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टीआई मेडिकल्स 215 करोड़ रुपये का निवेश कर स्थापित करेगी चिकित्सा उपकरण निर्माण इकाई

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस निर्माण इकाई स्थापित करने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत टीआई मेडिकल्स प्रा लि को भूमि सब्सिडी प्रदान करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। कंपनी द्वारा गौतमबुद्ध नगर स्थित यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) के मेडिकल डिवाइस पार्क क्षेत्र में 4.48 हेक्टेयर भूमि पर करीब 215.20 करोड़ रुपये के निवेश से चिकित्सा उपकरण निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश की एफडीआई, एफसीआई और फॉर्च्यून इंडिया-500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत प्रस्तावित है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार कंपनी को अनुमन्य सब्सिडी के तहत 14.77 करोड़ रुपये की राशि प्रतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाएगी। यह राशि केंद्र सरकार की मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के अंतर्गत पहले से प्राप्त सब्सिडी को समायोजित करने के बाद दी जाएगी। इस निवेश से प्रदेश में मेडिकल डिवाइस निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह पहल राज्य को निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगी। इस परियोजना से संबंधित प्रस्ताव पर पहले विभिन्न स्तरों पर विचार किया गया था। उत्तर प्रदेश की एफडीआई, एफसीआई एवं फॉर्च्यून ग्लोबल 500/फॉर्च्यून इंडिया 500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत प्राधिकृत समिति की 5 जुलाई 2024 को हुई बैठक में परियोजना को मंजूरी दी गई थी और कंपनी को 22 जुलाई 2024 को पात्रता प्रमाणपत्र भी जारी किया गया। बाद में 15 मई 2025 को हुई इम्पावर्ड कमेटी की बैठक में सब्सिडी से जुड़े बिंदुओं पर विचार किया गया। मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के अंतर्गत कंपनी को पहले से केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी प्राप्त हो चुकी है। इसी आधार पर एफडीआई नीति के तहत अनुमन्य कुल सब्सिडी ₹41.52 करोड़ में से पहले प्राप्त सब्सिडी घटाकर शेष ₹14.77 करोड़ की राशि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा कंपनी को प्रतिपूर्ति के रूप में देने का प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे अब मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल गई है।

दिल की बीमारी से जूझ रही पीहू को मिला नया जीवन, ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ से हुआ सफल इलाज ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ से हुआ सफल इलाज

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन रायपुर की पहल प्रोजेक्ट धड़कन से संचालित स्वास्थ्य सेवाओं ने एक बार फिर एक बच्ची के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। छठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय पीहू कारके, जो हृदय संबंधी समस्या से जूझ रही थी, अब सफल उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रही है। पीहू के हृदय में समस्या होने के कारण उसे खेल-कूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों में कठिनाई होती थी। इसी बीच जिला प्रशासन द्वारा पुलिस विभाग के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए आयोजित ‘प्रोजेक्ट छांव’ के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। इस शिविर में ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ की विशेषज्ञ टीम ने पीहू के हृदय की जांच की। प्रारंभिक जांच के बाद पीहू को आगे के उपचार के लिए सत्य साईं हॉस्पिटल, नवा रायपुर भेजा गया। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत जांच के बाद एक सप्ताह के भीतर उसका सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद पीहू को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आज पीहू पूरी तरह स्वस्थ है और पहले की तरह पढ़ाई-लिखाई में मन लगा रही है। साथ ही वह अपनी बहनों और दादी के साथ कैरम जैसे खेल भी आनंदपूर्वक खेल रही है। पीहू की माता मती इंद्राणी कारके ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और जिला प्रशासन रायपुर के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ की मदद से उनकी बेटी का समय पर इलाज संभव हो सका और अब वह स्वस्थ जीवन जी पा रही है। यह पहल न केवल जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध करा रही है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी नई उम्मीद और विश्वास का संचार कर रही है।

झांसी प्लांट की क्षमता 30 हजार लीटर प्रतिदिन तक बढ़ेगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बुंदेलखंड क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर किया गया। इसके तहत बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत जनपद बांदा में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के नए डेयरी प्लांट की स्थापना और झांसी में पहले से स्थापित 10 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के डेयरी प्लांट का विस्तार कर उसे 30 हजार लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इन परियोजनाओं के सिविल और मैकेनिकल कार्य टर्न-की आधार पर कराने के लिए इंडियन डेयरी मशीनरी कंपनी लि. को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। कैबिनेट ने इस कंपनी को नियमानुसार सेंटेज चार्ज देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जिसका व्यय राज्य सरकार अपने स्रोतों से वहन करेगी। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है और प्रदेश में दुग्ध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बुंदेलखंड क्षेत्र में डेयरी प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने से दुग्ध उत्पादकों को उनके दूध का बेहतर और बाजार आधारित मूल्य मिल सकेगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में दूध के खराब होने की समस्या कम होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और बुंदेलखंड में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही यह पहल प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में भी सहायक मानी जा रही है।

उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली, 1975 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। माननीय उच्च न्यायालय की संस्तुति के आधार पर उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा (अठारहवां संशोधन) नियमावली, 2026 लागू की जाएगी। इसके तहत भर्ती, कोटा और चयन प्रक्रिया से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किया गया है। संशोधन के अनुसार भर्ती के स्रोत से जुड़े नियम-5, कोटा से संबंधित नियम-6, चयन प्रक्रिया से जुड़े नियम-18, पदोन्नति से संबंधित नियम-20, नियुक्ति से जुड़े नियम-22 और परिशिष्ट-1 में बदलाव किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत सिविल जज (सीनियर डिवीजन) से पदोन्नति का कोटा 65 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। यह पदोन्नति श्रेष्ठता और वरिष्ठता के आधार पर तथा उपयुक्तता परीक्षा पास करने वाले अधिकारियों को दी जाएगी। वहीं सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के जरिए पदोन्नति का कोटा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। इसमें वही सिविल जज शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने उस पद पर कम से कम तीन साल की सेवा और उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में कम से कम सात साल की सेवा पूरी की हो। इसके अलावा अधिवक्ताओं (बार) से सीधी भर्ती का कोटा पहले की तरह 25 प्रतिशत ही रहेगा।

भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश, लापरवाही बर्दाश्त नहीं: ज्ञानेश कुमार

कोलकाता मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर कोलकाता में आगामी पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियों की विस्तृत और व्यापक समीक्षा की। इसके बाद मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर एसआईआर सहित चुनाव से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “भारत निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल के सभी मतदाताओं को आश्वासन दिलाता है कि आगामी चुनाव हिंसा और भय से मुक्त वातावरण में संपन्न होंगे। सभी मतदाता निश्चित रूप से मतदान करने के लिए बाहर आएं।” ज्ञानेश कुमार ने कहा, “मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आधारशिला है। कोई भी पात्र मतदाता छूटना नहीं चाहिए, लेकिन किसी भी अपात्र व्यक्ति को मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। हाल ही में 28 फरवरी को पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जिसमें कुल 7 करोड़ 8 लाख नाम हैं।” मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया, “गणना प्रपत्र प्राप्त होने के बाद यह पाया गया कि जब पिछली बार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया गया था तो लगभग 4-5 फीसदी मतदाताओं का मिलान 2002 की मतदाता सूचियों से नहीं हो पाया था। इन्हें ‘अमान्य मामले’ के रूप में वर्गीकृत किया गया। इसके अतिरिक्त लगभग 7-8 फीसदी मतदाताओं ने अपना मिलान स्वयं किया था, लेकिन या तो गलत तरीके से या संदिग्ध त्रुटियों के साथ, जो जानबूझकर या अनजाने में हो सकती हैं।” ज्ञानेश कुमार ने कहा, “चुनाव कर्मचारियों की सख्ती के संबंध में चुनाव आयोग मीडिया के माध्यम से प्रत्येक मतदाता, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को आश्वस्त करना चाहता है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी स्तरों पर प्रत्येक अधिकारी चुनाव आयोग के कानूनों, नियमों और निर्देशों के अनुसार कार्य करेगा। यदि कोई लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।” मुख्य चुनाव ने कहा “विचाराधीन नामों के संबंध माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार और पश्चिम बंगाल के मुख्य न्यायाधीश की देखरेख में चल रही है। न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति पहले ही हो चुकी है और वे अनुच्छेद 326 के अनुसार मतदाताओं की पात्रता पर निर्णय ले रहे हैं। जहां तक ​​मतदाता सूची का संबंध है, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और विशेष गहन पुनरीक्षण के आदेशों के अनुसार अंतिम सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की गई थी।” मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “पिछले दो दिनों में हमने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर की सभी राजनीतिक पार्टियों, मुख्य सचिव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार, सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिदेशक और सभी एसपी ने चुनाव आयोग को आश्वासन दिया है कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से, हिंसा और धमकी से मुक्त होकर संपन्न किए जाएंगे।”

फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री को मिला आमंत्रण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में सर्व अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अन्य पिछड़ा समाज छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री  साय को 14 अप्रैल को महासमुंद जिले के बसना में आयोजित होने वाले फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री  साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती के अवसर पर आयोजित ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं। इस अवसर पर बसना विधायक  सम्पत अग्रवाल भी उपस्थित थे।

ईंधन और गैस आपूर्ति सुचारू रखने के लिए MP सरकार अलर्ट, तीन मंत्रियों को दी अहम जिम्मेदारी

भोपाल मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए कि वे अपने प्रभार के जिलों में स्थिति की समीक्षा करें। कहीं पर भी पैनिक नहीं होना चाहिए। पेट्रोल डीजल रसोई गैस की स्थिति पर नजर रखने और केंद्र सरकार व आयल कंपनियों से समन्वय के लिए तीन मंत्रियों की समिति बनाई। उच्च स्तरीय समिति का गठन उप मुख्यमंत्री वित्त जगदीश देवड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप को समिति में रखा। कैबिनेट बैठक के बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने बताया कि पेट्रोल डीजल की उपलब्धता में निरंतरता बनी हुई है।   ईंधन और गैस आपूर्ति की वर्तमान स्थिति रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर भी फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है। कमर्शियल गैस का स्टॉक रिटेलर के पास दो दिन और तेल कंपनियों के पास सात दिन का है। विभाग ने कलेक्टर कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि वह कमर्शियल गैस के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए उपभोक्ताओं से संवाद करें।

सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश भर में बुनियादी सुविधाओं का हो रहा विस्तार, आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा निस्तारण

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग का उत्थान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी के सपनों को साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में आईजीआरएस की फरवरी की रिपोर्ट में प्रदेशभर में रामपुर ने शत-प्रतिशत अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि शाहजहांपुर और बाराबंकी ने बराबर अंक प्राप्त कर दूसरा तो जालौन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की हर माह की जाती है समीक्षा आईजीआरएस हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी करता है। आईजीआरएस प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा करता है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की फरवरी की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने मानक पूर्णांक 140 में पूरे 140 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है।  रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। यही वजह है कि रामपुर ने आईजीआरएस और सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट में पहला स्थान प्राप्त किया है।   टॉप टेन जिलों में जालौन, बरेली, श्रावस्ती और हाथरस ने बनाई जगह शाहजहांपुर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतुष्टिपूर्ण फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की फरवरी की रिपोर्ट में शाहजहांपुर पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप आगे भी लगातार प्रयास रहेगा कि आम जनमानस की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।  इसी तरह शाहजहांपुर ने 137 अंक और बाराबंकी ने भी 137 अंक हासिल कर दूसरा, जालौन ने 136 अंक प्राप्त कर तीसरा और बरेली के साथ श्रावस्ती और हाथरस ने बराबर-बराबर 135 अंक हासिल कर चौथा स्थान प्राप्त किया है। वहीं बलिया, आजमगढ़ और भदोही बराबर-बराबर 134 अंक हासिल कर पांचवें पायदान पर हैं। वहीं टॉप टेन जिलों में अंबेडकरनगर, प्रयागराज, कन्नौज, पीलीभीत और हमीरपुर ने जगह बनाई है।

तनाव बढ़ा: IRGC बोला—होर्मुज स्ट्रेट से एक बूंद तेल भी बाहर नहीं जाने देंगे

तेहरान ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के जनरल ने कहा है कि जब तक युद्ध जारी रहेगा, ईरानी सेना होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिका और इजरायल के सहयोगी देशों को एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं करने देगी। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनरल अली मोहम्मद नैनी ने कहा, “ईरानी सेना… अगली सूचना तक इस इलाके से दुश्मन देश और उसके सहयोगियों को एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं करने देगी। तेल और गैस की कीमतों को कम करने और कंट्रोल करने की उनकी कोशिश सफल नहीं होगी।” जनरल ने कहा कि दुनिया में तेल की कीमतों पर कंट्रोल अब ईरान के हाथ में है और अमेरिका को इंतजार करना पड़ेगा कि ईरान आगे क्या कदम उठाता है। अधिकारी के मुताबिक एनर्जी मार्केट पहले से ही अस्थिर हो चुका है और ईरान तब तक लड़ाई जारी रखेगा जब तक अमेरिका की ओर से हार का ऐलान नहीं हो जाता। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बहुत अहम समुद्री रास्ता है। हर साल दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। जनरल के मुताबिक, “अमेरिका का दावा है कि कमर्शियल और मिलिट्री जहाज इस इलाके में मौजूद हैं और होर्मुज स्ट्रेट से आसानी से गुजर रहे हैं, जबकि अमेरिकी नौसेना के जहाज, विमान और सभी फाइटर जेट ईरान की ताकतवर मिसाइलों और ड्रोन से सुरक्षित रहने के लिए 1,000 किलोमीटर से ज्यादा पीछे हट गए हैं।” ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ये भी दावा किया है कि उसने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भी निशाने पर लिया है। आईआरजीसी के जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इरबिल में हरिर एयर बेस पर अमेरिकी सेना के मुख्यालय को लक्ष्य बनाकर मिसाइलें दागी गईं। इस सैन्य ठिकाने पर कुल पांच मिसाइलें दागी गईं। हालांकि इस हमले से हुए नुकसान या हताहतों के बारे में अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

जिला सूरजपुर न्यायालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन – नारी शक्ति का हुआ सम्मान नारी शक्ति का हुआ सम्मान

सूरजपुर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय सूरजपुर में नारी शक्ति के सम्मान में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन उन महिलाओं को समर्पित रहा जिन्होंने न्याय और समाज की बेहतरी में अपना अमूल्य योगदान दिया है। कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ:- अध्यक्षता: कार्यक्रम का सफल संचालन  प्रज्ञा पचौरी एवं  विनीता वार्नर के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम में  पायल टोपनो,  रूचि मिश्रा एवं कुमारी हिमांशी सराफ सहित बड़ी संख्या में महिला अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारी और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स उपस्थित रहे। प्रेरक संबोधन:- न्यायाधीशों ने अपने संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश और समाज को सही दिशा दिखाने में नारी शक्ति की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। हमें उन सभी वीरांगनाओं और व्यक्तित्वों को याद रखना चाहिए जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की राह प्रशस्त की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें न्याय के क्षेत्र में और अधिक सशक्त होने के लिए प्रेरित किया। सम्मान समारोह:-                  इस अवसर पर एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें महिला न्यायाधीशों, वरिष्ठ महिला अधिवक्ताओं एवं वरिष्ठ पैरा लीगल वॉलेंटियर्स को न्यायाधीशों के कर-कमलों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके समर्पण और समाज के प्रति अटूट सेवा भाव का प्रतीक है।

अवैध शराब पर कार्रवाई, संयुक्त टीम ने 10 हजार से ज्यादा की देशी मदिरा पकड़ी

बलौदाबाजार संयुक्त टीम ने 10 हजार रुपए से अधिक की देशी मदिरा किया जब्तआबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा दो प्रकरणों में 10900 रुपए मूल्य के 19.62 बल्क लीटर देशी मदिरा जब्त किया गया। प्राप्त जानकारी के. अनुसार ग्राम सुंदरी (स) में आरोपी चेतन पिता राजकुमार मनहरे उम्र 25 वर्ष सा. सुंदरी के कब्जे से देशी मदिरा के 84 पाव कुल 15.12 बल्क लीटर जब्त की गई। देशी मदिरा का बाजार मूल्य 8,400/- रूपये होना पाया गया। इसी प्रकार आरोपी सतवंतीन बाई पति जोहार लाल मनहरे उम्र 54 वर्ष सा. सुंदरी (स) के कब्जे से 25 पाव देशी मदिरा मसाला कुल 4.5 बल्क लीटर जब्त की गई। देशी मदिरा का बाजार मूल्य 2,500 रूपये होना पाया गया। कुल दोनो प्रकरणों की जप्ती 19.62 बल्क लीटर है एवं बाजार मूल्य 10,900/- रूपये है। आरोपी चेतन पिता राजकुमार मनहरे उम्र 25 वर्ष सा. सुंदरी के विरूद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (2) 59 (क) एवं आरोपिया सतवंतीन बाई पति जोहार लाल मनहरे उम्र 54 वर्ष सा. सुंदरी (स) के विरूद्ध 34 (1) ख का प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया।  कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश कुमार सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक दिनेश कुमार साहू, पी. माधव राव, पुलिस बल में विष्णु खटकर, भानु एवं नगर सैनिक कमल वर्मा, दुर्गेश्वरी कुर्रे, राजकुमारी पैकरा शामिल रहे।

परमिट व टैक्स से मुक्त रहेंगी ग्राम परिवहन योजना में अनुबंधित बसें: दयाशंकर सिंह

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में कैबिनेट बैठक हुई। वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकार वार्ता में बताया कि बैठक में कुल 31 प्रस्ताव आए, जिसमें से 30 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने स्वीकृति दी। योगी सरकार ने ग्रामीणों के हित को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ को स्वीकृति दी। इस योजना के माध्यम से अब उत्तर प्रदेश के हर गांव तक बस पहुंचेगी। पत्रकार वार्ता में मौजूद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक 12,200 गांवों तक बसें नहीं पहुंच रही थीं, लेकिन नई पॉलिसी के तहत उत्तर प्रदेश की सभी 59,163 ग्राम सभाओं तक बसें पहुंचेंगी। इन बसों को परमिट व टैक्स से मुक्त रखा गया है। इससे प्रदेश की बड़ी ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी। ये बसें चलाने की अनुमति निजी लोगों को मिलेगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित होगी, जिसमें सीडीओ, एसपी, एआरटीओ, एआरएम सदस्य होंगे। ये बसें रात में गांव में ही रुकेंगी। सुबह ब्लॉक व तहसील होते हुए ये बसें सुबह 10 बजे तक जनपद मुख्यालय तक पहुंचेंगी। इस सेवा का लाभ विद्यार्थियों के अलावा कचहरी, ऑफिस या अपना उत्पाद शहर में बेचने जाने वाले लोगों को भी मिलेगा। कई गांवों में ऐसी सड़कें हैं, जहां बड़ी बसें टर्न होने में परेशानी होती है। 12,200 में से 5000 ऐसे गांव हैं, जहां बड़ी बसें टर्न नहीं हो सकतीं। इसलिए ये छोटी बसें होंगी, जिनकी अधिकतम लंबाई सात मीटर और अधिकतम सीट क्षमता 28 होगी। परिवहन मंत्री ने बताया कि सुबह 10 से शाम चार बजे तक इन बसों को डायवर्ट करेंगे। इसके बाद ये बसें दूरी के हिसाब से अधिकतम शाम 8 बजे तक गांव में पहुंच जाएंगी। इन बसों के ड्राइवर, कंडक्टर व क्लीनर आसपास गांव के लोग ही होंगे, जिससे रात में गांव में रुकने और सुबह आने में उन्हें परेशानी नहीं होगी। इन बसों की औसत आयु 15 वर्ष रहेगी, लेकिन पहले 10 साल के लिए ही इन्हें परिचालन की इजाजत दी जाएगी।  परिवहन मंत्री ने बताया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी स्थानीय स्तर पर किराया निर्धारण करेगी। इसका टिकट भी सस्ता रहेगा। इन्हें परमिट व टैक्स की आवश्यक्ता नहीं होगी। इससे बस चलाने वालों को लाभ होगा। सरकार का उद्देश्य आमजन को बेहतर सुविधा मुहैया कराना है। इस योजना के तहत प्रत्येक आवेदक (जिस ब्लॉक के लिए उसने आवेदन किया है) को समस्त ग्राम पंचायत/रूट पर अपने विवेकानुसार वाहन संचालन करने तथा फेरों की संख्या का अधिकार होगा। बस संचालक ब्लॉक की प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रतिदिन कम से कम दो बार वाहन की सेवा प्रदान करेगा।  इस योजना के क्रियान्वयन के लिए आवेदन की स्क्रीनिंग 15 दिन में हो जाएगी। आवेदक के सफल चयन के बाद वाहन उपलब्ध कराने के लिए 15 दिन होंगे तथा निर्धारित प्रक्रिया को 45 दिनों में पूर्ण कर लिया जाएगा। प्राप्त आवेदनों का परीक्षण एवं सफल आवेदन का चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जायेगा। उक्त कमेटी द्वारा सेवा प्रदाताओं का चयन करते हुए मार्ग निर्धारण को अंतिम रूप दिया जाएगा। उक्त योजना के क्रियान्वयन एवं निगरानी का दायित्व सम्बन्धित क्षेत्रीय प्रबन्धकों का होगा, जो नियमित रूप से (न्यूनतम मासिक) आयुक्त को कार्य प्रगति से अवगत कराएंगे।

गैस की कमी रोकने के लिए सरकार का सख्त फैसला, एलपीजी पर एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट लागू

नई दिल्ली देश में रसोई गैस की सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। होटलों और रेस्तरां में कमर्शियल एलपीजी की कमी की खबरों के बीच सरकार ने एसेंशियल कमोडिटीज (ईसी) एक्ट लागू कर दिया है, ताकि घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रह सके। सरकार ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल यूनिट्स को निर्देश दिया है कि वे एलपीजी के उत्पादन को अधिकतम स्तर तक बढ़ाएं। इसके साथ ही इन इकाइयों को प्रमुख हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स को एलपीजी पूल की ओर डायवर्ट करने के लिए कहा गया है, ताकि घरेलू उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता बढ़ाई जा सके और सप्लाई स्थिर बनी रहे। इसी के साथ सरकार ने नेचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर 2026 भी जारी किया है। इस आदेश के तहत प्राकृतिक गैस, एलएनजी और री-गैसिफाइड एलएनजी के उत्पादन और अलग-अलग सेक्टरों में उसके आवंटन को नियंत्रित किया जाएगा। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराना है। सरकार के मुताबिक, प्राथमिकता वाले सेक्टरों में घरेलू पीएनजी सप्लाई, परिवहन के लिए सीएनजी, एलपीजी उत्पादन, पाइपलाइन कंप्रेसर के लिए ईंधन, फर्टिलाइजर प्लांट, चाय उद्योग और अन्य महत्वपूर्ण औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं। इस व्यवस्था को लागू करने की जिम्मेदारी भारतीय गैस प्राधिकरण लिमिटेड (गेल) को सौंपी गई है, जो पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) के साथ मिलकर सेक्टर-वार गैस आवंटन और सप्लाई व्यवस्था की निगरानी करेगा। उधर, बाजार में घबराहट के कारण बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की दोबारा बुकिंग के लिए न्यूनतम इंतजार अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, ईरान से जुड़े युद्ध और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण लोगों में सप्लाई बाधित होने का डर पैदा हो गया था, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने घबराकर सिलेंडर बुक कराना शुरू कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। बुकिंग अवधि बढ़ाने का फैसला केवल स्टॉक और इन्वेंट्री को बेहतर तरीके से संभालने के लिए लिया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, घबराहट में की गई बुकिंग के कारण एलपीजी की मांग में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक अधिकारी ने बताया कि औसतन एक परिवार साल में 14.2 किलोग्राम के 7 से 8 एलपीजी सिलेंडर ही इस्तेमाल करता है और सामान्य परिस्थितियों में उन्हें छह हफ्तों से पहले नया सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं पड़ती। इस बीच एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का कोई फैसला नहीं लिया गया है। सरकारी तेल कंपनियां, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम, अभी के लिए लागत का अतिरिक्त दबाव खुद ही वहन करेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर लगातार नजर बनाए हुए है, लेकिन फिलहाल खुदरा ईंधन कीमतें बढ़ाने की कोई तत्काल योजना नहीं है।वहीं, संसद को भी बताया गया है कि भारत के पास इस समय कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का कुल 74 दिनों का भंडारण क्षमता मौजूद है। यह भंडार किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति, जैसे भू-राजनीतिक तनाव या युद्ध की स्थिति में सप्लाई बाधित होने पर देश को संभालने में मदद कर सकता है।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से साकार हुआ सपना कम्प्यूटर कोचिंग से भविष्य सँवार रहीं हैं प्रियंका

रायपुर कम्प्यूटर कोचिंग के माध्यम से आज के डिजिटल युग में अपने भविष्य को सँवारना एक अत्यंत व्यावहारिक निर्णय है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर विकास जैसे क्षेत्रों में उच्च-वेतन वाली नौकरियों के द्वार खोलता है।            बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत पंडरीपानी निवासी युवती प्रियंका मंडल ने अपने आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर न केवल आत्मनिर्भर बनने का उदाहरण प्रस्तुत किया है, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम  योजना का लाभ लेकर उन्होंने अपना कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर स्थापित किया है। प्रियंका मंडल के परिवार में माता-पिता तथा भाई-भाभी सहित कुल 5 सदस्य हैं। प्रियंका की शैक्षणिक योग्यता स्नातकोत्तर है। प्रियंका बताती हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे जीवन-यापन के लिए संविदा के रूप में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रही थीं। उन्हें शुरू से ही कम्प्यूटर के क्षेत्र में गहरी रुचि थी और वे कुछ अलग करने की महत्वाकांक्षा रखती थीं।           प्रियंका ने देखा कि बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों के कई बच्चे कम्प्यूटर सीखना चाहते हैं, लेकिन दूर स्थित शहरों तक आने-जाने में होने वाली परेशानी और अधिक खर्च के कारण वे कम्प्यूटर शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या को देखते हुए प्रियंका ने ग्रामीण बच्चों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर खोलने का निर्णय लिया, लेकिन उनकी इस इच्छा में उनकी आर्थिक स्थिति आड़े आ रही थी।          प्रियंका को अपने एक मित्र के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना की जानकारी मिली। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दस्तावेज जमा कर ऋण के लिए आवेदन किया। योजना के तहत उनका “कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर” संबंधी प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक पण्डरीपानी शाखा को प्रेषित किया गया। बैंक द्वारा 20 जून 2025 को उन्हें 7 लाख रुपये का ऋण प्रदाय किया गया।          प्रियंका ने बताया कि आज उनके कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर को संचालित हुए लगभग 9 माह हो चुके हैं। इस दौरान उनके सेंटर से 20 विद्यार्थियों को सफलतापूर्वक कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही उन्होंने अपने संस्थान के माध्यम से तीन युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। प्रियंका नियमित रूप से अपने ऋण की किस्तों का भुगतान भी कर रही हैं। प्रियंका मंडल की यह पहल न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल है, बल्कि बस्तर के ग्रामीण युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय कदम भी है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि सही दिशा और योजनाओं का लाभ मिले तो युवा अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।         प्रियंका ने बताया कि स्नातकों को मजबूत सॉफ्टवेयर कौशल विकसित करने, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से अपने ज्ञान को बढ़ाने, नवीनतम रुझानों से अवगत रहने और कार्यशालाओं और सेमिनारों में भाग लेने की आवश्यकता है ताकि वे अपने क्षेत्र में प्रासंगिक बने रहें, जो उनके पेशेवर विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

SDM से लेकर IPS तक-50 अफसरों पर गिरी गाज, भ्रष्टाचार पर भजनलाल सरकार का सबसे बड़ा एक्शन

जयपुर. राजस्थान में सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक ऐतिहासिक और बेहद सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने सरकारी तंत्र में बैठे ‘सफेदपोश’ अपराधियों और लापरवाह अधिकारियों की लंबी कुंडली खंगालते हुए अभियोजन स्वीकृति और विभागीय जांच के 50 से अधिक प्रकरणों का एक साथ निस्तारण कर दिया। इस कार्रवाई की जद में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के एक बड़े अधिकारी से लेकर उपखंड अधिकारी (SDM), विकास अधिकारी और सचिव स्तर के कार्मिक आए हैं। सरकार के इस ‘क्लीनअप ऑपरेशन’ से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री ने सुशासन की मिसाल पेश करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के एक अधिकारी के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के परामर्श से दण्ड की मात्रा बढ़ाने का कड़ा निर्णय लिया है। इसके साथ ही, निजी व्यक्तियों को अवैध लाभ पहुँचाने के आरोप में तत्कालीन उपखंड अधिकारी (SDM) सहित सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति (Prosecution Sanction) दे दी गई है। अब इन अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय में कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। कृषि उपज मण्डी सचिव बर्खास्त, कई अधिकारी सेवा से बेदखल भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में मुख्यमंत्री ने ‘अंतिम प्रहार’ करते हुए कई अधिकारियों का करियर खत्म कर दिया है। कृषि उपज मण्डी समिति के तत्कालीन सचिव: अदालत से दोषसिद्ध होने के तुरंत बाद उन्हें राज्य सेवा से पदच्युत (Dismissed) कर दिया गया। लंबी अनुपस्थिति: ड्यूटी से लगातार गायब रहने वाले एक अन्य अधिकारी को भी नौकरी से हटा दिया गया है। विकास अधिकारी (BDO) पर 17-ए: पद के दुरुपयोग और राजकोष को हानि पहुँचाने के आरोप में तत्कालीन विकास अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। वेतन वृद्धि रोकी, पेंशन पर भी चला ‘चाबुक’ राज्य सेवा के अधिकारियों में अनुशासन का पाठ पढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने सीसीए नियम-16 के तहत कड़़ी शास्ति लगाई है। वेतन वृद्धि पर रोक: गंभीर आरोपों में घिरे 23 प्रकरणों के 27 अधिकारियों की 2 से 4 वेतन वृद्धियां (Increment) संचयी प्रभाव से रोक दी गई हैं। इसका सीधा असर उनके पूरे करियर और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभों पर पड़ेगा। रिटायर्ड अधिकारियों पर गाज: मुख्यमंत्री ने 5 सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन रोकने का अनुमोदन किया है। इसके अलावा 9 अन्य मामलों में जांच निष्कर्षों के आधार पर राज्यपाल को कार्रवाई के लिए फाइल अग्रेषित की गई है। अपीलों को किया खारिज मुख्यमंत्री कार्यालय में जब सजा के खिलाफ अधिकारियों ने अपील पेश की, तो मुख्यमंत्री ने उनमें से 4 अपीलों को सिरे से खारिज कर दिया। केवल एक मामले में परिस्थितियों को देखते हुए दण्ड की मात्रा कम की गई। राजस्थान में ‘सुशासन’ का नया मॉडल भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट कर दिया था कि वे भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ रखेंगे। 50 से अधिक फाइलों का एक झटके में निस्तारण करना यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री सचिवालय अब भ्रष्ट अधिकारियों के लिए ‘सेफ हेवन’ नहीं रहा। आमजन को संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन देने के लिए सरकार अब निचले स्तर से लेकर शीर्ष अधिकारियों तक की जवाबदेही तय कर रही है।

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