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इंटरव्यू देने से पहले दिल और दिमाग दोनों पर काबू रखना होगा

कॅरियर बनाने के क्रम में जैसे ही इंटरव्यू का नाम आता है। बहुत से लोगों के पसीने छूट जाते हैं। कारण किसी को यह नहीं पता होता कि सामने वाला शख्स क्या पूछेगा। बहुत से लोग लिखित परीक्षा तो कई बार पास कर लेते हैं, लेकिन इंटरव्यू में जाने से पहले ही इस कदर घबरा जाते हैं कि साधारण सवालों का जवाब नहीं दे पाते हैं। नतीजा यह होता है कि सब कुछ आते हुए भी आप इंटरव्यू में रिजेक्ट हो जाती हैं। आप इंटरव्यू इत्मीनान से दे सकें, इसके लिए अपने दिल और दिमाग दोनों पर काबू रखना होगा। सबसे जरूरी है अध्ययन विभिन्न प्रकार की सामान्य ज्ञान की किताबें पढ़ने के साथ ही प्रतिदिन समाचार पत्र अवश्य पढ़ें। साथ ही टीवी, रेडियो और इंटरनेट पर भी नजर रखें। ताकि आपको देश-विदेश की ताजा घटनाओं की जानकारी हो सके। इसके अतिरिक्त इंटरनेट और ऐसी पुस्तकों की सहायता लें जिससे अलग-अलग प्रकार की शख्सियतों के बारे में जानकारी हो सके। जिस संस्थान में आपको इंटरव्यू के लिए जाना है, वहां से संबंधित आवश्यक जानकारी इंटरनेट एवं परिचितों की सहायता से अवश्य प्राप्त कर लें। संस्थान से जुड़ी जानकारी आपके आत्मविश्वास को मजबूत करेगी। फस्र्ट इंप्रेशन इज… यह तो आपने भी सुना होगा कि फस्र्ट इंप्रेशन इज द लास्ट इंप्रेशन। इसलिए साक्षात्कार के लिए जाने से पहले अपने मन से घबराहट और हिचकिचाहट जैसे शब्दों को निकाल दें। अगर आप इंटरव्यू देने से पहले ही घबराएंगी तो इसका असर चेहरे पर तो नजर आएगा ही। साथ ही आपका आत्मविश्वास भी डगमगाएगा। अतः जरूरी है कि इंटरव्यू रूम में जाने से पहले पूरी तरह रिलैक्स हो जाएं। आपकी ड्रेस बहुत सारे संस्थानों में इंटरव्यू के लिए बुलाने से पहले कॉल लेटर में यह भी लिखा होता है कि इंटरव्यू के दौरान इस तरह की ड्रेस में आना है। यदि इस बात का जिक्र किया गया है तो उसी के अनुसार कपड़े पहनकर जाएं। यदि इस तरह की कोई पाबंदी नहीं है तो भी वस्त्रों का चुनाव सोच-समझकर करें। कहा भी गया है कि आपके कुछ बोलने से पहले आपके परिधान आपके व्यक्तित्व को बयां कर देते हैं। आपके कपड़े नौकरी एवं पद के अनुकूल होने चाहिए। ड्रेस कोड न होने की स्थिति में यह ध्यान रखें कि आपके परिधान न तो बहुत भड़कीले या टाइट हों और न ही बहुत ढीले-ढाले। याद रखिए गरिमामय परिधान अपनी अलग छाप छोड़ते हैं। पर्सनल ग्रूमिंग अपनी सेहत और सौंदर्य पर भी थोड़ा ध्यान दें। ऐसा न हो कि जब आप इंटरव्यू के लिए जाएं तो आपका चेहरा बुझा-बुझा सा और आपके कंधे ढीले-ढाले नजर आएं। इसके लिए जरूरी है कि अपने खानपान पर ध्यान दें। साथ ही शारीरिक सफाई का भी ध्यान रखें। अगर आप देखने में चुस्त-दुरुस्त नजर आती हैं तो समझिए कि आधी जंग तो आपने पहले से ही जीत ली है। कॅरियर काउंसलर्स का कहना है कि जितना जरूरी अध्ययन करना है, उतना ही जरूरी है कि आपकी पर्सनैलिटी दिखने में भी अच्छी हो। आप चाहें तो कुछ समय पूर्व से ही प्रतिदिन आईने के सामने बैठकर अपनी भाव-भंगिमाएं परखें। साथ ही स्वयं से सवाल-जवाब करें। इस कार्य के लिए आप घर के किसी सदस्य या अपने किसी करीबी की मदद ले सकती हैं, जो आपको सही-सही बताए कि बात करते समय आपकी भाव-भंगिमाएं कैसी होती हैं। करें फाइल तैयार इंटरव्यू देने जाने से पहले अपने सभी जरूरी कागजातों को एक फाइल में सलीके से लगाकर रखें। बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे बेतरतीब तरीके से फाइल बनाते हैं। ध्यान रखिए इंटरव्यू लेने वाला शख्स छोटी-छोटी बातों पर भी गौर करता है। इसलिए अपने शिक्षा संबंधी कागजातों को सलीके से और क्रमानुसार लगाकर रखें। इंटरव्यू में जाने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि सभी महत्वपूर्ण कागजातों की फोटोकॉपी अवश्य करवा लें और इन्हें भी अपनी फाइल में लगाकर रखें। ताकि साक्षात्कारकर्ता के मांगने पर आप फोटोकॉपी तुरंत दे सकें।  

सर्दी की नजर न लगे

आजकल के मौसम में त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए खानपान पर थोड़ा सा ध्यान देने केसाथ ही उसकी देखभाल की भी जरूरत होती है… -त्वचा की स्क्रबिंग के लिए चोकरयुक्त आटे या सूजी में थोड़ा कच्चा दूध मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और इसे चेहरे, गर्दन और हाथों पर लगाकर दो मिनट के लिए छोड़ दें। फिर उबटन की तरह रगड़कर छुड़ा लें और गुनगुने पानी से धो लें। -इस मौसम में त्वचा की क्लेंजिंग और टोनिंग नियमित रूप से करनी चाहिए। रात को सोने से पहले अच्छी क्वालिटी के क्लेंजर से त्वचा की सफाई करनी चाहिए और त्वचा का कसाव बनाए रखने के लिए अच्छी क्वालिटी के टोनर का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे त्वचा में तेल की मात्रा का संतुलन बना रहता है। -शुष्क त्वचा को नर्म बनाए रखने के लिए रात को सोने से पहले क्लेंजिंग क्रीम से चेहरा साफ जरूर करें। -इस मौसम में केला, पपीता, संतरा, अमरूद, सेब आदि फलों का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए क्योंकि इन फलों में मौजूद पोषक तत्व त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इस मौसम में भिगोए गए बादाम, दूध, मक्खन घी, हरी सब्जियों आदि का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए। -यदि त्वचा ज्यादा तैलीय है तो दही और शहद को मिलाकर चेहरे पर हल्के हाथ से कुछ देर तक मलें। फिर धो लें। -आजकल के मौसम में प्रतिदिन एक आंवला जरूर खाना चाहिए, क्योंकि यह विटामिन सी का प्राकृतिक स्रोत है और यह त्वचा की भीतरी परतों तक को पोषण प्रदान करता है। इससे आपकी त्वचा भीतर से स्वस्थ बनी रहती है। -नहाने के पानी में एक चम्मच बॉडी ऑयल मिलाकर नहाएं, इससे त्वचा की खुश्की दूर हो जाती है। -आजकल के मौसम में शुष्क हवाओं के कारण होंठों का फटना एक आम बात है। होंठों को फटने से बचाने के लिए घर से बाहर निकलते समय अच्छी क्वालिटी का लिप बाम लगाएं और रात को सोते समय नाभि में घी या तेल की दो बूंदें डालें। इससे होंठ मुलायम बने रहेंगे। -अगर आपकी त्वचा रूखी है तो स्नान करने से पहले रोजाना तेल की मालिश करें। तेल की मालिश से शरीर स्वस्थ रहता है। इसके साथ ही स्नान करने वाले पानी में थोड़ा सा तेल डाल लें। इससे शरीर में रूखापन नहीं रहता है और चिकनाहट बनी रहती है। -बाहर निकलने से पहले चेहरे के अलावा शरीर के खुले हिस्सों पर मॉइश्चराइजर और अच्छी क्वालिटी के सनस्क्रीन लोशन की मोटी परत लगाएं, ताकि त्वचा सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावॉयलट किरणों से सुरक्षित रहे। -कच्चे दूध में शहद मिलाकर उसमें कुछ देर के लिए पावरोटी भिगो दें। फिर इस मिश्रण को चेहरे, गर्दन और हाथों पर स्क्रब की तरह मलें। इससे त्वचा का रंग साफ होगा और वह कांतिमय रहेगी। -सर्दी के मौसम में त्वचा में नमी कम होने की वजह से ही त्वचा रूखी हो जाती है। इसलिए इस मौसम में पानी और तरल पदार्थों जैसे सूप, फलों का जूस आदि का सेवन पर्याप्त मात्रा में करना चाहिए। -रात को सोने से पहले चेहरे पर किसी अच्छी क्वालिटी का नाइट क्रीम जरूर लगाएं, इससे त्वचा नर्म मुलायम बनी रहेगी। -सर्दी के मौसम में दो चम्मच बेसन में थोड़ी मलाई और हल्दी मिलाकर उबटन तैयार करें। इससे हर सप्ताह अपनी त्वचा साफ करें। इससे आपकी त्वचा कांतिमय और कोमल रहेगी।  

सर्दियों में ऐसे रखें डायबिटिज नियंत्रित

अपनी सेहत को सर्दियों में बचाकर रखना पडता है। क्योंकि इस मौसम में रक्त में शर्करा (ब्लड शुगर) के स्तर पर मौसम सीधा असर डालता है। सर्दियों में रक्त गाढ़ा हो जाता है और इस वजह से ब्लड शुगर का स्तर बदलता रहता है। मधुमेह पीड़ितों को चिकित्सकों की सलाह है कि वे सर्दियों में खुद को गर्म रखें और पौष्टिक आहार लें। मौसम में ठंडक आ जाने से पसीने छुड़ा देने वाली गर्मी से तो राहत मिलती है, लेकिन जो लोग मधुमेह से पीड़ित हैं, उन्हें इस मौसम में अपना ध्यान ज्यादा रखना चाहिए। गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों के शिखर पर मधुमेह पीड़ितों के ब्लड शुगर के स्तर में गंभीर उतार-चढ़ाव हो सकता है। सबसे अहम बात यह कि मौसम बदलने का शरीर की कार्यप्रणाली और इनसुलिन बनने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के महासचिव डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, सर्दियां कैसे हमारे ब्लड ग्लूकोज लेवल पर असर करती हैं, इस बारे में लोगों में जागरूकता की बेहद कमी है। जब तापमान कम होता है तो शरीर को अच्छे से चलाए रखने के लिए अधिक इनसुलिन की जरूरत होती है। यह भी आम बात है कि जब सर्द मौसम के बाद का मौसम आता है तो शरीर में इंसुलिन की जरूरत कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव की वजह से शरीर में ग्लूकोज और फेरिफेरल टिशू (सतही उत्तकों) में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाती है। सर्दियों में लोग तनाव ज्यादा लेते हैं और अवसाद के शिकार हो जाते हैं। इस तनाव की प्रतिक्रिया में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। जुकाम और फ्लू से बचें जुकाम और फलू का संक्रमण खतरनाक हो सकता है, अगर सही सावधानियां न बरतीं जाएं। मधुमेह के मरीज अपने डॉक्टर से सलाह लेकर फ्लू का वैक्सीन लगवा लें। हाथों को स्वच्छ रखें, शरीर को उचित आराम दें और सेहतमंद आहार लें। सुरक्षित रहने के लिए खुद को गर्म रखें कंपकंपा देने वाली ठंड के प्रतिकूल प्रभावों से बचने के लिए खुद को गर्म रखें। शरीर को गर्म और सूखा रखने के लिए उचित संख्या में कपड़े पहनें। अपने पैरों को भी अच्छे से ढककर गर्म रखें, खासकर ब्लड सकुर्लेशन से जुड़ी समस्या में। अपने ब्लड शुगर स्तर की नियमित जांच करते रहें। सेहतमंद आहार लें लोग सर्दियों में हाई कैलरी चीजें खाने लगते हैं। मधुमेह पीड़ितों को उचित मात्रा में फल और सब्जियां खानी चाहिए। अत्यधिक मीठे वाले फलों से परहेज करना चाहिए। इन महीनों में शराब का सेवन भी बढ़ जाता है, अच्छी सेहत के लिए उस पर भी सख्त नियंत्रण रखना चाहिए। एक्सरसाइज करें छोटे दिन और लंबी रातें व्यायाम न करने का बहाना हो सकती हैं, लेकिन मधुमेह पीड़ितों के लिए जरूरी है कि वह नियमित रूप से व्यायाम करें। आप नजदीकी शॉपिंग सेंटर या पार्क में सैर करने जा सकते हैं। जिम जाने से पहले या किसी भी किस्म के व्यायाम के बारे में जानकारी लेने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर करें।  

बच्चो में बचपन से ही डालें, दान देने की आदत

एक संत ने एक द्वार पर दस्तक दी और आवाज लगाई भिक्षां देहि एक छोटी बच्ची बाहर आई और बोली, बाबा, हम तो बहुत ही गरीब हैं, हमारे पास देने को कुछ नहीं है। संत बोले, बेटी, संत को मना मत कर, कुछ नहीं तो अपने आंगन की धूल ही दे दे। उस लड़की ने एक मुट्ठी धूल उठाई और उन संत महात्मा के भिक्षा पात्र में डाल दी। उनके शिष्य ने पूछा, गुरु जी, धूल भी कोई भिक्षा है? आपने उस लड़की से धूल देने को क्यों कहा? संत बोले, बेटे, अगर वह आज कुछ ना देती तो फिर कभी नहीं दे पाती। आज धूल दी हे तो क्या हुआ, उसमे देने का संस्कार तो पड़ गया। आज धूल दी है, उसमें देने की भावना तो जागी, जब कल वह सामर्थवान होगी तो फल-फूल, धन-धान्य इत्यादि भी देगी। यह जितनी छोटी कथा है निहितार्थ उतना ही विशाल है, साथ में आग्रह भी, इसलिए दान करते समय दान हमेशा अपने परिवार के छोटे बच्चों के हाथों से दिलवाये। जिससे उनमें देने की भावना बचपन से बनेगी और जब उनमे कुछ देने की भावना बनेगी तो उनकी विचार धारा भी अच्छी बनेगी और जब विचारधारा अच्छी बनेगी तो वो स्वयं एक जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।  

घुटनों के कालेपन से राहत पाने के लिए करें ये उपाय

शरीर की त्वचा का रंग जब एक ही शेड में होता हैं तो त्वचा में चार चांद लग जाते हैं लेकिन जब इसी चांद में दाग और धब्बे दिखाई देने लगे तो उसकी सुंदरता कम हो जाती हैं। हम यहां बात कर रहे हैं घुटनो और कोहनियो पर जमे काले रंग की। जो हमारे शरीर की सुंदरता को कुचलता दिखाई देता हैं। यदि आप भी अपने काले घुटनो या कोहनियो से परेशान हैं तो फिक्र मत कीजिए। हम आज आपको कुछ ऐसे उपाय बताएंगे जिन्हे अपना आप अपने बदसूरत काले घुटनो को सुन्दर और आकर्षक बना सकते हैं। -कुछ बादाम ले और उन्हें अच्छी तरह कूटकर पाउडर बना लें। अब इसमें दही मिलाएं और इस मिश्रण को घुटनों पर हलके हलके से लगा कर एक घंटे तक रखें। फिर इसे ठंडे पानी से धोए। इस से घुटनो का रंग साफ होगा। -बेसन के कई फायदे होते हैं। इनमे से एक फायदा हैं ये त्वचा के मैल को हटाने में कारगर साबित होता हैं। सब से पहले एक कटोरी में बेसन ले। अब इसमें दही मिलाकर गाड़ा पेस्ट बना ले। अब इस पेस्ट को घुटनो पर 15 मिनट तक रहने दे। सूखने के पश्चात धो ले और कुछ ही दिनों में अंतर देखे। -एलोवेरा त्वचा के लिए काफी अच्छा माना जाता हैं। ये ना सिर्फ त्वचा को मुलायम बनाता हैं बल्कि त्वचा का रंग भी निखारता हैं। यह काले घुटनो की समस्यां का प्राकृतिक और कारगर उपाय हैं। इसके इस्तेमाल के लिए आप एलोवेरा का रस तीन दिन में एक बार एक माह तक घुटनो पर लगाइए। जल्द ही परिणाम दिखेगा। -दो चम्मच कच्चे दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर रोजाना घुटनो पर लगाने से उनका काला पन कम होता हैं। साथी ही त्वचा मुलायम हो जाती हैं। -हमेशा विटामिन युक्त सेहतमंद भोजन ही करे। क्योंकि कई बार विटामिन की कमी से त्वचा पर काले धब्बे पड़ जाते हैं। इसलिए अपने खाने में गाजर, पालक, बादाम और मीठे आलू की खुराक बढ़ाए।  

तनाव मुक्त जीवन जीने का रामबाण उपाय

चाहे बच्चे हो या बड़े, महिला हो या पुरुष, अमीर हो या गरीब, तनाव नाम का कीड़ा हर किसी के जीवन को धीरे-धीरे खोखला करता जा रहा हैं। यह ना सिर्फ हमारी खुशियों पर प्रहार कर रहा हैं, बल्कि हमारी कार्य क्षमता को भी घटा रहा हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको कुछ ऐसे कारगर उपायों के बारे में बताएंगे जिन्हें अपना कर आप तनाव मुक्त जीवन बिता सकते हैं। -योग से होगा तनाव का सफाया। योग एक ऐसा रामबाण उपाय हैं जो ना सिर्फ आपके शरीर को फिट रखता हैं बल्कि आपके दिमाग को भी तन्दरूस्त रखता हैं। सुबह सुबह रोजाना योग करने से आप के दिमाग को काफी शान्ति मिलेगी। -गाने सुने। जी हां गाना एक ऐसी चीज हैं जो तनाव से मुक्ति दिलाने में सब से तेज कार्य करता हैं। स्लो और रोमांटिक गाने से लेकर हिप हॉप और डिस्को तक। जो केटेगरी आपको पसंद हो आप वो सुन सकते हैं। -ताजे-ताजे पकवान खाए, जी हां, आप माने या ना माने, पर बहुत से लोग तनाव की स्थिति में ज्यादा से ज्यादा भोजन करते दिखाई देते हैं। हम आप को सलाह देंगे की ज्यादा भोजन की बजाए। खास और आपका पसंदीदा भोजन खाए। इस तरह आपका पूरा ध्यान तनाव से हट कर खाने के स्वाद और आनंद में चला जाएगा। -कॉमेडी फिल्म या टीवी शो देखे। तनाव दूर करने का ये सब से आसान और मजेदार तरीका हैं। अपनी पसंदीदा हास्य फिल्म की सीडी या डीवीडी हमेशा अपने कलेक्शन में रखे। क्या पता कब आपको इस की जरूरत पड़ जाए। -बच्चों के साथ समय बिताए। कहते हैं बच्चे भगवान का रूप होते हैं। शायद इसीलिए बच्चो की चेहरे की मुस्कराहट और शरारतों को देख हमारे अंदर का बच्चा भी जाग उठता हैं और हम अपने बाहरी जीवन के तनाव को भूल जाते हैं।  

बिना फॉर्मेट किये बढ़ाये अपने सिस्टम की स्पीड

जिन लैपटॉप और कम्प्यूटर को आप ज्यादा इस्तेमाल करते है एक समय बाद ये लैपटॉप और कम्प्यूटर काम स्लो करने लग जाते है। कभी कभी तो यह बूट होने में ही बहुत समय लगा देता है। जब भी आपका सिस्टम धीरे चलने लग जाता है तो आप सिस्टम फॉर्मेट करवा लेते है। सिस्टम स्लो होने पर फॉर्मेट नही करवाना चाहिए इसके लिए भी कुछ तरीके बताये गए है जानते है उन तरीको को जिनसे आप अपने सिस्टम की गति को बढ़ा सकते है। हमारे सिस्टम में कुछ ऐसी भी फाइल्स होती है जो हमारे काम की नहीं होती है। रिसाइकल बिन से उन सभी फाइल्स को हटा देना चाहिए। अपने सिस्टम से फाइल डिलीट होने पर भी वह रिसाइकल बिन में पड़ी रहती है इसलिए उसे वहा से भी डिलीट कर देना चाहिए। अगर आपको हमेशा के लिए अपने सिस्टम से किसी फाइल को डिलीट करना है तो आप शिफ्ट-डिलीट कमांड का भी इस्तेमाल कर सकते है। इस कमांड का इस्तेमाल करने पर आपकी कोई भी फाइल रिसाइकल बिन में नहीं जाएगी। कुछ यूजर्स अपने सिस्टम पर ज्यादा प्रोग्राम्स जमा कर लेते है जिससे सिस्टम की स्पीड में कमी आ जाती है। आपके सिस्टम में कुछ ऐसे प्रोग्राम होंगे जो कम्प्यूटर ऑन करते ही चालू हो जाते है। इन सभी को स्टार्ट अप बोलते है। आपको अपने सिस्टम की सी ड्राइव को खाली रखना चाहिए। जो सॉफ्टवेयर आपके काम के नहीं है उन्हें आप किसी और ड्राइव में सेव कर सकते है। जिनको गेम खेलने का शौक है वे अपने सिस्टम के ड्राइवर्स को हमेशा अपग्रेड करते रहे। सिस्टम के एएमडी, एनवीडिया और ग्राफिक्स प्रोसेसर को भी अपग्रेड कर सकते है। आपको अपने सिस्टम में एंटीवायरस डलवाने की भी जरूरत नही है। आप रजिस्टर्ड एंटीवायरस का इस्तेमाल कर सकते है। कुछ करप्ट फाइल्स होती है जो आपके सिस्टम में बिना वजह से जगह घेर लेती है ऐसी फाइल्स को डिलीट कर देना चाहिए। अगर आपका कम्प्यूटर बहुत पुराना है तो आप अपने कम्प्यूटर की रैम को बढ़ा कर भी अपने सिस्टम की स्पीड को बढ़ा सकते है। आपको अपने डेस्कटॉप को भी साफ सुधरा रखना चाहिए। डेस्कटॉप पर कम से कम फाइल्स को सेव करना चाहिए। आप जो भी डेस्कटॉप पर सेव करते है वे सी ड्राइव में भी जाकर सेव हो जाता है। इसलिए फाइल्स को डेस्कटॉप पर सेव ना करे।  

बदल रहा है मौसम, आंखों का रखें खास ख्याल

इन दिनों मौसम में बदलाव हो रहा है। इस परिवर्तन के साथ ही आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आम तौर पर प्रदूषण और तनाव से आंखों पर निगेटिव असर पड़ता है लेकिन बदलते मौसम में आपकी सेंसिटिव आंखें जल्दी एडजस्ट नहीं कर पाती। ऐसे में आपकी आंखों को खास देखभाल की जरूरत है। यहां जानिए कुछ टिप्स जिन्हें अपनाकर आप अपनी आंखों की सही देखभाल कर सकते हैं। थकान से बचें: आंखों में खिंचाव, थकान या कोई अन्य तकलीफ न हो इसके लिए कम्प्यूटर या मोबाइल पर काम करते समय पलकों को लगातार झपकाते रहें। कम्प्यूटर के मॉनिटर को अधिक समय तक लगातार नहीं देखें बीच-बीच में काम को रोक दें और आंखों को आराम दें। खुद न बनें डॉक्टर: लोग दुकान पर ही आंखें टेस्ट करवाकर चश्मा बनवा लेते हैं। यह ठीक नहीं है। आंखों का परीक्षण किसी नेत्र विशेषज्ञ से करवाकर ही चश्मा बनवाना चाहिए। खूब पानी पीएं: अक्सर सर्दियों में लोग पानी का सेवन कम मात्रा में करते हैं लेकिन सेहत के लिहाज से यह सही नहीं है। इस कारण शरीर में तरल की कमी होने से कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। शरीर में नमी बनाए रखने के लिए दिन में कम से कम 5 लीटर पानी पीना चाहिए। कंप्यूटर के सामने बैठने का सही तरीका: कंप्यूटर पर यदि अधिक काम करना पड़ता है तो पॉश्चर सही रखना भी जरूरी है। इसके अलावा काम के वक्त पर्याप्त रोशनी का विशेष खयाल रखें। मोबाइल इस्तेमाल करने की गलत आदत: मोबाइल का प्रयोग लेटकर न करें साथ ही अंधेरे में मोबाइल स्क्रीन किसी भी स्थिति में नहीं देखें। ई-बुक के बजाय सीधे बैठकर पुस्तक पढ़ने की आदत डालें।  

भारतीय रेलवे जल्द ही एक नया मोबाइल ऐप करने वाला है लॉन्च

नई दिल्ली रेलवे की तरफ से यूजर एक्सपीरियंस बेहतर करने के लिए लगातार नए कदम उठाए जाते हैं। हाल ही में भारतीय रेलवे ने कॉम्प्रिहेंसिव मोबाइल ऐप लाई गई है। एक ऐप में ही यूजर्स को बहुत सारी पैसेंजर सर्विस मिलने वाली हैं। अभी इसे बनाकर तैयार कर लिया गया है। साथ ही खई अन्य पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की मानें तो इस साल के अंत तक इसे लॉन्च किया जा सकता है। तो चलिये आपको भी इस ऐप के बारे में बताते हैं-     यूजर्स इस ऐप की मदद से टिकट बुकिंग कर पाएंगे। यहीं से प्लेटफॉर्म पास, मॉनिटर शेड्यूल और अन्य टास्क भी पूरे किए जा सकते हैं।     इस ऐप को सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेंशन सिस्टम की तरफ से बनाया गया है। यही ऐप को डेवलप, डिजाइन करती है। इसी की मदद से इंफोर्मेशन सिस्टम को बनाया जा सकता है।     ये ऐप मौजूद सिस्टम के साथ ही काम करेगी। IRCTC के इस नियम में कैटरिंग, टूरिज्म सर्विस का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होता है।     IRCTC भी बिल्कुल वैसे ही काम करती रहेगी। IRCTC के बीच और प्लांड ऐप पर काम चल रहा है। ऐसे में ये आपके लिए काफी अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है।     अभी एप्लीकेशन और वेबसाइट पर IRCTC रेल कनेक्ट, E-Catering फूड ऑन ट्रैक, रेलवे मदद और नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम उपलब्ध है।     IRCTC रेल कनेक्ट के पास टिकट बुकिंग के राइट्स रिजर्व हैं। इसी वजह से, ऐप को 100 मिलियन लोग डाउनलोड कर सकते हैं। ये रेलवे की सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली ऐप है।     IRCTC की तरफ से अन्य सुपर ऐप को एक रेवेन्यू की दृष्टि से देखा जाता है। ऐसे में ये आपके लिए काफी अच्छा ऑप्शन साबित होती है।     थर्ड पार्टी बुकिंग प्लेटफॉर्म को IRCTC से किया जा सकता है और यहीं से इस्तेमाल किया जा सकता है। IRCTC ऐप की मदद से रेलवे ने करीब 4270 करोड़ का रेवेन्यू कमाया है।     IRCTC पर करीब 453 मिलियन की टिकट बुकिंग हुई है। ये कुल टिकट का 30.33% रेवेन्यू है जो काफी फादेमंद साबित होता है।

एग फेसपैक से स्किन को बनाए यंग और खूबसूरत

यंग और खूबसूरत दिखने की चाहत हर किसी को होती है। इसके लिए आप क्या कुछ नहीं करतीं, नेचुरल तरीके से खूबसूरती पाने के कई उपाय मौजूद हैं। उन्हीं उपायों में से एक है एग फेसपैक। अंडा न केवल खाने में पोषक होता है, बल्कि यह आपकी त्वचा को भी टाइट बनाता है। यह एंटी-एजिंग भी है। अंडे का मास्क हमारी त्वचा को जवां निखार देता है। इससे त्वचा मजबूत नजर आती है और साथ ही झुर्रियां भी दूर होती हैं। अंडे का मास्क ब्लेकहैड्स, झाइयां और अन्य तकलीफें भी दूर करता है। इससे आपकी त्वचा नाजुक और कोमल हो जाती है। जानिए घर पर एग फेसपैक से जुड़े कुछ टिप्स…. -माइल्ड क्लींजर से अपना चेहरा धोयें और फिर उसे सुखा लें। -बंद रोम छिद्रों को खोलने के लिए चेहरे पर स्टीम लें। इससे मास्क आपके चेहरे के भीतर तक जाकर त्वचा को भीतरी निखार देगा। -नींबू का टुकड़ा लेकर उसे अपने चेहरे पर कसकर रगड़ें। नाक, ठोड़ी और माथे पर इस टुकड़े को खासतौर पर रगड़ें। -अंडे का मास्क चेहरे पर लगाने से पहले अपने बालों को अच्छी तरह बांध लें। -अब ब्रश की मदद से अंडे के मास्क की एक परत अपने चेहरे पर लगायें। और फौरन इस हिस्से को टिशू पेपर के छोटे से टुकड़े से कवर कर दें। -जब तक पूरे चेहरे पर मास्क न लग जाए, तब तक इस प्रक्रिया को दोहराते रहें। -टिशू पेपर को पांच मिनट तक सूखने दें। इसके बाद अंडे के मास्क की एक लेयर और लगायें। -पहले की ही तरह अंडे के मास्क के ऊपर टिशू पेपर लगाते रहें। इस फेस मास्क को बीस मिनट तक छोड़ दें। इतनी देर में यह पूरा अच्छी तरह सूख जाएगा। -धीरे-धीरे टिशू पेपर उतारें। ध्यान रहे टिशू पेपर ऊपर की ओर उतारें। ठंडे पानी से अपना चेहरा धो लें। और इसके बाद गुलाब जल में रूई डुबोकर उससे अपना चेहरा साफ करें। -इसके बाद किसी माश्चराइजर से सर्कुलर मोशन में अपने चेहरे की मसाज करें। इससे आपकी त्वचा हेल्थी, नमीयुक्त और चमकदार बनी रहेगी।  

क्या सर्दियों से लड़ने को तैयार है आपका दिल?

सर्दियां धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगी हैं और इसके साथ ही दिल और फेफड़ों के रोगों से पीड़ित होने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ने लगी है। आलस की वजह से लोग अपने शरीर खासतौर से अपने दिल को तंदुरुस्त रखने पर ध्यान नहीं देते, जबकि सर्दियों में सबसे ज्यादा खतरा दिल को रहता है। दिल्ली के हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट में कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. के.के. सेठी कहते हैं, ठंडे मौसम की वजह से दिल की धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे दिल में रक्त और ऑक्सीजन का संचार कम होने लगता है। इससे हाइपरटेंशन और दिल के रोगों वाले मरीजों में ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। ठंडे मौसम में ब्लड प्लेट्लेट्स ज्यादा सक्रिय और चिपचिपे होते हैं, इसलिए रक्त के थक्के जमने की आशंका भी बढ़ जाती है। डॉ. सेठी के मुताबिक, सर्दियों में सीने का दर्द और दिल के दौरे का जोखिम 50 फीसदी तक बढ़ जाता है। सर्दियों में धूप हल्की और कम निकलने के कारण मानव शरीर में विटामिन डी की कमी भी हो जाती है। ऐसे में इस्केमिक हार्ट डिसीज, कंजस्टिव हार्ट फेल्योर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा, सर्दियों में दिन छोटे हो जाते हैं और लोग भी ज्यादा समय घर के अंदर ही बिताते हैं, इसलिए विटामिन डी की कमी ज्यादा होती है। सर्दियों में उचित मात्रा में धूप सेंकना बेहद जरूरी है। मेडीसिटी हॉस्पिटल के इलेक्ट्रोफिजीयोलॉजी एंड पेसिंग विभाग के चेयरमैन डॉ. बलबीर सिंह बताते हैं, इस मौमस में हम अक्सर बढ़ी उम्र के लोगों में सर्दियों से जुड़ा अवसाद देखते हैं। इससे तनाव बढ़ता है और हाइपरटेंशन होने से, पहले से कमजोर दिल पर और दबाव पड़ जाता है। वह कहते हैं, सर्दियों के अवसाद से पीड़ित लोग ज्यादा चीनी, ट्रांसफैट और सोडियम व ज्यादा कैलोरी वाला आरामदायक भोजन खाने लगते हैं, जो मोटापे, दिल के रोगों और हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों के लिए यह बहुत ही खतरनाक हो सकता है। इस मौसम में शरीर को गर्मी प्रदान करने के लिए दिल ज्यादा जोर से काम करने लगता है और रक्त धमनियां और सख्त हो जाती हैं। ये सब चीजें मिलकर हार्ट अटैक को बुलावा देती हैं। डॉ. सिंह का मानना है कि उम्रदराज और उन लोगों को, जिन्हें पहले से दिल की समस्याएं हैं, छाती में असहजता, पसीना आना, जबड़े, कंधे, गर्दन और बाजू में दर्द के साथ ही सांस फूलने की समस्या बढ़ जाती है। सर्दियों में ऐसे तकलीफों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उनकी सलाह है कि नियमित रूप से व्यायाम करें और संतुलित व पौष्टिक भोजन लें, ताकि इन समस्याओं से बचा जा सके। दोनों चिकित्सा विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस मौसम में अगर आपके रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) में कोई असामान्य बदलाव नजर आए, तो दिल को सुरक्षित रखने के ख्याल से तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह लें। कुछ अन्य सलाह… -मौसम के हिसाब से जीवनशैली में बदलाव लाएं -ठंडे मौसम में कम थकान वाला व्यायाम करें -जॉगिंग, योग और एरोबिक्स करते हों, तो उसे जारी रखें -सुबह जल्दी और देर रात तक बाहर रहने से परहेज करें -सर्दियों में शराब और सिगरेट से दूर ही रहें तो अच्छा।  

खाने पीने की चीजों को ऐसे करें सेव

हिंदुस्तान में खाने को बर्बाद करना एक तरह से पाप माना गया है। यहां अन्न को देवता कहा जाता है। खाना बर्बाद करना यानी हम अपनी ही मेहनत की कमाई को बर्बाद कर रहें हैं। कई बार हम अपने दोस्तों को खाने पर बुलाते हैं और उनके लिए ढेर सारे व्यंजन बनाते हैं। लेकिन कई बार हमे अंदाजा नहीं होता है कि कितने लोगों के लिए कितना खाना बनना हैं, जिसकी वजह से खाना बच जाता है जो बाद में फेका जाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि आज हम आपको कुछ ऐसी ही टिप्स देने जा रहें जिससे आप खाने पीने की चीजों को बर्बाद नहीं करेंगें। प्लान करें अगर आप पहले से ही प्लान करके चलें तो आप काफी सामान बर्बाद होने से बचा सकती है। अगर आप बाहर खाना खाने जा रहें हैं, तो उसी के हिसाब से खाना पकाएं। और अगर खाना पका लिया है तो उसे फ्रिज में रखदें जिससे आप उसे अगले दिन खा सकें। ज्यादा पके हुए फलों को फेंके नहीं अगर आपके फ्रिज में ज्यादा दिन के पके हुए फल रखे हैं तो उन्हें फेंके नहीं, इनका आप जैम या जेल्ली बना सकते हैं। आप इनसे कोई अच्छी डिरिंक्स भी बना सकती हैं। बासी ब्रेड का यूज बासी ब्रेड के सूख जाने के बाद आप उसकी पुडिंग बना सकते हैं। इसी ब्रेड को आप ओवन में सेक कर, इसे जैम या शहद के साथ भी खा सकते हैं। सब्जियों को सम्भालना अगर आप बहुत सारी सब्जियां बाजार से लाई हैं, और कुछ बच गई है तो उन्हें फेंके नहीं, इन्हें सुखा लें और इनका आचार बना लें। या फिर इन सब्जियों को फ्राई कर लें और फ्रिज में रख दें। खट्टा दूध खट्टे दूध से आप पनीर बना सकते हैं, दूध में थोड़ा सिरका या नींबू ड़ालें और धीमी आचं पर दूध को गर्म कर लें। जब दूध फट जाएं तो इसका सारा पानी छान लें पनीर तैयार है। टमाटर अगर आप बहुत ज्यादा टमाटर खरीद लायी हैं तो घबराएं नहीं। इसको पीस कर प्युरे बना लें फिर इसमें शहद मिलाएं और अच्छे से गर्म कर लें जिससे उसका सारा पानी निकल जाएं।  

आपके लैपटॉप की लाइफ बढ़ाने के लिए 10 आसान टिप्स

अगर आपने नया लैपटॉप खरीदा है और आप चाहते हैं कि वह लंबे समय तक अच्छे से काम करता रहे, तो आपको उसकी देख-रेख ठीक ढंग से करनी होगी। यह ठीक है कि शुरू के 1 या 2 साल तक लैपटॉप पर कंपनी वारंटी देती है और इस दौरान यदि उसमें कोई मैनुफैक्चरिंग डिफेक्ट आ जाए, तो कंपनी उसे ठीक भी कर देती है, पर उसके बाद भी आपका डिवाइस ठीक काम करता रहे, साफ सुधरा रहे, टूट-फूट से बचा रहे, यह सिर्फ आपके हाथ में है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं 10 ऐसी आसान टिप्स, जिनसे आप अपने लैपटॉप की लाइफ को बढ़ा सकते हैं।.. टैग लगाकर रखें गुम होने से बचाने के लिए लैपटॉप पर मार्कर से नाम और कॉन्टैक्ट नंबर लिख दें। ये जानकारी आप लैपटॉप के पीछे, डीवीडी ड्राइव के अंदर, पावर कॉर्ड, कीबोर्ड पर लिख सकते हैं। अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स के साथ लैपटॉप बैग पर लगेज टैग लगाकर रखें, ताकि गुम होने पर आपको संपर्क किया जा सके। इससे एक फायदा और है कि किसी मीटिंग में एक जैसे कई लैपटॉप होने पर भी आप अपने लैपटॉप की पहचान आसानी से कर सकते है। लैपटॉप की केयर करें लैपटॉप पर खाने-पीने के गंदे हाथ न लगाएं। चाय, कॉफी या पानी जैसी चीजें गिरने से सर्किट शॉर्ट हो सकता है। हमेशा ध्यान रखें लैपटॉप के पास कोई भी इलैक्ट्रिक डिवाइस न रखें, क्योंकि उसमें से मैग्नेटिक फील्ड जनरेट होती है जो आपके लैपटॉप को नुकसान पहुंचाती है। स्क्रीन का रखें ख्याल कई बार काम करते वक्त पेन की-बोर्ड पर रखकर भूल जाने से लैपटॉप के स्क्रीन को नुकसान पहुंचता है। क्योंकि अगर ऐसे में की-बोर्ड बंद कर दिया जाए तो स्क्रीन खराब हो जाएगी। की-बोर्ड बंद करने से पहले हमेशा ध्यान दें कि इसके ऊपर कुछ न रखा हो। लैपटॉप बैग करता है टूट-फूट से सुरक्षा किसी भी सफर के दौरान लैपटॉप को एक अच्छी क्वालिटी के बैग में रखें। लैपटॉप जरा-सी ठोकर से भी टूट-फूट सकता है और लापटॉप की डेटा केबल, चार्जर और अन्य चीजें हमेशा बैग की अलग पॉकेट में रखें। लैपटॉप को रखें साफ-सुथरा लैपटॉप के स्क्रीन को हमेशा सॉफ्ट कपड़े से साफ करें। इसके लिए कभी भी विंडो क्लीनर का इस्तोमाल न करें। सफाई के लिए ड्रायर का इस्तेमाल किया जा सकता है। साफ करते वक्त सिर्फ उन कवर को हटाएं, जो आसानी से हटाएं जा सकते हैं। यूएसबी और चार्जर केबल को सीधा रखें कई बार लोग लैपटॉप इस्तेमाल करने के बाद वायर्स को सीधा नहीं करते। उन्हें उलझा ही रहने देते है। ऐसे में वायर गर्म होती रहती है जिससे शॉर्ट होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। लैपटॉप में पावर केबल लगाने के बाद ही पावर स्विच ऑन करें। कभी भी बिना स्विच को ऑफ किए प्लग न निकालें। डीवीडी ड्राइव लैपटॉप का डीवीडी ड्राइवर ध्यान से इस्तेमाल करें। एक जैसी डिस्क में कई बार लोग कंफ्यूज हो जाते है और उल्टी डिस्क लगा देते हैं। इसके कारण डीवीडी ड्राइव का लैंस खराब हो जाता है। ड्राइव में कभी भी टूटी या ज्यादा स्क्रैच वाली डिस्क का इस्तेमाल न करें। बैट्री की लाइफ बढ़ाएं बैट्री की लाइफ बढ़ाने के लिए लैपटॉप चार्ज करने के बाद बैट्री को अलग रख दें अगर काम न करना हो तो। इसमें ऑटोलॉक सिस्टम होता है। जब भी काम करना हो उसे लगा लें। सॉफ्टवेयर्स लैपटॉप में हमेशा जरूरत अनुसार सॉफ्टवेटर्स रखें। सारे सॉफ्टवेयर्स ट्रस्टेड होने चाहिए और सिस्टम में हमेशा एक अच्छा एंटीवायरस होनी चाहिए ताकि पेन-ड्राइव या दूसरे सोर्स से आने वाले वायरस से प्रोटेक्ट किया जा सके। अपने डेटा को बचाने के लिए बैकअप जरूर रखें। मैंटेनेंस लैपटॉप का लगातार इस्तेमाल करते रहने पर इसमें जंक फाइल और रजिस्ट्री में छोटी-मोटी फाइलें आ जाती हैं, जिसके कारण स्पीड स्लो हो जाती है। इससे निपटने के लिए महीने में एक बार डिस्क क्लीनअप और क्मतिंहउमदज जैसे टूल्स का इस्तेमाल जरूर करें। ये दोनों टूल्स विंडोज में मौजूद होते हैं। इन्हें स्टार्ट-प्रोग्राम-एक्सेसरीज पर जाकर ओपन किया जा सकता है।  

स्वास्थ्य के लिए वरदान है प्याज

भारतीय रसोई में प्याज का बड़ा ही महत्व है। बिना प्याज के हमारे यहां रसोई को अधूरा माना जाता है। ऐसी कम ही डिशेज होगी जो प्याज के बनती हैं। प्याज खाने में स्वाद तो बढ़ाता है ही, वही हमारे स्वास्थ्य के लिए भी एक वरदान है। प्याज एक अत्यंत गुणकारी पौधा है जिसमें औषधीय गुण भी पाएं जाते हैं। लाल प्यामज में ढेर सारे पोषक तत्वन होते हैं, जो बड़ी से बड़ी बीमारियों को खत्म करने की शक्तिा रखते हैं। इसके अलावा इसमें ग्लूकोस भी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। हरा प्याज चेहरे की झुर्रियों को दूर करता है। इसे खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके इलावा मसूड़ो में सूजन और दांत में दर्द होने पर प्याज के रस और नमक का मिश्रण लगाने से दर्द में राहत मिलती है।   सर्दी-जुखाम इसमें एंटी-फंगल और एंटीऑक्सीाडेंट गुण पाए जाते हैं। इसे नियमित रूप से खाने से सर्दी-जुखाम और बुखार से राहत मिलेगी। प्याज के रस में मिश्री मिलाकर चाटने से कफ की समस्या से जल्द ही निजात मिलती है। ब्लतड प्रेशर और दिल के लिए लाल प्यागज शरीर के खराब कोलेस्ट्रॉणल को निकाल कर हृदय को रोगों से बचाता है। इसे नियमित खाने से हाई ब्लतड प्रेशर मेंटेन रहता है। कैंसर का इलाज प्याज कैंसर सेल को बढ़ने से रोकता है। यह प्रोस्टेलट और पेट के कैंसर होने के खतरे को भी कम करता है। खाली पेट रोज सुबह प्याज खाने से पाचन से जुड़ी समस्याएं नहीं होती हैं। गठिया का दर्द और सूजन में आराम कई बीमारियों की वजह से होने वाले शारीरिक दर्द और सूजन से भी यह राहत दिलाता है। अगर आपको अस्थ मा, एलर्जी या गठिया रोग है तो अभी से ही लाल रंग की प्याभज खाना शुरु कर दें। गठिया में सरसों का तेल व प्याज का रस मिलाकर मालिश करें। एंटी फंगल प्याज में एंटी फंगल गुण पाए जाते हैं। यदि प्याज के बीजों को सिरका में पीसा कर दाद-खाज और खुजली में लगाए तो जल्दी ही आराम मिलता है। बालों के लिए फायदेमंद बालों में प्याज का रस लगाने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं और साथ ही बालें की चमक भी बढ़ती है। अगर रूसी की समस्याय है तो आप इसके रस को भी सिर पर लगा सकते हैं। यूरिन प्रॉब्लम्स अगर किसी को यूरिन प्रॉब्लम हो और रुक-रुक कर पेशाब आता है तो पेट पर प्याज के रस की हल्की मालिश करनी चाहिए। इसके इलावा दो चम्मच प्याज का रस और गेहूं का आटा लेकर हलुवा बना लीजिए। इसको गर्म करके पेट पर इसका लेप लगाने से पेशाब आना शुरू हो जाता है। पानी में उबालकर पीने से भी पेशाब संबंधित समस्या खत्म हो जाती है। पथरी की समस्या में लाभ अगर आपको पथरी की शिकायत है तो प्याज आपके लिए बहुत उपयोगी है। प्याज के रस को चीनी में मिलाकर शरबत बनाकर पीने से पथरी की समस्या से निजात मिलता है। प्याज का रस सुबह खाली पेट पीने से पथरी अपने-आप कटकर बाहर निकल जाती है।   इम्यूनिटी पावर बढ़ाए यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को इतना अधिक बढ़ा देता है कि बीमारियों जल्दी होती ही नहीं। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम बनाए रखता है। हरे प्याज में क्रोमियम होता है। इसीलिए यह डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। यह ब्लडप्रेशर पर नियंत्रण करता है। लंबी उम्र के लिए प्याज खाने से कई शारीरिक बीमारियां नहीं होती हैं। इसके आलावा प्याज कई बीमारियों को दूर भगाता है। इसलिए यह कहा जाता है कि प्याज खाने से उम्र बढती है, क्योंकि इसके सेवन से कोई बीमारी नहीं होती और शरीर स्वस्थ्य रहता है।  

बच्चों को सिखाएं कामवाली बाई से बेहतर व्यवहार करना

अगर आप चाहते हैं की आपके बच्चे हर इंसान को एक जैसा ही ट्रीट करें। खासकर आपके घर में काम करने वाले लोगों को, तो यहां दिए गए कुछ टिप्स याद रखें… आपके घर में अगर फुल टाइम हेल्प है, जिसे आप परिवार का ही हिस्सा भी मानते हैं तो बच्चों को इनसे सही व्यवहार करना सिखाएं। कई बार बच्चे घर वालों की ही तरह इनसे भी बहुत फ्री हो जाते हैं और वैसे ही चिल्लाने लगते हैं जैसे घर के अन्य बच्चों पर चिल्लाते हैं। वे इन्हें फॉर-ग्रैंटेड लेने लगते हैं। ऐसे में एक बार बैठकर बच्चों को ठीक से समझाएं की अपने हेल्पर से कैसे पेश आना है। अपने बच्चों को सही मार्ग दिखाना आपका ही काम है। सभी पेरेंट्स जानते हैं की बच्चे जो देखते हैं कई बार वही करने भी लगते हैं। तो अगर आप किसी से अच्छा व्यवहार करते हैं तो ये बात वे भी सीखेंगे। इतना तब नहीं सीखते जब आप बोलकर समझाते हैं। इसी तरह जब आपके बच्चे आपको अपने हेल्प से बद्तमीजी करते या बुरा व्यवहार करते हुए देखते हैं तो वे भी ऐसा ही करने लगते हैं। आपको अपने बच्चों को ये समझाना चाहिए कि क्योंकि आप अपने घर में काम करने वालों को सैलेरी देते हैं। इसका ये मतलब नहीं होता कि आपने उन्हें खरीद लिया है। इन्हें उसी तरह ट्रीट करें जैसे जॉब पर आपके मम्मी-पापा को किया जाता है, प्रोफेशनली और इज्जत के साथ। आप हर दिन अपने हेल्प से बेहतर व्यवहार करेंगे तो बच्चे भी वैसा ही सीखेंगे। इन दोनों हमारे देश में भी नैनी कल्चर तेजी से बढ़ रहा है। ज्यादातर बच्चों की परवरिश घर की नैनी ही कर रही है। क्योंकि आपका बच्चा ज्यादा वक्त नैनी के साथ बिताता है तो जब वो गलत व्यवहार करे तो आपकी नैनी को डांटने का अधिकार भी दें। सुबह से लेकर रात तक आपका बच्चा नैनी के साथ रहता है। इस वक्त के लिए नैनी ही डिफेक्टों पैरेंट होती हैं और बच्चे को उसकी हर बात माननी ही चाहिए। ऐसे में नैनी को ये बताएं की बच्चे के गलत व्यवहार पर उसे छोटी सजा भी दी जा सकती है और बच्चे को उसे मानना सिखाएं। बच्चा नैनी से बुरा व्यवहार करें तो भी नैनी उसे सजा दे सकती है। क्लासिज्म आज भी देश में हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता। इसके लिए जरूरी है अपने बच्चे से बात करें। वैसे तो आपके व्यवहार से ही बच्चा बात समझेगा लेकिन फिर भी अगर उसे अलग से समझाना पड़े तो समझाएं कि जो हमसे अलग रहन-सहन वाले हैं उनसे भी समान व्यवहार करना चाहिए। बच्चे को समझाएं कि कैसे इनके बिना घर को संभाल पाना मुश्किल हो सकता है। घर में हेल्प हो तभी आप और आपके बच्चे साथ समय बिता सकते हैं, हॉलिडे पर जा सकते हैं। ये सब बातें बच्चों को जरूर समझाएं।  

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