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11 मार्च का राशिफल: मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का जानें आज का हाल और भाग्य का हालचाल

मेष राशि मेष राशि वालों को इस बात का खास ध्यान रखना है कि गुस्से पर काबू रखें। क्रोध के अतिरेक से बचें। इस समय बड़े फैसले आपको बाद में दिक्कत में डाल सकते हैं। इसिलए शांत रहकर काम करें। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। इसका सही इस्तेमाल करें। वृष राशि वृषभ राशि वालों के मन प्रसन्न रहेगा, लेकिन आपकी लवलाइफ में आज परेशानी रहेगी। आत्मविश्वास से काम लें। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। कार्यभार भी बढ़ेगा। कर्क राशि कर्क राशि वालों का मन परेशान हो सकता है,लेकिन आपको अपना काम अच्छे से करना हैष नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है, इसलिए अलर्ट रहें।। परिश्रम अधिक रहेगा। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में लाभ के मौके आपको मिल मिलेंगे। मिथुन राशि मिथुन वालों के लिए समय अच्छा है। आपको इस समय ऑफिस में और पर्सनल लाइफ में ईगो को बाहर रखना है। आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। बातचीत में संयत रहें। नौकरी में अफसरों का सहयोग तो मिलेगा, परंतु नौकरी में बदलाव होगा। परिश्रम अधिक रहेगा। सिंह राशि सिंह राशि वालों को मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। सिंह राशि वालों के लिए हेल्थ से लेकर पर्सनल लाइफ में कुछ समस्याएं आ सकती हैं। इस समय आर्थिक फैसले लेते समय खास ध्यान रखें। पिता की सेहत का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। कारोबार के लिए विदेश यात्रा से आपको लाभ मिल सकता है। कन्या राशि कन्या वालों को अच्छी खबर मिल सकती है, लेकिन आपको आत्मसंयत रहें। बेकार के क्रोध से बचें। इस समय कारोबार में जो भी बदलाव हो रहे हैं, उन्हें आपको अपनाना होगा। परिवार व मित्रों का सहयोग मिलेगा। लाभ के अवसर मिलेंगे। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा है। आपको मन प्रसन्न रहेगा, लवलाइफ रोमांटिक रहेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। भागदौड़ अधिक रहेगी। मित्रों का सहयोग भी मिल सकता है। धनु राशि धनु राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। इस समय चंद्रमा की स्थिति अच्छी रहेगी, मन में उतार-चढ़ाव भी हो सकते हैं। माता की सेहत का ध्यान रखें। पिता का साथ आपको इस समय मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी, इसलिए अपना बजट बनाकर रखें वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय खास है, आपको ऑफिस में ऐसा मौका मिलेगा, जिसमें आप अपनी काबिलियत साबित कर सकते हैं। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। कारोबार का विस्तार होगा। परिवार का साथ मिलेगा। लाभ के अवसर मिलेंगे। मकर राशि मकर राशि वाले लोगों का यह समय आर्ट में अच्छा रहेगा, आपको नए काम मिल सकते हैं।रोमांस के सितारे मजबूत हैं। नौकरी में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। सेहत का ध्यान रखें। खर्चों की अधिकता भी हो सकती है। कुंभ राशि कुंभ राशि के लोगों का दिन आज आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। घर में धार्मिक कार्य हो सकते हैं, जिसके लिए आपको पैसा देना पड़ सकता है। भवन के रख-रखाव तथा साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ेंगे। शैक्षिक कार्यों में आपको समस्याएं आ सकती हैं। मीन राशि मीन राशि के लोगों के लिए आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। इस समय पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। आपकी लाइफ में एक के साथ एक कई समस्याएं आ सकती है, इसलिए थोड़ा सावधान रहें। बजट को रिव्यू करें।

संघर्ष से सफलता तक: सरकारी योजनाओं ने बदली शशि केशरवानी की जिंदगी

रायपुर सरकारी योजनाओं ने बदली शशि केशरवानी की तकदीर, छोटे व्यवसाय से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम चनवारीडांड की निवासी शशि केशरवानी आज उन महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को नई दिशा दी है। कभी छोटे स्तर पर व्यवसाय करने वाली शशि आज आत्मनिर्भरता की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। शशि केशरवानी बिहान योजना के अंतर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। प्रारंभिक दिनों में उनका व्यवसाय बहुत छोटे स्तर पर चलता था, जिससे परिवार की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो जाता था। व्यवसाय को आगे बढ़ाने की इच्छा तो थी, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी एक बड़ी बाधा बनी हुई थी। समूह से मिला आर्थिक सहयोग, बढ़ा व्यवसाय      स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद शशि केसरवानी को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने समूह से समय-समय पर ऋण लेकर अपने छोटे व्यवसाय को विस्तार देना शुरू किया। शुरुआत में लिया गया छोटा लोन उनके लिए एक नई शुरुआत साबित हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने अपने व्यवसाय को बढ़ाते हुए कई बार समूह से ऋण लिया। अब तक वे लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये तक का ऋण प्राप्त कर चुकी हैं। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने व्यवसाय को मजबूत करने, सामग्री खरीदने और काम का दायरा बढ़ाने में किया। निरंतर मेहनत और सही दिशा में निवेश के कारण उनका व्यवसाय धीरे-धीरे स्थिर और मजबूत होता गया। महतारी वंदन योजना बनी सहारा      शशि केसरवानी को महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी काफी सहायक सिद्ध हो रही है। इस योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के साथ-साथ घर की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। इस अतिरिक्त सहयोग से उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा और आर्थिक रूप से भी उन्हें मजबूती मिली। आज उनका व्यवसाय पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और बेहतर स्थिति में पहुंच चुका है। अब हर महीने हो रही 7-8 हजार रुपये की आय      लगातार मेहनत, समूह का सहयोग और सरकारी योजनाओं के लाभ से आज शशि केसरवानी की मासिक आय लगभग 7 से 8 हजार रुपये तक पहुंच गई है। अपने व्यवसाय के माध्यम से वे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी पेश कर रही हैं। सरकारी योजनाओं से बदली जिंदगी      शशि केशरवानी का कहना है कि यदि उन्हें स्वयं सहायता समूह और सरकारी योजनाओं का सहयोग नहीं मिलता, तो शायद वे अपने व्यवसाय को इस स्तर तक नहीं पहुंच पातीं। इन योजनाओं ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया। वे इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। आज शशि केसरवानी की कहानी यह बताती है कि यदि इच्छाशक्ति, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो सरकारी योजनाएं वास्तव में आम लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

गैस संकट पर काबू! सरकार का दावा—रिफाइनरियों ने बढ़ाया LPG उत्पादन

ईरान ईरान युद्ध और मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच तेल और गैस सप्लाई में आई बाधा के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी (रसोई गैस) की कोई कमी नहीं है और हाल के दिनों में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की संभावित कमी को लेकर जो चिंताएं सामने आई थीं, अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, तेल रिफाइनरियों को निर्देश दिए जाने के बाद एलपीजी उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। साथ ही जमाखोरी और अनियमितताओं को रोकने के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक कदम भी उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि देश की सभी तेल रिफाइनरियां फिलहाल 100 प्रतिशत क्षमता के साथ काम कर रही हैं ताकि एलपीजी की आपूर्ति लगातार बनी रहे। इसके अलावा वितरण व्यवस्था पर निगरानी को और सख्त करने के लिए मॉनिटरिंग अवधि को 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। सरकार ने जमाखोरी और काला बाजारी पर रोक लगाने के लिए Essential Commodities Act के प्रावधान लागू किए हैं। हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि Essential Services Maintenance Act (ESMA) लागू नहीं किया गया है। अफवाहों से बचने की अपील सरकार ने कहा कि कुछ समय के लिए बाजार में चिंता की स्थिति बनी थी, लेकिन अब आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है। लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करने की अपील की गई है, क्योंकि ऐसी अफवाहें अनावश्यक घबराहट पैदा कर सकती हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता अधिकारियों ने बताया कि घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कुछ उद्योग संगठनों द्वारा व्यावसायिक एलपीजी की संभावित कमी को लेकर चिंता जताई गई थी, लेकिन सरकार ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वैश्विक संकट के बीच भारत की तैयारी सरकारी सूत्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव के बावजूद India ऊर्जा आपूर्ति के मामले में कई देशों से बेहतर स्थिति में है। ऊर्जा मंत्रालय और तेल कंपनियां लगातार अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं के संपर्क में हैं ताकि आपूर्ति श्रृंखला में कोई बाधा न आए। सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और मांग को संभालने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। किसी प्रकार का संकट नहीं है।  

संघर्ष से सफलता तक: मेहनत ने बदली जिंदगी की दिशा

रायपुर सब्जी उत्पादन से आरती की सालाना आय पहुँची 1.13 लाख मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनपद पंचायत भरतपुर के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कुवांरी की निवासी  आरती सिंह ने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया और आज वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। स्वयं सहायता समूह से मिला आगे बढ़ने का अवसर आरती सिंह मां महामाया स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया और इस राशि का उपयोग सब्जी उत्पादन शुरू करने में किया। शुरुआत में छोटे स्तर पर शुरू किया गया यह प्रयास आज एक सफल आजीविका में बदल चुका है। विभिन्न सब्जियों की खेती से बढ़ी आय     आरती अपने खेत में गोभी, टमाटर, आलू, प्याज, बैंगन, लहसुन और मटर जैसी विभिन्न सब्जियों का उत्पादन करती हैं। इसके साथ ही वे गेहूं की खेती भी करती हैं। मौसम के अनुसार फसल परिवर्तन और मेहनत के कारण उनकी सब्जियों की गुणवत्ता बेहतर रहती है, जिससे गांव के साथ-साथ आसपास के बाजारों में भी उनकी सब्जियों की अच्छी मांग बनी रहती है। आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा लगातार परिश्रम और खेती की बेहतर योजना के कारण आज सब्जी उत्पादन और कृषि से उनकी वार्षिक आय लगभग 1 लाख 13 हजार 10 रुपये तक पहुंच गई है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके जीवन में आत्मविश्वास व सम्मान भी बढ़ा है। अब वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने के साथ-साथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी प्रयासरत हैं। अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा    आरती की यह सफलता कहानी केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी सफलता को देखकर कई महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हो रही हैं। इससे गांव में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिल रही है।

बिहान से बदली ममता की जिंदगी सब्जी की खेती से ममता बनी आत्मनिर्भर

रायपुर महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी अपने परिश्रम से आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं और समाज में एक नई पहचान बना सकती हैं। सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत सिलफिली की निवासी ममता विश्वास आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों से जूझने वाली ममता ने अपनी मेहनत, लगन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान‘ से मिली सहायता के बल पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। ममता विश्वास एकता महिला स्वंय सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बचत और स्वावलंबन के महत्व को समझा तथा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का संकल्प लिया। बिहान योजना के अंतर्गत बैंक लिंकेज के माध्यम से उन्हें 30,000 रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग करते हुए ममता ने अपने खेत में सब्जी की खेती शुरू की। आज ममता विश्वास सब्जी उत्पादन और बिक्री से प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख से 3 लाख 50 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे अपने बच्चों की शिक्षा और घर की जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर पा रही हैं। ममता का कहना है कि ‘बिहान योजना और समूह से मिली सहायता ने उनके जीवन में नया आत्मविश्वास पैदा किया है। अगर महिलाएं समूह से जुड़कर मेहनत करें तो वे भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।‘ आज ममता विश्वास की सफलता से प्रेरित होकर गांव की अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्व-रोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।

Uniform Civil Code पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा संकेत, संसद से कानून बनाने की अपील

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर देश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। शरीयत कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस मामले में संसद को विचार करना चाहिए। कानूनी शून्य (Legal Vacuum) पैदा होने का खतरा चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कहा कि यदि अदालत सीधे शरीयत कानून को खत्म कर देती है, तो इससे एक ‘कानूनी शून्य’ पैदा हो जाएगा। पीठ के अनुसार, ऐसी स्थिति में मुस्लिम विरासत (Inheritance) को नियंत्रित करने के लिए कोई वैकल्पिक कानून मौजूद नहीं रहेगा। अदालत ने याचिकाकर्ता की मांग को सकारात्मक बताते हुए इसे विधायिका (Legislature) के पाले में डाल दिया। हक और सुधारों के बीच संतुलन सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि सुधारों की प्रक्रिया में हमें यह ध्यान रखना होगा कि किसी समुदाय को उन अधिकारों से वंचित न कर दिया जाए जो उन्हें वर्तमान में मिल रहे हैं। वहीं, जस्तटिस बागची ने रेखांकित किया कि UCC लागू करने का अधिकार संसद के विवेक पर निर्भर है। उन्होंने कहा… “एक पुरुष के लिए एक पत्नी का नियम फिलहाल सभी समुदायों पर समान रूप से लागू नहीं है। इसका अर्थ यह नहीं कि कोर्ट सभी दूसरी शादियों को असंवैधानिक घोषित कर दे। हमें नीति निदेशक सिद्धांतों (Directive प्रिंसिपल्स) को प्रभावी बनाने के लिए विधायी शक्ति पर निर्भर रहना होगा।”  

भारतीय ज्ञान परंपरा हमारी ताकत, इसे आगे बढ़ाना समय की मांग : मंत्री परमार

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम 2026 का किया शुभारंभ भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि भारत देश कभी गरीब नहीं था, बल्कि एक समृद्ध देश था। भारत को सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता था। भारत का ज्ञान सर्वश्रेष्ठ था और यहां का किसान आत्मविश्वासी और सामर्थ्यवान था। भारत का समाज, शिक्षित समाज था। भारत की संस्कृति और परंपराएं मजबूत थी। वैज्ञानिक भारतीय समाज की विशेषता थी। भारत की इसी समृद्धि के कारण ही विदेशी लुटेरे, मुगल और अंग्रेज भारत आए तथा समृद्ध भारत को हर स्तर पर लूटने का प्रयास किया। संस्कृति, परंपराओं,वेदों , शिक्षा केंद्रों, खेल परिसरों आदि को नष्ट करने के कार्य के साथ भारतीय समाज के अशिक्षित होने, रूढ़िवादी होने, अंधविश्वासी होने का दुष्प्रचार भी किया। अब समय आ गया है जब हम भारत के महानतम ज्ञान एवं भारतीय समाज के बारे में भ्रांतियां को दूर करने के सशक्त उपाय करते हुए देश की स्वतंत्रता की 100वी वर्षगांठ वर्ष-2047 तक भारत को, विकसित भारत के महानतम लक्ष्य के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा के वैशिष्ट्य को पूरी क्षमता से मनाए। मंत्री परमार ने कहा भारतीय समाज की अवधारणा को समझने और पुनः स्मरण करने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस एक उपयुक्त अवसर है कि जब हम वैज्ञानिक शोध करें और यदि हमें सामाजिक मान्यताओं में रूढ़िवाद, अंध विश्वास दिखे, तो हमें छोड़ना पड़ेगा। हम युगानुकल परिवर्तन के पक्षधर हैं। मंत्री परमार नेसोमवार को महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में आयोजित 2 दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम 2026 का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। इसके पहले मंत्री परमार ने एविएशन विंग का भ्रमण कर गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। मंत्री  परमार ने उड़ान अकादमी के अधिकारियों से विचार विमर्श कर कार्यक्रम के प्रगति की जानकारी भी ली। कार्यक्रम में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भारत सरकार, नई दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एस. पी. गौतम एवं अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा के कुलगुरु प्रो. राजेंद्र कुमार कुडरिया, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ आर पी सिंह, पूर्व कुलगुरु प्रो भरत मिश्रा, पूर्व कुलगुरु प्रो कपिल देव मिश्रा सहित शिक्षकगण, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

डीजीपी इलेवन टीम ने पुलिस मुख्यालय में डीजीपी कैलाश मकवाणा से की सौजन्य भेंट’

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस की डीजीपी इलेवन क्रिकेट टीम ने वर्तमान खेल सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए चार प्रमुख क्रिकेट प्रतियोगिताओं में विजेता बनकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस अवसर पर डीजीपी इलेवन टीम के खिलाड़ियों ने पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर डीजीपी  मकवाणा ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके अनुशासन, टीम भावना और खेल के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी अपने कर्तव्यों के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं, जो संगठन के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रेरित किया। उल्लेखनीय है कि डीजीपी इलेवन टीम ने इस सत्र में आयोजित चार प्रमुख क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए सभी में विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। टीम ने हमीदिया कप टी-10 क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में गिल्ट फ्री टीम को पराजित कर खिताब अपने नाम किया। इस मैच में डीजीपी इलेवन की ओर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विशाल भदौरिया को मैन ऑफ द फाइनल चुना गया। इसी प्रकार टीम ने 5वीं स्व.  हुकुम सिंह ठाकुर स्मृति डिपार्टमेंटल क्रिकेट प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए नगर निगम कमिश्नर एकादश को पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। इस मुकाबले में अरुण सिंह ने प्रभावी गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट प्राप्त किए और उन्हें मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त महेश्वर खेल-कूद शिक्षण एवं सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित 18वीं चैलेंजर ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता के विभागीय फाइनल में डीजीपी इलेवन ने जिला पुलिस बल भोपाल को 121 रनों से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। नेहरू नगर पुलिस लाइन, भोपाल में खेले गए इस मुकाबले में डीजीपी इलेवन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 218 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिला पुलिस बल भोपाल की टीम डीजीपी इलेवन की सधी हुई गेंदबाजी के सामने 97 रन पर सिमट गई। डीजीपी इलेवन की ओर से राहुल रावत ने 4 विकेट, नरेंद्र रैकवार ने 3 विकेट तथा अरुण ने 1 विकेट लेकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिशांत खरे को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। टीम ने इसी सत्र में आयोजित 31वें इंटर प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया, जिसमें डीजीपी इलेवन की ओर से अंकुश सराठे ने 4 विकेट लेकर जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डीजीपी इलेवन की इस उपलब्धि ने यह भी प्रदर्शित किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस में खेल गतिविधियाँ केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अनुशासन, शारीरिक फिटनेस, टीम भावना और सकारात्मक कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खिलाड़ियों का उत्साहपूर्ण एवं अनुशासित प्रदर्शन पुलिस बल में स्वस्थ कार्यसंस्कृति, आपसी सहयोग और कल्याण की भावना को भी सशक्त करता है।  

तनाव बढ़ा: ईरान की ट्रंप को सख्त चेतावनी, कहा– अलर्ट रहें वरना अंजाम गंभीर होगा

ईरान ईरान और अमेरिका के बीच जंग जारी है। गोला-बारूद के अलावा अब जुबानी हमले भी तेज हो गए हैं। बढ़ते तनाव के बीच ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है। न्यूज एजेंसी के अनुसार, अधिकारी ने कहा कि ट्रंप को अलर्ट रहना चाहिए, कहीं ऐसा न हो कि वह खुद ही खत्म हो जाएं। गौरतलब है कि यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के ठिकानों पर हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की ओर से कहा गया है कि अगर अमेरिका ने हमले जारी रखे तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि ईरान के खिलाफ युद्ध अल्पकालिक हो सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस्लामी गणराज्य वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करता है तो लड़ाई और तेज हो सकती है। ट्रंप ने मियामी के पास अपने गोल्फ क्लब में रिपब्लिकन सांसदों से कहा कि हम कुछ शैतानी ताकतों को खत्म करने के इरादे से कुछ समय के लिए पश्चिम एशिया में थे और मुझे उम्मीद है कि यह सब जल्द खत्म हो जाएगा। इस बयान के कुछ घंटे बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल के प्रवाह को रोकने वाला कोई भी कदम उठाता है तो अमेरिका उस पर अब तक की तुलना में बीस गुना अधिक जोरदार हमले करेगा। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि अमेरिका के साथ बातचीत का अनुभव ‘कड़वा’ रहा है और अब उसके साथ नए सिरे से कूटनीतिक वार्ता की संभावना नहीं है। अराघची ने पीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में अमेरिका पर बार-बार विश्वासघात और सैन्य आक्रामकता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि अमेरिकियों से बातचीत या उनके साथ बातचीत करने का सवाल अब एजेंडे में होगा। हमारे लिए यह अनुभव बहुत कड़वा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने पिछले वर्ष जून में अमेरिका के साथ अच्छे इरादे से बातचीत शुरू की थी, लेकिन बातचीत के दौरान ही उस पर हमला कर दिया गया। अराघची के अनुसार इस वर्ष भी अमेरिका ने यह भरोसा दिलाया था कि वह हमला नहीं करेगा और ईरान के परमाणु मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है। विदेश मंत्री ने कहा कि तीन दौर की बातचीत में प्रगति के बावजूद हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ गए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी वार्ता दल ने भी प्रगति को स्वीकार किया था, लेकिन इसके बावजूद हमला किया गया। अराघची ने फारस की खाड़ी के देशों को संदेश देते हुए कहा कि क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले आत्मरक्षा के अधिकार के तहत किये गये हैं। उन्होंने कहा कि यदि अन्य देश अपनी सुविधाओं की सुरक्षा के लिए कदम उठा सकते हैं तो ईरान को भी अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध ईरान ने नहीं चुना बल्कि उस पर थोपा गया है और देश केवल अपनी रक्षा कर रहा है। अराघची ने यह भी कहा कि ईरान जरूरत पड़ने तक मिसाइल हमले जारी रखने के लिए तैयार है। उन्होंने क्षेत्रीय देशों के साथ संबंधों को लेकर उठ रही चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि ईरानी जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

चीन से शिफ्ट हो रहा उत्पादन, भारत में 2025 में 5.5 करोड़ आईफोन बने

नई दिल्ली Apple ने पिछले साल भारत में iPhone का प्रोडक्शन लगभग 53% बढ़ा दिया था। अब कंपनी अपने खास डिवाइस का एक-चौथाई हिस्सा देश में ही बनाती है। इससे पता चल रहा है कि चीन पर लगने वाले टैरिफ से बचने के लिए ऐपल भारत में अपना प्रोडक्शन बढ़ा रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी ने 2025 में भारत में लगभग 55 मिलियन (5.5 करोड़) iPhone असेंबल किए थे। यह संख्या 2024 से काफी ज्यादा है। एक साल पहले यानी 2024 में कंपनी ने 36 मिलियन यानी लगभग 3.6 करोड़ आईफोन असेंबल किए थे। 2025 में असेंबल किए 5.5 करोड़ आईफोन  रिपोर्ट के अनुसार, कुछ सोर्स ने अपना नाम ना बताने की शर्त पर जानकारी दी है कि 2025 में भारत में 55 मिलियन (5.5 करोड़) आईफोन असेंबल किए गए। बता दें कि अभी ये डेटा रिलीज नहीं किया गया है। इस कारण सोर्स ने अपना नाम छिपाने के लिए कहा। Apple दुनिया भर में हर साल लगभग 220 से 230 मिलियन (22 करोड़ से 23 करोड़) iPhone बनाती है। इस संख्या में भारत की हिस्सेदारी साल दर साल बढ़ती जा रही है। भारत में आईफोन के प्रोडक्शन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव’ से बढ़ावा मिला है। इसका मकसद भारत को ‘दुनिया की फैक्ट्री’ बनाना है। आईफोन के नए मॉडल भी भारत में हो रहे असेंबल Apple फिलहाल अपने लेटेस्ट iPhone 17 लाइनअप के सभी वर्जन भारत में असेंबल करता है, जिसमें हाई-एंड Pro और Pro Max मॉडल भी शामिल हैं। भारत में इसके सप्लायर Foxconn Technology Group, Tata Electronics और Pegatron Corp हैं। लोकल मार्केट में बिक्री और एक्सपोर्ट के लिए iPhone 15 और iPhone 16 जैसे पुराने मॉडल भी भारत में असेंबल होते हैं। आगे आने वाले समय में कंपनी अपने और भी मॉडल भारत में असेंबल कर सकती है और यहां अपना प्रोडक्शन और भी बढ़ा सकती है। ज्यादा टैरिफ बना चीन के लिए मुसीबत चीन में ऐपल अभी भी अपने ज्यादा आईफोन बनाता है। इसके बाद भी 2025 में कंपनी को चीन से होने वाली शिपमेंट में काफी मुश्किलें आईं थी। इसका कारण अमेरिका और चीन के बीच चल रहे टैरिफ विवाद था। इस वजह से ऐपल और उसके सप्लायर्स को अमेरिकी बाजार के लिए बनने वाले ज्यादातर डिवाइसों का उत्पादन चीन से हटाकर दूसरी जगहों पर ले जाना पड़ा। इस बीच ऐपल के लिए भारत एक सही और आसान ऑप्शन के रूप में सामने आया और कंपनी ने यहां अपना प्रोडक्शन बढ़ा दिया। हालांकि, Apple के एक प्रवक्ता ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

MP में खेल शिक्षक भर्ती को लेकर हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश, नियुक्ति अंतिम फैसले के अधीन

जबलपुर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों में माध्यमिक शिक्षक खेल के पदों पर होने वाली नियुक्तियों को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन कर दिया है। इस पद पर नियुक्ति के लिए निर्धारित योग्यता को चुनौती देने के मामले में कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय, मप्र कर्मचारी चयन बोर्ड के चेयरमैन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को नियत की गई है। याचिकाकर्ता मुरैना निवासी सुरेन्द्र सिंह कुशवाह और मुरारी लाल शाक्य की ओर से अधिवक्ता आर्यन उरमलिया ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं ने माध्यमिक शिक्षक (खेल) भर्ती 2024 में भाग लिया। पात्रता और चयन परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उनका नाम मैरिट में आया। इसके बाद दस्तावेज परीक्षण में उनकी उम्मीदवारी निरस्त कर दी गई। याचिकाकर्ताओं के पास डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन की योग्यता है। परीक्षण में यह कहा गया कि उक्त पद के लिए बैचलर आफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) की योग्यता चाहिए। दलील दी गई कि भर्ती अधिसूचना में बीपीएड और डीपीएड को समकक्ष योग्यता का प्रविधान किया गया था। याचिकाकर्ता योग्य थे, तभी चयन प्रक्रिया में सम्मिलित हुए थे। उनका नाम मैरिट सूची में भी आया और दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी की गई, किंतु बाद में मौखिक रूप से यह कहा गया कि उनकी डीपीएड योग्यता को बीपीएड के समकक्ष नहीं माना जाएगा।  

मंत्री भूरिया ने कहा- सीएम यादव, महान शिक्षाविद सावित्रीबाई फुले के सपनों को कर रहे हैं साकार

भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार महान समाजसेविका और देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के सपने को पूरा करने का कार्य कर रही है। नारी सशक्तिकरण के लिये प्रदेश में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। भारत के सामाजिक इतिहास में सावित्रीबाई फुले नाम महिला शिक्षा और सशक्तिकरण की पहली अग्रदूत के रूप में आदर के साथ लिया जाता है। वे देश की पहली महिला शिक्षिका थीं, जिन्होंने ऐसे समय में बालिकाओं की शिक्षा के लिए अलख जगाई, जब समाज में महिलाओं को पढ़ाने की कल्पना भी नहीं की जाती थी। सावित्रीबाई फुले ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए बेटियों को शिक्षा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया और महिलाओं के सम्मान, अधिकार और समानता की नींव रखी। भारत के सामाजिक इतिहास में चुनिंदा ऐसे महान व्यक्तित्व हुए हैं जिन्होंने अपने साहस, दूरदर्शिता और समाज के प्रति समर्पण से देश को नई दिशा दी। ऐसी ही महिला सशक्तिकरण की अग्रदूत थीं सावित्री बाई फुले। उनकी पुण्यतिथि हमें पुण्य स्मरण कराती है कि महिलाओं को शिक्षा के साथ समानता के अधिकार और सम्मान के बिना समाज की वास्तविक प्रगति संभव नहीं है। सावित्रीबाई फुले ने ऐसे समय में महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा के लिए संघर्ष किया, जब समाज में महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखा जाता था। उन्होंने न केवल देश का पहला बालिका विद्यालय शुरू किया, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ भी आवाज़ बुलंद की। उनके प्रयासों ने महिलाओं को आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की राह दिखाई। आज उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मध्यप्रदेश सरकार भी सावित्रीबाई फुले के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए महिलाओं और बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, शिक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना के माध्यम से बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह योजना बेटियों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। इसी प्रकार लाड़ली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत आधार दे रही है, जिससे वे परिवार और समाज में अधिक आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिलाओं और बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए पोषण अभियान तथा आंगनवाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के समुचित पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और गर्भवती और धात्री माताओं के स्वास्थ्य तथा बालिकाओं के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं, जागरूकता अभियानों और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ कर रही है। स्व-सहायता समूहों और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार और स्व-रोजगार तथा उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सके। महान शिक्षाविद सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर हम उन्हें केवल स्मरण ही न करें, बल्कि उनके स्थापित आदर्शों को अपनाकर अन्य लोगों को भी प्रेरित करें। प्रत्येक बेटी को जब शिक्षा, सम्मान और अवसर मिलेगा, तभी एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव होगा। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना भी है, जहां महिलाएँ आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सकें। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक अवसरों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री सुश्री भूरिया ने सभी से अपील की है कि सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर हम सभी यह संकल्प लें कि महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा और सम्मान के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी और यही एक विकसित और सशक्त भारत की दिशा में हमारा महत्वपूर्ण कदम होगा।  

गुना के डायल 112हीरोज: तत्परता से मिली मदद, ऑटो पलटने से घायल महिलाओं को पहुँचाया अस्पताल

भोपाल गुना जिले के थाना धरनावदा क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल हुई महिलाओं को डायल-112 जवानों की त्वरित कार्रवाई से समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। 10 मार्च को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना धरनावदा क्षेत्र में रुठियाई से धरनावदा रोड पर एक सवारी ऑटो मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गया है, जिससे उसमें सवार कई महिलाएँ घायल हो गई हैं। सूचना मिलते ही धरनावदा थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112एफआरव्ही वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर आरक्षक  मोहर सिंह एवं पायलट  माखन सिंह गुर्जर ने पाया कि रुठियाई से पटना गाँव की ओर जा रहा सवारी ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया था, जिससे उसमें सवार लगभग 07-08 महिलाएँ घायल हो गई थीं। डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए सभी घायलों को सुरक्षित रूप से एफआरव्ही वाहन की सहायता से रुठियाई अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार प्रारंभ किया गया। डायल-112 जवानों की तत्परता और जिम्मेदार कार्रवाई के कारण घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी। डायल 112हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस हर आपात स्थिति में आमजन की सहायता और जीवन रक्षा के लिए सदैव तत्पर और समर्पित है।  

कृषि क्षेत्र को मजबूती देने पर जोर, मंत्री ऐदल सिंह कंषाना बोले—किसानों का कल्याण हमारी प्राथमिकता

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसानों का कल्याण करना राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित कर खेती को लाभ का धंधा बनाने और किसानों की आय आय बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। कृषि विभाग द्वारा किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं और गतिविधियां संचालित की गई हैं । विभाग का प्रमुख दायित्व प्रदेश में कृषि फसलों की उत्पाद‌कता में वृद्धि, भूमि एवं जल प्रबंध, लघु सिंचाई कार्यक्रमों का विस्तार एवं नवीनतम विकसित कृषि तकनीकी को खेतों तक पहुंचाने के लिए कृषकों को प्रेरित करना है। आधुनिक कृषि उपकरणों तथा उन्नत प्रमाणित बीजों का उपयोग बढ़ाने के साथ-साथ अन्य आदान सामग्री की उपलब्धता सुचारू रखने का दायित्व भी विभाग का है। कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि समन्वित रूप से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कृषकों की आय में वृद्धि करने के उद्‌देश्य से वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। डिजीटल एग्रीकल्चर के माध्यम से क्षेत्र का आधुनिकीकरण करने एवं कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के अतिरिक्त मूल्य संवर्धन के माध्यम से नये रोजगार सृजन करना इसके आधारभूत लक्ष्य हैं। ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ की दिशा में कृषक कल्याण वर्ष-2026 में प्रदेश में कृषि विकास का बहु आयामी मॉडल निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत विभिन्न बहुउद्‌देशीय गतिविधियों का समावेश किया गया है। ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने एवं किसानों को आवश्यक उर्वरकों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए “ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान)” की शुरुआत की गई है। यह एक डिजिटल प्रणाली है, जिसका उ‌द्देश्य किसानों को अनुशंसित मात्रा अनुसार उर्वरक प्रदाय करने एवं उर्वरक प्राप्ति में होने वाली समस्याओं जैसे लंबी कतारें, कालाबाजारी, अनियमित वितरण एवं बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करना है। 1 अक्टूबर 2025 से प्रदेश के तीन जिलों विदिशा, शाजापुर एवं जबलपुर में ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली लागू की गयी। इसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप ई-विकास प्रणाली को सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में लागू किया गया है। ई-विकास के माध्यम से वर्तमान में 2 लाख 11 हजार किसानों द्वारा 1.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरक क्रय किया गया है। भावांतर भुगतान योजना राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में किसान भाईयों के लिये खरीफ वर्ष 2025 में सोयाबीन फसल के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू की गई। यह योजना प्रदेश के किसानों को सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से लागू की गई है जिससे प्रदेश में सोयाबीन के उत्पादन को प्रोत्साहन मिल सकेगा। योजना में 1700 से अधिक पंजीयन केंद्रों पर 9 लाख से अधिक किसानों द्वारा फसल विक्रय के लिए पंजीयन कराया गया। अन्न (कोदो-कुटकी) प्रोत्साहन प्रदेश के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में अन्न (कोदो-कुटकी) के क्षेत्र विस्तार एवं उत्पादन को प्रोत्साहित कर किसानों की आय में वृध्दि किये जाने के लिए “रानी दुर्गावती अन्न प्रोत्साहन योजना” अंतर्गत खरीफ 2025 में लगभग 30 हजार मीट्रिक टन कोदो एवं कुटकी का उपार्जन किया गया। कुटकी 3500 रुपए प्रति क्विंटल एवं कोदो 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से उपार्जन किया जाता है। निर्धारित क्रय मूल्य के अतिरिक्त राज्य सरकार दवारा 1000 रुपए प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदाय की जाती है। योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 में कोदो कुटकी उपार्जन के लिए कुल 22 हजार 886 कृषकों का पंजीयन किया गया, जिसका रकबा 20 हजार 616 हैक्टेयर है। मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कृषकों की आय संवर्धन एवं आर्थिक सुरक्षा की दृष्टि से पहली बार मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना 2024 लागू की गई है। मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना में राज्य स्तरीय कार्यक्रम 24 सितम्बर, 2025 को कटंगी, जिला बालाघाट में आयोजित किया जाकर वर्ष 2024 में धान उपार्जन करने वाले किसानों को राशि रूपये 337.12 करोड़ डीबीटी के माध्यम से 6 लाख 69 हजार 272 कृषकों को प्रदाय कर लाभान्वित किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड धारक किसानों का फसल बीमा करने में देश में प्रथम स्थान पर है। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग अंतर्गत प्रदेश को 1513 क्लस्टर में 75 हजार 650 हैक्टेयर (189125 एकड़) के लिए 189125 किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग अंतर्गत 3026 कृषि सखी का चयन किया गया है। पराली प्रबंधन कृषकों द्वारा फसल अवशेष (पराली) जलाने से रोकने के लिए शासन द्वारा कई कदम उठाये गये हैं, जिसमें प्रदेश स्तर पर 46,800 से अधिक नरवाई प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्र अनुदान पर वितरित करने के लिए कुल 468 करोड़ की अनुदान राशि जारी की गई है। वर्ष 2025-26 में पराली प्रबंधन से संबंधित 15 फसल अवशेष सप्लाई चैन (एग्रीगेटर) स्थापित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में पराली प्रबंधन के लिए हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रॉ रीपर, बेलर जैसे 7 हजार कृषि यंत्रों को अनुदान के माध्यम से वितरित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। मृदा परीक्षण प्रदेश में किसानों को निःशुल्क स्वाइल हैल्थ कार्ड उपलब्ध कराये जाने के लिए भारत सरकार की स्वाइल हैल्थ एंड फर्टीलिटी योजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश में वृहद स्तर पर अभियान चला कर स्वाइल हैल्थ कार्ड उपलब्ध कराये गये है। विकासखण्ड स्तर पर मृदा नमूना परीक्षण उपलब्ध कराये जाने हेतु 265 नवीन मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। देश में मध्यप्रदेश स्वाईल हैल्थ कार्ड वितरण में प्रथम स्थान पर है। बीज वितरण खरीफ 2025 में कुल 22.46 लाख क्विंटल तथा रबी 2025-26 में 8.53 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का शासकीय, सहकारी एवं पंजीकृत निजी बीज उत्पादक संस्थाओं के माध्यम से वितरण किया गया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का उददेश्य प्रदेश में ग्राम स्तर तक सिंचाई क्षेत्र में निवेश को बढ़ाकर हर खेत में पानी पहुंचाना है। उपलब्ध जल का उचित प्रबंध कर “पर ड्रॉप-मोर क्राप” के लक्ष्य को प्राप्त करना है। वर्ष 2025-26 के लिए भौतिक लक्ष्य 57924 हैक्टेयर के विरुद्ध 18003 हैक्टेयर क्षेत्र के कृषकों को लाभान्वित किया गया है। प्राकृतिक खेती बोर्ड किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग … Read more

AI ट्रेडिंग का झांसा, इंदौर में शख्स से 2.10 लाख रुपये की साइबर ठगी

इंदौर  शेयर ट्रेडिंग के नाम से 2 लाख से ज्यादा की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपितों ने एआई ट्रेडिंग बॉट के माध्यम से शेयर खरीदने का झांसा देकर ठगी की है। साइबर हेल्पलाइन से मिले निर्देशों के बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक धोखाधड़ी कुंदन नगर निवासी संजय पुत्र किशोर बनवार के साथ हुई है। टेलीग्राम ग्रुप और फर्जी निवेशकों का मायाजाल किशोर ने पुलिस को बताया कि पिछले साल 30 अक्टूबर को टेलीग्राम पर ‘साक्सोग्रोथ इन्वेस्टमेंट’ में ऐड किया था। ग्रुप में करीब सौ लोग जुड़े थे जो शेयर बाजार में निवेश करने और ट्रेडिंग संबंधित चर्चा करते थे। आरोपितों ने संजय से भी चर्चा की और कहा कि हमारा सिस्टम एआई बेस्ड है। एआई ट्रेडिंग बॉट ही फॉरेक्स मार्केट में ट्रेडिंग करता है और 100 प्रतिशत मुनाफा दिलाता है। आरोपितों ने निवेशक को निवेश करने की सलाह दी और कहा कि मुनाफा करवाना उनकी जिम्मेदारी है। 100% मुनाफे का झांसा और एक अन्य ठगी का मामला उन्होंने ग्रुप में शामिल अन्य निवेशकों से भी पुष्टि करवा दी। इस तरह संजय से 2 लाख 10 हजार रुपये ले लिए थे। बाद में पता चला ग्रुप में शामिल नंबर भी उनके ही थे। रावजी बाजार पुलिस ने भी सुंदरम पुत्र कृष्णकांत तिवारी निवासी शनि गली की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। सुंदरम के साथ डेढ़ लाख रुपये की वित्तीय ठगी हुई है।

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