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ओडिशा : सत्ता में आते ही सीएम माझी ने पूरा किया वादा, जगन्नाथ मंदिर के चारों द्वार खुले

भुवनेश्वर ओडिशा के पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर के सभी चारों द्वार को गुरुवार को एक बार फिर से खोल दिया गया है. इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जगन्नाथ मंदिर में पूजा अर्चना की. इस दौरान बालासोर से सांसद प्रतापचंद्र सारंगी और अन्य मंत्री भी मौजूद रहे. राज्य की नवनिर्वाचित बीजेपी सरकार ने बुधवार को पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के सभी चार द्वारों को फिर से खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. सरकार ने मंदिर से जुड़े अहम मुद्दों की देखभाल के लिए 500 करोड़ रुपये के विशेष कोष का भी ऐलान किया गया था. एजेंसी के मुताबिक ओडिशा के मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि चुनाव के दौरान हमने कहा था कि हम सभी 4 द्वार फिर से खोलेंगे. मंदिर के सभी चार द्वार आज खुलने जा रहे हैं. मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य यहां मौजूद हैं, सीएम भी मौजूद हैं. विकास परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये के कॉर्पस फंड की भी घोषणा की गई है. हमने कल शपथ ली और हम आज द्वार खोल रहे हैं. प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद मोहन चरण माझी ने मीडिया से कहा, “राज्य सरकार ने गुरुवार सुबह सभी मंत्रियों की मौजूदगी में पुरी जगन्नाथ मंदिर के सभी चार द्वार फिर से खोलने का फैसला किया है. श्रद्धालु सभी चार द्वारों से मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे.” ‘श्रद्धालुओं को हो रही थी परेशानी…’ मांझी ने आगे कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को द्वार बंद होने के की वजह से परेशानी हो रही थी और हाल ही में लिए गए फैसले से उनकी यात्रा आसान हो जाएगी. गौरतलब है कि बीजेपी ने अपने विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में भी जगन्नाथ मंदिर के सभी द्वार खोलने का वादा किया था. कोविड-19 महामारी के बाद से ही बीजेडी की पिछली सरकार ने मंदिर के चारों द्वार बंद रखे थे. श्रद्धालु केवल एक द्वार से ही प्रवेश कर सकते थे और सभी द्वार खोलने की मांग की जा रही थी. इससे पहले बुधवार को, चार बार के विधायक और क्योंझर जिले के आदिवासी नेता मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर में एक समारोह में ओडिशा के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री शामिल हुए. एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मंत्री बुधवार रात को पुरी के लिए रवाना होंगे और तीर्थ नगरी में रुकेंगे ताकि बृहस्पतिवार सुबह जब चारों द्वार खोले जाएं तो वे वहां मौजूद रह सकें. माझी ने कहा कि राज्य सरकार धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 3100 रुपये प्रति क्विंटल करने के लिए भी कदम उठाएगी और संबंधित विभाग को इस संबंध में कदम उठाने को कहा गया है. उन्होंने कहा कि धान के लिए एमएसपी बढ़ाकर 3100 रुपये प्रति क्विंटल करने के प्रस्ताव पर अमल के लिए बहुत जल्द एक समिति गठित की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा, “यह काम सरकार के पहले 100 दिन के भीतर पूरा कर लिया जाएगा.” नई सरकार 100 दिन के अंदर सुभद्रा योजना लागू करेगी, जिसके तहत महिलाओं को 50,000 रुपये का नकद ‘वाउचर’ मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा, “विभागों को सुभद्रा योजना के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश और रूपरेखा तैयार करने को कहा गया है.”

कुवैत अग्निकांड में गई 40 भारतीयों की जान? 10 प्वाइंट में जानें कब-क्या हुआ, विदेश राज्य मंत्री कुवैत रवाना

 कुवैत कुवैत की एक इमारत में बुधवार तड़के लगी भीषण आग में 50 से ज्यादा लोगों के मरने की खबर हैं. इनमें बड़ी संख्या भारतीयों की हैं. बताया जा रहा है कि मृतकों में 40 से अधिक भारत के नागरिक हैं. इस अग्निकांड को लेकर कुवैत से लेकर भारत में सनसनी मची हुई है. कुवैत सरकार ने इस घटना में लापरवाही को जिम्मेदार ठहाराते हुए बिल्डिंग मालिक और अन्य लोगों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं. सरकार ने इस आग को लालच का नतीजा बताया है. पीएम मोदी ने की अहम बैठक, मुआजवे का एलान प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना को ‘दुखद’ बताया। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विनय क्वात्रा, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में इस घटना के बाद स्थिति की समीक्षा की। पीएम मोदी ने इस ‘दुर्भाग्यपूर्ण घटना’ पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतक भारतीय नागरिकों के परिवारों के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि भी घोषित की। कुवैत अग्निकांड में DNA जांच के बाद चार और भारतीयों की शिनाख्त हुई है. ये चारों केरल के रहने वाले थे. 1) कुवैत अग्निकांड में केरल के पथानामथिट्टा जिले के रहने वाले आकाश एस नायर की भी मौत हुई है. 32 साल का आकाश कुवैत में बीते आठ साल से काम कर रहा था. 2) पथानामथिट्टा के ही 65 साल के चेन्नासेरिल साजू की भी इस अग्निकांड में मौत हुई है. वह 22 सालों से कुवैत में काम कर रहे थे. 3) केरल के इसी इलाके से 23 साल के एक और शख्स आकाश की भी मौत हुई है. 4) केरल के Changanassery में श्रीहरि प्रदीप की भी मौत हो गई है. वह मैकेनिकल इंजीनियर थे. उनके पिता प्रदीप भी कुवैत में काम कर रहे हैं.  विदेश मंत्री ने की कुवैती समकक्ष से बात, की यह अपील विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फोन पर अपने कुवैती समकक्ष अब्दुल्ला अली अल-याह्या से बातचीत की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने की अपील की कि आग लगने के कारण जान गंवाने वाले भारतीयों के शव शीघ्र भारत भेजे जाएं। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,  ‘कुवैत में आग लगने की घटना पर कुवैती विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या से बातचीत की। इस संबंध में कुवैती अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में बताया गया। हमें आश्वासन दिया गया कि इस घटना की पूरी जांच की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।’ हताहत हुए भारतीयों में ज्यादातर केरल के मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि हताहत हुए भारतीयों में ज्यादातर केरल के हैं। ज्यादातर लोगों की मौत धुएं से दम घुटने की वजह से हुई। हादसे वक्त वे सभी सो रहे थे। हालांकि, कई लोगों को बचा भी लिया गया। उन्होंने बताया कि आग कुवैत के दक्षिणी अहमदी गवर्नेट के मंगफ क्षेत्र में छह मंजिला इमारत की रसोई में लगी। इमारत में एक ही कंपनी के 195 मजदूर रहते थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों में अधिकतर केरल, तमिलनाडु और उत्तर भारतीय राज्यों के भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिनकी उम्र 20 से 50 साल के बीच थी। संबंधित इमारत को एनबीटीसी समूह ने किराए पर ले रखा था। आग की घटना की जांच के आदेश दिए कुवैत के गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ अल सबाह ने आग की घटना की जांच के आदेश दिए और अल-मंगफ इमारत के मालिक तथा चौकीदार को पकड़ने के निर्देश जारी किए। वहीं, कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह ने भी अधिकारियों को भीषण आग की जांच करने का आदेश दिया और त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा देने के लिए प्रतिबद्धता जताई। देश के युवराज शेख सबाह खालिद अल-हमद अल-सबाह और प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह ने लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। अचानक कैसे लगी आग? दक्षिणी कुवैत के मंगाफ में NBTC ग्रुप ने इस बिल्डिंग को किराए पर लिया था. कंपनी ने अपने यहां काम करने वाले मजदूरों का इस बिल्डिंग में रहने का इंतजाम किया था. इस बिल्डिंग में कुल 196 लोग रह रहे थे, जो कि क्षमता से बहुत अधिक था. कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इन मजदूरों को ठूंस-ठूंसकर इस बिल्डिंग में रहने को मजबूर किया जा रहा था. नाइट शिफ्ट करके आए मजदूर सो रहे थे ये आग बुधवार तड़के चार बजे के आसपास लगी. छह मंजिला इस इमारत के किचन में आग लगी, जो पूरी बिल्डिंग में फैल गई. यहां रहने वाले अधिकतर मजदूर नाइट शिफ्ट करके लौटे थे और सो रहे थे. आग लगने की वजह से कई लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. तंग जगह होने की वजह से कई लोगों को भागने तक का मौका नहीं मिला. वहीं, कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए अपनी-अपनी मंजिलों से छलांग भी लगाई. गृहमंत्री का कहना है कि अधिकतर मौतें दम घुटने की वजह से हुई हैं. वहीं, कुवैत के अमीर मिशाल अल अहमद अल जबेर अल सबाह ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं. इस अग्निकांड में एक बड़ी लापरवाही ये भी सामने आई है कि पूरी बिल्डिंग में एंट्री गेट एक ही था. इमारत की छत पूरी तरह से बंद थी, जिस वजह से छत के रास्ते भी मजदूर खुद को बचाने में असफल रहे. कुवैत सरकार ने उठाए सवाल? इस अग्निकांड के बाद कुवैत सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है. आग लगने की घटना के बाद कुवैत के गृहमंत्री शेख फहद अल यूसुफ अल सबह घटनास्थल पर पहंचे और बिल्डिंग मालिक की गिरफ्तारी का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि इस मामले में आवासीय कानून (Law of House) का उल्लंघन हुआ है. नियमों का उल्लंघन करके विदेशी मजदूरों को अत्यधिक असुरक्षित स्थितियों में रहने को मजबूर किया जा रहा था ताकि कंपनी मालिक खर्चों में कटौती कर सकें. बिल्डिंग का मालिक है मलयाली कुवैत की जिस इमारत में आग लगी है. वह मलयाली कारोबारी केजी अब्राहम नाम के शख्स की है. केजी अब्राहम केरल के तिरुवल्ला के बिजनेसमैन हैं, जिनकी कंपनी 1977 से कुवैत की ऑयल एंड इंटस्ट्रीज का हिस्सा है. मारे गए मजदूर इसी कंपनी में काम करते थे. विदेशी कामगारों पर … Read more

लोकसभा चुनावों में भारतीय वायु सेना की अहम भूमिका रही, 1700 से अधिक उडान भरी

नई दिल्ली  लोकसभा चुनावों के दौरान भारतीय वायु सेना की भी अहम भूमिका रही है। युद्ध और शांति काल में विभिन्न कार्य करने वाले वायु सेना के परिवहन और हेलीकॉप्टर बेड़े को चुनावों के बीच प्रशासनिक मशीनरी को एयरलिफ्ट करने के लिए तैनात किया गया था। वायु सेना के मीडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टरों (एमआई-17 वेरिएंट), लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टरों (चेतक) और स्वदेशी रूप से निर्मित एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव ने इस दौरान पर्याप्त उड़ान भरकर पोलिंग पार्टी को दूरस्थ स्थानों तक पहुंचाने और वापस लाने का कार्य किया है। वायु सेना का हवाई बेड़ा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अभ्यासों के दौरान लड़ाकू सैनिकों को हवाई मार्ग से ले जाने और शांतिकालीन भूमिका के अलावा राष्ट्र निर्माण की दिशा में कई कार्य करता है। नागरिक शक्ति की सहायता में भारतीय वायुसेना विशेष रूप से सबसे आगे रही है। हाल ही में हुए लोकसभा आम चुनाव के दौरान मीडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टरों (एमआई-17 वेरिएंट), लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टरों (चेतक) और स्वदेशी रूप से निर्मित एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव ने पर्याप्त उड़ान भरी हैं। वायु सेना इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को पोलिंग पार्टी के साथ एयरलिफ्ट करने और चुनाव ड्यूटी पर भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के कर्मियों को तैनात करने के कार्य में सक्रिय रूप से शामिल रही है। आम चुनावों के दौरान भारतीय वायु सेना ने देश के दूरदराज के इलाकों तक चुनाव कर्मियों की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहां सड़क मार्ग से आवाजाही एक सुरक्षा चिंता का विषय थी। यह कार्य समयबद्ध था, क्योंकि मतदान अधिकारियों को चुनाव तिथि से दो दिन पहले प्रत्येक दूरस्थ मतदान केंद्र तक पहुंचाने के साथ ही मतदान के बाद वापस लाना था। भारतीय वायु सेना ने आम चुनाव के सात चरणों में से पांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें 1750 से अधिक उड़ानों में 1000 घंटे से अधिक की उड़ान भरी। सुरक्षा, मौसम, सड़क संपर्क आदि को ध्यान में रखते हुए परिसंपत्तियों के उपयोग को अनुकूलित करने के लिए नोडल अधिकारियों के माध्यम से ईसीआई और विभिन्न राज्यों के मुख्य चुनाव आयुक्तों (सीईसी) के साथ घनिष्ठ समन्वय के माध्यम से यह कठिन कार्य पूरा किया गया। आम चुनाव के सुचारू संचालन की दिशा में समग्र योजना में भारतीय सेना और बीएसएफ की हेलीकॉप्टर परिसंपत्तियों को भी शामिल किया गया।  

सशस्त्र संघर्ष में बच्चों के खिलाफ हिंसा के मामलों में 21 प्रतिशत की चौंकाने वाली वृद्धि

संयुक्त राष्ट् दुनियाभर में संघर्ष की बढ़ती घटनाओं में फंसे बच्चों के खिलाफ हिंसा 2023 में ‘चरम स्तर’ पर पहुंच गई। इजराइल और फलस्तीन के क्षेत्रों से लेकर सूडान, म्यांमा और यूक्रेन में बड़ी संख्या में हत्याएं हुईं और कई लोग घायल हुए। संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को सशस्त्र संघर्ष में बच्चों के संबंध में एक वार्षिक रिपोर्ट  प्राप्त हुई जिसमें कहा गया है कि एक के बाद एक युद्ध में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के खिलाफ हिंसा के मामलों में 21 प्रतिशत की चौंकाने वाली वृद्धि हुई है, जिसमें कांगो, बुर्किना फासो, सोमालिया और सीरिया के मामलों का भी हवाला दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार इजराइली सेना को पहली बार बच्चों की हत्या और उन्हें दिव्यांग बनाने और स्कूलों तथा अस्पतालों पर हमला करने तथा बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन करने वाले देशों की काली सूची में डाला। रिपोर्ट में पहली बार हमास और फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद आतंकवादियों को भी बच्चों की हत्या करने, उन्हें घायल करने और उनका अपहरण करने के कारण सूचीबद्ध किया गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिणी इजराइल में सात अक्टूबर को हमास के हमले और गाजा में इजराइल की जबरदस्त सैन्य जवाबी कार्रवाई के कारण बच्चों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में वृद्धि हुई है। संयुक्त राष्ट्र ने रूसी सशस्त्र बलों और संबद्ध सशस्त्र समूहों को यूक्रेन में बच्चों की हत्या और उन्हें दिव्यांग बनाने तथा स्कूलों और अस्पतालों पर हमला करने के लिए दूसरे वर्ष भी अपनी काली सूची में रखा। रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र ने पिछले वर्ष रूसी सेना और उसके सहयोगियों द्वारा 80 यूक्रेनी बच्चों की हत्या और 419 अन्य को अपंग बनाने की पुष्टि की है। महासचिव गुतारेस ने कहा कि 2023 के अंत तक संयुक्त राष्ट्र ने 1,526 बच्चों के खिलाफ अपराध के 1,721 मामलों की पुष्टि की है। इसमें कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र ने 2,093 बच्चों के खिलाफ 2,799 अपराधों की पुष्टि की है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा, “उनके द्वारा सभी पक्षों से बच्चों के खिलाफ हिंसा को रोकने के उपायों को लागू करने के लिए बार-बार आह्वान करने के बाद भी गाजा पट्टी, इजराइल, पूर्वी यरुशलम और पश्चिमी तट में बच्चों के खिलाफ अपराधों में बड़े पैमाने पर अचानक वृद्धि होने से वह स्तब्ध हैं।”            

16 सालों में सबसे कम बचा गेहूं का स्टॉक, ज्यादा दाम पर भी सरकारी खरीद 29% कम

नई दिल्ली गेहूं एक साल में 8% महंगा हुआ है। पिछले 15 दिन में ही कीमतें 7% बढ़ चुकी हैं, जो अगले 15 दिन में 7% और बढ़ सकती हैं। दरअसल, गेहूं के सरकारी भंडारों में हर वक्त तीन महीने का स्टॉक (138 लाख टन) होना चाहिए। मगर इस बार खरीद सत्र शुरू होने से पहले यह सिर्फ 2023 में यह 84 लाख टन, 2022 में 180 लाख टन और 2021 में 280 लाख टन स्टॉक था। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से दुनिया में गेहूं का सरकारी स्टॉक घटता जा रहा है। हालांकि, सरकार अभी तक कुल 264 लाख टन गेहूं खरीद चुकी है, लेकिन सरकारी लक्ष्य 372 लाख टन का है। खरीद का समय भी 22 जून तक बढ़ा दिया है, लेकिन खरीद केंद्रों में नगण्य गेहूं ही आ रहा है। ऐसे में ‘मुफ्त अनाज योजना’, बीपीएल की जरूरतें पूरी करने के लिए तत्काल गेहूं का आयात करना पड़ सकता है। गेहूं के दाम काबू करने के लिए पिछले साल सरकार द्वारा रिकॉर्ड 100 लाख टन गेहूं बेचने के कारण इसके भंडार में कमी आई है। गेहूं की आपूर्ति कमजोर होने के बाद भी भारत सरकार आयात को बढ़ावा देने के लिए आयात पर लागू 40 फीसदी शुल्क हटाकर रूस जैसे देश से इसका आयात करने के विरोध में रही। सरकार ने आयात करने के बजाय भंडार में मौजूद गेहूं आटा मिल व बिस्कुट निर्माता जैसे बड़े उपभोक्ताओं को बेचा। अधिकारी ने कहा कि सरकार ने बड़ी मात्रा में सरकारी भंडार से गेहूं की बिक्री करने के बाद भी इसके भंडार को बफर से नीचे नहीं गिरने दिया। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि गेहूं का स्टॉक 100 लाख टन से नीचे न जा पाए। केंद्र सरकार के बफर नियम के मुताबिक 1 अप्रैल को गेहूं का स्टॉक 74.6 लाख टन या इससे अधिक होना ही चाहिए। मुंबई के एक डीलर ने कहा कि सरकार ने अगले सीजन में गेहूं का स्टॉक बफर नियम से अधिक रखने को सुनिश्चित करने के लिए इस साल किसानों से 300 से 320 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है। भारत सरकार साल 2022 व 2023 में गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाई क्योंकि ज्यादा गर्मी के कारण गेहूं की पैदावार कम हुई। भारत ने 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर गेहूं की आपूर्ति कमजोर पड़ने से इसकी निर्यात मांग बढ़ने के बीच गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। डीलर ने कहा कि अगर सरकार जरूरी मात्रा में गेहूं खरीदने में विफल रही तो शुल्क मुक्त गेहूं के आयात पर विचार कर सकती है। व्यापारियों का कहना है कि अगर सरकार 40% शुल्क हटाती है तो वे आयात शुरू कर देंगे। नई दिल्ली के एक व्यापारी राजेश पहाड़िया जैन ने कहा कि लगभग 3 मिलियन मीट्रिक टन आयात पर्याप्त होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रूस सबसे संभावित गेहूं सप्लायर हो सकता है। उन्होंने कहा, “एक बार सरकार शुल्क हटा देती है, तो निजी व्यापार गेहूं का आयात शुरू कर सकता है।” नई दिल्ली स्थित डीलर ने कहा कि अक्टूबर में त्यौहारी सीजन के लिए मांग चरम पर होने के बाद आयात से कीमतों में उछाल टल जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर भारत 30 लाख से 50 लाख मीट्रिक टन आयात करता है तो इससे देश को अपने भंडार से बड़ी मात्रा में गेहूं बेचने की जरूरत खत्म हो जाएगी। लगातार पांच रिकॉर्ड फसलों के बाद, तापमान में तेज वृद्धि ने 2022 और 2023 में भारत की गेहूं की फसल को कम कर दिया, जिससे दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक को निर्यात पर प्रतिबंध लगाना पड़ा। एक प्रमुख उद्योग निकाय का अनुमान है कि इस साल की फसल भी 112 मिलियन मीट्रिक टन के सरकारी अनुमान से 6.25% कम होगी। घरेलू कीमतें राज्य द्वारा निर्धारित न्यूनतम खरीद दर 2,275 रुपये प्रति 100 किलोग्राम से ऊपर बनी हुई हैं, और हाल ही में इनमें वृद्धि शुरू हो गई है। अप्रैल में गोदामों में गेहूं का स्टॉक घटकर 7.5 मिलियन मीट्रिक टन रह गया, जो 16 वर्षों में सबसे कम है। सरकार को कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आटा मिलों और बिस्किट निर्माताओं को रिकॉर्ड 10 मिलियन टन से अधिक गेहूं बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। सरकारी अधिकारी ने कहा, “आयात शुल्क हटाने से हमें यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि हमारा अपना भंडार 10 मिलियन टन के मनोवैज्ञानिक बेंचमार्क से नीचे न गिरे।” भारत को राज्य के गेहूं के स्टॉक को फिर से भरने के लिए संघर्ष करना पड़ा है। अप्रैल में कटाई शुरू होने के बाद से, सरकार 30 मिलियन से 32 मिलियन के लक्ष्य के मुकाबले केवल 26.2 मिलियन मीट्रिक टन ही खरीद पाई है। ऐसा तब हुआ जब उसने व्यापारिक घरानों को खरीद से परहेज करने की सलाह दी थी ताकि राज्य के भंडारक भारतीय खाद्य निगम को बड़ी मात्रा में खरीद करने में सक्षम बनाया जा सके। नई दिल्ली स्थित डीलर ने कहा कि सरकार की खरीद 27 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक होने की संभावना नहीं है। दुनिया के सबसे बड़े खाद्य कल्याण कार्यक्रम के तहत भारत को लगभग 18.5 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं की जरूरत है। भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सत्ता में आने पर कार्यक्रम के लाभार्थियों को 10 किलो मुफ्त अनाज की मासिक आपूर्ति का वादा किया है।  

अमेरिका यूक्रेन को एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भेजेगा

अमेरिका : वर्ष 1971 से लापता विमान का मलबा वर्मोन्ट की चैम्पलेन झील में मिला अमेरिका यूक्रेन को एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भेजेगा यूएसआईएसपीएफ ने प्रधानमंत्री मोदी को तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी वर्मोन्ट/वाशिंगटन  वर्मोंन्ट में 53 वर्ष पहले पांच लोगों को ले जा रहा एक निजी विमान लापता हो गया था, जिसका मलबा चैम्पलेन झील से बरामद किया गया है। विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी। यह वाणिज्यिक विमान 27 जनवरी 1971 को बर्लिंगटन हवाई अड्डे से रोड आइलैंड के प्रोविडेंस के लिए उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद लापता हो गया था। विमान में जॉर्जिया विकास कंपनी कजन प्रॉपर्टीज के तीन कर्मचारी और चालक दल के दो सदस्य सवार थे। कंपनी के कर्मचारी बर्लिंगटन में एक विकास परियोजना पर काम कर रहे थे। शुरुआत में जब खोज की गयी तो 10 सीट वाले इस विमान का मलबा नहीं मिला और विमान के लापता होने के बाद चार दिनों तक झील जमी रही। विमान का पता लगाने के लिए कम से कम 17 बार खोज अभियान चलाया गया। खोजकर्ता गैरी कोजाक और एक टीम ने पिछले महीने पानी के भीतर एक रिमोट से संचालित वाहन का उपयोग कर झील में उसी जगह विमान का मलबा पाया, जहां रेडियो कंट्रोल टॉवर ने विमान के लापता होने से पहले उसे आखिरी बार ट्रैक किया था। जूनिपर द्वीप के निकट 200 फुट (60 मीटर) पानी में मिले विमान के मलबे की सोनार तस्वीरें ली गईं। कोजाक ने सोमवार को कहा, ”इन सभी सबूतों के साथ, हम 99 फीसदी पूरी तरह से आश्वस्त हो चुके हैं।” उन्होंने कहा कि विमान का मलबा मिलने से पीड़ित लोगों के परिवारों को थोड़ी राहत और उनके कई सवालों के जवाब मिलेंगे। पायलट जॉर्ज निकिता की संबंधी बारबरा निकिता ने मंगलवार को ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ से एक साक्षात्कार में कहा, ”विमान का मलबा मिलना एक सुखद अहसास है लेकिन यह उतना ही दिल को झकझोर कर रख देने वाला अहसास भी है| हम जानते हैं कि क्या हुआ था। हमने कुछ तस्वीरें देखी हैं।”     अमेरिका यूक्रेन को एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भेजेगा  रूस के शक्तिशाली हमलों से जूझ रहे उत्तरपूर्वी खार्किव क्षेत्र में जवाबी हमलों के लिए हवाई सुरक्षा संबंधी मदद मांग रहे यूक्रेन को अमेरिका एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली देगा। दो अमेरिकी अधिकारियों ने  यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। अमेरिका की ओर से यूक्रेन को दी जाने वाली यह दूसरी पैट्रियट प्रणाली होगी। इस निर्णय की हालांकि सार्वजनिक रूप से घोषणा नहीं की गई है। इस निर्णय के बारे में सबसे पहले ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने खबर दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पिछले महीने के अंत में अमेरिका से पैट्रियट प्रणाली मांगी थी। मिसाइल प्रणाली भेजने का यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिका, यूरोप और अन्य देशों के रक्षा विभाग से जुड़े नेता यूक्रेन की सुरक्षा आवश्यकताओं पर अपनी मासिक बैठक की तैयारी में जुटे हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन बृहस्पतिवार को ब्रसेल्स में बैठक की मेजबानी करेंगे।   यूएसआईएसपीएफ ने प्रधानमंत्री मोदी को तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी  नरेन्द्र मोदी को लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई देते हुए अमेरिका के एक प्रमुख भारत-केंद्रित व्यापार समूह ने मंगलवार को कहा कि मंत्रियों को सौंपे गये नये विभागों से ऐसा प्रतीत होता है कि नीति और सुधार एजेंडा पहले की तरह ही जारी रहने वाला है। मोदी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की अगुवाई करते हुए रिकॉर्ड तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। ‘यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम’ (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश अघी ने शपथ ग्रहण समारोह के एक दिन बाद कहा, ”मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने और राजग सरकार का नेतृत्व करने पर बधाई देता हूं।” उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के कुछ ही दिनों के भीतर शपथ ग्रहण से ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार जल्द ही काम शुरू करने वाली है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार होने के बावजूद, जिस तरह से विभागों का बंटवारा किया गया है, उससे यह स्पष्ट होता है कि नीति और सुधार एजेंडा पहले की तरह ही दजारी रहने वाला है। उन्होंने कहा, ”इससे न केवल निवेशकों का डर कम होगा बल्कि उनमें निवेश की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।”    

ULB ने नगर निकाय चुनाव के लिए 669 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किये

कोहिमा  नगालैंड में 26 जून को होने वाले शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के चुनाव के लिए कुल 669 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किये हैं।राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 238 महिलाओं सहित 669 उम्मीदवारों ने तीन नगर पालिका परिषदों और 36 नगर परिषदों के लिए अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। मंगलवार को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन था। आयोग ने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच आज बृहस्पतिवार को की जाएगी और 18 जून को नाम वापस लेने की आखिरी तिथि है। राज्य में 20 साल बाद शहरी स्थानीय निकाय चुनाव होने जा रहे हैं। यह चुनाव इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि यह राज्य में पहला ऐसा नगरपालिका चुनाव होगा जिसमें महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण है। अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) के चुनाव से दूर रहने के आह्वान को दरकिनार करते हुए सत्तारूढ़ नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। राज्य के छह पूर्वी जिलों में रहने वाली सात नगा जनजातियों का शीर्ष संगठन ईएनपीओ ‘सीमांत नगालैंड क्षेत्र’ की मांग कर रहा है। संगठन का दावा है कि इस क्षेत्र की वर्षों से उपेक्षा की गई है। शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए मतगणना 29 जून को होगी।  

पक्षियों की जान लेना वाला बर्ड फ्लू अब इंसानों के लिए भी खतरनाक हुआ, WHO ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली.  पक्षियों की जान लेना वाला बर्ड फ्लू अब इंसानों के लिए भी खतरनाक बनता दिख रहा है और भारत में इसने खतरे की घंटी भी बजा दी है. यहां पश्चिम बंगाल चार साल का एक बच्चा H9N2 वायरस से संक्रमित पाया गया है विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसकी तस्दीक करते हुए मंगलवार को बताया कि बर्ड फ्लू से किसी इंसान के बीमार पड़ने का यह पहला मामला है. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि मरीज (4 साल का बच्चा) को सांस लेने में लगातार दिक्कत आ रही थी. उसे तेज बुखार और पेट में ऐंठन की भी शिकायत थी. जिसके बाद फरवरी में उसे अस्पताल की बाल चिकित्सा गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था. करीब 3 महीनों तक जांच और इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. विश्व स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि मरीज के घर और आस-पास के इलाके में मुर्गे-मुर्गियां थीं, उनके संपर्क में आने से ही वह बर्ड फ्लू की चपेट में आ गया. WHO ने उसके परिवार या इलाके के किसी दूसरे व्यक्ति में सांस से जुड़ी बीमारी का कोई लक्षण नहीं मिला है. डब्ल्यूएचओ ने इसके साथ ही बताया कि बच्चे में जब यह लक्षण पाए गए तब वैक्सीनेशन और इलाज को लेकर कोई डिटेल मौजूद नहीं था. एजेंसी ने यह कहा कि यह इंसानों में H9N2 बर्ड फ्लू का भारत से दूसरा मामला है. 2019 में पहला मामला सामने आया था. एच9एन2 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस में से एक है. वैसे तो यह वायरस आमतौर पर हल्की बीमारी का ही कारण बनता है. हालांकि संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने कहा कि कई इलाकों में पोल्ट्री फॉर्म फैले होने के कारण यह वायरस इंसानों के लिए भी खतरनाक बन सकता है.

गाड़ी में पानी से भी लग सकती हैआग, भूलकर भी न रखें ये सामान!

नईदिल्ली देश में गर्मी लगातार बढ़ती ही जा रही है और ऐसे में मोबाइल और कार ब्लास्ट होने के मामले भी सामने आ रहे हैं। हर रोज किसी न किसी गाड़ी में आग लगने या मोबाइल ब्लास्ट की खबरें सामने आ रही है। कई सारे लोग ऐसे भी है जो कार में पानी की बोतल भर कर रखते हैं लेकिन यह आदत मुसीबत बन सकती है। इसके कारण गाड़ी में ब्लास्ट हो सकता है। आईए जानते हैं, आपको कार के अंदर कौन-सी चीजें नहीं रखनी चाहिए और इनसे क्या नुकसान होता है? कार में प्लास्टिक की बोतल रखना पड़ेगा महंगा अगर आप अपनी गाड़ी को धूप में खड़ा कर रहे हैं और इसमें प्लास्टिक की पानी की बोतल रखी है तो उसे तुरंत ही बाहर निकाल दें। अगर आप पानी पीकर खाली बोतल भी गाड़ी में रखते हैं तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। प्लास्टिक बोतल कार में मैग्नीफाइंग ग्लास की तरह काम करती है। धूप की डायरेक्ट रोशनी बोतल पर पड़ती है और वो रिएक्ट करती ही, जिसकी वजह से कार की सीट में आग लग सकती है। अगर आपकी कार में कोल्डड्रिंक की बोतल है तो भी आपको नुकसान पंहुचा सकती है। इसके तापमान बढ़ने के कारण फटने के चांस बढ़ जाते है। कभी ना रखें सैनिटाइजर और लाइटर इतनी धूप में गाड़ी खड़ी करते समय आपको इसमें लाइटर नहीं रखना चाहिए क्योंकि गर्मी के कारण इसमें आग लगने का चांस बढ़ जाता है। इसके अलावा हैंड सेनीटाइजर में अल्कोहल होती है और तेज गर्मी में वह भी आग पकड़ लेती है जिससे आपकी गाड़ी में आग लग सकती है। ऐसा सूरज की तेज रोशनी पड़ने के कारण हो सकता है। गैस एयरोसोल या स्प्रे कैन को कार में रख कर ना छोड़े। टेंपरेचर बढ़ने के कारण कैन के अंदर प्रेशर बहुत तेजी से बढ़ सकता है, इससे गाड़ी में आग लग सकती है। इसके साथ ही कार में कोई भी ज्वलनशील चीजे रखने से बचें।

अगले महीने कजाकिस्तान में पीएम मोदी और शहबाज शरीफ होंगे आमने-सामने

नई दिल्ली  दिसम्बर 2015की उस घटना को लगभग एक दशक होने वाले हैं जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान अचानक लाहौर में उतरा था। उस समय मोदी ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री मोदी की लाहौर यात्रा ने तब विश्लेषकों को हैरान कर दिया था। इसे दोनों देशों के बीच संबंधों की सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया गया था लेकिन 2015 से 2024 का एक बड़ा वक्त गुजरा और दोनों देशों के रिश्ते ठंडे बस्ते में चले गए। 2019 में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद खत्म होने के बाद से तो यह बिल्कुल बंद ही हैं। अब नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद पाकिस्तान की तरफ से रिश्तों को फिर से शुरू करने की कोशिश हुई है। सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पीएम मोदी को बधाई दी, लेकिन सबका ध्यान खींचा उनके बड़े भाई और पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ के एक्स पर लिखे संदेश ने, जिसमें उन्होंने भारत के साथ दोस्ती का साफ संदेश भेजा। नवाज शरीफ ने लिखा, ‘मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर मैं गर्मजोशी से बधाई पेश करता हूं। हाल के चुनावों में आपके जीत आपके नेतृत्व में जनता के विश्वास को दर्शाती है।’ नवाज ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ नवाज शरीफ ने आगे लिखा, ‘आइए हम क्षेत्र में नफरत को उम्मीद से बदलकर यहां बसने वाले दो अरब लोगों के भविष्य को संवारें।’ इसके जवाब में पीएम मोदी ने लिखा, ‘आपके बधाई संदेश के लिए शुक्रिया। भारत के लोग हमेशा शांति, सुरक्षा और प्रगतिशील विचारों के पक्षधर रहे हैं। अपने लोगों का कल्याण और सुरक्षा हमेशा हमारी प्राथमिकता होना चाहिए।’ पाकिस्तान ने हाल के दिनों में भारत के संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। इसी साल मार्च में पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों की बहाली का संकेत दिया था। डार ने कहा था कि पाकिस्तान इस बारे में गंभीरता से विचार कर रहा है। दोनों नेताओं के बीच संदेशों के मायने पीएम मोदी और नवाज शरीफ के एक दूसरे को भेजे संदेशों ने एक नई बहस छेड़ दी है। पाकिस्तान से आए प्रेम के संदेश को इसलिए भी खास समझा जाना चाहिए कि शहबाज शरीफ भले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं लेकिन पीएमएल-एन के सबसे बड़े नेता आज भी नवाज शरीफ ही हैं। हालांकि, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ इसे प्रेम का संदेश नहीं मानते। आसिफ ने जियो न्यूज के एक कार्यक्रम में कहा कि ‘नरेंद्र मोदी को बधाई देना एक औपचारिक संदेश था और कूटनीतिक स्तर पर ऐसा किया जाता है। शहबाज शरीफ जब प्रधानमंत्री बने थे तो उन्होंने भी हमें मुबारकबाद दी थी।’ आसिफ ने कहा कि ‘हमने कौन सा उन्हें मोहब्बतनामा लिख दिया?’ भारत-पाकिस्तान में बन सकती है बात हालांकि, कुछ लोग इसके उलट मानते हैं। पत्रकार सुधींद्र कुलकर्णी ने बीबीसी से बात में नवाज शरीफ और पीएम मोदी के बीच संदेशों की अदला-बदली को एक महत्वपूर्ण प्रगति बताया। कुलकर्णी ने कहा कि नवाज शरीफ ने मोदी की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। इसके साथ ही वे दोनों नेताओं के बीच अच्छे व्यक्तिगत संबंधों की भी याद दिलाते हैं। मोदी ने अपने पहले कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में नवाज शरीफ को न्योता भेजा था, जिसमें बतौर पाकिस्तान पीएम वह शामिल भी हुए थे। पाकिस्तान में भी दोनों नेताओं की बातचीत को लेकर तमाम लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने में समय लग सकता है। कजाकिस्तान में दोनों पीएम होंगे आमने-सामने भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ के लोगों का मानना है कि पड़ोसी देशों के बीच सबसे बड़ी रुकावट कश्मीर की समस्या है। हालांकि, यह भी कहना है कि सीधे संबंध शुरू करने से पहले दोनों देशों में उच्चायुक्तों की तैनाती और अफगानिस्तान ट्रांजिट खोलने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इसके साथ ही अभी यह नहीं पता है कि पाकिस्तान की सेना इस बारे में क्या सोचती है, क्योंकि पीएम शहबाज ने बधाई संदेश को बहुत ठंडा रखा था। भाई नवाज के उलट शहबाज शरीफ की छवि पाकिस्तानी सेना से संबंध बनाकर रखने वाली है। फिलहाल विश्लेषकों की नजर जुलाई में कजाकिस्तान में होने वाली शंघाई ओऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की बैठक हैं, जहां मोदी और शहबाज शरीफ आमने-सामने होने वाले हैं। यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि यह पीएम मोदी का तीसरा कार्यकाल है और वह इतिहास में ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में याद किया जाना चाहेंगे जिसने पाकिस्तान से समस्या को लेकर खास प्रयास किया था। ऐसे में मोदी इस दिशा में कुछ ठोस करने की कोशिश जरूर करेंगे।

पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने पर भड़के लोग, नितिन गडकरी को धमकी देने वाले गैंगस्टर की कोर्ट परिसर में जमकर पिटाई

बेलगावी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार एक गैंगस्टर की बुधवार को कर्नाटक के बेलगावी में अदालत परिसर में पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने पर जमकर पिटाई की गई। वकीलों ने की जमकर पिटाई गिरफ्तार गैंगस्टर जयेश पुजारी को जब जिला अदालत में पेश किया गया, तो वह पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने लगा। पाकिस्तान समर्थक नारे लगाते ही अदालत में मौजूद लोगों और वकीलों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस मामले में हुआ था कोर्ट में पेश कोर्ट में पेश करने गई पुलिस टीम ने बड़ी मुश्किल से उसे बचाया और वहां से उसे बाहर लेकर आई। बाद में उसे एपीएमसी पुलिस स्टेशन ले जाया गया। उसे कर्नाटक के आईपीएस अधिकारी आलोक कुमार को जान से मारने की धमकी के मामले में कोर्ट में पेश किया गया था। हिंडालगा केंद्रीय जेल में बंद है आरोपी सूत्रों ने कहा कि जयेश पुजारी ने पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए, क्योंकि उसे अदालत के समक्ष अपना मामला पेश करने की अनुमति नहीं दी गई थी। पुजारी वर्तमान में हिंडालगा केंद्रीय जेल में बंद है। वह कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले का रहने वाला है। पुलिस सूत्रों ने कहा है कि अदालत में पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने के लिए उसके खिलाफ अलग मामला दर्ज की जाएगी। 

पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के बाद जारी हिंसा पर कोर्ट ने लगाई ममता सरकार को फटकार

कोलकाता पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के बाद हुई चुनावी हिंसा पर कलकत्ता उच्च न्यायालय सख्त हो गया है। हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य में 21 जून तक केंद्रीय बल तैनात रहेंगे। कोर्ट ने चुनाव के बाद हुई हिंसा पर राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। HC ने राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों को दिया निर्देश कोर्ट ने आगे कहा कि राज्य पुलिस और केंद्रीय बल आपस में समन्वय स्थापित कर मामले को गंभीरता से लें और शिकायतें डीजीपी की ईमेल आईडी के माध्यम से दर्ज की जाएं। मालूम हो कि राज्य सरकार इस मामले में कोर्ट में 16 जून को विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी। मामले की अगली सुनवाई 18 जून को होगी।

अमस में बाल विवाह को रोकने के लिए असम सरकार की नई पहल, लड़कियों को देगी वजीफा, सीएम सरमा ने किया एलान

गुवाहाटी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को घोषणा की है कि सरकार बाल विवाह रोकने के उद्देश्य से अगले पांच वर्षों में 11वीं कक्षा से स्नातकोत्तर तक की सभी लड़कियों को मासिक वजीफा प्रदान करेगी। सरमा ने कहा कि योजना को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। अनुमान है कि लगभग 10 लाख लड़कियों को प्रोत्साहन राशि देने के लिए पांच वर्षों में 1,500 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि विवाहित लड़कियों को यह लाभ नहीं मिलेगा। एकमात्र अपवाद वे विवाहित लड़कियां होंगी, जो पीजी पाठ्यक्रमों में शामिल हो चुकी हैं। सरमा ने कहा कि इस योजना का एकमात्र उद्देश्य लड़की की शादी में देरी करना है, ताकि वह आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सके और अपने और अपने परिवार के लिए कमाई शुरू कर सके। उन्होंने कहा कि इस योजना से लड़कियों के सकल नामांकन अनुपात में काफी वृद्धि होगी। यह राशि कक्षा 11 और 12 में पढ़ने वाली लड़कियों के लिए हर महीने 1,000 रुपये, डिग्री वालों के लिए 1,250 रुपये और पोस्ट-ग्रेजुएशन करने वाली लड़कियों के लिए 2,500 रुपये होंगी। मंत्रियों, विधायकों और सांसदों की बेटियों और निजी कालेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को छोड़कर, वित्तीय पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना सभी लड़कियों को योजना में शामिल किया जाएगा। जून और जुलाई में गर्मी की छुट्टियों के दौरान कोई पैसा नहीं दिया जाएगा।

नीट-यूजी 2024 : दिल्ली हाईकोर्ट ने एनटीए को नोटिस जारी किया

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को चार नई याचिकाओं पर नोटिस जारी किए। याचिकाओं में ग्रेस मार्क्स दिए जाने को चुनौती दी गई है और 5 मई को आयोजित नीट (यूजी) परीक्षा में पेपर लीक होने का आरोप लगाया गया है। वेकेशन बेंच की जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने याचिकाओं पर नोटिस जारी कर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से जवाब मांगा है। स्टूडेंट्स आदर्श राज गुप्ता, केया आजाद, मोहम्मद फ्लोरेज और अनावद्या वी. की ओर से दायर याचिकाओं पर सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया, “परीक्षा के संबंध में सुप्रीम कोर्ट समेत विभिन्न अदालतों में कई रिट याचिकाएं दायर की गई हैं।” तुषार मेहता ने कहा कि इन याचिकाओं में उठाए गए मुद्दे तीन श्रेणियों में आते हैं। पेपर लीक होने, प्रश्नों में विसंगति और ग्रेस मार्क आदि हैं। उन्होंने आगे कहा कि एनटीए सुनवाई के लिए सभी संबंधित याचिकाओं को एकत्रित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की प्रक्रिया में है। इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने नई याचिकाओं पर नोटिस जारी किए और उन्हें रोस्टर बेंच के सामने 5 जुलाई को सुनवाई के लिए निर्धारित किया। इस हफ्ते की शुरुआत में, सुप्रीम कोर्ट ने पेपर लीक के आरोपों के कारण नीट (यूजी) परीक्षा रद्द करने की मांग वाली एक अलग याचिका पर भी नोटिस जारी किया था, जिसकी सुनवाई 8 जुलाई को निर्धारित की गई है। पिछले हफ्ते 17 साल के एक युवक ने नीट (यूजी) 2024 परीक्षा में कथित विसंगतियों को लेकर एनटीए को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। स्टूडेंट की ओर से उसकी मां द्वारा दायर याचिका में आयोजित परीक्षा की ‘आंसर की’ की सत्यता को चुनौती दी गई है। यह मुद्दा टेस्ट बुकलेट कोड आर5 के प्रश्न संख्या 29 के इर्द-गिर्द घूमता है, जहां 3 जून को जारी अंतिम ‘आंसर की’ में कथित तौर पर दो सही उत्तर सूचीबद्ध किए गए थे। यह परीक्षा पुस्तिका में दिए गए निर्देशों के विपरीत है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि सेक्शन ए में प्रत्येक मल्टीपल च्वाइस प्रश्न के लिए केवल एक ही विकल्प सही हो सकता है। याचिका में कहा गया है कि एनटीए ने 30 मई को प्रोविजनल ‘आंसर की’ प्रकाशित की थी और छात्रों को 31 मई तक आपत्तियां उठाने का मौका दिया गया था। विवादित प्रश्न के लिए क्रमांक 4 को सही माना गया। इस विसंगति का परीक्षार्थियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। इसके बावजूद, फाइनल ‘आंसर की’ में विवादित प्रश्न के लिए विकल्प 2 और 4 दोनों को सही माना गया। याचिकाकर्ता का तर्क है कि एनटीए द्वारा दो विकल्पों में से किसी एक को चुनने वाले छात्रों को अंक देने का निर्णय उन लोगों को अनुचित रूप से लाभ पहुंचाता है जिन्होंने सही उत्तरों में से किसी एक का अनुमान लगाया या अनजाने में उसे मार्क कर दिया। याचिका में दावा किया गया है कि यह उन उम्मीदवारों के साथ भेदभाव करता है जिन्होंने निर्देशों का पालन किया और अस्पष्टता के कारण उत्तर को मार्क करने से परहेज किया।

मोदी की इटली की यात्रा से पहले इटली में गांधी प्रतिमा तोड़े जाने की विदेश मंत्रालय ने की निंदा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इटली की यात्रा करेंगे। इससे पहले इटली में खालिस्तानी अलगाववादियों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा को तोड़ दिया। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गांधी की प्रतिमा को तोड़ने की घोर निंदा की है। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि हमने रिपोर्ट देखी है और इस मुद्दे को इतालवी अधिकारियों के सामने उठाया है। हम समझते हैं कि मूर्ति को फिर से ठीक करने का काम पहले ही किया जा चुका है। प्रतिमा को तोड़ने का प्रयास निंदनीय है, इस पर कार्रवाई की गई है और जरूरी सुधार किया गया है। यह घटना पीएम नरेंद्र मोदी के शुक्रवार को जी-7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सेशन में हिस्सा लेने के लिए इटली पहुंचने से ठीक पहले हुई है। बीते साल, खालिस्तानी अलगाववादियों ने हिरोशिमा में जी-7 और क्वाड लीडर्स समिट से ठीक पहले सिडनी के रोजहिल में बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को इटली की यात्रा पर जाएंगे। यहां वो 13-15 जून तक पुगलिया में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के न्योते पर शुक्रवार को जी7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में हिस्सा लेंगे। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी को जी7 शिखर सम्मेलन में मौजूद दूसरे विश्व नेताओं के साथ भारत और ग्लोबल साउथ के लिए कई अहम मुद्दों पर बातचीत करने का अवसर प्रदान करेगी। यह 11वीं बार होगा जब भारत जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेगा और इसमें प्रधानमंत्री मोदी की लगातार पांचवीं भागीदारी होगी।

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