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काशी में मोदी-योगी के खिलाफ लगे पोस्टर, हिंदू सेना अध्यक्ष बोले- देखते हैं कितने FIR होती हैं

वाराणसी। वाराणसी में विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरुण पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ फिर कई जगह पोस्टर लगाए हैं। अरुण ने पीएम-सीएम को हिंदू विरोधी और ढोंगी करार दिया है। साथ ही उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी पोस्टर को पोस्ट किया है। पोस्टर खुद लगाने का दावा करने वाले अरुण ने चैलेंज किया है कि अब देखना है कि योगी सरकार कहां-कहां FIR करवाती है। अरुण पाठक ने इससे पहले 1 और 2 जुलाई को गाजीपुर और बलिया जिले के अलावा वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन के समीप विवादित पोस्टर लगवाए थे। उनके खिलाफ सिगरा थाने में पुलिस की ओर से केस दर्ज किया किया गया था। पुलिस अब एक बार फिर अरुण की तलाश शुरू कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज की तैयारी में है। अरुण पाठक ने इस बार लंका और भेलूपुर थाना क्षेत्र में अलग-अलग जगह सोमवार की देर रात विवादित पोस्टर लगवाए हैं। इसके साथ ही अपनी फेसबुक वॉल पर पोस्टरों के वीडियो के साथ लिखा है कि मेरे लोगों ने कैंट स्टेशन के समीप पोस्टर लगाया तो सिगरा थाने में एफआईआर दर्ज किया गया। अब लोकतंत्र में अपनी बात रखने पर एफआईआर होगा तो लीजिए लंका, बीएचयू गेट, रथयात्रा और अस्सी घाट सहित कई अन्य जगह पर पोस्टर लगवा दिया हूं। अब देखना है कि लोकतंत्र की हत्यारी योगी सरकार कहां-कहां एफआईआर दर्ज कराती है। उधर, लंका और भेलूपुर थाना क्षेत्र में चिपकाए गए विवादित पोस्टर को लेकर डीसीपी काशी जोन अमित कुमार ने बताया कि दोनों थाने के प्रभारियों को जांच करा कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस की एक टीम अरुण पाठक की तलाश करने के लिए लगाई गई है। कभी शिव सेना के कट्‌टर समर्थकों में शुमार रहे अरुण पाठक को बीते एक साल से वाराणसी में किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं देखा गया है। दरअसल, जुलाई 2020 में नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा भगवान राम को नेपाली बताया गया था। इससे नाराज होकर अरुण पाठक ने एक नेपाली युवक का सिर मुड़वा कर जय श्रीराम लिखा। इसके बाद नेपाल और चीन विरोधी नारेबाजी करा कर वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। प्रकरण को लेकर अरुण पाठक के खिलाफ भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था और 4 लोग जेल भेजे गए थे। हालांकि अरुण पाठक ने हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे ले लिया था। इसके बाद से अरुण पाठक वाराणसी में कहीं नजर नहीं आए।

मध्यप्रदेश में हर व्यक्ति 1244 रुपए का कर्जदार, 2 साल में शिवराज सरकार ने लिया 93353 करोड़ का कर्ज

भोपाल। प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर 2020 का 72 दिन का लॉकडाउन और 2021 में 40 दिन चला कोरोना कर्फ्यू भारी रहा। वित्तीय व्यवस्था इस कदर चरमराई कि सरकार को कोरोना से लोगों के इलाज, बिजली और कर्मचारियों के वेतन भत्तों के लिए 93,353 करोड़ रुपए कर्ज लेना पड़ा। आमदनी से 21 हजार करोड़ रुपए ज्यादा खर्च हो गए। इसकी बड़ी वजह केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी की राशि में कमी आना है। राज्य के स्वयं के करों का अनुमान गड़बड़ा गया। यह पहला मौका है जब किसी साल में प्रदेश का हर एक व्यक्ति 1244 रुपए का कर्जदार हो गया। सरकार के सामने चुनौती यह भी है कि बाजार से तय लिमिट से ज्यादा कर्ज ले नहीं सकते। राज्य ने केंद्र से जीएसडीपी का 1% ज्यादा कर्ज लेने की अनुमति मांगी है। इसके बाद ही आधारभूत ढांचे से जुड़े काम शुरू हो पाएंगे। इधर, सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की जरूरत थी जो नहीं मिल सके। मेट्रो रेल के पहले चरण का काम 2023 में पूरा होना था, लेकिन इसके लिए 1400 करोड़ की जरूरत है, यह काम आगे बढ़ सकता है। हमीदिया के 2000 बेड का अस्पताल की डेटलाइन लगातार बढ़ती जा रही है। इस अस्पताल के निर्माण में 650 करोड़ रुपए की लागत अनुमानित है अब तक 475 करोड़ रुपए ही मिल सके हैं। इसलिए अस्पताल का काम अब तक अधूरा है। कोविड पर खर्चा 1027 करोड़: कोरोना के इलाज पर 45 करोड़ मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से जारी किए, जो विभाग फ्रंट लाइन में थे, उनमें परिवार कल्याण विभाग का खर्च 419 करोड़, चिकित्सा शिक्षा का 119 करोड़, ऑटोनोमस हास्पिटल पर 88 करोड़ और मृतकों के परिजनों को मुआवजा और अन्य कामों पर 324 करोड़ खर्च। कोरोना कर्फ्यू से आय 45 फीसदी तक घटी: राज्य सरकार को स्वयं के करों से अप्रैल-मई और जून के महीने में 50 से 55 फीसदी ही आय हो सकी। अप्रैल और मई के 40 दिनों के कोरोना कर्फ्यू से आय 45 फीसदी तक घटी। यानी इन तीन महीनों में सामान्य स्थिति में 15 हजार करोड़ रुपए राजस्व आना था, लेकिन महज 6500 करोड़ रुपए ही आए। फरवरी में अनुमान था कि 61481 करोड़ रुपए मिलेंगे, लेकिन मार्च-अप्रैल में अनुमान 46025 करोड़ करना पड़ा। वहीं राज्य सरकार को मिले 43373 करोड़ रुपए। इस तरह 2651 करोड़ रुपए कम मिले।

UP में 24 घंटे में 3 बच्चियों से हैवानियत, मां-बाप के सामने बच्ची से गैंगरेप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश 24 घंटे के अंदर 3 मासूम बच्चियों के साथ हैवानियत का मामला सामने आया है। यहां मुरादाबाद में एक 16 साल की लड़की का उसके मां-बाप के सामने गैंगरेप किया गया और फिर एक अधेड़ से जबरन बच्ची की शादी करवा दी गई। उधर, प्रयागराज में एक 11 साल की बच्ची को मारने के बाद उसका हाथ काटकर खेत में फेंक दिया गया। बच्ची के साथ रेप की भी आशंका है। इसी तरह बांदा में तंत्र-मंत्र के चक्कर में पड़ोसियों ने 5 साल की मासूम को मारकर नाले में फेंक दिया। 10 दिन पहले ही मासूम के पिता की भी मौत हो गई थी। मुरादाबाद : मां-बाप के सामने 8 लोगों ने लड़की का रेप किया यहां 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ उसके मां- बाप के सामने 8 लोगों ने मिलकर रेप किया। लड़की के मां-बाप रो-रोकर बच्ची को छोड़ने की गुहार लगाते रहे, लेकिन हैवानों ने नहीं छोड़ा। आरोप है कि पीड़िता का भाई 10 दिन पहले गांव में ही रहने वाली अपनी प्रेमिका को लेकर फरार हो गया था। जब प्रेमी जोड़ा हाथ नहीं आया तो प्रेमिका के घर वालों ने सबक सिखाने के लिए लड़के के घरवालों को किडनैप कर लिया। सभी को अमरोहा लेकर गए। यहां मां-बाप के सामने ही प्रेमिका के दो भाइयों, तीन चाचाओं, पिता, एक मामा और एक अज्ञात ने प्रेमी की 16 साल की बहन के साथ रेप किया। इसके बाद जबरन बच्ची की शादी एक अधेड़ से करवा दी। मामले में पुलिस ने FIR दर्ज करके आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। बांदा : 5 साल की बच्ची को मार डाला, नाले में मिली लाश बांदा में तंत्र-मंत्र के चक्कर में 5 साल की मासूम को पड़ोसियों ने मार डाला। पुलिस ने बच्ची के कपड़ों को पड़ोसियों के घर और शव को नाले से बरामद किया है। आरोपी पड़ोसियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना शहर कोतवाली के चमरौड़ी मोहल्ले की है। 5 साल की आरती घर के बाहर खेल रही थी। परिजनों के मुताबिक, काफी देर तक वह घर नहीं लौटी तो उससे ढूंढना शुरू किया। पुलिस को सूचना दी तो आसपास के घऱ में तलाशी ली गई। बच्ची कहीं नहीं मिली। आखिरी समय बच्ची को जिस घर के पास देखा गया था, पुलिस ने वहां सख्ती से पूछताछ की। छानबीन में घर के अंदर बच्ची के कपड़े मिल गए। कुछ ही दूरी पर नाले में उसका शव मिला। 10 दिन पहले ही बच्ची के पिता की मौत हुई थी। अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप चौहान का कहना है कि पूरे मामले में संदिग्ध पड़ोसियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पूरी घटना का खुलासा किया जाएगा। प्रयागराज में मंगलवार की दोपहर में 11 साल की बच्ची की लाश गांव के बाहर झाड़ी में मिली। उसका हाथ खेत में पाया गया। बच्ची तीन दिन से लापता थी। आशंका है कि रेप के बाद बच्ची की हत्या की गई है। गंगापार के सराय इनायत थाना अंतर्गत घरहरा चकिया गांव निवासी बलवंत प्रसाद मेहनत मजदूरी करता है। उसके दो बेटे व दो बेटियां है। तीसरे नम्बर की उसकी 11 साल की बेटी श्रद्धा 3 जुलाई को सुबह अपनी मां शकुंतला देवी के साथ शौच को गई थी। शौच के बाद शकुंतला वापस घर चली गई, जबकि बच्ची आम तोड़ने के लिए पास के बगीचे में रूक गई। जब काफी देर वह घर नहीं पहुंची तो घरवालों ने खोजबीन शुरू कर दी। परेशान परिजनों ने उसकी सराय इनायत थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। एसपी गंगापार धवल जायसवाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रो पड़े लालू यादव, बोले – तेजस्वी, राबड़ी नहीं होते तो रांची में ही मर जाता

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सोमवार को अपना 25 वां स्थापना दिवस मना रहा है। पार्टी के सिल्वर जुबली समारोह में पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने 30 मिनट तक राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी और राबड़ी नहीं होते, तो मैं रांची में ही खत्म हो जाता। वहीं, जनता से वादा करते हुए कहा कि जल्द पटना आएंगे और सभी से मुलाकात करेंगे। लालू के भाषण में चुनाव के दौरान जेल में रहने का मलाल भी नजर आया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान वह जेल में तड़पते रहे गए, बाहर नहीं आ सके। हालांकि, तेजस्वी से उनकी बात होती रहती थी। उन्होंने कहा, ‘तेजस्वी को चिंता नहीं करनी चाहिए। राजद का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। भविष्य में हम देश को आगे बढ़ाएंगे।’ RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद ने केंद्र और नीतीश सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मेरा राज जंगलराज नहीं, गरीबों का राज था। भाषण में लालू ने दोनों बेटों की तारीफ की तेज प्रताप यादव और तेजस्वी की तारीफ करते हुए कहा कि तेज प्रताप ने बहुत अच्छा भाषण दिया। उसकी बातों में दम है। तेजस्वी को बहुत कम उम्र में बिहार ने अपना नेता मान लिया है। वे बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं। सरकार पर हमला बोलते हुए लालू ने कहा- ‘देश में आर्थिक संकट है। सामाजिक ताने-बाने को खत्म किया जा रहा है। अयोध्या के बाद मथुरा… ये क्या नारा है। देश में क्या चाहते हैं? सत्ता के लिए लोगों को देश में तबाह करना चाहते हैं। संसद भी नहीं चल पाती है। इनको देखना चाहिए। लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि हम मिट जाएंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे।’ बेरोजगारी को लेकर आंदोलन करेंगे तेजस्वी पार्टी के कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि लालू प्रसाद न कभी झुके थे, ना झुकेंगे। उसी तरह तेजस्वी यादव भी कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बेरोजगारी के मुद्दे पर बहुत बड़ा आंदोलन करेंगे। लालू प्रसाद ने सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ी, वह आर्थिक न्याय के सवाल पर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के मंत्री और विधायक ही सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने कहा, ‘जिस समय पार्टी की स्थापना हुई थी, हम सभी बच्चे थे। जिस BN कॉलेज में मेरे पिताजी पढ़ते थे, उसी BN कॉलेज में मैंने एडमिशन लिया और उसी बेंच पर बैठना शुरू किया। हम जब बोलते हैं तो बहुत सारे लोग हमारा मजाक उड़ाते हैं। हमारे पिताजी के भाषण का भी लोग मजाक उड़ाते थे।’ नीतीश की तुलना बहादुर शाह जफर से राज्यसभा सांसद और राजद के प्रवक्ता मनोझ झा ने स्थापना दिवस पर संकल्प पत्र पढ़ा। कहा, ‘हम गैर लोकतांत्रिक शक्तियों को खत्म करने का संकल्प लेते हैं।’ वहीं, ​​​​​​राजद नेता शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार की तुलना बहादुर शाह जफर से की। उन्होंने कहा कि जफर की पूरी मिल्कियत लाल किले के अंदर तक थी। नीतीश कुमार एक अणे मार्ग तक सीमित हो गए हैं। राजद के वरिष्ठ नेता आलोक मेहता ने कहा कि सांप्रदायिक शक्तियों का जवाब सोशल मीडिया से दिया जाएगा। इसलिए हर कार्यकर्ता सोशल मीडिया के मामले में पूरी जानकारी रखें। पटना में पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने रामविलास पासवान की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी रामविलास को श्रद्धांजलि दी। लालू प्रसाद साल 1997 में जनता दल से अलग हुए थे और अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल बनाई थी। यह पार्टी बिहार की सबसे बड़ी पार्टी है और बड़ा जनाधार भी रखती है, जिसकी वजह इसका ‘MY’ समीकरण है। इसमें 16 फीसदी यादव और 16 फीसदी मुसलमानों का तगड़ा वोट बैंक है। चिराग पर भी दिखेगा राजद का रुख लोजपा में इन दिनों दो गुट हो गए हैं। एक गुट के नेता स्व. रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान हैं और दूसरे गुट के पशुपति कुमार पारस। चिराग पासवान खुद को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हनुमान बताते हैं और दूसरी तरफ लालू प्रसाद सांप्रदायिकता के सवाल पर नरेन्द्र मोदी का विरोध करते रहे हैं। रामविलास पासवान की जयंती मनाने के बड़े राजनीतिक मतलब निकाले जा रहे हैं। चिराग और तेजस्वी दोनों एक दूसरे को भाई भी कहते रहे हैं। सबसे खास बात यह कि चिराग और तेजस्वी के साझा राजनीतिक दुश्मन नीतीश कुमार हैं।

इंस्टाग्राम पर रोनाल्डो एक पोस्ट के लिए 11.9 करोड़ रुपए लेते हैं, विराट कोहली 5 करोड़

लंदन. पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो इंस्टाग्राम पर एडवर्टाइजिंग से सबसे ज्यादा कमाने वाले सेलिब्रिटीज में टॉप पर हैं। सोशल मीडिया मार्केटिंग फर्म हॉपर HQ (HopprHQ.com) के मुताबिक रोनाल्डो अपने अकाउंट पर एक पोस्ट के 11.9 करोड़ रुपए (1.6 मिलियन डॉलर) करोड़ रुपए चार्ज करते हैं। वहीं, भारत के स्टार क्रिकेटर विराट कोहली इस मामले में 19वें नंबर पर हैं। विराट एक पोस्ट से 5.07 करोड़ रुपए कमाते हैं। हॉपर HQ फर्म इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाले खिलाड़ियों का आकलन करने के लिए एवरेज इंगेजमेंट, सेलिब्रिटीज कितनी जल्दी पोस्ट करते हैं और उनके फॉलोअर्स की संख्या जैसी बातों को ध्यान में रखती है। रोनाल्डो के आसपास कोई भी प्लेयर नहीं हॉपर HQ की रिपोर्ट के मुताबिक 5 बार के बैलॉन’डि ओर विजेता रोनाल्डो के आसपास कोई भी प्लेयर नहीं है। इस मामले में हॉलीवुड एक्टर ड्वेन जॉनसन दूसरे नंबर पर हैं। जॉनसन एक पोस्ट का 11.3 करोड़ रुपए चार्ज करते हैं। वहीं, पॉप स्टार एरियाना ग्रैंड इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। वे एक पोस्ट के एडवर्टाइमेंट से करीब 11.2 करोड़ रुपए लेती हैं। विराट कोहली अकेले भारतीय प्लेयर ओवरऑल स्पोर्ट्स की बात करें, तो रोनाल्डो के बाद मेसी का नंबर आता है। वे एड के एक पोस्ट से करीब 8.6 करोड़ रुपए कमाते हैं। भारत के विराट कोहली 395 सेलिब्रिटी की लिस्ट में अकेले भारतीय खिलाड़ी हैं। इस लिस्ट में ज्यादातर फुटबॉल स्टार्स का नाम है। इसमें डेविड बेकहम, रोनाल्डिन्हो, इब्राहिमोविच, गैरेथ बेल और मोहम्मद सालाह जैसे खिलाड़ी हैं। हॉपर HQ की लिस्ट में 6 भारतीय इस लिस्ट में सिर्फ 6 भारतीयों को जगह मिली। विराट के अलावा अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा, इन्फ्लुएंसर कृतिका खुराना और आशना श्रॉफ, फोटोग्राफर और ट्रैवलर वरुण आदित्य और फूड ब्लॉगर और साउथ के सुपरस्टार वैंकटेश की बेटी आश्रिथा दग्गुबती शामिल हैं। आश्रिथा हालांकि, स्पेन में रहती हैं। खिलाड़ियों को इतना पैसा क्यों मिल रहा? अब हम आपको बताते हैं कि ऐसा क्या है कि बस एक पोस्ट से इन सेलिब्रिटीज की इतनी कमाई हो जाती है? दरअसल इंस्टा या सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखना सेलिब्रिटीज के लिए वक्त काटने का जरिया ही नहीं है, बल्कि इससे उनकी बड़ी कमाई भी होती है। यानी वह जो भी लिखते हैं या पहनते हैं या जैसे भी दिखते हैं, उसके पीछे पूरी प्लानिंग होती है। यह उनकी कमाई से जुड़ी होती है। इंस्टा पोस्ट से फॉलोअर्स पर असर पड़ता है सेलिब्रिटीज की इंस्टा पोस्ट का सीधे उनके फॉलोअर्स पर असर होता है। उदाहरण के तौर पर विराट को ही लें। इंस्टा पर उनके 12.5 करोड़ फॉलोअर्स हैं। अब अगर वे किसी भी प्रोडक्ट का प्रचार करते हैं, तो यह सीधे उनके करोड़ों फॉलोअर्स के पास पहुंच जाएगा। सेलिब्रिटी इन्फ्लुएंसर का काम करते हैं यह एक तरह का विज्ञापन है, जिसमें किसी प्रोडक्ट को खरीदने या पसंद करवाने के लिए सेलिब्रिटी इन्फ्लुएंसर का काम करते हैं। इसे इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग कहते हैं। इसमें सेलिब्रिटी को पोस्ट करने के पैसे मिलते हैं। इंस्टाग्राम इसके लिए सेलिब्रिटी को पैसे नहीं देता है, बल्कि वह ब्रांड देता है, जिसे वह प्रमोट कर रहे होते हैं। कुछ खास हो रहा है तो वह विज्ञापन है इंस्टा पर प्रमोशन के इतने पैसे मिलने के पीछे एक बड़ी वजह है इसका नैचुरल लगना। उदाहरण के तौर पर टीवी पर एडवर्टाइजमेंट देखने वाले लोग समझ जाते हैं कि यह एक एड है। वैसे ही इंस्टा पोस्ट में खिलाड़ी एक पूरी स्क्रिप्ट और अच्छे प्लानिंग के साथ उसे पोस्ट करते हैं। ऐसा लगता है मानो, वह खुद उस प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, अगर सेलिब्रिटी किसी खास ब्रांड के कपड़े पहनता है या कोई खास जूते पहने है या कोई जूस पी रहा है, तो यह भी एड का हिस्सा ही होता है। लोग सेलिब्रिटी के ब्रांड की तरफ खिंचते हैं लोग समझ जाते हैं कि यह ब्रांड इस सेलिब्रिटी का फेवरेट है। साथ ही उनके मन में उस ब्रांड को लेकर इच्छा भी जगती है। साथ ही उसे वह खरीदने भी जाते हैं। इससे उस ब्रांड और प्रोडक्ट का प्रचार हो जाता है। आम लोग भी इंस्टा पोस्ट से पैसे कमा सकते हैं इसके लिए सबसे पहले फॉलोअर्स बढ़ाने की जरूरत होती है। जब फॉलोअर्स बढ़ेंगे, तभी ब्रांड्स पार्टनरशिप करेंगे। दरअसल एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स होने पर ब्रांड में पार्टनरशिप मिल जाती है। इससे ये तय होता है कि आपकी बात कितनों पर असर डालेगी। इसके बाद अपना पसंदीदा फील्ड चुनें। जैसे- स्पोर्ट्स, ब्यूटी, फैशन, क्रिएटिविटी, मोटिवेशनल, स्प्रिरीचुअल या कुछ और। इसके बाद बारी आती है आपके कंटेंट और कौन उसे प्रमोट कर सकता है इसकी। यह बिजनेस प्लानिंग की तरह है। इसके अलावा सही हैशटैग का यूज करें, ताकि ज्यादातर लोग आपके करीब पहुंच सकें। बहुत से और प्रॉपर हैशटैग हों, तो लोगों के उस हैशटैग को डालने पर पोस्ट की पहुंच बढ़ेगी। फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए बेहतर पिक्चर या कंटेंट महत्वपूर्ण है। अगर आपकी दी गई तस्वीर अच्छी है तो आपकी लिस्ट में फॉलोअर्स बढ़ने लगेंगे।

किसान आंदोलन पर ISI की बुरी नजर, खुफिया एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान पिछले 7 माह से दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। देश की खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस समेत सुरक्षा एजेंसियों को इस मामले में अलर्ट जारी किया है। मीडिया खबरों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस और सीआईएसएफ को अलर्ट रहने के लिए कहा है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, 26 जून किसान प्रदर्शन करने वाले हैं, जिसमें तैनात जवानों के खिलाफ आईएसआई के एजेंट हिंसा भड़का सकते हैं। इस संबंध में दिल्ली पुलिस को पत्र भी भेजा गया है। इसके बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चुस्त कर दी गई है। दिल्ली में 3 मेट्रो स्टेशन बंद : दिल्ली मेट्रो ने किसान आंदोलन की आशंका के मद्देनजर येलो लाइन पर शनिवार चार घंटे के लिए 3 मुख्य स्टेशन बंद रखने का निर्णय लिया है। शनिवार को किसानों के आंदोलन को 7 महीने पूरे हो जाएंगे। डीएमआरसी ने शुक्रवार रात को ट्वीट किया, ‘दिल्ली पुलिस के सुझाव पर, सुरक्षा कारणों से, येलो लाइन पर तीन मेट्रो स्टेशन- विश्वविद्यालय, सिविल लाइन्स और विधानसभा, शनिवार को जनता के लिए सुबह10 बजे से दोपहर दो बजे तक बंद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली और हरियाणा के बीच सिंघू बॉर्डर के अलावा टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर भी किसान पिछले 7 माह से आंदोलन कर रहे हैं।

MP : BJP विधायक अजय विश्नोई ने कहा- मेनका गांधी निहायत ही घटिया महिला हैं

जबलपुर । नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के वेटनरी डॉक्टर विकास शर्मा से बातचीत में जिस तरह से बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने पूरे वेटनरी कॉलेज को घटिया कहा, उससे जबलपुर में उनके खिलाफ जमकर आक्रोश दिख रहा है। अब बीजेपी विधायक अजय विश्नोई ने तल्खी के साथ सांसद के खिलाफ टिप्पणी की है। अपने बेबाक बोल के लिए प्रसिद्ध विधायक विश्नोई ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि सांसद मेनका गांधी घटिया महिला है। मैं शर्मिंदा हूं कि ये मेरी पार्टी की सांसद (नेता नहीं) है। विधायक अजय विश्नोई ने 26 जून शनिवार सुबह 8.25 बजे अपनी ये पोस्ट की। इस पोस्ट पर 399 लोगों ने जहां रि-पोस्ट किया। वहीं 443 लोगाें ने उनकी बेबाक टिप्पणी को पसंद किया है। विधायक ने लिखा है कि विगत दिवस सांसद मेनका गांधी ने पशुचिकित्सक डॉक्टर विकास शर्मा से जिन शब्दों में बात की, उससे वेटरनरी कॉलेज जबलपुर घटिया सिद्ध नही हो जाता है। परंतु यह जरूर सिद्ध हो जाता है कि मेनका गांधी निहायत ही घटिया महिला हैं। पूरे देश में वेटनरी डॉक्टर कर रहे विरोध प्रदर्शन बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के खिलाफ पूरे देश में वेटनरी डॉक्टर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के वेटनरी डॉक्टर्स और छात्रों भी उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय है, जिसे मेनका गांधी ने हाल ही में कथित रूप से घटिया बताया था और उनका ऑडियो वायरल हो गया था। बीजेपी सांसद मेनका गांधी पर FIR दर्ज करने की मांग वेटनरी डॉक्टर्स ने मेनका गांधी को लीगल नोटिस भेजने की बात करते हुए उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में शिकायत दी है। डॉक्टरों ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उनका दावा है कि जब तक अपने शब्दों पर वो माफी नहीं मांगती हैं, उनका विरोध जारी रहेगा। गुरुवार से उनके खिलाफ डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को छात्राओं और महिला अध्यापकों ने प्रदर्शन किया। डॉक्टर अपरा शाही, डॉक्टर अंजू नायक, डॉक्टर कविता राय ने कहा कि पशु चिकित्सकों की पढ़ाई पर बिना सोचे-समझे टिप्पणी करना सांसद मेनका गांधी को शोभा नहीं देता। उन्हें दुख है कि एक महिला होते हुए वह बयान देकर दूसरी महिला को अपमानित कर रही हैं। ऑडियो वायरल होने के बाद आक्राेश हाल ही में मेनका गांधी और वेटनरी डॉक्टर के बीच हुई बातचीत का कथित ऑडियो वायरल हुआ है। इस ऑडियो में साफ सुनाई दे रहा है कि किस तरह मेनका गांधी वेटरनरी डॉक्टर को न केवल गालियां दे रही हैं, बल्कि उसकी काबिलियत पर भी सवाल उठा रही हैं। यहां तक कि मेनका गांधी ने जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय को भी घटिया बता दिया। जबकि जबलपुर के वेटनरी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र ना केवल देश बल्कि विदेशों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये है पूरा मामला 21 जून को एक कथित ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें चंडीगढ़ में प्रैक्टिस कर रहे जबलपुर वेटनरी विवि में पढ़े डॉक्टर विकास शर्मा से मेनका गांधी की फोन पर बात हुई थी। दरअसल चंडीगढ़ निवासी अंजली चौधरी अपना डॉग इलाज के लिए डॉक्टर शर्मा के पास लाई थी। उन्होंने उसका ऑपरेशन किया। मालिक उसे अपने घर ले गईं। जहां टांका टूट गया। बाद में इस डॉग का पैर काटना पड़ा। इसके बाद अंजली चौधरी ने इस मामले में मेनका गांधी से शिकायत की। इसी शिकायत पर मेनका गांधी ने फोन पर डॉक्टर के खिलाफ अपशब्द कहे और फिर कहां से डिग्री ली, पूछ कर वेटनरी विवि को देश का सबसे घटिया विश्वविद्यालय बता दिया।

बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय बन गए बाबा’

पटना। गेरुए रंग के कपड़े में इस व्यक्ति को पहचानने में थोड़ी दिक्कत जरूर होगी, लेकिन आप ध्यान से देखेंगे तो इन्हें पहचान भी जाएंगे। साथ में इनकी बातें भी याद आ जाएंगी। जी हां, ये हैं बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय। यह वही गुप्तेश्वर पांडेय हैं, जिन्होंने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस में सुर्खियां बटोरी थी। बिहार चुनाव से पहले VRS लेकर चुनाव लड़ने की मंशा भी जताई थी। हालांकि, इस्तीफा देकर नेता बनने के चक्कर में राजनीतिक पेंच में फंस गए और टिकट भी नहीं मिला। अयोध्या में 16 जून का है यह वीडियो गुप्तेश्वर पांडेय अब प्रवचनकर्ता बन गए हैं। गेरुए रंग का कपड़ा पहनते हैं, माला पहनते हैं, आसन पर बैठते हैं और लोगों को ज्ञान की बातें सुनाते हैं। यह वीडियो अयोध्या का है। 16 जून को इन्होंने यह प्रवचन दिया था। प्रवचन में इन्होंने भगवान के अस्तित्व की चर्चा की थी कि उन्हें कैसे देखा जा सकता है, उन्हें देखने का साधन क्या हो सकता है। इसको लेकर उन्होंने कई उदाहरण दिए। बताया कि भगवान को देखने के लिए यंत्र-तंत्र और साधन होते हैं। तभी कोई भगवान के पास पहुंच सकता है। गुप्तेश्वर पांडेय का यह रूप देखकर सभी आश्चर्य कर रहे हैं। गायक और एक्टर के तौर पर भी दिखे गुप्तेश्वर पांडे का इस तरह का यह पहला रूप नहीं है। इससे पहले वो गायक के रूप में भी दिख चुके हैं। भगवान भोलेनाथ पर इनका एल्बम भी आ चुका है और उसमें एक्टिंग भी कर चुके हैं। सुपर कॉप के रूप में जाने जाने वाले गुप्तेश्वर पांडेय का यह चेहरा लोगों के सामने कम ही आ पाया था। VRS लेने के बाद इन्होंने अपने आपको अध्यात्म की तरफ मोड़ लिया है। आजकल इनका ज्यादा समय अयोध्या के हरिदास कॉलोनी के हरि सुदर्शन आश्रम में बीतता है। वे वहीं लोगों को धर्म की बात सुनाते हैं।

MP कैबिनेट बैठक में CM के सामने गृहमंत्री नरोत्त भड़के

भोपाल। कोरोना की दूसरी लहर के बाद पहली प्रत्यक्ष कैबिनेट बैठक में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा नाराज हो गए। बैठक में उन्होंने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) के 3 सिंचाई प्रोजेक्ट के लिए 10 हजार करोड़ के टेंडर करने पर आपत्ति ली। कोरोनाकाल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वित्तीय स्थिति को देखते हुए निविदा बुलानी चाहिए। संक्रमण में अन्य विभाग के बजट में कटौती कर दी गई, तो फिर इन प्राेजेक्ट पर इतना बजट क्यों? उन्होंने इसे लेकर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस से सवाल किए और नाराजगी जताई। मुख्य सचिव ने जवाब दिया कि चूंकि नर्मदा जल बंटवारे के तहत 2024 तक ज्यादा से ज्यादा पानी मप्र को मिले, इसके लिए पाइप लाइन डालकर पानी को लिफ्ट करना जरूरी है। हालांकि, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। गौरतलब है कि नर्मदा घाटी विकास मंत्रालय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास है, उनके सामने ही पूरा घटनाक्रम हुआ। मंत्रालय सूत्रों ने बताया, मुख्य सचिव के जवाब के बाद भी नरोत्तम मिश्रा नहीं रुके। वह दो-तीन सवाल करते गए। इस बीच, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव मामला की नजाकत भांप गए। चूंकि यह प्रस्ताव अनुसमर्थन के लिए कैबिनेट में लाया गया था। यदि इसे स्वीकृत नहीं करते, तो मुख्यमंत्री की मानहानि हो जाती। भार्गव ने यह कह कर मामला शांत कराया कि चूंकि एनवीडीए टेंडर जारी कर चुका है, इसलिए अब इस प्रस्ताव को स्वीकृत किया जाना उचित होगा। नाराजगी के कारण सात प्रोजेक्ट को लौटाना पड़ा सूत्रों ने बताया कि मध्य प्रदेश को आवंटित नर्मदा जल का उपयोग करने के लिए 3 सिंचाई परियोजनाओं को कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल गई। नर्मदा घाटी विकास विभाग इन परियोजनाओं के लिए निविदा आमंत्रित कर चुका है। वहीं, सात अन्य परियोजनाओं पर निर्णय नर्मदा नियंत्रण मंडल से प्रशासकीय स्वीकृति के बाद लिया जाएगा। कुल मिलाकर उन्हें नरोत्तम मिश्रा की नाराजगी के चलते टालना पड़ा। कैबिनेट की प्रेस ब्रीफिंग नहीं की सूत्रों का कहना है, बैठक में मुख्य सचिव के साथ हुई नोकझोंक के बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा नाराज हो गए थे। यही वजह है कि उन्होंने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देने के लिए प्रेस ब्रीफिंग नहीं की। बैठक से निकलकर गृहमंत्री सीधे आवास पर चले गए। अब भाजपा संगठन मनाने में जुटा पार्टी के अंतर्कलह को खत्म करने के लिए अब BJP संगठन अपनों की नाराजगी दूर करने की कोशिश में जुट गया है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा बैठक में मुख्य सचिव के साथ हुई नोक-झोंक के बाद नाराज हो गए थे, अब पार्टी उन्हें मनाने की जद्दोजहद में जुट गई है। इससे जुड़ा है टेंडर का मामला NVDA ने वर्ष 2024 में नर्मदा जल बंटवारे संबंधी निर्णय के पुनरीक्षण की संभावना को देखते हुए निविदा आमंत्रित करने के लिए वित्त विभाग द्वारा तय सूचकांक (उपलब्ध राशि के हिसाब से निविदा बुलाने की सीमा) से छूट मांगी थी। जिस पर वित्त विभाग की भी राय थी कि विभाग को आवंटित बजट और भुगतान की क्षमता को देखते हुए ही निविदा आमंत्रित की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इससे सहमति जताई। कहा कि नर्मदा जल के उपयोग को लेकर समय सीमा का ध्यान रखा जाना भी जरूरी है, इसलिए विचार करके फिर से प्रस्ताव रखा जाए। बता दें कि नर्मदा घाटी विकास विभाग ने चिंकी-बोरास बैराज संयुक्त बहुउद्देश्यीय, सांवेर लघु सिंचाई और अपर नर्मदा परियोजना के लिए निविदा आमंत्रित करने के निर्णय का अनुमोदन किया गया। तीनों परियोजना की लागत 10 हजार 369 करोड़ रुपए है। इसके अलावा 7 अन्य सिंचाई परियोजनाओं की लागत भी 10 हजार रुपए के आसपास है।

कानपुर में बस और टेम्पो की टक्कर में 17 की मौत

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हो गया है। यहां के किसान नगर में हाईवे पर एसी बस और टेम्पो में भिड़ंत हो गई। इसमें अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में 11 की उम्र 30 साल से भी कम थी। हादसे में करीब 15 लोग घायल हैं। इनमें 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृह मंत्री अमित शाह समेत देश के कई बड़े नेताओं ने शोक व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने PMNR फंड से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से भी मृतकों को 2-2 लाख रुपए मुआवजा दिए जाएंगे। घायलों को ले जाने के लिए एंबुलेंस भी कम पड़ गए हादसे की सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस बुलाई, लेकिन घायलों और मृतकों के शव इतने ज्यादा थे कि एंबुलेंस भी कम पड़ गए। आनन-फानन में रेस्क्यू टीम ने लोडर के जरिए कई घायलों को हैलट हॉस्पिटल पहुंचाया। हादसा उस वक्त हुआ, जब हाईवे पर DCM का ड्राइवर बस को ओवरटेक कर रहा था। इसी दौरान टेम्पो दोनों के बीच में फंस गया। सभी मृतक एक ही गांव के हादसे में जितने लोगों की मौत हुई है, उनमें सभी टेम्पो में सवार थे। उसमें करीब 18-19 लोग थे। सभी कानपुर के सचेंडी थानाक्षेत्र के लाल्हेपुर गांव के रहने वाले थे। बताया जाता है कि ये लोग एक बिस्किट फैक्टरी में काम करते थे। नाइट शिफ्ट में काम के लिए फैक्ट्री जा रहे थे। इसी दौरान हादसा हो गया। कानपुर से सूरत जा रही थी बस जानकारी के अनुसार जय अंबे ट्रेवल्स की स्लीपर बस कानपुर से गुजरात के सूरत जा रही थी। इसमें करीब 115 लोग सवार थे। कानपुर से 15 किलोमीटर दूर बस जैसे ही किसान नगर पहुंची पीछे से एक DCM ने ओवरटेक करने की कोशिश की। इस दौरान सामने आ रहा टेम्पो बीच में फंस गया और ये हादसा हो गया। टेम्पो में सवार सभी लोगों की मौत होने की सूचना है। इसके अलावा बस में सवार कई लोगों की भी मौत हुई है। एक साथ 7 शव लेकर अस्पताल पहुंचा लोडर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने घायलों को बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इसके अलावा लोडर में भरकर कई शव अस्पताल पहुंचाए गए। एक लोडर में 7-7 शव रखकर हैलट अस्पताल लाए गए। दर्दनाक मंजर देखकर हर कोई सहम सा गया। हैलट अस्पताल प्रशासन की तरफ से अलर्ट जारी कर दिया गया है। डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ को घर से वापस बुला लिया गया है।

प्रेमी संग मिल पति का मर्डर, शव 4 टुकड़ों में काट किचन में दफनाया

मुंबई . मुंबई के दहिसर इलाके में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पहले पति की हत्या की और फिर उसके शव को किचन में ही दफना दिया। हालांकि, वे ज्यादा दिन तक अपने गुनाह को छिपा नहीं सके। महिला की 6 साली की बच्ची ने ही उसका राज खोल दिया। हत्या के 11 दिन बाद पुलिस ने शव को बरामद कर लिया। बच्ची ने पुलिस को बताया कि मां और उसके प्रेमी ने उसके सामने उसके पिता की हत्या की है। हत्या का राज खुलने के बाद फरार हुई महिला और उसके प्रेमी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कपड़े की दुकान में काम करता था मुंबई पुलिस के DCP (जोन 11) के विशाल ठाकुर ने बताया कि उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले रईस की शादी साल 2012 में शाहिदा से हुई थी। शादी के बाद दोनों मुंबई आ कर दहिसर पूर्व के खान कंपाउंड में किराए के घर में रह रहे थे। रईस दहिसर में ही रेलवे स्टेशन के पास एक कपड़े की दुकान में नौकरी करता था, जबकि पत्नी ढाई साल के बेटे और 6 साल की बेटी के साथ घर पर रहती थी। अवैध संबंध की जानकारी मिलने के बाद से शुरू हुआ विवाद पुलिस के मुताबिक, पति की गैर हाजिरी में अनिकेत उर्फ अमित मिश्रा महिला के घर आने-जाने लगा। इस दौरान दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए। कुछ दिनों बाद इसकी भनक रईस को लग गई। इस बात को लेकर रईस और शाहिदा के बीच झगड़े शुरू हो गए। लगातार बढ़ते झगड़े से तंग आकर शाहिदा ने प्रेमी संग मिलकर उसे हटाने की योजना बनाई। प्रेमी के साथ मिलकर चाकू से की हत्या विशाल ठाकुर ने बताया कि 20 मई को रईस के घर से बाहर जाने की जानकारी मिलते ही अमित फिर से शाहिदा से मिलने आया। इस दौरान दोनों आपत्तिजनक हालत में थे और अचानक रईस पहुंच गया। इसके बाद पहले पति-पत्नी के बीच जमकर मारपीट हुई। फिर शाहिदा ने चाकू घोंप कर रईस की हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसका गला काटा। इस बीच उसकी 6 साल की बेटी अपने ढाई साले के भाई के साथ खेलने के बाद बाहर से घर आ गई। शाहिदा ने अपनी 6 साल की बेटी को भी धमकाया कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसे भी बाप की तरह काटकर जमीन में दफना देगी। शव के चार टुकड़े कर जमीन में दफनाया शाहिदा ने प्रेमी की मदद से रईस की लाश के 4 टुकड़े करके उसे किचन में ही दफना दिया। हालांकि, उसका फोन शाहिदा ने अपने पास ही रखा था। रईस के घर वालों का फोन आने पर शाहिदा कहती थी कि रईस बिना बताए कहीं चला गया है। रईस के गायब होने पर बढ़ा शक रईस के अचानक गायब हो जाने के बाद उसके दोस्तों को संदेह हुआ। उनमें से एक ने दहिसर पुलिस स्टेशन में जाकर केस दर्ज करवाया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने अकेले में बच्ची का बयान दर्ज किया और इस मामले का खुलासा हुआ। बच्ची की गवाही के बाद पुलिस ने बुधवार को रईस की लाश को भी बरामद कर लिया है। शाहिदा ने भी अपना जुर्म कुबूल कर लिया है।

UP : सरकार का फीडबैक लेकर वापस लौटे BJP के राष्ट्रीय महामंत्री, नहीं होती नेताओं की सुनवाई!

लखनऊ. संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने लखनऊ में बीजेपी के बड़े नेताओं और मंत्रियों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने नेताओं और संगठन के लोगों से सरकार के कामकाज के बारे में चर्चा की. बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री बी एल संतोष(BL Santosh) के उत्तर प्रदेश दौरे से लौटने के बाद स्टेट बीजेपी(BJP) यूनिट समेत मंत्रियों की भी निगाहें अब दिल्ली पर लगी हुई है. बी एल संतोष ने लखनऊ में तीन दिन तक बैठक की. राष्ट्रीय महामंत्री और यूपी बीजेपी प्रभारी राधामोहन सिंह ने मंत्रियों, संगठन के पदाधिकारियों, कुछ विधायकों और मीडिया टीम से मुलाकात की थी. यूपी बीजेपी के लखनऊ कार्यालय में संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री बी एल संतोष ने तीन दिन बैठक की. बैठक के हर नेता या मंत्री ने यही कहा कि कोरोना प्रबंधन और जमीनी काम पर बात हुई. पदाधिकारियों ने कहा कि सेवा ही संगठन कार्यक्रम पर चर्चा हुई, लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं हुई. केंद्रीय संगठन मंत्री ने लगभग सोलह मंत्रियों से मुलाकात की जिसमें जयादातर ऐसे थे जो मुखर और नाराज रहते हैं. दोनों डिप्टी सीएम से मुलाकात हुई. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या की सरकार से नाराजगी यूपी की सियासत में केशव प्रसाद मौर्या योगी सरकार के कई फैसलों में रज़ामंद नहीं माने जाते रहे हैं. वहीं डिप्टी सीएम होने के बावजूद दिनेश शर्मा को उतना महत्व कभी नहीं मिला जितना केशव को मिलता है. सिद्धार्थनाथ सिंह पहले से कम महत्वपूर्ण विभाग मिलने की टीस और बयानबाज़ी दोनों से चर्चा में रहते हैं. स्वाति सिंह भी अक्सर विवादों में रहती है. जानकारी के मुताबिक कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कोरोना काल में जिस तरह कार्यक्रम चलाये और लोगों की मदद की उसकी सबने तारीफ़ की. संगठन की शिकायत- नहीं होती सरकार में सुनवाई परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने मुद्दा रखा की अधिकारी मनमानी करते हैं. श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या भी कम महत्व वाल मंत्रिमंडल पाकर खुश हैं. जबकि चर्चा में रहने वाले बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री सतीश द्विवेदी को भी लगता है कई फैसलों में उनको तवज्जों नहीं मिलती है. बैठक में संगठन की तरफ से भी शिकायत की गई. कार्यकर्ता और दर्जाधारियों ने कहा कि बड़े अधिकारियों की बात छोड़िये लेखपाल और थानेदार भी उनकी नहीं सुनता है. सरकार की तो बात ही अलग है. कई प्रकोष्ठ खाली है यहां तक की नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति तक नहीं की गई. केंद्रीय नेतृत्व को सौपेंगे फीडबैक राजनीति के गलियारों में तो यहां तक चर्चा है की प्रदेश में जनता से जुड़े सीधे महकमों का फीडबैक ही लेना होता तो कृषि मंत्री, पंचायती राज मंत्री, ग्रामविकास मंत्री, गन्ना मंत्री, नगर विकास मंत्री से मुलाकात नहीं की. सिर्फ उन्ही मंत्रियों से मुलाकात की जो सरकार के रवैय्ये या तवज्जो न मिलने से नाराज़ थे.माना जा रहा है कि दिल्ली लौटने पर केंद्रीय नेतृत्व को फीडबैक सौपेंगे, जिस पर एक दो दिन में कुछ कार्यवाही हो सकती है. जिसके बाद कई नेताओं और मंत्रियों की नजरें अब दिल्ली पर लगी हुई है.

बंगाल में दल-बदल की राजनीति:एक-दो नहीं बीजेपी के 33 विधायक TMC के संपर्क में

कोलकाता।  BJP के एक, दो नहीं बल्कि 33 विधायक ऐसे हैं, जो दोबारा सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जाना चाहते हैं। चुनाव के पहले TMC से भी 33 विधायक ऐसे थे, जो BJP में शामिल हो गए थे। इनमें से 13 को पार्टी ने टिकट दिया था। दावा किया जा रहा है कि 33 विधायक तो TMC के संपर्क में हैं ही, इसके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय के बेटे सुभ्रांशु भी तृणमूल जॉइन करना चाहते हैं। हालांकि BJP प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने इसे कोरी अफवाह करार दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग मुझे 33 का आंकड़ा दे रहे हैं, मैं उन्हें 72 की संख्या बता रहा हूं, क्योंकि यह दावा झूठा है। सुभ्रांशु के BJP में जाने की चर्चाएं तब शुरू हुईं थीं, जब उन्होंने अपनी एक पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार को ही कठघरे में खड़ा कर दिया था। उन्होंने फेसबुक पर लिखा था कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार की आलोचना करने के बजाय आत्मनिरीक्षण करना बेहतर है। हालांकि भट्टाचार्य का कहना है कि सुभ्रांशु ने आवेश में आकर यह पोस्ट लिख दी थी। सुभ्रांशु रॉय को BJP ने बीजपुर से टिकट दिया था, लेकिन वे जीत नहीं सके। TMC जल्दबाजी में नहीं, विधायकों को रुकने का कहा ऐसी चर्चा है कि TMC भाजपा विधायकों को दोबारा पार्टी में शामिल करने के मामले में जल्दबाजी नहीं करना चाहती। TMC सांसद शुखेंदु शेखर राय ने कहा कि शनिवार को दोपहर 3 बजे पार्टी ऑफिस में हमारी मीटिंग है। उसमें इस मुद्दे पर भी बात हो सकती है। उन्होंने कहा कि अब किसी को भी शामिल करने से पहले बहुत सारे सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे। जैसे, जो आना चाहता है, वह पार्टी छोड़कर क्यों गया था। वह वापसी क्यों चाहता है। ये भी देखेंगे कि कहीं ये BJP की साजिश तो नहीं। घुसपैठ की कोशिश तो नहीं। ऐसे तमाम सवालों के जवाब मिलने के बाद ही पार्टी निर्णय लेगी कि किसी को शामिल करना है या नहीं। राय कहते हैं- सांसदों-विधायकों में से कई के नाम अभी सामने नहीं आए हैं, जबकि वे भी TMC में शामिल होना चाहते हैं। जो माहौल बना है, वही रहा तो बंगाल में BJP का पत्ता भी साफ हो सकता है। सरला मुर्मु, सोनाली गुहा खुलकर सामने आईं सरला मुर्मु, पूर्व विधायक सोनाली गुहा और फुटबॉलर से राजनेता बने दीपेंदू विश्वास ने साफ कर दिया है कि वे दोबारा TMC में शामिल होना चाहते हैं। सरला मुर्मु को TMC ने हबीबपुर से टिकट दिया था। इसके बावजूद उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। अब वे TMC में वापसी चाहती हैं। इसी तरह पूर्व विधायक सोनाली गुहा भी घर वापसी के इंतजार में हैं। उन्होंने ममता बनर्जी को पत्र लिखकर कहा है, ‘जिस तरह मछली पानी से बाहर नहीं रह सकती, वैसे ही मैं आपके बिना नहीं रह पाऊंगी, दीदी’। फुटबॉलर से राजनेता बने दीपेंदु विश्वास ने भी दीदी को पत्र लिखकर TMC में शामिल होने की इच्छा जताई है। जो BJP की जीत को लेकर आश्वस्त थे, वही गए बंगाल की 294 में से 213 सीटें TMC ने जीती हैं। 77 सीटों पर BJP को जीत मिली है। चुनाव के चंद महीनों पहले TMC के 50 से ज्यादा नेताओं ने BJP का दामन थाम लिया था। इसमें 33 तो विधायक थे। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि इस बार BJP ही जीतेगी। कई की आस BJP में आने के बाद भी पूरी नहीं हो पाई थी, क्योंकि पार्टी ने उन्हें टिकट ही नहीं दिया। नेताओं की TMC से दूरी बनाने की तीन बड़ी वजहें थीं। पहली वजह, उनका टिकट काटा या बदला गया था। दूसरी, वे पार्टी जिस ढंग से चल रही थी, उससे खुश नहीं थे। तीसरी, वे BJP की जीत को लेकर आश्वस्त थे और उन्हें BJP से टिकट मिलने की भी उम्मीद थी। पर नतीजों ने दल-बदलुओं को बड़ा झटका दिया। इसलिए अब ये नेता घर वापसी चाहते हैं। बंगाल में पॉलिटिक्स से जुड़े बिना जीवन मुश्किल रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी में डिपार्टमेंट ऑफ पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर विश्वनाथ चक्रवर्ती कहते हैं कि बंगाल देश का इकलौता ऐसा राज्य है जहां लोगों का जीवन पूरी तरह से राजनीति से जुड़ा है। पॉवर पॉलिटिक्स से यहां जीवन-यापन होता है। सामाजिक सुरक्षा मिलती है। जन्म से मृत्यु तक पॉवर पॉलिटिक्स का असर होता है। यही कारण है कि जो लोग चुनाव के पहले BJP में शामिल हुए, अब वे कुछ भी करके TMC की तरफ लौटना चाहते हैं। बंगाल में हर जगह सत्ता में रहने वाली पार्टी का इन्वॉल्वमेंट होता है। बिना पार्टी की सहमति के कोई कुछ नहीं कर सकता। अपोजिशन का कोई रोल यहां नहीं होता। यह कल्चर शुरू से है, जो आगे भी बनता दिख रहा है।

MP : कोरोना में महा पाप: मरीजों को लगा दिए 500 नकली रेमडेसिविर

जबलपुर. नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के मामले में पुलिस ने शहर के जाने-माने उद्योगपति और सिटी हॉस्पिटल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा के खिलाफ FIR दर्ज की है. मोखा पर आरोप है कि इसने 500 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन कोविड मरीजों को लगा दिए. इन मरीजों में से कई की मौत होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस की टीमें सरबजीत की तलाश कर रही हैं. गौरतलब है कि विगत दिनों गुजरात पुलिस ने नकली रेमडेसीवीर मामले में सपन जैन को गिरफ्तार किया था. उसने पूछताछ में सरबजीत सिंह मोखा का नाम लिया. इसके बाद पुलिस ने 48 घंटे के अंदर नकली इंजेक्शन की चैन का भंडाफोड़ कर दिया. जांच में सामने आया कि सरबजीत ने 500 नकली इंजेक्शन इंदौर से बुलवाए थे. इन इंजेक्शन को उसके अस्पताल में भर्ती मरीजों को लगवा दिया गया और उनकी जान से बड़ा खिलवाड़ किया गया. कई धाराओं में दर्ज हुए मामले देर रात जबलपुर की ओमती थाना पुलिस ने इस मामले में धारा 274, 275, 308, 420 समेत डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया. पुलिस के मुताबिक, सरबजीत सिंह मोखा ने सपन जैन के साथ मिलकर बड़ी संख्या में यह नकली इंजेक्शन मरीजों को दिए हैं. इस वजह से कई मरीजों को अपनी जान तक खोनी पड़ी है. पुलिस ने इस मामले में सिटी हॉस्पिटल में कार्यरत मैनेजर देवेश चैरसिया पर भी मामला दर्ज किया. इस तरह होता गया मामले का खुलासा बता दें, गुजरात में नकली इंजेक्शन की फैक्ट्री पर पुलिस ने कुछ दिनों पहले रेड मारी थी. जांच में पता चला था कि करीब एक लाख फर्जी रेमडेसिविर इंजेक्शन देशभर के अलग-अलग राज्यों में बेचे गए हैं. इसी कड़ी में गुजरात पुलिस 7 मई को जबलपुर आई और आधारताल निवासी दवा व्यवसायी सपन जैन को गिरफ्तार कर ले गई. इसके बाद जबलपुर पुलिस भी हरकत में आई थी और लगातार दो दिनों से ताबड़तोड़ छापे मारे. सपन जैन की तीन दवा दुकानों को पहले ही सील कर दिया गया था, जबकि पूछताछ में दो बड़े अस्पतालों के नाम भी सामने आए थे. इसी जांच में सिटी अस्पताल के संचालक का नाम उजागर हो गया.

बिहार में पूर्व सांसद पप्‍पू यादव गिरफ्तार! BJP सांसद रूडी पर उठाया था सवाल

पटना। बिहार में जन अधिकार पार्टी के संयोजक और मधेपुरा के पूर्व सांसद राजेश रंजन यादव उर्फ पप्‍पू यादव को पटना की पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सांसद ने खुद ट्वीट कर बताया है कि उन्‍हें गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि पटना के एएसपी स्‍वर्ण प्रभात का कहना है कि उन्‍हें हिरासत में लिया गया है। उन्‍होंने पिछले दिनों सारण से भाजपा के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी की सांसद निधि से खरीदी गई करीब 30 से 40 एंबुलेंस के बेकार पड़े रहने का मसला उठाया था। इस मामले में उन पर दो प्राथमिकियां भी दर्ज की गई हैं। पूर्व सांसद पर हाल के दिनों में अस्‍पतालों में अनधिकृत प्रवेश को लेकर कुछ और जगहों पर भी प्राथमिकी दर्ज हुई है। शुरू में आ रही थी हाउस अरेस्‍ट की खबरें पटना के मंदिरी स्थित आवास से पूर्व सांसद को हिरासत में लेने के लिए पांच थानों की पुलिस को लगाया गया था। यह इलाका बुद्धा कॉलोनी थाने में पड़ता है। पुलिस मंगलवार की सुबह से ही उनके आवास के बाहर जुटने लगी थी। शुरू में कहा जा रहा था कि शायद उन्‍हें हाउस अरेस्‍ट किया गया है। लेकिन अब जो खबर मिल रही है, उसके अनुसार उन्‍हें लेकर पुलिस गांधी मैदान थाने में पहुंच गई है। पप्‍पू यादव अपनी ही गाड़ी में सवार होकर थाने तक पहुंचे, लेकिन उनके साथ पटना पुलिस की गाडि़यां भी थीं। खुद ट्वीट कर दी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी पूर्व सांसद पप्‍पू यादव ने थोड़ी ही देर पहले ट्वीट कर खुद को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। उन्‍होंने बताया है कि उन्‍हें गिरफ्तार कर गांधी मैदान थाने में ले जाया गया है। अभी यह सामने नहीं आया है कि उन्‍हें किस मामले में हिरासत में लिया गया है। बोले- उठाता रहूंगा आवाज, चाहे दे दो फांसी पूर्व सांसद ने एक और ट्वीट कर कहा है कि उन्‍हें कोरोना काल में जिंदगियां बचाने की सजा दी जा रही है। उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए कहा है कि वे अपना मिशन बंद नहीं करेंगे, भले सरकार उन्‍हें फांसी दे दे। उन्‍होंने कहा है कि खुद की जान को हथेली पर रखकर वे कोरोना के मरीजों के बीच गए हैं और उनकी मदद की है।

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