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परंपरागत महाकाल गेर का ध्वज पूजन, मुख्यमंत्री ने किया भगवान महाकाल का प्रणाम

उज्जैन  रंग पंचमी पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। सीएम ने गर्भगृह में जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर पूजन-अर्चन की। दंडवत होकर बाबा महाकाल को प्रणाम किया। वहीं उन्होंने परंपरागत महाकाल की गेर का ध्वज पूजन भी किया। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 8 मार्च से उज्जैन प्रवास पर है। सीएम डॉ यादव कल शाम उज्जैन पहुंचे और कई आयोजनों में शामिल हुए। आज रविवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। पुजारी, पुरोहित आचार्यत्व में विधि-विधान से पूजन किया। बाबा महाकाल का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया और प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ यादव ने रंगपंचमी पर्व पर परंपरागत रूप से निकलने वाली श्री वीरभद्र ध्वज चल समारोह के ध्वज का पूजन किया। फिर सीएम ने शस्त्रों का पूजन कर शस्त्र संचालन-प्रदर्शन भी किया। रंगपंचमी पर्व पर आज शाम श्री वीरभद्र चल समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ निकलता है। जिसमें बैंड-बाजे, हाथी, घोड़े, रथ के साथ ही रंगबिरंगी रोशनी से नहाए विभिन्न मनमोहक धार्मिक झांकियां भी निकलती है।

योगी सरकार में स्मार्ट टीवी से आधुनिक बन रहे सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र

प्रदेश के हजारों केंद्रों में डिजिटल शिक्षा से बदल रहा पढ़ाई का तरीका तकनीक से मजबूत हो रहे आंगनबाड़ी केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था में आई क्रांति लखनऊ, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। प्रदेश भर में लगभग 16 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्मार्ट टीवी स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ा गया है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना और आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक प्ले स्कूल जैसी सुविधाओं से लैस करना है। डिजिटल तकनीक से बदल रहा आंगनबाड़ी केंद्रों का स्वरूप स्मार्ट टीवी के उपयोग से अब आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ाई का पारंपरिक तरीका बदल रहा है। स्मार्ट टीवी की स्थापना पर प्रति इकाई लगभग 25 हजार रुपये का व्यय किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जाए। बच्चों को कहानियों, पहेलियों, कार्टून और एनिमेशन के माध्यम से डिजिटल सामग्री दिखाई जा रही है। इसके जरिए छोटे बच्चे खेल खेल में अक्षर ज्ञान, गिनती और रंगों की पहचान करना सीख रहे हैं। इस डिजिटल पद्धति से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है और उनकी भाषा व संप्रेषण क्षमता भी विकसित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती शिक्षा के इस नए मॉडल से बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास को बेहतर आधार मिलेगा। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र योजना से मिल रही नई गति डिजिटल माध्यमों के उपयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ाई का वातावरण अधिक आकर्षक और प्रभावी बन रहा है। इससे बच्चों की उपस्थिति बढ़ने के साथ ही सीखने की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक शिक्षा में तकनीक का यह समावेश भविष्य में बच्चों की शैक्षिक यात्रा को मजबूत आधार प्रदान करेगा। योगी सरकार की यह पहल न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बना रही है, बल्कि प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा भी तय कर रही है।

शंकराचार्य पर केस करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर ट्रेन में हमला, नाक काटने का प्रयास

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में एक बड़ी वारदात सामने आई है। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ केस करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला किया गया है। हमलावरों ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की और उनके चेहरे पर कई वार किए। आशुतोष ब्रह्मचारी ने किसी तरह ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर अपनी जान बचाई। कौशांबी के सिराथू के पास हुआ हमला जानकारी के अनुसार, आशुतोष ब्रह्मचारी ट्रेन से प्रयागराज की ओर जा रहे थे। जब ट्रेन सिराथू रेलवे स्टेशन के पास पहुँची, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया। चश्मदीदों और पीड़ित के बयान के अनुसार, हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उनके पास धारदार हथियार थे। हमलावरों ने आशुतोष ब्रह्मचारी को घेर लिया और सीधे उनके चेहरे पर प्रहार करना शुरू कर दिया। हमलावरों का मुख्य निशाना उनकी नाक थी, जिसे काटने का प्रयास किया गया। हमले में उनके नाक और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। टॉयलेट में छिपकर बचाई जान अचानक हुए इस हमले से ट्रेन के कोच में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए आशुतोष ब्रह्मचारी लहूलुहान हालत में भागे और खुद को ट्रेन के टॉयलेट के अंदर बंद कर लिया। हमलावरों ने टॉयलेट का दरवाजा तोड़ने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक शोर मचने और अन्य यात्रियों के सक्रिय होने के कारण वे मौके से फरार हो गए। प्रयागराज पहुँचने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और अपना प्राथमिक उपचार कराया। शंकराचार्य और अन्य सहयोगियों पर गंभीर आरोप आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले के पीछे गहरी साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रयागराज पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानन्द और उनके अन्य सहयोगियों पर आरोप लगाया है। आशुतोष का दावा है कि इन सभी ने मिलकर उनकी नाक काटने और जान लेने की योजना बनाई थी क्योंकि उन्होंने शंकराचार्य के विरुद्ध न्यायालय में कानूनी कार्रवाई शुरू की है। पीड़ित का कहना है कि उन्हें लंबे समय से धमकियां मिल रही थीं। पुलिस जांच और तनाव प्रयागराज पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। चूंकि मामला कौशाम्बी के सिराथू के पास का है, इसलिए जीआरपी (GRP) और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से सीसीटीवी फुटेज और ट्रेन में मौजूद गवाहों के बयान दर्ज करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

सॉफ्टवेयर कंपनी का दो करोड़ का सालाना पैकेज छोड़कर यशराज किसानों के साथ करेंगे गो संरक्षण

सीएम योगी के विजन को साकार करने में सहयोग करेगी आईआईटी खड़गपुर के इंजीनियर की स्पेशल टीम गोबर, गोमूत्र और बायोगैस के जरिए युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोसंरक्षण के विजन को अब आधुनिक तकनीक की शक्ति मिलेगी। योगी सरकार ने आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र और उनकी टीम के सहयोग से अब उत्तर प्रदेश की 300 से अधिक गोशालाओं में बायोगैस प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। इन प्लांटों के माध्यम से गोबर-गोमूत्र से स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खाद एवं अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे, जो ग्रामीण रोजगार का बड़ा जरिया बनेंगे। मुख्यमंत्री के विजन को अब नयी पीढ़ी की तकनीक और युवाओं की ऊर्जा का साथ मिलने से यूपी देश का आधुनिक टेक्नोलॉजी बेस्ड गोसंरक्षण मॉडल वाला राज्य बनने जा रहा है। युवाओं के लिए आजीविका का बनेगा नया मॉडल गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहली बार वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गोसंरक्षण को आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचगव्य से तैयार उत्पादों को उद्योग से जोड़कर युवाओं के लिए आजीविका का नया मॉडल बनेगा। इस पहल की अगुवाई आईआईटी खड़गपुर के पासआउट छात्र यशराज गुप्ता कर रहे हैं, जिन्होंने शनिवार को जालौन में अपने चार अन्य साथियों के साथ गोसेवा आयोग की टीम से मिलकर गोसंरक्षण पर काम करने की रणनीति बनाई है। तकनीक के सही उपयोग से गोसंरक्षण बनेगा ग्रामीण आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम जालौन से इस परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। खास बात यह है कि यशराज ने एक प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी का दो करोड़ रुपये का सालाना पैकेज छोड़कर गोसेवा से जुड़े इस सामाजिक और पर्यावरणीय मिशन को चुना है। यशराज का कहना है कि गो आधारित अर्थव्यवस्था भारत की परंपरा और स्थायी विकास मॉडल, दोनों से जुड़ी है। अगर तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो यह ग्रामीण आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन सकती है। शुरुआत में जालौन जिले की गोशालाओं में बायोगैस प्लांट्स स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जिनसे जैविक खाद, बायो-सीएनजी और बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। सफल प्रयोग के बाद प्रदेश के 300 से अधिक गोआश्रय स्थलों में इसी तकनीक का विस्तार किया जाएगा। ‘पंचगव्य वैल्यू चेन’ के औद्योगिक उपयोग पर देंगे विस्तृत प्रशिक्षण यशराज और उनकी टीम ने ‘पंचगव्य वैल्यू चेन’ (गोमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी) के औद्योगिक उपयोग पर विस्तृत प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। गोसेवा आयोग के पदाधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर यह टीम ऐसे उत्पाद तैयार करेगी, जिनकी बाजार में ब्रांडिंग और बिक्री की संभावनाएं मौजूद हैं। आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि योगी सरकार गोसंरक्षण के साथ-साथ उससे जुड़े आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों को भी आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री के विजन के तहत गोआश्रय स्थल अब पशुधन संरक्षण के साथ ऊर्जा और जैविक खाद उत्पादन के केंद्र बनेंगे। इससे गांवों में रोजगार बढ़ेगा और किसान की आमदनी में सीधा इजाफा होगा। इस मॉडल को प्रदेश भर में लागू करने का लक्ष्य जालौन से शुरू हो रही यह परियोजना यूपी के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। स्टार्टअप के माध्यम से आईआईटी खड़गपुर से निकले सॉफ्टवेयर इंजीनियर यशराज और उनकी टीम ने आने वाले समय में इस मॉडल को प्रदेश भर में लागू करने का लक्ष्य बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि गोसंरक्षण केवल सेवा या परंपरा का विषय नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का आधार बने।

सूरत मंदिर में मरी हुईं 2 छात्राएं, बेहोश करने वाले इंजेक्शन और ChatGPT से सुसाइड टिप्स की खोज

सूरत  गुजरात के सूरत शहर में स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम के अंदर कॉलेज में पढ़ने वाली दो छात्राओं की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों लड़कियों की उम्र 18 से 20 के बीच है। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने  बताया कि उन्हें घटनास्थल से बेहोशी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एनेस्थीसिया के इंजेक्शन मिले हैं। दोनों लड़कियों ने मौत से पहले ChatGPT पर “सुसाइड कैसे करें” इसके बारे में सर्च किया था। असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (एसीपी) एन.पी. गोहिल ने बताया कि कॉलेज में पढ़ने वाली दोनों छात्राएं शुक्रवार दोपहर से लापता थीं और बाद में उसी रात सानिया गांव के स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम के अंदर मरी हुई मिलीं। फोन कॉल नहीं उठा रही थीं उन्होंने बताया कि छात्राओं के परिजनों ने उनके लापता होने के बाद दिंडोली पुलिस थाने को सूचना दी थी। उनके फोन एक्टिव थे, लेकिन वो दोनों ही कॉल नहीं उठा रही थीं। फोन की लोकेशन ट्रेस होने के बाद, पुलिस की एक टीम सानिया गांव गई और उनकी तलाश शुरू की। हमें मंदिर के पास उनकी स्कूटी मिली। बाथरूम का दरवाजा तोड़कर निकाली गईं लाशें पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दोनों लड़कियों को मंदिर के बाथरूम की तरफ जाते हुए देखा गया। इसके बाद जब बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर दोनों बेहोश पड़ी मिलीं। उनमें से एक लड़की को सिविल अस्पताल और दूसरी को एसएमआईएमईआर अस्पताल ले जाया गया। दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पास में पड़े थे बेहोशी के इंजेक्शन अधिकारी ने बताया कि बाथरूम की तलाशी में बेहोशी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ एनेस्थीसिया इंजेक्शन मिले, जबकि उनमें से एक के फोन की गैलरी में सुसाइड से जुड़ी कुछ तस्वीरें मिलीं। पुलिस ने बताया कि दोनों यहां अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ती थीं और स्कूल टाइम से ही अच्छी दोस्त थीं। पुलिस ने बताया कि दोनों ने यह कदम क्यों उठाया, इसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है।

खिताबी जंग में टीम इंडिया के 5 सितारे, सूर्या के लिए होंगे निर्णायक ‘ब्रह्मास्त्र’

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत के 5 ऐसे खिलाड़ी हैं, जो तबाही मचा सकते हैं। ये 5 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो अपने दम पर टीम इंडिया को ट्रॉफी दिलाने की ताकत रखते हैं। कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए ये 5 प्लेयर्स फाइनल में ब्रह्मास्त्र साबित हो सकते हैं। इसमें जसप्रीत बुमराह से लेकर संजू सैमसन तक का नाम शामिल है। बता दें कि फाइनल मैच रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है। ऐसे में आइए आपको उन 5 प्लेयर्स के नाम बताते हैं, जो अकेले दम पर टीम इंडिया को ट्रॉफी दिला सकते हैं। भारत के इन 5 खिलाड़ियों पर होंगी नजरें- 1. जसप्रीत बुमराह भारत के दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हुए हैं। उन्होंने 7 मैचों में 6.62 की इकोनॉमी के साथ रन खर्च करते हुए 10 विकेट अपने नाम किए हैं। बुमराह विश्व कप में सबसे कम इकोनॉमी के साथ रन खर्च करने वाले गेंदबाज हैं। ऐसे में वे भारत को अपने दम पर मुकाबला जिता सकते हैं। 2. संजू सैमसन विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को वर्ल्ड कप के शुरूआती मैचों में खेलने का मौका नहीं मिला था। हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 उन्होंने वापसी की। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रनों की पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया। सेमीफाइनल में भी इंग्लैंड के खिलाफ 89 रनों की पारी खेली। वे पिछले दोनों मैचों में प्लेयर ऑफ द मैच रहे हैं। ऐसे में फाइनल मुकाबले में भी संजू बल्ले से तबाही मचा सकते हैं। 3. हार्दिक पांड्या ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या इस समय बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने सेमीफाइनल मैच में 12 गेंदों पर 27 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी। इसके अलावा गेंद के साथ 19वें ओवर में 9 रन खर्चे थे और भारत को फाइनल में पहुंचाने के लिए अहम भूमिका निभाई थी। हार्दिक टूर्नामेंट में अब तक दो अर्धशतक लगा चुके हैं और फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया के लिए मैच विनर साबित हो सकते हैं। 4. शिवम दुबे शिवम दुबे ऐसे खिलाड़ी हैं, जो मध्य क्रम में स्पिनर्स के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी करते हैं। इसके अलावा वे तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी शॉट्स खेलते हैं। शिवम ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भी 43 रन बनाए थे। इससे पहले भी वे नीदरलैंड्स के खिलाफ अर्धशतक लगा चुके हैं। दुबे बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं और टीम इंडिया को अपने दम पर मैच जिताने की ताकत रखते हैं। 5. ईशान किशन ईशान किशन इस समय बेहतरीन फॉर्म से गुजर रहे हैं। वे टूर्नामेंट में दो अर्धशतक लगा चुके हैं। इसके अलावा सेमीफाइनल मैच में भी 18 गेंदों पर 39 रनों की पारी खेली थी। वे पहले अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरूआत कर रहे थे लेकिन अब तीसरे नंबर पर बैटिंग के लिए आते हैं। हालांकि, किशन की आक्रामक बल्लेबाजी भारतीय टीम को फायदा पहुंचा सकती है।  

भोपाल में रंगपंचमी परेड, रंग-गुलाल बरसाने वाली मशीनें और ढोल-नगाड़ों के साथ शहरभर में निकलेगा जुलूस

भोपाल  राजधानी में रंगपंचमी का पारंपरिक चल समारोह इस बार नए रंग और अंदाज में नजर आ रहा । श्री हिंदू उत्सव समिति की ओर से रविवार 8 मार्च को सुबह 11 बजे सुभाष चौक, सराफा मार्केट से भव्य चल समारोह निकाल। आयोजन को लेकर शनिवार को समिति पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने परंपरागत मार्ग का संयुक्त निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस वर्ष चल समारोह को इंदौर की प्रसिद्ध ‘गेर’ की तर्ज पर निकालने की तैयारी की गई है। जुलूस में डुलडुल घोड़ी, ढोल-ताशे, डीजे और बैंड की आकर्षक प्रस्तुतियां होंगी। बड़ी संख्या में लोग पिचकारियां और गुलाल के साथ उत्सव में शामिल होंगे, जिससे पूरा मार्ग रंगों से सराबोर नजर आएगा। इस बार चल समारोह में विशेष झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। एक झांकी में भारत की क्रिकेट टीम द्वारा जीते गए वर्ल्ड कप का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें युवाओं के हाथों में ट्रॉफी होगी और लोग रंगों के साथ जश्न मनाते दिखाई देंगे। इसके अलावा भगवान बाल कृष्ण की पालकी भी निकलेगी, जिसमें वे विराजमान रहेंगे और श्रद्धालु उनके साथ होली खेलते हुए चलेंगे। संतों की अगुवाई में यह पालकी जुलूस का विशेष आकर्षण बनेगी। तिवारी के अनुसार लगभग दो किलोमीटर लंबे इस चल समारोह में पांच ट्रालों पर अलग-अलग झांकियां सजाई जाएंगी। इनमें राधा-कृष्ण की झांकी के साथ भगवान शिव-पार्वती की ‘मसान में होली’ की थीम भी शामिल रहेगी। इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंदौर की गेर की तरह इस बार भवानी चौक पर विशेष मशीनें लगाई जाएंगी, जिनसे रंग और गुलाल की वर्षा होगी। इससे पूरे मार्ग पर उत्सव का माहौल बनेगा और श्रद्धालु रंगों की बौछार के बीच होली का आनंद ले सकेंगे। समिति ने राजधानी के नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में शामिल होकर इस पारंपरिक आयोजन को भव्य और यादगार बनाएं। यह होगा चल समारोह का रूट चल समारोह सुभाष चौक कोतवाली से प्रारंभ होकर लोहा बाजार, जुनेराती गेट, जनकपुरी, पुराना पोस्ट आफिस, सिंधी मार्केट, भवानी चौक सोमवारिया, लखेरापुरा, पीपल चौक, चिंतामन चौराहा, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, इतवारा, जैन मंदिर रोड, गणेश चौक मंगलवार, कुन्दन नमकीन मार्ग, घोड़ा नक्कार, अग्रवाल पूरी भंडार, छोटे भैया चौराहा कारखर से हनुमान मंदिर गल्ला बाजार थाना हनुमानगंज में पर समाप्त होगा।

विशेषज्ञ का आगाह: ईरान युद्ध से कच्चे तेल की कीमतें कर सकती हैं $120 पार

नई दिल्ली इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मनोरंजन शर्मा का कहना है कि यदि ईरान संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने कहा कि एक विस्तारित भू-राजनीतिक संकट वैश्विक आर्थिक गणनाओं को महत्वपूर्ण रूप से बाधित कर सकता है। एक विशेष बातचीत में शर्मा ने कहा कि तेल की कीमतें पहले ही एक छोटे समय में तेजी से बढ़ चुकी हैं। इस संघर्ष से पहले कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे थीं, लेकिन अब यह 90 डॉलर के पार पहुंच चुकी हैं।   ब्रेंट क्रूड का मूल्य 91.84 डॉलर प्रति बैरल शनिवार को ब्रेंट क्रूड का मूल्य 91.84 डॉलर प्रति बैरल और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडियएट (डब्ल्यूटीआई) का मूल्य 89.62 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका था। शर्मा के अनुसार, पहले उम्मीद थी कि संघर्ष कुछ हफ्तों में समाप्त हो जाएगा, लेकिन अब स्थिति अधिक अनिश्चित लग रही है। शर्मा ने बताया कि देश के बजट अनुमानों और रिजर्व बैंक की गणनाएं तेल की कीमतों को लगभग 70 डॉलर या उससे कम मानकर की गई थीं। यदि कीमतें स्थायी रूप से बढ़ती हैं तो नीति निर्माताओं को अपने अनुमानों पर पुनर्विचार करना पड़ेगा। कीमतों में 10 डॉलर की वृद्धि से बढ़ेगी महंगाई हालांकि, उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से घरेलू मांग द्वारा संचालित होती है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि पर इस संकट के व्यापक प्रभाव को कम कर सकती है। लेकिन तेल की उच्च कीमतें व्यापार घाटा, चालू खाता घाटा और राजकोषीय घाटा को और बिगाड़ सकती हैं। कच्चे तेल की कीमतों में 10 डॉलर की वृद्धि से खुदरा महंगाई में 0.2-0.4 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। एक दशक पहले भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते कच्चे तेल की कीमत 145-147 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी स्थिति फिर से नहीं आएगी। लेकिन यदि संघर्ष बढ़ता है, तो तेल के 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।  

उड़ानें जोखिम में: पायलटों का सामना मिसाइल और ड्रोन खतरों से

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में घमासान के साथ-साथ दुनियाभर में चल रहे सैन्य संघर्षों ने सुरक्षित विमान यात्रा को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच विमान पायलटों को भयानक तनाव के दौर से भी गुजरना पड़ रहा है। बीते ढाई वर्षों में सैन्य संघर्षों में आई तेजी के चलते विमान यात्रा न केवल महंगी हुई है, बल्कि यात्राओं में लगनेवाला समय भी बढ़ गया है। पश्चिम एशिया में जगह-जगह फंसे लोगों के लिए अपने देश वापस लौटना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। वहीं, मिसाइलों और ड्रोन से हवाई अड्डों पर हमले ने जमीन से लेकर आसमान तक संकट खड़े कर दिए हैं। पायलटों पर बढ़ा बोझ विमान पायलटों और सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन से अफगानिस्तान और इजरायल तक भीषण सैन्य संघर्षों ने पायलटों पर बोझ बढ़ा दिया है। उनके लिए एयर स्पेस बेहद सिकुड़ गया है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। पायलटों का कहना है कि वे सेना के पायलट नहीं है। उन्हें हवा में मौजूद खतरों से निपटने का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। मौजूदा संकट की वजह से विमानन क्षेत्र में सुरक्षा का खतरा बढ़ता जा रहा है। इससे पायलटों में डर और चिंता गहराने लगी है। इसे देखते हुए एयरलाइंस कंपनियों ने मदद के लिए पीयर प्रोग्राम भी शुरू किए हैं, लेकिन इससे आंशिक मदद ही मिल रही है। जीपीएस स्पूफिंग से भी बढ़ा खतरा विमानन क्षेत्र को जीपीएस स्पूफिंग जैसे खतरों से भी निपटना पड़ रहा है, जिसमें विमानों को उनकी पोजीशन के बारे में दुर्भावनापूर्ण रूप से गुमराह करने का प्रयास किया जाता है। मिसाइल और ड्रोन के हमलों से बचने के लिए विमानों को ज्यादा ऊंचाई पर उड़ाया जा रहा है। मिसाइलों के हमले से बचने के लिए विमानों को 15000 फीट से ऊपर उड़ाया जा रहा है। इस मामले में पश्चिम एशिया के पायलट थोड़ा बहुत जोखिम भी उठा रहे हैं। लेबनान में बीते पांच मार्च को बेरूत हवाई अड्डे पर धुएं के बीच एक विमान के उड़ान भरने का वीडियो चर्चा में है। इस क्षेत्र के पायलटों का कहना है कि कोई भी ये गारंटी नहीं दे सकता कि हवाई अड्डों पर हमला नहीं होगा। विमानों के लिए नई चुनौती बन रहे ड्रोन विमानों को ड्रोन से भी खतरे बढ़ने लगे हैं। अपेक्षाकृत शांत इलाकों में भी ड्रोन उड़ने के मामले बढ़ रहे हैं। आकार में छोटे होने की वजह से ये जल्दी पहचान में नहीं आते और विमानों से टकराने का खतरा बना रहता है। विमानों में ट्रांसपोंडर के जरिये सिग्नल जारी होते रहते हैं, जिससे दूसरे विमानों को एक दूसरे की दूरी और पोजीशन का पता चलता रहता है, लेकिन ड्रोन के मामले में ऐसा नहीं होता। किसी पक्षी की तरह वे विमान से टकरा सकते हैं। यात्री विमानों के लिए इस्तेमाल होनेवाले नियमित राडार पर ड्रोन नजर नहीं आते। अमेरिका में काउंटरड्रोन तकनीक बनानेवाली कंपनी डीड्रोन के मुताबिक अमेरिका में 2025 में 12 लाख ड्रोन उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए हैं।  

चुनाव से पहले ममता का मास्टरस्ट्रोक: 10वीं पास युवाओं को हर महीने मिलेगा भत्ता

कोलकाता बंगाल में कुछ दिन बाद होने वाले विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने युवाओं और बेरोजगारों के लिए बड़ा दांव खेला। एसआइआर के बाद मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के खिलाफ कोलकाता के धर्मतल्ला में दूसरे दिन जारी धरना मंच से ममता ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर लोगों को संबोधित करते हुए बड़ी घोषणा की कि राज्य के 10वीं पास या उससे उपर के बेरोजगार युवाओं को आज यानी शनिवार से ही अब हर महीने 1500 रुपये का बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। क्या है बांग्ला युवा साथी योजना? चुनाव से पहले बेरोजगारी युवाओं को भत्ता देने के लिए ममता सरकार ने हाल में पेश राज्य बजट में नई बांग्ला युवा साथी योजना की घोषणा की थी। विशेष बात यह है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह योजना एक अप्रैल से लागू होनी थी, लेकिन ममता ने इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश देकर सबको चौंका दिया। ममता की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने इस योजना के तहत युवा लाभार्थियों को शनिवार से ही वित्तीय सहायता उनके बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी। योजना के तहत राज्य के ऐसे छात्र या युवा जिन्होंने माध्यमिक परीक्षा पास कर ली है, लेकिन अभी तक उन्हें नौकरी नहीं मिली है, उन्हें प्रति माह 1,500 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। भूमिहीन मजदूरों को भी मिलेगा सहयोग ममता ने राज्य बजट में युवा साथी के अलावा भूमिहीन खेत मजदूरों के लिए घोषित योजना को भी अप्रैल के बजाय आज से ही शुरू करने की घोषणा की। ममता ने कहा कि राज्य सरकार अपने वादों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम जो कहते हैं, वो करते हैं। युवा साथी योजना के तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के लगभग एक करोड़ युवाओं को इस वित्तीय सहायता का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह भत्ता उन छात्र-छात्राओं और युवाओं को दिया जा रहा है जो फिलहाल किसी अन्य सरकारी योजना के लाभार्थी नहीं हैं। उन्होंने इसे महिला दिवस के उपलक्ष्य में युवाओं के लिए एक उपहार करार दिया। बंगाल की बेरोजगारी दर में गिरावट ममता ने राज्य में रोजगार के आंकड़ों को रेखांकित करते हुए दावा किया कि बंगाल में बेरोजगारी दर में 40 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। उन्होंने उत्कर्ष बांग्ला जैसे कौशल विकास कार्यक्रमों की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 40 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 10 लाख युवाओं को सीधे रोजगार प्राप्त हुआ है। ममता ने इस दौरान केंद्र सरकार पर बकाया फंड को लेकर निशाना साधा और कहा कि छह लाख करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने के बावजूद बंगाल की विकास दर (जीएसडीपी) देश में शीर्ष पर है। उन्होंने राज्य में बन रहे छह आर्थिक गलियारों, बीरभूम के देवचा पचामी कोयला ब्लाक में एक लाख नौकरियों की संभावना और आइटी क्षेत्र में बेंगलुरु से बेहतर प्रदर्शन का भी दावा किया।  

अविश्वास प्रस्ताव पर बहस से शुरू होगा बजट सत्र का दूसरा चरण, संसद में जोरदार हंगामे की संभावना

नई दिल्ली बजट सत्र का पहला चरण सत्ता पक्ष और विपक्ष की तीखी तकरार की भेंट चढ़ गया और अब दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है। चूंकि, इस सत्र की शुरुआत ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के साथ होनी है, इसलिए हंगामे के पूरे आसार हैं। इसके अलावा ईरान-इजरायल युद्ध, ईरानी सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत पर भारत के संतुलित रुख और रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी दावे-दखल जैसे मुद्दों पर विपक्ष की जिस तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, उससे इशारा मिलता है कि इनके सहारे सरकार को घेरने का प्रयास होगा। वहीं, सरकार भी कमर कसकर तैयार दिख रही है। सरकार भी कर सकती है पलटवार एआई इम्पैक्ट समिट में अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने कांग्रेस के अर्धनग्न प्रदर्शन के मामले में अन्य विपक्षी सहयोगियों का साथ न मिलने से कांग्रेस अकेले कठघरे में खड़ी है तो इसे देश के अपमान से जोड़कर सरकार भी करारा पलटवार कर सकती है। इन मुद्दों पर हो सकता है गतिरोध बजट सत्र के दूसरे चरण में वैश्विक संघर्ष और उसके प्रभाव संसद में गतिरोध का कारण बन सकते हैं। विपक्षी दल रूसी तेल की खरीद जारी रखने में अमेरिका के दावे को आधार बनाकर संसद में भी इन आरोपों के साथ चर्चा कराना चाहेगा कि भारत अमेरिका के दबाव में है, क्योंकि राहुल गांधी इस मुद्दे को तूल दे भी रहे हैं। इसके साथ ही भारतीय समुद्री क्षेत्र में ईरानी युद्धपोत पर हमले की घटना को विपक्ष भारत के लिए सामरिक चुनौती के रूप में पेश कर सकता है। वहीं, खामेनेई की मौत पर भारत सरकार की शुरुआती चुप्पी पर भी कांग्रेस ने खास तौर पर सवाल उठाए हैं। उधर, चुनावी मुहाने पर खड़े पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। टीएमसी सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध जिस तरह के तीखे बयान दिए हैं, उससे पूरा अंदेशा है कि इस टीएमसी इसी मुद्दे पर संसद में गतिरोध पैदा करना चाहेगी। सत्ता पक्ष की क्या है तैयारी? हालांकि, लोकसभा स्पीकर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव को गिराने सहित विपक्ष को जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष ने भी पूरी तैयारी की है। कांग्रेस को खास तौर पर एआइ समिट में किए गए प्रदर्शन को लेकर घेरा जाएगा। उल्लेखनीय है कि बजट सत्र के पहले चरण में पूर्व सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक पर चर्चा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रयास से जोर पकड़ने वाला सियासी संग्राम पीठ के अपमान, आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव से लेकर सत्ता पक्ष के इस आरोप तक पहुंचा कि कांग्रेस की महिला सांसदों ने सदन में पीएम की कुर्सी का घेराव कर उन पर हमले का षड्यंत्र रचा। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी खींचतान चलती रही। सरकार अपनी ओर से तथ्य स्पष्ट करती रही और कांग्रेस समझौते पर सवाल उठाती रही। वह मामला दूसरा चरण में भी जारी रह सकता है, क्योंकि राजनीतिक मंचों से नेता प्रतिपक्ष इस मुद्दे को अभी भी लगातार उठा रहे हैं।  

मातृ स्वास्थ्य में नई पहल: गर्भवती महिलाएं अब व्हाट्सएप से करा सकेंगी अपना पंजीयन

भोपाल सरकारी अस्पतालों में अब गर्भवती महिलाओं को पर्चा बनवाने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। घर बैठे ही वाट्एसेप पर जानकारी भेजने से उनका पंजीकरण हो जाएगा। अस्पताल पहुंचते ही उनका पर्चा तैयार होगा और प्राथमिकता से उनकी जांच और उपचार होगा। मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने इसके लिए 9301089967 वाट्सएप नंबर जारी किया है। कई दिनों के अध्ययन के बाद लागू व्यवस्था अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले अस्पतालों की स्थिति का अध्ययन किया गया। जिला अस्पताल से लेकर काटजू अस्पताल तक की सीसीटीवी फुटेज देखी गई और मौके पर भी निरीक्षण किया।   हाईरिस्क गर्भवतियों के लिए अलग सेंटर जयप्रकाश जिला अस्पताल भोपाल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए अलग सेंटर बनाए गए हैं। इन केन्द्रों में 24 घंटे डॉक्टर और नर्स तैनात रहेंगे। महिलाओं और उनके परिजनों के ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था की गई है। गर्भवतियों को समय पर बेहतर इलाज की सुविधा सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को समय पर बेहतर इलाज मिले, इसलिए यह सुविधा शुरू की गई है। वाट्एसेप पर जानकारी मिलते ही उनका पर्चा बनाकर प्राथमिकता से उपचार दिया जाएगा।

स्वदेश लौटे जैन परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों के लिए जताया आभार

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से स्‍वदेश लौटे जैन परिवार ने जताया आभार सदस्‍यों ने मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव का किया स्‍वागत युद्ध के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा नागरिकों की वापसी के किए गए प्रयासों की प्रशंसा की भोपाल ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के दौरान उज्‍जैन से शारजाह गया जैन परिवार भी फंस गया था। इस दौरान मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव से संपर्क करने के बाद मुख्‍यमंत्री के विशेष प्रयासों से यह परिवार सकुशल उज्‍जैन लौट पाया। शनिवार को मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के उज्‍जैन आगमन पर जैन परिवार के सदस्‍यों ने वीवी आईपी गेस्‍ट हाउस पर डॉ. यादव का अभिनंदन कर आभार व्‍यक्‍त किया। विगत दिनों उज्‍जैन निवासी  अशोक तल्‍लेरा (जैन) परिवार के सदस्‍यों पत्नी संगीता तल्‍लेरा, बेटा श्रेयांस, बहू अंजली और 02 वर्षीय बालिका के साथ 23 फरवरी को इंदौर से शारजाह गए थे। परिवार की वापसी 01 मार्च को होना थी इसी बीच युद्ध शुरु होने के कारण फ्लाईट्स बंद हो गई थी। परिवार के सदस्‍यों ने भारतीय दूतावास में संपर्क कर वापस लौटने के प्रयास किए। वेटिंग होने के कारण मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा की तो उन्‍होंने तुरंत विशेष प्रयास कर जैन परिवार को भारत के लिए रवाना करवाया।  तल्‍लेरा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्‍व के कारण विदेशों में जाने वाले भारतीयों का सम्‍मान बढ़ा है। युद्ध के कारण विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व से ही जल्‍दी वापसी हुई है। मध्‍यप्रदेश सरकार ने भी विदेश में युद्ध के कारण फंसे मध्‍यप्रदेश के निवासियों की वापसी के लिए प्रयास करने के कारण ही लोग सकुशल घर पहुंच सके है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किए गए प्रयास के लिए परिवार के सभी सदस्‍यों ने उनका अभिनंदन कर आभार व्‍यक्‍त किया है। इस दौरान नगर निगम अध्‍यक्ष मती कलावती यादव भी उपस्थित थी।  

टीम इंडिया तीसरी बार खिताब के लिए उतरेगी, NZ की ‘तिकड़ी’ से होगी कड़ी प्रतिस्पर्धा

अहमदाबाद आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मैच रविवार को टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा. ये महामुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होगा. सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई है, जबकि न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को हराकर फाइनल के लिए क्वालिफाई किया है।  अहमदाबाद में टूटा था भारतीय फैन्स का दिल 19 नवंबर 2023 को इसी मैदान पर खेले गए वनडे वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर करोड़ों भारतीय फैंस का दिल तोड़ दिया था. उस दिन कप्तान रोहित शर्मा सहित पूरी भारतीय टीम बेहद निराश थी और करीब 93 हजार दर्शकों से भरा स्टेडियम भी खामोश हो गया था. हालांकि भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीतकर उस दर्द को कुछ हद तक कम किया था।  इतिहास रचने का मौका अब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया के पास इतिहास रचने का मौका है. अगर भारत यह फाइनल जीतता है तो वह टी20 वर्ल्ड कप खिताब को सफलतापूर्वक डिफेंड करने वाली पहली टीम बन जाएगी. साथ ही भारत तीसरी बार यह ट्रॉफी जीत सकता है. बता दें कि भारत ने 2007 और 2024 का टी20 वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किया था।  न्यूजीलैंड को हल्के में नहीं ले सकता भारत न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुएदक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई है. कीवी टीम के पास फिन एलन,ग्लेन फिलिप्स और कप्तान सैंटनर जैसे खिलाड़ी हैं, जो किसी भी दिन मैच का रुख बदल सकते हैं।  बुमराह होंगे सबसे बड़ा हथियार भारत के लिए इस मैच में सबसे बड़ा हथियार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हो सकते हैं. उनकी चार ओवर की गेंदबाजी फाइनल का रुख तय कर सकती है. सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भी बुमराह ने शानदार गेंदबाजी की थी और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।  अभिषेक शर्मा की फॉर्म चिंता टूर्नामेंट शुरू होने से पहले अभिषेक शर्मा शानदार फॉर्म में थे, लेकिन वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है. अगर उन्हें फाइनल में मौका मिलता है तो न्यूजीलैंड के ऑफ स्पिनर कोल मैककॉन्ची उनके खिलाफ जल्दी गेंदबाजी कर सकते हैं।  स्पिन विभाग में बदलाव संभव भारत के स्पिनरवरुण चक्रवर्ती भी हाल के मैचों में प्रभावी नहीं दिखे हैं. उनकी मिस्ट्री स्पिन अब बल्लेबाजों को ज्यादा परेशान नहीं कर पा रही है. ऐसे में संभावना है कि भारत फाइनल में उनकी जगह कुलदीप यादव को मौका दे सकता है।  भारतीय टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर. न्यूजीलैंड की टीम: मिचेल सेंटनर (कप्तान), फिन एलन, टिम सिफर्ट, रचिन रविंद्र, मार्क चैपमैन, ग्लेन फिलिप्स, डैरिल मिचेल, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, कोल मैककॉन्ची, काइल जैमीसन, जैकब डफी, डेवोन कॉनवे, जिमी नीशम, ईश सोढ़ी.

बिजली उपभोक्ताओं को झटका! MP में घाटे की भरपाई के लिए बढ़ सकती हैं बिजली दरें

भोपाल प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। ये बिजली चोरी नहीं रोक पा रही हैं। तकनीकी व अन्य कारणों से लाइन लॉस जारी है। बड़े बकायादारों पर करोड़ रुपए बकाया है। उसकी शत-प्रतिशत वसूली नहीं हो पा रही है। इन कमजोरियों की सजा हर बार बिजली के दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को दी जाती रही है। इस बार भी कंपनियों के प्रबंधन ने पौने दो करोड़ उपभोक्ताओं के सामने यही नौबत ला दी है। असल में मध्य, पूर्व व पश्चिम क्षेत्र बिजली कंपनियों ने विधानसभा में पूछे एक सवाल के जवाब में 9 साल के आय-व्यय का ब्योरा पेश किया है। इसके अनुसार, पूर्व क्षेत्र कंपनी को 16188.48 करोड़, पश्चिम क्षेत्र वितरण कंपनी को 3767 करोड़ व मध्य क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी को 14605.88 का घाटा हुआ। इस तरह तीनों कंपनियों ने 9 सालों में 34 हजार 561 करोड़ का घाटा हुआ है। नौ साल से घाटे में पूर्व और मध्य क्षेत्र कंपनी चिंता की बात ये है कि घाटे को कम करने के लिए 4000 करोड़ से ज्यादा खर्च करने के बावजूद पिछले नौ सालों से पूर्व और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियां घाटे में चल रही है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की बात करें तो इसका घाटा साल 2018-19 में सबसे ज्यादा 2896 करोड़ था। उसके बाद 2022-23 में 2451 करोड़ पर था। अब 2024-25 वित्तीय वर्ष में 1047 करोड़ दिखाया है। ऐसे ही मध्य क्षेत्र वितरण कंपनी का बात करें तो साल 2018-19 में घाटा सबसे ज्यादा 3837 करोड़ पर था। उसके बाद साल 2024-25 में 1570 करोड़ का घाटा दिखाया गया है। ये कंपनियां लगातार घाटे में चल रही हैं।   घाटा दिखाकर दाम बढ़ाने की सिफारिश प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियों में से सिर्फ पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी ने बीच के वर्षों में 2440 का लाभ दिखाया है। इन कंपनियों ने मप्र विद्युत नियामक आयोग को भी इसी तरह घाटा बताकर दाम बढ़ाने संबंधी सिफारिशें भेजी थीं। आयोग ने कंपनियों के प्रस्ताव का परीक्षण लगभग पूरा कर लिया है। यदि ये सिफारिशें मान ली गई तो 1 अप्रेल के बाद कभी भी बिजली के दाम बढ़ सकते हैं। इसका असर पौने वो करोड़ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। यह हाल तब है जब कंपनियों को उक्त घाटा पाटने के लिए बीते वर्षों में केंद्र व राज्य ने विभिन्न योजनाओं के तहत लाखों करोड़ रुपए दिए हैं। हाल के वर्षों में तीनों बिजली कंपनियोंको 4 हजार करोड़ से अधिक की राशि भी मिली थी। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी घाटे के बीच बनी नजीर पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी घाटे के बीच नजीर बनी है। पिछले चार वित्तीय वर्षों की बात करें तो साल 2021 से 2024 के बीच पश्चिम कंपनी भी लगातार 1790, 1130 और 125 करोड़ के घाटे में रही है। लेकिन साल 2024-25 में पश्चिम कंपनी को 730 करोड़ का लाभ हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि मध्य और पूर्व क्षेत्र की कंपनियां पश्चिम के फायदे के फॉर्मूले को क्यों नहीं अपना रही है। विभाग के अनुसार, पश्चिम क्षेत्र कंपनी ने बिजली चोरी रोकने के साथ ही स्मार्ट मीटर और नई तकनीक अपनाने में पहल की। बिल वसूली, फीडर सेपरेशन, डिजिटल मॉनीटरिंग व एनालिटिक्स की भी मदद लेकर नुकसान कम करने का प्रयास किया है। कंपनी का दावा है कि इससे उन्होंने नुकसान कम करने में सफलता पाई।

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