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जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में मध्यप्रदेश की पहल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिनाईं उपलब्धियां

क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. और इन्वेस्टर्स मिलकर देश को बढ़ाएंगे आगे 24 घंटे बिजली देने में मध्यप्रदेश सबसे आगे मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विकास के लिए सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के साथ हुआ एमओयू  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में की सहभागिता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्लाइमेट चेंज एक गंभीर वैश्विक चुनौती है। क्लाइमेट चेंज मानव अस्तित्व, आर्थिक स्थिरता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सतत् विकास की राह में हम पर्यावरण की अनदेखी नहीं कर सकते। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना ही प्रगति का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि क्लाइमेट चेंज के मामले में ठोस और समयबद्ध समाधान पर काम करना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की क्लाइमेट चेंज को लेकर प्रतिबद्धताओं में भी राज्यों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज से निपटने में सर्वाधिक नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादक बन लीडर की भूमिका में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी है। यहां लगभग हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मप्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का विश्वास और सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा कि राज्य और निवेशक मिलकर देश को नवकरणीय ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 घंटे बिजली देने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के साथ हमारा रिश्ता नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम मुंबई में क्लाइमेट वीक-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग (मप्र शासन) एवं ग्रीन एनर्जी के लिए विख्यात सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का समाधान केवल एक देश, एक राज्य या एक सरकार ही नहीं कर सकती, इसके लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और जलवायु समाधान के लिए आगे बढ़ने की दिशा में मुम्बई क्लाइमेट वीक एक महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए त्वरित और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देना, हरित तकनीकों को अपनाना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना ही भविष्य का विकास मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकारों के साथ ही उद्योगों, संस्थाओं और इस देश में रहने वाले हर नागरिक की भी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ‘लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट’ जैसे व्यवहारिक बदलावों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरित ऊर्जा उत्पादन के जरिए क्लाइमेट चेंज से निपटने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिसने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने ईवी नीति बनाई, जो क्लाइमेट चेंज की ओर कारगर कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजना, 300 मेगावाट 6 घंटे सौर-सह एनर्जी परियोजना सहित 24×7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजना पर काम कर रही है। यह एक नया प्रयोग है। यह भारत की अपनी तरह की पहली परियोजना है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जो इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते 12 सालों में मप्र की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। नवकरणीय ऊर्जा की बड़ी परियोजनाओं के जरिए हमने म.प्र. की जरूरतों को पूरा करने के बाद पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है। ये एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें हमने किसी भी नागरिक को विस्थापित नहीं होने दिया, इस प्रोजेक्ट में ऊर्जा उत्पादन भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सांची देश की पहली सोलर सिटी बनी है। हम सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों, निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर मप्र को भारत का नवकरणीय ऊर्जा हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हम सौर, पवन, एनर्जी स्टोरेज, बायोफ्यूल तथा ग्रीन हाइड्रोजन सहित सभी नवकरणीय टेक्नोलॉजी में वित्तीय एवं नीतिगत प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आव्हान किया कि मध्यप्रदेश की तेजी से परिवर्तनकारी यात्रा में हमारे साथ जुड़ें। इससे जलवायु को संतुलित रखने में तो मदद मिलेगी ही, यह सबके व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और मप्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ मप्र और भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए हम बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मप्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्रोजेक्ट, शाजापुर, आगर-मालवा और रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना पर काम हुआ है। उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं का प्रदेश है। यहां निवेश करें, सरकार आपके साथ है। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा  मनु वास्तव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, विद्युत आपूर्ति का एक कारगर, सस्ता और विश्वसनीय विकल्प है। हम मध्यप्रदेश के नागरिकों को कम से कम दर पर विद्युत आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने निवेशकों और … Read more

मोदी ने बताया AI समिट का मकसद, साथ ही दुनिया को दी ह्यूमन सेंट्रिक AI अपनाने की चेतावनी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई समिट से दुनिया को खास संदेश दिया है. एआई इम्पैक्ट समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए भारत का MANAV विजन प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि एआई का विकास ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए, जहां इंसान केवल डेटा पॉइंट न बने. प्रधानमंत्री ने एआई के लोकतंत्रीकरण, समावेशन और ग्लोबल साउथ के सशक्तीकरण पर जोर दिया. MANAV विजन नैतिक व एथिकल सिस्टम, जवाबदेह गवर्नेंस और डेटा पर व्यक्ति के अधिकार की वकालत करता है. उन्होंने कहा कि एआई को ओपन, सुरक्षित और मानव केंद्रित बनाकर वैश्विक कल्याण का माध्यम बनाया जा सकता है. एआई ट्रांसफॉर्मेटिव पावर – पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा, ‘आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है और व्यापक भी है. इसलिए हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है. साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम AI का क्या स्वरूप सौंप कर जाएंगे. इसलिए आज असली प्रश्न यह नहीं कि भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या कर सकती है, प्रश्न यह है कि वर्तमान में हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ क्या करते हैं. ऐसे प्रश्न मानवता के सामने पहले भी आए हैं. सबसे सशक्त उदाहरण है न्यूक्लियर पावर. हमने उसका डिस्ट्रक्शन भी देखा है और सकारात्मक कंट्रीब्यूशन भी देखा है. एआई भी एक ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है.’ भारत दुनिया का बड़ा टेक टैलेंट पूल – पीएम मोदी पीएम मोदी ने एआई समिट में बोलते हुए कहा कि मानव इतिहास में हर कुछ शताब्दियों के बाद एक टर्निंग पॉइंट आता है और वो टर्निंग पॉइंट सभ्यता की दिशा रिसेट करता है. वहीं से विकास की रफ्तार बदलती है. सोचने, समझने और काम करने के परिणाम बदलते हैं. पीएम मोदी ने कहा, ‘किसी ने कल्पना नहीं की थी कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में कनेक्ट होगी. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास का ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है. आज जो हम देख रहे हैं जो प्रेडक्ट कर रहे हैं वो इसके इंपैक्ट का सिर्फ प्रारंभिक संकेत हैं. एआई मशीनों को इंटेलिजेंट बना रही हैं, लेकिन उससे भी अधिक मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रही है.’ भारत दुनिया का बड़ा टेक टैलेंट पूल – पीएम मोदी  एआई समिट में पीएम मोदी ने कई बातों का उल्‍लेख किया. उन्‍होंने कहा, ‘भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है…सबसे बड़े टेक टैलेंट पूल का केंद्र है. भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है और उसे अभूतपूर्व तेजी से अपनाता भी है. इस समिट का भारत में होना भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है. दुनिया के 100 से ज्यादा देशों का रिप्रेजेंटेशन दुनिया के कोने-कोने से यहां आए महानुभाव इसकी सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं. इसमें यंग जनरेशन की जो उपस्थिति हमने देखी है वो एक नया विश्वास पैदा करती है. नई टेक्नोलॉजी को लेकर कुछ लोगों में शुरुआती में संदेह होता है, लेकिन जिस तेजी और भरोसे के साथ दुनिया की युवा पीढ़ी एआई को स्वीकार कर रही है, उसकी ओनरशिप ले रही है और एआई का इस्तेमाल कर रही है वह अभूतपूर्व है.’ सुंदर पिचाई ने बताया भारत में इन्‍वेस्‍टमेंट का प्‍लान गूगल के सीईओ Sundar Pichai ने भारत दौरे के दौरान देश में तेज बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया हाइपर-प्रोग्रेस के दौर में प्रवेश कर रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को साहसिक रूप से अपनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि AI अरबों लोगों के जीवन में सुधार ला सकता है और दवा अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला रहा है. पिचाई ने बताया कि Google 15 अरब डॉलर के बुनियादी ढांचा निवेश के तहत भारत में फुल-स्टैक AI हब स्थापित करेगा. साथ ही कंपनी भारत की व्यस्त सड़कों के लिए Waymo तकनीक पर भी काम कर रही है. डिजिटल क्रांति केवल तकनीक नहीं, बल्कि सभ्यता का परिवर्तन – मैक्रों एआई समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत की डिजिटल क्रांति की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल तकनीक नहीं, बल्कि सभ्यता का परिवर्तन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि एक समय मुंबई का स्ट्रीट वेंडर बैंक खाता नहीं खोल पाता था, लेकिन आज वही व्यक्ति मोबाइल से तुरंत डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहा है. मैक्रों ने भारत की 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान व्यवस्था, हर महीने 20 अरब लेनदेन करने वाली भुगतान प्रणाली और 50 करोड़ डिजिटल हेल्थ आईडी जारी करने वाली स्वास्थ्य संरचना को दुनिया के लिए मिसाल बताया.  पीएम मोदी पहुंचे भारत मंडपम, अश्विनी वैष्‍णव ने सेट किया टोन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एआई समिट को संबोधित करने के लिए भारत मंडपम पहुंच चुके हैं. उससे पहले भारत में आयोजित पहले ग्लोबल साउथ एआई समिट को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक आधारभूत तकनीक है, जो काम करने, सीखने और निर्णय लेने के तरीकों में व्यापक बदलाव ला रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. समिट में 118 देशों की भागीदारी को ऐतिहासिक बताते हुए वैष्णव ने कहा कि भारत एआई स्टैक की पांचों परतों पर काम कर रहा है. इसका उद्देश्य तकनीक का लोकतंत्रीकरण करना और इसे बड़े पैमाने पर सभी के लिए सुलभ बनाना है. पीएम मोदी की 4 देशों के प्रमुखों संग अहम बैठकें  एआई सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi आज चार देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों में शामिल होंगे. ये बैठकें Bharat Mandapam में आयोजित होंगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 14:30 बजे पीएम मोदी अबू धाबी के क्राउन प्रिंस Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan से मुलाकात करेंगे. इसके बाद 15:10 बजे नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री Dick Schoof, 15:45 बजे स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति Guy Parmelin और 16:25 बजे ग्रीस के प्रधानमंत्री Kyriakos Mitsotakis से वार्ता होगी. इससे पहले बुधवार 18 फरवरी को पीएम मोदी सात वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात कर चुके हैं.  

AI समिट में हैरान करने वाला फैसला, बिल गेट्स बाहर, अंकित वोरा ले रहे नेतृत्व

नई दिल्ली मशहूर अमेरिकी कारोबारी बिल गेट्स दिल्ली में आयोजित हो रहे एआई समिट में नहीं आएंगे। उन्हें आज ही कार्यक्रम में अपनी स्पीच देनी थी और उससे ठीक पहले ही उनके कार्यालय की ओर से इसकी जानकारी दी गई है। पहले भी कयास लग रहे थे कि शायद वह कार्यक्रम में नहीं रहेंगे, लेकिन उनके गेट्स फाउंडेशन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई थी। अब इस संबंध में जानकारी दी गई है। इसके अलावा यह भी बताया गया है कि बिल गेट्स के स्थान पर अंकुर वोरा स्पीच देंगे। वह भी बिल गेट्स फाउंडेशन से ही जुड़े हैं। माना जा रहा है कि एपस्टीन फाइल्स में उनका नाम था और वह विवादों में थे। इसी के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है। गेट्स फाउंडेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘गंभीरता से विचार करने के बाद और AI समिट की प्राथमिकताओं को देखते हुए मिस्टर गेट्स ने तय किया है कि वह अपनी स्पीच नहीं देंगे। AI समिट में गेट्स फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व अंकुर वोरा करेंगे। वह अफ्रीका और भारतीय कार्यालयों के प्रेसिडेंट हैं। वही आज AI समिट में गेट्स फाउंडेशन की ओर से अपनी स्पीच देंगे।’ फाउंडेशन ने कहा कि हम भारत में हेल्थ और डिवेलपमेंट में योगदान को लेकर अपने लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में AI समिट का आयोजन हो रहा है। इसमें बिल गेट्स को कीनोट स्पीकर के तौर पर रहना था। उनका 19 फरवरी को भाषण था। बिल गेट्स सोमवार को ही भारत आ गए थे। इसके बाद कहा जा रहा था कि वह गुरुवार को AI समिट में रहेंगे। उन्हें 12 मिनट की स्पीच देनी थी। बिल गेट्स भारत आने के बाद सबसे पहले आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा पहुंचे थे। यहां उन्होंने आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की थी। इसके अलावा डिप्टी सीएम पवन कल्याण से भी उनकी मीटिंग हुई थी। इस दौरान कई सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे। इस सप्ताह हो रही AI समिट को दुनिया के कुछ प्रमुख आयोजनों में माना जा रहा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर हो रहे हैं। AI समिट से कुछ विवाद भी जुड़े, गलगोटिया की सबसे ज्यादा चर्चा भारत में हो रहे इस आयोजन को टेक कंपनियां एक अवसर के तौर पर देख रही हैं। कंपनियों का कहना है कि यह बूमिंग सेक्टर है और भारत के लिए यह अहम है। बता दें कि इस समिट से कुछ विवाद भी जुड़े हैं। जैसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने जिन दो प्रोडक्ट्स को तैयार करने का दावा किया था, उन्हें चीन और कोरिया में बनाया गया था। यही नहीं खबरें हैं कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल को AI समिट से हटाने का भी आदेश दिया गया है।

भीड़ प्रबंधन फेल! छत्रपति शिवाजी जयंती पर पुणे में भगदड़, लोगों में डर का माहौल

मुंबई  महाराष्ट्र में शिवाजी उत्सव के दौरान बड़ा हादसा हो गया है। यहां छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाने के लिए जुटी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। पुलिस ने बताया कि गुरुवार सुबह पुणे के शिवनेरी किले में ज्यादा भीड़ होने के कारण कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं। घटना तब हुई जब यहां हजारों की तादाद में भीड़ जुटी थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सुबह करीब साढ़े 3 बजे हुई जब मशाल लेकर एक समूह मीना दरवाजा के पास किले से नीचे उतर रहा था। पुणे ग्रामीण के पुलिस सुपरिटेंडेंट संदीप सिंह गिल ने मीडिया को बताया, “भारी भीड़ के बीच एक ग्रुप मशाल लेकर तेजी से किले से नीचे आ रहा था। वहां मौजूद हमारी पुलिस टीम ने उन्हें धीरे चलने की सलाह दी।” लेकिन तभी वहां धक्का मुक्की होने लगी। उन्होंने बताया, “इस बीच, ऊपर से किसी ने एक शख्स को धक्का दिया, जिसके बाद समूह के कुछ लोग नीचे गिर गए। तीन लोगों के पैर में चोटें आईं हैं।” अधिकारी ने कहा कि मौके पर मौजूद पुलिसवालों ने तुरंत घायलों की मदद की और यह सुनिश्चित किया कि लोगों की सुविधाजनक आवाजाही बने रहे। गौरतलब है कि छत्रपति शिवाजी महाराज का 19 फरवरी, 1630 को पुणे जिले के शिवनेरी किले में हुआ था। गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि देने के लिए किले का दौरा करेंगे।

महाराष्ट्र नगर राजनीति में बड़ा उलटफेर, 9 पार्षदों ने बदला खेल, कांग्रेस को फायदा

मुंबई  महाराष्ट्र के भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में मेयर चुनाव से पहले सियासी उलटफेर की बड़ी खबर सामने आई है. यहां मेयर के चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. उसके 22 पार्षदों में से 9 ने अलग गुट बनाकर कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को समर्थन दिया है. इसके बाद अब कांग्रेस पार्टी के लिए यहां अपना मेयर चुनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है. इस महानगरपालिका के चुनाव में कांग्रेस को सबसे अधिक 30 सीटें मिली थीं. हालांकि किसी पार्टी को यहां बहुमत नहीं मिला है. भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में कुल 90 सीटें हैं. कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बुधवार (18) को जानकारी देते हुए बताया कि अलग हुए पार्षदों की ओर से गठित भिवंडी सेक्युलर फ्रंट (बीएसएफ) के समर्थन से कांग्रेस-एनसीपी (एसपी) गठबंधन ने 90 सदस्यीय निकाय में 46 सीटों के बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में कांग्रेस का मेयर बनना तय? उन्होंने दावा करते हुए कहा कि 9 पार्षदों ने हमारा समर्थन करने का फैसला किया है और बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं. गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने शिवसेना का समर्थन किया था. पिछले महीने हुए भिवंडी-निज़ामपुर नगर निगम चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस अब अपना मेयर और डिप्टी मेयर नियुक्त करने के लिए तैयार दिख रही है. भिवंडी-निजामपुर में किस पार्टी के पास कितनी सीटें? महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिका के चुनाव 15 जनवरी को हुए थे, जबकि नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए गए थे. भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका के चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था. कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और इस पार्टी को सबसे अधिक 30 सीटें मिलीं थीं, उसके बाद बीजेपी को 22 सीटें मिली.  वहीं, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 12, शरद पवार गुट की एनसीपी-एसपी 12, समाजवादी पार्टी को 6, कोनार्क विकास अघाड़ी 4 और भिवंडी विकास अघाड़ी को 3 सीटों पर जीत मिली थी. यहां एक निर्दलीय उम्मीदवार को जीत हासिल हुई.

आईसेक्ट समूह के डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने मध्य प्रदेश के बजट पर जताई प्रतिक्रिया, बताए अवसर और चुनौतियां

सीआईआई मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष और आईसेक्ट समूह के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी द्वारा मध्य प्रदेश बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया…   भोपाल  प्रस्तुत सीआईआई मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष और आईसेक्ट समूह के कार्यकारी उपाध्यक्ष मध्य प्रदेश 2026-27 का बजट रोजगार, उद्योग और शिक्षा-कौशल विकास  पर संतुलित फोकस करता है। बजट में 48 नए औद्योगिक पार्कों की घोषणा राज्य में विनिर्माण और निवेश को प्रोत्साहित करेगी, जिससे स्थानीय रोजगार सृजन और MSME वृद्धि को बल मिलेगा। पूंजीगत व्यय को 1 लाख करोड़ से अधिक रखने का निर्णय आधारभूत ढांचे तथा औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा। शिक्षा और कौशल विकास में वृद्धि पर जोर देते हुए बजट ने शिक्षा क्षेत्र के लिए वृद्धि की घोषणा की है, जिससे स्कूलों, उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण संसाधनों का विस्तार संभव होगा। स्वास्थ्य, सड़क और शहरी विकास के साथ-साथ नौकरी-सृजन प्रावधान भी रखा गया है, जिससे युवा रोजगार अवसरों में वृद्धि होगी। मेरा मानना है कि यह बजट उद्योग, नवाचार एवं कुशल कार्यबल के विकास के लिए प्रोत्साहन देता है और राज्य को एक मजबूत आर्थिक तथा औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी उपाध्यक्ष, सीआईआई मध्य प्रदेश कार्यकारी उपाध्यक्ष, आईसेक्ट समूह कुलाधिपति, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी

विवाद के माहौल में ब्रजेश पाठक का धर्मसम्मान कार्यक्रम, 101 बटुकों को बुलाकर किया अभिनंदन

लखनऊ प्रयागराज में माघ मेला के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पवित्र स्नान से रोके जाने का मामला चर्चा में रहा. इस दौरान शंकराचार्य के साथ जा रहे बटुकों की शिखा खींचे जाने की कथित घटना को लेकर यूपी सरकार पर सवाल उठ रहे थे. विपक्षी दल हमलावर थे. इसे लेकर यूपी सरकार अब डैमेज कंट्रोल के मोड में नजर आ रही है. हाल ही में यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शिखा पकड़ने को बड़ा पाप बताया था. अब ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को अपने आवास पर बुलाकर उनका सम्मान कर आशीर्वाद लिया है. ब्रजेश पाठक ने गुरुवार की सुबह लखनऊ के अपने सरकारी आवास पर 101 बटुकों को बुलाया. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर बटुकों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया. उन्होंने बटुकों को तिलक लगाया और उनकी शिखा का सम्मान कर उनसे आशीर्वाद लिया. गौरतलब है कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक प्रोग्राम में यह कहा था कि शिखा का सम्मान होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा था कि परंपराओं का आदर समाज की जिम्मेदारी है. 101 बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान करना सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है. बता दें कि प्रयागराज की घटना के बाद सरकार की किरकिरी हो रही थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाल ही में यह कहा था कि सभी को मर्यादा में रहना चाहिए. ब्रजेश पाठक ने क्या कहा था यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किसी ब्राह्मण की शिखा छूने को बेहद गंभीर अपराध बताया था. उन्होंने कहा था कि यह सनातन संस्कृति और परंपराओं का अपमान है. ब्रजेश पाठक ने इस तरह की घटना को बड़ा पाप बताते हुए कहा था कि इसमें शामिल लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.

वर्ल्ड कप में भारत का दमदार प्रदर्शन, नीदरलैंड्स चारों खाने चित

 अहमदाबाद टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बुधवार को नीदरलैंड्स और टीम इंडिया के बीच मैच खेला गया. इस मैच में टीम इंडिया ने 17रनों से जीत हासिल की और इस वर्ल्ड कप में लगातार चौथा मैच जीता. ये मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेड‍ियम में खेला गया. जहां टॉस भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. सूर्या ब्रिगेड ने पहले खेलते हुए श‍िवम दुबे के 31 गेंदों पर 66 रनों की बदौलत 193/5 का स्कोर बनाया. इसके जवाब में उतरी नीदरलैंड्स की टीम 176 रन ही बना सकी. भारतीय टीम ने ये मैच 17 रन से जीत लिया. भारत इस वर्ल्ड कप में अपने चारों मैच जीत चुकी है. वहीं नीदरलैंड्स की टीम का टी20 वर्ल्ड कप से सफर खत्म हो गया है, उसको इस वर्ल्ड कप में एकमात्र जीत नामीब‍िया के ख‍िलाफ मिली थी. ऐसी रही नीदरलैंड्स की पारी 194 रनों के जवाब में उतरी नीदरलैंड्स की शुरुआत ठीक ठाक रही. पहला झटका उसे छठे ओवर में लगा जब मैक्स 35 के स्कोर पर आउट हुए. इसके बाद 51 के स्कोर पर उसे दूसरा झटका लगा जब माइकल लेविट आउट हुए. बास डी लीडे और कॉलिन के बीच अच्छी साझेदारी पनपी. लेकिन फिर भारतीय गेंदबाजों ने शिकंजा कस लिया. नीदरलैंड्स की टीम 176 रन ही बना सकी. भारत की ओर से सबसे सफल गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती रहे जिन्होंने 3 ओवर में 14 रन देकर 3 विकेट झटके. वहीं, शिवम दुबे को 2 और बुमराह को एक विकेट मिला.  भारतीय टीम की पारी की हाइलाइट्स  इस मुकाबले में भारतीय टीम की ओर से ओपन‍िंंग करने के लिए अभ‍िषेक शर्मा और ईशान किशन आए. अभ‍िषेक शर्मा एक बार फ‍िर अनलकी साबित हुए और पहले ही ओवर में नीदरलैंड्स के आर्यन दत्त की गेंद पर 0 पर आउट हो गए. अभ‍िषेक शर्मा महज 3 गेंद ही फेज कर पाए. यह उनका इस वर्ल्ड कप में 0 की हैट्र‍िक रही. इसके बाद ईशान किशन भी 7 गेंदों पर 18 गेंदों पर जड़कर बोल्ड हो गए. ईशान के आउट होते ही टीम इंड‍िया का स्कोर 39/2 हो गया. एक समय तिलक वर्मा (31) और कप्तान सूर्या टीम को संभाले हुए लग रहे, लेकिन फ‍िर रोएलोफ वैन डेर मर्व ने शानदार डाइव‍िंंग कैच लोगान वैन बीक की गेंद पर पकड़कर उनको पवेल‍ियन की द‍िशा द‍िखा दी. इसके बाद आउट होने वाले अगले बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव रहे जो 28 गेंदों पर 34 रन बनाकर काइल क्लेन की गेंद पर आउट हुए. सूर्या के आउट होते ही भारतीय टीम का स्कोर 110/4 हो गया. इसके बाद श‍िवम दुबे और हार्द‍िक पंड्या ने अंत‍िम ओवर्स में अच्छी बल्लेबाजी की, एक समय लग रहा था कि भारत आसानी से 200 रन क्रॉस कर लेगा. लेकिन अंत‍िम ओवर श‍िवम दुबे (31 बॉल, 4 चौके, 6 छक्के, 66 रन) और हार्द‍िक (30 रन, 21 गेंद) के आउट होने से ऐसा नहीं हो पाया. दुबे और पंड्या दोनों  ही लोगन वैन बीक की गेंदों पर आउट हुए. लोगन नीदरलैंड्स की टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे, ज‍िन्होंने 3 विकेट झटके.  टीम इंड‍िया की प्लेइंग 11 में दो बदलाव  इस मुकाबले में भारतीय टीम की प्लेइंग 11 में दो बदलाव हुए थे. कुलदीप यादव की जगह अर्शदीप सिंह टीम में आए थे. वहीं अक्षर पटेल आराम द‍िया गया, और उनकी जगह टीम में वॉश‍िंंगटन सुंदर को  शाम‍िल किया गया था. सुंदर का यह टी20 वर्ल्ड कप में डेब्यू मैच भी था.   नीदरलैंड्स की भारत के ख‍िलाफ प्लेइंग इलेवन: माइकल लेविट, मैक्स ओ’डॉड, बास डी लीडे, कॉलिन एकरमैन, स्कॉट एडवर्ड्स (कप्तान और विकेटकीपर), जैक लायन-कैशेट, लोगन वैन बीक, नोआ क्रोस, आर्यन दत्त, रोएलोफ वैन डेर मर्व, काइल क्लेन भारत की नीदरलैंड्स के ख‍िलाफ प्लेइंग इलेवन: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती

किराना हिल्स में युद्धाभ्यास का धमाका, SU-30, राफेल और ब्रह्मोस के तांडव का ऑपरेशन सिंदूर हुआ लीक

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान को किस तरह रणनीतिक रूप से झटका दिया, इस पर लंबे समय से बहस होती रही है. अब जाने-माने एरियल वॉरफेयर विश्लेषक और इतिहासकार टॉम कूपर ने दावा किया है कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के किराना हिल्स पर सटीक हमला कर उसकी कमर तोड़ दी थी. टॉम कूपर के मुताबिक यही वह निर्णायक वार था, जिसके बाद पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था और सीजफायर की भीख मांगने लगा. हालांकि भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर किराना हिल्स को निशाना बनाने से इनकार किया है, लेकिन टॉम कूपर का कहना है कि सबूत साफ हैं. टॉम कूपर ने NDTV को दिए इंटरव्यू में बताया कि पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए, जिनमें मिसाइलों के धुएं के निशान पहाड़ियों की ओर जाते और टकराते दिखाई देते हैं. इसके अलावा एक अन्य वीडियो में पाकिस्तानी वायुसेना के 4091वें स्क्वाड्रन के रडार स्टेशन से धुआं उठता दिखा. कूपर के मुताबिक भारत ने पहले इन रडार स्टेशनों को निशाना बनाकर पाकिस्तान की जवाबी क्षमता को निष्क्रिय किया और फिर अंडरग्राउंड स्टोरेज सुविधाओं के कम से कम दो प्रवेश द्वारों पर हमला किया. पाकिस्तानी लड़ाकू विमान भी मारे गए?     टॉम कूपर ने दावा किया कि उस समय पाकिस्तान का ऑपरेशन ‘बुनियान-उन-मार्सूस’ फेल हो चुका था. भारत की एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों को बड़े पैमाने पर नाकाम कर दिया.     कई पाकिस्तानी लड़ाकू विमान मार गिराए गए. इसके बाद भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई में 12-13 एयरबेस पर हमला किया. अंत में किराना हिल्स पर स्ट्राइक ने पाकिस्तान को रणनीतिक रूप से घेर लिया.     हमले के समय कूटनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज थी. पाकिस्तान, अमेरिका और भारत से संपर्क कर युद्धविराम के रास्ते तलाश रहा था. कूपर के शब्दों में यह साफ संकेत था कि पाकिस्तान अब आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं था. क्यों पाकिस्तान की कमजोर नस है किराना हिल्स? किराना हिल्स को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का अहम केंद्र माना जाता है. यहां 20 से ज्यादा परमाणु परीक्षण किए जा चुके हैं और बड़ी संख्या में हार्डन शेल्टर व भूमिगत सुरंगें मौजूद हैं. टॉम कूपर का तर्क है कि ऐसी जगह पर हमला तभी किया जाता है जब स्पष्ट संदेश देना हो- ‘हम जब चाहें, जहां चाहें, जितनी ताकत से चाहें, वार कर सकते हैं.’ कूपर ने यह भी सवाल उठाया कि जब सबूत इतने स्पष्ट हैं तो भारत आधिकारिक तौर पर हमले से इनकार क्यों करता है. वो इसे लेकर इतने आश्वस्त हैं कि बोलते हैं कि इससे इनकार करना वैसा ही जैसे कोई कहे कि सूरज पूरब से नहीं उगता. रूसी फाइटर जेट और ब्रह्मोस ने किया तांडव हथियारों की बात करें तो कूपर के अनुसार भारत को किसी विशेष गुप्त तकनीक की जरूरत नहीं पड़ी. सुखोई-30 विमानों से ब्रह्मोस और रैम्पेज मिसाइलें दागी गईं, जगुआर ने रैम्पेज लॉन्च किए और राफेल ने स्कैल्प मिसाइलों का इस्तेमाल किया. इतना पाकिस्तान के लिए काफी था. उन्होंने भारत की इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम की खास तारीफ की, जिसने रक्षात्मक और आक्रामक दोनों मोर्चों पर अहम भूमिका निभाई. कुल मिलाकर टॉम कूपर का आकलन है कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की स्पष्ट रणनीतिक जीत थी. किराना हिल्स पर कथित हमले ने पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि भारत की सैन्य क्षमता और एडवांस तकनीक के सामने उसकी जवाबी ताकत सीमित है.

‘जाणता राजा’ कार्यक्रम में होंगे शामिल, CM साय आज लेंगे विभागीय बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गुरुवार का दौरा कार्यक्रम तय किया गया है। मुख्यमंत्री आज सिविल लाइन स्थित अपने निवास में विभागीय बैठक लेंगे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री शाम 6.30 बजे आयोजित महानाट्य ‘जाणता राजा’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। किसानों की अहम बैठक आज रायपुर में आज किसानों की एक बैठक आयोजित होने वाली है। यह बैठक दोपहर 1 बजे कलेक्टर गार्डन रायपुर में होगी, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के घटक संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी। इस दौरान भारत–अमेरिका ट्रेड डील का किसानों पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा होगी। साथ ही छत्तीसगढ़ में धान का ₹3286 प्रति क्विंटल अंतर राशि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। बैठक में किसानों के हितों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है। सहयोग केंद्र में आज मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सुनेंगी समस्याएं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित सहयोग केंद्र में आज मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित रहेंगी। इस दौरान वे आम जनता व पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनकर उनके निराकरण करेंगी। सहयोग केंद्र के माध्यम से लोग अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर आवेदन कर सकेंगे। असम के चुनावी दौरे से लौटेंगे डिप्टी सीएम अरुण साव उप मुख्यमंत्री अरुण साव असम के तीन दिवसीय चुनावी दौरे के बाद आज रायपुर लौटेंगे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने असम में भाजपा संगठन के साथ मिलकर चुनावी रणनीति तैयार की। अरुण साव को लखीमपुर लोकसभा क्षेत्र की 9 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दौरे के दौरान उन्होंने ढकुआखाना, लखीमपुर, तिनसुकिया और धेमाजी में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों पर चर्चा की।

सुपर-8 मुकाबलों का ऐलान, टीम इंडिया किन-किन से और कब खेलेगी?

 नई दिल्ली आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है. सुपर-8 चरण में ग्रुप-1 की तस्वीर साफ है. मेजबान भारत के साथ जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका ने जगह बनाई है. अब हर मुकाबला सेमीफाइनल की दिशा तय करेगा. भारत अपने अभियान की शुरुआत 22 फरवरी को करेगा. पहला ही मैच चुनौतीपूर्ण है, जब टीम की भिड़ंत दक्षिण अफ्रीका से होगी. यह मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7 बजे खेला जाएगा. टूर्नामेंट के इस चरण में शुरुआती जीत मनोवैज्ञानिक बढ़त दिला सकती है, लिहाजा नजरें इस हाई-वोल्टेज टक्कर पर टिकी होंगी. दूसरा मुकाबला 26 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ होगा. सुपर-8 का यह मुकाबला भारत के लिए अंक तालिका में मजबूती का अहम अवसर माना जा रहा है. स्पिन के अनुकूल चेन्नई की पिच पर रणनीति निर्णायक भूमिका निभा सकती है. भारत का तीसरा सुपर-8 मुकाबला 1 मार्च को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला जाएगा. यह मैच सुपर-8 के ग्रुप-1 की तस्वीर पूरी तरह साफ कर सकता है. कैरेबियाई टीम की विस्फोटक बल्लेबाजी के सामने भारत की गेंदबाजी की असली परीक्षा होगी. सुपर-8 के ग्रुप-1 में चारों टीमें मजबूत हैं, ऐसे में रनरेट भी अहम भूमिका निभा सकता है. मेजबान होने के नाते भारत पर उम्मीदों का दबाव है, लेकिन घरेलू परिस्थितियां टीम के पक्ष में जा सकती हैं. टीम इंडिया सुपर-8 की राह को पार कर सेमीफाइनल का टिकट कटाने के लिए ताकत झोंकने के लिए तैयार है.  उधर, सुपर-8 के ग्रुप-2 में इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें हैं. सुपर-8 के बाद टूर्नामेंट का नॉकआउट दौर (सेमीफाइनल) शुरू होगा, जहां 4 (दोनों ग्रुप से शीर्ष 2-2) टीमें होंगी. टूर्नामेंट के दोनों सेमीफाइनल मुकाबले 4 और 5 मार्च को खेले जाएंगे. इसके बाद क्रिकेट जगत की निगाहें 8 मार्च पर टिकी होंगी, जब खिताबी मुकाबला खेला जाएगा. पाकिस्तान सुपर-8 राउंड की शुरुआत शनिवार को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले से करेगा.  अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करता है, तो वह 4 मार्च को कोलंबो में खेले जाने वाले पहले सेमीफाइनल में उतरेगा. लेकिन यदि पाकिस्तान क्वालिफाई नहीं करता, तो यह सेमीफाइनल मुकाबला कोलकाता में खेला जाएगा. दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. अगर भारत क्वालिफाई करता है, तो वह दूसरे सेमीफाइनल में खेलेगा. यदि पाकिस्तान फाइनल में पहुंचता है, तो खिताबी मुकाबला कोलंबो में आयोजित होगा, अन्यथा फाइनल अहमदाबाद में खेला जाएगा. सेमीफाइनल और फाइनल दोनों मुकाबलों के लिए रिजर्व डे भी रखा गया है.

SIR खत्म, अब असम में चुनावी शंखनाद का इंतजार; CEC ज्ञानेश कुमार ने EVM अपडेट का किया खुलासा

नई दिल्ली असम में चुनाव की तैयारियों और हाल ही में खत्म हुई SIR प्रक्रिया पर, चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा, प्योर इलेक्टोरल रोल लोकतंत्र की नींव हैं. असम में हाल ही में खत्म हुई SIR का मकसद था कि कोई भी योग्य वोटर बाहर न हो और कोई भी अयोग्य वोटर शामिल न हो. फाइनल इलेक्टोरल रोल में, लगभग 2.49 करोड़ लोगों को शामिल किया गया है. घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए: ज्ञानेश कुमार असम में SIR समाप्त हो चुका है. यहां का स्पेशल रिविजन 12 अन्य राज्यों से अलग है. बाकी 12 राज्यों के 51 करोड़ मतदाताओं के SIR का अंतिम चरण सामने आ चुका है और कई के समाप्त हो चुके हैं. असम में SIR पर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा, असम में SIR करने का सिर्फ एक ही मकसद था – सभी एलिजिबल वोटर्स को शामिल करना और इनएलिजिबल वोटर्स को बाहर करना. अवैध घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से कटे हैं और नये वोटर जो युवा हैं, जो पहली बार वोट करेंगे उनके नाम जोड़े गए हैं. EVM पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो दिखाई जाएंगी : ज्ञानेश कुमार असम में चुनाव की तैयारियों के रिव्यू पर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा, इस बार, EVM पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो दिखाई जाएंगी, और उनके नाम और सीरियल नंबर बड़े फॉन्ट में दिखाए जाएंगे. हमने हर पोलिंग सेंटर पर 1,200 वोटरों की लिमिट भी तय की है. पहली बार, असम में वोटर वोटिंग सेंटर के एंट्री पॉइंट पर अपने मोबाइल फोन रख सकेंगे. चुनाव कार्यक्रम मार्च के मध्य में हो सकता है जारी पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अप्रैल में अलग-अलग तारीखों पर विधानसभा चुनाव हो सकते हैं, जिससे संबंधित कार्यक्रम मार्च के मध्य में घोषित किए जाने की संभावना है. चुनाव अप्रैल में अलग-अलग तारीखों पर हो सकते हैं. पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून में अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है. पुडुचेरी विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल 15 जून को खत्म होगा, वहीं असम का 20 मई, केरल का 23 मई, तमिलनाडु का 10 मई और पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म हो रहा है.

परिवार और जनसंख्या पर मोहन भागवत की सलाह, तीन बच्चों की बात पर छिड़ी बहस

लखनऊ  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि हिंदू समाज को किसी से खतरा नहीं है, लेकिन उसे सजग और संगठित रहना चाहिए। उन्होंने यह बात लखनऊ स्थित विद्या भारती के भारतीय शिक्षा शोध संस्थान, सरस्वती कुंज, निराला नगर में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक के दौरान कही। डॉ. भागवत ने कहा कि हिंदू परिवारों को कम से कम तीन बच्चों का संकल्प लेना चाहिए। उनका तर्क था कि जिन समाजों में जनसंख्या वृद्धि दर बहुत कम हो जाती है, वे धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाते हैं। ‘घर वापसी’ अभियान को गति देने की आवश्यकता इसके बाद माधव सभागार में आयोजित ‘कार्यकर्ता कुटुंब मिलन’ कार्यक्रम में उन्होंने ‘घर वापसी’ अभियान को गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग पुनः हिंदू धर्म में लौटते हैं, उनके साथ संवाद और सहयोग बनाए रखना चाहिए। हम सभी एक ही देश और मातृभूमि के पुत्र अपने संबोधन में उन्होंने कहा, हम सभी एक ही देश और मातृभूमि के पुत्र हैं। जो हमारे विरोधी हैं, उन्हें समाप्त करना हमारा विचार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर, कुआं और श्मशान जैसे सार्वजनिक धार्मिक स्थल सभी हिंदुओं के लिए समान रूप से खुले होने चाहिए। कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों की भागीदारी इस कार्यक्रम में सिख, बौद्ध और जैन समाज के प्रतिनिधियों के साथ कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों के सदस्य भी उपस्थित रहे। इनमें रामकृष्ण मिशन, इस्कॉन, जय गुरुदेव, शिव शांति आश्रम, आर्ट ऑफ लिविंग, संत निरंकारी आश्रम, संत कृपाल आश्रम, कबीर मिशन, गोरक्षा पीठ, आर्य समाज, संत रविदास पीठ, दिव्यानंद आश्रम और ब्रह्म विद्या निकेतन सहित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हुए।  

रात 10 बजे के बाद ट्रेन में लागू हो जाते हैं ये नियम, 99% लोग होंगे अनजान

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे देश की सबसे बड़ी परिवहन सेवाओं में से एक है और हर दिन करोड़ों यात्री इससे सफर करते हैं। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कई नियम बनाए हैं। खासकर रात के समय यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए कुछ विशेष नियम लागू किए जाते हैं। अगर आप रात में ट्रेन से सफर कर रहे हैं, तो इन नियमों की जानकारी होना जरूरी है। तो आइए जानते हैं कि रात के 10 बजे के बाद ट्रेन में कौन-कौन से नियम लागू हो जाते हैं और यात्रियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। रात 10 बजे के बाद टिकट चेकिंग का नियम रेलवे के नियमों के मुताबिक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) सो रहे यात्रियों को टिकट दिखाने के लिए परेशान नहीं कर सकता। यह नियम स्लीपर और एसी दोनों कोच पर लागू होता है। हालांकि, जो यात्री रात 10 बजे के बाद ट्रेन में चढ़ते हैं, उनसे टिकट जांच की जा सकती है। यदि कोई अधिकारी बिना कारण बार-बार परेशान करता है, तो यात्री रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शोर-शराबे पर सख्ती रात के समय ट्रेन में शांति बनाए रखना अनिवार्य है। तेज आवाज में बात करना, मोबाइल पर लाउडस्पीकर चलाना या बिना हेडफोन गाने सुनना नियमों के खिलाफ है। यदि किसी यात्री की वजह से दूसरों की नींद या आराम में बाधा आती है, तो उस पर कार्रवाई हो सकती है। रेलवे एक्ट 1989 की धारा 145 के तहत शांति भंग करने पर 500 से 1000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। लाइट और अन्य सुविधाओं के नियम रात 10 बजे के बाद कोच की मुख्य लाइट बंद कर दी जाती है और केवल नाइट लाइट चालू रहती है। समूह में यात्रा कर रहे लोग भी ऊंची आवाज में बातचीत नहीं कर सकते। कुछ ट्रेनों में देर रात भोजन सेवा बंद कर दी जाती है। जरूरत हो तो पहले से खाना बुक किया जा सकता है।     सफाई कर्मचारियों की आवाजाही रात में सीमित रहती है।  सुरक्षा कारणों से कई ट्रेनों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद किए जा सकते हैं। मिडिल बर्थ से जुड़ा नियम स्लीपर कोच में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक मिडिल बर्थ वाला यात्री अपनी सीट खोल सकता है। इस दौरान लोअर बर्थ पर बैठे यात्री उसे रोक नहीं सकते। सुबह 6 बजे के बाद मिडिल बर्थ को वापस बंद करना होता है, ताकि नीचे बैठने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके। क्यों जरूरी हैं ये नियम? इन नियमों का उद्देश्य यात्रियों को रात के समय शांत और सुरक्षित यात्रा का अनुभव देना है। सही जानकारी होने से आप अनावश्यक विवाद और असुविधा से बच सकते हैं। अगर आप अगली बार रात में ट्रेन से सफर करें, तो इन नियमों का ध्यान रखें और दूसरों की सुविधा का भी सम्मान करें।

NDA को मिलेगा फायदा? शरद और सिंघवी की सीटें खाली, राज्यसभा चुनाव में नई रणनीति

नई दिल्ली लोकसभा के बाद राज्‍यसभा में भी इंडिया अलायंस की ताकत घटने जा रही है. चुनाव आयोग ने 10 राज्यों की 37 सीटों पर 16 मार्च को चुनाव कराने का ऐलान क‍िया है. लेकिन यह महज एक रूटीन चुनाव नहीं है; यह भारतीय राजनीति के उन दिग्गजों की विदाई और नए समीकरणों के उदय की कहानी है, जो संसद के गलियारों में शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदलने वाला है. सबसे बड़ी सुगबुगाहट उन कुर्सियों को लेकर है जो खाली होने जा रही हैं. विपक्षी एकता के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार और कांग्रेस के संकटमोचक अभिषेक मनु सिंघवी जैसे चेहरों का कार्यकाल खत्म हो रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या बीजेपी इन खाली होती कुर्सियों पर अपना ‘कमल’ खिलाकर राज्‍यसभा में अपनी बादशाहत बनाने जा रही है? 10 राज्य और 37 सीटें चुनाव आयोग के मुताबिक, अप्रैल में खाली हो रही 37 सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी. ये सीटें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश , पश्चिम बंगाल, बिहार, तमिलनाडु, ओडिशा, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्यों से आती हैं. सीटों का गणित एक नजर में महाराष्ट्र    7    असम    3 पश्चिम बंगाल    6    हरियाणा    2 बिहार    6    छत्तीसगढ़    2 तमिलनाडु    6    हिमाचल प्रदेश    1 ओडिशा    4    स्रोत-    ECI शरद पवार से सिंघवी तक… दिग्गजों की विदाई एनसीपी के संस्थापक शरद पवार का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. महाराष्ट्र की बदली हुई राजनीति में, जहां अजित पवार की पार्टी अब एनडीए का हिस्सा हैं, शरद पवार के लिए दोबारा सदन पहुंचना एक बड़ी चुनौती है. वहीं, कांग्रेस के दिग्गज वकील और रणनीतिकार अभिषेक मनु सिंघवी की सीट भी खाली हो रही है. उनके अलावा प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना-UBT), केटीएस तुलसी (कांग्रेस), और रामनाथ ठाकुर (JDU) जैसे नाम भी रिटायर होने वालों की सूची में हैं. इन दिग्गजों की विदाई विपक्ष के लिए एक बड़ा वैचारिक और रणनीतिक वैक्यूम पैदा कर सकती है. महाराष्ट्र और बिहार: एनडीए के लिए ‘लॉटरी’ का मौका महाराष्ट्र में 7 सीटों पर चुनाव होने हैं. अभी यहां बीजेपी और शरद पवार गुट के पास 2-2 सीटें हैं, जबकि कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और रामदास आठवले के पास 1-1 सीट है. लेकिन राज्य विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों को देखें तो एनडीए यानी बीजेपी, एकनाथ शिंदे शिवसेना और अजित पवार यहां ‘क्लीन स्वीप’ की स्थिति में दिख रहा है. जानकारों का मानना है कि बीजेपी यहां अपनी सीटों की संख्या में भारी इजाफा करेगी, जिससे शरद पवार और उद्धव ठाकरे के खेमे को बड़ा नुकसान हो सकता है. बिहार में भी 5 सीटों का समीकरण एनडीए के पक्ष में झुकता दिख रहा है. यहां जेडीयू की 2 और आरजेडी की 2 सीटें खाली हो रही हैं. नीतीश कुमार के पाला बदलने के बाद अब एनडीए यहां 3 सीटों पर मजबूत पकड़ रखता है, जबकि ‘इंडिया’ गठबंधन को नुकसान उठाना पड़ सकता है. पश्चिम बंगाल और ओडिशा: बीजेपी मारेगी सेंध? पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के गढ़ में बीजेपी अपनी पैठ मजबूत करने की तैयारी में है. यहां 6 सीटों पर चुनाव हैं. वर्तमान में TMC के पास 4 सीटें हैं और एक लेफ्ट (सीपीआई-एम) के पास. जिस तरह से बंगाल विधानसभा में वामपंथ का सफाया हुआ है, बीजेपी यहां सीपीआई-एम की सीट छीनकर अपना खाता खोलने और अपनी ताकत बढ़ाने के लिए तैयार है. ओडिशा में भी 4 सीटों पर मुकाबला दिलचस्प है. नवीन पटनायक की बीजेडी और बीजेपी के बीच यहां सीटों का बंटवारा विधानसभा की ताकत के आधार पर होगा, जहां बीजेपी अपनी मौजूदा 2 सीटों को बरकरार रखने या बढ़ाने की कोशिश करेगी. NDA vs INDIA… क‍िसके पास क‍ितने नंबर अनुमानों के मुताबिक, 16 मार्च के चुनाव एनडीए के लिए ‘सुपर संडे’ साबित हो सकते हैं. अनुमान है कि एनडीए को इन चुनावों में कम से कम 6 सीटों का फायदा होगा इससे एनडीए का आंकड़ा 21 के करीब पहुंच सकता है. दूसरी ओर, विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को लगभग 4 सीटों का नुकसान होने की संभावना है. कांग्रेस के लिए तेलंगाना, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से अच्छी खबरें आ सकती हैं, जहाँ वह अपनी स्थिति में थोड़ा सुधार कर सकती है. बीजेपी कर रही रिकॉर्ड की तैयारी     साल 2026 बीजेपी के लिए राज्यसभा में ऐतिहासिक होने जा रहा है. मार्च के इन 37 सीटों के अलावा, पूरे साल में कुल 71 सदस्य रिटायर होने वाले हैं. अप्रैल में 32 सदस्य रिटायर होंगे. इनमें से 9 बीजेपी से हैं. जून में 22 सदस्य रिटायर होंगे. इनमें से 12 बीजेपी से हैं. इसी तरह नवंबर के अंत में 11 सदस्य रिटायर होंगे, इनमें से 9 बीजेपी से हैं.     बीजेपी न केवल अपनी सीटें बचा रही है, बल्कि क्षेत्रीय दलों और कांग्रेस के कमजोर राज्यों से अतिरिक्त सीटें खींच रही है. अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो बीजेपी अपने दम पर राज्यसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े के बेहद करीब पहुंच जाएगी.     राज्यसभा में कुल 245 सीटें होती हैं. साधारण बहुमत के लिए किसी भी गठबंधन या दल को 123 सीटों की आवश्यकता होती है. वर्तमान में बीजेपी के पास लगभग 95-98 सदस्य हैं. NDA का आंकड़ा 115 से 118 के आसपास पहुंचता है.इस चुनाव के बाद राज्यसभा में एनडीए 123 के बहुमत के आंकड़े को पार कर सकती है. बदल जाएगा राज्‍यसभा का मिजाज शरद पवार और अभिषेक मनु सिंघवी जैसे कद्दावर नेताओं की कमी विपक्ष को खलेगी, जबकि बीजेपी के लिए यह अपनी विधायी ताकत को और अधिक धार देने का अवसर है. राज्यसभा में बहुमत मिलने का मतलब है कि सरकार को अब विवादास्पद बिलों को पास कराने के लिए बीजेडी या वाईएसआर कांग्रेस जैसे दलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. एनडीए की बढ़ती ताकत ने साफ कर दिया है कि ‘उच्च सदन’ की चाबी अब मजबूती से सत्तापक्ष के हाथों में जाने वाली है.  

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