LATEST NEWS

ठीक एक साल पहले बालासोर ओडिशा में और एक साल बाद पश्चिम बंगाल में ट्रेन हादसा होता है और सरकार सोती रही: सुप्रिया श्रीनेत

नई दिल्ली मुझे लगता है कि देश में शायद ही कोई ऐसा हो, जिसका रेल से जुड़ाव ना हो। हम सब लोग मध्‍यम वर्ग से आते हैं, निम्‍न मध्‍यम वर्ग से आते हैं और रेल से जुड़ी हुई बड़ी मधुर स्‍मृतियां हैं और रेल से ही कहीं ना कहीं आवागमन सबने, किसी ना किसी टाईम पर जरूर किया है। क्‍योंकि रेल सिर्फ पटरियों पर दौड़ने वाली ट्रेनें नहीं हैं, दनदनाती हुई ट्रेनें नहीं हैं। रेल इस देश के एक छोर को दूसरे छोर से जोड़ता है, रेल हिन्‍दुस्‍तान की जीवन रेखा है और सबसे बड़ी बात है कि आवागमन का सबसे सस्‍ता, इकोनॉमिकल साधन है, एटलीस्‍ट हुआ करता था और उसी के कारण मध्‍यम वर्ग, निम्‍न मध्‍यम वर्ग, गरीब व्‍यक्ति रेल की यात्रा को प्रेफर करता है। आज तक जब आप रेल में बैठते थे टिकट लेकर, तो कहीं ना कहीं यह विश्‍वास रहता था कि अपने गंतव्‍य तक पहुंच जाएंगे। बड़े सारे स्‍टेशन आते थे, उसमें पूड़ी सब्‍जी खाई जाती थी, कहीं पर चाय पी जाती थी, कहीं पकौड़ी-समोसे खाए जाते थे और एक यह विश्‍वास था कि गंतव्‍य तक पहुंच जाएंगे, लेकिन आज जब रेल यात्री बैठता है, तो उसके मन में शंका रहती है कि गंतव्‍य तक वो पहुंचेगा या उसकी अर्थी और लाश पहुंचेगी, यह कीर्तिमान नरेंद्र मोदी ने और उनकी सरकार ने स्‍थापित किया है। मैं यहां पर आपको दो तस्‍वीरें दिखाना चाहती हूं। यह तस्‍वीर ठीक एक साल पहले इसी महीने जून की है, 02 जून, 2023 को ओडिशा के बालासोर में भीषण ट्रेन हादसा हुआ था, करीब-करीब 300 लोगों की मौत हुई थी और 900 से ज्‍यादा लोग घायल हुए थे। पश्चिम बंगाल में कल फिर एक ट्रेन हादसा हुआ। पटरी पर कंचनजंगा एक्‍सप्रेस थी, उसको पीछे से मालगाड़ी ने आकर मारा, 15 लोगों की मौत और अभी तक 40 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। ठीक एक साल पहले बालासोर ओडिशा में और एक साल बाद पश्चिम बंगाल में ट्रेन हादसा होता है। क्‍या बदला है एक साल में? आज पूछना पड़ेगा ना कि एक साल में क्‍या बदला है। लगातार ट्रेन हादसे हो रहे हैं और मैं एक सरकारी आंकड़ा आपके साथ साझा कर देती हूं। 1,117 ट्रेन दुर्घटनाएं 2014 से 2023 तक और जान-बूझकर 2023 तक का ही आंकड़ा दे रही हूं। 31 मार्च 2023, क्‍योंकि यह हमारे आंकड़े नहीं हैं, आपके आंकड़े नहीं हैं, यह भारत सरकार के आंकड़े हैं। 1,117 ऐसी रेल दुर्घटनाएं हुईं हैं, जहां पर जान और माल का नुकसान हुआ है, यह सरकारी आंकड़ा है। असल आंकड़ा इससे बहुत ज्‍यादा है। मतलब हर महीने 11 ट्रेन हादसे हुए हैं, हर तीन दिन पर एक ट्रेन हादसा हो रहा है और उसमें जान और माल की क्षति हो रही है। तो क्‍या बदला एक साल में? इतना बड़ा बालासोर का ट्रेन हादसा हुआ, हम सबने लाशों का अंबार देखा, परिवारों को उजड़ते हुए देखा, छोटे-छोटे बच्‍चों को बिलखते हुए देखा। क्‍या बदला एक साल में? बालासोर से पश्चिम बंगाल, क्‍या बदला? क्‍या बदला 2014 से 2024 में? मैं एक सूची पढ़ देती हूं, आपको दिखा दिया है, लेकिन एक छोटी सी सूची है। 2014 में गोरखधाम एक्‍सप्रेस डीरेल हो जाती है, 25 लोगों की मौत हो जाती है। इंदौर-पटना एक्‍सप्रेस का हादसा होता है, 150 लोगों की मौत होती है। कैफियत एक्‍सप्रेस में 70 लोग घायल हो जाते हैं। पुरी-उत्‍कल एक्‍सप्रेस में 30 लोगों की मौत हो जाती है। बीकानेर-गुवाहाटी एक्‍सप्रेस में 36 से ज्‍यादा लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं, 10 लोगों की मौत होती है। बालासोर, मैंने आपको बताया लगभग 300 लोगों की मौत और 900 से ज्‍यादा लोग घायल और कल 15 लोगों की मौत और 40 लोग घायल और मैंने यह सिर्फ कुछ आंकड़े बताए हैं, 1,117 ऐसे हादसे हुए हैं। तो जिम्‍मेदारी किसकी है? जवाबदेही किसकी है? इस देश में हमने वो भी मंत्री देखे हैं, अगर उनके डिपार्टमेंट में, अगर रेल मंत्री रहते हुए ऐसे हादसे हुए हैं, तो उन्‍होंने अपने पद से नैतिक जिम्‍मेदारी लेते हुए इस्‍तीफा दिया है। फिर वो लाल बहादुर शास्‍त्री हों, नीतीश कुमार रहे हों, माधवराव सिंधिया रहे हों, ममता बनर्जी रही हों, मधु दंडवते रहे हों, जॉर्ज फर्नांडिस रहे हों, सब लोगों ने नैतिक जिम्‍मेदारी लेते हुए इस्‍तीफा दिया है, लेकिन आज हिंदुस्‍तान का रेल मंत्री, रील मंत्री बना हुआ है। नैतिक जिम्‍मेदारी छोड़ दीजिए, आज भी हादसे के वक्‍त रील कैसे अच्‍छी बनेगी, उस पर चर्चा हो रही है। बालासोर के वक्‍त अश्‍विनी वैष्‍णव वहां पर आए, डाईव कर रहे थे, ट्रेन के नीचे घुसकर झांक रहे थे, दो-चार टेसू बहा रहे थे। क्या किया आपने रेल को सुरक्षित करने के लिए? आप कल पहुंचते वहां पर, आप रेल मंत्री हैं, आप गाड़ी से भी जा सकते थे, लेकिन वीडियो ज्यादा बेहतर तब आएगा, जब आप जूम-जूम-जूम करके मोटरसाइकिल से जाएंगे। अच्छा वीडियो आ गया सामने, रील बना ली आपने, अब आप बताइए आपने एक साल से इस देश में रेल को सुरक्षित करने के लिए क्या काम किया? उस रेल को सुरक्षित करने के लिए जिसमें इस देश का युवा, जिसमें किसान, जिसमें मजदूर, जिसमें मध्यम वर्ग अपने परिवारों के साथ चलता है, उसको सुरक्षित करने का क्या काम किया? लोगों के मन की आशंका है कि भैया हम पहुंचेंगे या हमारी लाश पहुंचेगी, उसको दूर करने का क्या काम किया?

प्रज्वल रेवन्ना को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

बेंगलुरु जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को एक विशेष अदालत ने मंगलवार को 24 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जद-एस संरक्षक और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पौत्र प्रज्वल दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे हैं। इसके पहले 12 जून को अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें 18 जून तक एसआईटी की हिरासत में भेजा था, जो उनके विरुद्ध मामलों की जांच कर रही है। 33 वर्षीय रेवन्ना को 31 मई को जर्मनी से बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उतरने के तुरंत बाद एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया था। वह कर्नाटक की हासन लोकसभा सीट के लिए चुनाव के एक दिन बाद 27 अप्रैल को जर्मनी चले गए थे। उनको इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा। इधर, कर्नाटक हाई कोर्ट ने प्रज्वल की मां भवानी रेवन्ना को अपने बेटे द्वारा कथित यौन उत्पीड़न की शिकार एक महिला के अपहरण मामले में मंगलवार को अग्रिम जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि भवानी ने जांच के दौरान पहले ही 85 सवालों के जवाब दे दिए हैं। इसलिए यह दावा करना अनुचित है कि वह प्रज्वल के विरुद्ध एसआईटी जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं।

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले विवादों में आ गए, जपा ने बताया नवाबी मानसिकता, पटोले ने दी सफाई

महाराष्ट्र महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले विवादों में आ गए हैं। दरअसल सोशल मीडिया पर उनका एक विडियो वायरल हो रहा है जिसमें पटोले पार्टी कार्यकर्तोओं से पैर धुलवाते नजर आ रहे हैं। भाजपा ने इस विडियो को लेकर कांग्रेस के ऊपर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर यह नवाबी मानसिकता नहीं तो और क्या है। यह घटना सोमवार को हुई जब पटोले अकोला जिले के वाडेगांव में एक समारोह में गए हुए थे। यहां पर उन्होंने संत गजानन महाराज के दर्शन किए, दर्शन को जाते समय पटोले को कीचड़ से चलना पड़ा। दर्शन करके वापस आते समय एक कार्यकर्ता  कार में बैठे पटोले के पैर धोते हुए नजर आया। जल्दी इस घटना का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। भाजपा की मुंबई ईकाई के एक्स हैंडल से यह विडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया कि यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज के समय में भी कांग्रेस के नेता लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं को बेइज्जत करते हैं। यह शर्म की बात है कि नाना पटोले ने अपने कार्यकर्ता से अपने पैर धुलवाए, क्या यही कांग्रेस की संस्कृति है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस घटना को कांग्रेस की ‘नवाबी शहजादा’ वाली मानसिकता बताया और कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को गुलामों की तरह प्रयोग करती है। सोचिए कि आज जब यह सत्ता में नहीं है, तब जनता के साथ इस तरीके से पेश आते हैं अगर यह सत्ता में आ गए तो क्या-क्या करेंगे। शहजाद ने कहा कि इस घटना पर कांग्रेस पार्टी और नाना पटोले को माफी मांगनी चाहिए। इस घटना पर सफाई देते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मैं कल की घटना को लेकर कुछ भी छिपा नहीं रहा हूं, वह (कार्यकर्ता) केवल मेरे पैरों पर पानी डाल रहा था। सरकार ने एक योजना चलाई है, हर घर में नल, हर घर में जल, इस कारण वहां कोई भी नल बाहर नहीं था, नहीं तो मैं उसी नल के पानी से अपने पैर धोता।  

किसान सम्मान निधि से मिलने वाली राशि पर किसानों ने जताई खुशी, सभी किसान भाइयों ने हर्ष व्यक्त किया

रोहतक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी दौरे के दौरान किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 20 करोड़ रुपए की 17वीं किस्त जारी की, जिससे 9 करोड़ 26 लाख किसान लाभान्वित हुए। इसके अलावा, प्रधानमंत्री की ओर से 30,000 से अधिक स्वयं सहायता समूहों को कृषि सखियों के रूप में प्रमाण पत्र वितरित किया जाएगा। पीएम मोदी के इस कदम के बाद लाभान्वित किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं है। सभी किसान भाइयों ने प्रधानमंत्री के इस कदम पर हर्ष व्यक्त किया है। रोहतक के एक किसान ने पीएम मोदी के इस कदम पर कहा कि किसान सम्मान निधि से हम जैसे किसान भाइयों को बहुत फायदा मिला है। कई बार खाद सहित अन्य छोटी-मोटी सामग्री लेने के लिए हमारे पैसे नहीं होते हैं। यह योजना काफी उपयोगी है। हालांकि, हम इस योजना से खुश हैं, लेकिन हमारी मांग है कि इसके अंतर्गत मिलने वाली राशि को बढ़ाया जाए। हमारे खर्चे बढ़ गए हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए कई बार अधिक राशि की आवश्यकता होती है। ऐसे में हमारी प्रधानमंत्री से मांग है कि वो इस राशि को बढ़ाएं ताकि हमारी जरूरतें पूरी हो सके। किसानों का कहना है कि किसान सम्मान निधि से मिलने वाली 6 हजार रूपए की राशि को 12 हजार रूपए किया जाए ताकि हमारी जरूरतों की पूर्ति हो सके। वहीं, हमें इस बात की भी खुशी है कि यह राशि हमें हमारे खाते में मिलती है। बीच में कोई मिडिल मैन नहीं है। रोहतक के अन्य किसान ने किसान सम्मान निधि योजना पर कहा कि हमें अच्छा लगता है, जब हमारे खाते में पैसे आते हैं। बीच में कोई मिडिल मैन नहीं होता। हमारी कई प्रकार की छोटी-मोटी जरूरतें पूरी हो जाती हैं। पहले हमें इन्हीं जरूरतों के लिए दूसरों पर आश्रित होना पड़ता था, लेकिन आज हमारी हर प्रकार की जरूरत आसानी से पूरी हो जा रही है और यह सब कुछ अगर किसी के प्रयास की वजह से हो पा रहा है, तो वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जिनके प्रति हम सभी किसान भाई अपना आभार प्रकट करते हैं। रोहतक के एक अन्य किसान ने भी इस योजना को लेकर अपनी खुशी व्यक्त की। किसान ने कहा कि किसान सम्मान निधि से हमें बहुत फायदा हुआ है। ट्रैक्टर का किराया, खाद, बीज की कीमत की वसूली हो जाती है। पहले हमें इन सब चीजों के लिए दूसरों से पैसा लेना पड़ता था, लेकिन अब ये सारी जरूरतें हमें आसानी से प्राप्त हो जा रही हैं।

भाकपा के प्रदेश सचिव ने कहा- प्रियंका गांधी को वॉकओवर नहीं देगी कम्युनिस्ट पार्टी उतारेगी उमीदवार

TI's luxurious hotel demolished by bulldozer, major action taken by forest department

नई दिल्ली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने मंगलवार को कहा कि वह वायनाड लोकसभा उपचुनाव में प्रियंका गांधी वाद्रा के खिलाफ अपना उम्मीदवार उतारेगी। भाकपा के प्रदेश सचिव बिनॉय विश्वम ने संवाददाताओं से कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) में शामिल भाकपा के पास वायनाड लोकसभा सीट है और उसका उम्मीदवार उपचुनाव में चुनाव लड़ेगा। उन्होंने कहा, “इसमें संदेह क्या है? भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और वाम लोकतान्त्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ऐसा कुछ नहीं करेंगे जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अनुकूल हो। हम निश्चित रुप से वहां अपना उम्मीदवार उतारेंगे।” प्रियंका गांधी वाद्रा की उम्मीदवारी के बारे में पूछे जाने पर बिनॉय विश्वम ने कहा कि कांग्रेस को किसी भी क्षेत्र में अपना उम्मीदवार चुनने की पूरी स्वतंत्रता है। वाम नेता ने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी की योजना वायनाड सीट खाली करने की थी, तो उन्हें राहुल गांधी जैसे एक प्रमुख नेता को दक्षिण में लाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की वरिष्ठ नेता एनी राजा ने हाल में सम्पन्न लोकसभा चुनाव में वायनाड सीट से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि राहुल गांधी ने यह सीट 364422 मतों से जीती थी। उन्हें कुल 647445 वोट मिले थे। वहीं दूसरे नंबर पर रहीं एनी राजा को मात्र 283023 वोट मिले थे और उन्हें 364422 मतों से हार का सामना करना पड़ा था। वायनाड से तीसरे नंबर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन रहे थे जिन्हें 141045 वोट मिले। नयी दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व की एक बैठक के बाद कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को कहा कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट बरकरार रखेंगे और वायनाड सीट खाली करेंगे। उन्होंने कहा कि वायनाथ से राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी वाद्रा चुनाव लड़ेंगी। राहुल गांधी ने लोकसभा चुनावों में वायनाड और रायबरेली दोनों सीट पर जीत हासिल की थी। उन्हें चार जून को आए लोकसभा चुनाव के नतीजों के 14 दिनों के अंदर एक सीट खाली करनी थी।  

राजस्थान-दौसा में अधिकारियों की नाक के नीचे बिक रही आबादी भूमि

दौसा. दौसा जिले में ब्लॉक के उच्च अधिकारियों की नाक के नीचे आबादी भूमि का विक्रय हो रहा है। इसमें स्थानीय कर्मचारी और सरपंच की भूमिका संदेह में नजर आ रही है। मामला लवाण ब्लॉक की ग्राम पंचायत बनियाना का है। दौसा जिले के बनियाना ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी की मिलीभगत के चलते, राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज गैर मुमकिन आबादी भूमि को बेचने का मामला सामने आया है। इसके चलते ग्राम पंचायत की निजी आय को नुकसान हो रहा है। उधर, लवाण तहसीलदार सोहनलाल मीणा ने कहा कि ये सारा मामला स्थानीय लोगों की मिलीभगत से प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा आबादी भूमि पर प्लाटिंग की जा रही है और आम जनता के विकास कार्यों के लिए संचित की जाने वाली निजी आय का गबन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत बनियाना में प्रॉपर्टी डीलरों और सरपंच और उसके नजदीकी लोगों की देखरेख में ग्राम पंचायत की आबादी भूमि पर 100-100 वर्गगज प्लॉट बनाकर बेचने का खाका तैयार कर बेचा जा रहा है। मौके पर सड़क निर्माण भी कर दिया गया है। सूत्रों की मानें तो 88 और 100 वर्ग गज प्लाट की कीमत लगभग 4000 से 5000 वर्ग गज के रेट से बेचने के भाव तय कर कुछ भूमि विक्रय करने की भी जानकारी है। साथ ही इस जमीन को खुर्द-बुर्द करने करने वालों में स्थानीय लोगों के अलावा सरकारी कर्मचारी के शामिल बताए जा रहे हैं। तहसीलदार लवाण बोले इस मामले की जानकारी मुझे सुबह हुई है। इसके बाद मैंने इस मामले की जानकारी के लिए नायब तहसीलदार को बोला है। नायब तहसीलदार ने पटवारी को जांच के लिए भेजा। पटवारी ने नायब तहसीलदार को बताया कि संबंधित आबादी भूमि, जिसका खसरा संख्या 1143 में गैर मुमकिन और वहां पर वर्तमान में प्लाटिंग की जा रही है। सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी ग्राम पंचायत बनियाना की मिलीभगत से यह कार्य हो रहा है। इसमें कार्रवाई करने हेतु विकास अधिकारी लवाण तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद दौसा अधिकृत हैं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद दौसा आपके माध्यम से ये मामला मेरे संज्ञान में आया है। अभी मैं इस मामले की विकास अधिकारी से जांच करवाता हूं।

देवी अहिल्या इन्दौर और ताइवान के विश्वविद्यालयों के बीच हुआ एमओयू

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्व में सेमी-कंडक्टर और चिप-डिजाइन क्षेत्र के सिरमौर ताइवान के साथ देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इन्दौर द्वारा शैक्षणिक और अनुसंधान संबंधी गतिविधियों के लिए किए जा रहे एमओयू से मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और निवेशकों के लिए प्रगति के नए द्वार खुलेंगे। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने ताइवान के छह अलग-अलग विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू किया है। राज्य सरकार की हरसंभव कोशिश होगी कि ताइवान के साथ प्रदेश के संबंध प्रगाढ़ हों और शासन स्तर पर एमओयू क्रियान्वयन में कोई कठिनाई नहीं आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर द्वारा टिकाऊ भविष्य के लिए पर्यावरण प्रबंधन विषय पर इंदौर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ कार्यक्रम को समत्व भवन भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री की वर्चुअल उपस्थिति में इन्दौर में आई-शु यूनिवर्सिटी ताइवान तथा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इन्दौर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए साथ ही विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद तथा भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। जैसे हम स्वयं की चिंता करते हैं वैसे ही ब्रह्मांड की चिंता करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टिकाऊ भविष्य के लिए पर्यावरण प्रबंधन विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन वर्तमान परिदृश्य में बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी संस्कृति पर्यावरण के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए हमें प्रेरित करती है, हमारे वेद यह शिक्षा देते हैं कि जैसे हम स्वयं की चिंता करते हैं वैसे ही ब्रह्मांड की चिंता करें। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर नवाचार करने में अग्रणी रहा है इस उद्यमशीलता के लिए विश्वविद्यालय बधाई का पात्र है। पर्यावरण की दृष्टि से मध्य प्रदेश पर्याप्त संपन्न है। विश्व के सम्मुख मौजूद पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने के लिए केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार भी हर स्तर पर प्रयास कर रही है। भारतीय संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण और जन-जन में पर्यावरण की प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के अनेक बिंदु समाहित हैं। इन्दौर में लगाये जायेंगे 51 लाख पौधे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्रम में राज्य सरकार ने साढ़े 5 करोड़ पौधे लगाने का प्रण किया है। इस अभियान में इंदौर में भी 51 लाख पौधे लगाए जाएंगे। प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण के लिए एक पखवाड़े तक चलाया गया अभियान पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा और प्रदेशवासियों की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही। इन्दौर में आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. इन्दर सिंह परमार, इन्दौर सांसद श्री शंकर लालवानी, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. रेणु जैन, आई-शु यूनिवर्सिटी ताइवान के प्रेसिडेंट डॉ. कुआंग तथा अन्य अधिकारी व विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे।  

अब आरोपितों से पूछताछ EOW कार्यालयों में ही होगी, नए भवनों में बनेंगे लॉकअप

भोपाल आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) आरोपितों से पूछताछ अपने ही भवनों में करेगा। अब नए बनने वाले सभी भवनों में इसके लिए लाकअप की व्यवस्था भी की जाएगी। पहले से बने भवनों में भी लाकअप के लिए जगह देखी जा रही है। अभी आरोपितों को जिला पुलिस बल के थानों में रखा जाता है। जहां आरोपितों को रखा जाएगा वहां पर रात में पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ की आवश्यकता होगी।   अलग-अलग पाली में कम से कम चार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी सुरक्षा के लिए लगानी होगी। इसके अतिरिक्त खान-पान की व्यवस्था भी करनी होगी। ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा ने कहा कि नए भवनों की आरोपितों को रिमांड पर रखने की व्यवस्था रहेगी। आवश्यकता होने पर उन्हें पूछताछ के लिए यहां रखा जा सकेगा। ईओडब्ल्यू के अतिरिक्त भोपाल स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय में भी इसी तरह की व्यवस्था की जा रही है।

अब मध्यप्रदेश की पुलिस आयुक्त व्यवस्था में लागू होगा यूपी मॉडल, ग्रामीण क्षेत्र भी आएंगे दायरे में

भोपाल इंदौर व भोपाल के बाद अब जबलपुर और ग्वालियर में पुलिस आयुक्त व्यवस्था लागू करने से पहले मध्य प्रदेश सरकार इसमें बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। नई व्यवस्था में पुलिस आयुक्त प्रणाली वाले जिले के ग्रामीण क्षेत्र को भी शामिल किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने वर्ष 2022 में लखनऊ, कानपुर और वाराणसी में पुलिस आयुक्त व्यवस्था में बदलाव कर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को भी मिला दिया था। इसी तर्ज पर अब मध्य प्रदेश में भी तैयारी की जा रही है। पुलिस मुख्यालय की सीआईडी शाखा प्रस्ताव तैयार कर रही है, जिसमें यह भी बताया जाएगा कि शहरी और देहात क्षेत्र अलग-अलग होने से किस तरह की दिक्कतें आ रही हैं। शिवराज सरकार ने लागू की थी व्यवस्था मध्य प्रदेश में दिसंबर 2021 में तत्कालीन शिवराज सरकार ने इंदौर और भोपाल में पुलिस आयुक्त व्यवस्था लागू की थी। इसमें ग्रामीण क्षेत्र के थानों को अलग कर दिया गया था। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अलग-अलग व्यवस्था होने से कानून व्यवस्था में दिक्कत आ रही है। सीमा विवाद भी होता है। समन्वय बनाने में मुश्किल होती है। पूरे जिले में एक जैसी व्यवस्था यही कारण है कि अब पूरे जिले में एक जैसी व्यवस्था की जाएगी। एक कारण यह भी है कि भोपाल और इंदौर में लगभग तीन चौथाई शहरी थाने हैं, इसलिए जिले के सभी थानों को एक व्यवस्था में लाना बेहतर माना जा रहा है। बता दें कि भोपाल में 38 शहरी और सात ग्रामीण, इंदौर में 34 शहरी और 13 ग्रामीण थाने हैं। इस तरह की आ रही दिक्कत पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि सबसे अधिक दिक्कत कानून-व्यवस्था बनाने में समन्वय को लेकर आती है। देहात पुलिस के पास संसाधन कम हैं। उन्हें पुलिस आयुक्त कार्यालय से सहायता लेनी पड़ती है। देहात में पुलिस लाइन ऑफिस भी नहीं हैं। बल की भी उनके पास कमी रहती है। पुलिस आयुक्त व्यवस्था में आने पर संसाधनों का समुचित उपयोग हो सकेगा। ग्वालियर व जबलपुर में जल्द होगी लागू सरकार ने ग्वालियर और जबलपुर में इसी वर्ष पुलिस आयुक्त व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में भी इसकी घोषणा की थी। पुलिस मुख्यालय की CID शाखा दोनों शहरों में होने वाले अपराध के आंकड़े एकत्र कर रही है। इसी आधार पर निर्धारित होगा कितना बल आवश्यक होगा। इसके बाद पद स्वीकृत करने की प्रक्रिया होगी। इस वर्ष अंत तक दोनों शहरों में पुलिस आयुक्त व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।

बंगाल में हिंसा का जायजा लेने पहुंचे भाजपा नेताओं को कार्यकर्ताओं ने ही घेरा, कहा- किसी ने परवाह नहीं की…

Only 4 days left for Independence Day and the districts of the state did not get minister in-charge? Why so

कोलकाता पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा का जायजा लेने पहुंचे भाजपा के केंद्रीय नेताओं को अपने ही कार्यकर्ताओं का विरोध झेलना पड़ा। भाजपा की 4 सदस्यीय केंद्रीय टीम जब दक्षिण 24 परगना जिले के अम्ताला पहुंची तो वहां पार्टी के ही लोगों ने घेर लिया और विरोध करने लगे। इन लोगों का कहना था कि हमें टीएमसी के लोगों ने बुरी तरह पीटा और घर छोड़कर भागना पड़ गया। इतनी हिंसा के बाद भी पार्टी के नेताओं ने हमारी परवाह नहीं की और कोई हाल पूछने भी नहीं आया। पार्टी सूत्रों ने कहा कि इन लोगों का कहना था कि हमें हिंसा के चलते विस्थापित होना पड़ा है। इससे पहले सोमवार को भाजपा नेताओं की टीम कूचबिहार गई थी, जहां हिंसा पीड़ित पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी। भाजपा ने जिन नेताओं को हालात का जायजा लेने के लिए बंगाल भेजा है, उनमें वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद, बिप्लब देब, राज्यसभा सांसद बृजलाल और कविता पाटीदार शामिल हैं। यह टीम उन पार्टी कार्यकर्ताओं से मिल रही है, जिन्हें हिंसा के चलते बेघर होना पड़ा है। टीएमसी के लोगों पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव के बाद भाजपा के लोगों पर हमला बोल दिया। कूचबिहार, दक्षिण 24 परगना समेत कई जिलों में हिंसा की घटनाएं हुई हैं। त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लब देब ने कहा कि चुनाव के बाद हिंसा करना टीएमसी की आदत पड़ गई है। टीएमसी वाले जितना जल्दी अपना रवैया बदल लेंगे, उनके लिए उतना ही अच्छा होगा। वहीं टीएमसी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर कहा कि इससे दिखता है कि उनके बीच आपस में ही जंग है। किस तरह भाजपा के कार्यकर्ताओं में असंतोष है। उन्होंने चुनाव बाद हिंसा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये सब बातें गलत हैं। भाजपा तो अपनी नाकामी छिपाने के लिए ऐसे आरोप लगा रही है।  

छत्तीसगढ़ सीएम साय करें बृजमोहन को मंत्री पद से बर्खास्त : कांग्रेस अध्यक्ष

रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने पिछले दिनों सोमवार को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह को उन्होंने इस्तीफा सौंपा। हालांकि वो मंत्री पद पर छह महीने तक बने रहेंगे। अब इस मामले में विपक्ष ने सवाल उठाया है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बृजमोहन अग्रवाल को तत्काल बर्खास्त करें? अग्रवाल सांसद का चुनाव जीतने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दे दिये हैं। दीपक बैज ने कहा कि नैतिकता का तकाजा है कि वो विधायक के साथ ही मंत्री पद से भी इस्तीफा दे देते, लेकिन उन्होंने मंत्री पद के लालच में सारी नैतिकताओं को किनारे कर दिया। संवैधानिक प्रावधानों की आड़ लेकर मंत्री पद पर बने रहना सही नहीं है। इससे सिद्ध होता है कि बीजेपी नेता सत्ता और पद लोलुपता होते हैं। सत्ता में बने रहना ही उनके लिये सब कुछ होता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने कहा कि कांग्रेस राज्यपाल से भी मांग करती है कि यदि बृजमोहन मंत्री पद से खुद इस्तीफा नहीं देते है या मुख्यमंत्री उनको नहीं हटाते हैं तो राज्यपाल स्वयं उनको मंत्री पद से बर्खास्त कर एक नजीर प्रस्तुत करें। राज्य में संवैधानिक नैतिकता की रक्षा का दायित्व राज्यपाल के पास ही है। राज्य की जनता उनसे अपेक्षा कर रही है कि वो बृजमोहन को तत्काल बर्खास्त करें। ली चुटकी, कहा- यह सब बीजेपी में ही संभव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कोई सांसद पद पर तत्काल निर्वाचित व्यक्ति यह कहकर मंत्री पद नहीं छोड़ रहा है कि वह छह महीने तक मंत्री बना रह सकता है। यह सब बीजेपी में ही संभव है। भाजपा और मुख्यमंत्री बताये कि क्या वह भी अग्रवाल के इस निर्णय के साथ है या राजनैतिक सुचिता को देखते हुये मुख्यमंत्री उन्हें बर्खास्त करेंगे। ‘बृजमोहन के मामले में स्थितियां अलग’ बैज ने कहा कि कोई व्यक्ति बिना विधानमंडल का सदस्य रहते हुये भी छह महीने तक मंत्री पद धारित कर सकता है। उसे छह महीने के अंदर सदन का सदस्य निर्वाचित होना होता है, लेकिन बृजमोहन के मामले में स्थितियां अलग हैं। उन्होंने सांसद निर्वाचित होने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दिया है। यहां पर छह महीने के अंदर सदस्य के निर्वाचन की अपेक्षा वाली बात लागू नहीं होती है। ऐसे में संवैधानिक प्रावधानों की आड़ लेकर मंत्री पद पर बने रहना उचित नहीं है।

स्कूल चलें हम अभियान में उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा सीएम राइज स्कूल मल्हारगढ़ के प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा मल्हारगढ़ सीएम राइज स्कूल में स्कूल के प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। स्कूल चलें हम अभियान के तहत यह कार्यक्रम प्रदेश के साथ-साथ सभी जिलों तथा जिलों के प्रत्येक विद्यालय में आयोजित किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने स्कूल में प्रवेश पाने वाले नवीन बच्चों का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया तथा उन्हें मंच से ही पुस्तके भी भेंट की। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य होते हैं। आज प्रवेश उत्सव कार्यक्रम प्रदेश के साथ-साथ जिले में भी मनाया जा रहा है। बच्चों का स्वागत कर स्कूलों में प्रवेश दिलाया जा रहा है। बच्चों का मन सच्चा होता है, उनको जैसा चाहे वैसा गढ़ा जा सकता है, लेकिन यह जिम्मेदारी पालक और शिक्षक की होती है कि उन्हें सही मार्ग दिखाए। सीएम राइज स्कूल के माध्यम से बच्चों को न सिर्फ अच्छा वातावरण मिल रहा है बल्कि बेहतर शिक्षा भी मिल रही है। श्री देवड़ा ने स्कूल में बच्चों को समझाया कि किस तरह शिक्षक की बात मानना चाहिए, किस तरह शिक्षा हमें अच्छे भविष्य की ओर ले जाती है। बचपन सीखने के लिए होता है, इसलिए सभी मन लगाकर अच्छे से पढ़ाई करें। उन्होंने कलेक्टर को भी निर्देश दिये कि सीएम राइज स्कूल में अधिक से अधिक बच्चों का प्रवेश करवाए, जिससे अधिक से अधिक बच्चे नि:शुल्क बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सके। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि बहुत जल्द गांधी सागर का पानी मल्हारगढ़ के खेतों तक पहुंचेगा। जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर शुद्ध पीने का पानी पहुंचेगा, इन दोनों योजना के कार्य प्रगति पर है, जल्द ही कार्य पूर्ण हो जाएंगे। मल्हारगढ़ में 50 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने स्कूल परिसर में ही पौधारोपण किया तथा सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आहवान किया।  

मोदी श्रीनगर में मनाएंगे योग दिवस, मंत्री जाधव ने कहा कि इस बार योग दिवस की थीम है, ‘योग स्वयं और समाज के लिए

Bharat Darshan: Know where you should go before visiting Taj Mahal through complete travel video

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी इस साल योग दिवस के मौके पर श्रीनगर में होने वाले आयोजन में शिरकत करेंगे। यह कार्यक्रम डल झील के पास ही स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में आयोजित किया जाएगा। आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। जाधव ने कहा कि इस बार योग दिवस की थीम है, ‘योग स्वयं और समाज के लिए।’ जाधव ने कहा कि इस थीम का अर्थ है कि कैसे हम योग से खुद की आतंरिक शक्ति बढ़ा सकते हैं और समाज का भी कल्याण इससे संभव है। मंत्री ने कहा कि योग से शारीरिक, मानसिक औक आध्यात्मिक विकास होता है। इसके अलावा समाज में भी सद्भाव को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के सभी ग्राम प्रधानों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने अपील की है कि गांवों में हर व्यक्ति तक योग दिवस का संदेश पहुंचाया जाए और उन्हें हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करें। यही नहीं इस दौरान उन्होंने दृष्टिहीनों के लिए ब्रेल लिपि में एक पुस्तक भी रिलीज की, जो योग पर आधारित है। यह पुस्तक बच्चों को योग सीखने और उसका अभ्यास करने में मदद करेगी। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ही संयुक्त राष्ट्र संघ ने योग दिवस के प्रस्ताव को माना था और तब से ही हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। योग दिवस के अलावा पीएम मोदी इस सप्ताह के रविवार से दोबारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम शुरू करने वाले हैं। आगामी 30 जून को एक बार फिर आकाशवाणी पर अपने मासिक कार्यकम ‘मन की बात’ में देशवासियों के साथ विचार साझा करेंगे। मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर खुद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘आपको यह बताते हुए प्रसन्न्ता हो रही है कि चुनाव के कारण कुछ महीने के अंतराल के बाद ‘मन की बात’ की एक बार फिर से वापस हो रही है। इस महीने का कार्यक्रम 30 जून को होगा। आप सब इस कार्यक्रम के लिए ‘माईगोव ओपन फोरम’ या ‘नमो एप’ पर अपने विचार साझा करें। आप 1800117800 पर अपने संदेश रिकार्ड भी कर सकते हैं।’ चुनाव से पहले बंद हुआ था ‘मन की बात’ कार्यक्रम उल्लेखनीय है कि मोदी ने वर्ष 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद देशवासियों के साथ संवाद के लिए आकाशवाणी पर मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ शुरू किया था। उनके दूसरे कार्यकाल में भी यह कार्यक्रम हर महीने प्रसारित किया गया। उनका दूसरा कार्यकाल पूरा होने से पहले गत मार्च में आम चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने पर यह कार्यक्रम बंद हो गया था। मोदी ने इसी महीने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है और इसी महीने से अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण शुरू करने की घोषणा कर दी है। यह मन की बात की 111 वीं कड़ी होगी।  

पिपलानी से खजूरीकला सड़क निर्माण में तेजी लायें : राज्य मंत्री श्रीमती गौर

भोपाल बावड़ियाकला को होशंगाबाद रोड से जोड़ने वाले बाबूलाल गौर रेलवे ओव्हर-ब्रिज पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जाये। नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, यातायात पुलिस, ब्रिज कॉर्पोरेशन और एमपीईबी के अधिकारी 19 जून को मौका-मुआयना कर यातायात में सुधार के लिये किये जाने वाले कार्यों का प्रतिवेदन दें। यातायात पुलिस स्मार्ट सिटी के माध्यम से ट्रैफिक सिग्नल स्थापित करायें। यह निर्देश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिये। बैठक में श्रीमती गौर ने पिपलानी से खजूरीकला निर्माणाधीन मार्ग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मार्ग में आ रहे बिजली के खम्बों की शिफ्टिंग में हो रहे विलंब पर नाराजगी व्यक्त की। श्रीमती गौर ने कहा कि बिजली खम्बों की शिफ्टिंग अगले एक हफ्ते में किया जाना सुनिश्चित करें। बैठक में नगर निगम, राजस्व, लोक निर्माण विभाग, एमपीईबी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।  

शासकीय विद्यालयों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, सीएम राइज स्कूलों का संचालन आरंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में सर्वसुविधायुक्त 369 सीएम राइज स्कूलों का संचालन आरंभ कर दिया है। इन स्कूलों में विश्व स्तरीय बिल्डिंग, स्मार्ट क्लास, डिजिटल टीचिंग, नि:शुल्क वाहन सुविधा, एक्सपोजर विजिट के साथ-साथ अन्य आधुनिक संसाधनों की सुविधा विद्यार्थियों को प्राप्त होगी। अन्य विद्यालयों में भी किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने देंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रदेश के 416 विद्यालयों में पीएमश्री योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इन सुविधाओं का अन्य शालाओं में भी विस्तार होगा। प्रदेश के विद्यार्थी महापुरूषों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में उच्च लक्ष्य प्राप्त करने के पथ पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में स्कूल चलें हम अभियान 2024 के शुभारंभ अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवप्रवेशी विद्यार्थियों का किया स्वागत शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाला में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को दुलार कर, तिलक लगाकर व पुस्तकें भेंट कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुपर-100 योजना के अंतर्गत वर्ष 2024 में जेईई एडवासं में आईआईटी में प्रवेश लेने वाले शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ग्राम सालीचौका जिला नरसिंहपुर के श्री पवनराय, ग्राम रक्सहाकलॉ जिला रीवा के श्री शीतल सिंह, सतना जिले ग्राम अतरार के श्री साहिल पाल, भोपाल के श्री रविराज विश्वकर्मा का सम्मान भी किया। स्कूल शिक्षा स्तर पर भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के क्रियान्वयन में प्रदेश अग्रणी रहेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय विद्यालयों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह विद्यालय शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ सफल जीवन जीने की प्रेरणा और अनुभव प्रदान करने के भी महत्वपूर्ण केन्द्र हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश की सभी व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है। इसी क्रम में लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन का सकारात्मक प्रभाव हमारी वर्तमान पीढ़ी में परिलक्षित होगा। मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने में देश में अग्रणी रहा है। स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों का क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर कर मध्यप्रदेश देश में आगे रहेगा। भगवान श्रीकृष्ण ने शाला स्तर पर ज्ञानार्जन और मित्रता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यालय संचालन के साथ-साथ विद्यालय के परिवेश के बारे में सोचना और उसे बेहतर बनाना आवश्यक है। विद्यालय विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश और मार्गदर्शन दें, जिससे वे कठिन परिस्थितियों में भी श्रेष्ठ ज्ञान और शिक्षा प्राप्त करते हुए नैतिक मूल्यों के साथ लक्ष्य प्राप्ति की ओर अग्रसर हो सकें। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ने गुरूकुल में अपनी प्रतिभा और योग्यता के बल पर विभिन्न विद्याओं और कलाओं में दक्षता अर्जित की, साथ ही दुनिया के सामने मित्रता का भी श्रेष्ठतम उदाहरण प्रस्तुत किया। जनजातीय कार्यमंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगियों परीक्षाओं की तैयार के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरंभ की गई सुपर-100 योजना का विस्तार सभी संभागों तक किया जाना आवश्यक है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा श्री उदय प्रताप सिंह, खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्संख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, पूर्व प्रोटेम विधानसभा स्पीकर श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी तथा अन्य जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet