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19 मार्च बुधवार चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- आज करियर और फाइनेंशियल लाइफ नॉर्मल रहेगी। कुछ लोगों को आर्थिक कमजोरी का अनुभव हो सकता है। स्किन को हेल्दी रखने के लिए आपको डाइट में हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। आज तनाव से दूर रहें। वृषभ राशि- आज काम बढ़ाने और प्रमोशन पाने के लिए आपको पूरे लगन के साथ ऑफिस के टास्क कंप्लीट करने चाहिए। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं, जो लाभदायक रहेगी। ऑइली फूड से दूरी बनाएं और मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। मिथुन राशि- आज करियर के नए अवसर आपके सामने आएंगे। आज आपको प्रशंसा मिल सकती है। व्यापार अच्छा चलेगा और आप अच्छे मुनाफे की भी उम्मीद कर सकते हैं। आर्थिक रूप से यह एक अच्छा दिन है। कर्क राशि- आज कुछ योजनाएं गलत साबित हो सकती हैं और इसका भार आप पर भी आ सकता है। व्यवसायियों को दिन की शुरुआत में कुछ असफलताओं का सामना करना पड़ेगा लेकिन जैसे-जैसे दिन गुजरेगा चीजें बेहतर होंगी। सिंह राशि- आज के दिन दफ्तर में टिके रहने के लिए बहुत कड़ी मेहनत करनी होगी। हो सकता है कि आपके सहकर्मी सहयोगात्मक न हों और आपको अपने सहकर्मियों से कही गई बातों में सावधानी बरतने की जरूरत है। कन्या राशि- आज कुछ अप्रत्याशित समस्याएं सामने आ सकती हैं, जिससे आपकी प्लानिंग पूरी होने में देरी हो सकती है। हेल्थ आज अच्छी रहेगी। लाइफ पार्टनर के साथ बॉन्ड को स्ट्रांग बनाने के लिए आप डेट प्लान कर सकते हैं। तुला राशि- आज आपको अपने करियर में कुछ असफलताओं का अनुभव हो सकता है। एडवाइस यह रहेगी कि सावधान रहें और केवल वही जिम्मेदारियां लें, जिनके बारे में आप कॉन्फिडेंस महसूस करते हैं। वृश्चिक राशि- आज आपके सिनीयर्स आप पर बिना किसी वजह के प्रेशर डाल सकते हैं और कार्य संतुष्टि में कमी हो सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को आज काफी मेहनत करनी पड़ेगी। प्रोडक्टिविटी आज रोज के मुकाबले नॉर्मल से स्लो रहेगी। धनु राशि- आज व्यवसायी लोग अपना कार्यक्षेत्र बदलना चाह रहे होंगे। धैर्य रखने की कोशिश करें और कठोर शब्दों का प्रयोग न करें। व्यवसायियों को स्टाफ संकट का सामना करना पड़ सकता है। कमाई आज उम्मीद से कम रहेगी। मकर राशि- आज नौकरी में बदलाव की भी बड़ी संभावना है। आज आपको अपनी मेंटल हेल्थ का खास ख्याल रखना चाहिए। लाइफ में प्रॉब्लम आना नॉर्मल है। इसलिए हिम्मत न हारें और पॉजिटिव रहने की कोशिश करें। कुंभ राशि- आज कारोबार से जुड़े लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। कॉन्फिडेंस में आपके कमी आ सकती है। दिन की शुरुआत में अपने करियर को लेकर आप स्ट्रगल कर सकते हैं। काम का प्रेशर ज्यादा महसूस होगा। मीन राशि- अपने काम से संबंधित कुछ निराशाओं का सामना करना पड़ेगा। हो सकता है कि आप अपने लक्ष्य हासिल न कर पाएं और खर्चे बढ़ जाएं या आपका बजट गड़बड़ा जाए। स्ट्रेस से बचने के लिए मेडिटेशन का सहारा ले सकते हैं।

29 मार्च : शनि गोचर और इसी दिन सूर्यग्रहण भी, इन 3 राशियों पर पड़ेगा अशुभ प्रभाव

करीब 30 साल बाद 29 मार्च 2025 को शनि गुरु की मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। इस राशि में शनि ढाई वर्ष तक विराजमान रहेंगे। शनि के मीन गोचर का प्रभाव देश-दुनिया के साथ सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। शनि गोचर के दिन ही साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। शनि मीन गोचर व सूर्य ग्रहण एक ही दिन होने का प्रभाव कुछ राशियों के लिए उथल-पुथल भरा रहेगा। इन राशि वालों को आर्थिक, पारिवारिक व शारीरिक रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जानें शनि गोचर व सूर्य ग्रहण का संयोग किन राशियों पर डालेगा अशुभ प्रभाव- 1. मेष राशि- 29 मार्च 2025 को सूर्य ग्रहण वाले दिन शनि के मीन राशि में प्रवेश करने से मेष राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती प्रारंभ होगी। इस अवधि में मेष राशि वालों को आर्थिक, मानसिक व शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। करियर में विघ्न-बाधाएं आ सकती हैं। ग्रहण का प्रभाव आपकी राशि के 12वें भाव में होगा, जिससे खर्च की अधिकता रह सकती है। मानसिक तनाव भी हो सकता है। 2. कुंभ राशि– सूर्य ग्रहण के दिन शनि के मीन गोचर से कुंभ राशि वालों को अशुभ परिणाम मिल सकते हैं। कार्यों में आकस्मिक बाधा व आर्थिक हानि के संकेत हैं। बनते हुए कार्यों के बिगड़ने की संभावना है। ग्रहण का प्रभाव आपकी राशि के द्वितीय भाव में होगा, जिसके कारण आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव व परिवार में अनबन हो सकती है। वाणी पर कंट्रोल रखें। 3. मीन राशि– सूर्य ग्रहण और शनि गोचर का संयोग मीन राशि पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस दौरान आपको सेहत से जुड़ी परेशानियां व आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ग्रहण का प्रभाव मीन राशि के प्रथम भाव में होगा, जिसके कारण आपके आत्मविश्वास में कमी रहेगी।

चैत्र नवरात्रि में बनने जा रहा दुर्लभ संयोग, इन राशियों की चमकेगी किस्मत

वैदिक पंचांग के अनुसार, 30 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होगी। यह पर्व हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक मनाया जाता है। इस दौरान जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा की जाती है। साथ ही चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2025) पर नौ दिनों तक व्रत रखा जाता है। धर्मिक मत है कि जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलती है। ज्योतिषियों की मानें तो चैत्र नवरात्र से कई राशि (Chaitra Navratri Lucky Zodiac Signs) के जातकों के जीवन में उजाला होने वाला है। इन लोगों को आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलेगी। साथ ही बिगड़े काम बन जाएंगे। आइए, इन राशियों के बारे में जानते हैं- शनि गोचर 2025 न्याय के देवता शनिदेव 29 मार्च को राशि परिवर्तन करेंगे। इस दिन शनिदेव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे। शनिदेव की चाल बदलने से कई राशि के जातकों को लाभ मिलेगा। कर्क, वृश्चिक और मकर राशि के जातकों को शनि की बाधा से मुक्ति मिलेगी। वहीं, मिथुन और तुला राशि के जातकों पर चैत्र नवरात्र की प्रतिपदा तिथि से शनिदेव की विशेष कृपा बरसेगी। मिथुन राशि शनिदेव की विशेष कृपा मिथुन राशि के जातकों पर बरसेगी। उनकी कृपा से धर्म-कर्म में रूचि बढ़ेगी। लोगों के मध्य में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वभाव में विनम्रता आएगी। शनिदेव की मेहरबानी से राजनीति क्षेत्र में आपको कामयाबी मिल सकती है। आप अपने पराक्रम से स्वयं का भविष्य लिखेंगे। आपके जीवन में जल्द ही बदलाव होगा। गुरु की मेहरबानी भी मई महीने से मिथुन राशि पर बरसेगी। गुरु और शनिदेव के आशीर्वाद से करियर संबंधी परेशानी दूर होगी। आप शत्रु पर विजय प्राप्त करने में सफल होंगे। सरकारी नौकरी मिलने के योग हैं। तुला राशि शनिदेव के राशि परिवर्तन करने से तुला राशि के जातकों को शुभ फल मिलेगा। आपकी तार्किक क्षमता बढ़ेगी। आप अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देंगे। नाना प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन खाने का अवसर मिलेगा। किसी योग्य व्यक्ति से मुलाकात होगी। मीन का शनि गोचर आपको धन लाभ दिलाएगा। धन-सम्पत्ति में वृद्धि होगी। गाड़ी, बंगला, नौकर और चाकर भी आपके पास होंगे। आपके बढ़ते कद से शत्रुओं में भय का माहौल रहेगा। विषय में रत होने से बचें। धार्मिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी। करियर को नया आयाम मिलेगा। धर्म-कर्म में रूचि बढ़ेगी। प्रतियोगी परीक्षा में आपको सफलता मिलेगी। मकर राशि मीन राशि में शनिदेव के गोचर से मकर राशि के जातकों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिलेगी। वर्तमान समय में मकर राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। शनिदेव की कृपा से चतुर सुजान बनेंगे। सेहत अच्छी रहेगी। धर्मवान और कर्मवान बनेंगे। स्वभाव से आप चंचल हो सकते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि आपके स्वभाव में चंचलता आएगी। बिना किसी मतभेद के आप सभी की मदद करेंगे। सरकार की तरफ से राजकीय सम्मान मिलेगा। राजनीति क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल होगी।

18 मार्च मंगलवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत

मेष राशि- आज का दिन मुश्किलों पर काबू पाने के बारे में है, जो चुनौतियां और अवसर दोनों लेकर आ सकता है। पैसों के मामले में आप भाग्यशाली साबित हो सकते हैं। बाहर का खाना आज खाने से बचें अगर सेहत रिलेटेड प्रॉब्लम है। वृषभ राशि- आज आपकी गट फीलिंग ही आपका मार्गदर्शन करेगी। लव के मामले में साथी की बात सुनना आज बेहतर रहेगा। मैरिड कपल्स अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करेंगे। खर्च को कंट्रोल करें। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों आज का आपका दिन पॉजिटिव रहने वाला है। परिवर्तन को अपनाएं और खुद पर भरोसा करें। दिन पर्सनल ग्रोथ और प्रोफेशनल अवसरों को आमंत्रित करता है। स्टूडेंट्स को कोई गुड न्यूज मिल सकती है। कर्क राशि- आज परीक्षा से भरा दिन, लेकिन उतने ही लाभदायक परिणाम भी मिलेंगे। अपना विश्वास बनाए रखें और लगातार काम करते रहें। प्रॉफिट को अनलॉक करें। कॉन्फिडेंस के साथ आज ही चुनौतियों से निपटें। सिंह राशि- आज किसी भी तरह की बहस से दूरी बनाएं। जितना पॉजिटिव रहेंगे उतना बेहतर है। आज अपना फेवरेट फूड ट्राई करें। आपके लिए आज का आपका दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। तनाव न लें। कन्या राशि- आज इमोशनल और प्रोफेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए अलर्ट रहना आवश्यक है। आज के ग्रहों की स्थिति विकास को बढ़ावा देता है, जो पर्सनल और प्रोफेशनल क्षेत्रों में काम के साथ इच्छाओं को बैलेंस करने की चुनौती देता है। तुला राशि- आज का दिन तुला राशि वाले जातकों के लिए थोड़ा स्ट्रेसफुल साबित हो सकता है। काम के सिलसिले में भागदौड़ बढ़ सकती है। कुछ लोगों को अपने बॉस की फटकार भी झेलनी पड़ेगी। स्ट्रैटजी बनाएं। वृश्चिक राशि- आज नए अवसर खुद ही आपके सामने आएंगे, जिससे महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। परिवर्तन को स्वीकार करें। आज का दिन विकास के अवसरों की ओर इशारा कर रहा है। डाइट को हेल्दी व ऑयल फ्री रखें। धनु राशि- मुश्किलें आती-जाती रहती हैं। पैसों का आगमन तो होगा ही लेकिन आपके खर्च भी बढ़ सकते हैं। लव के मामले में सितारे आपके साथ हैं। कुछ नया करने और दूसरों से हटकर सोचने की क्षमता पर फोकस करें। मकर राशि- आज गलतफहमी के चलते अन-बन हो सकती है। अपने विचारों और इरादों को क्लियर करें। आज का दिन सेल्फ-लव पर फोकस करने वाला दिन है। काम का बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। खर्च कम करें। कुंभ राशि- आज सकारात्मक ऊर्जा आपके चारों ओर है, जो विकास को बढ़ावा देती है। अवसरों को खुले दिल से अपनाना जरूरी है। आज का दिन रिलेशन में बैलेंस खोजने पर फोकस करता है। हाइड्रेटेड रहें। मीन राशि- आज का दिन मीन राशि वालों के लिए क्रिएटिव रहेगा। आज नई चुनौतियों को खुली बांहों के साथ स्वीकार करें। पर्सनल और प्रोफेशनल ग्रोथ को बढ़ावा देने वाला क्रिएटिव दिन आपका इंतजार कर रहा है।

29 मार्च को साल का पहला सूर्य ग्रहण, इन राशि वालों की खुलेंगी किस्मत

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और चंद्र ग्रहण बहुत ही खास घटना मानी जाती है. इस दौरान किसी भी पूजा-पाठ जैसे शुभ कार्य तथा भोजन तक ग्रहण करने की मनाही होती है. साल का पहल चंद्र ग्रहण होली के अवसर पर लग चुका है वहीं साल का पहला सूर्य ग्रहण जल्दी ही लगने वाला है. ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल कुल चार बार ग्रहण लगेगा, जिसमें से दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों और नक्षत्रों के साथ ग्रहण का प्रभाव भी राशियों पर होता हैं. इस दौरान शनि देव भी गोचर कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे. जिससे कुछ दुर्लभ और शुभ संयोग बनने वाले हैं. कई बार ग्रहण कुछ राशि वालों के लिए मुश्किलें बढ़नें वाला होता है. वहीं कुछ राशि वालों के ग्रहण की स्थिति किसी वरदान से कम नहीं होती है. तो आइए जान लेते है साल का यह पहला सूर्य ग्रहण किन राशि वालों से लकी होने वाला हैं. वहीं किसे परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. कब लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण? ज्योतिष गणना के अनुसार, साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च यानी चैत्र माह की अमावस्या तिथि के दिन लगेगा, जिसकी शुरुआत दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर होगी. वहीं समापन शाम 6 बजकर 16 मिनट पर होगा. यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिसके चलते सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. वहीं सभी 12 राशियों पर इस प्रभाव पूर्ण रूप से देखने को मिलेगा. इन राशि वालों के लिए लकी है सूर्य ग्रहण? साल का पहला सूर्य ग्रहण मेष राशि वालों के लिए बहुत ही शुभ फालदायी साबित हो सकता है. इस राशि के जातकों को हर कार्य में सफलता हासिल हो सकती है. आमदनी में वृद्धि होगी. आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी. वाहन खरीदने की इच्छा पूरी हो सकती है. इसके अलावा विदेश यात्रा के योग बनेंगे. कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए भी साल का पहला सूर्य ग्रहण शुभ साबित होगा. इस राशि के जातकों के लिए अचानक धन लाभ के योग बनेंगे. विदेश जाने का सपना पूरा होगा. जमापूंजी धन में वृद्धि होगी. संपत्ति खरीदने के योग बनेंगे. परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी. मकर राशि मकर राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण और शनि गोचर का संयोग शुभ संकेत लेकर आ रहा है. जिससे इस राशि के जातकों को कोर्ट कचहरी मामलों में सफलता मिल सकती है. नौकरी में बड़े अधिकारियों से तालमेल बढ़ेगा. जिससे प्रमोशन मिलने के साथ सैलरी भी बढ़ सकती है. मकर राशि के जातकों के किसी पुराने निवेश से फायदा मिलेगा. पैतृक संपत्ति मिलने की संभावना है. इसके अलावा वैवाहिक जीवन में खुशियां बढ़ेगी. इन राशि वालों रहना होगा सतर्क सूर्य ग्रहण और शनि ग्रह के मीन राशि में गोचर मेष और वृश्चिक राशि वालों पर अशुभ प्रभाव हो सकता है. इस दौरान इन राशि के जातकों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकते है. ऐसे में इन राशि वालों को सेहत, कार्यक्षेत्र और पारिवारिक जीवन में सतर्क रहना होगा.

30 मार्च से चैत्र नवरात्रि, इस बार हाथी से होगा मां का आगमन, जाने कलश स्थापना मुहूर्त

नई दिल्ली देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का पर्व चैत्र नवरात्र 30 मार्च को कलश स्थापना के साथ शुरू होगी। इसबार सर्वार्थ सिद्धि योग में मां जगदंबे की आराधना होगी। इसबार माता का आगमन हाथी पर होगा। चैत्र नवरात्रि शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है। 30 मार्च से 7 अप्रैल तक मां जगदंबे की पूजा की जाएगी। 30 मार्च को घट स्थापित होगी और पहला व्रत रखा जाएगा। इस दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा होगी। 9 दिन माता के अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाएगी। इसे लेकर मंदिरों में तैयारी शुरू कर दी गई है। साफ-सफाई और रंग-रोगन का काम चल रहा है। वहीं, घरों में भी नवरात्रि की तैयारी शुरू है। साकची शीतला मंदिर, मनोकामना मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में चैत्र नवरात्र पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना होगी। चैत्र नवरात्रि का आरंभ रविवार से हो रहा है। इस साल मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर धरती पर आएंगी। इसे शुभ संकेत माना जाता है। हाथी पर मां के आगमन से धन-धान्‍य में वृद्धि होती है। वहीं, मां दुर्गा का प्रस्थान सोमवार 7 अप्रैल को हाथी पर ही होगा। इस शुभ अवसर मां दुर्गा की पूजा करने पर मनोकामनाएं सिद्ध हो सकती है। पंचांग के अनुसार इस साल 9 दिन नहीं, बल्कि 8 दिनों की ही नवरात्रि हैं। इस साल चैत्र नवरात्र में पंचमी तिथि का छय रहने के कारण एक दिन कम हो रहा है। इस साल 8 दिनों में ही मां दुर्गा की पूजा होगी। कलश स्थापना मुहूर्त कलश स्थापना पूजा का संकल्प होता है। विशेष पूजा से पहले कलश की स्थापना की जाती है। यह शुभ मुहूर्त में करना आवश्यक है। चैत्र नवरात्र पर कलश स्थापना के साथ माता शैलपुत्री की पूजा होगी। घट स्थापना का शुभ मुहूर्त 30 मार्च 2025 को सुबह 06.13 से 10.22 बजे तक है। वहीं, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.01 से 12.50 बजे तक रहेगा। इन मुहूर्त पर कलश स्थापना कर पूजा का संकल्प लेना चाहिए।

संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत आज, जाने शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी बहुत महत्व रखती है। हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाई जाती है। चैत्र माह में जो संकष्टी चतुर्थी पड़ती है उसे भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन विधि-विधान से विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत करने से जीवन के सारे दुख दूर होते हैं। मान्यताओं के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत करने से जीवन के सभी विघ्न और परेशानियां दूर होती हैं। भगवान गणेश के आशीर्वाद से जीवन में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है। महिलाएं संतान की अच्छी सेहत और लंबी आयु के लिए ये व्रत रखती हैं। इस दिन पूजा के समय कुछ विशेष चीजों का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से सभी रूके हुए काम पूरे हो जाते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत कल यानी आज रात 7 बजकर 33 मिनट पर हो रही है। वहीं इस चतुर्थी तिथि का समापन अगले दिन 18 मार्च रात 10 बजकर 9 मिनट पर हो जाएगा। संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रोदय के समय पूजा की जाती है। ऐसे में कल ही भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। आज का शुभ मुहूर्त चैत्र कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि- आज शाम 7 बजकर 34 मिनट तक रहेगी, उसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी ध्रुव योग- आज दोपहर बाद 3 बजकर 45 मिनट तक चित्रा नक्षत्र- आज दोपहर 2 बजकर 47 मिनट तक आज व्रत-त्यौहार- संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत सूर्योदय-सूर्यास्त का समय सूर्योदय- सुबह 6:28 am सूर्यास्त- शाम 6:30 pm बप्पा को लगाएं इन चीजों का भोग • संकष्टी चतुर्थी के दिन बप्पा को पूजा के समय बेसन के लड्डू का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि भगवान गणेश को ये भोग लगाने से करियर में नई ऊंचाइयां मिलती हैं। साथ ही जीवन से सारे दुख दूर हो जाते हैं। • भगावन गणेश को मोदक बहुत प्रिय है, इसलिए संकष्टी चतुर्थी के दिन बप्पा को पूजा के समय मोदक का भोग अवश्य लगाना चाहिए। • संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को मोतीचूर के लड्डू का भोग भी जरूर लागाना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान को मोतीचूर के लड्डूओं का भोग लगाने से वैवाहिक जीवन खुशहाल बना रहता है। • इस दिन भगवान गणेश को बूंदी के लड्डू का भोग भी लगाया जा सकता है। इस भोग को लगाने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और घर से नकारात्मकता दूर रहती है।

17 मार्च 2025, सोमवार: चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि:आज किसी संपत्ति विवाद को सुलझाने के लिए आप पहल कर सकते हैं। शरीर को फिट रखने के लिए आपको सब्जियां और फल भी अधिक खाने चाहिए। लव लाइफ में पार्टनर को समय दें। तनाव कम लें। वृषभ राशि: आज आपको अपने प्रदर्शन से समस्याओं पर काबू पाने की जरूरत है। छोटी-छोटी बातों पर बहस में न पड़ें। प्रेम जीवन में छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। ऑफिस की राजनीति से दूर रहें। मिथुन राशि: आज छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं उम्रदराज नागरिकों को परेशान कर सकती हैं। कुछ लॉन्ग डिस्टेंस के प्रेम संबंधों में परेशानी हो सकती है। व्यापार में अच्छा रिटर्न देखने को मिलेगा। कर्क राशि: आज कुछ जातकों को मेडिकल देखभाल की आवश्यकता होगी। जो लोग यात्रा कर रहे हैं, उन्हें भी ऑनलाइन पेमेंट करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। कोई सहकर्मी आप पर गलत बिहेवियर का आरोप लगा सकता है। सिंह राशि: आज आपको जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की आवश्यकता है। प्रेम-संबंधी मुद्दों को संभालते समय डिप्लोमेटिक बने रहें। धूम्रपान न करें क्योंकि यह आपके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। कन्या राशि: आज कोई पुराना एक्स लवर जीवन में वापस आएगा लेकिन इससे पारिवारिक जीवन में परेशानी हो सकती है। छोटी-मोटी आर्थिक समस्याएं आ सकती हैं। कुछ जातकों को सेहत संबंधी दिक्कत हो सकती है। तुला राशि: आज का दिन फाइनेंशियल डिसीजन लेने के लिए अच्छा नहीं रहेगा। सेल्स और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को लक्ष्य पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। महिला जातक अपने माता-पिता से सपोर्ट की उम्मीद कर सकती हैं। वृश्चिक राशि: धन के मामले में आज का दिन शुभ है। लव लाइफ में परेशानी हो सकती है, ज्यादातर बातचीत की कमी के कारण। आप अपने करियर में विकास के नए अवसर देखेंगे। सुबह के समय योग और कुछ हल्के व्यायाम करना बहुत फायदेमंद रहेगा। धनु राशि: आज आपको व्यापार में धन जुटाने में परेशानी हो सकती है। उम्रदराज लोगों को फिसलन वाली जगह पर चलने से बचना चाहिए। प्रेमी के साथ आपका कम्युनिकेशन अच्छा रहेगा। आपको ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहना चाहिए। मकर राशि: आज कुछ लोगों को भाई-बहनों से आर्थिक सहायता मिलेगी। आपको प्रेमी को पर्सनल स्पेस भी देना चाहिए। आप प्रोटीन और पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार लें। आपका पेशेवर जीवन उत्पादक रहेगा। कुंभ राशि: आज करियर में आपको सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। रात के समय वाहन चलाते समय आपको सावधान रहना चाहिए। अगर आप रचनात्मक क्षेत्र में हैं, तो आपको आलोचना का सामना भी करना पड़ सकता है। मीन राशि: आज अपने पार्टनर के साथ बातचीत के दौरान आप अपना कंट्रोल न खोएं। मैरिड जातकों को एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में नहीं पड़ना चाहिए, जो जीवन में परेशानी का कारण बन सकता है। बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन से बचें।

शनि देव मीन राशि में होंगे उदित, इन राशि वालों की बदलेगी किस्मत

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय का देवता कहा गया है. शनि देव लोगों को उनके कर्मों के अनुसार, फल और और दंड प्रदान करते हैं. ज्योतिष शास्त्र में उन्हें सबसे क्रूर ग्रह माना गया है. शनि देव सबसे धीमा चलते हैं. वो ढाई साल तक एक राशि में रहते हैं. शनि देव अभी अपनी स्वराशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं. वो इसी महीने 29 मार्च को कुंभ राशि से निकल जाएंगे. शनि देव 29 मार्च को कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे. शनि देव मीन राशि में अस्त अवस्था में प्रवेश करेंगे. इसके बाद 6 अप्रैल को ही शनि देव का मीन राशि में उदय होगा. शनि देव का 6 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 5 मिनट में मीन राशि में उदय हो जाएगा. शनि देव के मीन राशि में उदित होने से कुछ राशियों के जातकों का भाग्य चमक सकता है. इस दौरान कुछ राशियों के जातकों को हर क्षेत्र में लाभ ही लाभ मिल सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं इन लकी राशियों के बारे में. कर्क राशि के जातकों के लिए शनि देव का उदय होना बहुत शुभ साबित हो सकता है. शनि देव कर्क राशि के 9वें भाव में उदित होंगे. इस दौरान कर्क राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ सकता है. आय में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. सुख-सौभाग्य मिल सकता है. पैतृक संपत्ति प्राप्त कर सकते हैं. जीनव में शांति रहेगी. शादीशुदा जीवन खुशियों से भरा रहने वाला है. कन्या राशि के जातकों के लिए शनि देव का उदय होना बहुत लाभदायक साबित हो सकता है. शनि देव कन्या राशि के 7वें भाव में उदित होंगे. इस दौरान कन्या राशि वालों को हर क्षेत्र में सफलता मिल सकती है. धन-धान्य बढ़ सकता है. रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. करियर में लाभ मिल सकता है. कारोबार में लाभ हो सकता है. नई संपत्ति या वाहन खरीद सकते हैं. मान-सम्मान बढ़ेगा. धनु राशि के जातकों के लिए शनि देव का उदय होना बहुत अनुकूल साबित हो सकता है. शनि देव धनु राशि के चौथे भाव में उदित होंगे. इस दौरान धनु वालों के आर्थिक हालात अच्छे रहने वाले हैं. करियर में मेहनत से सफलता मिल सकती है. इस दौरान घर परिवार से रिश्तों में और अधिक मधुरता आएगी.

जानें कब है रंग पंचमी का त्योहार

हिंदू धर्म में होली मनाने के बाद रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. रंग पंचमी का त्योहार होली के बाद पांचवे दिन मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि रंग पंचमी के त्योहार की शुरुआत द्वापर युग में हुई थी. हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. हिंदू धर्म में रंग पंचंमी का त्योहार बहुत विशेष माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रंग पंचंमी के दिन ही भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी ने होली खेली थी. रंग पंचंमी के दिन ही देवी-देवता होली खेलने धरती पर आए थे. रंग पंचमी के दिन देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. इस दिन देवी-देवताओं को गुलाल लगाया जाता है. इस दिन देवी-देवताओं की पूजा अर्चना के साथ-साथ कुछ उपाय भी किए जाते हैं. मान्यता है कि इस दिन उपाय करने जीवन की सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल रंग पंचंमी का त्योहार कब मानाया जाएगा और इस दिन क्या उपाय करने चाहिए. कब है रंग पंचमी? वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 18 मार्च को रात 10 बजकर 9 मिनट पर शुरू हो जाएगी. वहीं इस पंचमी तिथि का समापन 20 मार्च को रात को 12 बजकर 36 मिनट पर होगा. हिंदू धर्म में उदया तिथि मान्य होती है. ऐसेऐसे में उदया तिथि के अनुसार, रंग पचमी का त्योहार इस साल 19 मार्च मनाया जाएगा. रंग पंचमी के उपाय     रंग पंचमी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन करना चाहिए. उन्हें लाल गुलाल चढ़ाना चाहिए. कनकधरा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. इससे जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं.     रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा करनी चाहिए. उन्हें लाल वस्त्र चढ़ाना चाहिए. लाल चंदन लगाना चाहिए. इससे वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है.     रंग पंचमी के दिन पीले वस्त्र में एक सिक्का और हल्दी की एक गांठ डालकर उसे अच्छे से बांधकर रख देना चाहिए. इसके बाद माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. पूजा के बाद उसे तीजोरी में रख देना चाहिए.     इस दिन माता लक्ष्मी को सफेद रंग की मिठाई या सफेद खीर का भोग लगाना चाहिए. इससे घर में धन-धान्य में बढ़ोतरी होती है.     रंग पंचमी के दिन वट वृक्ष की 108 परिक्रमा करनी चाहिए. साथ ही भगवान विष्णु का नाम लेकर लाल रंग का धागा बांधना चाहिए. इससे विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.     इस दिन पीले रंग की कोई चीज पर्स में रखना चाहिए. इससे आर्थिक तरक्की होती है.  

होली भाई दूज आज, जानें तिलक करने का शुभ मुहूर्त व महत्व

होली के बाद होली भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहन के पवित्र प्यार का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाती हैं और उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं। बदले में भाई उन्हें उपहार देते हैं और जीवन भर रक्षा करने का वचन देते हैं। होली के बाद भाई दूज का त्योहार हर साल चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। जानें इस साल होली भाई दूज कब है- होली भाई दूज कब है: हिंदू पंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि 15 मार्च 2025 को दोपहर 02 बजकर 33 मिनट पर प्रारंभ होगी और 16 मार्च 2025 को शाम 04 बजकर 58 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। होली भाई दूज का पर्व उदया तिथि में 16 मार्च 2025, रविवार को मनाया जाएगा। होली भाई दूज तिलक का शुभ मुहूर्त- 16 मार्च को द्वितीया तिथि शाम 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगी। ऐसे में इस दिन सुबह से लेकर शाम को 4:58 मिनट तक तिलक करना शुभ रहेगा। तिलक करते समय इन बातों का रखें ध्यान– होली भाई दूज पर तिलक करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। भाई को चौकी पर बैठाकर ही तिलक करना चाहिए। तिलक करते समय भाई का मुख उत्तर या उत्तर पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए, जबकि बहन का मुख उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में होना चाहिए। तिलक हमेशा शुभ मुहूर्त में ही लगाना चाहिए। इस दिन भद्राकाल का विचार करना चाहिए। होली भाई दूज का महत्व: जिस तरह से दीवाली के बाद भाई दूज के दिन भाई को तिलक लगाकर लंबी आयु की कामना की जाती है और नर्क से यातनाओं से मुक्ति दिलाने के लिए तिलक किया जाता है। ठीक उसी तरह से होली के बाद होली की भाई दूज मनाई जाती है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, होली के बाद द्वितीया तिथि पर भाई को तिलक करने से संकटों से रक्षा होती है।

16 मार्च 2025, रविवार: सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- आज मेष राशि वालों का दिन लाभकारी रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। लेकिन आत्मविश्वास में कमी रहेगी। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। माता-पिता का साथ मिलेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी। आर्थिक रूप से उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक परिणाम दिलाएगा। नौकरी में अफसरों से सद्भाव बनाकर रखें। तरक्की के योग बन रहे हैं। लेकिन स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। व्यावसायिक सफलता मिलने के योग हैं। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को आज नौकरी-चाकरी में तरक्की मिल सकती है। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति से मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। धैर्यशीलता बनाए रखें। किसी संपत्ति से धन की प्राप्ति हो सकती है। मित्रों का सहयोग भी मिलेगा। कर्क राशि- कर्क राशि वालों को आज महत्वपूर्ण कार्यों को टाल देना चाहिए। धन से जुड़ा कोई फैसला न लें। शैक्षिक कार्यों में सफलता। बौद्धिक कार्यों से आय वृद्धि के योग। कारोबार के लिए यात्रा लाभप्रद हो सकती है। क्रोध से बचें। सिंह राशि- सिंह राशि वालों का आज मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। परिवार का साथ मिलेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। सेहत का ध्यान रखें। अज्ञात भय सताएगा। नौकरी में उतार-चढ़ाव का सामना कर सकते हैं। कन्या राशि- कन्या राशि वालों की आज वाणी में मधुरता रहेगी। पर, मन परेशान भी हो सकता है। पिता व जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। माता का साथ मिलेगा। कारोबारियों को व्यापार में विस्तार के अवसर मिलेंगे। हालांकि भागदौड़ करनी पड़ सकती है। तुला राशि- तुला राशि वालों का आज आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। मित्रों का साथ मिलेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। आर्थिक उन्नति के प्रबल योग बन रहे हैं। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों का आज कला व संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। आय के साधन भी बनेंगे। कारोबार में बदलाव हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा रहेगा। बेकार के खर्चों पर कंट्रोल रखें। धनु राशि- धनु राशि वालों का आज मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में वृद्धि हो सकती है। कार्यस्थल पर ज्यादा मेहनच करनी पड़ सकती है। मकर राशि- मकर राशि वालों को आज धन लाभ के योग बन रहे हैं। हालांकि किसी बात को लेकर मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। आत्मविश्वास में कमी भी हो सकती है। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। किसी बुजुर्ग से धन मिल सकता है। खर्च की अधिकता मन को परेशान कर सकती है। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के आज आत्मविश्वास में कमी रहेगी। आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। परिवार में भी शांति बनाए रखें। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। कार्यस्थल पर टास्क को समय र पूरा करने के लिए फोकस बनाए रखें। मीन राशि- मीन राशि वालों का आज मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। बातचीत में संयत रहें। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। अफसरों का सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी।अपनों का साथ मिलेगा। यात्रा लाभकारी रहेगी।

भाई दूज कल, जानें तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त

भाई दूज का पर्व साल में दो बार मनाया जाता है. इसे भाई टीका , भाऊबीज , भाई बीज , भाई फोंटा और भ्रातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है. यह पर्व भाई-बहन से अटूट प्रेम को दर्शाता है. यह पर्व साल में दो बार मनाया जाता है पहला होली के बाद और दूसरा दिवाली के बाद. कल यानी 16 मार्च को होली भाई दूज मनाया जाएगा. यह चैत्र माह कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. आइए जानते हैं इस होली भाई दूज के पर तिलक लागने का शुभ मुहूर्त, नियम मंत्र और कथा के बारे में पूरी जानकारी. होली भाई दूज तिलक लागने का शुभ मुहूर्त होली भाई दूज यानी द्वितीया तिथि शाम 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगी. ऐसे में इस दिन सुबह से लेकर शाम 4 बजकर 58 मिनट तक भाई को तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधना शुभ रहेगा. भाई दूज पर थाली में शामिल करें ये चीजें भाई दूज के दिन भाई तिलक करने के लिए थाली में इन चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए. जैसे- रोली, अक्षत यानी सफ़ेद चावल, फूल, सुपारी, पान का पत्ता ,चांदी का सिक्का, सूखा नारियल, कलावा, केला, मिठाई और दीपक. तिलक लगाने का नियम होली की भाई दूज के दिन बहनें अपने भाइयों को भोजन का निमंत्रण दें. भाई का प्रेम पूर्वक स्वागत कर उन्हें चौकी पर बैठाएं. ध्यान रहे भाई का मुख उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए. इसके बाद भाई को कुमकुम से तिलक कर चावल लगाएं. फिर भाई को नारियल देकर सभी देवी-देवता से उसकी सुख, समृद्धि दीर्घायु की कामना करें. अब भाई बहन को उपहार में सामर्थ्य अनुसार भेंट करें. भाई को भरपेट भोजन कराएं. तिलक लगाते समय करें इन मंत्रों का जाप भाई दूज पर भाई को तिलक करते समय इस मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए. जिसके लिए एक चौक पर भाई को बैठाने के बाद उसके हाथों पर चावल का घोर लगाकर फूल, पान, सुपारी रखें. इसके बाद जल छोड़ते हुए मंत्र का जाप करें. गंगा पूजा यमुना को, यमी पूजे यमराज को. सुभद्रा पूजे कृष्ण को गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई आप बढ़े फूले फलें. होली भाई दूज की कथा पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन भगवान यम अपनी बहन यमुना से मिलने गए थे और उन्होंने हार्दिक भाव से उनका स्वागत किया था. इसके बाद यमुना जी ने उनके माथे पर तिलक लगाया और मिठाई खिलाई थी. भगवान यम अपनी बहन के आतिथ्य से इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने यह वरदान दिया की जो भी भाई इस दिन अपनी बहन से तिलक लगवाएगा, उसे लंबी उम्र और समृद्धि का आशीर्वाद मिलेगा. होली भाई दूज का महत्व होली के बाद पड़ने वाले भाई दूज बहन और भाई के अटूट प्यार को दर्शाता है. एक पौराणिक कथा के अनुसार, यमराज ने अपनी बहन के घर जाकर टीका लगवाया था और भोजन किया था, इसके बाद यमराज ने अपनी बहन को आशीर्वाद देते हुए कहा था कि जो भाई अपनी विवाहित बहन के घर जाकर भोजन करने के साथ तिलक लगाएंगे, तो अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाएगा.

आज से शुरू हुआ हिंदू पंचांग का पहला महीना चैत्र, जानें इसका महत्व और व्रत-त्योहारों की सूची

भारतीय पंचांग का पहला महीना चैत्र है. चित्रा नक्षत्र से संबंध होने के कारण इसका नाम चैत्र पड़ा है. चैत्र माह से ही वसंत का समापन और ग्रीष्म का आरम्भ होता है. साथ ही शुभता और ऊर्जा का भी आरंभ होता है. इस महीने से ज्योतिष का बहुत गहरा संबंध है. इस बार चैत्र का महीना 15 मार्च यानी आज से शुरू हो रहा है और ये 12 अप्रैल तक रहेगा. आइए आपको चैत्र माह की महिमा बताते हैं. चैत्र माह में पूजा के लाभ इस महीने में सूर्य और देवी की उपासना लाभदायक होती है. इस महीने नाम यश और पद प्रतिष्ठा के लिए सूर्य की उपासना करना उत्तम होता है. शक्ति और ऊर्जा के लिए देवी की उपासना करनी चाहिए. इस महीने में लाल फलों का दान करें और नियमित रूप में पेड़ पौधों में जल डालें. चैत्र में खान-पान के नियम चैत्र के महीने से धीरे-धीरे अनाज खाना कम कर देना चाहिए. पानी अधिक पीएं. ज्यादा से ज्यादा फल खाएं. इस महीने में गुड़ नहीं खाना चाहिए. बल्कि इस महीने में चना खाना बहुत अच्छा होता है. चैत्र में बासी भोजन बिल्कुल नहीं खाना चाहिए. चैत्र में आने वाले पर्व-त्योहार चैत्र में कृष्ण पक्ष की पंचमी को रंग पंचमी मनाई जाती है.  इसी महीने में पापमोचनी एकादशी भी आती है. इस महीने से नवसंवत्सर का आरम्भ भी होता है. वासंतिक नवरात्र का शुभ पर्व भी इसी महीने आता है. इसी माह की नवमी तिथि को श्रीराम जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है. इस दिन तमाम धार्मिक कृत्य और दान आदि करने की परंपरा है पर्व-त्योहारों की सूची 15 मार्च 2025 – चैत्र मास प्रारंभ 16 मार्च 2025 – भाई दूज 17 मार्च 2025 – भालचद्र संकष्टी चतुर्थी 19 मार्च 2025 – रंग पंचमी 21 मार्च 2025 – शीतला सप्तमी 22 मार्च 2025 – शीतला अष्टमी, बसोड़ा, कालाष्टमी 25 मार्च 2025 – पापमोचिनी एकादशी 27 मार्च 2025 – प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि 29 मार्च 2025 – सूर्य ग्रहण, चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2025 – गुड़ी पड़वा, चैत्र नवरात्रि 31 मार्च 2025 – गणगौर 06 अप्रैल 2025 – रामनवमी 12 अप्रैल 2025 – चैत्र पूर्णिमा हनुमान जयंती  

चैत्र नवरात्रि में इन खास मंत्रों का करें जाप, हर इच्छा होगी पूरी

हर साल चैत्र और शारदिय नवरात्र में भक्त मां दुर्गा की अराधना करते हैं. इस दौरान लोग व्रत का पालन भी करते हैं. नवरात्र के पहले दिन विधि-विधान से कलश तथा घटस्थापना की जाती है. इसके बाद पूरे नौ दिन मां भगवती के सभी रुपों की पूजा की जाती है. इस बार चैत्र नवरात्र की शुरुआत 30 मार्च से हो रही है, जबकि इनकी समाप्ति 7 अप्रैल को होगी. इस दौरान मां के सामने घी का दीपकर जलाकर और पूजा और मंत्र जाप करने से व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और सभी प्रकार के कष्टों से भी मुक्ति मिलती है. मां दुर्गा के मंत्र ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥ वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥ दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ सरल मंत्र : ॐ एं ह्रीं क्लीं पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता।। या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नसस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥ सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥ सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥ चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥ एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा। वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी महागौर्यै नमः॥ श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥ सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

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