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फ्री नहीं रहेगा WhatsApp? नया पेड वर्जन जल्द लॉन्च, यूजर्स को मिलेंगे कई एक्स्ट्रा फीचर्स

 नई दिल्ली देश के करोड़ों यूजर्स के लिए यह काम की खबर है। वॉट्सऐप चलाने वाले लोगों को जल्‍द एक ‘नया वॉट्सऐप’ मिलने वाला है। कंपनी प्रीमियम सब्‍सक्र‍िप्‍शन प्‍लान को लाने की तैयारी कर रही है, जिसे ‘Whatsapp Plus’ कहा जाता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यूजर्स कुछ पैसे देकर वॉट्सऐप में ऐसे तमाम फीचर्स को इस्‍तेमाल कर पाएंगे जो Free वॉट्सऐप चलाने वालों को नहीं मिलेंगे। आसान भाषा में समझाएं तो आने वाले दिनों में वॉट्सऐप के दो रूप देखने को मिल सकते हैं। एक फ्री वालों के लिए और एक पेड सब्‍सक्राइबर्स के लिए। क्‍या है वॉट्सऐप प्‍लस? वॉट्सऐप प्‍लस के बारे में यह जानकारी WABetaInfo की रिपोर्ट में सामने आई है। वॉट्सऐप प्‍लस कोई नया ऐप नहीं होगा, बल्कि यह एक ऑप्‍शनल पेड प्‍लान होगा। वॉट्सऐप प्‍लस इस्‍तेमाल करने वाले ग्राहकों को मंथली फीस चुकानी होगी, जिसके बदले वह कुछ एक्‍सक्‍लूसिव फीचर्स को चला पाएंगे, जो Free वॉट्सऐप के साथ नहीं मिलेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, एंड्रॉयड और iOS यूजर्स के लिए वॉट्सऐप प्‍लस को डेवलप किया जा रहा है। हालांकि अभी यह फीचर रिलीज नहीं हुआ है। वॉट्सऐप प्‍लस के प्रमुख फीचर्स     वॉट्सऐप प्‍लस इस्‍तेमाल करने वाले यूजर्स को कई फीचर्स एक्‍सक्‍लूसिव दिए जाएंगे। जैसे-     ढेरों कस्‍टमाइजेशन ऑप्‍शन मिलेंगे। यूजर अपनी ऐप की थीम बदल पाएंगे। आइकन को बदल सकेंगे। उन्‍हें 14 नए आइकन और इंटरफेस को अलग बनाने के लिए थीम ऑफर की जाएंगी। इससे पेड सब्‍सक्राइबर्स का वॉट्सऐप, फ्री चलाने वालों से अलग दिखेगा।     वॉट्सऐप प्‍लस चलाने वाले यूजर्स 20 चैट्स को पिन कर पाएंगे। अभी सिर्फ 3 चैट्स को पिन किया जा सकता है। ज्‍यादा चैट्स पिन होने से काम की जानकारी तक पहुंचना आसान हो जाएगा।     रिपोर्ट के अनुसार, वॉट्सऐप प्‍लस यूजर्स को कंपनी स्‍पेशल रिंगटोन्‍स देने पर काम कर रही है। वो रिंगटोन्‍स फ्री यूजर्स के मोबाइल में नहीं बजेंगी। इससे वॉट्सऐप कॉल को अलग से पहचाना जा सकेगा।     इसके साथ ही, प्‍लस यूजर्स को कुछ खास स्‍टीकर्स और रिएक्‍शंस के लिए आइकन दिए जाएंगे जो फ्री ऐप में नहीं मिलते।     कुल मिलाकर फ्री वॉट्सऐप चलाने वालों और पेड वॉट्सऐप चलाने वालों के बीच अंत‍र स्‍पष्‍ट रूप से नजर आएगा। Whatsapp Free वर्जन बंद हो जाएगा? रिपोर्ट के अनुसार, वॉट्सऐप का मौजूदा स्‍वरूप काम करता रहेगा यानी आप आज जैसे वॉट्सऐप चला रहे हैं, वैसे ही चलाते रहेंगे। वॉट्सऐप प्‍लस एक नई सुविधा होगी, जि‍सका मकसद पैसे लेकर एक्‍सक्‍लूसिव फीचर देना होगा। लेकिन एक सवाल यह भी उठता है कि भविष्‍य में फ्री यूजर्स को क्‍या नए फीचर्स पहले इस्‍तेमाल करने के लिए नहीं मिलेंगे? कितने पैसे देंगे होंगे वॉट्सऐप प्‍लस के लिए? अभी शुरुआती जानकारी ही सामने आई है। किसी तरह के रिचार्ज या सब्‍सक्र‍िप्‍शन प्‍लान पर डिटेल नहीं है। हालांकि ऐसा माना जाना चाहिए कि कंपनी किफायती कीमतों में भारतीय यूजर्स के लिए वॉट्सऐप प्‍लस को ला सकती है। Whatsapp Plus ढूंढने इंटरनेट पर मत जाना Whatsapp Plus से जुड़ी कुछ खबरें पहले भी सामने आई हैं। इंटरनेट पर WhatsApp Plus नाम से APK फाइलें मौजूद हैं। इन्‍हें डाउनलोड और मोबाइल में इंस्‍टॉल करने की गलती ना करें। ऐसी फाइलें वायरस फैलाकर आपके गैजेट को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

TVS टू-व्हीलर्स की ग्लोबल सफलता, यामाहा से आगे निकलकर हासिल की नंबर-3 की रैंकिंग

मुंबई  भारतीय कंपनियों की वैश्विक रफ्तार भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां अब सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मजबूती से अपनी पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में TVS Motor Company ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिक्री के आंकड़ों के आधार पर कंपनी ने जापान की दिग्गज Yamaha Motor Company को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माता कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है। सेल्स के आंकड़ों में TVS की बड़ी छलांग साल 2025 में TVS मोटर ने कुल 54.6 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जबकि यामाहा की वैश्विक बिक्री करीब 50 लाख यूनिट्स पर सिमट गई। TVS के लिए यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि 2024 के मुकाबले कंपनी की बिक्री में करीब 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखने को मिली है। वहीं यामाहा की ग्रोथ इस अवधि में बेहद सीमित रही, जिससे रैंकिंग में बड़ा बदलाव हुआ। हीरो और होंडा के बीच TVS की मजबूत मौजूदगी TVS मोटर अब Hero MotoCorp के बाद टॉप-3 में जगह बनाने वाली दूसरी भारतीय कंपनी बन गई है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर सबसे आगे अब भी Honda Motor Company बनी हुई है, जिसने 2025 में 1.64 करोड़ से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री की। इस तुलना से साफ है कि होंडा की पकड़ इतनी मजबूत है कि उसे चुनौती देने के लिए बाकी कंपनियों को सामूहिक रूप से भी कड़ी मेहनत करनी होगी। EV सेगमेंट से मिली रफ्तार TVS की तेजी के पीछे उसका व्यापक टू-व्हीलर पोर्टफोलियो और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में मजबूत पकड़ अहम कारण रही है। कंपनी के इलेक्ट्रिक स्कूटर ने बाजार में भरोसा बनाया है, वहीं पारंपरिक सेगमेंट में भी इसके मोटरसाइकिल मॉडल लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। खास तौर पर अपाचे सीरीज ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बिक्री को मजबूती दी है। स्कूटर सेगमेंट में भी TVS की मौजूदगी लगातार मजबूत होती जा रही है। एक्सपोर्ट मार्केट में बढ़ता प्रभाव TVS मोटर का निर्यात कारोबार भी तेजी से बढ़ा है। अफ्रीकी बाजारों में कंपनी पहले से ही मजबूत स्थिति में है और अब उसका फोकस लैटिन अमेरिका जैसे उभरते बाजारों पर भी बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में अब तक Bajaj Auto की मजबूत पकड़ रही है, लेकिन TVS अपनी स्पोर्ट्स बाइक रेंज के दम पर वहां विस्तार की रणनीति पर काम कर रही है। TVS और यामाहा के लिए आगे की चुनौती आने वाले समय में यामाहा के लिए तीसरा स्थान वापस पाना आसान नहीं होगा। इसके लिए उसे भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे हाई-वॉल्यूम बाजारों में बिक्री बढ़ानी होगी, साथ ही इलेक्ट्रिक सेगमेंट में भी मजबूत उपस्थिति बनानी होगी। दूसरी ओर, TVS की रणनीति घरेलू बाजार को और मजबूत करने के साथ-साथ निर्यात बढ़ाकर अपनी तीसरी पोजिशन को सुरक्षित रखने की है। TVS मोटर की यह उपलब्धि भारतीय ऑटो उद्योग के लिए एक बड़ा संकेत है कि देसी कंपनियां अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ी हैं। बढ़ती बिक्री, मजबूत EV रणनीति और एक्सपोर्ट पर फोकस ने TVS को दुनिया के टॉप टू-व्हीलर निर्माताओं की कतार में मजबूती से ला खड़ा किया है।

प्रियांशी ने अल्बानिया में रेसलिंग में रजत पदक जीता, वतन वापस लौटीं, उज्जैन की बेटी ने मचाया धमाल

उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन की बेटी प्रियांशी प्रजापत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने अल्बानिया के तिराना शहर में आयोजित सीनियर वर्ल्ड रैंकिंग रेसलिंग टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया। प्रियांशी की इस उपलब्धि से देश के साथ उज्जैन भी गौरवान्वित हुआ है।  जानकारी के अनुसार प्रियांशी को 26 तारीख को यह पदक मिला था। खिलाड़ियों की भारत वापसी 1 तारीख को तय थी, लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के कारण फ्लाइट रद्द हो गई, जिससे टीम की वापसी में परेशानी आ गई थी। प्रियांशी के पिता मुकेश प्रजापत ने बताया कि जैसे ही यह जानकारी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंची, उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया और खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास शुरू किए। मुख्यमंत्री ने स्वयं परिवार से संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र सरकार से समन्वय कर खिलाड़ियों की स्वदेश वापसी सुनिश्चित कराई। मुकेश प्रजापत के अनुसार उनकी बेटी अब दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच चुकी है और जल्द ही उज्जैन आएगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री भी दिल्ली में पूरी टीम से मुलाकात करेंगे। प्रियांशी के पिता ने बताया कि यह उनका पहला सीनियर वर्ल्ड रैंकिंग टूर्नामेंट था। इसमें उन्होंने ओलंपियन पहलवानों को कड़ी टक्कर देते हुए फाइनल तक का सफर तय किया और रजत पदक अपने नाम किया। इससे पहले भी प्रियांशी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने वियतनाम में आयोजित अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था।       अल्बानिया के तिराना शहर में आयोजित वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप रैंकिंग सीरीज़ में शामिल सभी भारतीय खिलाड़ी सुरक्षित वापस आ रहे हैं। मध्यप्रदेश की बेटी प्रियांशी प्रजापत भी आज सुरक्षित स्वदेश लौट रही हैं। बिटिया ने चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है।  मुकेश प्रजापत ने कहा कि उनकी बेटी की इस सफलता के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत और त्याग है। खेल के कारण वह कई त्योहारों और पारिवारिक कार्यक्रमों से दूर रही, लेकिन देश के लिए पदक जीतना ही उसका लक्ष्य रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही बेटी और अन्य खिलाड़ी सुरक्षित स्वदेश लौट सके हैं। प्रियांशी की इस उपलब्धि से उज्जैन में खुशी का माहौल है और लोग इसे शहर के लिए गर्व का क्षण मान रहे हैं।  

आईटीएफ W35 में भारतीय दबदबा: अंकिता रैना और जील देसाई की शानदार एंट्री दूसरे राउंड में

कलबुर्गी भारतीय स्टार अंकिता रैना और जील देसाई बुधवार को आईटीएफ डब्ल्यू 35 कलबुर्गी में अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए टूर्नामेंट के दूसरे राउंड में जगह बना ली है। आज यहां चंद्रशेखर पाटिल स्टेडियम में आठवीं सीड अंकिता रैना ने शांत प्रदर्शन करते हुए साथी भारतीय सोनल पाटिल को 6-1, 6-3 से हराया। पाटिल ने शुरुआती गेम में सर्व बनाए रखते हुए शुरुआत की, लेकिन रैना ने जल्द ही कंट्रोल बना लिया और अगले छह गेम जीतकर पहला सेट अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट की शुरुआत भी कुछ ऐसी ही रही, जिसमें रैना ने 3-0 की बढ़त बना ली थी। पाटिल ने पक्के इरादे के साथ जवाब दिया और लगातार दो बार सर्व बनाए रखते हुए जीत की दूरी बनाए रखी। रैना के 5-2 से आगे होने और मैच को आराम से खत्म करने के बाद भी, पाटिल ने वापसी करते हुए स्कोर 5-3 कर दिया। हालांकि, रैना ने अगले गेम में अपना संयम बनाए रखा और मैच को पूरे दम के साथ खत्म करके अगले राउंड में अपनी जगह पक्की कर ली। पांचवीं सीड जील देसाई भी साथी भारतीय जेनिफर लुइखम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद आगे बढ़ीं। देसाई ने लगातार बेसलाइन प्ले के साथ पहला सेट 6-2 से जीता और दूसरे सेट में भी रैलियों पर अपना दबदबा बनाए रखा। हल्के ड्रॉप शॉट्स और दमदार ग्राउंडस्ट्रोक्स को मिलाकर, उन्होंने 2-1 की बढ़त बना ली और आखिरकार मैच जीतकर दूसरे राउंड में अपनी जगह पक्की कर ली। दिन की शुरुआत में, कर्नाटक की सोहा सादिक ने सिंगापुर की ईवा मैरी डेसविग्नेस के खिलाफ शानदार शुरुआत करके घरेलू दर्शकों को खुश कर दिया, और पहले सेट में 4-0 की बढ़त बना ली। हालांकि, पासा पलट गया जब डेसविग्नेस ने मुकाबले में वापसी की और आखिरकार 7-5, 6-0 से जीत हासिल की, जिससे युवा खिलाड़ी की अच्छी शुरुआत के बावजूद सादिक का सफर खत्म हो गया। एक और भारतीय कंटेंडर को निराशा हुई क्योंकि श्रीवल्ली भामिदिपति को मेडिकल कंडीशन की वजह से एलेना बर्डिना के खिलाफ अपने मैच से रिटायर होना पड़ा। टॉप सीड जैस्मिन गिम्ब्रेरे ने ऐश्वर्या जाधव पर 6-2, 6-1 से जीत के साथ आराम से आगे बढ़ीं, जबकि छठी सीड थासापोर्न नाकलो ने भी वेलेरिया सविनिख पर 6-3, 6-2 से जीत हासिल की। दूसरी तरफ, पोलिना कुहारेंको ने आकांक्षा दिलीप निट्टूरे को 6-2, 6-1 से हराया, एना सेद्याशेवा ने संदीप्ति सिंह राव को 6-2, 6-4 से हराया और एलिना नेप्लि ने कशिश भाटिया को 6-0, 6-4 से हराया। युगल ड्रॉ में, भारत की श्रव्या शिवानी चिलकलापुडी ने जापान की मिचिका ओज़ेकी के साथ मिलकर मायन लारोन और मारिया मिखाइलोवा की जोड़ी पर 6-2, 6-3 से आसान जीत हासिल की और क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। तीसरी वरीयता प्राप्त ज़ील देसाई और एलिना नेप्लि भी अन्ना सेद्याशेवा और सोफिया सुसलोवा के खिलाफ 6-3, 6-4 की मजबूत जीत के साथ आगे बढ़ीं। दूसरे राउंड में वैष्णवी अडकर के साथ दो और भारतीयों के शामिल होने से, ITF W35 कलबुर्गी में मुकाबला और कड़ा होने वाला है।  

शादी की परंपराओं में बदलाव: सेन समाज ने ‘जूता चोरी’ और सगाई के कॉल पर लगाई सख्त पाबंदी

 बालोद/रायपुर छत्तीसगढ़ में सामाजिक संस्थाएं अब शादियों में बढ़ते खर्च और पारिवारिक विवादों को रोकने के लिए ‘रेगुलेटर’ की भूमिका में आ गई हैं. साहू समाज द्वारा प्री-वेडिंग शूट पर प्रतिबंध लगाने के बाद, अब राज्य के सेन समुदाय ने बालोद में कई सख्त नियमों का ऐलान किया है। सेन समुदाय ने शादियों में पारंपरिक ‘जूता चुराई’ रस्म पर रोक और सगाई के बाद दूल्हा-दुल्हन के बीच निजी बातचीत पर प्रतिबंध शामिल है. ये फैसले बालोद जिले में सेन समुदाय की जिला स्तरीय बैठक में लिए गए, जहां नेताओं ने शादी के बढ़ते खर्च, पारिवारिक विवादों और सगाई टूटने के मामलों पर चिंता जताई। सबसे चर्चित फैसला ‘जूता चुराई’ रस्म पर रोक है. यह रस्म उत्तर भारत की कई शादियों में आम है, जिसमें दुल्हन की बहनें या रिश्तेदार दूल्हे के जूते छिपाकर पैसे मांगते हैं. समुदाय के नेताओं के अनुसार, यह रस्म कभी-कभी दोनों परिवारों के बीच बहस या असहज बातचीत का कारण बन जाती है. इसलिए समुदाय ने इसे हतोत्साहित कर प्रभावी रूप से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है। एक अन्य महत्वपूर्ण नियम सगाई के बाद दूल्हा-दुल्हन के बीच फोन पर निजी बातचीत पर रोक है. समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि हाल के कई मामलों में बार-बार फोन पर बातचीत से गलतफहमियां हुईं और सगाई टूट गई. नए नियम के तहत यदि बातचीत जरूरी हो तो परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में ही बात हो सकती है। बैठक में प्री-वेडिंग समारोहों को सीमित करने पर भी जोर दिया गया. दिशानिर्देशों के अनुसार, सगाई में दूल्हे पक्ष से सिर्फ 15-20 लोग ही शामिल होंगे. इससे समारोह सरल रहेंगे और परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा। समुदाय ने यह भी जोर दिया कि शादियां सही मुहूर्त में ही होनी चाहिए. साथ ही पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा दिया गया है. शादी के भोज में प्लास्टिक के बजाय पारंपरिक पत्तल पर भोजन परोसने की सलाह दी गई है। एक अन्य फैसले में कहा गया कि यदि कोई परिवार किसी अन्य धर्म में परिवर्तन करता है, तो समुदाय में सामाजिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं, जिसमें सामाजिक बहिष्कार और वैवाहिक संबंधों पर रोक शामिल है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि ये फैसले बुजुर्गों और सामाजिक नेताओं के बीच चर्चा के बाद लिए गए हैं, ताकि पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित रखा जा सके और शादियों के दौरान परिवारों के बीच विवाद न हों. इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य शादियों में अनुशासन, सादगी और सद्भाव को बढ़ावा देना है। कुछ सदस्यों ने इन फैसलों का स्वागत किया है, लेकिन युवाओं में बहस छिड़ गई है. कई का मानना है कि शादी से पहले बातचीत से एक-दूसरे को बेहतर समझने में मदद मिलती है, जबकि अन्य मानते हैं कि ये नियम गलतफहमियां रोकेंगे और सामाजिक मूल्यों को बचाएंगे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सेन समाज की आबादी लगभग 2.25 लाख है और यह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अंतर्गत आता है. फिलहाल ये नियम बालोद जिले के लिए हैं, लेकिन जल्द ही इन्हें पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है।

पुरुष vs महिलाएं: किसे चाहिए ज्यादा नींद? साइंस ने दिया हैरान करने वाला जवाब

अक्सर घरों में देखा जाता है कि दिनभर की भागदौड़ के बाद महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा थकान महसूस करती हैं। यह सच भी है और साइंस इस बात की पुष्टि भी करती है कि महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा नींद की जरूरत होती है। यह केवल आलस या आराम का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई अहम कारण छिपे हैं। आइए समझते हैं कि क्यों महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा नींद की जरूरत होती है।    मल्टीटास्किंग और दिमाग की जटिलता नींद के दौरान सबसे जरूरी फंक्शन दिमाग को रिपेयर करने और रिजुविनेट करने का अवसर देना है। रिसर्च बताते हैं कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में मल्टीटास्किंग ज्यादा करती हैं। वे एक ही समय में घर, बच्चों, ऑफिस और भविष्य की योजनाओं के बारे में सोचती हैं। जब दिमाग का इस्तेमाल ज्यादा जटिल तरीके से और लंबे समय तक किया जाता है, तो उसे रिकवरी के लिए ज्यादा समय की जरूरत होती है। महिलाओं का दिमाग दिन भर में अधिक ऊर्जा खर्च करता है, इसलिए उन्हें गहरी नींद की ज्यादा जरूरत होती है। हार्मोनल बदलाव महिलाओं का शरीर जीवन के अलग-अलग स्टेज में बड़े हार्मोनल बदलावों से गुजरता है। पीरियड्स, प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन्स का स्तर ऊपर-नीचे होता रहता है।     प्रेग्नेंसी- इस दौरान शरीर का वजन बढ़ना और शारीरिक बदलाव थकान को बढ़ा देते हैं।     मेनोपॉज- इस अवस्था में हॉट फ्लैशेस और पसीना आने जैसी समस्याओं के कारण नींद बार-बार टूटती है, जिससे शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता है। नींद की खराब गुणवत्ता महिलाओं की नींद पुरुषों की तुलना में ज्यादा कच्ची होती है। वे घर की आहटों, बच्चों के रोने या किसी भी छोटी हलचल पर जल्दी जाग जाती हैं। इसके अलावा, महिलाएं इनसोम्निया और रेस्टलेस लेग सिंड्रोम जैसी समस्याओं से ज्यादा प्रभावित होती हैं। बार-बार नींद टूटने के कारण उन्हें उस डीप स्लीप का फायदा नहीं मिल पाता, जो शरीर की मरम्मत के लिए जरूरी है। इसीलिए, वे सुबह उठकर भी थकान महसूस करती हैं और उन्हें ज्यादा समय तक सोने की जरूरत महसूस होती है। मानसिक स्वास्थ्य और तनाव सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते महिलाएं अक्सर मानसिक स्ट्रेस और एंग्जायटी का ज्यादा अनुभव करती हैं। तनाव सीधे तौर पर नींद को प्रभावित करता है। जब दिमाग शांत नहीं होता, तो शरीर को रिलैक्स होने में ज्यादा समय लगता है। पूरी नींद न मिलने पर यह तनाव और बढ़ जाता है, जो एक साइकिल की तरह चलता रहता है। बेहतर नींद के लिए क्या करें? महिलाओं के लिए नींद की कमी केवल थकान तक सीमित नहीं है, यह दिल की बीमारियां, एंग्जायटी और डिप्रेशन के खतरे को भी बढ़ा सकती है। इसलिए-     सोने और जागने का एक समय फिक्स करें।     सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर दें।     चाय या कॉफी दोपहर के बाद न पिएं।  

मैहर यात्रा अपडेट: मां शारदा मंदिर का रोपवे 10 दिन बंद, मंदिर दर्शन के लिए नई व्यवस्था लागू

मैहर मध्य प्रदेश के मैहर जिले में त्रिकुट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दरबार में हाजिरी लगाने की योजना बना रहे भक्तों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी है। आगामी चैत्र नवरात्रि के मद्देनजर मंदिर प्रबंधन ने बड़ा निर्णय लेते हुए रोपवे सेवा को 10 दिनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है। आज 5 मार्च 2026 से 14 मार्च 2026 तक रोपवे का संचालन जरूरी मेंटेनेंस कार्य के चलते पूर्णतः स्थगित रहेगा। प्री-नवरात्रि मेंटेनेंस किया जा रहा दरअसल, इस साल चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च (गुरुवार) से प्रारंभ होकर 27 मार्च (शुक्रवार) तक चलेगा। मैहर की एसडीएम दिव्या पटेल ने बताया कि नवरात्रि के इन नौ दिनों में देशभर से लाखों की तादाद में दर्शनार्थी मैहर पहुंचते हैं। इस भारी भीड़ के कारण रोपवे पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई भी चूक न हो, इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्री-नवरात्रि मेंटेनेंस किया जा रहा है। सीढ़ियों से चढ़कर करने होंगे दर्शन रोपवे बंद रहने के इन 10 दिनों के दौरान माता रानी के दर्शन के लिए भक्तों को 1063 सीढ़ियों का सफर तय करना होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शारदा एक्सप्रेस वैन सेवा लगातार उपलब्ध रहेगी। लेकिन, भक्तों को यह ध्यान रखना होगा कि वैन से जाने के बाद भी अंतिम हिस्से की कुछ दूरी उन्हें पैदल ही तय करनी पड़ेगी। NDRF की हरी झंडी के बाद शुरू होगी सेवा एसडीएम दिव्या पटेल ने बताया कि 10 दिन के इस व्यापक मरम्मत कार्य के बाद सुरक्षा मानकों की कड़ी टेस्टिंग होगी। इसके लिए एनडीआरएफ की विशेष टीम रोपवे की बारीकी से जांच करेगी। टीम द्वारा सभी मानकों को सुरक्षित पाए जाने और क्लीयरेंस (हरी झंडी) मिलने के बाद ही 15 मार्च 2026 से रोपवे सेवा श्रद्धालुओं के लिए पुनः बहाल कर दी जाएगी। दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील मंदिर प्रबंधन ने सभी दर्शनार्थियों से अपील की है कि वे अपनी मैहर यात्रा की रूपरेखा इसी जानकारी को ध्यान में रखकर तय करें। किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

विश्व कप 2026 की राह पर इटली की महिला हॉकी टीम, क्वालिफायर खेलने हैदराबाद में डाला डेरा

हैदराबाद इटली की राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम आगामी एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 क्वालिफायर के लिए हैदराबाद, तेलंगाना पहुंच गयी है। आठ से 14 मार्च तक होने वाले इस टूर्नामेंट में आठ देश मुकाबला करेंगे। इटली को पूल ए में रखा गया है। जहां उनका सामना इंग्लैंड, कोरिया और ऑस्ट्रिया से होगा। यूरोपियन टीम पहले दो बार एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर चुकी है, पहली बार 1976 में और हाल ही में 2018 में, जहाँ उन्होंने नौवें स्थान पर रहकर अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। इटली अपने अभियान की शुरुआत आठ मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ मैच से करेगी। इसके बाद नौ और 11 मार्च को ऑस्ट्रिया और कोरिया के खिलाफ मैच होंगे। इस अवसर पर इटली की महिला हॉकी टीम की कप्तान, सारा पुग्लिसी ने कहा, “हम टीम के साथ अच्छी तैयारी के बाद अभी हैदराबाद पहुंचे हैं। हम एफआईएच हॉकी विश्व कप के लिए क्वालिफ़ाई मुकाबालों के लिए तैयार हैं।”  

मार्च में लग रहा है खरमास: इस तारीख से रुक जाएंगी शादियां और सभी मांगलिक कार्यक्रम

सनातन धर्म में खरमास का बहुत महत्व माना जाता है. खरमास एक माह की अशुभ अवधि मानी जाती है, इसलिए इस दौरान शादी-विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नामकरण और मुंडन संस्कार जैसे शुभ और मांगलिक काम करने की मनाही होती है. खरमास साल में दो बार तब लगता है, जब ग्रहों के राजा भगवान सूर्य धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं. मार्च के इस माह में खरमास लगने वाला है, लेकिन लोगों के मन में संशय है कि 14 या 15 मार्च आखिर खरमास कब से लग रहा है? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं. साथ ही जानते हैं कि खरमास में शुभ काम क्यों नहीं किए जाते? खरमास कब से शुरू हो रहा है? ज्योतिष गणना अनुसार, आत्मा के कारक सूर्य देव इस साल 15 मार्च को कुंभ राशि से निकलेंगे और इसी दिन 01 बजकर 08 मिनट पर उनका प्रवेश मीन राशि में होगा. मीन राशि में सूर्य देव के प्रवेश करते ही 15 मार्च से खरमास की शुरुआत हो जाएगी. भगवान सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने पर मीन संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा. वहीं, 14 अप्रैल को खरमास का समापन होगा. इस साल 15 मार्च से शादी-विवाह समेत तमाम शुभ और मागंलिक काम रोक दिए जाएंगे. यही नहीं खरमास के दौरान न किसी बिजनेस की शुरूआत की जाएगी और न ही नया प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा. खरमास में क्यों नहीं होते शुभ काम? ज्योतिष मान्यताओं और धर्म शास्त्रों के अनुसार, जब सूर्य देव का प्रवेश धनु या मीन राशि में होता है, तो उनकी गति और ऊर्जा थोड़ी मंद हो जाती है. इससे उनकी शुभता में कमी आ जाती है. धनु और मीन राशि का स्वामित्व गुरु बृहस्पति के पास है. सूर्य जब इन दोनों राशि में प्रवेश करते हैं, तो गुरु का प्रभाव भी कम हो जाता है. शुभ कार्यों को करने के लिए सूर्य और गुरु का शुभ होना जरूरी है. यही कारण है कि खरमास में तमाम तरह के शुभ और मांगलिक काम रोक दिए जाते हैं.

वर्ल्ड कप क्रिकेट में संकट, अमेरिका-ईरान जंग के असर से 6 मुकाबलों की तारीख टली

कीर्त‍िपुर  म‍िड‍िल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब क्रिकेट पर भी दिखाई देने लगा है. सुरक्षा हालात को देखते हुए ICC मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 (icc men’s cricket world cup league-2) के छह मुकाबलों को फिलहाल टाल दिया गया है. ये मैच नेपाल की राजधानी काठमांडू के कीर्तिपुर स्थित त्रिभुवन यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेले जाने थे. यहां नेपाल, ओमान और यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) के बीच ट्राई-सीरीज 10 से 20 मार्च के बीच आयोजित होनी थी. हालांकि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए आयोजकों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस सीरीज को स्थगित करने का फैसला लिया है. नेपाल क्रिकेट एसोसिएशन ने दी जानकारी नेपाल क्रिकेट एसोसिएशन ने सोशल मीडिया के जरिए इस फैसले की पुष्टि की. बोर्ड ने कहा कि ICC और हिस्सा लेने वाले क्रिकेट बोर्डों के साथ चर्चा के बाद इन मुकाबलों की नई तारीखों की घोषणा की जाएगी. बयान में कहा गया- मिडिल ईस्ट में मौजूदा हालात को देखते हुए काठमांडू में 10 मार्च से शुरू होने वाले CWC लीग-2 के मैच अगली सूचना तक टाल दिए गए हैं. आगे की बातचीत के बाद जल्द ही नई तारीखों का ऐलान किया जाएगा. लीग-2 वर्ल्ड कप 2027 के लिए क्यों है अहम?  CWC लीग-2 अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए क्वालिफिकेशन का अहम रास्ता है.आठ टीमों की यह लीग करीब तीन साल तक चलती है. लीग चरण खत्म होने के बाद टॉप चार टीमें 10 टीमों के वर्ल्ड कप क्वालिफायर में जगह बनाती हैं. इस ट्राई सीरीज में नेपाल, ओमान और UAE के बीच कुल छह मुकाबले खेले जाने थे, जिन पर अब इस फैसले का असर पड़ा है. अगले दौर के मैच अप्रैल में लीग-2 के अगले राउंड के मुकाबले अप्रैल की शुरुआत में खेले जाने हैं. इस राउंड में स्कॉटलैंड, ओमान और नामीबिया की टीमें आमने-सामने होंगी. अन्य खेल भी प्रभावित म‍िड‍िल ईस्ट में जारी संघर्ष की वजह से सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि दूसरे खेलों पर भी असर पड़ा है. फुटबॉल की कई लीग स्थगित करनी पड़ी हैं.फ्लाइट सेवाओं में बाधा आने से अलग-अलग खेलों के कई भारतीय एथलीट दुनिया के अलग-अलग एयरपोर्ट पर फंस गए. दो बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु भी दुबई एयरपोर्ट पर फंस गई थीं. हालांकि वह सुरक्षित भारत लौट आईं, लेकिन इस कारण वह ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप में हिस्सा नहीं ले सकीं.

अर्जुन तेंदुलकर बने दूल्हा, शादी समारोह में दिखे MS Dhoni, Gautam Gambhir सहित क्रिकेट के बड़े नाम

नई दिल्ली महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर गुरुवार (5 मार्च 2026) को मुंबई में सानिया चंडोक के साथ विवाह के बंधन में बंधने वाले हैं। शादी समारोह में खेल, राजनीति और बॉलीवुड जगत की बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। पिछले साल अर्जुन तेंदुलकर की अगस्त 2025 में सानिया के साथ निजी समारोह में सगाई की थी। शादी की तैयारियां पिछले कुछ दिनों से जोर-शोर से चल रही थीं। 3 मार्च को मुंबई में मेहंदी और संगीत समारोह आयोजित किया गया, जहां पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह अपनी पत्नी हेजल कीच के साथ, हरभजन सिंह-गीता बसरा, इरफान पठान-सफा बेग और अन्य दिग्गज पहुंचे थे। दक्षिण मुंबई के एक लग्जरी होटल में आयोजित इस विवाह समारोह में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम शामिल हुए। पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी अपनी पत्नी साक्षी धोनी के साथ स्टाइलिश अंदाज में नजर आए, जबकि भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी अपनी पत्नी के साथ समारोह में शामिल हुए। इसके अलावा राहुल द्रविड़, हरभजन सिंह, युवराज सिंह, इरफान पठान, जहीर खान जैसे कई पूर्व क्रिकेटर और उनके परिवार भी पहुंचे। इस दौरान भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर भी मौजूद रहे। शादी में अम्बानी परिवार, बच्चन परिवार भी मौजूद हैं। कौन है सानिया चंडोक सानिया चंडोक एक सफल बिजनेसवुमन हैं और उद्योगपति रवि घई की पोती हैं। दोनों काफी समय से एक दूसरे को जानते हैं और अब वह शादी के बंधन में बंध गए हैं। सानिया ने ‘लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स’से पढ़ाई की है। वे एक पशु चिकित्सा हैं और मुंबई में (‘Mr. Paws’) लग्जरी पेट स्पा चलाती हैं। गोवा के लिए खेलने वाले पेशेवर क्रिकेटर अर्जुन तेंदुलकर आज सानिया चंदोक के साथ परिणय सूत्र में बंधेंगे। भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने शादी समारोह के दौरान की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है, जिसमें सचिन तेंदुलकर अपनी पत्नी अंजलि और बेटे अर्जुन तेंदुलकर, उनकी पत्नी सानिया चंडोक और पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना अपनी पत्नी के साथ नजर आ रहे हैं।  

चाणक्य नीति: बच्चों को महान बनाने के लिए माता-पिता को करने चाहिए ये 5 काम

हर माता-पिता चाहते हैं कि उनकी संतान जीवन में सफल बने, सम्मान पाए और एक मजबूत इंसान के रूप में अपनी पहचान बनाए। इसके लिए केवल अच्छी पढ़ाई या पैसा ही काफी नहीं होता, बल्कि सही परवरिश, मजबूत संस्कार और सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है। आचार्य चाणक्य ने सदियों पहले संतान के पालन-पोषण को ले कर ऐसे स्पष्ट और व्यवहारिक सूत्र बताए, जो आज भी उतने ही उपयोगी हैं। यदि आप इन बातों को अपने जीवन में अपनाते हैं तो आप अपने बच्चे को केवल सफल ही नहीं बल्कि एक बेहतर इंसान भी बना सकते हैं। चलिए जानते है आचार्य चाणक्य द्वारा बताए गए ये सूत्र क्या है। शुरुआत से ही संस्कार और अनुशासन सिखाएं आचार्य चाणक्य के अनुसार बच्चे के जीवन के पहले पांच वर्ष बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय आपको उसे भरपूर प्रेम देना चाहिए। प्यार से बच्चा भावनात्मक रूप से मजबूत बनता है और उसके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है। इसके बाद अगले दस वर्षों में उसे अनुशासन सिखाएं। उसे सही और गलत का अंतर समझाएं। नियमों का महत्व बताएं और जिम्मेदारी लेना सिखाएं। जब बच्चा सोलह वर्ष का हो जाए, तो उसके साथ मित्र जैसा व्यवहार करें। उस पर हुक्म चलाने के बजाय उसे समझें, उसकी बात सुनें और मार्गदर्शन दें। इससे वह आपसे खुलकर बात करेगा और गलत रास्ते पर जाने की संभावना कम होगी। शिक्षा को सबसे बड़ा धन मानें चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन है, जिसे कोई चुरा नहीं सकता। इसलिए केवल स्कूल की पढ़ाई पर ध्यान देना काफी नहीं है। अपने बच्चे को जीवन से जुड़ी बातें भी सिखाएं। उसे समझाएं कि कैसे सही निर्णय लेना है, कैसे लोगों से व्यवहार करना है और कठिन परिस्थिति में कैसे शांत रहना है। उसे सवाल पूछने दें और उसकी सोचने की क्षमता बढ़ाएं। जब बच्चा समझदारी से फैसले लेना सीख जाता है, तब वह जीवन में आगे बढ़ता है और गलतियों से भी सीखता है। बच्चे के चरित्र निर्माण पर ध्यान दें धन, पद और शोहरत समय के साथ बदल सकते हैं लेकिन चरित्र जीवनभर साथ रहता है। इसलिए बचपन से ही बच्चे में सच्चाई, ईमानदारी और मेहनत की आदत डालें। उसे बताएं कि गलत रास्ते से मिली सफलता टिकाऊ नहीं होती। जब बच्चा सच बोलने और सही काम करने की आदत डाल लेता है, तो वह हर परिस्थिति में मजबूत बना रहता है। आप खुद भी अपने व्यवहार से उदाहरण पेश करें क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो वे घर में देखते हैं। संगति पर नजर रखें बच्चा किन लोगों के साथ समय बिताता है, इसका उसके स्वभाव और सोच पर गहरा असर पड़ता है। इसलिए उसकी संगति पर ध्यान देना जरूरी है। उसे अच्छे दोस्तों का महत्व समझाएं। यदि आप देखें कि वह गलत संगति में जा रहा है, तो डांटने के बजाय प्यार से समझाएं। उसके मित्रों को जानने की कोशिश करें और ऐसा माहौल बनाएं कि वह आपसे हर बात साझा कर सके। अच्छी संगति बच्चे को आगे बढ़ाती है और उसे सही दिशा देती है। आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है अत्यधिक लाड़-प्यार बच्चे को कमजोर बना सकता है। आप अपने बच्चे को हर छोटी समस्या से बचाने के बजाय उसे समस्याओं का सामना करना सिखाएं। उसे छोटे-छोटे निर्णय खुद लेने दें। जब वह गलती करे तो उसे समझाएं, लेकिन हर बार उसकी जगह खुद फैसला ना लें। इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार होगा। आत्मनिर्भर बच्चा ही आगे चलकर मजबूत और सफल इंसान बनता है।

39 साल बाद सेमीफाइनल भिड़ंत: भारत-इंग्लैंड, पिछली बार टीम इंडिया की जीत और कप्तान कौन था?

मुंबई  मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम भारतीय क्रिकेट के लिए सिर्फ एक मैदान नहीं, बल्कि यादों और जज्बातों का सबसे बड़ा रंगमंच है. यही वह जगह है जहां कभी विश्व कप की सबसे बड़ी खुशी मिली, तो कभी दिल तोड़ देने वाली हार भी. अब एक बार फिर वही स्टेडियम इतिहास के नए मोड़ का गवाह बनने जा रहा है. टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे. मुकाबला सिर्फ फाइनल की टिकट का नहीं है, बल्कि इतिहास के अधूरे हिसाब को बराबर करने का भी है। लगभग चार दशक पहले इसी वानखेड़े में इंग्लैंड ने भारत को विश्व कप से बाहर कर दिया था. अब उसी मैदान पर भारतीय टीम के पास उस पुरानी टीस को मिटाने का मौका है. अगर भारत यह मैच जीतता है तो फाइनल में उसका सामना न्यूजीलैंड से होगा। वानखेड़े: जहां जश्न भी मिला, दर्द भी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में वानखेड़े स्टेडियम का एक अलग ही स्थान है. 2011 के वनडे विश्व कप का वह ऐतिहासिक पल आज भी हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी के दिल में बसता है, जब महेंद्र सिंह धोनी ने छक्का लगाकर भारत को विश्व चैंपियन बनाया था और गौतम गंभीर की 97 रन की जुझारू पारी ने जीत की नींव रखी थी. लेकिन यही मैदान दर्द की कहानियों से भी भरा हुआ है. 1987 के विश्व कप सेमीफाइनल में कपिल देव की टीम यहां इंग्लैंड से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी. इसके बाद 2016 के टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में भारत को वेस्टइंडीज के हाथों हार का सामना करना पड़ा. इसलिए जब भी भारत वानखेड़े में बड़ा मुकाबला खेलता है, तो यह सिर्फ क्रिकेट नहीं बल्कि भावनाओं की लड़ाई भी बन जाती है। क्‍या 2022 की हार ने बदला भारतीय टी20 क्रिकेट? भारत और इंग्लैंड की टी20 विश्व कप में भिड़ंत कोई नई बात नहीं है. लेकिन 2022 का सेमीफाइनल भारतीय क्रिकेट के लिए सबसे दर्दनाक यादों में से एक बन गया. उस मैच में भारत ने 168 रन बनाए थे, लेकिन इंग्लैंड ने बिना कोई विकेट गंवाए लक्ष्य हासिल कर लिया था. जोस बटलर और एलेक्स हेल्स की ओपनिंग जोड़ी ने भारतीय गेंदबाजी को पूरी तरह बेअसर कर दिया था. उस हार ने भारतीय टीम को झकझोर दिया. इसके बाद टीम मैनेजमेंट ने यह महसूस किया कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में सिर्फ टिककर खेलने से काम नहीं चलेगा. खेल का तरीका बदलना पड़ेगा। क्‍या काम आएगी भारत की आक्रामक रणनीति? 2022 के बाद भारतीय टीम ने अपनी टी20 रणनीति पूरी तरह बदल दी. अब बल्लेबाज शुरुआत से ही आक्रामक खेलने लगे. रन गति बढ़ाने पर जोर दिया गया और जोखिम लेने से डरना बंद किया गया. आज 2026 में यही रणनीति भारत की पहचान बन चुकी है. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी और गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने आक्रामक और निडर क्रिकेट को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. अगर भारत इस सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराता है तो यह सिर्फ जीत नहीं होगी, बल्कि उस नई सोच की भी जीत होगी जिसने भारतीय टी20 क्रिकेट को बदल दिया। भारत बनाम इंग्लैंड: क्‍या कहते हैं आंकड़े? टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 29 मैच खेले गए हैं. इनमें भारत ने 17 मुकाबले जीते हैं जबकि इंग्लैंड ने 12 बार जीत दर्ज की है. टी20 विश्व कप की बात करें तो दोनों टीमों के बीच अब तक पांच मुकाबले हुए हैं, जिनमें भारत ने तीन बार जीत हासिल की है. वानखेड़े में भी दोनों टीमें दो बार भिड़ चुकी हैं. फरवरी 2025 में खेले गए मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 150 रन से करारी शिकस्त दी थी. उस मैच में युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 54 गेंदों में 135 रन की तूफानी पारी खेली थी। कैसी है दोनों टीमों की फॉर्म? भारत ने सुपर 8 चरण में उतार-चढ़ाव भरा सफर तय किया. अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद टीम दबाव में आ गई थी. लेकिन इसके बाद भारत ने जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया. दूसरी ओर इंग्लैंड ने सुपर 8 में शानदार प्रदर्शन किया. श्रीलंका में खेले गए मुकाबलों में उन्होंने एक भी मैच नहीं गंवाया. कप्तान हैरी ब्रूक की अगुवाई में टीम ने धीमी पिचों पर भी शानदार संतुलन दिखाया। इस बार कैसी रहेगी वानखेड़े की पिच? इस टूर्नामेंट में वानखेड़े की पिच ने थोड़ा अलग व्यवहार किया है. पारंपरिक रूप से यह पिच तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है, लेकिन इस बार यहां बल्लेबाजों और स्पिनरों दोनों को मदद मिली है. भारत और अमेरिका के बीच खेले गए पहले मैच में भारतीय टीम को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था. शुरुआती विकेट गिरने के बाद सूर्यकुमार यादव की आक्रामक पारी की बदौलत भारत 161 रन तक पहुंच सका और 29 रन से मैच जीत लिया. मैदान की पिच पर हल्की घास भी छोड़ी गई है ताकि गेंद को अतिरिक्त उछाल मिल सके। क्या ओस बनेगी मैच का बड़ा फैक्टर? वानखेड़े में रात के मैचों में ओस हमेशा एक अहम भूमिका निभाती है. हालांकि इस टूर्नामेंट में अब तक सात मैचों में से चार में टीमों ने स्कोर का सफल बचाव किया है. लेकिन मुंबई की बढ़ती गर्मी को देखते हुए संभावना है कि सेमीफाइनल में ओस अहम भूमिका निभा सकती है. ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है। कौन जीतेगा सेमीफाइनल? दोनों टीमों के पास मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं. इंग्लैंड की बल्लेबाजी गहरी है और उनकी रणनीति बेहद आक्रामक रहती है. लेकिन भारत के पक्ष में कई फैक्‍टर हैं – घरेलू मैदान, दर्शकों का समर्थन और आक्रामक क्रिकेट का नया आत्मविश्वास. अगर भारतीय टीम दबाव में संयम बनाए रखती है तो उसके पास फाइनल में पहुंचने का सुनहरा मौका है।

66 साल के हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, जन्मदिन पर आठ विधानसभाओं में मुफ्त मोबाइल हॉस्पिटल चलाने का संकल्प

विदिशा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज गुरुवार 5 मार्च को 66 साल के हो गए हैं। उनके समर्थक शिवराज के जन्मदिन को प्रेम सेवा संकल्प दिवस के रूप में मना रहे हैं।शिवराज ने अपने 66वें जन्मदिन पर भोपाल के स्मार्ट पार्क में परिवार के साथ पौधारोपण किया। यहां मीडिया से कहा कि वे आज 5 संकल्प ले रहे हैं। ये पर्यावरण, सेवा, सहायता, शिक्षा और प्रतिभा प्रोत्साहन से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिवराज को बधाई देते हुए X पर लिखा- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी को उनके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। वे अपने विनम्र स्वभाव और जनता से जुड़ाव के लिए प्रशंसित हैं। वे हमारे किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए अथक परिश्रम कर रहे हैं। हम उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं। विदिशा में भरवाए मामा कोचिंग के एडमिशन फॉर्म भोपाल में पौधारोपण करने के बाद शिवराज, पत्नी साधना सिंह के साथ विदिशा पहुंचे। रवींद्रनाथ टैगोर संस्कृति भवन में मामा कोचिंग क्लासेस की शुरुआत की। इस कोचिंग में कंपटीटिव एग्जाम की तैयारी कराई जाएगी। बैंकिंग, SSC, MPPSC, DRDO और फॉरेस्ट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी कराई जाएगी। कोचिंग ऑनलाइन भी होगी ताकि जो छात्र सेंटर तक नहीं आ पा रहे हैं, वे अपने घर पर रहकर इसका फायदा ले सकें। विदिशा, रायसेन और भैरूंदा में 100-100 स्टूडेंट्स का पहला बैच जल्द शुरू होगा। इसके लिए आज से ही फार्म भरे जा रहे हैं। इस मौके पर शिवराज बोले- पेड़ जीने और पेट भरने, बच्चों, कीट-पतंगों के लिए जरूरी हैं। स्वागत में माला, गुलदस्ते-गिफ्ट की जगह पौधे शिवराज ने अपने दोनों मंत्रालयों- केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय में यह परंपरा शुरू करा दी है कि विभागीय कार्यक्रमों में गुलदस्ते, शॉल और मोमेंटो के बजाय पौधे भेंट करके स्वागत करें। पौधे लगाने वाले लोग क्यूआर कोड के जरिए अपनी फोटो पोर्टल पर अपलोड करके शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे। विदिशा में केंद्रीय मंत्री शिवराज ने अपने समर्थकों और बीजेपी कार्यकर्ताओं से अपील की कि इस बार उनके जन्मदिन पर कोई भी होर्डिंग न लगाया जाए। शॉल, बुके या गिफ्ट न लाया जाए। उन्होंने आग्रह किया कि यदि कोई उन्हें शुभकामना देना चाहता है, तो वह एक पौधा अवश्य लगाए। शिवराज ने कहा- धरती माता को बचाने के इस पुण्य अभियान में मेरा साथ दें। आने वाली पीढ़ी के लिए जीवन सुरक्षित करना ही मेरा सबसे बड़ा उपहार होगा। इन मुद्दों पर ऐसे काम करेंगे शिवराज पर्यावरण संरक्षण- पेड़ केवल लकड़ी का ढांचा नहीं, करोड़ों जीवों का घर और हमारी ऑक्सीजन की फैक्ट्री हैं। धरती का तापमान कम करना है, तो हर हाल में पेड़ लगाना है। मामा कोचिंग क्लासेस- पैसे की कमी किसी बच्चे के भविष्य की बाधा नहीं बनेगी। विदिशा, रायसेन और भैरुंदा में हम बेहतरीन और मुफ्त कोचिंग शुरू कर रहे हैं ताकि गरीब का बच्चा भी अफसर बन सके। प्रतिभा सम्मान- माता-पिता की स्मृति में विदिशा संसदीय क्षेत्र के मेधावी बच्चों के लिए प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान का शुभारंभ किया जाएगा। टॉपर्स को सम्मान राशि दी जाएगी। मोटराइज्ड ट्राई साइकिल- अब हाथों से साइकिल चलाने का कष्ट नहीं होगा। बैटरी वाली मोटराइज्ड साइकिल से हमारे दिव्यांग भाई-बहन न केवल चलेंगे, बल्कि अपना रोजगार भी कर सकेंगे। मामा चलित अस्पताल- विदिशा की आठों विधानसभाओं के गांव-गांव और मजरे-टोलों तक अब खुद चलकर आएगा ‘मामा चलित अस्पताल’। आधुनिक जांच और डॉक्टरों की टीम के साथ, अब द्वार पर ही होगा हर गरीब का नि:शुल्क इलाज। माता पिता की स्मृति में प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान शिवराज ने अपने माता-पिता की स्मृति में ‘प्रेम सुंदर प्रतिभा सम्मान’ शुरू करने का निर्णय भी लिया है। विदिशा संसदीय सीट की आठों विधानसभाओं में 10वीं और 12वीं के टॉपर्स को ₹51,000, ₹31,000 और ₹21,000 की सम्मान राशि दी जाएगी। लोकसभा स्तर पर प्रथम तीन स्थान पाने वालों को विशेष बड़े पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। बता दें कि शिवराज सिंह चौहान के पिता का नाम प्रेम सिंह और मां का नाम सुंदर बाई है। मोबाइल हॉस्पिटल चलाएंगे, गांव-गांव मिलेगा फ्री इलाज केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा संसदीय क्षेत्र की आठों विधानसभाओं में मोबाइल हॉस्पिटल (चलित अस्पताल) भी शुरू करेंगे। इनमें आधुनिक जांच सुविधाओं के साथ योग्य डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी, जो गांव-गांव और मजरे-टोलों में जाकर मुफ्त इलाज देगी। मोबाइल हॉस्पिटल की व्यवस्था सांसद निधि से होगी जबकि इसे चलाने के लिए जनसहयोग लिया जाएगा। दिव्यांगों को गिफ्ट करेंगे मोटराइज्ड ट्राई साइकिल शिवराज सिंह चौहान का अगला प्रण, विदिशा में दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने से जुड़ा है। वे अपने संसदीय क्षेत्र में जरूरतमंद दिव्यांगजन की पहचान कर उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दो रहे हैं ताकि वे बिना किसी पर निर्भर हुए अपने काम कर सकें। पत्नी साधना सिंह भी चलाती हैं फ्री कोचिंग संभावना शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह चौहान ने साल 2021 के कोरोनाकाल में भोपाल के लिंक रोड स्थित अपने सरकारी आवास B 8/74 पर ‘संभावना’ कोचिंग की शुरुआत की थी। इस कोचिंग में आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग फ्री कराई जाती है। अब तक 8 बैच में करीब 900 बच्चे कोचिंग कर चुके हैं। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा के कई टॉपर भी इस कोचिंग से पढ़कर बड़े पदों पर सिलेक्ट हुए हैं। 2021 की परीक्षा में थर्ड रैंक पाने वाली पूजा सिंह और 2023 में सेकंड रैंक लाने वाले भुवनेश सिंह चौहान भी इसी कोचिंग से पढ़े हैं। दूरस्थ इलाकों में मिलेगा इलाज शिवराज ने कहा- मेडिकल मोबाइल वैन में भी मैंने देखा कि कई बार जो इंटीरियर के इलाके हैं, वहां चिकित्सा की सुविधां मिल नहीं पाती हैं। और छोटी-छोटी बीमारी के लिए फिर भोपाल और बाकी जगह आना पड़ता है। तो अपने संसदीय क्षेत्र की 8 विधानसभाओं में 8 मोबाइल क्लिनिक, जिनमें दवाइयां रहें, जो प्रारंभिक जांचें होती हैं, ईसीजी से लेके, ब्लड से लेकर जो वहां आसानी से हो सकती हैं वो उसका सामान रहे, डॉक्टर रहे, कंपाउंडर रहे। और इंटीरियर के इलाके में हम तय करेंगे कि जहां वैन खड़ी हो जाए, तो वहां 5-7-10 गांव के लोग आ जाएं, अपना चेकअप करा लें। छोटी-मोटी बीमारियों में तत्काल इलाज हो जाए, दवाई दे दें। और कोई ऐसी चीज है कि जिसके लिए रेफर करके … Read more

भारत-इंग्लैंड मुकाबले पर Mohammad Amir का बयान, सेमीफाइनल में टीम इंडिया को बताया कमजोर

नई दिल्ली 2026 टी20 वर्ल्ड कप का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड द्वारा दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाने के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल पर टिकी हैं। इस महामुकाबले से पहले पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने एक टीवी शो ‘हारना मना है’ में बड़ी भविष्यवाणी की है। आमिर का मानना है कि इस मैच में भारतीय टीम के बजाय इंग्लैंड की टीम जीत की अधिक प्रबल दावेदार है। आमिर ने इंग्लैंड को ‘फेवरेट’ बताने के पीछे उनके खिलाड़ियों की गहराई और फॉर्म को मुख्य कारण बताया है। उनका तर्क है कि इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज जोस बटलर और फिल साल्ट फिलहाल बड़ी पारियां नहीं खेल पा रहे हैं, लेकिन फिर भी टीम लगातार मैच जीत रही है। आमिर ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर उन दोनों में से भी एक भी चल गया ना बटलर और साल्ट, तो वो मैच में बड़ा इम्पैक्ट डालेंगे।” उन्होंने हैरी ब्रुक, सैम कुरेन और विल जैक्स जैसे मध्यक्रम के बल्लेबाजों की अच्छी फॉर्म को इंग्लैंड की असली मजबूती करार दिया है। दूसरी ओर, आमिर ने भारतीय टीम के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी की ओर इशारा किया है। उनके अनुसार, भारतीय टीम का वर्तमान बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह लय में नहीं दिख रहा है और टीम केवल व्यक्तिगत प्रदर्शनों पर निर्भर है। आमिर ने सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा की फॉर्म पर चिंता जताते हुए कहा, “आप एक बॉलर (बुमराह) या एक बैट्समैन पर बिल्कुल श्योर नहीं हो सकते कि ये टीम डोमिनेट करेगी।” आमिर का मानना है कि भारत के एक-दो खिलाड़ी ही लंबी पारी खेल रहे हैं, जबकि एक चैंपियन टीम की तरह पूरी यूनिट का प्रदर्शन नजर नहीं आ रहा है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले इस मैच के लिए आमिर ने टॉस को भी बेहद महत्वपूर्ण माना है। उन्होंने विश्लेषण किया कि चूंकि वानखेड़े एक हाई-स्कोरिंग ग्राउंड है, इसलिए जो भी टीम लक्ष्य का पीछा (चेज) करेगी, उसे फायदा होगा। आमिर ने स्पष्ट रूप से भविष्यवाणी करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि इंग्लैंड फेवरेट है।” हालांकि इसी चर्चा में अन्य विशेषज्ञों ने स्वीकार किया कि भारत के पास घरेलू मैदान और दर्शकों के भारी समर्थन का लाभ है, लेकिन आमिर के अनुसार इंग्लैंड का संतुलन उन्हें इस मुकाबले में बढ़त दिलाता है।

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