LATEST NEWS

05 मार्च 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्य, किसे मिलेगा खास लाभ

आज का राशिफल मेष आज के दिन की स्थिति कुछ न कुछ मुश्किलें देने वाली हो सकती हैं, किसी न किसी बात को लेकर घर पर भी कुछ मतभेद बने रह सकते हैं जिन्हें सुलझाना आसान नहीं होगा। आप अपने काम के चलते कुछ यात्रा भी कर सकते हैं जो शायद अभी खर्च और थकान ही बढ़ाने वाली हैं।     करियर – काम के लिहाज से आज के दिन की स्थिति आप को कई मायनों में एक छिपा हुआ कंपटीशन देने वाली है यानी के लोग विरोध में सामने न हों लेकिन पीठ पीछे काफी कुछ चल रहा होगा। कारोबार को लेकर ध्यान से सौदे करने की जरूरत है।     फाइनेंस – पैसों को लेकर आज का दिन आपको खर्च की अधिकता देने वाला है। आप कुछ चीजों की खरीदारी कर सकते हैं।     लव लाइफ – प्यार भरे रिश्ते इस समय होकते हैं किसी दूसरे के चलते विवाद या तनाव का शिकार।     हेल्थ – सेहत के मामले में इस दौरान शरीर में दर्द बुखार या अन्य कोई परेशानी उभर सकती है। आज का राशिफल वृष वृषभ राशि वालों के लिए काम के साथ-साथ इस समय कुछ बदलाव का भी मौका होगा, घर को सजाने या उसमें कुछ चेंज करने की कोशिशें भी अच्छी रहने वाली हैं। इस समय घर पर दोस्तों के आने से अलग ही रौनक लगने वाली है।     करियर – काम के लिहाज से आज आप अपने रचनात्मक पक्ष में ज्यादा अच्छे रहने वाले हैं। इस दौरान आप के काम में कुछ नवीनता दिखाई दे सकती है। इस समय के दौरान काम या किसी सौदे को लेकर यात्रा भी हो सकती है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति की अगर बात करें तो ये समय आपको कुछ अपने ऊपर होने वाले खर्च की स्थिति को अधिक दिखा रहा है।     लव लाइफ – प्रेम संबंध इस समय काफी बातों के चलते रहेंगे आप के लिए कमजोर क्योंकि कोई न कोई शक या संदेह दिलों में ला सकता है दूरी का असर।     हेल्थ – स्वास्थ्य के मामले में इस सप्ताह आप छोटी छोटी बातों से हो सकते से परेशान जिससे दिक्कत हो सकती हैं।   आज का राशिफल मिथुन मिथुन राशि वालों के लिए आज के दिन की स्थिति रह सकती है कुछ मामलों में उलझनों से भरी हुई। घर पर कुछ काम आप के ध्यान को कर सकते हैं भ्रमित। इस दौरान बच्चों को लेकर उनकी पढ़ाई से संबंधित बातचीत होगी जिसमें आप उनके लिए एक अच्छे मार्गदर्शक बनेंगे।     करियर – कामकाज की अगर बात की जाए तो इस समय कुछ पुरानी बातें या यादें मन पर डाल सकती हैं अपना प्रभाव। इस समय के दौरान लगातार कामकाज में लगे रहना आपको अपने आस पास के माहौल से भी दूर ले जाने वाला हो सकता है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति के मामले में दिन रहेगा कुछ दोस्तों के साथ खर्चीला या फिर किसी भाई बंधु के लिए खरीदारी भी हो सकती है।     लव लाइफ – प्रेम संबंधों की अगर बात की जाए तो इस समय आप अचानक से किसी से मिल सकते हैं या बातचीत आगे बढ़ सकती है।     हेल्थ – सेहत की स्थिति सामान्य रहने वाली है, लेकिन किसी खेलकूद में चोट न लगे इस बात का रखें ख्याल।   आज का राशिफल कर्क कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन कुछ आत्मविश्वास को देने वाला रह सकता है। आप अपने कामों को लेकर भी सक्रिय रहेंगे, लेकिन किसी पारिवारिक विषय को लेकर मन थोड़ा बेचैन हो सकता है। आज शांत रहते हुए मेहनत करते रहना आपके लिए बेहद आवश्यक रहेगा।     करियर – कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। यदि आप नौकरी में हैं तो अधिकारी आपके काम की सराहना कर सकते हैं, लेकिन अपेक्षाएं भी बढ़ेंगी। व्यापार से जुड़े लोगों को किसी पुराने संपर्क से लाभ मिल सकता है। निर्णय सोच-समझकर लें, जल्दबाज़ी नुकसान दे सकती है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति स्थिर रहने वाली है, किसी जरूरी घरेलू खर्च के कारण बजट थोड़ा प्रभावित हो सकता है।     लव लाइफ – दांपत्य जीवन में आज के दिन एक दूसरे को समय कम ही दे पाते हैं, प्रेम संबंधों में उन बातों से परेशान न हों जो किसी बाहरी व्यक्ति के कारण प्रभावित हो रही है।     हेल्थ – स्वास्थ्य अच्छा रहेगा असर पर यात्रा के दौरान कुछ दर्द की शिकायत बढ़ सकती है।   आज का राशिफल सिंह सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन काम के साथ साथ घर के लोगों के साथ समय बिताने वाला देगा। परिवार और काम दोनों के बीच संतुलन भी बना सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर परिवार में चर्चा हो सकती है, जिसमें आपकी राय अहम होगी।     करियर – काम के मामले में आपकी मेहनत रंग ला सकती है। लंबे समय से अटका हुआ काम आज आगे बढ़ सकता है। व्यवसाय में साझेदारी से लाभ मिलने की संभावना है। सहकर्मियों के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाएं।     फाइनेंस – आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें वैसे तो आय के नए स्रोत बनने की संभावना है, लेकिन खर्च भी बढ़ सकते हैं।     लव लाइफ – रिश्तों में आज के दिन घर परिवार की जिम्मेदारी ही बहुत अधिक रहने वाली है, जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।     हेल्थ – स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, खानपान में लापरवाही न करें। गले या सर्दी-जुकाम की हल्की समस्या हो सकती है।   आज का राशिफल कन्या कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन अपने ही अनुसार काम करने की इच्छा को बढ़ा सकता है। इस समय घर पर किसी के साथ बातचीत में बहस बढ़ सकती है, इसलिए जितना हो सके आज के दिन आपने स्वभाव में अड़ियल रुख न अपनाएं।     करियर – कार्यक्षेत्र में पुरानी बातें या अनुभव आपके फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। आप किसी नए काम में शामिल होने की इच्छा तो रखेंगे लेकिन इसमें आगे बढ़ना मुश्किल रह सकता है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन मित्रों के साथ बाहर जाना या किसी रिश्तेदार के लिए खरीदारी करने से खर्च बढ़ सकता … Read more

IND vs ENG: करो या मरो की जंग में टीम इंडिया के 5 मैच विनर, अंग्रेजों को चटा सकते हैं धूल

नई दिल्ली सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया इंग्लैंड को हराकर फाइनल का टिकट कटाना चाहेगी। भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप में ये लगातार तीसरा सेमीफाइनल होने वाला है। 2022 में इंग्लैंड ने बाजी मारी, तो 2024 में टीम इंडिया ने जीत हासिल की थी। अब मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दोनों टीमें टकराने वाली हैं। इस मुकाबले में भारत के 5 ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अकेले अपने दम पर टीम को मैच में जीत दिला सकते हैं। इसमें संजू सैमसन से लेकर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह तक का नाम शामिल है। भारत को अपने दम पर जीत दिला सकते हैं ये खिलाड़ी- 1. जसप्रीत बुमराह भारत के दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड के लिए बड़ा सिरदर्द हो सकते हैं। बुमराह नई और पुरानी गेंद के साथ बेहतरीन गेंदबाजी करते हैं। वे बहुत ही कंजूसी के साथ रन भी खर्च करते हैं। बुमराह ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 6 मैच खेले हैं और 9 विकेट अपने नाम किए हैं। उन्होंने मात्र 6.30 की इकोनॉमी से रन दिए हैं, जिससे बुमराह अपने दम पर मैच में जीत दिला सकते हैं। 2. संजू सैमसन विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन फॉर्म में वापसी कर चुके हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले में नाबाद 97 रनों की पारी खेली और टीम को जीत दिलाई। सैमसन ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अगर पिच पर टिक गए, तो इंग्लिश गेंदबाजों की खैर नहीं होगी। वे अपने दम पर भारत को मैच जिता सकते हैं और इसका ताजा उदाहरण विंडीज के खिलाफ खेला गया मैच है। 3. वरुण चक्रवर्ती वरुण चक्रवर्ती पिछले कुछ मैचों में अपनी लय में नहीं दिखे हैं। उनके खिलाफ बल्लेबाजों ने रन बनाए हैं लेकिन चक्रवर्ती अपनी गेंदबाजी से इंग्लिश बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। वे टी20 की रैंकिंग में दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज हैं और भारत को मुश्किल समय में विकेट दिलाते रहे हैं। ऐसे में मुंबई में होने वाले सेमीफाइनल मैच में भी वे भारत के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। 4. ईशान किशन ईशान किशन का पिछले दो मैचों में बल्ला नहीं चला है लेकिन वे शानदर फॉर्म में चल रहे हैं। किशन ने पाकिस्तान के खिलाफ मुश्किल पिच पर मैच विनिंग पारी खेली थी। वे आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके हैं। ऐसे में वानखेड़े स्टेडियम का उन्हें अच्छे से अंदाजा है। किशन अपने दम पर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं और इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। 5. हार्दिक पांड्या हार्दिक पांड्या बल्ले के साथ टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। पांड्या अब तक दो फिफ्टी लगा चुके हैं। वे बल्ले से अंत के ओवरों में तेजी से रन बनाते हैं और मैच का रुख कुछ ही गेंदों में बदल देते हैं। इसके अलावा गेंदबाजी से भी पांड्या टीम इंडिया को सफलता दिलाते हैं। ऐसे में वे इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं।  

स्टूडेंट्स के लिए जरूरी सूचना: 5 मार्च से मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू, इस दिन घोषित होगा रिजल्ट

भोपाल प्रदेश के निजी एवं सरकारी स्कूलों में आयोजित पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 28 फरवरी को संपन्न हो गई हैं। अब राज्य शिक्षा केंद्र की ओर से पांच मार्च से उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य की शुरुआत की जाएगी। यह प्रक्रिया 14 मार्च तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, 25 मार्च को परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है, ताकि एक अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं नियमित रूप से प्रारंभ की जा सकें। निष्पक्षता के लिए ब्लॉक स्तर पर बनेंगे केंद्र इस वर्ष मूल्यांकन कार्य को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए उत्तरपुस्तिकाओं की जांच ब्लॉक स्तर पर बनाए गए समन्वयक केंद्रों पर की जाएगी। मूल्यांकन केंद्रों का आवंटन परीक्षा पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। प्रदेश में करीब एक लाख शिक्षकों को इस कार्य में लगाया गया है, जिनमें निजी स्कूलों के 20 हजार शिक्षक और अतिथि शिक्षक भी शामिल रहेंगे। निर्देश दिए गए हैं कि जिस जनशिक्षा केंद्र में शिक्षक पदस्थ हैं, उन्हें उसी जनशिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों की उत्तरपुस्तिकाएं जांचने के लिए आवंटित नहीं की जाएंगी। इससे निष्पक्षता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र ने इस संबंध में निर्देशित किया है कि अनुभवी और वरिष्ठ शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाए। मूल्यांकन केंद्र पर मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित मूल्यांकन कार्य की गोपनीयता बनाए रखने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मूल्यांकनकर्ता केंद्र के भीतर मोबाइल फोन लेकर नहीं जाएंगे। हालांकि, विद्यार्थियों के अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि मोबाइल के माध्यम से ही की जाएगी। विषयवार और कक्षावार यदि 15 मूल्यांकनकर्ता नियुक्त किए जाते हैं, तो उनके पर्यवेक्षण के लिए एक उपमुख्य परीक्षक की नियुक्ति अनिवार्य होगी। अल्पभाषाओं के विशेषज्ञों की होगी नियुक्ति राज्य शिक्षा केंद्र ने यह भी निर्देशित किया है कि मराठी, उर्दू, संगीत, पंजाबी, उड़िया, गुजराती और संस्कृत जैसी अल्पभाषाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए विषय विशेषज्ञों की व्यवस्था की जाए। आवश्यकता पड़ने पर निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा। तीन स्तर पर होगा विशेष उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन जिन विद्यार्थियों को शून्य अंक या 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त होंगे, उनकी उत्तरपुस्तिकाओं का मुख्य परीक्षक और उपमुख्य परीक्षक द्वारा पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता द्वारा जांची गई पांच प्रतिशत प्रतियों का रैंडम आधार पर पुनर्मूल्यांकन अनिवार्य किया गया है। एवरेज मार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। ‘पांच मार्च से मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया जाएगा। तेजी से मूल्यांकन कार्य किया जाना है, ताकि मार्च के अंतिम सप्ताह में रिजल्ट घोषित किया जा सके।’ – डॉ. अरुण सिंह, अपर संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र  

यात्रियों के लिए खुशखबरी: Indian Railways की नई 16 कोच वंदे भारत, होली के बाद रायबरेली से होगी रवाना

रायबरेली आधुनिक रेलडिब्बा कारखाना (आरेडिका) में बन रही वंदे भारत ट्रेन बनकर तैयार है, अब इसका ट्रायल किया जा रहा है। इसका पहला गति परीक्षण सफल रहा है। महाप्रबंधक ने स्वयं इंजन में बैठकर परीक्षण को परखा। आरेडिका अधिकारियों के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी होने में अभी दो सप्ताह का समय लग सकता है। होली के पहले वंदे भारत के आरेडिका से निकलने की उम्मीद है। वंदे भारत ट्रेन के 16 डिब्बों की रैक को बनाने का काम आरेडिका को मिला था। पहले दौर में आरेडिका की अधिकारियों की टीम जानकारी जुटाने के लिए आइसीएफ चेन्नई गई थी। वहां से टीम के आने के बाद निर्माण का काम शुरू हो सका। अब वंदे भारत ट्रेन बनकर तैयार है। उसके ट्रायल की प्रक्रिया चल रही है। एक लघु ट्रायल रन में ट्रैक्शन, गति व ओवरहेड इक्विपमेंट से लिए गए करंट जैसे प्रमुख परीक्षण मानकों का अवलोकन किया गया। ट्रायल शेड से प्रारंभिक संचालन के दौरान रैक की गति को 10 किलोमीटर प्रति घंटा की निर्धारित गति पर परीक्षण किया गया। ब्रेक प्रतिक्रिया, पैसेंजर एनाउंसमेंट एवं पब्लिक इंफार्मेशन सिस्टम की कार्यप्रणाली व ट्रैक्शन के दौरान प्रणाली के व्यवहार का भी परीक्षण किया गया। महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्र ने कहा कि यह उपलब्धि एमसीएफ व उसके उद्योग सहयोगियों के बीच सुदृढ़ समन्वय व सहयोग का प्रतीक है जो वंदे भारत परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 12 फरवरी को आयोजित ट्रायल पूर्व निरीक्षण के दौरान मेसर्स सीमेंस के जर्मन अभियंता क्रिस्टोफ गोएट्ज, सैंड्रा स्पोंसेट व सेबास्टियन शोएसर, पदमाकर डीके, सैत करकृ ने तकनीकी कार्रवाई में सक्रिय सहभागिता की थी। उन्हाेंने बताया कि यह ट्रायल एमसीएफ की अत्याधुनिक, उच्च गति वाली ट्रेनसेट के निर्माण के लिए उसकी प्रतिबद्धता, नवाचार क्षमता व उत्कृष्टता के प्रति समर्पण को स्थापित करता है।

हनुमान चालीसा पाठ का सही समय क्या है? गलती पड़ सकती है भारी

नई दिल्ली हनुमान चालीसा हिंदू धर्म में सबसे प्रभावशाली और फलदायी स्तोत्रों में से एक है। नियमित पाठ से भय, रोग, शत्रुता, आर्थिक संकट और ग्रह पीड़ा दूर होती है। बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। लेकिन शास्त्रों में इसके पाठ से जुड़े कुछ सख्त नियम भी बताए गए हैं। कुछ विशेष समय और अवस्थाओं में हनुमान चालीसा का पाठ करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। आइए जानते हैं उन समयों के बारे में, जब हनुमान चालीसा का पाठ गलती से भी नहीं करना चाहिए। दोपहर के समय हनुमान चालीसा का पाठ क्यों नहीं करना चाहिए हनुमान चालीसा का पाठ दोपहर के समय वर्जित माना जाता है। मान्यता है कि दोपहर में हनुमान जी विभीषण को दिए गए वचन के अनुसार, लंका चले जाते हैं। इस समय उनकी उपस्थिति नहीं रहती है। इसलिए दोपहर में पाठ करने से इच्छित फल नहीं मिलता, बल्कि विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। ब्रह्म मुहूर्त, सूर्योदय या संध्या काल में हनुमान चालीसा का पाठ सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इन समयों में पाठ करने से मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं। मासिक धर्म के समय पाठ से बचें महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। शास्त्रों में इस अवस्था को शारीरिक और मानसिक विश्राम का समय बताया गया है। इस दौरान पूजा-पाठ और मंत्र जप से दूर रहने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से महिला के शरीर और मन को आराम मिलता है। इस अवधि में पाठ करने से ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। मासिक धर्म समाप्त होने के बाद शुद्ध होकर पाठ शुरू करें। मृत्यु के समय हनुमान चालीसा का पाठ ना करें घर में किसी की मृत्यु होने पर हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। मृत्यु के बाद परिवार पर शोक और अशौच की स्थिति होती है। इस समय धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पूजा-पाठ को कुछ समय के लिए बंद कर दिया जाता है। शोक काल समाप्त होने और शुद्धि संस्कार के बाद ही पाठ शुरू करना चाहिए। मृत्यु के समय पाठ करने से आत्मा की शांति में बाधा आ सकती है और परिवार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बच्चे के जन्म के समय पाठ से दूर रहें जब घर में किसी बच्चे का जन्म होता है, तो हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। जन्म के बाद कुछ दिनों तक परिवार पर सूतक माना जाता है। यह समय नवजात और माता की देखभाल के लिए होता है। इस अवधि में पूजा-पाठ को कुछ समय के लिए बंद कर देना चाहिए। सूतक समाप्त होने और शुद्ध होने के बाद ही पाठ शुरू करें। ऐसा करने से नवजात का स्वास्थ्य और परिवार की शांति बनी रहती है। हनुमान चालीसा का सही समय और लाभ हनुमान चालीसा का पाठ मंगलवार और शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त या संध्या काल में करना विशेष रूप से फलदायी होता है। इन समयों में पाठ करने से भय, रोग, शत्रुता और ग्रह पीड़ा दूर होती है। नियमों का पालन करने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। नियमित पाठ से आत्मविश्वास, साहस और सफलता मिलती है। गलत समय में पाठ करने से विपरीत प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए समय का विशेष ध्यान रखें। हनुमान चालीसा का पाठ श्रद्धा और नियमों के साथ करें। सही समय पर पाठ करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

इंडियन ओपन स्क्वैश 2026: 18 मार्च से शुरू होंगे मुकाबले, ब्रेबोर्न स्टेडियम तैयार

मुंबई इंडियन ओपन 18 से 22 मार्च के बीच सीसीआई ब्रेबोर्न स्टेडियम में खेला जाएगा। यह एक पीएसए कॉपर इवेंट है, जिसकी टिकट अब लाइव हैं। प्रोफेशनल स्क्वैश एसोसिएशन (पीएसए) से मान्यता प्राप्त, यह टूर्नामेंट अपने 2025 एडिशन की सफलता को आगे बढ़ा रहा है, जिसे साल के टॉप 10 आइकॉनिक पीएसए इवेंट्स में से एक चुना गया था। 2026 एडिशन में डिफेंडिंग महिला चैंपियन अनाहत सिंह इवेंट में नजर आएंगी। लाइनअप में भारत के टॉप खिलाड़ी भी शामिल हैं, जैसे रमित टंडन, अभय सिंह, वीर चोटरानी, ​​वेलावन सेंथिलकुमार और जोशना चिनप्पा। इनके साथ याह्या एलनवासनी, हाना मोआताज और माजेन हेशाम जैसे इंटरनेशनल कंटेंडर भी शामिल हैं। इस प्रतियोगिता के साथ वर्ल्ड-क्लास स्क्वैश का एक बहुत प्रतिस्पर्धी हफ्ता शुरू होगा। टूर्नामेंट में पुरुषों और महिलाओं दोनों के इवेंट्स के लिए 44,500 यूएस डॉलर प्राइज मनी होगी। स्क्वैश रैकेट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सेक्रेटरी जनरल साइरस पोंचा ने कहा, “इंडियन ओपन तेजी से पीएसए कैलेंडर का एक अहम पड़ाव बन गया है, जिससे भारतीय खिलाड़ियों को वर्ल्ड-क्लास कॉम्पिटिशन का अनुभव मिलता है और साथ ही स्क्वैश की प्रोफाइल देश भर में बढ़ती है। 2026 के लिए, हम टूर्नामेंट की इंटरनेशनल अहमियत को बढ़ाते रहने और फैंस को हाई-लेवल मैच लाइव देखने के लिए उत्साहित हैं, जिससे भारत में इस खेल के लंबे समय के विकास में मदद मिलेगी।” इस प्रतियोगिता के क्वार्टरफाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल ग्लास कोर्ट पर होंगे, जिससे एक एरीना-स्टाइल स्क्वैश वेन्यू बनेगा जो एनर्जेटिक, क्लोज-अप व्यूइंग के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है। एक बड़े स्टेज पर समान प्राइज मनी और टॉप इंडियन और इंटरनेशनल प्लेयर्स के लाइनअप के साथ, 2026 इंडियन ओपन ग्लोबल स्क्वैश में भारत की जगह को मजबूत करेगा।

वर्ल्ड कप क्वालीफायर से पहले इंग्लैंड महिला हॉकी टीम ने हैदराबाद में डाला डेरा

हैदराबाद इंग्लैंड की महिला टीम एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 क्वालीफायर के लिए हैदराबाद पहुंच गई है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 8 से 14 मार्च तक तेलंगाना की राजधानी में आयोजित किया जाएगा, जहां आठ देशों की टीमें विश्व कप में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। इंग्लैंड की टीम समृद्ध इतिहास के साथ इस प्रतियोगिता में उतर रही है। टीम अब तक 11 एफआईएच वर्ल्ड कप में हिस्सा ले चुकी है और इस बार उसका लक्ष्य बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होने वाले विश्व कप के लिए टिकट हासिल करना है। इंग्लैंड का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2010 संस्करण में रहा था, जब टीम ने कांस्य पदक जीता था। इस बार टीम उस उपलब्धि से आगे बढ़ने की कोशिश करेगी। टीम की कप्तान फ्लोरा पील ने हैदराबाद पहुंचने के बाद आत्मविश्वास जताया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड में उनका प्रशिक्षण शिविर काफी सफल रहा और उससे पहले चीन में प्रो लीग के दौरान टीम ने कई प्रतिस्पर्धी मुकाबले खेले। उनके अनुसार टीम फिलहाल शानदार लय में है और टूर्नामेंट की शुरुआत का बेसब्री से इंतजार कर रही है। भारतीय परिस्थितियों को लेकर भी टीम उत्साहित नजर आई। खिलाड़ी लिली वॉकर ने कहा कि टीम के कई सदस्य पहले भारत आ चुके हैं और यहां के दर्शकों और माहौल को लेकर उत्साह है। गर्म मौसम से तालमेल बिठाने के लिए टीम ने विशेष तैयारी की है, जिसमें सॉना सेशन शामिल हैं, ताकि खिलाड़ी यहां की जलवायु के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें। इंग्लैंड को विश्व कप के तीन उपलब्ध स्थानों में से एक हासिल करने के लिए पूल-ए में मजबूत प्रदर्शन करना होगा। टीम अपने अभियान की शुरुआत 8 मार्च को इटली के खिलाफ करेगी, 9 मार्च को कोरिया गणराज्य से भिड़ेगी और 11 मार्च को ऑस्ट्रिया के खिलाफ ग्रुप चरण का अंतिम मुकाबला खेलेगी।  

हैरान कर देगा ये देश: 24 घंटे में सिर्फ 40 मिनट की रात, बाकी समय दिन ही दिन

नई दिल्ली प्राकृतिक का मतलब किसी के लिए सुंदरता है, तो किसी के लिए एक रहस्यमयी दुनिया है। कुछ लोग प्रकृति को एक रहस्यमयी दुनिया इसलिए भी मानते हैं, क्योंकि दुनिया में ऐसी कई अजीबो-गरीब चीजें हैं, जो इंसान को सोचने पर मजबूर कर देती है। जी हां, दुनिया में एक ऐसा अनोखा देश भी है जहां महज 40 मिनट के लिए ही रात होती है। इस देश में रात 12 बजकर 43 मिनट पर सूरज डूब जाता है और 40 मिनट के बाद पूरी जगमगाहट के साथ सूरज उग भी जाता है। यही नहीं इस देश में 76 दिनों तक रात नहीं होती है। अब आपके मन में यकीनन यह सवाल आ रहा होगा कि आखिर इस अनोखे देश का नाम क्या है और यहां एक लंबे दिन के बावजूद भी रात क्यों नहीं होती है। अगर हां, तो आज इस लेख के जरिये हम आपके इन्हीं सब सवालों के जवाब देंगे। साथ ही आपको एक ऐसे देश के बारे में भी बताएंगे जहां पूरे दो महीने तक सूरज नहीं उगता है और लोगों को अपनी दिनचर्या रात के अंधेरे से ही शुरू करनी पड़ती है।   नॉर्वे में होती है 40 मिनट की रात यूरोप में बसा नॉर्वे एक ऐसा अनोखा देश है, जहां दिन के उजाले के बाद रात महज 40 मिनट के लिए ही होती है। नॉर्वे के हेमरफेस्ट शहर में मई से जुलाई यानी 76 दिनों तक यहां केवल 40 मिनट के लिए ही सूरज ढलता है। बता दें, नॉर्वे के इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए देश के अलग-अलग कोने से पर्यटक आते हैं। यहां ज्यादा समय तक उजाला न होने की वजह से इस शहर को ‘Land of the Midnight Sun’ और ‘आधी रात का सूरज’ का सूरज भी कहा जाता है।   नॉर्वे में इस समय नहीं उगता सूरज अब तक हमने आपको बताया कि नॉर्वे में 76 दिनों तक केवल 40 मिनट के लिए ही सूरज निकलता है। लेकिन यह सिलसिला साल के बारह मास तक नहीं चलता है। नॉर्वे में नवंबर, दिसंबर और जनवरी के महीने में पूरी तरह से अंधेरा होता है और इन तीन महीनों के दौरान यहां सूरज नहीं निकलता है। क्यों होती है इतनी छोटी रात नॉर्वे में छोटी रात होने का मुख्य कारण यहां का भौगोलिक वातावरण है। दरअसल नॉर्वे आर्कटिक सर्किल के बेहद ही करीब है, जिसके कारण यहां गर्मियों के दिनों में सूरज की किरणें इस क्षेत्र पर सीधी पड़ती है। सूरज की किरणें इस क्षेत्र पर सीधी पड़ने के कारण यहां दिन लंबे और रात छोटी होती है। इसके अलावा, नॉर्वे में बोडो एंड साल्टेन, हेलजेलैंड, लोफोटेन कुछ ऐसे शहर भी है, जहां सूरज बिल्कुल भी नहीं ढलता है। अलास्का में दो महीने तक नहीं उगता सूरज धरती पर एक ऐसी जगह भी स्थित है, जहां पूरे दो महीनों तक सूरज नहीं निकलता है। जी हां, यह अनोखी जगह आर्कटिक सर्कल के भीतर अलास्का के उत्तरी हिस्से में है। बता दें, अलास्का में पूरे दो महीने तक सूरज नहीं निकलता है और यहां दिन छोटे व रातें लंबी होती है। अलास्का में इस भौगोलिक घटना को ‘पोलर नाइट’ के नाम से जाना जाता है। यहां रहने वाले लोग दिन के अंधेरे में ही अपने दिनचर्या की शुरुआत करते हैं और यहां बच्चे रात के अंधेरे में ही स्कूल पढ़ने के लिए जाते हैं।  

सूरज जैसी शक्ति अब इंसानों के पास, न्यूक्लियर फ्यूजन से हुआ संभव: आधा टन का चुंबक और अनलिमिटेड बिजली

नई दिल्ली न्यूजीलैंड की एक छोटी सी कंपनी ओपनस्टार टेक्नोलॉजीज ने न्यूक्लियर फ्यूजन की रेस में पूरी दुनिया को पीछे छोड़ दिया है. इस स्टार्टअप ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसे अब तक नामुमकिन माना जा रहा था. कंपनी ने आधे टन के भारी-भरकम चुंबक को हवा में तैराकर प्लाज्मा को सफलतापूर्वक कंट्रोल किया है. यह दुनिया में अपनी तरह का पहला कमर्शियल प्रयोग है. न्यूक्लियर फ्यूजन को मॉडर्न फिजिक्स का सबसे बड़ा लक्ष्य माना जाता है. अगर यह तकनीक पूरी तरह सफल होती है, तो इंसानों को असीमित बिजली मिल सकेगी. सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें न तो कार्बन उत्सर्जन होता है और न ही खतरनाक रेडियोएक्टिव कचरा निकलता है. हवा में तैरते चुंबक से कैसे पैदा होगी बिजली?     ओपनस्टार के फाउंडर रातु माताइरा ने इस मशीन के काम करने का तरीका समझाया है. उनकी कंपनी ‘लेविटेटेड डायपोल’ नाम की एक खास तकनीक पर काम कर रही है.     इसमें एक शक्तिशाली चुंबक को मैग्नेटिक फील्ड की मदद से हवा में लटकाया जाता है. इसी तैरते हुए चुंबक के चारों ओर प्लाज्मा को रोककर रखा जाता है.     अब तक पूरी इंडस्ट्री को लगता था कि ऐसी मशीन बनाना इंजीनियरिंग के हिसाब से संभव नहीं है. लेकिन न्यूजीलैंड के वैज्ञानिकों ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है.     उन्होंने ‘जूनियर’ नाम के प्रोटोटाइप से यह दिखा दिया कि यह तकनीक न सिर्फ काम करती है, बल्कि इसे बड़े स्तर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. फ्यूजन और फिशन के बीच क्या अंतर है? आजकल के परमाणु रिएक्टर ‘फिशन’ तकनीक पर चलते हैं. इसमें एटम्स को तोड़ा जाता है, जिससे एनर्जी निकलती है. लेकिन इस प्रोसेस में बहुत सारा खतरनाक कचरा भी पैदा होता है. इसके उलट ‘फ्यूजन’ की प्रक्रिया तारों और सूरज के अंदर होती है. इसमें दो एटम्स के केंद्र को आपस में जोड़ा जाता है. इस प्रोसेस से फिशन के मुकाबले कई गुना ज्यादा ऊर्जा निकलती है. सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इस प्रोसेस को शुरू करने के लिए बहुत ज्यादा बिजली की जरूरत पड़ती थी. ओपनस्टार की नई खोज ने इस मुश्किल को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. अब कम ऊर्जा खर्च करके ज्यादा बिजली बनाने का रास्ता साफ हो गया है. क्या 2030 तक घर-घर पहुंचेगी परमाणु बिजली? ओपनस्टार की सफलता के बाद अब अगले चरण की तैयारी शुरू हो गई है. कंपनी का अगला प्रोटोटाइप ‘ताही’ होगा, जिसकी मैग्नेटिक फील्ड मौजूदा मशीन से चार गुना ज्यादा ताकतवर होगी. न्यूजीलैंड की सरकार ने भी इस प्रोजेक्ट की अहमियत को समझते हुए 3.5 करोड़ डॉलर की मदद देने का वादा किया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह हाई-एनर्जी फ्लक्स-पंप तकनीक आने वाले समय में रिसर्च की दिशा बदल देगी. कंपनी का लक्ष्य है कि 2030 के दशक तक ऐसे कमर्शियल रिएक्टर तैयार कर लिए जाएं, जो शहरों को बिजली सप्लाई कर सकें. यह सफलता कोल और गैस जैसे पुराने ईंधन पर दुनिया की निर्भरता को पूरी तरह खत्म कर सकती है.

कानपुर का चौंकाने वाला मामला: पत्नी ने कहा – “मेरे साथ फ्रॉड हुआ, पति नपुंसक”

कानपुर .कानपुर के किशोर नगर की रहने वाली एक युवती ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. युवती का कहना है कि उसकी शादी 25 अप्रैल 2025 को हमीरपुर निवासी युवक से पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ हुई थी. उसके पिता ने होटल, जेवर, कैटरिंग और अन्य इंतजाम मिलाकर करीब 38 लाख रुपये खर्च किए थे. परिवार को उम्मीद थी कि बेटी की नई जिंदगी खुशहाल होगी, लेकिन शादी के बाद हालात बिल्कुल उलट निकले. पत्नी ने कहा, ‘मैंने पति से सुहागरात के लिए कई बार कहा लेकिन वो हमेशा टालता रहा. बाद में मुझे पता चला कि वो नपुंसक है. मेरे साथ फ्रॉड हुआ है.’  पति ने दूरी बनाए रखी पीड़िता के मुताबिक, 26 अप्रैल को वह विदा होकर ससुराल पहुंची. शादी के बाद के शुरुआती चार दिनों में ही उसे पति के व्यवहार पर संदेह होने लगा. उसका आरोप है कि पति ने उससे दूरी बनाए रखी और सुहागरात तक नहीं मनाई. उसने कई बार इस बारे में बात करने की कोशिश की, लेकिन हर बार पति ने टालमटोल कर दी. कुछ दिनों बाद वह मायके आ गई. फिर पति उसे नोएडा ले गया, जहां उसे अपने बड़े चाचा के फ्लैट में रखा गया. युवती का कहना है कि वहां करीब एक महीने तक साथ रहने के बावजूद पति ने उससे शारीरिक संबंध नहीं बनाए. इसी दौरान उसे शक हुआ कि पति शारीरिक रूप से सक्षम नहीं है. धमकियां देने का आरोप जब उसने इस बारे में ससुर और उनके बड़े भाई से बात की तो, उसके मुताबिक, पहले उसे समझाने और इलाज कराने का भरोसा दिया गया. आरोप है कि उससे कहा गया कि वह बेटे के साथ पत्नी की तरह रहे, इलाज करवा दिया जाएगा और पूरा खर्च उठाया जाएगा. लेकिन जब उसने अपनी आपत्ति जताई तो उसे कथित तौर पर धमकियां दी जाने लगीं. पांच लाख लाने को कहा गया पीड़िता का यह भी आरोप है कि उससे पांच लाख रुपये और लाने को कहा गया ताकि इलाज कराया जा सके. मना करने पर उसे बदनाम करने और परिवार की इज्जत खराब करने की धमकी दी गई. युवती का कहना है कि ससुराल पक्ष ने न सिर्फ बेटे की सच्चाई छिपाई, बल्कि शादी में खर्च हुआ पैसा भी व्यर्थ कर दिया और उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी. मामला दर्ज हुआ आखिरकार परेशान होकर युवती अपने पिता के घर लौट आई और कानपुर के रावतपुर थाने में पति, ससुर और ताऊ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. थाना प्रभारी कमलेश राय के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और एक टीम हमीरपुर भेजी जाएगी. वहीं, लड़की के परिवार का कहना है कि वे फिलहाल ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन उन्हें न्याय की उम्मीद है. इस पूरे मामले ने एक बार फिर शादी से पहले जरूरी जानकारियां छिपाने और पारिवारिक दबाव के मुद्दे पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

डाउनलोड्स में नंबर-1 भारत, AI ऐप्स के इस्तेमाल में रिकॉर्ड के बावजूद एक कमी उजागर

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करने के मामले में भारत सबसे आगे निकल रहा है। भारत में सबसे ज्यादा जेनरेटिव AI ऐप डाउनलोड किए जा रहे हैं। मार्केट इंटेलिजेंस फर्म सेंसर टावर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में साल-दर-साल 207 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ भारत जेनरेटिव AI ऐप डाउनलोड करने के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। देश में सबसे ज्यादा एआई ऐप और चैटबॉट डाउनलोड किए गए हैं। इससे देश को जेन-AI इस्तेमाल करने के मामले में अमेरिका से आगे निकलने में मदद मिली। भारत में डाउनलोड हुए सबसे ज्यादा एआई ऐप मार्केट इंटेलिजेंस फर्म सेंसर टावर की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में जेनरेटिव एआई ऐप सबसे ज्यादा भारत में डाउनलोड किए गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया भर में लगभग 20 प्रतिशत या हर 5 में से 1 जेनरेटिव AI ऐप भारत में डाउनलोड हुआ है। हालांकि, यह बड़ा यूजर बेस रेवेन्यू में नहीं बदलता है। 2025 में इन ऐप खरीदारी में भारतीय यूजर्स का हिस्सा सिर्फ लगभग 1 प्रतिशत रहा था। रेवन्यू में रह गया पीछे यह अंतर उन कंपनियों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बताता है जो तेजी से अपनाए जाने को लंबे सम तक बने रहने वाले रेवेन्यू में बदलने की कोशिश कर रही हैं। ऐप डाउनलोड की ग्रोथ भले ही साल-दर-साल 320 प्रतिशत बढ़ी हो, लेकिन रेवेन्यू की ग्रोथ अभी काफी पीछे है। नवंबर में इन-ऐप खरीदारी में 22 प्रतिशत और दिसंबर में 18 प्रतिशत की गिरावट आई है। फ्री ऑफर का दिखा असर डाउनलोड में यह उछाल प्रमोशनल पुश और DeepSeek, Grok, और Meta AI जैसे नए AI प्लेटफॉर्म के आने से आया है। साथ ही, इसका एक बड़ी कारण भारत में, Google द्वारा अपने AI Pro प्लान का एक साल का फ्री एक्सेस देने भी है। इतना ही नहीं, Perplexity ने Airtel के साथ मिलकर अपना Pro प्लान भारतीय यूजर्स के लिए फ्री किया था। OpenAI ने भी कुछ समय के लिए ChatGPT Go का एक साल का फ्री एक्सेस दिया है। कंपनियों द्वारा दिया जा रहा फ्री ऑफर्स का असर दिख रहा है। नवंबर में फ्री ChatGPT Go एक्सेस के लॉन्च के बाद, भारत में ChatGPT से होने वाला रेवेन्यू 33 प्रतिशत और दिसंबर में 32 प्रतिशत कम हो गया। हालांकि, OpenAI प्लेटफॉर्म ने अपना दबदबा बनाए रखा और भारत में जेनरेटिव AI इन-ऐप रेवेन्यू का 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा अपने पास रखा। पिछले हफ्ते भारत में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन किया गया। इसके दौरान भी AI पर काफी चर्चा हुई। कुछ समय पहले ही OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने बताया था कि भारत में चैटजीपीटी के हर हफ्ते 100 मिलियन से ज्यादा एक्टिव यूजर हैं। इससे भी साफ पता चलता है कि भारत में एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। यूजर्स एआई ऐप्स और चैटबॉट का इस्तेमाल कर रहे हैं।

नई पहचान की ओर MP सरकार: सतपुड़ा-विंध्याचल भवन की जगह अरेरा हिल्स पर बनेगा स्मार्ट एडमिनिस्ट्रेटिव हब

भोपाल भोपाल के अरेरा हिल्स पर वल्लभ भवन के सामने 40 साल से ज्यादा पुराने सतपुड़ा और विंध्याचल भवन को तोड़ने  की प्लानिंग पूरी हो गई है। पुराने भवन को तोड़कर यहां कोर्टयार्ड एनेक्सी बिल्डिंग तैयार की जाएगी जो आपस में ट्विन टावर की तर्ज पर कनेक्ट होंगी। इस भवन में मल्टी लेवल पार्किंग और मल्टी लेवल फ्लोर एक साथ निर्मित किए जाएंगे। शुरुआत के चार से पांच फ्लोर तक आप अपने दो पहिया और चार पहिया वाहन में बैठकर ही संबंधित कार्यालय पहुंच सकेंगे। मल्टी लेवल पार्किंग मॉडल में अधिक चौड़ाई वाले घुमावदार रास्तों को इस प्रकार तैयार किया जाएगा जो संबंधित कार्यालय के फ्लोर पर जाकर लैंड होंगे। शहर में यह व्यवस्था फिलहाल प्राइवेट मॉल में मौजूद है। सरकारी खर्च कम से कम सरकार सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाते हुए जीरो फाइनेंस मॉडल लागू करने का प्रयास भी कर रही है। कंस्ट्रक्शन पर बगैर सरकारी खर्च के यह निर्माण हाउसिंग बोर्ड नोडल एजेंसी की निगरानी में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में काम करने वाली बड़ी इंटरनेशनल कंपनियों के माध्यम से करवाया जा सकता है। मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन सभी मुद्दों पर जिला प्रशासन, हाउसिंग बोर्ड, नगर निगम के अधिकारियों के साथ चर्चा में ये बातें तय हुई हैं।   शहर का ब्यू पाइंट बनेगा अरेरा हिल्स पहाड़ी पर बनने वाने मिनी सेंट्रल विस्टा को दिल्ली के नए संसद भवन की तर्ज पर आकार दिया जाएगा। नागरिक यहां अपने परिजनों के साथ आकर व्यू पाइंट की सैर कर सकेंगे। सरकारी भवन की थीम की बजाए इसे व्यू पाइंट बनाया जाएगा।     तीन चरण में बनेगा प्रोजेक्ट     सतपुड़ा और विंध्याचल भवन को एक साथ नहीं तोड़ा जाएगा     सतपुड़ा भवन का एक हिस्सा टूटेगा। उतना फिर से बनाया जाएगा। उसके बाद बचा हुआ हिस्सा तोड़कर बनाएंगे     इसी तरह विंध्याचल भवन का भी निर्माण होगा।     दोनों के बीच ग्रीन पॉकेट कोर्टयाट के तर्ज पर विकसित होगा।     भवनों की डिजाइन इस तरह रखी जाएगी कि दीवारों से बंद हो और खुले आसमान के नीचे भी हो।     यहां इस तरह एक दूसरे को जोड़ा जाएगा कि गाड़ी के साथ ही लोग संबंधित भवन के संबंधित फ्लोर तक पहुंच जाएं।     दोनों भवनों के साथ ही कोर्टयार्ड से पूरी कनेक्टिविटी होगी। लिफ्ट की जरूरत नहीं होगी।

कॉलेज छात्रों के लिए झटका: जरूरी दस्तावेजों की फीस 3 गुना बढ़ी, बढ़ी परेशानी

सागर सागर के डॉ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक सत्र-2025-26 के लिए डिग्री, टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र), माइग्रेशन सर्टिफिकेट समेत अन्य सुविधाओं के शुल्क में इजाफा किया गया है। बीते माह जारी हुए आदेश में उक्त तीनों प्रमुख प्रमाण पत्रों के शुल्क में तीन गुना तक का इजाफा किया गया है। अचानक फीस बढ़ने से विद्यार्थी परेशान है। एक साथ 50 से तीन गुना तक फीस बढ़ने से विद्यार्थियों पर अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। तीन गुना बढ़े दाम, छात्रों की बढ़ी परेशानी अब तक विश्वविद्यालय में डिग्री के लिए 250 रुपए ही शुल्क लिया जाता है, लेकिन अब वही डिग्री 500 रुपए में दी जा रही है। इसके साथ स्थानांतरण प्रमाण पत्र में 100 रुपए खर्च आता है, जो अब बढ़ाकर 300 रुपए कर दिया है। इसके अलावा डुप्लीकेट उपाधि, प्रमाण पत्र, डुप्लीकेट अंकसूची और नाम सुधार (अंकसूची एवं टीआर में सुधार) आदि में भी फीस वृद्धि की गई। इन सभी करीब 50 प्रतिशत ज्यादा फीस बढ़ाने से विद्यार्थियों की आर्थिक परेशानी बढ़ गई है।   विवि प्रशासन की ओर से दलील दी गई है कि पिछले 12 वर्षों से विद्यार्थियों से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं बढ़ाया गया था। विवि प्रशासन ने इसके लिए एक समिति का गठन किया था, जिसने देश के अन्य विश्वविद्यालयों की फीस स्ट्रक्बर का अध्ययन किया और फिर उसी आधार पर समिति ने अनुशंसा की थी। नहीं मिल रहीं सुविधाएं विद्यार्थियों का कहना है कि मार्कशीट, टीसी और अन्य दस्तावेजों में विभिन्न प्रकार की गलतियां मिलती हैं। परीक्षा समय पर आयोजित नहीं होती है। विश्वविद्यालय के हॉस्टल, लाइब्रेरी सहित विभिन्न विभागों में हमें सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं। लाइब्रेरी के कंप्यूटर बंद हैं। डिग्री और अंकसूची निकलवाने के लिए कई बार विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में विवि प्रशासन की ओर से फीस वृद्धि करने का निर्णय गलत है।   समिति की अनुशंसा पर निर्णय हुआ है में बढ़ोतरी के लिए समय-समय पर हर तरह के शुल्क आदि में उचित वृद्धि 12 वर्षों बाद इस तरह के शुल्क को रिवाइज करते हुए वृद्धि की गई है। केंद्र सरकार से लगातार दिशा-निर्देश प्राप्त होते हैं कि आंतरिक राजस्व की जानी चाहिए। इसी क्रम में सक्षम प्राधिकारी द्वारा गठित समिति ने देश के विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालयों में लगने वाले इस तरह के शुल्क को दृष्टिगत रखते हुए अनुशंसा की, जिसके आधार पर सक्षम प्राधिकारी ने स्वीकृति के बाद शुल्क में वृद्धि की गई है। विवेक जायसवाल, मीडिया प्रभारी इनका भी बढ़ा शुल्क     डुप्लीकेट उपाधि (डिग्री) -1000 रुपए     डुप्लीकेट प्रवजन प्रमाण पत्र (माइग्रेशन सर्टिफिकेट)- 500 रुपए     डुप्लीकेट अंकसूची (मार्कशीट)- 500 रुपए     नाम सुधार (मार्कशीट एवं टीआर में)- 200 रुपए     प्रावधिक उपाधि प्रमाण पत्र (प्रोविशनल डिग्री सर्टिफिकेट)- 300 रुपए     नाम/सरनेम परिवर्तन शुल्क -750 रुपए     परीक्षा केंद्र परिवर्तन शुल्क – 1000 रुपए     नामांकन विलंब शुल्क- 150 रुपए

संघर्ष भरे जीवन को मिला सम्मान और सुरक्षा का संबल’

रायपुर कभी भिक्षाटन और दिहाड़ी मजदूरी से जीवन यापन करने वाली श्रीमती रनिया बाई के परिवार के लिए हर दिन एक नई चुनौती लेकर आता था। कोरिया जिला के बैकुण्ठपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़तर में रहने वाला यह परिवार कच्ची झोपड़ी में मौसम की मार झेलते हुए जीवन गुजार रहा था। पति अवतार साय के साथ रनिया बाई को जब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत अकुशल श्रम में रोजगार मिलने लगा, तब कुछ राहत मिली, लेकिन स्थायी आवास का सपना अब भी दूर था। परिस्थितियां तब बदलीं जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी पहल पर संचालित ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना‘ के अंतर्गत उन्हें पक्के मकान के लिए सहायता स्वीकृत हुई। ग्राम पंचायत के सहयोग और अपनी मेहनत से उन्होंने नया पक्का घर बनाया। अब उनके पास सुरक्षित आवास और शौचालय की सुविधा है। रनिया बाई बताती हैं कि बरसात की रातें अब चिंता में नहीं, सुकून में गुजरती हैं। बच्चों के भविष्य को लेकर भी मन में विश्वास जागा है। सिर्फ आवास ही नहीं, बल्कि अंत्योदय राशन कार्ड से नियमित खाद्यान्न और आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा ने उनके जीवन को स्थिरता दी है। साथ ही राष्ट्रीय पेंशन योजना का लाभ भी मिल रहा है।   शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिलने से एक निराश्रित परिवार की जिंदगी में आशा, सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया अध्याय जुड़ गया है।

अब नहीं होगी परेशानी: AIIMS में QR Code बताएगा OPD का पूरा रास्ता तुरंत

भोपाल एम्स की भूलभुलैया से अब मरीजों और परिजनों को राहत मिलने वाली है। यहां मोबाइल ऐप और क्यूआर कोड आधारित स्मार्ट मार्गदर्शन प्रणाली शुरू होगी जिससे मरीजों को डॉक्टर के केबिन और पर्चा बनवाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। ऐप खोलते या क्यूआरकोड स्कैन करते ही मोबाइल के स्क्रीन पर मरीजों को सीधा विभाग और वार्ड तक पहुंचने का सही रास्ते दिखने लगेंगे। एम्स भोपाल ने आइआइटी इंदौर की दृष्टि टीम से मिलकर स्मार्ट मार्गदर्शन प्रणाली विकसित करने की पहल की है। यह प्रणाली तकनीक के जरिए अस्पताल परिसर की जटिलता को सरल बनाएगी। क्यूआर कोड स्कैन करते ही खुलेगा नक्शा स्मार्ट मार्गदर्शन प्रणाली का पहला स्वरूप वेब आधारित होगा। प्रमुख प्रवेश द्वारों और अहम स्थानों पर क्यूआर कोड लगेंगे। क्यूआर कोड स्कैन करते ही इंटरैक्टिव मानचित्र खुलेगा। यह मानचित्र चरण-दर- चरण सही दिशा बताएगा। मोबाइल ऐप से मिलेगा सटीक दिशा-निर्देशन दूसरा स्वरूप मोबाइल ऐप आधारित होगा। भवनों के बीच जाने के लिए जीपीएस तकनीक का उपयोग किया जाएगा। वहीं भवनों के अंदर, जहां जीपीएस कमजोर होता है, वहां लगभग हर 15 मीटर पर रिले उपकरण लगाए जाएंगे। इससे दिशा-निर्देशन और अधिक सटीक होगा। पहले पायलट, फिर पूरे परिसर में लागू एम्स प्रवक्ता डॉ. केतन मेहरा ने कहा कि आइआइटी इंदौर के साथ मिलकर सिस्टम को विकसित कर रहा है। इसे अप्रेल के अंत में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। सबसे अहम बात, बड़े अस्पताल को लेकर जो झिझक होती है, वह कम होगी।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet