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03 मार्च 2026 राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्य, जानें किसे मिलेगा सफलता और लाभ

मेष 3 मार्च के दिन घूमने-फिरने का प्लान भी बन सकता है। प्रोडक्टिविटी आज रोज के मुकाबले नॉर्मल से स्लो रहेगी। आपकी प्लानिंग पूरी होने में देरी हो सकती है। कॉन्फिडेंस में आपके कमी आ सकती है। लाइफ पार्टनर के साथ बॉन्ड को स्ट्रांग बनाने के लिए आप डेट प्लान कर सकते हैं। वृषभ 3 मार्च के दिन दोपहर के बाद नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और लाभ देखने को मिल सकता है। व्यवसायियों को अपने खर्चों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। जीवनसाथी के साथ बहस करने से बचें क्योंकि मनमुटाव की स्थिति पैदा हो सकती है। मिथुन 3 मार्च के दिन कारोबार फलेगा-फूलेगा। अच्छे प्रॉफिट की उम्मीद कर सकते हैं। आज का दिन धन के मामले में अच्छा रहेगा। अपनी एक्सपर्टीज बढ़ाने और कुछ नई स्किल्स सीखने में निवेश करने के लिए यह अच्छा दिन होगा। कर्क 3 मार्च के दिन आपको आज सीनियर्स के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है। हो सकता है आप पॉलिटिक्स का शिकार हो जाएं। अहंकारी न होने का प्रयास करें और सुझावों के प्रति खुले रहें, भले ही वे आपके जूनियर्स से ही क्यों न आए हों। सिंह 3 मार्च के दिन आज आपको खासतौर पर अपने स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए। मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। आज का दिन संतोषजनक रहेगा। आपकी कड़ी मेहनत आपको प्रमोशन दिला सकती है और नया कार्यभार मिलने की भी बड़ी संभावना है। कन्या 3 मार्च के दिन की शुरुआत अच्छी होगी लेकिन अंत मध्यम रहेगा। और आप मनमुताबिक परिणाम प्राप्त नहीं कर सकेंगे। आर्थिक स्थिति उम्मीद के मुताबिक रहेगी लेकिन कुछ अप्रत्याशित खर्चे तनाव का कारण बन सकते हैं। तुला 3 मार्च के दिन आपके काम की तारीफ होगी। यह एक सपने के सच होने जैसा दिन होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और व्यवसायी अपने काम का विस्तार करेंगे और अच्छा मुनाफा हासिल करेंगे। वृश्चिक 3 मार्च के दिन पार्टनरशिप में व्यवसाय करने वालों में मतभेद हो सकता है, जिससे दरार पड़ सकती है। कुछ अप्रत्याशित घटनाएं आपके काम करने की स्पीड को धीमा कर सकती हैं। दोपहर में आपको कुछ राहत मिलने की संभावना है। धनु 3 मार्च के दिन खुद और स्किन को हेल्दी रखने के लिए आपको डाइट में हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। फिटनेस पर ध्यान दें और तनाव से दूर रहें। आज का दिन आपके लिए भाग्यशाली साबित हो सकता है। मकर 3 मार्च के दिन आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत ज्यादा प्रयास करने पड़ सकते हैं। बिजनेस में फाइनेंशियल कमजोरी का अनुभव हो सकता है। कुछ नुकसान होने की भी आशंका है। आज आपको पॉजिटिव एटीट्यूड मेन्टेन करना चाहिए। कुंभ 3 मार्च के दिन तनाव से बचने के लिए सेल्फ केयर पर फोकस करें। परिवार के किसी सदस्य से कोई गुड न्यूज मिल सकती है। करियर और फाइनेंशियल लाइफ आज नॉर्मल रहेगी। मीन 3 मार्च के दिन करियर में कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। हाइड्रेटेड रहें और सेल्फ-केयर पर फोकस करें। आपके खर्चे बढ़ सकते हैं। आपको अपनी फाइनेंशियल कंडीशन के प्रति सावधान रहने की जरूरत है।

होली 2026 पर लगेगा चंद्र ग्रहण: भारत में समय, सूतक काल की स्थिति और किन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव

साल 2026 की होली कई मायनों में खास मानी जा रही है। इस बार रंगों के पर्व के साथ एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना भी जुड़ रही है। दरअसल, 2 मार्च को होलिका दहन, 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण और 4 मार्च को रंगों की होली मनाई जाएगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगने जा रहा है, जिसका असर देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों पर भी पड़ सकता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण के समय सूतक काल लागू हो जाता है। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ जैसे कार्यों से परहेज किया जाता है। ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल हैं कि होलिका दहन का सही समय क्या है, चंद्र ग्रहण कब लगेगा और इसका ज्योतिषीय प्रभाव किन राशियों पर अधिक पड़ सकता है। 2 मार्च को होगा होलिका दहन- पंचांग के अनुसार इस वर्ष 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन शाम के समय होलिका पूजन के बाद अग्नि प्रज्ज्वलित की जाती है और लोग परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। होलिका दहन के बाद अगले दिन फाल्गुन पूर्णिमा का महत्व होता है। कई लोग इस दिन स्नान-दान भी करते हैं। 3 मार्च को लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण- ज्योतिषीय गणना के अनुसार 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण लगेगा। बताया जा रहा है कि यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगा। सिंह राशि का स्वामी सूर्य है, जबकि पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह माना जाता है।ज्योतिषियों के मुताबिक इस ग्रहण का प्रभाव प्रशासन, मौसम और आर्थिक गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। चंद्र ग्रहण और सूतक काल का समय धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। सूतक काल शुरू: 3 मार्च सुबह करीब 6:20 बजे चंद्र ग्रहण शुरू: दोपहर लगभग 3:20 बजे ग्रहण का मध्य काल: शाम करीब 5 बजे ग्रहण समाप्त: शाम लगभग 6:45 बजे ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करने और दान देने की परंपरा भी कई जगहों पर देखी जाती है। भारत में चंद्र ग्रहण का समय- 3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण भारत में पूरी तरह दिखाई नहीं देगा। क्योंकि ग्रहण का अधिकतर हिस्सा उस समय पड़ेगा जब भारत में चंद्रमा अभी उगा ही नहीं होगा। इसलिए भारत में लोग इसका सिर्फ आखिरी चरण (अंतिम हिस्सा) ही देख पाएंगे। भारत में ज्यादातर जगहों पर चंद्रमा लगभग 6:10–6:20 बजे के आसपास उगता है। इसलिए ग्रहण का केवल अंतिम हिस्सा सूर्यास्त के बाद कुछ समय के लिए देखा जा सकता है, खासकर पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्वी राज्यों में देखने की संभावना ज्यादा रहेगी। 4 मार्च को खेली जाएगी रंगों की होली होलिका दहन और पूर्णिमा के बाद 4 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर त्योहार की खुशियां मनाते हैं। घरों में पकवान बनाए जाते हैं और लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं। इन राशियों के लिए शुभ संकेत- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण का असर सभी राशियों पर अलग-अलग तरीके से पड़ सकता है। वृषभ, मिथुन, तुला और धनु राशि के जातकों के लिए यह समय अपेक्षाकृत अच्छा माना जा रहा है। इन राशियों के लोगों को करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। इन राशियों को बरतनी होगी सावधानी- सिंह, कर्क, कन्या और वृश्चिक राशि के लोगों को थोड़ा सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। इन राशियों के जातकों को स्वास्थ्य, खर्च और मानसिक तनाव से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है। क्या करें और क्या न करें- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान कुछ नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है। क्या करें-     ग्रहण के समय मंत्र जाप और ध्यान करना शुभ माना जाता है।     ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें।     जरूरतमंद लोगों को दान दें। क्या न करें     सूतक काल में मंदिरों में पूजा-अर्चना से बचें।     ग्रहण के दौरान भोजन करने से परहेज करें।     गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ग्रहण के बाद दान का महत्व ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण समाप्त होने के बाद चावल, चीनी, कपूर और सफेद वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है। इससे ग्रहण से जुड़े दोष कम होने की मान्यता भी बताई जाती है।  

होलिका दहन की असमंजस तारीख: भद्रा–ग्रहण के कारण बदला समय, यहां जानें पूरा विवरण

बुराई पर अच्छाई की जीत का महापर्व होलिका दहन को लेकर इस साल बड़ा कंफ्यूजन बना हुआ है। कुछ लोग कह रहे हैं कि 2 मार्च को होलिका दहन होगा तो कुछ 3 मार्च की तिथि बता रहे हैं। दरअसल, इस बार 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है जिस वजह से ये असमंजस बना हुआ है। शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को यह उत्सव बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जाता है। हालांकि, इस वर्ष होलिका दहन पर ‘भद्रा’ का साया रहने के कारण शुभ मुहूर्त को लेकर काफी चर्चा है। भद्रा काल में होलिका दहन वर्जित माना जाता है, इसलिए ज्योतिषीय गणना के अनुसार भद्रा के पुंछ काल में ही अग्नि प्रज्वलित की जाएगी। आइए जान लेते हैं कि होलिका दहन इस साल आज किया जाएगा या कल और किस समय होगी पूजा… क्यों किया जाता है होलिका दहन? होलिका दहन क्यों किया जाता है वो सभी के लिए जानना बहुत जरूरी है। बता दें कि भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद की रक्षा और अधर्मी होलिका के अंत की यह कथा हमें नकारात्मकता को त्याग कर सकारात्मकता अपनाने का संदेश देती है। हालांकि होलिका दहन को लेकर कई सारी पौराणिक कथाएं प्रचलित है। आइए जानते हैं कि आज रात भद्रा कब तक रहेगी, पूजा का सबसे सटीक शुभ मुहूर्त क्या है और किस विधि से पूजा करने पर आपके परिवार में सुख-समृद्धि आएगी। होलिका दहन 2026: तिथि और पूर्णिमा का समय ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार तिथियों का गणित कुछ इस प्रकार है: पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 मार्च 2026, सोमवार शाम 05:55 बजे से। पूर्णिमा तिथि समापन: 3 मार्च 2026, मंगलवार शाम 05:07 बजे तक। विशेष: 2 मार्च को होलिका दहन होगा, 3 मार्च को चंद्र ग्रहण का प्रभाव रहेगा और 4 मार्च को रंगों वाली होली खेली जाएगी। भद्रा का साया: क्यों है इस बार होलिका दहन खास? 2 मार्च को जैसे ही पूर्णिमा तिथि शुरू होगी, वैसे ही भद्रा का प्रारंभ भी शाम 05:55 बजे से हो जाएगा, जो अगले दिन 3 मार्च की सुबह 05:28 बजे तक रहेगी। शास्त्रों में भद्रा मुख में होलिका दहन को ‘अशुभ’ माना गया है। ऐसी स्थिति में जब भद्रा पूरी रात व्याप्त हो, तब भद्रा पुंछ के समय में दहन करना शास्त्र सम्मत और कल्याणकारी होता है। कब किया जाएगा होलिका दहन जानें शुभ मुहूर्त? आज रात भद्रा के पुंछ काल में दहन का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त निम्नलिखित है: होलिका दहन मुहूर्त: मध्य रात्रि 12:50 बजे से 02:27 बजे तक (2 मार्च की रात)। नोट: इस सीमित समय में ही पूजा और दहन संपन्न करना लाभकारी रहेगा। होलिका पूजन की संपूर्ण विधि और मंत्र पूजा के समय अपना मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखें और नीचे बताई गई विधि अनुसार पूजा करें- जल अर्पण: पूजा स्थल पर दूध और घी मिश्रित जल छिड़कें। सामग्री अर्पण: अक्षत, फूल, रोली, हल्दी, मूंग, गुड़ और गेहूं की सात बालियां अर्पित करें। परिक्रमा: कच्चा सूत लेकर होलिका की 3 या 7 बार परिक्रमा करें और सुख-समृद्धि की कामना करें। सिद्ध मंत्र: पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करें: ओम होलिकायै नम: ओम प्रह्लादाय नम: ओम नृसिंहाय नम: पूजा सामग्री की चेकलिस्ट शुभ फल की प्राप्ति के लिए पूजा में इन चीजों को शामिल करना न भूलें: सूखी लकड़ियां और गोबर के उपले (बड़कुल्ले) की माला। कच्चा सूत, अक्षत, रोली, फूल और हल्दी। गुलाल, बताशा, नारियल, मिठाई और कपूर। एक कलश में शुद्ध जल। धार्मिक महत्व: क्यों जलाई जाती है होली? होलिका दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि विश्वास की जीत है। यह कथा भक्त प्रह्लाद की अटूट आस्था और भगवान नरसिंह के अवतार की याद दिलाती है। मान्यता है कि होलिका की पवित्र अग्नि में घर की नकारात्मकता, बीमारियां और बुरी शक्तियां जलकर भस्म हो जाती हैं। सामूहिक रूप से दहन करने से सामाजिक एकता और भाईचारा बढ़ता है।

Holi Vastu Advice: होली से पहले इन अशुभ वस्तुओं को बाहर करें, खुशहाली और धन का होगा आगमन

नई दिल्ली होली रंगों का पर्व है। साथ ही यह पर्व खुशियों और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन लोग एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाते हैं और गिले-शिकवे दूर कर गले लगाते हैं। मान्यता है कि होली पर वास्तु के कुछ खास नियमों का पालन किया जाए, तो खुशियों में चार चांद लग जाएगी। होली के पहले घर में साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखना चाहिए। साफ-सफाई के दौरान कई ऐसी चीजें घर में निकलती हैं, जो अशुभ मानी जाती है। जिन्हें घर में रखने से नकारात्मकता बढ़ती है। ऐसे में इन्हें घर से बाहर निकाल देना सही मान जाता है। चलिए वास्तु के मुताबिक जानते हैं कि होली से पहले घर में कौन सी चीजें निकाल देनी चाहिए। होली पर घर से निकाल दें सूखे पौधे वास्तु के मुताबिक घर के अलग-अलग हिस्सों में अगर सही तरीके पौधे लगाएं, तो घर में सकारात्मक लगाना शुभ होता है। लेकिन कई बार ये सूख जाते हैं और हम इसपर ध्यान नहीं देते हैं। वास्तु की मानें, तो ये भी वास्तु दोष की वजह बनते हैं। ऐसे में होली पर साफ-सफाई के दौरान घर में अगर सूख पौधे हैं, तो उन्हें घर से बाहर कर दें। टूटे-फूटे जूते-चप्पल घर में टूटे जूते-चप्पल रखना भी बेहद अशुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार, घर में इसे रखने से भाग्य कमजोर होता है। इसलिए इसे घर से बाहर ही रखें। इसलिए इन्हें अपने घर की दहलीज से हमेशा दूर रखें। ऐसे में इस होली अगर आप साफ-सफाई कर रहे हैं और इस दौरान टूटे-फूटे चप्पल-जूते मिले तो इन्हें घर से बाहर निकाल दें। टूटा हुआ आईना वास्तु के मुताबिक टूटा हुआ आईना घर में नहीं रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार, टूटा हुआ शीशा मानसिक अशांति पैदा करता है और सकारात्मक ऊर्जा के बहाव को रोकता है। रसोई में चटके हुए बर्तन रखने से घर की बरकत रुक जाती है, इसलिए इन्हें बदलना ही बेहतर है। साथ ही इससे प्रेम संबंधों में खटास पड़ जाती है। इसलिए इसे घर में रखने की भूल कभी न करें। खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान घरों में इलेक्ट्रॉनिक समानों का इस्तेमाल ज्यादा होने लगे हैं। ये खराब होते हैं। ऐसे में लोग इन्हें बाहर हटाना सही नहीं समझते हैं और घर के कहीं कोने में रख देते हैं। वास्तु शास्त्र में घर में पड़े खराब या खराब हो चुके इलेक्ट्रॉनिक सामान को नकारात्मक ऊर्जा का कारण माना जाता है। होली से पहले की सफाई में इन खराब इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को घर से बाहर निकाल देना बेहद जरूरी माना जाता है। इससे घर का स्थान साफ होता है और पॉजिटिविटी बनी रहती है। खंडित मूर्तियां वास्तु के मुताबिक घर में खंडित व टूटी-फूटी मूर्तियां भी घर पर नहीं रखनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसी मूर्तियों की पूजा करने से पूरा फल नहीं मिलता। होली आने से पहले इन मूर्तियों को सम्मान के साथ किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर दें या मिट्टी में दबा दें। मंदिर साफ रखने से मन को शांति मिलती है। बंद घड़ी घड़ी को समय और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। लेकिन मान्यता है कि रुकी हुई घड़ी न सिर्फ वास्तु दोष पैदा करती है, बल्कि व्यक्ति के बुरे वक्त का कारण भी बन सकती है। अगर आपके घर में कोई घड़ी बंद पड़ी है, तो उसमें सेल डालें या उसे तुरंत घर से बाहर करें। चलता हुआ समय ही जीवन में गतिशीलता लाता है।  

होली 2026: 3 छोटे उपाय जो दिलाएंगे राहत, नजर दोष से भी मिलेगी सुरक्षा

नई दिल्ली होली सिर्फ रंगों और मस्ती का त्योहार नहीं है, बल्कि यह नकारात्मक ऊर्जा को जलाने और सकारात्मकता को अपनाने का सबसे शुभ अवसर है। होली के दिन किए गए छोटे-छोटे उपाय पूरे साल के लिए सुख-शांति, धन-समृद्धि और नजर दोष से सुरक्षा दिलाते हैं। शास्त्रों में होली की ऊर्जा को बहुत शक्तिशाली माना गया है। इसलिए होली पर कुछ सरल टोटके और उपाय करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं और भाग्य चमकता है। आइए जानते हैं होली के दिन करने वाले 3 सबसे आसान और प्रभावी उपाय। होली का दिन क्यों है खास? होली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। होलिका दहन से नकारात्मकता जलती है और धुलेंडी पर रंगों के साथ सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह शुरू होता है। इस दिन वातावरण में विशेष तरंगें सक्रिय रहती हैं। इसलिए होली पर किए गए शुभ कार्य कई गुना फल देते हैं। यह समय नजर दोष, ग्रह पीड़ा और पुरानी कड़वाहटों को खत्म करने का सबसे उत्तम है। होली पर परिवार के साथ मिलकर उपाय करने से घर में प्रेम, शांति और समृद्धि बनी रहती है। मुख्य द्वार की शुद्धि और गुलाल छिड़काव होली की सुबह स्नान के बाद घर के मुख्य द्वार पर गंगाजल का छिड़काव करें। गंगाजल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। इसके बाद हल्दी या लाल गुलाल से मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाएं। स्वस्तिक सुख, समृद्धि और लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक है। मान्यता है कि इस उपाय से घर में बुरी नजर नहीं लगती और धन-धान्य की वृद्धि होती है। कई लोग मुख्य द्वार पर गुलाल की छोटी लकीरें भी बनाते हैं। यह सरल टोटका पूरे साल घर की रक्षा करता है। परिवार संग प्रार्थना और बड़ों का आशीर्वाद रंग खेलने से पहले पूरे परिवार के साथ कुछ मिनट बैठकर भगवान का स्मरण करें। अपने इष्ट देव से सुख-शांति, प्रेम और समृद्धि की कामना करें। फिर घर के बड़े-बुजुर्गों के चरणों में गुलाल लगाकर आशीर्वाद लें। शास्त्रों में बड़ों का आशीर्वाद कुंडली के दोषों को शांत करने वाला माना जाता है। यह कार्य रिश्तों में प्रेम बढ़ाता है और घर में कलह दूर करता है। बड़ों के आशीर्वाद से जीवन की बाधाएं कम होती हैं और भाग्य मजबूत होता है। होलिका दहन की राख से तिलक और नजर से रक्षा होलिका दहन की राख को अगले दिन घर लाकर माथे पर तिलक लगाएं। यह राख बुराई के नाश का प्रतीक है। माना जाता है कि इससे बुरी नजर, ऊपरी बाधा और नकारात्मक प्रभाव दूर रहते हैं। कुछ लोग इस राख को घर के कोनों में हल्का छिड़कते हैं। इससे घर का वातावरण शुद्ध रहता है। होलिका दहन की राख से तिलक लगाने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। यह सबसे सरल और शक्तिशाली उपाय है। शत्रुता भुलाकर गले मिलें और रिश्ते सुधारें होली दुश्मनी मिटाने का त्योहार है। यदि किसी से पुरानी मनमुटाव या शत्रुता हो तो होली के दिन उसे गुलाल लगाकर गले मिलें। पुरानी बातें भूलकर नया रिश्ता शुरू करें। ज्योतिष में इस कार्य को बहुत शुभ माना जाता है। इससे राहु-केतु और मंगल के दोष शांत होते हैं। रिश्तों में सुधार से मानसिक शांति मिलती है और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ती है। यह कार्य ना केवल मन को हल्का करता है, बल्कि भाग्य में भी वृद्धि करता है। होली पर रिश्ते सुधारने से पूरे साल प्रेम और सुख बना रहता है। होली के दिन ये सरल उपाय करने से नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। यह समय अपनी किस्मत को जगाने और जीवन में नई शुरुआत करने का सबसे अच्छा अवसर है। इन उपायों को सच्चे मन से अपनाएं तो धन-समृद्धि बढ़ेगी और ग्रह दोषों से राहत मिलेगी।

राशिफल 02 मार्च 2026: मेष, वृषभ, मिथुन समेत सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा दिन, पढ़ें पूरा भविष्यफल

मेष: 2 मार्च के दिन बाहर के खाने से परहेज करें। जीवन में बदलाव होने की संभावना है। चाहे मामला प्रेम का हो, करियर का हो, धन का हो, सेहत का हो, या परिवार का हो, बदलावों को पॉजिटिव सोच के साथ अपनाएं। तनाव न लें। वृषभ: 2 मार्च का दिन वृषभ राशि के जातकों के लिए प्रोडक्टिव साबित हो सकता है। लव लाइफ में उतार-चढ़ाव की स्थिति बरकरार रहेगी। अपने करियर के फ्यूचर को लेकर नए गोल्स बनाएं। मिथुन: 2 मार्च के दिन अपनी लाइफस्टाइल में सही डाइट, नियमित व्यायाम और भरपूर नींद जैसी हेल्दी आदतों को शामिल करें। करियर में आपको अपने बॉस का सपोर्ट मिलेगा। लव लाइफ भी शानदार रहेगी। कर्क: 2 मार्च के दिन जरूरत पड़ने पर ब्रेक लेना याद रखें। तनाव को कम करने के लिए मेडिटेशन करें। आपका दिन शुभ माना जा रहा है। व्यापारियों को कोई बढ़िया डील मिल सकती है। सिंह: 2 मार्च के दिन अपनी डाइट में हरी सब्जियां शामिल करें। परिवार के साथ कुछ वक्त बिताना आपके लिए अच्छा रहेगा। आज अपनी सेहत पर ध्यान दें। अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें। कन्या: 2 मार्च के दिन कन्या राशि के जातकों के जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। निवेश करने से पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी है। धन के मामलों में सावधानी बरतें। तुला: 2 मार्च के दिन कुछ लोगों के खर्च बढ़ सकते हैं। इससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। लव लाइफ में रोमांस बना रहेगा। आपका आज का दिन नॉर्मल रहने वाला है। अपने काम की जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करें। वृश्चिक: 2 मार्च के दिन जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता पाने के लिए पॉजिटिव दृष्टिकोण अपनाएं। आज ताजा शुरुआत और अवसरों को जब्त करने का दिन है। एक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ नई चुनौतियों को बदलने और गले लगाने के लिए तैयार रहें। धनु: 2 मार्च के दिन कुछ लोगों के घर, परिवार में उत्सव का माहौल छा सकता है। यात्रा के योग भी बन रहे हैं। पैसों का लेन-देन करते समय सावधान रहें। धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिला-जुला साबित हो सकता है। मकर: 2 मार्च के दिन सेल्फ लव पर फोकस करें। आपके लिए आज का दिन शुभ माना जा रहा है। खुद को फिट रखने के लिए एक्सरसाइज करें। आपके लिए आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। कुंभ: 2 मार्च के दिन वाद-विवाद में फंसने से बचें। आज का दिन लाइफ में बैलेंस बनाने के बारे में है। आपकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। काम के साथ ब्रेक लेना भी जरूरी है। मीन: 2 मार्च के दिन कुछ नया शुरू करने और बदलावों को अपनाने के लिए शानदार दिन है। पॉजिटिव सोच के साथ, आप चुनौतियों को अवसरों में बदल सकते हैं। अपना फोकस बनाए रखें।

होलिका दहन में अर्पण की जाने वाली चीजें और प्रसाद से जुड़ी धार्मिक मान्यताएँ

हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होली का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन पूरे देश रंग और गुलाल बिखरे नजर आते हैं. होली के दिन आपसी मतभेद भूलकर लोग एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाते हैं. साथ ही एक दूसरे को लगे लगाते हैं. पूरा देश होली के पर्व का इंजार बेसब्र होकर करता है. वहीं हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा की रात को होलिका दहन का भी पर्व मनाया जाता है. रात को हालिका दहन के बाद ही सुबह रंगों की होली खेली जाती है. बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है. मान्यता है कि होलिका दहन की अग्नि में जीवन के सभी दुख और नकारात्मकता जलकर भस्म हो जाती है. फाल्गुन मास की पूर्णिमा की रात शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि होलका दहन में क्या-क्या चीजें अर्पित की जाती हैं? साथ ही जानते हैं कि होलिका दहन का प्रसाद घर ला सकते हैं या नहीं होलिका दहन 2026 कब है? द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि की शुरुआत 02 मार्च 2026 की शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर होगी. इस तिथि का समापन 03 मार्च की शाम 5 बजकर 07 मिनट तक रहेगी. ऐसे में होलिका दहन का पर्व 3 मार्च 2026 को मनाया जाएगा. 04 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी. होलिका दहन में क्या चीजें की जाती हैं अर्पित? पूजा के दौरान जलती हुई अग्नि यानी होलिका में नारियल, उपले, नई फसल, गेंहू, गुलाल, चावल, जौ, रोली, अक्षत, बताशे, फूल, हल्दी की गांठ और कपूर आदि पूजा सामग्री अर्पित की जाती है. साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत का आशीर्वाद मांगा जाता है. होलिका दहन का प्रसाद क्या है? जो चीजें होलिका में अर्पित की जाती हैं, वही होलिका दहन का प्रसाद होता है. इसके अलावा अंत में बची हुई होलिका की राख भी बेहद शुभ मानी जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, होलिका की राख को घर के मंदिर या तिजोरी में रखना चाहिए. साथ ही माथे पर लगाना चाहिए. इससे सेहत अच्छी रहती है. क्या होलिका दहन का प्रसाद घर ला सकते हैं? धार्मिक मान्यता के अनुसार, होलिका दहन का प्रसाद घर लाया जा सकता है. गेहूं, चने, नारियल, बताशे, नई फसल, चावल और जौ आदि प्रसाद को दोस्तों और परिवार वालों के बीच वितरित करना चाहिए. इससे नकारात्मकता दूर रहती है.

क्या फुलेरा दूज पर आप भी कर रहे हैं ये काम? जान लें इसके गंभीर परिणाम

19 फरवरी 2026 को मनाया जाने वाला फुलैरा दूज का पर्व घर में खुशियों और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करने का एक विशेष अवसर है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को आने वाली यह तिथि प्रेम और सादगी का प्रतीक मानी जाती है. मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल स्थाई होता है क्योंकि इसे दोषरहित और स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना गया है. घर के वातावरण को पवित्र बनाने और परिवार के सदस्यों के बीच मधुर संबंध स्थापित करने के लिए इस दिन का सही प्रयोग बहुत आवश्यक है. यह लेख आपको बताएगा कि फुलैरा दूज पर आपको कौन से काम करने चाहिए जिससे घर में बरकत आए और किन गलतियों से बचकर आप अपनी पूजा को सफल बना सकते हैं. घर में बरकत के लिए करें ये शुभ कार्य फुलैरा दूज के दिन घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण की सफाई करना अत्यंत शुभ होता है, क्योंकि इसे देवताओं का स्थान माना जाता है. सुबह स्नान के बाद घर के मुख्य द्वार पर ताजे फूलों का तोरण लगाएं और हल्दी से स्वास्तिक बनाएं ताकि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सके. इस दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी को माखन-मिश्री का भोग लगाना और घर के मंदिर में शुद्ध घी का दीपक जलाना सुख-शांति लाता है. यदि आप कोई नया निवेश या व्यापार शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह दिन बिना किसी दुविधा के कार्य शुरू करने के लिए उत्तम है. इन छोटे-छोटे प्रयासों से घर के माहौल में एक नई उमंग का संचार होता है. पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये गलतियां! जहां फुलैरा दूज खुशियों का पर्व है, वहीं कुछ सावधानियां बरतना भी जरूरी है ताकि पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके. इस दिन घर में किसी भी प्रकार का कलह या वाद-विवाद नहीं करना चाहिए, क्योंकि नकारात्मक बातों से इस शुभ तिथि का प्रभाव कम हो जाता है. भगवान को अर्पित किए जाने वाले फूल बासी या मुरझाए हुए न हों, इसका विशेष ध्यान रखें हमेशा ताजे और सुगंधित फूलों को ही अर्पित करें. साथ ही, इस पावन दिन पर मांस, मदिरा या तामसिक भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह आपकी आध्यात्मिक प्रगति में बाधा डाल सकता है. अबूझ मुहूर्त का लाभ और दान का महत्व फुलैरा दूज की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘अबूझ मुहूर्त’ है, जो हर तरह के मांगलिक कार्यों के लिए खुला रास्ता प्रदान करता है. इस दिन यदि आप किसी जरूरतमंद को सफेद वस्तुएं जैसे दूध, चीनी या चावल का दान करते हैं, तो यह आपके पुण्य फलों में वृद्धि करता है. दान करते समय मन में दया और सेवा का भाव रखें. सायंकाल के समय पूरे घर में कपूर जलाना चाहिए ताकि दिन भर की कोई भी नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश न कर पाए. इन नियमों का पालन करने से न केवल आपके घर में बरकत आती है, बल्कि आपके जीवन सही मार्ग भी खुलता है.

जन्म नक्षत्र का चमत्कार: इस नक्षत्र में पैदा हुए बच्चों का साथ कभी नहीं छोड़ता भाग्य

ज्योतिष शास्त्र में ग्रह और नक्षत्रों का वर्णन विस्तार पूर्वक किया गया है. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि नौ ग्रह हैं. ज्योतिष शास्त्र में ग्रह और नक्षत्र का बहुत महत्व है. ज्योतिषविद ग्रह और नक्षत्र देखकर ही कुंडली बनाते हैं. लोगों के भविष्य भाग्य और स्वभाव आदि के बारे में ग्रह, नक्षत्र और राशि देखकर ही अंदाजा लगया जाता है. ज्योतिष शास्त्र में कुल 27 नक्षत्र बताए गए हैं. सभी नक्षत्रों का स्वामित्व किसी न किसी ग्रह के पास है. ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हर नक्षत्र का अपनी एक विशेषता है. 27 में से कुछ नक्षत्र अति विशेष और महत्वपूर्ण माने गए हैं. आज हम आपको उस नक्षत्र के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें जन्मे बच्चों को हमेशा भाग्य का साथ मिलता है. साथ ही इन पर शनि देव का विशेष आशीर्वाद बना रहता है. आइए जानते हैं इस नक्षत्र के बारे में. अनुराधा नक्षत्र में जन्मे बच्चे ज्योतिष शास्त्र में ऐसी मान्यता है कि अनुराधा नक्षत्र में जन्में बच्चे बहुत ही भाग्यशाली होते हैं. अनुराधा ज्योतिष शास्त्र का 17वां नक्षत्र माना जाता है. अनुराधा नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं. शनि को देवताओं में न्यायाधीश का दर्जा प्राप्त है. शनि देव लोगों को उनके कर्मों के अनुसार, फल और दंड प्रदान करते हैं. इस नक्षत्र में जन्मे बच्चों का साथ किस्मत कभी नहीं छोड़ती. मंगल की भी रहती है कृपा अनुराधा नक्षत्र में जन्मे बच्चों पर ग्रहों के सेनापति मंगल की भी कृपा देखने को मिलती है. इसके कारण इस नक्षत्र में जन्मे बच्चे बहुत साहसी, उत्साही और ऊर्जावान होते हैं. इस नक्षत्र में जन्मे बच्चे दूसरों के सामने अपनी बातों को बिना किसी डर के रखते हैं. इन्हें कोई बात घुमा फिराकर कहना नहीं आता है. इनका स्वभाव बहुत धार्मिक होता है. ये अवसर का पूरा लाभ उठाते हैं. ये अनुशासन के पक्के होते हैं, इसलिए बड़ी सफलता हासिल करते हैं. ये दूसरी की सहायता करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं.

शुभ-अशुभ तिथियों की पहचान: पांच तिथियां और उनका धार्मिक संकेत

सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में तिथियों का विशेष महत्व है. भारतीय परंपरा में तिथियां चंद्रमा की गति के आधार पर निर्धारित होती हैं. यही कारण है कि इनको चंद्रमास कहा जाता है. साल को मास और मास तिथियों में विभाजित हैं. सनातन धर्म में पर्व, त्योहार और सभी शुभ व मांगलिक कामों का आधार तिथियां ही होती हैं. इसमें 15 कृष्ण और 15 शुक्ल पक्ष की तिथियां हैं. शुक्ल पक्ष का अंतिम दिन पूर्णिमा का होता है. इस दिन आसमान में पूर्ण चंद्रमा होता है. इसी तरह कृष्ण पक्ष के आखिरी दिन जब आसमान में चंद्रमा नहीं होता तो उसको अमावस्या कहा जाता है. इन 30 तिथियों को पांच भागों में विभाजित किया गया है. नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता और पूर्णा. आज हम आपको इन्हीं के बारे में बताने वाले हैं, तो आइए जानते हैं कि इनके अर्थ क्या हैं? साथ ही जानते हैं कि रिक्ता में क्यों शुभ काम नहीं होते? पांच प्रकार की तिथियां नदा तिथि: हर माह की दो पक्षों की प्रतिपदा यानी कृष्ण और शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा, षष्ठी और एकादशी नंदा तिथि कही जाती है. इस तिथि में अंत के 24 मिनट छोड़कर सभी तरह के शुभ और मांगलिक काम किए जा सकते हैं. भद्रा तिथि: हर माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया, सप्तमी और द्वादशी तिथि भद्रा कहलाती है. इसमें पूजा, व्रत, जाप, दान आदि करना बहुत शुभ होता है. इस तिथि में वाहन भी खरीद सकते हैं. इसमें मांगलिक और शुभ काम नहीं किए जाते हैं. जया तिथि: हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की तृतीया, अष्टमी, त्रयोदशी, जया तिथि कही जाती है. ये तिथि सेना से जुड़े काम, अदालती काम, वाहन खरीद और कलात्मक काम के लिए बहुत शुभ होती है. रिक्ता तिथि (क्यों मानी जाती है अशुभ?): हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी तिथि रिक्ता कहलाती है. इन तिथियों को अशुभ माना जाता है. इनको ब्लैंक डेट्स कहा जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रिक्ता तिथियां इसलिए अशुभ मानी जाती हैं क्योंकि इसमें किए गए शुभ कामों का लाभ लंबे समय तक नहीं मिल पाता. पूर्णा तिथि: पंचमी, दशमी, पूर्णिमा, अमावस्या को पूर्णा तिथि कहा जाता है. इसमें अमावस्या को छोड़कर बाकी सभी तिथियों में शुभ और मांगलिक काम किए जा सकते हैं.

19 फरवरी राशिफल: किस राशि को मिलेगा लाभ, किसे रहना होगा सावधान?

मेष 19 फरवरी के दिन आप एक बिजी लेकिन प्रोडक्टिव ऑफिस लाइफ के साथ-साथ एक शानदार लव लाइफ का अनुभव करेंगे। आज के दिन धन का इस्तेमाल समझदारी से करें। सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। वृषभ 19 फरवरी के दिन प्यार और ऑफिस लव दोनों में चुनौतियों को सुलझाएं। सुरक्षित भविष्य के लिए सबसे अच्छे पैसे के निवेश के विकल्पों पर विचार करें। आज के दिन आपका स्वास्थ्य भी सामान्य रहेगा। मिथुन 19 फरवरी के दिन एक चेकलिस्ट फॉलो करें। घर पर, प्यार भरे शब्द और मददगार काम शांति लाएंगे। खर्च करने में सावधानी बरतें। जब भी हो सके बचत करें। रूटीन, धैर्य और ईमानदारी से किया गया काम जल्द ही लगातार, क्लियर प्रोग्रेस देगा। कर्क 19 फरवरी के दिन सिंपल प्लान भरोसेमंद नतीजे देंगे और धैर्य से काम करें। फोकस और प्रैक्टिकल प्लान आपको अपने काम को लगातार पूरा करने में मदद करेंगे। प्रोजेक्ट्स को छोटे-छोटे स्टेप्स में बांटें। सिंह 19 फरवरी के दिन दूसरों को अपना भरोसेमंद काम देखने दें। आज आप स्टेबल और फोकस्ड महसूस करेंगे। छोटे-छोटे फैसलों से काम और घर पर क्लियर प्रोग्रेस होगी। प्यार से बात करें। कन्या 19 फरवरी के दिन आज आपका दिल छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देगा। रचनात्मकता से मददगार विचार आएंगे। भावनाओं को सावधानी से शेयर करें। ध्यान से सुनें, और शांत फैसलों को अपने कामों को गाइड करने दें। तुला 19 फरवरी के दिन जल्दबाजी में की गई टिप्पणियों से बचें, जिनसे टकराव हो सकता है। धीमे, सावधानी भरे कदम विश्वास पैदा करेंगे और क्लियर रिजल्ट देंगे। महत्वपूर्ण छोटे कामों को पूरा करने के लिए फोकस का उपयोग करें। वृश्चिक 19 फरवरी के दिन अपने रोमांटिक रिश्ते में समस्याओं को सुलझाएं। काम की जगह पर, अपने काम में ईमानदार रहें और आपके प्रयासों को पहचाना जाएगा। आप धन और स्वास्थ्य दोनों के मामले में भाग्यशाली हैं। धनु 19 फरवरी के दिन जब आप छोटी-छोटी बातों में सावधानी और धैर्य से काम करेंगे, तो शांत योजनाएं आगे बढ़ेंगी। धनु राशि वाले देखेंगे कि उनकी ताकत प्रगति में उनका मार्गदर्शन कर रही है। लक्ष्यों को मामूली रखें और सोच-ससमझकर बोलें। मकर 19 फरवरी के दिन पैसे के मामले में सावधान रहें और अचानक रिस्क लेने से बचें। छोटे, क्लियर कदम और शांत फोकस जल्द ही प्रगति लाएंगे। आप जीवन में गहरा फोकस और शांत शक्ति महसूस करेंगे। कुंभ 19 फरवरी के दिन आपकी कल्पना और ध्यान से सुनना आज नए मौके खोल सकता है। एक आसान क्रिएटिव काम की योजना बनाने के लिए शांत समय का उपयोग करें। घर पर, धैर्यवान व मददगार काम दूसरों को खुशी देंगे। मीन 19 फरवरी के दिन प्रोफेशनल सफलता के साथ-साथ एक खुशहाल लव रिलेशनशिप का आनंद लेंगे। आपकी फाइनेंशियल सिचूऐशन अच्छी है। आज के दिन स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

दैनिक भविष्यफल 18 फरवरी: जानें करियर, प्यार और धन के मामले में कैसा रहेगा दिन

मेष 18 फरवरी के दिन पॉजिटिव सोच बनाकर रखें। अपने काम पर फोकस करें। गॉसिप से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। एक प्रोडक्टिव प्रोफेशनल लाइफ जीने की कोशिश करें। सेहत से कोई समझौता न करें। धन की कमी नहीं होगी। वृषभ 18 फरवरी के दिन वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है। मिथुन 18 फरवरी के दिन तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें। कुछ लोगों के लिए काफी बिजी साबित हो सकता है। कार्यालय में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। कर्क 18 फरवरी के दिन बाहर के खाने से परहेज करें। आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। व्यापार, सेहत, पैसों का मामला या हो लव लाइफ बड़े चेंज के लिए तैयार हो जाएं। सिंह 18 फरवरी का दिन थोड़ा सा स्ट्रेस भरा साबित हो सकता है। समय पर काम ना पूरा होने से सीनियर्स या मैनेजमेंट की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च बढ़ने की संभावना भी ज्यादा है। कन्या 18 फरवरी के दिन इन्वेस्टमेंट को लेकर स्ट्रेटजी बनाने पर ध्यान दें। फिट रहने पर फोकस रखें। बदलाव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रचनात्मकता को नए-नए तरीकों से दर्शाने की कोशिश करें। इन परिवर्तनों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए पॉजिटिव रहें। तुला 18 फरवरी के दिन एक शानदार दिन के लिए तैयार हो जाएं। प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो जाएंगी। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। खर्च कम करें। वृश्चिक 18 फरवरी के दिन सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें। दिन रोमांटिक रहेगा। आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को आज ही प्रेम जीवन में आ रही दिक्कतों पर फोकस करना चाहिए। धनु 18 फरवरी के दिन किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा। अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन-लाभ हो सकता है। मकर 18 फरवरी के दिन खर्च को शाम के वक्त कंट्रोल करने की जरूरत है। आपको आज के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। कुंभ 18 फरवरी के दिन आप आलस भरा महसूस कर सकते हैं। काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा। अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें। मीन 18 फरवरी के दिन मीन राशि आपका दिन काफी बेहतरीन साबित हो सकता है। करियर के मामले में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको दी जा सकती है। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है।

पंचक शुरू होते ही सावधानी जरूरी: भूलकर भी न करें ये कार्य

 हिंदू धर्म में पंचक काल को विशेष सावधानी बरतने वाला समय माना जाता है. पंचांग के अनुसार 17 फरवरी 2026 से पंचक की शुरुआत हो गई है, जो 21 फरवरी 2026 तक रहेगा. इस बार पंचक मंगलवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे अग्नि पंचक कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कुछ विशेष कार्य करने से बचना चाहिए, वर्ना जीवन में परेशानियां और नुकसान बढ़ सकता है. कब से कब तक रहेगा पंचक? पंचांग के अनुसार पंचक की शुरुआत 17 फरवरी 2026, मंगलवार सुबह 09:05 बजे से हो गई है और इसका समापन 21 फरवरी 2026, शनिवार शाम 07:07 बजे होगा. इस बार पंचक का समय इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसी दिन फाल्गुन अमावस्या और सूर्य ग्रहण भी पड़ रहे हैं, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है. क्या होता है पंचक? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में रहता है, तब पंचक काल बनता है. यह कुल पांच दिनों का समय होता है. मान्यता है कि इन दिनों में किए गए कुछ कार्य अशुभ फल दे सकते हैं. मंगलवार से शुरू होने के कारण इसे अग्नि पंचक के नाम से जाना जाता है. इस दौरान आग लगने का भय, दुर्घटनाओं की आशंका और विवादों का खतरा अधिक रहता है. भूलकर भी न करें ये काम शास्त्रों के अनुसार, पंचक के इन दिनों में कुछ विशेष कार्यों को करने की सख्त मनाही है. दक्षिण दिशा की यात्रा: पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करना वर्जित है. इसे यम की दिशा माना जाता है, जिससे दुर्घटना या भारी हानि का भय रहता है. घर की छत डलवाना: यदि आप घर बनवा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि पंचक के दौरान लेंटर या छत नहीं डलवानी चाहिए. इससे घर में क्लेश और धन की हानि हो सकती है. लकड़ी का काम और चारपाई: पंचक के दौरान लकड़ी इकट्ठा करना, फर्नीचर खरीदना या चारपाई/पलंग बनवाना अशुभ माना जाता है. मशीनरी का कार्य: अग्नि पंचक होने के कारण औजारों और मशीनों से जुड़े काम सावधानी से करें या टाल दें. आग से जुड़ी दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है. नए निवेश या व्यापार: किसी भी नए बड़े निवेश या व्यापार की शुरुआत से इन 5 दिनों तक बचना चाहिए. क्यों खास है इस बार का अग्नि पंचक? इस बार का पंचक ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है. 17 फरवरी को ही साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है और साथ ही फाल्गुन अमावस्या भी है. ग्रहों की यह स्थिति मानसिक तनाव और विवाद पैदा कर सकती है. विद्वानों का मानना है कि ग्रहण और पंचक का एक साथ होना प्रकृति और जनजीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है. पंचक में अनहोनी से बचने के उपाय     यदि कोई कार्य करना बहुत अनिवार्य हो, तो ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं:     यदि दक्षिण दिशा में जाना जरूरी हो, तो हनुमान जी के मंदिर में गुड़-चना चढ़ाकर यात्रा शुरू करें.     लकड़ी का काम शुरू करने से पहले गायत्री मंत्र का जाप करें या गायत्री हवन करें.  

पहला सूर्य ग्रहण और 12 राशियाँ: किसे मिलेगा लाभ, किसे रहना होगा सावधान

कुंभ राशि में लगने वाला साल का पहला ग्रहण सामूहिक चेतना, नवाचार और भविष्य की योजनाओं में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है. भले ही यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का गोचर और उनकी स्थिति प्रत्येक जातक के लिए महत्वपूर्ण होती है. आइए विस्तार से समझते हैं कि इस ग्रहण का विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने की संभावना है. राशियों पर ग्रहण का प्रभाव मेष राशि यह ग्रहण आपके सामाजिक जीवन और बड़े सपनों को प्रभावित कर सकता है. देखा जाए तो आप अपनी दोस्ती और काम-काज के रिश्तों को नए नजरिए से देख सकते हैं. पैसों को लेकर थोड़ी अस्थिरता महसूस हो सकती है, इसलिए निवेश या खर्च का कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें. वृषभ राशि करियर को लेकर यह समय थोड़ा संभलकर चलने का है. हो सकता है ऑफिस में काम का दबाव बढ़े या मेहनत का फल मिलने में थोड़ी देरी हो. अधिकारियों से उलझने के बजाय धैर्य रखें. ध्यान रहे, धीरे-धीरे ही सही लेकिन आपकी निरंतरता आपको बड़ी सफलता दिलाएगी. मिथुन राशि आपकी पढ़ाई, लंबी यात्राओं और भविष्य की सोच में कुछ बदलाव आ सकते हैं. मुमकिन है कि बनी-बनाई योजनाओं में फेरबदल करना पड़े. विशेष रूप से, इस दौरान आपकी आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी, जो आपको खुद को बेहतर तरीके से समझने में मदद करेगी. कर्क राशि ग्रहण के प्रभाव से आपकी भावनाएं काफी गहरी हो सकती हैं. पैसों के लेन-देन, लोन या पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें. बेमतलब की चिंताओं में न उलझें और मुश्किल समय में परिवार के साथ पर भरोसा रखें. सिंह राशि आपके रिश्तों और पार्टनरशिप के लिए यह समय धैर्य की परीक्षा जैसा है. अगर बातचीत में अहंकार आया, तो गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. दूसरों की बातों को ध्यान से सुनें और शांति से जवाब दें; यही आपकी समझदारी होगी. कन्या राशि अपनी सेहत और रोजमर्रा के काम पर ध्यान दें. काम के बोझ को खुद पर हावी न होने दें, नहीं तो तनाव बढ़ सकता है. अनुशासन बनाए रखें और काम के साथ-साथ आराम के लिए भी वक्त निकालें. सेहत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. तुला राशि आपका मन रचनात्मक कामों में लगेगा, लेकिन भावनात्मक रूप से ध्यान भटक सकता है. प्रेम संबंधों में एक-दूसरे से बहुत ज्यादा उम्मीदें न पालें. अपनी बात को साफ और स्पष्ट रखें ताकि किसी भी तरह के भ्रम की गुंजाइश न रहे. वृश्चिक राशि यह समय आपके घर और परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. घर की चर्चाओं में धैर्य बनाए रखें, क्योंकि पुरानी बातें फिर से उभर सकती हैं. कड़वी भाषा का प्रयोग करने से बचें और घर के माहौल को शांत रखने की कोशिश करें. धनु राशि बातचीत करने और नई चीजें सीखने के मामले में सावधानी जरूरी है. किसी को कुछ भी बोलने से पहले सोच लें ताकि गलतफहमी न हो. छोटे भाई-बहनों या पड़ोसियों के साथ व्यवहार में नरमी बरतें और सकारात्मक रहें. मकर राशि पैसों के मामले में अनुशासन बनाए रखना ही आपके लिए सबसे बड़ा मंत्र है. फिजूलखर्ची या रिस्की निवेश से फिलहाल दूर रहें. यह ग्रहण आपको अपनी बचत और खर्च करने के तरीकों को सुधारने का एक अच्छा मौका दे रहा है. कुंभ राशि यह ग्रहण आपकी ही राशि में है इसलिए यह समय ‘खुद को पहचानने’ का है. आप अपने स्वास्थ्य, करियर और रिश्तों को लेकर दोबारा सोच सकते हैं. मन थोड़ा अशांत रह सकता है, इसलिए फिलहाल कोई बड़ा बदलाव न करें और खुद को समय दें. मीन राशि आपका झुकाव अध्यात्म की ओर ज्यादा रहेगा. आप अकेलापन महसूस कर सकते हैं, लेकिन इसे नकारात्मक न होने दें. यह पुराने जख्मों को भरने और प्रार्थना व ध्यान के जरिए खुद को शांत करने का बहुत अच्छा समय है. ग्रहण के दौरान नकारात्मक प्रभाव कम करने के उपाय शास्त्रों में ग्रहण के प्रभाव को संतुलित करने के लिए कुछ विशेष मार्गदर्शन दिए गए हैं, जो सभी जातकों के लिए लाभकारी हैं:     मंत्रों का आलंबन: स्पष्टता और सुरक्षा के लिए गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जप करें.     दान और सेवा: चावल, दूध, तिल, पीले वस्त्र या अन्य वस्तुओं का दान करना सकारात्मकता लाता है.     आध्यात्मिक साधना: ध्यान, मौन और प्रार्थना को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.     संयम: अनावश्यक विवादों से बचें और मानसिक शांति बनाए रखने का प्रयास करें.  

ग्रहण काल में तुलसी दल व गंगाजल का प्रयोग क्यों किया जाता है? आस्था और विज्ञान का रहस्य

पंचांग के अनुसार, साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने जा रहा है. सूर्य ग्रहण के दौरान तुलसी के पत्तों और गंगाजल का इस्तेमाल बहुत जरूरी माना गया है. शास्त्रों की मानें तो ग्रहण के समय जब सूर्य की रोशनी कम होती है, तो पूरी दुनिया में एक तरह की नकारात्मक ऊर्जा फैलने लगती है. ऐसे में तुलसी और गंगाजल दो ऐसी पवित्र चीजें हैं, जो इस बुराई को सोख लेती हैं और आसपास के माहौल को शुद्ध रखती हैं. माना जाता है कि इनके इस्तेमाल से घर और रसोई की पवित्रता बनी रहती है और हम पर ग्रहण का बुरा असर पड़ने की आशंका बहुत कम हो जाती है. यह हमारी प्राचीन परंपरा का एक अटूट हिस्सा है. खाने-पीने की चीजों में तुलसी का महत्व शास्त्रों और युर्वेद के अनुसार, तुलसी एक ऐसा पौधा है जिसमें कुदरती तौर पर हानिकारक किरणों को खत्म करने की अद्भुत शक्ति होती है. ग्रहण के समय हवा में कुछ ऐसे बारीक कीटाणु और अशुद्ध तरंगें बढ़ जाती हैं, जो खाने और पानी को खराब कर सकती हैं. अगर हम पके हुए खाने, दूध और पीने के पानी में तुलसी का पत्ता डाल दें, तो वह खाना पूरी तरह सुरक्षित रहता है. माना जाता है कि तुलसी की उपस्थिति से भोजन शुद्ध बना रहता है और ग्रहण खत्म होने के बाद भी हम उसे बिना किसी डर के इस्तेमाल कर सकते हैं. यह विधि हमारे आहार की सात्विकता का संचालन करती है. गंगाजल के छिड़काव से वातावरण की शुद्धि गंगाजल को हमारे धर्म में सबसे पवित्र जल माना गया है, जो कभी अशुद्ध नहीं होता. शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के समय घर के हर कोने और मंदिर में गंगाजल छिड़कने से वहां मौजूद नकारात्मक ऊर्जा तुरंत खत्म हो जाती है. गंगाजल में वातावरण को साफ-सुथरा रखने और मन में अच्छे विचार लाने की अद्भुत शक्ति होती है. ग्रहण के समय जब हम थोड़े डरे या परेशान होते हैं, तब गंगाजल का स्पर्श हमारे मन को शांत और पवित्र रखने में बड़ी मदद करता है. इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और तनाव कम होने की संभावना बढ़ जाती है. गंगाजल का प्रयोग घर के वातावरण में सकारात्मकता भर देता है. ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धि का विधान जैसे ही ग्रहण खत्म हो, खुद को और घर को शुद्ध करने के लिए भी इनका बहुत बड़ा महत्व है. नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें डालकर स्नान करने से शरीर की सारी सुस्ती और दोष दूर हो जाते हैं. इसके बाद पूरे घर और भगवान की मूर्तियों पर भी गंगाजल छिड़कना चाहिए. ग्रहण के दौरान जिन चीजों में आपने तुलसी के पत्ते डाले थे, उन्हें इस्तेमाल करने से पहले पत्ते निकालकर किसी पौधे या साफ जगह पर रख दें. यह छोटी सी विधि आपके जीवन में फिर से सकारात्मकता लाने में मदद करती है.

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