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दिल्ली में बीजेपी गवर्नमेंट आते ही शुरू हुई बिजली समस्या, लोगों का धरना प्रदर्शन, आप ने दिल्ली सरकार को घेरा

Electricity problem started in Delhi as soon as BJP government came नई दिल्ली ! बुराड़ी के पास इलाकों में बिजली कटौती की समस्या लंबे समय तक देखी गई, ऐसे में वहां के लोग विरोध के लिए सड़कों पर उतर आए. बिजली कटौती को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी ने डेढ़ महीने में दिल्ली की व्यवस्था खराब कर दी. मनीष सिसोदिया ने कहा कि मई-जून के महीने में क्या होगा? दिल्ली में पावर कट को लेकर आप नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली में मार्च में बिजली का ये हाल है कि पॉवर-कट के कारण लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, तो मई-जून की तपती गर्मी में पीक डिमांड बढ़ने के समय क्या हाल होगा? उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सरकार में 10 सालों तक लगातार दिल्लीवालों को 24 घंटे बिजली दी गई, लेकिन ‘विपदा’ सरकार ने 1 महीने में ही साबित कर दिया कि 24 घंटे बिजली देना उनके बस की बात नहीं है. डेढ़ महीने में दिल्ली का बुरा हाल कर दियावहीं अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमनें बड़ी मुश्किल से दिल्ली में बिजली की व्यवस्था को ठीक किया था, बहुत मेहनत की थी और रोज उस पर नज़र रखते थे. दस साल कभी कहीं पॉवर कट नहीं हुए. इन लोगों ने मात्र डेढ़ महीने में बिजली का बुरा हाल कर दिया. पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के रहते हमेशा चौबीस घंटे बिजली आती थी, लेकिन बीजेपी सरकार आते ही हालात देखिए. बिजली को लेकर लोग सड़क पर उतरने लगे हैं. अभी ये हाल है तो मई-जून की भयंकर गर्मियों में क्या हाल होने वाला है? बीजेपी की डबल इंजन सरकार का मतलब है बिजली मिलेगी नहीं और अगर बिजली कटौती के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरोगे तो पुलिस का इंजन है ही. थाने में रात गुजारिये. बिजली विभाग के खिलाफ किया विरोधबुराड़ी के जगतपुर गांव के रहने वाले लोगों ने ज्यादा समय से बिजली कटौती के कारण दिल्ली रिंग रोड को जाम कर बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. लोग गर्मी से परेशान होकर सड़कों पर उतर आए. उन्होंने विरोध में जमकर नारे भी लगाए.

जन्म से लेकर मृत्यु तक सरकार नागरिकों की मदद करने के बजाय उन पर टैक्स लगाती है: सांसद राघव चड्ढा

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने गुरुवार को राज्यसभा में भारत की कर प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने जीवन के हर चरण में करों के बोझ को स्पष्ट करते हुए कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु तक सरकार नागरिकों की मदद करने के बजाय उन पर टैक्स लगाती है। चड्ढा ने यह भी पूछा कि क्या नागरिकों को उनके द्वारा दिए गए करों के बदले विश्व स्तरीय स्वास्थ्य, शिक्षा या बुनियादी ढांचा मिलता है? चड्ढा ने कहा, “जीवन में दो चीजें निश्चित हैं- मृत्यु और कर। जैसे ही बच्चा जन्म लेता है, उसे दी जाने वाली वैक्सीन पर 5% जीएसटी लगता है। अगर अस्पताल का कमरा 5,000 रुपये से अधिक का है, तो उस पर भी 5% जीएसटी देना पड़ता है। शिशु देखभाल उत्पादों और मिठाइयों पर भी 5% जीएसटी लागू होता है।” राज्यसभा सांसद ने कहा कि विश्व गुरु बनने आए थे लेकिन टैक्स गुरु बनकर रह गए हैं। जनता इतना टैक्स सरकार को देती है लेकिन टैक्स के बदले जनता को क्या मिलता है?   बचपन में कई चीजों पर देना होता है टैक्स उन्होंने बचपन के चरण का जिक्र करते हुए कहा कि बेबी फूड पर 12-18%, डायपर और खिलौनों पर 12%, और मुंडन जैसी सेवाओं पर 18% जीएसटी लगता है। स्कूल यूनिफॉर्म, जूते, नोटबुक (12% जीएसटी) और स्टेशनरी (18% जीएसटी) भी कर के दायरे में आते हैं। किशोरावस्था में हर चीजों पर देना होता है टैक्स किशोरावस्था में स्मार्टफोन, रिचार्ज, इंटरनेट, नेटफ्लिक्स, और मूवी टिकट पर जीएसटी लागू होता है। पहली बाइक या स्कूटर पर भी कर देना पड़ता है। उच्च शिक्षा में निजी कॉलेज की फीस, हॉस्टल, और छात्र ऋण पर जीएसटी लगता है। करियर शुरू होने पर टीडीएस और आयकर कटता है, रेस्तरां बिल और बीमा प्रीमियम पर भी कर लागू होता है। रिटायरमेंट में पेंशन और दवाइयों पर कर का भार मध्यम आयु में आय बढ़ने के साथ आयकर, कार पर जीएसटी, ईंधन पर वैट, और संपत्ति कर का बोझ बढ़ता है। रिटायरमेंट में पेंशन, ब्याज आय, स्वास्थ्य बिल, दवाइयों, और वसीयत के कानूनी शुल्क पर भी कर लगता है। चड्ढा ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार हर कदम पर कर वसूलती है, लेकिन नागरिकों को उसके बदले क्या मिलता है, यह सवाल अभी भी बना हुआ है।

विधानसभा स्पीकर ने कहा- विपक्ष प्रश्नकाल ठीक से चलने नहीं देना चाहता, मैंने वो दर्द सहन किया है

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र का आज यानी गुरुवार को चौथा दिन काफी हंगामेदार रहा। कभी कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग को लेकर तो कभी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की गैरमौजूगदी को लेकर आम आदमी पार्टी के विधायकों ने खूब हंगामा किया। इस दौरान एक समय ऐसा भी आया विपक्ष का हंगामा देख विधानसभा स्पीकर उठ खड़े हुए और विपक्ष के हंगामे की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष प्रश्नकाल ठीक से चलने नहीं देना चाहता। उन्होंने कहा, मैंने विपक्ष को सवाल पूछने का मौका ज्यादा दे रहा हूं क्योंकि मैं इन्हीं की बिरादरी का रहा हूं। उन्होंने कहा, हम 10 साल विपक्ष में रहे और सवाल पूछने के लिए तरसते रहे। इसलिए मैं अब विपक्ष को ज्यादा मौका दे रहा हूं। विजेंद्र गुप्ता ने विपक्ष से कहा, मैं आपके दर्द को समझ सकता हूं क्योंकि मैंने वो दर्द सहन किया है। वहीं आम आदमी पार्टी ने प्रश्नकाल के दौरान दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेस वर्मा पर आतिशी से बदतमीजी से बात करने का आरोप लगाया है। पार्टी के नेता ने कहा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पिछले दो दिनों से सदन में नहीं आ रही हैं तो इस पर नेता प्रतिपक्ष आतिशी जी ने सवाल उठाया। इस पर मंत्री प्रवेश वर्मा ने उनके साथ बदतमीजी के साथ बात की।जब हमने इसका विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता जी से विरोध जताया तो उन्होंने प्रवेश वर्मा पर एक्शन लेने की जगह हमें ही बाहर निकाल दिया।

मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर यह जानकारी और खुशी साझा की, हुर्रियत से जुड़े दो और गुटों ने छोड़ा अलगाववाद

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जानकारी दी है कि जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से जुड़े दो और समूहों ने अलगाववाद का रास्ता छोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और उनके नए भारत के सपनों पर अपना भरोसा जताया है। शाह ने ट्वीट कर यह जानकारी और खुशी साझा की है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “कश्मीर घाटी से एक और बड़ी खुशखबरी। हुर्रियत से जुड़े दो और समूहों, जेएंडके तहरीकी इस्तेकलाल और जेएंडके तहरीक-ए-इस्तिकामत ने अलगाववाद को त्याग दिया है और प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी द्वारा निर्मित नए भारत में अपना विश्वास जताया है।” गृह मंत्री ने इसके साथ ही लिखा है, “मोदी सरकार के तहत अलगाववाद अपनी अंतिम सांस ले रहा है और पूरे कश्मीर में एकता की जीत की गूंज सुनाई दे रही है।” दो दिन पहले यानी मंगलवार को भी गृह मंत्री अमित शाह ने यह जानकारी दी थी कि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दो घटकों जम्मू और कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) और जेएंडके डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट (जेकेडीपीएम) ने अलगाववाद से अपने सभी संबंध तोड़ने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इससे भारत की एकता मजबूत होगी। गृह मंत्री शाह ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया है। जम्मू-कश्मीर तहरीक-ए-इस्तिकलाल के प्रमुख गुलाम नबी सोफी ने ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेन्स या इसी विचारधारा को मानने वाले किसी भी तरह के अलगाववादी संगठन और समूह से औपचारिक रूप से अलग होने की घोषणा करते हुए कहा कि हमने तमाम मुश्किलों के बावजूद अपना संघर्ष जारी रखा, लेकिन न तो एपीएचसी (गिलानी) और न ही एपीएचसी (मीरवाइज) आम जनता की उम्मीदों पर खरा उतर पाए। वे लोगों की आकांक्षाओं और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करने में हर कदम पर विफल रहे। हुर्रियत कॉन्फ्रेन्स पर भड़के सोफी ने एक बयान में कहा, “मैंने बहुत पहले ही अलगाववादी विचारधारा से नाता तोड़ लिया था और आज मैं आधिकारिक तौर पर इसकी निंदा करता हूं। मैं भारत का सच्चा और प्रतिबद्ध नागरिक हूं और भारतीय संविधान में विश्वास करता हूं।” बता दें कि दो दिन पहले एक अन्य समूह, मोहम्मद शरीफ सरताज के नेतृत्व वाले जम्मू स्थित ‘जेएंडके फ्रीडम मूवमेंट’ ने भी अलगाववादी संगठन के साथ लंबे समय से जारी अपने संबंध समाप्त कर लिए हैं तथा तत्काल प्रभाव से समूह को भंग करने की घोषणा की थी। सरताज ने ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेन्स यानी एपीएचसी की विचारधारा का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं और शिकायतों को दूर करने में विफल रही है। खुद को भारत का प्रतिबद्ध नागरिक बताते हुए जम्मू में रहने वाले सरताज ने राष्ट्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए खुद को समर्पित करने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने अलगाववादी धड़े जेकेएफएम को भंग करने की भी घोषणा की।

दिल्ली में BJP सरकार ने मुफ्त वाली एक सुविधा बंद कर दी, पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने किया दावा

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने दावा किया है कि दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज वाली सुविधा बंद कर दी है। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने गुरुवार को दावा किया कि बजट में इस योजना के लिए फंड आवंटित नहीं किया गया और चुपचाप इस बंद कर दिया गया है। हाल ही में दिल्ली में पार्टी के संयोजक बनाए गए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार की ओर से पेश किए गए बजट की डिटेल अब सामने आ रही है और कुछ इतनी खतरनाक है कि दिल्ली में हाहाकार मचने वाला है। दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘2017 में अरविंद केजरीवाल ने प्रावधान किया था कि यदि कोई मरीज दिल्ली सरकार के अस्पताल में सर्जरी के लिए आता है और उसे एक महीने के भीतर का समय नहीं मिलता है तो वह निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवा सकता है और खर्च सरकार वहन करेगी।’ उन्होंने दावा किया कि अब रेखा गुप्ता सरकार ने इसे बंद कर दिया है। दिल्ली सरकार ने 2017 में यह भी तय किया था कि यदि सरकारी अस्पताल में एमआरआई और सिटी स्कैन नहीं हो सकता है तो निजी अस्पताल से मुफ्त में करवा सकते हैं। भारद्वाज ने कहा कि इस योजना के लागू होने के बाद एक ही साल में 47 हजार मरीजों ने निजी अस्पतालों सर्जरी या जांच करवाई।

उपराष्ट्रपति ने की मीटिंग, उठी ये मांग, जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है, न्यायिक जवाबदेही तय होनी चाहिए

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर बड़े पैमाने पर कैश मिलने की खबरों के बीच उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को मीटिंग की। इस मीटिंग में जेपी नड्डा, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई राजनीतिक दलों के नेता मौजूद थे। बैठक में खुलकर कहा गया कि जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है। न्यायिक जवाबदेही तय होनी चाहिए, लेकिन न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर भी कोई असर न पड़े। बैठक में मौजूद खरगे समेत ज्यादातर नेताओं ने कहा कि जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और उनके व्यवहार को लेकर भी आचार संहिता तय हो और सख्ती से उसे लागू भी किया जाए। राज्यसभा चेयरमैन जगदीप धनखड़ ने मल्लिकार्जुन खरगे की सलाह पर यह मीटिंग बुलाई थी। इस बैठक में पहुंचे ज्यादातर नेताओं की राय थी कि जजों की नियुक्ति में उचित पारदर्शिता नहीं है और रिश्वत लिए जाने के मामले भी आ रहे हैं। फिर भी जो बदलाव किया जाए, उससे न्यायपालिका की स्वायत्तता और स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। हालांकि न्यायिक जवाबदेही भी तय करने की जरूरत है। इस बीच कई नेताओं ने कहा कि हमें उस तीन सदस्यीय पैनल की जांच का इंतजार करना चाहिए, जिसे शीर्ष न्यायपालिका ने गठित किया है। चर्चा के दौरान कॉलेजियम सिस्टम की खामियों पर भी बात हुई, जिसमें जज ही जजों के नामों की सिफारिश करते हैं और उन दिए हुए नामों में से ही किसी एक पर सरकार को मुहर लगानी होती है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के सांसदों ने इस दौरान न्यायिक नियुक्ति आयोग के गठन का भी सुझाव दिया। केंद्र सरकार इस आयोग के गठन का बिल 2014 में ही लेकर आई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। तब से ही यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट और सरकार के बीच मतभेद का कारण रहा है। अब जस्टिस यशवंत वर्मा वाले मामले से यह मामला फिर से उभऱा है। कांग्रेस सांसदों ने यह मांग भी है कि जस्टिस यशवंत वर्मा प्रकरण पर लोकसभा में चर्चा की जानी चाहिए।

हम सड़क दुर्घटनाओं के कारण देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तीन प्रतिशत का नुकसान हो रहा है : नितिन गडकरी

नई दिल्ली केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि हम सड़क दुर्घटनाओं के कारण देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तीन प्रतिशत का नुकसान हो रहा है। नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजधानी में “सड़क सुरक्षा के लिए तकनीकी हस्तक्षेप : भारत-अमेरिका साझेदारी” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाएं हमारी सबसे बड़ी समस्याओं में से एक हैं। हर साल देश में 4,80,000 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिसमें 1,88,000 लोगों की मौत होती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “जान गंवाने वाले लोगों में 18 से 45 वर्ष की आयु के 66 प्रतिशत लोग होते हैं। युवा, प्रतिभाशाली, इंजीनियरिंग स्नातक, मेडिकल छात्रों के नाम भी इस लिस्ट में शामिल हैं। वहीं, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का यह आंकड़ा 10,000 है। अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं स्कूलों के आसपास वाले इलाकों में होती हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा है। हमें यह समझने की जरूरत है कि हम इन दुर्घटनाओं के साथ अपनी जीडीपी का तीन प्रतिशत खो रहे हैं।” उन्होंने सड़कों के निर्माण में तकनीकी खामियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय परिदृश्य में एक समस्या यह है कि हम डीपीआर सलाहकार के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसमें कभी-कभी लागत और बचत आदि पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उनमें सुधार किया जा सकता है। इन सुधारों के साथ मौजूदा सरकार ने सड़क हादसों में मौत के आंकड़ों में 48 प्रतिशत और सड़क दुर्घटनाओं में 49 प्रतिशत की कमी की है। उन्होंने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को 100 प्रतिशत सही बनाने के लिए सड़क इंजीनियरिंग में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब दुर्घटनाओं के आंकड़े में 50 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक की कमी आई है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उनके सही कारणों का पता लगाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अमेरिका और यूरोपीय देशों का लाभ उठाते हुए, अब हम बेहतरीन यातायात प्रणाली के संबंध में बहुत सारे कदम उठा रहे हैं। इसके कार्यान्वयन के संबंध में बहुत सारे निर्णय लिए गए हैं।” गडकरी ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए स्कूली शिक्षा में यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के बारे में जानकारी देने की जरूरत पर जोर दिया।

दिल्ली को दिया ‘हवा-हवाई’ बजट, पूरी तरह से आधारहीन है और इससे जनता को कोई फायदा नहीं होने वाला है : आतिशी

नई दिल्ली दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली सरकार द्वारा पेश बजट को ‘हवा-हवाई’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह से आधारहीन है और इससे जनता को कोई फायदा नहीं होने वाला है। आतिशी ने सवाल उठाया कि आखिर बीजेपी सरकार ने इस बार आर्थिक सर्वेक्षण क्यों नहीं पेश किया। उन्होंने कहा, “आज मालूम हो रहा है कि सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण क्यों पेश नहीं किया। अगर सरकार सर्वे पेश करती, तो उसके इस फ़र्ज़ी बजट की पोल खुल जाती। मैं भाजपा सरकार को चुनौती देती हूं कि वह आर्थिक सर्वेक्षण को सदन के पटल पर रखे, जिससे सच सामने आ जाएगा और उनके झूठ का पर्दाफाश हो जाएगा।” “आप” नेता ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए बजट आवंटन पर भी बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस बार शिक्षा बजट में 20 प्रतिशत से भी कम आवंटन किया है, जो दर्शाता है कि बीजेपी सरकार दिल्ली के बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के मॉडल को खत्म करने की साजिश रच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर शिक्षा क्षेत्र की अनदेखी कर रही है और सरकारी स्कूलों की बेहतरी के लिए किए गए प्रयासों को खत्म करने पर तुली हुई है। “आप” सरकार के कार्यकाल में दिल्ली के सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार हुआ था, लेकिन अब बीजेपी सरकार उसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं पर बोलते हुए आतिशी ने कहा कि बीजेपी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को तबाह करने की साजिश रची है। उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार ने इस बार बजट में हेल्थ सेक्टर को मात्र 13 प्रतिशत आवंटन दिया है। इससे साफ है कि बीजेपी सरकार मुफ्त इलाज और दवाओं की सुविधा को खत्म करना चाहती है।” उन्होंने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक और सरकारी अस्पतालों के माध्यम से मुफ्त इलाज और दवाओं की व्यवस्था की थी, जिससे लाखों गरीब लोगों को फायदा हुआ। लेकिन अब बीजेपी सरकार इसे खत्म करने पर तुली हुई है। आतिशी ने कहा कि भाजपा की दिल्ली सरकार ने जो बजट पेश किया है, वह पूरी तरह से हवा-हवाई है। उन्होंने कहा, “आज जो बजट माननीय रेखा गुप्ता ने पेश किया है, उसे देखकर साफ हो गया कि बीजेपी सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण क्यों नहीं रखा। उन्होंने सर्वे इसलिए नहीं रखा क्योंकि अगर वह ऐसा करते, तो उनके बजट की सच्चाई सामने आ जाती।” उन्होंने कहा कि यह बजट दिल्ली के लोगों के लिए निराशाजनक है और बीजेपी सरकार ने जनता के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने फिर से बीजेपी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वह आर्थिक सर्वेक्षण को सदन में पेश करे, जिससे सच सबके सामने आ सके।

एलजी वीके सक्सेना ने पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में तैनात 28 IPS अफसरों का ट्रांसफर

नई दिल्ली दिल्ली में बजट खत्म होने के बाद बड़ा प्राशसनिक फेरबदल हुआ है। एलजी वीके सक्सेना ने पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में तैनात 28 आईपीएस/डैनिप्स अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिशों के बाद एक पत्र जारी कर ट्रांसफर का आदेश लागू कर दिया गया। ट्रांसफर के आदेश में लिखा है कि दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल,पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में वर्तमान में तैनात निम्नलिखित आईपीएस/डैनिप्स अधिकारियों के स्थानांतरण/पदस्थापन का आदेश देते हैं,जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘महिला समृद्धि योजना’ के लिए 5100 करोड़ रुपए आवंटित किए जाने की घोषणा की

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अपनी सरकार का पहला बजट पेश किया। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आए दिल्ली के अब तक के सबसे बड़े बजट में सरकार ने सभी वर्गों को खुश करने का प्रयास किया है। खासकर महिलाओं के लिए भी कई ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘महिला समृद्धि योजना’ के लिए 5100 करोड़ रुपए आवंटित किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिला समृद्धि योजना उनकी सरकार का संकल्प है, प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने 5100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। रेखा गुप्ता ने दिल्ली की महिलाओं को भरोसा दिया कि निश्चित तौर पर पैसे दिए जाएंगे। भाजपा ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि सरकार बनने पर गरीब परिवार की महिलाओं को मासिक 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। 8 मार्च को महिला दिवस के मौके पर दिल्ली की कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दी थी। सरकार ने नियम एवें शर्तें तय करने के लिए एक कमिटी का गठन किया है। कमिटी की ओर से शर्तों को तय किए जाने के बाद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद पंजीकृत महिलाओं को मासिक सहायता राशि उनके अकाउंट में भेजी जाएगी। जिस वक्त मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिला समृद्धि योजना का जिक्र किया, विपक्ष की ओर से शोर-शराबा किया गया। आम आदमी पार्टी महिला समृद्धि योजना को लेकर लगातार हमलावर है। ‘आप’ का कहना है कि भाजपा ने 8 मार्च तक महिलाओं के खाते में पैसे भेजने का वादा किया था, लेकिन यह जुमला निकला।

दिल्ली: ‘जनता को अब ₹10 लाख का बीमा मिलेगा’, बजट में CM रेखा का ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश कर रही हैं. यह 27 वर्षों में दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा प्रस्तुत पहला बजट है. बजट में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और प्रदूषण नियंत्रण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने बजट के लिए जनता से सुझाव मांगे थे, जिसमें ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए 10,000 से ज्यादा सुझाव मिले थे.  सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली के लिए नई औद्योगिक नीति पेश करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार नई औद्योगिक नीति के साथ नई वेयरहाउस पॉलिसी लेकर आएगी. उन्होंने दिल्ली में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन का भी ऐलान किया. सीएम ने कहा कि व्यापार के लिए लोग दिल्ली से बाहर जा रहे हैं. एक रिडेवलपमेंट प्लान के तहत सभी समस्याओं को दूर किया जाएगा, जिससे व्यापारी भाई अपना बिजनेस ठीक से कर सकें. उन्होंने कहा कि आज हम सदन में घोषणा करते हैं, ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड की स्थापना की जाएगी. यह व्यापरियों की समस्याओं की पहचान करने के साथ ही उसका निवारण करेगी. दिल्ली विधानसभा में अपने बजट भाषण के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने विधायक निधि के लिए 350 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की. सीएम ने कहा कि सभी विधायकों को काम करने के लिए पूरा फंड मिलेगा. अब विधायकों को फंड के लिए कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जेजे कॉलोनी (झुग्गी बस्तियों का विकास) के विकास के लिए 696 करोड़ रुपये आवंटित किए. उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘पिछली सरकार के मुख्यमंत्री ने अपने लिए शीश महल बनवाया, उसमें लाखों रुपये का टॉयलेट सीट लगवाया. हम झुग्गी वालों के लिए शौचालय बनाएंगे. लेकिन हमारी सरकार झुग्गियों का विकास करेगी. वहां पानी और सड़क पहुंचाएगी.’ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 20 करोड़ रुपये आवंटित किए. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार 100 स्थानों पर अटल कैंटीन खोलेगी जिसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 50,000 अतिरिक्त सीसीटीवी लगाए जाएंगे. दिल्ली के सड़क परिवहन और बुनियादी ढांचे के विकास और एनसीआर के साथ कनेक्टिविटी पर 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.  बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के साथ ही 10 फोकस एरिया को चिह्नित किया गया है. इसमें बिजली, पानी, और सड़क का विकास का शामिल है. सीएम ने कहा कि 2025-26 के बजट में इंफ्रा प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली सरकार की तरफ से 1 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. सीएम ने कहा कि हम दिल्ली को नया रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के बुनियादी ढांचे को हमारी सरकार मजबूत करके राष्ट्रीय राजधानी के तेज विकास की रफ्तार सुनिश्चित करेगी. उन्होंने कहा कि ₹28,000 करोड़ के पूंजीगत व्यय से बीजेपी सरकार दिल्ली में सड़क, पुल, जल निकासी, ट्रांसपोर्ट और अन्य सार्वजनिक सेवाओं में व्यापक सुधार करेगी. यह बजट दिल्ली को एक स्मार्ट और आधुनिक शहर में बदलने की दिशा में एक मजबूत कदम है. दिल्ली सरकार के बजट में पीएम जन आरोग्य योजना के लिए 2,144 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. इसके तहत दिल्ली में पात्र लोगों को 10 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज मिलेगा. इसमें 5 लाख रुपये केंद्र सरकार और 5 लाख रुपये दिल्ली सरकार देगी.  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने बजट भाषण में दिल्ली की महिलाओं के लिए महत्वकांक्षी योजना का ऐलान किया. उन्होंने सदन को बताया कि महिला समृद्धि योजना के लिए बजट में 5100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. बता दें कि बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में दिल्ली के महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक मदद देने का वादा किया था.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार में सड़कों पर बहता सीवर का पानी दिल्ली की पहचान बन चुकी थी. उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी दिया जलता है.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बीजेपी सरकार ने अपने बजट में आम आदमी पार्टी की सरकार के 15000 करोड़ रुपये की तुलना में 28000 करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए आवंटित किया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पहली बार दिल्ली के इतिहास में ऐसा हुआ कि 2024 25 में बजट घटा. इस बार दिल्ली सरकार का बजट एक लाख करोड़ का है. पिछले साल की तुलना में 31.5% अधिक बजट है. दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय पिछली सरकार के दौरान देश की तुलना में कम गति से बढ़ी. आम आदमी पार्टी की सरकार की इच्छा शक्ति काफी कम थी, वह ना खर्च कर पाई और ना लोगों की आय बढ़ा पाई.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले 10 सालों में विकास के हर पैमाने पर दिल्ली फिसलती गई. यमुना की सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं और वायु प्रदूषण खत्म करने के लिए कोई काम नहीं हुआ. पिछली सरकार की नीतियों की वजह से जनता त्रस्त रही.  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपना बजट भाषण शुरू करते हुए कहा, आज एक ऐतिहासिक दिन है. यह साधारण बजट नहीं हैं. दिल्ली की नई सरकार जो ऐतिहासिक जनादेश के साथ सत्ता में आई है, वह अपना पहला बजट पेश कर रही है. पूरा देश आज दिल्ली का बजट देखना चाहता है. ये केवल सरकारी लेखा-जोखा नहीं है बल्कि 10 साल से बेहाल दिल्ली को विकसित बनाने के लिए यह बजट है. दिल्ली बजट में 500 करोड़ रुपये का सीवेज ट्रीटमेंट प्लान दिल्ली बजट में इस बार सीवेज ट्रीटमेंट प्लान के तहत 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में पानी और सीवर अब समस्या नहीं रहेगी। सीएम ने कहा कि 250 करोड़ का प्रावधान पुरानी सीवर लाइन बदलने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि सीवर साफ करने के लिए 31 सुपर सकर मशीन किराये पर लाए गए हैं। जरूरत के हिसाब से और मशीने मंगाई जाएंगी। दिल्ली में खत्म होगा टैंकर घोटाला सिस्टम, टैंकर में जीपीएस सिस्टम लगाएंगे दिल्ली … Read more

DTC पर पेश हुई CAG रिपोर्ट, 8,433,000,000 का घाटा, 11 और बाकी

नई दिल्ली  दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हुआ। इस बजट सत्र में रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार अपना पहला बार बजट पेश करेंगी। बजट सत्र में डीटीसी पर सीएजी रिपोर्ट को सदन में रखा गया। शराब घोटाले के साथ ही मोहल्ला क्लीनिक के बाद सीएजी की यह तीसरी रिपोर्ट है। सीएम रेखा गुप्ता की तरफ से दिल्ली परिवहन निगम के कामकाज को लेकर सीएजी की इस रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखा गया। रिपोर्ट पर चर्चा में होगा हंगामा सीएम रेखा गुप्ता की तरफ से डीटीसी के कामकाज को लेकर रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद हंगामा होना तय है। इससे पहले बीजेपी लगातार आम आदमी पार्टी को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरती रही है। अब सदन में बीजेपी नेता भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधेंगे। बीजेपी पहले ही डीटीसी की इलेक्ट्रिक बसों की खरीद में हुए घोटाले को लेकर आप सरकार पर सवाल उठा चुकी है। डीटीसी पर सीएजी रिपोर्ट में क्या है? डीटीसी पर सीएजी को लेकर करीब एक महीने पहले रिपोर्ट आई थी। रिपोर्ट में दिल्ली परिवहन निगम की वित्तीय समस्याओं के बढ़ने की बात कही गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 2015-16 में डीटीसी का कुल घाटा 25,300 करोड़ रुपये से बढ़कर 2021-22 में 60,750 करोड़ रुपये हो गया है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2022 तक, निगम ने 3,937 बसें संचालित कीं, जो आवश्यक 5,500 से काफी कम थीं। भाजपा विधायकों ने कहा है कि वे भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ‘आप’ को घेरेंगे और शहर में 10 साल के शासन के दौरान डीटीसी के कामकाज पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट पर ‘आप’ से जवाब मांगेंगे। मुख्यमंत्री के साथ वित्त विभाग संभाल रहीं रेखा गुप्ता मंगलवार 25 मार्च को दिल्ली विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी सरकार का पहला बजट पेश करेंगी। इसमें सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं और वर्ष के लिए विकास एजेंडे की रूपरेखा बताई जाएगी। 27 मार्च को प्रस्तावित बजट पर चर्चा के साथ उसे विधानसभा में पारित किया जाएगा। बता दें कि, भाजपा पिछले महीने विधानसभा चुनाव में ‘आप’ को हराकर 1998 के बाद दिल्ली की सत्ता में लौटी है। ‘आप’ ने एक बयान में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘गारंटियों’ को पूरा न करके महिलाओं के साथ ‘विश्वासघात’ करने और लोकतंत्र पर ‘ खुल्लमखुल्ला हमला’ करने को लेकर वह विधानसभा में भाजपा को घेरेगी। विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा कि भाजपा ने पिछली ‘आप’ सरकार से अधिशेष बजट विरासत में मिलने के बावजूद वित्तीय सहायता देने से इनकार करके दिल्ली की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। हम इस विश्वासघात को विधानसभा के साथ-साथ सड़कों पर और हर घर में उजागर करेंगे। दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने वादा किया था कि वह महिला समृद्धि योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देगी। दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, लेकिन लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन अभी तक शुरू नहीं हुआ है। आतिशी ने भाजपा पर दिल्ली विधानसभा में ‘तानाशाही’ करने तथा जनता के मुद्दे उठाने पर विपक्षी विधायकों को निलंबित कर देने का आरोप लगाया। 2009 से नहीं बढ़ा डीटीसी का किराया डीटीसी उपलब्ध धन के बावजूद अपने बेड़े का विस्तार करने में विफल रही है। 2007 में, दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि निगम के पास 11,000 बसें होनी चाहिए, लेकिन 2012 में, दिल्ली कैबिनेट ने 5,500 का संशोधित लक्ष्य निर्धारित किया। डीटीसी की कुल बसों में से 1,770 ओवरएज थीं, जिनमें लो-फ्लोर बसें 10 साल से अधिक सेवा दे चुकी थीं। इन्हें जल्द ही चरणबद्ध तरीके से बंद होने करना है। 2009 से किराया नहीं बढ़ाना इसके वित्तीय संघर्ष का एक बड़ा कारण रहा है। कई बार अनुरोध करने के बावजूद, दिल्ली सरकार ने किराया वृद्धि को मंजूरी नहीं दी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार को बजट पेश करेंगी, आज से दिल्ली का बजट सत्र शुरू

नई दिल्ली दिल्ली बजट पेश किए जाने से पहले खीर सेरेमनी हुई. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भगवान राम को भोग लगाया. इस तरह की सेरेमनी पहली बार हुई है. इसके बाद कल यानी 25 मार्च को दिल्ली का बजट पेश होना है. इसके अलावा, जिन लोगों ने बजट के सुझाव दिए हैं, उन्हें खीर दिया जाएगा. एक तरफ दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता दिल्ली बजट के लिए “खीर समारोह” कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ AAP विधायक दिल्ली विधानसभा के अंदर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वे दिल्ली सरकार से पूछ रहे हैं कि महिला लाभार्थियों को 2500 रुपये प्रति माह कब मिलेंगे? दिल्ली का बजट कैसे तय होता है? दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार को बजट पेश करेंगी. आज यानी सोमवार से दिल्ली का बजट सत्र शुरू होगा जो 28 मार्च तक चलेगा. सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली के बजट की रूपरेखा बताई है. उन्होंने इस बजट को ‘विकसित दिल्ली बजट’ करार दिया और बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, प्रदूषण और जलभराव की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर दिल्ली का बजट कैसे तय होता है, केंद्र से इसके लिए कितनी मदद मिलती है और दिल्ली की आमदनी के सोर्स क्या हैं? दिल्ली एक केंद्रीय शासित क्षेत्र है, जिसका प्रशासन केंद्र और राज्य दोनों द्वारा साझा किया जाता है. दिल्ली के बजट को राज्य सरकार द्वारा तैयार किया जाता है, लेकिन इस पर केंद्र सरकार का भी प्रभाव होता है. यह दिल्ली सरकार के खर्चों और आमदनी से संबंधित होता है. इसमें मुख्य रूप से राज्य के विकास कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पुलिस, और अन्य बुनियादी सेवाओं के लिए धन आवंटित किया जाता है. केंद्र से कितनी मदद मिलती है? दिल्ली को केंद्र से मिलने वाली वित्तीय मदद केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं पर निर्भर करती है. केंद्र से प्राप्त होने वाली मदद का मुख्य स्रोत केंद्रीय योजनाएं और फंडिंग होती हैं. केंद्र सरकार के कई प्रमुख योजनाओं, जैसे स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिल्ली को मदद मिलती है.  

काला जठेड़ी गिरोह के दो शार्पशूटरों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया, गिरोह के कई सदस्य सक्रिय

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देर रात छावला इलाके में मुठभेड़ के बाद कुख्यात काला जठेड़ी गिरोह के दो शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमित डागर और उसके सहयोगी अंकित के रूप में हुई है। अमित डागर, जेल में बंद गैंगस्टर ओमप्रकाश उर्फ काला का भाई है।  पुलिस को रात अमित डागर और उसके सहयोगी की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इस पर स्पेशल सेल की टीम ने छावला इलाके में जाल बिछाया। जब पुलिस ने दोनों को घेरने की कोशिश की, तो आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिससे दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।   गिरोह के कई सदस्य दिल्ली-NCR में सक्रिय पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी काला जठेड़ी गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं और कई संगीन अपराधों में शामिल रहे हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क काफी फैला हुआ है और इसके कई सदस्य दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के इलाकों में सक्रिय हैं।   पुराने आपराधिक गतिविधियों की हो रही पड़ताल पुलिस ने कहा कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।   काला जठेड़ी गैंग का बढ़ रहा प्रभाव दिल्ली-एनसीआर में काला जठेड़ी गैंग का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। यह गिरोह जबरन वसूली, हत्या और अवैध हथियारों की तस्करी जैसे अपराधों में संलिप्त है। पुलिस ने हाल के दिनों में इस गिरोह के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है।

जस्टिस यशवंत वर्मा के घर के पास से जले हुए नोटों के नए सबूत मिले, नए वीडियो में मिला सबूत

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर 15 करोड़ की भारी भरकम रकम मिलने से सनसनी मची हुई है। उनके खिलाफ कई वकील कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं तो वहीं जस्टिस यशवंत वर्मा इसे साजिश बता रहे हैं। इस बीच उनके घर के पास से एक नया वीडियो सामने आया है। वीडियो में उनके घर के पास से जले हुए नोटों के नए सबूत मिले हैं। नोटों के इस नए सबूत ने फिर एक बार शक की सुई जस्टिस यशवंत वर्मा की तरफ मोड़ दी है। दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के घर के पास से आए इस नए वीडियो में जले हुए नोट देखे जा सकते हैं। देखने पर तो यह 500 के नोट लग रहे हैं जो आधे-अधूरे और फटी हालत में हैं। बता दें कि यशवंत वर्मा के घर आग लगने के बाद मिले 15 करोड़ कैश पर सब हैरत में हैं। इससे पहले हाई कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा के कॉल रेकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा है। एक सफाई कर्मचारी,इंदरजीत ने बताया कि हम इस इलाके में काम करते हैं। हम सड़कों से कचरा इकट्ठा करते हैं। हम 4-5 दिन पहले यहाँ सफाई कर रहे थे और कचरा इकट्ठा कर रहे थे,तभी हमें जले हुए 500 रुपये के नोटों के कुछ छोटे टुकड़े मिले। हमें वह उस दिन मिला था। अब,हमें 1-2 टुकड़े मिले हैं। हमें नहीं पता कि आग कहां लगी। हम सिर्फ कचरा इकट्ठा करते हैं। शनिवार देर रात सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस यशवंत वर्मा के आधिकारिक आवास पर मिली बेहिसाब नकदी के आरोपों से संबंधित रिपोर्ट,फोटो और वीडियो अपलोड किए। कोर्ट की वेबसाइट पर अब उपलब्ध सामग्री में एक आंतरिक जांच के निष्कर्ष और जस्टिस वर्मा द्वारा आरोपों से इनकार करते हुए दिए गए विस्तृत जवाब का खुलासा किया गया है। 14 मार्च को जस्टिस वर्मा के आधिकारिक आवास पर आग लगने के बाद बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद यह विवाद शुरू हुआ था।

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