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तकनीक के सहारे बड़ी कार्रवाई, मध्यप्रदेश पुलिस ने ढूंढ निकाले कई गुम मोबाइल

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए किये जा रहे तकनीकी प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश के तीन जिलों विदिशा, बुरहानपुर और अनूपपुर में की गई प्रभावी कार्यवाही के तहत जिलों की पुलिस टीमों ने कुल 698 गुम मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 68 लाख रुपये से अधिक है। इन मोबाइलों को तकनीकी माध्यमों और CEIR पोर्टल की सहायता से ट्रेस करउनके वास्तविक मालिकों को वापस किया गया है। विदिशा जिले में संचालित “मिशन मोबाइल रिकवरी” के अंतर्गत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से कुल 603 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 50 लाख 75 हजार रुपये है। इन मोबाइलों को आधुनिक तकनीकी माध्यमों से ट्रैक करते हुए बरामद किया गया और उनके वास्तविक मालिकों को वापस किया जा रहा है। मोबाइल बरामदगी की यह कार्रवाई केवल जिले तक सीमित नहीं रही, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और बिहार जैसे अन्य राज्यों से भी मोबाइल ट्रेस कर बरामद किए गए है। बुरहानपुर जिले में साइबर सेल तथा थानों में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क ने कुल 70 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 13 लाखरुपये है। इन मोबाइलों में विभिन्न कंपनियों के एंड्रॉयड स्मार्टफोन शामिल हैं, जिनकी कीमत 10 हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक है। मोबाइलों को स्थानीय क्षेत्र के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों तथा पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से भी ट्रेस कर बरामद किया गया है। मोबाइल फोन बरामद होने के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को वापस किया गया, जिनमें कई विद्यार्थी भी शामिल थे जिनके लिए मोबाइल पढ़ाई और ऑनलाइन गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण साधन था। अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों ने पुलिस की इस कार्यवाही के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे जनहित में किया गया सराहनीय प्रयास बताया है। अनूपपुर थाना रामनगर एवं थाना बिजुरी क्षेत्र में प्राप्त शिकायतों के आधार पर तकनीकी माध्यमों से मोबाइल फोन ट्रैक कर कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों द्वारा गुम हुए कुल 25 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 4 लाख 32 हजार रुपये है। बरामद मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को वापस किया गया, जिससे फरियादियों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों ने पुलिस की तत्परता और जनहितैषी कार्यवाही की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गुम मोबाइल फोन की ट्रेसिंग के लिए तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तुरंत संबंधित थाने में सूचना दें तथा CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें, जिससे मोबाइल के दुरुपयोग को रोका जा सके और उसे ट्रेस कर वापस दिलाने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जा सके। इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश में बड़ी संख्या में गुम मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को राहत प्रदान की जा रही है तथा पुलिस के प्रति जनविश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।  

परिवार की महिलाएं बनीं बदलाव की ताकत: रिश्तों की साझेदारी से बढ़ रहा ग्रामीण पर्यटन

होम-स्टे से बदली गांव की तस्वीर भोपाल सफलता की कहानी सास-बहू, मां-बेटी या देवरानी-जेठानी के रिश्तों को अक्सर तकरार और मतभेद के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम इन धारणाओं को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। जिले के गॉवों की महिलाएं आपसी सहयोग और विश्वास के साथ होम-स्टे चला रही हैं और रिश्तों की मजबूती को तरक्की की नई राह में बदल रही हैं। पर्यटन ग्राम धूसावानी की श्रीमती मनेशी धुर्वे और श्रीमती अलका धुर्वे रिश्ते में सास-बहू हैं, लेकिन जब उनके होम-स्टे में पर्यटक आते हैं तो दोनों मिलकर पूरे उत्साह से मेहमाननवाजी में जुट जाती हैं। इसी तरह सावरवानी में श्रीमती मालती यदुवंशी अपनी सास श्रीमती शारदा यदुवंशी के साथ मिलकर होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरे जिले में उभरती एक नई सामाजिक और आर्थिक तस्वीर है, जहां रिश्तों की साझेदारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है। रिश्तों की साझेदारी से मिली पहचान छिंदवाड़ा के पर्यटन ग्रामों में चल रहे होम-स्टे केवल आय का साधन नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं की सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन चुके हैं। यहां सास-बहू, मां-बेटी और देवरानी-जेठानी मिलकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं, भोजन तैयार करती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इन रिश्तों की सामूहिक ताकत ने यह साबित किया है कि जब परिवार की महिलाएं साथ मिलकर काम करती हैं, तो घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है। जिले में 50 से अधिक होम-स्टे मध्यप्रदेश में सर्वाधिक होम-स्टे संचालित करने वाले जिलों में शामिल छिंदवाड़ा में इस समय 50 से अधिक होम-स्टे संचालित हैं। खास बात यह है कि इन सभी होम-स्टे का पंजीयन महिलाओं के नाम पर किया गया है और संचालन की अधिकांश जिम्मेदारी भी महिलाएं ही संभाल रही हैं। सावरवानी, चोपना, काजरा, देवगढ़, चिमटीपुर, गुमतरा और धूसावानी जैसे पर्यटन ग्रामों में स्थानीय महिलाएं पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। स्थानीय स्वाद और संस्कृति से जुड़ते पर्यटक गांव की महिलाएं पर्यटकों के लिए पारंपरिक और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन तैयार करती हैं। इसके साथ ही वे लोकनृत्य और लोक गायन से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी पर्यटकों को परिचित कराती हैं। इससे पर्यटकों को ग्रामीण जीवन और संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है, वहीं महिलाओं को आय का सम्मानजनक साधन भी प्राप्त हो रहा है। महिलाओं के हाथों में होम-स्टे की कमान गांव की महिलाएं स्वयं होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। पर्यटकों के स्वागत से लेकर भोजन व्यवस्था, आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेदारी वे ही निभाती हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सास-बहू, देवरानी-जेठानी जैसे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध ही नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास के मजबूत आधार भी बन सकते हैं। यही साझेदारी आज छिंदवाड़ा के ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दे रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बन रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि होम-स्टे की यह पहल गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यटन ग्रामों की पहचान भी तेजी से बढ़ा रही है। आने वाले समय में यहां पर्यटन गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं।  

बिजली कर्मचारियों के लिए खास पहल: स्वास्थ्य बीमा योजना बनी सुरक्षा की ढाल

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश एवं मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह के मार्गदर्शन में कर्मचारियों, अधिकारियों के लिए कैशलेस बीमा योजना लागू की गई है। कम प्रिमियम पर अधिक चिकित्सकीय व्यय लाभ दिलाने वाली यह य़ोजना बिजली कार्मिकों के लिए अनोखे कवच के रूप में काम आएगी। इस योजना के बिजली कंपनी एवं मेडसेव हेल्थ इंश्योरेंस के बीच दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया मंगलवार को प्रबंध निदेशक कार्यालय में की गई। इस अवसर पर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक प्रकाश सिंह चौहान, संयुक्त सचिव संजय मालवीय, इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक विनय रिछारिया आदि मौजूद थे। इस कैशलेस हेल्थ बीमा योजना से कार्मिकों के परिवार का पांच सौ रूपए प्रतिमाह की प्रिमियम पर 5 लाख का, एक हजार मासिक प्रिमियम पर दस लाख का, दो हजार मासिक प्रिमियम पर 25 लाख का कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस कवर रहेगा। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनर भी सपरिवार इस योजना का चुनिंदा शर्तों के अधीन लाभ ले सकेंगे।  

शादी का न्योता भी हटके! कृतिका कामरा और गौरव कपूर के कार्ड की लाइनें कर रहीं चर्चा

मुंबई कृतिका कामरा और गौरव कपूर बहुत जल्द शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। अब दोनों की शादी से ठीक पहले उनका वेडिंग कार्ड सुर्खियां बटोर रहा, जो आम शादी के कार्ड से जरा हटकर है। उन्होंने बताया कि शादी के बाद ट्रडिशनल रिसेप्शन की जगह उन्होंने क्या पालन कर रखा है। कृतिका कामरा और गौरव कपूर का अनोखा वेडिंग इन्विटेशन कार्ड चर्चा में है। बताया जा रहा है कि दोनों की शादी 11-12 मार्च को मुंबई में होने जा रही है जो काफी प्राइवेट सेरिमनी रहेगी। वहीं दोनों के इन्विटेशन कार्ड में शादी के बाद एक आफ्टर पार्टी की भी बात कही गई है। शादी का फंक्शन 11 और 12 मार्च को कहा जा रहा है कि दोनों की शादी का फंक्शन 11 और 12 मार्च को चलेगा। इस प्राइवेट सेरिमनी में शादी के बाद 12 मार्च को एक स्टाइलिश आफ्टर-पार्टी अरेंज की गई है जिसमें फिल्म और खेल जगत के करीबी दोस्त मौजूद होंगे। आफ्टर पार्टी 12 मार्च को 7:30 बजे शाम से शुरू होगी कृतिका कामरा और गौरव कपूर ने के इस इन्विटेशन कार्ड में 12 मार्च को एक आरामदायक, बिना हड़बड़ी वाली आफ्टर-पार्टी की प्लानिंग की गई है। इस कार्ड में ‘द पार्टी, आफ्टर’ लिखते हुए कहा गया है, ‘हम अपनी शादी की खुशियों को आपलोगों के साथ सुकून से सेलिब्रेट करना चाहते हैं। जल्दी आइए और जितनी देर रात तक रुक सकें रुकिए।’ ये आफ्टर पार्टी 12 मार्च को 7:30 बजे शाम से शुरू होगी। 12 मार्च को एक पार्टी रखी जाएगी ये कपल 11 मार्च को मुंबई में गौरव के घर पर एक इंटीमेट सेरिमनी में अपनी शादी रजिस्टर्ड कराएगा। इसके बाद अगले दिन, 12 मार्च को एक पार्टी रखी जाएगी, जिसमें क्रिकेट और मनोरंजन जगत के करीबी दोस्तों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। कृतिका कामरा और गौरव कपूर ने पिछले साल दिसंबर में अपने रिश्ते को इंस्टाग्राम पर ऑफिशियल कर दिया था।

अर्शदीप सिंह की हरकत पर ICC सख्त, डेरिल मिचेल पर गेंद फेंकने के बाद लगा 15% जुर्माना

नई दिल्ली भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर रविवार को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल के दौरान आईसीसी आचार संहिता के स्तर 1 का उल्लंघन करने के लिए उनकी मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब उन्होंने खेल के दौरान मैदान पर अनुचित व्यवहार दिखाया। आईसीसी ने उन्हें खिलाड़ियों के लिए बनी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.9 के उल्लंघन का दोषी पाया है। यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर खतरनाक या गलत तरीके से गेंद या क्रिकेट का कोई भी सामान फेंकने से संबंधित है। मैदान पर यह घटना न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर के दौरान हुई। अर्शदीप सिंह अपनी गेंद डालने के बाद फॉलो-थ्रू में फील्डिंग कर रहे थे। उसी समय उन्होंने गेंद पकड़ी और उसे आक्रामक अंदाज में बल्लेबाज डेरिल मिचेल की ओर फेंक दिया। गेंद सीधे मिचेल के पैड पर जाकर लगी, जो अंपायरों की नजर में एक अनावश्यक और गलत हरकत थी। इस मामले में मैदानी अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ के साथ-साथ तीसरे अंपायर अलाहुद्दीन पालेकर और चौथे अंपायर एड्रियन होल्डस्टॉक ने अर्शदीप के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आर्थिक दंड के अलावा अर्शदीप सिंह के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है। पिछले 24 महीनों में अर्शदीप का यह पहला अपराध था, जिसके कारण उन्हें न्यूनतम दंड दिया गया। नियमों के मुताबिक, लेवल-1 के उल्लंघन में खिलाड़ी पर मैच फीस का अधिकतम 50 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है और एक या दो डिमेरिट अंक दिए जाते हैं। मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा प्रस्तावित इस सजा को अर्शदीप ने स्वीकार कर लिया है, जिसके कारण इस मामले में किसी औपचारिक सुनवाई या लंबी कानूनी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं पड़ी। आईसीसी के कड़े नियमों के तहत ये डिमेरिट अंक किसी भी खिलाड़ी के भविष्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। यदि कोई खिलाड़ी 24 महीने के समय के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट अंक हासिल कर लेता है, तो वे सस्पेंशन पॉइंट में बदल जाते हैं और खिलाड़ी पर मैचों का प्रतिबंध लग जाता है। दो सस्पेंशन अंक होने पर खिलाड़ी को एक टेस्ट मैच या दो वनडे/टी20 मैचों से बाहर बैठना पड़ सकता है। अर्शदीप के रिकॉर्ड में यह अंक अब अगले 24 महीनों तक बना रहेगा।

इंजीनियरिंग सुधार और जन-जागरूकता से थमेंगे सड़क हादसे : प्रदीप कुमार लाल

रायपुर सड़क सुरक्षा प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए आज ‘सड़क सुरक्षा प्रबंधन’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला को संबोधित करते हुए एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी  प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रोड इंजीनियरिंग में सुधार, नियमों का कड़ाई से पालन और जन-जागरूकता का समन्वय अनिवार्य है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने पर जोर दिया।  कार्यशाला के तकनीकी सत्र में सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ  विक्रम तुशिर ने जंक्शन सुधार, ब्लैक-स्पॉट की पहचान, ट्रैफिक साइन, रोड मार्किंग और सेफ्टी ऑडिट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि केवल बेहतर इंजीनियरिंग और सही साइनेज  के माध्यम से ही सड़क दुर्घटनाओं को 80 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। ब्लैक-स्पॉट्स की वैज्ञानिक तरीके से पहचान करना और वहां समयबद्ध सुधारात्मक उपाय लागू करना सबसे प्रभावी रणनीति है। उन्होंने बताया कि सड़क डिजाइन में छोटे-छोटे तकनीकी सुधार भी बड़े हादसों को रोकने में सक्षम हैं, जिससे राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को नया आयाम दिया जा सकता है। कार्यशाला में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ईई  रणबीर यादव विशेष रूप से उपस्थित थे। एनएचएआई की विभिन्न परियोजना कार्यान्वयन इकाईयों के परियोजना निदेशक सर्व डीडी पार्लावर (कोरबा), मुकेश कुमार (बिलासपुर), शमशेर सिंह (अभनपुर) और दिग्विजय सिंह (रायपुर) सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यशाला में मौजूद थे।  

नारी शक्ति से औद्योगिक प्रगतिः पूनम जायसवाल ने 20 महिलाओं को दिया रोजगार, बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज उन महिला उद्यमियों की सफलता की कहानियां सामने आ रही हैं, जिन्होंने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है। अम्बिकापुर की  पूनम जायसवाल ऐसी ही एक प्रेरणापुंज हैं, जिन्होंने न केवल अपनी पारिवारिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि आज 20 से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान कर ’नारी सशक्तिकरण’ के संकल्प को धरातल पर उतारा है। संघर्ष से सफलता तकः निजी संसाधनों से रखी नींव  पूनम जायसवाल ने बताया कि उनके उद्यमिता के सफर की शुरुआत वर्ष 2000 में एक छोटे से किराये के भवन और सीमित निजी संसाधनों से हुई थी। आर्थिक चुनौतियां बड़ी थीं, लेकिन हौसला कम नहीं हुआ। वर्ष 2013-14 में छत्तीसगढ़ शासन की नीतियों के फलस्वरूप उन्हें 99 वर्ष की लीज पर औद्योगिक भूमि प्राप्त हुई। बैंक से ऋण लेकर उन्होंने अपने कार्य को गति दी और आज उनका यह लघु उद्योग एक सफल इकाई के रूप में स्थापित हो चुका है। 20 से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार  पूनम का उद्देश्य केवल स्वयं का विकास नहीं, बल्कि समाज की जरूरतमंद महिलाओं को साथ लेकर चलना रहा है। उन्होंने बताया कि, मेरे उद्योग में आज 20-22 बहनें कार्य कर रही हैं, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण सुचारू रूप से कर पा रही हैं।“ अब उनका लक्ष्य अपने इस उद्यम को ’प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी के रूप में विकसित करना है, ताकि अधिक से अधिक महिला उद्यमियों को जोड़ा जा सके। अपनी सफलता का श्रेय छत्तीसगढ़ शासन और जिला उद्योग केंद्र को देते हुए  जायसवाल ने कहा कि शासन द्वारा प्रदान की गई भूमि और समय-समय पर मिले मार्गदर्शन ने उनके मार्ग को प्रशस्त किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की ’नई उद्योग नीति’ की सराहना करते हुए कहा कि लागत पूँजी पर मिलने वाले प्रोत्साहन और सब्सिडी के कारण महिलाओं के लिए उद्यमिता के द्वार खुले हैं। आधी आबादी की शक्ति से बढ़ेगा देश प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि, “देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या महिलाओं की है। जब महिलाएँ आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी बनेंगी, तभी देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के ’विकसित भारत’ के विजन और छत्तीसगढ़ शासन के ’रोजगार प्रोत्साहन’ कार्यक्रमों को महिला सशक्तिकरण का मुख्य आधार बताया।  पूनम अन्य महिलाओं से अपील की कि वे शासन की योजनाओं, सब्सिडी और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाकर स्वयं उद्यमी बनें।  

महिला आरक्षण पर सरकार का नया प्लान, यूपी चुनाव से पहले कानून में संशोधन संभव

 नई दिल्ली अब सरकार महिला आरक्षण को 2027 के यूपी और उत्तराखंड चुनाव से ही लागू करने की तैयारी में है। पंजाब और गोवा के चुनाव भी यूपी के साथ ही होने हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने इस संबंध में विपक्ष की राय लेने का प्रयास किया है। उसने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से इस मसले पर बात की है। लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने वाले कानून में सरकार बदलाव करना चाहती है। महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 में प्रावधान था कि जनगणना और परिसीमन के बाद इसे लागू किया जाएगा। लेकिन अब सरकार इसे 2027 के यूपी और उत्तराखंड चुनाव से ही लागू करने की तैयारी में है। पंजाब और गोवा के चुनाव भी यूपी के साथ ही होने हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने इस संबंध में विपक्ष की राय लेने का प्रयास किया है। उसने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से इस मसले पर बात की है। जानकारी के मुताबिक इन विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षण करने का फैसला लॉटरी सिस्टम से लिया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मसले पर राय लेने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दो बार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से संपर्क साधा है। सरकार ने दोनों सदनों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कराया था और इस पर राष्ट्रपति के साइन के साथ मुहर लग गई थी। इसमें प्रावधान है कि जनगणना और परिसीमन के बाद इसे लागू किया जाएगा। अब माना जा रहा है कि तब तक काफी देर हो जाएगी। इसलिए विधानसभा चुनावों से ही इसकी शुरुआत कर दी जाए। विपक्ष ने भी इसके लागू होने में देरी को लेकर सवाल उठाया था। जानकारी मिली है कि रिजिजू ने कांग्रेस से कहा है कि हम इस संशोधन विधेयक को मौजूदा बजट सेशन में ही लाना चाहते हैं, जो 2 अप्रैल तक चलने वाला है। सरकार चाहती है कि इस मसले पर सहमति बना ली जाए। इसी मकसद से उसने कांग्रेस के अलावा भी अन्य दलों से संपर्क साधने की कोशिश की है। कांग्रेस एवं अन्य कई दलों ने पहले ही मांग की थी कि इस कानून को पहले लागू किया जाए। यदि इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ा गया तो फिर सालों का वक्त लगेगा। कांग्रेस के साथ ही डीएमके और टीएमसी की भी ऐसी मांग थी। बता दें कि भाजपा ने बुधवार के लिए अपने सांसदों को व्हिप जारी किया है। सांसदों से कहा गया है कि कुछ जरूरी विधायी काम संसद में पेश किए जाएंगे। इस पर अपने दल का समर्थन करने के लिए सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहना है। 2024 के आम चुनाव से पहले सितंबर 2023 में इस कानून को लाया गया था। इसके तहत यह तय किया गया था कि जनगणना और परिसीमन के बाद इसे लागू किया जाएगा। ऐसी स्थिति में इस कानून का 2029 के आम चुनाव में भी लागू होना मुश्किल दिखता है। 2021 में होने वाली जनगणना पहले ही देरी से चल रही है। इसलिए अब इस मामले में सरकार चाहती है कि संशोधन करके जल्दी से कानून लागू किया जाए।  

सुप्रीम कोर्ट में SIR याचिका पर CJI भड़के, कहा– ऐसी अर्जी कैसे दाखिल कर दी?

नई दिल्ली देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ आज (मंगलवार, 10 मार्च को) पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी। इस दौरान राज्य सरकार की तरफ से मामले की पैरवी कर रहीं सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी पर CJI भड़क गए। दरअसल, 28 फरवरी को प्रकाशित हुई पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची से नाम हटाने को चुनौती दी गई थी, जिसकी वह पैरवी कर रही थीं। याचिका में याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि उनके नाम SIR से पहले मतदाता सूची में थे और उन्होंने मतदाता के तौर पर नाम शामिल करने तथा बने रहने के समर्थन में सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए थे लेकिन जरूरी डॉक्यूमेंट्स स्वीकार न करने की वजह से वोटर लिस्ट से नाम हटा दिया गया है। ज्यूडिशियल ऑफिसर्स पर आपको भरोसा नहीं है? बहस के दौरान गुरुस्वामी ने कहा, “ज्यूडिशियल ऑफिसर्स ने लगभग 7 लाख दावों पर फैसला किया है। 63 लाख पर फैसला हो रहा था। 57 लाख अभी बाकी हैं।” इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा, “हमें पता था कि जब ज्यूडिशियल ऑफिसर्स अपॉइंट होंगे तो आप लोग भाग जाएँगे। HC के चीफ जस्टिस ने हमें बताया है कि 10 लाख पर फैसला हो चुका है। आज सुबह हमें बताया गया।” इसके बाद CJI ने् भड़कते हुए कहा, “आपका एप्लीकेशन प्रीमैच्योर है और इससे लगता है कि आपको ज्यूडिशियल ऑफिसर्स पर भरोसा नहीं है। आपने ऐसी याचिका डालने की हिम्मत कैसे की? किसी को भी ज्यूडिशियल ऑफिसर्स से सवाल करने की हिम्मत नहीं करनी चाहिए।” ‘CJI के रूप में इसे बर्दाश्त नहीं करूंगा’ इस पर गुरुस्वामी ने कहा कि हम ज्यूडिशियल ऑफिसर्स से सवाल नहीं कर रहे हैं। इस पर CJI ने कहा, “हो सकता है आपने न किया हो। लेकिन सवाल हैं। भारत के चीफ जस्टिस के तौर पर मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूँगा।” इसके बाद गुरुस्वामी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कोई भी ज्यूडिशियल ऑफिसर्स पर सवाल नहीं उठा सकता। हम चीफ जस्टिस के सामने पेश हुए हैं और उनके सामने पेश होना हमारे लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि ज्यूडिशियल ऑफिसर्स के पास अब मोटे तौर पर 50 लाख केस हैं जिन पर फैसला होना है। लगभग 48 लाख मैप्ड वोटर हैं.. हम कहते हैं कि वे मैप्ड हैं क्योंकि वे 2002 के इलेक्टोरल रोल में थे और उन्होंने वोट दिया है.. वोटिंग से एक दिन पहले तक… CJI ने कहा, “इसीलिए SIR हैं। सभी असली वोटर शामिल किए जाएंगे। सभी अनऑथराइज्ड वगैरह नहीं होंगे। इस पर ज्यूडिशियल ऑफिसर्स विचार कर रहे हैं। हमें इस पर क्यों विचार करना चाहिए। वोटिंग से एक दिन पहले तक अगर किसी वोटर पर से बादल हट जाता है तो वह वोट दे सकता है।” इसी बीच CJI ने दूसरे वकील की तरफ इशारा करते हुए कहा कि मुझे वह एप्लीकेशन ढूंढने दीजिए। उस पर कंटेम्प्ट जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने पूछा, “क्या आपने इसे फाइल किया है?” अगर हम सजा देना चाहते तो… बार एंड बेंच के मुताबिक, इस पर सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने कहा, “नहीं माय लॉर्ड। हमने नहीं किया है। चिंता यह है कि बाद में सप्लीमेंट्री लिस्ट पब्लिश करनी होगी।” इस पर CJI ने कहा, “तो हमें इसे ढूंढने दीजिए।” इसी दौरान एडवोकेट गुरुस्वामी ने फिर से CJI से अनुरोध करते हुए कहा, प्लीज 48 लाख मैप्ड वोटरों को सजा न दें। इतना सुनते ही बेंच के दूसरे जज जस्टिस बागची ने कहा कि अगर हम सजा देना चाहते तो हम इतनी बड़ी कार्रवाई नहीं करते। उन्होंने कहा कि हम तारीख के करीब आने पर स्थिति का जायज़ा लेंगे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 20 फरवरी को पश्चिम बंगाल सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच “विश्वास की कमी” और सहयोग के अभाव का उल्लेख करते हुए इस स्थिति को “असाधारण” बताया था और मतदाता सूची में “तार्किक विसंगतियां” श्रेणी से जुड़े दावों और आपत्तियों के निपटारे की निगरानी के लिए सेवारत और सेवानिवृत्त जिला एवं अतिरिक्त जिला न्यायाधीशों (ज्यूडिशियल ऑफिसर्स) की तैनाती का निर्देश दिया था।  

सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चेक किया गया वितरित

रायपुर श्रमिक सम्मेलन का हुआ आयोजन, विभिन्न योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को मिल रही आर्थिक सहायता -स्कूल शिक्षा मंत्री  यादव स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव के मुख्य आतिथ्य में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक सम्मेलन का आयोजन आज महात्मा गांधी कला मंदिर सिविक सेंटर भिलाई में किया गया। सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 9 हजार 556 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 10 करोड़ 42 लाख 7 हजार 343 रूपए की राशि अंतरित की गई। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री  यादव ने छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत संचालित योजनाओं के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए। इनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना और मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना शामिल हैं। श्रमिक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मजदूरों द्वारा विभिन्न प्रकार के काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। ऐसे में यदि किसी श्रमिक के साथ कोई दुर्घटना हो जाती थी तो उसके परिवार को जीवन भर आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती थी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल का गठन किया गया। मंडल के माध्यम से प्रदेश के मजदूर भाई-बहनों का श्रम विभाग में पंजीयन शुरू किया गया और श्रमिक कार्ड बनाए गए, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। साथ ही महिला श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराई गई, जिससे वे घर बैठे काम कर सकें। राज्य में गरीबों के लिए दो रुपये किलो चावल की योजना भी शुरू की गई थी। पहले यह सुविधा केवल गरीबी रेखा के अंतर्गत आने वाले परिवारों को मिलती थी, लेकिन बाद में श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक कार्ड धारकों को भी इसका लाभ मिलने लगा। इस तरह श्रमिकों को राशन कार्ड और श्रम कार्ड के माध्यम से खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई। वर्तमान में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में दिया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मंत्री  यादव ने श्रमिकों से अपील की है कि वे श्रम विभाग में पंजीयन कराकर इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने भी मंडल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष  सरस्वती बंजारे ने भी संक्षिप्त उद्बोधन दिया। इस अवसर पर तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष  जितेन्द्र साहू,  भोजराम सिन्हा,  तुलसी साहू,  ललेश्वरी साहू, पार्षद  मनीष कोठारी, पार्षद  गुलराम साहू, अध्यक्ष महिला मोर्चा  स्वीटी कौशिक, अध्यक्ष जनपद पंचायत पाटन  कीर्ति नायक, श्रम अधिकारी  विकास सरोडे, श्रम निरीक्षक  बसंत वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित थे।

अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, जिला प्रशासन ने की कार्रवाई

रायपुर ग्राम समोदा में हटाया गया अवैध कब्जा दुर्ग जिले के जनपद पंचायत दुर्ग के अतंर्गत ग्राम समोदा में जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई है। जेसीबी चला कर शासकीय भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई है।    कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त तहसीलदारमती क्षमा यदु द्वारा राजस्व अमले और पुलिस विभाग के सहयोग से ग्राम समोदा राजस्व निरीक्षक मंडल जेवरा सिरसा तहसील व जिला दुर्ग के अतंर्गत शासकीय घास भूमि खसरा नम्बर 778 रकबा 0.13 हेक्टेयर भूमि पर किये गये अवैध पक्का दुकान निर्माण, टीन सेड लगाकर दुकान निर्माण को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। इसी प्रकार सीमेंट पोल लगाकर किया गया तार घेरा को हटाने की कार्रवाई कर अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। ग्राम के ही ब्रजेश ताम्रकार पिता गिरजाशंकर ताम्रकार द्वारा उक्त शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया गया था। अतिक्रमण हटाने के दौरान राजस्व निरीक्षक रेखा शुक्ला, पटवारी चन्द्रिका प्रसाद खरें, शत्रुहन मिश्रा, अनिता साहू, संदीप देशमुख और पुलिस विभाग के अधिकारी तथा पंचायत जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीणजन मौजूद थे। 

प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया आभार व्यक्त

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट ने 3 हजार 839 करोड़ की लागत से एनएच 752D पर बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी सेक्शन के फोर लेन निर्माण की मंजूरी के लिए आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह कॉरिडोर उज्जैन से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के टिमरवानी इंटरचेंज तक सीधी फोर लेन कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह एक महत्वपूर्ण प्रकल्प होगा। इससे जहां इंदौर, पीथमपुर, उज्जैन और देवास के औद्योगिक केंद्रों तक पहुंच सुगम होगी वहीं धार एवं झाबुआ जिले का समग्र आर्थिक विकास भी सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह स्वीकृति इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि इससे सिंहस्थ-2028 के दौरान श्रद्धालुओं का आवागमन अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।  

केजरीवाल मामले की जज स्वर्ण कांता शर्मा पर AAP का निशाना, BJP से संबंधों को लेकर उठे सवाल

नई दिल्ली कथित शराब घोटाले से जुड़े केस की सुनवाई कर रहीं हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर आम आदमी पार्टी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘आप’ ने सवाल किया है कि भाजपा और जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के बीच क्या रिश्ता है? कथित शराब घोटाले से जुड़े केस की सुनवाई कर रहीं हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर आम आदमी पार्टी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘आप’ ने सवाल किया है कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से क्या रिश्ता है? आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भाजपा नेताओं के बयानों के मायने तलाशते हुए जज को लेकर यह सवाल उठाया है। कथित शराब घोटाले के केस में ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को अरविंद केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था। सीबीआई ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है और जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच इसकी सुनवाई कर रही है। सोमवार को जस्टिस स्वर्ण कांता ने फौरी तौर पर सीबीआई को राहत दी तो भाजपा नेताओं ने उम्मीद जाहिर की कि ‘पिक्चर अभी बाकी’ है। अब इसी को आधार बनाकर ‘आप’ ने जज की निष्पक्षता पर सवाल उठा दिए हैं। पूर्व मंत्री और आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस वीरेंद्र सचदेवा का एक बयान सुनाया और दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा का ट्वीट दिखाया। उन्होंने कहा, ‘जिस तरीके से दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा कह रहे हैं कि निश्चित सजा मिलेगी, इनके मंत्री कपिल मिश्रा कह रहे हैं कि पिक्चर अभी बाकी है। इन्हें कैसे पता कि पिक्चर अभी बाकी है। पिक्चर में क्या बाकी है, यह कपिल मिश्रा को कैसे पता, यह तो अभी हाई कोर्ट की जज साहिबा को भी नहीं पता होगा। अभी वह केस पढ़ेंगी तब पता चलेगा।’ कपिल मिश्रा की वजह से हो गया था जज का ट्रांसफर: भारद्वाज भारद्वाज ने कहा कि वीरेंद्र सचदेवा कैसे कह सकते हैं कि निश्चित तौर पर सजा मिलेगी। क्या ये सीधे तौर पर यह कहने की कोशिश कर रहे हैं कि इन्हें मालूम है कि इस मुकदमे में क्या होगा। इन्हें पता है कि पिक्चर आगे क्या है? क्या ये कहना चाह रहे हैं कि हम जो फैसला चाहेंगे वह जस्टिस स्वर्ण कांता से करा लेंगे? ‘आप’ नेता ने कपिल मिश्रा का प्रभाव बताते हुए आरोप लगाया कि हाई कोर्ट के एक जज ने उनके खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया और अगले दिन अदालत में तलब किया तो रात को ही उनका ट्रांसफर हो गया। जज का पूछ लिया भाजपा से रिश्ता सौरभ भारद्वाज ने कई सवालों के बीच जस्टिस का भाजपा से रिश्ता भी पूछ लिया। उन्होंने कहा, ‘कपिल मिश्रा का यह कहना कि पिक्चर अभी बाकी है, यह कुछ सवाल पैदा करता है। क्या जस्टिस क्या करेंगी यह इनको मालूम है? इनका क्या सवाल आता है। जस्टिस स्वर्ण कांता का भाजपा से क्या रिश्ता है,यह इन लोगों को बताना चाहिए। वीरेंद्र सचदेवा और कपिल मिश्रा कैसे कह सकते हैं कि पिक्चर अभी बाकी है। मैं आपके सामने गंभीर सवाल रख रहा हूं।’

मुख्यमंत्री का निर्देश, जून तक पूरा कर लें बीडा के लिए भूमि अधिग्रहण: मुख्यमंत्री

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्रस्ताव के तहत योगी सरकार ने उच्च शिक्षा के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। शिक्षकों का समाज निर्माण और शिक्षण व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान होता है, लेकिन अब तक उन्हें चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने 5 सितम्बर 2025 (शिक्षक दिवस) के अवसर पर उच्च शिक्षा के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की घोषणा की थी। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत नियमित एवं स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों, स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत नियमित एवं स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों को इस योजना के अंतर्गत लाया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत शिक्षकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ संबद्ध निजी अस्पतालों में भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रति शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी  2479.70 रुपये का प्रीमियम व्यय होगा। प्रदेश में लगभग 2 लाख से अधिक शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी इस योजना से लाभान्वित होंगे और इस पर सरकार को लगभग 50 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का व्यय वहन करना पड़ेगा। इस व्यय की व्यवस्था उच्च शिक्षा विभाग के बजट से की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना का संचालन राज्य समग्र स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी (साचीज) के माध्यम से किया जाएगा। योजना के तहत लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी, जिसकी दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार होंगी। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस योजना के लाभार्थियों और उनके आश्रितों का विवरण उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष 30 जून तक साचीज को उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही जो व्यक्ति पहले से केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वास्थ्य योजना (जैसे प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आरोग्य योजना) से आच्छादित होंगे, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि योगी सरकार शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सम्मान और उनकी सामाजिक सुरक्षा के लिए लगातार संवेदनशील निर्णय ले रही है। यह योजना शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में प्रस्तावित विभिन्न एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को प्रगति समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति पर चर्चा करते हुए सम्बंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं के लिए भूमि क्रय की प्रक्रिया को अविलम्ब गति देते हुए सभी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए, ताकि एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार प्रदेश में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय संतुलित विकास को नई गति देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की तीव्र आर्थिक प्रगति के लिए मजबूत अवसंरचना आधार अत्यंत आवश्यक है और किसी भी परियोजना में अनावश्यक विलंब या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा, उच्च गुणवत्ता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। समीक्षा में बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे का मुख्य कैरिजवे निर्माण पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी शेष कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे कर एक्सप्रेसवे को शीघ्र संचालन के लिए तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री को बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव पर भी कार्य प्रगति पर है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट को हाल ही में प्रोविजनल एरोड्रम लाइसेंस प्राप्त हुआ है और भूमि अधिग्रहण व अन्य विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एयरपोर्ट परियोजना से जुड़े सभी कार्यों को समन्वित ढंग से शीघ्र पूर्ण किया जाए।ग्रेटर नोएडा में विकसित किए जा रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं नोएडा के चिल्ला एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना के संबंध में उन्होंने निर्माण गुणवत्ता और अनुबंध शर्तों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। सिंचाई क्षेत्र की समीक्षा में मध्य गंगा नहर परियोजना (स्टेज-2) तथा एरच सिंचाई परियोजना की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाएं किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनके कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। ऊर्जा क्षेत्र में रिहंद-ओबरा क्षेत्र में प्रस्तावित पंप स्टोरेज परियोजना, तापीय विद्युत परियोजनाओं में पर्यावरणीय उन्नयन तथा झांसी में प्रस्तावित 100 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।लखनऊ में वृंदावन योजना के अंतर्गत प्रस्तावित एग्ज़ीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर तथा कुकरेल क्षेत्र में प्रस्तावित नाइट सफारी परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से पर्यटन और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, इन्हें प्राथमिकता दी जाए। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा करते हुए जून तक यह कार्य पूरा कर लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकतानुरूप अतिरिक्त मैनपॉवर लगाया जाए। बैठक में अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े मार्गों के चौड़ीकरण तथा बस्ती जनपद में घाघरा नदी के तटबंध सुरक्षा परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नोडल अधिकारियों की तैनाती करते हुए … Read more

महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आत्मनिर्भरता का आधार, लाभान्वित महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री साय को कहा धन्यवाद

रायपुर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को बस्तर में आयोजित वृहद महतारी वंदन कार्यक्रम के दौरान  अनीता साहू और  मिथलेश चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से वर्चुअल संवाद कर महतारी वंदन योजना से अपने जीवन में आए बदलाव के बारे में बताया और इसके लिए उनका आभार व्यक्त किया। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के गौरेला विकासखण्ड के ग्राम खोडरी की  अनीता साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और सिलाई कार्य शुरू किया। पहले उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, क्योंकि उनके पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी उन्हें ही उठानी पड़ती थी। अब खेती, मजदूरी और सिलाई कार्य से आय के साथ उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। उन्होंने “अनीता सिलाई सेंटर” के नाम से उद्यम पंजीयन भी कराया है और महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण भी प्राप्त किया है। इसी तरह मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले की  मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद परिवार का भरण-पोषण करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया था। शासन से मिली सहायता राशि और महतारी वंदन योजना के सहयोग से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया साधन शुरू किया। अब वे आत्मसम्मान के साथ अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। दोनों महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक संबल देने के साथ आत्मविश्वास भी दिया है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

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