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शुजालपुर नगर पालिक के नए भवन के लिए 3 करोड़ रूपए और अन्य विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रूपए स्वीकृत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नगरपालिका परिषद का शताब्दी वर्ष शुजालपुर के हर नागरिक के सम्मान का उत्सव है। यह हमारी विरासत, उपलब्धियों और सामूहिक संकल्प का पर्व है। जटाशंकर महादेव की असीम कृपा से शुजालपुर नगरपालिका ने जन सेवा और लोक कल्याण के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुजालपुर नगरपालिका के नए भवन के लिए 3 करोड़ रुपए और नगरपालिका क्षेत्र में सड़कों सहित अन्य विकास कार्य के लिए दो करोड़ रुपए नगरपालिका परिषद शुजालपुर को उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को शुजालपुर नगरपालिका परिषद के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शुजालपुर में आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। शुजालपुर में हुए कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह सिंह परमार, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार उपस्थित रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुजालपुर में स्वच्छता से संबंधित गतिविधियों में निरंतर प्रगति हो रही है। नगर को राष्ट्रीय रैंकिंग में और बेहतर स्थान पर लाने के लिए आगामी वर्षों में अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गत 2 वर्षों में शुजालपुर में ऑडिटोरियम और सीसी रोड के लिए 5 करोड़ रुपए, कायाकल्प योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए 6 करोड़ 60 लाख रुपए, अमृत 2 के अंतर्गत जलप्रदाय के लिए 12 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुजालपुर वीरों की भूमि रही है। जब पेशवा बाजीराव प्रथम ने मालवा में विजय का परचम लहराया तब शुजालपुर उनकी रणनीतिक प्राथमिकता में था। इस पावन धरा पर पेशवाओं की सेना का नेतृत्व करते हुए राणो जी शिंदे ने मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनकी स्मृति में बना भव्य शिव मंदिर और ऐतिहासिक छतरी आज भी हमें शौर्य की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शौर्य और संकल्प की नींव पर आज से ठीक 100 वर्ष पहले 1926 में नगरपालिका परिषद का गठन शुजालपुर में हुआ था। एक उज्जवल भविष्य का संकल्प आज वट वृक्ष बन चुका है। वर्तमान में शुजालपुर विकास का मॉडल बन रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में जारी गतिविधियों के परिणाम स्वरूप शुजालपुर क्षेत्र में सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा सुविधाओं, व्यापार-व्यवसाय गतिविधियों आदि में निरंतर प्रगति हो रही है। परिषद के माध्यम से राज्य सरकार हर घर तक सड़क-बिजली और पानी पहुंचाने के संकल्प को सिद्ध कर रही है। शहर की पेयजल समस्या का समाधान काफी हद तक करने का प्रयास किया गया है। नगर में 21 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से जमघड़ नदी को साफ रखने की तैयारी है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उपहार के समान होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुजालपुर को विकास के शिखर पर ले जाने के लिए जन भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आहवान किया। उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में गत 2 वर्षों में विकास और जनकल्याण की दृष्टि से क्षेत्र का कायाकल्प हुआ है। मंत्री श्री परमार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से नए और बड़े बस स्टैंड के लिए भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया। कार्यक्रम को नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार ने भी संबोधित किया। शुजालपुर के कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री विजेंद्र सिंह सिसोदिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हेमराज सिंह सिसोदिया, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।  

वाहन ट्रांसफर में बड़ा बदलाव: MP में HSRP डेटा नेशनल पोर्टल से लिंक

भोपाल अब यदि आपका वाहन मध्य प्रदेश से किसी दूसरे राज्य में ट्रांसफर होता है, तो उसे ट्रेस करना पहले के मुकाबले कहीं अधिक आसान होगा। परिवहन विभाग ने अपने ऑनलाइन पोर्टल को नेशनल डेटाबेस के साथ अपडेट कर दिया है, जिससे हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) के यूनिक लेजर कोड को राष्ट्रीय स्तर पर लिंक कर दिया गया है। इस तकनीकी बदलाव के बाद वाहन की मूल जानकारी जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर और मालिक का विवरण दूसरे राज्यों में भी तुरंत सत्यापित किया जा सकेगा। इससे न केवल चोरी की गाड़ियों को पकड़ने में मदद मिलेगी, बल्कि फर्जी नंबर प्लेट और डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन जैसी समस्याओं पर भी लगाम लगेगी। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस अपडेट से अंतरराज्यीय वाहन हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज और अधिक पारदर्शी होगी। 1500 से अधिक शिकायतों का हुआ निराकरण हाल ही में परिवहन आयुक्त के निर्देश पर हुई प्रदेश स्तरीय जनसुनवाई में विभाग से जुड़े लंबित कार्यों का निपटारा किया गया। इसमें भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित अन्य क्षेत्रों से आए ड्राइविंग लाइसेंस, एनओसी और वाहन ट्रांसफर से जुड़े करीब 1388 मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। अधिकारियों का क्या कहना “परिवहन विभाग के पोर्टल को नेशनल डेटाबेस से जोड़ने का निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि दूसरे राज्यों में होने वाली गड़बड़ियों पर भी रोक लगेगी। हमने जनसुनवाई के दौरान लंबित मामलों को प्राथमिकता से हल किया है और आगे भी पारदर्शिता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।”

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की निर्माण कार्यों की समीक्षा

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा में न्यू सर्किट हाउस राजनिवास में आयोजित बैठक में विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने हिनौती गौधाम में 25 हजार गौवंश के संरक्षण के लिये शेड निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि शेड निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो तथा समय सीमा में पूरा हो। उप मुख्यमंत्री ने बाउण्ड्रीबाल निर्माण सहित शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री ने रीवा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण कार्य में सभी औपचारिकताओं की पूर्ति सुनिश्चित कराकर कार्य को गति देने के निर्देश दिये। बैठक में अजगरहा से इटहा, नीम चौराहा से मनकहरी तथा गड्डी रोड के निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान अद्यतन स्थिति की उप मुख्यमंत्री ने जानकारी ली। उन्होंने सभी तालाब के रखरखाव तथा उसके उन्नयन एवं चिरहुला मंदिर मार्ग विकास व परिसर विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टरमती प्रतिभा पाल, आयुक्त नगर निगम डॉ. सौरभ सोनवणे, एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

अजेय हरमनप्रीत कौर ब्रिगेड के सामने एलिसा हीली की चुनौती, डे-नाइट टेस्ट में किसका होगा पलड़ा भारी?

मुंबई वनडे श्रृंखला में करारी हार के बाद भारतीय महिला टीम पिछले लगभग पांच साल में पहली बार जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुक्रवार से शुरू होने वाले एकमात्र दिन रात्रि टेस्ट क्रिकेट मैच में उतरेगी तो जीत हासिल करने के लिए उसकी सीनियर खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। वनडे श्रृंखला में करारी हार के बाद भारतीय महिला टीम पिछले लगभग पांच साल में पहली बार जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुक्रवार से शुरू होने वाले एकमात्र दिन रात्रि टेस्ट क्रिकेट मैच में उतरेगी तो जीत हासिल करने के लिए उसकी सीनियर खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इस मैच के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बहु प्रारूप वाली श्रृंखला का भी समापन होगा जिसमें भारत ने टी20 श्रृंखला 2-1 से जबकि आस्ट्रेलिया ने वनडे श्रृंखला 3-0 से जीती थी। पिछले पांच टेस्ट मैचों में अजेय रहने के बाद भारत का आत्मविश्वास चरम पर होगा। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने दिसंबर 2023 से जुलाई 2024 के बीच लगातार तीन टेस्ट मैच जीते, जिनमें इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका को घरेलू मैदान पर हराना शामिल है। भारत ने इससे पहले विदेश में खेले गए पिछले दो टेस्ट मैच 2021 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ड्रॉ कराए थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसने उस साल सितंबर अक्टूबर में दिन रात्रि टेस्ट मैच खेला था जिसमें स्मृति मंधाना ने शतक जमाया था। इस बहु प्रारूप वाली श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया अभी 8-4 से आगे है। टी20 श्रृंखला में हार के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम 2-4 से पिछड़ रही थी, लेकिन इसके बाद उसने शानदार वापसी करके तीनों वनडे मैच जीत लिए। जहां टी20 और वनडे दोनों मैचों में जीत हासिल करने पर दो-दो अंक दांव पर थे, वहीं टेस्ट मैच के विजेता को चार अंक मिलेंगे। भारत अगर जीत हासिल करता है तो वह कम से कम इस श्रृंखला को ड्रॉ करा सकता है। भारतीय टीम इस बात से आत्मविश्वास हासिल करना चाहेगी कि उसने दिसंबर 2023 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच आठ विकेट से जीतकर इतिहास रच दिया था। यह पहला अवसर था जबकि भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट मैच में हराया था। भारतीय बल्लेबाजी का दारोमदार हरमनप्रीत, उप-कप्तान मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा पर होगा। सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल के प्रदर्शन पर शनि की निगाह टिकी रहेगी जो शुक्रवार को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर सकती हैं। रावल भारतीय टीम में शामिल उन सात भारतीय खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने अभी तक टेस्ट मैच नहीं खेला है। अभी तक टेस्ट मैच नहीं खेलने वाली भारतीय खिलाड़ियों में बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, सायली सतघरे और काशवी गौतम भी शामिल हैं। भारतीय टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है। भारत की वनडे विश्व कप विजेता टीम की सदस्य रही क्रांति गौड़ और अमनजोत कौर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर सकती हैं। भारतीय टीम को हालांकि अनुभवी तेज गेंदबाज रेणुका सिंह की कमी खलेगी जो चोटिल होने के कारण टेस्ट टीम से बाहर हो गई। उनकी जगह युवा तेज गेंदबाज काशवी गौतम को टीम में शामिल किया गया है। दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया अपनी कप्तान एलिसा हीली को शानदार विदाई देने के लिए प्रतिबद्ध होगा जो अपना 299वां और अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगी। ऑस्ट्रेलिया ने भी किम गार्थ और एलिसे पेरी की जांघ की चोटों और सोफी मोलिनी की पीठ की समस्या के बाद राहेल ट्रेनामन और मैटलान ब्राउन सहित कुछ ऐसे खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया है जिन्होंने अभी तक टेस्ट मैच नहीं खेले हैं। गार्थ और मोलिनी दोनों ही मैच से बाहर हो गई हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया को उम्मीद है कि पेरी समय पर ठीक हो जाएगी। वाका की उछाल वाली पिच पर होने वाले इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को निश्चित रूप से भारत पर बढ़त हासिल होगी, क्योंकि उसने अपने पिछले दो टेस्ट मैच आसानी से जीते हैं। उसने जनवरी 2025 में एमसीजी में इंग्लैंड को फरवरी 2024 में इसी मैदान पर दक्षिण अफ्रीका को हराया था। टीम इस प्रकार हैं: भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, काशवी गौतम, स्नेह राणा, अमनजोत कौर, उमा छेत्री (विकेटकीपर), प्रतिका रावल, हरलीन देयोल, क्रांति गौड़, वैष्णवी शर्मा, सयाली सतघरे। ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान एवं विकेटकीपर), डार्सी ब्राउन, मैटलान ब्राउन, निकोला कैरी, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फीबी लिट्चफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलिसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, राहेल ट्रेनामन, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम। समय: मैच सुबह 10:50 बजे शुरू होगा।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्राकृतिक खेती का किया निरीक्षण

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने हरिहरपुर धाम में प्राकृतिक खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राकृतिक रूप से उगाई गई पालक व चुंकदर की खेती को देखा तथा निर्माणाधीन वायो इनपुट सेंटर मल्टी वेयर फार्मिंग प्रकल्प का अवलोकन कर आवश्यक निर्देश दिये। रीवा जिले में प्राकृतिक खेती का बसामन मामा सहित हरिहरपुर में भी किसानों के लिये प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया गया है। जहां प्राकृतिक खेती की जा रही है और साथ ही साथ किसानों को प्राकृतिक खेती के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया जाता है। उप मुख्यमंत्री ने आमजनों से की भेंट उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने अमहिया निवास रीवा में आमजनों से भेंट की। उन्होंने लोगों को होली की बधाई दी तथा उनकी समस्यायें सुनीं। उप मुख्यमंत्री ने प्राप्त आवेदनों पर तत्काल समाधान कारक कार्यवाही करने के निर्देश दिये।  

मिडिल ईस्ट में बढ़ी तकरार: अमेरिकी ऑयल टैंकर पर ईरान की मिसाइल, आग से मची अफरा-तफरी

तेहरान युद्धपोत को डुबोए जाने का ईरान ने बदला ले लिया है।  ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सरकारी टेलीविजन पर दिए गए एक बयान में कहा कि अमेरिकी जहाज फारस की खाड़ी के उत्तर में एक मिसाइल से टकराया और अभी उसमें आग लगी हुई है। श्रीलंकाई तट के पास युद्धपोत डुबोए जाने से ईरान अमेरिका पर भड़का हुआ है। भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत को अमेरिका ने बुधवार को हमला करके हिंद महासागर में डुबो दिया था। इस हमले में कई ईरानी नागरिकों की मौत हो गई। इससे भड़के ईरान ने गुरुवार को बड़ा बदला लिया है। ईरान के सरकारी टीवी ने दावा किया है कि ईरान ने खाड़ी में एक अमेरिकी तेल टैंकर पर मिसाइल से बड़ा हमला किया है। यह इस इलाके में एनर्जी इंडस्ट्री पर ईरान का सबसे नया हमला है। इस हमले के बाद तेल टैंकर पर आग लग गई। खबर के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सरकारी टेलीविजन पर दिए गए एक बयान में कहा कि जहाज फारस की खाड़ी के उत्तर में एक मिसाइल से टकराया था और अभी उसमें आग लगी हुई है। हालांकि, इस घटना की अभी अमेरिका की ओर से पुष्टि नहीं हुई है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूरी तरह से कब्जा किया हुआ है और चीनी जहाज के अलावा किसी को भी वहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी हुई है। इससे पहले भी ईरान ने कई अन्य तेल टैंकरों पर भी हमला किया था। इससे पहले, ईरान ने गुरुवार सुबह इजरायली और अमेरिकी बेस पर हमलों की एक नई लहर शुरू की और धमकी दी कि अमेरिका को हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर टॉरपीडो से हमला करने का बहुत पछतावा होगा। एक धार्मिक नेता ने ट्रंप का खून मांगा, जबकि इजरायल ने कहा कि उसने तेहरान पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू कर दिया है। इजरायल ने कई आने वाले मिसाइल हमलों की घोषणा की और तेल अवीव और यरुशलम में हवाई सायरन बजाए गए। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने कहा कि और हमलों में अमेरिकी बेस को भी निशाना बनाया गया। इजरायली सेना ने कहा कि उसने लेबनान में ईरान के समर्थन वाले हिज्बुल्लाह मिलिटेंट ग्रुप पर टारगेटेड हमले किए, जो ईरान की राजधानी में इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की एक बड़ी लहर है, लेकिन उसने ज्यादा जानकारी नहीं दी। थोड़ी देर बाद तेहरान में कई जगहों पर धमाके सुने गए। बता दें कि अमेरिकी नेवी ने मंगलवार रात हिंद महासागर में ईरानी फ्रिगेट IRIS डेना को डुबो दिया, जिसमें कम से कम 87 ईरानी नाविक मारे गए, जिसे ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को समुद्र में ज़ुल्म बताया। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को युद्ध शुरू किया है, जिसमें ईरान की लीडरशिप को टारगेट किया गया और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मार डाला गया। अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में अब तक ईरान में 1,000 से ज्यादा लोग, लेबनान में 70 से ज्यादा और इजरायल में लगभग एक दर्जन लोग मारे गए हैं। इसने दुनिया के तेल और गैस की सप्लाई में रुकावट डाली है, इंटरनेशनल शिपिंग में रुकावट डाली है और मिडिल ईस्ट में लाखों यात्री फंस गए हैं।  

निक जोनस ने बताया प्रियंका का स्लीप सीक्रेट, बोले– मेरी वाइफ को गर्म रहना पसंद

लॉस एंजिल्स प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस फिल्मी दुनिया की उन हस्तियों में से एक है, जिन्हें लोग कपल के रूप में काफी पसंद करते हैं। पावर कपल के रूप में निक और प्रियंका अक्सर सोशल मीडिया पर हर किसी का दिल जीत ले जाते हैं। हाल ही में निक जोनस ने एक पॉडकास्ट पर वाइफ प्रियंका चोपड़ा के बेडरूम हैबिट्स को लेकर बातें कीं। निक ने बताया के बेडरूम में कूलिंग को लेकर दोनों के टेस्ट कितने अलग हैं। प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस अक्सर अपनी फिल्मों और म्यूजिक के प्रमोशन के दौरान अपनी शादीशुदा लाइफ से जुड़ी कई बातें बताया करते हैं। अब हाल ही में निक ने एक बातचीत में अपनी पत्नी की एक ऐसी आदत का खुलासा किया जिसे उन्होंने मजाक में डरावना सपना तक बता डाला। निक ने बताया- एकदम जमा देने वाला ठंड पसंद है निक हाल ही में जेक शेन के पॉडकास्ट ‘थेरापस’ पर नजर आए। उनसे इस दौरान सोने के लिए एक आइडियल टेम्प्रेचर को लेकर सवाल किया गया। सिंगर ने इसका जवाब देते हुए कहा, ‘ओह, ठंडा। एकदम जमा देने वाला ठंडा।’ ‘प्रियंका चोपड़ा को एकदम जमा देने वाला ठंडा’ निक ने प्रियंका चोपड़ा के नाइटमेयर मटीरियल वाली आदतों पर भी चुटकी ली। जोनस ने कहा कि बेडरूम टेम्प्रेचर के मामले में उनकी और चोपड़ा की चॉइस में अक्सर क्लैश होता है। उन्होंने कहा, ‘मेरी पत्नी को सोते समय गर्म रहना पसंद है, तो वह कमरे का तापमान 71F से 72F (21C से 22C) के बीच रखने की कोशिश करती हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह एक बुरे सपने जैसा है। सच में बुरा।’ मेरी वाइफ प्रियंका चोपड़ा को सोते समय गर्म रहना पसंद है, तो वह कमरे का तापमान 71F से 72F (21C से 22C) के बीच रखने की कोशिश करती हैं। निक ने बताया बेडरूम में कैसा टेम्प्रेचर है पसंद जब शेन ने कहा कि वो 62F (16C) तापमान पर सोते है तो जोनस ने जवाब दिया, ‘मुझे ये टेम्प्रेचर बहुत पसंद है! मुझे भी अपने जीवन में ये चाहिए।’ बता दें कि हाल ही में प्रियंका ने बताया था कि उनके लिए एक परफेक्ट डेट नाइट का मतलब ‘एक शानदार फिल्म देखना और बढ़िया खाना खाना’ होता है। हालांकि, उन्होंने आगे कहा था, ‘मेरे पति को यह पसंद नहीं है, इसलिए हम ऐसा नहीं करते।’ निक ने कहा- मुझे लगता है कि बिस्तर सिर्फ सोने के लिए होते हैं वहीं निक जोनस ने ये भी बताया कि वह बिस्तर पर न तो खाना खाते हैं और न ही टीवी देखते हैं। इसके बाद जोनस ने टिक टॉक शो ‘आर यू ओके?’ में कहा, ‘मुझे लगता है कि बिस्तर सिर्फ सोने के लिए होते हैं। मैं बिस्तर पर नहीं बैठता, बिस्तर पर खाना नहीं खाता, बिस्तर पर किताबें नहीं पढ़ता या टीवी नहीं देखता… मैंये सब बिस्तर पर नहीं कर सकता।’

पन्ना में खतरनाक देसी नुस्खा, धतूरे का काढ़ा पीते ही बिगड़ी तबीयत; 3 लोग भर्ती

पन्ना “नीम हकीम खतरा-ए-जान” कहावत पन्ना जिले में उस समय सच साबित हो गई, जब जोड़ों और कमर दर्द से राहत पाने के लिए अपनाया गया देसी नुस्खा एक परिवार पर भारी पड़ गया। पन्ना निवासी 45 वर्षीय सावित्री बाई को किसी परिचित ने धतूरा और एक स्थानीय जड़ी-बूटी का काढ़ा पीने की सलाह दी। बिना चिकित्सकीय परामर्श के उन्होंने घर पर काढ़ा तैयार कर लिया। तेज चक्कर, उल्टियां और शरीर सुन्न दोपहर में सावित्री बाई ने स्वयं काढ़ा पिया और अपने बेटे शिवम आदिवासी (22 वर्ष) व बेटी रेखा आदिवासी (24 वर्ष) को भी पिला दिया। कुछ ही देर में तीनों को तेज चक्कर, उल्टियां और शरीर सुन्न होने की शिकायत शुरू हो गई। जड़ी-बूटियों के सेवन से बचने की अपील हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पन्ना लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने इसे भोजन विषाक्तता का मामला मानते हुए तत्काल उपचार शुरू किया। समय पर इलाज मिलने से बड़ा हादसा टल गया। चिकित्सकों ने बिना सलाह जहरीली जड़ी-बूटियों के सेवन से बचने की अपील की है।  

होली पर्व पर उप मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ के किये दर्शन

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने होली पर्व पर भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर आशिर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेश वासियों की सुख, समृद्धि एवं मंगल कामना की। उन्होंने भगवान जगन्नाथ के महाप्रसाद कढ़ी-भात एवं खीर का श्रृद्धालुओं को वितरण कर पुण्य कार्य में सेवाभाव से सहभागिता की। उप मुख्यमंत्री ने भगवान भैरवनाथ के दर्शन किये उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने होली महापर्व पर गुढ़ स्थित भैरवनाथ लोक पहुंचकर भगवान भैरवनाथ के दर्शन किये तथा लोक कल्याण की कामना की। 

‘जंगलराज खत्म कर विकास की राह दिखाई’ – नीतीश कुमार की उम्मीदवारी पर अमित शाह की खुलकर सराहना

नई दिल्ली नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़कर अब दिल्ली की राह पर निकल रहे हैं। उन्होंने बिहार विधानसभा परिसर में गुरुवार को राज्यसभा के लिए नामांकन किया। इस दौरान होम मिनिस्टर अमित शाह, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी समेत कई नेता मौजूद थे। नीतीश कुमार के साथ ही भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नामांकन दाखिल कर दिया है। शिवेश राम और उपेंद्र कुशवाहा ने भी नामांकन दाखिल कर दिया। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह लगातार नीतीश कुमार के साथ मौजूद रहे। उन्होंने नीतीश कुमार की सराहना भी की है और कहा कि बिहार के लोग उनके कार्यकाल को हमेशा याद करेंगे। अमित शाह ने कहा कि हम और भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ता नितिन नवीन जी का संसद में स्वागत करते हैं। इसके अलावा उन्होंने नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की। शाह ने कहा, ‘नीतीश कुमार जी ने भी अपना नामांकन किया है। लंबे अरसे के बाद नीतीश कुमार राज्यसभा में प्रवेश करेंगे। 2005 से अब तक वह सीएम रहे। उनका यह कार्य़काल बिहार के इतिहास में स्वर्णि म अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने अपने काल में राज्य को जंगलराज से मुक्त किया। उन्होंने सड़कों का जाल बिछाया। उनके कुर्ते पर भी कभी दाग नहीं लगा।’ होम मिनिस्टर ने कहा कि बिना किसी आरोप के उन्होंने इतना लंबा सफर शायद ही किसी नेता ने तय किया होगा। हर घर में बिजली पहुंचाने में उनका बड़ा रोल है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में हमेशा शुचिता और ईमानदारी बरती। उनकी लीडरशिप में ही पीएम मोदी की भेजी हुई हर योजना जन-जन तक पहुंची। वह जेपी आंदोलन से निकले प्रमुख नेता थे। उन्होंने पूरी जिंदगी जेपी के सिद्धांतों पर चलकर गुजारी है। हम उनका दिल से स्वागत करते हैं। उनके कार्यकाल को बिहार के लोग हमेशा याद रखेंगे और उसका सम्मान भी करेंगे। गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने एक फेसबुक पोस्ट लिखकर अपनी राज्यसभा की इच्छा जाहिर की है। उनका कहना था कि अपनी संसदीय राजनीति में वह लोकसभा में रहे, विधानसभा के दोनों सत्रों में रहे और अब राज्यसभा जाने की इच्छा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में नई बनने वाली सरकार को मेरा पूरा समर्थन और मार्गदर्शन मिलेगा। गौरतलब है कि नीतीश कुमार के हटने के बाद उनके बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम का पद मिल सकता है। वहीं बिहार के राजनीतिक इतिहास में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री हो सकता है। हालांकि यह तय नहीं है कि भाजपा की ओर से कौन सा नेता कमान संभालेगा।  

रिफॉर्म्स का रिजल्ट! मोदी सरकार के दौर में नए उद्योगों की संख्या 27% बढ़ी

नई दिल्ली मोदी सरकार की ओर से लगातार किए जा रहे आर्थिक सुधारों का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा रहा है। देश में नए बिजनेस की संख्या में 27 प्रतिशत का बड़ा इजाफा देखने को मिला है। सरकार द्वारा गुरुवार को जारी फैक्टशीट के मुताबिक, भारत में चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2025-26) के पहले 10 महीनों (3 फरवरी 2026 तक) में 1.98 लाख नए बिजनेस पंजीकृत हुए हैं, जिनकी संख्या 2020-21 में 1.55 लाख थी। आधिकारिक बयान में कहा गया कि सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में डिजिटल ट्रेड सुविधा,कर निश्चितता, अनुपालन और मुकदमेबाजी में कमी, विश्वास आधारित सीमा शुल्क प्रणाली और निवेश-अनुकूल कर व्यवस्था के जरिए व्यापार में आसानी बढ़ाने पर फोकस किया है। बयान में आगे कहा गया कि स्टार्ट-अप इंडिया, क्रेडिट गारंटी योजना, डिजिटल क्रेडिट मूल्यांकन मॉडल आदि जैसे संस्थागत सुधार एक पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-सक्षम और निवेशक-अनुकूल वातावरण का निर्माण कर रहे हैं। इस प्रयास को जन विश्वास अधिनियम, आईबीसी, एमएटी आदि जैसे समानांतर नियामक सुधारों का समर्थन प्राप्त है, जो क्षमता निर्माण, नियामक सामंजस्य और विश्वास एवं जवाबदेही पर आधारित शासन मॉडल को प्राथमिकता दे रहे हैं। फरवरी 2026 तक 2.16 लाख से अधिक डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के साथ, भारत विश्व के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक के रूप में मजबूती से खड़ा है। 2016 से शुरू किए गए स्टार्टअप्स के लिए नियामक सुधारों का उद्देश्य स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए व्यापार करने में आसानी, पूंजी जुटाने में आसानी और अनुपालन बोझ को कम करना है। स्टार्टअप इंडिया के अलावा, मोदी सरकार की कई पहलों ने तकनीकी नवाचार, ग्रामीण उद्यमिता, अकादमिक अनुसंधान और क्षेत्रीय समावेशन को बढ़ावा देकर भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत किया है। ये पहलें सुनिश्चित करती हैं कि स्टार्टअप समर्थन व्यापक, विकेंद्रीकृत और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के साथ निकटता से जुड़ा रहे। पिछले कुछ वर्षों में, भारत न केवल निवेश के लिए बल्कि कारोबार करने के लिए भी सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बनकर उभरा है। देश की सुधार-आधारित विकास रणनीति उद्यमिता को मजबूत करने, वित्त तक पहुंच बढ़ाने, नियामक ढांचे का आधुनिकीकरण करने और व्यापार सुविधा को बढ़ाने पर केंद्रित है। बयान में आगे कहा गया है कि ये सभी उपाय न केवल कारोबार करने में आसानी बढ़ाते हैं बल्कि वित्तीय समावेशन को भी गहरा करते हैं, नवाचार को बढ़ावा देते हैं, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के विकास में तेजी लाते हैं और भारत को एक प्रतिस्पर्धी वैश्विक व्यापार और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करते हैं।

बंगाल में चुनाव से पहले हलचल, गवर्नर सीवी आनंद बोस के इस्तीफे पर ममता का बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे की वजहों का पता नहीं चल पाया है. इस्तीफा देने के बाद वे दिल्ली रवाना हो गए हैं. सीवी आनंद बोस 3.5 वर्षों से पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे. इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पीटीआई से बात करते हुए कहा है कि ‘मैंने राजभवन में पर्याप्त समय गुजार लिया है.’ बता दें कि पश्चिम बंगाल में इसी वर्ष अप्रैल-मई में चुनाव होने को हैं. इस बीच ये घटनाक्रम सामने आया है. सीवी आनंद बोस केरल के कोट्टायम के रहने वाले हैं. उनके पिता स्वतंत्रता सेनानी पी.के. वासुदेवन नायर थे. वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अनुयायी थे. इसलिए उनके नाम में ‘बोस’ जोड़ा गया. वह 1977-बैच के रिटायर्ड भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं. उन्हें 23 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया. वह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं. आनंद बोस ने सरकार के सचिव के पद पर कार्य किया है. भारत के मुख्य सचिव और विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे हैं. वह संयुक्त राष्ट्र के साथ परामर्शदात्री स्थिति में पर्यावास गठबंधन के अध्यक्ष हैं और संयुक्त राष्ट्र पर्यावास शासी परिषद के सदस्य थे. राज्यपाल बोस ने शिक्षा, वन और पर्यावरण, श्रम और सामान्य प्रशासन जैसे कई मंत्रालयों में जिला कलेक्टर और प्रमुख सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में काम किया है. ममता ने जताई हैरानी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीवी आनंद बोस के इस्तीफ़ की अचानक आई खबर पर हैरानी जताई है. उन्होंने कहा कि मैं हैरान और बहुत परेशान हूं. उनके इस्तीफ़े के पीछे की वजहें मुझे अभी पता नहीं हैं. हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए मुझे हैरानी नहीं होगी अगर आने वाले राज्य विधानसभा चुनावों से ठीक पहले गवर्नर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कुछ राजनीतिक फायदे के लिए दबाव डाला हो. केंद्रीय गृह मंत्री ने अभी मुझे बताया कि आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का गवर्नर बनाया जा रहा है. उन्होंने इस बारे में तय रिवाज के मुताबिक मुझसे कभी सलाह नहीं ली.

Apple का सबसे सस्ता MacBook: 4 Reasons क्यों खरीदें और 3 Reasons क्यों बचें

नई दिल्ली होली की रात 4 मार्च को ऐपल ने भारतीय ग्राहकों के लिए बहुत बड़ी पेशकश कर दी। उसने अपना अबतक का सबसे सस्‍ता मैकबुक (MacBook Neo) लॉन्‍च कर दिया, जिसकी शुरुआती कीमत 69,900 रुपये है। आज के जमाने में इस कीमत में नॉर्मल विंडोज लैपटॉप आ रहे हैं। अगर कोई प्रीमियम एंड्रॉयड टैबलेट खरीदने जाए तो टैब+कीबोर्ड लेने में उसके भी 60 से 65 हजार रुपये चल जाएंगे। MacBook Neo इन सभी के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन सकता है। ऐसे भारतीय ग्राहक जिन्‍हें मैकबुक खरीदने की चाहत है, लेकिन बजट टाइट है, उनके लिए MacBook Neo तोहफे जैसा होने वाला है। लेकिन क्‍या इसमें वो सब फीचर्स हैं जो मैकबुक एयर में मिलते हैं? MacBook Neo लेने की योजना बना रहे लोगों को इसे खरीदने के 4 कारण और ना खरीदने के 3 कारण जान लेने चाहिए। MacBook Neo मेटल बिल्‍ड MacBook Neo को ऐपल ने उसी तरह से डिजाइन और बिल्‍ड किया है जैसे वह मैकबुक एयर को करती है। यह देखने में ब‍िलकुल भी चीप या सस्‍ते नहीं लगेंगे। उसी प्रीमियनेस का एहसास होगा। एल्‍युमीनियम बिल्‍ड होने के कारण गिरने पर लैपटॉप में डेंट आ सकता है, लेकिन यह टूटेगा नहीं। इसके चारों तरफ से राउंडेड ऐज हैं तो मैकबुक निओ को पकड़ने में हैंडी बनाते हैं। इन्‍हें इस तरह से बनाया गया है कि सामने वालों को यह पता ही नहीं चलेगा कि आप कौन सा मैकबुक इस्‍तेमाल कर रहे हैं बशर्ते कि उसे कलर वेरिएंट की जानकारी ना हो। कलर ऑप्‍शंस बिलकुल अलग MacBook Neo के कलर ऑप्‍शंस एकदम अलग हैं। इसे सिल्‍वर, ब्‍लश, सिटरस और इंडिगो कलर्स में लाया गया है। वो यूजर्स जिन्‍हें चटख रंगों वाली डिवाइस पसंद हैं, उनके लिए MacBook Neo एक ट्रेंडी गैजेट बन सकता है। ऐसा लगता है क‍ि ऐपल ने यूथ और कॉलेज गोइंड स्‍टूडेंट्स को ध्‍यान में रखकर मैकबुक निओ के कलर ऑप्‍शंस का चुनाव किया है। आज तक नहीं चलाया मैकबुक तो बनेगा ग्रेट डील भारत में बहुत बड़ी आबादी अभी ऐपल के इकोसिस्‍टम से जुड़ी नहीं है। ऐसे यूजर्स जिन्‍होंने आज तक मैकबुक इस्‍तेमाल नहीं किया, लेकिन उसे चलाने की दिली ख्‍वाहिश है, उनके लिए लिए MacBook Neo ग्रेट डील बनेगा। फर्स्‍ट टाइम बायर्स मैकबुक निओ के साथ इसके यूजर इंटरफेस से परिच‍ित हो सकते हैं और भविष्‍य में एयर या प्रो मॉडल लेने के बारे में फैसला ले सकते हैं। लंबे समय तक अपडेट, परफॉर्मेंस भी बरकरार ऐपल अपने प्रोडक्‍ट्स को लंबे समय तक अपडेट देती है। मैकबुक निओ को लंबे समय तक अपडेट मिलने से यह नया बना रहेगा और खास बात है कि मैकबुक की परफॉर्मेंस जल्‍दी कमजोर नहीं पड़ती। वह कई साल तक भी पूरी क्षमता के साथ काम करते हैं। MacBook Neo में लगा A18 Pro चिपसेट सबसे पहले साल 2024 में आए आईफोन्‍स में देखा गया था। यह मैकबुक को चलाने के लिए भी पर्याप्‍त है। अगर आप बहुत हैवी यूजर नहीं हैं। बिजनेस जरूरतों के लिए मैकबुक चलाना चाहते हैं तो MacBook Neo निराश नहीं करेगा। इन 3 वजहों से कर सकते हैं रिजेक्‍ट     MacBook Neo में बैकलिट कीबोर्ड नहीं है। जिन्‍हें बैकलिट की आदत है यह जरूरी फीचर है, उन्‍हें इसे नहीं लेना चाहिए।     मैकबुक के लोकप्र‍िय फीचर्स में शामिल टच आईडी, MacBook Neo में सिर्फ 512 जीबी वेरिएंट में मिलती है। 256 जीबी वेरिएंट में यह नहीं मिलेगी।     MacBook Neo को लाइट वर्क के लिए लाया गया है। स्‍टूडेंट्स और बिजनेसेस के लिए यह बना है। बहुत ज्‍यादा हैवी टास्‍क करने हैं तो इसे खरीदने की योजना ना बनाएं। MacBook Neo Vs MacBook Air एक्‍सपर्ट के अनुसार, MacBook Neo और MacBook Air का डिस्‍प्‍ले लगभग एक जैसा है। प्रमुख फर्क चिपसेट का है। मैकबुक एयर में M सीरीज डेस्कटॉप-लेवल चिप इस्तेमाल की गई है। जबकि Neo में A18 Pro चिपसेट है, जिसे हमने आईफोन्‍स में देखा है। हालांकि दोनों ही Mac ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं। Neo में बैकलिट कीबोर्ड कीज नहीं हैं। 512GB ऑप्शन में फिंगरप्रिंट स्कैनर यानी टच आईडी मिलती है। इसमें कम स्पीकर्स और माइक्रोफोन्स हैं। निओ में 3.5mm हेडफोन जैक तो है, लेकिन चार्जिंग के लिए कोई खास MagSafe पोर्ट नहीं है।

बिना अलर्ट किए किया हमला, ईरान ने अमेरिका को दी खुली चेतावनी, भारत कनेक्शन से बढ़ा तनाव

वाशिंगटन अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अमेरिका का हमला और उसमें ईरानी पोत को तबाही जारी युद्ध को और विध्वंसक बना सकती है। ईरान की तरफ से इस हमले को अत्याचार करार दिया गया है। साथ ही कहा कि ‘भारतीय नौसेना के मेहमान’ पर हमला करने की अमेरिका भारी कीमत चुकाएगा। जहाज पर करीब 180 लोग सवार होने की खबरें हैं, जिनमें से 32 को बचा लिया गया था। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, ‘लगभग 130 नाविकों को ले जा रहे और भारत की नौसेना के अतिथि पोत ‘फ्रिगेट देना’ पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया। मेरी बात याद रखना- अमेरिका ने जो उदाहरण पेश किया है, उसे उस पर अत्यधिक पछतावा होगा।’ ईरानी पोत हाल में भारत की तरफ से आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैन्य अभ्यास में शामिल हुआ था। पनडुब्बी से बनाया निशाना अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने वॉशिंगटन में कहा था कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह किसी दुश्मन युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबोने की पहली घटना है। हेगसेथ ने पत्रकारों से कहा, ‘एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जो अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में खुद को सुरक्षित समझ रहा था। लेकिन उसे टॉरपीडो से डुबो दिया गया।’ उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने उस ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिसका नाम ‘सुलेमानी’ के नाम पर रखा गया था। सुलेमानी, पूर्व ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी थे, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिकी सेना ने मार गिराया था। क्या है IRIS Dena ईरान के सबसे नए युद्धपोतों में से एक, आईरिस देना, मौदगे श्रेणी का एक फ्रिगेट है जो ईरानी नौसेना के लिए समुद्र में गश्त करता है। यह भारी तोपों, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, पोत-रोधी मिसाइलों और टॉरपीडो से लैस था। पोत पर एक हेलीकॉप्टर भी था। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि मौजूदा युद्ध के दौरान कम से कम 17 ईरानी नौसैनिक पोतों को डुबो दिया गया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘हम ईरानी नौसेना को भी डुबो रहे हैं – पूरी नौसेना को।’ श्रीलंका ने किया रेस्क्यू विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने संसद को बताया कि श्रीलंकाई नौसेना और तटरक्षक बल को तड़के पांच बजकर आठ मिनट पर दक्षिणी बंदरगाह जिले गॉल से लगभग 40 समुद्री मील की दूरी पर स्थित ‘आईरिस देना’ नामक पोत के डूबने की सूचना मिली थी। हेराथ ने कहा कि श्रीलंकाई नौसेना और वायु सेना ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया। उन्होंने कहा, ‘उनमें से 30 को बचा लिया गया जबकि जहाज पर लगभग 180 लोगों के सवार होने की खबर है।’ मंत्री ने कहा कि जहाज के डूबने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। ईरानी पोत ने हाल ही में भारत द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में भाग लिया था।  

ईरान युद्ध में पुराने हथियार की वापसी! टॉरपीडो फिर बना चर्चा का विषय

विदेश  ईरान-अमेरिका के युद्ध में मिसाइलों के बाद अब टॉरपीडो की एंट्री भी हो गई है. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि हिंद महासागर में ईरान का एक युद्धपोत अमेरिका ने टॉरपीडो से हमला करके डुबो दिया है.अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा है कि हिंद महासागर में अमेरिका ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिसे लगा कि वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित है. कई सालों बाद टॉरपीडो का इस्तेमाल होने से इसकी काफी चर्चा हो रही है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर ये होता क्या है और कैसे इससे नुकसान पहुंचाया जाता है… साथ ही जानते हैं कि क्या भारत के पास भी ये हथियार हैं… वर्ल्ड वॉर में हुआ था इस्तेमाल क्या आप जानते हैं दूसरे वर्ल्ड वॉर के बाद टॉरपीडो से किसी जहाज को डुबोए जाने की यह चौथी घटना है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब अमेरिका ने किसी दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाया है.  है क्या टॉरपीडो? टॉरपीडो एक ऑटोमैटिक हथियार है, जिसे पानी की सतह के ऊपर या नीचे से दागा जा सकता है और ये पानी के अंदर टारगेट को हिट करता है. ज्यादातर इसका इस्तेमाल पनडुब्बियों और जहाजों को टारगेट करने के लिए किया जाता है. इसमें एक विस्फोटक सामग्री होती है, जो टारगेट से टकराने पर या उसके पास पहुंचने पर फट जाती है. हालांकि, टॉरपीडो का इस्तेमाल खासकर पनडुब्बियों में किया जाता है, लेकिन इन्हें सतह पर मौजूद युद्धपोतों से भी दागा जा सकता है या विमानों द्वारा गिराया जा सकता है. आधुनिक टॉरपीडो को आमतौर हल्के या भारी टॉरपीडो में बांट दिया गया है, जिससे कई  तरह के टारगेट को हिट करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. इसे 1960 के दशक में दुश्मन की पनडुब्बियों और सतह के हथियारों दोनों के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया था.  इसे सबसे पहली बार 19वीं शताब्दी में ऑस्ट्रो-हंगेरियन साम्राज्य में बनाया गया था, जिसके बाद धीरे-धीरे इनका उपयोग विश्वभर की नेवी में फैल गया. शुरुआत में इन्हें छोटे, तीव्र गति वाले जहाजों पर लगाया जाता था, जिनका उद्देश्य उस समय के बड़े, भारी कवच ​​वाले, लेकिन धीमी गति वाले युद्धपोतों और ड्रेडनॉट्स को चुनौती देना था.  पहले और दूसरे विश्व युद्ध में हुआ था इस्तेमाल टॉरपीडो का पहला बड़े पैमाने पर उपयोग प्रथम विश्व युद्ध के दौरान हुआ, जब जर्मन पनडुब्बियों (जिन्हें यू-बोट के नाम से जाना जाता था) ने ब्रिटिश द्वीपों की ओर जाने वाले अटलांटिक महासागर में व्यापारिक जहाजों पर हमला करने के लिए इनका इस्तेमाल किया. हालांकि, टॉरपीडो युद्ध अपने चरम पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पहुंचा, जब सभी प्रमुख शक्तियों ने अपने सतही जहाजों, पनडुब्बियों और विमानों को टॉरपीडो से लैस कर दिया. उस वक्त कई टॉरपीडो का इस्तेमाल किया गया था. क्या भारत के पास भी है.. अमेरिका के मार्क 48, चीन के यू-6, इटली के ब्लैक शार्क, रूस के टाइप 53 टॉरपीडो को दुनिया भर की नेवी में सबसे अहम हथियार माना जाता है. इसमें भारत का वरुणस्त्र आदि भी शामिल हैं. वरुणस्त्र को डीआरडीओ की ओर से एंटी-एयरक्राफ्ट गन (एएसडब्ल्यू) के लिए डिज़ाइन किया गया था, जो एक स्वदेशी हथियार है. वरुणस्त्र का उपयोग भारतीय नौसेना के कई जहाजों में किया जाता है. भारतीय नेवी की पनडुब्बियां सोवियत-युग के टाइप 53 टॉरपीडो का उपयोग करती हैं, जबकि स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियां फ्रांसीसी F21 और इतालवी ब्लैक शार्क हैवीवेट टॉरपीडो के मिश्रण का उपयोग करती हैं. वहीं, नौसेना के P-8 पोसाइडन और MH-60R सीहॉक एएसडब्ल्यू विमान, अमेरिका से प्राप्त एयर-ड्रॉप किए जाने वाले मार्क 54 लाइटवेट टॉरपीडो का उपयोग करते हैं. भारतीय नौसेना की ओर से इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे शक्तिशाली टॉरपीडो सुपरसोनिक मिसाइल-असिस्टेड रिलीज ऑफ टॉरपीडो या स्मार्ट सिस्टम है. ये 643 किलोमीटर दूर तक के लक्ष्यों को भेद सकता है. 

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