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फिल्म इतिहास का नया अध्याय: ‘धुरंधर’ से 16 गुना बड़े बजट वाली फिल्म बनेगी 2026 की सबसे महंगी मूवी

मुंबई भारत में बीते कुछ सालों में फिल्ममेकर्स फिल्मों पर तगड़ी रकम खर्च कर रहे हैं. कई भारतीय फिल्मों ने टिकट खिड़की पर ताबड़तोड़ कमाई की है और इसे ध्यान में रखते हुए फिल्ममेकर्स भी फिल्मों पर पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं. साल 2025 में कई बिग बजट फिल्मों ने दस्तक दी थी, जबकि साल 2026 भी पूरी तरह से ऐसा ही होने वाला है. इस साल एक ऐसी भी फिल्म आएगी जिसका बजट रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ से भी 16 गुना ज्यादा है और ये ना सिर्फ 2026 की बल्कि भारत की अब तक की सबसे महंगी फिल्म साबित होगी. 2026 की शुरुआत में ही साउथ सुपरस्टार प्रभास और बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की 400-450 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ‘द राजा साब’ रिलीज हुई थी. इसके बाद रिपब्लिक डे के मौके पर सनी देओल की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉर्डर’ के सीक्वल ‘बॉर्डर 2’ ने दस्तक दी थी. इसका बजट करीब 250 करोड़ तक है. इस साल किंग, अल्फा, बैटल ऑफ गलवान, दृश्यम 3 और स्पिरिट सहित कई बड़े बजट की फिल्में भी आने वाली हैं. इन सभी का बजट 200 करोड़ रुपये से ऊपर है. लेकिन, एक फिल्म ऐसी भी है जिसके सामने इन सभी फिल्मों के बजट को मिला लिया जाए तो भी ये सब उसका मुकाबला नहीं कर पाएगी. पहले ‘धुरंधर’ का बजट जानिए सबसे पहले हम आपको रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना की दिसंबर 2025 में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर’ का बजट बता देते हैं. बता दें कि आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च हुए थे और फिल्म ने दुनियाभर में 1300 करोड़ रुपये की तगड़ी कमाई की है. साबित होगी अब तक की सबसे महंगी फिल्म जिस फिल्म का बजट रणवीर सिंह की धुरंधर से भी 16 गुना ज्यादा है उसका नाम है ‘रामायण’. रणबीर कपूर की अहम भूमिका वाली इस फिल्म पर पानी की तरह पैसा खर्च किया जा रहा है. ये फिल्म दो पार्ट में बन रही है और इसका कुल बजट 4 हजार करोड़ रुपये है. आज तक किसी भी भारतीय फिल्म पर इतनी बड़ी रकम खर्च नहीं की गई है. रामायण का पहला पार्ट 2026 की दिवाली पर और दूसरा पार्ट साल 2027 की दिवाली पर आएगा.

स्किन में नेचुरल ग्लो और बालों में मजबूती लाता है गुड़हल, जानिए कैसे करें इस्तेमाल

प्राकृतिक सुंदरता की चाहत हर किसी की होती है, लेकिन केमिकल से बने प्रॉडक्ट्स स्किन और बालों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में गुड़हल एक बेहद असरदार, सुरक्षित और आयुर्वेदिक ऑप्शन बनकर सामने आता है। इसे बोटॉक्स पौधा भी कहा जाता है, क्योंकि यह स्किन को कसाव देने और जवां बनाए रखने में सहायक होता है।     इसके फूल, पत्तियां और तेल तीनों ही, स्किन और बालों की देखभाल में काफी असरदार साबित होते हैं। इसलिए गुड़हल को अपने ब्यूटी केयर रूटीन में शामिल करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए जानें इसके क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं। स्किन और बालों के लिए गुड़हल के फायदे     डेड स्किन सेलस् हटाता है- गुड़हल में अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड (AHA) पाए जाते हैं जो स्किन को एक्सफोलिएट करके डेड स्किन हटाते हैं।     एंटी-एजिंग गुण- इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्लावोनॉयड्स त्वचा की झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करके उसे जवां बनाए रखते हैं। यह स्किन को टाइट बनाकर एजिंग के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।     त्वचा की गहराई से सफाई- गुड़हल स्किन की गहराई से सफाई करता है और पोर्स को क्लीन रखता है जिससे एक्ने और ब्लैकहेड्स की समस्या कम होती है।     स्किन के अन इवेन टोन को सुधारे- गुड़हल की पेस्ट या फेस मास्क स्किन की टोन को समान बनाता है और नेचुरल ब्राइटनिंग देता है।     दाग-धब्बों और पिगमेंटेशन से राहत- इसके नियमित इस्तेमाल से डार्क स्पॉट्स, सनटैन और पिगमेंटेशन कम होते हैं।     मुहांसों से सुरक्षा- इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल तत्व एक्ने को रोकते हैं और स्किन को हेल्दी बनाते हैं।     बालों की ग्रोथ में सहायक- गुड़हल की पत्तियों और फूलों से बना हेयर मास्क स्कैल्प को पोषण देता है और बालों की जड़ों को मजबूत करता है।     डैंड्रफ को करे दूर- इसके एंटी-फंगल गुण स्कैल्प की खुजली और रूसी को दूर करने में मदद करते हैं।     बालों को गहराई से मॉइस्चराइज करे- गुड़हल बालों को नमी देकर ड्राइनेस हटाता है और उन्हें स्मूद और शाइनी बनाता है।     स्किन को नैचुरल ग्लो दे- गुड़हल में विटामिन-सी  होता है, जो स्किन की चमक को बढ़ाता है और उसे फ्रेश लुक देता है।     त्वचा को हाइड्रेट और नरम बनाए- यह स्किन को हाइड्रेट करता है जिससे त्वचा मुलायम और लचीली बनी रहती है। गुड़हल एक ऐसा वर्सेटाइल पौधा है जिसे आप फेस पैक, हेयर ऑयल, मास्क या टोनर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पूरी तरह नेचुरल और सुरक्षित है, जो स्किन व हेयर दोनों को बिना साइड इफेक्ट के पोषण देता है। अगर आप अपनी सुंदरता को बनाए रखने के लिए नेचुरल उपाय अपनाना चाहती हैं, तो गुड़हल को अपने ब्यूटी रूटीन का हिस्सा जरूर बनाएं।  

PF क्लेम अटक सकता है! नया सैलरी अकाउंट जोड़ते ही EPFO पोर्टल पर करें ये जरूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली आपने अपना सैलरी अकाउंट बदल लिया है. हो सकता है आपके नए इंप्लॉयर ने ऐसा करने पर ज़ोर दिया हो. हो सकता है आप बेहतर सर्विस या कम शुल्क चाहते हों. या फिर कोई दूसरी मजबूरी हो. लेकिन एक बात जो अक्सर लोग भूल जाते हैं, वह यह है कि EPFO ​​अभी भी आपका प्रोविडेंट फंड का पैसा आपके UAN से जुड़े बैंक अकाउंट में भेजता है. अगर वह अकाउंट बंद है या इनैक्टिव है तो आपका क्लेम वापस आ सकता है. और आपको इसका पता तभी चलेगा जब आप पैसे निकालने की कोशिश करेंगे. कुछ भी करने से पहले यह चेक कर लें सबसे पहले, EPFO ​​मेंबर ई-सर्विस पोर्टल पर लॉग इन करें और देखें कि वर्तमान में आपका UAN किस बैंक अकाउंट से जुड़ा है. कई लोग सोचते हैं कि नौकरी बदलने पर यह अपने आप अपडेट हो जाता है. ऐसा नहीं है. यह भी चेक कर लें कि आपका आधार वेरिफाई है या नहीं. अगर आधार, पैन और बैंक डिटेल पूरी तरह से मैच नहीं करते हैं – यहां तक ​​कि छोटी सी स्पेलिंग मिस्टेक भी – तो अपडेट अस्वीकार हो सकते हैं. अगर कुछ भी मैच नहीं करता है तो पहले उसे ठीक करें. अन्यथा, सिस्टम आगे नहीं बढ़ेगा. बैंक अकाउंट कैसे बदलें लॉग इन करने के बाद, “मैनेज” सेक्शन में जाएं और “केवाईसी” पर क्लिक करें. आपको वहां अपना बैंक अकाउंट दिखाई देगा. अपना नया अकाउंट नंबर और IFSC कोड ध्यान से डालें. नंबरों को दोबारा जांच लें – ज्यादातर गलतियां यहीं होती हैं. यदि आवश्यक हो, तो कैंसल किए गए चेक की एक स्पष्ट छवि अपलोड करें. सबमिट करने के बाद, रिक्वेस्ट सीधे आगे नहीं बढ़ता. यह अनुमोदन के लिए आपके इंप्लॉयर के पास जाता है. यही वह बात है जिसे लोग नहीं समझते. यदि एचआर इसे अनुमोदित नहीं करता है, तो कुछ भी नहीं बदलेगा. इसलिए यदि मामला अटक जाता है, तो अनिश्चित काल तक प्रतीक्षा करने के बजाय सैलरी डिपार्टमेंट से संपर्क करें. यह क्यों जरूरी है यदि आप विड्रॉल क्लेम करते हैं और बैंक डिटेल गलत हैं, तो EPFO पेमेंट प्रोसेस्ड नहीं करेगा. क्लेम रिजेक्ट हो सकता है, और आपको फिर से शुरुआत करनी होगी. नौकरी छोड़ने के बाद या पीएफ एडवांस के लिए आवेदन करते समय पैसे निकालना तनावपूर्ण हो जाता है. जब कोई जल्दबाजी न हो, तो अकाउंट को अभी अपडेट करना कहीं अधिक आसान है. महत्वपूर्ण बात याद रखें आपके यूएएन के तहत एक समय में केवल एक ही बैंक अकाउंट सक्रिय हो सकता है. और नौकरी बदलने पर आपका यूएएन नहीं बदलता – यह आपके पूरे करियर में आपके साथ रहता है. इसलिए जब भी आपका सैलरी बैंक बदले, EPFO ​​को अपनी चेकलिस्ट में शामिल करें. यह पांच मिनट का काम है जो बाद में हफ्तों की परेशानी से बचाता है.

विशाल दानव तारे के विस्फोट ने बढ़ाई वैज्ञानिकों की बेचैनी

ब्रह्मांड के सबसे बड़े ज्ञात तारों में से एक WOH G64 में वर्ष 2014 के बाद बड़ा परिवर्तन दर्ज किया गया है। नए शोध के अनुसार यह तारा अब अपने जीवन के अंतिम चरण में प्रवेश कर सकता है और भविष्य में महाविस्फोट (सुपरनोवा) की संभावना है। यह अध्ययन National Observatory of Athens के वैज्ञानिक गोंजालो मुन्योस-सांचेज के नेतृत्व में किया गया और प्रतिष्ठित जर्नल Nature Astronomy में प्रकाशित हुआ है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह तारा अपनी पारंपरिक लाल अतिविशाल अवस्था से निकलकर दुर्लभ पीली अतिविशाल अवस्था में पहुंच चुका है। आमतौर पर यह परिवर्तन तारे के जीवन के अंतिम चरण का संकेत माना जाता है। इस अवस्था के बाद तारा अक्सर महाविस्फोट के साथ समाप्त होता है।  कहां स्थित है यह तारा? WOH G64 की खोज 1970 के दशक में Large Magellanic Cloud में हुई थी, जो हमारी आकाशगंगा के पास स्थित एक बौनी आकाशगंगा है। यह तारा अत्यंत चमकीला और असाधारण रूप से विशाल है। इसका आकार सूर्य की त्रिज्या से लगभग 1,500 गुना अधिक आंका गया है। तुलना करें तो हमारा सूर्य लगभग 4.6 अरब वर्ष पुराना है, जबकि WOH G64 की आयु 50 लाख वर्ष से भी कम मानी जाती है यानी ब्रह्मांडीय पैमाने पर यह अभी “युवा” है। मिली चौंकाने वाली तस्वीर 2024 में अत्यंत शक्तिशाली दूरबीन इंटरफेरोमीटर की मदद से इसकी विस्तृत तस्वीर ली गई। इसमें तारे के चारों ओर धूल का घना आवरण दिखाई दिया, जिससे संकेत मिला कि यह तेजी से अपना द्रव्यमान खो रहा है। नए अध्ययन के मुताबिक 2014 में इसकी सतह का बड़ा हिस्सा बाहर निकल गया था। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह किसी सहचर तारे के साथ अंतःक्रिया के कारण हो सकता है। वर्णक्रमीय विश्लेषण से सहचर तारे की मौजूदगी के संकेत भी मिले हैं।  ‘सुपरविंड’ अवस्था की संभावना एक अन्य संभावना यह है कि यह तारा महाविस्फोट से पहले की ‘तीव्र पवन’ (सुपरविंड) अवस्था में प्रवेश कर चुका है, जिसमें आंतरिक कंपन के कारण बाहरी परतें तेज गति से अंतरिक्ष में फेंकी जाती हैं।इस प्रक्रिया में तारे की बाहरी परतें फैलती हैं, जबकि उसका केंद्र सिकुड़ता जाता है जो अंततः सुपरनोवा विस्फोट की ओर ले जा सकता है।   क्यों महत्वपूर्ण यह खोज ? आमतौर पर तारे करोड़ों या अरबों वर्षों तक स्थिर रहते हैं। किसी बाहरी आकाशगंगा में इतने स्पष्ट और तेज बदलाव का दर्ज होना अत्यंत दुर्लभ है। यदि आने वाले वर्षों में WOH G64 में महाविस्फोट होता है, तो यह खगोलीय दृष्टि से अद्भुत दृश्य होगा और वैज्ञानिकों को तारों के जीवन चक्र तथा सुपरनोवा प्रक्रिया को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी देगा।  

मार्च में लगेगा खरमास, क्या इस महीने होंगे विवाह? जानें पूरे मुहूर्त की जानकारी

सनातन धर्म में खरमास अशुभ समय माना जाता है. ये एक माह की अवधि होती है. अशुभ माने जाने की वजह से इस अवधि में कोई शुभ काम नहीं किया जाता है. एक साल में दो बार खरमास लगता है. पहला खरमास मार्च या अप्रैल में लगता है, तो दूसरा खरमास नवंबर या दिसंबर में लगता है. पंचांग के आधार पर ग्रहों के राजा सूर्य देव के गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करने पर खरमास लगता है. खरमास के दौरान गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह आदि शुभ काम सब रोक दिए जाते हैं. मान्यता है कि जब सूर्य देव गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो सूर्य के प्रभावों में कमी आ जाती है. वहीं गुरु के शुभ प्रभाव भी कम हो जाते हैं. शुभ कामों विशेषकर विवाह के लिए सूर्य और गुरु की शुभता आवश्क मानी जाती है. मार्च के माह में खरमास लगने वाला है. ऐसे में आइए जानते हैं कि खरमास से पहले मार्च के महीने में कितने विवाह मुहूर्त हैं. मार्च में कब लग रहा है खरमास? अभी सूर्य देव श​नि की राशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं. पंचांग के अनुसार, सूर्य मीन राशि में 15 मार्च दिन रविवार को 1 बजकर 8 मिनट पर प्रवेश करेंगे. उस समय सूर्य की मीन संक्रांति होगी. उसके साथ ही मार्च के खरमास का प्रारंभ हो जाएगा. ये खरमास एक माह तक रहेगा. इसके बाद सूर्य का मेष राशि में गोचर 14 अप्रैल को सुबह में 9 बजकर 38 मिनट पर होगा. इसी दिन खरमास का समापन होगा. मार्च 2026 में विवाह मुहूर्त 2 मार्च- सोमवार, 3 मार्च- मंगलवार, 4 मार्च- बुधवार, 7 मार्च- शनिवार, 8 मार्च- रविवार, 9 मार्च- सोमवार, 11 मार्च- बुधवार, 12 मार्च- गुरुवार. विवाह मुहूर्त तय करते समय रखें इन बातों ध्यान     अभिजीत मुहूर्त और गोधूलि बेला विवाह के लिए अत्यंत शुभ कही जाती है.     शुभ करण: किस्तुघ्न, बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज     विवाह के लिए शुभ तिथियां: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, एकादशी, त्रयोदशी     विवाह के लिए शुभ वार:सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त को सबसे सात्विक और सकारात्मक ऊर्जा वाला होता है. यही कारण है कि प्राचीन काल में विवाह प्रातःकाल या सूर्यास्त के समय होते थे.  

राजनांदगांव में सौर ऊर्जा का बड़ा उछाल, छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति की दिशा

रायपुर : सौर ऊर्जा की ऐतिहासिक छलांग छत्तीसगढ के राजनांदगांव में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से 1340 घर हुए रोशन, हजारों को मिल रही बिजली बिल में राहत रायपुर भारत जैसे देश में सूरज की रोशनी बहुत है इसलिए यहां प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना देश के हर कोने तक सस्ती और साफ़ बिजली पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है । छत्तीसगढ के राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजना के अंतर्गत जिले में अब तक 8228 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3518 लाभार्थियों द्वारा वेंडर चयन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। 1340 घरों में सोलर पैनलों की स्थापना सफलतापूर्वक की जा चुकी है तथा 875 उपभोक्ताओं को सब्सिडी की राशि वितरित की जा चुकी है।                प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का उपयोग कर सकेंगें और केंद्र एवं राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप स्थापना अब आम नागरिकों के लिए अधिक किफायती और सुलभ बन गई है। अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर पैसा कमाने का मौका मिल रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के ऑनलाइन पोर्टल से आसान आवेदन प्रक्रिया आसान है। इस सप्ताह भी रही तेज रफ्तार प्रगति           प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति बढ़ती जनभागीदारी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजनांदगांव जिले में केवल इस सप्ताह 181 नए आवेदन प्राप्त हुए तथा 96 इंस्टॉलेशन पूर्ण किए गए। यह आंकड़े जिले में सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाते हैं। बिजली बिल में कमी, उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा उत्पादक         प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का सबसे बड़ा लाभ उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत के रूप में मिल रहा है। बड़ी संख्या में परिवारों के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आई है। कई घरों में बिल शून्य या नकारात्मक तक आ रहे हैं।  अतिरिक्त उत्पादित सौर ऊर्जा को ग्रिड में आपूर्ति कर उपभोक्ता आय भी अर्जित कर रहे हैं          शासन की इस पहल से जहां परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है, वहीं वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। प्रशासन की सक्रिय निगरानी          जिला प्रशासन द्वारा योजना का लाभ पात्र परिवारों तक शीघ्र एवं पारदर्शी रूप से पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।  गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप इंस्टॉलेशन, समयबद्ध सब्सिडी वितरण तथा उपभोक्ताओं को सतत मार्गदर्शन और सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर अपने घरों को स्वच्छ, सस्ती एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा से सशक्त बनाएं।

होली के बाद भाई दूज कब है? 4–5 मार्च की उलझन खत्म, जानें भ्रातृ द्वितीया का मुहूर्त व विधि

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, साल में दो बार भाई दूज का पर्व मनाया जाता है और हर का अपना-अपना महत्व है। पहला भाई दूज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि और दूसरा कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को पड़ने वाले भाई दूज को भ्रातृ द्वितीया भी कहा जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाने के साथ सुख-समृद्धि, उज्जवल भविष्य और लंबी आयु की कामना करती हैं। इस साल द्वितीया तिथि दो दिन होने के कारण भाई दूज की सही तिथि को लेकर काफी असमंजस स्थिति बनी हुई है। जानें होली भाई दूज की सही तिथि, तिलक लगाने का सही समय से लेकर विधि तक…. कब है होली भाई दूज 2026? चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि आरंभ- 4 मार्च को शाम 4 बजकर 48 मिनट से चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि समाप्त- 5 मार्च को शाम 05:03 बजे होली भाई दूज 2026 तिथि– 5 मार्च 2026, गुरुवार होली भाई दूज 2026 भाई को तिलक करने का मुहूर्त द्रिक पंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि सुबह से लेकर शाम 5:03 तक है। इस दौरान बहनें भाई को तिलक लगा सकती है। लेकिन राहुकाल का अवश्य ध्यान रखें। होली भाई दूज 2026 राहुकाल का समय द्रिक पंचांग के अनुसार, दोपहर 2:05 से दोपहर 3:33 तक राहुकाल है। होली भाई दूज का चौघड़ियां मुहूर्त शुभ – उत्तम- 06:42 ए एम से 08:10 ए एम लाभ – उन्नति- 12:33 पी एम से 02:00 पी एम अमृत – सर्वोत्तम- 02:00 पी एम से 03:28 पी एम शुभ-उत्तम- 04:56 पी एम से 06:23 होली भाई दूज पर बहनें ऐसे करें तिलक द्वितीया तिथि को शुभ मुहूर्त पर एक थाली में सिंदूर, चंदन, अक्षत, मिठाई, गुझिया और घी का दीपक रख लें। इसके बाद भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने के बाद भाई को एक लकड़ी की चौकी या फिर ऊंचेे स्थान में बैठाएं। इसके बाद उसके सिर पर कपड़ा या रुमाल रखें। फिर माथे पर तिलक और अक्षत लगाएं और मिठाई खिलाएं। फिर घी के दीपक से उसकी आरती उतार लें। अंत में भाई अपनी बहन के पैर छूकर सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद लें और कुछ उपहार दें।

कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 4 गलतियां, जो होली के रंग नहीं उतरने देतीं?

होली का त्योहार नजदीक आते ही मन में रंग और ढेर सारी मस्ती का ख्याल आता है। होली खेलना बहुत से लोगों को पसंद होती है, लेकिन इसके बाद की असली चुनौती तो तब शुरू होती है, जब शीशे में चेहरा लाल, नीला, हरा और काला नजर आए। ऐसे में दिमाग में बस एक ही सवाल आता है, “अब इस रंग को कैसे छुटाएं?” कई लोग होली खेलने की जल्दबाजी में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे रंग को छुड़ाना और भी मुश्किल हो जाता है। चलिए जानते हैं इसके बारे में। स्किन की देखभाल न करना होली खेलने से पहले हमेशा आप अपनी स्किन को अच्छी तरह से तैयार करें। अगर आप त्वचा की सही देखभाल नहीं करते हैं, तो होली के कलर्स में मौजूद केमिकल्स आपकी स्किन को डैमेज कर सकते हैं। इससे स्किन एलर्जी, पिंपल्स और रेडनेस जैसी समस्या पैदा हो सकती है। दरअसल, ड्राई स्किन रंग को ज्यादा सोख लेती है, जिससे उसे हटाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में आप चेहरे से लेकर पूरे शरीर पर सरसों या नारियल तेल लगाएं। बालों में तेल न लगाना होली के रंग सिर्फ स्किन ही नहीं, बल्कि बालों को भी भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर आप होली खेलने से पहले बालों में तेल नहीं लगाने की गलती करते हैं, तो इससे बालों में मौजूद रंगों को छुटाना और भी मुश्किल हो जाता है। साथ ही, बाल कमजोर और बेजान हो जाते हैं और हेयरफॉल की समस्या बढ़ जाती है। वहीं, बालों में से रंगों को छुड़ाने के लिए 1-2 बार ही माइल्ड शैंपू से हेयर वॉश करें और बाल धोने से 15-20 मिनट पहले थोड़ी देर सरसों, नारियल या बादाम तेल से हेयर मसाज करें। सिंथेटिक कलर का इस्तेमाल करना सिंथेटिक कलर्स दिखने में भले ही खूबसूरत और अट्रैक्टिव हो, लेकिन यह स्किन और आंखों दोनों के लिए हानिकारक होते हैं। इन केमिकल्स वाले रंगों का असर स्किन से जल्दी नहीं उतरता है। इसलिए होली पर सिंथेटिक की बजाय, ऑर्गेनिक कलर्स का ही इस्तेमाल करें। यह स्किन से जल्दी निकल जाते हैं और त्वचा से जुड़ी समस्याओं से भी बचाते हैं। त्वचा पर देर तक रंग रहना कुछ लोग होली खेलने में इतने मस्त रहते हैं कि चेहरे पर रंगों को घंटों लगाए रहते हैं। त्वचा पर ज्यादा देर तक रंग लगे रहने से एलर्जी, खुजली, रैशेज और ड्राईनेस हो सकती है। पक्के रंगों के केमिकल्स स्किन इन्फेक्शन और जलन का कारण बनते हैं, इसलिए इन्हें तुरंत हटाना जरूरी है।  

5-0 के रिकॉर्ड के साथ T20 वर्ल्ड कप में दबदबा, क्या सेमीफाइनल में बनेगा नया इतिहास?

 कोलकाता T20 वर्ल्ड कप 2026 का पहला सेमीफाइनल कोलकाता के ईडन गार्डन्स (Eden Gardens) में बुधवार (4 मार्च) को है, जहां साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड आमने-सामने होंगे | मुकाबला सिर्फ फाइनल के टिकट का नहीं, बल्कि कीवी टीम के लिए इतिहास बदलने का भी है. वहीं दूसरा सेमीफाइनल गुरुवार (5 मार्च) को मुंबई के वानखेड़े स्टेड‍ियम में भारत और इंग्लैंड के बीच होना है |  साउथ अफ्रीकी टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है. वहीं न्यूजीलैंड ने सुपर 8 में नेट रन रेट के आधार पर पाकिस्तान को पछाड़कर सेमीफाइनल में जगह बनाई | कीवी टीम के कप्तान म‍िचेल सेंटनर के सामने बड़ी चुनौती है, और यह चुनौती है इत‍िहास बदलने की. क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में न्यूजीलैंड टीम  कभी भी साउथ अफ्रीका को नहीं हरा पाई है । यह हारों का सिलसिला इतना लंबा है कि न्यूजीलैंड के लिए यह सेमीफाइनल सिर्फ मैच नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक बदला लेने का मौका बन गया है. ब्लैक कैप्स के पास अनुभवी खिलाड़ी हैं, जो इस बार चोक का टैग तोड़ने की कोशिश करेंगे. लेकिन साउथ अफ्रीका की टीम इस टूर्नामेंट में मजबूत फॉर्म में दिख रही है. वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका रिकॉर्ड उन्हें फेवरेट बनाता है. प्रोटियाज इस एडिशन में एक भी मैच ना हारने वाली इकलौती टीम भी है। 2007 से 2026 तक, हर बार मिली जीत साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप में पहली भिड़ंत साल 2007 में हुई थी. उस मैच में साउथ अफ्रीका ने 6 विकेट से बाजी मारी थी. इसके बाद दोनों टीमें 2009 टी20 वर्ल्ड कप में आमने-सामने आईं थीं, तब साउथ अफ्रीका सिर्फ 1 रन से जीता था. 2010 में भी कीवी टीम को 13 रनों से हार मिली थी. इसके बाद 2014 टी20 वर्ल्ड कप में खेले गए मैच को भी साउथ अफ्रीका ने 2 रन से अपने नाम किया था. वहीं, 2026 टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में भी ये टीमें टकराई थीं. इस बार भी अफ्रीका ने 7 विकेट से मैच जीता. अब सेमीफाइनल में ये टीमें भिड़ने के लिए तैयार हैं। टी20 वर्ल्ड कप में 5 बार SA vs NZ का आमना-सामना 2007 से 2026 तक दोनों टीमों के बीच टी20 वर्ल्ड कप में पांच मुकाबले खेले गए हैं और हर बार जीत साउथ अफ्रीका को मिली है |      2007: साउथ अफ्रीका ने 6 विकेट से जीत दर्ज की.     2009: कीवी टीम 1 रन से हार गई.     2010: प्रोटियाज ने 13 रन से मुकाबला जीता.     2014: 2 रन से रोमांचक जीत साउथ अफ्रीका के नाम रही.     2026 (ग्रुप मैच, चेन्नई): 176 रन का लक्ष्य साउथ अफ्रीका ने 17.1 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया |  चेन्नई में खेले गए इस मुकाबले ने साफ कर दिया कि मौजूदा टूर्नामेंट में भी साउथ अफ्रीका का आत्मविश्वास चरम पर है|  SA vs NZ ओवरऑल टी20I हेड टू हेड टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में दोनों टीमों के बीच कुल 19 मुकाबले हुए हैं. इनमें से 12 मैच साउथ अफ्रीका ने जीते हैं, जबकि 7 मुकाबले न्यूजीलैंड के खाते में गए हैं. आंकड़े बताते हैं कि अफ्रीकी टीम पलड़ा साफ तौर पर भारी रहा है|  एडेन मार्करम की कप्तानी में साउथ अफ्रीका पिछले टी20 वर्ल्ड कप से ही शानदार प्रदर्शन कर रहा है. 2024 में टीम फाइनल तक पहुंची थी और इस बार फिर से खिताब से सिर्फ एक जीत दूर है.वहीं मिचेल सेंटनर की अगुवाई में न्यूजीलैंड को फाइनल में जगह बनाने के लिए 19 साल का सिलसिला तोड़ना होगा. अब देखना दिलचस्प होगा कि ईडन गार्डन्स की पिच पर आंकड़े हावी रहते हैं या कीवी टीम नया इतिहास रचती है | यह सेमीफाइनल मुकाबला 4 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा। भारतीय समय के अनुसार मैच शाम 7:00 बजे से शुरू होगा। इस मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और डीडी स्पोर्ट्स पर किया जाएगा, जबकि जियोहॉटस्टार पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध होगी। सेमीफाइनल-1: साउथ अफ्रीका बनाम न्यूजीलैंड (4 मार्च, कोलकाता) ऑन-फील्ड अंपायर: रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ थर्ड अंपायर: नितिन मेनन फोर्थ अंपायर: रॉड टकर मैच रेफरी: जवागल श्रीनाथ मुंबई में होने वाला दूसरा सेमीफाइनल भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा, जिसे लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है। इस मैच में न्यूजीलैंड के क्रिस गैफनी और साउथ अफ्रीका के अल्लाउद्दीन पलेकर फील्ड अंपायर होंगे। क्रिस गैफनी इससे पहले भी बड़े ICC मुकाबलों में अंपायरिंग कर चुके हैं। पलेकर ने भी मौजूदा टूर्नामेंट में इंग्लैंड और भारत के मैचों में जिम्मेदारी निभाई है। एंडी पाइक्रॉफ्ट मैच रेफरी की भूमिका में होंगे। सेमीफाइनल-2: भारत बनाम इंग्लैंड (5 मार्च, मुंबई)     ऑन-फील्ड अंपायर: क्रिस गैफनी और अल्लाउद्दीन पलेकर     थर्ड अंपायर: एड्रियन होल्डस्टॉक     फोर्थ अंपायर: पॉल रिेफेल     मैच रेफरी: एंडी पाइक्रॉफ्ट सेमीफाइनल में दिखेगा जबरदस्त रोमांच T20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर अंपायरों और रेफरी की भूमिका बेहद अहम होती है। नॉकआउट मुकाबलों में हर फैसला मैच का रुख बदल सकता है। ऐसे में ICC ने अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि मुकाबले निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। अब फैंस की नजरें सेमीफाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं। मुंबई और कोलकाता में होने वाले इन हाई-वोल्टेज मुकाबलों के बाद ही तय होगा कि फाइनल में कौन सी दो टीमें भिड़ेंगी।    

होली की सुबह भूलकर भी न छोड़ें यह काम, पूरे वर्ष बनी रहेगी खुशहाली

हिंदू धर्म में होली का त्योहार न केवल रंगों और खुशियों का प्रतीक है, बल्कि यह नकारात्मकता को मिटाकर जीवन में सकारात्मकता लाने का भी एक विशेष अवसर होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होली के दिन किए गए कुछ खास उपाय व्यक्ति की सोई हुई किस्मत को चमका सकते हैं. इस साल होलिका दहन 3 मार्च को है और रंगों वाली होली 4 मार्च 2026 को खेली जाएगी. दिवाली की तरह ही होली की सुबह भी मां लक्ष्मी और सुख-समृद्धि को आकर्षित करने के लिए बेहद शुभ मानी जाती है. आइए जानते हैं उन अचूक उपायों के बारे में जिन्हें होली की सुबह करने से आपके घर में पूरे साल धन-धान्य की कमी नहीं होगी. सूर्योदय से पहले स्नान कर करें पूजा होली की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. स्नान के पानी में थोड़ा सा गंगाजल या हल्दी मिला लें. इसके बाद घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और अपने इष्टदेव का पूजन करें. मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पूरे साल घर में खुशहाली बनी रहती है. पीपल या तुलसी में जल अर्पित करें होली की सुबह स्नान के बाद पीपल या तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएं. जल में थोड़ा सा दूध और अक्षत (चावल) मिला सकते हैं. तुलसी माता को भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है, इसलिए यह उपाय आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक माना जाता है. घर के मुख्य द्वार पर लगाएं गुलाल का तिलक होली के दिन सुबह घर के मुख्य दरवाजे पर हल्दी या गुलाल से स्वस्तिक बनाएं. साथ ही घर के सदस्यों के माथे पर चंदन या गुलाल का तिलक लगाएं. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और आपसी प्रेम बढ़ता है. धन वृद्धि के लिए करें ये सरल उपाय एक लाल कपड़े में थोड़ी सी हल्दी, 5 कौड़ियां और चांदी का सिक्का बांधकर घर की तिजोरी या धन रखने की जगह पर रख दें. ज्योतिष मान्यता के अनुसार, यह उपाय आर्थिक संकट दूर करने और धन वृद्धि के लिए लाभकारी माना जाता है. होलिका दहन की राख का करें प्रयोग 3 मार्च को होने वाले होलिका दहन के बाद उसकी थोड़ी सी राख घर लाकर सुरक्षित रखें. होली की सुबह उस राख का तिलक लगाने से बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है. यह उपाय विशेष रूप से परिवार की सुरक्षा और उन्नति के लिए शुभ माना गया है. जरूरतमंदों को रंग और मिठाई दान करें होली के दिन सुबह किसी जरूरतमंद को रंग, मिठाई या वस्त्र दान करें. दान-पुण्य करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और सौभाग्य में वृद्धि होती है.

NCERT का नया कदम: 8वीं कक्षा में अब न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पढ़ेंगे छात्र

  नई दिल्ली नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग यानी एनसीईआरटी ने आठवीं कक्षा के सेलेबस में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और लंबित पड़े मामलों का चैप्टर भी जोड़ा है. इस चैप्टर के बाद आठवीं कक्षा के बच्चे अब ये पड़ेंगे कि कैसे न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और अधिक संख्या में पेंडिंग केस से न्याय प्रक्रिया पर असर पड़ता है.  NCERT की ओऱ से कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान यानी सोशल साइंस की किताब में बदलाव किया है और पेंडिंग कोर्ट केस के बारे में जानकारी शामिल की है.  सिलेबस में इस बदलाव के लिए काउंसिल के सदस्यों ने प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की थी. पिछले पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव करते हुए नए पैराग्राफ़ को एड किया गया है जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार जैसे विषय को जोड़ा गया है और अदालतों में पेंडिंग मामले के बारे में भी बच्चों को पढ़ाने का फैसला किया गया है. इस किताब के ज़रिए आदमी के बच्चे न्याय व्यवस्था के सामने चुनौतियां के विषय के बारे में जानेंगे.  अब क्या है नया? नए चैप्टर “हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका” में न्यायपालिका में विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार को एक प्रमुख समस्या के रूप में बताया गया है. साथ ही, कोर्ट में पेंडिंग केस की संख्या को न्यायिक चुनौतियों की तरह लिस्ट किया गया है, जो कई कारणों से—जैसे जजों की कमी, जटिल कानूनी प्रक्रियाएँ और खराब आधारभूत संरचना—के चलते पैदा होती है.     इस पाठ में यह भी बताया गया है कि अकेले सुप्रीम कोर्ट में 81 हज़ार लंबित मामले हैं तो देश भर के हाई कोर्ट में 60, लाख से ज्यादा लंबित मामले हैं जिन पर सुनवाई यह फैसला नहीं हो पाया है. इसके अलावा निचली अदालतों में यह संख्या 4 करोड़ से भी ज्यादा है जिसमें फैसला नहीं हो पाया है.  लेकिन, नए कोर्स में कुछ बदलाव किए गए हैं जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का ज़िक्र किया गया है. नए संस्करण के इस अध्याय में ये भी बताया गया है कि कैसे सरकार द्वारा बनाए गए कुछ कानूनों को न्यायपालिका ने निरस्त कर दिया जबकि उन कानूनों को संसद की मंज़ूरी थी लेकिन उसे चुनौती दी गई थी जिसके बाद न्यायपालिका ने उन कानूनों पर रोक लगा दी थी. नए संस्करण को मंजूरी मिल चुकी है और जल्दी किताबें बाजार में आ जाएंगी. पहले क्या पढ़ाया जाता था? हालांकि पिछले सेशन में इसी पाठ में न्यायपालिका की कार्यप्रणाली और उसकी संरचना के साथ साथ उनके अधिकारों के बारे में पढ़ाया जाता था, लेकिन अब न्यायपालिका के भीतर भ्रष्टाचार का भी ज़िक्र किया गया है. NCERT ने इस विषय को भी जोड़ा है कि न्यायपालिका की जवाब देही की व्यवस्था कैसे होगी और हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट के जजों के कोड ऑफ़ कंडक्ट उनके ख़िलाफ़ शिकायतें और उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया के बारे में भी बढ़ाया जाएगा. पहले कार्यपालिका और न्यायपालिका वाले पाठ में सिर्फ ये पढ़ाया जाता था कि न्यायपालिका सरकार का वह महत्वपूर्ण अंग है जो देश के कानूनों की व्याख्या और उनका पालन सुनिश्चित करती है. यह संविधान की संरक्षक के रूप में कार्य करती है और देखती है कि विधायिका और कार्यपालिका अपने अधिकारों का सही उपयोग करें. अगर संसद में बनाया गया कोई कानून संविधान के विरुद्ध हो, तो न्यायपालिका उसे निरस्त कर सकती है.  अगर कार्यपालिका कानून लागू करते समय सीमा का उल्लंघन करे, तो न्यायालय हस्तक्षेप कर सकता है. इस प्रकार शक्तियों का विभाजन और संतुलन बना रहता है, जिससे किसी एक अंग के पास अत्यधिक शक्ति न हो और नागरिकों के मूल अधिकार सुरक्षित रहें. 

छत्तीसगढ़ की यात्रा: नक्सल छाया से अब चमकता पर्यटन केंद्र

रायपुर : छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा विष्णुदेव साय सरकार की नीतियों से खुल रहे विकास के नए द्वार रायपुर कभी नक्सल प्रभावित राज्य की छवि से पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब तेजी से देश के उभरते पर्यटन हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन विरासत और जीवंत आदिवासी संस्कृति से समृद्ध यह प्रदेश अब नई नीतियों और आधारभूत ढांचे के विकास के कारण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और पर्यटन अधोसंरचना को शीर्ष स्थान दिया गया है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर निवेशकों को सब्सिडी, टैक्स छूट और प्रोत्साहन प्रदान किए गए हैं। राज्य में इको-एथनिक और एडवेंचर टूरिज्म के लिए करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बस्तर संभाग की पहचान उसकी जीवंत परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, हल्बा और बैगा जनजातियों की जीवनशैली, पारंपरिक भोजन, हस्तशिल्प और लोकनृत्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। पंथी, राउत नाचा, सुवा और कर्मा जैसे लोकनृत्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान बन चुके हैं। प्रदेश में स्थित प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल तेजी से पर्यटकों की पसंद बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में अपनी विविधताओं से देश-विदेश के सैलानियों को लुभा रहा है। चित्रकोट जलप्रपात, जिसे एशिया का नियाग्रा कहा जाता है, एडवेंचर प्रेमियों का पसंदीदा स्पॉट है। जशपुर का मधेश्वर पर्वत आकर्षित करता है, जो विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग है। रहस्यमयी कुटुमसर गुफाएं एडवेंचर थ्रिल प्रदान करती हैं। रामगढ़ की प्राचीन नाट्यशाला राम वनवास स्थल के रूप में धार्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। ये सभी स्थल राज्य सरकार की विकास योजनाओं से और समृद्ध हो रहे हैं। यूएनडब्ल्यूटीओ द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित धुड़मारास गांव ने छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई है।  इन स्थलों के आसपास सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार की योजनाओं से पर्यटन केवल भ्रमण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय रोजगार का बड़ा स्रोत बनता जा रहा है। होम-स्टे, हस्तशिल्प, स्थानीय भोजन और गाइड सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की आय में वृद्धि हो रही है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख इको-कल्चरल पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है। छत्तीसगढ़ नक्सल छवि से बाहर निकलकर पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा है और विकास की नई उड़ान भरता दिखाई दे रहा है।

फूलबाग 132 केवी सब-स्टेशन अपग्रेड, दो नए फीडर से सुधरेगी सप्लाई—लाखों उपभोक्ता होंगे लाभान्वित

ग्वालियर गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए बिजली कंपनी ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए फूलबाग स्थित 132 केवी सब-स्टेशन से दो नए फीडर जोडऩे की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन फीडरों के जुडऩे के बाद कुल छह फीडर इस सब-स्टेशन से संचालित होंगे, जिससे करीब डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, अभी तक 132 केवी फूलबाग सब-स्टेशन से 33 केवी के सेवा नगर, रोशनी घर, तानसेन नगर इंडस्ट्रियल एरिया और फूलबाग जोन के फीडरों को जोडक़र चार्ज किया जा चुका है। अब स्टेडियम और सिटी सेंटर फीडर को भी इससे जोडऩे की तैयारी अंतिम चरण में है। जैसे ही यह कार्य पूरा होगा, संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अधिक स्थिर और सुचारू हो जाएगी। एचटी के उपमहाप्रबंधक राज मालवीय ने बताया, विगत वर्षों में गर्मियों के दौरान इन फीडरों का संचालन 220 केवी महलगांव सब-स्टेशन से किया जाता था। मोनो पोल-1, मोनो पोल-2 और स्टेडियम फीडर के माध्यम से सप्लाई दी जाती थी। अधिक लोड के कारण जम्पर और इंसुलेटर के फटने जैसी तकनीकी समस्याएं सामने आती थीं, जिससे बार-बार फॉल्ट होते थे और उपभोक्ताओं को बिजली गुल की परेशानी झेलनी पड़ती थी। वैकल्पिक लाइन से तुरंत सप्लाई शुरू की जा सकेगी अब फूलबाग सब-स्टेशन से सप्लाई शुरू होने पर इन फीडरों का लोड संतुलित हो जाएगा। इससे ओवरलोड की समस्या कम होगी और फॉल्ट की घटनाओं में भी गिरावट आएगी। साथ ही चेंजओवर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी कारणवश एक फीडर बंद हो जाता है तो वैकल्पिक लाइन से तुरंत सप्लाई शुरू की जा सकेगी। इससे उपभोक्ताओं को लंबे समय तक अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा और बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय बनेगी। रेलवे ने डेडीकेटेड फीडर की योजना टाली उपमहाप्रबंधक मालवीय ने बताया, पहले रेलवे ने फूलबाग सब-स्टेशन से 2500 केवी का डेडीकेटेड फीडर लेने की मांग की थी और इस संबंध में प्रारंभिक प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। हालांकि अब रेलवे ने इस प्रस्ताव को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है और डेडीकेटेड फीडर नहीं लेने का निर्णय लिया है।   बार-बार बिजली गुल की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी गर्मी से पहले विद्युत आपूर्ति को मजबूत करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। फूलबाग सब-स्टेशन से छह फीडरों को जोडऩे का काम पूरा होते ही शहर के प्रमुख क्षेत्रों में ओवरलोड और बार-बार बिजली गुल होने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

जानिए क्यों रेलवे ने ट्रेन के टॉयलेट से चेन वाले मग हटाने का फैसला किया

नई दिल्ली भारतीय रेलवे की ट्रेनों से हर दिन एक बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। एसी क्लास से लेकर नॉन एसी कोच तक में लोग अपने-अपने हिसाब से जाते हैं। वहीं, अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं तो आपने कभी न कभी तो ट्रेन में बने टॉयलेट का भी इस्तेमाल किया होगा? यहां आपने टॉयलेट में चेन से बंधा स्टील का मग तो जरूर देखा होगा? क्योंकि ये काफी पुरानी व्यवस्था है। पर अब इस व्यवस्था को बदला जाएगा यानी अब ट्रेन में बने टॉयलेट में लगे चेन से बंधे मगों को हटाया जाएगा। इसको लेकर रेल मंत्रालय ने एक फैसला लिया है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में। अगली स्लाइड्स में आप इस नए निर्देश के बारे में जान सकते हैं… रेलवे द्वारा क्या फैसला लिया गया है?     रेल मंत्रालय की तरफ से सभी रेलवे जोन को निर्देश दिया गया है कि ट्रेन के टॉयलेट में जो चेन से बंधा स्टील मग है, उस हटाया जाए     साथ ही टॉयलेट के फर्श के पास जो पानी का नल है उसे भी हटाने के निर्देश मंत्रालय द्वारा दिए गए हैं स्टील मग की जगह अब क्या होगा?     अपने निर्देश में मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि इन मग को हटाकर जेट स्प्रे लगाए जाएंगे     मंत्रालय ने सभी जोनों से कहा है कि वे अपनी चुनी हुई 19 ट्रेनों के एसी कोच में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू करें     साथ ही 3 महीने बाद अनुपालन रिपोर्ट और प्रदर्शन संबंधी फीडबैक मांगा गया है क्यों लिया गया ये फैसला?     अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन जब स्पीड में होती है तो मग से पानी भरते समय ये फर्श पर गिर जाता है जिससे टॉयलेट का फर्श गंदा हो जाता है     फिर टॉयलेट का फर्श पूरा गीला हो जाता है और बदबू आने लगती है आदि     टॉयलेट का फर्श साफ रह सके, इसलिए जेट स्प्रे लगाए जाएंगे किन-किन कोच में मिलेगी सुविधा?     फिलहाल जेट स्प्रे एसी कोच में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर लगाए जाएंगे     सबकुछ ठीक रहने पर माना जा रहा है कि जेट स्प्रे फिर बाकी कोचों में भी लगाए जाएंगे  

भोपाल में बढ़ेंगे जमीन के सर्किल रेट, 551 प्राइम एरिया में 11% तक महंगाई का प्रस्ताव

भोपाल भोपाल में जमीन और मकान खरीदना अब महंगा होने वाला है। जिला मूल्यांकन समिति ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कलेक्टर गाइडलाइन का नया प्रस्ताव तैयार कर लिया है। शनिवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में शहर की कई प्राइम लोकेशन पर दरों में भारी बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया है। कलेक्टर गाइडलाइन का नया प्रस्ताव तैयार भोपाल कलेक्ट्रेट में शनिवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में जिला मूल्यांकन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित कलेक्टर गाइडलाइन का खाका पेश किया गया। पंजीयन अधिकारियों ने जिले भर की प्रॉपर्टी दरों की समीक्षा के बाद अपना प्रस्ताव समिति के समक्ष रखा।   551 लोकेशन पर 11 प्रतिशत तक बढ़ेंगे दाम प्रस्ताव के अनुसार, जिले में प्रॉपर्टी की दरों में औसत वृद्धि करीब डेढ़ प्रतिशत प्रस्तावित की गई है। हालांकि, भोपाल के शहरी क्षेत्रों की स्थिति इससे अलग है। अधिकारियों ने बताया कि शहर की 551 चुनिंदा लोकेशन ऐसी हैं, जहां विकास और मांग को देखते हुए प्रॉपर्टी की दरों में 11 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया है। इन क्षेत्रों में हाल के दिनों में संपत्तियों की रजिस्ट्री और बाजार मूल्यों में बड़ा उछाल देखा गया है।   राजस्व और विकास को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय बैठक में कलेक्टर ने पंजीयन अधिकारियों के प्रस्ताव पर चर्चा की और क्षेत्रवार दरों की समीक्षा की। इस वृद्धि के पीछे का मुख्य उद्देश्य बाजार दरों और सरकारी गाइडलाइन के बीच के अंतर को कम करना है। प्रस्तावित गाइडलाइन पर अब आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे शासन के राजस्व में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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