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केजरीवाल की मांग पर हाई कोर्ट सख्त, जज स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने से किया इनकार

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब घोटाला मामले में जज बदलने वाली अरविंद केजरीवाल की मांग ठुकरा दी। केजरीवाल ने मामले में सुनवाई कर रहीं जज स्वर्ण कांता शर्मा पर पक्षपात का आरोप लगाकर मामले को किसी अन्य पीठ को स्थानांतरित करने की मांग की थी। चीफ जस्टिस ने मामले में टिप्पणी भी की। दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने कहा कि याचिका वर्तमान रोस्टर के अनुसार न्यायमूर्ति शर्मा को सौंपी गई है और प्रशासनिक पक्ष पर आदेश पारित करके इसे स्थानांतरित करने का कोई कारण नहीं पाया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि अगर न्यायमूर्ति शर्मा खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग करना चाहें तो यह निर्णय उन्हें लेना है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से 13 मार्च को एक पत्र की जानकारी दी गई थी। यह पत्र उन आठ लोगों को भेजा गया था, जिन्होंने मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की थी, जिनमें केजरीवाल भी शामिल थे। चीफ जस्टिस ने मामले में कहा कि प्रशासनिक स्तर पर इस याचिका को किसी अन्य बेंच में ट्रांसफर करने का कोई कारण नहीं दिखता। केजरीवाल के आरोप दरअसल, 11 मार्च को लिखे अपने पत्र में केजरीवाल ने आशंका जताई थी कि यदि मामला जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा के पास ही रहा तो सुनवाई निष्पक्ष और तटस्थ तरीके से नहीं हो पाएगी। इससे पहले 27 फरवरी को एक ट्रायल कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को राहत देते हुए उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया था। इसके खिलाफ सीबीआई ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसकी सुनवाई फिलहाल जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा की बेंच में चल रही है। ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर जस्टिस शर्मा की रोक 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने मामले में नोटिस जारी किया था और ट्रायल कोर्ट के उस निर्देश पर रोक लगा दी थी, जिसमें मामले की जांच करने वाले सीबीआई अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने को कहा गया था। साथ ही उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश की कुछ टिप्पणियों को गलत बताया और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की कार्यवाही को फिलहाल टालने का निर्देश भी दिया। केजरीवाल ने पत्र में क्या मांग की थी केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा था कि 9 मार्च के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किस गंभीर त्रुटि के आधार पर बिना दूसरी पक्ष की सुनवाई के ऐसा अंतरिम आदेश दिया गया। उन्होंने यह भी आपत्ति जताई कि हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की कार्यवाही टालने का निर्देश दिया, जबकि उस समय अदालत में ईडी पक्षकार भी नहीं थी। आप नेता ने यह भी कहा कि आमतौर पर इस तरह की रिविजन याचिकाओं में पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए चार से पांच सप्ताह का समय दिया जाता है, लेकिन इस मामले में अदालत का रुख जल्दबाजी वाला प्रतीत हुआ, जिससे उन्हें पूर्वाग्रह की आशंका हुई।

संवेदनशील हस्तक्षेप से टूटने से बच रहे परिवार, महिलाओं को मिल रहा भरोसेमंद सहारा

लखनऊ कुछ महीने पहले औरैया स्थित वन स्टॉप सेंटर में एक 24 वर्षीय महिला घबराई हुई हालत में पहुंची। घरेलू कलह और लगातार बढ़ते विवादों ने उसके पारिवारिक जीवन को लगभग टूटने की कगार पर ला खड़ा किया था। वहां मौजूद परामर्शदाताओं ने धैर्य और संवेदनशीलता के साथ उसकी पूरी बात सुनी। केंद्र की पहल पर पति को भी बुलाया गया और दोनों की काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हुई। कई दौर की बातचीत और सलाह के बाद पति पत्नी के बीच संवाद का रास्ता खुला। नतीजा यह रहा कि आपसी विवाद सुलझ गया और एक परिवार टूटने से बच गया। संपर्क करने पर महिला ने बताया कि अब उसका दाम्पत्य जीवन सामान्य है और घर का माहौल पहले से बेहतर हो गया है। यह घटना बताती है कि योगी सरकार द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर संकट में घिरी महिलाओं के लिए भरोसे और सहारे का मजबूत केंद्र बन चुके हैं। एक ही छत के नीचे मिल रही हर जरूरी सहायता हिंसा या उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित वन स्टॉप सेंटर अब प्रदेश में प्रभावी सहायता तंत्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं। यहां पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सकीय सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, विधिक सलाह और पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जरूरत पड़ने पर महिलाओं को पांच दिनों तक अल्प प्रवास की सुविधा भी दी जाती है। इससे संकट की घड़ी में उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके। प्रशिक्षित परामर्शदाता महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए समाधान की दिशा में मार्गदर्शन देते हैं।  96 वन स्टॉप सेंटर से महिलाओं को सहायता प्रदेश में तेजी से मजबूत हुआ वन स्टॉप सेंटर का नेटवर्क महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्था को लगातार विस्तार दिया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में 96 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में अतिरिक्त सेंटर स्थापित करने की स्वीकृति भी दी गई है, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को समय पर सहायता मिल सके। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को न केवल तत्काल राहत मिल रही है बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी भी मिल रही है। आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए वाहन महिला सुरक्षा के इस तंत्र को और प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक वन स्टॉप सेंटर पर आकस्मिक सेवाओं के लिए एक वाहन की व्यवस्था भी की गई है। इससे जरूरत पड़ने पर पीड़ित महिला तक तुरंत पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराना संभव हो रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी महिला को संकट की स्थिति में मदद के लिए भटकना न पड़े और उसे सुरक्षित वातावरण में हर जरूरी सहयोग तुरंत मिल सके।

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: नेतन्याहू पर ईरान का सीधा निशाना, IRGC ने बदले की कसम खाई

ईरान मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक ऐसा बयान जारी किया है जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। IRGC ने कसम खाई है कि वे अपने सर्वोच्च नेता की मौत का बदला लेने के लिए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ढूंढेंगे और उन्हें मार डालेंगे। ईरानी गार्ड्स ने अपनी वेबसाइट सेपाह न्यूज पर बयान जारी करते हुए कहा, “अगर बच्चों की जान लेने वाला यह अपराधी जिंदा है, तो हम पूरी ताकत से उसका पीछा करते रहेंगे और उसे मार गिराएंगे।” एक संदेश में IRGC के कमांडरों ने कहा कि 28 फरवरी को अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या एक ऐसा अपराध है जिसका हिसाब नेतन्याहू को अपनी जान देकर चुकाना होगा। अभी जारी रहेगा युद्ध: इजरायली रक्षा मंत्री वहीं, इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने शनिवार को कहा कि तेहरान के साथ युद्ध अब एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने ईरान के खर्ग द्वीप पर स्थित तेल निर्यात केंद्र पर अमेरिका द्वारा किए गए हमलों की सराहना की, जिन्हें वाशिंगटन ने सैन्य लक्ष्य बताया था। काट्ज़ ने एक टेलीविजन बयान में शीर्ष सैन्य अधिकारियों से कहा, “ईरान के खिलाफ वैश्विक और क्षेत्रीय संघर्ष का नेतृत्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कर रहे हैं। यह अब और तेज हो रहा है और एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक इसकी आवश्यकता होगी।” पिता की मौत का लेंगे बदला इससे पहले गुरुवार को ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता का पद संभालने के बाद पहला बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि ईरान खाड़ी देशों पर हमले जारी रखेगा। साथ ही उन्होंने उस युद्ध में ‘अन्य मोर्चे’ खोलने की धमकी दी जिसने पहले ही विश्व ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय यात्रा को बाधित कर दिया है।  

योगी सरकार की नीतियों का लाभ मिलने से महिलाएं बन रहीं सफल उद्यमी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की योजनाएं आज बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहीं हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ओडीओपी योजना ने न केवल पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान दी है, बल्कि छोटे उद्यमियों को भी आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा मंच प्रदान किया है। झांसी की रहने वाली वंदना चौधरी इसी परिवर्तन की प्रेरक मिसाल हैं। कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली वंदना ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस दिखाया। वर्ष 2021 में उन्होंने ओडीओपी योजना के अंतर्गत उन्हें 2 लाख का ऋण प्राप्त हुआ और उद्योग विभाग के माध्यम से सॉफ्ट टॉयज बनाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण भी मिला। प्रशिक्षण के बाद सरकार की पहल के तहत उन्हें निःशुल्क सिलाई मशीन भी मिली, जिसने उनके लिए स्वरोजगार की नई राह खोल दी। कई शहरों की प्रदर्शनियों में लिया हिस्सा  शुरुआत में छोटे स्तर पर सॉफ्ट टॉयज बनाकर बेचने का काम शुरू करने वाली वंदना ने अपनी मेहनत और लगन से धीरे-धीरे अपने उत्पादों की पहचान बना ली। उनके बनाए रंग-बिरंगे और आकर्षक सॉफ्ट टॉयज ने लोगों का ध्यान खींचना शुरू किया। परिणामस्वरूप उन्हें प्रयागराज, हरिद्वार और अन्य शहरों में आयोजित प्रदर्शनियों में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला।  इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में लिया हिस्सा  सरकार की योजनाओं से मिले इस प्रोत्साहन ने वंदना के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। इसी का परिणाम है कि उन्होंने नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में अपने सॉफ्ट टॉयज की प्रदर्शनी लगाकर झांसी के हुनर को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की योजनाओं से मिले अवसरों का भी सशक्त उदाहरण है। वंदना ने बताया कि हमारे सॉफ्ट टॉयज की बिक्री लगभग सभी ट्रेड फेयर में होती है और उन्हें स्टाल लगाने से बिक्री भी बढ़ती है। अब तो वंदना और उनके पति ने मिलकर झांसी में एक दुकान ‘श्री राधे सॉफ्ट टॉयज’ के नाम से किराये पर ली है, उससे भी उनकी अच्छी कमाई हो जाती है। उनके साथ अब 20 से 25 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। वंदना के समूह का नाम है कर्मठ महिला स्वयं सहायता समूह जिसकी वह खुद अध्यक्ष हैं।  महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत वंदना चौधरी की कहानी यह बताती है कि जब सरकार की योजनाओं का लाभ सही दिशा में उठाया जाए और मेहनत के साथ आगे बढ़ा जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है। आज वंदना न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुकीं हैं। उनकी यह यात्रा उत्तर प्रदेश में चल रही विकास और आत्मनिर्भरता की उस नई कहानी का हिस्सा है, जिसमें सरकार की पहल, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन से आम नागरिकों के सपनों को सच होने का अवसर मिल रहा है। बड़े बाजार में नई पहचान झांसी के उपायुक्त (उद्योग) मनीष चौधरी का कहना है कि भारत मंडपम  जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर स्थानीय उद्यमियों की भागीदारी से न केवल उनके उत्पादों को बड़े बाजार में नई पहचान मिलती है बल्कि इससे प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी नई गति मिलती है।

मेगा रेड में बड़ा खुलासा: दिल्ली से MP-UP तक छापे, कैश और गहनों समेत 200 करोड़ की संपत्ति सामने

नई दिल्ली नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, मध्यप्रदेश, लखनऊ, कानपुर,बांदा समेत देशभर के 35 बिल्डर और खनन कारोबारी के ठिकानों पर आयकर विभाग की जांच शुक्रवार को पूरी हो गई। आयकर सूत्रों के अनुसार नोएडा-ग्रेटर नोएडा, दिल्ली की प्रॉपर्टी में करीब 200 करोड़ रुपये अघोषित राशि के निवेश की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग परिसर से करीब आठ करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में जेवरात भी सीज किए गए। आयकर विभाग की टीमों ने बुधवार सुबह करीब छह बजे एक परिसरों पर साथ छापा मारा था। इसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सात और दिल्ली में दो परिसर शामिल थे। करोड़ों रुपये का कालाधन बिल्डर परियोजना, प्रॉपर्टी और अन्य निवेश में खपाने के आरोप को लेकर यह कार्रवाई की गई। आयकर सूत्रों के अनुसार परिसरों में जांच पूरी हो गई है। अब जब्त दस्तावेजों की जांच की जाएगी। सूत्रों का दावा है कि अब तक की जांच में प्रॉपर्टी में राजनीतिज्ञ, नौकरशाहों और खनन कारोबारियों का करीब 200 करोड़ अघोषित राशि के प्रॉपर्टी में निवेश की जानकारी मिली है। वहीं बांदा, लखनऊ और अन्य परिसरों से कुल करीब आठ करोड़ रुपये नगद जब्त किया गया। इसके अलावा जेवरात भी जब्त किए गए हैं।अलग-अलग बैंकों में करीब दस लॉकर सीज किए गए हैं। इनके खुलने पर कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। इसमें कुछ लॉकर लोगों ने अपने पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर खोले हुए थे। इनके ठिकानों पर हुई छापेमारी जांच में ग्रेटर नोएडा स्थित गोल्डन आई के निदेशक आनंद शुक्ला के नोएडा स्थित लोटस 300 सोसायटी के आवास, ग्रेटर नोएडा स्थित गोल्डन ग्रांडे व्यावसायिक प्रोजेक्ट और उनके कारोबार से संबंधित कुल सात ठिकानों पर कार्रवाई की गई। आयकर सूत्रों का दावा है कि बिल्डर प्रोजेक्ट और अन्य प्रॉपर्टी में खनन व अन्य कारोबारियों ने रुपये निवेश किए हैं। इनके सहयोगियों में खनन कारोबारी सीरजध्वज सिंह, जिनकी बांदा स्थित कंपनी और अन्य ठिकानों व एविएशन, खनन और रियल एस्टेट कारोबारी अज्ञात गुप्ता के दिल्ली, लखनऊ और मध्य प्रदेश स्थित ठिकानों पर जांच की गई। प्रॉपर्टी में निवेश सुरक्षित आयकर सूत्रों के अनुसार जांच पता लगा है कि कारोबारियों ने अन्य शहरों में प्रॉपर्टी में अघोषित रकम लगाई है। इसकी अहम वजह कारोबारी जिस शहर में कारोबार करता है, उसके बाद प्रॉपर्टी में निवेश करना वह सुरक्षित मानता है। कारोबारियों की सोच है कि जांच टीमों को इसके बारे में पता नहीं लगेगा। आयकर विभाग अभियान भी चला रहा आयकर विभाग द्वारा शुरू किया गया सक्षम नज अभियान रेस्टोरेंट्स और खाद्य क्षेत्र में स्वैच्छिक कर अनुपालन बढ़ाने की एक पहल है। यह अभियान गलत टैक्स रिपोर्टिंग और 408 करोड़ रुपये की छिपाई गई बिक्री का पता चलने के बाद शुरू किया गया है, जिसके तहत 63,000 रेस्टोरेंट्स को 31 मार्च 2026 तक अपने रिटर्न अपडेट करने को कहा गया है। पहले मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंट का हुआ सर्वे आयकर विभाग ने इससे पहले नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर समेत देश के अन्य शहरों में प्रमुख मिठाई दुकानों पर सर्वे कर बड़े पैमाने पर कर चोरी पकड़ी थी। 62 से अधिक रेस्टोरेंट्स और दुकानों में की गई जांच में 408 करोड़ से अधिक की बिक्री छिपाने का पता चला। यह कार्रवाई पेट-पूजा जैसे इलेक्ट्रॉनिक बिलिंग ऐप के माध्यम से की गई थी। इसमें नोएडा की दुकानों में 12 करोड़ रुपये कमाई छिपाने की जानकारी सामने आई थी।  

श्रीलंका, म्यांमार, नेपाल, भूटान, थाईलैंड, चीन और जापान से श्रावस्ती आते हैं पर्यटक

लखनऊ श्रावस्ती देश-प्रदेश का ही नहीं, विश्व में बौद्ध धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। यही कारण है कि श्रावस्ती में श्रीलंका, म्यांमार, नेपाल, भूटान, थाईलैंड, चीन और जापान सहित कई देशों से बौद्ध श्रद्धालु और पर्यटक आते रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत पर्यटन के विजन के अनुरूप श्रावस्ती में बुद्धवनम पार्क का निर्माण किया जा रहा है। बुद्धवनम पार्क का निर्माण कार्य इस वर्ष जून के अंत तक पूरा होने की संभावना है। इस परियोजना के पूरा होने से प्रदेश में बौद्ध पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह पार्क राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित होगा। बुद्धवनम पार्क में लैंडस्केप कार्य लगभग पूरा उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के नए आयाम विकसित करने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से जनपद श्रावस्ती में बुद्धवनम पार्क का निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत पार्क के लैंडस्केप क्षेत्र में कई प्रमुख संरचनाओं का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। परियोजना के अंतर्गत धर्म चक्र से संबंधित आठ संरचनाओं के आरसीसी फाउंडेशन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। साथ ही म्यूरल वॉल के लिए भी आरसीसी स्ट्रक्चर बन चुका है। इस पर सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। परिसर में बनाए जा रहे सेंटर पाथ-वे और स्टेप गैलरी के लिए ब्रिक वर्क का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। इससे पार्क का मुख्य संरचनात्मक स्वरूप स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। पार्क के आसपास स्ट्रीट ब्यूटीफिकेशन के तहत सड़क के दोनों किनारों पर आरसीसी रिटेनिंग वॉल का निर्माण, केबल ट्रेंच, स्टोन बोलार्ड, विशेष लैंप पोस्ट और पाथ-वे पर स्टोन क्लैडिंग जैसे कार्य किए जा रहे हैं। इंटरप्रिटेशन सेंटर, डॉर्मेट्री और गेट पिलर के निर्माण कार्य जल्द होंगे पूरे बुद्धवनम पार्क में आने वाले पर्यटकों को बौद्ध धर्म और क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से बनाए जा रहे इंटरप्रिटेशन सेंटर के कॉलम ढलाई का कार्य प्रगति पर है, जो जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इसके अतिरिक्त तैयार की जा रही डॉर्मेट्री के आंतरिक प्लास्टर और फ्लोरिंग का कार्य भी अंतिम चरण में है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग व्यवस्था भी विकसित की जा रही है। दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग क्षेत्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन व्यवस्थाओं के पूरा होने के बाद क्षेत्र की सुंदरता और पर्यटन अनुभव में उल्लेखनीय सुधार होगा। बुद्धवनम पार्क के विकसित होने से श्रावस्ती में बौद्ध पर्यटन को नया आयाम मिलेगा साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

महिला शक्ति के संकल्प से बदल रहा बस्तर, तीन पंचायतें बढ़ीं प्लास्टिक मुक्त गांव की दिशा में

जगदलपुर प्लास्टिक मुक्त बनने की ओर बढ़ीं बस्तर की तीन पंचायतें, महिला शक्ति निभा रही अहम भूमिका जिले के जनपद पंचायत बस्तर के अंतर्गत ग्राम पंचायत उसरी, टिकनपाल और बालेंगा को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस उद्देश्य से शनिवार को तीनों पंचायतों में विशेष बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और समग्र ग्राम विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक के दौरान सरपंच, उपसरपंच, वार्ड पंच, ग्रामीणों तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने और सकारात्मक प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।         इस अभियान में महिला शक्ति की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं घर-परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं। महिलाएं ग्रामीणों को एकल उपयोग प्लास्टिक के नुकसान के बारे में बता रही हैं और कपड़े के थैले तथा अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से परिवार स्तर से लेकर पूरे गांव तक प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल हो रही है।        बैठक में ग्रामीणों को बताया गया कि एक आदर्श और स्वस्थ गांव का निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी क्रम में घर-घर कचरा पृथक्करण (सेग्रिगेशन) पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि यदि सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखा जाए तो कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन अधिक आसान और प्रभावी हो सकता है। साथ ही गांव की गलियों को स्वच्छ रखने के लिए घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी।            स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए घरेलू शौचालयों के नियमित उपयोग पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि खुले में शौच की प्रवृत्ति को पूरी तरह समाप्त कर ही गांव के स्वास्थ्य स्तर में वास्तविक सुधार लाया जा सकता है।      बैठक के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और महिला समूहों ने मिलकर अपने गांव को स्वच्छ, स्वस्थ और प्लास्टिक मुक्त मॉडल ग्राम पंचायत बनाने की शपथ ली। स्वच्छ भारत मिशन टीम जनपद पंचायत बस्तर के मार्गदर्शन में आयोजित इन बैठकों ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल की मजबूत नींव रखी है।

2027 विधानसभा चुनाव पर केशव मौर्य का बड़ा बयान, बोले- साइकिल पंचर करने का समय आ गया

प्रयागराज उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भाजपा की ओर से परेड मैदान पर आयोजित होली व वसंतोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस लें। हमें साइकिल पंचर करके 2017 से बड़ी जीत हासिल करनी है। प्रधानमंत्री मोदी हैं, इसलिए आप चिंता न करिए डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा कि रसोई गैस की देश में कमी नहीं है। सपाई और कांग्रेसी अफवाह फैला रहे हैं। आपकी देखभाल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं इसलिए आप किसी प्रकार की चिंता न करिए। सरकार गरीब को अमीर बनाने का रास्ता बना रही है, उसमें सहयोग करिए। उन्होंने कहा कि आपके ईवीएम बटन दबाने से अयोध्या में प्रभु श्रीराम का मंदिर बना, काशी सजी और धारा 370 को उखाड़ फेंका गया।  

चुनावी रणभेरी: पांच राज्यों में मतदान की तारीखें तय, बंगाल में दो चरणों में चुनाव

नई दिल्ली  पश्चिम बंगाल, असम समेत पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो गई है। पश्चिम बंगाल में दो चरण में मतदान होंगे, जबकि तमिलनाडु, असम, पुडुचेरी और केरल में सभी सीटों पर एक ही फेज में वोट डाले जाएंगे। सभी राज्यों के नतीजों का ऐलान चार मई को होगा। बंगाल में पहले चरण के तहत 23 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि दूसरे फेज में 29 अप्रैल को मतदान होगा। असम, केरल और पुडुचेरी की सभी सीटों पर 9 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि तमिलनाडु की सभी विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पांच राज्यों में कुल 17.4 करोड़ वोटर्स मतदान करेंगे और कुल विधानसभा सीटें 824 हैं। इन राज्यों में चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए चुनाव आयोग 25 लाख कर्मचारियों की तैनाती करेगा। इस महीने की शुरुआत में चुनाव आयोग ने इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश का दौरा किया था और चुनावी तैयारियों का जायजा लिया था। आयोग ने इन राज्यों में राजनीतिक दलों, सुरक्षा एजेंसियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया है। किस राज्य में कब होगा मतदान पश्चिम बंगाल-दो फेज- 23 अप्रैल और 29 अप्रैल- चार मई रिजल्ट तमिलनाडु- एक फेज- 23 अप्रैल- चार मई रिजल्ट असम- एक फेज- 9 अप्रैल- चार मई रिजल्ट केरल- एक फेज- 9 अप्रैल- चार मई रिजल्ट पुडुचेरी- एक फेज- 9 अप्रैल- चार मई रिजल्ट संवाददाता सम्मेलन में चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधु और विवेक जोशी भी उपस्थित थे। ज्ञानेश कुमार ने कहा, “आयोग प्रत्येक मतदाता का मतदान केंद्र पर स्वागत करने के लिए तैयार है। हम खासकर पहली बार वोट डालने वाले और युवा मतदाताओं से अपील करते हैं कि वे अपने मताधिकार का उत्साह, आत्म सम्मान और विवेक के साथ प्रयोग कर लोकतंत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।” 17.4 करोड़ वोटर्स डालेंगे वोट मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पांच राज्यों में 17.4 करोड़ वोटर्स मतदान करेंगे। इन सभी राज्यों को मिलाकर कुल 824 विधानसभा सीटें हैं। 2.19 लाख पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। सीईसी के अनुसार, असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में प्रति पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की औसत संख्या 750-900 है। उन्होंने मतदाताओं के बारे में ब्योरा देते हुए बताया कि अंतिम सूची के अनुसार असम में लगभग 2.25 करोड़, केरल में 2.7 करोड़, पुडुचेरी में 9.44 लाख, तमिलनाडु में 5.67 करोड़ मतदाता होंगे। और पश्चिम बंगाल में, 28 फरवरी को जारी अंतिम सूची में 6.44 करोड़ मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा, माननीय न्यायाधीशों के निर्णय के बाद जो भी पूरक सूची आएगी, उसे भी इसमें जोड़ दिया जाएगा।” किस राज्य में कब खत्म हो रहा कार्यकाल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC) ने कहा, ”असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के मतदाता। पिछले कुछ दिनों के दौरान, आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए चुनाव वाले सभी राज्यों का दौरा किया। इन दौरों के दौरान, आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से मुलाकात की और उनके सुझाव प्राप्त किए। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों, एसपी, आईजी, डीआईजी और सभी प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों से भी मुलाकात की। आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, मुख्य सचिवों और डीजीपी के साथ भी बैठकें कीं।” असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को, केरल विधानसभा का 23 मई को, तमिलनाडु विधानसभा का 10 मई को और पश्चिम बंगाल विधानसभा का सात मई को तथा पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है। इन तारीखों से पहले ही यहां नई विधानसभा का गठन होना है।  

योजनाओं के लाभ से बच्चों को दिला रहीं मॉडल स्कूल में शिक्षा

रायपुर ग्रामीण अंचल की महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का नया सवेरा छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं ने लाया है। सरगुजा जिले के ग्राम गुमराकलां की रहने वाली  नीरा साहू इसका जीवंत उदाहरण हैं। बिहान (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) और महतारी वंदन योजना के संगम ने उन्हें एक साधारण गृहिणी से एक सफल उद्यमी बना दिया है। समूह से जुड़ाव और स्वरोजगार की शुरुआत             नीरा साहू बताती हैं कि उनकी सफलता की कहानी सरस्वती स्व-सहायता समूह से जुड़ने के साथ शुरू हुई। समूह के माध्यम से उन्होंने 17,000 का ऋण प्राप्त किया, जिसे उन्होंने अपनी छोटी सी दुकान में निवेश किया। धीरे-धीरे दुकान चल पड़ी और उनकी आय में वृद्धि होने लगी। महतारी वंदन योजना का मिला संबल          नीरा के हौसलों को तब और उड़ान मिली जब उन्हें शासन की महतारी वंदन योजना का लाभ मिलना शुरू हुआ। उन्होंने इस सहायता राशि का सदुपयोग अपनी दुकान के विस्तार के लिए किया। आज वे न केवल अपनी दुकान का कुशलतापूर्वक संचालन कर रही हैं, बल्कि खेती-बाड़ी के कार्यों में भी हाथ बंटाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही हैं। बच्चों की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य     आर्थिक स्वतंत्रता का सबसे बड़ा प्रभाव उनके बच्चों की शिक्षा पर पड़ा है। नीरा अपने तीनों बच्चों को मॉडल स्कूल में पढ़ा रही हैं। उनका कहना है कि पहले वे केवल घर तक सीमित थीं, लेकिन अब वे पूरे आत्मविश्वास के साथ व्यवसाय और परिवार दोनों की जिम्मेदारी निभा रही हैं। शासन की योजनाओं का जताया आभार        अपनी प्रगति से उत्साहित नीरा साहू कहती हैं कि बिहान योजना महिलाओं में बदलाव ला रही है। आज  ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास से आत्मनिर्भरता की ओर बढ रही हैं, इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय आभार व्यक्त किया, उन्होंने कहा कि हम जैसी ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर और संबल प्रदान किया है।

जो ठान लेता है वही पाता है मंजिल, सपनों को उड़ान देते हैं साहस और संकल्प

रायपुर सपनों को उड़ान देने के लिए पंख नहीं, साहस और संकल्प की जरूरत होती है। इसी बात को सत्य साबित किया है छत्तीगसढ के धमतरी की एक साधारण लेकिन जुझारू युवती एनु ने, जो आज “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और सीमित अवसरों के बावजूद एनु ने न केवल आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को भी सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई।           एनु का जन्म एक सामान्य ग्रामीण परिवार में हुआ, जहाँ आर्थिक स्थिति सशक्त नहीं थी। परिवार में आय के सीमित स्रोत थे, और लड़कियों की शिक्षा को लेकर अब भी संकोच और संकीर्ण सोच (prevalent ) थी। परन्तु एनु की सोच इससे बिल्कुल अलग थी। वे हमेशा कुछ नया करने और अपने पैरों पर खड़े होने की इच्छा रखती थीं। कठिनाइयों और प्रतिकूलताओं के बीच भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और अर्थशास्त्र में परास्नातक(Post Graduation inEconomics) की उपाधि हासिल की। यह उपलब्धि ही अपने आप में उनके संघर्ष और लगन का प्रतीक थी।           एनु का लक्ष्य केवल डिग्री लेनी ही मंज़िल नहीं थी। एनु जानती थीं कि केवल शिक्षा से रोजगार नहीं मिलेगा, जब तक उनके पास कोई कौशल न हो। इसी सोच के साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया। इस प्रशिक्षण ने उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में पहला मजबूत कदम उठाने का अवसर दिया। लेकिन उनका सपना सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं था।          एनु का अगला कदम था -मोबिलिटी यानी गतिशीलता की। वे चाहती थीं कि खुद स्कूटी चला सकें, ताकि गांव-गांव जाकर महिलाओं से मिलें, प्रशिक्षण दें और उनके जीवन को बदलने में योगदान दे सकें, लेकिन एक ग्रामीण युवती के लिए दोपहिया वाहन चलाना समाज के लिए असामान्य बात थी। इसके लिए उन्हें न केवल आत्मसंदेह से लड़ना पड़ा, बल्कि समाज की रूढ़िवादी सोच से भी लडना पडा। यही पर ‘प्रथम संस्था’ (PRATHAM Foundation) ने उन्हें स्कूटी चलाने का प्रशिक्षण दिया। पहले-पहले जब उन्होंने स्कूटी की चाबी हाथ में ली, तो लोगों ने ताने दिए – “लड़की होकर गाड़ी चलाएगी?”, “क्या ज़रूरत है इधर-उधर घूमने की?”, लेकिन एनु अडिग रहीं। उन्होंने अपने आत्मविश्वास के साथ इन बातों को अनसुना कर, प्रैक्टिस जारी रखी और जल्द ही स्कूटी चलाने में दक्ष हो गईं।           धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास और कौशल दोनों बढ़ने लगे। अब वे गांवों में स्वतंत्र रूप से घूमने लगीं, महिलाओं से जुड़ीं, उन्हें मोटिवेट करने लगीं और अपनी यात्रा की कहानी सुनाकर उनमें भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देने लगीं। यही वह मोड़ था जब उन्होंने तय किया कि अब वह खुद एक ड्राइविंग स्कूल शुरू करेंगी, ताकि अन्य महिलाओं को भी गाड़ी चलाना सिखा सकें। यह पहल ग्रामीण परिवेश में महिलाओं की स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम था।           सन 2023 में एनु अपने सीमित संसाधनों के साथ “महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र” की शुरुआत की। शुरू में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन जल्द ही यह संख्या बढ़ती चली गई। आज उनकी पहचान पूरे ब्लॉक और जिले में “स्कूटी दीदी” के रूप में हो गई है। उन्होंने अब तक 30 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को दोपहिया वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया है, जिनमें से कई महिलाएं अब स्वयं स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र या बैंक जैसी जगहों पर काम करने के लिए आत्मनिर्भर रूप से आने-जाने लगी हैं।            एनु की यह पहल न केवल महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और स्वतंत्रता लाई है, बल्कि सामाजिक सोच को भी बदला है। अब गांवों में लोग अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास भेजते हैं, यह सीखने कि कैसे वे भी “अपने सपनों की सवारी” कर सकती हैं। उनकी इस उपलब्धि के लिए विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों ने उन्हें सम्मानित भी किया है। हाल ही में उन्हें जिला प्रशासन द्वारा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया। एनु का सपना है कि वे आने वाले वर्षों में 1000 महिलाओं को ड्राइविंग सिखाएं और इसके लिए वे जल्द ही चारपहिया ड्राइविंग स्कूल भी शुरू करने की योजना बना रही हैं।           एनु का जीवन इस बात का प्रमाण है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उनकी कहानी हर उस महिला के लिए प्रेरणा है, जो समाज की जंजीरों को तोड़कर आगे बढ़ना चाहती है। स्कूटी दीदी एनु ने दिखा दिया कि सच्ची ताकत बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि भीतर के आत्मबल और दृढ़ निश्चय में होती है।  

मेष से मीन तक: नवरात्रि के नौ दिन राशि के अनुसार करें ये उपाय

पंचांग के अनुसार, साल 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगी. हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और भक्त व्रत रखकर मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर नवरात्रि में अपनी राशि के अनुसार कुछ खास उपाय किए जाएं तो मां दुर्गा की विशेष कृपा मिलती है और जीवन की परेशानियां दूर होने लगती हैं. आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशि वालों के लिए नवरात्रि के सरल उपायों के बारे में. मेष राशि नवरात्रि के दौरान मेष राशि के जातक मां दुर्गा को लाल फूल और लाल चुनरी अर्पित करें. साथ ही ॐ दुं दुर्गायै नमः मंत्र का जाप करें. इससे साहस और सफलता में वृद्धि होती है. वृषभ राशि वृषभ राशि के लोग मां दुर्गा को सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं. शुक्रवार के दिन गरीबों को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है. इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. मिथुन राशि मिथुन राशि वाले नवरात्रि में हरे रंग के फल या हरी इलायची मां को अर्पित करें. साथ ही दुर्गा चालीसा का पाठ करें. इससे बुद्धि और निर्णय क्षमता मजबूत होती है. कर्क राशि कर्क राशि के जातक मां दुर्गा को दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं और कन्याओं को भोजन कराएं. इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है. सिंह राशि सिंह राशि वालों को मां दुर्गा को गुड़ और गेहूं अर्पित करना चाहिए. रविवार के दिन जरूरतमंद लोगों को दान करना लाभदायक माना जाता है. कन्या राशि कन्या राशि के लोग नवरात्रि में पीले फूल और केले मां दुर्गा को चढ़ाएं. साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ करना भी शुभ माना जाता है. तुला राशि तुला राशि के जातक मां दुर्गा को सुगंधित इत्र या गुलाब के फूल अर्पित करें. इससे जीवन में संतुलन और खुशियां बढ़ती हैं. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वाले नवरात्रि में लाल चंदन और गुड़ मां दुर्गा को अर्पित करें. साथ ही रोजाना दुर्गा मंत्र का जाप करें. धनु राशि धनु राशि के लोग मां दुर्गा को पीले फल और हल्दी अर्पित करें. गुरुवार के दिन गरीबों को दान करना बहुत शुभ माना जाता है. मकर राशि मकर राशि के जातक मां दुर्गा को तिल और तेल का दीपक जलाकर पूजा करें. इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं. कुंभ राशि कुंभ राशि के लोग नवरात्रि में नीले या काले रंग के कपड़े दान करें और मां दुर्गा को नारियल अर्पित करें. मीन राशि मीन राशि के जातकों को मां दुर्गा को पीले फूल और बेसन के लड्डू चढ़ाने चाहिए. इससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है. नवरात्रि का महत्व नवरात्रि को शक्ति की साधना का पर्व माना जाता है. इन नौ दिनों में श्रद्धा और भक्ति से मां दुर्गा की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है. मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान किए गए छोटे-छोटे उपाय भी बड़े फल दे सकते हैं.

बंगाल में डबल फेज वोटिंग, चार राज्यों में एक चरण; 4 मई को रिजल्ट घोषित

नई दिल्ली चुनाव आयोग आगामी विधानसभा चुनावों के लिए आज शाम 4 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है। इस दौरान पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होगी। इन पांच राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई-जून 2026 में समाप्त हो रहा है। पश्चिम बंगाल की विधानसभा 7 मई, तमिलनाडु की 10 मई, असम की 20 मई, केरल की 23 मई और पुडुचेरी की 15 जून 2026 को खत्म होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लेंगे। चुनाव आयोग ने इन राज्यों में मतदाता सूची, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तैयारियों का आकलन पूरा कर लिया है, जिसके बाद यह ऐलान किया जाएगा। यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इनमें सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच कड़ी टक्कर होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, तमिलनाडु में डीएमके, केरल में वाममोर्चा, असम में भाजपा और पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस जैसी पार्टियां सत्ता बचाने या हासिल करने की कोशिश करेंगी। चुनाव आयोग ने सभी राज्यों में आचार संहिता लागू होने के साथ ही निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल—इन पांच राज्यों में कुल 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाले हैं, जहां 2.19 लाख मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। 25 लाख ईवीएम मशीनों के माध्यम से 824 विधानसभा सीटों पर चुनाव कराया जा रहा है।’ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के मतदाताओं के लिए सूचना है कि पिछले कुछ दिनों में निर्वाचन आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी मतदान वाले राज्यों का दौरा किया। इन दौरों के दौरान आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से मुलाकात की और उनके सुझाव प्राप्त किए। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों, एसपी, आईजी, डीआईजी तथा सभी प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों से भी भेंट की। साथ ही, संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, मुख्य सचिवों तथा डीजीपी के साथ भी बैठकें की गईं।’ चुनाव आयोग ने पहले असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी का दौरा पूरा किया, उसके बाद केरल (6-7 मार्च) और पश्चिम बंगाल (9-10 मार्च) का निरीक्षण किया। इन दौरों में राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रवर्तन एजेंसियों से मुलाकात की गई ताकि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें। कितने चरणों में होगा चुनाव चुनावों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिससे विकास कार्यों और सरकारी घोषणाओं पर रोक लग जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव एक से अधिक चरणों में हो सकते हैं, खासकर पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्य में जहां हिंसा की आशंका रहती है।

RRB Clerk Mains Result 2026 आउट, आईबीपीएस ने ibps.in पर जारी किया स्कोरकार्ड

नई दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (IBPS) ने IBPS RRB क्लर्क मेंस परीक्षा 2026 (CRP-RRBs-XIV) का रिजल्ट आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) में ऑफिस असिस्टेंट (मल्टीपर्पज) के पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में हिस्सा लिया था, वे अब अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाकर चेक कर सकते हैं। यह भर्ती प्रक्रिया देश भर के विभिन्न ग्रामीण बैंकों में लगभग 8,002 रिक्तियों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है। मुख्य परीक्षा का महत्व और चयन प्रक्रिया IBPS RRB क्लर्क भर्ती की खास बात यह है कि इसमें इंटरव्यू नहीं होता है। चयन प्रक्रिया केवल दो चरणों पर आधारित है। पहला प्रारंभिक परीक्षा जो केवल क्वालीफाइंग प्रकृति की थी। दूसरा मुख्य परीक्षा जो अंतिम चयन और प्रोविजनल अलॉटमेंट पूरी तरह से मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाता है। इस परीक्षा का आयोजन 1 फरवरी 2026 को किया गया था। आज घोषित किए गए परिणामों में सफल उम्मीदवारों को उनकी वरीयता और योग्यता के आधार पर विभिन्न ग्रामीण बैंकों में प्रोविजनल अलॉटमेंट दिया गया है। कट-ऑफ और स्कोरकार्ड नतीजों के साथ-साथ IBPS ने राज्यवार और श्रेणीवार कट-ऑफ अंक भी जारी कर दिए हैं।कट-ऑफ अंक इस बात पर निर्भर करते हैं कि परीक्षा का कठिनाई स्तर क्या था, संबंधित राज्य में कितनी रिक्तियां थीं और कितने उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। उम्मीदवार अपने सेक्शन वाइज कुल अंकों की डिटेल्स देखने के लिए अपना स्कोरकार्ड भी वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। रिजल्ट चेक करने का आसान तरीका अभ्यर्थी इन सरल स्टेप्स के जरिए अपना रिजल्ट देख सकते हैं:     IBPS की आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाएं। 2. होमपेज पर ‘CRP-RRBs’ लिंक पर क्लिक करें। 3. अब ‘Common Recruitment Process – Regional Rural Banks Phase XIV’ के विकल्प को चुनें। 4. ‘Click here to view your Result Status of Online Main Examination for CRP-RRBs-XIV-Office Assistant’ लिंक पर क्लिक करें। 5. अपना रजिस्ट्रेसन नंबर/रोल नंबर और पासवर्ड/जन्म तिथि दर्ज करें। 6. कैप्चा कोड भरें और ‘Login’ पर क्लिक करें। 7. आपका रिजल्ट और अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा। रिजल्ट के बाद का अगला कदम: भाषा प्रवीणता परीक्षा (LPT) अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को अब संबंधित राज्य की स्थानीय भाषा की प्रवीणता परीक्षा (LPT) से गुजरना होगा। यदि किसी उम्मीदवार ने कक्षा 10वीं या 12वीं में संबंधित स्थानीय भाषा को एक विषय के रूप में पढ़ा है, तो उन्हें आमतौर पर इस परीक्षा से छूट दी जाती है। सफल उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिपिकेशन और मेडिकल परीक्षण के लिए आवंटित बैंक द्वारा सूचित किया जाएगा।

सोलर से रोशन हुआ घर: सूर्यघर योजना के तहत 3 किलोवाट रूफटॉप प्लांट लगाकर निशि को मिला फायदा

रायपुर. खैरागढ़, छुईखदान गंडई जिले के ग्राम टेकापार कला की निवासी श्रीमती निशि श्रीवास ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ प्राप्त किया है। सोलर प्लांट लगवाने से पहले उनके घर का बिजली बिल लगभग ₹500 प्रतिमाह आता था, जिससे घरेलू खर्चों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। योजना के अंतर्गत सोलर पैनल स्थापित होने के बाद अब उनकी स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। सोलर सिस्टम से बिजली का उत्पादन होने के कारण उनका बिजली बिल अब शून्य (₹0) हो गया है। हाल ही में उनके सोलर प्लांट से कुल 282 यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ, जिस पर उन्हें ₹474 का सोलर रिबेट भी प्राप्त हुआ। श्रीमती निशि श्रीवास का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से न केवल बिजली बिल में राहत मिली है, बल्कि यह स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। अब वे अपने गांव तथा आसपास के लोगों को भी इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

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