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चैत्र अमावस्या पर करें ये उपाय, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

हर मास के कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन अमावस्या मनाई जाती है. इस समय चैत्र माह चल रहा है और चैत्र अमावस्या इस बार 29 मार्च 2025 को पड़ रही है. इस साल चैत्र अमावस्या बहुत विशेष होने वाली है, क्योंकि इसी दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है. हालांकि, यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित मानी गई है और इस तिथि के स्वामी भी पितर ही होते हैं. इसी कारण सूर्य ग्रहण की वजह से कोई धार्मिक अनुष्ठान चैत्र अमावस्या पर नहीं रुकेंगे. अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान, तर्पण और पिंडदान करने का महत्व माना गया है. ऐसी मान्यता है कि इससे पितर प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद देते हैं. ज्योतिष शास्त्र में चैत्र अमावस्या पर करने योग्य कुछ विशेष उपाय भी बताए गए हैं. इन उपायों के करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है. कैसे करें पितरों को प्रसन्न चैत्र अमावस्या के दिन सुबह किसी पवित्र नदि में स्नान-ध्यान करें और पितरों के नाम का तर्पण करें. साथ ही, पितरों के नाम का गरीब-जरूरतमंदों को भोजन करवाएं और अपने सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा दें. ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और कुंडली में पितृ दोष भी दूर हो जाता है. परिवार में रहेगी सुख-शांति चैत्र अमावस्या को पीपल के पेड़ पर जल और दूध अर्पित करें और अक्षत, फल, फूल, काले तिल आदि अवश्य चढ़ाएं. इसके बाद पीपल के नीचे घी का दीपक जलाएं और हाथ जोड़कर 11 परिक्रमा करें. नियमित रूप से 11 दिनों तक गौ माता को आटे की लोइयां खिलाएं और उनकी सेवा करें. ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पितरों के आशीर्वाद से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है. पितरों की आत्मा को मिलेगी शांति चैत्र अमावस्या के दिन एक साफ बर्तन लेकर उसमें जल, काले तिल और कुशा मिलाकर पितरों का ध्यान करें. इसके बाद हर अमावस्या तिथि पर पितरों के नाम का दान भी करें. ऐसी मान्यता है कि इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और पितृ दोष से छुटकारा मिलता है. नौकरी-कारोबार में मिलेगी तरक्की चैत्र अमावस्या के दिन परिवार के सभी सदस्यों से एक रुपये का सिक्का लें और उनको मंदिर में दान कर दें. ऐसा आप हर अमावस्या को ऐसे करते रहें. मान्यता है कि ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और करियर-कारोबार में उन्नति होती है. ऐसे प्राप्त होगी पितरों की कृपा चैत्र अमावस्या के दिन गोबर का उपला जलाएं और उसपर गुड़, घी और दूध की खीर अर्पित करते हुए पितरों का ध्यान करें. कपूर को घी में और गुड़ के साथ मिलकर जलाएं. फिर पूजा करने के बाद कौवा और कुत्ता को रोटी दें. साख ही, गाय को हरा चारा खिलाएं. मान्यता है कि इस उपाय को करने से पितरों की कृपा बनी रहती है.  

सुख-समृद्धि के लिए चैत्र नवरात्रि से पहले घर लाएं ये चीजें

नई दिल्ली  चैत्र नवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में बहुत महत्व रखता है। यह पर्व विशेष रूप से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का समय होता है, और इस दौरान भक्त पूरे मन, श्रद्धा और आस्था से मां भगवती के नौ रूपों की पूजा करते हैं। इस दौरान यदि कुछ विशेष चीजों को घर में लाया जाए, तो इससे घर में सुख-समृद्धि, शांति और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं उन 5 चीजों के बारे में, जिन्हें नवरात्रि से पहले घर लाना चाहिए। मिट्टी के बर्तन मिट्टी के बर्तन प्राचीन समय से ही शुभ माने जाते हैं। विशेष रूप से नवरात्रि के समय मिट्टी के बर्तन घर में लाना बहुत शुभ माना जाता है। यह न केवल घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, बल्कि यह प्रकृति से भी जुड़ा हुआ होता है। मिट्टी के बर्तन में भोजन पकाने से घर के सदस्य स्वस्थ रहते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही, यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। चांदी का सिक्का चांदी का सिक्का लाना न केवल धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है, बल्कि यह धन और संपत्ति के प्रतीक के रूप में भी काम करता है। नवरात्रि से पहले एक चांदी का सिक्का खरीदकर उसे मां दुर्गा की पूजा में रखें। ऐसा माना जाता है कि इस सिक्के से घर में लक्ष्मी का वास होता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। इसे पूजा स्थल पर रखना चाहिए और नियमित रूप से उसका ध्यान रखना चाहिए। जौ खरीदना नवरात्रि में जौ का बहुत महत्व है। विशेष रूप से घर में नई फसल के रूप में जौ लाना बहुत शुभ माना जाता है। जौ को घर में लाकर पूजा के समय मां दुर्गा को अर्पित करें। इसके साथ ही, जौ को घर के आंगन में बोने से घर में समृद्धि और खुशहाली आती है। यह घर के सदस्यों को शारीरिक और मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखने में मदद करता है। पीला चावल नवरात्रि के अवसर पर पीला चावल खरीदने का विशेष महत्व है। पीले चावलों को तंत्र-मंत्र और पूजा में उपयोग करने से मां भगवती प्रसन्न होती हैं और आशीर्वाद देती हैं। पीला चावल विशेष रूप से धरती के पोषण और समृद्धि का प्रतीक होता है। इसे पूजा स्थल पर रखें और मां के चरणों में अर्पित करें, ताकि आपके घर में सुख-समृद्धि का वास हो। श्रृंगार का सामान नवरात्रि में श्रृंगार का सामान लाना भी बहुत शुभ माना जाता है। महिलाएं खासकर इस दिन नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा का श्रृंगार करती हैं और पूजा करती हैं। आप अपनी घर की देवी का श्रृंगार करने के लिए गहने, चूड़ियां, बिचुएं, हार, और सिंदूर जैसी चीजें खरीद सकते हैं। इन चीजों को मां दुर्गा के सामने अर्पित करने से घर में सुख-शांति का वास होता है और हर इच्छा पूरी होती है। नवरात्रि से पहले इन चीजों का महत्व: इन सभी चीजों को घर लाने से न केवल मां दुर्गा की कृपा मिलती है, बल्कि घर के वातावरण में भी सकारात्मकता का संचार होता है। माना जाता है कि नवरात्रि के समय इन चीजों को घर में लाकर पूजा करने से देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सुख-शांति का वास होता है।

23 मार्च रविवार चमकेगा इन राशियों का भाग्य, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- मेष राशि वालों को आज घर-परिवार में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचना होगा। पारिवारिक जीवन में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। ऑफिस में दी गई कार्यों की जिम्मेदारी को नजरअंदाज न करें और सभी कार्यों को डेडलाइन से पहले कंपलीट करें। वृषभ राशि- नौकरी की तलाश करने वाले जातकों के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। कुछ जातक नई प्रॉपर्टी में निवेश कर सकते हैं, लेकिन आर्थिक मामलों में एक्सपर्ट की सलाह लेने में संकोच न करें। ऑफिस में सीनियर्स के सुझाव से कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। मिथुन राशि- मिथुन राशि वाले आज लग्जरी आइटम पर धन खर्च कर सकते हैं। आय में वृद्धि के योग बनेंगे। कुछ जातक नया घर या नई प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई का स्ट्रेस हो सकता है। कार्यों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कर्क राशि- आज आपका काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी। नए बदलावों को लेकर थोड़ा सतर्क रहें। किसी दूसरे पर निर्भर न रहें। इससे कार्यों में देरी हो सकती है। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे स्ट्रेस लेवल कम होगा। सिंह राशि- ऑफिस पॉलिटिक्स से दूरी बनाएं। पारिवारिक जीवन में थोड़ा तनाव रह सकता है। पुरानी गलतियों से सीख लेकर लाइफ में आगे बढ़ें। आज आपकी लंबे समय से चली आ रही समस्या दूर होगी। परिजनों का आशीर्वाद मिलेगा। कन्या राशि- आपके सभी विवाद सुलझ जाएंगे। प्रोफेशनल लाइफ में कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। धन का आवक बढ़ेगा। परिजनों के आशीर्वाद से रुके हुए कार्य सफल हो जाएंगे। तुला राशि- तुला राशि वालों के आज सभी सपने साकार होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। माता-पिता के सहयोग से धन लाभ के नए मौके मिलेंगे। व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनाए रखें। वृश्चिक राशि- पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को इग्नोर न करें। अगर जरुरत हो, तो परिजनों की सलाह लें। कोई बड़ा रिस्क न लें। आज आपको अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। पार्टनर के सपोर्ट से मन प्रसन्न रहेगा। धनु राशि- करियर में तरक्की के नए मौके मिलेंगे। विद्यार्थियों को शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धि हासिल होगी। सहकर्मियों के साथ मिलकर किए गए कार्यों के बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। जल्दबाजी में कोई काम न करें। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कोई फैसला लें। मकर राशि- आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। सभी कार्य के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। परिजनों से अपने इच्छाओं के बारे में चर्चा करें। आर्थिक मामलों में कोई रिस्क न लें। करियर से जुड़े फैसले होशियारी से लें। अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नई रणनीति बनाएं। कुंभ राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आनंददायक जीवन गुजारेंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। भौतिक सुख-सुविधाओं में जीवन व्यतीत करेंगे। मीन राशि- आज मीन राशि वालों का दिन सामान्य रहेगा। ऑफिस में कार्यों का बिजी शेड्यूल रहेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। बिजनेस के मामले में थोड़ी सावधानी बरतें। सोच-समझकर कोई डिसीजन लें।

सूर्य ग्रहण और शनि का गोचर किन लोगों के लिए अशुभ रहेगा?

हिंदू धर्म में कई त्योहार पहले महीने में मनाए जाते हैं. हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, नया साल चैत्र माह में मनाया जाता है. इस दिन हर घर में नए साल का जश्न बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. हर कोई चाहता है कि नए साल की शुरुआत अच्छी हो, लेकिन हमारे जीवन की सभी घटनाएं हमारी कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर घटित होती हैं. हर साल हिंदू नववर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को शुरू होता है. पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र अमावस्या 29 मार्च को है और इस दिन को धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. वैसे तो हर माह की अमावस्या विशेष होती है, लेकिन इस बार चैत्र अमावस्या बहुत खास मानी जा रही है. चैत्र मास की अमावस्या पर इस साल कई दुर्लभ संयोग बनने जा रहे हैं. दरअसल, इस बार साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा और इसी दिन शनि कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे. 29 मार्च 2025 को कर्म के पिता शनि ढाई साल बाद राशि बदलेंगे. इस समय शनि कुंभ राशि में विराजमान हैं और अपनी यात्रा समाप्त कर शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे. जहां शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे और साल का पहला सूर्य ग्रहण भी उसी दिन होगा. शनि के गोचर और सूर्य ग्रहण का संयोग कुछ राशियों के लोगों के लिए बेहद अशुभ हो सकता है. ज्योतिष के अनुसार, इस दुर्लभ संयोग के कारण कुछ राशियों के लोगों को बड़ी हानि हो सकती है. आइए जानें वे राशियां कौन सी हैं. मेष राशि: साल का पहला सूर्य ग्रहण और शनि का गोचर का संयोग मेष राशि वालों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है. आपके करियर में उतार-चढ़ाव, कार्यभार में वृद्धि, सहकर्मियों के साथ मतभेद, व्यापार में घाटा, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और तनाव रहेगा. कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों को शनि के गोचर के दौरान किसी भी क्षेत्र में निवेश नहीं करना चाहिए, अन्यथा आपको नुकसान हो सकता है या आपका पैसा फंस सकता है. वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, कोई नया काम शुरू करने से बचें. तुला राशि: सूर्य ग्रहण और शनि के गोचर से निजी रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं, खर्चे बढ़ेंगे, आर्थिक परेशानियां बढ़ेंगी, विद्यार्थियों को शिक्षा में दिक्कतें आ सकती हैं.  वृश्चिक राशि: इस दुर्लभ संयोग के कारण वृश्चिक राशि वाले इस समय सावधान रहें, घर में लड़ाई-झगड़े हो सकते हैं, जीवनसाथी से संबंध खराब हो सकते हैं, संपत्ति संबंधी विवाद उत्पन्न हो सकते हैं, जीवन में नकारात्मकता बढ़ सकती है. धनु राशि: सूर्य ग्रहण और शनि गोचर का संयोग धनु राशि वालों को भी अशुभ परिणाम दे सकता है. धनु राशि वाले लोग इस अवधि में कहीं भी निवेश न करें, अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और वाणी पर नियंत्रण रखें.  

गुड़ी पड़वा का पर्व कब मनाया जाएगा, 29 या 30 मार्च को जानें

गुड़ी पड़वा भारतीय संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्व में से एक हैं. इसी दिन हिंदू वर्ष की भी शुरुआत होती है. ऐसे में गुड़ी पड़वा का महत्व और भी बढ़ जाता है. यह पर्व देश भर में मनाया जाता है. लेकिन विशेष रूप से महाराष्ट्र और कोंणक क्षेत्र में गुड़ी पड़वा हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है. गुड़ी पड़वा मराठी हिंदुओं के लिए पारंपरिक नए साल का प्रतीक है. गुड़ी पड़वा दो शब्दों से मिलकर बना हैं. जिसमें गुड़ी का अर्थ होता हैं विजय पताका और पड़वा का मतलब प्रतिपदा होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, गुड़ी पड़वा यानी चैत्र माह शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 29 मार्च को शाम 4 बजकर 27 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 30 मार्च को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, इस बार गुड़ी पड़वा का पर्व रविवार 30 मार्च को मनाया जाएगा. गुड़ी पड़वा पूजा विधि गुड़ी पड़वा की पूजा करने से लिए गुड़ी को अच्छी तरह बांधकर सुगंध, फूल और अगरबत्ती लगाकर दीपक से गुड़ी की पूजा करें. उसके बाद दूध-चीनी, पेड़े का प्रसाद अर्पित करते हैं. इसके बाद दोपहर के समय गुड़ी पर मीठा प्रसाद अर्पित करें. इसके अलावा परंपरा के अनुसार श्रीखंड-पुरी या पूरन पोली का भोग लगाएं. उसके बाद सूर्यास्त के समय हल्दी-कुमकुम, फूल और अक्षत आदि अर्पित कर गुड़ी को उतार लें.

22 मार्च शनिवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपना दैनिक राशिफल

मेष राशि, आज का राशिफल मेष राशि के जो जातक रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं, तो उन्हे कोई शुभ सूचना सुनने को मिलेगी. आप अपने भविष्य को लेकर कोई इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं. प्रॉपर्टी को लेकर यदि कोई काम लंबे समय से अटक रही थी, तो वह भी फाइनल होगी. आपको अपने किसी मित्र की याद सता सकती हैं. आपने किसी पर आंख मूंदकर भरोसा किया, तो वह आपको धोखा दे सकता है. आपका डूबा हुआ धन आपको मिलने की संभावना है. वृषभ राशि, आज का राशिफल वृषभ राशि के जातको को कल कुछ नए संपर्कों से लाभ मिलेगा. आपकी महत्वपूर्ण योजनाएं चलेगी. आप अपने घर परिवार में चल रही समस्याओं को लेकर काफी परेशान रहेंगे. परिवार में किसी  वरिष्ठ सदस्य की सेहत में गिरावट आ सकती है. ऊपर यदि कुछ कर्जो था, तो उसे भी आप काफी हद तक उतरने की कोशिश करेंगे. आपको अपनी आसपास रह रहे विरोधियों से सावधान रहने की आवश्यकता है. मिथुन राशि, आज का राशिफल मिथुन राशि के जातकों के लिए कल दिन आत्मविश्वास से भरपूर रहने वाला है. मित्रों का  आपको पूरा सहयोग मिलेगा. आपको किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिलेगा.  आपके पिताजी की सलाह आपके लिए कारगर सिद्ध होगी, लेकिन कार्यक्षेत्र में आपके ऊपर थोड़ी जिम्मेदारी आने से आप घबरा सकते हैं. आपको किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा. कर्क राशि, आज का राशिफल कर्क राशि के जो जातक राजनीति में कार्यरत है, उनके लिए कल दिन अच्छा रहेगा.  आपको मेहनत अनुसार फल मिलने से खुशी होगी.  आप अपने खर्चों को करने से पहले अपनी जेब पर भी पूरा ख्याल रखें.  आपका किसी बाहरी व्यक्ति से वाद विवाद हो, तो आप उसमें  चुप लगाएं, नहीं तो कानूनी हो सकती है. वाहनों का प्रयोग आपको सावधान रहकर करना होगा. यदि कोई प्रिय वस्तु खो गई थी, तो उसके आपको मिलने की संभावना है. सिंह राशि, आज का राशिफल सिंह राशि के जातकों के लिए कल दिन आत्मसम्मान में वृद्धि लेकर आने वाला है. आपके घर किसी  नये मेहमान का आगमन हो सकता है.  आपकी कुछ नये लोगों से मुलाकात होगी. आपको अपने पारिवारिक मामलों को घर में रहकर ही निपटना बेहतर रहेगा. विद्यार्थियों को अपनी परीक्षा की तैयारी में जमकर मेहनत करनी होगी.  आपको शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट थोड़ा सोच समझकर करना होगा, क्योंकि नही तो बाद में नुकसान हो सकता है. कन्या राशि, आज का राशिफल कन्या राशि के जातकों के कामों की सराहना होगी.  अविवाहित जातकों के लिए उत्तम विवाह के प्रस्ताव आएंगे. आपकी दीर्घकालीन योजनाओं को गति मिलेगी. आपको अपनी संतान से किए हुए वादे को पूरा करना होगा.  वरिष्ठ सदस्य आपको कामों को लेकर कोई सलाह दे सकते हैं. विद्यार्थियों  को पढ़ाई लिखाई में एकाग्र होकर जुटना होगा.  आपको धैर्य व साहस से काम लेने की आवश्यकता है. तुला राशि, आज का राशिफल तुला राशि के जातकों के लिए कल दिन चिताओं से छुटकारा दिलाने वाला रहेगा. आपको किसी भूमि वाहन आदि से संबंधित यदि कोई वाद विवाद कानून में चल रहा है, तो आपको उसमे चुप लगाना होगा. आप शौक  मौज की चीजों में अच्छा खासा धन व्यय करेंगे. आप आपको अपने दोस्तों के साथ कुछ समय मौज मस्ती करने में व्यतीत करेंगे. आपका कोई सहयोगी  आपके कामों को बिगाड़ने की कोशिश कर सकता है.  आप अपने बिजनेस में को लेकर कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं. वृश्चिक राशि, आज का राशिफल वृश्चिक राशि के जो जातक राजनीति में कार्यरत हैं, उनकी लोकप्रियता बढ़ेगी, उन्हें कोई सम्मान की भी प्राप्ति हो सकती है. रुके हुए कामों को पूरा करने के लिए आपको मेहनत अधिक करनी होगी. इन्कम वृद्धि होने से आपका मन प्रसन्न रहेगा. आपको अपने खर्चों को लेकर थोड़ा ध्यान देना होगा. आपको बिजनेस में मन मुताबिक लाभ मिलने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा.  आपकी धन प्राप्ति के मार्ग से सुगम होंगे. धनु राशि, आज का राशिफल धनु राशि के जातकों के लिए कल दिन उत्तम रूप से फलदायक रहने वाला है. आपको कुछ गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की आवश्यकता है. आपको घूमने फिरने के दौरान कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी. माता जी का कोई पुराना रोग उभर  सकता है. आपकी कोई मन की इच्छा पूरी होने से  आप अपने घर पूजा पाठ का आयोजन भी कर सकते हैं. आपको किसी पैत्रक संपत्ति की प्राप्ति हो सकती है. मकर राशि, आज का राशिफल मकर राशि के जातकों के चारों ओर का वातावरण खुशनुमा रहेगा. भौतिक सुख सुविधाओं में वृद्धि होगी. आप अपने मनमौजी स्वभाव के कारण कामों को कल पर डाल सकते हैं. आपकी कुछ प्रभावशाली लोगों से मुलाकात होगी. माता-पिता का आपको पूरा सहयोग मिलेगा.  आपको अपने बिजनेस में चुटपुट लाभ की जो योजनाओं पर भी पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है. आपको किसी की कोई बात बुरी लगने से आपका मन परेशान रहेगा. कुंभ राशि, आज का राशिफल कुंभ राशि के जातकों के बिगड़े काम बनेंगे. घर में मांगलिक कार्यक्रम की तैयारी होंगी. आपकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी. संतान के करियर को लेकर कोई चिंता थी, तो वह भी दूर होगी.  आपके किसी काम में यदि बाधा आ रही थी, तो उसके दूर होने की संभावना है. आप अपने घर परिवार के कामों को लेकर योजना बनाकर चलेंगे, तो वह आसानी से पूरे होंगे. पिताजी से आप किसी काम को लेकर धन उधार ले सकते हैं. मीन राशि, आज का राशिफल मीन राशि के जातकों के दांपत्य जीवन में  खुशियां भरपूर रहेगी, दोनों एक दूसरे की भावनाओं को सम्मान करेंगे. आपके घर किसी नये मेहमान का आगमन हो सकता है.  नयी ऊर्जा आपके मन में विराजमान रहेगी. आपको एक के बाद एक खुशखबरी सुनने को मिल सकती है. आपको अपनी पारिवारिक समस्याओं को लेकर थोड़ी टेंशन तो रहेगी, लेकिन संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी.

शीतला अष्टमी कल, जानें शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी का व्रत बहुत विशेष माना गया है. ये व्रत माता शीतला को समर्पित है. इस व्रत को बसौड़ा के नाम से भी जाना जाता है. ये व्रत हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. शीतला माता को स्वच्छता और स्वास्थ्य की देवी माना गया है. शीतला अष्टमी पर माता को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है. क्योंकि माता को बासी भोजन बहुत प्रिय है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शीतला अष्टमी का व्रत करने से सारे रोगों से मुक्ति मिल जाती है. जीवन में सुख-शांती रहती है. इस साल कल शीतला अष्टमी का व्रत रखा जाएगा. ऐसे में आइए जानते हैं इसका शुभ मुहूर्त और व्रत पारण तक सबकुछ. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 22 मार्च यानी कल सुबह 4 बजकर 23 मिनट पर हो रही है. वहीं इस अष्टमी तिथि का समापन 23 मार्च को सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर हो जाएगा. हिंदू धर्म में उदयातिथि मान्य है. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, शीतला अष्टमी का व्रत कल रखा जाएगा. पूजा का शुभ मुहूर्त शीतला अष्टमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 22 मार्च को सुबह 6 बजकर 16 मिनट पर शुरू हो जाएगा. ये शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजकर 26 मिनट तक रहेगा. इस शुभ मुहूर्त में भक्त माता शीतला का पूजन कर सकते हैं. पूजा विधि     शीतला अष्टमी के दिन सुबह प्रात: काल जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए.     फिर साफ कपड़े पहनने चाहिए. इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करनी चाहिए.     पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए.     फिर चौकी पर शीतला माता की मूर्ति या चित्र रखना चाहिए.     फिर माता को जल, हल्दी, चंदन, सिंदूर और फूल चढ़ाना चाहिए.     माता को चावल, दही और मिठाई का बासी भोग लगाना चाहिए.     शीतला माता की कथा का पाठ करना चाहिए. अंत में माता की आरती करनी चाहिए.     फिर परिवार और अन्य लोगों में प्रसाद वितरित करना चाहिए. व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं माता को दाल का हलवा, बिना नमक की पूड़ी, पुए या गुलगुले, मीठे चावल और दही चावल का भोग लगाया जाता है. व्रत में फल दूध, दही और सात्विक चीजें खाई जा सकती हैं. फिर माता का पूजन और व्रत पारण करने के बाद माता को लगाया गया भोग खाया जाता है. इस दिन गर्म भोजन, अनाज, मांस-मदिरा आदि के सेवन की मनाही होती है. क्या करें और क्या नहीं इस दिन ठंडा और भासी भोजन करना चाहिए. इस दिन होलिका दहन वाली जगह जाकर भी दीपक अवश्य जलाना चाहिए. इस दिन माता शीतला के मंत्रों का जाप करना चाहिए. इस दिन घर में चूल्हा नहीं जलाना चाहिए. इन दिन नए और गहरे रंग के वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए. इस दिन घर में झाड़ू नहीं लगाना चाहिए. इस दिन सुई-धागे का उपयोग नहीं करना चाहिए. इस दिन पशु-पक्षियों को परेशान नहीं करना चाहिए. इन चीजों का करें दान शीतला अष्टमी के दिन भूखे और गरीबों को भोजन का दान करें. इस दिन पानी और मिठाई का दान करें. इस दिन मंदिर में झाडू और सूप का दान करें. इस दिन कुम्हारन को प्रसाद रूप में किसी चीज का दान अवश्य करें. मान्यता है कि इस दिन जब तक कुम्हारन प्रसाद के रूप में कुछ नहीं खाती तो माता की पूजा पूरी नहीं मानी जाती. इन मंत्रों का करें जाप     ‘ॐ ह्रीं श्रीं शीतलाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें. इससे घर में सुख-समृद्धि आती है.     ‘वन्देहं शीतल देविं सर्वरोग भयापहम्. यमसद्य निर्वर्तेत विस्फोट भयम् महत्’ मंत्र का जाप करें. ये मंत्र रोग मुक्त करता है.     ‘वन्देहं शीतल देविं रसभास्था दिगम्बरम्. मर्जनी कालाशोपेतं सूर्प अलंक्रित मस्तकम्’ मंत्र का जाप करें. ये मंत्र जीवन में सकारात्मक उर्जा लाता है. शीतला अष्टमी व्रत का महत्व शीतला माता को चेचक की देवी माना गया है. माता चेचक, खसरा और अन्य संक्रामक रोगों से बचाती हैं. इस दिन माता की पूजा करने से बिमारियों से तो छुटकारा मिलता ही है. साथ ही सेहत भी अच्छी रहती है. इस दिन घर के सभी परिवार के सभी सदस्य एक साथ मिलकर पूजा करके भोजन करते हैं, जिससे उनके बीच एकता और प्यार बढ़ता है. व्रत का पारण शीतला अष्टमी के व्रत का पारण अगले दिन यानी 23 मार्च को सुबह पूजा-पाठ करने के बाद किया जाएगा.

21 मार्च शुक्रवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ, पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज का दिन मेष राशि वालों को कई ऐसे मौके दे सकता है, जो पर्सनल ग्रोथ में मदद करेंगे। पॉजिटिव सोच लव लाइफ, करियर, धन और सेहत में बदलावों को अपनाने में मदद करेगी। बहुत ज्यादा तनाव लेने से बचें। सेहत पर गौर करें। वृषभ राशि- आज अपने लक्ष्यों पर फोकस रखें। सेहत को दुरुस्त रखने के लिए समय-समय पर ब्रेक लेते रहें। बाहर के खाने से परहेज करें। दिमाग पर ज्यादा प्रेशर न डालें। आप कॉन्फिडेंट फील करेंगे। काम पर आपका पूरा फोकस रहेगा। मिथुन राशि- आज मेडिटेशन करने से आपको अच्छा महसूस होगा। सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें। दिन नॉर्मल रहने वाला है। बिजी शेड्यूल के चलते आप थोड़ा प्रेशर महसूस कर सकते हैं। डेडलाइन पर सभी जरूरी टास्क पूरे करने में सक्षम रहेंगे। कर्क राशि- आज का दिन शुभ माना जा रहा है। आज कई स्रोतों से धन लाभ होने की संभावना है। कुछ जातक करियर की पॉलिटिक्स का शिकार भी बन सकते हैं। जल्दबाजी में आकर कोई भी फैसला न लें। तनाव से बचें। सिंह राशि- आज जंक फूड्स का सेवन ज्यादा न करें। अपनी फैमिली के साथ आपको कुछ वक्त बिताना चाहिए। बहुत ज्यादा तनाव लेने से आपकी फिजिकल हेल्थ भी प्रभावित हो सकती है। डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करें। कन्या राशि- आज आपको कोई खुशखबरी मिल सकती है। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात होना संभव है। धन के मामले में दिन आपका अच्छा रहेगा। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। हेल्दी फूड्स का सेवन करें। पॉजिटिव सोच बनाए रखें। तुला राशि- आज का दिन काफी प्रोडक्टिव रहने वाला है। आपकी मेहनत रंग लाएगी। कुछ जातकों का प्रमोशन भी हो सकता है। लव के मामले में आज अपने गुस्से पर काबू रखें। बेवजह के वाद विवाद में फंसने से बचें। वृश्चिक राशि- आज का दिन शानदार रहने वाला है। धीरे-धीरे ऑफिस का माहौल आपके लिए पॉजिटिव होता जाएगा। पार्टनर के साथ चल रही प्रॉब्लम्स पर काम करें। सेहत से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें। धनु राशि- आज हाइड्रेटेड रहें। आपका आज का दिन थोड़ा बिजी रहने वाला है। किसी इवेंट की वजह से आपको अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। बिजनेस कर रहे हैं लोगों को आज पार्टनरशिप को लेकर अलर्ट रहना चाहिए। मकर राशि- आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। अपने काम पर फोकस बनाए रखें। पैसों के मामले में आपको सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आपके खर्च बढ़ सकते हैं। लव लाइफ नॉर्मल रहने वाली है। कुंभ राशि- आज अपनी सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए। कुछ लोग तनाव का शिकार हो सकते हैं। आज आपको अपनी पसंदीदा एक्टिविटी करने की सलाह दी जाती है। काम के दौरान समय-समय पर ब्रेक लेते रहें। मीन राशि- आज का दिन नॉर्मल रहने वाला है। अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए डाइट में हरी सब्जियां शामिल करें। काम का प्रेशर बहुत ज्यादा न लें। बिजनेस करने वाले जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। खुश रहें।

28 या 29 मार्च, जानिए कब है शनि अमावस्या

हिंदू धर्म में अमावस्या की तिथि बड़ी पावन और विशेष मानी गई है. अमावस्या का दिन पितरों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है. साल में 12 अमावस्या पड़ती है. जो अमावस्या शनिवार को पड़ती है, उसको शनि या शनिश्चरी अमावस्या कहते हैं. इस दिन शनि देव की पूजा का विधान हिंदू धर्म शास्त्रों में है. शनि अमावस्या का दिन शनि देव के पूजन के लिए सबसे अच्छा और शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि अमावस्या के दिन सच्चे भक्ति भाव से शनि देव का पूजन करने पर जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है. जीवन की बाधाएं दूर होती है. पृत और ग्रह दोषों से भी मुक्ति मिल जाती है. हिंदू धर्म शास्त्रों में शनि अमावस्या के दिन शनि देव के पूजन के साथ ही कुछ नियमों का पालन करने के लिए भी कहा गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए. कब है शनि अमावस्या? इस साल शनि अमावस्या 29 मार्च को मनाई जाएगी. ये चैत्र माह की अमावस्या होगी. इस दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा. इसी दिन शनि देव कुंभ से मीन राशि में जाएंगे. चैत्र माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 28 मार्च को रात को 7 बजकर 55 मिनट पर होगी. वहीं इस तिथि का समापन 29 मार्च को शाम 4 बजकर 27 मिनट पर हो जाएगा. इसलिए उदया तिथि के अनुसार, शनि अमावस्या 29 मार्च रहेगी. ये इस साल की पहली शनि अमावस्या होगी. शनि अमावस्या पर क्या करें इस दिन शनि देव के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं. उसमें काली उड़द की साबुत दाल, काले तिल और एक लोहे की कील डालें. इस दिन काले तिल, काले रंग का कंबल और काले रंग कपड़े गरीबों में दान करें. पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाकर सात बार उसकी परिक्रमा करें. शमि के पेड़ की पूजा करें. काले कुत्ते को सरसों का तेल लगी रोटी खिलाएं. गंगा स्नान करें. क्या न करें शनि अमावस्या के दिन मांसाहार और शराब का सेवन करने से बचें. बड़ों और पूर्वजों का अनादर न करें. इस दिन गाय, कुत्ते और कौवे को कष्ट न दें. ऐसा करना अच्छा नहीं माना जाता. बाल, दाढ़ी, और नाखून न काटें. इससे ग्रह दोष लग सकता है. किसी तरह का विवाद न करें. लोहे का सामान और शनि से जुड़ी वस्तुएं न खरीदें.

चैत्र नवरात्रि : लौंग से करें चमत्कारी उपाय, आर्थिक तंगी से मिलेगी मुक्ति और माता रानी का बना रहेगा आशीर्वाद

सनातन धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है. नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ स्वरूप की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना की जाती है. वैसे तो साल में चार बार नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है जिसमें एक शारदीय दूसरा चैत्र और दो गुप्त नवरात्रि होते हैं. इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 30 मार्च से शुरू हो रही है. हिंदू धर्म में नवरात्रि का अधिक महत्व भी होता है. खासकर चैत्र माह में पड़ने वाली नवरात्रि बहुत ही सौभाग्यशाली मानी जाती है. इस दिन हिंदू नव वर्ष का शुभारंभ भी होता है. नवरात्रि के दौरान ज्योतिष द्वारा बताए गए कुछ खास उपाय करने से जीवन में सुख समृद्धि की वृद्धि होती है, तो चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं…  नवरात्रि के दौरान अगर आप कुछ खास उपाय करते हैं तो उनका फल भी प्राप्त होता है. अगर आप भी आर्थिक तंगी से परेशान हैं, कर्ज के मुक्ति से परेशान हैं, मनोकामना पूरी नहीं हो रही है, तो ऐसी स्थिति में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप नवरात्रि में कुछ खास उपाय भी कर सकते हैं. आर्थिक तंगी को दूर करने के उपाय अगर आप लंबे समय से पैसे की आर्थिक तंगी से परेशान है तो ऐसी स्थिति में चैत्र नवरात्रि के दिन माता जगत जननी जगदंबा को प्रतिदिन एक जोड़ी लौंग अर्पित करें. इसके साथ ही मां दुर्गा के मंत्र का जाप करें. ऐसा करने से आर्थिक समस्या से मुक्ति मिलती है. कर्ज से पाएं मुक्ति अगर आप कर्ज से परेशान हैं और कर्ज को नहीं चुका पा रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन हाथ में एक लौंग लेकर माता रानी से प्रार्थना करनी चाहिए. ऐसा करने से कार्य से मुक्ति मिलती है. नकारात्मक ऊर्जा से पाना है मुक्ति तो करें ये उपाय अगर आप घर की नकारात्मकता को दूर करना चाहते हैं, तो चैत्र नवरात्रि के दौरान घर के में गेट पर प्रतिदिन दीपक जलाएं और उस दीपक में लौंग तोड़ कर डाल दें. माता रानी का फिर मंत्र करें ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होगी. अगर आप बुरी नजर से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो नवरात्रि के दौरान एक लौंग लेकर काले कपड़े में बांधना चाहिए और उसको अपने पास रखें ऐसा करने से बुरी नजर से छुटकारा मिलेगा.

पापमोचनी एकादशी पर कर लें तुलसी से उपाय, धन-संकट से मिलेगी मुक्ति

 सनातन धर्म में प्रत्येक तिथि का विशेष महत्व होता है. उन्हीं में से एक एकादशी तिथि को शुभ और फलदायी माना गया है. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, पापमोचनी एकादशी का व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में किसी भी प्रकार का संकट नहीं आता. अगर आप लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तो पापमोचनी एकादशी पर मां तुलसी की विशेष पूजा और कुछ उपाय करने से आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है. यह उपाय धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए बहुत प्रभावी माने जाते हैं. आइए जानते हैं पापमोचनी एकादशी 2025 की तिथि और तुलसी के कुछ विशेष उपाय. पापमोचनी एकादशी 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त तिथि प्रारंभ– 25 मार्च 2025 को सुबह 05:05 बजे तिथि समाप्त– 26 मार्च 2025 को देर रात 03:45 बजे व्रत एवं पूजा का शुभ दिन- 25 मार्च 2025 आर्थिक संकट से मुक्ति के लिए यदि आप धन संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु और मां तुलसी की पूजा करें. तुलसी के सामने घी का दीपक जलाएं, विधिपूर्वक आरती करें और फल व मिठाई का भोग अर्पित करें. यह उपाय करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है. संकटों से छुटकारे के लिए अगर जीवन में लगातार कठिनाइयां आ रही हैं, तो पापमोचनी एकादशी के दिन तुलसी के पौधे में गन्ने का रस अर्पित करें. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस उपाय से सभी प्रकार के संकटों का नाश होता है और मनचाही सफलता प्राप्त होती है. मनोकामना पूर्ति के लिए जो लोग अपनी इच्छाओं की पूर्ति चाहते हैं, उन्हें एकादशी के दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित कर दीपक जलाना चाहिए. इसके बाद हल्दी चढ़ाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जीवन में समृद्धि आती है. वैवाहिक जीवन सुखमय बनाने के लिए यदि दांपत्य जीवन में समस्याएं चल रही हैं, तो पापमोचनी एकादशी पर तुलसी को सोलह श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें और फिर इन्हें सुहागिन महिलाओं को दान करें. यह उपाय पति-पत्नी के रिश्ते को मधुर और मजबूत बनाता है.

20 मार्च 2025 का राशिफल मेष, कर्क और कुंभ राशि वालों पर मां लक्ष्मी की रहेगी विशेष कृपा

मेष राशि- आज स्वास्थ्य संबंधी कोई बड़ी समस्या रोजमर्रा की जिंदगी पर असर नहीं डालेगी। खर्च की अधिकता मन को परेशान कर सकती है। कुछ लोगों की मुलाकात उनके एक्स लवर से भी हो सकती है। धन लाभ होने की संभावना है। वृषभ राशि- आज के दिन किसी भी बहस में ना पड़ने की सलाह दी जाती है। कोई ऐसा प्रोजेक्ट जो किसी कारणवश रुक गया था, वो फिर से अब शुरू हो सकता है। आपको अपने दुश्मनों से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। मिथुन राशि- ऑफिस में आपको अपने काम पर फोकस करने की सलाह दी जाती है। आज का दिन बैंकर्स के लिए काफी बिजी रहने वाला है। अपनी डाइट में हेल्दी जूस शामिल करें। ऑफिस रोमांस में न पड़ें। कर्क राशि- आज आपके जीवन में जरूरी बदलाव आ सकता है। रोमांटिक जीवन में कई प्यार भरे पल आएंगे। आज का आपका दिन काफी रोमांचक रहने वाला है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों आपको पार्टनर की तरफ से खास सरप्राइज मिलेगा। सिंह राशि- आज के दिन आपके सिनीयर्स आपके प्रति काफी सपोर्टिव रहेंगे, जो आपके साथ दोस्तों जैसा व्यवहार करेंगे। डाइट में सलाद शामिल करना बेहतर रहेगा। ऑफिस में वेतन वृद्धि पर बात करना आपके लिए पॉजिटिव साबित हो सकता है। कन्या राशि- आज पैसों का हिसाब-किताब करते समय बेहद सावधान रहने की जरूरत है। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहेगी। किचन में काम करते समय आपको थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होगी। तुला राशि- आज व्यापारियों को नए पार्टनर्स मिल सकते हैं। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सामान्य से बेहतर रहेगा। पार्टनर के साथ आपकी अच्छी बान्डिंग होगी। अपनी बॉडी को फिट रखें। घर-परिवार में शांति रहेगी। वृश्चिक राशि- आज काम की लापरवाही सिनीयर्स की नाराजगी का कारण बन सकती है। स्ट्रेस से दूर रहने के लिए वो काम करें, जो आपको खुशी देता है। बिना किसी हिचकिचाहट के अपना प्यार दिखाएं। धनु राशि- आज सकारात्मक बातचीत से सब कुछ सॉल्व हो सकता है। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे। आप ऑफिस में अच्छे माहौल का अनुभव करेंगे और अपने रिश्तों में नई चीजें सीखेंगे। मकर राशि- आप अपनी इच्छाओं और लोगों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाकर रखें। आपका पूरा ध्यान अपने घर-परिवार पर रहेगा। आप अपने कार्यस्थल पर किसी से मिल सकते हैं या उसके प्रति आकर्षित भी हो सकते हैं। कुंभ राशि- कोई गलतफहमी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। मैरिड कपल्स को एक दूसरे के काम में हाथ भी बटाना चाहिए। अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करेंगे। पैसों से जुड़े मुद्दे आपको परेशान कर सकते हैं। मीन राशि- आज का आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। आज के दिन आपको डाइट में हेल्दी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। लव के मामले में दिन अच्छा रहेगा। तनाव कम लें और सेहत पर फोकस करें।

शीतला अष्टमी पर करे मां शीतला की पूजा रोग और संक्रमण रहेंगे दूर

वैसे तो पूरे चैत्र माह में मां शीतला की पूजा होती है लेकिन अष्टमी तिथि मुख्य रुप से मालवा, निमाड़, राजस्थान और हरियाणा के बहुत सारे भागों में मनाई जाती है। शीतला अष्टमी को बासौड़ा, बूढ़ा बसौड़ा या बसियौरा नामों से भी जाना जाता है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शीतला सप्तमी और अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इन दोनों तिथियों पर शीतला माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा और व्रत करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस वर्ष शीतला सप्तमी का व्रत 21 मार्च 2025 शुक्रवार को है और शीतला अष्टमी का व्रत 22 मार्च 2025 शनिवार को है। इस व्रत में बासा भोजन खाने का विधान है इसलिए इसे बसौड़ा, बसियौरा व बसोड़ा भी कहा जाता है। माता शीतला शारीरिक गर्मी से ताप, टीवी, स्पर्श रोग तथा अन्य वायरस के दुष्प्रभावों से निजात दिलाती हैं। माना जाता है कि ज्वर, चेचक, एड्स, कुष्ठरोग, दाहज्वर, पीतज्वर, विस्फोटक, दुर्गन्धयुक्त फोड़े तथा विभिन्न त्वचा संबंधी रोगों से ग्रस्त होने पर मां की उपासना रोगों से मुक्ति दिलवाती है।   शीतला अष्टमी 2025 पूजा मुहूर्त चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 मार्च की सुबह 4:23 पर शुरु होगी और 23 मार्च की भोर पर 5:23 पर समाप्त होगी। शीतला अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:41 से सुबह 6:50 तक रहेगा। 

इन चीजों के तर्पण से दर्श अमावस्या पर पितृ होंगे प्रसन्न

हिन्दू धर्म में दर्श अमावस्या बड़े ही उत्साह से मनाई जाती है. दर्श अमावस्या के दिन स्नान-दान से पुण्य मिलता है. दर्श अमावस्या का दिन पितरों के लिए भी बड़ा ही महत्वपूर्ण माना जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पितर धरती लोक पर आते हैं. दर्श अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है. दर्श अमावस्या पर किए तर्पण और पिंडदान से पितर प्रसन्न होते हैं. इस दिन पितरों के तर्पण और पिंडदान से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है. पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि मार्च 28 को शाम 07 बजकर 55 मिनट पर प्रारम्भ होगी और इसका समापन 29 मार्च को शाम 04 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में दर्श अमावस्या 29 मार्च को ही मनाई जाएगी. हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी दर्श अमावस्या पर अपने पितरों का तर्पण और पिंडदान करता है उसके तीन पीढ़ियों के पीतरों को मोक्ष प्राप्त होता है. दर्श अमावस्या के दिन तर्पण और पिंडदान से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है. साथ ही पृत दोष से मुक्ति मिल जाती है. दर्श अमावस्या पर पितरों का तर्पण कैसे करना चाहिए. तर्पण के समय कौनसी चीजें उपयोग करना चाहिए. आइए विस्तार से जानते हैं.   तर्पण विधि दर्श अमावस्या पर प्रात: काल में किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए. इसके बाद तर्पण के लिए दक्षिण दिशा की ओर मुंह कर लेना चाहिए. पितरों का तर्पण करने के लिए जौ, कुश, गुड, घी, अक्षत और काले तिल का का उपयोग करना चाहिए. पितरों का तर्पण करते समय उनका ध्यान करना चाहिए. जल लेकर पितरों का तर्पण करना चाहिए. पितरों के तर्पण के बाद पशु-पक्षियों को खाना खिलाना चाहिए. साथ ही दान भी अवश्य करना चाहिए. इन चीजों के उपयोग से पितर हो जाते हैं तृप्त स्कंद पुराण के अनुसार, दर्श अमावस्या के दिन पितरों की मुक्ति और उन्हें प्रसन्न करने के लिए जौ, कुश, गुड, घी, अक्षत और काले तिल के साथ-साथ मधु युक्त खीर गंगा में डालनी चाहिए. ऐसा करने पितर 100 सालों तक के लिए तृप्त हो जाते हैं. साथ ही प्रसन्न होकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं. पिंडदान विधि • सबसे पहले पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए. • इसके बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए. • फिर चौकी पर पितरों की तस्वीर रखनी चाहिए. • गाय का गोबर, आटा, तिल और जौ से पिंड बनाना चाहिए. • पिंड बनाकर उसे पितरों को अर्पित करना चाहिए. • पितरों का ध्यान और पितृ दोष शांति के मंत्रों का जाप करना चाहिए.

शनि अमावस्या के दिन होती है शिव जी की पूजा, जाने कब मनेगी 28 या 29 मार्च

नई दिल्ली अमावस्या तिथि को हिंदू धर्म में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह तिथि पितरों को प्रसन्न करने के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी गई है। शनि अमावस्या के दिन पर देवों के देव महादेव और शनिदेव की पूजा-अर्चना करने का विशेष मगत्व माना गया है। इससे जातक को शनि की बाधा से भी मुक्ति मिल सकती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आप शनि अमावस्या के दिन क्या कार्य कर सकते हैं। कब है शनि अमावस्या चैत्र माह की अमावस्या तिथि 28 मार्च को शाम 07 बजकर 55 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 29 मार्च को दोपहर 04 बजकर 27 मिनट पर होगा। ऐसे में चैत्र अमावस्या शनिवार 29 मार्च को मनाई जाएगी। शनिवार के दिन पड़ने के कारण इसे शनि अमावस्या भी कहा जाएगा।   जरूर करें ये काम शनि अमावस्या के दिन शुभ फलों की प्राप्ति के लिए गरीबों व जरूरतमंद लोगों को काले तिल, काला कंबल, उड़द की दाल आदि का दान करना चाहिए। इसी के साथ शनि अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की सात बार परिक्रमा करें और उसके समक्ष सरसों के तेल का दीपक भी जलाएं। ऐसा करने से जातक को शनि की बाधा से मुक्त मिल सकती है। इसी के साथ शनि अमावस्या के दिन जरूरतमंदों को भोजन कराने से भी जातक को पुण्य की प्राप्ति होती है।   करें इन मंत्रों का जप शनि अमावस्या के दिन शिव जी और शनिदेव के मंत्रों का जप करने से साधक को काफी लाभ मिल सकता है।     ॐ नमः शिवाय     शिव गायत्री मंत्र – ॐ महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धीमहि तन्नः शिवः प्रचोदयात्     महामृत्युमजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्     ॐ काकध्वजाय विद्महे खड़गहस्ताय धीमहि तन्नो मंदः प्रचोदयात     ‘ओम प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:’     ‘ओम शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शंयोरभि स्रवन्तु न:।।  

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