ईट फूड निर्माण का काम महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपते हुए 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस पहल के तहत रायगढ़, बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, और सूरजपुर जिलों में आंगनबाड़ियों के लिए पौष्टिक आहार निर्माण का कार्य महिला समूहों को मिला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण और वितरण का कार्य महिला स्वसहायता समूहों को सौंपने का फैसला किया। राज्य के 6 जिले के 42 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट के निर्माण और वितरण का कार्य सौंपा गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों – बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने ‘रेडी-टू-ईट’ उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्यकृदोनों को नई दिशा प्रदान करेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा-10 स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निमाण का कार्य सौंपा जा चुका है। इसी प्रकार  रायगढ़-10 स्व-सहायता समूह, सूरजपुर और बलौदाबाजार-भाठापारा जिला में 7-7 स्व- सहायता समूह को, बस्तर जिले में 6 स्व-सहायता समूह और दंतेवाड़ा में 2 महिला स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निमाण का कार्य सौंपा जा चुका है। इन स्व-सहायता समूहों के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) का निर्माण और वितरण का कार्य किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह योजना महिलाओं को स्व-रोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और परिणामोन्मुखी पहल है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने बताया सही निर्णय, ईसाई पादरियों पर ग्राम सभा ने लगाया ‘प्रवेश प्रतिबंध’ का बोर्ड

रायपुर. सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में ग्राम सभाओं द्वारा गांव के प्रवेश द्वारों पर लगाए गए उन होर्डिंग/नोटिस बोर्डों के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी, जिनमें ईसाई पादरियों और धर्मांतरित ईसाइयों के प्रवेश पर रोक का उल्लेख था। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने आज सुनवाई के बाद याचिका निरस्त कर दी। इसके साथ ही ग्राम सभाओं के पक्ष में फैसला बरकरार रहा। इस फैसले को ग्राम सभाओं की बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। मामले में छत्तीसगढ़ पंचायत विभाग ने भी पक्ष रखा और ग्राम सभाओं की कार्रवाई का समर्थन किया। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को लेकर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्राम सभा को सुप्रीम कोर्ट से जीत मिली है। ग्रामीण अपनी संस्कृति को बचाने के लिए ऐसा कर सकते हैं।

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