LATEST NEWS

राजवाड़ा पर रंगों की बौछार: इंदौर रंगपंचमी 2026 में कोई जनप्रतिनिधि नहीं, सिर्फ उत्साह और उत्सव

इंदौर इंदौर की रंग-रंगीली रंगपंचमी का उल्लास शुरू हो चुका है। टोरी कॉर्नर सहित अन्य इलाकों से निकली गेर रंगों की बौछार करते हुए आगे बढ़ी। अपनेपन और उमंग के रंगों में डूबने के लिए हजारों लोग यहां जुटे। रंगपंचमी की गेर में भगीरथपुरा की घटना का असर दिखा, इस बार इंदौर की गेर नेताओं के बग़ैर रही। इसमें कोई भी जनप्रतिनिधि नजर नहीं आया। शहर की दशकों पुरानी परंपरा एक बार फिर सजीव हो उठी। 77 वर्षों से चली आ रही गेर (Indore Rang Panchami Ger 2026) की परंपरा को निभाने के लिए शहर की प्रतिष्ठित संस्थाएं अपने-अपने बैनर तले गेर निकाली। इंदौर नगर निगम ने टैंक की गेर निकाली है, इस पर ऑपरेशन सिंदूर लिखा है। यह गेर राजवाड़ा से सीतलामाता बाजार लौटी। रसिया कार्नर, टोरी कार्नर, मारल क्लब और संगम कार्नर की गेर के साथ ही नगर निगम तथा हिंद रक्षक संगठन की फागयात्रा रंगों की इस अनूठी यात्रा को आगे बढ़ा रही है। चार किलोमीटर लंबे मार्ग पर जब रंग और गुलाल की बौछारों के बीच कारवां आगे बढ़ा। ढोल-नगाड़ों की थाप, उत्साह से झूमती भीड़ और हवा में उड़ते रंग-गुलाल के बीच इंदौर की रंगपंचमी (Rang Panchami 2026) का यह दृश्य सचमुच देखने लायक है। देशभक्ति के रंग हर चेहरा रंगा हुआ है और हर दिल उत्सव के रंग में डूबा नजर आ रहा है। गेर (Rang Panchami Indore) में धार्मिक-सामाजिक के साथ ही देशभक्ति के रंग नजर आ रहे हैं । हिंद रक्षक की फाग यात्रा में महाकाल मंदिर की प्रतिकृति तो संगम कार्नर की गेर में महाकाल की जटा से गंगाजी के अवतरित होने का दृश्य नजर आ रहा है। शहर की हृदय स्थली दोपहर तीन बजे तक टैंकरों, बोरिंग मशीन, मिसाइलों के साथ ही विभिन्न उपकरणों से लाल-गुलाबी, हरे, पीले, नीले रंग उत्साह से उड़ाकर धरती के साथ आसमान भी रंगों से सराबोर होती रहेगी।   गेर देखने के लिए तीन इमारतों पर बैठक व्यवस्था स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा रंगपंचमी पर इंदौर में निकलने वाली पारंपरिक गेर को निहारने के लिए तीन इमारतों की छतों पर बैठक व्यवस्था की गई है। इसमें गौराकुंड के पास पृथ्वी लोक होटल की दो इमारत व बालाजी टावर पर यह बैठक व्यवस्था है। यहां की छतों पर तिरपाल लगाई गई है और दर्शकों के लिए पेयजल व सुविधाघर की व्यवस्था भी है।  

अनिल अंबानी के खिलाफ एक और केस! ₹1,085 करोड़ धोखाधड़ी मामले में CBI की कार्रवाई

 मुंबई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कारोबारी अनिल अंबानी (Anil Ambani) के खिलाफ आईपीसी की धारा-420 और 120बी के तहत एक नया मामला दर्ज किया है. यह एफआईआर पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर संतोषकृष्ण अन्नावरपू की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है. इस एफआईआर के मुताबिक, 2013 से 2017 के बीच अनिल अंबानी ने रिलायंस कम्‍युनिकेशंस (Reliance Communications) के अन्य तत्कालीन अधिकारियों के साथ मिलकर पीएनबी के साथ 1085 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की. बैंक ने क्या लगाया आरोप ? पंजाब नेशनल बैंक का आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने 1085 करोड़ रुपये का लोन इस मंशा से लिया कि उसे वापस नहीं किया जाएगा. पीएनबी ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी ने बैंक से लिए गए फंड को जानबूझकर दूसरी जगह डायवर्ट कर दिया. आरोप है कि अनिल कंपनी ने बैंक के पैसों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) किया. एफआईआर में रिलायंस कम्युनिकेशंस, अनिल अंबानी और मझारी काकर समेत कुछ अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. FIR में कहा गया है कि आरोपियों ने PNB को 621.39 करोड़ रुपए और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (जिसका अब PNB में विलय हो चुका है) को 463.80 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया है. रिलायंस पावर कंपनी के 12 ठिकानों पर मारी ताबड़तोड़ रेड बता दें कि, इससे पहले शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी की रिलायंस पावर कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की. ये छापेमारी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े लोगों के खिलाफ की गई. गौरतलब है कि इससे पहले 25 फरवरी ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल अंबानी की मुंबई के पाली हिल स्थित आवासीय संपत्ति ‘अबोड’ को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया था, जिसकी अनुमानित कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये है. इसके साथ ही इस समूह से जुड़ी अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों का मूल्य 15,700 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है.

बिजुरी पुलिस की पहल से गुम हुए 14 मोबाइल बरामद

अनूपपुर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान के आदेशानुसार थाना बिजुरी पुलिस द्वारा गुम हुए मोबाइलों की तलाश हेतु विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान थाना बिजुरी पुलिस ने विभिन्न स्थानों से गुम हुए 14 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस किए, जिससे मोबाइल मालिकों के चेहरे पर खुशी लौट आई। बरामद मोबाइलों का विवरण इस प्रकार है —     1.    अजय कुमार द्विवेदी पिता संतोष कुमार द्विवेदी निवासी माइनस— मोबाइल कीमत ₹22,999     2.    संस्कार मिश्रा पिता अजय मिश्रा, निवासी माइनस — मोबाइल कीमत ₹10,000     3.    रामखेलावन जायसवाल पिता रामसजीवन जायसवाल, निवासी कपिलधारा कॉलोनी — मोबाइल कीमत ₹8000     4.    अब्दुल हक सिद्दीकी पिता अब्दुल गफ्फार सिद्दीकी  निवासी भालूमाड़ा— मोबाइल Vivo कीमत ₹11000     5.    राकेश सेन  निवासी मोहड़ा दफ़ाई— मोबाइल redmi कीमत ₹6000     6.    पीयूष शुक्ला  पिता रामकुमार शुक्ला, निवासी कपिलधारा— मोबाइल iphone X कीमत ₹97000     7.    बृहस्पति सिंह   , निवासी डोला — मोबाइल Oppo कीमत ₹13499     8.    सागर मिश्रा  पिता जमुना मिश्रा  — मोबाइल  OPPO कीमत ₹12000     9.    संदीप कुशवाह पिता शंकर कुशवाह, निवासी बिजुरी  — मोबाइल realme c 35, कीमत ₹12800     10.    महेंद्र जायसवाल पिता स्व चंदीराम जायसवाल, निवासी थानगांव — मोबाइल vivo y 100a कीमत ₹21,999     11.    सुनीता अगरिया पति  सूरज अगरिया — मोबाइल Redmi 9 कीमत ₹10,000 12. अमित यादव पिता खेमराज यादव नि. लोहसरा मोबाइल.Redmi 12  कीमत 12,999 13. भोला प्रसाद केवट निवासी- नगाराबांध        मोबाइल oppo a 17   कीमत 8,000 14.डिंपल सिंह पिता जय सिंह नि. बेलियाछोट मोबाइल realme कीमत 11,000 बरामद मोबाइलों की कुल कीमत 257,200/ रु है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी बिजुरी विकास सिंह आरक्षक आनंद कुमार ,रवि सिंह ,सुशील यादव  लक्ष्मण डांगी एवं साइबर सेल से पंकज मिश्रा का सराहनीय योगदान रहा।

इंदौर हादसा: टोकन मिस्टेक की वजह से अस्थियों का गलत परिवार को पहुंचना

इंदौर शनिवार को पंचकुइया मुक्तिधाम पर अस्थियां गायब होने को लेकर हंगामा हो गया। मुक्तिधाम से एक ही नंबर के टोकन तीन मृतकों के स्वजन को दे दिया गया, उसके चलते यह स्थिति बनी। मदनलाल विश्वकर्मा (55) निवासी गौरी शंकर नगर का शुक्रवार को निधन हुआ था। शनिवार को स्वजन अस्थियां संग्रह के लिए पहुंचे तो उन्हें अस्थियां नहीं मिलीं। मुक्तिधाम में तैनात कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने रजिस्टर खंगाला। इससे पता चला कि 13 नवंबर वाला टोकन तीन अलग-अलग मृतकों के स्वजन को दे दिया गया था। ऐसे में दूसरा परिवार स्व. विश्वकर्मा की अस्थियां लेकर चला गया। बाद में उस परिवार को फोन लगाया तो वे भी पशोपेश में पड़ गए। उन्होंने बताया कि टोकन नंबर देखकर वे अस्थि ले गए थे। करीब तीन घंटे बाद वे अस्थियां लेकर लौटे और विश्वकर्मा परिवार को सौंपी। बताया कि वे अस्थि विसर्जन करने निकल गए थे। फोन आने के बाद रास्ते से पलटे और वापस मुक्तिधाम आए। बिना सोचे उस जगह से अस्थियां लेकर चले गए सुनील चौबे (65) निवासी नगीन नगर का पांच मार्च को निधन हो गया था। पंचकुइया मुक्तिधाम पर उनका भी अंतिम संस्कार किया था। उनका भी शनिवार को अस्थि संचय था। सुबह बेटे अजय परिवार के साथ मुक्तिधाम पहुंचे और 13 नंबर टोकन दिया तो निगमकर्मियों ने उन्हें संबंधित स्थान से अस्थियां संग्रह करने के लिए कहा। नंबर के अनुसार वे भी बिना सोचे उस जगह से अस्थियां लेकर चले गए। कर्मचारी से गलती हो गई परिवार ने कहा कि निगमकर्मियों ने जिस जगह का कहा था, वहीं से अस्थियां संचय की गई हैं। मामले में पंचकुइया मोक्ष विकास समिति के अध्यक्ष वैभव बाहेती ने कहा कि जिस कर्मचारी से गलती हुई है, वह 35 सालों से मुक्तिधाम में सेवाएं दे रहा है। कोरोना जैसे संक्रमण में उसका सबसे अहम योगदान रहा। उसने भूलवश 12 की बजाय 13 नंबर के टोकन दे दिए, जिससे गड़बड़ी हुई। इसके साथ ही कर्मचारी को समझाइश के साथ चेतावनी भी दी है कि आगे ऐसी गलती न हो।

बच्चियों से खूब बात की सीएम योगी ने, किसी से कहा- ये सफेद टेडी बियर तुम्हारे लिए लाया हूं तो किसी से पूछा- इस पैसे से क्या करोगी, कपड़े खरीदोगी?

लखनऊ “नारी, तुम केवल श्रद्धा हो…” सुप्रसिद्ध कवि जयशंकर प्रसाद की इन प्रेरणादायक पंक्तियों को चरितार्थ करता नजारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में रविवार को देखने को मिला। यह अवसर था राज्यस्तरीय महिला सम्मान समारोह तथा ‘पिंक रोजगार महाकुंभ-2026’ के आयोजन का, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस दौरान सीएम योगी का संवेदनशील और आत्मीय रूप सामने आया, जिसने पूरे प्रदेश में महिला सशक्तीकरण का एक नया और सकारात्मक माहौल बनाया है। कार्यक्रम में जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर सभी को समान अवसर देने की योगी सरकार की नीति स्पष्ट नजर आई। प्रदेश के कोने-कोने से आई बेटियां अपनी सफलता का पुरस्कार सीएम योगी के हाथों पाकर भावुक और उत्साहित नजर आईं। समारोह का सबसे दिल छू लेने वाला पल तब आया जब जौनपुर से ‘ड्रोन दीदी’ दुर्गा मौर्या सीएम से बात करने के लिए खड़ी हुईं। मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें आदरपूर्वक कुर्सी पर बैठने का आग्रह किया और उन्हें बैठाकर ही उनकी पूरी बात सुनी। सीएम ने दुर्गा से बड़ी आत्मीयता से पूछा, “एक सीजन में कितनी कमाई हो जाती है आपकी?” दुर्गा ने गर्व से बताया कि सरकार के सहयोग से एक सीजन में 50 से 60 हजार रुपये की कमाई आसानी से हो जाती है और अब तो उन्होंने नमकीन की फैक्ट्री भी लगा ली है। इस पर सीएम योगी ने मुस्कुराते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “हम तो अब तक जानते थे कि जौनपुर में सिर्फ इमरती फेमस है, लेकिन आज आपने बताया कि अब आपकी नमकीन भी आ गई है। मैं जब भी जौनपुर आऊंगा तो इमरती के साथ आपकी नमकीन जरूर खाऊंगा।” जब सायरा बानो को मिला सम्मान तो एक स्वर में सभी बोले, सौभाग्य की बात है कि हमारे सीएम योगी हैं मंच पर एक अलग ही माहौल तब बना, जब मुख्यमंत्री ने कन्या सुमंगला योजना की नन्ही लाभार्थी शानवी गुप्ता को दुलारा। सीएम ने शानवी को एक प्यारा सा सफेद टेडी बियर देते हुए कहा, “ये सफेद टेडी बियर तुम्हारे लिए लाया हूं।” जैसे ही मुख्यमंत्री ने बच्ची को प्यार से अपनी गोद में उठाया, पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा और हर तरफ एक ही आवाज थी- “बेटियां सुरक्षित हाथों में हैं।” सीएम योगी ने वहां मौजूद प्रत्येक बच्ची से व्यक्तिगत बात की और विशेष स्नेह जताया। उन्होंने बच्चियों से पूछा, “इस पैसे से क्या करोगी? कपड़े खरीदोगी?” एक बच्ची की मां से सीएम ने बड़े ही भाव से पूछा, “बच्ची सो रही है क्या? “कार्यक्रम में जब 9वीं कक्षा की छात्रा सायरा बानो को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया, तो वहां मौजूद महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि यह हम सबके लिए परम सौभाग्य की बात है कि हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। इसी तरह मेधावी छात्रा दुर्गा यादव का भी सीएम योगी ने उत्साहवर्धन किया। सीएम ने दुर्गा से पूछा, “आपने क्या किया है?” दुर्गा ने बताया कि उन्होंने बीसीए किया है। जिसके बाद सीएम ने उनकी आगे की योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की।  योगी ने दिए आमदनी बढ़ाने के टिप्स समारोह में महिला लाभार्थियों के साथ सीएम का सीधा संवाद बेहद प्रेरक रहा। फूलों की खेती करने वाली चंदौली की सोनी से सीएम ने पूछा कि वह कितने का फूल बेच लेती हैं? सोनी ने 17 हजार रुपये की कमाई की बात बताई। इस पर सीएम ने कहा कि सूखे फूलों से अगरबत्ती और इत्र बनाने का काम करके वे अपनी आमदनी और बढ़ा सकती हैं। इस पर सोनी ने बताया कि हमने ट्रेनिंग ली है। ड्रोन दीदी की कमाई प्रतिदिन 3000 रुपये तक हो रही है। महिला होकर ई-रिक्शा चलाती हैं, डर नहीं लगता? वाराणसी की सीता देवी से सीएम को बताया कि उनकी आमदनी 20 हजार रुपये है और उनके सहयोग से 250 अन्य महिलाओं ने ई-रिक्शा चलाना सीखा है। सीएम योगी ने हैरानी और प्रशंसा के भाव से पूछा, “महिला होकर ई-रिक्शा चलाती हैं, डर नहीं लगता, पहले घर-परिवार नाराज रहता होगा?” सीता के जवाब से पहले ही सीएम ने मुस्कुराते हुए कहा, “अब जब पैसा आता है तो घर-परिवार जरूर खुश रहता होगा। इस पर सीता ने कहा कि मुझे कोई डर नहीं लगता। अब जब पैसे आ रहे हैं तो घर परिवार के साथ पड़ोसी भी खुश रहते हैं। 5 सरकारी योजनाओं का लाभ गाजीपुर की प्रमिला जब बोलने के लिए खड़ी हुईं, तो सीएम ने उन्हें भी आदरपूर्वक बैठकर बोलने को कहा। प्रमिला ने बताया कि उन्हें विधवा पेंशन और कन्या सुमंगला समेत 5 सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला चाहे तो अपने दम पर आत्मनिर्भर बन सकती है। “शोहदों का टिकट काटने के लिए अगले चौराहे पर यमदूत बैठे हैं” महिला सुरक्षा पर सीएम योगी ने बेहद कड़े शब्दों में हुंकार भरी। उन्होंने कहा, “आज दो बातें गौरव की अनुभूति कराती हैं। एक तो यूपी की हर बेटी अब खुद को सुरक्षित महसूस करती है। बेटी स्कूल जा रही है, मन में कोई डर नहीं है। इसकी पूरी जिम्मेदारी अब सरकार पर है। सीएम ने कहा, दूसरी बात यह कि अगर कोई शोहदा दुस्साहस करता है, तो अगले चौराहे पर उसका टिकट काटने के लिए यमराज के दूत बैठे हैं। इतना सुनते ही पूरा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।  योगी सरकार चट्टान की तरह साथ है कार्यक्रम में एक लघु फिल्म के जरिए दिखाया गया कि कैसे पिछले 9 वर्षों में बेटियां अपने सपनों को साकार कर रही हैं। महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा, “यह हमारे लिए गौरव की बात है कि हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री महिलाओं की हमेशा चिंता करते हैं। आज बेटियां घर संभालने के साथ ही देश-प्रदेश के विकास में योगदान दे रही हैं। राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कविता के माध्यम से नारी शक्ति को नमन किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वयं बोल रही हैं कि योगी जी की सरकार में अब हम सुरक्षित महसूस करते हैं। आज महिलाएं सशक्त हैं। हमारी बेटियां हर जगह सुरक्षित हैं। संवेदनशील मुख्यमंत्री को धन्यवाद। 2017 से पहले महिला सशक्तीकरण सिर्फ टीवी और अखबार की डिबेट तक सीमित था: अनिल राजभर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा … Read more

20 लाख घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य, बड़े पैमाने पर सृजित होंगे रोजगार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार डिजिटल कनेक्टिविटी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश की पहल पर ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया जाएगा। लखनऊ के होटल रेनेसां में आयोजित कार्यक्रम में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश और वनओटीटी इंटरटेनमेंट लि. (ओआईएल – हिंदुजा ग्रुप लि. की सहायक कंपनी) के बीच औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान होगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। गांवों में तेज और सुलभ होगी इंटरनेट की पहुंच ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। इस पहल के तहत न्याय पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 स्थानीय उद्यमियों को स्वतंत्र डिजिटल सेवा प्रदाता (डीएसपी) के रूप में कार्य करने के लिए सक्षम बनाया जाएगा। ये उद्यमी स्थानीय स्तर पर हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराएंगे, जिससे गांवों में इंटरनेट की पहुंच तेज और सुलभ होगी। इस पहल से बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिसकी मदद से स्थानीय युवाओं को उनके अपने ही क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे।  महिला उद्यमियों को मिलेगा बड़ा अवसर इस परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि डिजिटल सेवा प्रदाताओं (डीएसपी) में लगभग 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को नई पहचान और अवसर मिलेंगे, साथ ही महिलाएं डिजिटल सेवाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त होकर डिजिटल अर्थव्यवस्था की मुख्य धारा से जुड़ सकेंगी। यह पहल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि गांवों में नारी शक्ति को तकनीक और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। 20 लाख घरों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड परियोजना के तहत अगले 2 से 3 वर्षों में प्रदेश के 20 लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में तेज, सुलभ और भरोसेमंद इंटरनेट की पहुंच मजबूत होगी, जिससे ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल सेवाएं, ई-गवर्नेंस और रोजगार के नए अवसरों को भी गति मिलेगी। डिजिटल यूपी के विजन को मिलेगा बल परियोजना के अंतर्गत चयनित डिजिटल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, नेटवर्क निर्माण और आधुनिक तकनीकी सक्षमता जैसी संरचित सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का मजबूत नेटवर्क विकसित कर सकें। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘डिजिटल उत्तर प्रदेश’ के विजन को आगे बढ़ाने के साथ-साथ ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह, हिंदुजा ग्रुप के प्रतिनिधि तथा परियोजना से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे और ‘प्रोजेक्ट गंगा’ की रूपरेखा तथा इसके संभावित प्रभावों पर अपने विचार साझा करेंगे।

संजू और अभिषेक की तूफानी शुरुआत, 6 ओवर में 92 रन बनाकर फाइनल में मचाई सनसनी

अहमदाबाद  आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला जा रहा है। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है, लेकिन भारतीय ओपनर्स ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के धागे खोल दिए। पावरप्ले में ही अभिषेक शर्मा ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। वहीं, भारतीय टीम ने 6 ओवर में बिना विकेट खोए 92 रन बनाए। भारत ने प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया। न्यूजीलैंड की टीम में कोल मैकोंची की जगह जैकब डफी आए हैं। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की है। पावरप्ले में भारत का प्रदर्शन भारतीय टीम को संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने अच्छी शुरुआत दिलाई। संजू ने मैट हेनरी के पहले ओवर में छक्का लगाया। इस ओवर में सात रन बने। हालांकि, अगले 5 ओवर में 85 रन इस जोड़ी ने जोड़े और 92 रन बिना किसी नुकसान के भारत ने बनाए। भारत और न्यूजीलैंड की टीमें ( प्लेइंग इलेवन) इंडिया (प्लेइंग XI): अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह न्यूज़ीलैंड (प्लेइंग XI): टिम सीफ़र्ट (विकेट कीपर), फिन एलन, रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशम, मिशेल सेंटनर (कप्तान), मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, जैकब डफी

कुख्यात पशु तस्कर बल्लू उर्फ अब्दुल रहमान को कोतमा पुलिस द्वारा सतना से किया गया गिरफ्तार

अनूपपुर         पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर  मोती उर रहमान के निर्देशन में थाना कोतमा के पशु तस्करी एवं अवैध हथियार रखने के अपराध में लम्बे समय से फराऱ चल रहे पशु तस्करी के सरगना बल्लू उर्फ अब्दुल रहमान को थाना कोतमा पुलिस टीम ने दिनांक 07.3.26 को सतना जिले से गिरफ्तार किया है।          मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 31.01.2026 को मुखबिर सूचना पर कोतमा हाईवे जंगल चौकी के पास से ट्रक क्रमांक सीजी 04 एन एक्स 5617  में परिवहन किये जा रहे 22 नग मवेशी भैंस पड़ा जप्त किये गये थे तथा उक्त ट्रक से ही 315 बोर का एक देशी कट्टा तथा 02 नग जिन्दा कारतूस भी बरामद किया गया था । उक्त प्रकरण में आरोपी उमेश केवट पिता स्व. दीनदयाल केवट निवासी पुरानी बस्ती कोतमा एवं अंकित द्विवेदी पिता रमेश कुमार द्विवेदी निवासी ग्राम झाली थाना कोठी जिला सतना (म.प्र.) , एवं वाहन मालिक  संजय पटेल उर्फ प्रभु दयाल पटेला गढिया टोला सतना को गिरफ्तार किया जा चुका है । इसी अपराध में लम्बे समय से फरार चल रहे पशु तस्करी के सरगना बल्लू उर्फ अब्दुल रहमान निवासी मवेशी बाजार कोतमा मूल निवासी ग्राम उमरपुर थाना बुढ़ाना जिला मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) को कल दिनांक 07.3.26 को जिला सतना से गिरफ्तार किया गया है ।  आरोपी बल्लू उर्फ अब्दुल रहमान के विरूध्द थाना कोतमा एवं अन्य थानों  तथा शहडोल जिले में कुल  11 अपराध पशु तस्करी संबंधी तथा अन्य धाराओं के पंजीबध्द हैं । साथ ही उक्त अपराधी का  जिला बदर का प्रकरण भी प्रचलन में है ।                उक्त कार्य़वाही में निरी. रत्नाम्बर शुक्ल थाना प्रभारी कोतमा के साथ  सउनि सुखीनंद यादव , प्र0आर0  दिनेश राठौर , आर. स्वदेश सिंह  , आर. जितेन्द्र मंडलोई , प्र.आर. राजेन्द्र अहिरवार (सायबर सेल) एवं नगर रक्षा समिति सदस्य नीरज सोनी की महत्वपूर्ण  भुमिका रही ।

राष्ट्रपति मुद्दे पर योगी का TMC पर निशाना: यह ओछी मानसिकता का प्रमाण

लखनऊ पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रवास के दौरान प्रोटोकॉल का उल्लंघन और कार्यक्रम स्थल में अचानक बदलाव का विवाद बढ़ता जा रहा है. इसे लेकर भाजपा नेता लगातार ममता सरकार को घेर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर बंगाल सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने राष्ट्रपति के साथ किए गए व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने इसकी निंदा की है. योगी ने एक्स पर लिखा है कि ‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति पश्चिम बंगाल में हुआ व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और अक्षम्य है. यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र, मातृशक्ति और जनजातीय समाज की अस्मिता का अपमान है. राष्ट्रपति का पद भारतीय गणतंत्र की सर्वोच्च संवैधानिक गरिमा का प्रतीक है. इस पद के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की असंवेदनशीलता अस्वीकार्य है.’ इसे भी पढ़ें : अब ‘धर्मयुद्ध’ की जरूरत है…शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने हिंदुओं को दिया बड़ा मैसेज, 11 मार्च को करने जा रहे कुछ बड़ा योगी ने आगे लिखा कि ‘संथाल संस्कृति और मा. राष्ट्रपति जी के प्रति TMC का यह दुराग्रह उनके राजनीतिक अहंकार और ओछी मानसिकता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है. संपूर्ण देश इस कृत्य से आहत है. पश्चिम बंगाल सरकार को अपने इस अमर्यादित आचरण के लिए देश से अविलंब सार्वजनिक क्षमा मांगनी चाहिए.’ ये है पूरा मामला दरअसल, पूरा विवाद राष्ट्रपति मुर्मू के उत्तर बंगाल दौरे के दौरान सामने आया. राष्ट्रपति दार्जिलिंग जिले में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं थीं. पहले कार्यक्रम बिधाननगर (फांसीदेवा ब्लॉक) में प्रस्तावित था, जहां बड़ी संख्या में संथाल आदिवासी समुदाय के लोग पहुंच सकते थे. लेकिन राज्य प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़भाड़ और अन्य कारणों का हवाला देकर कार्यक्रम को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोशाईपुर (या गोसाईंपुर) में स्थानांतरित कर दिया. राष्ट्रपति ने खुद इस बदलाव पर नाराजगी जताई और कहा कि नया स्थान छोटा था, जिससे कई लोग पहुंच नहीं पाए.

वाराणसी मंडल की महिला उद्यमियों ने मुख्यमंत्री को बताए अपने अनुभव और सरकार की योजनाओं के लिए जताया आभार

लखनऊ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश की राजधानी में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मान कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के वाराणसी मंडल की महिलाओं के सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानियां सामने आईं। इस अवसर पर वाराणसी मंडल के वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर जनपदों की 600 से अधिक महिलाएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ीं। इनमें से कई लाभार्थी महिलाओं ने राज्य सरकार की विभिन्न महिला स्वावलंबन की योजनाओं से मिले लाभ के बारे में मुख्यमंत्री को बताया और उनका आभार व्यक्त किया। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के साहस, प्रयासों और स्वावलंबन की मिसाल बनने के लिए उनकी सराहना की और प्रदेश की अन्य महिलाओं को भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री से संवाद कार्यक्रम के दौरान वाराणसी की सीता देवी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से उन्होंने स्वयं भी ई-रिक्शा चलाकर और क्षेत्र की लगभग ढाई सौ महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग दिया है। सीता देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि शुरुआत में लोगों के ताने सुनने पड़ते थे और डर भी लगता था, लेकिन अब उनका डर दूर हो चुका है। अब वे न केवल स्वावलंबी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी इस दिशा में मदद करतीं हैं। मुख्यमंत्री ने उनके साहस की सराहना की और अन्य महिलाओं को भी स्वावलंबी बनाने के उनके प्रयासों के लिए आभार जताया। इसी क्रम में गाजीपुर की प्रमिला देवी ने बताया कि वे प्राथमिक विद्यालय में रसोइया का कार्य करती हैं और योगी सरकार की कई योजनाओं से लाभान्वित हैं। इनमें विधवा पेंशन योजना, पारिवारिक लाभ, कन्या सुमंगला योजना, उज्ज्वला योजना और राशन कार्ड योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से उनके स्वास्थ्य के लिए आयुष्मान कार्ड योजना के बारे में पूछा और उसका लाभ लेने के लिए कहा। उन्होंने प्रमिला देवी को अपने पैरों पर खड़े होकर स्वावलंबन का उदाहरण पेश करने के लिए बधाई दी। चंदौली जिले की सोनी कुमारी ने मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बताया कि वे फूलों की खेती करती हैं और महिला समूहों के माध्यम से क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी इस कार्य से जोड़कर स्वावलंबन की ओर प्रेरित करती हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे फूलों की खेती के लाभों के बारे में विस्तार से पूछा और मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों का उपयोग कर धूपबत्ती और अगरबत्ती बनाने के प्रशिक्षण के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री योगी ने सोनी देवी को अपने उद्यम का विस्तार कर अन्य महिलाओं को भी सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में जौनपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ी दुर्गा मौर्य ने बताया कि उन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं के तहत एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) बनाकर किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग, कम लागत में अधिक उत्पादन की तकनीकों का लाभ लेने के बारे में सहयोग प्रदान किया है। दुर्गा मौर्य ने बताया कि वे ड्रोन दीदी के रूप में भी कार्य करती हैं और इसके साथ ही उद्योग विभाग से ऋण लेकर नमकीन बनाने की फैक्ट्री स्थापित की है, जिससे अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने एफपीओ बनाकर महिलाओं और किसानों के उत्थान के लिए किए जा रहे उनके कार्यों की सराहना की तथा अन्य योजनाओं में प्रशिक्षण लेने और महिलाओं को प्रशिक्षित करने के लिए प्रेरित किया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सत्र योगी सरकार की नारी सशक्तीकरण की योजनाओं के प्रभाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री से संवाद कार्यक्रम के माध्यम से पता चला कि प्रदेश की महिलाएं न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रहीं हैं, बल्कि दूसरों को भी इस दिशा में प्रेरित कर रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यह आयोजन नारी शक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला साबित हुआ।

योगी सरकार की औद्योगिक व उद्यमिता नीतियों को मिलेगा बल

लखनऊ महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नीति आयोग की प्रमुख पहल वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म (WEP) का उत्तर प्रदेश स्टेट चैप्टर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ में औपचारिक रूप से शुरू किया गया। यह नया कार्यालय गोमती नगर के विभूति खंड स्थित रोहतास समिट बिल्डिंग में यूपी इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (UPICON) के अंतर्गत स्थापित किया गया है।  वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म (WEP) नीति आयोग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देश में महिला उद्यमियों के लिए एक मजबूत और एकीकृत मंच तैयार करना है। इसके माध्यम से महिला उद्यमियों को मेंटोरशिप, वित्तीय सहायता, बाजार से जुड़ाव, नियामकीय सहयोग और नेटवर्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार भी महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार की औद्योगिक और स्टार्टअप नीतियों के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों और कारीगरों को प्रोत्साहन देने की विभिन्न योजनाओं ने प्रदेश में महिला उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। लखनऊ में WEP का स्टेट चैप्टर स्थापित होने से प्रदेश की महिला उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर के संसाधनों, मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे पारंपरिक उद्योगों जैसे चिकनकारी, जरदोजी और बनारसी वस्त्र के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी और उद्यमिता को नई गति मिलेगी। लखनऊ की प्रसिद्ध महिला उद्यमी और समृद्धि क्रिएशन की संस्थापक सुष्मिता दत्ता ने यूपी चैप्टर का उद्घाटन किया। सुष्मिता दत्ता चिकनकारी पर आधारित परिधान और वस्त्र निर्माण क्षेत्र में अग्रणी उद्यमी हैं और लखनऊ की जीआई टैग प्राप्त पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के साथ ही बड़ी संख्या में महिला कारीगरों को रोजगार उपलब्ध करा रहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिला उद्यमियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न संस्थागत सहयोगियों ने भाग लिया और उत्तर प्रदेश में एक मजबूत तथा समावेशी उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के संकल्प को दोहराया।

मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ के द्वारा निकल गई पदयात्रा व रैली

राजेंद्र ग्राम राजेंद्र ग्राम-मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ के द्वारा समस्त जिले व बॉर्डर पदयात्रा निकालकर मुख्यमंत्री महोदय मध्य प्रदेश शासन को ज्ञापन सपने के लिए राजेन्द्र ग्राम में ड्राइवर महासंघ के द्वारा रैली निकाला गया और ड्राइवर महासंघों के द्वारा अपने मांगों को लेकर रविवार यानी आज से निकाली गई जिसमें मध्य प्रदेश के सभी जिलों से सभी महासंघ ड्राइवरो सदस्यों के द्वारा पदयात्रा व रैली निकाली गई जिसमें विभिन्न जिलों व बॉर्डर से होते हुए माननीय मुख्यमंत्री महोदय के निज निवास भोपाल में जाकर ज्ञापन सौंपेंगे और कहां गया हम ड्राइवर महासंगों के द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से यह पद यात्रा की जाएगी इसके संबंध में सभी ड्राइवर संघ के सदस्यों की सुरक्षा सुरक्षित तरीके से हो सके  और यह भी कहा गया कि मार्ग में कहीं भी कोई तरीके की बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए मध्य प्रदेश महासंघ आपको पूर्व में ही     सूचित किया जा चुका है कि पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। ड्राइवर महासंघों की मांग  जनसाधारण द्वारा आक्रोश हो रहे ड्राइवर समाज के लिए स्वतंत्र धारा किया जाए। और गाड़ी के लिए पार्किंग ड्राइवर के लिए विश्रामगृह व शौचालय की व्यवस्था की जाए। 65 वर्ष के बाद पेंशन योजना लागू की जाए एवं दुर्घटना के समय 20 लाख का बीमा व 10 लख रुपए इलाज के लिए दिया जाए । और ड्राइवर को द्वितीय श्रेणी की सैनिक मान्यता दी जाए। और ड्राइवर को आवास योजना के लिए पांच लाख रुपये  की मान्यता प्राप्त की जाए। और सरकार के द्वारा लाइसेंस के लिए जो ₹15000 रखा गया है उसको कम किया जाए। ड्राइवर को राजमार्ग पर प्रशासन द्वारा प्रताड़ित न किया जाए। भारतीय न्याय संहिता के द्वारा 106/02 को पूर्ण रूप से निरस्त किया जाए। ऐसे 14 मांगों को लेकर मध्य प्रदेश ड्राइवर महासंघ के द्वारा रैली निकालकर अपने मांगों को लेकर पदयात्रा रैली राजेंद्र ग्राम से निकाली गई और कहा गया हमारी मांगे पूरी करो।

‘मेरा सपना सच होगा’—फोन कॉल पर प्रयागराज फ्लाइट्स हुईं प्रभावित, सुरक्षा अलर्ट जारी

प्रयागराज डायल-112 पर आई एक कॉल ने शनिवार को प्रयागराज के सिविल एयरपोर्ट पर हड़कंप मचा दिया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि उसने सपना देखा है कि दोपहर एक बजे के बाद उड़ान भरने वाली सभी फ्लाइट क्रैश हो जाएंगी। इस सूचना के बाद पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं और एयरपोर्ट पर कई घंटे तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। मेरा सपना हमेशा सच होता है जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब एक बजे पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल-112 पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि एक बजे के बाद प्रयागराज सिविल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली सभी फ्लाइट क्रैश हो जाएंगी। मैंने ऐसा सपना देखा है और मेरा सपना हमेशा सच होता है। एजेंसियों में अफरा-तफरी मच गई यह सूचना मिलते ही लखनऊ कंट्रोल रूम ने एयरपोर्ट प्रशासन और स्थानीय पुलिस को अलर्ट कर दिया। इसके बाद एयरपोर्ट डायरेक्टर, सुरक्षा अधिकारी, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल बम निरोधक दस्ता, सिविल पुलिस और एसएसएफ की टीमें एयरपोर्ट पहुंचीं और परिसर के प्रवेश-निकास द्वार सहित कई स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली करीब कई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान एयरपोर्ट परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने कॉल करने वाले की तलाश शुरू की और प्रयागराज व लखनऊ से सर्विलांस टीमों को सक्रिय किया गया। जांच के दौरान रात में कुशीनगर निवासी उमेश कुमार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस का कहना है कि युवक मानसिक रूप से कमजोर प्रतीत हो रहा है। फिलहाल उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

खादर में 400 मवेशियों के साथ डेरा डालने पहुंचे वन गुर्जर, वन विभाग ने 16 किमी तक पीछा कर हटाया

बिजनौर पौधे बचाने के लिए गंगा के खादर में लगभग 400 भैंसों के साथ आए वन गुर्जरों को वन विभाग की टीम ने खदेड़ दिया। टीम लगभग 16 किलोमीटर तक वन गुर्जर और उनकी भैंसों के पीछे चली व उन्हें अपने क्षेत्र से बाहर निकाल दिया। उन्हें फिर से उत्तराखंड जाने को कहा गया। इतना ही नहीं, फिर से खादर में दिखने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई हैं। खादर में वन विभाग, सिंचाई व राजस्व आदि विभागों की हजारों बीघा भूमि है। इस भूमि पर लोग अवैध कब्जा कर फसल बो देते हैं। हाल ही में वन विभाग ने लगभग 200 हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जे को मुक्त कर पौधारोपण किया है। पौधों के संरक्षण पर भी काम किया जा रहा है। उधर, खादर में वन गुर्जर भी आकर डेरा डाल देते हैं। इनके पशु पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं। शनिवार की रात उत्तराखंड की ओर से आए एक दर्जन से अधिक वन गुर्जरों ने रावली क्षेत्र में आकर डेरा डाल दिया। उनके पास 400 से अधिक भैंस व गाय थीं तथा लगभग एक हजार पशु एक दो दिन में आने वाले थे। क्षेत्रीय वनाधिकारी महेशचंद्र गौतम को इसका पता चला तो वे टीम के साथ मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने वन गुर्जरों को फिर से उत्तराखंड की ओर ही जाने को कहा। इस बीच वन गुर्जरों ने किसान संगठनों के नेताओं से फोन भी कराए और एक दो किसान नेता वहां मौके पर आ भी गए, लेकिन वन विभाग ने किसी की नहीं सुनी। रात नौ बजे वन गुर्जरों को उनके पशुओं सहित वहां से खदेड्ना शुरू कर दिया। रात को लगभग नौ बजे रावली क्षेत्र के गांव रतनपुर के पास से उन्होंने वन गुर्जरों को चंदक के रेलवे फाटक तक खदेड़ा। वन विभाग की टीम वन गुर्जरों और उनके पशुओं के पीछे पीछे ही चली। इस सब में रात के एक बज गए। वन गुर्जरों को गंगा के वन क्षेत्र में फिर न आने की चेतावनी दी गई। खादर में डेरे बना लेते हैं वन गुर्जर वन गुर्जर पशुपालन करते हैं। ये खादर में डेरे बना लेते हैं। पशु वहीं चरते हैं। इससे इनकी एक रुपये की लागत नहीं आती। बाढ़ आने पर कई बार प्रशासन ने टापुओं पर रहने वाले वन गुर्जरों को रेस्क्यू किया है। वन गुर्जरों को नाव से लाया जाता है, जबकि उनके पशु गंगा की धारा में आराम से तैरते हुए उनके पीछे आ जाते हैं। आरक्षित वन क्षेत्र में डेरे नहीं बनाने दिए जाएंगे वन गुर्जरों को आरक्षित वन क्षेत्र में डेरे नहीं बनाने दिए जाएंगे। इनके पौधे नए पौधरोपण को नष्ट कर देते हैं। वन संपदा को किसी को नष्ट नहीं करने दिया जाएगा। -महेश चंद्र गौतम, क्षेत्रीय वनाधिकारी  

स्व-सहायता समूह से जुड़कर पूनम देवी बनीं आत्मनिर्भर, अब ‘लखपति दीदी’ के रूप में बना रहीं नई पहचान लखपति दीदी’ के रूप में बना रहीं नई पहचान

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं विभिन्न योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा की  पूनम देवी भी इसी बदलाव की एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी हैं।       पूनम देवी,जो गणेश महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं, आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में जानी जाती हैं। कभी सीमित संसाधनों के साथ घर-परिवार की जिम्मेदारियों में लगी रहने वाली पूनम देवी ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन की दिशा बदल दी।      पूनम देवी बताती हैं कि पहले वे घर-गृहस्थी के कामकाज तक ही सीमित थीं और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए मजदूरी का सहारा लेना पड़ता था। आर्थिक स्थिति सामान्य थी, जिससे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन हो जाता था। इसी दौरान उन्होंने गणेश महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह से जुड़ने के बाद उन्हंन बचत, ऋण सुविधा और स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी मिली। समूह की अन्य महिलाओं को मछली पालन, बकरी पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आय अर्जित करते देख उन्हें भी प्रेरणा मिली। वर्ष 2025 के मार्च माह मं  उन्होंने मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपये का ऋण     प्राप्त किया। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने छोटे से किराना दुकान के विस्तार में किया।      किराना दुकान को व्यवस्थित और बड़ा करने के बाद उनके व्यवसाय में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगी। वर्तमान में उनकी दुकान से हर माह लगभग 30 से 35 हजार रुपये तक की बिक्री हो जाती है। इस आय से वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी अच्छी तरह से कर पा रही हैं।      पूनम देवी का कहना है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिरता दोनों आए हैं। आज वे न केवल अपने परिवार के लिए सहारा बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।      ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जिले में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet