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नौसेना की कमान में कोई LPG कमी नहीं, होर्मुज से धड़ाधड़ निकलेंगे भारत के जहाज

नई दिल्ली/तेहरान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने भी समुद्र में अपनी तैयारी तेज कर दी है. खबर है कि भारतीय नौसेना के कई युद्धपोत फारस की खाड़ी के पास तैनात हैं और भारत की ओर आने वाले व्यापारी जहाजों की मदद के लिए पूरी तरह तैयार रखे गए हैं. यानी हालात चाहे जितने तनावपूर्ण हों, भारत अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर कोई ढील नहीं देना चाहता. न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी थी. यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान ने भारत के लिए राहत भरा संदेश दिया है. ईरानी अधिकारियों ने भारत की ओर आ रहे दो भारतीय झंडे वाले LPG जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है. ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण लगातार इन जहाजों पर खतरा बना है। शिवालिक जहाज कब पहुंचेगा भारत? इनमें से एक जहाज शिवालिक बताया जा रहा है, जो जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली साइट के मुताबिक ओमान की खाड़ी में दिखा था और 21 मार्च तक अपने गंतव्य पर पहुंच सकता है. इससे साफ है कि भारी तनाव के बावजूद भारत की ओर से समुद्री हितों को लेकर अलग तरह की संवेदनशीलता दिखाई जा रही है. लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू कहीं ज्यादा गंभीर है. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिना जाता है, जहां से हर दिन दुनिया के तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक संकट बन सकती है। फारस की खाड़ी में भारत के कितने जहाज मौजूद? केंद्रीय पोत, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार को फारस की खाड़ी की मौजूदा स्थिति और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर जानकारी दी थी. मंत्रालय के मुताबिक इस समय फारस की खाड़ी में 24 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं, जिन पर 668 भारतीय नाविक तैनात हैं. इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में तीन जहाजों पर 76 भारतीय नाविक भी मौजूद हैं. यानी कुल मिलाकर बड़ी संख्या में भारतीय समुद्री कर्मी इस संवेदनशील क्षेत्र में सक्रिय हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मूज से निकलेंगे भारतीय जहाज इस बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने भी कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत की ओर आने वाले जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा. उन्होंने भारत और ईरान की पुरानी दोस्ती और साझा हितों का जिक्र करते हुए भरोसा दिलाया कि भारतीय जहाजों के लिए रास्ता खुला रहेगा. इस बयान ने भारत के लिए कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन क्षेत्र की हालत ऐसी है कि भरोसे के साथ-साथ चौकन्नापन भी जरूरी है. वहीं ईरानी विदेश मंत्री ने साफ कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मूज पूरी दुनिया के लिए खुला है, लेकिन अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के लिए नहीं।

बीजेपी ने थलापति विजय को दिया आकर्षक ऑफर, डिप्टी CM और 80 सीटें देने की पेशकश

 चेन्नई तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के करीब आते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम (TVK) और BJP के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने विजय को गठबंधन में शामिल होने के लिए एक बड़ा ऑफर दिया है. कहा जा रहा है कि बीजेपी ने विजय की पार्टी को 80 सीटें देने की पेशकश की है. इसके साथ ही बीजेपी ने विजय को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि विजय मुख्यमंत्री पद चाहते हैं और इसकी वजह से बातचीत में पेंच फंसा रहा है। मध्यस्थता करवा रही बीजेपी! बीजेपी विजय को एनडीए के साथ जोड़ने के लिए कई रास्तों का इस्तेमाल कर रही है. बताया जा रहा है कि वो एक अन्य राज्य के उपमुख्यमंत्री के जरिए इस बातचीत में मध्यस्थता करवा रही है. बीजेपी की विजय में दिलचस्पी का सबसे बड़ा कारण उनकी विशाल फैन फॉलोइंग है। क्यों विजय का साथ चाहती है बीजेपी? बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि तमिलनाडु के कड़े मुकाबलों में महज 2 प्रतिशत वोटों का अंतर भी जीत की दिशा बदल सकता है. राज्य के चुनावी इतिहास में कई बार बहुत कम मार्जिन से जीत-हार का फैसला हुआ है, ऐसे में विजय का समर्थन बीजेपी के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। विजय की पार्टी के सलाहकार क्या कहते हैं? दूसरी ओर, बीजेपी के साथ हाथ मिलाने की खबरों ने विजय के करीबी सलाहकारों के बीच चिंता बढ़ा दी है. उनके कुछ सलाहकारों का मानना है कि इतनी जल्दी किसी राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बनने से पार्टी की ‘स्वतंत्र छवि’ को नुकसान पहुंच सकता है. विजय ने अपनी पार्टी को राज्य में एक ‘तीसरे विकल्प’ के रूप में पेश किया है। सलाहकारों को डर है कि एनडीए में शामिल होने से उनकी पार्टी की साख और वह नैरेटिव कमजोर हो सकता है, जिसके दम पर उन्होंने राजनीति में कदम रखा है।

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव, आयोग ने जारी किया पूरा शेड्यूल

 नई दिल्ली  पश्चिम बंगाल के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। यहां पर 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। चुनाव आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस में इसका ऐलान किया। यहां पर मतगणना 4 मई को होगी। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा दोनों चुनाव आयुक्त सुखवीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे। बता दें कि आयोग इस माह इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश का दौरा कर चुनाव तैयारियों का जायजा ले चुका है। आयोग ने इन राज्यों में राजनीतिक दलों, सुरक्षा एजेंसियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया है। चुनाव पर्व, हम सबका गर्व चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहाकि पांच राज्यों के सभी राजनीतिक दलों से बातचीत की गई है। सभी पार्टियों से सुझाव लिया गया है। इस दौरान चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई है। पांच राज्यों में 17.4 करोड़ लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने कहाकि यह चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराया जाएगा। इस दौरान उन्होंने कहाकि मैं युवाओं से अपील करना चाहूंगा कि वह चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहाकि चुनाव पर्व हम सबका गर्व है। इन राज्यों के लिए भी घोषणा पश्चिम बंगाल के अलावा चुनाव आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। बता दें कि असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को, केरल विधानसभा का 23 मई को, तमिलनाडु विधानसभा का 10 मई को और पश्चिम बंगाल विधानसभा का सात मई को तथा पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है। इन तारीखों से पहले वहां नई विधानसभा का गठन किया जाना है।  

मुख्यमंत्री जी 20 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाणपत्र करेंगे वितरित, विभिन्न जनपदों के लाभार्थियों से करेंगे वर्चुअल संवाद

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत 90 हजार लाभार्थियों को पहली किस्त का डीबीटी हस्तांतरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 16 मार्च को लखनऊ में सिंगल क्लिक से लाभार्थियों के खातों में भेजेंगे धनराशि मुख्यमंत्री जी 20 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाणपत्र करेंगे वितरित, विभिन्न जनपदों के लाभार्थियों से करेंगे वर्चुअल संवाद लखनऊ प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण के लगभग 90 हजार पात्र लाभार्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रथम किस्त जारी करेंगे। वे इस धनराशि को डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के जरिए भेजेंगे। यह कार्यक्रम 16 मार्च को अपराह्न 04.30 बजे लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी 20 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाणपत्र भी वितरित करेंगे। इसके साथ ही वे फतेहपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, सहारनपुर, महाराजगंज तथा देवरिया के एक–एक लाभार्थी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअल संवाद भी करेंगे और उनसे योजना के लाभ एवं अनुभवों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।  प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 एक मांग आधारित योजना है। इसके अंतर्गत सभी पात्र शहरी लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से आवास निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित एवं पक्का आवास उपलब्ध कराना है, जिससे “सबके लिए आवास” की परिकल्पना को साकार किया जा सके। यह कार्यक्रम केवल धनराशि हस्तांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश सरकार की “सबके लिए आवास” की संकल्पना को धरातल पर उतारने की दिशा में उत्तर प्रदेश की स्पष्ट प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से बड़ी संख्या में शहरी गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

बाइक के इंजन से भर गई खतरनाक गैस, रात में सोते समय पूरा परिवार हो गया खत्म

  चित्तूर आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के पुंगनूर कस्बे में ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. इस घटना में परिवार के चार लोगों की मौत हो गई है. यह हादसा किसी हमले या बीमारी से नहीं, बल्कि एक ऐसी गैस से हुआ, जो दिखाई नहीं देती, जिसकी कोई गंध नहीं होती और जिसका असर तब तक समझ में नहीं आता, जब तक बहुत देर न हो जाए। घटना पुंगनूर के त्यागराजू स्ट्रीट इलाके की है. यहां रहने वाले एक व्यक्ति ने हाल ही में अपनी बाइक का इंजन बोर करवाया था. यानी इंजन के कुछ हिस्सों की मरम्मत कर उसे दोबारा तैयार किया गया था. यह काम करवाने के बाद वह अपनी बाइक को घर ले आया। मैकेनिक ने उसे सलाह दी थी कि इंजन के नए पार्ट्स को ठीक से सेट करने के लिए बाइक को कुछ समय तक लगातार चलाना होगा. इसी सलाह को मानते हुए उसने बाइक को घर के अंदर खड़ा कर दिया और उसका इंजन चालू छोड़ दिया। रात का समय था और ठंड भी काफी थी. ठंड से बचने के लिए परिवार ने घर के सभी दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दीं. शायद उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि घर के अंदर खड़ी बाइक का चलता हुआ इंजन धीरे-धीरे एक खतरनाक गैस छोड़ रहा है। बाइक से निकलने वाला धुआं और गैस कमरे में ही जमा होने लगी. घर पूरी तरह बंद होने के कारण उस धुएं को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला. कुछ ही देर में पूरा कमरा खतरनाक गैस से भर गया। जानकार इसे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बता रहे हैं, ऐसी गैस जो रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन होती है. इंसान को इसका पता भी नहीं चलता और यह धीरे-धीरे शरीर में ऑक्सीजन की कमी पैदा कर देती है. अक्सर लोग इस गैस के संपर्क में आने के बाद बेहोश हो जाते हैं और फिर उनकी सांसें थम जाती हैं। यही इस परिवार के साथ भी हुआ. पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चे रात को सोने के बाद फिर कभी नहीं जाग पाए. नींद के दौरान ही खतरनाक गैस ने चारों की जान ले ली। सुबह जब काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला और परिवार का कोई सदस्य बाहर नहीं आया तो पड़ोसियों को शक हुआ. आमतौर पर घर में सुबह-सुबह हलचल रहती थी, लेकिन उस दिन सन्नाटा था। पड़ोसियों ने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. धीरे-धीरे चिंता बढ़ने लगी और आखिरकार पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को देखते हुए घर का दरवाजा तोड़ना पड़ा. जैसे ही पुलिस और पड़ोसी अंदर पहुंचे, वहां का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गए. पूरे परिवार के चारों सदस्य अचेत पड़े थे और घर के अंदर दमघोंटू माहौल था. तुरंत मेडिकल टीम को बुलाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घर के अंदर बाइक का इंजन पूरी रात चालू रहा था और उसी से निकलने वाली गैस पूरे घर में फैल गई थी. बंद कमरा होने के कारण गैस बाहर नहीं निकल सकी और यही गैस पूरे परिवार के लिए जानलेवा बन गई. इस दर्दनाक घटना के बाद शोक और सन्नाटा फैल गया. बच्चों की हंसी और घर की चहल-पहल अब हमेशा के लिए खत्म हो गई। इस घटना से स्पष्ट है कि वाहन के इंजन या जनरेटर जैसी मशीनों को बंद जगहों के अंदर चलाना खतरनाक हो सकता है. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह घटना लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है कि छोटी-सी लापरवाही कभी-कभी इतनी भारी पड़ सकती है, जिसकी भरपाई जिंदगी भर नहीं हो सकती।

असम चुनाव 2026: AAP ने 14 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, चुनावी बिगुल बजाया

गुवाहाटी असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक बिसात अब बिछनी शुरू हो गई है। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) ने असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए आज अपने 14 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। चुनाव आयोग भी आज शाम असम और पश्चिम बंगास समेत 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान करने जा रहा है। बता दें कि, 126 विधानसभा सीटों वाली असम विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 20 मई 2026 तक है। इससे पहले वहां नई विधानसभा का गठन किया जाना है। दिल्ली और पंजाब के बाद अब आम आदमी पार्टी ने पूर्वोत्तर के इस राज्य में अपनी ताकत झोंकने का फैसला किया है। असम राज्य प्रभारी राजेश शर्मा के हस्ताक्षर के साथ पार्टी द्वारा आधिकारिक तौर पर आज जारी की गई इस पहली लिस्ट में ‘आप’ ने 14 उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतार दिया है। सेंट्रल गुवाहाटी से अनुरूपा डेकाराजा को मिला टिकट ‘आप’ ने अपनी इस पहली लिस्ट में असम की विभिन्न महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों को कवर किया है। पार्टी ने सेंट्रल गुवाहाटी जैसी शहरी सीट से लेकर सिबसागर, नादुआर और टीटाबार जैसी ग्रामीण और अर्ध-शहरी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। सेंट्रल गुवाहाटी से अनुरूपा डेकाराजा को टिकट दिया गया है, जो एक महत्वपूर्ण मुकाबला माना जा रहा है। देखें 14 उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट आम आदमी पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, इन क्षेत्रों से ये उम्मीदवार मैदान में होंगे: 1. नओबोइचा (75): अच्युत दास 2. डेरगांव (104): पुलिन गोगोई 3. गोहपुर (72): जरबोम कुतुम 4. सेंट्रल गुवाहाटी (36): अनुरूपा डेकाराजा 5. खुमटाई (106): आशीष हजारिका 6. सिबसागर (96): तपन गोगोई 7. रोनगांदी (74): टिकेंद्र थापा 8. चेंगा (23): जाहिदु इस्लाम खान 9. नादुआर (69): रंजीत बोड़ो 10. टीटाबार (102): पल्लव सैकिया 11. ईस्ट गोलपाड़ा (14): जिन्ना अमीर हुसैन 12. राहा (61): बरुण विकास दास 13. बोकाजन (108): रेणुका तिमुंगपी 14. बिस्वनाथ (70): अनंत गोगोई क्या है ‘आप’ की रणनीति? ऐसा माना जा रहा है कि इतनी जल्दी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी करके ‘आप’ ने असम में सत्तारूढ़ भाजपा और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को कड़ी टक्कर देने के संकेत दे दिए हैं। ‘आप’ असम में भी दिल्ली और पंजाब मॉडल (शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली) के मुद्दे पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। जल्द जारी हो सकती है दूसरी लिस्ट आम आदमी पार्टी आने वाले हफ्तों में जल्द ही दूसरी लिस्ट भी जारी कर सकती है। असम की जनता के बीच पैठ बनाने के लिए पार्टी अब इन 14 क्षेत्रों में सघन जनसंपर्क अभियान शुरू करेगी।

गर्मी से मिलेगी राहत: मौसम विभाग ने हल्की बारिश और बिजली गिरने की जताई संभावना

रायपुर. अगर आप भी संडे को कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर पूरी पढ़ लें. छत्तीसगढ़ के मौसम में बदलाव के आसार है. धूप की तेज तपिश से लोगों को राहत मिल सकती है. प्रदेश में रविवार को बादल छाने के आसार हैं. दक्षिणी और उत्तरी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. मौसम में बदलाव के कारण दिन आगामी दिनों के तापमान में भी गिरावट हो सकती है. मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार को प्रदेश में मौसम शुष्क रहा. सबसे ज्यादा तापमान बिलासपुर में 39.6 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान में 14.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.  रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी में आज मौसम का मिजाज घूमने के लिए अनुकूल रहने वाला है. रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है. मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक द्रोणिका उत्तर पूर्व उत्तर प्रदेश के मध्य भाग से दक्षिण अंदरूनी उड़ीसा तक छत्तीसगढ़ होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में मध्य क्षोभमंडल में 5.8 किलोमीटर ऊंचाई पर 60 डिग्री पूर्व और 32 डिग्री उत्तर में स्थित है. प्रदेश में आज एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. इसके अलावा प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ चलने और वज्रपात होने की संभावना बनी हुई है. प्रदेश में अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट संभावित है. मुख्य तौर पर दक्षिण छत्तीसगढ़ में वर्षा का क्षेत्र रहने की आसार है. उत्तर में सरगुजा संभाग के जिले संभावित हैं.

गर्मी में त्वचा को ठंडक देगा एलोवेरा जेल, जानें लगाने का सही तरीका और फायदे

गर्मियों का मौसम त्वचा के लिए काफी मुश्किल भरा होता है। चिलचिलाती धूप, गर्म हवाएं और पसीना त्वचा के नेचुरल मॉइश्चर को छीन लेते हैं, जिससे स्किन ड्राई, बेजान और टैन दिखने लगता है। ऐसे में एलोवेरा जेल एक नेचुरल स्किनकेयर के रूप में बेहद फायदेमंद साबित होता है। एलोवेरा में विटामिन-ए, सी, ई, एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो स्किन को ठंडक पहुंचाने, धूप के असर को कम करने और स्किन को डीप नरिशमेंट देने में मदद करता है। आइए जानें गर्मी से त्वचा को राहत दिलाने के लिए एलोवेरा जेल का कैसे इस्तेमाल करें। कैसे करें एलोवेरा जेल का इस्तेमाल?     चेहरे की सफाई करें- सबसे पहले अपने चेहरे को माइल्ड फेसवॉश या क्लींजर से धोकर साफ करें। यह जरूरी है जिससे स्किन के पोर्स में जमी धूल, गंदगी और एक्स्ट्रा ऑयल हट जाए और एलोवेरा जेल अच्छे से काम कर सके।     एलोवेरा जेल तैयार करें- अगर आपके पास ताजा एलोवेरा पत्ती है तो उसे काटकर उसका जेल निकाल लें। नहीं तो मार्केट में मिलने वाला शुद्ध, बिना खुशबू और रंग वाला ऑर्गेनिक एलोवेरा जेल लें।     चेहरे पर लगाएं- अब एलोवेरा जेल को उंगलियों की मदद से पूरे चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं। आप सर्कुलर मोशन में मसाज करें जिससे जेल स्किन में अच्छी तरह समा जाए। यह प्रक्रिया स्किन में ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाती है।     थोड़ी देर छोड़ दें- एलोवेरा जेल को 15 से 20 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें। यह स्किन को ठंडक देगा, जलन कम करेगा और पोषण भी देगा। गर्मियों में यह सनबर्न और टैनिंग के इलाज में भी कारगर होता है।     वॉश करें या या छोड़ दें- आप चाहें तो इसे नॉर्मल पानी से वॉश कर सकते हैं या फिर रातभर स्किन जेल की तरह छोड़ सकते हैं। रातभर लगाकर छोड़ना ड्राई और सेंसिटिव स्किन के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। कुछ जरूरी टिप्स     DIY फेस पैक- एलोवेरा में नींबू की कुछ बूंदें मिलाकर टैनिंग के लिए पैक बनाएं।     टोनर के रूप में- एलोवेरा जेल और गुलाब जल मिलाकर नेचुरल टोनर तैयार करें।     एक्ने कंट्रोल- एलोवेरा में टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदें मिलाकर लगाएं। गर्मियों में एलोवेरा जेल स्किन को ठंडक, पोषण और सुरक्षा देने वाला सबसे आसान और नेचुरल उपाय है। नियमित इस्तेमाल से आपकी स्किन साफ, निखरी और हेल्दी बनी रहती है।  

सीएम का राहुल पर हमला: हल्की भाषा बोलने के आरोप, वैश्विक हालात पर ध्यान देने की सलाह, कांग्रेस षड्यंत्र कर रही है

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान की कठोर शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा है कि वैश्विक स्तर पर युद्ध के हालातों के बीच राहुल गांधी को सच्चाई समझनी चाहिए। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हल्की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। जनता सब समझ रही है। इन्हीं हरकतों की वजह से कांग्रेस सत्ता से लगातार दूर बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध से वैश्विक हालात गंभीर बने हुए हैं। हमारे एशिया के नजदीक घट रही घटनाओं के बीच दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के सबसे बड़े पद पर आसीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राहुल गांधी जिस प्रकार से हल्की भाषा बोलते हैं, मैं उनकी निंदा करता हूं। जब पूरा विश्व इन हालातों से जूझ रहा है, उसके बीच भारत सरकार और PM मोदी गैस सिलेंडर और तेल का बेहतर प्रबंधन कर रहे हैं। भारत सरकार युद्ध की चुनौती के बीच तेल के जहाज निकालकर लाई है और सुव्यवस्था स्थापित की है। राहुल गांधी पर सीएम बोले     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हल्की भाषा बोलते हैं नेता प्रतिपक्ष     युद्ध के हालातों में तेल-गैस का बेहतर प्रबंधन कर रही भारत सरकार     देश- प्रदेश में गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रही है कांग्रेस पक्ष-विपक्ष की भावना से ऊपर उठना चाहिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस और कांग्रेस के नेता जिस प्रकार से षडयंत्र कर रहे हैं, उसे जनता जानती है। इसी कारण से ये लगातार सत्ता से दूर हैं। मैं इनकी निंदा करता हूं और उम्मीद करता हूं कि नेता प्रतिपक्ष को वर्तमान की सच्चाई समझ में आएगी। इस माहौल में कांग्रेस को पक्ष-विपक्ष की भावना से ऊपर उठकर जनता को एकजुट करना चाहिए और उसके अंदर से डर की भावना को समाप्त करना चाहिए। कांग्रेस राज्य के साथ-साथ देश में गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रही है। मैं पुनः राहुल गांधी के बयानों की कठोर शब्दों में निंदा करता हूं।  

सीजफायर पर ट्रंप का स्पष्ट इनकार, जंग रोकने की शर्तें नहीं मानी जाएंगी

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फिलहाल ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते पर बात नहीं बनी है. ट्रंप का कहना है कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन उसकी शर्तें अभी अमेरिका के लिए स्वीकार करने लायक नहीं हैं. ईरान की तरफ से उनके इस ताजा बयान पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। NBC News को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन मैं अभी इसके लिए तैयार नहीं हूं, क्योंकि उसकी शर्तें अभी अच्छी नहीं हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि अगर भविष्य में कोई समझौता होता है तो उसकी शर्तें “बहुत मजबूत” होनी चाहिए. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि हाल-फिलहाल ईरान की तरफ से क्या शर्तें रखी गई हैं और समझौते के लिए किस तरह उनसे संपर्क किया गया है। ट्रंप ने यह भी साफ किया कि किसी भी युद्धविराम या समझौते की एक बड़ी शर्त यह होगी कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह छोड़ दे. अमेरिका लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम का विरोध करता रहा है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इजरायल की जंग तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गई है. इन हमलों की वजह से मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है. इसका असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। जंग की वजह से तेल की कीमतों में भारी उछाल लगातार हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर असर पड़ा है और तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है. कई विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी चिंता का कारण बनती जा रही है. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका उन देशों से मदद मांग रहा है जिनका तेल व्यापार होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है. उनका कहना है कि इन देशों को इस अहम समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने में योगदान देना चाहिए। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी संख्या में तेल के टैंकर गुजरते हैं. ट्रंप ने दावा किया कि कई देशों ने इस रास्ते की सुरक्षा में मदद करने का भरोसा दिया है, हालांकि उन्होंने इन देशों के नाम नहीं बताए। होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने के लिए दुनिया के अन्य देशों से ट्रंप की अपील राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर भी लिखा कि जो देश इस रास्ते से तेल हासिल करते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि कई देश अपने युद्धपोत भेज सकते हैं ताकि इस मार्ग को खुला और सुरक्षित रखा जा सके। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिकी नौसेना जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा देगी, तो ट्रंप ने सीधे जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कुछ कहना उचित नहीं होगा, लेकिन ऐसा होना संभव है।

भोपाल नगर निगम घोटाला: सेवतकर को हटाया गया, कमिश्नर ने बजट से पहले वित्त विभाग सौंपा, लोकायुक्त ने की थी FIR

भोपाल  नगर निगम में फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए के भुगतान के मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई के बीच वित्त और लेखा शाखा के अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर को शाखा से हटा दिया है। वहीं, अपर आयुक्त मुकेश शर्मा को वित्त एवं लेखा शाखा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह फेरबदल उस समय हुआ है, जब नगर निगम का बजट पेश होने में करीब 10 दिन शेष हैं। नगर निगम का वार्षिक बजट 23 से 26 मार्च के बीच पेश होना है। बजट का ड्राफ्ट तैयार करने की अंतिम तिथि 16 मार्च तय की गई है। लोकायुक्त की छापेमारी और FIR का असर इससे ठीक पहले करोड़ों रुपये के फर्जी बिल भुगतान मामले में निगम के डाटा सेंटर सहित कई शाखाओं में छापेमारी कर लोकायुक्त ने पिछले करीब दस साल के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त किया है। शिकायत के आधार पर की गई प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद शुक्रवार को तत्कालीन वित्त एवं लेखा शाखा की जिम्मेदारी देख रहे अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई थी। इसके बाद निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने उन्हें इस शाखा से हटा दिया गया है। ऐन वक्त पर वित्त विभाग के प्रमुख को हटाए जाने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप है। अब मुकेश शर्मा पर बजट को अंतिम रूप देने और निगम की वित्तीय साख सुधारने की दोहरी चुनौती होगी। बता दें कि नगर निगम में बिना काम कराए फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए निकालने के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की थी। टीम ने निगम के डाटा सेंटर समेत कई शाखाओं में छापेमारी कर पिछले करीब 10 साल के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त कर लिया था। इस मामले में सेवतकर समेत अन्य पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। एफआईआर के बाद शनिवार को कमिश्नर जैन ने सेवतकर को हटाने की कार्रवाई की। कोर्ट से सर्च वारंट लेकर की थी छापेमारी निगम में फर्जी भुगतान की शिकायत नवंबर 2025 में लोकायुक्त को मिली थी। प्रारंभिक जांच में तथ्य सही पाए जाने पर 9 मार्च को आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज की गई है। इसके बाद कोर्ट से सर्च वारंट लेकर छापेमारी की गई थी। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई नवंबर 2025 में मिली एक शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नगर निगम में कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी बिल बनाकर सरकारी राशि का भुगतान कराया गया। प्रारंभिक जांच में आरोपों के समर्थन में पर्याप्त तथ्य मिलने के बाद 9 मार्च को अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराओं में FIR दर्ज की गई। जांच एजेंसी के मुताबिक फर्जी भुगतान के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर ई-बिल तैयार किए गए। आरोप है कि कई मामलों में नगर निगम के जलकार्य विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग और केंद्रीय वर्कशॉप के नाम पर वाहनों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य काम दिखाए गए, जबकि वास्तव में ऐसे काम हुए ही नहीं। इसके बावजूद सिस्टम में बिल दर्ज कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे नगर निगम के अलग-अलग विभागों में एक साथ कार्रवाई की। लेखा शाखा, कंप्यूटर शाखा, डेटा सेंटर, लिंक रोड-2 स्थित मुख्य कार्यालय और फतेहगढ़ स्थित पुराने कार्यालय में छापेमारी कर दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लिया गया। जांच अधिकारियों ने भुगतान से जुड़े SAP सॉफ्टवेयर का डेटा भी जब्त किया है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि सर्वर डेटा की पड़ताल के बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन-किन कार्यों के नाम पर भुगतान किया गया और वास्तव में उन कार्यों का निष्पादन हुआ या नहीं। जांच के दौरान अन्य अधिकारियों और निजी फर्मों की भूमिका भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। इस बीच अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि नगर निगम में बिल सीधे लेखा शाखा से तैयार या स्वीकृत नहीं किए जाते। संबंधित विभागों से सत्यापन के बाद ही बिल आते हैं और फंड की उपलब्धता के आधार पर आयुक्त से चर्चा के बाद भुगतान किया जाता है। फिलहाल लोकायुक्त की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। यह मामला सरकारी संस्थाओं में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है, जिस पर प्रशासन और आम जनता दोनों की नजर बनी हुई है। ये गड़बड़ी आई थी सामने आरोप है कि नगर निगम के जलकार्य, सामान्य प्रशासन और केंद्रीय वर्कशॉप जैसे विभागों के नाम पर वाहनों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य काम दिखाए गए। कई मामलों में वास्तव में काम हुआ ही नहीं, लेकिन सिस्टम में ई-बिल तैयार कर दिए गए। कुछ मामलों में जिस विभाग के नाम से बिल बनाए गए, उन्हें ही इसकी जानकारी नहीं थी। इन जगहों पर हुई थी छापेमारी लोकायुक्त पुलिस ने निगम के लेखा शाखा, कंप्यूटर शाखा, डाटा सेंटर, लिंक रोड-2 स्थित मुख्य कार्यालय और फतेहगढ़ स्थित पुराने कार्यालय में एक साथ छापेमारी की। लोकायुक्त का कहना है कि डिजिटल डाटा और दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में अन्य कर्मचारियों और फर्मों की भूमिका भी सामने आ सकती है। SAP सॉफ्टवेयर का डाटा जब्त किया प्रारंभिक जांच में मोटर वर्क शाखा, जल कार्य विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े कुछ कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। जांच टीम ने भुगतान से जुड़े SAP सॉफ्टवेयर का डिजिटल डाटा भी कब्जे में लिया है। अब इसकी जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि किन-किन कार्यों के नाम पर भुगतान किया गया और वास्तव में काम हुआ भी था या नहीं। इस मामले में अपर आयुक्त ने कहा- कमिश्नर से चर्चा के बाद भुगतान इस मामले में अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर ने कहा था कि लेखा शाखा में बिल सीधे तैयार या पास नहीं किए जाते। बिल संबंधित विभागों से सत्यापन के बाद आते हैं और फंड की उपलब्धता के अनुसार … Read more

सीबीजी प्लांट परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए वहां पुलिस चौकी की स्थापना कर दी गई है: मुख्यमंत्री

बदायूं सीबीजी प्लांट मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी गठित बरेली मंडल के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में विशेष जांच दल का किया गठन एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से करेगी जांच अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत होगी कार्रवाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीबीजी प्लांट परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए वहां पुलिस चौकी की स्थापना कर दी गई है: मुख्यमंत्री बदायूं   जनपद बदायूं स्थित सीबीजी प्लांट में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बरेली मंडल के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है और घटना की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच करेगी, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या संभावित साजिश की स्थिति सामने आने पर जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जा सके। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि इस मामले में मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बावजूद यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की साजिश या अन्य आपराधिक संलिप्तता के संकेत मिलते हैं तो प्रदेश सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। घटना के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीबीजी प्लांट परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए वहां पुलिस चौकी की स्थापना कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी घटना की संभावना को रोका जा सके और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना में प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ की जाए तथा किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।

सड़क हादसों पर लगाम की तैयारी: CM सैनी का निर्देश, सड़क से 3 फीट दूरी पर लगेंगे बिजली के खंभे

चंडीगढ़. हरियाणा में आए दिन होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार ने अब बिजली के बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों के बिल्कुल साथ सटे बिजली के खंभे अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। चंडीगढ़ में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने निर्देश दिए कि नए खंभे लगाते समय सड़क के किनारे से कम से कम 3 फीट की दूरी सुनिश्चित की जाए। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि वाहन चालकों को पर्याप्त जगह मिल सके और अनियंत्रित होने की स्थिति में गाड़ियां सीधे खंभों से न टकराएं। बैठक में मुख्यमंत्री ने केवल नए नियमों की बात नहीं की, बल्कि सड़कों के किनारे खड़े पुराने और खतरनाक खंभों को लेकर भी सख्त लहजे में बात की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो खंभे जर्जर हो चुके हैं या जिनका अब कोई उपयोग नहीं रह गया है, उन्हें तुरंत हटाया जाए। अक्सर देखा गया है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद पुराने खंभे बीच रास्ते या बिल्कुल किनारे रह जाते हैं, जो रात के अंधेरे में जानलेवा साबित होते हैं। अब ऐसे सभी ‘ब्लैक स्पॉट्स’ को चिन्हित कर सफाई अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने एक अहम पहलू संसाधनों की बर्बादी को लेकर भी उठाया। उन्होंने निर्देश दिए कि हटाए गए खंभों का प्रॉपर स्टॉक रिकॉर्ड बनाया जाए। सीएम का विजन साफ है कि जो खंभे हटाए जा रहे हैं, अगर वे ठीक हालत में हैं तो उन्हें बेकार छोड़ने के बजाय किसी अन्य उपयोगी जगह पर लगाया जाए। लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा की मौजूदगी में सीएम ने विभागों के बीच आपसी तालमेल (Inter-departmental coordination) की कमी पर भी चुटकी ली और कहा कि जनहित की योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की नीतियों का असली मकसद आम आदमी का जीवन सरल बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि योजनाओं को केवल फाइलों तक सीमित न रखें, बल्कि पारदर्शिता और दक्षता के साथ जमीन पर उतारें। सड़कों को बाधा मुक्त बनाने का यह मिशन न केवल प्रदेश के विकास को गति देगा, बल्कि कीमती जानों को बचाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

इतनी धूप के बावजूद भारत में बढ़ रही विटामिन-डी की कमी, कारण जानकर हैरान रह जाएंगे

भारत एक ऐसा देश है जहां साल के ज्यादातर महीनों में सूरज की भरपूर रोशनी रहती है। इसके बावजूद, ज्यादातर भारतीयों में विटामिन-डी की कमी देखने को मिलती है। यह चौंकाने वाला जरूरी है, लेकिन सच है। इसलिए यह सवाल करना जरूरी है कि ऐसा क्यों है? जिस देश में धूप की कोई कमी नहीं है, वहां लोगों में विटामिन-डी की कमी क्यों पाई जा रही है। आइए जानें इसके पीछे छिपे कारणों के बारे में। भारतीयों में विटामिन-डी की कमी के कारण     मेलानिन– भारतीयों की त्वचा का रंग प्राकृतिक रूप से गेहुआं या गहरा होता है। हमारी त्वचा में मेलानिन नाम का पिगमेंट ज्यादा मात्रा में होता है। मेलानिन सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों के खिलाफ एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जो त्वचा को जलने से तो बचाता है, लेकिन विटामिन-डी के निर्माण की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। गोरी त्वचा की तुलना में गहरी त्वचा को उतना ही विटामिन-डी बनाने के लिए धूप में ज्यादा समय बिताना पड़ता है।     बदलती लाइफस्टाइल- आज की ज्यादातर आबादी घर के अंदर रहने लगी है। सुबह 9 से शाम 6 की डेस्क जॉब, बंद दफ्तर और एसी के कमरों ने हमें सूरज से दूर कर दिया है। शहरी इलाकों में ऊंची इमारतों के कारण घरों तक सीधी धूप नहीं पहुंच पाती।     प्रदूषण- महानगरों में बढ़ता वायु प्रदूषण भी एक बड़ा कारण है। हवा में मौजूद धूल के कण और धुएं के कारण सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों हम तक पहुंच नहीं पाती हैं, जिसके कारण विटामिन-डी बनाने की प्रक्रिया रुक जाती है। खान-पान में बदलाव- खान-पान में विटामिन-डी के नेचुरल सोर्स बहुत सीमित हैं, जैसे- फैटी फिश, अंडे की जर्दी और डेयरी प्रोडक्ट्स। भारत की एक बड़ी आबादी शाकाहारी है, जिससे खाने के जरिए इस विटामिन की पूर्ति करना मुश्किल हो जाता है।  

गांव में पकड़ा गया चावल से लदा वाहन: सरकारी राशन की हेराफेरी की जांच शुरू

बलौदा बाजार. जिले के ग्राम रसेड़ी में संचालित उचित मूल्य की दुकान में राशन की गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों के आरोप के बाद सरपंच की सूचना पर खाद्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए चावल से भरे एक वाहन को जब्त कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार ग्राम रसेड़ी में संचालित उचित मूल्य की दुकान के संचालक पर ग्रामीणों ने राशन में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि दुकान संचालक द्वारा हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा था और बचा हुआ चावल इकट्ठा कर बेचा जा रहा था। ग्रामीणों को जब इस बात की जानकारी मिली कि दुकान के सामने एक वाहन में बड़ी मात्रा में चावल लोड किया जा रहा है, तब उन्होंने इसकी सूचना ग्राम सरपंच को दी। सूचना मिलते ही सरपंच मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर वाहन को रोक दिया। वाहन की जांच करने पर उसमें 50 से अधिक बोरियों में चावल भरा हुआ पाया गया। इसके बाद सरपंच द्वारा इसकी सूचना तत्काल खाद्य विभाग को दी गई। मामले की सूचना मिलने पर खाद्य विभाग के खाद्य निरीक्षक मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। सरपंच और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए। प्राथमिक जांच के बाद चावल से भरे उक्त वाहन को जब्त करने की कार्रवाई की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान संचालक द्वारा लोगों को कम राशन देकर बचा हुआ चावल इकट्ठा किया गया था और उसे वाहन के माध्यम से बाहर भेजा जा रहा था। ग्रामीणों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं उचित मूल्य दुकान के संचालक झमकलाल साहू ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वाहन में जो चावल लोड किया जा रहा था, वह उन्होंने राशन कार्डधारी उपभोक्ताओं से खरीदा था। इस संबंध में खाद्य निरीक्षक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जब्त किए गए चावल और वाहन से संबंधित पूरी जानकारी एकत्र कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसे एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सेल्समैन ने यह स्वीकार किया है कि एपीएल कार्डधारकों से चावल खरीदकर बिक्री करने ले जा रहा था। सेल्समैन का यह कृत्य शासकीय दृष्टि से उचित नहीं है। मामले की जांच कर उच्चाधिकारियों के निर्देश अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अधिकांश सोसायटियों में इस तरह के काम हो रहे हैं और चावल की अफरातफरी हो रही है, वहीं बाहरी दुकानदार इन चावलों को खरीद रहे हैं। आपको बता दें कि शासन की योजना है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए, पर यहां इसका गलत उपयोग हो रहा है। देखना होगा कि शासन अब आगे क्या कार्रवाई करता है।

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