LATEST NEWS

दिल्ली सरकार की शिक्षा योजना पर सवाल: 50% बजट खर्च करने में ‘फेल’ रहा शिक्षा विभाग

नई दिल्ली दिल्ली की पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने शिक्षा पर अपने कुल वार्षिक बजट का 25 फीसदी खर्च करने का दावा किया था लेकिन शिक्षा निदेशालय पिछले वर्ष सामान्य शिक्षा के लिए आवंटित बजट का 50 फीसदी पैसा भी खर्च कर पाने में नाकाम रहा। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दायर एक आवेदन में यह जानकारी सामने आई है। शिक्षा निदेशालय मुख्यत: तीन मदों -सामान्य शिक्षा, दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले विद्यालयों और खेलों पर खर्च करता है। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने 2024-25 में शिक्षा निदेशालय के लिए अनुमानित बजट के रूप में कुल 4335.08 करोड़ रुपये आवंटित किये थे, जिसे बढ़ाकर 4836.41 करोड़ रुपये कर दिया गया लेकिन विभाग इसमें से सिर्फ 2818.23 करोड़ रूपये ही खर्च कर पाया। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा निदेशालय को 2024-25 में सामान्य शिक्षा के लिए 2703.12 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ लेकिन इसमें से वह सिर्फ 1267.87 करोड़ रुपये ही खर्च कर सका जो 50 फीसदी से भी कम है। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के विद्यालयों के लिए प्राप्त 2085.01 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन में से शिक्षा विभाग ने जरूर 1523.33 करोड़ रुपये खर्च किये। स्कूली विद्यार्थियों को खेल के लिए संसाधन मुहैया कराने वाले बजट का भी विभाग पूरा इस्तेमाल करने में विफल साबित हुआ। शिक्षा निदेशालय को खेल के लिए 48.28 करोड़ रुपये आवंटित किये गए थे लेकिन खर्च सिर्फ 18.02 करोड़ रुपये किये गये। शिक्षा निदेशक से जब इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने इस मुद्दे पर मिलने से इनकार कर दिया। ‘ऑल इंडिया पेरेंट्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष एवं दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने कहा कि सामान्य शिक्षा पर बजट का 50 फीसदी पैसा खर्च न कर पाना शिक्षा विभाग के ‘निक्कमेपन’ को दर्शाता है। उन्होंने बताया, “दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में करीबन 17 लाख बच्चे पढ़ते हैं और ज्यादातर बच्चे गरीब तबके से आते हैं। सामान्य शिक्षा पर बजट का आधा पैसा भी खर्च न कर पाना कहीं न कहीं इन स्कूली बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है।” गैर सरकारी संगठन ‘लोकतान्त्रिक अध्यापक मंच’ की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष कृष्ण कुमार फौगाट ने कहा, “ज्यादातर चीजें हवा हवाई ही रहीं और धरातल पर कुछ काम नहीं हुआ। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 2014 से 2019 तक दिल्ली सरकार ने शिक्षा निदेशालय को 13,425.64 करोड़ रुपये आवंटित किये, जिसमें से विभाग ने 11892.23 करोड़ रुपये खर्च किये थे। इसी प्रकार दिल्ली सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में 2019 से 2024 तक शिक्षा निदेशालय को 24,349.18 करोड़ रुपये आवंटित किये और विभाग 20,762.39 करोड़ रुपये खर्च करने में सफल रहा। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शिक्षा निदेशालय शहर के सरकारी विद्यालयों में मुफ्त पुस्तकों से लेकर स्कूल की वर्दी, कंप्यूटर लैब, शिक्षकों को पुरस्कार, विद्यालयों में पुस्तकालय के लिए पुस्तकें खरीदने जैसी 79 मदों पर पैसा खर्च करता है।

दिल्ली में सत्ता गई तो एक के बाद एक नेता यूट्यूबर बन रहे AAP नेता, एक और ने शुरू किया नया काम

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सत्ता गई तो इसके नेता अब यूट्यूब पर अपने लिए संभावनाएं तलाशने में जुट गए हैं। सौरभ भारद्वाज के बाद अब पार्टी के एक और तेज तर्रार नेता ने यूट्यूब चैनल बनाकर ‘व्यूज’ कमाने की कोशिश शुरू की है। किराड़ी के पूर्व विधायक ऋतुराज झा ने यूट्यूब का रुख किया है। उन्होंने अपने नाम से एक यूट्यूब चैनल बनाया जिस पर वह राजनीति के अलावा लाइफस्टाइल, ट्रैवल समेत सभी विषयों पर वीडियो बनाएंगे। राजनीतिक दलों के नेताओं को कभी सत्ता में रहकर जनता के लिए काम करना होता है तो कभी विपक्ष में रहकर उनकी आवाज को उठाना होता है। एक दशक से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बाद ‘आप’ पहली बार दिल्ली में विपक्ष की भूमिका में आई है। एक तरफ जहां पार्टी के नेता बिजली, शिक्षा, अस्पताल, मुफ्त बस सफर जैसे कई मुद्दों पर दो महीने पुरानी भाजपा सरकार को घेरने में जुटी है तो दूसरी तरफ कुछ नेता अब यूट्यूब पर अपनी उपस्थिति मजबूत करने में जुट गए हैं। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज अपने ग्रेटर कैलाश से इस बार चुनाव हार गए। ऐसे में उन्होंने खुद को ‘बेरोजगार’ बताते हुए बेरोजगार नेताजी नाम से यूट्यूब चैनल की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि घर चलाने के लिए उन्हें नए काम की तलाश थी। हालांकि, भारद्वाज की ‘बेरोजगारी’ दूर करने के लिए अरविंद केजरीवाल ने उन्हें दिल्ली में पार्टी की कमान सौंप दी। दिल्ली के संजोयक बनाए जाने के बाद भी सौरभ भारद्वाज ‘पार्ट टाइम’ यूट्यूब पर कर रहे हैं। पहले वीडियो में ऋतुराज ने मोटापा कम करना सिखाया किराड़ी से टिकट कटने के बाद शुरुआत में बागी तेवर दिखाने वाले ऋतुराज झा को पार्टी ने वक्त रहते मना लिया था। उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान टीवी डिबेट से लेकर कई विधायकों के लिए प्रचार का जिम्मा भी संभाला। हाल में वह दिल्ली की महिलाओं को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए ‘2500 रुपए कब मिलेंगे’ वाले पोस्टर लेकर सड़कों पर भी उतरे। अब उन्होंने यूट्यूब चैनल बनाकर अपने काम को विस्तार दिया है। ऋतुराज ने इस पर दो वीडियो पोस्ट करके मोटापा कम करने के टिप्स दिए हैं।

गर्भवती महिला ने ओला कैब ड्राइवर से एसी चलाने के लिए कहा तो उसने उसके ही बच्चे को जान से मारने की धमकी दी

नई दिल्ली दिल्ली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक गर्भवती महिला ने आरोप लगाया है कि जब उसने ओला कैब ड्राइवर से एसी चलाने के लिए कहा तो उसने उसके ही बच्चे को जान से मारने की धमकी दे दी। महिला नोएडा एक्सटेंशन से साकेत जा रही थी। घटना इसी दौरान की बताई जा रही है। महिला ने दावा किया कि जब उसने कैब ड्राइवर से एसी चलाने के लिए कहा तो उसने साफ मना कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक उसने लिंक्डइन पर इस घटना के बारे में बताते हुए कहा, मैंने नोएडा एक्सटेंशन से साकेत तक के लिए कैब बुक की थी। सफर के दौरान जब मैंने एसी चलाने के लिए कहा तो उन्होंने साफ मना कर दिया। महिला की पोस्ट के मुताबिक जब उसने एसी चालाने के लिए जोर दिया तो ड्राइवर कथित तौर पर आक्रामक हो गया। महिला ने अपनी पोस्ट में कहा, “उसने मुझे धमकाते हुए कहा, ‘तेरे पेट में लात मार के बच्चा गिरा दूंगा’, जबकि उसे पता था कि मैं गर्भवती हूं। महिला ने दावा किया कि ड्राइवर ने उसे बीच रास्ते में ही कैब से उतरने के लिए मजबूर किया और धमकाते हुए कहा, अभी आगे देखो क्या क्या होता है। रिपोर्ट के मुताबिक महिला ने बताया कि उसने ओला के कस्टमर सपोर्ट में इस घटना की शिकायत दर्ज कराई है और महिला हेल्पलाइन पर भी घटना की सूचना दी है। जवाब में कंपनी ने महिला को आश्वासन दिया कि ड्राइवर के खिलाफ उचित कार्रवाई की गई है। कंपनी ने कहा, हम ओला कैब के साथ आपकी यात्रा के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए माफी मांगना चाहते हैं। कंपनी ने कहा, हमने पार्टनर के खिलाफ उचित कार्रवाई की है ताकि निकट भविष्य में इस तरह की समस्याओं को खत्म किया जा सके।

खुशखबरी! दिल्लीवालों का इंतजार खत्म होने जा रहा, आज से दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना लागू

नई दिल्ली खुशखबरी! दिल्लीवालों का इंतजार खत्म होने जा रहा है। आज यानी शनिवार से दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना लागू हो सकती है। दिल्ली सरकार ने इसकी तैयारी कर ली है। जानकारी के मुताबिक पहले चरण में एक लाख लोगों का दिल्ली में आयुष्मान कार्ड बनेगा। इसके बाद तेजी से इस योजना को आगे बढ़ाते हुए सभी पात्र दिल्ली वालों को इसमें शामिल कर लिया जाएगा। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच समझौते पत्र (MOU) साइन होने वाले हैं। इसके बाद 10 अप्रैल तक कम से कम 1 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य है। बीजेपी ने दिल्ली में विधानसभा चुनावों से पहले ही ऐलान किया था कि सत्ता में आने के बाद इस योजना को लागू किया जाएगा। आयुष्मान योजना के तहत दिल्ली में 5 लाख + 5 लाख यानी 10 लाख रुपये का मेडिकल कवर मिलेगा। सबसे पहले किसके बनेंगे आयुष्मान कार्ड केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना गरीब व जरूरतमंद लोगों को बेहतर इलाज देने के लिए है। दिल्ली में भी इस योजना का लाभ इन्हीं लोगों को मिलेगा। जानकारी के मुताबिक जिन लोगों के पास अंत्योदय अन्न योजना (AAY) कार्ड है, उन्हीं के कार्ड पहले बनाए जाएंगे। इसके बाद बीपीएल कार्डधारकों के नंबर आएंगे। माना जा रहा है कि शुरुआत में एक लाख अंत्योदय कार्डधारकों को इस योजना का लाभ होने वाला है। आयुष्मान योजना के लिए बजट दिल्ली में आयुष्मान योजना लागू करने के लिए दिल्ली सरकार ने 2144 करोड़ रुपये का बजट पास किया हुआ है। आयुष्मान कार्ड बनवाने पर अन्य राज्यों में 5 लाख रुपये तक का मेडिकल कवर मिलता है। दिल्ली में यह मेडिकल कवर 10 लाख रुपये है। इसमें से 7 लाख का खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी। दिल्ली में कितनी तरह के राशन कार्ड दिल्ली में वर्तमान में दो तरह के राशन कार्ड बनते हैं। पहला: Priority Category या बीपीएल कार्ड, जो गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के बनते हैं। इन्हें PR कार्ड भी कहा जाता है। दूसरा अंत्योदय अन्न कार्ड यानी AAY कार्ड। ये कैटेगरी गरीबी रेखा के मामले में सबसे निचले पायदान पर मानी जाती है। इन्हें प्रति परिवार 35 किलो राशन हर महीने दिया जाता है। द‍िल्‍ली में क‍ितने AAY राशन कार्ड द‍िल्‍ली में 72,77,995 राशन कार्ड को मंजूरी म‍िली हुई है। केंद्र सरकार द्वारा तय संख्या के अनुसार दिल्ली में 1,56,800 AAY राशन कार्ड को मंजूरी मिली हुई है। ये कार्ड Poorest of Poor वर्ग में आने वाले सबसे गरीब वर्ग का ही बनता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक जनवरी, 2025 में दिल्ली में AAY राशन कार्ड की संख्या महज 66,532 ही थी। अंत्योदय अन्न योजना राशन कार्ड के अंतर्गत प्रति परिवार 2 रुपये किलो के हिसाब से 25 किलो गेहूं और 3 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 10 किलो चावल मिलता है। इसके अलावा 13.50 रुपये किलो के हिसाब से 6 किलो चीनी मिलती है।

दिल्ली सीएम ने कहा- वक्फ संशोधन विधेयक पर खुशी जताते हुए ‘न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत तय’

नई दिल्ली लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुशी जताई। उन्होंने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इस विधेयक को मंजूरी मिलने से अन्याय और भ्रष्टाचार को खत्म कर न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि 2013 में तुष्टिकरण के लिए रातों-रात वक्फ कानून को अतिवादी बना दिया गया, जिसके कारण दिल्ली के लुटियंस जोन की 123 वीवीआईपी संपत्तियां वक्फ को दे दी गईं। इस विधेयक के पारित होने से देश के विकास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है, जो न्याय और समानता को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए। सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज का दिन ऐतिहासिक है। संसद ने ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक – 2025’ को मंजूरी दे दी है, जो दशकों से चले आ रहे अन्याय और भ्रष्टाचार को खत्म कर न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत करेगा। 2013 में तुष्टिकरण के लिए रातों-रात वक्फ कानून को अतिवादी बना दिया गया, जिसके कारण दिल्ली के लुटियंस जोन की 123 वीवीआईपी संपत्तियां वक्फ को दे दी गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस ऐतिहासिक कदम से अब इसकी पारदर्शिता से निगरानी की जा सकेगी।” उन्होंने लिखा, “2013 में लाए गए संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों में कुल साढ़े 5 घंटे चर्चा हुई थी, जबकि इस विधेयक पर दोनों सदनों में 16 घंटे से ज्यादा की चर्चा हुई। मोदी सरकार ने संयुक्त समिति बनाई, जिसमें 38 बैठकें हुईं, 113 घंटे चर्चा हुई और 284 हितधारकों को शामिल किया गया। ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025’ को संसद के पटल पर लाने से पहले मोदी सरकार को देशभर से करीब एक करोड़ ऑनलाइन सुझाव मिले, जिनका विश्लेषण करने के बाद यह कानून बनाया गया, जो दर्शाता है कि जहां मोदी सरकार मुस्लिमों के साथ खड़ी है, वहीं विपक्ष केवल वोट बैंक की आड़ में गुमराह कर रहा है।” सीएम रेखा गुप्ता ने लिखा, “इस विधेयक के पारित होने से देश के विकास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है, जो न्याय और समानता को सुनिश्चित करेगा। इसे समर्थन देने वाले सभी दलों और सांसदों का भी धन्यवाद। वक्फ बोर्ड को अधिक उत्तरदायी बनाना अनिवार्य था। यह विधेयक सुनिश्चित करेगा कि वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग न हो और इसका लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे। यह पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे करोड़ों लोगों को न्याय मिलेगा।”

इस माह से शुरू होने से जा रही नोएडा से देहरादून और हरिद्वार के लिए बस सेवा

नोएडा नोएडा से देहरादून और हरिद्वार के लिए बस सेवा इसी माह से शुरू होने से जा रही है। डिपो को 50 नई बसें मिलेंगी। देवभूमि के अन्य स्थलों समेत यूपी के पूर्वांचल के लिए भी यहां से बस सेवा शुरू हो सकती है। डिपो प्रबंधन समय सारिणी का चार्ट जारी करेगा। देहरादून जाने वालों को 428 और हरिद्वार के लिए 381 रुपये प्रति व्यक्ति किराया निर्धारित किया गया है। तीन से चार घंटे के अंतराल पर देवभूमि के लिए नोएडा डिपो से बसें मिल सकेंगी। भर्ती के लिए 13 चालकों के टेस्ट हुए हैं। 167 परिचालकों की भर्ती और की जाएगी। नए रूट हल्द्वानी, देहरादून और ऋषिकेश पर भी नई बसों चलाया जाएगा। छुट्टी के दिन परिवार के साथ भारी संख्या में यात्री उत्तराखंड घूमने के लिए जाते हैं। इनमें हरिद्वार, ऋषिकेश तीर्थस्थल भी शामिल हैं। नोएडा से सीधे यात्री इन तीर्थस्थलों पर पहुंच सकें इसके लिए डिपो से इस माह बसों का संचालन होगा। यात्रियों की मांग बढ़ने पर कैंचीधाम, नीलकंठ, हरिद्वार और टपकेश्वर के लिए भी बसें संचालित की जा सकतीं हैं। 33 प्रतिशत बढ जाएगी बसों की संख्या नोएडा डिपो से वर्तमान में 158 बसें संचालित होती हैं। नई बसें मिलने से संख्या में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने से कुल 208 बसों का संचालन यहां से होगा। बुदंलशहर, आगरा, एटा, इटावा रूट पर बढेंगी बसें एआरएम एसएन पांडेय ने कहा कि बुलंदशहर रूप पर सबसे अधिक यात्री होते हैं। डिपो को सबसे अधिक राजस्व भी यहां से मिलता है। आगरा, एटा, इटावा, सहारनपुर के लिए भी यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। नई बसें मिलने पर इन रूटों पर संख्या बढ़ाई जाएगी। 414 चालक डिपो के पास हैं वर्तमान में डिपो से संचालित हो रहीं 158 बसों के लिए 414 चालक और 416 परिचालक हैं। नई बसों के लिए कुछ चालक और 167 परिचालकों की भर्ती भी होगी।

दिल्ली में अब मुफ्त बस सफर करना है तो दो अहम शर्तों का करना होगा पालन, रजिस्ट्रेशन भी जल्द

नई दिल्ली दिल्ली में मुफ्त बस सफर की सुविधा पर रेखा गुप्ता सरकार दो अहम शर्तें लगाने जा रही है। राजधानी में मुफ्त बस यात्रा का लाभ अब उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जो दिल्ली की निवासी हैं। दूसरी शर्त यह है कि दिल्ली महिलाओं को भी इस सुविधा का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसका मतलब है कि यदि अन्य किसी राज्य की महिला दिल्ली में घूमने या अन्य किसी काम से आई है तो उसे बस में सफर के लिए टिकट का भुगतान करना होगा। यदि आप दिल्ली की रहने वाली हैं और रजिस्ट्रेशन करवाकर स्मार्ट कार्ड हासिल नहीं किया है तो आपको भी टिकट खरीदकर यात्रा करनी होगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने के लिए ‘स्मार्ट कार्ड’ जारी किया जाएगा, जो ‘लाइफटाइम’ वैध रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार बसों में मुफ्त यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड पाने की इच्छुक महिलाओं के लिए जल्द ही रजिस्ट्रेशन शुरू करेगी। यह कदम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र में पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर गुलाबी टिकट योजना के तहत भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। गुप्ता ने कहा था, ‘हम महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं… भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम महिलाओं के लिए डिजिटल यात्रा कार्ड शुरू करेंगे, जो उन्हें सरकारी बसों में कभी भी स्वतंत्र रूप से मुफ्त यात्रा करने की सुविधा देगा, जिससे टिकट से जुड़ा ‘गुलाबी भ्रष्टाचार’ खत्म हो जाएगा।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि दक्षता बढ़ाने के लिए टिकट प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल किया जाएगा। गुप्ता ने कहा था कि संपूर्ण प्रणाली का आधुनिकीकरण किया जाएगा और पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा त्रुटिपूर्ण योजनाओं में सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा था, ‘हमारा लक्ष्य दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ, विश्वसनीय और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त बनाना है।’ ‘आप’ ने 2019 में भाई दूज के अवसर पर गुलाबी टिकट योजना पेश की थी, जिसके तहत महिलाओं को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की जाती है। महिलाओं को गुलाबी टिकट के रूप में एकल यात्रा पास मिलते हैं, जिसमें दिल्ली सरकार प्रति टिकट 10 रुपये की लागत वहन करती है और जारी किए गए कुल टिकट के आधार पर बस कंपनियों को भुगतान करती है। अधिकारियों के अनुसार, भाजपा सरकार के अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर स्मार्ट कार्ड पहल पर काम शुरू करने की उम्मीद है। उन्होंने पात्रता मानदंड के बारे में बताया कि स्मार्ट कार्ड केवल दिल्ली में रहने वाली महिलाओं को जारी किया जाएगा, जिससे उन्हें बिना किसी पाबंदी के कहीं भी, कभी भी यात्रा करने की सुविधा मिलेगी।

हर आदमी एयर प्यूरीफायर नहीं खरीद सकता, सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा बैन पर ढील से इनकार

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर लगी रोक पहले की तरह बरकरार रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के उत्पादन, भंडारण और और बिक्री में ढील देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वायु प्रदूषण का स्तर लंबे समय तक चिंताजनक स्थिति में था। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा कि आबादी का एक बड़ा हिस्सा सड़कों पर काम करता और प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित है। बेंच ने कहा कि प्रदूषण का मुकाबला करने के लिए हर आदमी घर या कार्यस्थल पर एयर प्यूरीफायर नहीं खरीद सकता है। कोर्ट ने कहा,’इस अदालत से पिछले 6 महीने में पास किए गए कई ऑर्डर दिल्ली में बहुत अधिक प्रदूषण की वजह से उत्पन्न भयानक स्थिति को रिकॉर्ड पर रखा है। स्वास्थ्य का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 का अहम हिस्सा है, इसी तरह प्रदूषणमुक्त वातावरण में जीने का अधिकार भी।’ बेंच ने कहा कि अदालत जब तक इस बात से संतुष्ट नहीं होती कि कथित ग्रीन पटाखों से न्यूनतम प्रदूषण होता है, पिछले आदेश पर विचार का सवाल पैदा नहीं होता है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा कि समय-समय पर दिए गए आदेशों से यह पता चलता है कि पटाखों के उपयोग पर प्रतिबंध दिल्ली में उत्पन्न असाधारण स्थिति की वजह से जरूरी थे।

दिल्ली को साफ और सांस लेने लायक बनाने के लिए दिल्ली की रेखा सरकार ने 70 लाख नए पौधे लगाने का किया दावा

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली पलूशन से आए दिन दो चार होती है। राहत दिलाने के लिए और दिल्ली को साफ और सांस लेने लायक बनाने के लिए दिल्ली की रेखा सरकार ने 70 लाख नए पौधे लगाने का दावा किया है। इसके साथ ही रेखा गुप्ता ने बीती सरकार पर जमकर निशाना भी साधा। उन्होंने बीती सरकार (आप) में पौधे लगाने के नाम पर बर्बाद हुए पैसों का भी जिक्र किया। सीएम रेखा ने तंज भरे लहजे में कहा कि इससे पहले की सरकारें पौधे लगाती थीं, लेकिन कागजों में। इसके लिए उन्होंने आप की विधायक के कार्यकाल में पौधे लगाने के नाम पर किस तरह का रवैया अपनाया गया, इसका जिक्र भी किया। सीएम ने कहा कि मैं आपको अपनी विधानसभा शालीमार बाग का हाल बताती हूं। पिछली सरकार की पिछली विधायक ने 8 करोड़ रुपये का टेंडर उठाया कि पौधे लगाएंगे। सीएम ने दावा करते हुए कहा कि एक भी पौधा कहीं नहीं लगाया गया। ऐसा हर जगह हुआ है। पूरी दिल्ली में ऐसा हुआ है। सीएम ने दावा करते हुए कहा कि कागजों पर पौधे लगे, उगे और जो फल लगे उन्हें सरकार के ये लोग खा गए। सरकार ने जो कुछ किया उसका एक भी पर्सेंट लाभ जनता को नहीं मिला। इसके बाद सीएम ने विधानसभा में जनता से वादा किया कि हमारी सरकार में 70 लाख नए पौधे लगाने का काम करेंगे। ऐसा हमने प्रण किया है। सीएम ने इसे हरित दिल्ली, ग्रीन दिल्ली के तहत करने की बात कही है। बीती दो बार से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी। इस बार जनता ने बदलाव का रास्ता चुना और 27 साल बाद विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी की वापसी हुई और आप विपक्ष की भूमिका में आ गई। आप की हार के बाद दोनों दलों में खींचतान तेज हो गई है। आए दिन एक नया मामला सामने आता है। इस कड़ी में सबसे बड़ा उदाहरण कैग रिपोर्ट हैं। इनमें आप सरकार के सही-गलत कामों का जिक्र किया गया है।

महिला समृद्धि योजना से जुड़े सवाल पर सीएम रेखा गुप्ता ने कहा- ‘जब कोई सरकार बनती है तो बजट आवंटन आवश्यक है

नई दिल्ली दिल्ली में गरीब महिलाओं को 2500 रुपए मासिक आर्थिक सहायता का दावा करके सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आम आदमी पार्टी (आप) लगातार घेरने में जुटी हुई है। नेता विपक्ष आतिशी की ओर से बार-बार सरकार से पूछा जा रहा है कि महिलाओं के खाते में पैसे कब आएंगे? इस बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इंटरव्यू में विस्तार से इस योजना पर बात की और बताया कि क्यों इसमें वक्त लग रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्दबादी में ‘आप’ सरकार की तरह गलती नहीं करना चाहती हैं। महिला समृद्धि योजना से जुड़े एक सवाल के जवाब में रेखा गुप्ता ने कहा, ‘जब कोई सरकार बनती है तो बजट आवंटन आवश्यक है, योजना की रूपरेखा, नियम बनाने पड़ते हैं। रजिस्ट्रेशन पूरा करना होता है और उसकी जांच होती है। यह एक ही बार पैसा देने की योजना नहीं है। हमें एक टिकाऊ रूपरेखा बनानी ताकि केवल योग्य लाभार्थियों को फायदा मिले। ‘आप’ सरकार ने योजनाओं की घोषणा कागजों पर की लेकिन एक साल से ज्यादा चला नहीं पाई। हम भी वही गलती नहीं करना चाहते हैं।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने गरीब महिलाओं के लिए मदद का वादा किया। हमें सावधानीपूर्वक योग्यता की शर्तें तय करनी हैं ताकि दुरुपयोग को रोका जा सके, जैसा कि ईडब्ल्यूएस स्कीमों में होता कि फायदा अक्सर अयोग्य लोगों को मिल जाता है। किर्यान्वयन में समय लगता है, लेकिन हम अपने हर वादे को पूरा करेंगे। सीएम ने कहा, ‘हमें नियम और शऱ्तें बनानी हैं। हमें ऐसी रूपरेखा बनानी है कि सही लोगों को ही फायदा मिले।’ गुप्ता ने ‘आप’ पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब में इसी तरह का वादा किया लेकिन तीन साल बात भी लागू नहीं किया है। आलोचना करना उनका राजनीतिक खेल है और इसमें कोई वजन नहीं। उन्हें अपना रिकॉर्ड देखना चाहिए। उन्होंने दिल्ली में 10 साल पहले मुफ्त वाई-फाई देने का वादा किया था। मुझे बताइए दिल्ली के किस हिस्से में मुफ्त वाई-फाई है। उन्होंने अपनी खुशी के मुताबिक सरकार चलाई। दूसरी तरफ हम मौजूदा योजनाओं को चालू रखेंगे और नई भी लाएंगे। मुख्यमंत्री ने इसके लिए कोई विशेष तारीख देने से इनकार करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र अभी समाप्त हुआ है और सरकार को अभी एक महीना ही हुआ है। उन्होंने कहा कि एक महीने पुरानी सरकार से योजनाओं को इतनी जल्दी लागू करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। सीएम ने कहा, ‘नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल को शुरू होता है। हमने बस अभी बजट पेश किया है। यह एक बहुत बड़ा काम था। हमें ओपनिंग बैलेंस का आकलन करना है और यह देखना है कि वित्तीय स्थिरता के साथ कितने लाभार्थियों को मदद दे सकते हैं। हम इस योजना को फंड देने के लिए वेतन देना नहीं रोक सकते हैं। हमें दोनों प्राथमिकताओं में बैलेंस रखना होगा।’ दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री ने कहा कि यह काफी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कल्याणाकारी योजनाओं पर सब्सिडी देने के साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश करना है। पूंजीगत निवेश आवश्यक है। पिछली सरकार ने अस्पतालों के प्रॉजेक्ट अधूरे छोड़ दिए। स्कूल और कॉलेज बनाने में विफल रही और दिल्ली के 12 सरकारी कॉलेज में वेतन नहीं दे सकी। सीएम ने कहा, ‘हम सुनिश्चित करेंगे कि वेतन दिए जाएं, इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो और सभी सेक्टर में शासन प्रभावशाली हो।’

स्कूलों ने अभिभावकों से किताबों व यूनिफार्म के नाम पर मोटी रकम वसूलना शुरू किया, प्राइवेट स्कूलों की मनमानी

नई दिल्ली राजधानी के निजी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होते ही अभिभावकों की जेब पर तगड़ी मार पड़ने लगी है। स्कूलों ने अभिभावकों से किताबों व यूनिफार्म के नाम पर मोटी रकम वसूलना शुरू कर दिया है। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को किसी खास विक्रेता से किताबें व यूनिफार्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं करने और स्कूल की वेबसाइट पर किताबें खरीदने के लिए स्कूल के नजदीक की कम से कम पांच दुकानों का पता और टेलीफोन नंबर भी प्रदर्शित करने को कहा था। ताकि अभिभावक अपनी सुविधानुसार उन दुकानों से किताबें व यूनिफार्म खरीद सकें। इसके बावजूद निजी स्कूल कैंपस के अंदर ही निजी प्रकाशकों की किताबें, स्टेशनरी और यूनिफार्म मंहगें दामों पर बेच रहे हैं। इतना ही नहीं स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से मोटी रकम वसूलने के लिए अलग-अलग कक्षा के अनुसार यूनिफार्म भी अलग कर दी है। यूनिफार्म की डिजाइन के बारे में भी बाहर के किसी वेंडर को जानकारी नहीं दी ताकि अभिभावकों को मजबूरन कैंपस के अंदर से ही यूनिफार्म लेनी पड़े। कोई पांच तो कोई आठ हजार में स्कूल के अंदर से बेच रहा किताबें निजी स्कूलों हर बार की तरह इस बार भी शिक्षा निदेशालय के आदेश की अवहेलना करते हुए स्कूल कैंपस के अंदर से बढ़े हुए दामों पर निजी प्रकाशकों की किताबें, कापी और स्टेशनरी का समान दे रहे हैं। प्री-प्राइमरी, केजी में महज तीन किताबें, आर्ट क्राफ्ट का सामान, स्टेशनरी और नोट बुक पांच से छह हजार की पड़ रही है। अशोक विहार स्थित महाराजा अग्रसेन स्कूल में कैंपस के अंदर से प्री-स्कूल की कापी-किताब व स्टेशनरी का सेट 4940 रुपये, पहली कक्षा की किताब, कापी व स्टेशनरी का सेट 6345 रुपये, पांचवीं कक्षा का 8239 रुपये, सातवीं का 8311 रुपये, आठवीं का 8935 रुपये में बेचा जा रहा है। इसमें किताबों पर कवर चढ़ाने के रुपये अलग से लिए जा रहे हैं। वसंत कुंज स्थित मैसोनिक पब्लिक स्कूल में आठवीं की कापी-किताब और स्टेशनरी का सेट 5598 रुपये का पड़ रहा है। करीब हर निजी स्कूल का यही हाल जनकपुरी स्थित सुमेरमल जैन पब्लिक स्कूल में पांचवीं की कॉपी-किताब और स्टेशनरी का सेट 4931 रुपये का बेचा जा रहा है। श्रीजन स्कूल में आठवीं की कापी-किताब व स्टेशनरी का सेट आठ हजार में बेचा जा रहा है। लगभग हर निजी स्कूल का यही हाल है। राजधानी के ये निजी स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को धता बता एनसीईआरटी की किताबों से ज्यादा निजी प्रकाशकों की किताबों को स्कूल में पढ़वा रहे हैं। स्कूलों में बेचे जा रहे सेट में अधिकतर किताबें निजी प्रकाशकों की ही हैं। इक्का-दुक्का किताब ही एनसीईआरटी की ली गई हैं। उसमें भी कहा गय है कि सेट में लिखी एनसीईआरटी की किताबें अभिभावकों को स्वयं ही बाहर से खरदनी पड़ेगी। कुछ स्कूलों में पूरा सेट लेने पर छूट जैसे आफर देकर अभिभावकों को लुभाने की भी कोशिश हो रही है। एनसीईआरटी की जो किताबें 30 रुपये से लेकर 100 रुपये तक मिलती है, उसी विषय की निजी प्रकाश की किताब की कीमत 300 से 700 रुपये तक में बेची जा रही है। यूनिफॉर्म को बार-बार बदला जाता स्कूलों में सिर्फ लूट का ये काम कापी-किताब और स्टेशनरी तक ही सीमित नहीं रखा है। बहुत से स्कूलों ने अब यूनिफार्म के नाम पर लूटने के अलग-अलग तरीके ढूंढे़ हैं। कुछ स्कूलों ने अलग-अलग कक्षाओं के लिए यूनिफार्म ही अलग कर रखी है ताकि बच्चे को कक्षा बदलते ही यूनिफार्म भी बदलनी पड़े। यूनिफॉर्म के लिए भी निदेशालय ने स्कूलों को आदेश दिया है कि वो पांच वेंडरों की सूची चस्पा करें जहां से अभिभावक यूनिफॉर्म खरीद सकें। लेकिन स्कूलों ने कैंपस के अंदर ही विक्रेता बैठाए हुए हैं और यूनिफॉर्म का डिजाइन भी बदल दिया और बाहर के विक्रेताओं को डिजाइन के बारे में जानकारी ही नहीं दी। मजबूरन अभिभावकों को स्कूल के अंदर बैठे विक्रेता से महंगे दाम पर यूनिफार्म खरीदनी पड़ रही है।

वित्त विभाग के आदेश से हुआ बड़ा खुलासा, दिल्ली सरकार के बजट पर आतिशी ने उठाया सवाल

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) की नेता आतिशी ने भाजपा सरकार के बजट को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 1 लाख करोड़ के बजट का महज जुमला दिया है, लेकिन उनके ही अधिकारियों ने इस झूठ को बेनकाब कर दिया। आतिशी ने बताया कि 31 मार्च को दिल्ली सरकार के वित्त विभाग से जारी आदेश के अनुसार, किसी भी विभाग को अप्रैल में कुल बजट का केवल 5 प्रतिशत खर्च करने की अनुमति दी गई है। इसका अर्थ यह हुआ कि अप्रैल महीने में सरकार केवल 5,000 करोड़ ही खर्च कर सकती है। इसी आधार पर पूरे साल में सरकार 60,000 करोड़ ही खर्च कर सकेगी। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकार के पास खर्च करने के लिए पैसा ही नहीं है, तो 1 लाख करोड़ का बजट कैसे संभव है? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का यह बजट विधानसभा के इतिहास का सबसे झूठा बजट है। दिल्ली सरकार ने बजट पेश करते समय 1 लाख करोड़ का दावा किया, जबकि हकीकत में यह बजट मात्र 78,000 करोड़ का ही है। यहां तक कि भाजपा सरकार के वित्त विभाग ने खुद इस झूठे बजट को उजागर कर दिया है। आतिशी ने कहा कि जब सरकार के पास 60,000 करोड़ से अधिक का राजस्व ही नहीं है, तो 1 लाख करोड़ का बजट पेश करना पूरी तरह से जुमलेबाजी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता को गुमराह कर रही है और झूठे आंकड़ों के सहारे अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। 31 मार्च को जारी वित्त विभाग के आदेश के अनुसार, किसी भी विभाग को अप्रैल में बजट का मात्र 5 प्रतिशत खर्च करने की इजाजत दी गई है। अगर इसे साल भर के हिसाब से देखें, तो कुल खर्च 60,000 करोड़ तक ही सीमित रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे यह साफ हो जाता है कि दिल्ली सरकार के पास 60,000 करोड़ से ज्यादा खर्च करने की क्षमता नहीं है। ऐसे में 1 लाख करोड़ के बजट की घोषणा पूरी तरह से हवा-हवाई साबित होती है।

चार ही दिन बाद हवा फिर खराब, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के पहले चरण की पाबंदियां भी लागू कर दी

नई दिल्ली चार दिन तक मध्यम श्रेणी में रहने के बाद दिल्ली की हवा एक बार फिर से हवा खराब हो गई। इसी के चलते ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के पहले चरण की पाबंदियां भी लागू कर दी गईं। 29 मार्च को ही हवा के स्तर में सुधार आने के बाद सभी पाबंदियां हटा दी गई थीं लेकिन वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को ग्रेप के पहले चरण के प्रतिबंध पुन: लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत अपनी समयावधि पूरी कर चुके पेट्रोल और डीजल के वाहनों पर रोक रहेगी। कचरा जलाने पर भी रोक रहेगी। साथ ही रेस्टोरेंट और होटलों में कोयला और लकड़ी जलाने पर भी रोक रहेगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार बुधवार को राजधानी का एक्यूआइ 217 रहा जो खराब श्रेणी में आता है। 29 मार्च को यह 153 यानी मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया था। उसके बाद से यह लगातार 200 से नीचे यानी मध्यम श्रेणी में चल रहा था। एनसीआर के शहरों में भी बुधवार को एक्यूआई मध्यम से खराब श्रेणी में रहा। अभी अगले कई दिन इसमें बहुत बदलाव होने के कोई आसार नहीं हैं।

दिल्ली के द्वारका सेक्टर-24 इलाके में तड़के एक गैराज में आग लगने से 11 कारें जलकर हुई खाक

नई दिल्ली दिल्ली के द्वारका सेक्टर-24 इलाके में बुधवार तड़के एक गैराज में आग लगने से 11 कारें जलकर खाक हो गईं। यह घटना द्वारका के धूलसिरस स्थित एक गैराज में हुई। आग लगने की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग (डीएफएस) के कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गए। इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। यह घटना दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में गैराज में लगी आग के बाद हुए भारी नुकसान को दर्शाती है। हालांकि किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा और आग से संबंधित प्रबंधन की अहमियत को फिर से उजागर किया है। अब इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जरूरी उपाय किए जा सकें। आग लगने की सूचना और दमकल की कार्रवाई दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग के अधिकारी ने बताया कि आग लगने की सूचना बुधवार तड़के 2.58 बजे मिली। जैसे ही यह सूचना मिली, दमकल विभाग ने घटनास्थल पर तुरंत नौ दमकल गाड़ियों को भेजा। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के लिए संघर्ष किया और अग्निशमन अभियान सुबह 4.05 बजे तक जारी रहा। अधिकारियों ने बताया कि आग में 11 कारें पूरी तरह से जल गईं, साथ ही कुछ कल पुर्जे और स्पेयर पार्ट्स भी जलकर राख हो गए। आग की लपटें बहुत तेज थीं, जिससे गैराज के अंदर खड़ी कारों और अन्य सामान को भारी नुकसान हुआ। कारणों की जांच हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती अनुमान के अनुसार, यह शॉर्ट सर्किट की वजह से हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी। आग के कारणों का पता लगाने के लिए एक टीम घटनास्थल पर मौजूद है और जांच जारी है। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं गैराज के अंदर उस वक्त कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, इस वजह से किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। आग की तीव्रता को देखते हुए अधिकारियों ने यह कहा कि अगर समय पर दमकल गाड़ियां न पहुंची होतीं, तो स्थिति और भी खराब हो सकती थी। आग बुझाने में हुई कठिनाइयाँ दमकल अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के दौरान उन्हें बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि गैराज के अंदर गाड़ी के तेल और अन्य ज्वलनशील सामग्री थी, जिससे आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। बावजूद इसके, दमकल कर्मचारियों ने अपनी तत्परता और पेशेवर तरीके से आग पर काबू पाया। आगे की कार्रवाई अब पुलिस और दमकल विभाग की टीम जांच कर रही है कि आग किस कारण से लगी और इसके पीछे किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं थी। इसके अलावा, गैराज मालिक से भी पूछताछ की जा रही है। यह घटना द्वारका इलाके के निवासियों के लिए चिंताजनक है, क्योंकि इस तरह की घटनाओं से स्थानीय सुरक्षा को लेकर सवाल उठ सकते हैं।

दिल्ली में म्यांमार जैसे भूकंप का दावा करने वाला ’12वीं पास वैज्ञानिक’, मशीन बना लेने का दावा

नई दिल्ली दिल्ली में म्यांमार की तरह 7 की तीव्रता से भूकंप की ‘भविष्यवाणी’ करने वाले विकास कुमार का दावा है कि उन्होंने जलजले का पूर्वानुमान लगाने वाली मशीन बना ली है। हालांकि, ’12वीं पास इस वैज्ञानिक’ का दावा गलत निकला। विकास की भविष्यवाणी से पैनिक फैलने से रोकने के लिए राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) को सामने आना पड़ा। एनसीएस साफ किया कि यह दावा आधारहीन है। एनसीएस की ओर से यह भी बताया गया कि विकास ने बिना मंजूरी अपने स्तर पर इस तरह का दावा किया है, जबकि भूकंप का पूर्वानुमान लगा पाना अभी तक संभव नहीं है। क्या किया गया था दावा विकास जियो सेंसिंग की ओर से अपने लेटर हैड पर एक बयान जारी करते हुए दिल्ली और नेपाल में तेज भूकंप की चेतावनी 31 मार्च को की थी। उन्होंने लिखा, ‘दिनांक 31 मार्च 2025 की सुबह 7:15 पर भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली (ANDSS) से प्रथम सिग्नल दिल्ली से उत्तर-दक्षिण की तरफ 20 डिग्री पर सिग्नल प्राप्त हो रहा है जिसकी दूरी 100 किलोमीटर है। यह भूकंप 3 से 5 मेग्नीट्यूड के बीच में आ सकता है एवं द्वितीय सिग्नल भारत नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में प्राप्त हो रहा है, जिसकी दूरी 300 किलोमीटर है। यह भूकंप का सिग्नल दिल्ली से उत्तर-पूर्व की तरफ 45 डिग्री पर मिल रहा है। यह भूकंप 5 से 7 मेग्नीट्यूड के बीच में आ सकता है। कृपया सतर्क रहें एवं 24 घंटे के अंदर आ सकता है। यह भूकंप की सूचना गणेश नगर पांडव नगर दिल्ली में लगी हुई मशीन से प्राप्त हुई है।’ गलत निकला विकास का दावा विकास की ओर से किया गया दावा गलत निकला। बताए गए समय के दो दिन के बाद भी दिल्ली या नेपाल में कोई भूकंप दर्ज नहीं किया गया है। इससे पहले भी विकास ने कई दावे किए थे जो सही नहीं निकले। कौन हैं विकास? दरअसल विकास कुमार ‘विकास जियो सेंसिंग प्राइवेट लिमिटेड’ नाम का स्टार्टअप चलाते हैं। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले विकास का दावा है कि उन्होंने एक मशीन तैयार की है जो भूकंप आने से पहले चेतावनी देने में सक्षम है। महज 12वीं तक पढ़े विकास के यूट्यूब चैनल से पता चलता है कि वह लंबे समय से भूकंप पर शोध करने और अलर्ट सिस्टम बनाने पर काम कर रहे हैं। विकास का कहना है कि वह गरीबी की चलते आगे पढ़ाई जारी नहीं रख पाए, लेकिन वह भूकंप पर लंबे समय से काम कर रहे हैं। विकास ने यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर अपनी मशीन भी स्थापित की है, जिसके जरिए वह भूकंप की पूर्व चेतावनी मिलने का दावा करते हैं। काम आई थी विकास की एक मशीन विकास के बारे में जानकारी जुटाते हुए कुछ मीडिया रिपोर्ट्स भी मिले जिनमें बताया गया है कि उन्होंने उत्तराखंड के सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों से बात करने के लिए विकास के बनाए एक कम्युनिकेशन सिस्टम का ही इस्तेमाल किया गया था।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet