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SBI ने दिया झटका… महंगा हुआ लोन, अब चुकानी होगी ज्‍यादा ईएमआई

मुंबई देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) ने करोड़ों ग्राहकों को झटका दिया है. एसबीआई ने अपने एमसीएलआर (MCLR) में 10 बेसिस प्वॉइंट (BPS) या 0.1 फीसदी का इजाफा कर दिया है. इसके चलते अब बैंक के कस्टमर्स को बढ़ी हुई ईएमआई (EMI) का बोझ उठाना पड़ेगा. इससे उन ग्राहकों को झटका लगेगा, जिन्होंने एमसीएलआर पर आधारित लोन लिया है. अन्य बेंचमार्क पर आधारित लोन लेने वाले इस दायरे में नहीं आएंगे. नई एमसीएलआर दर 15 जून से लागू मानी जाएगी एसबीआई की वेबसाइट के मुताबिक, नई एमसीएलआर दर 15 जून से लागू मानी जाएगी. इस बदलाव के बाद एक साल का एमसीएलआर पहले के 8.65 फीसदी से बढ़कर 8.75 फीसदी हो गया है. ओवरनाइट एमसीएलआर अब 8 फीसदी से बढ़कर 8.10 फीसदी, एक महीने और तीन महीने की एमसीएलआर अब 8.20 फीसदी से बढ़कर 8.30 फीसदी हो गई है. इसके अलावा छह महीने की एमसीएलआर 8.55 फीसदी से बढ़कर 8.65 फीसदी हो गई है. ज्यादातर लोन एक साल की एमसीएलआर दर से जुड़े होते हैं. दो साल की एमसीएलआर 0.1 फीसदी बढ़कर 8.75 फीसदी से 8.85 फीसदी और 3 साल की एमसीएलआर 8.85 फीसदी से बढ़कर 8.95 फीसदी हो गई है. हाउसिंग और ऑटो लोन सहित किसी भी प्रकार का कर्ज देते समय बैंक ईबीएलआर और आरएलएलआर पर क्रेडिट रिस्क प्रीमियम जोड़ते हैं. रेपो रेट या ट्रेजरी बिल यील्ड से जुड़ी ब्याज दर पर दे रहे हैं कर्ज 1 अक्टूबर, 2019 से, एसबीआई समेत सभी बैंक केवल एक्सटर्नल बेंचमार्क जैसे आरबीआई के रेपो रेट (RBI Repo Rate) या ट्रेजरी बिल यील्ड (Treasury Bill Yield) से जुड़ी ब्याज दर पर कर्ज दे रहे हैं. इसके चलते बैंकों द्वारा मोनेट्री पॉलिसी ट्रांसमिशन को गति मिली है. मोनेट्री ट्रांसमिशन पर लोन को एक्सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ देने से सभी सेक्टर्स पर असर दिखाई दे रहा है. एसबीआई ने बॉन्ड से 10 करोड़ डॉलर जुटाए इस बीच, एसबीआई ने शुक्रवार को कहा कि उसने फंड बिजनेस ग्रोथ के लिए बॉन्ड से 10 करोड़ डॉलर (लगभग 830 करोड़ रुपये) का इश्यू पूरा कर लिया है. एसबीआई ने रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि तीन साल की मैच्योरिटी वाले सीनियर अनसिक्योर्ड फ्लोटिंग रेट नोट्स और रेगुलेशन-एस के तहत तीन महीने में पेमेंट वाले सिक्योर्ड ओवरनाइट फाइनेंसिंग रेट +95 बीपीएस प्रति वर्ष के कूपन के माध्यम से यह फंड जुटाया गया है. इसमें कहा गया है कि बॉन्ड एसबीआई की लंदन ब्रांच के माध्यम से 20 जून, 2024 तक जारी किए जाएंगे.

मोदी सरकार ने कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स घटाया, इन कंपनियों को मिलेगा फायदा

नईदिल्ली केंद्र सरकार ने कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स में भारी कटौती करते हुए इसे 3,250 रुपये प्रति टन कर दिया है। पिछले पखवाड़े यह 5,200 रुपये प्रति टन था। विंडफॉल टैक्स कम होने का सीधा फायदा घरेलू स्तर पर कच्चा तेल उत्पादन करने वाली कंपनियों जैसे ओएनजीसी और ऑयल इंडिया को मिलता है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, कर की नई दर 15 जून से प्रभावी हो गई है। डीजल, पेट्रोल और विमान ईंधन (एटीएफ) पर विंडफॉल टैक्स को शून्य बरकरार रखा गया है। 15 दिन में टैक्स की होती है समीक्षा सरकार द्वारा हर 15 दिन में विंडफॉल टैक्स की समीक्षा की जाती है। हाल के महीनों में कई बार कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स कम किया जा चुका है। एक जून को इसे 5,700 रुपये प्रति टन से घटाकर 5,200 रुपये प्रति टन किया गया था। वहीं, 16 मई को सरकार ने कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स 8,400 रुपये से घटाकर 5,700 रुपये प्रति टन कर दिया था। इससे पहले 1 मई को इसे 9,600 रुपये से घटाकर 8,400 रुपये प्रति टन किया गया था। विंडफॉल टैक्स 2022 से शुरू हुआ था कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स कम करने का सीधा फायदा घरेलू स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादक कंपनियों जैसे ओएनजीसी और ऑयल इंडिया को मिलता है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के कारण कंपनियों को हो रहे अप्रत्याशित लाभ पर विंडफॉल टैक्स लगाया जाता है। इसे जुलाई 2022 से शुरू किया गया था।

क्रिसिल :मानसून की सामान्य स्थिति को देखते हुए हम उम्मीद करते हैं कि खाद्य मुद्रास्फीति में नरमी आएगी

कोलकाता  अग्रणी रेटिंग एवं आर्थिक शोध कंपनी क्रिसिल ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 में मुद्रास्फीति के औसतन 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।क्रिसिल ने कहा, ‘‘ मानसून की सामान्य स्थिति को देखते हुए हम उम्मीद करते हैं कि खाद्य मुद्रास्फीति में नरमी आएगी, जबकि गैर-खाद्य मुद्रास्फीति में वृद्धि हो सकती है। जिंस कीमतों में नरमी के कारण इसके नरम बने रहने की उम्मीद है।’’ रेटिंग कंपनी ने कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति मई में मामूली रूप से घटकर 4.75 प्रतिशत हो गई, जो अप्रैल 2024 में 4.8 प्रतिशत थी। क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘ गैर-खाद्य श्रेणियों ने मुख्य मुद्रास्फीति को नीचे खींचा है, लेकिन चिंता की बात यह है कि खाद्य श्रेणियों अनाज तथा दालों में लगातार वृद्धि हो रही है।’’ क्रिसिल ने कहा कि शहरी अर्थव्यवस्था को सख्त ऋण शर्तों से नियंत्रित किया जा सकता है। हाल के महीनों में बैंक खुदरा ऋण वृद्धि में कमी आई है, जबकि एनबीएफसी को बैंक ऋण देने पर प्रतिबंध लगाने के विनियामक उपायों का असर उपभोक्ता ऋणों पर भी पड़ेगा। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘ सरकार के अच्छे पूंजीगत व्यय के बावजूद, राजकोषीय समेकन के कारण इसके पिछले वर्ष की तुलना में कम रहने का अनुमान है।’’ इसमें कहा गया कि धीमी वैश्विक वृद्धि से वस्तु निर्यात में वृद्धि बाधित हो सकती है, जिससे इस वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर घटकर 6.8 प्रतिशत रह जाएगी, जो पिछले वर्ष 8.2 प्रतिशत थी।   भेल को अडाणी पावर से दो बिजली संयंत्रों के लिए 7,000 करोड़ रुपये के ठेके मिले नई दिल्ली  सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भेल को अडाणी पावर से 7,000 करोड़ रुपये के दो बिजली संयंत्रों के ठेके मिले हैं। भेल ने एक बयान में कहा कि पहला ठेका छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में स्थापित किए जा रहे 2×800 मेगावाट रायपुर सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट का अडाणी पावर लिमिटेड से मिला है। बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थापित किए जा रहे 2×800 मेगावाट मिर्जापुर सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट के लिए दूसरा ठेका एमटीईयूपीपीएल (अडाणी पावर लिमिटेड की एक अनुषंगी कंपनी) से मिला हे। भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) भारत का सबसे बड़ा इंजीनियरिंग व विनिर्माण उद्यम है। यह ऊर्जा, उद्योग और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में काम करता है।  

आयात 7.7 % बढ़कर 61.91 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो मई 2023 में 57.48 अरब अमेरिकी डॉलर था

नई दिल्ली  भारत में मई में वस्तु निर्यात नौ प्रतिशत बढ़कर 38.13 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले इसी महीने में 34.95 अरब डॉलर था।  जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। आंकड़ों के अनुसार, आयात 7.7 प्रतिशत बढ़कर 61.91 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो मई 2023 में 57.48 अरब अमेरिकी डॉलर था। समीक्षाधीन महीने में व्यापार घाटा (आयात और निर्यात के बीच का अंतर) 23.78 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। आंकड़ों के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि निर्यात की दृष्टि से मई महीना उत्कृष्ट रहा है और ‘‘ मुझे उम्मीद है कि यह प्रवृत्ति जारी रहेगी।’’ निर्यात अप्रैल 2024 में एक प्रतिशत बढ़कर 35 अरब अमरीकी डॉलर रहा था। चालू वित्त वर्ष 2024-25 में अप्रैल-मई के दौरान निर्यात 5.1 प्रतिशत बढ़कर 73.12 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया और आयात 8.89 प्रतिशत बढ़कर 116 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।  

गौतम अदाणी ने कहा- तंजानिया के साथ बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में करेंगे दीर्घकालिक समझौता

Hemant Soren will again become the Chief Minister of Jharkhand

नई दिल्ली अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने शुक्रवार को कहा कि अदाणी समूह अफ्रीका के सबसे महत्वपूर्ण देशों में से एक तंजानिया के साथ बंदरगाहों, नवीकरणीय ऊर्जा और हवाई अड्डों सहित अन्य उद्योगों में दीर्घकालिक समझौता करने को उत्सुक है। गौतम अदाणी ने तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन से मुलाकात की और कहा कि अफ्रीका के भविष्य के बारे में उनसे सुनना रोमांचक था। अदाणी समूह के चेयरमैन ने एक्स पर पोस्ट किया, “संयुक्त गणराज्य तंजानिया की करिश्माई राष्ट्रपति महामहिम सामिया सुलुहू से मिलना सम्मान की बात थी। उन्होंने कहा कि अफ्रीका के भविष्य के बारे में उनकी गहरी अंतर्दृष्टि सुनना और अफ्रीका के सबसे आशाजनक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देशों में से एक के साथ दीर्घकालिक समझौतेे की संभावनाओं पर चर्चा करना रोमांचक था। गौतम अदाणी ने आगे कहा कि वे अदाणी समूह द्वारा विभिन्न बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाने के बारे में उत्साहित हैं, इसमें बंदरगाह, नवीकरणीय ऊर्जा, हवाई अड्डे, ट्रांसमिशन, वितरण और रेल शामिल हैं, ताकि तंजानिया में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचेे के निर्माण में मदद मिल सके। पिछले महीने, अदाणी इंटरनेशनल पोर्ट्स होल्डिंग्स ने पूर्वी अफ्रीकी देश में दार एस सलाम बंदरगाह पर कंटेनर टर्मिनल 2 (सीटी2) के संचालन व देखरेख के लिए तंजानिया पोर्ट्स अथॉरिटी के साथ 30 साल का समझौता किया। अदाणी इंटरनेशनल पोर्ट्स होल्डिंग्स अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। एपीएसईजेड के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने कहा कि अदाणी समूह ने तंजानिया पोर्ट्स अथॉरिटी के साथ 30 साल का समझौता किया है, ताकि पूर्वी अफ्रीकी देश में दार एस सलाम बंदरगाह पर कंटेनर टर्मिनल 2 (सीटी2) का संचालन और प्रबंधन किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह कदम एपीएसईजेड की 2030 तक वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े बंदरगाह संचालकों में से एक बनने की महत्वाकांक्षा के अनुरूप है। दार एस सलाम बंदरगाह एक प्रवेश द्वार बंदरगाह है, जो सड़क और रेलवे के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।

महंगाई का एक और झटका, अमूल-मदर डेयरी के बाद अब पराग ने बढ़ाए दूध के दाम

 नई दिल्ली महंगाई का असर अब दूध पर भी दिखने लगा है. पहले अमूल, फिर मदर डेयरी अब पराग के दूध महंगे हो गए हैं. पराग के दोनों एक लीटर वाले वैरायटी पैक में दो-दो रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके चलते अब पराग टोंड मिल्क 54 रुपये की बजाय 56 रुपये के हो गए हैं. बढ़ी हुई कीमतें शुक्रवार की शाम से लागू हो जाएंगी. कंपनी ने बताया कि पराग गोल्ड 1 लीटर की कीमत 66 रुपये से बढ़कर 68 रुपये हो गई है. पराग डेयरी के जीएम विकास बालियान ने कहा कि पराग के बाजारों में मिलने वाले दोनों 1 लीटर वाले पैक के दाम बढ़ा दिए गए हैं. साथ ही आधा लीटर वाले पैकों में एक-एक रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके चलते पराग गोल्ड आधा लीटर का दाम 33 रुपये से बढ़कर 34 रुपये हो गया है. नई दरें आज शाम से लागू वहीं आधा लीटर पराग स्टैंडर्ड अब 30 की बजाय 31 रुपये हो गया है. इसके अलावा टोंड मिल्क आधा लीटर 27 की जगह 28 रुपये का हो गया है. पराग डेयरी जनरल मैनेजर ने बताया कि बीते 2 जून को अमूल समेत अन्य दूध बनाने वाली कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए थे. भारी गर्मी की वजह से दूध का उत्पादन भी कम हो रहा है. पराग हर दिन करीब 33 हजार लीटर दूध की आपूर्ति कर रहा है. वहीं दूध की लागत में भी बढ़ोतरी हुई है, जिस वजह से दूध के दामों में इजाफा किया है. इसी महीने अमूल ने भी बढ़ाए थे दूध के दाम बता दें, इसी महीने सबसे पहले अमूल दूध की कीमतों (Amul Milk Price) में इजाफा किया गया,फिर अगले दिन मदर डेयरी ने भी अपना दूध महंगा (Mother Dairy Milk) कर दिया. दोनों ही कंपनियों ने अपने दूध की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर (Rs 2 per Litre) की बढ़ोतरी की है. बता दें, इससे पहले अप्रैल 2023 में भी अमूल (Amul) ने गुजरात में अपनी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की थी. गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (GCMMF) ने पूरे राज्य में अमूल दूध की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. Amul की ओर से कीमतों में हालिया इजाफे के संबंध में कहा गया है कि दूध के उत्पादन और ऑपरेशन कॉस्ट में बढ़ोतरी होने की वजह से दाम बढ़ाए गए हैं.  

पबलिग को झटका: 2 साल बाद बढ़ने वाला है यह चार्ज, ATM से अब पैसे निकालना पड़ेगा महंगा

नई दिल्ली अगर आप एटीएम मशीन से कैश निकालते हैं तो आपके लिए यह खबर काम की हो सकती है। अब एटीएम से तय फ्री लिमिट के बाद पैसे निकालने पर आपको ज्यादा चार्ज देने पड़ सकते हैं। दरअसल, देश के एटीएम ऑपरेटरों ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) से संपर्क किया है। एटीएम ऑपरेटर इंटरचेंज चार्ज में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। क्या है डिमांड इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, एटीएम उद्योग परिसंघ ( CATMI ) की मांग है कि इंटरचेंज फीस को बढ़ाकर अधिकतम 23 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन किया जाए। इसके जरिए व्यवसाय के लिए अधिक फंडिंग सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। एटीएम मेकर एजीएस ट्रांजैक्ट टेक्नोलॉजीज के कार्यकारी निदेशक स्टेनली जॉनसन ने कहा-इंटरचेंज रेट दो साल पहले बढ़ाई गई थी। हम आरबीआई से संपर्क कर रहे हैं और ऐसा लगता है कि वे बढ़ोतरी का समर्थन करते हैं। हमने यानी CATMI ने चार्ज को 21 रुपये तक बढ़ाने का अनुरोध किया है। वहीं, कुछ अन्य एटीएम मेकर्स ने इसे 23 रुपये तक बढ़ाने की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में आरबीआई की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। एक एटीएम निर्माता के मुताबिक इंटरचेंज चार्ज में वृद्धि एनपीसीआई द्वारा लिया गया निर्णय है क्योंकि दर उनके द्वारा तय की जाती है। 2021 में हुई थी बढ़ोतरी बता दें कि साल 2021 में एटीएम ट्रांजैक्शन पर इंटरचेंज चार्ज 15 रुपये से बढ़ाकर 17 रुपये कर दिया गया। एटीएम इंटरचेंज वह चार्ज है जो कार्ड जारी करने वाले बैंक की तरफ से उस बैंक को दिया जाता है, जहां कार्ड का इस्तेमाल नकद निकालने के लिए किया जाता है। इंटरचेंज चार्ज ज्यादा होने के कारण लागत की भरपाई के लिए बैंक ग्राहकों से फ्री ट्रांजैक्शन के बाद लिए जाने वाले चार्ज में बढ़ोतरी कर सकेंगे। अभी ग्राहकों से ट्राजैक्शन के बाद 21 रुपये तक चार्ज लिए जा रहे हैं। वर्तमान में सेविंग अकाउंटहोल्डर के लिए एक महीने में न्यूनतम पांच ट्रांजैक्शन फ्री हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी बैंक हैं जिनके एटीएम पर तीन लेनदेन मुफ्त हैं। इसके बाद अलग- अलग बैंक एटीएम से चार्ज भी अलग-अलग तरह के वसूले जाते हैं।

22 जून को चुनाव के बाद यह काउंसिल की पहली बैठक होगी आयोजित, जुलाई लास्ट में आ सकता है बजट

Horticulture Minister ended the syndicate of one family

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की बैठक 22 जून को होगी। जीएसटी काउंसिल सचिवालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा- जीएसटी काउंसिल की 53वीं बैठक 22 जून 2024 को नई दिल्ली में होगी। बैठक के एजेंडे की जानकारी अभी काउंसिल के सदस्यों को नहीं दी गई है। बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद यह काउंसिल की पहली बैठक होगी। इससे पहले, जीएसटी काउंसिल की 52वीं बैठक सात अक्टूबर 2023 को हुई थी, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री शामिल हुए थे। मई का जीएसटी कलेक्शन देश का ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन मई में 10 प्रतिशत बढ़कर 1.73 लाख करोड़ रुपये हो गया। मई माह के कलेक्शन में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की वृद्धि, आयात में कमी (4.3 प्रतिशत की गिरावट) के बीच घरेलू लेनदेन से राजस्व में मजबूत वृद्धि (15.3 प्रतिशत) के कारण हुई है। जुलाई में आम बजट नई सरकार बनने के बाद अब केंद्रीय बजट 2024-25 की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्रीय बजट जुलाई के तीसरे सप्ताह तक संसद में पेश किये जाने की संभावना है। इसका मतलब हुआ कि 21 जुलाई तक आम बजट पेश किया जाएगा। यह आम बजट निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। बता दें कि निर्मला सीतारमण को एक बार फिर वित्त मंत्रालय की कमान सौंपी गई है। सीतारमण अगले महीने नई सरकार का पहला बजट पेश करते समय सरकार के आर्थिक एजेंडा को सामने रख सकती हैं।   क्या होगा एजेंडा नई सरकार में भी वित्त मंत्रालय संभालने जा रहीं सीतारमण के आर्थिक एजेंडा में भारत को पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और वर्ष 2047 तक देश को ‘विकसित भारत’ में बदलने के लिए सुधारों को तेज करने के कदम शामिल होंगे। नई सरकार को राजकोषीय विवेक के साथ एक मजबूत अर्थव्यवस्था विरासत में मिली है। हाल ही में सरकार को रिजर्व बैंक से वित्त वर्ष 2023-24 के लिए लाभांश के तौर पर मिले 2.11 लाख करोड़ रुपये उसकी राजकोषीय स्थिति के लिए काफी मददगार साबित हो सकते हैं।

अनिल अंबानी की कंपनी खरीदने हिंदूजा ग्रुप का छूट रहा पसीना, NCLT से मांगा और टाइम

नई दिल्ली  कर्ज में डूबे उद्योगपति अनिल अंबानी (Anil Ambani) की कंपनी रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) को खरीदने के लिए हिंदुजा ग्रुप (Hinduja Group) को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। ग्रुप ने एनसीएलटी में एक आवेदन देकर लेंडर्स को अंतिम भुगतान करने के लिए और समय मांगा है। हिंदुजा ग्रुप की कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स (IIHL) ने अक्टूबर 2023 में रिलायंस कैपिटल के लिए ₹9,850 करोड़ की सबसे बड़ी बोली लगाई थी। IIHL को इस अधिग्रहण को पूरा करने के लिए इंश्योरेंस रेगुलेटर समेत सभी अहम मंजूरियां मिल चुकी हैं। रिलायंस कैपिटल की इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग को पूरा करने और भुगतान करने की समय सीमा 27 मई थी। हिंदुजा ग्रुप का कहना है कि डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड से विदेशी निवेश के लिए मंजूरी मिलने में देरी हुई है, इसलिए उसे इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए और समय चाहिए। रिलायंस कैपिटल के लेंडर्स का आरोप था कि आईआईएचएल द्वारा आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने में विफलता का खामियाजा कॉरपोरेट देनदार और उसके वित्तीय लेनदारों को नहीं उठाना चाहिए। मंजूरी मिलने में देरी पूरी तरह से आईआईएचएल के आचरण के कारण है। आईआईएचएल ने अपने आवेदन में दावा किया है कि सभी मंजूरियां प्राप्त करना उसकी अकेले की जिम्मेदारी नहीं है, क्योंकि अधिकांश मंजूरियों के लिए प्रशासक या कॉर्पोरेट देनदार की परिचालन सहायक या सहयोगी कंपनियों के माध्यम से आवेदन करना आवश्यक है, इसलिए यह ग्रुप के हाथ में नहीं है। ₹2,750 करोड़ की इक्विटी निवेश के बारे में आवेदन में कहा गया है कि ग्रुप ने अपने ऑडिटर्स डी एंड जी एसोसिएट्स एलएलपी के जरिए एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया है। यह इस बात का प्रमाण है कि ग्रुप इक्विटी पूंजी निवेश करने के अपने दायित्व को पूरा करने के लिए कृतसंकल्प है। कितना है कर्ज कंपनी ने कहा कि सर्टिफिकेट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इक्विटी भागीदारी के लिए $300 मिलियन (लगभग ₹2,500 करोड़) की धनराशि निर्धारित की गई है। आवेदक के निदेशक मंडल द्वारा पारित प्रस्ताव द्वारा भी इसका समर्थन किया गया। रिलायंस कैपिटल में करीब 20 फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियां हैं। इनमें सिक्योरिटीज ब्रोकिंग, इंश्योरेंस और एक एआरसी शामिल है। आरबीआई ने भारी कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल के बोर्ड को 30 नवंबर 2021 को भंग कर दिया था और इसके खिलाफ इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग शुरू की थी। रिलायंस कैपिटल पर 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है।

सेंसेक्स करीब 400 अंक बढ़कर 77145.46 पर ओपन हुआ

मुंबई भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) हर रोज नया रिकॉर्ड बना रहा है और सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को भी मार्केट ओपन होने के साथ ही सेंसेक्स और निफ्टी ने अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. जोरदार तेजी के साथ शुरुआत करते हुए BSE Sensex 77,145.46 के नए ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया, तो वहीं NSE Nifty ने भी ताबड़तोड़ तेजी दिखाते हुए 23,481.05 का नया हाई छू लिया. बीते कारोबारी दिन भी निफ्टी-50 ने रिकॉर्ड बनाया था. शेयर बाजार  (Share Market) में गुरुवार को तेजी के साथ हरे निशान पर कारोबार की शुरुआत की और सेंसेक्स करीब 400 अंक बढ़कर 77145.46 पर ओपन हुआ. वहीं दूसरी ओर सेंसेक्स की ही तरह तूफानी तेजी के साथ एनएसई निफ्टी 118.35 अंक 0.51% बढ़कर 23,441.30 पर खुला और कुछ ही मिनटों में ये 23,481 के स्तर पर पहुंच गया. शुरुआती कारोबारी में Nestle India, HCL Tech, Infosys, Wipro में जोरदार तेजी देखने को मिली. इससे पहले बीते कारोबारी दिन बुधवार को Nifty ने अपना नया हाई बनाया था और आज उसे तोड़ दिया.   सुबह के कारोबार में नए शिखर पर पहुंचा था निफ्टी घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत में निफ्टी ने 48.70 अंक या 0.21 फीसदी 23,313.50 अंक के स्तर पर अपने कारोबार की शुरुआत की और सेंसेक्स 147.65 अंक या 0.19 फीसदी की मजबूती के साथ 76,604.24 अंक के स्तर पर खुला. इसके बाद सुबह के ही कारोबार में करीब 11 बजे के आसपास एनएसई निफ्टी कारोबार में 177.1 अंक या 0.76 फीसदी बढ़कर 23,441.95 अंक के अपने नए शिखर पर पहुंच गया. हालांकि, मंगलवार के कारोबार में निफ्टी 5.65 अंक या 0.02 फीसदी की मजबूती के साथ 23,264.85 अंक के स्तर पर बंद हुआ था. वहीं, सुबह के कारोबार में 30 शेयर वाला बीएसई सेंसेक्स 593.94 अंक या 0.77 फीसदी चढ़कर 77,050.53 अंक पर रहा. बीएसई सोमवार को अपने पिछले सर्वकालिक शिखर 77,079.04 को छूने से सिर्फ 28.51 अंक दूर रह गया था. मंगलवार 11 जून 2024 को सेंसेक्स 33.49 अंक या 0.04 फीसदी टूटकर 76,456.59 अंक पर बंद हुआ था. टॉप गेनर शेयर घरेलू शेयर बाजार के सेंसेक्स में सूचीबद्ध कंपनियों में जिन कंपनियों के शेयरों में तेजी आई, उनमें एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, कंटेनर कॉरपोरेशन, एचडीएफसी एएमसी, अंबुजा सीमेंट्स, फेडरल बैंक, ओरेकल फाइनांशियल सर्विस, एलएंडटी फाइनांस, सन टीवी नेटवर्क, बैंक ऑफ बड़ौदा, एनएमडीसी, परिमल एंटरप्राइजेज, कोल इंडिया, पावरग्रिड कॉरपोरेशन, गोदरेज प्रॉपर्टीज, एसीसी और आरबीएल बैंक शामिल हैं. वहीं, जिन कंपनियों के शेयरों में नरमी का रुख रहा, उनमें पिडिलाइट इंडस्ट्रीज, मैरिको, यूनाइटेड स्प्रिट, डॉ लाल पैथ लैब, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बायोकॉन और इंटरग्लोब एविएशन शामिल हैं. एशियाई बाजारों का हाल दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों की बात करें, तो एशियाई बाजारों में जापान के निक्केई, हांगकांग के हैंगसेंग, जकार्ता के जकार्ता कंपोजिट में नरमी का रुख रहा. वहीं, चीन के शंघाई कंपोजिट, दक्षिण कोरिया के कॉस्पी और ताइवान के ताइवान वेटेड में तेजी बनी रही. हालांकि, अमेरिका का डाऊ जोंस भी तेजी के साथ कारोबार कर रहा है. वैश्विक बाजारों में सोना नरमी के साथ 2,313.87 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर यह बढ़त के साथ 71,510 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल मजबूती के साथ 78.78 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 82.70 के स्तर पर कारोबार कर रहा है.

बकरीद से पहले प्याज की मांग बढ़ी, आगे चलकर और क्यों बढ़ सकती हैं कीमतें

नई दिल्ली देश में प्याज के दाम में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है. पिछले 15 दिनों की बात करें तो प्याज की कीमतों में 30-50 फीसदी तक का इजाफा हो चुका है. देश में इस समय प्याज की आवक यानी इसकी सप्लाई कम हो रही है जबकि ईद उल-अज़हा (बकरीद) के आने से पहले प्याज की मांग में जोरदार इजाफा हो चुका है. अब केंद्र सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वो प्याज के बढ़ते दामों पर लगाम लगाने के लिए कुछ कदम उठाए. महाराष्ट्र के लासलगांव मंडी में प्याज के दाम खूब चढ़े महाराष्ट्र के नासिक की लासलगांव मंडी में प्याज के औसत थोक भाव में खूब इजाफा आ चुका है. सोमवार को यहां औसत थोक भाव 26 रुपये प्रति किलो पर थे जबकि पिछले महीने की 25 तारीख को ये रेट 17 रुपये प्रति किलो पर थे. हालांकि महाराष्ट्र में सबसे अच्छी क्वालिटी के प्याज के रेट राज्य के कई होलसेल मार्केट में 30 रुपये प्रति किलो के भाव को पार कर गए हैं. चूंकि इनका ट्रेड वॉल्यूम कुल प्याज की बिक्री में कम रहता है तो इनके दाम का औसत कुल भाव में ज्यादा असर नहीं दर्शाता है. क्यों बढ़ रही प्याज की कीमतें प्याज के रेट में हालिया तेजी मुख्य रूप से डिमांड और सप्लाई के बीच अंतर की वजह से आई है. जून से मंडियों और बाजारों में जो प्याज आ रहा है वो उस स्टॉक से है जो किसानों और ट्रेडर्स ने रखा हुआ था. हालांकि किसानों को ऐसी आशंका है कि साल 2023-24 की रबी फसल में गिरावट आ सकती है जिसके बाद उन्हें प्याज के रेट में बढ़ोतरी की उम्मीद है. किसानों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार अब प्याज पर एक्सपोर्ट ड्यूटी हटा सकती है और इसी अनुमान के दम पर स्टॉकिस्ट और किसान प्याज का भंडारण कर रहे हैं. उन्हें लगता है कि एक्सपोर्ट ड्यूटी हटने के बाद प्याज के दाम काफी ऊपर जा सकते हैं और इस समय पर वो अपनी प्याज की अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं. एक्सपोर्ट में फिलहाल बनी हुई है सुस्ती प्याज के निर्यात पर 40 फीसदी एक्सपोर्ट ड्यूटी की वजह से फिलहाल इसकी गति धीमी बनी हुई है. चूंकि आगामी 17 जून को ईद उल-अज़हा (बकरीद) का त्योहार मनाया जाएगा तो ट्रेडर्स का दावा है कि घरेलू मांग कुछ और समय तक तेजी जारी रहेगी. महाराष्ट्र से आने वाली प्याज के लिए मांग लगातार बढ़ रही है, खासकर दक्षिणी राज्यों से डिमांड ज्यादा है. कितना हुआ प्याज में इजाफा नासिक की लासलगांव मंडी में सोमवार को प्याज का औसत थोक मूल्य 26 रुपए प्रति किलोग्राम था, जबकि 25 मई को यही दाम 17 रुपए प्रति किलोग्राम थे. बेहतरीन क्वालिटी वाले प्याज की कीमत, जिसकी कुल कारोबार मात्रा में हिस्सेदारी छोटी है, राज्य के कई थोक बाजारों में 30 रुपए को पार कर गई है. हालिया कीमतों में इजाफे का प्रमुख कारण मांग और सप्लाई में अंतर है. जून से बाजारों में आने वाला प्याज किसानों और व्यापारियों द्वारा रखे गए स्टॉक से आता है. किसान अपने स्टॉक को कम निकाल रहे हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि 2023-24 की रबी फसल में संभावित गिरावट के कारण कीमतें बढ़ेंगी. दिल्ली में महंगी हुई प्याज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में लगातार प्याज की कीमतें बढ़ती जा रही है। प्याज की कीमत बीते 10 दिनों से बढ़ने लगी है। बीते 10 दिनों के मुताबिक 12 से 15 रुपये तक प्याज की कीमत बढ़ गई है। वहीं जून के महीने में भी प्याज किसान और व्यापारियों के पास उपलब्ध स्टॉक से आती है। किसान अब अपने स्टॉक को भी कम बेच रहे है, जिस कारण प्याज की कीमत बढ़ने लगी है। किसानों का मानना है कि रबी फसल 2023-24 में गिरावट आने के बाद प्याज की कीमत बढ़ जाएगी। वहीं प्याज की कीमत में 40% एक्सपोर्ट फीस बढ़ गई है, जिस कारण इसका निर्यात कम होने लगा है। व्यापारियों ने दावा किया है कि आगामी 17 जून को होने वाली ईद अल अज़हा के लिए प्याज की घरेलू मांग बढ़ गई है। दक्षिण में बढ़ी मांग प्याज की मांग महाराष्ट्र के अलावा दक्षिण के राज्यों मे भी काफी अधिक बढ़ी है। कीमत में आई बढ़ोतरी के पीछे मूल कारण किसान और स्टॉकिस्ट का मानना है कि केंद्र सरकार जल्द ही इस पर से निर्यात शुल्क को खत्म कर सकती है। क्या कहते हैं सरकारी आंकड़ें मिनिस्ट्री कंज्यूमर अफेयर्स की वेबसाइट के अनुसार प्याज कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. अगर बात जून ही करें तो प्याज की औसत कीमतों में ही 1.86 रुपए प्रति किलोग्राम का इजाफा देखने को मिल चुका है. 31 मई को प्याज के औसत दाम 32.12 रुपए प्रति किलोग्राम देखने को मिले थे. जोकि 10 जून को बढ़कर 33.98 रुपए प्रति किलोग्राम हो चुके हैं. वहीं देश की राजधानी दिल्ली में प्याज की कीमत में तो और भी इजाफा देखने को मिला है. 31 मई को दिल्ली में प्याज की सरकारी कीमत 30 रुपए प्रति किलोग्राम थी. जोकि 10 जून को 42 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है. इसका मतलब है कि जून के महीने में दिल्ली में प्याज की कीमत में 12 रुपए का इजाफा हो चुका है.

महंगाई दर घाटी, लोगों के घरेलू बजट पर बोझ कम होने की उम्मीद

नई दिल्ली मई के महीने में भारत की महंगाई दर घटकर 12 महीने के निचले स्तर 4.75 प्रतिशत पर आ गई। ईंधन और खाने के तेल की कीमतों में गिरावट से लोगों के घरेलू बजट पर बोझ कम होने की उम्मीद है। सांख्यिकी मंत्रालय ने बुधवार को ये आंकड़े जारी किए। अप्रैल में मुद्रास्फीति दर 4.83 प्रतिशत पर थी जो 11 महीने का निचला स्तर था। मंत्रालय ने कहा कि मसालों के दाम में अप्रैल 2024 की तुलना में साल-दर-साल काफी गिरावट आई है। साथ ही कपड़े और जूते, आवास से संबंधित महंगाई पिछले महीने से कम हुई है। मई में खाने के तेल की कीमतों में गिरावट का रुख जारी रहा और इस महीने के दौरान इसमें 6.7 प्रतिशत की गिरावट आई। मसालों की कीमतों में वृद्धि अप्रैल में 11.4 प्रतिशत से धीमी होकर मई में 4.27 प्रतिशत हो गई। हालांकि, दालों की कीमत 17.14 प्रतिशत पर बनी रही जो काफी ज्यादा है। सब्जियों की कीमतों में भी 27.33 प्रतिशत की वृद्धि हुई, हालांकि यह अप्रैल के 27.8 प्रतिशत से थोड़ा कम है। महीने के दौरान अनाज की कीमतों में भी 8.65 प्रतिशत की वृद्धि हुई। खाद्य मुद्रास्फीति अप्रैल में 7.87 प्रतिशत थी, जबकि पिछले साल अप्रैल में यह 1.5 प्रतिशत थी। पिछले महीने यानी मई में खाद्य मुद्रास्फीति में 8.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई। देश की महंगाई दर लगातार कई महीनों में घट रही है और मार्च में यह 4.85 प्रतिशत पर आ गई, जबकि फरवरी में यह 5.09 प्रतिशत और इस साल जनवरी में 5.1 प्रतिशत थी। अब यह आरबीआई के टारगेट के नजदीक है, लेकिन इसके बावजूद आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती नहीं की है।

मालिक संग सेक्स करो, वरना रिजाइन दो, एलन मस्क की कंपनियों की कहानी, पीड़िताओं की जुबानी

नई दिल्ली अरबपति एलन मस्क (Elon Musk) अपनी रंगमिजाजी के लिए एक बार फिर सुर्खियों में हैं। ताजा मामले में मस्क पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर SpaceX की एक कर्मचारी और इंटर्न के साथ यौन संबंध बनाए। इसके साथ ही मस्क ने महिला कर्मचारी को अपने बच्चे पैदा करने के लिए भी दबाव डाला। बता दें कि SpaceX एलन मस्क की कंपनी है। यह कंपनी स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजीज कार्पोरेशन के तौर पर काम कर रही है। एलन मस्क इलेक्ट्रिक कारमेकर कंपनी टेस्ला के भी सीईओ हैं। मस्क पर क्या लगे आरोप वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार एलन मस्क द्वारा अवैध दवाओं का कथित सेवन किया जा रहा है। बीते दिनों दावा किया गया था कि मस्क ने कुछ बोर्ड सदस्यों के साथ कई बार एलएसडी, कोकीन, एक्स्टसी, केटामाइन जैसी खतरनाक दवाइयों का सेवन किया है। महिलाओं पर गंदी नजर रिपोर्ट में दावा किया गया कि महिलाओं पर एलन मस्क की गंदी नजर थी और वह पीछा किया करते थे। यह बात तब सामने आई जब SpaceX की फ्लाइट अटेंडेंट ने आरोप लगाया कि साल 2016 में एलन मस्क ने यौन संबंध बनाने के बदले में उसे घोड़ा खरीदने की पेशकश की थी। एक अन्य महिला (जिसने 2013 में SpaceX से इस्तीफा दे दिया था) का आरोप है कि एलन मस्क ने उससे अपने बच्चे पैदा करने के लिए कहा था। एलन मस्क पर लगाए  गंभीर आरोप एलन मस्क पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर स्पेसएक्स की कर्मचारी और एक ट्रेनी के साथ यौन संबंध बनाए। इतना ही नहीं, एलन मस्क ने अपनी कंपनी की एक महिला कर्मचारी से अपने लिए एक बच्चा पैदा करने के लिए कहा। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ महिलाओं पर एलन मस्क द्वारा विशेष और असामान्य ध्यान दिया गया और उनका पीछा किया गया। स्पेसएक्स में काम कर चुकी एक महिला फ्लाइट अटेंडेंट ने बताया कि 2016 में एलन मस्क ने सेक्स के बदले में उसके लिए घोड़ा खरीदने का ऑफर दिया था। साल 2013 में ही स्पेसएक्स से इस्तीफा देने वाली एक अन्य महिला ने कहा कि एलन मस्क ने उससे अपने लिए बच्चे पैदा करने के लिए कहा था। वहीं एक अन्य महिला ने कहा कि साल 2014 में एलन मस्क के साथ उसने एक महीने तक यौन संबंध बनाए। इसके कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद हो गया और उसे एक समझौता करके कंपनी को छोड़ने पर मजबूर कर दिया गया। इसके साथ ही एलन मस्क कई बार चैट कर स्पेसएक्स की कर्मचारियों को घर पर बुलाते थे। मामला सेक्स तक ही सीमित नहीं है बल्कि अवैध ड्रग्स के कथित इस्तेमाल का भी आरोप लगाया जा रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि एलन मस्क ने अपनी कंपनियों में एक ऐसा कल्चर शुरू किया है जिससे महिलाएं असहज हो जाती हैं। एक रिपोर्ट में बताया गया था कि एलन मस्क ने कुछ बोर्ड सदस्यों के साथ कई बार एलएसडी, कोकीन, एक्स्टसी, मशरूम और केटामाइन सहित ड्रग्स का इस्तेमाल किया था। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि कंपनी की एक महिला ने साल 2014 में एलन मस्क के साथ एक महीने तक यौन संबंध बनाए थे। ये वो महिला थी जो सीधे मस्क को रिपोर्ट करती थी। महिला को बाद में कंपनी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि SpaceX में काम करने वाली एक महिला को टेक्स्ट एक्सचेंज के अनुसार मस्क से रात में अपने घर आने के लिए बार-बार निमंत्रण मिला।

Gautam Adani की UAE की कंपनी से बड़ी डील, बनाएंगे ड्रोन और मिसाइल

 नई दिल्ली अडानी ग्रुप (Adani Group) के चेयरमैन और देश के दूसरे सबसे अमीर इंसान गौतम अडानी (Gautam Adani) का दबदबा अब डिफेंस सेक्टर में बढ़ने वाला है. दरअसल, उनकी कंपनी अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने (Adani Defence and Aerospace) ने UAE की कंपनी EDGE Group के साथ डील की है. इस करार के तरह अब दोनों कंपनियां मिलकर सेना के लिए मिसाइल-ड्रोन समेत अन्य आधुनिक हथियार बनाएंगी. हथियारों की मैन्युफैक्चरिंग समेत इन कामों पर जोर मंगलवार को अडानी ग्रुप की ओर से इस करार के बारे में जानकारी शेयर की गई. इसमें बताया गया कि अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और ऐज ग्रुप मिलकर आधुनिक हथियारों की मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक और साइबर सिस्टम डेवलपमेंट में मिलकर काम करेंगी. दोनों कंपनियों के बीच हुए इस समझौते के तहत रिसर्च और डेवलपमेंट फेसिलिटीज स्थापित करने पर विचार करने के साथ ही डिफेंस सेक्टर में टेक्निकल ग्रोथ पर भी जोर दिया गया है. एक ग्लोबल प्लेटफॉर्म स्थापित होगा इस समझौते का उद्देश्य अडानी ग्रुप और ऐज ग्रुप की दोनों कंपनियों की डिफेंस और एयरोस्पेस क्षमताओं को इस्तेमाल करते हुए ग्लोबल प्लेटफॉर्म स्थापित करना है. जिससे कि दोनों के संबंधित प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को एक साथ लाकर पेश किया जा सके. इसमें EDGE और Adani के मुख्य प्रोडक्ट डोमेन में सहयोग का मूल्यांकन करना भी शामिल है, जिसमें हवाई, सतह, पैदल सेना, गोला-बारूद और एयर डिफेंस प्रोडक्ट्स को कवर करने वाली मिसाइलें और मानव रहित हवाई प्रणाली (UAS), लोइटरिंग मुनिशन, काउंटर ड्रोन सिस्टम के साथ ही साइबर टेक्नोलॉजी शामिल हैं. करार पर क्या बोले अडानी डिफेंस CEO? Gautam Adani की कंपनी अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी (Ashish Rajvanshi) ने इस डील को लेकर कहा है कि हमारे बीच यह समझौता रक्षा क्षमताओं के विस्तार में एक नए युग की शुरुआत है. यह एडवांस टेक्नोलॉजिकल ग्रोथ और India-UAE के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाने वाला भी है. हम मिलकर ग्लोबल डिफेंस लैंडस्केप में नए मानक स्थापित करना चाहते हैं. यूएई में बड़ा नाम है EDGE Group साल 2019 में स्थापित यूएई बेस्ड एडवांस्ड टेक ग्रुप EDGE के सीईओ हमद अल मरार भी इस करार को लेकर उत्साहित दिखे. उन्होंने कहा कि अडानी डिफेंस (Adani Defence) के साथ हमारा यह समझौता एक मील का पत्थर साबित होगा. यही नहीं ये डील दोनों देशों के सैन्य संबंधों को मजूबत बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है. हम अपने ग्राहकों को सबसे आधुनिक प्रोडक्ट्स देना चाहते हैं. अब दोनों कंपनियां एक जॉइंट प्लेटफॉर्म तैयार करेंगी.  

31वे अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष वस्तु एवं आयुर्वेद महासम्मेलन इंदौर में आयोजित

इंदौर माँ शारदा ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान संस्थान इंदौर के तत्वाधान में  31वे अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष वस्तु एवं आयुर्वेद महासम्मेलन, देवास मध्यप्रदेश स्थित होटल रॉयल पैलेस द ब्लू में अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष एवं वास्तु महासम्मेलन में ज्योतिषाचार्य पीयूष श्रीवास्तव को ज्योतिष शिरोमणि एच एस रावत जी,श्रीमती डिंपल शर्मा जी, पंडित. दिनेश गुरु जी,पंडित. योगेंद्र महंत जी के द्वारा एस्ट्रो/वास्तु ग्लोबल टॉप टेन अवार्ड से सम्मानित किया गया।

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